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Sunday, November 1, 2020

हरदोई : लक्ष्य 4.59 लाख का एक भी बच्चे को नहीं मिला स्वेटर, समय पूरा, वितरण शुरू नहीं।

हरदोई : लक्ष्य 4.59 लाख का एक भी बच्चे को नहीं मिला स्वेटर, समय पूरा, वितरण शुरू नहीं।

हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में पढ़ने वाले 4 लाख 59 हजार छात्र छात्राओं को मुफ्त ड्रेस वितरण की योजना लेटलतीफी का शिकार हो गई है। प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 31 अक्टूबर तक स्वेटर वितरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तय समय सीमा बीत चुकी है लेकिन जिले में एक भी बच्चे को स्वेटर नसीब नहीं हुआ है। कागजी औपचारिकताओं को पूरी करने में हो रही देरी की वजह से बच्चों को स्वेटर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उधर विभाग इसी हफ्ते से स्वेटर बांटने का काम शुरू होने की बात कह रहा है।


जिले के 19 विकास खंडों में 3800 से ज्यादा स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित हैं। कोरोना काल में इस बार बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई-लिखाई चल रही है। ऐसे में उम्मीद थी कि स्वेटर वितरण योजना इस बार समय से साकार होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के लिए कागजी औपचारिकताएं समय से पूरी करा पाने में जिम्मेदार फेल साबित हुए। अभी तक अक्टूबर के दूसरे पखवारे से स्वेटर वितरण कार्य शुरू कराने की बात कहने वाला शिक्षा विभाग अब देरी होने पर विभिन्न तरह की व्यस्तता की बातें बता रहे हैं। एक बच्चे को 200 रुपये कीमत का स्वेटर बंटना है। गुणवत्ता बेहतर बनाने व ठेकेदारी प्रथा का तिलिस्म तोड़ने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। इसके तहत पूरे जिले में ठेका लेने वाली एक ही फर्म स्वेटर स्कूलों तक पहुंचाएगी। अभी तक जनपद स्तर पर ही स्वेटर नहीं आ सके हैं। खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूलों के हेडटीचर से अभिभावक पूछ रहे हैं कि अबकी स्वेटर कब मिलेंगे तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।


तीन-चार दिन में बंटने लगेंगे स्वेटर

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्तराव का कहना है कि 3 से 4 दिनों के अंदर मुफ्त स्वेटर वितरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर हो गया है। संबंधित फर्म को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया है। पहले 31 अक्टूबर तक की समय सीमा शासन से आई थी। अब प्रयास किया जाएगा कि नवंबर महीने में शत प्रतिशत बच्चों को स्वेटर मिल जाएं।

Monday, September 7, 2020

हरदोई : लापरवाह बीईओ से बीएसए ने किया जवाब-तलब

सुरसा ब्लॉक के लापरवाह बीईओ से जवाब-तलब

हरदोई  : बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारी अपने दायित्वों का पालन करने में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इससे बेलगाम शिक्षक व कर्मचारी मनमानी करके अव्यवस्था फैलाए हैं। इसकी एक झलक शनिवार को स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान बीएसए ने खुद देखी। नाराजगी जताई। बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं एक अनुचर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।



शनिवार को सुबह 11 बजे बीएसए हेमन्तराव अचानक बीआरसी सुरसा में पहुंच गए। जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया तो कमियां देखकर दंग रह गए। अनुचार कुसुमा देवी 21 अगस्त से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। बीआरसी परिसर में चौतरफा गंदगी फैली मिली। छानबीन करने पर पता चला कि प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथकिम स्कूल तुर्तीपुर, उच्च प्राथमिक स्कूल फर्दापुर, प्राथमिक विद्यालय सुरसा, प्राइमरी स्कूल ओदरा में कार्यरत अध्यापकों ने बालक व बालिकाओ को दो-दो सेट मुफ्त ड्रेस वितरण के लिए कपड़ा के संबंध में निविदा में 9 अगस्त की तिथि प्रकाशित कराई। जबकि इस दिन रविवार था।

बीएसए का कहना है कि खंड शिक्षा अभिकारी भगवान राव को निर्देश दिए गए हैं कि वे उक्त कमियों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण समुचित साक्ष्यों के साथ तीन दिन के अंदर बीएसए कार्यालय में दें। ऐसा प्रतीत होता है कि बीईओ की लापरवाहीपूर्ण पर्यवेक्षण के कारण उपरोक्त विज्ञप्ति निविदा खोलने का दिन गलत तरीके से रविवार अंकित किया गया। ऐसा करके टेंडर के नियमों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में अभी तक बीईओ ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। न ही उन्हें मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी को भी निरीक्षण आख्या भेजी गई है।

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हरदोई : 15 सितम्बर तक ड्रेस वितरण का काम पूरा होने के नहीं आसार, स्वयं सहायता समूहों को चार लाख से ज्यादा सिलनी हैं ड्रेस पर सिलीं 50 हजार, तो क्या कमीशनखोरी के चक्कर में हो रहा विलंब?

हरदोई : 15 सितम्बर तक ड्रेस वितरण का काम पूरा होने के नहीं आसार, स्वयं सहायता समूहों को चार लाख से अधिक ड्रेस सिलकर करनी है तैयार।

हरदोई : जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के करीब चार हजार स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को मुफ्त ड्रेस वितरण में कोरोना, बजट आवंटन में देरी के बाद अब जिम्मेदारों की लापरवाही बाधक बन गई है। यही वजह है कि जिले में 15 सितंबर तक शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस मिल जाने का लक्ष्य पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों ने सांसदों, विधायकों से इस मामले में दखल देने की मांग की है ताकि गुणवत्तायुक्त ड्रेस समय से विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

जिले में करीब पौने पांच लाख बच्चों को ड्रेस वितरित की जानी है। एक बच्चे को दो सेट ड्रेस मिलेगी, जिसकी कीमत शासन से 600 रुपये निर्धारित की गई है।




मांग के सापेक्ष 75 फीसदी बजट शासन ने जारी करदिया है। शेष धनराशि सत्यापन के बाद भेजी जाएगी। जो धनराशि आई है उसे पीएफएमएस के जरिए स्कूल प्रबंधन समिति के खातों में भेज दिया गया है।

जिन स्कूलों में 167 या इससे ज्यादा बच्चे अध्ययनरत हैं वहां पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए ड्रेस बंटवाई जानी हैं। वहीं जिन स्कूलों में 166 या इससे कम बच्चे हैं वहां पर स्वयं सहायता समूहों से सिलवाकर ड्रेस बांटनी हैं। इसके लिए प्रबंध समिति कपड़ा खरीदकर समूहों को उपलब्ध कराएगी। विभागीय जानकारों के मुताबिक पहले 31 अगस्त तक की समयसीमा ड्रेस वितरण के लिए निर्धारित की गई थी।

शासन-प्रशासन ने दावा किया था कि समय से ड्रेस बंट जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। इसलिए 15 सितंबर तक की समय सीमा और बढ़ा दी गई है।

इसके बावजूद शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस वितरण मिलने की उम्मीदें टूटने लगी हैं क्योंकि ड्रेस वितरण की प्रगति बेहद धीमी है।

मानीटरिंग में भी केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। अब तक कितनी ड्रेस बंट चुकी हैं इसकी जानकारी तक जिम्मेदार नहीं दे पा रहे हैं।

चार से ज्यादा ड्रेस सिलनी हैं पर सिलीं 50 हजार : स्वयं सहायता समूहों को 4 लाख से ज्यादा ड्रेस सिलकर तैयार करनी हैं, लेकिन अब तक 70 हजार ड्रेस तैयार करने का ही आर्डर मिला है। वहीं 50 हजार ड्रेस ही अब तक सिल सकी हैं। इसका भुगतान अभी शून्य है। समितियों को ड्रेस सिलने की जिम्मेदारी मिले दो महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है। अब शेष एक सप्ताह में साढ़े तीन लाख से ज्यादा ड्रेस तैयार कराने की राह भी काफी मुश्किल है।

तो क्या कमीशनखोरी के चक्कर में हो रहा विलंब :  ड्रेस वितरण में राजनीतिक दलों के नेताओं से जुड़े ठेकेदार भी सक्रिय हो गए हैं। चर्चा है कि सियासी पहुंच के कारण वे मनमानी पर उतारू हैं। वहीं ब्लाकों के अधिकारी भी खुश हुए बगैर उन्हें हरी झंडी देने में आनाकानी कर रहे हैं। कमीशनखोरी के इस खेल में सेटिंग के चक्कर में भी विलंब होने की बातें जानकार बता रहे हैं। बीते दिनों बीएसए को भी निरीक्षण के दौरान स्कूल में कपड़ा विभागीय नियमानुसार नहीं मिला था।

95 फीसदी से ज्यादा स्कूल प्रबंधन समितियों के खाते में बजट भेज दिया गया है। कुछ जगहों पर तकनीकी फाल्ट सामने आई है। इसे भी जल्द दूर कर खाते में धनराशि पहुंचा दी जाएगी। हेडटीचरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द धनराशि का आहरण कर बच्चों को ड्रेस वितरित करा दें।
-अमित वर्मा, जिला समन्वयक

कपड़ा खोलने में कोई दिक्कत नहीं है। तेजी से ड्रेस सिलने में समूह की महिलाएं जुटी हुई हैं। ड्रेस सिलाई का रेट भी निर्धारित हो गया है। 140 रुपये एक पैंट-शर्ट सिलने पर मिलेंगे। आपूर्ति होने के बाद भुगतान कराया मिलेगा। समय से समस्त ड्रेस सिलकर तैयार हो जाएंगी। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हैं। कोरोना के चक्कर में थोड़ा विलम्ब जरुर हुआ लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। समय के साथ ड्रेस तैयार है।
-विपिन चौधरी, डीसी एनआरएलएम


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Monday, August 24, 2020

हरदोई : चयन वेतन के नाम पर मांगा जा रहा सुविधा शुल्क

चयन वेतन के नाम पर मांगा जा रहा सुविधा शुल्क

हरदोई। हरपालपुर ब्लाक के दो शिक्षक पिछले कई महीनों से ब्लाक से लेकर बीएसए ऑफिस का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन चयन वेतन का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों ने सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायती पत्र सौंप कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। हरपालपुर ब्लाक में कन्या प्राथमिक विद्यालय हरपालपुर के प्रधानाध्यापक राधेश्याम सिंह और प्राथमिक विद्यालय भुसेहरा के प्रधानाध्यापक मिस्टर लाल ने आरोप

लगाया कि खंड शिक्षा अधिकारी हरपालपुर और ब्लाक बाबू बिना रुपये लिए उनका चयन वेतन नहीं दे रहे हैं।

Sunday, August 23, 2020

हरदोई : रसोइयों ने मांगा लॉकडाउन का बकाया मानदेय

हरदोई : रसोइयों ने मांगा लॉकडाउन का बकाया मानदेय
 

हरदोई। रसोइया जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बीएसए हेमंत राव को शिक्षा निदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।  पदाधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान क्वारंटीन सेंटरों में काम करने वाले रसोइयों के बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की।


सौंपे गए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष रामकुमार गौतम ने कहा कि रसोइयों ने कठिन समय में भी क्वारंटीन सेंटरों में दो माह का तक अपना काम ईमानदारी से किया, लेकिन अब तक का करने वाले रसोइयों को उस अवधि का मानदेय नहीं मिला है। कहा कि मानदेय न मिलने के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। 


कोरोना काल में लोगों को परेशानी न हो इसके लिए रसोइयों ने क्वारंटीन सेंटर पर बिना किसी संपत्ति के दिन रात काम किया है।
बावजूद इसके उनके बकाया रुपये अभी तक नहीं दिए गए। इससे परेशान होकर पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की। इस मौके पर रामश्री, कमला, रेशमा, सुनीता, श्यामा व सुशीला आदि मौजूद रहीं।

Thursday, August 13, 2020

हरदोई : बीईओ के गालीगलौज करने का ऑडियो वायरल, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति एक शिक्षक को क्षमादान और दूसरे पर की थी कार्रवाई

बीईओ के गालीगलौज करने का ऑडियो वायरल, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति एक शिक्षक को क्षमादान और दूसरे पर की थी कार्रवाई।

भरावन : शाहाबाद प्रकरण के बाद अब भरावन बीईओ भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं। शिक्षा विभाग के एक बाबू को गाली गलौज करते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ है। एक ही विद्यालय में निरीक्षण के दौरान एक को क्षमादान व दूसरे पर कार्रवाई की बात पर तनातनी बताई जा रही है। 

भरावन खंड शिक्षा अधिकारी ने 31 जुलाई को क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया था। एक ही विद्यालय में दो शिक्षक उन्हें अनुपस्थित मिले। आरोप है कि एक शिक्षक से बाद में हस्ताक्षर करा लिए गए जबकि दूसरे पर कार्रवाई कर दी गई। इसका विरोध कार्यालय के एक बाबू ने कर दिया। उस दौरान बीईओ ने उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। इधर शिक्षामित्रों व शिक्षकों के मामले में विभाग से सूचनाएं मांगने में सक्रिय प्राथमिक विद्यालय कुकुरी में तैनात शिक्षामित्र ने उसी दिन बीईओ से जब वार्ता की और शिक्षक को अभयदान से लेकर बाबू के संबंध में पूछा। तो बीईओ ने बाबू से फोन पर ही गाली गलौज कर दी। इस गाली गलौज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है। शाहाबाद के बाद ये दूसरा प्रकरण है जब शिक्षा विभाग सुर्खियों में है।


आज सौंपा जाएगा बीडीओ को ज्ञापन

भरावन : जूनियर शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कमलाकांत ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। शिक्षकों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। इसको लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन 13 अगस्त को खंड विकास अधिकारी को दिया जाएगा।


सुनने में अमर्यादित वीडियो : प्रदेश अध्यक्ष

भरावन : जूनियर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी का कहना है कि मामला उन तक भी लाया गया है। ऑडियो सुनने में अमर्यादित है। सरकारी सेवारत अधिकारियों को ये कोई शोभा नहीं देता इसके अलावा भरावन में शिक्षकों ने बीईओ के खिलाफ भेदभाव करने के भी आरोप लगाए हैं। कहा कि शीघ्र ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ये मामला लाएंगे।

शाहाबाद भरखनी बीईओ हो चुकी निलंबित 

हरदोई : पेंशन से रुपये मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद भरखनी शाहाबाद बीईओ निलंबित हो चुकी हैं।

Wednesday, August 12, 2020

हरदोई : बीईओ के रिश्वत मामले में कई नेता भी लपेटे में, डायट से किया गया बीईओ को सम्बद्ध

शाहाबाद और भरखनी विकास खंड खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के खिलाफ रिटायर शिक्षक से पेंशन पत्रावली को स्वीकृत कराने के एवज में 10 हजार रुपये मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके बाद पुलिस मामले की खोजबीन में जुट गई है। मामले में कई बड़े नेता भी लपेटे में आ रहे हैं। चर्चा है कि उनकी भी ऊपरी कमाई में हिस्सेदारी रहती थी।

एक महिला नेता ने दिलवाया था शाहाबाद ब्लॉक का चार्ज

बेसिक शिक्षा विभाग के जानकारों के मुताबिक एक महिला नेता ने बीईओ को शाहाबाद विकास खंड का अतिरिक्त चार्ज दिलाया था। इसके बाद उनकी सिफारिशों ने जमकर असर दिखाया। वहीं बीईओ को भी अपने गृह जनपद के नजदीक पोस्टिंग मिल गई। नेता व अफसर का गठजोड़ शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गया। यह खेल कई महीने तक चलता। इसके बाद परेशान शिक्षक नेताओं ने योजनाबद्ध तरीके से वीडियो बनवाया। इसके बाद उसे सार्वजनिक किया तो सियासत में ही तहलका मच गया।

बीईओ ने वीडियो में बीएसए द्वारा रुपये लिए जाने की बेबुनियाद बातें कहीं हैं। हो सकता है कि ऐसा रिटायर शिक्षक पर दबाव बनाने के लिए किया हो। मैने कार्यभार ग्रहण करने के बाद पूरी पारदर्शिता से काम किया है। मामले को गंभीरता से लेकर शासन स्तर पर लिखापढ़ी की। इसी के बाद बीईओ के निलंबन की कार्रवाई हुई है। -हेमन्तराव, बीएसए हरदोई

डायट से किया गया है बीईओ को संबद्धः रिपोर्ट दर्ज होने व निलंबित होने के बाद बीईओ को डायट से संबद्ध किया गया है। पुलिस के अलावा विभागीय टीम भी इस मामले में जांच करेगी। सहायक शिक्षा निदेशक माया 1. राम ने भेजे पत्र में लिखा है कि मंडलीय शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ मंडल को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है। बीएसए हेमन्तराव को निर्देश दिए गए हैं कि बीईओ शुचि गुप्ता के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर साक्ष्यों समेत एक सप्ताह के अंदर निदेशालय को उपलब्ध कराएं।

करीब दस दिन तक यह मामला ठंडे बस्ते में रहने के बाद जब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो जिम्मेदार जागे। बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो विधानसभा शाहाबाद, सवायजपुर क्षेत्र के साथ ही जिले स्तर के कई नेताओं का बीईओ पर वरदहस्त था। यही वजह थी कि विभाग के अधिकारी भी उनके ऊपर कार्रवाई करने | से कतराते रहे। इस बीच वीडियो शासन स्तर पर पहुंचा तो जमकर फजीहत हुई। भ्रष्टाचार के मामले में लीपापोती को लेकर विपक्षी दलों ने भी निशाना साधा। सत्ता पक्ष पर भ्रष्टाचार से जुड़े केस में बीईओ को बचाने के आरोप लगाए। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई का रमजान आया तो जनपद स्तर से भी लिखापढ़ी की गई।

वीडियो में भी एक अध्यक्ष का जिक्र कई बार हुआ है। कई बार बीईओ के कार्यक्षेत्र बदले गए लेकिन भरखनी की स्थिति जस की तस रहने की वजह सियासी संरक्षण ही माना गया है। वहीं इस मामले की जांच डिप्टी एसपी अखिलेश राजन को सौंपी गई है। सीओ का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। तथ्यों के आधार विवेचना होगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ एक्शन होगा।

Tuesday, August 11, 2020

हरदोई : विज्ञान- गणित शिक्षक भर्ती के 14 बर्खास्त शिक्षकों पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट

हरदोई : विज्ञान- गणित के 14 बर्खास्त शिक्षकों पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट।

हरदोई : परिषदीय विद्यालयों में फर्जीवाड़े में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान-गणित शिक्षक भर्ती में फर्जी अंक पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले बर्खास्त 14 अध्यापकों पर कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

वर्ष 2005-06 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हुई विज्ञान-गणित की भर्ती में फर्जी टीईटी अंक पत्र के आधार पर 15 ने नौकरी हासिल की थी। जांच में पकड़े जाने पर उन्हें बखार्स्त कर एफआईआर का आदेश दिया गया था, लेकिन कछौना क्षेत्र में एक पर एफआईआर दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब शासन स्तर से सख्ती की गई तो शेष 14 पर भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।




बीएसए कार्यालय से दी गई तहरीर के अनुसार उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हरियावां विकास खंड में जूनियर टाटपुर जुड़ौरा के कौशलेंद्र यादव, जूनियर सिरसा के रविंद्र सिंह, जूनियर इंदौर के उपेंद्र सिंह,। टोडरपुर विकास खंड में जूनियर पीला महुआ के पंकज कुमार, जूनियर सेमरियावां के प्रमोद कुमार, जूनियर सरायरानक के महेंद्र सिंह। भरखनी विकास खंड के जूनियर उचिया कला के अमर सिंह, जूनियर चकराता के महादेव सरन, जूनियर रतनपुर के मक्खन लाल। भरावन विकास खंड में जूनियर श्याम दिसपुर की भुवनेश। कावां विकास खंड में जूनियर त्योनाकला के देवेंद्र कुमार रघुवंशी। पिहानी के जूनियर मगरापुर के मितेंद्र सिंह, हरपालपुर के जूनियर महादयानकला के जितेंद्र सिंह व जूनियर नेवादा चौगवां के अरुण शर्मा का नाम शामिल है। कोतवाल जगदीश कुमार ने बताया कि तहरीर मिल गई है। सभी के विरुद्ध मामला दर्ज लिया गया है।



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Monday, August 10, 2020

बीईओ बोलीं, 10 हजार से नीचे नहीं हो पाएगा काम, वायरल वीडियो के खलबली मचाने के बाद दी प्रतिकूल प्रविष्टि, बीएसए ने बताया आरोपों को निराधार



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बीईओ बोलीं, 10 हजार से नीचे नहीं हो पाएगा काम,  वायरल वीडियो के खलबली मचाने के बाद दी प्रतिकूल प्रविष्टि, बीएसए ने बताया आरोपों को निराधार


हरदोई: बेसिक शिक्षा विभाग में वायरल वीडियो ने खलबली मचा दी है। खंड शिक्षा अधिकारी शाहाबाद शुचि गुप्ता की एक सेवानिवृत्त अध्यापक से बातचीत के वायरल वीडियो के अनुसार..मास्टर साहब, हम क्या बताएं इसमें, हमें तो बीएसए को भी देना पड़ता है। बीएसए साहब को क्या हम पैसे अपने पास से देंगे। आप से तो कोई ज्यादा मांगे भी नहीं हैं, केवल 10 हजार रुपये की बात हुई है। आप पता कर लो कि हम बाकी का कितने में कर रहे हैं। जितना बीएसए को देना है उतना तो पूरा हो जाए हमारा।. .नहीं मास्टर साहब इससे कम हम क्या कर लें। आप हमारे घर आए थे तो हमने आपकी बात रख ली। बात यह है कि हमें तो फाइलें गिनकर बीएसए को हिसाब देना पड़ता है। कम से कम उनके खर्चा भर को तो निकल आए। बीएसए को पता होता है कि इतने लोग रिटायर हो रहे हैं। दस हजार रुपये में हम क्या उन्हें देंगे और क्या खुद रखेंगे। दस में भी चलो उनके भर का मिल जाए हमें नहीं मिल रहा है तब भी कोई बात नहीं। ..हालांकि यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है और इसके चर्चा में आने पर 31 जुलाई को बीएसए, बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके थे, लेकिन शनिवार रात सोशल मीडिया पर छाए वीडियो ने खलबली मचा दी है।


वायरल वीडियो के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता से कोई सेवानिवृत्त अध्यापक अपनी फाइल निस्तारण की बात कहता है। उससे पूर्व में 10 हजार रुपये की बात हुई और रुपयों के लिए ही वह बीईओ से मिलने आया। फोन पर किसी से बात करने के बाद बीईओ सेवानिवृत्त अध्यापक से मुखातिब होती हैं और 10 हजार रुपये से कम में काम न हो पाने की बात कहती हैं। इतना ही नहीं वह अन्य सेवानिवृत्त अध्यापकों का भी हवाला देती हैं कि किसी ने कोई सिफारिश नहीं लगवाई। सभी आए और अपना हिसाब कर काम करा ले गए। 


भाजपा जिलाध्यक्ष के गांव के एक सेवानिवृत्त अध्यापक की भी वह नजीर देती हैं। कहती हैं कि वह तो अध्यक्ष जी के रिश्तेदार थे, लेकिन कोई सिफारिश नहीं कराई, रुपये दिए और काम करवाया। वह खंड शिक्षा अधिकारी और अध्यापक के बीच आपसी रिश्तों का भी हवाला देती हैं। करीब छह मिनट 28 सेकेंड के वीडियो में अध्यापक कुछ अन्य के लिए भी पूछता है तो वह कहती हैं कि उनसे 18 हजार रुपये लिए, अपनी जल्दी फाइल करवा लो। शाहाबाद में किसी भी दिन चले आना और चुपचाप रुपये देना बस। बीईओ के रुपये मांगने के वीडियो की बात संज्ञान में आने पर 31 जुलाई को ही बीईओ शुचि गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था। बीईओ उनका नाम लेकर जो भी बात कह रही हैं वह पूरी तरह निराधार है। रुपये मांगने के वीडियो पर बीईओ शुचि गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।


वीडियो पुराना है, पूरी साजिश करके आवाज बदलकर इसे बनाया गया है और इसके नाम पर ब्लैकमेलिग की भी कोशिश की गई। पत्रावली निस्तारण के नाम पर कोई रुपये नहीं मांगे, उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। - हेमंतराव, बीएसए


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हरदोई : फाइलें गिनकर बीएसए को पहुंचाना होता है हिस्सा, वायरल वीडियो में बीईओ का खुलासा, बीएसए ने थमाया नोटिस




● काम में लापरवाही पर भरखनी बीईओ को नोटिस
● बीएसए ने तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
● सोशल साइट पर वायरल वीडियो में पेंशन के पैसे मांगने का भी आरोप



हरदोई। शिक्षा विभाग के कामों में लापरवाही बरतने और सोशल साइट पर पेंशन की धनराशि मांगने के आरोप के बाद बीएसए ने भरखनी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। बीएसए ने चेतावानी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।  बीएसए हेमंत राव ने बताया कि भरखनी बीईओ शुचि गुप्ता के पास शाहाबाद का भी अतिरिक्त प्रभार है। 


मिशन प्रेरणा से संबंधित कार्य, कंपोजिट ग्रांट से कराए गए कामों की फीडिंग, एमडीएम डाटा आदि की फीडिंग में दोनों ब्लाक पिछड़े हुए हैं। इसके अलावा विकास खंड भरखनी में विद्युतीकरण भी कम है। मानव संपदा के तहत अपलोडिंग भरखनी 53 प्रतिशत, नगर पंचायत पाली 29 प्रतिशत और शाहाबाद में सिर्फ 43 प्रतिशत हुई है। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी अगर काम में प्रगति नहीं आ रही है, तो यह अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है। 


इसी तरह सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पेंशन से रुपये भी मांगे जा रहे हैं, इन सब आरोपों के बाद उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तीन दिन का समय दिया गया है, यदि तीन दिन के बाद मिले स्पष्टीकरण से संतुष्टी न हुई तो उनके कार्रवाई करने की बात कही।


● खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

● हरदोई विकास खंड भरखनी-शाहाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें रुपये मांगने की बात कही गई है।...



हरदोई : विकास खंड भरखनी-शाहाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ है,. जिसमें रुपये मांगने की बात बताई जा रही है। बीएसए ने वीडियो के साथ ही कार्यों में उदासीनता पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


बीएसए हेमंत राव ने खंड शिक्षा अधिकारी भरखनी/शाहाबाद शुचि गुप्ता को जारी पत्र में कहा गया है कि 31 जुलाई 2010 को सोशल मीडिया पर पेंशनर से धनराशि मांगे जाने का वीडियो वायरल हुआ है, जो अत्यंत निदाजनक व आपकी अनुशासनहीनता का प्रतीक है। इस कृत्य से विभाग की छवि खराब हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा जानबूझ कर विभाग की छवि धूमिल की गई। इसके अलावा मिशन प्रेरणा से संबंधित कार्यो के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए थे। मगर विकास खंड भरखनी और शाहाबाद का कार्य पूर्ण नहीं कराया गया, जो आदेशों की अवहेलना है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


खबर साभार :  दैनिक जागरण / अमर उजाला

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

 
प्रकरण एक- बीएसए ने बीईओ भरावन को फर्जी अध्यापक के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया। बीईओ ने न केवल उसे मानने से मना किया बल्कि बीएसए के लिए भी खरी खोटी सुनाईं। जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ, अब जांच हो रही है।


प्रकरण दो: बीईओ हरपालपुर पर विकास खंड क्षेत्र के ही अध्यापक ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामला बेसिक शिक्षा मंत्री तक पहुंचा, जिसकी जांच का आदेश दिया गया, लेकिन धीरे धीरे फाइलों में खो गया। अध्यापक शिकायत करते घूम रहा है। 


 हरदोई: खंड शिक्षा अधिकारियों की विद्यालयों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन देखा जाए तो वही निरंकुश होते जा रहे हैं। खबर में शामिल दो मामले तो लिखापढ़ी में हैं। बीएसए के नाम पर रुपये मांगने का वायरल वीडियो बीईओ की निरंकुशता की गवाही दे रहा है और इसका खामियाजा अध्यापक भुगत रहे हैं। अध्यापकों का कहना है कि सीसीएल, प्रसूति अवकाश के तो रेट ही निर्धारित हैं। अध्यापकों को जरा जरा सा काम के लिए बीआरसी बुलाया जाता है।



 पाठ्य पुस्तकों को विद्यालयों तक पहुंचाने की धनराशि आती है, लेकिन अध्यापकों को निजी संसाधनों से किताबें ले जानी पड़ती हैं। जिले के 19 विकास खंडों में कई बीईओ सराहनीय काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा देते। निरीक्षण के नाम पर शोषण किया जाता है। बीईओ के चहेते अध्यापक स्कूल नहीं जाते, लेकिन अन्य कोई देर से पहुंचे तो कार्रवाई निश्चित।



शिक्षक संघ भी साधे बैठा चुप्पी

शिक्षकों की परेशानी के आए दिन मामले सामने आते रहते हैं। देखा जाए तो बीएसए कार्यालय से लेकर बीआरसी तक शिक्षक-शिक्षिकाएं परेशान रहते हैं और उन्हें टरकाया जाता है, लेकिन शिक्षक संघ चुप्पी साधे बैठा है। जूनियर शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश त्यागी का कहना है कि जो भी मामला सामने आता है उसे उठाया जाता है और अध्यापकों का उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।  प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय का कहना है कि संघ अध्यापकों के साथ है। 


बीईओ की जहां भी लापरवाही सामने आती है। कार्रवाई होती, उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। किसी भी अध्यापक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई परेशानी है तो विद्यालय के समय के बाद अध्यापक उन्हें मिलकर या फोन कर अपनी परेशानी बता सकता है। जो बीईओ निरंकुशता कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई हो रही है। -हेमंतराव, बीएसए

Thursday, August 6, 2020

हरदोई : त्रुटिपूर्ण टेंडर में पांच प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि

हरदोई : त्रुटिपूर्ण टेंडर में पांच प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि।

हरदोई : परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए कराए गए टेंडर त्रुटिपूर्ण होने पर बीएसए ने पांच प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी है। जिलाधिकारी ने भी प्रकरण को संज्ञान में 1. लेकर कड़े दिशा निर्देश दिए हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि अहिरोरी ब्लाक में पांच विद्यालयों ने यूनिफार्म के लिए टेंडर कराया था।



इसका प्रकाशन उसी दिन हो गया जब टेंडर डालने की अंतिम तिथि थी। इसलिए जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर इन पांचों प्रधानाध्यापकों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई है। इनमें बर्राडाल सिंह की नीलम वर्मा, गोपार की आशा देवी, मदारा के चंद्रशेखर यादव, चौसार के राम नरायन व नयागांव के प्रधानाध्यापक विनय कुमार यादव शामिल हैं। इन्हें पुनः टेंडर प्रकाशित करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।


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Sunday, July 5, 2020

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना

हरदोई : लापरवाही : वेतन की रिकवरी में हो रही देरी, अभी तक लिए गए वेतन की नहीं हो सकी गणना।

धनराशि की गणना : अभी तक लिए गए वेतन की गणना ही नहीं हो सकी बीईओ व लेखाधिकारी को करनी है धनराशि की गणना

हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग में जाली व टेम्पर्ड डिग्री के सहारे नौकरी करने वाले सहायक अध्यापकों ने सरकार को कई करोड़ रुपये का चूना लगाया है। एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद भी उनके खिलाफ कार्रवाई में पता नहीं क्यों देरी हो रही है। जिले में 16 शिक्षकों की सूची शासन से आई है। इनमें से एक के खिलाफ भी वेतन की रिकवरी करने के लिए आरसी अब तक नहीं जारी की गई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की फर्जी व टेम्पर्ड बीएड डिग्री के सहारे 16 लोग नौकरी पा गए।इसमें दो का केस कोर्ट में चल रहा है, जबकि 14 के खिलाफ एफआईआर से लेकर अन्य कार्रवाई के लिए हरी झंडी शासन दे चुका है। इन शिक्षकों से वेतन की रिकवरी करने की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले शुरू की थी, जो कागजों तक सिमटकर रह गई है।





विभागीय लिपिक प्रवीण मिश्रा का कहना है कि बर्खास्तगी के लिए जब पत्र भेजा गया था तब उसमें रिकवरी करने के निर्देश भी दिए गए थे। उच्चाधिकारियों ने खंड शिक्षा अधिकारियों व वित्त एवं लेखाधिकारी को वेतन की गणना करने व रिकवरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी जानकारी बीईओ व लेखाधिकारी को भलीभांति है। उधर वित्त एवं जिलाधिकारी योगेश पाण्डेय का कहना है कि किन शिक्षकों के वेतन की गणना बिक्री होनी है, उसका संपूर्ण ब्यौरा अभी नहीं मिला है। बीएसएफ के स्तर से लिखित पत्र मिलते ही रिकवरी के लिए कागजी कार्यवाही की जाएगी। बीएसए हेमन्तराव का कहना है किसी भी जालसाज शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान किस विद्यालय से कितना वेतन पाया है, उसकी गणना कराकर जल्द रिकवरी के लिए आरसी जारी कराई जाएगी।


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Sunday, April 5, 2020

हरदोई : पीएम मोदी पर टिप्पणी करने पर सहायक अध्यापक निलंबित

हरदोई : पीएम मोदी पर टिप्पणी करने पर सहायक अध्यापक निलंबित।









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Friday, February 14, 2020

हरदोई : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में 472 शिक्षकों के आवेदन रद्द, सवालों के घेरे में आये असाध्य बीमारी के प्रमाण पत्र

Friday, January 17, 2020

हरदोई : विशेष परीक्षा बताएगी परिषदीय विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर, लर्निंग आउटकम परीक्षा (द्वितीय) के लिए शेड्यूल किया गया जारी, तैयारियों में लगा शिक्षा विभाग

हरदोई : विशेष परीक्षा बताएगी परिषदीय विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर, लर्निंग आउटकम परीक्षा (द्वितीय) के लिए शेड्यूल किया गया जारी, तैयारियों में लगा शिक्षा विभाग।





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Monday, January 6, 2020

हरदोई : पदोन्नत शिक्षकों को 17140 रुपए वेतनमान का दें लाभ, मृतक आश्रित शिक्षकों ने की मांग

हरदोई : पदोन्नत शिक्षकों को 17140 रुपए वेतनमान का दें लाभ, मृतक आश्रित शिक्षकों ने की मांग।





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Tuesday, December 17, 2019

हरदोई : 340 परिषदीय विद्यालय खंडहर, खतरे में बच्चों की जान, कई जगह जर्जर किराए की बिल्डिंग में संचालित हैं विद्यालय

हरदोई : 340 परिषदीय विद्यालय खंडहर, खतरे में बच्चों की जान, कई जगह जर्जर किराए की बिल्डिंग में संचालित हैं विद्यालय।




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Friday, December 13, 2019

हरदोई : बिना अंग्रेजी पढ़े ही गुरु जी बन गए विषय के विशेषज्ञ, बोले प्रभारी- तैयार की सूची में हो गयी थीं गलतियां, होगा सुधार

हरदोई : बिना अंग्रेजी पढ़े ही गुरु जी बन गए विषय के विशेषज्ञ, बोले प्रभारी- तैयार की सूची में हो गयी थीं गलतियां, होगा सुधार।






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Monday, December 2, 2019

हरदोई : लगातार दो वर्ष से अनुपस्थित, स्कूल के अभिलेख लेकर भाग गया शिक्षामित्र

हरदोई : लगातार दो वर्ष से अनुपस्थित, स्कूल के अभिलेख लेकर भाग गया शिक्षामित्र

Saturday, November 23, 2019

हरदोई : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को संविधान की मिलेगी जानकारी, 2020-21 से लागू होगी व्यवस्था

हरदोई : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को संविधान की मिलेगी जानकारी, 2020-21 से लागू होगी व्यवस्था।





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