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Sunday, April 11, 2021

चयन के बाद अंग्रेजी माध्यम के संविलियन विद्यालय बनेंगे मॉडल

चयन के बाद अंग्रेजी माध्यम के संविलियन विद्यालय बनेंगे मॉडल


वाराणसी। निजी स्कूलों की तर्ज पर जिले के परिषदीय स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में संवारा जा रहा है। अब इस श्रेणी में अंग्रेजी माध्यम के संविलियन विद्यालयों को भी मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2021-22 के संबंध में दिए गए निर्देशों में इसकी घोषणा की गई है। इसके लिए बीएसए को स्थलीय सत्यापन कराकर राज्य परियोजना कार्यालय को अपना प्रस्ताव भेजना होगा। ये मॉडल स्कूल अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणास्त्रोत का काम करेंगे।


बेसिक शिक्षा विभाग के जिले में 1144 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 220 विद्यालय संविलियन विद्यालय हैं। जो जिले के आठ ब्लॉक व एक नगर क्षेत्र में बने हुए हैं। इनमें करीब एक लाख 96 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अब इन संविलियन विद्यालयों में लगभग दस विद्यालयों को मॉडल बनाया जाएगा।


इन मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को विज्ञान, गणित एवं लैंग्वेज लैब, डिजिटल क्लास रूम, व्हाइट बोर्ड, स्टॉफ व बच्चों के लिए फर्नीचर, टाइल्स, शौचालय, खेल सामग्री, वॉटर कूलर, झूले, शैक्षिक व अन्य खिलौने आदि सुविधाएं दी जाएंगी।


शासन की ओर से विद्यालय के चयन के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। उसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है, जैसे ही रिपोर्ट आती है, तुरंत ही शासन को अवगत करा दिया जाएगा।- राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी



◆ प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चों के लिए मिलेगा फर्नीचर
◆ अंग्रेजी माध्यम संविलयित स्कूल बनेंगे मॉडल स्कूल
◆ छात्र संख्या के आधार पर होगा अतिरिक्त कक्ष निर्माण
◆ रनिंग वाटर हेतु परिषदीय स्कूलों में लगेंगे सबमर्सिबल पम्प

 

Saturday, April 3, 2021

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की फर्जी डिग्रियों के सहारे प्रदेश के 75 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में 1130 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की है। इसमें जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे 26 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई है। जल्द ही इन शिक्षकों की सेवा समाप्त हो सकती है। 


संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले इन शिक्षकों का खुलासा एसआईटी की जांच में हुआ है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को दोषियों पर कार्रवाई के लिए भेज दी है। अब इन शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित उन शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया, जिन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उपाधि हासिल की थी।

जिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 315 शिक्षकों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया था, जिसमें  इनमें 28 की डिग्री फर्जी मिली थी, जबकि दो अभिलेख संदिग्ध की श्रेणी में रखे गए हैं। अब इन 28 फर्जी डिग्रियों में से 26 पर सप्ताह भर में कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

पहले भी मिल चुके हैं कई फर्जी शिक्षक

संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने का मामला पहले भी कई बार आ चुका है। मई 2020 में भी आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाली पांच शिक्षिकाओं को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा एक पैन कार्ड व आधार कार्ड पर अन्य जिलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। 

शिक्षिका से हो सकती है साठ लाख की रिकवरी

सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कपसेठी में नियुक्त सहायक अध्यापक अर्चना पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी डीपी सिंह को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

डीपी ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने को लेकर शिक्षिका से 60 लाख की रिकवरी नोटिस भी जारी होगी। 

फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Saturday, March 27, 2021

अंतर्जनपदीय तबादला तो हुआ लेकिन स्कूल आवंटन अब तक नहीं , वेतन भी लटका

 अंतर्जनपदीय तबादला तो हुआ लेकिन स्कूल आवंटन अब तक नहीं , वेतन भी लटका


वाराणसी: दूसरे जिलों से स्थानांतरित हो कर आए 51 शिक्षकों के बारे में यह तय नहीं हो सका है कि वे किस स्कूल में पढ़ाएंगे। उनके स्थानांतरण को एक माह से अधिक समय हो गया है। मगर उन्हें अभी तक स्कूल आवंटन नहीं हुआ है। जबकि उन्होंने जिले में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। 


ये शिक्षक अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं। इसमें से 18 शिक्षक ऐसे हैं, जो अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत वाराणसी में कार्यभार ग्रहण किया। इसके अलावा 33 ऐसे हैं, जो म्यूचुअल ट्रांसफर (पारस्परिक स्थानांतरण) के तहत वाराणसी भेजे गए थे।


अंतरजनपदीय स्थानांतरण में अन्य 48 को स्कूल आवंटित है। दूसरे 18 शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर कुछ विवाद है। म्यूचुअल ट्रांसफर वाले शिक्षकों में भी सेवा सम्बन्धी तकनीकी पेंच है। निदेशालय के निर्देश पर उनका स्कूल आवंटन रोक दिया गया है। उनके बारे में अलग से गाइडलाइन जारी होने की बात कही गई थी। स्कूल आवंटन न होने से इन शिक्षकों का वेतन भी फंसा हुआ है। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि शासन से गाइडलाइन आने पर ही कोई निर्णय हो सकेगा।

Saturday, March 20, 2021

स्कूलों की बदलती तस्वीर से रूबरू होंगे अभिभावक, परिषदीय स्कूलों की ब्रांडिंग होगी

स्कूलों की बदलती तस्वीर से रूबरू होंगे अभिभावक, परिषदीय स्कूलों की ब्रांडिंग होगी


वाराणसी। सरकारी स्कूलों के बदलते परिवेश और विभाग की योजनाओं से लोगों को रूबरू कराने के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों की ब्रांडिंग होगी। इसके लिए एलईडी वैन, नुक्कड़, नाटक, होर्डिंग्स, प्रश्नोत्तरी, मीना मंच आदि का आयोजन किया जाएगा। बालिका शिक्षा और बेटियों की पढ़ाई को इसमें प्रमुखता दी जाएगी।


 तीन चरणों में मीना अभियान सभी जिलों में चलाया जाएगा। इसका पूरा खाका सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिलाधिकारी को भी भेजा जाएगा। दरअसल, अभिभावक बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने से कतराते हैं, विभाग ने इस स्थिति को बदलने के लिए कार्ययोजना तैयार की है। जिससे लोग बेसिक स्कूलों की ओर आकर्षित हों।



 बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि आम आदमी तक सरकारी विद्यालयों की बदलती तस्वीर व योजनाएं पहुंचाने के लिए मीना अभियान शुरू करने की तैयारी है। इसके जरिए जिले के ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिया के लिए आकर्षित किया जाएगा।

Monday, March 15, 2021

प्राथमिक विद्यालयों में गूंजेगा 'हैप्पी बर्थडे', हर माह के अंतिम शनिवार को कार्यक्रम

प्राथमिक विद्यालयों में गूंजेगा 'हैप्पी बर्थडे',  हर माह के अंतिम शनिवार को कार्यक्रम


वाराणसी। अब प्राइमरी पाठशालाओं में भी 'हैप्पी बर्थडे' गूंजेगा। स्कूल के हर बच्चे का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। हर माह के अंतिम शनिवार को कार्यक्रम किया जाएगा। इसमें शिक्षक और बच्चे ही कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इससे बच्चों का उत्साह तो बढ़ेगा ही, उनकी शिक्षा में भी रुचि बढ़ेगी।


बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अभिनव पहल करते हुए निर्देश दिया है कि सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के बच्चों का जन्मदिन मनाया जाए। इसके लिए अलग से बजट नहीं होगा और न ही छात्रों से चंदा लिया जाएगा शिक्षक अपने स्तर से ही तैयारी करेंगे और बच्चों का उत्साह बढ़ाएंगे। स्कूल के अन्य बच्चे जन्मदिन वाले बच्चों को अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड देंग । अभिभावक या शिक्षक ऐसे बच्चों को उपहार देंगे। इस दिन विद्यालय को रंगीन पट्टिकाओं से सजाया जाएगा

मिड-डे-मील में बनेगी खीर-पूरी

इन दिन मिड-डे मील में विशेष खाना बनाया जाएगा। बच्चों को खीर और पूरी खिलाई जाएगी। ग्राम समिति, शिक्षक, जिला तहसील, ब्लॉक के अधिकारी, डायट अधिकारी, समन्वयक, वित्त एवं लेखाधिकारी, मंडलीय शिक्षक निदेशक, बीएसए समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस मौके पर खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


विशेषज्ञ बढ़ाएंगे ज्ञान, देंगे टिप्स

इंजीनियर, डॉक्टर, सीए, अधिवक्ता और गणमान्य लोग इस दिन बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे। ये बच्चों को सामाजिक, आर्थिक और देशभक्ति का पाठ पढ़ाएंगे। उन्हें इंजीनियर, डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करेंगे। देशभक्ति की बातें बताई जाएंगी, जिससे बच्चे अपने देश के इतिहास को जान सकें।


बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि को बढ़ाने के लिए विद्यालयों में खुशनुमा माहौल देने की पहल की जा रही है। अप्रैल से बर्थ डे मनाने की शुरुआत कराई जाएगी। राकेश सिंह, बीएसए।


Sunday, March 14, 2021

एक हजार से ज्यादा शिक्षक नहीं दे रहे जानकारी, चेतावनी के बाद भी डॉक्युमेंट्स अपलोड न होने पर बीईओ का रोका जाएगा वेतन

एक हजार से ज्यादा शिक्षक नहीं दे रहे जानकारी, चेतावनी के बाद भी डॉक्युमेंट्स अपलोड न होने पर बीईओ का रोका जाएगा वेतन


वाराणसी। मानव संपदा पोर्टल पर शैक्षणिक दस्तावेज को अपलोड करने में जिले के एक हजार से ज्यादा शिक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। बार बार चेतावनी के बाद भी शिक्षक अपना रवैया बदलने के लिए तैयार नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन्हें 15 मार्च तक का समय दिया है।


इसके बाद संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोकने की कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से की जाएगी। मानव संपदा पोर्टल पर जानकारी नहीं देने वालों में सर्वाधिक प्राइमरी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक है। परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अनुचरों के अवकाश आवेदन की स्वीकृति और सेवा पुस्तिका के रखरखाव के लिए मानव संपदा पोर्टल से ऑनलाइन प्रणाली चार सितंबर 2019 से लागू की गई थी। तब से अब तक शासन ने कई बार विभागीय अधिकारियों को शैक्षिक अभिलेखों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बाद भी अभी भी इसकी गति धीमी है।


मानव संपदा पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों को चिह्नित किया गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को 15 मार्च तक ब्योरा अपलोड कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।- राकेश सिंह, बीएसए

Thursday, March 4, 2021

वाराणसी : बच्चों की शिक्षा की बुनियाद इस तरह मजबूत करेगी सरकार, बच्चों को पढ़ाएंगे 'काबिल' शिक्षक

वाराणसी : बच्चों की शिक्षा की बुनियाद इस तरह मजबूत करेगी सरकार, 'काबिल' शिक्षक बच्चों को पढ़ाएंगे

वाराणसी : प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर पहल की गई है। इसके तहत सबसे काबिल शिक्षकों को कक्षा एक और दो के बच्चों को बढ़ाने के लिए चुना जाएगा। बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा में सामने आया था कि परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक और दो के छात्र भाषा और गणित में काफी कमजोर हैं। शुरुआती कक्षाओं में कमजोर होने से आगे की कक्षाओं की पढ़ाई बाधित हो जाती है। इस स्थिति से निबटने के लिए अब प्राथमिक स्कूलों के सबसे दक्ष एवं योग्य शिक्षक कक्षा एक और दो में शिक्षण कार्य करेंगे। शिक्षकों के अनुभव एवं शिक्षण कला के जरिए बुनियाद मजबूत होगी।



बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि कक्षा एक और दो में नामांकित होने वाले छात्रों के प्रति शिक्षक का व्यवहार, स्कूल में उनका अनुभव, उनको सिखाने के तरीके और सामग्री का दूरगामी प्रभाव होता है। इन कक्षाओं में भाषा एवं गणितीय कौशल का विकास नहीं होने पर आगामी कक्षाओं में बच्चों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

शिक्षकों को भी किया जाएगा प्रशिक्षित
नए शैक्षिक सत्र से एनसीईआरटी की पुस्तकें भी कक्षा एक के बच्चों के लिए शुरू कर दी जाएंगी। इन पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जिससे शिक्षकों को शिक्षण कार्य करने व बच्चों को समझने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
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कंप्यूटर प्रशिक्षण में दक्ष होंगे शिक्षक
बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने शिक्षकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण दिए जाने की कार्ययोजना तैयार की है। जिले में 1144 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 9000 शिक्षक हैं। इनको राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कंप्यूटर में दक्ष बनाने का निर्णय है। इसके लिए परिषद ने ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया है। पहले चरण में उन शिक्षकों को मौका दिया जाएगा जो प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हैं।

Saturday, January 30, 2021

वाराणसी : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

वाराणसी : पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी।



Monday, January 25, 2021

वाराणसी : "शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी नई नीति", राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आयोजित संगोष्ठी में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार ने कहा



वाराणसी : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक से अधिक विशिष्ट क्षेत्रों में गहन स्तर पर अध्ययन करने के लिए सक्षम बनाना है। इसमें स्वयं करके सीखने की प्रक्रिया पर बल दिया गया है वहीं जिस भारतीय संस्कृति की बदौलत देश कभी विश्व गुरु रहा उसे भी जोड़ने का प्रयास है। नई नीति शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगी।

वह रविवार को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ तत्वावधान में धर्मसंघ शिक्षा मंडल (दुर्गाकुंड) में आयोजित 'कर्तव्य बोध दिवस व राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका' विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।

मुख्य वक्ता महासंघ के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओम पाल ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ हर वर्ष 13 से 25 जनवरी तक अपना कर्तव्य बोध दिवस मनाता है। विशिष्ट अतिथि पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष डा.दया शंकर मिश्र ने कहा कि सद्समाज का निर्माण करना शिक्षक का मुख्य दायित्व है। डा. निर्मला यादव ने कहा कि सशिक्षा के माध्यम से नवसमाज का निर्माण महासंघ का मूलमंत्र है संचालन महासंघ के जिलाध्यक्ष शशांक कुमार पांडेय व डा. उदयन मिश्र तथा धन्यवाद डा. रमा रूखैयार ने किया।

प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की घोषणा : समारोह में महासंघ के प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की घोषणा की गई। शशांक कुमार पांडेय को प्राथमिक संवर्ग का जिलाध्यक्ष बनाया गया।





Tuesday, January 19, 2021

वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

 
■ जनपद के 332 विद्यालय ही अब तक सभी कसौटी पर उतरे खरे
■ कुल 14 में 11 से भी कम ¨बदुओं पर 18 विद्यालयों में हुए कार्य


वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने की कोशिश की में जुटा हुआ है। इसके तहत विद्यालयों में 14 पैरामीटर में बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को 14वें वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग या ग्राम निधि से सभी ¨बदुओं पर कार्य कराने का निर्देश है। वहीं जनपद में 1143 विद्यालयों में अब तक महज 332 विद्यालयों में ही 14 बिंदुओं पर कार्य हुआ है। छह ब्लाकों में 11 बिंदुओं से भी कम कार्य हुए हैं। जिन ब्लाकों में 11 बिंदुओं से कम कार्य हुए हैं, विभाग ने उन्हें ‘शून्य’ की श्रेणी में रख दिया है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने मार्च तक जनपद के सभी विद्यालयों में 14 ¨बदुओं पर कार्य कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी विद्यालयों को निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि जनपद में 515 विद्यालयों में 13 बिंदुओं पर कार्य हो चुके हैं। वहीं 278 विद्यालयों में 12 बिंदुओं पर तथा 18 विद्यालयों में 11 पैरामीटर के नीचे कार्य हुए हैं।

इसे देखते हुए सभी ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन फिलहाल अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को नए सत्र से पहले सभी विद्यालयों में 14 पैरामीटर पर कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। 14 पैरामीटर पर कार्य होने के बाद ही खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी किया जाएगा।



★  11 पैरामीटर से कम यानी ‘शून्य’ वाले ब्लाक इस प्रकार है।

’बड़ागांव, चिरईगांव, चोलापुर, हरहुआ, पिंडरा, सेवापुरी

■ ये हैं 14 पैरामीटर

● ’हैंडपंपों की मरम्मत

● ’बालक के लिए शौचालय

● ’बालिकाओं के लिए शौचालय

● ’बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व पानी की व्यवस्था

● ’शौचालय में टाइल्स

● ’हैंडवाश यूनिट का निर्माण

● ’रसोईघर का जीर्णोद्धार

● ’विद्यालयों में टाइल्स

● ’विद्युतीकरण का कार्य

● ’विद्युत संयोजन का कार्य

● ’ब्लैक बोर्ड

● ’विद्यालय की रंगाई-पुताई

● ’सबमर्सबिल पंप

● ’दिव्यांग शौचालय

Monday, January 4, 2021

परिषदीय स्कूलों में वितरित सामग्री की होगी जांच, बेसिक शिक्षा विभाग को रैंडम चेकिंग कराकर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

परिषदीय स्कूलों में वितरित सामग्री की होगी जांच, बेसिक शिक्षा विभाग को रैंडम चेकिंग कराकर 15 दिन में देने होगी रिपोर्ट

वाराणसी। शैक्षिक सत्र 20- 2021 में परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को वितरित एमडीएम राशन,कन्वर्जन कास्ट, जूता-मोजा व यूनिफॉर्म तथा स्वेटर को रेंडम चेकिंग होगी। शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को प्रत्येक ब्लाक के 20-20 स्कूलों में निशुल्क वितरित सामग्री को रैंडम चेकिंग कराकर निर्धारित प्रारूप पर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को प्रत्यक शैक्षिक सत्र में निशुल्क पाठ्य पुस्तक के साथ जूता मोजा, स्कूल ड्रेस व स्वेटर वितरित किया जाता है।



इसके साथ कोविड-19 संक्रमण काल में बच्चों को एमडीएम योजना का राशन व कन्यर्जन कास्ट का भी वितरण किया गया है। वितरण कार्य पूरा होने के याद लगातार मिल रहो शिकायत से परेशान शासन ने कार्य की जांच कराने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए शासन के निर्देश पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी किया है। पत्र में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत बच्चों को निशुल्क वितरित सुविधा का सत्यापन कराने के लिए SDM य BDO को अगुवाई में टीम गठित कराकर प्रत्येक ब्लॉक के 20- 20 स्कूलों का रेंडम सत्यापन कराते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। रेंडम चेकिंग नहीं होने तथा 15 दिन में रिपोर्ट नहीं देने तथा वितरण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित BEO व प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग के मानकों पर खरा उतरा वाराणसी - प्रदेश में रहा प्रथम

बेसिक शिक्षा विभाग के मानकों पर खरा उतरा वाराणसी - प्रदेश में रहा प्रथम


वाराणसी। बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर भविष्य मिले इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा बीएसए, बीईओ व जिला समन्वयकों को हर महीने अलग-अलग टास्क दिया जाता है। इसमें उनके कामकाज का मूल्यांकन उनके परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाता है। दिसंबर माह में परिषद द्वारा दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद प्रदेश में वाराणसी को प्रथम स्थान हासिल हुआ है।


प्रदेश के विभिन्न जिलों की जारी रेटिंग में 92 प्रतिशत अंकों के साथ वाराणसी प्रथम पायदान पर काबिज है। वहीं चंदौली छठवें व मिर्जापुर आठवें स्थान पर है। 47 प्रतिशत अंकों के साथ आजमगढ़ 74वें स्थान पर है। यह लगातार तीसरा मौका है जब बनारस अव्वल रहा है। विभाग की ओर से बीएसए, बीईओ व जिला समन्वयकों को अलग-अलग टास्क दिए गए थे जिसमें 7 मानकों के आधार पर रैंकिंग दी गई है। बीएसए के टास्क में जहां जिले को 115 प्रतिशत अंक मिले हैं, वहीं बीईओ के टास्क में जिले को 104 प्रतिशत अंक मिले हैं । इसके साथ जिला समन्वयकों को जो टास्क दिया गया था उसमें बनारस को 97 प्रतिशत अंक मिले हैं।


बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि पिछले माह वाराणसी अव्वल तो था, लेकिन हमारा प्रतिशत कम हुआ था। जिसके बाद मैंने बीईओ, जिला समन्वयक एआरपी, एसआरजी व शिक्षक संकुलों के साथ बैठक कर इसे सुधारने का प्रयास किया। जिसका नतीजा है कि दिसंबर माह में हमारे प्रतिशत में सुधार हुआ है। जिन कार्यों में लक्ष्य से अधिक काम हुआ है उसमें विभाग को 100प्रतिशत से अधिक अंक हासिल हुए हैं।

स्कूल जाने से नहीं बचेंगे शिक्षक, विद्यालय आने- जाने की देनी होगी सेल्फी

स्कूल जाने से नहीं बचेंगे शिक्षक, विद्यालय आने- जाने की देनी होगी सेल्फी

वाराणसी : परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब स्कूल जाने से बच नहीं पाएंगे। नए शैक्षिक सत्र में अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा एप प्रभावी होगा। शिक्षकों को विद्यालय में खड़े होकर दो बार सेल्फी के साथ अपनी हाजिरी इस एप पर लगानी होगी। एप व्यवस्था लागू करने के लिए विभाग ने बाधा भी दूर कर ली है। जल्द ही सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टेबलेट देने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में प्रेरणा एप लागू किया था। लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपने मोबाइल में एप डाउनलोड करने से साफ मना कर दिया था। इस एप के माध्यम से सभी शिक्षकों को स्कूल पहुंचने और बंद करते समय स्कूल भवन और बच्चों के साथ अपनी फोटो भेजनी थी। इसके साथ ही एमडीएम पकाते और खाते समय का फोटो भी भेजना था। प्रेरणा एप व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंच कर पूरे समय स्कूल में उपस्थिति अनिवार्य थी। इसलिए शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया था। शिक्षकों ने विभाग से मोबाइल उपलब्ध कराने पर एप के माध्यम से काम करने को कहा था। ऐसे में विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मोबाइल के बजाय टेबलेट उपलब्ध कराने को हरी झंडी दे दी है। इसके लिए शासन पहले चरण में वाराणसी, फतेहपुर जैसे 18 जिले के बीएसए को पत्र भेजा है, जिसमें जल्द ही प्रशिक्षण कराने को भी कहा गया है।

एप लागू होने के पहले जिले को 1144 टेबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें 791 प्राथमिक, 133 उच्च प्राथमिक, 220 कंपोजिट के प्रधानाध्यापक शामिल हैं। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र में शत-प्रतिशत स्कूलों को टेबलेट उपलब्ध करा दिए जाएंगे। शिक्षकों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। हाजिरी न दे पाने वाले शिक्षकों को अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

Sunday, January 3, 2021

गूगल पर जल्द दिखेंगे परिषदीय स्कूल, प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से होगा जियो टैगिंग का काम

वाराणसी :  गूगल पर जल्द दिखेंगे परिषदीय स्कूल, प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से होगा जियो टैगिंग का काम


वाराणसी :  गूगल पर जल्द दिखेंगे 444 परिषदीय स्कूल । जिले के 797 प्राथमिक १33 उच्च प्राथमिक 220 कंपोजिट विद्यालय आने वाले समय में गूगल सर्च पर दिखेंगे। इसके लिए परिषदीय विद्यालयों की जियो टैगिंग कराई जाएगी। जल्द ही नए शैक्षिक सत्र से इस काम में जिले के शिक्षकों को लगाया जाएगा। 


परिषदीय विद्यालयों को गूगल  सर्च पर दिखाने के लिए प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से जियो टैगिंग का काम कराया जाएगा। शासन ने दूसरे चरण के कायाकल्प अभियान में स्कूलों के जियो फेसिंग का डाटा लेना अनिवार्य किया है। इसके लिए प्रेरणा के नए बर्जन में संशोधन भी किया गया है। एप में जियो टैगिंग का ऑप्शन जोड़ा गया है। जियो टैगिंग हो जाने पर गूगल पर सर्च करने पर विद्यालयों की लोकेशन पता लग सकेगी।


 इस काम के लिए जिले के टीचर व रिसोर्ट टीचर लगाए जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि महानिदेशक स्कूली शिक्षा के निर्देश पर प्रेरणा पोर्टल पर कायाकल्प का डाटा अपलोड करने के लिए जिले के इंटीनरेट टीचर व रिसोर्ट टीचर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन डाटा फीड करने के साथ ही जियो टैगिंग का भी ऑप्शन दिया गया है।

Tuesday, December 29, 2020

वाराणसी : प्राइमरी शिक्षकों के एनपीएस खाते में नहीं जमा हो रहा सरकारी अंशदान, हो रहा नुकसान

वाराणसी : प्राइमरी शिक्षकों के एनपीएस खाते में नहीं जमा हो रहा सरकारी अंशदान, हो रहा नुकसान


पुरानी पेंशन के स्थान पर शुरू हुई न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की परेशानी और चिंता का सबब बन गई है। वेतन से उनका अंशदान तो कट रहा है। मगर सरकार का अंशदान नहीं जमा हो रहा है। पिछले 13 महीने से यह स्थिति बनी हुई। इसका कारण बजट की कमी बताया जा रहा है। सरकार के रवैये से शिक्षकों में नाराजगी है।


जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब सात हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें से चार हजार पहली अप्रैल 2005 के बाद नौकरी में आए हैं। उस समय नई पेशन व्यवस्था (न्यू पेंशन स्कीम) लागू हो गई थी। इसके तहत हर महीने शिक्षकों के वेतन का दस प्रतिशत अंशदान काट लिया जाता है। इसी के सापेक्ष सरकार अपनी ओर से 14 फीसदी अंशदान देती है। 


शिक्षकों का कहना है कि उनके वेतन से हर महीने दस प्रतिशत काटा जा रहा है, लेकिन सरकार अपना 14 फीसदी अंशदान नहीं जमा कर रही है। शिक्षकों के मुताबिक हर शिक्षक का सरकार पर एक-एक लाख रुपये बकाया है। उनके अनुसार अकेले बनारस में चार अरब रुपए का अंशदान चाहिए। एनपीएस के नियम के मुताबिक जबतक सरकारी अंशदान नहीं जमा होगा, तब तक उनके वेतन से की गई कटौती भी ब्लॉक रहेगी।

भविष्य में होगा नुकसान

एनपीएस के अनुसार उनकी कटौती में सरकारी अंशदान न मिलाए जाने से मार्केट में निवेश नहीं किया जा रहा है। इसका नुकसान शिक्षकों को रिटायरमेंट के समय उठाना पड़ेगा। रिटायरमेंट के समय बाजार आधारित एनपीएस का कोई लाभ नहीं मिलेगा।

हर महीने चाहिए 25 करोड़

एक अनुमान के मुताबिक वाराणसी में जितने शिक्षक एनपीएस से आच्छादित हैं, उनकी कटौती के अनुसार सरकारी अंशदान जमा करने के लिए प्रति महीने 25 करोड़ रुपए चाहिए। जब तक बजट में इतनी धनराशि की व्यवस्था नहीं होगी। सरकारी अंशदान नहीं जमा हो पाएगा।

माध्यमिक विद्यालयों में भी यही समस्या

प्राथमिक के साथ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी इसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहां सोलह महीने से अंशदान न जमा होने की शिकायत है। पिछले दिनों माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने इस मुद्दे पर बात की थी। डीआईओएस ने भी बजट न होने की समस्या बताई थी।


'इस वित्तीय वर्ष में एनपीएस में अंशदान जमा करने के लिए बजट नहीं आया। इस बारे में शासन और शिक्षकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा। एनपीएस में सरकारी अंशदान जमा जाएगा।' - अनूप मिश्र, वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा)


'सरकार शिक्षकों का बकाया एनपीएस नहीं देगी तो शिक्षक आंदोलन कर सकते हैं। एनपीएस की अपनी कटौती रोकवाने के लिए न्यायालय की शरण में जा सकते हैं। नई पेंशन योजना शिक्षकों को नुकसान पहुंचा रही है।' - शशांक कुमार पांडेय, जिला संयोजक, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग

Saturday, December 26, 2020

बनारस शिक्षा मॉडल से रुबरु हुए प्रदेश के 200 शिक्षक, राज्य स्तरीय शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन


वाराणसी। बेसिक शिक्षा में सकारात्मक बदलाव और परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए शुक्रवार को लोहता स्थित वाराणसी पब्लिक स्कूल में मिशन शिक्षण संवाद के बैनर तले राज्य स्तरीय शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के 75 जिलों से 200 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डायट प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा से जो ज्ञान बच्चों कोमिलता है, वही देश का भविष्य तय करता है। उसी से समाज का विकास होता है। मुख्य अतिथि पिंडरा विधायक अवधेश सिंह ने शिक्षकों द्वारा बनाई गई मिशन संवाद ग्रुप की सराहना । वाराणसी के एडमिन रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मिशन का उद्देश्य शिक्षक का सम्मान और शिक्षा का उत्थान है। ग्रुप एडमिन सरिता राय ने बताया कि वर्तमान में जिले के 200 से अधिक शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, जबकि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, वेब पेज आदि से हजारों लोग जुड़े हैं।

शिक्षकों को किया सम्मानित : दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन 50 से ज्यादा शिक्षकों ने अपने अपने जिले में बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया कार्यक्रम में राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया कार्यशाला के बाद प्रदेश के अन्य जिलों से आए शिक्षकों को जिले के मॉडल स्कूलों का भ्रमण कराया गया इसमें प्राथमिक विद्यालय सिहोरवा उत्तरी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोहता शामिल है। इस अवसर पर मिशन शिक्षण संवाद के मनोज सिंह, खंड शिक्षाधिकारी डीपी सिंह, अशोक सिंह, बृजेश कुमार राय, राम टहल, गुप्त आदि मौजूद रहे।

योग आसन से गोपाल ने लूटी वाहवाही
वाराणसी। लोहता स्थित वाराणसी पब्लिक स्कूल परिसर में शुक्र वार को आयोजित राज्य स्तरीय मिशन शिक्षण संवाद कार्यशाला में जब स्कूल के छात्र गोपाल ने अपने योग के करतब दिखाने शुरू किए तो सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट से उसका उत्साह बढ़ाया। शरीर शिवस्त्रोत की बेहतरीन प्रस्तुति ने खूब वाहवाही लूटी।

Friday, August 14, 2020

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

 
वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने में जुटा हुआ है। इसके अलावा कायाकल्प करने के लिए छात्रसंख्या के आधार पर विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट भी दिया गया है। वहीं कुछ विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मधुसुदन हुल्गी ने पिछले तीन सालों के कंपोजिट ग्रांटों से कराए गए कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने बीएसए को निर्देश भी दिया है। इसे लेकर विद्यालयों में खलबली मची हुई है।


छात्र संख्या के आधार पर ग्रांट दिया जाता है

समग्र शिक्षा अभियान के तहत सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को रंगाई-पुताई, पेंटिंग अग्निशमन यंत्र, स्टेशनरी, टाट-पट्टी, रोडियो प्रोग्राम, विद्युत उपकरणों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बागवानी, शिक्षण अधिगम सामग्री सहित विभिन्न मदों में खर्च करने के लिए छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट दिया जाता है।


11 अध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश

सभी विद्यालयों को शान के मानक के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश है। वहीं निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कंपोजिट ग्रांट के उपयोग में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। इसे देखते हुए सेवापुरी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय (अमिनी) के हेडमास्टर सहित सभी 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए वेतन रोकने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह की संस्तुति पर विद्यालय के सभी स्टाफो को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

हेडमास्टर सहित 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए रोका वेतन


■ छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट इस प्रकार है-

● 01 से 15 छात्रसंख्या पर तक 12500
● 16 से 100 छात्रसंख्या पर तक 25000
● 101 से 250 छात्रसंख्या पर तक 50000
● 251 से 1000 छात्रसंख्या पर तक 75000
● 1000 से अधिक छात्र होने पर 100000

Friday, July 24, 2020

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी।

वाराणसी :: बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की खोज जारी है। जिले में 142 शिक्षकों के अभिलेख दोबारा सत्यापन के लिए आगरा विश्वविद्यालय भेजे जाएंगे। इन शिक्षकों ने वहीं से विभिन्न वर्षों में बीएड की उपाधि ग्रहण की है। शासन के निर्देश पर इस समय प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की जांच चल रही है । ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित हैं। इस दौरान उन शिक्षकों के अभिलेख अलग किए गये हैं, जिन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से उपाधियां ली हैं। सभी ब्लॉकों में ऐसे शिक्षक ऐसे मिले हैं। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई संदिग्ध नहीं मिला है। मगर पूरी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है। एक बार फिर सत्यापन करा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी तो नहीं है। इससे पहले एसआईटी ने अपनी ओर से एक सूची दी थी, जिसके आधार पर चार फर्जी शिक्षकों चिन्हित हुई थी। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। एफआईआर हो चुकी है। बिक्री के लिए नोटिस जारी है। इसलिये इस स्थिति को देखते हुए अन्य शिक्षकों की डिग्रियों का भी सत्यापन जरूरी हो गया है। जिलेमें इस समय विभिन्नब्लाकों और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में करीब 6600 शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें करीब 2500 शिक्षक ऐसे हैं, जो दूसरे जनपदों से स्थानातरित होकर वाराणसी आए है।





वाराणसी :  पैन की हेराफेरी के मामले में चल रही शिक्षकों की जांच शिथिल पड़ गई थी। हालांकि बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से इस मामले में संज्ञान लिए जाने पर फिर तेजी आई है। जिले में 27 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने अपने पैन नंबर बदल दिए हैं। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई जा रही है। तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की एक समिति बनाई गई थी, जिसने शिक्षकों से मामले में जवाब मांगे थे। अधिकतर शिक्षकों ने जवाब दे दिया है। मगर जांच समिति अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही है। इधर बीच खंड शिक्षा अधिकारियों की भी विभिन्न कार्यों में व्यस्तताएं बढ़ गई, जिससे जांच की गति प्रभावित हुई है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए को भेजे पत्र में इस दिशा में की गई कारवाई का विवरण मांगा है। इसके बाद जांच में फिर तेजी आई है। पत्रावली दौड़ने लगी है। लेखाविभाग को भी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पैन नंबर बदलने का मामला पकड़ में आए करीब एक महीने से अधिक हो गया है। विभाग की मंशा है कि अगले माह के वेतन भुगतान से पहले इस प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट हो जाए। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि जांच में तेजी लाई गई है।


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Monday, June 29, 2020

वाराणसी: पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


वाराणसी:  पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्तियों में ही बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई है। अभिलेखों की जांच में प्रदेश में 192 मामले से ऐसे मिले हैं, जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री कई जिलों में दर्ज है, केवल खाता नंबर अलग है। इसमें वाराणसी जिले के भी पांच शिक्षक शामिल हैं।  


शनिवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने ऐसे शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी है। इसके बाद से बीएसए ने इन शिक्षकों को तलब किया है। इस वक्त देशभर में बेसिक शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों की जांच हो रही है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी थी। इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री विभिन्न जिलों की फाइलों में हैं, लेकिन उनका खाता नंबर अलग है।


अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे संदिग्ध व आपत्तिजनक करार दिया है। जिले में भी नियम के विरुद्ध पांच ऐसे शिक्षकों का मामला सामने आया है।  इन शिक्षकों का नाम, पैन नंबर, खाता नंबर एवं जन्मतिथि अन्य जनपदों में भी सामान पाए गए हैं। इनकी लिस्ट शासन ने बीएसए को भेजी है। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन अध्यापकों के सभी प्रमाण पत्रों, आधार, पैन, बैंक पासबुक, जाति, निवास समेत 29 जून को बीएसए कार्यालय उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें।


इन शिक्षकों को हुई रिपोर्ट तलब
राकेश प्रसाद त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय साईपुर,  रामाश्रय यादव, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर,  विजय कुमार, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय हीरापुर गंजारी,  महात्मा यादव, सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुरेरी,  प्रवीण कुमार यादव, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पिलखीनी,  रेखा सिंह, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय, इमिलिया।

Sunday, June 14, 2020

वाराणसी : अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला आया सामने, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार

अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला आया सामने, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार।


अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार


वाराणसी : अनामिका के बाद पूर्वांचल के जौनपुर व आजमगढ़ जिले में प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला सामने आया है। असली प्रीति यादव बेरोजगार है। जौनपुर के सिकरारा थाने में इस संबंध में शनिवार देर रात एफआईआर भी दर्ज कर ली गई।






बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि मैनपुरी में रहने वाली प्रीति यादव ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुफ्तीगंज में पूर्णकालिक शिक्षक व पवई आजमगढ़ में वॉर्डेन की नियुक्ति हासिल की है। हाईस्कूल,इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाणपत्रों की जांच हुई तो वे जौनपुर के सिकरारा की प्रीति यादव के निकले। जौनपुर और मैनपुरी की प्रीति यादव के आधारकार्ड भी अलग निकले। असली प्रीति यादव की मार्कशीट पर नकली प्रीति यादव के दो जगह से नौकरी करने के मामाले में विभाग की ओर से केस असली प्रीति ने भी कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षक के लिए आवेदन किया था, लेकिन उम्र नौ दिन कम होने से नौकरी नहीं मिली। अब उसके दस्तावेज के आधार पर दो जगह नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है।


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