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Friday, August 14, 2020

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

वाराणसी : परिषदीय विद्यालयों को तीन साल में भेजी गई कंपोजिट ग्रांटों की होगी जांच, मची खलबली

 
वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने में जुटा हुआ है। इसके अलावा कायाकल्प करने के लिए छात्रसंख्या के आधार पर विद्यालयों को कंपोजिट ग्रांट भी दिया गया है। वहीं कुछ विद्यालयों में कंपोजिट ग्रांट का दुरूपयोग किया जा रहा है। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) मधुसुदन हुल्गी ने पिछले तीन सालों के कंपोजिट ग्रांटों से कराए गए कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने बीएसए को निर्देश भी दिया है। इसे लेकर विद्यालयों में खलबली मची हुई है।


छात्र संख्या के आधार पर ग्रांट दिया जाता है

समग्र शिक्षा अभियान के तहत सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को रंगाई-पुताई, पेंटिंग अग्निशमन यंत्र, स्टेशनरी, टाट-पट्टी, रोडियो प्रोग्राम, विद्युत उपकरणों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बागवानी, शिक्षण अधिगम सामग्री सहित विभिन्न मदों में खर्च करने के लिए छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट दिया जाता है।


11 अध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश

सभी विद्यालयों को शान के मानक के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश है। वहीं निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने कंपोजिट ग्रांट के उपयोग में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। इसे देखते हुए सेवापुरी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय (अमिनी) के हेडमास्टर सहित सभी 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए वेतन रोकने का निर्देश दिया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी डीपी सिंह की संस्तुति पर विद्यालय के सभी स्टाफो को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

हेडमास्टर सहित 11 अध्यापकों का अग्रिम आदेश तक के लिए रोका वेतन


■ छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट इस प्रकार है-

● 01 से 15 छात्रसंख्या पर तक 12500
● 16 से 100 छात्रसंख्या पर तक 25000
● 101 से 250 छात्रसंख्या पर तक 50000
● 251 से 1000 छात्रसंख्या पर तक 75000
● 1000 से अधिक छात्र होने पर 100000

Friday, July 24, 2020

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी

वाराणसी : फर्जी डिग्री मामले में 142 शिक्षकों का दोबारा होगा सत्यापन, पैन में हेराफेरी मामले की जांच धीमी।

वाराणसी :: बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की खोज जारी है। जिले में 142 शिक्षकों के अभिलेख दोबारा सत्यापन के लिए आगरा विश्वविद्यालय भेजे जाएंगे। इन शिक्षकों ने वहीं से विभिन्न वर्षों में बीएड की उपाधि ग्रहण की है। शासन के निर्देश पर इस समय प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की जांच चल रही है । ब्लॉक स्तर पर जांच समितियां गठित हैं। इस दौरान उन शिक्षकों के अभिलेख अलग किए गये हैं, जिन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से उपाधियां ली हैं। सभी ब्लॉकों में ऐसे शिक्षक ऐसे मिले हैं। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई संदिग्ध नहीं मिला है। मगर पूरी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है। एक बार फिर सत्यापन करा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहीं किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी तो नहीं है। इससे पहले एसआईटी ने अपनी ओर से एक सूची दी थी, जिसके आधार पर चार फर्जी शिक्षकों चिन्हित हुई थी। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। एफआईआर हो चुकी है। बिक्री के लिए नोटिस जारी है। इसलिये इस स्थिति को देखते हुए अन्य शिक्षकों की डिग्रियों का भी सत्यापन जरूरी हो गया है। जिलेमें इस समय विभिन्नब्लाकों और नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में करीब 6600 शिक्षक कार्यरत हैं। इसमें करीब 2500 शिक्षक ऐसे हैं, जो दूसरे जनपदों से स्थानातरित होकर वाराणसी आए है।





वाराणसी :  पैन की हेराफेरी के मामले में चल रही शिक्षकों की जांच शिथिल पड़ गई थी। हालांकि बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से इस मामले में संज्ञान लिए जाने पर फिर तेजी आई है। जिले में 27 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने अपने पैन नंबर बदल दिए हैं। इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई जा रही है। तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की एक समिति बनाई गई थी, जिसने शिक्षकों से मामले में जवाब मांगे थे। अधिकतर शिक्षकों ने जवाब दे दिया है। मगर जांच समिति अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पा रही है। इधर बीच खंड शिक्षा अधिकारियों की भी विभिन्न कार्यों में व्यस्तताएं बढ़ गई, जिससे जांच की गति प्रभावित हुई है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए को भेजे पत्र में इस दिशा में की गई कारवाई का विवरण मांगा है। इसके बाद जांच में फिर तेजी आई है। पत्रावली दौड़ने लगी है। लेखाविभाग को भी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पैन नंबर बदलने का मामला पकड़ में आए करीब एक महीने से अधिक हो गया है। विभाग की मंशा है कि अगले माह के वेतन भुगतान से पहले इस प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट हो जाए। बीएसए राकेश सिंह का कहना है कि जांच में तेजी लाई गई है।


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Monday, June 29, 2020

वाराणसी: पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


वाराणसी:  पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्तियों में ही बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई है। अभिलेखों की जांच में प्रदेश में 192 मामले से ऐसे मिले हैं, जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री कई जिलों में दर्ज है, केवल खाता नंबर अलग है। इसमें वाराणसी जिले के भी पांच शिक्षक शामिल हैं।  


शनिवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने ऐसे शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी है। इसके बाद से बीएसए ने इन शिक्षकों को तलब किया है। इस वक्त देशभर में बेसिक शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों की जांच हो रही है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी थी। इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री विभिन्न जिलों की फाइलों में हैं, लेकिन उनका खाता नंबर अलग है।


अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे संदिग्ध व आपत्तिजनक करार दिया है। जिले में भी नियम के विरुद्ध पांच ऐसे शिक्षकों का मामला सामने आया है।  इन शिक्षकों का नाम, पैन नंबर, खाता नंबर एवं जन्मतिथि अन्य जनपदों में भी सामान पाए गए हैं। इनकी लिस्ट शासन ने बीएसए को भेजी है। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन अध्यापकों के सभी प्रमाण पत्रों, आधार, पैन, बैंक पासबुक, जाति, निवास समेत 29 जून को बीएसए कार्यालय उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें।


इन शिक्षकों को हुई रिपोर्ट तलब
राकेश प्रसाद त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय साईपुर,  रामाश्रय यादव, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर,  विजय कुमार, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय हीरापुर गंजारी,  महात्मा यादव, सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुरेरी,  प्रवीण कुमार यादव, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पिलखीनी,  रेखा सिंह, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय, इमिलिया।

Sunday, June 14, 2020

वाराणसी : अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला आया सामने, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार

अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला आया सामने, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार।


अब प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी, केस दर्ज, असली प्रीति बेरोजगार


वाराणसी : अनामिका के बाद पूर्वांचल के जौनपुर व आजमगढ़ जिले में प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला सामने आया है। असली प्रीति यादव बेरोजगार है। जौनपुर के सिकरारा थाने में इस संबंध में शनिवार देर रात एफआईआर भी दर्ज कर ली गई।






बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि मैनपुरी में रहने वाली प्रीति यादव ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुफ्तीगंज में पूर्णकालिक शिक्षक व पवई आजमगढ़ में वॉर्डेन की नियुक्ति हासिल की है। हाईस्कूल,इंटरमीडिएट के अंकपत्र व प्रमाणपत्रों की जांच हुई तो वे जौनपुर के सिकरारा की प्रीति यादव के निकले। जौनपुर और मैनपुरी की प्रीति यादव के आधारकार्ड भी अलग निकले। असली प्रीति यादव की मार्कशीट पर नकली प्रीति यादव के दो जगह से नौकरी करने के मामाले में विभाग की ओर से केस असली प्रीति ने भी कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षक के लिए आवेदन किया था, लेकिन उम्र नौ दिन कम होने से नौकरी नहीं मिली। अब उसके दस्तावेज के आधार पर दो जगह नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है।


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Sunday, January 5, 2020

अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन, मानव संपदा पोर्टल पर विवरण लोड करने के निर्देश

अवकाश के लिए ऑनलाइन आवेदन, मानव संपदा पोर्टल पर विवरण लोड करने के निर्देश

Sunday, December 15, 2019

संस्कृत विश्वविद्यालय : 500 परिषदीय शिक्षकों का जेल जाना तय, एसआइटी का विश्वविद्यालय पर शिकंजा, सत्यापन में तेजी

संस्कृत विश्वविद्यालय : 500 परिषदीय शिक्षकों का जेल जाना तय, एसआइटी का विश्वविद्यालय पर शिकंजा, सत्यापन में तेजी।







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