DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label 69000. Show all posts
Showing posts with label 69000. Show all posts

Tuesday, August 11, 2020

टीईटी फेल को भी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा करा दिया पास, एसटीएफ की जांच में सामने आई बात

टीईटी फेल वालों को भी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा करा दिया पास, एसटीएफ की जांच में सामने आई बात

 
प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैस-वैसे चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पता चला है कि नकल माफिया गिरोह ने ऐसे अभ्यर्थियों को भी परीक्षा पास करा दी, जो टीईटी तक में उत्तीर्ण नहीं हो सके। गिरोह के कब्जे से मिली डायरी में लिखे नाम वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ में यह बात सामने आई है।


शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए नकल मफिया गिरोह सरगना केएल पटेल समेत अन्य के कब्जे से डायरी बरामद हुई थी। इसमें कई अभ्यर्थियों के नाम थे जो न सिर्फ शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास हुए थे बल्कि उन्होंने अच्छे खासे नंबर भी हासिल किए थे। विवेचना के दौरान एसटीएफ ने इन अभ्यर्थियों की जांच पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि इनमें ऐसे भी अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने शिक्षक भर्ती परीक्षा में तो पासिंग नंबर आसानी से हासिल कर लिए लेकिन वह टीईटी तक पास नहीं कर पाए।



यह अभ्यर्थी नकल माफिया गिरोह के संपर्क में थे और गिरोह की मदद से ही उन्होंने परीक्षा पास की। हालांकि बेसिक जानकारी न होने के कारण वह टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर सके। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि डायरी में एक महिला अभ्यर्थी का भी नाम था जो परीक्षा में उत्तीर्ण थी। लेकिन जब उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह टीईटी में पास नहीं हो सकी।


तीन अभ्यर्थी भेजे जा चुके हैं जेल
शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में अब तक कुल 14 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें से तीन अभ्यर्थी भी हैं। दो अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल व विनोद कुमार को सोरांव पुलिस ने जेल भेजा था जबकि बलवंत कुमार नाम के एक अभ्यर्थी को हाल ही में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सूत्रों की मानें तो गिरोह के संपर्क में रहने वाले कई अन्य अभ्यर्थी भी एसटीएफ के रडार पर हैं।

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले में आगे नहीं बढ़ सकी एसटीएफ की जांच, आरोपी नेता को बचाने का आरोप

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले में आगे नहीं बढ़ सकी एसटीएफ की जांच, आरोपी नेता को बचाने का आरोप


प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े की जांच अब एसटीएफ कर रही है. एसटीएफ को जांच मिले हुए दो महीने से ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन तेज-तर्रार बताई जाने वाली ये एजेंसी इन दो महीनों में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है. एक अभ्यर्थी को छोड़ दिया जाए तो एसटीएफ न तो किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है और न ही जांच को जरा भी आगे बढ़ा सकी है. जांच एजेंसी एसटीएफ इस मामले में मोस्टवांटेड बीजेपी नेता चंद्रमा सिंह यादव पर तो पूरी तरह मेहरबान नजर आ रही है. न तो अभी तक उसकी गिरफ्तारी की गई है और न ही उस पर कानूनी शिकंजा कसा गया है.


शिक्षक भर्ती मामले में एसटीएफ की नाकामी सवालों के घेरे में है. सवाल ये भी उठ रहे हैं कि एसटीएफ वाकई नाकाम है या फिर वह कुछ बड़े लोगों को बचाने के लिए जानबूझकर जांच और कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाले हुए है. एसटीएफ के ढुलमुल रवैये के बाद अभ्यर्थी और छात्र संगठन अब इस मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच कराए जाने की मांग करने लगे हैं. बीजेपी नेता चंद्रमा यादव यूपी के एक कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिधि रहा है और वो इससे पहले टीईटी परीक्षा का पेपर लीक कराने के आरोप में भी पांच महीनों तक जेल में रह चुका है. एसटीएफ ने बीजेपी नेता चंद्रमा को अब तक न तो भगोड़ा घोषित किया है और न ही उस पर इनाम जारी किया है.


गौरतलब है कि, यूपी के प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में पैसे लेकर पास कराने के आरोप में प्रयागराज पुलिस ने प्रतापगढ़ के अभ्यर्थी राहुल सिंह की शिकायत पर इसी साल चार जून को केस दर्ज जांच शुरू की थी. प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड केएल पटेल और दो टॉपर्स समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इतना ही नहीं पुलिस ने यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के प्रतिनिधि रहे बीजेपी नेता चंद्रमा सिंह यादव को भी इस मामले में आरोपी बनाया था. प्रयागराज पुलिस ने ये सारी कार्रवाई चार दिन में कर ली थी. भर्ती घोटाले का मामला सियासी गलियारों में गूंजने के बाद यूपी सरकार ने 9 जून को जांच प्रयागराज पुलिस से वापस लेकर एसटीएफ को सौंप दी थी. इसके साथ ही हफ्ते भर में ही तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को हटाने पर भी खूब कोहराम मचा था.


बीजेपी नेता चंद्रमा सिंह यादव सूबे के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह का प्रतिनिधि रह चुका है. उसकी गिनती प्रयागराज में बीजेपी के रसूखदार नेताओं में होती है. चंद्रमा यादव बीजेपी में महानगर उपाध्यक्ष के साथ ही किसान मोर्चे की प्रदेश कार्य समिति का सदस्य भी रह चुका है. वो एक इंटर कॉलेज का प्रबंधक भी है. अपने कॉलेज पंचमलाल आश्रम इंटर कालेज को वो रसूख का इस्तेमाल कर तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर बनवाता था और वहीं से पेपर लीक कराकर अपने गिरोह को देता था.



टीईटी पेपर लीक मामले में वो पांच महीने तक जेल में रह चुका है. वैसे एसटीएफ को जांच सौंपने और चंद्रमा को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर विपक्षी पार्टियां पहले ही सवाल उठा रही थीं. एसटीएफ ने दो महीने में इस मामले में सिर्फ एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा वो न तो किसी की गिरफ्तारी कर सकी है और न ही जांच में एक कदम भी आगे बढ़ सकी है. एसटीएफ की ये नाकामी सवालों के घेरे में है. आरोप लग रहा है कि सरकार को इस मामले का सनसनीखेज खुलासा रास नहीं आया, इसलिए उसने तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का तबादला किया और उसके बाद जांच को ठंडे बस्ते में डालने के लिए मामला एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया.


प्रयागराज में आइसा के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश पासवान, सपा छात्र सभा से जुड़े अजय यादव सम्राट और एनएसयूआई के ऋषि यादव ने एसटीएफ पर मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच अब सीबीआई या फिर हाईकोर्ट के किसी रिटायर्ड जज से कराए जाने की मांग की है.

Wednesday, July 29, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने दिल्‍ली में ओबीसी आयोग पर दिया धरना

69000 शिक्षक भर्ती : पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने दिल्‍ली में ओबीसी आयोग पर दिया धरना
 


बेसिक शिक्षा परिषद में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने के बिरोध में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को नई दिल्‍ली स्थित राष्ट्रीय ओबीसी आयोग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।



अभ्यर्थियों ने आयोग से भर्ती में नियमानुसार आरक्षण व्यवस्था लागू कराने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि राष्ट्रीय ओबीसी आयोग ने भर्ती पर रोक लगाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया, लेकिन विभाग ने अब तक नोटिस का जवाब तक नहीं दिया है। अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष लोकेश प्रजापति से मुलाकात की। 


प्रजापति ने आश्वासन दिया कि जब तक सरकार संतोषजनक जवाब नहीं देगी, तब तक भर्ती पर आयोग की रोक रहेगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। धरना- प्रदर्शन करने वालों में राजेश कुमार, विजय कुमार, , मनोज प्रजापति, सुशील कुमार, आशीष, लोहा सिंह पटेल समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल हुए।

Tuesday, July 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने धीमी जांच पर उठाए सवाल

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने धीमी जांच पर उठाए सवाल


प्रयागराज : सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में मोस्टवांटेड चंद्रमा यादव समेत अन्य फरार अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग अब आइपीएस अमिताभ ठाकुर ने की है। उन्होंने स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की धीमी जांच और कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए सवाल उठाए हैं। साथ ही आइजी एसटीएफ को पत्र लिखकर अपेक्षित कार्रवाई न होने की शिकायत की है। 


प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा को लेकर सोरांव थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस फर्जीवाड़े में धूमनगंज निवासी चंद्रमा यादव, भदोही का मायापति दुबे, प्रतापगढ़ का दुर्गेश पटेल और सरगना डॉ. केएल पटेल के दो साले समेत कुल आठ अभियुक्त अभी तक फरार चल रहे हैं। अमिताभ ठाकुर का कहना है कि उन्होंने 15 जून 2020 को प्रयागराज एसटीएफ के एसपी को डॉक्यूमेंट, ऑडियो व वीडियो रिकाíडंग के साथ कई जानकारी वाट्सएप के माध्यम से भेजी थी। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव सहित कई अभियुक्त फरार हैं। उन्होंने विवेचना में देरी और लापरवाही होने पर परिणाम गलत होने की आशंका जताई है।


 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2019 की परीक्षा के दौरान लीक हुए पर्चे और पकड़े गए साल्वर गिरोह के खिलाफ दर्ज मुकदमों में भी आधी-अधूरी कार्रवाई का आरोप भी अमिताभ ठाकुर ने लगाया है। कहा है कि प्रयागराज समेत अन्य शहरों में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए थे। उनकी विवेचना धीमी है।

Sunday, July 26, 2020

69000 भर्ती फर्जीवाड़ा : एसटीएफ तक पहुंची 500 से अधिक शिकायतें, मिले नए सुराग

69000 भर्ती फर्जीवाड़ा : एसटीएफ तक पहुंची 500 से अधिक शिकायतें, मिले नए सुराग

 
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े को लेकर अब तक 500 से अधिक लोग शिकायत कर चुके हैं। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के पास पहुंचीं ऐसी शिकायतों में तमाम आधारहीन हो सकती हैं, फिर भी इनकी जांच जरूर की जा रही है। हालांकि, कुछ शिकायतों से एसटीएफ को नए सुराग भी मिले हैं।


एक माह में मिली 500 शिकायतों में अचरज का सबब यह है कि पिछले सप्ताह से जो शिकायतें मिलीं उनमें शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में 100 नंबर से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों पर भी फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया जा रहा है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में जो शिकायतें मिलीं, वह प्रथम दृष्टया जांच में सही पाई गईं इसलिए उन्हें विवेचना में शामिल कर लिया था। अब कतिपय समाजसेवी, अधिवक्ता और कुछ जनप्रतिनिधि भी शिकायत कर रहे हैं।


बंद लिफाफे पहले किए जाते हैं सैनिटाइज
ज्यादा शिकायत बंद लिफाफे में आ रही हैं। कोरोना देखते हुए लिफाफे सैनिटाइज करने के बाद कुछ घंटे रखने के बाद ही खोलकर पढ़े जाते हैं।

Wednesday, July 22, 2020

69000 भर्ती के आवेदन में संशोधन को लेकर अभ्यर्थियों ने दिया धरना

69000 भर्ती के आवेदन में संशोधन को लेकर अभ्यर्थियों ने दिया धरना


69000 शिक्षक भर्ती के आबेदन में संशोधन की मांग को लेकर शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे।


परीक्षा में सफल अभ्यर्थी पूरे दिन सचिव कार्यालय पर धरने पर बैठे रहे धरने में आशुतोष श्रीवास्तव, अंजना सिंह, अर्चना सिंह, नलिनी वर्मा, प्रीति कुमारी, रेनू मौतम, प्रतिभा प्रेम /सोनिका यादव, अरबिंद कुमार तिवारी, पंकज, रितेश सिंह ,श्यामू यादव ,रमन बमो, सतीश चरण पाल, संजीब कुमार, विकास यादव( कानपुर ), प्रभात जायसवाल, रमन वर्मा, पवन कुमार ,अंकित मौर्य /मनीषा यादव, शिव शंकर ,हरेंद्र सिंह शामिल रहे।