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Wednesday, October 14, 2020

सरगना समेत 12 के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट, शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में एसटीएफ ने कसा शिकंजा

सरगना समेत 12 के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट, शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में एसटीएफ ने कसा शिकंजा।

शिकंजा : शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में एसटीएफ ने कसा शिकंजा, तीन आरोपित अभी भी फरार, चल रही है।

प्रयागराज : प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल समेत 12 अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई। जबकि स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र तैयार हो रहा है। स्पेशल टास्क फोर्स की इस कार्रवाई से गिरोह के बाकी सदस्यों में खलबली मच गई है।


मामले में शिवदीप, सत्य और शैलेष अभी फरार हैं। उनकी तलाश भी चल रही है। प्रतापगढ़ निवासी शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी राहुल सिंह ने चार जून को सोरांव थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो गिरोह का पर्दाफाश हुआ। फिर गैंग के सरगना पूर्व जिपं सदस्य डॉ. केएल पटेल व संतोष बिंद, रुद्रपति दुबे, हरिकृष्ण सरोज, कमल पटेल, संजीत, शशि प्रकाश सरोज, धर्मेंद्र सरोज उर्फ आलोक, ललित त्रिपाठी, धर्मेंद्र पटेल, कुमार विनोद यादव और बलवंत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि धूमनगंज निवासी स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य अभियुक्त जो बाद में गिरफ्तार किए गए हैं, उनके विरुद्ध भी आरोप पत्र जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : कुर्की से पूर्व कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज।

प्रयागराज : 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फरार आरोपी के खिलाफ एसटीएफ ने सोरांव थाने में कोर्ट की अवमानना का एक मुकदमा दर्ज करा दिया। फरार दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी इसी तरह का मुकदमा दर्ज होना बाकी है। वहीं इस प्रकरण में गैंगस्टर की एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए एसटीएफ भी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के बारे में जानकारी एकत्र कर रही हैं।




69000 सहायक शिक्षक भर्ती की जांच मिलने के बाद एसटीएफ ने विवेचना में कई अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में लाएं। अब तक कुल 20 आरोपी बने है। जिसमें सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी शामिल है। इस प्रकरण में तीन आरोपी शिवदीप, सत्यम, शैलेश फरार हैं। एसटीएफ ने इनके घरों पर मुनादी की कार्रवाई कराई थी। 12 अक्टूबर तक इन्हें कोर्ट में सरेंडर करना था। कार्रवाई ना होने पर एसटीएफ ने एक आरोपी शिवदीप के खिलाफ सोरांव थाने में आईपीसी 174 ए के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। अब अन्य आरोपियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि फरार आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में लगे हुए हैं।

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : नकल माफिया केएल पटेल समेत 12 पर लगा गैंगेस्टर एक्ट, हो सकती है कार्यवाई





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JEECUP : 67300 अभ्यर्थियों ने यूपी पॉलिटिक्निक में दाखिले के लिए भरे विकल्प

JEECUP : 67300 अभ्यर्थियों ने यूपी पॉलिटिक्निक में दाखिले के लिए भरे विकल्प।

लखनऊ : संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश के लिए चल रही काउंसलिंग के नतीजे मंगलवार को जारी कर दिए हैं। इस चरण में  कुल 11,567 अभ्यर्थियों ने नया पंजीकरण कराया है। प्रथम चरण के आवंटन में जिन छात्रों ने फ्लोट का चुनाव किया था उनको मिलाकर कुल 67300 अभ्यर्थियों ने द्वितीय चरण की काउंसलिंग में विकल्प भरे हैं। 




13 से 16 अक्तूबर तक सिक्योरिटी धनराशि जमा कर दें
संयुक्त प्रवेश परीक्षा के सचिव एसके वैश्य ने बताया कि  कुल 42728 अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई  । द्वितीय चरण में जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई है वह सर्वप्रथम फ्रीज अथवा फ्लोट के विकल्प का चयन करेंगे। जो अभ्यर्थी फ्लोट का विकल्प चुनेंगे वह यदि  पूर्व में रुपया 3000 जमा नहीं किया है  तो दिनांक 13 से 16 अक्तूबर तक सिक्योरिटी धनराशि जमा कर दें।  जिन्होंने प्रथम चरण में 3000 सिक्योरिटी धनराशि जमा की है, उनको दोबारा धनराशि जमा करने की आवश्यकता नहीं है।  इसी प्रकार जो छात्र फ्रीज का विकल्प चुनेंगे उन्हें  15 अक्तूबर की शाम पांच बजे तक  अपने मूल डॉक्यूमेंट के साथ  सहायता केंद्र पर जाकर मूल डाक्यूमेंट्स का सत्यापन कराना है। उ. प्र. में स्थित 150 राजकीय 19  अनुदानित तथा 1200 निजी क्षेत्र की संस्थाओं में उपलब्ध  2,37,835 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।

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यूपी : 15 अक्टूबर से कुछ शर्तों के साथ खुलेंगे उच्च शिक्षा संस्थान

यूपी : 15 अक्टूबर से कुछ शर्तों के साथ खुलेंगे उच्च शिक्षा संस्थान।

यूपी में उच्च शिक्षा के सभी संस्थान 15 अक्टूबर से खोले जाएंगे। बायोमीट्रिक उपस्थिति पर रोक रहेगी। ऑनलाइन कक्षाओं पर ज्यादा फोकस रहेगा। प्रयोगशाला में अधिकतम क्षमता का पुनर्निर्धारण करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव योगेन्द्र दत्त त्रिपाठी ने आदेश जारी कर दिया है। उच्च शिक्षा के शैक्षणिक संस्थानों को शोधार्थियों, परास्नातक विज्ञान और तकनीकी विद्यार्थियों के प्रयोगशाला संबंधी कामों के लिए ही खोला जाएगा।  




विवि, महाविद्यालयों या संस्थानों को खोलने से पहले कोविड 19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। प्रयोगशाला की सतहों को सैनिटाइज किया जाएगा। स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। प्रवेश द्वार पर 6 फुट की दूरी पर निशान बनाए जाएंगे। प्रयोगशाला में चार वर्ग फुट की जगह एक छात्र के लिए तय की जाएगी। प्रयोगशाला के इस्तेमाल से पहले और बाद में सैनिटाइज किया जाएगा। जहां तक संभव को कैण्टीन बंद रखी जाए। विद्यार्थियों के बीच लैपटॉप, नोटबुक या स्टेशनरी के आदान-प्रदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉमन एरिया, शौचालयों व अन्य जगहों को सैनिटाइज किया जाएगा।

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ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी

ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी।

लखनऊ : भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग की ओर से अल्पसंख्यक छात्रों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एवं पारसी) को छात्रवृत्ति दी जाती है। छात्रवृत्ति पाने के लिए शैक्षिक संस्थानों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केवाईसी अपडेट करनी होती है, लेकिन इस बार लखनऊ शहर के 4659 शैक्षिक संस्थानों में 4316 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। इसका सीधा खामियाजा शहर के हजारों अल्पसंख्यक बच्चों को को भुगतना पड़ेगा। अगर जल्द ही शैक्षिक संस्थानों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो बच्चे छात्रवृत्ति पाने से वंचित होना रह जाएंगे।




नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर राजधानी सहित प्रदेश कई जिलों के शैक्षिक संस्थानों के पंजीकरण व केवाईसी सत्यापन की स्पीड बहुत धीमी है। अधिकांश संस्थाओं ने पंजीकरण व केवाईसी के सत्यापन के लिए आवेदन ही नहीं जमा किए हैं। केवाईसी सत्यापन न होने से इन संस्थाओ में ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।  इस योजना के तहत गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति का दो गुना रकम मिलती है।

वर्ष 2020-21 के सत्र के लिए भारत सरकार ने सभी शैक्षिक संस्थानों को अल्पसंख्यक विभाग से केवाईसी अपडेट कराने के निर्देश दिए थे। जिले के परिषदीय, राजकीय सहायता व मान्यता प्राप्त और मदरसों को मिलाकर प्रदेशभर में 2,70,723 शैक्षिक संस्थान हैं, जिसमें करीब 2,52,485 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। पोर्टल पर शैक्षिक संस्थाओं के पंजीकरण व उनके केवाईसी सत्यापन चल रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के निदेशक सी इंदुमती ने कहा कि जिन शैक्षिक संस्थानों ने केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके नाम की सूची जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही केवाईसी अपडेट न होने पर उन शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


जिन शैक्षिक संस्थानों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। समय रहते सभी औपचारिक्ताएं पूरी करा ली जाएंगी, ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति मिल सके। - बालेंदु कुमार द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

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19 अक्तूबर से खुलेंगे यूपी के स्कूल, जानें किन-किन बातों का रखना होगा ध्यान

19 अक्तूबर से खुलेंगे यूपी के स्कूल, जानें किन-किन बातों का रखना होगा ध्यान।
                                                                                      
लखनऊ : प्रदेश में कक्षा 10 से 12 तक के लिए स्कूल 19 अक्तूबर से खुलेंगे। ये आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। अभिभावकों की लिखित सहमति से ही विद्यार्थियों को बुलाया जा सकेगा। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दी है। उन्होंने बताया कि ये आदेश कन्टेनमेंट जोन पर लागू नहीं होगा। स्कूलों को दो पालियों में चलाया जाएगा। पहली पाली में कक्षा 9 व 10 और दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को बुलाया जाए। एक दिन में एक कक्षा के अधिकतम 50 प्रतिशत तक विद्यार्थियों को ही बुलाया जा सकेगा। बाकी विद्यार्थियों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। विद्यालय में उपस्थिति के लिए लचीला रुख अपनाया जाएगा और किसी भी विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।



ऑनलाइन पढ़ाई भी रहेगी जारी  
डा शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। स्कूल बुलाने में उन विद्यार्थियों को प्राथमिकता पर रखा जाए, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि विद्यार्थी घर पर रहते हुए ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहें तो यह सुविधा उन्हें दी जाए।


 

दो विद्यार्थियों में रहेगी 6 फुट की दूरी
विद्यार्थियों के बीच 6 फुट की दूरी रखी जाएगी। हर पाली के बाद स्कूल सैनिटाइज किया जाएगा। स्कूलों में सैनेटाइजर, हैण्डवाश, थर्मल स्कैनिंग व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होगी। यदि किसी विद्यार्थी, शिक्षक या अन्य कर्मचारी को खांसी, जुखाम या बुखार के लक्षण होंगे तो उन्हें प्राथमिक उपचार देते हुए घर वापस भेज दिया जाएगा। प्रवेश व छुट्टी के समय गेट पर सोशल डिसटेंसिंग का पालन करवाया जाएगा। एक साथ सभी विद्यार्थियों की छुट्टी नहीं की जाएगी। स्कूलों में यदि एक से अधिक प्रवेश द्वार हैं तो उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल बस या वैन आदि को भी रोज सैनिटाइज करवाया जाएगा। विद्यालय प्रबन्धन द्वारा अतिरिक्त मात्रा में मास्क उपलब्ध रखे जाएंगे।  


एसओपी जारी 
स्वास्थ्य, स्वच्छता व अन्य सुरक्षा प्रोटोकाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है, जो माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों व जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों का नियमित निरीक्षण करें।

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28 निजी विश्वविद्यालयों को सरकार की मंजूरी का इंतजार, विभाग ने दी सफाई- लॉकडाउन के कारण हुई देरी

28 निजी विश्वविद्यालयों को सरकार की मंजूरी का इंतजार, विभाग ने दी सफाई- लॉकडाउन के कारण हुई देरी।

उत्तर प्रदेश में खुलने वाले 28 नए निजी विश्वविद्यालयों को सरकार की मंजूरी का इंतजार है। मुख्यमंत्री आवास पर 17 मार्च को आशय पत्र जारी होने के करीब सात महीने बाद भी उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इन संस्थानों के दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं की जा सकी है। हालांकि विभाग इसके पीछे लॉकडाउन के कारण जांच प्रक्रिया के धीमी होने का हवाला दे रहा है।




विश्वविद्यालयों की पात्रता की जांच पूरी होने के बाद कैबिनेट में मंजूरी के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने पर अध्यादेश जारी कर या सदन चलने की स्थिति में विधेयक पारित कराया जाएगा। जानकारों का कहना है कि विभाग में आवेदनों की जांच की यही रफ्तार रही तो अगले शैक्षिक सत्र तक भी पचास प्रतिशत नए विश्वविद्यालय नहीं खुल सकेंगे। अभी प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। 28 नए संस्थानों के खुलने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 55 हो जाएगी। प्रदेश में 19 राज्य विश्वविद्यालय हैं।

दस हजार करोड़ का निवेश होगा : 

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि 28 विश्वविद्यालयों को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। करीब दस हजार लोगों को प्रत्यक्ष और दस हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
सभी तरह की जांच के बाद ही देंगे मंजूरी : डॉ. शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि सरकार भी चाहती है कि प्रदेश में जल्द नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हो ताकि प्रदेश के बच्चों को शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। संस्थानों की भूमि का स्वामित्व, भूमि उपयोग परिवर्तन, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के निर्धारित मानक, संस्था की वित्तीय स्थिति, बैंक ऋण समेत सभी तरह की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि अभी 14 संस्थाओं को उनके दस्तावेजों में कमियां दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है। संस्थाओं को अपनी पात्रता पूरी करने के लिए दो वर्ष का समय दिया गया है। जैसे-जैसे संस्थाएं निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2019 के तहत निर्धारित मानक पूरी करती जाएंगी वैसे-वैसे विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति दी जाएगी। पात्रता पूरी नहीं करने वाले संस्थानों के आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।

इन विश्वविद्यालयों को मिलनी है मंजूरी : 

रामकृष्ण चैरिटेबल ट्रस्ट नई दिल्ली, दीपक गुप्ता एजुकेशनल ट्रस्ट नई दिल्ली, श्रीराममूर्ति स्मारक ट्रस्ट लखनऊ, सरस्वती एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट लखनऊ, श्रीमती सरोज सिंह शिक्षण संस्थान लखनऊ, वरुणार्जुन ट्रस्ट इंदिरा नगर लखनऊ, मोहन सिंह शिक्षा संस्थान मथुरा, सोनल एजुकेशनल सोसाइटी मथुरा, वैदिक एंड फ्यूचरिस्टिक एजूकेट कंपनी अनौरा लखनऊ, प्रसाद एजुकेशनल ट्रस्ट बंथरा लखनऊ, दयानंद दीनानाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन एजुकेशन सोसाइटी, फतेहचंद चैरिटेबल ट्रस्ट मुजफ्फरनगर, शिवरामदास गुलाटी मेमोरियल सोसाइटी प्रयागराज, भगवंत एजुकेशनल डेवपलमेंट सोसाइटी बिजनौर, बसंत शिक्षा समिति ट्रस्ट चंदौली, श्री आनंद स्वरूप एजुकेशनल ट्रस्ट आगरा, श्री दुर्गा मां शिक्षा सेवा समिति कानपुर, राजा राव राम बक्श सिंह शिक्षा प्रसार समिति रायबरेली, अमरदीप मेमोरियल ट्रस्ट बृजराज सिंह स्मृति शिक्षा समिति कैंपस फिरोजाबाद, फूलन सिंह जनकल्याण ट्रस्ट फिरोजाबाद, हरिश्चचंद्र रामकली चैरिटेबल ट्रस्ट गाजियाबाद, श्री सिद्धिविनायक ट्रस्ट बरेली, श्री राजेंद्र कुमार गुप्ता ट्रस्ट बरेली,  राजीव मेमोरियल एकेडमिक वेलफेयर सोसाइटी मथुरा, बृजवासी एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी मथुरा, विद्या बाल मंजली सोसाइटी मेरठ, कैरियर कॉन्वेंट एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट लखनऊ, दुर्गा चैरिटेबल सोसाइटी गाजियाबाद।

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फतेहपुर : बीएलओ की ड्यूटी से स्कूलों की बिगड़ सकती है व्यवस्थाएं, शिक्षकों को तैनाती वाले गांव की बजाय दूर दराज के गांव में बना दिया गया बीएलओ

 फतेहपुर : बीएलओ की ड्यूटी से स्कूलों की बिगड़ सकती है व्यवस्थाएं, शिक्षकों को तैनाती वाले गांव की बजाय दूर दराज के गांव में बना दिया गया बीएलओ।

आयोग की वेबसाइट से बीएलओ ड्यूटी का ब्यौरा सार्वजनिक होते ही तहसील क्षेत्र के परिषदीय शिक्षकों में हड़कंप मच गया। इस बार शिक्षामित्रों, नलकूप ऑपरेटर, लेखपालों व अन्य कर्मियों की बजाए शिक्षकों को ही बीएलओ ड्यूटी में तैनात किया गया है। इसका जमकर विरोध हो रहा है लेकिन कार्रवाई के भय से कई शिक्षकों ने जहां चार्ज ग्रहण कर लिया है तो अनेक ने अब तक सामग्री नहीं ली है।




पिछले वर्षों में बूथ लेविल अफसर की ड्यूटी शिक्षामित्रों, नलकूप ऑपरेटर व लेखपालों के हवाले रहती थी। शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाता था। इस बारतमाम शिक्षकों को ही बीएलओ बना दिया गया है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कई शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें कई बूथों की जिम्मेदारी दी गई जबकि कुछ स्कूल ऐसे हैं जिनके एक से अधिक शिक्षकों को बीएलओ बना दिया गया है। इसका भीतरखाने जबरदस्त विरोध हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि प्रशासन द्वारा सूची भेजे जाने के चलते विभागीय अधिकारी व शिक्षक इसका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं लेकिन जबरदस्त नाराजगी है। शिक्षकों का तर्क है कि इस वक्त भले ही स्कूलों में उतना अधिक काम नहीं है लेकिन इसके बाद भी ऑपरेशन कायाकल्प, प्रशिक्षण, ई पाठशाला, आनलाइन शिक्षण, मिड डे मील सूची समेत कई कार्य हैं जो प्रभावित हो जाएंगे।


शिक्षकों की दूसरे गांवों में भी लगा दी गई ड्यूटी : शिक्षकों को उनके तैनाती वाले गांव की बजाए दूर दराज के गांवों में भी बीएलओ बना दिया गया। ऐसे में इन्हें स्कूल छोड़कर काम करने जाना होगा। संकुल शिक्षकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को भी बीएलओ बनाने से स्कूलों की व्यवस्था चरमराने का खतरा भी पैदा हो गया है।

बच्चों के आने पर बढ़ेंगी मुश्किलें :  बताया जा रहा है कि जब आने वाले समय में सरकार बच्चों को स्कूल जाने की अनुमति देगी तो उस समय हालात और मुश्किल हो जाएंगे। शिक्षकों के बीएलओ ड्यूटी में व्यस्त रहने से स्कूल सम्बन्धी कार्यों के प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

फतेहपुर : परिषदीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों में विद्यालय विकास योजना के निर्माण के संबंध में।

फतेहपुर : परिषदीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों में विद्यालय विकास योजना के निर्माण के संबंध में।  


स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो : मुख्यमंत्री

स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो : योगी

 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए । इसके लिए सर्वे और आंकलन के आधार पर ठोस कार्य योजना बनायी जाए। इस योजना के तहत 100 दिन का
अभियान चलाकर स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के कार्यों को पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग समन्वय के आधार पर यह कार्य सुनिश्चित करें।मुख्यमंत्री मंगलवार को 2 अक्टूबर 2020 से स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के 100 दिन के अभियान के क्रम में प्रदेश में इस अभियान के संचालन के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक, माध्यमिक शिक्षा, नगर विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाज कल्याण विभाग के सहयोग एवं समन्वय से यह अभियान चलाकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभाग साप्ताहिक समीक्षा करें। मुख्य सचिव द्वारा इस अभियान की पाक्षिक तथा मंत्री स्तर पर मासिक समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि ‘जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल योजना संचालित की जा रही है।

31277 शिक्षक भर्ती में तथाकथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे आज

31277  शिक्षक भर्ती में तथाकथित भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे आज

 
प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार और अनियमितता के बावजूद सरकार 31661 पदों को भरने जा रही है। जल्दबाजी में सरकार ने काउंसलिंग कराकर नियुक्ति पत्र देने की घोषणा की है।



न्याय मोर्चा ने भ्रष्टाचार व अनियमितता के खिलाफ सभी नौजवानों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कल 14 अक्टूबर को 11 बजे चंद्रशेखर आजाद पार्क प्रतिमा पर पहुंचने को कहा है। शिक्षक भर्ती न्याय मोर्चा के संयोजक सुनील मौर्य ने कहा कि भ्रष्टाचार में कई लोग जेल में बंद हैं, इस मामले की एसटीएफ जांच कर रही है। शीर्ष कोर्ट से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई मामले लंबित हैं फिर भी भर्ती के आधे से कम पदों को भरा जा रहा है।

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र में होंगे कई अहम बदलाव

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र में होंगे कई अहम बदलाव

 
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। बोर्ड ने पहले ही कोरोना महामारी के चलते 30 फीसद पाठ्यक्रम घटा दिया है। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बोर्ड ने प्रश्न पत्रों में भी बदलाव किए हैं। 2020-21 के शैक्षणिक सत्र की बोर्ड परीक्षा में पहली बार 12वीं के प्रश्न पत्र में 10 फीसद क्षमता आधारित सवाल पूछे जाएंगे। इससे पहले बोर्ड की तरफ से 10वीं में 10 फीसद क्षमता आधारित सवाल पूछे जाते थे, जिन्हें इस साल बढ़ाकर 20 फीसद कर दिया है। बोर्ड ने सैंपल पेपर में प्रश्न घटे हुए फीसद के साथ तैयार किए हैं।



इस बदलाव से छात्रों को विषयों को रटने के बजाय समझने पर ज्यादा ध्यान देना होगा। इससे छात्रों में तार्किक शक्ति का विकास होगा। बोर्ड के छात्रों को इस साल सभी विषयों में क्षमता आधारित सवालों के जवाब देने होंगे। क्षमता आधारित सवालों के लिए प्रश्न पत्र में पहली बार केस स्टडी से सवाल पूछे जाएंगे। ये वस्तुनिष्ठ सवाल होंगे। 12वीं के छात्रों के लिए यह पहला मौका है, जब इस नए पैटर्न से परीक्षा देने होगी। वहीं, इस साल वस्तुनिष्ठ सवालों की संख्या भी बढ़ेगी। सीबीएसई द्वारा जारी सैंपल पेपर के अनुसार, 12वीं में गणित विषय में दो सवाल केस स्टडी पर आधारित पूछे जाएंगे।

समाज कल्याण से सहायता प्राप्त तीन स्कूलों में शिक्षकों के 20 पदों पर रोकी भर्ती

समाज कल्याण से सहायता प्राप्त तीन स्कूलों में शिक्षकों के 20 पदों पर रोकी भर्ती।

प्रयागराज : समाज कल्याण से सहायता प्राप्त तीन स्कूलों में मनमानी नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान में तीन अक्तूबर को मनमानी नियुक्ति का समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रबंधक ने भर्ती स्थगित कर दी है। बाल विद्यालय नयापुरा, कन्या पाठशाला रम्मन का पुरवा और हरिजन कन्या पाठशाला सादियाबाद में शिक्षकों के क्रमशः 9, 8 और 3 पदों के लिए 8 अक्तूबर तक आवेदन मांगा गया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुमोदन के बगैर शिक्षकों के 20 पदों पर भर्ती शुरू करने को लेकर हिन्दुस्तान ने सवाल खड़े किए थे। क्योंकि नियमावली के अनुसार बीएसएफ के अनुमोदन बगैर विज्ञापन जारी ही नहीं हो सकता। यही नहीं विज्ञापित पदों की संख्या भी निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के नियमों के विपरीत थी।


आरटीई के अनुसार 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। बाल विद्यालय नयापुरा में 169, कन्या पाठशाला रम्मन का पुरवा में 135 और हरिजन कन्या पाठशाला सादियाबाद में 66 बच्चे हैं। इन स्कूलों में वर्तमान में क्रमशः 4, 3 व 2 शिक्षक कार्यरत हैं। 6. प्रबंधन ने अन्य पदों से कहीं अधिक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।

माध्यमिक शिक्षा : विषय विशेषज्ञों का पूल बनाएगा चयन बोर्ड।

माध्यमिक शिक्षा : विषय विशेषज्ञों का पूल बनाएगा चयन बोर्ड।

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने लोक सेवा आयोग की तरह विषय विशेषज्ञों का पूल बनाने का निर्णय लिया है ताकि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके। इसके लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से ऑनलाइन डाटा लिया जाएगा। 


अध्यक्ष वीरेश कुमार की अध्यक्षता में 23 सितंबर को हुई बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि संस्था आवंटन और समायोजन की कार्रवाई माध्यमिक शिक्षा निदेशक के स्तर से करने के लिए चयन बोर्ड नियमावली 1998 में संशोधन का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।


इस प्रस्ताव को भेजने का कारण यह है कि प्रायः संबंधित डीआईओएस अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापकों के चयन के लिए अधियाचन भेजने में सावधानी नहीं बरतते हैं, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को ग्रहण न कराकर वापस कर दिया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नई भर्ती में तदर्थ शिक्षकों को शामिल करने के लिए ऑनलाइन आवेदन में प्राविधान एनआईसी के ई-परीक्षा पोर्टल पर कराया जाना होगा।

यूपी बोर्ड : 16 अक्तूबर तक जमा होंगे 10वीं-12वीं के परीक्षा फॉर्म

यूपी बोर्ड : 16 अक्तूबर तक जमा होंगे 10वीं-12वीं के परीक्षा फॉर्म


कोरोना महामारी को देखते हुए यूपी बोर्ड ने कक्षा 10 व 12 के छात्र-छात्राओं को प्रवेश का एक और मौका दिया है। सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से मंगलवार को तीसरी बार अंतिम तिथि बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया। अब लेट फीस के साथ 10वीं-12वीं के छात्र-छात्राओं के परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 16 अक्तूबर है। स्कूलों के प्रधानाचार्य कोषागार में जमा शुल्क की सूचना तथा छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विवरणों को 16 अक्तूबर की रात 12 बजे तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।


ऑनलाइन अपलोड किए गए छात्र-छात्राओं के विवरण में जांच के बाद यदि कोई संशोधन वांछित है तो 17 अक्तूबर से 25 अक्तूबर की रात 12 बजे तक प्रधानाचार्य करेंगे। इस दौरान नये छात्र का विवरण अपलोड या स्वीकार नहीं होगा। प्रधानाचार्य संबंधित छात्र की फोटोयुक्त नामावली एवं कोषपत्र की प्रति 30 अक्तूबर तक डीआईओएस कार्यालय में जमा करेंगे जिसे संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा। कक्षा 9 व 11 के छात्र-छात्राओं के अग्रिम पंजीकरण की अंतिम तिथि भी बढ़ाने का प्रस्ताव गया है जो जल्द मंजूर होने की उम्मीद है।


गौरतलब है कि इससे पूर्व अंतिम तिथि 30 सितंबर तक 9 व 11 के 48,75 837 और 10 व 12 के 5535137 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हो सका था। यह संख्या पिछले साल की तुलना में क्रमश: 452536 और 71981 कम है। विभिन्न जनपदों के प्रधानाचार्य यह कहते हुए अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध कर रहे थे कि कोरोना महामारी के दौरान बड़ी संख्या में गरीब बच्चे प्रवेश नहीं ले सके हैं।

Tuesday, October 13, 2020

वर्ष 2021 की हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा हेतु विलम्ब शुल्क सहित परीक्षा शुल्क जमा करने तथा परीक्षा आवेदनों को ऑनलाइन अपलोड करने की तिथि बढ़ाने संबंधी विज्ञप्ति जारी

वर्ष 2021 की हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा हेतु विलम्ब शुल्क सहित परीक्षा शुल्क जमा करने तथा परीक्षा आवेदनों को ऑनलाइन अपलोड करने की तिथि बढ़ाने संबंधी विज्ञप्ति जारी


69000 भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 31277 पदों के सापेक्ष उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु जनपद फतेहपुर के काउन्सलिंग हेतु विज्ञप्ति, प्रपत्र व निर्देश व काउंसलिंग व्यवस्था आदेश जारी, देखें

69000 भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 31277 पदों के सापेक्ष उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु जनपद फतेहपुर के काउन्सलिंग हेतु विज्ञप्ति, प्रपत्र व निर्देश व काउंसलिंग व्यवस्था आदेश जारी, देखें




69000 स0अ0 भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 31277 पदों के सापेक्ष उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु जनपद गोरखपुर के काउन्सलिंग हेतु प्रपत्र व निर्देश जारी, देखें

69000 स0अ0 भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत 31277 पदों के सापेक्ष उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु जनपद गोरखपुर के काउन्सलिंग हेतु प्रपत्र व निर्देश जारी, देखें