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Friday, September 11, 2020

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश

69000 शिक्षक भर्ती: शिक्षामित्र के आवेदन फार्म में त्रुटि सुधार कराने का आदेश


69000 शिक्षक भर्ती: आवेदन की छोटी गलती सुधारने की अनुमति देने का निर्देश
 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती 2019 में शामिल शिक्षामित्र को उनके आवेदन फार्म में की गई मामूली त्रुटि सुधारने का अवसर देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची अपना प्रत्यावंदन संबंधित प्राधिकारी को दें। कामेंद्र सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया। याची के अधिवक्ता अग्निहांत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याची आवेदन फार्म में अपने शिक्षामित्र के अनुभव वाला कालम भरना भूल गया है। 


इस संबंध में उसने ब्रेसिक शिक्षा विभाग का प्रत्यावेदन देकर त्रुटि सुधार का अनुरोध किया था। लेकिन, उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि साप्रीम कार्ट ने मामूली त्रुटियों को सुधारन का मौका देने का आदेश दिया है, इसलिए याची को भी सुधार का मौका दिया जाय। कोर्ट ने याची को दो सप्ताह के भीतर अपना प्रत्यावेदन बेसिक शिक्षा विभाग को देने का निर्देश दिया है.


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन फार्म में सर्टिफिकेट व अंकपत्र नंबर की गलती को छोटी गलती मानते हुए सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी व सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को गलती सुधारने की अनुमति देने का आदेश दिया है। 


यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने धर्मेन्द्र कुमार व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र चंद्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है।  याचिका में ऐसे ही कुछ मामलों में न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए गलती सुधारने की अनुमति देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि ऐसी अनुमति देने से चयन प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता है।

Saturday, September 5, 2020

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट, जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट,  जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

 

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौरान शिक्षामित्रों का नया रूप सामने आया है। वह केवल छात्र-छात्रओं की पढ़ाई ही नहीं करा रहे, बल्कि लोग स्वस्थ रहें इसका भी जतन कर रहे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को तीन माह का मानदेय नहीं मिल सका है। इससे जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्हें जून माह का मानदेय भुगतान होगा भी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्र तैनात हैं। अधिकांश जिलों में डीएम के आदेश पर शिक्षामित्रों को जून माह में सरकारी राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। पिछले वर्ष तक सरकार शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट के आदेश पर सरकार अगस्त 2018 से शिक्षामित्रों को संविदाकर्मी के रूप में 11 माह तक दस हजार रुपये प्रति माह देती रही है, जबकि पहले समायोजित शिक्षामित्रों को करीब 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था।


इधर, शिक्षामित्रों को नए तरीके से मानदेय भुगतान होना है। इससे उन्हें जून, जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं मिल सका है, हालांकि सरकार ने जुलाई माह का भुगतान करने के लिए धन जारी कर दिया है लेकिन, तकनीक तैयार न होने से उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, जून माह के भुगतान पर असमंजस बना है। प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 20 वर्षो से एक शिक्षक के समान शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों व उनके परिजनों की जिंदगी बदहाल है। वजह केवल तीन माह से मानदेय न मिलना ही नहीं है। बल्कि शिक्षामित्रों को समय पर मानदेय न मिलना आम बात है।


वादे के बाद भी भुगतान नहीं

शिक्षामित्र संघ उप्र के संयोजक शिवपूजन सिंह ने जून माह के मानदेय की मांग प्रदेश सरकार से किया था। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, किंतु शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं मिला है।

Friday, August 28, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों का विवरण ऑनलाइन गूगल सीट पर अपलोड कराने के सम्बन्ध में।





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Saturday, August 22, 2020

शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक देखेंगे कामकाज

अब जिला समन्वयक देखेंगे संविदा कर्मियों का कामकाज।

बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है।

प्रयागराज :  मंडल के प्रतापगढ़ जनपद में अब शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व अन्य संविदा कर्मियों का कामकाज अब बेसिक शिक्षा विभाग के लिपिक नहीं बल्कि जिला समन्वयक देखेंगे। यह निर्देश महानिदेशक शिक्षा ने जारी किया है। इस बदलाव काम काज में सुधार का व्‍यापक बदलाव देखने को मिलेगा।


▪️👉🏻  क्लिक करके देखें राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी आदेश 👈🏻▪️






उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा था पत्र

इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने महानिदेशक को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में कहा था की बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों का कामकाज देखने वाले लिपिक द्वारा शासनादेश का उल्लंघन कर उन्हें सेवाओं से बाहर किया जा रहा है। वह उनके साथ भेदभाव करते हैं। ऐसे में उनको जिम्मेदारी से हटाया जाना चाहिए। इस पर विचार करने के बाद नई व्यवस्था में अब सेवा विस्तार सहित तमाम कार्यो को जिला समन्वयक में करेंगे। इस बारे में महानिदेशक ने बहुत साफ-साफ चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए। अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं।

बदलाव का व्‍यापक असर कामकाज पर दिखेगा

शिक्षा महानिदेशक द्वारा किए गए बदलाव का व्यापक असर कामकाज पर देखने को मिलेगा। काम में पारदर्शिता भी आएगी। अनुदेशक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तेजस्वी शुक्ला ने स्वागत किया है। प्रतापगढ़ के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक के निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा। उसी के अनुरूप ड्यूटी तय की जाएगी। स्टाफ की बैठक करके इस बारे में पूरा प्लान तैयार करेंगे। इस बारे में आला अफसरों से बात भी की जाएगी।

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फतेहपुर : शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का काम नहीं करेंगे लिपिक, जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया कामकाज का जिम्मा।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में तैनाती पाए अनुदेशकों और शिक्षामित्रों तथा अनुबंध पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की सेवाओं का कामकाज लिपिक नहीं करेंगे। इन कर्मियों के कामकाज का जिम्मा अब जिला समन्वयक (डीसी) को दिया गया है। सेवा विस्तार सहित तमाम नामों का संपादन डीसी करेंगे साथ ही महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि कामों में आई खामियां भविष्य में नहीं दिखनी चाहिए।





अनुदेशकों और संविदा पर काम करने वाले कर्मियों का हर साल रिन्यूअल होता है, इसके साथ ही शिक्षामित्रों से जुड़े तमाम कामों को बेसिक शिक्षा में लिपिक निपटाते आए हैं। सालों साल की व्यवस्था में विराम लगा दिया गया है। अब यह सारा काम जिला समन्वयक से बेसिक शिक्षा अधिकारी कराएंगे। विभाग में लिपिकों की भारी कमी है। कई कई पटल लिपिक संभाल रहे हैं। जिससे निर्धारित अवधि में काम न होने से परेशानी होती है। शिक्षा महानिदेशक द्वारा बदलाव किया गया है। जिसका अनुपालन कराया जाएगा । जिससे कि शासन की मंशा साकार हो सके और समयबद्ध तरीके से काम का संपादन हो सके। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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Wednesday, August 5, 2020

शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान


शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान

शिक्षामित्रों को अब पीएफएमएस से होगा मानदेय भुगतान 
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बाद जिले में तैयारियां शुरू 


मैनपुरी जिले में कार्यरत शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान के लिए अब नई प्रणाली शुरू की जाएगी । शासन ने शिक्षामित्रों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। 


परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद जिले में पीएफएमएस को प्रभावी बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है । नई प्रणाली के कारण जिले के सभी 1950 शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए इंतजार करना होगा। 


जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मानदेय का भुगतान किया जाता था लेकिन जुलाई से उनके मानदेय के भुगतान के लिए शासन ने पीएफएमएस व्यवस्था की है। 

Monday, August 3, 2020

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी पुलिस
 

आगरा : बाह क्षेत्र में चित्राहाट के नगला सुरई गांव में रविवार की सुबह शिक्षामित्र सत्यवान सिंह (42) का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरे का दरवाजा खुला था। साथियों का मानना है कि शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने हत्या का अंदेशा भी जताया है। शिक्षामित्र संघ से जुड़े लोगों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। 


चित्राहाट के नगला सुरई गांव निवासी सत्यवान पुत्र साहब सिंह पारना गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे। साथी शिक्षामित्रों और परिजनों ने बताया कि सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद से सत्यवान गुमशुम रहने लगे थे।
शनिवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार की सुबह फंदे पर शव लटका मिला। कमरे का दरवाजा खुला देख घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची चित्राहाट पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।   


एसओ चित्राहाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षामित्र संगठन के अजय भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया, अनिल शर्मा, पंकज बौहरे , पीतम गुर्जर, नेवर सिंह आदि ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।


पत्नी भी है शिक्षामित्र, मायके गई थी 
मृतक शिक्षामित्र सत्यवान की पत्नी ऊषा देवी भी नगला सुरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र है। उनके दो बच्चे अभिनव (12), गीतांजलि (7) वर्ष हैं। दो दिन पहले ही सत्यवान ऊषा देवी को रक्षाबंधन पर मायके इटावा गई थी। सत्यवान खुद छोड़ने गए थे। मौत की खबर लगते ही वह रोते-बिलखते घर लौटी।