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Friday, October 6, 2017

मॉडल स्कूल : दीनदयाल स्कूल के संचालन में शिक्षकों की कमी रोड़ा, अध्यापकों के चयन की प्रक्रिया अभी तक नहीं हुई शुरू

लखनऊ : प्रदेश के पिछड़े विकासखंडों में बनाये गए 166 मॉडल स्कूलों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से चलाने की योगी सरकार की मंशा की राह में शिक्षकों की कमी आड़े आएगी। सरकार ने अगले शैक्षिक सत्र से इन विद्यालयों को संचालित करने का एलान तो कर दिया है लेकिन, इनमें तैनात किये जाने वाले शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पायी है। ऐसे में आसार हैं कि इन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती जुगाड़ तकनीक के भरोसे रहेगी।

मनमोहन सरकार ने शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े विकासखंडों में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर मॉडल स्कूल संचालित करने की योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत प्रदेश में 166 मॉडल स्कूल बनाये गए हैं। मोदी सरकार के मॉडल स्कूल योजना से हाथ खींच लेने पर पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने इन स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर चलाने का निर्णय किया था। पीपीपी मॉडल पर तो मॉडल स्कूलों का संचालन शुरू नहीं हो पाया, अलबत्ता अखिलेश सरकार ने मंडल मुख्यालय वाले जिलों में बनाये गए 18 मॉडल विद्यालयों को समाजवादी अभिनव विद्यालय के नाम से चालू कर दिया था।

अब योगी सरकार प्रदेश में बने 166 मॉडल स्कूलों को अप्रैल 2018 से पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से राजकीय विद्यालय के तौर पर संचालित करना चाहती है। मॉडल स्कूलों के संचालन में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इनमें नियुक्त किये जाने वाले शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। दूसरी तरफ राजकीय माध्यमिक विद्यालय खुद शिक्षकों की जबर्दस्त कमी से जूझ रहे हैं। योगी सरकार ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित करायी जाने वाली राज्य स्तरीय परीक्षा के आधार पर करने का फैसला किया है।

बेसिक और रिटायर्ड शिक्षकों की सेवाएं लेने की मंशा पर पानी फिरा

Monday, January 30, 2017

गोंडा : विवादों में फंसा कंसापुर समाजवादी अभिनव विद्यालय का निर्माण, ग्राम प्रधान ने की जमीन आवंटन मामले की जांच की मांग


विवादों में फंसा कंसापुर समाजवादी अभिनव विद्यालय का निर्माण, ग्राम प्रधान ने की जमीन आवंटन मामले की जांच की मांग

Tuesday, January 3, 2017

सीएम के ड्रीम स्कूल को नहीं मिले शिक्षक, समाजवादी अभिनव स्कूलों में फिलहाल शिक्षकों को अटैच कर हो रही पढ़ाई

  • सीएम के ड्रीम स्कूल को नहीं मिले शिक्षक
  • प्रत्येक स्कूल में एक प्रिसिपल व 10 प्रवक्ता की भर्ती
  • फिलहाल शिक्षकों को अटैच कर हो रही पढ़ाई
इलाहाबाद। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम स्कूल को शिक्षक नहीं मिल सके। सरकार ने 2016-17 सत्र से ही मंडल मुख्यालयों पर एक-एक समाजवादी अभिनव स्कूल खोला था। इलाहाबाद में 23 अप्रैल 2016 को दांदूपुर चाका में सीएम ने स्कूल का उद्घाटन किया था।सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इन स्कूलों में पहले सत्र में कक्षा 6 से 9 तक के बच्चों को प्रवेश दिया गया। शुरुआत में राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को इस स्कूल से संबद्ध कर पढ़ाई शुरू की गई। 24 अगस्त को पद सृजन हुआ और अस्थायी (एडहॉक) रूप से नियुक्ति के आदेश दिए गए। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, एलटी ग्रेड शिक्षकों के अलावा नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति 29 फरवरी 2017 तक करने की योजना थी। लेकिन चार महीने बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों में एक-एक स्कूल खोले गए हैं। सृजित पदों की अर्हता, पद नाम, वेतन बैंड व वेतन ग्रेड आदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में उक्त पदों के लिए तय सेवा शर्तों के अनुसार लागू किया गया है। 

प्रत्येक स्कूल में एक प्रिसिपल व 10 प्रवक्ता की भर्ती  : प्रत्येक समाजवादी अभिनव स्कूल में एक प्रिंसिपल, 10 प्रवक्ता और सात एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है। दो क्लर्क और पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी रखे जाने हैं। 

फिलहाल शिक्षकों को अटैच कर हो रही पढ़ाई : अभिनव स्कूल में फिलहाल राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को अटैच कर पढ़ाई कराई जा रही है। इलाहाबाद में ¨प्रसिपल समेत 11 शिक्षक संबद्ध हैं। कक्षा 6 से 9 तक 290 सीट में से 262 पर बच्चों ने प्रवेश लिया है।
समाजवादी अभिनव स्कूल में फिलहाल राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को संबद्ध कर पढ़ाई कराई जा रही है। इन स्कूलों में शिक्षक 9342 एलटी ग्रेड भर्ती के जरिए आएंगे
- कोमल यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक



Friday, September 23, 2016

अभिनव स्कूलों में होगी शिक्षक, कर्मचारियों की भर्ती, राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर मिलेगा वेतन


  • माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने संयुक्त शिक्षा निदेशकों को जारी किए निर्देश
  • 28 फरवरी तक के लिए अस्थायी रूप से की जाएगी भर्ती

  • कुल 450 पदों पर होगी भर्ती
  • पद का नाम पदों की संख्या
  • प्रधानाचार्य 18
  • प्रवक्ता 180
  • सहायक अध्यापक 126
  • कनिष्ठ सहायक 36
  • चतुर्थ श्रेणी। स्वीपर 90

डेली न्यूज़ नेटवर्कलखनऊ। सीबीएससी की तर्ज पर खुले समाजवादी अभिनव विद्यालयों में जल्द ही 450 शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भर्ती अस्थायी तौर पर होगी। इसमें प्रधानाचार्य से लेकर प्रवक्ता, कनिष्ठ लिपिक, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं स्वीवर के पदों पर भर्ती की जाएगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर कार्रवाई इन विद्यालयों में सहायक अध्यापक एवं कनिष्ठ सहायक के पदों पर पदस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।केंद्र सरकार ने प्रदेश भर में 193 मॉडल स्कूल खोलने की कार्रवाई शुरू की थी। सीबीएसई की तर्ज पर खुलने वाले इन विद्यालयों में प्रत्येक के निर्माण के लिए बाकायदा 3 करोड़ दो लाख रुपए का बजट दिया गया था। लखनऊ सहित सभी जगह इन स्कूलों की बिल्डिंग बनकर तैयार भी हो गई। लेकिन पिछले साल केंद्र सरकार ने इन स्कूलों को ग्रांट न देने और राज्य स्तर पर संचालित करने का फरमान जारी कर दिया। लिहाजा राज्य सरकार ने इन स्कूलों को इन स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर शुरू कराने का निर्णय लिया। इनमें से 18 मॉडल स्कूलों को राज्य सरकार ने समाजवादी अभिनव विद्यालय के नाम से संचालित कराने का आदेश जारी कर दिया। राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर संचालित इन विद्यालयों में अभी जुगाड़ के सहारे पढ़ाई की व्यवस्था शुरू कराई गई है। इसको देखते हुए शासन ने इन स्कूलों में वर्तमान शैक्षिक सत्र में अस्थायी शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्ती का आदेश जारी कर दिया।प्रधानाचार्य से लेकर भर्ती किए जाएंगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीसमाजवादी अभिनव विद्यालयों में प्रधानाचार्य से लेकर प्रवक्ता, सहायक अध्यापक, कनिष्ठ सहायक, चतुर्थ श्रेणी एवं स्वीपर के पदों पर भर्ती की जाएगी। यह भर्ती 28 फरवरी 2017 तक के लिए अस्थायी तौर पर होगी। यह व्यवस्था तब तक मान्य रहेगी जब तक इन पदों को बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त न कर दिया जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक इन पदों की भविष्य में जरूरत होने पर इनकी निरंतरता की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्राप्त होने पर निर्गत की जाएगी।
सृजित किए जा रहे इन पदों की अर्हता, पदनाम, वेतन बैंड व ग्रेड वेतन उसी प्रकार निर्धारित किया जाएगा जो वर्तमान में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इन पदों के लिए लागू सेवा नियमावली की व्यवस्था के अनुसार ही निर्धारित है। कनिष्ठ सहायक के पद पर सीधी भर्ती के लिए इंटरमीडिएट के साथ कंप्यूटर संचालन का डोयक सोसाइटी द्वारा प्राप्त सीसीसी के प्रमाण पत्र या फिर भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था के समकक्ष स्तर का प्रमाण पत्र एवं हिन्दी-अंग्रेजी में कम से कम 25। 30 शब्द प्रति मिनट की टंकण गति आवश्यक होगी।


Monday, September 12, 2016

समाजवादी अभिनव विद्यालयों में पांच महीने के लिए शिक्षक रखे जाएंगे, प्रधानाचार्य से लेकर चपरासी तक अस्थायी (एडहॉक) रूप से नियुक्त  होंगे, फिलहाज राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को संबद्ध कर पढ़ाई कराई जा रही

 

इलाहाबाद : समाजवादी  अभिनव विद्यालयों में पांच महीने के लिए शिक्षक रखे जाएंगे। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में सीबीएसई पैटर्न पर प्रत्येक मंडल मुख्यालय में खोले गए स्कूलों में प्रधानाचार्य से लेकर चपरासी तक अस्थायी (एडहॉक) रूप से नियुक्त किए जाएंगे।




पद सृजन का आदेश संयुक्त सचिव शासन शत्रुन्जय कुमार सिंह ने 24 अगस्त को जारी कर दिया। प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, एलटी ग्रेड शिक्षकों के अलावा नॉन-टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति 29 फरवरी 2017 तक के लिए होगी। भविष्य में जरूरत होने पर पदों को बनाए रखेंगे। खास बात यह कि सृजित पदों की अर्हता, पद नाम, वेतन बैंड व वेतन ग्रेड आदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में उक्त पदों के लिए लागू सेवा नियमावली के अनुसार लागू किया गया है। प्रभारी डीआईओएस गोविन्दराम ने बताया कि समाजवादी अभिनव स्कूल में फिलहाज राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को संबद्ध कर पढ़ाई कराई जा रही है। यहां प्रधानाचार्य, शिक्षकों व अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए अभी तक शासन से कोई आदेश नहीं मिला है।



प्रत्येक समाजवादी अभिनव स्कूल में एक ¨प्रसिपल, 10 प्रवक्ता और सात एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती होगी। दो क्लर्क और पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी रखे जाएंगे।



समाजवादी अभिनव स्कूल में फिलहाल राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को अटैच कर पढ़ाई कराई जा रही है। 24 अगस्त को शासनादेश होने के बाद से अब तक मंडल मुख्यालय वाले जिलों को इसकी सूचना नहीं भेजी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षकों की भर्ती सितंबर से पहले संभव नहीं। इस लिहाज से अस्थायी शिक्षकों को पांच महीने का समय मिल पाएगा।



समाजवादी अभिनव स्कूल में फिलहाल राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को अटैच कर पढ़ाई कराई जा रही है। 24 अगस्त को शासनादेश होने के बाद से अब तक मंडल मुख्यालय वाले जिलों को इसकी सूचना नहीं भेजी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षकों की भर्ती सितंबर से पहले संभव नहीं। इस लिहाज से अस्थायी शिक्षकों को पांच महीने का समय मिल पाएगा। 



Thursday, May 12, 2016

जौनपुर : कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में मॉडल स्कूल के लिए बैठक आयोजित, अभिनव स्कूल के लिए डीएम ने मांगा सहयोग

कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में बुधवार को माडल विद्यालय कार्ययोजना क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जिले के 210 विद्यालयों को अभिनव स्कूल बनाने के लिए डीएम ने ग्राम प्रधानों, एसएमसी सदस्यों से सहयोग मांगा।जिलाधिकारी ने बताया कि विद्यालय विकास हेतु तीन प्रकार के काम होते हैं। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाना और भौतिक परिवेश अवस्थित व्यवस्था सुधार हेतु ग्राम प्रधान, एसएमसी सदस्यों का सहयोग अपेक्षित है। शिक्षक व्यवस्था सही करके शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन करना ताकि गांवों के बच्चों को सुव्यवस्थित शिक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि कि माडल स्कूल नाम से एक बेवसाइट तैयार की गई है जिस पर जाकर अभिभावक सहित जो भी चाहे बच्चों के शैक्षिक प्रगति को देख सकता है। ऐसे नालेज मै¨पग कर हर तीन माह पर अपडेट किया जाता रहेगा। अभिनव विद्यालयों में प्रत्येक विकास खंड के 10-10 विद्यालय है जिसमें डेस्क, ब्रेंच, कक्ष तक पहुंचने तक खड़ंजा, वाटर टैंक, ग्रीन बोर्ड, किताबों की रैक, ड्रम व वाद्य यंत्रों से प्रार्थना एवं भौतिक परिवेश से सुसज्जित विद्यालय होगा।

Monday, May 9, 2016

आगरा : सीबीएसई बोर्ड की मान्यता के लिए नहीं पूरे हुए मानक, विद्यालय में नहीं है फर्नीचर की व्यवस्था, अभी बिना मान्यता के चलेगा समाजवादी स्कूल

देहात क्षेत्र के बच्चों को सीबीएसई बोर्ड की शिक्षा देने के लिए शासन ने समाजवादी अभिनव विद्यालय तो शुरू कर दिया, लेकिन सरकार अभी तक विद्यालय की मान्यता नहीं ले पाई है। ऐसे में पहले साल इनमें बिना मान्यता के ही पढ़ाई होगी। प्रदेश सरकार ने वर्तमान शैक्षिक सत्र में पूरे प्रदेश में 18 मॉडल स्कूल स्वीकृत किए हैं। इसमें आगरा मंडल में भी बाह के विजौली में मॉडल स्कूल बनाया गया है। विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई, मगर शासन अभी तक सीबीएसई से मान्यता नहीं करा पाया है। पिछले दिनों इसके लिए डीआइओएस कार्यालय से मान्यता के मानकों को लेकर सूचना मांगी गई थी। इसके बाद मानकों को पूरा करने के लिए तेजी दिखाई गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मान्यता होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में, फिलहाल बिना मान्यता ही कक्षाएं संचालित होंगी। डीआइओएस दिनेश यादव ने बताया कि मॉडल स्कूल की मान्यता की प्रक्रिया शासन स्तर से हो रही है। 156 छात्र रहे उपस्थित1रविवार सुबह कक्षा नौ में प्रवेश के लिए आगरा में छह केंद्रों पर सुबह साढ़े सात बजे से परीक्षा हुई। इसमें 161 में से 156 छात्र उपस्थित रहे। फर्नीचर तक नहीं बना1मॉडल स्कूल की मान्यता के लिए विद्यालय में फर्नीचर के बारे में भी जानकारी देनी होती है, मगर अभी सरकार द्वारा बजट जारी न होने के कारण फर्नीचर नहीं बन पाया है। ऐसे में वित्तविहीन विद्यालयों से फर्नीचर उधार मांगा जा रहा है।

Sunday, April 24, 2016

इलाहाबाद : शिक्षा में भी समाजवाद लाने का प्रयास , सीएम ने किया पहले अभिनव विद्यालय की शुरुआत , नवोदय की तर्ज पर चलेंगे समाजवादी अभिनव विद्यालय

शिक्षा में भी समाजवाद  लाने का प्रयास , सीएम ने किया पहले अभिनव विद्यालय की शुरुआत , नवोदय की तर्ज पर चलेंगे समाजवादी अभिनव विद्यालय

इलाहाबाद: प्रदेश सरकार ग्रामीण प्रतिभावान छात्रों को देगी कम खर्च में सीबीएसई स्कूलों जैसी शिक्षा , प्रदेश में खोले जायेंगे 193 समाजवादी अभिनव विद्यालय

इलाहाबाद: प्रदेश सरकार ग्रामीण प्रतिभावान छात्रों को कम खर्च में सीबीएसई स्कूलों जैसी शिक्षा देगी। इसके लिए प्रदेश में 193 समाजवादी अभिनव विद्यालय खोले जाएंगे। जिसकी शुरुआत शनिवार को इलाहाबाद में पहले समाजवादी अभिनव विद्यालय के उद्‌घाटन से हो चुकी है। इन विद्यालयों में जवाहर नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। ये आवासीय और को-एड होंगे। 

Saturday, April 23, 2016

इलाहाबाद : मुख्यमंत्री आज इलाहाबाद में करेंगे समाजवादी अभिनव विद्यालय का उद्घाटन

मुख्यमंत्री आज इलाहाबाद में करेंगे समाजवादी अभिनव विद्यालय का उद्घाटन

Tuesday, April 19, 2016

हरदोई : मंडल स्तर पर चलेंगे समाजवादी अभिनव विद्यालय , 25 को होगी प्रवेश परीक्षा

हरदोई, जागरण संवाददाता : सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था और माहौल से सूबे की सरकार भिज्ञ है, लेकिन फिर भी पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए प्रयासरत है। सरकार ने नवोदय विद्यालय की तर्ज पर समाजवादी अभिनव विद्यालय संचालित करने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों में फिलहाल हाई स्कूल तक की शिक्षा की व्यवस्था की गई है। शासन ने इन विद्यालयों में सत्र शुरू कराए जाने के लिए प्रवेश की प्रक्रिया भी प्रारंभ करा दी है। सरकारी विद्यालयों में पढा़ई के स्तर और माहौल को लेकर समय-समय पर आने वाली जांच रिपोर्ट और स्वयं मुख्यमंत्री की ओर से बच्चों के पढ़ाए जाने के संबंध में दिए जाने वाले बयान से भले ही शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगता हो, लेकिन सरकार ने नवोदय विद्यालय की तर्ज पर समाजवादी अभिनव विद्यालय संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। इन विद्यालयों का संचालन माध्यमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के हवाले से बताया कि लखनऊ मंडल में लखनऊ के मोहनलालगंज के कुरौरा में समाजवादी अभिनव विद्यालय संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुरौरा में संचालित होने वाले समाजवादी अभिनव विद्यालय में कक्षा 9 में प्रवेश के लिए शासन ने प्रवेश परीक्षा के आयोजन का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि कक्षा 6, 7 और 8 में सीधे प्रवेश की व्यवस्था दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रवेश में शासन की ओर से प्रभावी आरक्षण के अनुसार छात्र, छात्रओं को प्रवेश दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी विद्यालय में कितनी सीटों-सीटों की व्यवस्था की गई है, इस पर निर्णय होना बाक है। उन्होंने बताया कि समाजवादी अभिनव विद्यालय में मंडल के सभी जिलों के छात्र,छात्रओं को प्रवेश मिल सकेगा।25 को होगी प्रवेश परीक्षा 1समाजवादी अभिनव विद्यालय में कक्षा 9 में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश फार्म उनके कार्यालय में उपलब्ध हैं।

Sunday, April 17, 2016

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश सरकार की मॉडल स्कूल योजना ‘समाजवादी अभिनव स्कूल’ अभिभावकों की अनदेखी से शासन को लगा झटका

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश सरकार की मॉडल स्कूल योजना ‘समाजवादी अभिनव स्कूल’ को नए सत्र से चालू करने के निर्देश थे। जिले के जलेसर क्षेत्र में भी एक मॉडल स्कूल तैयार कराया गया है। आवासीय व आधुनिक सुविधाओं से लैस इन स्कूलों में नौंवी कक्षा में प्रवेश परीक्षा के लिए 18 अप्रैल तक आवेदन मांगे गए थे। जिसमें 16 अप्रैल तक मात्र 20 आवेदन ही आ पाए हैं। जबकि कक्षा नौ के ‘ए’ व ‘बी’ सेक्शन को मिलाकर 80 सीटें निर्धारित की गई हैं। ऐसे में अभिभावकों की अनदेखी से शासन की इस योजना को झटका लगता नजर आ रहा है। डीआइओएस दफ्तर में लेखाधिकारी अश्विनी कुमार पांडेय ने बताया कि बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए मॉडल स्कूलों का निर्माण कराया गया है। इसमें वातानुकूलित कक्षाएं, पर्यावरण संरक्षण, खेल का मैदान, आवास, खाने की व्यवस्था, आधुनिक शौचालय आदि सुविधाएं हैं। पांडेय ने बताया कि स्कूल की कक्षा छह, सात व आठ के लिए कुल 240 सीटें हैं। हर कक्षा के दो सेक्शन में 80 बच्चे निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए 1500 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। इन कक्षाओं में प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होंगे। कहा कि अभी भी अभिभावकों के पास दो दिन हैं, वो स्कूल से फॉर्म लेकर आवेदन कर सकते हैं।

Thursday, April 14, 2016

अभिनव स्कूलों की शुरुआत 23 को , सीएम करेंगे शुरुआत

राज्य मुख्यालय शिखा श्रीवास्तवमुख्यमंत्री अखिलेश यादव समाजवादी अभिनव स्कूल की 23 अप्रैल को विधिवत शुरुआत इलाहाबाद से कर सकते हैं। सभी मण्डल मुख्यालयों पर खोले गए इन अभिनव स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई होगी। हालांकि इन स्कूलों में एक अप्रैल से सत्र शुरू करने के आदेश हैं पर सीएम से इसकी शुरुआत करवाने की तैयारी है। लिहाजा उनके इलाहाबाद दौरे में इसका लोकार्पण करवाया जाएगा। इन मॉडल स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड से मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। सीबीएसई ने इसकी सैद्धांतिक सहमित दे दी है।यूपी में 193 मॉडल स्कूल केन्द्र की योजना में मिले थे लेकिन पिछले वर्ष इसे बंद कर दिया गया चूंकि ज्यादातर जगहों पर भवन निर्माण हो चुका था। लिहाजा सरकार ने इसे चलाने का फैसला लिया। 18 मण्डल मुख्यालयों पर सरकार खुद इन स्कूलों को चलाएगी, वहीं बाकी जगहों पर इसे पीपीपी मॉडल से चलाया जाएगा। 126 शिक्षकों के पद होंगे सृजित : इन 18 मॉडल स्कूलों के लिए एक प्राचार्य समेत 7 शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। कुल 126 शिक्षकों के पद सृजित होंगे। तय हो रही शर्ते: शेष 178 स्कूलों को पीपीपी मॉडल पर चलाने के लिए परामर्शदाता का चयन कर लिया गया है। यह परामर्शदाता संस्था इन स्कूलों को चलाने के लिए नियम व शर्ते तय करेगी। निजी संस्थाओं के चयन के लिए प्रस्ताव (आरएफपी) निकाले जाएंगे। इन स्कूलों के भवन सरकार देगी लिहाजा इनके क्रियान्वयन, संचालन, मॉनिटरिंग आदि माध्यमिक शिक्षा विभाग करेगा। लेकिन बोर्ड, शिक्षकों का चयन आदि निजी संस्थाएं खुद करेंगी।

Wednesday, April 6, 2016

फतेहपुर : समाजवादी अभिनव स्कूलो में पढ़ सकेंगी कस्तूरबा की छात्राएं , परिषदीय स्कूलो के बच्चों का कक्षा -6,7,8 में होगा दाखिला

समाजवादी अभिनव स्कूलो में पढ़ सकेंगी कस्तूरबा की छात्राएं , परिषदीय स्कूलो के बच्चों का कक्षा -6,7,8 में होगा दाखिला

Sunday, February 21, 2016

समाजवादी अभिनव स्कूलों में एक अप्रैल से शुरू होगा दाखिला, कक्षा छह से नौ तक मिलेगा प्रवेश, कक्षा नौ में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा

📌 राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत एक अप्रैल से शुरू होगा दाखिला

📌 समाजवादी अभिनव स्कूलों में दाखिले शुरू करने के आदेश

📌 कक्षा छह से नौ तक मिलेगा प्रवेश, कक्षा नौ में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा

लखनऊ । राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत एक अप्रैल से शुरू होने वाले समाजवादी अभिनव विद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस वर्ष कक्षा छह से नौ तक दाखिले लिए जाएंगे। आवेदन फार्म मार्च के प्रथम सप्ताह तक जारी किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा जिसमें दाखिले की समय सारिणी तय होगी। दाखिले के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि मार्च के द्वितीय सप्ताह रखने के निर्देश दिए गए हैं।



इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने जिला विद्यालय निरीक्षकों व संयुक्त शिक्षा निदेशकों को निर्देश भेज दिए हैं।ग्रामीण क्षेत्र की छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 191 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है। राज्य सरकार ने इन मॉडल स्कूलों में से प्रत्येक मंडल में से एक-एक (कुल 18) मॉडल विद्यालयों को समाजवादी अभिनव विद्यालय योजना के नाम से चलाने का निर्णय लिया है। राजधानी में मोहनलालगंज के समाजवादी अभिनव विद्यालय करौरा सहित सभी 18 अन्य स्कूलों को नए शैक्षिक सत्र से संचालित किया जाएगा। सीबीएसई बोर्ड से संचालित होने वाले इन स्कूलों में पंजीकरण फार्म निशुल्क दिया जाएगा। सभी पंजीकरण फार्म को दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि के अंदर विद्यालय के कार्यालय में जमा करना होगा।


प्रथम आगत प्रथम पावत पर दाखिला समाजवादी अभिनव विद्यालयों में पहले वर्ष में कक्षा छह से नौ तक दो-दो सेक्शन संचालित किए जाएंगे। अगले वर्ष इसमें कक्षा 10 की भी पढ़ाई होगी। यहां कक्षा छह से आठ तक किसी भी तरह की प्रवेश परीक्षा नहीं ली जाएगी। साथ ही कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। प्रवेश ‘प्रथम आगत प्रथम पावत’ के आधार पर दिया जाएगा। कक्षा छह से आठ तक प्रति सेक्शन अधिकतम 35 छात्र रखे जाएंगे।



कक्षा नौ में प्रवेश परीक्षा के इंट्रेस टेस्ट होगा। प्रवेश परीक्षा के लिए राज्य स्तर से मॉडल प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। उसके बाद यह मॉडल प्रवेश पत्र जिलों को भेजा जाएगा। जनपद स्तर पर प्रवेश परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र फरवरी के अंतिम सप्ताह तक तैयार किया जाएगा। मार्च के पहले सप्ताह में दाखिले के लिए डीआईओएस की ओर से विज्ञापन जारी किया जाएगा। प्रवेश परीक्षाा मार्च के तृतीय सप्ताह में होगी। जबकि कॉपियों का मूल्यांकन चौथे सप्ताह में होगा।पर्चियां निकालने के लिए समिति का गठनप्रत्येक अभिनव विद्यालय ड्रॉ के पर्यवेक्षण के लिए एक समिति का गठन करेगा।


यह ड्रा ऐसे मामलों को निपटाने के लिए होगा जब ऐसी स्थिति उत्पन्न होगी कि वर्ग विशेष के सभी अभ्यर्थियों को उपलब्ध सीटों पर समायोजित न किया जा सके। समिति में प्रधानाचार्य संयोजक, प्रिंसिपल द्वारा नामित शिक्षक को सदस्य, दो अभिभावक (एक महिला) सदस्य तथा डीआईओएस द्वारा नामित एक सदस्य होंगे।

👉 कक्षा छह व अन्य कक्षाओं में आवेदन फार्म जारी करना- फरवरी द्वितीय सप्ताह से मार्च प्रथम सप्ताह
👉  कक्षा छह व अन्य कक्षाओं में पंजीकरण की अंतिम तिथि-मार्च का द्वितीय सप्ताह
👉 चयन की कार्यवाही का परीक्षण एवं अंतिम रूप दिया जाना-मार्च का तृतीय सप्ताह
👉  कक्षा छह के लिए सूची की घोषणा एवं प्रवेश-मार्च के चतुर्थ सप्ताह
👉 कक्षा सात व ऊपर की कक्षाओं के लिए चयनित स्टूडेंट्स की सूची व प्रवेश-अप्रैल के प्रथम व दूसरे सप्ताह के बाद।

Thursday, January 21, 2016

लापरवाही : समाजवादी अभिनव विद्यालयों में जुगाड़ से होगी पढ़ाई, पहली अप्रैल से शुरू होने हैं स्कूल, अब तक शिक्षकों की चयन प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई

📌 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को तैनात कर पढ़ाई शुरू कराने का इरादा

लखनऊ : अखिलेश सरकार ने अगले शैक्षिक सत्र से सभी मंडल मुख्यालयों पर एक-एक मॉडल स्कूल को समाजवादी अभिनव विद्यालय के तौर पर संचालित करने का निर्णय भले ही किया हो लेकिन इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया ही अब तक शुरू नहीं हो पायी है। इन स्कूलों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के चयन के लिए शासन ने जो प्रक्रिया तय की है, उसके मुताबिक पहली अप्रैल से पहले यह नियुक्तियां हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में पहली अप्रैल से इन स्कूलों में कामचलाऊ व्यवस्था के तहत पढ़ाई शुरू कराने का इरादा है।


अभिनव विद्यालयों के संचालन के सिलसिले में चार दिसंबर को जारी शासनादेश में कहा गया है कि यह विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध होंगे। अभिनव विद्यालयों के प्रधानाचार्यो, पोस्ट ग्रेजुएट व ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों का चयन परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। हकीकत यह है कि इन विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के चयन के लिए शैक्षिक व प्रशिक्षण योग्यताएं, चयन प्रक्रिया, सेवा शर्तों आदि का विस्तृत प्रस्ताव ही तैयार नहीं हुआ है।


इस बारे में प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने कहा कि समाजवादी अभिनव विद्यालयों में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के निपुण शिक्षकों को तैनात कर पढ़ाई करायी जाएगी। जिन राजकीय शिक्षकों को अभिनव विद्यालयों में तैनात किया जाएगा, उनके स्थान पर चालू भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। जिस चालू भर्ती प्रक्रिया का प्रमुख सचिव हवाला दे रहे हैं, वह पिछले वर्षो में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत राजकीय हाईस्कूलों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के चयन के लिए की जा रही है। यदि अभिनव विद्यालयों में राजकीय शिक्षकों की तैनात की जाती है तो यह सरकार के उस फैसले का उल्लंघन होगा जिसके मुताबिक अभिनव विद्यालयों में शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों पर चयन किसी प्रतिष्ठित संस्था के माध्यम से लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के आधार पर होगा। वजह यह है कि राजकीय शिक्षकों का चयन सिर्फ शैक्षिक मेरिट के आधार पर होता है।

Sunday, January 17, 2016

अभिनव विद्यालयों में भी ‘जुगाड़’ से होगी पढ़ाई, निदेशक ने शिक्षकों को संबद्ध करने का दिया आदेश, शिक्षकों की भर्ती करने की जगह आजमाया कामचलाऊ उपाय

📌     शिक्षकों की भर्ती के लिए साल भर पहले मांगा विज्ञापन फिर किया निरस्त

लखनऊ। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राजकीय हाईस्कूलों की तर्ज पर अब एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र-2016-17 में समाजवादी अभिनव विद्यालयों की पढ़ाई भी जुगाड़ से शुरू की जाएगी। इसकी वजह है अब तक शिक्षकों की भर्ती न होना। माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने इन विद्यालयों में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति करने की जगह राजकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को संबद्ध कर पढ़ाई शुरू कराने का फरमान जारी किया है।


ग्रामीण क्षेत्र की छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 191 मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है। इनमें से लगभग सभी का निर्माण पूरा हो चुका है। राज्य सरकार ने इन मॉडल स्कूलों में से प्रत्येक मंडल में से एक-एक (कुल 18) मॉडल विद्यालयों को समाजवादी अभिनव विद्यालय योजना के नाम से चलाने का निर्णय लिया है। राजधानी में मोहनलालगंज के मॉडल स्कूल करौरा सहित सभी 18 मॉडल स्कूलों को नए शैक्षिक सत्र से संचालित किया जाएगा। इसके लिए सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता लेने की कार्रवाई भी तेजी से चल रही है। लेकिन अप्रैल से शुरू होने वाले इन विद्यालयों में पढ़ाई के लिए राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को संबद्ध किया जाएगा।


गौरतलब है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2011 में 252, 2012 में 318 तथा उसी साल दिसंबर में 449 राजकीय हाईस्कूल खोले गए थे। करीब एक साल तक ज्यादातर विद्यालयों में एक और दो शिक्षकों को संबद्ध कर पढ़ाई शुरू कराई गई थी।प्रत्येक विद्यालय में संबद्ध होंगे सात शिक्षक, एक लिपिकप्रत्येक समाजवादी अभिनव मॉडल विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक प्रति अनुभाग अधिकतम 35 छात्र तथा इससे आगे की कक्षाओं में प्रति अनुभाग अधिकतम 40 छात्र के अध्ययन की सीमा निर्धारित की गई है।


इन कक्षाओं में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से शुरू कराए जाने के लिए अस्थायी तात्कालिक व्यवस्था के अनुसार प्रति विद्यालय सात सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) तथा एक लिपिक की व्यवस्था सम्बद्धतीकरण के जरिए की जाएगी। शिक्षकों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियमित व्यवस्था होने तक समाजवादी अभिनव मॉडल विद्यालयों में अस्थायी तात्कालिक व्यवस्था के तहत राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों कर्मचारियों को संबद्ध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। ~ अमर नाथ वर्मा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा


नए शैक्षिक सत्र से शुरू होगी व्यवस्था
समाजवादी अभिनव मॉडल विद्यालयों में पढ़ाई के लिए संबद्ध किए जाने वाले शिक्षकों को नए शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले ही 28 मार्च तक संबंधित विद्यालय में पहुंचना होगा। उसके बाद उन्हें विद्यालय संचालन की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। जिससे विद्यालय में छात्र-छात्राओं का प्रवेश और पढ़ाई समय से शुरू हो सके।मॉडल स्कूलों में भर्ती के लिए पिछले साल ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें चार लाख से ज्यादा आवेदन भी आए। लेकिन जब केंद्र सरकार ने मॉडल स्कूलों के लिए बजट देने से इंकार कर दिया तो शासन ने यह भर्ती प्रक्रिया ही निरस्त कर दी। लिहाजा अभी तक भर्ती इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इनी मॉडल स्कलों में से 18 समाजवादी अभिनव मॉडल स्कूल चुने गए हैं। जिनमें अप्रैल से पढ़ाई होगी।