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Wednesday, January 20, 2021

69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध

69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध।



प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति के खिलाफ 14 दिसंबर 2020 से लगातार धरने पर बैठे दिव्यांगों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। 

अब दिव्यांग अभ्यर्थी बुधवार को सामूहिक मुंडन करवाएंगे। धरने पर बैठने वालों में उपेन्द्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप, राघवेंद्र, कौशल शामिल रहे।

Monday, January 18, 2021

वार्षिक मूल्यांकन के तुगलकी फरमान के विरोध में बेसिक शिक्षक लामबंद

वार्षिक मूल्यांकन के तुगलकी फरमान के विरोध में बेसिक शिक्षक लामबंद


बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद द्वारा जारी शिक्षकों के वार्षिक मूल्यांकन के आदेश को लेकर शिक्षकों में आक्रोश और रोष व्याप्त हो गया है। सूबे के लाखों शिक्षकों में इस आदेश को लेकर जहां तरह-तरह की चर्चाएं हैं तो वहीं इस आदेश को लेकर के लोगों में इस कदर आक्रोश है लोगों ने इस आदेश के खिलाफ माननीय न्यायालय at शरण लेने का भी मन बना लिया है। 

स्कूली शिक्षा मह्मननिदेशक विजय किरण आनंद के आदेश के अनुसार शिक्षकों की वार्षिक मूल्यांकन आख्या ऑनलाइन भरी जानी है जिसमें शिक्षकों द्वारा अपना स्वयं का मूल्यांकन करना है और प्रतिवेदक अधिकारी ध्खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मूल्यांकन किया जाना है और उनके अंक निर्धारित कियें गए है लेकिन महानिदेशक के आदेश के कुछ बिंदुओं को लेकर शिक्षकों में गहरा आक्रोश है। 


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता ने शिक्षकों को बैठक आयोजित करके बताया की आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत जारी आदेश के मुताबिक विद्यालय में मूल भूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया था जिसको लेकर शासन द्वारा भी आदेश जारी करते हुए जिला अधिकारी ,मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को आदेश पारित किया गया कि ग्राम निधि के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान और सचिव के द्वारा स्कूलों को 14 मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किया जाए इसके लिए बकायदा फंड की व्यवस्था भी शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई थी। 

एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्कूलों के बंद होने के बावजूद  ज्यादातर ग्रामो में ग्राम प्रधान पंचायत सचिव की लापरबाही की बजह से स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं हो पाई, लेकिन महानिदेशक के ताजा आदेश के अनुसार ग्राम प्रधान द्वारा कराए जा रहे कार्यों को लेकर भी शिक्षकों को जिम्मेदारी तय कर दी गई जिसके लिए ना तो उनको कोई फंड की व्यवस्था की गई ना थी न ही इसको पूरा कराने को लेकर उनको कोई आदेश शासन द्वारा दिया गया। 


डीजी के इस आदेश की बजह से शिक्षकों का कहना है कि करे कोई भरे कोई अर्थात मूलभूत सुधार की जिम्मेदारी के लिए जिनको जिम्मेदारी दी गई थी उनके द्वारा काम न किए जाने को लेकर के उन पर तो कोई कार्यवाही नहीं की गईं लेकिन स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं दिए जाने के नाम पर स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करके उनकी गोपनीय आख्या में कम अंक देकर कार्यवाही का मन बना लिया है। जबकि यह नियम विरुद्ध हैं। 


शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह और सुजीत कुमार शर्मा ने बैठक में बताया को इस आदेश के दो बिंदुओं पर आपत्ति है। जिसमें आपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कार्य पूर्ण ना छोने का जिम्मेदार अध्यापक को बनाया जाना जबकि ग्राम प्रधानों द्वारा मुख्यतः उन्हीं विद्यालयों में कार्य कराए गए हैं जहां पर पोलिंग बूथ हैं।विद्यालयों में आने बाली कम्पोजिट ग्रांट 14 पैरामीटर का काम कराने के लिए नाकापी है लेकिन उसको खर्च करने के निर्देश अलग है इस मद में खर्च नही कर सकते है। इसके लिए शिक्षक स्वयं के वेतन से हो कार्य कराएँ। 


ब्लाक अध्यक्ष बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा की यह बात सर्जवरिदित है कि सभी विद्यालयों में छात्र संख्या एक समान नहीं है किसी विद्यालय में 600 है तो किसी में 30 है, तो विभाग किस आधार पर किसी अध्यापक का आकलन कैसे कर सकता है कि उसने ई- लर्निंग पाठशाला में कितनी संख्या में अभिभावकों को जोड़ा है जहां पर छात्र संख्या कम है वहाँ कम ही संख्या में सदस्य जोड़े जा सकते है।सभी जगह पर अभिभावकों की सामाजिक आर्थिक स्थिति एक समान नहीं है कहीं कहीं पर अभिभावक के पास स्मार्टफेन नहीं मिलेगा , अगर मिलेगा भी तो मोबाइल में डाटा नहीं मिलेगा। 

प्रदीप मिश्रा का कहना है को ई ग्रुप में जोड़ी गई संख्या के आधार पर अध्यापक का आकलन करना हास्यास्पद है, इस आदेश का सन्देश स्पष्ट है कि अगर अभिभावक के पास स्मार्टफेन नहीं है तो अध्यापक अक्षम है। बैठक में शिक्षकों ने इस आदेश के विरोध में अपने विचार रखे और लामबंद होकर आगे की रणनीति तय करते हुए माननीय न्यायालय की शरण में जाने की बात कही। 


विवेक कुमार गुप्ता ने बताया की इस आदेश को लेकर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय ने शिक्षा मंत्री सतीश द्विबेदी के समक्ष पत्र देकर अपना विरोध दर्ज कराया है यदि आदेश वापस नहीं लिया जाता है तो शिक्षक हित में आगे को रणनीति तय करते हुए माननीय न्यायालय की शरण में जाया जाएगा। इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप सिंह, विमला सिंह, रजनीश शुक्ला, पछाली, अलोक, अनीता, इमामुद्दीन अंसारी, श्रद्धा मणि, रीता राना, भावना मिश्रा, रुद्रकांत, शेरबहादुर, सुजीत शर्मा, प्रभाकांत व सत्य प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

Wednesday, January 13, 2021

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति


रामपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघने भीषण गर्मी में परिषदीयविद्यालय खोलने पर आपत्ति जताई है। बेसिक शिक्षा परिषद परिषद सचिव को ज्ञापन भेजकर समन्वय परिवर्तन पर पुनर्विचार करने की मांग की है।


सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को ज्ञापन भेजा।ज्ञापन में कहा गया कि 6 जनवरी को जारी वर्ष 2021 की अवकाश तालिका में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक रखा गया हैं। 16 जून से 30 जून तक गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती हैं। यह समय शिक्षण के लिये कतई उपयुक्त नहीं हैं।इसलिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 जून से 30 जून तक किया जाना उचित रहेगा।


ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन समयावधि पर भी आपत्ति की गयी हैं। दोपहर एक बजे के बाद पढ़ाई तो दूर कमरों में बैठना मुश्किल ही हो जाता है। ऐसी स्थिति में विद्यालय का समय पूर्ववतसुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक रखना उचित होगा। ज्ञापन देने में जिला अध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मन्त्री आनन्द प्रकाश गुप्ता रहे।

Monday, January 11, 2021

69000 भर्ती में आरक्षण के मामले को लेकर ठंड में खुले आसमान के नीचे डटे दिव्यांग अभ्यर्थी

69000 भर्ती में दिव्यांग आरक्षण के मामले को लेकर  ठंड में खुले आसमान के नीचे डटे दिव्यांग अभ्यर्थी


सूबे के परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक की 69 हजार पदों की भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्षण न मिलने के विरोध में प्रदर्शन जारी है।


बेसिक शिक्षा परिषद कार्यातय पर अभ्यर्थी उेंद्र कुमार मिश्र, धनराज यादव, शरद अग्रहरि व मनोज भारद्वाज चार दिन से भूख हड़ताल कर रहे हैं। शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद उनका हौसला बुलंद है। अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का जज्बा कायम है, यही कारण है कि ठंड के बीच दिन-रात अभ्यर्थी खुले आसमान के नीचे डटे हैं। 


बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में चार प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से 2760 सीटें दिव्यांग कोटे से भरी जानी चाहिए।

69000 भर्ती में त्रुटि के चलते वंचित अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांगी इच्छा-मृत्यु

69000 भर्ती में त्रुटि के चलते वंचित अभ्यर्थियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मांगी इच्छा-मृत्यु


राजधानी में करीब 35 दिनों से बेसिक शिक्षा निदेशालय में धरना दे रहे अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट गया है। कहीं सुनवाई न होने पर अभ्यर्थियों ने रविवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।



सीतापुर से आई बबली पाल ने कहा कि हमें मजबूर होकर राष्ट्रपति को पत्र लिखना पड़ा है। हम लोग मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। 


अभ्यर्थियों ने कहा कि हमारे मूल अभिलेख देखकर हमें नियुक्ति दी जाए। हमारी नियुक्ति वैध है और सभी की काउंसिलिंग भी हो चुकी है। राष्ट्रपति को पत्र लिखने वालों में सौरभ राय, आशुतोष, ममता, रमन, संदीप व कुमुदश्री भी शामिल हैं।

Saturday, January 9, 2021

69000 भर्ती में दिव्यांग आरक्षण के मामले को लेकर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों से मिलकर महानिदेशक सुनेंगे उनकी बात

69000 भर्ती में दिव्यांग आरक्षण के मामले को लेकर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों से मिलकर महानिदेशक सुनेंगे उनकी बात

69000 भर्ती : आरक्षण की विसंगतियों को लेकर धरने के बाद दिव्यांगों ने अब शुरू की भूख हड़ताल


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय इन दिनों आंदोलन स्थली बना है। प्रदेश भर के दिव्यांग शिक्षक भर्ती में नियमानुसार आरक्षण की देने की मांग को लेकर 26 दिन से धरना दे रहे थे, अफसरों की अनसुनी पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। कहना है कि हक मिलने के बाद ही वे यहां से हटेंगे। 

69000 शिक्षक भर्ती में ये दिव्यांग अभ्यार्थी 90/97 कटआफ पास है। संविधान द्वारा पारित आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के तहत दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, आरोप है कि यह आरक्षण अधिकारियों की लापरवाही के तहत नहीं दिया। इसके विरोध में वे 14 दिसंबर 2020 से धरना दे रहे हैं। सुनवाई न होने पर उन्होंने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। परिषद ने मांग पत्र महानिदेशक को भेजा है और अब तक उसका निस्तारण नहीं हुआ है।


उधर 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की विसंगति पर 14 दिसंबर से लगातार बेसिक शिक्षा परिषद पर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की बावत पूछे जाने पर विजय किरन आनंद ने कहा कि वह शनिवार को इन अभ्यर्थियों से मिलकर उनकी मांग सीधे सुनेंगे।


चार अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल और उसमें एक के बीमार होने की खबर पर उन्होंने कहा कि वह अनावश्यक इस ठंड में अपने को परेशानी में डाल रहे हैं, उनकी मांग पर नियम संगत विचार हो रहा है। उन्होंने दिव्यांग अभ्यर्थियों की ओर से श्रवण ह्रास एवं दृष्टिहीन अभ्यर्थियों के आरक्षण को शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांगों को देने की मांग को नियम विरूद्घ बताया।