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Saturday, August 17, 2019

पॉलीटेक्निक : उत्तर पुस्तिकाएं जांचते समय निकले 7 लाख, प्राविधिक परिषद ने परिणाम रोकते हुए छात्रों को बर्खास्त करने का लिया निर्णय



पॉलीटेक्निक : उत्तर पुस्तिकाएं जांचते समय निकले 7 लाख, प्राविधिक परिषद ने परिणाम रोकते हुए छात्रों को बर्खास्त करने का लिया निर्णय। 



Monday, April 29, 2019

सीबीएसई में अब 20 अंक का स्कूल स्तर पर होगा आंतरिक मूल्यांकन, लंबे उत्तर लिखने से मिलेगी राहत

सीबीएसई में अब 20 अंक का स्कूल स्तर पर होगा आंतरिक मूल्यांकन, लंबे उत्तर लिखने से मिलेगी राहत। 


Saturday, March 23, 2019

माध्यमिक शिक्षा : अब परीक्षकों को नाश्ते के लिए मिलेंगे 20 रुपये, पारिश्रमिक में भी बढ़ोत्तरी


माध्यमिक शिक्षा : अब परीक्षकों को नाश्ते के लिए मिलेंगे 20 रुपये, पारिश्रमिक में भी बढ़ोत्तरी। 

Friday, February 15, 2019

8 मार्च से शुरू होगा बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन, 15 दिन में पूरा होगा मूल्यांकन का कार्य


8 मार्च से शुरू होगा बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन, 15 दिन में पूरा होगा मूल्यांकन का कार्य। 


Tuesday, January 1, 2019

सीबीएसई बोर्ड : उत्तर पुस्तिका पर जांचने वाले का होगा नाम पता, मूल्यांकन में गड़बड़ियों के बाद उठाया कदम


सीबीएसई बोर्ड : उत्तर पुस्तिका पर जांचने वाले का होगा नाम पता, मूल्यांकन में गड़बड़ियों के बाद उठाया कदम। 


Monday, July 23, 2018

देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन हेतु बनाने होंगे दिशा निर्देश

देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन हेतु बनाने होंगे दिशा निर्देश।


Sunday, November 5, 2017

प्रश्न पूरा हल न करने पर भी मिलेंगे नंबर : सीबीएसई की उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में स्टेपवाइज मार्किंग, मार्च, 2018 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में होगा लागू

सीबीएसई अक्सर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ नए प्रयोग करता रहता है। इसी कड़ी में अब सीबीएसई ने पहली बार उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में स्टेपवाइज मार्किंग सिस्टम लागू किया है।

लगभग आठ साल बाद इस बार 2018 में 10वीं की परीक्षा बोर्ड आधारित होगी। इसके मूल्यांकन में स्टेप मार्किंग प्रणाली अपनाई जाएगी। स्टेप बाय स्टेप अंक दिए जाएंगे। इसको लेकर सीबीएसई ने स्टेप बाय स्टेप अंक भी जारी कर दिए हैं। इससे विद्यार्थियों को पता चल सकेगा कि हर सवाल में कितने स्टेप हैं और उनके कितने अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए बाकायदा सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर सभी विषयों के सैंपल पेपर्स जारी किए हैं।

पेपर को हल करके बताया गया है कि हर स्टेप के कितने अंक मिलेंगे। अभी तक यह जानकारी सिर्फ एग्जामिनर को होती थी। लेकिन इसे पहली बार छात्रों के साथ भी साझा किया जा रहा है। इस बार 10वीं की परीक्षा मार्च, 2018 में होगी। इस साल से होम एग्जाम का विकल्प खत्म हो चुका है और विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा ही देनी होगी। 10वीं की परीक्षा में 20 अंक का प्रैक्टिकल और 80 अंक की थ्योरी होगी।

परीक्षा पैटर्न में : सीबीएसई ने 12वीं के छात्रों के लिए मॉडल प्रश्नपत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। करीब आठ वर्ष बाद परीक्षा पैटर्न में किया गया है, पहले 2009 में किया गया था। अब शॉर्ट और लांग प्रश्न होंगे। पहले वैकल्पिक और संख्यात्मक सवाल पूछे जाते थे, अब सवालों के जवाब निर्धारित शब्दों में लिखने होंगे। बोर्ड के बदले पैटर्न की जानकारी वेबसाइट पर मौजूद है।

Thursday, June 22, 2017

आखिर पुनर्मूल्यांकन से क्यों पीछे हट रहा है CBSE बोर्ड? अदालत ने पूछा सवाल

आखिर पुनर्मूल्यांकन से क्यों पीछे हट रहा है CBSE बोर्ड? अदालत ने पूछा सवाल।


Saturday, March 25, 2017

फतेहपुर : वार्षिक परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम पत्रक, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन और विवरण पत्र जारी : नमूना और अंकों का गुणाभाग देखने के लिए क्लिक करें

फतेहपुर :  वार्षिक परीक्षाओं के  परीक्षा परिणाम पत्रक, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन और विवरण पत्र जारी : नमूना और अंकों का गुणाभाग देखने के लिए क्लिक करें।


Monday, March 6, 2017

मैनपुरी : बीआरसी एनपीआरसी पर होगा मूल्याङ्कन, परिषदीय स्कूलों को वार्षिक परीक्षा 18 मार्च से शरू


Thursday, February 2, 2017

6 वर्ष बाद छात्रों को आखिरकार मिली सीसीई (CCE) से मुक्ति, CBSE के छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को अगले शैक्षिक सत्र से मिलेगी राहत

6 वर्ष बाद छात्रों को आखिरकार मिली सीसीई (CCE) से मुक्ति, CBSE के छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को अगले शैक्षिक सत्र से मिलेगी राहत।


Tuesday, December 13, 2016

सर्व शिक्षा अभियान के तहत व्यवस्था में दिल खोलकर जारी की गई धनराशि, प्रदेश को मिले 22 करोड़ 23 लाख छह हजार, विद्यालयों का होगा मूल्यांकन, बच्चों की बनेगी प्रोफाइल

परिषदीय विद्यालयों का सतत एवं व्यापक मूल्यांकन होगा और हर बच्चे की प्रोफाइल भी बनेगी। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के क्रम में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के शैक्षिक मूल्यांकन के लिए शुरू की गई इस योजना में सर्व शिक्षा अभियान में पूरे प्रदेश को 22 करोड़ 23 लाख छह हजार रुपये जारी किए गए हैं। जिसमें हरदोई के हिस्से में 62 लाख तीन हजार 155 रुपये आए हैं।

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम में बच्चों को आवश्यकता के अनुसार मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था है। सर्व शिक्षा अभियान में समय-समय पर विद्यालयों से लेकर बच्चों का मूल्यांकन कराया जाता है। अभी हाल में ही बच्चों की वार्षिक परीक्षा के रिपोर्ट कार्ड बनवाए गए थे। उसी कड़ी में अब हर बच्चे की प्रोफाइल और विद्यालयों का शतत मूल्यांकन कराया जाएगा। जिसके लिए अलग-अलग प्रपत्रों पर इसे तैयार किया जाएगा।

सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक की तरफ से जारी पत्र के अनुसार प्रति बच्चा 10 रुपये प्रोफाइल और 2.5 रुपये शतत मूल्यांकन प्रपत्र के साथ ही गाइड लाइन प्रपत्र के लिए प्रति विद्यालय पांच रुपये की व्यवस्था की गई है। जिसे में देखा जाए तो प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत तीन लाख 80 हजार 319 बच्चों का प्रोफाइल तैयार कराने के लिए 38 लाख 3 हजार 119 रुपये तथा शतत मूल्यांकन प्रपत्र के लिए नौ लाख 50 हजार 797 रुपये जारी हो रहे हैं। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत एक लाख 16 हजार 509 बच्चों के लिए प्रति बच्चा 10 रुपये के हिसाब से 11 लाख 65 हजार 30 रुपये तथा मूल्यांकन प्रपत्र के लिए दो लाख 91 हजार 257 रुपयों का इंतजाम किया गया है। इसी तरह जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को मिलाकर 3976 बच्चों में प्रति विद्यालय पांच रुपये गाइड लाइन के हिसाब से 19 हजार 880 रुपये जारी हुए हैं। परियोजना निदेशक की तरफ से जारी पत्र के अनुसार प्रोफाइल और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रपत्र तैयार कर इसकी फी¨डग और फिर सीडी तैयार कराकर परियोजना भेजा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने बताया कि परियोजना से पत्र आया है। आदेशों का पूरी तरह से पालन कराया जाएगा और समय पर कार्य भी पूरा हो जाएगा।

Thursday, December 10, 2015

गाँवों में ट्रेनिंग देगा एससीआरटीई और सीबीएसई, सतत एवम् व्यापक मूल्यांकन प्रणाली कारगर साबित नहीं हो पा रही

इलाहाबाद : छात्रों में तनाव का स्तर घटाने के लिए लागू की गई सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली कारगर साबित नहीं हो रही है। इससे शिक्षा के स्तर में ही गिरावट आने लगी है। इसका एक कारण ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों का इस प्रणाली के बारे में अनभिज्ञ होना भी है। सरकार की नई शिक्षा नीति पर चल रहे मंथन के दौरान यह बात सामने आई है। इसे देखते हुए सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रीसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) को ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया है। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने मानव संसाधन मंत्रालय की पहल पर 2011-2012 सत्र से हाईस्कूल में सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली (सीसीई) लागू की थी। इसके तहत हाईस्कूल में  इस प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य छात्रों में तनाव का स्तर घटाना था। हालांकि पिछले तीन वर्षों के दौरान जो परिणाम सामने आए, उनसे यह पता चला है कि तनाव घटाने के चक्कर में छात्रों में सीखने की ललक कम हो रही है। सीसीई लागू होने के बाद छात्रों का पास प्रतिशत तो बढ़ा लेकिन उनमें सीखने की क्षमता और विषय पर पकड़ कमजोर हुई है। यह बात पिछले दिनों दिल्ली में हुई सभी राज्यों के शिक्षा बोर्डों के सचिवों की बैठक में सामने आयी है। जिससे सभी बोर्ड चिंतित हैं। सीसीई में यह व्यवस्था भी की गई है कि, एक छात्र पर छह शिक्षकों की नजर रहे। हालांकि यह भी संभव नहीं हो पा रहा है। 

वहीं ग्रामीण इलाकों में किए गए एक सर्वे की रिपोर्ट में कहा गया है कि, ऐसे क्षेत्रों में शिक्षकों को इस प्रणाली की जानकारी ही नहीं है। ऐसे में वह इसे लागू कैसे कर सकेंगे। इसे देखते हुए मानव संसाधन मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए सीबीएसई और एससीईआरटी को जिम्मेदारी देने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि, इससे स्थिति में कुछ सुधार आएगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव शैल यादव ने बताया कि, सीसीई को लेकर बैठक में बोर्डों के सचिवों ने अपना फीडबैक दिया है। इसमें परिणाम का प्रतिशत बढ़ने लेकिन गुणवत्ता में गिरावट आने की बात कही गई है। जिस पर मंत्रालय ने गौर करने और शिक्षकों को प्रशिक्षित कर प्रणाली में सुधार लाने की बात कही है।