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Saturday, September 19, 2020

प्राथमिक शिक्षक संघ ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया से रोक हटाकर प्रक्रिया सम्पन्न करने की रखी माँग

प्राथमिक शिक्षक संघ ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया से रोक हटाकर प्रक्रिया सम्पन्न करने की माँग


Friday, September 18, 2020

और आखिर में शिक्षा निदेशालय में नहीं बदले जा सके कर्मियों के पटल

और आखिर में शिक्षा निदेशालय में नहीं बदले जा सके कर्मियों के पटल

 
प्रयागराज : पारदर्शी व निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर शासन का विशेष जोर है। लेकिन, उच्च शिक्षा निदेशालय में शासन के निर्देश लागू नहीं हो पा रहे हैं। यहां के अधिकारी व कर्मचारी अपनी सुविधा के मुताबिक सारा काम करते हैं। पटलों का परिवर्तन न करना उसका प्रमाण है। शासन ने 15 सितंबर 2019 तक सारे पटलों का नए सिरे से गठन करने का निर्देश दिया था। लेकिन, साल भर बाद भी पटल नहीं बदला गया। सारा काम पुराने ढर्रे पर चल रहा है।


● सितंबर 2019 तक हर पटल पर नए की तैनाती का था निर्देश

● डिप्टी सीएम को विधायक ने लिखा था पत्र


उच्च शिक्षा निदेशालय में पेंशन, बजट, पदोन्नति व नियुक्ति सहित 13 पटल हैं। कई पटलों कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक व प्रशासनिक अधिकारी सालों से काम कर रहे हैं। अधिकारियों के करीबी लिपिक भी उनके साथ आठ-10 साल से एक ही जगह पर कार्यरत हैं। इसकी शिकायत निदेशालय में कार्यरत सहायकों ने शासन से किया था। शिकायत में विभिन्न पटलों में धन उगाही होने की शिकायत प्रमुखता से कही गई। इसके बाद शासन ने हर पटल पर काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों का ब्योरा मांग लिया। साथ ही सारे पटल को नए सिरे से गठित करने का निर्देश दिया। लेकिन, उसके अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि पटल परिवर्तन की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। एक व्यक्ति सारा काम न देखे उसके मद्देनजर बदलाव किए हैं।


उच्च शिक्षा निदेशालय के पटलों की अनियमितता को लेकर सदर बांदा के विधायक प्रकाश द्विवेदी ने उच्च शिक्षा मंत्रलय देख रहे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की थी। 18 अगस्त को पत्र लिखने के बावजूद उस दिशा में कोई कदम नहीं उठा।

Friday, August 28, 2020

माध्यमिक शिक्षा : फिर मांगी गई ऑनलाइन स्थानांतरण की सूचना

माध्यमिक शिक्षा : फिर मांगी गई ऑनलाइन स्थानांतरण की सूचना



प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए अब तक साफ्टवेयर नहीं तैयार हो सका है। इसके लिए 27 जनवरी 2020 को ही दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 


गुरुवार को फिर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा गया। इसमें निर्देशित किया गया कि शीघ्र ऑनलाइन स्थानांतरण संबंधी सूचना उपलब्ध कराई जाए। कई जिला विद्यालय निरीक्षकों ने उसे संज्ञान में नहीं लिया। पांचवी बार लिखे पत्र में कहा गया है कि 31 अगस्त तक सूचना उपलब्ध करा दी जाए।

Saturday, August 15, 2020

सात माह बाद डायट व अन्य संस्थाओं में वर्षों से कार्यरत राजकीय माध्यमिक प्रवक्ताओं की हुई वापसी


डायट में सम्बद्ध प्रवक्ताओं को वापस राजकीय विद्यालयों में दी तैनाती।







राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अधीन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) तथा उनकी इकाइयों में कार्यरत माध्यमिक संवर्ग के प्रवक्ताओं को उनके मूल पद पर कार्यमुक्त करते हुए राजकीय इंटर कॉलेजों में बालक/बालिकाओं में समायोजन कर दिया गया है। जो madhyamikshiksha.upsdc.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। महिला व पुरुष संवर्ग में क्रमश: 70 व 25 शिक्षकों को वापस उनके मूल पद पर तैनाती दी गई है। अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल ने सभी प्रवक्ताओं को निर्देशित किया है कि उक्त वेबसाइट से अपने समायोजन के पत्र की प्रति को प्राप्त करते हुए समायोजित विद्यालय में कार्यभार करके निदेशालय को सूचित करें। हालांकि कुछ प्रवक्ताओं की याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण उनका समायोजन आदेश जारी नहीं हो सका है।


सात माह बाद डायट व अन्य संस्थाओं में वर्षों से कार्यरत राजकीय माध्यमिक प्रवक्ताओं की हुई वापसी


प्रयागराज : सात माह के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता मूल पदों पर भेज दिए गए हैं। वर्षो से ये दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं, उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश थे। अपर शिक्षा निदेशक राजकीय अंजना गोयल ने 96 प्रवक्ताओं को मूल पदों पर जाने का आदेश कर दिया है। वेबसाइट से प्रवक्ता पत्र की प्रति लेकर संबंधित कालेजों में कार्यभार ग्रहण करके शिक्षा निदेशालय को अवगत कराएं। 



प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। क्योंकि उप्र लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था। आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ।


शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला शिक्षा निदेशालय में लटका रहा। असल में, एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का था। एडी राजकीय ने अब इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इनमें पुरुष वर्ग के 26 व महिला वर्ग की 70 प्रवक्ता विभिन्न जिलों की डायट, मनोविज्ञानशाला आदि में तैनात रही हैं, उन्हें मूल पदों पर भेजने का आदेश निर्गत किया गया है। प्रवक्ता अब सोमवार से संबंधित कालेजों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

Thursday, July 23, 2020

माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश, हाईकोर्ट ने अपर निदेशक को चार सप्ताह में निर्णय लेने को कहा

माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश, हाईकोर्ट ने अपर निदेशक को चार सप्ताह में निर्णय लेने को कहा।

प्रयागराज :: माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के शिक्षकों के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में निर्णय लेने के लिए कहा है। कोर्ट ने अपर निदेशक से कहा है कि वह नियमानुसार शिक्षकों के स्थानांतरण प्रार्थना पत्र पर निर्णय लेकर निस्तारित करें। महेंद्र कुमार और दर्जनों अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने दिया है।




याची का कहना है कि उन्होंने एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। स्थानांतरण की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। मगर उनकी पत्रावलियां जून 2019 से शिक्षा निदेशालय माध्यमिक प्रयागराज में लंबित हैं। याचीगण ने कई बार अपर निदेशक माध्यमिक को प्रत्यावेदन भी दिया मगर उनकी पत्रावलियां का निस्तारण नहीं हो रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सरकारी वकील से जानकारी मांगी थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग का लिंक भेजने के बावजूद सरकारी वकील सुनवाई के समय जानकारी नहीं दे सके। इस पर अदालत ने याचिका निस्तारित करते हुए अपर निदेशक को चार सप्ताह में याचीगण की पत्रावलियों पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।




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Tuesday, July 21, 2020

महराजगंज : जनपदीय समिति निर्णय के अनुक्रम में 22 अंशकालिक अनुदेशकों का बीएसए ने जारी किया स्थानांतरण आदेश

महराजगंज : जनपदीय समिति निर्णय के अनुक्रम में पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 22 अंशकालिक अनुदेशकों का बीएसए ने जारी किया स्थानांतरण आदेश