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Tuesday, February 11, 2020

संतकबीरनगर : निष्ठा प्रशिक्षण के लिए मिले 90 लाख, एक धेला भी नहीं किया खर्च

संतकबीरनगर : निष्ठा प्रशिक्षण : सरकार ने दिए 90 लाख, बगैर एक धेला भी खर्च किए निपटा रहे प्रशिक्षण, प्रोजेक्टर, जेनरेटर, सीसीटीवी कैमरा व अन्य सामानों की करनी थी खरीदारी।




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Sunday, September 29, 2019

संतकबीर नगर : भारी वर्षा के दृष्टिगत कक्षा 12 तक के समस्त विद्यालयों में दिनाँक 30 सितम्बर 2019 को शिक्षण कार्य स्थगित रखने का आदेश जारी, देखें

संतकबीर नगर : भारी वर्षा के दृष्टिगत कक्षा 12 तक के समस्त विद्यालयों में दिनाँक 30 सितम्बर 2019 को शिक्षण कार्य स्थगित रखने का आदेश जारी, देखें

Friday, September 27, 2019

संतकबीर नगर : भारी वर्षा के दृष्टिगत दिनाँक 28 सितम्बर 2019 को कक्षा 8 तक के समस्त विद्यालयों में अवकाश घोषित, आदेश देखें

संतकबीर नगर : भारी वर्षा के दृष्टिगत दिनाँक 28 सितम्बर 2019 को कक्षा 8 तक के समस्त विद्यालयों में अवकाश घोषित, आदेश देखें

Saturday, April 27, 2019

संतकबीरनगर : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 11:30 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

संतकबीरनगर : अत्यधिक गर्मी के दृष्टिगत कक्षा 8 तक के विद्यालयों के संचालन का समय 7 से 11:30 बजे तक किए जाने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

Tuesday, April 16, 2019

संतकबीरनगर : मॉडल स्कूल संचालित करना बना चुनौती, शिक्षकों की संख्या कम होने से समस्या


संतकबीरनगर :  मॉडल स्कूल संचालित करना बनी चुनौती, शिक्षकों की संख्या कम होने से समस्या




Friday, July 20, 2018

संतकबीरनगर : शिक्षामित्रों की सूचना निर्धारित प्रारूप दिनांक 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी, प्रारूप सह निर्देश देखें

शिक्षामित्रों की सूचना निर्धारित प्रारूप दिनांक 25 जुलाई तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी, प्रारूप सह निर्देश देखें


Sunday, July 15, 2018

बस्ती, सिद्धार्थनगर,संतकबीरनगर : अनिवार्य सेवानिवृत्ती को स्क्रीनिंग कमेटी गठित, 20 जुलाई तक किया जाना है चिन्हित, बीईओ की स्क्रिनिंग राज्य स्तर पर


अनिवार्य सेवानिवृत्ती को स्क्रीनिंग कमेटी गठित, 20 जुलाई तक किया जाना है चिन्हित, बीईओ की स्क्रिनिंग राज्य स्तर पर 

Monday, July 2, 2018

संतकबीर नगर : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों पर तैनाती शीघ्र, 3 वॉर्डन और 1 लेखाकार संग 13 की होगी तैनाती

संतकबीर नगर : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्त पदों पर तैनाती शीघ्र, 3 वॉर्डन और 1 लेखाकार संग 13 की होगी तैनाती।

Monday, June 4, 2018

संतकबीरनगर : डीएम के आदेश पर भी बीएसए माया सिंह के रिलीव नहीं होने पर सील कर दिया गया ऑफिस

संतकबीरनगर : डीएम के आदेश पर भी बीएसए माया सिंह के रिलीव नहीं होने पर सील कर दिया गया ऑफिस।


Sunday, May 13, 2018

संतकबीरनगर : बिना बीईओ के कार्य सत्यापन कर शिक्षकों का वेतन जारी करने का मामला, लेखाधिकारी और बीएसए में ठनी

बिना बीईओ के कार्य सत्यापन कर शिक्षकों का वेतन जारी करने का मामला, लेखाधिकारी और बीएसए में ठनी


Friday, March 30, 2018

संतकबीर नगर : समस्त शिक्षकों के नॉमिनी फॉर्म भरवाकर सेवा पुस्तिका में अंकन किये जाने हेतु एबीआरसी/एनपीआरसी को निर्देशित करने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

संतकबीर नगर : समस्त शिक्षकों के नॉमिनी फॉर्म भरवाकर सेवा पुस्तिका में अंकन किये जाने हेतु एबीआरसी/एनपीआरसी को निर्देशित करने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

Saturday, March 24, 2018

संतकबीरनगर में बच्चों के जूते-मोजे में भी कमीशनखोरी, पांच घंटे की जांच में पांच करोड़ का खेल उजागर

संतकबीर नगर: डीएम मार्कण्डेय शाही की जांच में बीएसए कार्यालय की एक नहीं अपितु कई खामियां उजागर हुई हैं। कमीशनखोरी के चक्कर में कस्तूरबा विद्यालयों के बच्चों के दूध-फल का भी भुगतान जानबूझ कर कई माह से लटकाए रखने की बात सामने आई। इसके अलावा कर्मियों के मानदेय भुगतान में भी हीलाहवाली करने की बात प्रकाश में आई। जांच से यह तथ्य उजागर हुआ है कि हर मद के भुगतान के लिए कमीशन लिया जाता रहा। पांच घंटे की जांच में लगभग पांच करोड़ का भुगतान लटका हुआ मिला। कमीशन के लिए भुगतान रोकने का खेल चल रहा था।मान्यता दिलाने की फाइलों की समय से जांच कर निपटाना चाहिए था लेकिन जांच में मान्यता से संबंधित काफी अधिक संख्या में फाइलें लंबित मिली हैं। इसके अलावा दो रिसोर्स टीचर व 15 आइटी टीचर का फरवरी का मानदेय लंबित मिला। 16 आइटी के मार्च-2017 से अगस्त-2017 तक मानदेय भुगतान लंबित पाया गया। एक फिजियोथेरेपिस्ट टीचर के फरवरी का मानदेय भुगतान व एरियर मार्च 2017 से अगस्त 2017 तक का भुगतान लंबित मिला। इसके अलावा दो साल का टीए बिल का भुगतान भी लंबित पाया गया। कस्तूरबा विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के खाद्यान्न, दूध, फल, सब्जी आदि का भुगतान जो प्रत्येक माह किया जाना चाहिए, इसे भी कमीशन के चक्कर में कई माह से लटका कर रखा गया। डीएम की जांच में यह बात भी सामने आई कि प्रसूता अवकाश, बाल्यकाल देखभाल अवकाश, सीसीएल के प्रकरण भी काफी अधिक संख्या में लंबित पाए गए। इसके इतर प्रधानाध्यापकों, सहायक अध्यापकों के वेतन भुगतान भी काफी समय से लंबित मिले हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हैंसर बाजार व नाथनगर के कर्मियों का जनवरी व फरवरी-2018 का मानदेय अभी तक नहीं दिया जाना पाया गया। जबकि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा 17 मार्च 2018 को ही बीएसए के समक्ष बिल हस्ताक्षर के लिए पेश किया गया था। इसके इतर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बघौली व सांथा के कर्मचारियों का जनवरी व फरवरी-2018 के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मेहदावल के जनवरी व फरवरी के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाना पाया गया, जबकि सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी ने सात मार्च 2018 को ही बिल बीएसए के सामने पेश कर दिया था। कमीशन के चक्कर में बीएसए द्वारा यह सब भुगतान जानबूझ कर लटका कर रखा जाना पाया गया। डीएम ने इन ¨बदुओं पर करीब पांच घंटे से अधिक समय तक बीएसए कार्यालय में बीएसए से पूछताछ की लेकिन बीएसए माया सिंह इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। संतकबीरनगर डीएम मार्कण्डेय शाही ने कहा कि प्राचार्य डायट व जिला विद्यालय निरीक्षक को इन सभी ¨बदुओं की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित किया गया है। बीएसए से सभी अभिलेख प्राप्त कर ये इसकी जांच करेंगे। एक सप्ताह के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाईे की जाएगी।
गड़बड़झाला

जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर : कई बार दी गई चेतावनी के बाद कोई असर न होने पर आखिरकार शुक्रवार जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचे। यहां जब उन्होंने अभिलेखों की जांच शुरू की तो धन उगाही की परत दर परत खुलने लगी। जूता-मोजा, मान्यता दिलाने, प्रसूता अवकाश की स्वीकृति, फर्नीचर डेस्क-बेंच सहित कोई ऐसा मद नहीं, जिसमें धन उगाही न की जा रही हो। सबसे अधिक अनियमितता मान्यता दिलाने में पाई गई। यही नहीं बीएसए माया सिंह के आवास से भी मान्यता की फाइलें भी मिलीं। फिलहाल डीएम ने कड़े तेवर अपनाते हुए दो सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है, जिसमें डायट प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल और जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा शामिल हैं।

गुरुवार शाम शुरू हुई जांच शुक्रवार दोपहर तक चली। डीएम बीएसए कार्यालय में शुक्रवार को सुबह करीब दस बजे पहुंचे, यहां पर करीब दोपहर के एक बजे तक अभिलेखों की जांच की। दोबारा दोपहर के दो बजे पहुंचे। जिलाधिकारी ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को दिए जाने वाले मुफ्त जूता-मोजा का 2,32,17,805 रुपये, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर-डेस्क-बेंच का 54,53,500 रुपये, कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए मुफ्त पाठ्य-पुस्तकों का 30,74,722 रुपये, कक्षा छह से आठ तक के बच्चों के लिए मुफ्त पाठ्य-पुस्तक का 32,23,798 रुपये, गैर वेतन अनुरक्षण मद का 7,00,400 रुपया, निरीक्षण मानक मद का 22,500 रुपये यानी कुल 3,56,92,725 रुपये का भुगतान कमीशन के चक्कर में कई माह से लटका कर रखे जाने की बात सामने आई। इसके अलावा लगभग दो करोड़ का अन्य मद का भुगतान भी लंबित है।

जागरण ने प्रकाशित की थी खबर, 20 मार्च को जारी किया था पत्र: डीएम मार्कण्डेय शाही ने 20 मार्च 2018 को बीएसए माया सिंह को पत्र जारी करते हुए लिखा है कि निजी विद्यालयों को मान्यता दिलाने के नाम पर 80 हजार से 85 हजार रुपये वसूला जा रहा है। इसमें उमाशंकर पाण्डेय, बजरंगी, भूपेंद्र सिंह, जलालुद्दीन आदि लोगों की संलिप्तता है। इसके अलावा प्रसूता अवकाश के लिए 10 हजार से 12 हजार रुपये प्रति शिक्षिका की दर से वसूला जाता है। जो पैसा देती हैं, उन्हीं का प्रसूता अवकाश स्वीकृत होता है, वहीं जो यह रकम नहीं दे पाती, उन्हें यह अवकाश लाभ नहीं मिल पाता है। इसके इतर कैजुअल लीव( सीएल) सहित अन्य अतिरिक्त अवकाश के लिए भी धनउगाही की जाती है।बीएसए कार्यालय में अभिलेखों की जांच के दौरान पूछताछ करते जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाहीजागरण में प्रकाशित खबर ’ जागरणंसीडीओ के नेतृत्व में गठित की गई थी कमेटी

जिलाधिकारी ने 20 मार्च को सीडीओ हाकिम सिंह को बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित मिल रही शिकायतों की जांच सौंपी थी। सीडीओ बीसीए कार्यालय से जूता-मोजा संबंधित फाइल भी मंगवाई थी। सीडीओ का कहना है कि गुरुवार को बीएसए माया सिंह ने फाइल अपने पास मंगवा लीं, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं मिली। भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं जनपद में किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि योजनाओं का लाभ लोगों को मिल सके। मार्कण्डेय शाही, जिलाधिकारीबीएसए आफिस, किस्से भी, कहानियां भी

Friday, March 23, 2018

संत कबीर नगर : कस्तूरबा में विभिन्न पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, आवेदन पत्र का प्रारूप भी देखें

संत कबीर नगर : कस्तूरबा में विभिन्न पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, आवेदन पत्र का प्रारूप भी देखें

Monday, March 19, 2018

संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर समेत कई अन्य जनपदों का मामला : 12460 शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़े के कारनामों की चर्चा

संतकबीरनगर, महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर समेत कई अन्य जनपदों का मामला : 12460 शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़े के कारनामों की चर्चा


Monday, February 26, 2018

संतकबीरनगर : आठ मार्च से परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा विभाग, बोर्ड की तर्ज पर होगी परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा 

परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई। आठ से मार्च से 17 मार्च तक के बीच परीक्षा की तिथि संभावित है। परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र का निर्माण आदि का कार्य शुरू हो गया है। 1075 प्राथमिक, 443 उच्च प्राथमिक, 34 सहायता प्राप्त व 15 मकतब मदरसा में करीब डेढ़ लाख बच्चे परीक्षा में शामिल होगी। इसमें परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की संख्या एक लाख 29 हजार 228 है।

बेसिक शिक्षा की परीक्षा इस बाद पूरी तरह माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड की तर्ज पर कराने की तैयारी है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। बोर्ड के चार सचल दस्ता विद्यालयों में सघन निरीक्षण करेंगे। ब्लाक में खंड शिक्षाधिकारी जिम्मेदारी निभाएंगे। डायट से खंड शिक्षाधिकारी को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। यहां से एनपीआरसी पर पहुंचेंगे। न्याय पंचायत समन्वयक प्रश्न पत्र लेकर विद्यालयों में पहुंचेगे।’ कक्षा एक की मौखिक व दो से आठ तक होगी मौखिक व लिखित परीक्षा आठ मार्च से परीक्षा कराने की तैयारी में जुटा विभाग  प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में 1,29,228 बच्चे

ड्यूटी को लेकर असमंजस  परीक्षा में दूसरे विद्यालय में ड्यूटी को लेकर शिक्षकों के बेचैनी बढ़ गई है। दूर-दराज के विद्यालय पर समय से पहुंचने की चिंता सालने लगी है। प्रधानाध्यापक के साथ विद्यालय की ड्यूटी में नाम शामिल कराने की अभी से सिपारिश भी हो रही है। सर्वाधिक दिक्कत महिला शिक्षकों में है। सप्ताह भर की परीक्षाओं में गुरुजी की भी परीक्षा होने वाली है।होली अवकाश के बाद मिलेगा प्रश्नपत्र 1परीक्षा संभावित तिथि के तहत जनपद स्तर पर कक्षा एक से पांच व छह से आठ तक के प्रश्न पत्रों का निर्माण कार्य मार्च के प्रथम सप्ताह में पूरा होना है। तीन दिन अवकाश के बाद जनपद स्तर पर प्रश्न पत्रों का मुद्रण व शील्ड पैंक कराने का बीईओ को उपलब्ध होगा। इसके बाद विद्यालय पर भेजे जाएंगे। जहां भी लापरवाही मिलेगी कार्रवाई तय है।

शुचिता पूर्ण होगी परीक्षा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. माया सिंह का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों की कक्षा एक से आठ तक की परीक्षा शुचितापूर्ण नकल विहीन संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की तैनाती रोस्टर के हिसाब से होगी। आसपास के विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया जाएगा। उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी पारदर्शिता व निष्पक्षता से कराई जाएगी। कक्षा एक की मौखिक परीक्षा हंिदूी,गणित, अंग्रेजी तीन कार्य दिवस में समाप्त होगी। कक्षा दो व तीन की लिखित व मौखिक परीक्षा भी तीन दिन 18,20 व 21 को दो पाली में होगी। तीन से पांच के बच्चों की सभी विषय की परीक्षा लिखित होगी।चरणवार पूरे होंगे कार्य वार्षिक परीक्षा जनपद स्तर पर प्रश्न पत्रों का मुद्रण व सील्ड पैंक कराने का बीईओ को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद बीईओ द्वारा कोड के आधार पर पैकेट संकुल प्रभारियों को उपलब्ध कराएं जाने का कार्य होगा। फिर विद्यालय स्तर पर समय सारणी के अनुसार दो पाली में परीक्षा होगी। चार दिनों में शिक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य किया जाएगा। 30 मार्च 2018 को परीक्षाफल की घोषणा, अभिभावक सम्मेलन व बच्चों में प्रगति पत्र वितरण व सम्मानित करने का कार्य किया जाएगा।

संतकबीरनगर : पदोन्नति के लिए शिक्षकों को करना होगा इंतजार, प्रधानाध्यापक व जूनियर में सहायक बनने के लिए शिक्षक उत्साहित, अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया के बाद होगी पदोन्नति

बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में तीन वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति के लिए अभी इंतजार रहेगा। अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया में एक बार फिर उलझ गई। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद प्राथमिक में रिक्त प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक में रिक्त सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति होगी।

जनपद के रिक्त प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर नियमानुसार पदोन्नति के लिए करीब 99 शिक्षकों की सूची तैयार हुई। ब्लाक वार पदोन्नति के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित वरिष्ठता सूची ब्लाक पर नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई। सूची में किसी भी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति हो तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से एक सप्ताह भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

इसी बीच अंतरजनपदीय स्थानांतरण का आदेश आ गया। सत्यापन कार्य के बाद सूची परिषद को भेजी गई। इस संबंध में बीएसए डा. माया सिंह का कहना है कि प्रक्रिया पूरी करके नियमानुसार संबंधित शिक्षकों की पदोन्नति की जाएगी।

प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की संख्या कम: 1075 प्राथमिक विद्यालयों में महज 653 प्रधानाध्यापक व 1135 शिक्षक है। उच्च प्राथमिक के 443 विद्यालयों में महज 32 में प्रधानाध्यापक सहित कुल 1033 शिक्षक है। संख्या के अनुसार जहां उच्च प्राथमिक में शिक्षकों की संख्या कम है वहीं दोनों स्थानों पर प्रधानाध्यापक नहीं है। संभावना है कि बार फिर पदोन्नति में प्रधानाध्यापक बनने के कम व जूनियर में सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षकों की संख्या अधिक रहेगी।’

Saturday, February 3, 2018

संतकबीरनगर : बीईओ पर शिक्षिका को बचाने का आरोप, डीएम ने तलब की पत्रावली

बीईओ पर शिक्षिका को बचाने का आरोप, डीएम ने तलब की पत्रावली


Thursday, February 1, 2018

संतकबीर नगर : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के अनुपालन में तीन वर्ष सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं की पदोन्नति हेतु निर्मित वरिष्ठता सूची पर आपत्ति प्राप्त करने हेतु आदेश जारी

संतकबीर नगर : सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के अनुपालन में तीन वर्ष सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं की पदोन्नति हेतु निर्मित वरिष्ठता सूची पर आपत्ति प्राप्त करने हेतु आदेश जारी

Friday, January 26, 2018

संतकबीरनगर : सीडीओ ने किया निरीक्षण, तीन एबीआरसी को कार्यालय से मुक्त करने का दिया निर्देश


सीडीओ ने किया निरीक्षण, तीन एबीआरसी को कार्यालय से मुक्त करने का दिया निर्देश

Thursday, January 18, 2018

संतकबीरनगर : पाठ को खंडों में बांटकर पढ़ाने के लिए बनाती हैं कठपुतली का संवाद, बच्चों को भा रहा कठपुतली का पाठ

बेहतर प्रयासदादा-दादी की कहानियों और व्यवहारिक जीवन के प्रसंग को शामिल करती हैं शिक्षिका आरतीसांस्कृतिक क्रियाकलापों में रही है रुचि

कठपुतलियां हमेशा से संदेश देने वाली रहीं हैं। मनोरंजन कराने के साथ सीख देने वाली रही हैं। यह अलग बात है कि नई तकनीक के दौर में इनकी पहचान कम हो गई है, बावजूद इसके जिले की एक महिला शिक्षक आरती श्रीवास्तव ने इन कठपुतलियों को बच्चों को सुचारू व बेहतर ढंग से शिक्षा देने का सशक्त माध्यम साबित किया है। विशेष तौर पर तैयार कराया गया कठपुतली का पाठ बच्चों को खूब भा भी रहा है।

आरती श्रीवास्तव कठपुतली के माध्यम से गणित और विज्ञान समेत हर विषय में शिक्षण का कार्य करती हैं। पाठ को खंडों में बांटकर पढ़ाने के लिए कठपुतली का संवाद बनाती हैं और रोचक बनाने के लिए दादा-दादी की कहानियों के साथ व्यावहारिक जीवन के प्रसंग को शामिल करती हैं। उनकी तैनाती तो खलीलाबाद ब्लाक के ग्राम मिश्रवलिया स्थित प्राथमिक विद्यालय में बतौर प्रधानाध्यापक के रूप में है लेकिन वह समय मिलने पर दूसरे विद्यालयों के बच्चों को भी पढ़ाने पहुंचती हैं। वह प्रतिदिन बच्चों को एक घंटे कठपुतली के माध्यम से शिक्षा देती हैं। विभाग के अधिकारी मानते हैं कि आरती के प्रयास से बच्चों में सीखने की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। यही कारण है कि बच्चों के बीच उनकी पहचान कठपुतली वाली मैम की बन गई हैं।इस संबंध में प्रताप सिंह बघेल, प्राचार्य-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, संतकबीर नगर ने बताया कि आरती का यह प्रयास सराहनीय है। कठपुतली से बच्चे जल्दी बात समझ रहे हैं। नि:संदेह इससे गणित, विज्ञान की जटिल भाषा को समझने में सुविधा हो रही है।’

बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति में तेजी से हो रहा सुधारधनघटा तहसील के ग्राम गोपियापुर की रहने वाली आरती श्रीवास्तव संगीत में प्रभाकर हैं। आरंभिक समय से ही आरती की रुचि शैक्षिक और सांस्कृतिक क्रिया कलापों में रही है। 2009 में विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से उनका चयन सहायक अध्यापक के पद पर हुआ। 2011 में मिश्रवलिया में प्रधानाध्यापक बनकर आने के बाद उन्होंने अपने स्तर से विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था में नवाचार का प्रयोग करने का निर्णय लिया।

जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान का इसमें सहयोग मिला। उन्हें राज्य शैक्षिक और अनुसंधान परिषद में कला, कठपुतली और क्राफ्ट की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। वहां से उन्होंने कठपुतली संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया। आरती कहती हैं कि इससे उन्हें सुकून मिलता है और चाहती हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग उनके सहयोग से कोई ऐसी कार्ययोजना तय करें जिससे पूरे जिले के विद्यालयों के बच्चों को इस माध्यम से शिक्षा मिल सके।

दादा लाए आम, बताओ कितने हुए दाम : कठपुतली के माध्यम से पढ़ाने के लिए आरती द्वारा संवाद अपने स्तर से बनाए जाते हैं। जोड़ घटाना आदि पढ़ाने के लिए उनका संवाद ‘दादा जी लाए आम, बच्चों बताओ कितना हुआ दाम। ‘बारह मिले अनार, आपकी संख्या चार, बताओ कितने मिले अनार’ जैसे व्यावहारिक जीवन से जुड़े संवादों से वह विषय वस्तु को आत्मसात कराती हैं।
कठपुतली के माध्यम से बच्चों को पढाती आरती