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Saturday, June 27, 2020

हाथरस : आरोग्य सेतु एप इंस्टाल कराकर आम जन मानस में उपयोग कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : आरोग्य सेतु एप इंस्टाल कराकर आम जन मानस में उपयोग कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : संविलयन विद्यालयों में प्र0अ0 पद का प्रभार न लेने वाले शिक्षकों का विवरण उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : संविलयन विद्यालयों में प्र0अ0 पद का प्रभार न लेने वाले शिक्षकों का विवरण उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

UP Board Result: 10वीं-12वीं के रिजल्ट हुए घोषित, रिया और अनुराग ने मारी बाजी, टॉप-10 मेधावी छात्रों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी


टॉप-10 मेधावी छात्रों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर के टॉप 10 मेधावियों का सम्मान करेगी। सीएम ने परीक्षा में सफल छात्र छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से मार्कशीट बांटी जाएगी, इसलिए मास्क या फेस कवर जरूर लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सीएम ने कहा कि महामारी के बीच समय पर परीक्षा व लॉकडाउन के बावजूद समय से परीक्षा परिणाम घोषित करने वाले बधाई के पात्र हैं।

UP Board Result: 10वीं-12वीं के रिजल्ट हुए घोषित, रिया-अनुराग ने मारी बाजी

UP Board 12th Result 2020: दसवीं और बारहवीं कक्षा का रिजल्ट जारी, टॉपर्स को एक लाख रुपये और लैपटॉप मिलेगा


■ ऐसे चेक करें यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट

● पहले इसके लिए यूपी बोर्ड की वेबसाइट upresults.nic.in पर जाएं
● यहां 10वीं या 12वीं एग्जाम रिजल्ट पर क्लिक करें
● इसके बाद अपना रोल नंबर यहां इंटर करें
● फिर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा
● रिजल्ट देखने के बाद स्क्रीन का प्रिंट अवश्य लें
● यूपी बोर्ड की वेबसाइट व अन्य जानकारी


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट  आज 27 जून को घोषित हुआ। स्टूडेंट अपना रिजल्ट यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर पाएंगे, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है।

◆ बोर्ड का नाम : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद
◆ परीक्षा का नाम : कक्षा 10वीं/12वीं का बोर्ड एग्जाम
◆ आधिकारिक वेबसाइट : upmsp.nic.in
◆ रिजल्ट की वेबसाइट : upresults.nic.in

UP Board 12th Result 2020: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने दसवीं और बारहवीं के परिणाम घोषित किए। लंबे वक्त से रिजल्ट का इंतजार कर रहे विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए दसवीं और 12वीं के नतीजे देख सकते हैं। 


उत्तर प्रदेश बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का ऐलान कर दिया है. कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल का रिजल्ट पिछले साल से बेहतर रहा है. 10वीं 83.31 प्रतिशत और 12वीं में 74.63 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है. दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में लड़कियों का पासिंग परसेंटेज लड़कों से ज्यादा रहा है. हाईस्कूल में रिया जैन (Riya Jain) तो इंटरमीडिएट में अनुराग मलिक (Anurag Malik) ने टॉप किया है। दोनों ही छात्र बागपत के बडौत के श्री राम एसएन अन्तर कॉलेज के हैं। एक ही स्कूल के दो टॉपर निकले हैं जिन्हें सरकार बड़े पैकेज के साथ सम्मानित भी करेगी।



उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए। दसवीं कक्षा में  27,44,976 परीक्षार्थी और बारहवीं कक्षा में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना इस वर्ष परिणाम अच्छा रहा। 


दसवीं में रिया जैन और बारहवीं में अनुराग मलिक ने किया टॉप
इस साल के रिजल्ट में लड़कों के मुकाबले लड़कियां का प्रदर्शन बेहतर रहा है। दसवीं कक्षा में 23 लाख 982 छात्र पास विद्यार्थी पास हुए हैं। दसवीं में इस साल बड़ौत-बागपत की रिया जैन ने टॉप किया है। रिया ने 96.67 फीसदी नंबरों के साथ टॉप किया है। दसवीं में दूसरा स्थान अभिमन्यु वर्मा का रहा है। उन्होंने 95.83 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वह साई इंटर कॉलेज बाराबंकी के विद्यार्थी हैं। वहीं, तीसरा स्थान योगेश प्रताप सिंह और राजेंद्र प्रताप सिंह का रहा। इन दोनों ही विद्यार्थियों ने 95.33 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा में टॉप किया है। योगेश प्रताप सदभावना इंटर कॉलेज बाराबंकी के विद्यार्थी हैं।


वहीं, इंटरमीडिएट में बड़ौत-बागपत के अनुराग मलिक ने टॉप किया है। उन्होंने 97 फीसदी नंबरों के साथ टॉप किया है। दूसरे स्थान प्रयागराज के प्रांजल सिंह का रहा है। उन्होंने 96 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। तीसरे स्थान उत्कर्ष शुक्ला का रहा है जिन्होंने 94.80 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वो औरैया के रहने वाले हैं।


टॉपर्स को लैपटॉप और एक लाख रुपये की राशि
यूपी सरकार ने टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है। इसके अलावा दसवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपर्स विद्यार्थियों को सरकार एक लाख रुपये की सहायता राशि भी देगी। 20 टॉपर्स के घर तक सरकार पक्की सड़क बनाएगी। पिछले साल यूपी बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल महीने में जारी किया गया था। इस साल वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से बोर्ड के परिणाम देरी से जारी हुए हैं। इस साल दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं 18 फरवरी में शुरू हुई थीं और 6 मार्च तक चली थी। कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए लॉकडाउन की घोषणा के चलते परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी हुई थी। जिसकी वजह से इस साल रिजल्ट की घोषणा में भी देरी हुई।


उत्तर प्रदेश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
upresults.nic.in
upmsp.edu.in 


कैसे देखें अपना 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट
सबसे पहले विद्यार्थी यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in/ upmsp.edu.in है। 
यहां विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट का लिंक मिलेगा।
विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करके अपना रोल नंबर और विवरण भरें।
विद्यार्थियों की तरफ से जानकारी भरते ही रिजल्ट खुल जाएगा।
अब विद्यार्थी अपना रिजल्ट डाउनलोड कर लें या फिर उसका प्रिंट ले लें।


गौरतलब है कि पिछले साल यूपी बोर्ड के दसवीं कक्षा का रिजल्ट 80.07 फीसदी रहा था। उससे पहले साल 2018 में दसवीं के परिणाम 75.16 फीसदी रहा था। जबकि साल 2017 में  81.18 फीसदी, 2016 में  87.66 फीसदी और  साल 2015 में दसवीं का परिणाम  83.74 फीसदी रहा था। वहीं, पिछले साल बारहवीं में 70.06 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे। साल 2018 में बारहवीं कक्षा में 72.43 फीसदी और साल 2017 में 82.62 फीसदी रिजल्ट रहा था। उससे पहले साल 2016 में बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 87.99 फीसदी और 2015 में 88.83 फीसदी रहा था। 
 

प्रयागराज : 192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी

192 शिक्षकों के पैन व 24 के खाता नम्बर समान, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी हेराफेरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों में ही हेराफेरी नहीं हुई है, बल्कि शिक्षकों के वेतन भुगतान में भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। अभिलेखों की जांच में 192 प्रकरण ऐसे मिले हैं जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री कई जिलों की फाइलों में दर्ज है, केवल उनका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर अलग शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने इस पर नाराजगी जताते हुए वित्त नियंत्रक शिक्षा निदेशालय और बेसिक शिक्षा परिषद से तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। बेसिक शिक्षा महकमे में इन दिनों शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का भी परीक्षण हो रहा है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने
मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी है।





इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दे अलग-अलग टी विभिन्न जिलों की फाइलों में है, लेकिन उसका खाता नंबर अलग है। इसी तरह से कुल 24 प्रकरण ऐसे हैं जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो अलग शिक्षकों के नाम के समक्ष दर्ज है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे बेहद संदिग्ध व आपत्तिजनक करार देते हुए लिखा है कि ये प्रकरण पर्यवेक्षण की विफलता को दर्शाता हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि सभी जिलों के शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराकर इस तरह से प्रकरणों को चिन्हित करके और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मुहैया कराएं।



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69000 : शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा को लेकर लगाया विवादित पोस्टर, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, मामले की जांच कर रही है एसटीएफ, कई अभी फरार

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा को लेकर लगाया विवादित पोस्टर, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, मामले की जांच कर रही है एसटीएफ, कई अभी फरार



लखनऊ : पोर्टल फीडिंग कराने BRC आई शिक्षिका निकली कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप और साथी कर्मी दहशत में

लखनऊ : पोर्टल फीडिंग कराने BRC आई शिक्षिका निकली कोरोना पॉजिटिव, मचा हड़कंप और साथी कर्मी दहशत में



मोहनलालगंज में शिक्षिका की रिपोर्ट आई कोरोना पाजिटिव, हड़कंप

24 जून को शिक्षिका की रिपोर्ट आई पॉजिटिव 20 जून को गई थी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय

संक्रमित मिलने के बाद नहीं हुआ सैनीटाइजेशन व कर्मचारियों की कोरोना जांच


लखनऊ।  बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही जिले के शिक्षकों पर भारी पड़ सकती है। मोहनलालगंज ब्लाक में एक महिला शिक्षिका के कोरोना संक्रामित पाए जाने के बाद न तो खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सैनीटाइज किया गया और न ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों की कोरोना जांच कराई गई। 


जानकारों के अनुसार शिक्षिका की कोरोना रिपोर्ट आने से तीन दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अपने कार्य से गई थी। इसे लेकर ब्लाक के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है जबकि विभाग मामले को दबाने में जुटा है। मोहनलालगंज के क्रमोत्तर कन्या विद्यालय में तैनात बैंककर्मी शिक्षिका के पति का 21 जून की शाम को कोविड-19 का सैम्पल लिया गया। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद शिक्षिका और उनके दोनों बेटों को सैंपल लिया गया। जो कोरोना पाजिटिव निकले। 


20 जून को कोरोना संक्रामित शिक्षिका भी पोर्टल पर फीडिंग कराने कार्यालय गई थी। हालाकि संक्रामित शिक्षिका के साथ आई दूसरी शिक्षिकाओं को जानकारी दे दी गई। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रान्तीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि क्वारंटाइन सेंटर बने स्कूलों को और बीआरसी को सेनेटाइज करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग की बात कई बार विभागीय अधिकारियों से कही गई। इसके आदेश भी जारी हुए, लेकिन ब्लॉक स्तर पर इसका पालन नहीं किया जा रहा है। 


मोहनलालगंज खण्ड शिक्षा अधिकारी धमेंद्र प्रसाद का कहना है कि सभी बीआरसी पर मानव सम्पदा पोर्टल की फीडिंग का कार्य चल रहा है। शिक्षिका 20 जून के बाद से बीआरसी पर नहीं आई थी। बीआरसी के सभी कर्मचारियों को कोरोना की जांच करवाई जाएगी।

यूपी बोर्ड : 99 साल में दूसरी बार घोषित होगा लखनऊ से परिणाम, जाने 2020 में पहली बार क्या हुआ

यूपी बोर्ड : 99 साल में दूसरी बार घोषित होगा लखनऊ से परिणाम, जाने 2020 में पहली बार क्या हुआ


99 साल के इतिहास में यह दूसरा अवसर होगा जबकि बोर्ड परीक्षा का परिणाम प्रयागराज की बजाय लखनऊ से जारी होगा। इससे पहले प्रयागराज से ही नतीजे जारी होते थे। अब से कुछ देर का इंतजार हैं और नतीजे 12 बजे ऑनलाइन जारी कर दिए जाएंगे।


इससे पहले बसपा सरकार में 2007 में हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम लखनऊ से जारी किया गया था। हालांकि इंटर का रिजल्ट प्रयागराज से ही जारी हुआ था। उस समय संजय मोहन माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बोर्ड के सभापति थे जबकि सचिव बासुदेव थे।


आपको बता दें कि इस बार कोरोना महामारी के कारण नतीजे जारी होने में देरी हो रही है। बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं कोरोना का संक्रमण फैलने से पहले क्रमश: 3 और 6 मार्च को समाप्त हो गई थी। कॉपी जांचने का काम 16 मार्च को शुरू हुआ था लेकिन कोरोना के कारण 18 मार्च से टालना पड़ा था। उसके बाद 5 मई से ग्रीन जोन और 12 मई से ऑरेंज जोन में मूल्यांकन शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक सभी जिलों में कॉपियां जांचने का काम पूरा हो गया। समय से रिजल्ट देने के लिए पहली बार यूपी बोर्ड ने अलग से पोर्टल बनाकर छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल एवं लिखित परीक्षा समेत अन्य सूचनाओं को अपडेट किया। इससे एक तो बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को रिजल्ट तैयार करवाने के लिए दूसरे राज्य नहीं जाना पड़ा और समय के अंदर रिजल्ट भी तैयार हो गया।


2020 में पहली बार क्या हुआ
- पांच जिलों में सिलाई वाली कॉपी से कराई गई परीक्षा
- 10वीं और 12वीं की कॉपियों की लाइनें चार अलग-अलग रंगों में थी
- इंटर में एक विषय में फेल छात्रों को कम्पार्टमेंट देकर पास होने का मौका
- इस बार ऑनलाइन लिए जाएंगे स्क्रूटनी के आवेदन
- छात्रों में तनाव दूर करने को टोल फ्री नंबर जारी किए गए
- सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए

यूपी : विश्वविद्यालय राज्य सरकार पर बोझ न बनें, आय के स्रोत तलाशें : राज्यपाल

विश्वविद्यालय राज्य सरकार पर बोझ न बनें, आय के स्रोत तलाशें : राज्यपाल


उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों ने अपील की है कि वे राज्य सरकार पर बोझ न बनें और आत्मनिर्भर बनने के लिए आय के स्रोत तलाशें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को अपने शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रोन्नति समय से करने के निर्देश भी दिए, जिससे उनका मनोबल बना रहे। 


वह शुक्रवार को राजभवन में लखनऊ विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान एवं शताब्दी वर्ष समारोह मनाने के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दो-तीन विश्वविद्यालयों का चयन कर उसे पूरा सहयोग दें जिससे वे नैक मूल्यांकन में 'ए' ग्रेड हासिल कर सकें, क्योंकि प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय नैक मूल्यांकन में 'ए' ग्रेड प्राप्त नहीं कर सका है।


शताब्दी समारोह मनाए जाने के संबंध में राज्यपाल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री जो प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री भी हैं, के दिशा-निर्देशन में शताब्दी समारोह का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी सप्ताह में एक दिन तय करें ताकि वे विश्वविद्यालयों के कुलपति से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनें एवं उनके निराकरण में सहयोग करें। इसके साथ ही वे स्वयं विश्वविद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा भी लें, जिससे छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण हो सके।


बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस. गर्ग, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय एवं राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी केयूर सम्पत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में आश्रित की नौकरी पाने वालों की राह आसान हो रहा है। सचिव बेसिक शिक्षा ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लिया है। प्रकरणों में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर नाराजगी जताई है। उनहोंने कहा कि तमाम पत्रकारों में मार्गदर्शन की जरूरत ही नहीं है। यह केवल लेटलतीफी किए जाने का कारण है और मामले कोर्ट में पहुंचने पर अनावश्यक किरकिरी होती है।






दसअसल बेसिक शिक्षा विभाग में मत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दिए जाने में हीलाहवाली हो रही है। आश्रित की नौकरी पाने के लिए सालों प्रकरण की सुनवाई न किए जाने पर ऐसे लोग कोर्ट चले जाते हैं। सचिव बेसिक शिक्षा विजय शंकर तिवारी ने आदेश दिया कि जिन प्रकरणों में मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है। वह प्रकरण कतई न भेजे जाएं। संगत नियमों और शासनादेशों के अधीन आदेश अनुपालन में कोई दिक्कत आती है तो परिषद से विशेष अपील अलबत्ता की जा सकती है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में ऐसे पांच प्रकरण हैं जो खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के लिए दिए गए हैं। जिसमें सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश का अनुपालन कराया जाएगा।




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अभिभावकों ने फीस न दिया तो स्कूल बंद कर सकते हैं संचालन, निजी स्कूलों ने साझा की पीड़ा


अभिभावकों ने फीस न दिया तो स्कूल बंद कर सकते हैं संचालन, निजी स्कूलों ने साझा की पीड़ा

अभिभावकों को स्कूल फीस जमा करने का स्पष्ट निर्देश दे सरकार

कहा जनजीवन सामान्य हो चुका है तो अभिभावक स्कूल फीस देने में क्यों गुरेज कर रहे हैं। फीस ही स्कूलों की आमदनी का एक मात्र जरिया है। ...


लखनऊ । 18 मार्च से स्कूल बंद हैं। तब से फीस कलेक्शन न के बराबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो फीस जमा होने का ग्राफ जीरो है। अभिभावकों से स्कूलों को कोई सपोर्ट नहीं मिल रहा है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो स्कूलों को संचालन बंद करना पड़ सकता है। यह कहना था अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अनिल अग्रवाल का।


शुक्रवार को अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, कनफेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल (सीआईएस),पूर्वांचल स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से हज़रतगंज स्थिति क्राइस्ट चर्च कॉलेज में संयुक्त प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसके तहत स्कूलों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। अनिल अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों द्वारा लॉकडाउन के दौरान से ही ऑनलाइन एजुकेशन मुहैया कराई जा रही है मगर अभिभावक सहयोग नहीं कर रहे हैं, फीस न आने से शिक्षकों का वेतन प्रभावित हुआ है। 


उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जनजीवन सामान्य हो चुका है तो अभिभावक स्कूल फीस देने में क्यों गुरेज कर रहे हैं। फीस ही स्कूलों की आमदनी का एक मात्र जरिया है। अगर स्कूलों को 30 ही प्राप्त नहीं होगी तो संचालन कैसे संभव हो पाएगा।


सीआईएस के सचिव राहुल केसरवानी ने कहाकि कुछ लोगों द्वारा या भ्रम फैलाया जा रहा है कि सरकार ने तीन महीने की फीस माफ कर दी है, जबकि सरकार ने न तो पूर्व में ही न ही वर्तमान में ही कोई फीस माफ करने का आदेश जारी नहीं किया। सशक्त अभिभावक फीस दे ताकि अशक्त अभिभावकों को मदद दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में स्कूलों से करीब आठ से दस लाख शिक्षक- कर्मचारी जुड़े हैं। ऐसे में फीस न मिलने से इतनी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों में जावेद आलम समेत तमाम लोग मौजूद रहे। 


85 प्रतिशत अभिभावक फीस देने में सक्षम कन्फेडरेशन ऑफ इंडिपेंडेंट स्कूल्स के अध्यक्ष विशाल जैन ने बताया कि पश्चिमी यूपी में स्कूलों को न के बराबर फीस मिली है। करीब 15 प्रतिशत अभिभावक ऐसे होंगे जो फिलहाल फीस देने में सक्षम नहीं होंगे, लेकिन बाकी 85 प्रतिशत अभिभावकों को फीस जमा कर देनी चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में शिक्षकों और स्टाफ के रोजगार पर असर पड़ सकता है।


निजी स्कूलों के संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वे अभिभावकों को स्कूलों की फीस जमा करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करे। अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है कि लॉकडाउन अवधि की फीस माफ कर दी जाएगी। इसके चक्कर में अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि वे बड़ी मुश्किल से अपने स्टाफ को दो महीने का वेतन दे पाए यदि अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

फतेहपुर : खाद्यान्न के लिए अभिभावकों को प्रधानाध्यापक जारी करेंगे प्रिंटेड रंगीन प्राधिकार पत्र

फतेहपुर : खाद्यान्न के लिए अभिभावकों को प्रधानाध्यापक जारी करेंगे प्रिंटेड रंगीन प्राधिकार पत्र।

फतेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर लॉक डाउन में बंद चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षारत छात्र-छात्राओं को एमडीएम की कनर्वजन कास्ट एवं खाद्यान्न दिया जाना है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर सम्बंधित अभिभावकों को एक प्राधिकार पत्र सौंपा जाएगा, जिसके तहत वह कोटेदार के यहां से अनाज एवं बैंक से कनर्वजन कास्ट की धनराशि प्राप्त करसकेंगे। अभिभावकों को रंगीन प्रिंटेड प्राधिकार की कापी शासन द्वारा विभाग को भेजी गई है।





जिसे ब्लाक स्तर पर प्रिंट कराकर विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराया जाना है। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग नई कवायद में जुट गया है। ब्लाक स्तरपररंगीन प्राधिकारप्रिंट कराए जाने की तैयारी में है। लॉक डाउन एवं ग्रीष्मावकाश के कारण 24 मार्च से लेकर 30 जून तक स्कूल बंद होने के कारण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत बच्चों को एमडीएम नहीं दिया गया है। इसलिए बढ़ी हुई कन्वर्जन कास्ट को लागू करते हुए छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में दी जाएगी। वहीं इतने ही दिन का खाद्यान्न भी अभिभावकों को दिया जाना है। एमडीएम प्रभारी आशीष दीक्षित ने बताया कि शासन द्वारा जारी रंगीन प्रिंटर प्राधिकार ही अभिभावकों को दिए जाएंगे।


76 दिनों की मिलेगी कनवर्जन कास्ट :  अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के निर्देश के तहत अवकाश के दिनों को छोड़ कर बंदी के कुल 76 दिन होते हैं। जिसमें प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र-छात्रा 374 रुपए तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र 561 रुपए देय होंगे। बीएसए को निर्देश दिया कि सभी खंड शिक्षाधिकारी छात्र-छात्राओं का डाटा एक्सल सीट पर तैयार कर प्रधानाध्यापक को सौंपेंगे। उसके बाद प्रधानाध्यापक सभी बच्चों के अभिभावकों को बैंक खाता के कागजात एकत्र कर बैंक एडवाइस के साथ सम्बंधित बैंक शाखा में प्रस्तुत करेंगे।

खाद्यान्न के लिए प्रधानाध्यापक बाटेंगे प्राधिकार : बंदी के 76 दिनों का खाद्यान्न बच्चों के अभिभावकों को दिया जाना है। प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र को 100 ग्राम प्रतिदिन और उच्च प्राथमिक के बच्चे को 150 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से 24 मार्च से 30 जून तक का प्राथमिक के प्रति छात्र 7.60 किग्रा तथा उच्च प्राथमिक के प्रति बच्चे को 11.40 किग्रा अनाज देय होगा। निर्देश दिए गए हैं कि प्रधानाध्यापक बच्चों के अभिभावकों को रंगीन प्रिंट प्राधिकार जारी करें। जिसमें छात्र-छात्रा का पूरा ब्यौरा होगा। प्राधिकार को लेकर ही नामित कोटेदार के यहां से अभिभावक अनाज प्राप्त करेंगे।


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फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेख से नौकरी कर रही संध्या व निधि की सेवा समाप्त, कस्तूरबा की दोनों वार्डनों के खिलाफ दर्ज करवाई जाएगी रिपोर्ट

फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेख से नौकरी कर रही संध्या व निधि की सेवा समाप्त, कस्तूरबा की दोनों वार्डनों के खिलाफ दर्ज करवाई जाएगी रिपोर्ट।


फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेखों से नौकरी करने में कस्तूरबा गांधी विद्यालय कमालगंज की वार्डन संध्या द्विवेदी और कस्तूरबा गांधी विद्यालय कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभाग की ओर से इनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के खुलासे के बाद अभिलेखों की जांच शुरू होने पर जिले के बा विद्यालयों में भी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कमालगंज में वार्ड संध्या द्विवेदी फिरोजाबाद, अलीगढ़ भी नौकरी कर रही थी। इन्होंने नौकरी के दौरान जो पते दिए थे वह जांच में फर्जी पाए गए। कायमगंज बा विद्यालय की वार्डन निधि गुप्ता ने भी फर्जी अभिलेखों से नौकरी पाई थी।






इन्होंने भी जो निवास संबंधी पते दिए थे वह भी फर्जी पाए गए थे। वार्ड निधि गुप्ता ने जो टीईटी प्रमाण पत्र लगाया गया था वह जांच में अनामिका शुक्ला का निकला था। जांच पूरी होने पर बीएसए लालजी यादव ने वार्डन संध्या द्विवेदी और वार्डन निधि गुप्ता की संविदा समाप्त करने के लिए डीएम के पास पत्रावली भेजी थी। डीएम के मंजूरी मिलने के बाद बीएसएफ ने दोनों की संविदा समाप्त कर दी है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया कि इन दोनों वार्डनों की नियुक्ति अक्टूबर 2019 में हुई थी। अभिलेख सत्यापन न होने से मानदेय नहीं दिया गया था। दोनों वार्डनों के अभिलेख फर्जी होने से इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। इन दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।


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फर्रुखाबाद : फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षक बर्खास्त, बीईओ को रिपोर्ट लिखाने और अभी तक दिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश

फर्रुखाबाद : फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षक बर्खास्त, बीईओ को रिपोर्ट लिखाने और अभी तक दिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश।


फर्रुखाबाद :  डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की वर्ष 2004-05 की फर्जी बीएड डिग्री से परिषदीय स्कूल में नौकरी कर रहे प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को बीएसए लालजी यादव ने बर्खास्त कर दिया है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और अभी तक विभाग से दिए गए वेतन की वसूली करने का भी आदेश दिया है। एटा जिले के खिरिया नगर शाह निवासी शिव भगत सिंह पुत्र नीमा सिंह ने 12 दिसंबर 2009 में जिले के परिषदीय स्कूल में डा. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री से सहायक अध्यापक की नौकरी पाई थी।






प्रमोशन होने पर शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रूपपुर भागलपुर में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनाती हुई। इसी तरह गांव अचरिया बाकरपुर पोस्ट खलवारा निवासी ज्योति कटियार पुत्री हरनाम सिंह ने वर्ष 10 मार्च 2010 को सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी। वे प्राथमिक विद्यालय बहावलपुर में सहायक अध्यापक थीं। भीमराव आंबेडकर विवि, की वर्ष 2004-05 की करीब 4570 बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थीं। उच्च न्यायालय से 29 अप्रैल 2020 को फर्जी घोषित 2823 बीएड डिग्रियों की सूची में प्रधानाध्यापक शिव भगत सिंह व सहायक अध्यापक ज्योति कटियार का भी नाम था। एसआईटी से कार्रवाई को सुची आने के बाद बीएसएफ लालजी यादव ने दोनों शिक्षकों को बुलाकर उनका पक्ष सुना। बीएसए ने बताया कि प्रधानाध्यापक शिव भगत सिंह व सहायक अध्यापक ज्योति कटियार को बर्खास्त कर दिया है। संबंधित बीईओ को दोनों शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और अब तक लिए वेतन के धन की रिकवरी करने का आदेश दिया है।




दो और शिक्षकों पर लटकी तलवार

फर्रुखाबाद : इसी वर्ष की भीमराव आंबेडकर विवि की फर्जी बीएड डिग्री से प्राथमिक विद्यालय सरह द्वितीय में सहायक अध्यापक पूनम राठौर और प्राथमिक विद्यालय नकटपुर मोहम्मदाबाद में सर्वेश कुमार नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश आया है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया कि जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी। बर्खास्त 22 शिक्षकों पर नहीं हुई एफआईआर



फर्रुखाबाद एसआईटी जांच में फंसे 22 शिक्षक करीब एक माह पूर्व बर्खास्त हो चुके हैं। यह शिक्षक भी फर्जी बीएड डिग्री से नौकरी कर रहे थे। इनकी डिग्रियां उच्च न्यायालय से फर्जी घोषित होने के बाद बीएसए ने बर्खास्त किया था। बीईओ को रिपोर्ट लिखाने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।


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विश्वविद्यालय परिक्षाओं के लिए कमेटी गठित

विवि परीक्षाओं के लिए कमेटी गठित

लखनऊ : राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में चार कुलपतियों की एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति होंगे। अवध, आगरा और कानपुर के कुलपति इसके सदस्य होंगे। यह कमेटी सोमवार को अपनी रिपोर्ट देगी। इसी के आधार पर फैसला होगा कि परीक्षाएं कराईं जाएं या छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत कर दिया जाए।





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CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर

CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) को एक से 15 जुलाई के बीच 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाओं को रद्द करने की इजाजत दे दी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उस स्कीम को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत छात्रों के रिजल्ट तैयार होंगे। कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर 12वीं की बची हुई परीक्षाएं आयोजित हो सकती है, यह विकल्प छात्रों के लिए खुला रहेगा। हालांकि 10वीं के छात्रों के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी। सीबीएसई और आईसीएसई के 10वीं और 12वीं के परिणाम 15 जुलाई तक जारी हो जाएंगे। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई और केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सरकार और सीबीएसई को नई अधिसूचना जारी करने के लिए कहा। सीबीएसई ने सुनवाई के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीएसई और मानव संसाधन व विकास मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के अंकों का मूल्यांकन उनके द्वारा दी गई परीक्षाओं के आधार पर होगा। उन्होंने कहा, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह स्कीम तैयार की गई है उन्होंने कहा, कोरोना के हालात सुधरने पर बची हुई परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकती है। छात्रों के पास उन परीक्षाओं में शामिल होने का विकल्प होगा। जो छात्र परीक्षा में बैठने के विकल्प को चुनेंगे, उनके लिए परीक्षाओं में प्राप्त अंक ही मान्य होंगे।




जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

सीबीएसई ने कहा, मूल्यांकन तरीका सीबीएसई जैसा ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई बोर्ड द्वारा भी बची हुई परीक्षाओं का आयोजन करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आईसीएसई ने बताया कि सीबीएसई के मूल्यांकन का तरीका भी उनसे काफी मिलता जुलता है। सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई को भी इस संबंध में नोटिस जारी करने के लिए कहा है। सीबीएसई और आईसीएई की ओर से यह बताया गया कि रिजल्ट 15 जुलाई को घोषित कर दिए जाएंगे।



10वीं के छात्र रिजल्ट से असंतुष्ट हुए तो दे सकते हैं परीक्षा : निशंक मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि सीबीएसई 10वीं के जो छात्र नतीजों से असंतुष्ट हैं और मानते हैं कि अगर उन्हें परीक्षा का मौका मिले तो वे बेहतर कर सकते हैं। ऐसे छात्रों को परीक्षा देने का विकल्प होगा। हालांकि, यह विकल्प उन्हीं छात्रों के लिए होगा, जिन्होंने सभी विषयों की परीक्षा नहीं दी हो।



CBSE : सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में मिलेंगे नम्बर।

नई दिल्ली : सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में नंबर मिलेंगे। या तीन से ज्यादा पेपर दे चुके छात्रों को सर्वश्रेष्ठ तीन के औसत पर बाकी विषयों में अंक मिलेंगे। वहीं, परिणाम 15 जुलाई तक जारी होंगे। सीबीएसई ने शुक्रवार को परीक्षा रद्द करने व वैकल्पिक अंकों की अधिसूचना जारी कर दी। नए फार्मूले के तहत तीन पेपर देने वालों को सर्वश्रेष्ठ दो के औसत से अंक मिलेंगे। जिनके 1 या 2 पेपर हुए हैं, उन्हें इनके अंक, आंतरिक मूल्यांकन/प्रेक्टिकल के औसत से अंक मिलेगा। एक या दो पेपर देने वाले 12वीं के कुछ भी छात्र हैं, जो दिल्ली के हैं। 12वीं के लिए वैकल्पिक परीक्षा का मौका भी मिलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बची परीक्षाओं के मूल्यांकन योजना के ड्राफ्ट को स्वीकृति दे दी।


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CBSE : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

सीबीएसई : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

देहरादून : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई ने एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षाएं रद्द करने के बाद शुक्रवार को असेसमेंट स्कीम जारी कर दी। इसका लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिनकी कई-कई विषयों की परीक्षाएं बची हुई थीं। सीबीएसई की ओर से परीक्षाएं रद्द करने के बाद अब असेसमेंट की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस योजना का लाभ ऐसे छात्रों को मिलेगा, जिनके एक या अधिक विषयों की परीक्षाएं बची हुई हैं।

केवल उन्हीं छात्रों को मिलेंगे औसत अंक, जिनकी परीक्षाएं 1-15 जुलाई के बीच होनी थी।






यह है बोर्ड की असेसमेंट स्कीम

10वीं, 12वीं के उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, उनका रिजल्ट परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया जाएगा।


उन सभी छात्रों के लिए जिन्होंने परीक्षाओं में तीन से अधिक विषयों के पेपर दिए हैं, उनमें से तीन कवियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों का औसत उन विषयों में दिया जाएगा, जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


उन छात्रों के लिए जो केवल तीन विषयों की परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, उनमें से सर्वश्रेष्ठ दो में प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों को उन विषयों में प्रदान किया जाएगा जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


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उच्च शिक्षा विभाग के हर शिक्षक की होगी जांच, सभी जिलों में गठित होगी समिति और उपसमिति

उच्च शिक्षा विभाग के हर शिक्षक की होगी जांच, सभी जिलों में गठित होगी समिति और उपसमिति।


लखनऊ : राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत हर शिक्षक की नियुक्ति की जांच होगी। उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका, एस गर्ग ने शुक्रवार को जांच का शासनादेश जारी करते हुए सभी जिलाधिकारियों को एक जांच समिति और उप समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं उन्होंने सभी डीएम को जांच पूरी कराकर 31 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में डीएम की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनेगी। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक को सदस्य और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया जाएगा। समिति के पर्यवेक्षण में स्थलीय जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक समिति बनेगी। समिति में डीएम द्वारा नामित जिले के राजकीय महाविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रवक्ता और संबंधित राज्य विवि के वित्त अधिकारी को सदस्य नामित किया जाएगा। अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों की जांच के लिए डीएम द्वारा नामित एसडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की जाएगी। समिति में जिले के राजकीय महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय के एक वरिष्ठ प्रवक्ता को सदस्य नामित किया जाएगा।





विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के लिए समिति गठित : प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए समिति गठित की है। चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित समिति में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि आगरा के कुलपति प्रो. अशोक सिंघल, पति शाहूजी महाराज विवि कानपुर की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि अयोध्या के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित को सदस्य बनाया गया है। समिति तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करेगी।


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फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे

फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे।


नई दिल्ली : सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड दसवीं-12 वीं की परीक्षाएं नहीं करवाया, अब उन परीक्षाओं की जगह छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन होगा जिसका रिजल्ट 15 जुलाई को आ जाएगा। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को शीर्ष न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई का यह आग्रह स्वीकार कर लिया सभी याचिकाओं का निस्तारण करदिया, जिनमें जुलाई में ली जाने वाली परीक्षाओं को रद कराने की मांग की गई थी।




कक्षा 10 की कोई परीक्षा नहीं होगी : बोर्ड ने कहा है कि कक्षा दस के लिय आगे कोई परीक्षा नहीं होगी। आंतरिक मूल्यांकन योजना के तहत उनका रिजल्ट बनाया जाएगा।

12वीं के लिए परीक्षा वैकल्पिक : कक्षा 12 के बारे में शिक्षा बोर्ड ने फैसला किया है कि जिन छात्रों ने सभी परीक्षा दे दी है उनका रिजल्ट परीक्षा के आधार पर तैयार किया जाएगा। लेकिन ऐसे विषय जिनकी परीक्षा 1 से 15 जुलाई तक होनी थीं सीबीएसई उनके लिए वैकल्पिक परीक्षा की व्यवस्था करेगा लेकिन ये तभी होगा जब माहौल सही होगा।


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Friday, June 26, 2020

यूपी बोर्ड देगा इम्प्रूवमेंट का विकल्प, अंक से खुश नहीं होने पर छात्र कर सकते हैं आवेदन

यूपी बोर्ड देगा इम्प्रूवमेंट का विकल्प, अंक से खुश नहीं होने पर कर सकते हैं आवेदन

UP Board 10th 12th Improvement Exam 2020 यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद इम्प्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर देता है।

यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं परीक्षा के परिणाम कल, यानी कि 27 जून 2020 को घोषित हो जाएंगे। वहीं अक्सर परिणाम घोषणा के बाद कई छात्रों की यह समस्या होती है कि उन्होंने किसी विषय में कम अंक हासिल किए हैं तो कोई किसी विषय में फेल हो गए हैं। ऐसी परिस्थिति में छात्रों को निराश और परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, यूपी बोर्ड द्वारा छात्रों को फिर से एक मौका दिया जाता है, जिसके अंतर्गत वे उन विषयों में अच्छे अंक दोबारा हासिल कर सकते हैं। यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट के परीक्षा में शामिल होने का अवसर देता है। इस माध्यम से छात्रों को एक और मौका दिया जाता है। आमतौर इसके लिए वार्षिक परीक्षा के परिणाम के एक से दो सप्ताह बाद आवेदन लिए जाते हैं। लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस महामारी के कारण इम्प्रूवमेंट परीक्षा के आयोजन में देरी हो सकती है।




बता दें कि यूपी बोर्ड इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट परीक्षा 2019 के लिए 16,333 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें से 14,629 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट परीक्षा 2019 में 14,607 परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की थी। वहीं पास प्रतिशत के हिसाब से 99.85 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने यूपी बोर्ड इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट परीक्षा 2019 में सफलता हासिल किया है। वहीं वर्ष 2019, यूपी बोर्ड हाईस्कूल, यानी 10वीं की वार्षिक परीक्षा में लगभग 32 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जबकि इंटरमीडिएट (12वीं) की वार्षिक परीक्षा में लगभग 26 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था।


जो छात्र 10वीं और 12वीं कक्षा के इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट परीक्षा 2020 में हिस्सा लेंगे, वे upmsp.edu.in पर विजिट कर अपना मार्क्स डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि इम्प्रूवमेंट परीक्षा उन परीक्षार्थियों के लिए आयोजित की जाती है, जो यूपी बोर्ड की वार्षिक परीक्षा में पहले प्रयास में सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं।

UP Board 10th, 12th Improvement result 2020: ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं मार्क्स

UP Board Result 2020 : रिजल्ट में फेल होकर भी उत्तीर्ण हो सकेंगे हजारों परीक्षार्थी, जानें कैसे...


यूपी बोर्ड इम्प्रूवमेंट परीक्षा 2020 का परिणाम जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें। ऑफिशियल वेबसाइट upmsp.edu.in है। होमपेज पर कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट एग्जामिनेशन रिजल्ट 2020 के लिंक पर क्लिक करें। अब एक नया पेज खुलेगा। यहां परीक्षार्थी अपनी कक्षा का चुनाव करें। अब अपने सात अंकों के रोल नंबर के जरिये सबमिट करें। आपका रिजल्ट/मार्कशीट स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। मार्कशीट को डाउनलोड करें और उसका प्रिंट निकाल कर सुरक्षित रख लें।


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Delhi School News: कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान, 31 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल

Delhi School news : दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किया ऐलान, 31 जुलाई 2020 तक बंद रहेंगे स्कूल

दिल्ली के स्कूल के छात्रों व अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 जुलाई 2020 तक बंद रखा जायेगा।





Delhi School news : दिल्ली के स्कूल के छात्रों व अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 जुलाई 2020 तक बंद रखा जायेगा। यानी, 31 जुलाई 2020 तक दिल्ली के सभी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से स्थगित रहेंगी। यह घोषणा दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने की है। बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ते हुए संक्रमण को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया गया है। सिसोदिया ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता है।

बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई के बाद अगर कोई शहर हुआ है तो वह दिल्ली है। यहां हर दिन तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। इस समस्या को मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से सभी स्कूल-कॉलेज सहित शैक्षणिक संसस्थान बंद कर दिए गए थे। इसके बाद जैसे-जैसे लॉकडाउन में छूट मिली थीं, उसके आधार पर शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। इसके तहत सीबीएसई बोर्ड सहित कई अन्य राज्यों ने बची हुईं 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने का ऐलान किया। लेकिन कोरोना संक्रमण के नहीं थम रहे मामलों की वजह से आखिरकार सीबीएसई सहित कई अन्य राज्यों को परीक्षाएं टालनी पड़ीं। वहीं हाल ही सीबीएसई ने ऐलान किया है कि वह 15 जुलाई तक परिणाम जारी कर देगा। इसके अलावा कई अन्य बोर्ड पहले ही नतीजे जारी कर चुके हैं। इनमें सबसे पहले बिहार बोर्ड नरे जारी किए थे। वहीं अब कल यानी कि 27 जून को यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी करने जा रहा है। शनिवार की दोपहर साढ़े 12  बजे रिजल्ट घोषित किया जाएगा।


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हाथरस : दिनाँक 01 जुलाई 2020 से समस्त प्र0अ0, स0अ0 तथा शिक्षामित्र/अनुदेशक को विद्यालय में उपस्थित रहने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

हाथरस : दिनाँक 01 जुलाई 2020 से समस्त प्र0अ0, स0अ0 तथा शिक्षामित्र/अनुदेशक को विद्यालय में उपस्थित रहने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

हाथरस : नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से अध्यापकों की फ़ोटो लगाए जाने के सम्बन्ध में

हाथरस : नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से अध्यापकों की फ़ोटो लगाए जाने के सम्बन्ध में

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र

चयन वेतनमान निर्धारण में विसंगति निवारण के सम्बन्ध में PSPSA ने उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र


अक्टूबर से पहले स्कूलों का खुलना मुश्किल, एमएचआरडी मंत्रालय ने दिए संकेत

अक्टूबर से पहले स्कूलों का खुलना मुश्किल, एमएचआरडी मंत्रालय ने दिए संकेत


केंद्रीय विद्यालयों में हर दिन दो से तीन घंटे लग रही आनलाइन क्लास उपस्थिति जरूरी। आनलाइन पढ़ाई के लिए तेज की मुहिम।...



 नई दिल्ली। आने-वाले महीनों में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार की आशंकाओं के बीच स्कूलों का फिलहाल अक्टूबर से पहले खुलना मुश्किल है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद इसके संकेत दिए है। ऐसे में मंत्रालय ने आनलाइन पढ़ाई की भी मुहिम को और तेज किया है। स्कूलों से आनलाइन क्लास लगाने और छात्रों को उससे जोड़ने के निर्देश दिए है। साथ ही स्कूलों के लिए प्रस्तावित 12 नए टीवी चैनलों को लांच करने की योजना पर भी काम तेज किया गया है।


नए शैक्षणिक सत्र को लेकर होगी समीक्षा

मंत्रालय ने इससे पहले स्कूलों के अगस्त तक खुलने की उम्मीद जताई थी। लेकिन हाल ही में दिल्ली सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बहुत तेज हो गई है। मंत्रालय ने हाल ही में यूजीसी को भी परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर जारी गाइड लाइन की नए सिरे से समीक्षा करने को कहा है।


केंद्रीय विद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई शुरु

इस बीच मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय विद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई शुरु हो गई है। छात्रों को हर दिन दो से तीन घंटे आनलाइन पढ़ाया जा रहा है। इस दौरान नोट्स आदि भी तैयार कराने का काम शुरु कर दिया है। हालांकि अभी हर दिन सभी विषय नहीं पढ़ाए जाते है। बल्कि इन्हें तीन से चार दिन ही पढ़ाया जा रहा है। इस बीच छात्रों की उपस्थिति भी जरूरी की गई है। हाल में शुरु हुई आनलाइन क्लास में जो बच्चे नहीं शामिल हो रहे है, उन्हें लेकर स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज किए है। साथ ही कहा है कि वह बच्चे को आनलाइन क्लास से अनिवार्य रूप से जोड़े। संगठन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो मौजूदा समय में जो परिस्थितियां बनी हुई है, उनमें फिलहाल आनलाइन ही पढ़ना होगा। इसके जरिए कब तक पढ़ना होगा, यह कहना मुश्किल है।

प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम स्थगित

प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में समान पाठ्यक्रम स्थगित


उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित स्नातक स्तर पर समान पाठ्यक्रम शासन ने स्थगित कर दिया। इसके लिए विश्वविद्यालयों को प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश जारी किया है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र 2020-21 में वर्तमान में जारी पाठ्यक्रम ही शामिल रहेगा।


प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर समान पाठ्यक्रम लागू करने की कवायद तीन वर्षो से चल रही थी। 2017 में तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में कुलपति सम्मेलन में फैसला लिया था। पाठ्यक्रम तैयार करने का जिम्मा गोरखपुर व लखनऊ विश्वविद्यालय को दिया। दोनों विवि ने 16 विषयों का पाठ्यक्रम तैयार किया। 


शासन ने इसे लागू कराने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा के कुलपति प्रो. अर¨वद दीक्षित, गोरखपुर विवि के कुलपति प्रो. वीके सिंह, रुहेलखंड विवि के कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल, लखनऊ विवि के तत्कालीन प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी बतौर सदस्य शामिल थे। पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर विश्वविद्यालयों को भेज दी। 


शासन से निर्देश था कि सभी विश्वविद्यालय इसे विद्वत परिषद और कार्य परिषद के एजेंडे में शामिल कर मंजूरी देंगे। प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विवि समेत प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों में कवायद शुरू हो गई थी।


●  यूपी में स्नातक स्तर पर प्रस्तावित समान पाठ्यक्रम पर शासन ने लगा दी रोक

●   बुंदेलखंड विवि के कुलपति की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने की थी सिफारिश


प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में नए सत्र 2020-21 से समान पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी थी। फिलहाल इस प्रक्रिया पर शासन स्तर से रोक लगा दी गई है। - शेषनाथ पांडेय, कुलसचिव, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विवि।

यूपी बोर्ड : फेल होकर भी उत्तीर्ण हो सकेंगे हजारों परीक्षार्थी


यूपी बोर्ड : फेल होकर भी उत्तीर्ण हो सकेंगे हजारों परीक्षार्थी


यूपी बोर्ड रिजल्ट कल, हाईस्कूल में दो विषयों व इंटर में एक विषय में अनुत्तीर्ण दे सकेंगे कंपार्टमेंट परीक्षा


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2020 का परिणाम 27 जून को आ रहा है। करीब 51 लाख परीक्षाíथयों में से उत्तीर्ण होने वालों के साथ ही अनुत्तीर्ण होने वालों की भी बल्ले-बल्ले होगी। इतना पढ़कर चौंकिए नहीं, बल्कि इस खबर से ये समङिाए कि वे कौन अभ्यर्थी हैं जो रिजल्ट में फेल होकर भी पास हो सकते हैं। प्रिय परीक्षाíथयों, आप शनिवार को घोषित हो रहे रिजल्ट के परिणाम को बदल सकते हो, बशर्ते समय पर आवेदन करके संबंधित विषय का अच्छे से इम्तिहान दे दो।


माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल में छह विषयों की परीक्षा लेता है। इसमें पांच विषयों में उत्तीर्ण और एक विषय में अनुत्तीर्ण का परिणाम उत्तीर्ण होगा। परीक्षार्थी चाहे तो अनुत्तीर्ण विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर उसमें भी पास हो जाए। इससे उसे नया अंक सहप्रमाणपत्र मिलेगा और उत्तीर्ण प्रतिशत भी बढ़ जाएगा। यदि वह इस परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तब भी उसका रिजल्ट उत्तीर्ण है। हाईस्कूल में ही यदि कोई परीक्षार्थी छह में से दो विषयों में अनुत्तीर्ण है तो उसका परिणाम भी अनुत्तीर्ण (फेल) होगा। ऐसा परीक्षार्थी कंपार्टमेंट परीक्षा का दावेदार होगा। यानी वह चाहे तो अनुत्तीर्ण होने वाले दो विषयों में से किसी एक विषय की परीक्षा दे दें और यदि उसमें उत्तीर्ण होता है तो वह पास हो जाएगा, उसे साल भर बाद हाईस्कूल की दोबारा पूरी परीक्षा नहीं देनी होगी। 


अब बात इंटरमीडिएट परीक्षा की। यूपी बोर्ड सभी परीक्षाíथयों की पांच विषयों की परीक्षा लेता है। उसमें यदि कोई परीक्षार्थी चार विषय में उत्तीर्ण है और एक विषय में अनुत्तीर्ण है तो उसका रिजल्ट अनुत्तीर्ण होगा लेकिन, वह चाहे तो अनुत्तीर्ण विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा पास करके 12वीं उत्तीर्ण हो जाएगा। उसे वर्ष भर बाद दोबारा इंटर की परीक्षा नहीं देनी होगी।


अंकपत्र पर ही कंपार्टमेंट के लिए अर्ह होने की सूचना अंकित कराने की तैयारी में है। सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि परीक्षाíथयों के हित का प्रयास है।


इधर के वर्षो में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2013 व इंटर का परिणाम 2016 में सबसे बेहतर आया है। इस बार भी अच्छे परिणाम की उम्मीद है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड क्या टूटेंगे? इस पर सभी की निगाहें हैं।

इस बार डिप्टी सीएम घोषित करेंगे परिणाम
 लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम शनिवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा घोषित करेंगे। दोपहर 12 बजे लोक भवन में परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। मालूम हो कि हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में करीब 51 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। अभी तक ज्यादातर उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज स्थित कार्यालय में बोर्ड सचिव द्वारा घोषित किया जाता रहा है। फिलहाल इसकी तैयारियां की जा रही हैं।

एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


प्रयागराज : एडेड माध्यमिक कालेजों की शिक्षक नियुक्ति में हेराफेरी करने वाले अब निशाने पर हैं। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आख्या के साथ तलब किया जा चुका है। सभी से पूछा गया है कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है? और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है? इस सवाल से साफ है कि नियुक्ति में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बस जांच पूरा होने का इंतजार है।



असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को आदेश दिया है। शासन अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में नियुक्ति पाने वालों की चयन प्रक्रिया जांच रहा है कि वह सही है या नहीं। शासन स्तर पर तय हुआ कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सचिव पिछले वर्षो में मिले अधियाचन की रिपोर्ट देंगी। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक जिलों से भेजें अधियाचन व चयन प्रक्रिया की जांच करेंगे।


प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस को तलब करके जांच शुरू कर दी है।


इस तरह की मांगी आख्या : जिले का नाम, शिक्षक का नाम व पदनाम, विद्यालय, कब से संबद्ध, रिक्त पद किस विषय का था पूर्व में कार्यरत शिक्षक का नाम, भेजे अधियाचन का पत्रंक व दिनांक, यदि अधियाचन नहीं भेजा दोषी अधिकारी का नाम व वर्तमान तैनाती स्थान, अधियाचन की प्रति चयनित अभ्यर्थी को मिली या नहीं, नियुक्ति की तारीख।


नियुक्ति प्रक्रिया : दो बहुप्रसारित समाचार पत्र में विज्ञापन, चयन समिति का गठन, अर्हता, गुणांक निर्धारण। संस्था ने डीआइओएस को प्रकरण कब संदíभत किया था, वेतन भुगतान व अन्य विवरण

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार, 15 जुलाई से पहले रिजल्ट

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार

सीबीएसई 15 जुलाई से पहले असेसमेंट कर रिजल्ट जारी करेगा


नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला तैयार किया है। असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाने वाला रिजल्ट 15 जुलाई से पहले जारी होगा। यदि कोई छात्र असेसमेंट के रिजल्ट से असंतुष्ट होने पर बचे हुए पेपर की लिखित परीक्षा दोबारा दे सकेगा। हालांकि यह परीक्षा देश में कोरोना हालात ठीक होने पर ही आयोजित होगी।



● जिन स्ट्रीम के छात्रों के 12वीं कक्षा के सभी पेपर हो गए हैं, उनका रिजल्ट सामान्य ढंग से फॉर्मूला तैयार होगा।


● जिन छात्रों ने तीन या उससे अधिक विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का बेस्ट श्री से असेसमेंट होगा। इसमें से जिन तीन विषयों में सबसे अधिक अंक होंगे, उससे बचे हुए पेपर वाले विषयों का अंक स्कोर (कुल अंकों का जोड़ और उसे तीन से डिवाइड किया जाएगा) निकाला जाएगा।


● जिन छात्र ने तीन ही विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का असेसमेंट बेस्ट टू (दो) से किया जाएगा। इसमें भी सबसे अधिक दो अंक लेने वाले विषयों के अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर बचे हुए पेपर का अंक स्कोर निकलेगा।


●  जिन छात्रों ने सिर्फ एक या दो विषयों के पेपर ही दिए होंगे। ऐसे छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए उनके इन विषयों की परफारमेंस, इंटरनल प्रैक्टिकल असेसमेंट के अंकों को जोड़कर असेसमेंट होगा। हालांकि ऐसे छात्रों की संख्या बेहद कम है और अधिकतर छात्र दिल्ली के ही हैं।

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण : मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र बर्खास्त

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण : मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र बर्खास्त।

फर्रुखाबाद : अनामिका शुक्ला प्रकरण का मास्टरमाइंड शिक्षक सुशील कुमार कौशल उर्फ पुष्पेंद्र को बर्खास्त कर दिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अब वेतन की रिकवरी की जाएगी। पुष्पेंद्र कंपिल के प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर में सुशील कुमार कौशल के नाम से नौकरी कर रहा था। जांच में उसके अभिलेख फर्जी मिलने पर बीएसए लालजी यादव ने उसे 25 जून को कार्यालय में आकर पक्ष रखने का नोटिस भेजा था अंतिम मौके पर नहीं पहुंचने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया।





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फतेहपुर : विभाग की गलती से शिक्षकों की प्रविष्टियां गलत, सुधार के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे शिक्षक

फतेहपुर : विभाग की गलती से शिक्षकों की प्रविष्टियां गलत, सुधार के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे शिक्षक।


फतेहपुर। शिक्षकों के ब्यौरे की ऑनलाइन फीडिंग में बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ब्लाक स्तर पर की गई फीडिंग में तमाम गड़बड़ी मिल रही हैं। शिक्षकों की ओर से विभाग को शैक्षिक अभिलेखों की सीडी और हार्ड कॉपी कई बार दी जा चुकी है। पोर्टल पर कंप्यूटर ऑपरेटर की वजह से शिक्षकों से संबंधित जानकारियां त्रुटिपूर्ण और अधूरी हैं। शिक्षक नेताओं का कहना है कि जिले की सभी शिक्षकों का ब्योरा कुछ न कुछ गलत है। हर ब्लाक में मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के लिए शिक्षक शैक्षणिक व विभागीय आदेशों की सीडी व हार्ड कॉपी ब्लाक संसाधन केंद्रों में जमा कर चुके हैं। शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, विद्यालय में ज्वाइनिंग की तिथि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष है, जबकि पोर्टल पर 60 वर्ष फीड कर दी गई है। कई शिक्षकों की उनके कोड से मानव संपदा साइट नहीं खुल रही है।





इसलिए हो रही फीडिंग : बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन होने से विभाग के किसी भी कर्मचारी के बारे में एक क्लिक पर सारी जानकारी मिल सकेगी। सभी शिक्षक को इंप्लाई कोड मिला है। इससे लॉगिन करने पर शिक्षक की सारी जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी। पोर्टल पर शिक्षक की सर्विस बुक, नाम, पता मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज हैं।

सभी शिक्षकों का ऑनलाइन ब्योरा ठीक किया जा रहा है। लॉकडाउन के समय सभी कंप्यूटर आपरेटरों को बैठाकर डाटा ठीक कराया गया है। जल्द सभी का डाटा पूरी तरह सही होगा। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।

शिक्षक नेता बोले-----


त्रुटियां ठीक करने के नाम पर शिक्षा विभाग के अधिकारी सर्वर की समस्या बता रहे हैं। ऐसा है नहीं। शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है। मानव संपदा पोर्टल पर डाटा गलत होने से शिक्षक परेशान हैं। इन गलतियों के लिए विभाग जिम्मेदार है। - शैलेंद्र भदौरिया, ब्लॉक अध्यक्ष हसवा

अधिकारियों का कहना है कि अगर 30 जून तक शिक्षकों की फीडिंग ठीक नहीं होगी तो वेतन रोक दिया जाएगा। अधिकारियों को पता होना चाहिए कि इसमें कौन दोषी है, और किसका वेतन रोकना है। यह आदेश पूरी तरह संगीत व भेदभाव पूर्ण है। - दिग्विजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष भिटौरा।


शिक्षकों ने मानव संपदा संशोधन प्रार्थना

पत्र की हार्ड कॉपी बीआरसी पहुंचा दी थी। अगर विभाग से शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो संगठन साथ है। फीडिंग का काम संबंधित बाबू और अधिकारी का है,आप का नहीं। - बलराम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष खजुहा

शिक्षकों का डाटा ठीक कराया जा रहा है। ब्लाक संसाधन केंद्रों पर सभी कागजों को पूरा कराया जा रहा है। अन्य विभागों की तरह शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन होने से बहुत सुविधाएं रहेंगी। सर्विस बुक में घर बैठे ऑपरेशन देख सकते हैं। - जितेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष देवमई।


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