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Monday, November 23, 2020

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र


लखनऊ । प्रदेश के 1.60 लाख शिक्षामित्र 25 नवंबर को मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट लागू करने को मांग करेंगे।


उप्र. दूरस्थ शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने एक साल पहले अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, लेकिन सरकार ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। 


शिक्षा मित्र सवा दो साल से मात्र 10 हजार रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा मित्रों से सहायक अध्यापकों के समान ही कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की नीतियों के कारण शिक्षा मित्र तनाव में रहते हैं।

Wednesday, November 18, 2020

महराजगंज : 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों का मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित कर विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी

महराजगंज : 69000 पदों के सापेक्ष 31277 पद पर नवनियुक्त सहायक अध्यापकों में चयनित शिक्षामित्रों को मानव संपदा पोर्टल पर EHRMS कोड आबंटित करते हुए विवरण अपलोड करने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी।



Monday, November 16, 2020

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

गोरखपुर के 86 शिक्षामित्रों को देना होगा इस्तीफा, जानिए क्या है बड़ी वजह

◾सार◾
◾नवनियुक्त शिक्षकों के रूप में दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराना होगा सर्विस रिकार्ड

◾बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का ब्यौरा जल्द जल्द पोर्टल पर अपलोड करने का दिया निर्देश

◾विस्तार◾
परिषदीय विद्यालयों में हुई 31277 शिक्षकों की भर्ती के तहत नियुक्ति हासिल करने वाले 86 शिक्षकों को अपना ब्यौरा दोबारा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। पोर्टल पर डाटा अपडेट होने की सुविधा न होने की वजह से पहले सभी शिक्षामित्रों को इस्तीफा की जानकारी अपडेट करनी होगी। इसके बाद इनके ब्यौरा को पोर्टल से हटाकर सहायक अध्यापक के रूप में अपडेट किया जाएगा। इसे लेकर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा सचिव का आदेश गोरखपुर के बीएसए दफ्तर पहुंच गया है।

आदेश के मुताबिक जिले में नियुक्ति हासिल करने वाले 517 शिक्षकों का ब्यौरा प्राथमिकता के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा अपलोड होने में आने वाली परेशानी को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को राहत दी है।

इस्तीफा देने वाले शिक्षकों को इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के साथ ही संबंधित ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी से सत्यापित भी कराना होगा। तत्पश्चात इन शिक्षकों को ईएचआरएमएस कोड आवंटित करते हुए मानव संपदा पोर्टल पर पुरानी प्रक्रिया के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा।

बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि शिक्षामित्रों से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होने में परेशानी आ रही थी। क्योकिं इन शिक्षकों ने शिक्षामित्र के रूप में पूर्व में ही पंजीकरण कराया है। अब इनसे इस्तीफा लेकर पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर पुरानी जानकारी को हटाया जाएगा। उसके बाद इनके सहायक अध्यापक के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

Tuesday, November 3, 2020

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन

31277 शिक्षक भर्ती में आंशिक त्रुटियों के कारण रोके गये नियुक्ति पत्र / स्कूल आवंटन किये जाने के सम्बन्ध में शिक्षा मित्र संघ ने सौंपा ज्ञापन।





Sunday, October 4, 2020

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

शिक्षामित्रों की मांगों से जुड़ी दिनेश शर्मा कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

 
बहराइच। शिक्षामित्र प्रदेश सरकार की उपेक्षा के शिकार है। दिनेश शर्मा कॉमेडी की रिपोर्ट को डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी अब तक जारी नहीं किया गया है। सरकार की इस उपेक्षा से त्रस्त शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिव श्याम मिश्र के निर्देश पर संगठन के जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव व जिला प्रवक्ता अनवारूल रहमान खान के नेतृत्व में शुक्रवार को जिले के शिक्षा मित्र कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए प्रदर्शन के दौरान जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश चन्द श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालय में विगत 19 वर्षों से सेवा देते आ रहे हैं शिक्षामित्रों की स्थिति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय आने के बाद बहुत ही दयनीय हो गई है। 


इतने अल्प मानदेय में परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। भविष्य की चिंता को लेकर मन बहुत ही व्यथित एवं सशंकित रहता है। इसी सदमे से प्रदेश भर में अब तक लगभग 3000 से अधिक शिक्षामित्रों की असामयिक अवसाद के कारण मौत हो चुकी हैं। यह सिलसिला अभी भी जारी है। जिला प्रवक्ता अनवारुल रहमान खान ने सरकार से शिक्षामित्रों को नवजीवन प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2018 को माननीय उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा जी की अध्यक्षता में शीर्ष स्तर पर गठित हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट से अवगत कराते हुए लागू किया जाए।

Wednesday, September 30, 2020

प्रतापगढ़ : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों से होगी 6.24 करोड़ की वूसली, बगैर शिक्षामित्र बने हासिल कर ली थी सहायक अध्यापक की नौकरी

प्रतापगढ़  : फर्जीवाड़ा कर शिक्षक बनने वालों से होगी 6.24 करोड़ की वूसली, बगैर शिक्षामित्र बने हासिल कर ली थी सहायक अध्यापक की नौकरी


प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने के बाद 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन लेने वाले 17 बर्खास्त शिक्षकों से 6.24 करोड़ रुपये की बिक्री होगी। विभाग ने बर्खास्त शिक्षकों के घर बिक्री के लिए नोटिस भेजा है। अगर बर्खास्त शिक्षक अदायगी नहीं करते हैं तो राजस्व के रूप में इनसे वसूली होगी। 


बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते 17 ऐसे लोगों ने सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल कर ली थी, जो पूर्व में शिक्षामित्र ही नहीं थे। सुप्रीम कोर्ट ने जो शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक की नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया तो शिक्षामित्रों को पुनः उनके तैनाती वाले मूल स्कूलों में भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई। विभाग ने इस दौरान 17 ऐसे लोगों को चिह्नित किया जो शिक्षामित्र नहीं थे और अध्यापक बनकर 40-40 हजार रुपये वेतन उठा रहे थे।



फर्जीवाड़ा सामने आने पर इन अध्यापकों को बर्खास्त कर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। विभाग अब इन लोगों द्वारा वेतन के रूप में ली गई धनराशि की रिकवरी में लगा है। बर्खास्त शिक्षकों के घर नोटिस भेजकर वेतन के रूप में भुगतान की गई रकम को अविलंब विभाग में जमा करने को कहा गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों को नोटिस दिया गया है। अगर धनराशि नहीं जमा करते हैं तो रिकवरी के लिए राजस्व विभाग को वसूली की जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।