DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, June 26, 2020

नई दिल्ली : स्कूल फीस को लेकर भड़का अभिभावक संघ, 26 से आंदोलन की दी धमकी


नई दिल्ली : स्कूल फीस को लेकर भड़का अभिभावक संघ, 26 से आंदोलन की दी धमकी


School Fees In Lockdown : अभिभावक संघ के अनुसार महज 2-3 घंटे की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पूरी फीस लेना गलत है। स्कूल एसोसिएशन की दलील है कि वे सिलेबस को अपने हिसाब से पूरा कराने की कर रहे हैं कोशिश



नई दिल्ली। कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते स्कूल-कॉलेज मार्च से बंद हैं। बच्चों की पढ़ाई में नुकसान न हो इसके लिए ऑनलाइन क्लासेज (Online Classes) चलाई जा रही हैं। मगर इन्हीं के बीच फीस को लेकर स्कूल प्रशासन और पैरेंट्स के बीच ठन गई है। स्कूल प्रबंधन जहां समय से फीस भरने को कह रहा है। वहीं अभिभावकों की दलील है कि महज 2 से 3 घंटे के लिए वे पूरी फीस नहीं दे सकते हैं। इस बात को लेकर अभिभावक संघ (Parents Association) हल्लाबोल की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर मसले का हल नहीं निकला तो वे 26 तारीख से आंदोलन करेंगे।


इस सिलसिले में उत्तराखंड में प्राइवेट स्कूलों (Private Schools) के फ़ीस वसूलने (School Fees In Lockdown) के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया था। इसके बाद सरकार ने कहा था कि ऑनलाइन क्लास देने वाले प्राइवेट स्कूल ट्यूशन फीस ले सकते हैं। मगर सरकार के इस फैसले से अभिभावक संघ सहमत नहीं है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभिभावक संघ के अध्यक्ष राम कुमार का कहना है कि सिर्फ़ 2 घंटे की ऑनलाइन क्लास हो रही है। इसमें भी कई बार नेटवर्क की दिक्कत होती है, तो कभी लाइट चली जाती है या अन्य समस्याएं आ जाती हैं। इससे पढ़ाई ठीक से नहीं हो पाती है। ऐसे में ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूली बिल्कुल गलत है। इसका विरोध किया जाएगा। मालूम हो कि लॉकडाउन के दौरान स्कूलों की ओर से लिए जा रहे फीस को लेकर गुरुग्राम में भी अभिभावकों ने आपत्ति जताई थी। यहां के पैरेंट्स एसोसिएशन ने भी आंदोलन की धमकी दी थी।


अभिभावक संघ इस मुद्दे पर आंदोलन की तैयारी में है। संघ के अध्यक्ष का कहना है कि वे फ़ीस के मुद्दे पर किसान यूनियन के साथ मिलकर प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे। वे 26 तारीख से सड़कों पर उतरकर स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। वहीं इस मसले पर स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि वे पूरे सिलेबस को 2-3 घंटे में पूरा कराने की कोशिश कर रहे हैं। वे स्कूल के सिलेबस के हिसाब से ही प्लानिंग कर रहे हैं। ऐसे में ट्यूशन फीस लेना गलत नहीं है। क्योंकि इसी के जरिए शिक्षकों को उनकी सैलरी दी जा सकेगी।

69000 शिक्षक भर्ती : फर्जीवाड़ा के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं

69000 शिक्षक भर्ती : फर्जीवाड़ा के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं।


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से छल करके लाखों रुपये हड़पने के मामले में आरोपी मायापुर दुबे की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने गुरुवार को दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम आने के बाद प्रतापगढ़ जिले में लालगंज थानाक्षेत्र के बहुचरा गांव निवासी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में मायापति दुबे व रुद्रपति दुबे सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी व छल करके लाखों रुपये हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई थी।





उसका आरोप है कि मायावती दुबे व रुद्रपति दुबे सहित अन्य अभियुक्त फरवरी माह में उसे प्रतापगढ़ में मिले और बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में उनका बहुत अच्छा जुगाड़ है। साढ़े आठ लाख रुपये देने पर क्या नौकरी दिला देंगे। राहुल सिंह का आरोप है कि अभियुक्तों के कई बार कहने पर उसने साढ़े सात लाख रुपये नकद उन्हें दिए तो अभियुक्तों ने भरोसा दिया कि नौकरी जरूर लग जाएगी। यह भी बताया कि 15-20 और लोग हैं, उनकी भी नौकरी लगनी है। जून माह में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का रिजल्ट आने पर अपना नाम न देख राहुल सिंह ने अभियुक्तों की तलाश की तो पता चला कि उन लोगों का गैंग है, जो धोखाधड़ी व छल करके अपने झांसे में लेते हैं।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की होगी जांच

अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की होगी जांच।


राज्य मुख्यालय : शिक्षकों की नियुक्तियों में हुए घोटाले की नित नयी परत खुलने के साथ ही प्रदेश सरकार ने राज्य के अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की भी जांच करवाए जाने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव जे.पी.सिंह ने इस बारे में उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा है।









इस पत्र में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के 16 जून को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रदेश में कार्यरत सभी स्तर के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की विधिवत जांच कराए जाने के बाबत एक सप्ताह में कार्ययोजना बना कर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत करवाने को कहा गया है। इसी क्रम में राज्य के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच करवाए जाने के संबंध में एक कार्ययोजना बनाकर शासन को दो दिनों में अवगत करवाएं। उधर, परिषद के रजिस्ट्रार आर.पी.सिंह ने बताया कि यह कार्ययोजना शुक्रवार तक शासन को उपलब्ध करा दी जाएगी।

 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

कक्षा- 8 तक के जूनियर विद्यालयों से समन्वय बनाते हुए कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग

कक्षा- 8 तक के जूनियर विद्यालयों से समन्वय बनाते हुए कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग


माध्यमिक शिक्षा विभाग कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा। इसके लिए कक्षा 8 तक के जूनियर स्कूलों से समन्वय करके प्रवेश देना होगा। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पास के जूनियर स्कूलों से कक्षा 8 के बच्चों की सूची लेकर उनके प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने के कारण विभाग ने यह व्यवस्था की है। कक्षा 8 तक के स्कूल बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित होते हैं। वहीं कक्षा 9 व इससे ऊपर के स्कूल माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित किए जाते हैं।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द।

नई दिल्ली : विशेष संवाददाता कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। दोनों बोर्ड ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। इस पर अदालत ने केंद्र और सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा पर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है। इस मामले में शुक्रवार को दोबारा सुनवाई होगी।








 हालात ठीक होने पर परीक्षा : केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा ने हलफनामा दाखिल परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। अब परीक्षाएं तब होंगी, जो वातावरण अनुकूल होगा। नई अधिसूचना जारी करें : शीर्ष अदालत ने सीबीएसई और केंद्र सरकार से कहा कि नई सूचना में आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा के बीच विकल्प का मामला भी स्पष्ट करें। साथ ही राज्य बोर्ड परीक्षाओं की वर्तमान स्थिति, परीक्षाओं की तारीख के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने शुक्रवार की सुबह तक सीबीएसई से नई अधिसूचना और हलफनामा मांगा है। वहीं, आईसीएसई बोर्ड ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा। अभिभावकों ने दायर की याचिका कोरोना के कारण कुछ अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने तथा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट बनाने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में परीक्षा के लिए बच्चों को भेजने से उन्हें खतरा हो सकता है।







संभावना

12वीं के लिए दो विकल्प आंतरिक मूल्यांकन : पिछली तीन परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करा सकते हैं बाद में परीक्षा : यदि कोई छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बाद में परीक्षा दे सकता है

10वीं के लिए...

10वीं के छात्रों को पुनः परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा।

संशय यूनिवर्सिटी दाखिला : परीक्षाएं रद्द होने से डीयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर भी असमंजस बढ़ गया है। छात्र : मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिले में परेशानी बढ़ेगी। ड्रॉप लेने वाले छात्रों को भी नुकसान। प्रतियोगी परीक्षाएं : सरकार ने सीटेट रद्द कर दी है। अब जेईई मेंस, जेईई एडवांस और नीट पर भी संशय के बादल मंडराए।

29 विषयों की परीक्षा बाकी थी छात्रों की,

16 लाख से अधिक छात्रों पर फैसले का असर


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, June 25, 2020

हाथरस : संविदा पर कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का नवीनीकरण आदेश जारी जारी, सूची देखें

हाथरस : संविदा पर कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का नवीनीकरण आदेश जारी जारी, सूची देखें








हाथरस : खेल के मैदान की उपलब्धता वाले 5-5 विद्यालयों के नाम दिए जाने के सम्बन्ध में

हाथरस : खेल के मैदान की उपलब्धता वाले 5-5 विद्यालयों के नाम दिए जाने के सम्बन्ध में

करे कोई भरे कोई : ऑपरेशन कायाकल्प के कामों में गड़बड़ी पर हेडमास्टर निलंबित

करे कोई भरे कोई : ऑपरेशन कायाकल्प के कामों में गड़बड़ी पर हेडमास्टर निलंबित। 



बरेली  :   ऑपरेशन कायाकल्प में गड़बड़ी और लापरवाही की हिंदुस्तान की खबरों पर बुधवार को मुहर लग गई। डीएम और एसडीएम के निरीक्षण में लापरवाही पकड़ में आई। डीएम के आदेश पर एक हेड मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। बीईओ भुता के साथ चार शिक्षकों को कठोर चेतावनी दी गई है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में घटिया टाइल्स लगाने, दोयम दर्जे की ईट का इस्तेमाल करने, कम ऊंचाई की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी शिकायतें आती रही हैं। बुधवार से इनका सत्यापन शुरू हो गया। खुद डीएम और सीडीओ ने भी भुता ब्लॉक में कई स्कूलों का निरीक्षण किया। 


प्राथमिक विद्यालय गुलाब नगर में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत रंगाई पुताई भी ठीक से नहीं कराई गई थी। फर्श भी टूटा हुआ मिला। डीएम के निर्देश पर प्राथमिक विद्यालय गुलाब नगर के प्रधानाध्यापक फरियाद अली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीएम ने बीईओ भुता को आरोप पत्र और ग्राम सचिव शेखर गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। सफाई कर्मी से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।



रंगाई-पुताई का काम भी निम्न स्तर का
प्राथमिक स्कूल मझोआ हेतराम के प्रधानाध्यापक सतीश शर्मा, प्राथमिक स्कूल फैज नगर द्वितीय की प्रधानाध्यापिका साधना पांडे, प्राइमरी स्कूल कल्याणपुर नवीन के हेड मास्टर ठाकुरदास और जूनियर हाई स्कूल कल्याणपुर नवीन के इंचार्ज अध्यापक सुरेंद्र सिंह को नोटिस देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन स्कूलों में भी ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कार्य नहीं कराए गए। स्कूलों की रंगाई पुताई, वॉल पेंटिंग आदि का काम भी निम्न स्तर का पाया गया। भुता ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार को भी कठोर चेतावनी जारी की गई है। डीएम ने ब्लॉक भुता के एपीओ को अच्छा कार्य करने पर प्रशंसा पत्र निर्गत करने के आदेश जारी किए।



धौलपुर के प्राइमरी स्कूल में न तो टाइल लगी और न ही शौचालय बना
 प्राइमरी स्कूल लालपुर में बीएसए को संतुष्टि पूर्ण कार्य नजर नहीं आया। स्कूल में अभी तक शौचालय नहीं बना था। वॉल पेंटिंग का काम भी नहीं हुआ था। स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्राइमरी स्कूल लक्षा में भी बाउंड्री वाल, हैंड वास यूनिट, दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। अनुपस्थित स्टाफ से जवाब तलब किया गया। जूनियर हाई स्कूल अखियां में फर्श में टाइल ही नहीं लगी है। बाउंड्री वाल भी नहीं बनी है। जूनियर हाई स्कूल भरतपुर में जानवर घूम रहे थे। प्राइमरी स्कूल भरतपुर बंद मिला। प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूल सिंचाई भी बंद मिला। स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है।

हाथरस : अनुदेशक / शिक्षामित्रों के कार्यों एवं दायित्वों के मूल्यांकन के सम्बन्ध में

हाथरस : अनुदेशक / शिक्षामित्रों के कार्यों एवं दायित्वों के मूल्यांकन के सम्बन्ध में

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को आयोजित डायट प्राचार्य एवं समस्त प्रवक्ता डायट की बैठक का कार्यवृत्त जारी, देखें

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को आयोजित डायट प्राचार्य एवं समस्त प्रवक्ता डायट की बैठक का कार्यवृत्त जारी, देखें।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को डायट प्राचार्य, BSA, BEO, DC एवं समस्त SRG की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्यवृत्त जारी, देखें

फतेहपुर : दिनांक- 23 जून 2020 को डायट प्राचार्य, BSA, BEO, DC एवं समस्त SRG की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का कार्यवृत्त जारी, देखें








 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फतेहपुर : निष्ठा (NISHTHA) के ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध

फतेहपुर : निष्ठा (NISHTHA) के ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सम्बन्ध।









 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

यूपी बोर्ड : अंक सह प्रमाणपत्र को करना पड़ सकता है इंतजार, कोरोना संक्रमण की वजह से प्रिंट होकर आने में लग सकता है समय

यूपी बोर्ड : तत्काल नहीं मिलेगा इस बार अंकपत्र और प्रमाणपत्र, कोरोना संकट की वजह से बोर्ड ने लिया निर्णय।


प्रयागराज। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 का परिणाम जारी होने के साथ अबकी बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों को अंकपत्र-प्रमाण पत्र तत्काल नहीं जारी किया जाएगा। यह निर्णय कोरोना संकट को देखते हुए लिया गया है। अब तक बोर्ड की ओर से परिणाम जारी होने के बाद 15 दिनों के भीतर अंकपत्र-प्रमाण पत्र स्कूलों को भेज दिए जाते थे। अबकी कोरोना संकट की वजह से अंकपत्र-प्रमाण पत्र छपने में परेशानी हो रही है, इसीलिए स्कूलों से कहा गया है कि वे डिजिटल हस्ताक्षर वाले अंकपत्र-प्रमाण पत्र वेबसाइट से डाउनलोड करके छात्रों को वितरित करें। डिजिटल हस्ताक्षर वाले प्रमाण पत्र, प्रवेश लेने से लेकर नौकरी तक में मान्य होंगे। बोर्ड पहले इंटरमीडिएट पास करने वाले परीक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएगा, जिससे उन्हें प्रवेश लेने में परेशानी न हो।

..............................--------------------------––--------------




यूपी बोर्ड : अंक सह प्रमाणपत्र को करना पड़ सकता है इंतजार, कोरोना संक्रमण की वजह से प्रिंट होकर आने में लग सकता है समय।


प्रयागराज : कोरोना संक्रमण काल में यूपी बोर्ड फिर आधार कार्ड बनाने जा रहा है। एक और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जैसे बड़े संस्थान की परीक्षाएं लंबित हैं। वहीं, दूसरी ओर परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का रिजल्ट एक साथ 27 जून को जारी करने जा रहा है। शनिवार दोपहर बाद करीब 51 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों का परिणाम वेबसाइट पर होगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) समय पर परीक्षा और परिणाम देने के लिए चर्चित रहा है। इस बार कोरोना संकट से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में विलंब हुआ, इसलिए रिजल्ट अब आने वाला है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक परीक्षा परिणाम तैयार कराने में कई एजेंसियां लगाई गईं। रिजल्ट घोषित होते ही वेबसाइट पर दिखेगा लेकिन, अंक सह प्रमाणपत्र के लिए उन्हें कुछ इंतजार करना पड़ सकता है। बोर्ड प्रशासन अंक व प्रमाणपत्र भी समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। प्रत्येक वर्ष बोर्ड रिजल्ट के साथ अंक सह प्रमाणपत्र वितरण की घोषणा करता है, जिसमें इस मर्तबा विलंब हो सकता है।






रिजल्ट की प्रेस कांफ्रेंस पर मंथन:

यूपी बोर्ड हर साल शिक्षा निदेशक माध्यमिक व बोर्ड सचिव मुख्यालय पर पत्रकारों के समक्ष रिजल्ट का एलान करते हैं। इस बार संक्रमण के कारण प्रेस कांफ्रेंस होगी या वेबसाइट और वाट्सएप पर ही रिजल्ट के बारे में बताया जाएगा इस पर विचार हो रहा है। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि शुक्रवार को निर्देश जारी करेंगे।

यूपी बोर्ड रिजल्ट

कोरोना संक्रमण की वजह से प्रिंट होकर आने मे हो सकता है कुछ विलम्ब, शनिवार दोपहर बाद 10वीं व 12 वीं का रिजल्ट होगा वेबसाइट पर।


सचिव पद पर पांचवीं महिला बताएंगी परिणाम : संयोग है कि 24 जून को यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव की नियुक्ति का तीन वर्ष पूरा हुआ। वह सचिव पद पर आसीन होने वाली पांचवीं महिला हैं। अचला खन्ना, प्रभा त्रिपाठी( दो बार), शकुंतला देवी यादव व शैल यादव सचिव पद पर रह चुकी हैं। नीना 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रही थी लेकिन परिणाम जारी करने को तीन माह का सेवा विस्तार दिया, अब 30 जून तक पद पर रहेंगी।


पहली बार ओएसडी की निगरानी में रिजल्ट : बोर्ड के इतिहास में पहला मौका है जब हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परिणाम के समय शासन की ओर से विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) नियुक्त हुआ है। ओएसडी दिव्यकांत शुक्ल भी मौजूद रहेंगे। पहले सचिव की सेवानिवृत्ति के बाद दूसरे अफसर तैनात होते रहे हैं या दूसरा अधिकारी तबादला या सेवानिवृत्त बाद बोर्ड पहुंचा । मौजूदा ओएसडी एक जुलाई से प्रभारी सचिव होंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या, KGBV भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ नए पर्दाफाश

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या।


लखनऊ : उप्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला नाम से भर्ती घोटाला की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए पर्दाफाश भी हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फर्रुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी।





कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। लेकिन अब तक यहां आवेदन करने वाली अनामिका की गुत्था नहीं सुलझी है। विभाग अब भी उस आवेदन की तलाश कर रहा है।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार

अलीगढ़ : अनामिका फर्जीवाड़े में सरगना का प्रमुख साथी गिरफ्तार।

अलीगढ़ : जिले के बिजौली ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों से नौकरी करने वाली कानपुर की बबली यादव के बहनोई बल्लू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गैंग के सरगना पुष्पेंद्र का प्रमुख साथी है। इसी ने बबली की मुलाकात पुष्पेंद्र से कराई थी। बल्लू की पत्नी भी आजमगढ़ में फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रही थी। जब भांडा फूटा तो सभी लोग फरार हो गए। बबली को अलीगढ़ में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले सप्ताह पुष्पेंद्र की गाँडा में गिरफ्तारी होने के बाद सैढपुर थाना किशनी (मैनपुरी) निवासी बल्लू यादव व पुष्पेंद्र की महिला मित्र राज बेटी की घेराबंदी में पुलिस जुटी थी।






 थाना पाली मुकीमपुर के एस हरिभान सिंह व एसआइ सहवीर ने बल्लू को मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर बुलंदशहर बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन, पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, रचिता यादव के नाम के छह और प्रीति यादव के नाम के 11 शैक्षिक प्रमाण पत्र और 500 रुपये मिले हैं। क्षेत्राधिकारी अतरौली प्रशांत सिंह ने बताया कि बिल्ली ने बबली और सरिता को नौकरी लगवाने की बात कबूली है। राजबेटी की तलाश है। जल्द उसे भी पकड़ लिया जाएगा। तीन लाख में दिलाते थे नौकरी पुलिस को बल्लू ने बताया कि दिसंबर 2018 में उसकी मुलाकात पुष्पेंद्र और राज बेटी से मैनपुरी में हुई थी। दोनों ने बताया था कि वे महिलाओं को कस्तूरबा विद्यालय में तीन लाख रुपये लेकर नौकरी दिलवाते हैं। इसके बाद बल्लू ने अपनी पत्नी रचिता यादव को जनवरी 2019 में प्रीति यादव पुत्र लाल बहादुर यादव के नाम से आजमगढ़ के बबई ब्लॉक में नौकरी दिला दी। आधार कार्ड भी प्रीति के नाम से बा। पत्नी की काउंसलिंग पुष्पेंद्र और राज बेटी ने करवाई थी। नौ जून को प्रकरण का पता चला तो चिंता भी फरार हो गई। हर महीने पत्नी के अकाउंट से 15 हजार रुपये पुष्पेंद्र व राज बेटी को जाते थे। नगद रुपये नहीं लेते थे। कहा जाता था कि और लोगों को लाओ, उनको भी लगवा देंगे। इसके बाद बिल्ली ने बबली यादव को पुष्पेंद्र से मिलवाया। चचेरी साली सविता यादव को भी प्रयागराज में नौकरी दिलाई। दोनों को मिलवाने के एवज में बल्लू को रुपये मिले थे। पुष्पेंद्र की कानपुर, अलीगढ़, प्रयागराज, गोंडा समेत कई जिलों से जान-पहचान है।


अलीगढ़ में पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है | बबली, उसकी नौकरी लगवाने के एवज भी मिले थे रुपये


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फतेहपुर : अब कायाकल्प नहीं पहला "विकल्प", पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में आया बदलाव

फतेहपुर : अब कायाकल्प नहीं पहला "विकल्प", पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में आया बदलाव।


फतेहपुर : शासन की आपरेशन कायाकल्प के जरिए परिषदीय स्कूलों के तेवर व कलेवर सुधारने की मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। कागजों में प्रस्ताव तैयार होने के बाद जमीन पर काम होते नहीं दिख रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अब ऑपरेशन कायाकल्प ग्राम प्रधानों के लिए पहला विकल्प नहीं है। पंचायत चुनावों की संभावना देखते हुए ग्राम प्रधानों की प्राथमिकताओं में बदलाव आ गया है। शासन ने आपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकताओं में शामिल किया है। शासन के अलावा स्कूली शिक्षा महानिदेशक ने भी जून में ऑपरेशन कायाकल्प समेत अन्य कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं लेकिन ग्राउन्ड जीरों में हालात अलहदा हैं। अब भी तमाम ऐसे स्कूल हैं जहां दिए गए प्रस्तावों के अनुसार काम शुरू नहीं हो सके हैं। नाम न छापने की शर्त पर कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने बताया कि उनके स्कूलों में प्रस्तावित कार्य शुरू नहीं कराए जा सके हैं। ग्राम प्रधान संपर्क करने परकभी बजट न होने का रोना रोते हैं तो कभी दूसरे विकास कार्यों में उलझे रहने का हवाला देते हैं।




प्राथमिकता के दिए थे निर्देश डीएम ने जनवरी माह में ही ऑपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकता प्रदान करने के कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने पंचायतीराज विभाग एवं विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया था कि पहले सभी परिषदीय स्कूलों को अवस्थापना सम्बन्धी सुविधाओं से संतृप्त कर दिया जाए। इसके बाद ही 14वें वित्त एवं राज्य वित्त की निधि से अन्य कार्य किए जाएंगे।


चुनावों पर है नजर सूत्र बताते हैं कि ग्राम प्रधानों का पूरा ध्यान अब पंचायत चुनावों पर है। ग्राम प्रधान अब उन्हीं कार्यों को कराने में दिलचस्पी ले रहे हैं जो उनके वोटर्स पर सकारात्मक प्रभाव डाले व गांव में उनकी पैठ को मजबूत करे। प्रधानों का अब पूरा ध्यान स्कूलों की बजाए गांवों की तरफ है।


फर्श में बैठकर पढ़ते हैं बच्चे अधिकांश परिषदीय स्कूलों में अब भी स्कूली बच्चे फर्श पर टाट पट्टी बिछाकर पढ़ाई करते हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत सबसे अधिक डिमांड फर्नीचर की ही है। हेडमास्टर चाहते हैं कि उनके प्रत्येक कक्षा कक्ष में मेज एवं बेंच स्थापित कराई जाएं जिससे बच्चों को गर्मी एवं सर्दी में जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करनी पड़े।

निर्धारित किए गए हैं यह सात घटक :

ब्लैक बोर्ड

स्वच्छ पेयजल, मल्टीपल हैंडवाश एवं जल निकासी का कार्य

बालक बालिका पृथक शौचालय

विद्यालय भवन मरम्मत, छत, दरवाजे, खिड़कियां एवं फ्लोर टाइलिंग

विद्युतीकरण

किचन शेड जीर्णोद्धार एवं सुसज्जतीकरण

फर्नीचर



बोले जिम्मेदार : ऑपरेशन
कायाकल्प में चुनौतियां तो सामने आ रही हैं लेकिन इसकी लगातार मानीटरिंग की जा रही है। करीब 300 स्कूलों में कार्य प्रगति पर है। ग्राम प्रधानों से प्रतिदिन बात की जा रही है। 30 सितंबर तय की गई डेड लाइन से पहले सारे विद्यालयों का कायाकल्प का काम पूरा कराया जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए फतेहपुर


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

परीक्षा व सत्र के लिए संशोधित दिशा-निर्देश बनाए यूजीसी : सरकार

परीक्षा व सत्र के लिए संशोधित दिशा-निर्देश बनाए यूजीसी : सरकार।



नई दिल्ली : मानव संसाधन  विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यूजीसी को परीक्षा के लिए संशोधित गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों की स्वास्थ्य को देखते हुए संशोधित गाइडलाइन बनाएं।




उन्होंने ट्वीट किया, यूजीसी ने इससे पहले वार्षिक परीक्षा और नए सत्र का एकेडमिक कैलेंडर जारी किया था, उसी को संशोधित किया जाएगा।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

पॉलीटेक्निक : दाखिले की प्रक्रिया खुद के जिले में पूरी कर सकेंगे छात्र, दस्तावेज सत्यापन के लिए भी आवंटित कॉलेज में जाने की जरूरत नहीं

पॉलीटेक्निक : दाखिले की प्रक्रिया खुद के जिले में पूरी कर सकेंगे छात्र, दस्तावेज सत्यापन के लिए भी आवंटित कॉलेज में जाने की जरूरत नहीं।


लखनऊ। प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिले के होने वाली

काउंसलिंग प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। दाखिले लेने वाले छात्रों को दस्तावेज सत्यापन के लिए अब आवंटित कॉलेज में जाना नहीं पड़ेगा। वह अपने जिले के राजकीय संस्थान में

दस्तावेज सत्यापन करा सकेंगे। इसके लिए वहां हेल्प सेंटर बनाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर काउंसलिंग के दौरान पहली बार यह सुविधा दी जा रही है। जिससे छात्रों को दूसरे जिले में भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं, छात्रों के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर 8 जुलाई को अपलोड कि ए जाएंगे। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि पहले काउंसलिंग के दौरान प्रथम आवंटन के बाद छात्रों को आवंटित संस्थान में दस्तावेज के साथ उपस्थित होना होता था दस्तावेज सत्यापन और सीटों को फ्रीज व फ्लोट कराने का कार्य संस्थान के कर्मचारी करते थे। छात्रों को आवंटित संस्थान में उसकी फीस जमा करनी होती थी। मगर इस बार इसमें बदलाव किया जा रहा है। अगर छात्र आवंटित सीट को बदलाना भी चाहते हैं तो उसे संस्थान में जाने आवश्यकता नहीं होगी।





छात्र सिक्योरिटी शुल्क ऑनलाइन जमा कर सकेगा और इंटरनेट के जरिये सीट बदल सकेगा। अगर वह आवंटित सीट पर प्रवेश लेना चाहता है तो उसे आवंटित संस्थान में जाने के बजाय उसके जिले में बने हेल्प सेंटर में जाकर दाखिले की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।



प्रवेश परीक्षा के लिए तय किए गए केंद्र।


प्रवेश परीक्षा इस बार ऑनलाइन के साथ ऑनलाइन भी होगी। ऑफलाइन परीक्षा 19 जुलाई को सुबह की पाली में 505 और शाम की पाली में 195 केंद्रों पर होगी। इसी तरह 25 जुलाई को ऑनलाइन परीक्षा सुबह की पाली में 110 और शाम की पाली में 110 केंद्रों पर होगी। ऑनलाइन परीक्षा के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों और कंप्यूटर सेंटरों को केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों को सैनिटाइज कराया जा रहा है। परीक्षा से पहले सभी स्टाफ और छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।



 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक।


प्रयागराज : कोरोना संक्रमण की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्रों की पिछड़ी पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोर्स कम करने का फैसला किया है।





सीबीएसई के सुझाव पर एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग) ने दसवीं के कोर्स से कुछ टॉपिक हटाने का फैसला किया। हटाए गए सिलेबस में दसवीं से हर विषय के कुछ टॉपिक और कांसेप्ट को लिया गया है। एनसीईआरटी ने कहा है कि इन चैप्टर से परीक्षा में कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे। स्कूलों में भी इन चैप्टर की पढ़ाई भी नहीं होगी। हटाए गए टॉपिक से बच्चों का आंतरिक मूल्यांकन होगा।


ये टॉपिक हटाए गए

सीबीएसई की ओर से दसवीं में गणित से त्रिभुज का क्षेत्रफल, शंकु के वक्र पृष्ठ को हटा दिया गया है, जबकि विज्ञान में मेटल, नॉन मेटल की फिजिकल प्रॉपर्टी, लाइट में टिंडल एफेक्ट को कोर्स से हटाया गया है। टिंडल एफेक्ट बच्चे आठवीं में पढ़ चुके हैं, इस कारण से इसे हटाया जा रहा है। इसके अलावा ऊर्जा के स्रोत एवं प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी प्रबंधन को कोर्स से हटाया गया है। सामाजिक विज्ञान में औद्योगिकीकरण युग, प्रिंट संस्कृति और आधुनिक दुनिया का सुझाव, बोलीविया के जल युद्घ, नेपाल में लोकतंत्र के लिए आंदोलन को भी हटाया गया है। कोर्स से इन चैप्टर को हटाने के साथ एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि अब जो टॉपिक स्कूल में पढ़ाया जाएगा, उन्हीं से सवाल पूछे जाएंगे। उन्हीं के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन होगा। हटाए गए टॉपिक छात्रों को स्वयं पढ़ने होंगे, इन टॉपिक से 20 अंक का इंटर्नल असेसमेंट होगा। इसमें छात्रों को प्रोजेक्ट और असाइनमेंट बनाने होंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल।


कासगंज। वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री पर जालसाजी कर नौकरी हासिल कर चुके 91 में से 5 शिक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। न्यायालय से इन्हें राहत नहीं मिली। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर विधिक कार्रवाई शुरू की। तीन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि दो के खिलाफ कार्रवाई शिथिल है। हालांकि फर्जी पाए गए पांचों शिक्षक फरार हो चुके हैं और उनके मोबाइल बंद हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। पिछले साल अक्टूबर में एसआईटी ने शिक्षक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी।





इन 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर फिर बहाली हुई। उसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग उच्च न्यायालय में पैरवी कर रहा है। न्यायालय में जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने तर्क रखे। जिसमें 5 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया, जबकि 86 की सुनवाई विचाराधीन है। फर्जी पांचों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के बाद बीएसएफ ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए। अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरों के खंड शिक्षाधिकारी तीन पर मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।


फर्जी शिक्षिका व वार्डन ने लिया 34 लाख से अधिक का मानदेय

कासगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर हुए फर्जीवाड़े से शिक्षा विभाग को लाखों की चपत लग गई। फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करती रहीं रानामऊ को शिक्षिका और हुमायूंपुर की वार्डन लगभग 34 लाख रुपये से अधिक का मानदेय ले चुकी हैं। अब इसकी बिक्री कर विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।



 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

गोरखपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर नहीं भर पा रहे हैं अपना सही विवरण, ऑनलाइन जानकारियां बार-बार बदल रहे शिक्षक

मानव सम्पदा पोर्टल पर नहीं भर पा रहे हैं अपना सही विवरण, ऑनलाइन जानकारियां बार-बार बदल रहे शिक्षक

गोरखपुर के तीन हजार से ज्यादा परिषदीय स्कूलों में काम करने वाले 7900 शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर अपना सही विवरण नहीं भर पा रहे हैं। इसकी वजह से परिषदीय शिक्षकों का ऑनलाइन विवरण तैयार नहीं हो पा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मानव सम्पदा पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिसमें विद्यालयों का विवरण उपलब्ध रहता है। अनामिका शुक्ला प्रकरण एवं अन्य फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आने के बाद विभाग ने मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों के ऑनलाइन विवरण को भरवाने में गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है। क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं जो ऑनलाइन विवरण को सही से भर हीनहीं पा रहे है। विभाग की ओर से ऐसे 680 शिक्षकों की सूची जारी की गई है। जिन्होंने ऑनलाइन विवरण नहीं भरा है, या गलत भरा है। बार बार जानकारी अपडेट कर रहे शिक्षक शासन से कई बार निर्देश मिलने के बाद भी मानव सम्पदा पोर्टल पर डिटेल नहीं भरी जा सकी है। सबसे बड़ी दिक्कत ये आरही है कि शिक्षक एक ही जानकारी को भरने के बाद कई-कई बार से उसे अपडेट कर रहे हैं। इस वजह से शैक्षिक योग्यता नहीं भरनेवालों पर नजरः मानव सम्पदा पोर्टल में परिषदीय शिक्षकों को अपना सम्पूर्ण विवरण देना फाइनल विवरण अपलोड नहीं हो पा रहा होता है। जिसमें घर, नाम, पता, नियुक्ति वर्ष, नियुक्ति स्कूल, कार्यरत स्कूल का नाम, पद, परिवार के सदस्यों के साथ ही शैक्षणिक विवरण भी देना होता है। बेसिक शिक्षा विभाग लगातार मानव सम्पदा पोर्टल पर नजर रखे हुये हैं। जिसमें 100 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं। जिन्होंने अभी तक अपनी शैक्षिक योग्यता और एकेडमिक प्रमाण पत्र और अंकपत्रों का ब्योरा नहीं भरा है। है। बड़ी संख्या में जब शिक्षक जानकारी बार-बार अपडेट करने से नहीं माने तो विभाग ने शिक्षकों के नामवार लिस्ट जारी कर निर्देश दिया कि एक ही जानकारी को बार-बार अपडेट करने से काफी दिक्कतें आती हैं। इसलिए मानव सम्पदा पोर्टल पर जानाकरी अपलोड करने में सावधानी बरते। जो जानकारी भर दी है उसे बार बार बदले नहीं।



सूची जारी मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण भरना अनिवार्य है। निरंतर मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों को निर्देशित किया जा रहा है कि सभी शिक्षकों को भरना होता है विवरण जिले में कार्य हैं जल्द से जल्द अपना विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट करें। इसमें किसी प्रकार 7900 परिषदीय स्कूल की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 


जटिल प्रक्रिया बड़ी समस्या
मानव सम्पदा पोर्टल पर विवरण भरने की प्रक्रिया को परिषदीय शिक्षक बेहद जटिल मान रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जटिल प्रक्रिया की वजह से ही विवरण भरने में देरी हो रही है। कई चरणों में विवरण भरना है। इसलिए तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है