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Monday, January 18, 2021

ओमप्रकाश शर्मा के निधन बाद हेम सिंह पुंडीर बने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष

हेम सिंह पुंडीर बने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष

संगठन के संविधान की व्यवस्था के मुताबिक, वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर आगामी निर्वाचन तक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्य करेंगे।

 
लखनऊ: पूर्व एमएलसी और 48 साल तक एकछत्र शिक्षक राजनीति पर छाए ओम प्रकाश शर्मा के निधन के बाद हेम सिंह पुंडीर को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। संगठन के महामंत्री इंद्रासन सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय नेतृत्व ने यह फैसला लिया है।


संगठन के संविधान की व्यवस्था के मुताबिक, वरिष्ठतम उपाध्यक्ष हेम सिंह पुंडीर आगामी निर्वाचन तक उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्य करेंगे। संगठन के प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ आरपी मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि निर्णय के मुताबिक, 18 जनवरी, 2021 को प्रदेश में सभी विद्यालय इकाइयों में शोक सभाएं आयोजित की जाएगी।


उन्होंने आगे कहा कि इसी के साथ जनपद स्तर पर जिलाध्यक्ष/मंत्री उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के घटक संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क कर अपनी सुविधानुसार 27 जनवरी, 2021 से पूर्व अपने जनपद में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करेंगे।

Sunday, January 17, 2021

पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ

पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ


पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, ऑनलाइन स्थानांतरण की सुनिश्चित व्यवस्था समेत अन्य मांगों के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने शनिवार को उपवास रहकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह संघर्ष का आगाज है। आगे लंबा और कठिन संघर्ष होगा।


हम वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, पुरानी पेंशन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा जैसी अनेक मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करते रहेंगे। सदन में कम संख्या में होने के बावजूद शिक्षक विरोधी कार्यों का आखिरी सांस तक विरोध होगा। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक बीएस यादव को सौंपा गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने की व संचालन जिला मंत्री अनुज कुमार पांडेय ने किया।


सभा को कुंज बिहारी मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह बिसेन, अरविन्द त्रिपाठी, रमेश चंद्र शुक्ला, रामसेवक त्रिपाठी, अनय प्रताप सिंह, अजीत सिंह, डॉक्टर सुयोग पांडेय, रविंद्र त्रिपाठी, अशोक कुमार, जगदीश प्रसाद, दिवाकर मिश्रा, श्वेता दूबे, विनय तिवारी, प्रदीप शुक्ला आदि ने संबोधित किया। एबादुर रहमान, सविता मिश्रा, मो. जैद, संजीव तिवारी, अनुराग अवस्थी, विक्रम यादव, राजू यादव, प्रेमचन्द यादव, सुधीर मिश्र, विकाश शुक्ल आदि मौजूद रहे।

Saturday, January 16, 2021

श्रद्धांजलि : शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश शर्मा, लगातार 50 साल तक उठाते रहे सदन में शिक्षकों की आवाज

शिक्षक संघ की राजनीति में 50 साल तक एकछत्र राज करने वाले शिक्षक पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा का निधन

50 साल से थे शिक्षक संघ सीट से एमएलसी, नवंबर में मिली थी करारी हार

श्रद्धांजलि : शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश शर्मा, लगातार 50 साल तक उठाते रहे सदन में शिक्षकों की आवाज


शिक्षक राजनीति के वटवृक्ष थे ओमप्रकाश,50 साल से थे जीत की गारंटी, संघर्ष था मूलमंत्र Meerut Newsओमप्रकाश शर्मा का शिक्षक राजनीति में करिश्माई दखल था।

ओमप्रकाश शर्मा ने शिक्षक राजनीति में एक मुकाम हासिल किया था। उनके विरोधी भी मानते हैं कि उनके राजनीतिक दबदबे तक पहुंचना किसी सियासतदां के लिए मुश्किल हागा। सूबे में सरकारों का आना-जाना लगा रहा। राष्ट्रीय दलों से सत्ता सरककर क्षेत्रीय दलों के पाले में आ गई।


मेरठ । शिक्षक राजनीति के स्तंभ रहे ओमप्रकाश शर्मा की सियासी परछाई बेहद लंबी थी। शिक्षक राजनीति में लगातार 50 साल की मैराथन पारी खेलने के बाद पिछले चुनावों में क्रीज से बाहर हुए, लेकिन शिक्षकों के हित में उनकी आवाज आज भी बुलंद थी। राजनीति के पंडित बताते हैं कि उनकी एक आवाज पर सूबे के कोने-कोने से शिक्षक हाथ उठाकर खड़े हो जाते थे। सत्तर और अस्सी के दशक में उन्हें कई दिग्गजों ने मंत्री बनाने का भी आफर दिया, लेकिन वो सिद्धांतों की डगर से नहीं भटके।

नहीं हुए थे टस से मस
ओमप्रकाश शर्मा के विरोधी भी मानते हैं कि उनके राजनीतिक दबदबे तक पहुंचना किसी सियासतदां के लिए मुश्किल हागा। सूबे में सरकारों का आना-जाना लगा रहा। राष्ट्रीय दलों से सत्ता सरककर क्षेत्रीय दलों के पाले में आ गई। प्रदेश की सियासत में भारी बदलाव नजर आया, लेकिन शर्मा का वजूद दलगत सियासत की मोहताज नहीं रही।

बदलते दौर में चौधरी चरण सिंह की सरकार से लेकर कांग्रेस, जनता दल, सपा, बसपा और भाजपा ने सत्ता संभाला, लेकिन उनका राजनीतिक दुर्ग अभेद्य रहा। उनके आठ बार एमएलसी रहने के दौरान 19 मुख्यमंत्रियों ने यूपी की कमान संभाली। कहते हैं कि हेमवती नंदन बहुगुणा और मुलायम सिंह यादव ने उन्हें मंत्री बनाने के अलावा लखनऊ से संसदीय चुनाव लडऩे का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन शर्मा टस से मस नहीं हुए।

87 साल की उम्र में भी जमकर लड़े चुनाव
शिक्षक राजनीति में ओम प्रकाश का करिश्माई दखल ऐसा रहा कि सूबे का शिक्षक उनकी एक आवाज पर उठ खड़ा होता था। 87 साल की उम्र में एमएलसी चुनाव लड़े। वक्त काफी आगे निकल चुका था। संगठन में भी भारी मतभेद उभरा, और जिलाध्यक्षों की उनके महामंत्रियों से ठन गई। संगठन में नए लोग भावनात्मक रूप से जुड़ नहीं सके। लंबे समय से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सूबे में संगठन को बड़ी ताकत और विस्तार दिया। आखिरकार भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा से चुनाव हार गए। लेकिन उनका कद ऐसा था कि चुनाव जीतने के बाद श्रीचंद शर्मा ओमप्रकाश से मिलने उनके घर गए। पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

ओमप्रकाश शर्मा के निधन से शिक्षा जगत की राजनीति में रिक्तता आ गई है। वो कई दशकों तक राजनीति में अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ते रहे। संघर्ष किया, और शिक्षकों का भरोसा जीता। भगवान उन्हें अपने चरणों में स्थान दें। - डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा


मेरठ :  शिक्षक संघ की राजनीति में 50 साल तक एकछत्र राज करने वाले शिक्षक एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा का आज निधन हो गया। वे करीब 84 साल के थे। हालांकि उनका निधन किन कारणों से हुआ इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं हो पाई है लेकिन पूर्व एमएलसी के निधन की खबर मिलते ही उनके समर्थकों का घर पर तांता लगना शुरू हो गया। बताया जाता है कि उन्होंने खुद को कुछ अस्वस्थ महसूस किया और उसके बाद उनके चिकित्सक पुत्र ने उनका उपचार शुरु किया लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया।


उतर प्रदेश शिक्षक राजनीति का 50 साल से नेतृत्व कर रहे शिक्षक नेता व निवर्तमान एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा एक बड़ा नाम थे । 50 साल तक ओमप्रकाश शर्मा के इर्द-गिर्द ही शिक्षकों, कर्मचारियों की राजनीति घूमती रही। ओम प्रकाश शर्मा ने विधान परिषद का पहला चुनाव 1970 में जीता था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अंतिम चुनाव उन्होंने 2014 में जीता था। शर्मा की लोकप्रियता 90 के दशक में इतनी थी कि सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई और साढ़े 10 बजे तक उन्हें प्रथम वरीयता के 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिल जाते थे। 


गत दिनों मिली हार पर उन्होंने साफ कहा था कि हार से शिक्षकों के आंदोलन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। शिक्षक हित में आंदोलन जारी रहेगा। चुनाव हारने के बाद भी पूर्व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा शिक्षकों के हित के लिए प्रयासरत थे। शनिवार काे भी वे जीआईसी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे।

पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास

पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास


लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों, व्यावसायिक अनुदेशकों एवं कम्प्यूटर शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, वंचित तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किए जाने, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर उपवास रखेगा।


संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ आरपी मिश्र ने बताया कि प्रदेश व्यापी संघर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत उपवास रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।

Wednesday, January 13, 2021

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति


रामपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघने भीषण गर्मी में परिषदीयविद्यालय खोलने पर आपत्ति जताई है। बेसिक शिक्षा परिषद परिषद सचिव को ज्ञापन भेजकर समन्वय परिवर्तन पर पुनर्विचार करने की मांग की है।


सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को ज्ञापन भेजा।ज्ञापन में कहा गया कि 6 जनवरी को जारी वर्ष 2021 की अवकाश तालिका में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक रखा गया हैं। 16 जून से 30 जून तक गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती हैं। यह समय शिक्षण के लिये कतई उपयुक्त नहीं हैं।इसलिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 जून से 30 जून तक किया जाना उचित रहेगा।


ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन समयावधि पर भी आपत्ति की गयी हैं। दोपहर एक बजे के बाद पढ़ाई तो दूर कमरों में बैठना मुश्किल ही हो जाता है। ऐसी स्थिति में विद्यालय का समय पूर्ववतसुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक रखना उचित होगा। ज्ञापन देने में जिला अध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मन्त्री आनन्द प्रकाश गुप्ता रहे।

Tuesday, December 29, 2020

अयोध्या : परिषदीय शिक्षकों की परीक्षा स्थगित, शासनादेश के विरुद्ध बताते हुए शिक्षक संघ द्वारा परीक्षा के औचित्य पर उठाया गया था सवाल

अयोध्या : परिषदीय शिक्षकों की परीक्षा स्थगित, शासनादेश के विरुद्ध बताते हुए शिक्षक संघ द्वारा परीक्षा के औचित्य पर उठाया गया था सवाल


● जिलाधिकारी के निर्णय के बाद परीक्षा स्थगित

● परिषदीय शिक्षकों की परीक्षा के औचित्य पर उठाया सवाल

● प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से की मुलाकात

● शासनादेश का अनुपालन कराए जाने की डीएम से मांग


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व प्रांतीय ऑडिटर नीलमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी से मिलकर 30 दिसंबर को आयोजित की जाने वाली परिषदीय शिक्षकों की परीक्षा के औचित्य पर सवाल उठाया है। फिलहाल जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। संघ ने इस सम्बंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा है।


जिलाध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने बताया कि आधारशिला ध्यानाकर्षण एवं शिक्षण संग्रह मॉड्यूल पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित किए जाने का मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया है। प्रतियोगिता ऐच्छिक होती है बाध्यकारी नहीं। बावजूद इसके जनपद में परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों की परीक्षा आयोजित की जा रही है। जो कि शासनादेश के सर्वथा विपरीत है। 


उन्होंने बताया कि शासनादेश में यह स्पष्ट है कि जिला प्रशासन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर किसी तरह की परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकते। श्री त्रिपाठी ने कहा कि चयनित होकर आए योग्य शिक्षकों की परीक्षा कराया जाना समाज में शिक्षकों की छवि धूमिल करने वाला निर्णय है। जिसे निरस्त किया जाना चाहिए। जिला मंत्री अजीत सिंह ने कहा कि परिषदीय शिक्षकों का सेंटर प्राइवेट कॉलेजों में भेजकर परीक्षा कराया जाना अपमानजनक व निंदनीय है। प्रतिनिधिमंडल में जिला कोषाध्यक्ष वीरेंद्र भारती मौजूद रहे।