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Thursday, July 9, 2020

सीबीएसई 12वीं के छात्र पढ़ेंगे सरदार पटेल के नजरिए से राष्ट्रवाद का पाठ

सीबीएसई 12वीं के छात्र पढ़ेंगे सरदार पटेल के नजरिए से राष्ट्रवाद का पाठ


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं के छात्र अब सरदार वल्लभ भाई पटेल का राष्ट्रवाद और दीन दयाल उपाध्याय के भारतीय धर्म निरपेक्षता का पाठ पढ़ेंगे। दरअसल, पहली बार 12वीं के कोर्स करिकुलम में सरदार पटेल का नाम आया है। यह पहले कोर्स में नहीं था। सीबीएसई ने अपना 30 फीसद पाठ्यक्रम घटाया है लेकिन 11वीं के पाठ्यक्रम से राष्ट्रवाद, संघवाद, धर्म निरपेक्षता तथा नागरिकता को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 


इस बारे में सीबीएसई द्वारा बनाई गई कोर्स कमिटी ने निर्णय लिया था। इस कोर्स कमेटी के एक सदस्य का कहना है कोविड-19 से उपजी स्थिति को देखते हुए बस सत्र 2020-21 के लिए 30 फीसद तक कोर्स में कमी करनी थी। 11वीं के राजनीतिक सिद्धांत पुस्तक में से धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रवाद को इसलिए हटाया गया है क्योंकि इसे 10वीं में छात्रों ने समाज विज्ञान विषय में पढ़ा है। धर्म निरपेक्षता व राष्ट्रवाद एक पश्चिमी संकल्पना है।
 

12वीं के पाठ्यक्रम में कमेटी ने धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रवाद को भारतीय संदर्भ में पढ़ाने का पाठ्यक्रम बनाया है। वह भारतीय महापुरुषों और भारतीय समाज व परिप्रेक्ष्य के नजरिए से होगा। उन्होंने बताया कि 12वीं में राष्ट्रवाद सरदार वल्लभ भाई पटेल की दृष्टि से पढ़ाया जाएगा। भारतीय धर्म निरपेक्षता को दीन दयाल उपाध्याय के मानवतावाद तथा राम मनोहर लोहिया व जय प्रकाश नारायण के समाजवाद के संदर्भ में पढ़ाया जाएगा। कोर्स कमेटी ने इसमें जो भी संशोधन किए हैं उसे सम सामयिकता व भारतीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान मे रखकर किया है। 


भारत को विश्व की नई शक्ति के रूप में पढ़ाया जाएगा
कोर्स कमेटी के सदस्य ने बताया कि पहले पाठ्यक्रम में चीन को पढ़ाया जाता था लेकिन अब छात्र ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देश को पढ़ेंगे। भारत को उभरती हुई विश्व की नई शक्ति के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की महत्ता भी दर्शाई जाएगी। नई उभरती शक्तियों में खासकर भारत इजरायल के संबंध भी 12वीं के छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।


किस कक्षा से क्या पाठ्यक्रम हटा

● दसवीं : लोकतंत्र एवं विविधता, लिंग, जाति एवं धर्म, लोकप्रिय संघर्ष एवं आंदोलन और लोकतंत्र के लिए चुनौतियां जैसे विषय हटाए गए हैं।

● 11वीं : संघवाद, नागरिकता, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और भारत में स्थानीय सरकारों के विकास से संबंधित पाठ शामिल हैं। 

● 12वीं : छात्रों को भारत के अपने पड़ोसियों- पाकिस्तान, म्यामां, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के साथ संबंध, भारत के आर्थिक विकास की बदलती प्रकृति, भारत में सामाजिक आंदोलन और नोटबंदी सहित अन्य विषय पर पाठों को नहीं पढ़ना होगा।


इसलिए घटाया गया पाठ्यक्रम
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों का बोझ कम करने के लिए घटाया गया है, लेकिन मुख्य अवधारणाओं को जस का तस रखा गया है। सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम भार में अनुपातिक कमी के लिए शिक्षण संबंधी समय के नुकसान का आकलन किया गया। इसके अनुसार, बोर्ड की पाठ्यक्रम समिति ने सिलेबस घटाने पर काम शुरू किया। विभिन्न पक्षधारकों से सुझाव मांगे गए थे।

यूपी बोर्ड की किताबें NCERT से भी 80 फीसदी तक सस्ती

यूपी बोर्ड की किताबें NCERT से भी 80 फीसदी तक सस्ती



यूपी बोर्ड की किताबें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से भी 80 फीसदी तक सस्ती हैं। कक्षा 11 अंग्रेजी की किताब स्नैपशॉट बाजार में सिर्फ 7 रुपये में मिल रही है जबकि एनसीईआरटी की यही किताब 35 रुपये में मिल रही है। 

ऑनलाइन पढ़ाई ने शिक्षक और अभिभावकों की परेशानी बढ़ाई

ऑनलाइन पढ़ाई ने शिक्षक और अभिभावकों की परेशानी बढ़ाई

शिक्षक अपने बच्चों की ऑनलाइन क्लास करवाएं या बच्चों की क्लास लें

अभिभावक भी परेशान बच्चों के लिए खरीद रहे  नया फोन और लैपटॉप


लखनऊ बीएसए का बड़ा निर्देश, BRC स्तर पर निबटाएँ समस्याएं, शिकायत को रजिस्टर करने के निर्देश

लखनऊ बीएसए का बड़ा निर्देश, BRC स्तर पर निबटाएँ समस्याएं, शिकायत को रजिस्टर करने के निर्देश 

शिक्षकों में कोरोना का डर, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए रोस्टर प्रणाली की मांग

शिक्षकों में कोरोना का डर, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए  रोस्टर प्रणाली की मांग



कम्पोजिट व अन्य विद्यालय ग्रांट को वित्तीय वर्ष के आरंभ में भेजे जाने की मांग करते हुए PSPSA ने लिखा DGSE, स्कूली शिक्षा को पत्र

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यूपी बोर्ड में प्रधानाचार्य चवन्नी में भरवाएंगे परीक्षा फार्म, 2021 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू

यूपी बोर्ड में प्रधानाचार्य चवन्नी में भरवाएंगे परीक्षा फार्म,  2021 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू


प्रयागराज। यूपी बोर्ड की परीक्षा 2021 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बोर्ड की ओर से हाईस्कूल के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क 501 और इंटरमीडिएट के लिए 601 रुपये रखा गया है। इस शुल्क में स्कूल के प्रधानाचार्यों को फार्म भरने के लिए मात्र 25 पैसे (चवन्नी) दिया जा रहा है। स्कूलों को इसी 25 पैसे में बच्चों का ऑनलाइन फार्म भरवाना होगा। प्रधानाचार्यों का कहना है कि ऑनलाइन फार्म भरने के लिए साइबर कैफे अथवा ऑनलाइन काम करने वाली किसी एजेंसी की सेवा लेनी होगी, इसके लिए कम से कम प्रति फार्म दो रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में प्रधानाचार्यों ने सवाल उठाया है कि 25 पैसे में कैसे फार्म भरा जाएगा।


प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजेश कुमार शर्मा का कहना है कि प्रधानाचार्यों की ओर से हर साल आवेदन शुल्क में स्कूल का खर्च बढ़ाने की मांग की जाती है, सरकार और बोर्ड की ओर से आश्वासन भी मिलता है परंतु होता कुछ नहीं है। एक बार फिर से यूपी बोर्ड के परीक्षा शुल्क में स्कूलों को फिर से चवन्नी ही मिली है। प्रधानाचार्य परिषद के प्रवक्ता एसपी तिवारी का कहना है कि यह कितना अव्यवहारिक है कि बोर्ड जब ऑफलाइन आवेदन होता था, उसी समय का आवेदन खर्च हमें दे रहा है जबकि फीस 200 से 500 रुपये तक पहुंच गई।


बोर्ड की ओर से माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों के प्रवेश लेने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि पांच अगस्त रखी गई है। कोरोना संकट के काल में प्रधानाचार्यों ने पांच अगस्त तक शुल्क जमा करने और प्रवेश पूरा होने को अव्यवहारिक बताया है।
बच्चे स्कूल आ नही रहे हैं, उनके लिए स्कूल 31 जुलाई तक बंद हैं। पांच अगस्त तक परीक्षा शुल्क जमा करना और प्रवेश लेना मुश्किल होगा। पांच अगस्त तक परीक्षा शुल्क नहीं जमा करने पर छात्रों, अभिभावकों को 100 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा।

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी तो चाहिए किताब, यूपी बोर्ड के छात्रों की बगैर किताबों के शुरू होने जा रही ऑनलाइन पढ़ाई



ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी तो चाहिए किताब, यूपी बोर्ड के छात्रों की बगैर किताबों के शुरू होने जा रही ऑनलाइन पढ़ाई


यूपी बोर्ड के छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई बगैर किताबों के शुरू होने जा रही है। एनसीईआरटी के पैटर्न पर यूपी बोर्ड की किताबें लागू तो कर दी गई लेकिन ये अभी छात्रों के पास नहीं पहुंची हैं। प्रकाशकों के पास किताबों का स्टॉक भरा पड़ा है लेकिन मांग न होने की वजह से विक्रेता किताबें नहीं उठा रहे हैं।...
जेएनएन, मेरठ। यूपी बोर्ड के छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई बगैर किताबों के शुरू होने जा रही है। एनसीईआरटी के पैटर्न पर यूपी बोर्ड की किताबें लागू तो कर दी गई, लेकिन ये अभी छात्रों के पास नहीं पहुंची हैं। प्रकाशकों के पास किताबों का स्टॉक भरा पड़ा है, लेकिन मांग न होने की वजह से विक्रेता किताबें नहीं उठा रहे हैं। हालात तो ये हैं कि बहुत से प्रकाशक किताबों से रायल्टी तक नहीं निकाल पा रहे।

प्रदेश में यूपी बोर्ड की एनसीईआरटी पैटर्न की किताबों के प्रकाशन के लिए चार प्रकाशक अधिकृत किए गए हैं। इनमें रवि आफसेट प्रिटर्स एंड पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड आगरा, राजीव प्रकाशन प्रयागराज, आलोक प्रिटर्स आगरा और काका संस नोएडा हैं। मेरठ के बहुत से प्रकाशक यूपी बोर्ड की संदर्भ किताबें व एनसीईआरटी से इतर किताबें प्रकाशित करते हैं। प्रकाशकों पर कोविड का व्यापक असर पड़ा है। मार्च में प्रकाशकों ने किताबें छाप दीं, लेकिन इस समय तक मुश्किल से 20 फीसद ही विक्रेताओं के पास पहुंच पाई। ये कहते हैं प्रकाशक


मार्च में किताबें सप्लाई कर दी थीं। बच्चे किताब नहीं खरीद रहे हैं, जिस वजह से दुकानदार किताब लेने को तैयार नहीं है। पिछले साल के मुकाबले मांग शून्य है। दुकान और प्रकाशक दोनों जगह स्टाक भरे हैं। पूरे प्रदेश की यही स्थिति है। इस साल रायल्टी भी नहीं निकाल पा रहे हैं। यह रायल्टी बोर्ड के माध्यम से एनसीईआरटी को जाती है। अतुल जैन, डायरेक्टर, रवि आफसेट प्रिटर एंड पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड आगरा 


करीब 25 फीसद किताबें ही मार्केट में सप्लाई हुई थीं। 75 फीसद स्टॉक गोदाम में है। स्कूल कब खुलेंगे पता नहीं। यूपी बोर्ड में छात्रों के पास किताबें नहीं होंगी तो वे क्या पढ़ेंगे। बच्चों को प्रोत्साहित करें। किताबें खरीदें, स्वयं अध्ययन करें। अजय रस्तोगी, डायरेक्टर, चित्रा प्रकाशन, मेरठ 


यूपी बोर्ड की संदर्भ किताबें प्रकाशित करते हैं। इस बार मांग शून्य है। बच्चे किताब नहीं खरीद पा रहे हैं। जब तक स्कूल नहीं खुलेंगे, किताबों की मांग नहीं आएगी। सौरभ जैन, डायरेक्टर, विद्या प्रकाशन मेरठ 


किताबों की बिक्री के लिए विकल्प देना होगा। स्कूल के अंदर स्टाल लगा दिए जाएं, सेक्शन वाइज कक्षा में किताबें रख दी जाएं। अभिभावक को बुलाकर किताबें दी जा सकती हैं। मोहित जैन, नगीन प्रकाशन, मेरठ 


80 फीसद पुस्तक विक्रेताओं के पास जा चुकी हैं। लेकिन ये बच्चों तक नहीं पहुंची हैं। अगर अप्रैल में किताबें उपलब्ध करा दी जाती तो बहुत अच्छा रहता। यूपी बोर्ड में ऑनलाइन पढ़ाई तभी होगी जब हाथ में किताब हो। कोरोना की वजह से किताबों की बिक्री की सरकार ने अनुमति नहीं दी। अजय रस्तोगी, रीडर्स च्वाइस, मेरठ


माध्यमिक में भी अब राज्य पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन

माध्यमिक में भी अब राज्य पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन


सौं अंकों की कसौटी पर कसे जाएंगे गुरुजी - माध्यमिक राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए मानक जारी

 
गुरुजी भले ही कितनी कॉपियां जांच चुके हों लेकिन अब उन्हें पुरस्कार पाने के लिए नंबर हासिल करने होंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग में राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए प्रधानाचार्य व अध्यापकों के लिए विद्यालय प्रबंधन, कक्षा प्रबंधन व स्कूल प्रदर्शन से संबंधित मानक तय किए गए हैं। कुल 95 अंकों के मानक तय किए गए हैं और 5 अंक


सामान्य ज्ञान, अभिव्यक्ति, व्यक्तित्व के लिए दिए जाएंगे। न्यूनतम 40 अंक पाने वाले ही इसकी दौड़ में शामिल हो सकेंगे। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है। प्रधानाध्यापक के लिए 15 वर्ष की सेवा, जिसमें से 5 वर्ष प्रधानाध्यापक के पद पर और अध्यापकों के लिए 10 वर्ष की सेवा अनिवार्य होगी। इसके ऑनलाइन आवेदन लेकर हर वर्ष 9 अध्यापकों को इसके लिए चुना जाएगा। 


मानकों में कक्षा में पढ़ाने के तरीके, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर, खेलकूद, एनसीसी, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज में प्रदर्शन, बेस्ट प्रैक्टिस आदि के कई मानक तय किए गए हैं। सबके लिए अलग-अलग नंबर भी हैं।


आवेदनों का परीक्षण पहले जनपदस्तरीय कमेटी, फिर मंडल कमेटी और इसके बाद राज्य स्तरीय कमेटी करेगी। जनपदस्तर की कमेटी को स्थलीय निरीक्षण करना होगा। अभ्यर्थियों को यथासंभव प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होंगे। जिलास्तरीय कमेटी सभी आवेदनों में से 3 अभ्यर्थियों के आवेदन मंडल स्तरीय कमेटी को देगी। मंडल स्तरीय कमेटी केवल दो अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र राज्य स्तरीय कमेटी को देगी।


माध्यमिक -राज्य अध्यापक पुरस्कार : शिक्षकों व प्रधानाचार्यों के लिए मानक तय, खेलकूद ओर सह शैक्षणिक गतिविधियों पर भी मिलेगा पुरस्कार,  माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी की नीति

 
माध्यमिक शिक्षा में खेलकूद और नवाचार के साथ सह- शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी अब राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के मानक अलग-अलग होंगे। पुरस्कार के लिए ऑनलाइन ही आवेदन देना होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पहली बार राज्य अध्यापक पुरस्कार की नोति जारी को है। इस नीति में प्रधानाचायों और शिक्षकों द्वाय स्कूल में जनसहयोग से कराए गए सौंदर्यीकरण और अबस्थापना सुविधा के कार्यों के भी अंक दिए जाएंगे। प्रधानाध्यापक और अध्यापकों को आवेदन के साथ अपनी उपलब्धियों का वीडियो भी भेजना होगा। पुरस्कार के लिए प्रधानाचार्यों की Re अवधि 15 वर्ष तय की गई है। इसमें कम से कम पांच वर्ष प्रधानाचार्य के पद पर कार्य करना अनिवार्य किया गया हैं। अध्यापकों के लिए सेवा अवधि 10 वर्ष की रहेगी। पुरस्कार के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनेगी। 


मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय और प्रदेश स्तर पर विभाग के प्रमुख सचिव या सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनेगी। जिला और मंडल स्तरीय समिति आवेदक शिक्षकों का साक्षात्कार भी लेगी। इसमें आवेदक शिक्षक व प्रधानाचार्य को डिजिटल प्रजेटेशन देना होगा। जिला स्तरीय समिति अधिकतम तीन नाम की संस्तुति मंडल स्तरीय समिति को करेगी, मंडल स्तरीय समिति अधिकतम दो नाम कौ संस्तुति प्रदेश समिति को भेजेगी।


हर वर्ष ऐसे चलेगा कार्यक्रम 
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए 15 अप्रैल से 15 मई तक ऑनलाइन आबेदन लिए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति द्वारा आवेदन पत्रों का परीक्षण एवं स्थलीय सत्यापन कर 16 मई से 15 जुलाई तक पुरस्कार के लिए पात्र अध्यापकों का प्रस्ताव मंडल स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। मंडल स्तरीय समिति 16 से 31 जुलाई तक पात्र शिक्षकों का चयन कर सूची राज्य स्तरीय समिति को भेजेगी। राज्य स्तरीय समिति 1 से 20 अगस्त के बीच चयन करेगी।


कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 से 30 जुलाई तक लिए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति 1 से 10 अगस्त तक आवेदन पत्रों का सत्यापन और स्थलीय निरीक्षण कर स्तरीय समिति को सूची सौंपेगी। मंडल स्तरीय समिति पात्र शिक्षकों की सूची 11 से 17 अगस्त तक राज्य स्तरीय समिति को भेजेगी। राज्य स्तरीय समिति 15 से 25 अगस्त के बीच राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए पात्र शिक्षकों का चयन करेगी।


 अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी राज्य अध्यापक पुरस्कार के आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे अध्यापकों को इसके लिए चुना जाएगा। इसके लिए हर वर्ष 15 अप्रैल से 15 मई तक आवेदन लिए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला ले लिया गया है। 


इस वर्ष आवेदन 15 से 30 जुलाई तक लिए जाएंगे। जिला स्तर कमेटी एक से 10 अगस्त, मंडलीय कमेटी 11 से 17 अगस्त, राज्य स्तरीय कमेटी 18 से 25 अगस्त तक अध्यापकों का चयन करेगी। बेसिक में पहले से ही राज्य अध्यापक पुरस्कार के मानक तय हर वर्ष 9 हैं। हर वर्ष 75 अध्यापक पुरस्कृत करने का नियम है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी मानक तय कर दिए गए हैं। इसके लिए राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त व जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। राज्य स्तरीय कमेटी एक से 20 अगस्त तक चुनाव करेगी।

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बांटी जाएंगी किताबें, अभिभावकों को स्कूल बुलाकर दी जाएंगी पुस्तकें

परिषदीय स्कूलों में मुफ्त मिलती हैं किताबें, 

अभिभावकों को स्कूल बुलाकर दी जाएंगी पुस्तकें

सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बांटी जाएंगी किताबें


परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की किताबें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों तक पहुंच चुकी हैं। एक दो दिन में स्कूलों से किताबों का वितरण शुरू हो जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार बच्चों के बजाए उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाकर किताबें वितरित की जाएंगी। शिक्षकों को पुस्तक वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल रखना होगा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार की ओर से


निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाता है। लखनऊ में 1850 से अधिक स्कूलों में करीब एक लाख साठ हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि बच्चों की पुस्तकें छप कर आ चुकी हैं। इन्हें सभी ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों तक पहुंचा दिया है। यहां से शिक्षक पुस्तकें ले जाकर वितरित करेंगे। 


उन्होंने बताया कि इस बार अभिभावकों को स्कूल बुलाकर पुस्तकें वितरित की जाएंगी। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह एक बार में दस से बारह अभिभावकों को ही पुस्तकें प्राप्त करने के लिए स्कूल बुलाएं। एक समय में अभिभावकों की भीड़ स्कूल में न लगने दें। पुस्तक वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाए। हालांकि नगर क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पुस्तकें अभी नहीं पहुंची हैं। अधिकारियों का कहना है कि नगर क्षेत्र के छात्रों की पुस्तकें भी जल्द वितरित की जाएंगी।



अभिनव मॉडल स्कूल में पुस्तक वितरण शुरू

जिले के अभिनव मॉडल स्कूलों में बच्चों की पुस्तकों का वितरण शुरू हो गया है। एडी बेसिक पीएन सिंह और बीएसए दिनेश कुमार ने बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर पुस्तक वितरण की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि इस बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि सब कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहें। अब यहां पर शिक्षक पुस्तकें वितरित करेंगे।

फतेहपुर : 47 शिक्षकों ने दी ARP की परीक्षा

फतेहपुर : 47 शिक्षकों ने दी ARP की परीक्षा।

फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) परीक्षा का आयोजन कराया 40 पदों के लिए 47 शिक्षक परीक्षा में बैठे। परीक्षा केंद्र जीआईसी फतेहपुर बनाया गया था। सुबह 11 बजे से शुरू है परीक्षा में सभी को कोरोना संक्रमण को देखते हुए दूर-दूर बैठाया गया। बता दें कुछ समय पहले एनआरसी का पद समाप्त कर दिया गया थाने की जगह एआरपी पद का सृजन किया गया है। इनका काम शिक्षा संवर्धन करना है।




एआरपी का चयन पांच विषयों के लिए होना है, जिसमें पूर्व में कुछ पद भरे गए थे। पद रिक्त होने पर पुनः परीक्षा कराकर चयन किया जाना है। परीक्षा के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सचान मौजूद रहे। सफल शिक्षकों का साक्षात्कार होगा। चयनितों को विभिन्न ब्लाक में तैनाती दी जाएगी।


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पॉलीटेक्निक : सितम्बर में परीक्षाएं कराने की तैयारी, 5 से 12 सितम्बर तक होंगी परीक्षाएं

पॉलीटेक्निक : सितम्बर में परीक्षाएं कराने की तैयारी, 5 से 12 सितम्बर तक होंगी परीक्षाएं।


लखनऊ निज संवाददाता पॉलीटेक्निक में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर अब तक असमंजस है। बुधवार को प्राविधिक शिक्षा परिषद कार्यालय में हुई परीक्षा समिति की बैठक में चारों जोन के संयुक्त निदेशक और एकेटीयू के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में परीक्षा के लिए 5 से 12 सितम्बर की तिथि तय की गई। परीक्षा समिति अधिकारी और निदेशक प्राविधिक शिक्षा मनोज कुमार ने यह भी कहा कि एकेटीयू, एचबीटीयू और एमएमआईटी में जो परीक्षाएं होंगी तभी पॉलीटेक्निक भी परीक्षाएं कराएगा। अन्यथा छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछली परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर अंक दे दिए जाएंगे। बैठक में 65 फीसदी कोर्स को पूरा मानते हुए छात्रों से परीक्षा में पांच की जगह चार प्रश्न हल कराने पर सहमति बनी। निदेशक मनोज कुमार के मुताबिक छात्रों को कितना कोर्स पढ़ाया गया है उसके आधार पर ही परीक्षा होगी। इसके लिए विकल्प बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही तैयार प्रश्नपत्रों में ही बदलाव के लिए निदेशक की अनुमति ली जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की सम सेमेस्टर परीक्षाएं नहीं होगी। छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछली परीक्षाओं में प्राप्त नम्बरों के आधार पर प्रमोट किया जाएगा।





परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया फैसला, 5 से 12 सितंबर तक होंगी पॉलीटेक्निक परीक्षाएं


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फतेहपुर : अब बेसिक शिक्षकों को दी जाएगी ऑनलाइन ट्रेनिंग, जिले के शिक्षकों का दो बैच में होगा प्रशिक्षण, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक ब्लॉक स्तर पर 25-25 शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण

फतेहपुर : अब बेसिक शिक्षकों को दी जाएगी ऑनलाइन ट्रेनिंग, जिले के शिक्षकों का दो बैच में होगा प्रशिक्षण, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक ब्लॉक स्तर पर 25-25 शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण को देखते हुए बेसिक शिक्षकों को प्रेरणा मिशन के तहत कई बिंदुओं पर प्रशिक्षण देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण जिला के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक ब्लाक स्तर पर 25-25 शिक्षकों के बैच को प्रशिक्षित करेंगे। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए 20 जुलाई की दिन निर्धारित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि सी-मैट के तहत बेसिक शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाना है।




 जिले में 10 जुलाई को दो बैच में शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह शिक्षक ब्लॉक स्तर पर बाद में 25-25 शिक्षकों प्रशिक्षण देकर उन्हें साक्षी करेंगे। प्रेरणा मिशन के तहत कई बिंदुओं पर जिले के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। सभी शिक्षकों को यह प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा मिशन के तहत विभिन्न बिंदुओं पर प्रशिक्षण प्रशिक्षण देंगे।


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शिक्षुता प्रोत्साहन योजना : ITI प्रशिक्षु को हर माह मिलेगा छह हजार रुपए, कैबिनेट ने दी मंजूरी

शिक्षुता प्रोत्साहन योजना : ITI प्रशिक्षु को हर माह मिलेगा छह हजार रुपए, कैबिनेट ने दी मंजूरी।


लखनऊ : आईटीआई प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप पर रखने वाले निजी उद्योगों व सार्वजनिक उपक्रमों को प्रदेश सरकार अपनी तरफ से एक हजार और केन्द्र से 1500 रुपये के अंशदान के साथ ढाई हजार रुपये महीना देगी। इससे प्रदेश के करीब एक लाख आईटीआई प्रशिक्षत युवक निजी उद्योगों सार्वजनिक उपक्रमों से प्रति माह छह हजार रुपये तो एक साल तक पाएंगे। वहां स्थाई नौकरी के मौके भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस साल फरवरी में इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। साथ ही उद्योगों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे न्यूनतम छह हजार रुपये महीना प्रशिक्षु को देंगे।





शिक्षुता प्रोत्साहन योजना ::

* मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना को कैबिनेट ने दी मंजूरी
* आईटीआई प्रशिक्षु को मौका देने पर उद्योगों को ढाई हजार महीना




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Wednesday, July 8, 2020

बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित आनलाइन व्यवस्थाओं व अन्य कार्यों के निष्पादन में शिक्षकों के समक्ष आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में RSMUP ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा व बेसिक शिक्षा निदेशक को भेजा पत्र

बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित आनलाइन व्यवस्थाओं व अन्य कार्यों के निष्पादन में शिक्षकों के समक्ष आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में RSMUP ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा व बेसिक शिक्षा निदेशक को भेजा पत्र




फतेहपुर : लॉकडाउन एवं ग्रीष्मावकाश की अवधि में मध्यान्ह भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में खाद्यान एवं परिवर्तन लागत उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

लॉकडाउन  एवं ग्रीष्मावकाश की अवधि में मध्यान्ह भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में खाद्यान एवं परिवर्तन लागत उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में।









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स0अ0 को विद्यालय बुलाने की आवश्यकता का प्र0अ0 करेंगे निर्णय, विद्यालय खुलने एवं अन्य कार्यों के निर्धारण के सम्बन्ध में बीएसए हाथरस का आदेश जारी

स0अ0 को विद्यालय बुलाने की आवश्यकता का प्र0अ0 करेंगे निर्णय, विद्यालय खुलने एवं अन्य कार्यों के निर्धारण के सम्बन्ध में बीएसए हाथरस का आदेश जारी


बाराबंकी : बीएसए समेत 20 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव


बाराबंकी:बीएसए समेत 20 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव

कोरोना का संक्रमण सरकारी दफ्तरों तक पहुंच गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अलावा 20 पुलिस कर्मचारी पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप मच गया है।
मंगलवार की देर रात को आई रिपोर्ट के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। जिसका मुख्य कारण बीएसए के अलावा कई कर्मचारी व 20 पुलिसकर्मी भी पॉजिटिव पाए गए। पुलिसकर्मियों में कई एसपी ऑफिस में तैनात थे इसे लेकर एसपी ऑफिस 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया। वही विकास भवन में चल रहे बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय के एक कर्मचारी के पॉजिटिव आने के बाद पूरा विकास भवन सील कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि विकास भवन में समाज कल्याण, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, जिला विकास अधिकारी समेत एक दर्जन विभागों के मुख्यालय चलते हैं। ऐसे में यह सभी कार्यालय आगामी 48 घंटों के लिए बंद कर दिए गए हैं। उधर बीएसए दफ्तर भी सील कर दिया गया है। सभी सरकारी दफ्तरों को सैनिटाइज करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी जुट गए हैं। संक्रमित पाए गए सभी मरीजों को एल वन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।


शिक्षकों का जल्द तबादला होने का दावा

शिक्षकों का जल्द तबादला होने का किया दावा


फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में डंप साढ़े 11 करोड़ की राशि मंगाई जाएगी वापस, अब जिले में सर्व शिक्षा अभियान का खोला जाएगा नया खाता

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में डंप साढ़े 11 करोड़ की राशि मंगाई जाएगी वापस, अब जिले में सर्व शिक्षा अभियान का खोला जाएगा नया खाता।


फतेहपुर : प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चलाई जा रही योजनाओं और विद्यालयों के कायाकल्प के लिए शासन समय-समय पर धन भेजता है। धनराशि का उपयोग शासन की गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय करते हैं। बीते दो सालों से जिले के 2650 प्राथमिक विद्यालयों में साढ़े 11 करोड़ की डंप धनराशि को वापस मंगाया जाएगा, सर्व शिक्षा अभियान का नवा खाता खुलेगा इसका संचालन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी संयुक्त रूम से करेंगे। परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय के कायाकल्प, यूनिफार्म, एमडीएम आदि के लिए ग्राम शिक्षा समिति और विद्यालय प्रबंध समिति का खाता खोला गया है जिसका संचालन प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने इस धन को जिले में वापसी कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में 11 करोड़ 51 लाख 35 हजार 690 रुपये डंप हैं।





प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चालू सत्र से लेकर बीते सत्रों में जो धन दोनों खतों में है। उसे वापस लिया जाएगा इसके लिए जिले में सर्व शिक्षा अभियान के तहत खाता खोला गया है। जिसमें डंप राशि को विद्यालयों से भेजा जाएगा। इस खते का संचालन शासन के दिशा निर्देश पर वित्त एवं लेखाधिकारी तथा तीसी के संयुक्त हस्ताक्षरों से होगा। जिले में 11 करोड़ 51 लाख 35 हजार 690 रुपये है।- शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी









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बदल रहा है बेसिक : अब मास्टर साहब बोल रहे, लाइट..कैमरा..एक्शन

अब मास्टर साहब बोल रहे, लाइट..कैमरा..एक्शन

एनसीईआरटी तैयार करवा रहा है जन-जागरूकता वीडियो, स्क्रिप्ट लिखने से लेकर अभिनय तक कर रहे शिक्षक, बरेली से भी दो शिक्षकों का हुआ चयन
है। इसके लिए प्रदेश के कुल 10 शिक्षकों का चयन किया गया है। फतेहगंज ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कुरतरा के सहायक अध्यापक अमर बेसिक के शिक्षक अब सिर्फ पढ़ाने का ही काम नहीं कर रहे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने जागरूकता वीडियो बनवाने शुरू किए हैं। इनकी स्क्रिप्ट लिखने से अभिनय करने तक का कार्य शिक्षक ही कर रहे हैं। बरेली के दो शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने सुरक्षा एवं संरक्षा विषय पर वीडियो कुमार द्विवेदी और क्यारा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल चनेहटा की सहायक अध्यापक पुष्पा अरुण का नाम भी इसमें शामिल हैं। पूरे प्रदेश में कुल 140 स्क्रिप्ट लिखी गई। ज्वाईट डायरेक्टर अजय कुमार सिंह ने इनमें से 70 स्क्रिप्ट फाइनल की थी। प्रदेश में 30 वीडियो शूट हो चुके हैं। इनमें से दो बरेली में शूट किए गए हैं। इनमें से एक कोरोना जागरूकता और दूसरा निर्माण शुरू किया 112 ईमरजेंसी नम्बर को लेकर है।
हर जिम्मेदारी निभा रहे हैं शिक्षक
गांव और स्कूल में की है शूटिंग
शिक्षिका पुष्या अरुण ने बताया कि शिक्षक सिर्फ पठन पाटन नहीं बल्कि जागरूकता की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। स्क्रिप्ट लिखने के साथ हम लोग एक्टिंग भी कर रहे हैं। वीडियो तैयार हो जाने के बाद सभी स्कूलों और विभागों को दे दिए जाएंगे। इनको ज्यादा से ज्यादा प्रसारित किया जाएगा।
शिक्षक अमर कुमार द्विवेदी बताया कि कोरोना,
सड़क सुरक्षा साक्षरता मासिक धर्म, छुआूत, गंदगी, बाल अम, ऑनलाइन ठगी आदि विषयों प्र छोटे-छोटे वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। बरेली में दो वीडियो शूट हो चुके हैं। इनकी शूटिंग हमने अपने गांव और स्कूल में ही की है।

ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को छोड़ना होगा अमेरिका, छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों को वीजा

ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को छोड़ना होगा अमेरिका, छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों को वीजा।


छात्र वीजा वापसी का एलान, विदेश मंत्रालय जारी नहीं करेगा विदेशी छात्रों के लिए वीजा

न्यूयॉर्क। कोरोना महामारी के चलते ट्रंप प्रशासन के एक फैसले से अमेरिका में रहने वाले हजारों भारतीय छात्रों पर प्रतिकूल असर पड़ने जा रहा है। संघीय आव्रजन प्राधिकरण ने कहा, अमेरिका में जिन छात्रों की सभी कक्षाएं ऑनलाइन शिफ्ट हो गई हैं, उन्हें देश छोड़ना होगा या ऐसे विदेशी छात्र जिनके सेमेस्टर सिर्फ ऑनलाइन हो रही हैं, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग (आईसीई) ने कहा, 2020 के सेमेस्टर के लिए जो छात्र स्कूलों में पूरी तरह से ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं, उन्हें यहां रहकर पूरा कोर्स नहीं कराया जाएगा और उन्हें अमेरिका छोड़ना होगा। अमेरिकी विदेश मंत्रालय न तो ऐसे स्कूलों या कार्यक्रमों में पंजीकृत छात्रों के लिए वीजा जारी करेगा और न ही अमेरिकी सीमा शुल्क व सीमा सुरक्षा विभाग इन छात्रों को देश में प्रवेश की मंजूरी देंगे। यानी अमेरिका में ऐसे छात्रों का वीजा वापस लिया जाएगा जिनकी कक्षाएं सिर्फ ऑनलाइन मोड पर हो रही है। आईसीई ने कहा, अकादमी पाठ्यक्रम में हिस्सा लेने वाले एफ-1 वीजा धारक आप्रवासी छात्र और वोकेशनल कोर्स करने वाले एम-1 वीजा धारकों को ऑनलाइन कक्षाएं चलने की स्थिति में उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा और जो यहां रह रहे हैं उन्हें देश छोड़ना होगा वरना उन्हें दुष्परिणाम भुगतने होंगे।







भारत ने अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया मुद्दा

नई दिल्ली : भारत ने वीजा वापस लेने के मुद्दे को मंगलवार को अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाया। अधिकारियों ने बताया कि विदेश सचिव हर्षवर्धन सिंगला ने विदेश सचिव डेविड हेल से ऑनलाइन बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाया। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने इसका संज्ञान लेते हुए कहा कि वह भारतीय छात्रों के हितों का ध्यान रखेगा और इस फैसले के प्रभाव को न्यूनतम करने का प्रयास करेगा।

10 लाख छात्रों में भारत के 2.20 लाख होंगे प्रभावित : अमेरिका में इस फैसले का असर करीब 10 लाख विदेशी छात्रों पर पड़ेगा। इनमें भारत के 2.20 लाख छात्र शामिल हैं जबकि चीन के 3.69 लाख और दक्षिण कोरिया के 52 हजार छात्र हैं। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को काफी लाभ होता है। 2018 में विदेशी छात्रों से अमेरिका को 4,470 करोड़ डॉलर की कमाई हुई थी। भारत से 2017 की तुलना में 2018 में 4,157 छात्र बढ़े थे।

आसान नहीं होगा छात्रों को उनके देश वापस भेजना : यह आदेश उन्हीं छात्रों पर लागू होगा जिनकी सभी कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं और जिन्हें कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाना जरूरी नहीं है। यदि कोई विदेशी छात्र आदेश के बावजूद अमेरिका नहीं छोड़ता है तो उसे जबरदस्ती उनके देश भेजा जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बहुत मुश्किल होगा क्योंकि कई देशों में यात्रा प्रतिबंध लागू हैं।


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गोरखपुर : वित्त व लेखाधिकारी को नोटिस, होगी कार्रवाई

वित्त व लेखाधिकारी को नोटिस, होगी कार्रवाई



जिले में 278 शिक्षकों के पैनकार्ड का ब्योरा गलत होने का मामला इसे लेकर सख्त हुआ बेसिक शिक्षा विभाग एवं लेखा विभाग की लापरवाही से जनपद के 278 शिक्षकों के पैनकार्ड की ब्योरा गलत होने के मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को मंगलवार को नोटिस जारी कर दिया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने न सिर्फ नोटिस का जवाब तीन दिनों के अंदर मांगा है बल्कि मामले की जांच कर दोषी के इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी को नोटिस दे दिया विरुद्ध कार्रवाई करने का भी निर्देश गया है। इतने बड़े दिया है। पैन कार्ड में ब्योरा गलत अंकित होने की सूचना मुख्यालय को विभाग पैमाने पर हुई त्रुटि कैसे हुई इसकी जांच कराई जा रही द्वारा दे दी गई है। शिक्षकों को सत्यापन है, जो भी दोषी होगा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो इसे लेकर फोटो युक्त नोटरी की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर साधारण स्पष्टीकरण के साथ समस्त साक्ष्य, नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज खंड शिक्षाधिकारी उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।। भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए रहा है। इस कड़ी में सभी बेसिक ज शिक्षा अधिकारियों से उनके यहां ती स स् कार्यरत शिक्षकों के पैनकार्ड का ब्योरा या विभाग को उपलब्ध कराना होगा। एक्सेल शीट व पीडीएफ में मांगा गया इसके बाद उनके पैन कार्ड संशोधित हो जाएगा। था बेसिक शिक्षा विभाग ने एक्सेल के शीट पर पैन कार्ड का ब्योरा मुहैया ज बता दें कि अनामिका शुक्ला कराया, लेकिन टाइपिंग में गलती की के प्रकरण के बाद से शासन के निर्देश वजह से 278 शिक्षकों के पैनकार्ड का पर शिक्षकों का सत्यापन कराया जा ब्योरा गलत हो गया।

सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं का कोर्स 30% घटाया, कोरोना के उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय

सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं का कोर्स 30% घटाया, कोरोना के उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय।

नई दिल्ली : कोरोना संकट के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नौवीं से लेकर 12वीं तक के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी तक की कमी कर दी है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बाबत अभिभावकों, शिक्षकों से मशविरा लेने के बाद सीबीएसई को कोर्स कम करने का सुझाव दिया था। मंत्रालय की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि कोरोना के कारण स्कूल नहीं खुल पाने से बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ा है। इसमे मद्देनजर सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षा नौ से 12 तक के पाठ्यक्रम को संशोधित किया है। इसके तहत मूल अवधारणा को बनाए रखते हुए कोर्स में 30 फीसदी तक कमी की गई है। घटाया गया पाठ्यक्रम बोर्ड परीक्षा या साल के अंत में होने वाले आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित विषयों का हिस्सा नहीं होगा। जो पाठ्यक्रम कम किया गया है, उसकी जानकारी शिक्षक छात्रों को प्रदान करेंगे।




निर्णय : कोरोना से उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय, स्कूल नहीं खुल पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित


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हाथरस : शैक्षिक सत्र 2020-21 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की चिह्नीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन हेतु शारदा कार्यक्रम के सम्बन्ध में

हाथरस : शैक्षिक सत्र 2020-21 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों की चिह्नीकरण, पंजीकरण एवं नामांकन हेतु शारदा कार्यक्रम के सम्बन्ध में

फतेहपुर : ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा 08 जुलाई 2020 को होगी आयोजित, देखें प्रवेशपत्र प्रारूप सह महत्वपूर्ण निर्देश

फतेहपुर : ARP बनने के लिए आज परीक्षा देंगे बेसिक शिक्षक, 40 पदों के लिए 59 शिक्षकों ने किया है आवेदन।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आज अकादमिक रिसोर्स पर्सन के रिक्त 40 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा राजकीय इंटर कॉलेज में पूर्वाह्न 11 बजे से होगी। परीक्षा में कुल 59 आवेदकों के शामिल होने की उम्मीद है। विभाग ने गत वर्ष पहले चरण में अक्टूबर माह में चयन प्रक्रिया शुरू की थी। पिछले दिनों ब्लॉक सह समन्वयकों (एबीआरसीसी) के स्थान पर अकादमिक रिसोर्स पर्सन की तैनाती का फैसला किया था। तय किया गया था कि प्रत्येक ब्लॉक में सह समन्वयकों की भक्ति अकादमिक रिसोर्स पर्सन की तैनाती की जाएगी। पांच विषयों के विशेषज्ञ कहे गए अकादमिक रिसोर्स पर्सन के चयन के लिए शासनादेश में विस्तृत गाइडलाइन दी गई थी। अपर मुख्य सचिव ने कहा था कि एमपी के लिए अलग से कोई पद सृजित नहीं किया जाएगा। इन्हें एनआरसी के लिए पूर्व में सृजित किए गए पदों में ही समायोजित किया जाएगा। विभाग ने अब दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया का आगाज कर दिया है। 13 ब्लॉक एवं नगर क्षेत्र के लिए कुल 70 रिक्त पद हैं। जिन 40 पदों पर एआरपी की तैनाती नहीं हो सकी है, उन पदों के लिए आवेदन मांगे थे। रिक्त पदों में हिन्दी के 11, अंग्रेजी के 9, गणित के 2, विज्ञान के 10 एवं सामाजिक विषय के 8 पद शामिल हैं।

सामाजिक विषय में सर्वाधिक है।

कुल रिक्त 40 पदों के सापेक्ष 59 शिक्षकों ने आवेदन किया है। जिनमें सामाजिक विषय के रिक्त 8 पदों के लिए करीब 24 शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। जबकि हिन्दी के रिक्त 11 पदों के लिए 19 अध्यापकों ने फार्म डाले हैं। जबकि अन्य विषयों के रिक्त 21 पदों के लिए सिर्फ 16 शिक्षक ही सामने आए हैं। ऐसे में इन विषयों में फिर से पद रिक्त होने की उम्मीद है।



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फतेहपुर : ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा 08 जुलाई 2020 को होगी आयोजित, देखें प्रवेशपत्र प्रारूप सह महत्वपूर्ण निर्देश।











फतेहपुर : ARP के 40 पदों के लिए 59 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, देखें सूची।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने एकडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 40 पदों के चयन के लिए आठ जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से 12.30 बजे तक परीक्षा होगी। एआरपी के रिक्त 40 पदों के लिए कुल 64 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें जांच के दौरान पांच आवेदन योग्य पाए गए। इस तरह से 59 आवेदन सही हैं। जिले में एआरपी के कुल 70 पद हैं। इनमें 30 कार्यरत हैं। पूर्व में हुई चयन परीक्षा में 36 अभ्यर्थी पास हुए थे। इनमें छह ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। इस तरह से 30 एआरपी ही कार्यरत हैं। बीईओ मुख्यालय राकेश सचान ने बताया कि रिक्त एमपी के पद भर जाने के बाद जिले की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा। बताया कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।



फतेहपुर : अब ARP पदों को भरने के लिए तेज की गई कवायद, 08 जुलाई 2020 को GIC में कराई जाएगी परीक्षा।

फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एमपी के रिक्त पदों को भरने की विभाग ने कवायद तेज कर दी है। रिक्त पदों के लिए कुल 64 आवेदन प्राप्त किए गए। जिसमें विभिन्न कमियों के कारण पांच आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। अब 59 शिक्षक इन पदों के लिए परीक्षा देकर अपना भाग्य अजमाएंगे। डीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि एमपी के 40 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें कुल 64 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों द्वारा पांच आवेदनों में त्रुटियां पाए जाने पर रिजेक्ट किया गया है। अब परीक्षा के लिए 59 आवेदक पात्र हैं। बताया कि एमपी परीक्षा आठ जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य ही केन्द्र व्यवस्थापक रहेंगे। वहीं नोडल अधिकारी के रूप में डायट प्राचार्य रहेंगे। परीक्षा 11 बजे से साढे बारह बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए आवेदकों को समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। साथ ही जरुरी प्रपत्र भी अपने साथ रखने होंगे।



रिक्त पद : आठ जुलाई को जीआईसी में कराई जाएगी परीक्षा, 40 पदों के सापेक्ष परीक्षा के लिए 59 आए आवेदन



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