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Thursday, August 13, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : गैर-जमानती वारंट तालीम करा रही पुलिस, हाजिर न होने पर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों के सम्पत्ति की होगी कुर्की

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में फरार अभियुक्तों के खिलाफ वारंट।

UP Sikshak Bharti : भदोही निवासी मायापति दुबे धूमनगंज का स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव प्रतापगढ़ का दुर्गेश पटेल समेत कुछ शातिर कई बार दबिश के बावजूद पकड़ से दूर हैं।

प्रयागराज :   सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में फरार चल रहे सात अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हो गया है। अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) संबंधित थाने की पुलिस के जरिए वारंट तामील करवा रही है। इसके बाद भी अगर अभियुक्त गिरफ्त से दूर रहते हैं तो उन्हें भगोड़ा घोषित किया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित कराया जाएगा।

मायापति के खिलाफ नहीं जारी हुआ है वारंट : वांछित मायापति दुबे को चार हफ्ते में आत्मसमर्पण करने की मोहलत अदालत ने दी है। इसलिए उसके खिलाफ वारंट जारी नहीं किया गया है। इसी साल चार जून को परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ सोरांव पुलिस ने किया था। गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल, लेखपाल और दो अभ्यर्थी समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है।




शासन के निर्देश पर करीब दो माह से एसटीएफ इसकी जांच कर रही है। हाल ही में बस्ती निवासी एक और अभ्यर्थी की गिरफ्तारी हुई है। भदोही निवासी मायापति दुबे, धूमनगंज का स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, प्रतापगढ़ का दुर्गेश पटेल समेत कुछ शातिर कई बार दबिश के बावजूद पकड़ से दूर हैं। इन पर शिकंजा कसने के लिए एसटीएफ ने अदालत की मदद ली है। साथ ही विवेचना में कुछ और लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद उन्हे मुकदमे में शामिल किया गया। फिलहाल मायापति, दुर्गेश, चंद्रमा के अलावा अरविंद, शिवदीप, संदीप, सत्यम और शैलेष पटेल की तलाश है।

सरगना का सारा रखता था हिसाब : एसटीएफ को जांच में पता चला है कि सरगना केएल पटेल का साला शैलेष, अभ्यर्थियों से ली गई रकम का हिसाब-किताब रखता था। वही कैंडीडेंट लाने वाले को कमीशन भी देता था। दूसरा रिश्तेदार सत्यम  अभ्यर्थियों को झांसे में फंसाता था। कुछ और अभ्यर्थियों के नाम सामने आ सकते हैैं।

संपत्ति भी होगी कुर्क : एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि फरार अभियुक्तों की संपत्ति कुर्क करने के लिए जल्द ही कोर्ट में अर्जी दी जाएगी। अदालत के आदेश पर उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।



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69000 शिक्षक भर्ती : गैर-जमानती वारंट तालीम करा रही पुलिस, हाजिर न होने पर फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों के सम्पत्ति की होगी कुर्की।


प्रयागराज : 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में वांटेड स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के बाद पुलिस ने विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रयागराज जिले के अलावा प्रतापगढ़ और भदोही के रहने वाले आरोपियों के घर एनबीटी डब्ल्यू तामील कराया जा रहा है। इसके बाद भी आरोपी हाजिर नहीं हुए तो भगोड़ा घोषितकर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।





69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों में स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, प्रतापगढ़ के दुर्गेश, भदोही के मायावती दुबे और डॉ. कृष्ण लाल पटेल के रिश्तेदार समेत सात आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। आरोपियों में भट्ठा संचालक मायापति दुबे ने कोर्ट से 4 हफ्ते का समय लिया है। मायावती ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया तो उसके  खिलाफ एसटीएफ विधिक कार्रवाई करेगी। एसटीएफ प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि जिन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुआ है, उनके घर वारंट तामील कराया जा रहा है। प्रतापगढ़ जिले के अंतू और भदोही जिले के रहने वाले आरोपियों के अलावा प्रयागराज में धूमनगंज, फूलपुर, बहरिया और नवाबगंज थाने की पुलिस को एनबीडब्ल्यू दिया गया।


 स्थानीय पुलिस आरोपियों के घर जाकर तामीला करा रही है। पुलिस कोर्ट का आदेश लेकर आरोपियों के परिजनों को जानकारी दे रही है। उन्हें बता दिया गया है कि वारंट जारी है, इसके बाद भी हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ आगे कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों को लिया है एनबीडब्ल्यू,  प्रयागराज के अलावा प्रतापगढ़ व भदोही के रहने वाले हैं आरोपी

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69000 शिक्षक भर्ती : स्कूल प्रबंधक समेत सभी आरोपी होंगे भगोड़ा घोषित।

प्रयागराज : 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में वांटेड स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के बाद अब एसटीएफ उन्हें भगोड़ा घोषित कराने में लगी है । कोर्ट खुलते ही कार्रवाई की जाएगी। उन पर इनाम घोषित कराया जाएगा। इस दौरान अगर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो पुलिस कोर्ट के आदेश पर उनके घरों की कुर्की करेगी।



69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपियों में स्कूल प्रबंधकचंद्रमा यादव, प्रतापगढ़ का दुर्गेश, भदोही के मायावती दुबे और डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल के रिश्तेदार समेत सात आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। एसटीएफ ने शनिवार को ही अभ्यर्थी बलवंत पटेल को गिरफ्तार करके भेजा था जिसने डॉक्टर केएल पटेल से मिलकर अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर लाखों रुपए दिलवाए थे। उससे पूछताछ कर एसटीएफ को इस फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग के बारे में कई जानकारी मिली है।


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Saturday, August 8, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में एक और अभ्यर्थी प्रयागराज में गिरफ्तार

69000 शिक्षक भर्ती पात्रता परीक्षा में धांधली के मामले में जवाब तलब।


69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में एक और अभ्यर्थी प्रयागराज में गिरफ्तार।

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। परीक्षा में बतौर अभ्यर्थी शामिल होने वाले और सरगना केएल पटेल के मददगार बलवंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि वह खुद परीक्षा में बैठने के साथ ही सरगना तक अभ्यर्थियों को लानेे का काम करता था।



एसटीएफ स्थानीय इकाई के इंस्पेक्टर केशवचंद्र राय ने आरोपी को फाफामऊ मेें गोहरी रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया। सूचना मिली थी कि वह नैनी जेल में बंद सरगना केएल पटेल से मिलने आने वाला है। एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी बलवंत ने बताया कि वह बस्ती जिले के कनवारी थाना स्थित कनैला खास का रहने वाला है।
69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में वह खुद अभ्यर्थी था और मामले में जेल भेजे जा चुके कमल पटेल व शशिकृष्ण सरोज के माध्यम से सरगना केएल पटेल के संपर्क में आया था। पहले उसने खुद परीक्षा पास करने के लिए सेटिंग की और फिर अन्य कई अभ्यर्थियों को भी गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों से मिलवाने का काम करने लगा। बता दें कि मामले में सरगना केएल पटेल समेत 11 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं जिनमें दो अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल व विनोद कुमार शामिल हैं।

पांच लाख में हुई थी डील, दो लाख एडवांस

आरोपी बलवंत ने पूछताछ में बताया कि सरगना केएल पटेल ने उसे पांच लाख में परीक्षा पास कराने की बात तय की थी। जिसमें से दो लाख रुपये उसने एडवांस दिए थे। बाद में कमीशन का लालच मिलने पर वह अपने जानने वाले अन्य अभ्यर्थियों को भी गिरोह के लोगों से मिलवाने लगा।

परीक्षा में मिले 120 अंक

एसटीएफ अफसरों ने बताया कि आरोपी बलवंत न सिर्फ 69 हजार भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ बल्कि परीक्षा पास भी की। उसे 120 अंक मिले। पूछताछ में उसने बताया कि केएल पटेल एंड कंपनी ने अन्य अभ्यर्थियों की तरह उसे भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये नकल कराई।

पिता किसान, इंटर कॉलेज मेें पढ़ाता भी था आरोपी
गिरफ्तार किया गया बलवंत के पिता किसान हैं जबकि वह परीक्षाओं के संबंध में प्रयागराज आता-जाता रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिराह के सदस्यों से हुई जिसके बाद वह सरगना तक पहुंचा। वह बस्ती के इंटर कॉलेज में पढ़ाता भी था।

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69000 सहायक शिक्षक भर्ती के फर्जीवाड़े में वांटेड आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी एसटीएफ ने शनिवार को सिविल लाइंस से बस्ती के बलवंत पटेल को  गिरफ्तार कर लिया। इस मुकदमे में वांटेड मायापति को छोड़ अन्य सभी सात आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी करा लिया है। मायापति को कोर्ट की ओर से 4 हफ्ते का समय सरेंडर करने का मिला है।




एसटीएफ प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि  एसटीएफ को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फरार बस्ती के बलवंत के बारे में सूचना मिली थी कि वह नैनी जेल बंद डॉ. केएल पटेल से मिलने जाने वाला है। इसी सूचना पर घेराबंदी करके बलवंत को सिविल लाइंस में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में बलवंत ने बताया कि वह अरविंद चौधरी के माध्यम से कमल पटेल से मिला। कमल पटेल से परीक्षा पास कराने के लिए पांच लाख में सौदा हुआ था, जिसमें उसने दो लाख रुपया एडवांस दिया था। बाकी तीन लाख परिणाम आने के बाद देना था। इस दौरान कमल पटेल और शशि प्रकाश सरोज आदि लोगों से मिलकर और गैंग के सरगना डॉ. केएल पटेल के लिए काम भी करने लगा। डॉ. पटेल ने उसे पांच लाख कमीशन देने की बात कही थी। बताया कि इस मुकदमे में वांटेड मायापति को छोड़कर अन्य आरोपी स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, संदीप, दुर्गेश, शिवम और सत्यम समेत अन्य के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी है।

अब तक 12 आरोपियों को जेल

69000 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में जून 2020 को रूद्रपति दुबे, शशि प्रकाश, कृष्ण सरोज, कमल पटेल, रंजीत, डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल, मायापति दुबे, धर्मेंद्र सरोज के खिलाफ पैसा लेकर भर्ती में परीक्षा पास कराने में ठगी करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में सोरांव पुलिस ने अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अन्य आरोपी विवेचना में प्रकाश में आए थे, जिसमें स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव में शामिल था। बाद में इस प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। शनिवार को एसटीएफ ने पहली गिरफ्तारी की।


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Sunday, June 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं

69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं।


69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं।

प्रयागराज : 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में धांधली के मामले में वांछित मायापति दुबे की तलाश में शनिवार को एसटीएफ ने फिर से उसके भदोही स्थित घर पर स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की। पुलिस ने पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई। सबको चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने आरोपी को शरण दी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भदोही जिले का कोइरौना थानाक्षेत्र का रामपुर गांव निवासी मायापति दुबे का आलीशान मकान है। 69000 शिक्षक भर्ती में सोरांव पुलिस मायावती दुबे के एक भाई को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।








इस केस में वांछित मायावती की तलाश में एसटीएफ ने शनिवार को भदोही पुलिस की मदद ली। थाने से महिला पुलिस के साथ एसटीएफ रामपुर गांव पहुंची। वहां पर मायावती की पत्नी, उसका भाई और मां बाप मिले। सूत्रों की मानें तो परिजनों ने मायावती को फंसाने की बात कही और उसके बारे में कोई भी जानकारी से इनकार किया। एसटीएफ को ग्रामीणों से पता चला कि मायावती के पिता नौकरी छोड़कर वीआरएस ले चुके हैं। गांव में इनके दो तीन पत्ते चलते हैं। कोई विद्यालय भी बताया जा रहा है। इससे पूर्व भी एसटीएफ ने माया पति दुबे के घर और उसके ससुराल में छापेमारी की थी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया था। स्थानीय पुलिस को भी सूचना दे दी गई है कि अगर कहीं मायावती के बारे में सुराग लगे तो एसटीएफ को शेयर करे। मायापति दुबे के खिलाफ कोर्ट खुलते ही वारंट लेकर एसटीएफ उस पर इनाम कराने वाली है।


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बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी 69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग में शामिल होने का मांगा मौका

BTC- 2015 बैच के बैक पेपर मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद से मांगा जवाब।


प्रयागराज :  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन करने वाले बीटीसी 2015 बैच के उन अभ्यर्थियों की याचिका पर राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब मांगा है, जो एक विषय में बैक पेपर के कारण आवेदन के समय परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं थे। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने संतराम मौर्य व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है। याचिका में मांग की गई है कि बैक पेपर का रिजल्ट आने के बाद याचियों को मूल परीक्षा परिणाम आने की तिथि से सफल मानते हुए काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाए। अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 2015 बैच के बीटीसी अभ्यर्थी याचियों के चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट 11 दिसंबर 2018 को जारी हुआ। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों में एक विषय में अंक कम होने या असफल होने के कारण बैक पेपर भरा। कहा गया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2018 होने के कारण याचियों ने उस समय आवेदन कर दिया था। सात अगस्त 2019 को बैक पेपर का परिणाम आया और वे सफल हो गए। याचियों की मांग की है कि उनका इस आधार पर अभ्यर्थी निरस्त न किया जाए कि आवेदन की अंतिम तिथि को निर्धारित योग्यता नहीं रखते थे। बैक पेपर के परिणाम को मूल परिणाम का ही हिस्सा मानते हुए उन्हें 2015 बैच का ही सफल अभ्यर्थी मानते हुए काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए।

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बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी 69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग में शामिल होने का मांगा मौका।


बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी मांगा मौका।

प्रयागराज :  69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जो बीटीसी 2015 बैच के हैं और एक विषय में बैक पेपर आ जाने की वजह से आवेदन भरते समय परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं थे मांग की गई है कि बैक पेपर का रिजल्ट आने के बाद याचीगण को मूल परीक्षा परिणाम आने की तिथि से सफल मानते हुए काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाए।





संतराम मौर्य और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने इस मामले में प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से नौ जुलाई तक जवाब मांगा है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक याचीगण 2015 बैच के बीटीसी अभ्यर्थी हैं। इसके चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट 11 दिसंबर 2018 को जारी हुआ। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने एक विषय में अंक कम होने या असफल होने के कारण बैक पेपर भरा। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2018 थी। इसलिए याचीगण ने उस समय आवेदन कर दिया था। सात अगस्त 2019 को बैंक पेपर का परिणाम आया और वे सफल हो गए।


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Friday, June 26, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : फर्जीवाड़ा के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं

69000 शिक्षक भर्ती : फर्जीवाड़ा के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं।


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से छल करके लाखों रुपये हड़पने के मामले में आरोपी मायापुर दुबे की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने गुरुवार को दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम आने के बाद प्रतापगढ़ जिले में लालगंज थानाक्षेत्र के बहुचरा गांव निवासी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में मायापति दुबे व रुद्रपति दुबे सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी व छल करके लाखों रुपये हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई थी।





उसका आरोप है कि मायावती दुबे व रुद्रपति दुबे सहित अन्य अभियुक्त फरवरी माह में उसे प्रतापगढ़ में मिले और बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में उनका बहुत अच्छा जुगाड़ है। साढ़े आठ लाख रुपये देने पर क्या नौकरी दिला देंगे। राहुल सिंह का आरोप है कि अभियुक्तों के कई बार कहने पर उसने साढ़े सात लाख रुपये नकद उन्हें दिए तो अभियुक्तों ने भरोसा दिया कि नौकरी जरूर लग जाएगी। यह भी बताया कि 15-20 और लोग हैं, उनकी भी नौकरी लगनी है। जून माह में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का रिजल्ट आने पर अपना नाम न देख राहुल सिंह ने अभियुक्तों की तलाश की तो पता चला कि उन लोगों का गैंग है, जो धोखाधड़ी व छल करके अपने झांसे में लेते हैं।


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Tuesday, June 16, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : भदोही में तीन लाख में बेचे गए थे पेपर, एसटीएफ के निशाने पर 30 अभ्यर्थी


भदोही : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2019 में हुए फर्जीवाड़े में जिले के भी कथित टॉपर इस वक्त स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के रडार पर हैं। भदोही जिले में 350 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। लिखित परीक्षा में 30 अभ्यर्थी ऐसे हैं जो 110 से 120 अंक प्राप्त किए हैं। परीक्षा के दो दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के मोबाइल फोन पर पहुंच गए थे। मामला पकड़ में न आये, इसलिए अभ्यर्थियों ने जियो के नए मोबाइल नंबर आवंटित कराए थे। इसी वाट्सएप नंबर पर दो से तीन लाख रुपये लेकर पेपर भेजा गया। औराई, ज्ञानपुर क्षेत्र में ऐसे भी परीक्षार्थी सहायक परीक्षा में टॉपर बन गए जो तीन परीक्षाओं में फेल हो चुके थे।