DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label वेतन. Show all posts
Showing posts with label वेतन. Show all posts

Sunday, July 5, 2020

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना।

धनराशि की गणना : अभी तक लिए गए वेतन की गणना ही नहीं हो सकी बीईओ व लेखाधिकारी को करनी है धनराशि की गणना

हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग में जाली व टेम्पर्ड डिग्री के सहारे नौकरी करने वाले सहायक अध्यापकों ने सरकार को कई करोड़ रुपये का चूना लगाया है। एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई में पता नहीं क्यों देरी हो रही है। जिले में 16 शिक्षकों की सूची शासन से आई है। इनमें से एक के खिलाफ भी वेतन की रिकवरी करने के लिए आरसी अब तक नहीं जारी की गई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की फर्जी व टेम्पर्ड बीएड डिग्री के सहारे 16 लोग नौकरी पा गए।इसमें दो का केस कोर्ट में चल रहा है, जबकि 14 के खिलाफ एफआईआर से लेकर अन्य कार्रवाई के लिए हरी झंडी शासन दे चुका है। इन शिक्षकों से वेतन की रिकवरी करने की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले शुरू की थी, जो कागजों तक सिमटकर रह गई है।





विभागीय लिपिक प्रवीण मिश्रा का कहना है कि बर्खास्तगी के लिए जब पत्र भेजा गया था तब उसमें रिकवरी करने के निर्देश भी दिए गए थे। उच्चाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारियों व वित्त एवं लेखाधिकारी को वेतन की गणना करने व रिकवरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी जानकारी बीईओ व लेखाधिकारी को भलीभांति है। उधर वित्त एवं जिलाधिकारी योगेश पाण्डेय का कहना है कि किन शिक्षकों के वेतन की गणना बिक्री होनी है, उसका संपूर्ण ब्यौरा अभी नहीं मिला है। बीएसएफ के स्तर से लिखित पत्र मिलते ही रिकवरी के लिए कागजी कार्यवाही की जाएगी। बीएसए हेमन्तराव का कहना है किसी भी जालसाज शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान किस विद्यालय से कितना वेतन पाया है, उसकी गणना कराकर जल्द रिकवरी के लिए आरसी जारी कराई जाएगी।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, July 4, 2020

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी।

मंझनपुर  : फर्जी मार्कशीट पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर लगातार गाज गिर रही है। दो और शिक्षकों को बीएसए ने शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया। इनमें एक महिला शिक्षक भी शामिल है दोनों पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं। अब इस रिकवरी की तैयारी हो रही है। चाय के हमीरपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात सीमा यादव की मार्कशीट संदिग्ध थी। इनके मूल अभिलेखों की जांच चल रही थी। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि सीमा यादव की बीएड की डिग्री फर्जी है। सीमा यादव ने भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की डिग्री लगाई थी। इसी तरह कौशाम्बी ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सचवारा में तैनात राजेश शुक्ला की भी डिग्री फर्जी मिली है। इनकी भी बीएड की डिग्री आगरा विवि की थी। आरोप तय होने पर बीएसए राजकुमार पंडित ने दोनों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही रिकवरी की कार्रवाई शुरू करा दी है।






चार अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

कोरांव : प्रदेश में फर्जी शिक्षिका की चल रही जांच के क्रम में शुक्रवार को कोरांव के भी चार अध्यापक ऐसे पाये गये जिन्होंने अभिलेखों में हेराफेरी कर परिषदीय अध्यापक की नौकरी प्राप्त कर ली। बीएसएफ के आदेश पर बीईओ कोरांव ने चारों अध्यापकों के खिलाफ कोरांव थाने में तहरीर दी है। बीईओ सीताराम यादव के अनुसार जिन चार अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उनमें प्रधानाध्यापक पीयूष कुमार तिवारी, महेश कुमार सिंह प्रावि सिपौवा निवासी रेही कला अरैल, विजय कुमार प्रावि खजुरी प्रथम शामिल है।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, July 1, 2020

निजी स्कूलों के शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम

निजी स्कूलों के  शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम


लॉकडाउन से उपजे हालात का असर निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन पड़ेगा। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिक्षक कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती के फरमान जारी किए हैं।


इसके पीछे बच्चों की फीस न जमा होने को कारण बताया जा रहा है। गौरतलब है कि पहली जुलाई से राजधानी के निजी स्कूल सिर्फ शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए ही खोले जाएंगे। वेतन आधा किये जाने और संक्रमण खतरे के बावजूद स्कूल बुलाए जाने के विरोध की आहट भी सुनाई देने लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च के बाद से स्कूल बंद चल रहे हैं। शिक्षक अपने अपने घरों से ऑनलाइन क्लासेज संचालित कर रहे थे।


एक जुलाई से शिक्षकों को बुलाया गया है। कोरोना से निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियात अपनाए जाएंगे। -अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, June 27, 2020

प्रयागराज : 192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी

192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में ही हेराफेरी नहीं हुई है, बल्कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। अभिलेखों की जांच में 192 प्रकरण ऐसे मिले हैं जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री कई जिलों की फाइलों में दर्ज है, केवल उनका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर अलग शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने इस पर नाराजगी जताते हुए वित्त नियंत्रक शिक्षा निदेशालय और बेसिक शिक्षा परिषद से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। बेसिक शिक्षा महकमे में इन दिनों शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का भी परीक्षण हो रहा है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने
मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी है।





इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दे अलग-अलग टी विभिन्न जिलों की फाइलों में है, लेकिन उसका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से कुल 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो अलग शिक्षकों के नाम के समक्ष दर्ज है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे बेहद संदिग्ध व आपत्तिजनक करार देते हुए लिखा है कि ये प्रकरण पर्यवेक्षण की विफलता को दर्शाता हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि सभी जिलों के शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराकर इस तरह से प्रकरणों को चिन्हित करके और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मुहैया कराएं।



 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Friday, June 26, 2020

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र