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Saturday, November 21, 2020

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी डिंपल देवी के ऑनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो मूल प्रमाणपत्रों के मुताबिक उसके आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति दी जाए। ‌‌यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया है।


याचिका में कहा गया था कि याची ने ऑनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थीं। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। याचिका में सत्येंद्र कुमार शुक्ल के केस में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा गया कि इसी प्रकार के इस मामले में कोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।
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आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी के आनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो उसके आवेदन की त्रुटि मूल प्रमाणपत्रों के अनुसार सुधारने की अनुमति दी जाए। डिंपल देवी की याचिका पर न्यायमूíत पंकज भाटिया ने सुनवाई की।


 याचिका में कहा गया कि याची ने आनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थी। इसमें संशोधन के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। लेकिन, उसकी अनुमति नहीं मिली। हाईकोर्ट द्वारा पारित सत्येंद्र कुमार शुक्ल केस का हवाला देकर कहा गया कि इस केस में ठीक इसी प्रकार के मामले में हाईकोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उक्त केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।

Monday, November 16, 2020

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला।

प्रक्रिया : बेसिक शिक्षा परिषद की सहायक अध्यापक भर्ती का मामला, 30 मामलों पर शासन से लिया जा रहा है मार्गदर्शन

आगरा: परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के 31277 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। इसके अंतर्गत जिले में 581 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन हो चुका है। चयनित 30 अभ्यर्थियों पर फैसला शासन स्तर से लिया जाना है, इस कारण उन्हें नौकरी फिलहाल मिलते-मिलते रुक गई है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन ने जिले में काउंसिलिंग से 674 अभ्यर्थियों को आवंटित किया था, जिनमें से 611 अभ्यर्थी काउंसिलिंग में शामिल हुए और उन्होंने अपने प्रमाण-पत्रों को जमा कराया। उनमें से पहले चरण में 560 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और 51 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र आपत्तियों के कारण रोके गए थे। विद्यालय आवंटन काउंसिलिंग तक 51 में से 21 अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर साक्ष्य लेकर कर दिया गया, लेकिन अब भी 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्र पर रोक है।


उन पर फैसला शासन स्तर से होगा। यह हैं आपत्तियां: विभाग ने जिन 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्रों पर रोक लगाई हैं, उनमें से 20 अभ्यर्थियों के मूल अंकों और आवेदन पत्रों में लिखे गए अंकों में अंतर हैं। इस पर शासन स्तर से ही फैसला लिया जाना है। साथ ही चार मामले अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के हैं, जबकि यह भर्ती प्रदेश के स्थानीय निवासियों के लिए ही थी। इसके साथ अन्य मामलों में जाति, जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र में अंतर है।

यह है स्थिति इन 30 मामलों में : से 20 पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आपत्ति लगाई थी, जबकि 10 मामले उन 4 मामलों में शामिल थे, जिन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य अहिबरन सिंह ने आपत्ति लगाई थी।

बीएसए ने आपत्तियों के आधार पर अभ्यर्थियों से साक्ष्य लेकर उनमें से 24 का तो निस्तारण कर दिया, लेकिन 10 मामलों में वह साक्ष्यों से संतुष्ट नहीं हुए।

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला।

प्रक्रिया : बेसिक शिक्षा परिषद की सहायक अध्यापक भर्ती का मामला, 30 मामलों पर शासन से लिया जा रहा है मार्गदर्शन

आगरा: परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के 31277 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। इसके अंतर्गत जिले में 581 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन हो चुका है। चयनित 30 अभ्यर्थियों पर फैसला शासन स्तर से लिया जाना है, इस कारण उन्हें नौकरी फिलहाल मिलते-मिलते रुक गई है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन ने जिले में काउंसिलिंग से 674 अभ्यर्थियों को आवंटित किया था, जिनमें से 611 अभ्यर्थी काउंसिलिंग में शामिल हुए और उन्होंने अपने प्रमाण-पत्रों को जमा कराया। उनमें से पहले चरण में 560 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और 51 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र आपत्तियों के कारण रोके गए थे। विद्यालय आवंटन काउंसिलिंग तक 51 में से 21 अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर साक्ष्य लेकर कर दिया गया, लेकिन अब भी 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्र पर रोक है।


उन पर फैसला शासन स्तर से होगा। यह हैं आपत्तियां: विभाग ने जिन 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्रों पर रोक लगाई हैं, उनमें से 20 अभ्यर्थियों के मूल अंकों और आवेदन पत्रों में लिखे गए अंकों में अंतर हैं। इस पर शासन स्तर से ही फैसला लिया जाना है। साथ ही चार मामले अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के हैं, जबकि यह भर्ती प्रदेश के स्थानीय निवासियों के लिए ही थी। इसके साथ अन्य मामलों में जाति, जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र में अंतर है।

यह है स्थिति इन 30 मामलों में : से 20 पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आपत्ति लगाई थी, जबकि 10 मामले उन 4 मामलों में शामिल थे, जिन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य अहिबरन सिंह ने आपत्ति लगाई थी।

बीएसए ने आपत्तियों के आधार पर अभ्यर्थियों से साक्ष्य लेकर उनमें से 24 का तो निस्तारण कर दिया, लेकिन 10 मामलों में वह साक्ष्यों से संतुष्ट नहीं हुए।

Sunday, November 15, 2020

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये


■  घपलेबाजी

• माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की हर भर्ती में होता है खेल
• दो दशक की हर भर्ती में विज्ञापित पदों से कम पर हुआ चयन
• टीजीटी-पीजीटी 2016 के चयनित शिक्षक तैनाती को भटक रहे


जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाते। पिछले दो दशक में हुई भर्तियों पर गौर करें तो हर बार प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) के विज्ञापित पदों की तुलना में कम चयन हो सका है।


डीआईओएस पहले तो रिक्त पदों की सूचना भेज देते हैं लेकिन उसके बाद पीछे से स्कूल प्रबंधकों से साठगांठ कर किसी न किसी बहाने पद भरने की अनुमति देते हैं और चयन बोर्ड को पत्र भेजकर सत्यापन निरस्त करने को कहते हैं। इसी का नतीजा है कि चयनित शिक्षक तैनाती के लिए अरसे तक दर-दर की ठोकरें खाते हैं।


टीजीटी-पीजीटी 2016 के 125 से अधिक चयनित शिक्षकों को तैनाती नहीं मिल सकी है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। समायोजन की मांग लेकर ये चयनित शिक्षक स्कूल प्रबंधक, डीआईओएस कार्यालय, शिक्षा निदेशालय से लेकर चयन बोर्ड तक भटक रहे हैं। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट भी चयन बोर्ड को फटकार चुका है।


कब-किस भर्ती में भरे कितने पद

2013 के टीजीटी में विज्ञापित 6028 पदों में से 4795 और पीजीटी के 1117 में से 922 पर चयन हो सका। 2011 के टीजीटी के 1479 पदों में से 1397 और पीजीटी के 393 में से 313, 2010 के टीजीटी के 5990 में से 5662 जबकि पीजीटी में 959 में से 843 पद भरे जा सके थे। टीजीटी 2004 के 3039 पदों में से 2808 और पीजीटी के 1359 पदों में से 1304 पर चयन प्रक्रिया पूरी हुई थी। 2002 के टीजीटी के 3787 पदों में से 3415 पद भरे गए थे। दो दशक में अपवाद रूप में 2010 की भर्ती रही जिसमें टीजीटी के 4038 व पीजीटी के सभी 892 पदों पर भर्ती हुई थी। 2016 की भर्ती अभी चल रही है।

Tuesday, November 3, 2020

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

 
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता है कि यह एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटोई के निर्देश इस पर लागू नहीं. होते हैं। 


कोर्ट ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में जम्मू-कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुनः विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया था। 


उसे 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई। मगर बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति यह कहते हुए रदूद कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है, जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है। अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है।

Wednesday, October 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

 
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार शाम को सभी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। एसटीएफ ने करीब एक हजार पन्ने की केस डायरी तैयार की है।


जून 2020 को इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था। पहले सोरांव पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू की, लेकिन प्रकरण ने तूल पकड़ा तो विवेचना एसटीएफ को दे दी गई। गिरोह के सरगना पूर्व जिपं सदस्य डॉ. केएल पटेल, तीन अभ्यर्थी समेत 12 लोगों को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन सभी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसी मामले में स्कूल प्रबंधक चंद्रमा को करीब 20 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके कई और साथियों को भी पकड़कर जेल भेजा गया। 


चंद्रमा यादव पुत्र बर्फी लाल धूमनगंज थाना क्षेत्र के टीपी नगर गंगा बिहार कॉलोनी का रहने वाला है। वह टीपी नगर में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज का संचालन चंद्रमा यादव करता है। लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर उसके स्कूल में बनाया जाता है। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में वह कुछ साल पहले ललित त्रिपाठी के जरिए गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल और मायापति से मिला था। फिर गिरोह के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करने लगा। सोरांव में जब उसके खिलाफ मुकदमा लिखा गया तो फरार हो गया था।


 एडिशनल एसपी एसटीएफ नीरज पांडेय का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद चंद्रमा यादव, भदोही के मायापति दुबे, प्रतापगढ़ के दुर्गेश पटेल व प्रयागराज के शिवदीप सिंह, सत्यम, शैलेष, संदीप पटेल, दुर्गेश सिंह और अर¨वद पटेल के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।