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Sunday, July 12, 2020

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा

प्रतापगढ़ : पोर्टल से जुड़ेंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक, PFMS पोर्टल से मानदेय भेजने की हो रही तैयारी, अब तक RTGS से खाते में भेजा जाता था पैसा।


प्रतापगढ़ : फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य मुख्यालय से दिया जाएगा। इससे न सिर्फ उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाण पत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से दिए जाने की योजना है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 2851 शिक्षामित्र व 437 अनुदेशकों की तैनाती है। अभी तक इन्हें मानदेय आरटीजीएस के माध्यम से ऑनलाइन खाते में भेजा जाता था। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने 25 जून को सूबे के सभी बीएसए को पत्र भेज कर प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों के मानदेय की बैंक इनवॉइस मांगी थी, जिससे इन्हें पोर्टल पर पंजीकृत किया जा सके। पोर्टल पर पंजीकृत करने के बाद शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को मानदेय राज्य स्तर से दिया जाएगा। इससे उन्हें समय से मानदेय मिलेगा बल्कि अन्य जिलों में एक ही प्रमाणपत्रों पर तैनात संविदा शिक्षकों की पकड़ भी हो पाएगी। पब्लिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर इन सबको लाने की तैयारी शुरू हो गई है। सितंबर से मानदेय इसी प्रणाली से देने की योजना है। उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने शासन के निर्देश पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब अनुदेशकों को समय से मानदेय मिल सकेगा। दो जगह होने पर होगी पकड़ : पहले चरण में जिलों से ही इसके जरिए मानदेय भेजा जाएगा। दूसरे चरण में सितंबर तक इसे राज्य स्तर तक लागू किया जा सकता है। पब्लिक मैनेजमेंट फाइनेंशियल सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए मानदेय भेजने पर पता चल सकेगा कि एक ही प्रमाणपत्र पर कितने शिक्षामित्र या अनुदेशक तैनात हैं। यानी केजीबीवी के अनामिका प्रकरण जैसे मामले पकड़ में आ सकेंगे, क्योंकि राज्य स्तरीय डाटा इस पर रहेगा। वहीं अब मानदेय भी बजट आते ही दिया जा सकेगा। किसी भी वित्तीय शिकायत पर तुरंत जांच हो सकेगी।





ये होंगे फायदे ::  बेसिक शिक्षा विभाग में चरणबद्ध तरीके से सभी खातों को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम ( पीएफएमएस) पर लाया जा रहा है, ताकि फंड ट्रांसफर के साथ पारदर्शिता बनी रहे। यहां तक कि स्कूल प्रबंधन समितियों के खाते भी इस पर पंजीकृत किए गए हैं।

""पैसे से जुड़े सारे मामले पोर्टल से जुड़ेंगे, राज्य परियोजना के अकाउंट, कस्तूरबा विद्यालयों के अकाउंट, विद्यालयों के अकाउंट, शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के अकाउंट सभी पोर्टल से जोड़े जाएंगे। अब बैंक किसी के पैसे को अपने यहां नहीं रोक सकेगा। शासन से सीधे पीएफएमएस पोर्टल के जरिए पैसा खाते में भेजा जाएगा। अशोक कुमार सिंह, बीएसए


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Monday, July 6, 2020

शिक्षामित्रों व अनुदेशकों पर नजर, मांगा जा रहा रिकार्ड, मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल


शिक्षामित्रों व अनुदेशकों पर नजर, मांगा जा रहा रिकार्ड, मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल



चंदौली : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद शासन अलर्ट है। शिक्षकों के बाद अब शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाबत बीएसए को पत्र प्राप्त हो चुका है। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के सत्यापन की प्रक्रिया इसी सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। उनके शैक्षिक अभिलेखों व नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल होगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ गाज गिरनी तय मानी जा रही है।


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के पद पर अनामिका शुक्ला की नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग सचेत हो गया है। कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्त वार्डेन, शिक्षिकाओं, परिचारक, रसोइया का सत्यापन कराया गया। यहां तक स्कूलों में नियुक्त महिला सुरक्षाकर्मियों के भी रिकार्ड खंगाले गए। हालांकि जिले में कर्मियों की नियुक्ति में कोई धांधली सामने नहीं आई। शासन ने अब प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का भी सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। इसके बाबत बीएसए को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है। 


जिले में करीब 2200 शिक्षामित्र और 700 से अधिक अनुदेशक हैं। विभाग की ओर से शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। उनके शैक्षिक अभिलेखों की जांच के साथ ही बैंक डिटेल व नियुक्ति के अभिलेखों की भी पड़ताल कराई जाएगी। इसके लिए बीएसए की ओर से जल्द ही बीईओ के नेतृत्व में टीमें गठित की जाएगी। सत्यापन के दौरान यदि किसी तरह की अनियमितता मिली तो संबंधित के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग मुकदमा भी दर्ज कराएगा।


मानव संपदा पोर्टल से खंगाली जा रही डिटेल

बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए मानव संपदा पोर्टल पर डिटेल अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षकों को अपना, नाम, पता, बैंक, आधार व सेवा काल से संबंधित समस्त सूचनाएं आनलाइन अपलोड करनी पड़ रही हैं। पोर्टल पर हर माह रिपोर्ट अपलोड होने के बाद ही शिक्षकों को वेतन का भुगतान किया जा रहा है। शासन मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होने वाली डिटेल पर नजर बनाए हुए हैं। इसके जरिए बैंकिग दस्तावेजों में फेरबदल करने वाले व समान नाम, जन्मतिथि वाले शिक्षकों का डाटा बीएसए को भेजकर जांच कराई जा रही है। जिले में नियुक्ति के बाद पैन कार्ड बदलने वाले आठ शिक्षकों का डाटा बीएसए को भेजकर सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है।

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'शासन ने शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए जल्द टीम गठित की जाएगी। शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का रिकार्ड खंगाले जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

Wednesday, June 10, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार, सीएम को लिखा पत्र

69000 शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार, सीएम को लिखा पत्र।


भर्ती में शामिल करने के लिए शिक्षामित्रों ने लगाई गुहार

लखनऊ : प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में विशिष्ट बीटीसी, बीएड धारक टीईटी समेत लिखित परीक्षा में शामिल शिक्षामित्रों को भी शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इसे लेकर संगठन ने एक पत्र भी मुख्यमंत्री को लिखा है।




संगठन का कहना है कि संगठन ने दो वर्षीय दूरस्थ बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त टीईटी एवं लिखित परीक्षा उर्तीण शिक्षामित्र जो कि गलती से 69000 शिक्षक भर्ती में आवेदन करते समय शिक्षामित्र वाला कालम भरना भूल गये हैं। उन शिक्षामित्रों को आवेदन में संशोधन का मौका दिया जाए। जिससे उनका भला हो सके।


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Thursday, June 4, 2020

संशोधन की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों पर लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का मुकदमा

संशोधन की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षामित्रों पर लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का मुकदमा


प्रयागराज 
सिविल लाइंस पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के आरोप में शिक्षामित्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 


चौकी इंचार्ज विमलेश त्रिपाठी ने एफआईआर दर्ज कराई है कि मंगलवार को वह शिक्षा निदेशालय स्कूल के सामने से सरोजनी नायडू मार्ग कार्यालय में मौजूद थे। उसी समय सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में मेरिट में चयन होने वाले शिक्षामित्रों को अन्य व्यक्तियों द्वारा करीब 20 की संख्या में कॉपियों में संशोधन की मांग कर रहे थे। 


इन लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया था। जब इन से नाम पूछा गया तो हट गए। पुलिस ने बताया कि फोटो और वीडियो से पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, June 3, 2020

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल, 5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल,  5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक


प्रयागराज | 03 Jun 2020
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए सोमवार को जारी जिला आवंटन लिस्ट में कुछ शिक्षामित्र ऐसे भी पास हुए हैं, जो अब रिटायरमेंट के करीब हैं। नाती-पोते खिलाने की उम्र में पहले टीईटी और फिर इतनी कठिन शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर इन ‘चिरयुवाओं' ने साबित कर दिया है कि आसमान में सुराख करना नामुमकिन नहीं है। जिला आवंटन की सूची में शामिल 67,867 अभ्यर्थियों में से चार शिक्षामित्र ऐसे हैं जिन्होंने 57 साल की उम्र में सफलता पाई है। ये अलग बात है कि सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होने के कारण इन्हें पांच साल ही शिक्षण का मौका मिलेगा।


वैसे तो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए अधिकतम आयुसीमा 40 वर्ष है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को इससे छूट मिली है। सबसे उम्रदराज शिव कुमार (जन्मतिथि 20 फरवरी 1963) को अयोध्या जिला आवंटित हुआ है। बाबू राम (जन्मतिथि 15 जून 1963) को पीलीभीत, सुधीश सिंह (जन्मतिथि 1 जुलाई 1963) को फर्रुखाबाद और सुरेश चन्द्र (जन्मतिथि 7 जुलाई 1963) को रायबरेली जिला आवंटित हुआ है।


3-3 शिक्षामित्र 56 व 55 साल में हुए सफल 
 शिक्षक भर्ती में तीन-तीन शिक्षामित्र 56 व 55 साल की उम्र में जबकि 11 शिक्षामित्रों ने 54 साल की अवस्था में सफलता हासिल की है। ईश कुमार फिरोजाबाद, राजेन्द्र प्रसाद यादव प्रयागराज और शिव कुमार अमेठी ने 56 साल जबकि मो. फारूक आलम सीतापुर, हरेन्द्र सिंह फिरोजाबाद और मो. सलाहुद्दीन प्रयागराज 55 वर्ष की उम्र में शिक्षक बनने का गौरव हासिल करेंगे।


23 साल में पाई नौकरी, 39 साल पढ़ाएंगे
 यह भर्ती चयनितों के अंतर के लिहाज से भी याद की जाएगी। जहां 57 साल में शिक्षामित्रों का चयन हुआ वह 23 साल के सैकड़ों नौजवान भी लिस्ट में हैं। सेवानिवृत्ति आयु 62 साल होने इन्हें 39 साल पढ़ाने का अवसर मिलेगा।


केबीसी में 25 लाख जीतने वाली उषा बनेंगी मिर्जापुर में शिक्षक
प्रयागराज के मेजा तहसील के रामनगर की रहने वाली व केबीसी में 25 लाख की विजेता उषा यादव भी प्राथमिक शिक्षक बनने की कतार में शामिल हैं। शिक्षक भर्ती में उन्हें मिर्जापुर जिला अलॉट हुआ है।

Sunday, April 12, 2020

कोरोना आपदा के समय काम करने वाले शिक्षामित्रों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह मिल सकेगी राहत

कोरोना आपदा के समय काम करने वाले शिक्षामित्रों को भी सरकारी कर्मचारियों की तरह मिल सकेगी राहत।






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