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Monday, May 10, 2021

कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को टीईटी से छूट अध्यापक बनाने की मांग

कोरोना से मृत शिक्षकों के आश्रितों को टीईटी से छूट  अध्यापक बनाने की मांग

कोरोना महामारी के दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने से बड़ी संख्या में शिक्षकों की मौत हुई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने 29 अप्रैल को 706 शिक्षकों के निधन का दावा किया था, उनकी संख्या बढ़कर 800 हो गई है। पूरक सूची तैयार करके विभाग को भेजी जाएगी, साथ ही संघ ने सरकार से मांग की है कि मृतक शिक्षकों के आश्रितों वे आश्रित जो बीटीसी, बीएड या फिर डीएलएड आदि की योग्यता रखते हैं, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देकर सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दी जाए। वहीं, वे आश्रित जो इंटर या फिर स्नातक उत्तीर्ण हैं उन्हें लिपिक के पद पर नियुक्त किया जाए।



उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा की अगुवाई में प्रदेशीय कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक में कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षकों की बड़ी संख्या में मृत्यु होने पर चिंता जताई गई। सरकार से यह मांग भी की जाएगी कि मृत शिक्षकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। शिक्षक के परिजनों को एक अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत पारिवारिक पेंशन दी जाए। ऐसे सभी मृत शिक्षक जो 60 वर्ष या फिर उससे कम आयु के थे उनके परिवार को शासनादेश के अनुसार ग्रेच्युटी का भुगतान हो। सभी मृतक व कार्यरत शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए।


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की यह भी मांग है कि संक्रमण के दौरान इलाज कराकर स्वस्थ हो चुके शिक्षकों के इलाज पर व्यय धनराशि का भी भुगतान किया जाए। पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर सभी मृतक शिक्षक व कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बैठक में शिवशंकर पांडेय, राधेरमण त्रिपाठी, देवेंद्र श्रीवास्तव, सुरेंद्र यादव, वंदना सक्सेना, अर्चना मिश्रा आदि थे।

अनुग्रह राशि के शासनादेश मे संशोधन के साथ स्वास्थ्य व ग्राम्य विकास कर्मियों की भांति बेसिक शिक्षकों को भी फ्रंटलाइन योद्धा मानते हुए लाभ देने की मांग

अनुग्रह राशि के शासनादेश मे संशोधन के साथ  स्वास्थ्य व ग्राम्य विकास कर्मियों की भांति बेसिक शिक्षकों को भी फ्रंटलाइन योद्धा मानते हुए लाभ देने की मांग


ज्ञात हो शासन ने 8 मई 2021 को जारी शासनदेश मे चुनाव ड्युटी से घर  जाने के दौरान ही मृत्यु पर अनुग्रह राशि देने की बात कही है जिसे विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा  विल्कुल ही अमानवीय बताया गया है।

विशिष्ट बी टी सी शिक्षक वेलफेयर एसो.उ प्र ने मा.मुख्यमंत्री उ प्र को पत्र लिखकर माँग की है कि इस महामारी मे चुनाव दौरान  कोरोना से संक्रमित चुनाव बाद यदि किसी भी शिक्षक/कर्मचारी की मौत हुई तो उसे हर हाल मे अनुग्रह राशि ₹50,00,000 दी जाए साथ ही अन्य स्वास्थ्य एवं ग्राम विकास राज्य कर्मचारियो की भाँति ड्यूटी निभा रहे शिक्षको को भी फ्रन्ट लाइन वर्कर मानते हुए सभी चिकित्सिए लाभ  व अतिरिक्त भत्ते प्रदान किए जाएं। 



प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध

प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध


कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित शिक्षकों को वेतन जारी करने के मकसद से बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने रविवार को ऐसे शिक्षकों से प्रत्यावेदन लिया। तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर अपनी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट और दूसरी जांच के लिए दिए सैंपल आदि साक्ष्य के साथ आवेदन पत्र सौंपा।


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने भी बीएसए को 23 शिक्षकों की सूची भेजते हुए वेतन जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का वेतन रोकने की निंदा करते हुए कहा है कि कोरोना की रोकथाम में सिर्फ परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई जबकि अन्य संवर्ग के शिक्षकों व कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगनी चाहिए।


प्रयागराज:- इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल रूम (आई. ट्रिपलसी) में अनुपस्थित पाए गए जिन शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोका गया है, उनमें सी कई शिक्षकों को राहत मिलने के आसार हैं। ड्यूटी पर तैनात तमाम शिक्षक खुद संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से वे ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने ऐसे शिक्षकों से कोविड पॉजिटिव होने के प्रमाण सहित उनसे प्रत्यावेदन लिए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से भी कई शिक्षकों के नाम बीएसए को दिए गए हैं।

कोविड संक्रमित जो मरीज होम आइसालेशन में हैं, उनका हालचाल जानने के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी आई. ट्रिपलसी में लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान आई. ट्रिपलसी में 92 शिक्षक अनुपस्थित मिले, जिनका अप्रैल माह 2021 का वेतन रोक लिया गया, जबकि इनमें से तमाम शिक्षक खुद कोविड से संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। शिक्षकों का कहना है कि संक्रमित कर्मचारियों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 28 दिनों की छुट्टी दिए जाने का सरकारी नियम है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इस नियम की अनदेखी की।


Sunday, May 9, 2021

कोरोना संक्रमण से जूझ रहे बेसिक शिक्षकों का सरकार कराए निःशुल्क इलाज- संगठन की मांग

कोरोना संक्रमण से जूझ रहे बेसिक शिक्षकों का सरकार कराए निःशुल्क इलाज- संगठन की मांग



लखनऊ। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से कोरोना संक्रमण से जूझ रहे शिक्षकों का अच्छे अस्पतालों में निशुल्क इलाज कराने की मांग की। संघ के महामंत्री उमाशंकर सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत शिक्षकों के आश्रितों को 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। 


संघ का आरोप है कि चुनाव ड्यूटी में प्रशिक्षण से लेकर मतगणना तक कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं होने से हजारों की संख्या में शिक्षक संक्रमित हुए हैं और इनमें से कई शिक्षकों की मौत हुई हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने आरोप लगाया है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण के लक्षण आने पर भी उनकी कोविड जांच नहीं कराई गई।


शिक्षकों ने स्वयं के स्तर पर जांच कराई, लेकिन जांच केंद्रों ने समय से रिपोर्ट नहीं दी। इसके चलते शिक्षक ड्यूटी करते रहे। महामंत्री उमाशंकर सिंह ने संक्रमित शिक्षकों का अच्छे अस्पतालों में निशुल्क इलाज कराने की मांग की।

Saturday, May 8, 2021

अंतर्जनपदीय स्थानांतरण अन्तर्गत पदावनत शिक्षकों को विद्यालय आवंटन व वेतन और बीएसए गोरखपुर द्वारा ऑफलाइन पदावनति के कारण वापसी किये जाने को लेकर PSPSA ने शासन को लिखा पत्र

अंतर्जनपदीय स्थानांतरण अन्तर्गत पदावनत शिक्षकों को विद्यालय आवंटन व वेतन और बीएसए गोरखपुर द्वारा ऑफलाइन पदावनति के कारण वापसी किये जाने को लेकर PSPSA ने शासन को लिखा पत्र



स्वैच्छिक सामूहिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को लागू करने को लेकर शीघ्रता से निर्णय करने की मांग को लेकर RSM ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

स्वैच्छिक सामूहिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को लागू करने को लेकर शीघ्रता से निर्णय करने की मांग को लेकर RSM ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र