DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label सीबीएसई. Show all posts
Showing posts with label सीबीएसई. Show all posts

Wednesday, May 12, 2021

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती


इस बार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कंक्षा 10 का परिणाम जारी करने के बाद छात्र उसको चुनौती नहीं दे पाएंगे। छात्र न तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर पाएंगे न ही अंको के सत्यापन की मांग कर सकेंगे। कोरोना की वजह से 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद जो नई मूल्यांकन नीति जारी की गई उसमे इस बार यह व्यवस्था खत्म कर दी गयी है।


कोरोना संक्रमण को देखते हुए बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा रद्द करती है। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी करने को लेकर नई मूल्यांकन नीति तैयार की है। जिसे सभी स्कूलों को भेज दिया गया है। वहीं परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मूल्यांकन नीति के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा भी की है। नई मूल्यांकन नीति के अनुसार छात्रों का परिणाम यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा। 10 अंक यूनिट टेस्ट, 30 अंक अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 अंक प्री बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं शेष 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रस्तावित तिथि 20 जून है। 


परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद इस बार छात्र उसे चुनौती नहीं दे पाएंगे। ना तो अंको का सत्यापन करा पाएंगे और ना ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे नई मूल्यांकन नीति में छात्रों को यह सुविधा नहीं दी गई है। इसको लेकर बोर्ड ने अपना तर्क भी स्पष्ट किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार परीक्षा परिणाम स्कूलों के टेस्ट व प्री बोर्ड परीक्षा के आधार पर तैयार किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों को पहले ही स्कूलों में उसकी कॉपियां दिखाई जा चुकी होंगी। छात्रों ने पहले ही अंकों का सत्यापन कर लिया होगा। ऐसे में परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद दोबारा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की जरूरत नहीं होगी।


बोर्ड कर सकता है अंकों का सत्यापन
हालांकि छात्रों के पास अंकों के सत्यापन पुनर्मूल्यांकन की सुविधा नहीं होगी लेकिन वह जब चाहे अपने स्तर से इसका सत्यापन कर सकेगा। बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षा परिणाम से संबंधित सभी प्रपत्र सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि वह कभी भी स्कूलों में टीम भेजकर परीक्षा परिणाम का सत्यापन करा सकता है।


कम्पार्टमेंट की मिलेगी सुविधा 
बोर्ड छात्रों को कंपार्टमेंट में बैठने की सुविधा जरूर देगा। परीक्षा परिणाम में यदि कोई छात्र उतीर्ण नहीं हुआ तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठ सकता है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इसको लेकर भी स्कूलों से चर्चा की। बोर्ड द्वारा स्कूलों को सैंपल पेपर भेजा जाएगा जिसके आधार पर स्कूल प्रश्न पत्र तैयार करेंगे और ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करेंगे। परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी, छात्रों पर ज्यादा बोझ नहीं होगा।

Saturday, May 8, 2021

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश भर के स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बातचीत के बाद 10वों के छात्रों के प्रमोशन के नियम तय कर दिए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 10वों कक्षा में एक भी परीक्षा नहीं लेने वाले स्कूलों को अपने बच्चों की ऑनलाइन परीक्षा लेनी होगी। 


बोर्ड का कहना है कि 10वीं का छात्र कोरोना संक्रमित है अथवा किसी कारण से स्कूल ऑनलाइन परीक्षा लेने की स्थिति में नहीं हैं तो ऐसे छात्रों का रिजल्ट नौवीं के वार्षिक परिणाम के आधार पर जारी किया जायेगा। बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने के लिए स्कूलों को 15 मई तक का समय दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने देश भर के स्कूलों के साथ बेबिनार में कहा कि जिन छात्रों ने यूनिट टेस्ट, प्री-बोर्ड, अर्डवार्षिक परीक्षा नहीं दिया है, ऐसे सभी छात्रों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाए। यह ऑनलाइन मूल्यांकन स्कूल की परीक्षा समिति करे। मूल्यांकन के बाद परीक्षा समिति 15 मई रिजल्ट तैयार कर ले।


 बैठक में शामिल प्रधानाचार्यों ने बताया कि बोर्ड की ओर से आयोजित वेबिनार में मिले निर्देशों के आधार पर जल्द छात्रों का असेसमेंट करके रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा।


 इंटरनल असेसमेंट में पास नहीं हुए तो देनी होगी कंपार्टमेंट परीक्षा
भारद्वाज ने कहा कि बच्चे स्कूल की ओर से इंटनरल असेसमेंट में पास नहीं होंगे। ऐसे छात्रों के लिए स्कूल स्तर पर कंपार्टमेंट परीक्षा कराई जाएगी। सीबीएसई की ओर से ऑनलाइन असेसमेंट के लिए सैंपल पेपर भेजा जाएगा। स्कूल सैंपल पेपर के आधार पर अपने प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। स्कूल स्तर पर तैयार होने वाले रिजल्ट से यदि कोई छात्र असंतुष्ट है तो वह बोर्ड की ओर से होने बाली परीक्षा में शामिल हो सकता है। यह परीक्षा कोरोना संकट थमने के बाद कराई जा सकतो है।


सभी स्कूलों को 80 नंबर का असेसमेंट कराना जरुरी 
ऑनलाइन परीक्षा पूरी कराने अथवा नहीं कराने वाले दोनों तरह के स्कूलों के लिए 80 नंबर का असेसमेंट कराना अनिवार्य है। स्कूलों को 25 मई तक असेसमेंट का काम पूरा करके पूरा रिजल्ट तैयार कर लेना है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्कूल के बीते तीन साल के रिजल्ट के औसत के आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

Friday, May 7, 2021

सीबीएसई में 12वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर, विज्ञान के स्टूडेंट्स भी पढ़ सकते हैं इतिहास-भूगोल

सीबीएसई में 12वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर, विज्ञान के स्टूडेंट्स भी पढ़ सकते हैं इतिहास-भूगोल


सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। 

Good news of CBSE student सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र इतिहास व भूगोल जैसे विषय चुन सकेंगे। इससे छात्र-छात्राओं के लिए संकाय की बाध्यता खत्म हो गई है।


सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र इतिहास व भूगोल जैसे विषय चुन सकेंगे। एसोसिएशन ऑफ पब्लिक स्कूल्स के अध्यक्ष के डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि इस वर्ष से सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू कर दी है।

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद 

इससे छात्र-छात्राओं के लिए संकाय की बाध्यता खत्म हो गई है। पहले मुख्यत: 12वीं के छात्र विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय की पढ़ाई करते थे, लेकिन अब कोई छात्र विज्ञान के साथ इतिहास या भूगोल विषय की पढ़ाई कर सकता है। सीबीएसई के नए पैटर्न से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है। 

अब विषय आधारित होगी पढ़ाई

अब संकाय के बदले विषय आधारित पढ़ाई होगी। विज्ञान के छात्र कला या वाणिज्य के विषयों के चयन के लिए स्वतंत्र होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि विषय आधारित पढ़ाई करने से स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ जाएगी। पहले कई स्कूल विज्ञान संकाय पढ़ाते थे। अब अगर उनका छात्र इतिहास विषय का चयन करता है तो अब इस विषय का भी शिक्षक रखना होगा। उसी तरह कला संकाय पढ़ाने वाले स्कूलों को अब विज्ञान के शिक्षकों को भी रखना पड़ सकता है, क्योंकि छात्र इतिहास के साथ-साथ विज्ञान के विषयों का चयन कर सकते हैं। 


इंटरनेशनल पैटर्न पर होगी पढ़ाई

विशेषज्ञों का कहना कि जिस व्यवस्था को इस वर्ष सीबीएसई ने लागू किया है, वह विदेशों में पहले से ही लागू है। नई शिक्षा नीति लागू होने से सीबीएसई का पैटर्न अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इससे भारतीय छात्रों को विदेशों में पढ़ाई करने में सुविधा होगी। इसके साथ ही सीबीएसई के नए पैटर्न से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।  

Tuesday, May 4, 2021

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक , मूल्यांकन में नहीं बरती ईमानदारी तो कार्यवाही

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक


कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) के आधार पर दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देने की तैयारी है।


सीबीएसई ने सभी स्कूलों से 11 जून तक बोर्ड की वेबसाइट पर मूल्यांकन को अपलोड करने का निर्देश दिया है, ताकि बीस जून तक हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित किया जा सके। स्कूल विद्यार्थियों को दसवीं में मनमाना अंक नहीं दे सकते। सीबीएसई ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की है।


संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे बीस अंक : गाइडलाइन के अनुसार मूल्यांकन के लिए विद्यालयों को प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन भी करना है। दो अध्यापक दूसरे स्कूल, पांच शिक्षक संबंधित स्कूलों के सदस्य होंगे। समिति को दसवीं के छात्रों को 80 अंक देना होगा। बीस अंक अांतरिक मूल्यांकन के आधार पर संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे।

दसवीं के परीक्षार्थियों को प्रत्येक विषय में प्री-बोर्ड एग्जाम के 40 फीसद अंक ही दिए जाएंगे। 30 फीसद अंक अर्धवार्षिक परीक्षा तथा दस फीसद अंक यूनिट टेस्ट के परफार्मेंस के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार समिति प्री-बोर्ड, अर्धवार्षिक परीक्षा व यूनिट टेस्ट के आधार पर हर विषय में अधिकतम अंक का औसत अंक देगी।

■ प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश

■ 11 जून तक विद्यालयों को करना होगा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड

सीबीएसई ने दसवीं के विद्यार्थियों को मुख्य बोर्ड परीक्षा का अंक देने के लिए सभी विद्यालयों को एक फार्मेट भेजा है। इसके साथ ही गाइडलाइन भी दी है। इसी के आधार से ही दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देना है। इसके लिए सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - गुरमीत कौर, सीबीएसई की सिटी कोआर्डिनेटर व प्रधानाचार्य सनबीम इंग्लिश स्कूल (भगवानपुर)

तीन साल के रिजल्ट का औसत अंक
सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार समिति को स्कूल के तीन वर्ष के दसवीं के रिजल्ट के आधार पर इस बार अंक देना है। जैसे किसी विद्यालय में वर्ष 2020 में पास परीक्षार्थियों की संख्या 99 फीसद रही है और 90 प्रतिशत से अधिक अंक वाले 25 फीसद, 80 फीसद से अधिक अंक वाले 25, 70 फीसद अंक पाने वाले 35, 60 फीसद अंक पाने वाले 25 और 60 फीसद से कम अंक पाने वाले 15 फीसद छात्र हैं तो इसी तरह तीन वर्ष के रिजल्ट आधार पर 2021 में संबंधित स्कूलों के 10वीं के परीक्षार्थियों को औसत अंक देगी। तीन वर्ष के आधार पर स्कूल के ओवर ऑल रिजल्ट का औसत निर्धारित होगा।


गोरखपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने दसवीं का परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी करते हुए स्कूलों को छात्रों के मूल्यांकन की कमान सौंप दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन में ईमानदारी नहीं बरतने वाले स्कूल कार्रवाई की जद में आएंगे।


परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड कभी भी गड़बड़ी की आशंका या शिकायत मिलने पर मूल्यांकन प्रक्रिया की अपने स्तर से जांच कर सकता है। इस दौरान छात्र के साथ अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने पर बोर्ड स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। मूल्यांकन में निष्पक्षता व परिणाम को अंतिम रूप देने के लिए स्कूल द्वारा प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।


● दसवीं के मूल्यांकन की कमान देने के साथ दी चेतावनी

● परीक्षा परिणाम के लिए स्कूलों को निष्पक्षता बरतने के निर्देश


बोर्ड ने दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने को लेकर मूल्यांकन नीति जारी कर दी है। स्कूलों को मूल्यांकन में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही ईमानदारी के साथ ही नंबर देने को कहा है। ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो सके। बोर्ड जल्द ही वेबिनार आयोजित करेगा, जिसमें प्रधानाचार्यों के साथ सीबीएसई के जिला समन्वयक भी शामिल होंगे। वेबिनार में बोर्ड के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। साथ ही बोर्ड एक पोर्टल ओपेन करेगा जिस पर स्कूल छात्रों के नंबर अपलोड करेंगे। जिसके आधार पर बोर्ड द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा।


समिति में ये होंगे शामिल

दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूल आंतरिक परीक्षा समिति का गठन करेंगे। यह समिति प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बनेगी, जिसमें प्रधानाचार्य के अलावा विभिन्न विषयों (गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व दो भाषाओं) के तथा दो शिक्षक पास के स्कूल से होंगे।

Monday, May 3, 2021

बदलाव : 11वीं में प्रवेश के लिए CBSE ने बनाए नए नियम, अब अपनी मर्जी से विषय चुन सकेंगे छात्र

बदलाव : 11वीं में प्रवेश के लिए CBSE ने बनाए नए नियम, अब अपनी मर्जी से विषय चुन सकेंगे छात्र


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा ग्यारहवीं में स्ट्रीम सिस्टम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि) को हटाने का निर्णय लिया है।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। जिसके बाद बोर्ड ने शनिवार यानी 1 मई को नई अंक निर्धारण नीति की घोषणा की थी। इसके साथ ही, बोर्ड ने आधिकारिक अधिसूचना में कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। 


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा ग्यारहवीं में स्ट्रीम सिस्टम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि) को हटाने का निर्णय लिया है। साथ ही बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा ग्यारहवीं में विभिन्न प्रकार के स्ट्रीम सिस्टम से बचें और विद्यार्थियों को उनकी रुचि और पसंद के हिसाब से विषयों का समूह चुनने की छूट दी जाए। यानी अब विद्यार्थी गणित के साथ भूगोल, राजनीतिक विज्ञान आदि चुनन सकते हैं। वहीं जिन विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं में स्टैंडर्ड मैथेमैटिक्स विषय लिया था, वे 11वीं कक्षा में भी मैथ ले सकेंगे।


अधिसूचना के मुताबिक कक्षा दसवीं में फेल होने वाले विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट परीक्षाओं के आयोजन तक कक्षा ग्यारहवीं में बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

CBSE Board Exam 2021: एग्जाम के लिए रहें तैयार! सीबीएसई 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी, करें डाउनलोड

CBSE Board Exam 2021: एग्जाम के लिए रहें तैयार! सीबीएसई 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी, करें डाउनलोड


CBSE Class 12 Board Exam 2021: सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं क्लास के सबजेक्ट वाइज क्वीश्चन बैंक अपलोड किए हैं। 12वीं की बोर्ड परीक्षा कोरोना वायरस के कारण स्थगित हुई थी।
    

● CBSE 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी।
● 01 जून को घोषित हो सकती है समीक्षा बैठक।
● 15 दिन पहले जारी होगी 12वीं बोर्ड एग्जाम की डेटशीट।




CBSE Class 12 Board Exam 2021 Latest Update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा सैंपल पेपर्स (CBSE Class 12 Sample papers) के बाद, प्रश्न बैंक (CBSE 12th Question Bank) भी जारी कर दिया है। स्टूडेंट्स सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना क्वीश्चयन बैंक चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।


बोर्ड ने 12वीं क्लास के सबजेक्ट वाइज क्वीश्चन बैंक अपलोड किए हैं। स्टूडेंट्स अपने विषय की तैयारी करने के लिए सीबीएसई की वेबसाइट से सैंपल पेपर्स के साथ-साथ क्वीश्चन बैंक डाउनलोड कर सकते हैं। क्वीश्चन बैंक डाउनलोड करने का तरीका और डायरेक्ट लिंक नीचे दिया गया है।

ऐसे डाउनलोड करें CBSE Class 12 Question bank

● चरण 1: सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in या cbse.nic.in पर जाएं।

● चरण 2: होम पेज पर, 'question bank' टैब पर जाएं और कक्षा 12 पर क्लिक करें।

● चरण 3: स्क्रीन पर एक नया पेज खुल जाएगा।

● चरण 4: उस विषय का चयन करें जिसका आप प्रश्न बैंक देखना चाहते हैं।

● चरण 5: पीडीएफ फाइल के साथ एक नया पेज दिखाई देगा।

● चरण 6: इसे डाउनलोड करें और एग्जाम की तैयारी करें।



सीबीएसई 12वीं बोर्ड एग्जाम डेट
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस (Covid 19) महामारी प्रकोप के कारण सीबीएसई ने 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा 2021 को स्थगित कर दी थी। बोर्ड कोरोना वायरस की स्थिति पर समीक्षा बैठक के बाद 12वीं क्लास की रिवाइज्ड एग्जाम डेट जारी करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' (Education minister Ramesh Pokhriyal) के सुझाव के अनुसार, बोर्ड 1 जून 2021 को देश में कोविड -19 स्थिति पर समीक्षा के बाद नई बोर्ड परीक्षा तारीखों का ऐलान कर सकता है।


एग्जाम के लिए रहें तैयार
सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, बोर्ड एग्जाम से 15 दिन पहले 12वीं बोर्ड परीक्षा तारीखों का ऐलान कर सकता है। छात्रों को वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।