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Monday, July 27, 2020

प्रमोशन, वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक परेशान, 2008 से राजकीय कॉलेज में एलटी ग्रेड को नहीं मिली प्रोन्नति

प्रमोशन, वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक परेशान, 2008 से राजकीय कॉलेज में एलटी ग्रेड को नहीं मिली प्रोन्नति


लखनऊ :: प्रदेश के 800 से ज्यादा राजकीय इंटर कॉलेजों में से किसी में भी नियमित प्रधानाचार्य नहीं है। वर्ष 2008 से राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड को प्रोन्नति नहीं दी गई। 2001 से एसीपी यानी एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन का भी लाभ नहीं मिला।




वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी 2011 से प्रोन्नति नहीं दी गई। बेसिक और माध्यमिक के बीच संवर्गों को अलग करने को लेकर घोषणाएं भले हुई हों लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। राजकीय शिक्षकों के प्रमोशन के लिए कई बार गोपनीय आख्या मांगी गई लेकिन प्रवक्ता पद पर प्रोन्नति नहीं दी।


वहीं प्रधानाचार्य पदों पर डीपीसी को लगभग 2 वर्ष हो चुके हैं लेकिन उसका रिजल्ट अभी तक नहीं दिया गया। मामला कोर्ट में है और शिक्षकों का आरोप है कि लचर पैरवी के अभाव में उनके मामला लटक गया है। प्रधानाचार्य के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से और 50 फीसदी प्रोन्नति से भरे जाते हैं।


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Saturday, December 29, 2018

सीतापुर : स्वेच्छा से पदोन्नति छोड़ने वाले अपात्र शिक्षकों को चयन वेतनमान न दिए जाने सम्बन्धी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के उपरांत ही वेतन भुगतान किये जाने सम्बन्धी लेखाधिकारी का पत्र जारी

सीतापुर : स्वेच्छा से पदोन्नति छोड़ने वाले अपात्र शिक्षकों को चयन वेतनमान न दिए जाने सम्बन्धी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के उपरांत ही वेतन भुगतान किये जाने सम्बन्धी लेखाधिकारी का पत्र जारी

Tuesday, November 6, 2018

न्यूनतम वेतन ₹ 21 हजार करने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, 25 नवम्बर को होने वाले अधिवेशन में राज्यकर्मी उठाएंगे मुद्दा

न्यूनतम वेतन "21 हजार करने के लिए मुख्य सचिव को लिखा पत्र


कर्मचारियों की
खबरें
बोनस के लिए लेखाधिकारी को घेरा
25 को होने वाले अधिवेशन में राज्यकर्मी उठाएंगे मुद्दा•

एनबीटी, लखनऊ: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जेएन तिवारी गुट के मुख्य संयोजक जेएन तिवारी ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय को पत्र लिखकर कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में हो रही विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया है। उनके अनुसार विसंगतियों को दूर कर कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये किया जाए। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को लखनऊ में होने वाले परिषद के द्विवार्षिक अधिवेशन में इस मुद‌्दे को मुख्य रूप से उठाया जाएगा। 

अधिवेशन की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को बुलाई गई बैठक में जेएन तिवारी ने बताया कि वेतन निर्धारण के लिए गुणांक फैक्टर में कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ भेदभाव किया गया है। वेतन निर्धारण में गुणांक फैक्टर की विषमता दूर करने के लिए परिषद ने वेतन समिति के सामने 31 अक्टूबर 2017 के प्रत्यावेदन में साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखा था, पर पर उस दिशा में अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।



Tuesday, September 25, 2018

वरिष्ठ से अधिक कनिष्ठ शिक्षकों का मूल वेतन , सांसत में महकमा , वित्त एवं लेखाधिकारी देवरिया ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र : वेतन विसंगतियों से अवगत कराते हुए मांगा मार्गदर्शन

वरिष्ठ से अधिक कनिष्ठ शिक्षकों का मूल वेतन , सांसत में महकमा , वित्त एवं लेखाधिकारी देवरिया ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र : वेतन विसंगतियों से अवगत कराते हुए मांगा मार्गदर्शन

वरिष्ठ से अधिक कनिष्ठ शिक्षकों का मूल वेतन, सांसत में महकमा

शिकायत

जासां, देवरिया: बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के वेतन विसंगतियों से अफसर सांसत में हैं। कनिष्ठ शिक्षकों का मूल वेतन वरिष्ठ शिक्षकों से अधिक निर्धारित हो रहा है। यही नहीं, चयन वेतनमान स्वीकृत होने पर वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ छह माह के भीतर दिए जाने को लेकर भी ऊहापोह है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा जगदीश श्रीवास्तव ने बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के वित्त नियंत्रक को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि 21 अगस्त को जारी शासनादेश के अनुसार जनपद में कार्यरत बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय शिक्षकों के वेतन निर्धारण किया जा रहा है। एक जनवरी 2016 से लागू पुनरीक्षण वेतन मैट्रिक्स में चयन/पदोन्नति वेतनमान स्वीकृत होने पर मैट्रिक्स लेवल में ठीक अगली कोष्ठिका का उपलब्ध कराए जाने पर वरिष्ठ का वेतन कनिष्ठ शिक्षक से कम हो रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि रशीद अहमद वरिष्ठ शिक्षक हैं। उनकी नियुक्ति नौ दिसंबर 1994 को हुई। जबकि कनिष्ठ शिक्षक तारिक अहमद की नियुक्ति 16 सितंबर 1995 को हुई। एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतन संरचना से विसंगति उत्पन्न हो गई है। एक जुलाई को वरिष्ठ शिक्षक रशीद का मूल वेतन कनिष्ठ शिक्षक तारिक अहमद से दो हजार रुपये कम निर्धारित हो रहा है। इसको लेकर शिक्षक नेताओं ने आपत्ति जताई है। वहीं शिक्षक संगठनों ने 21 अगस्त को जारी शासनादेश का हवाला देकर कहा है कि एक अप्रैल को चयन वेतनक्रम स्वीकृत होने पर अगली कोष्टिका का लाभ देते हुए वेतन वृद्धि की तिथि एक जुलाई निर्धारित की जाए। वित्त एवं लेखाधिकारी ने चयन वेतनक्रम स्वीकृत होने पर उस ग्रेड लेवल में छह माह की सेवा नहीं होने पर इसका लाभ रोक दिया है। कर दिया लाखों का भुगतान: माध्यमिक विद्यालयों में तैनात करीब डेढ़ दर्जन शिक्षकों को नियम ताक पर रखकर चयन वेतनमान स्वीकृत होने के छह माह के भीतर वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा की तरफ से संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर कटौती किए जाने की तैयारी चल रही है। विभागीय लोगों का कहना है कि नियम विरुद्ध तरीके से किए गए भुगतान की यदि जांच करा दी जाए तो जिम्मेदारों की गर्दन फंस सकती है। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि जिन शिक्षकों को इसका लाभ दिया गया है। उनके वेतन से कटौती की जाएगी। इसके लिए नोटिस दिया जा रहा है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा परिषद को लिखा पत्र वेतन विसंगतियों से अवगत कराते हुए मांगा मार्गदर्शन

Sunday, January 7, 2018

इलाहाबाद : पदोन्नत शिक्षकों ने मांगा 17140 रुपये का मूल वेतनमान, वित्त नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन

इलाहाबाद : पदोन्नत शिक्षकों ने मांगा 17140 रुपये का मूल वेतनमान, वित्त नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन ।


Thursday, November 2, 2017

राजकीय शिक्षक संघ ने वेतन समिति के अध्यक्ष से लगाई गुहार, शिक्षकों ने मांगा एक समान वेतनमान


राजकीय शिक्षक संघ ने वेतन समिति के अध्यक्ष से लगाई गुहार, शिक्षकों ने मांगा एक समान वेतनमान