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Sunday, January 10, 2021

यूपीटीईटी - 2019 का प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु यह अभिलेख होंगे आवश्यक, देखें क्लिक करके

मथुरा :  यूपीटीईटी - 2019 का प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु यह अभिलेख होंगे आवश्यक, देखें क्लिक करके। 


मदरसों शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर सरकार सख्त, मानव सम्पदा में विवरण होगा फीड, तबादला नीति भी ला सकती है सरकार

अनुदानित मदरसा शिक्षकों डाटा होगा मानव सम्पदा पोर्टल पर फीड

मदरसों शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर सरकार सख्त, मानव सम्पदा में विवरण होगा फीड, तबादला नीति भी ला सकती है सरकार


उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की गड़बड़ियों को रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। अब सरकार मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड करा रही है। इससे सभी मदरसा शिक्षकों का विवरण एक स्थान पर मिल जाएगा।


सरकार मदरसा शिक्षकों के लिए तबादला नीति भी ला सकती है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी बल्कि मदरसा शिक्षा में भी सुधार होगा।


शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर होगा फीड
उत्तर प्रदेश में 560 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें नौ हजार शिक्षक पढ़ाते हैं। इनका वेतन प्रदेश सरकार देती है। पहले चरण में अनुदानित मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड किया जाएगा।


इसके बाद दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त अन्य मदरसा शिक्षकों के विवरण ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे वे मदरसा शिक्षक भी पकड़ में आ जाएंगे, जो एक साथ कई मदरसों में काम कर रहे हैं। कई बार मदरसा प्रबंधक मान्यता लेने के लिए दूसरे मदरसों के शिक्षकों को अपने यहां दिखा देते हैं। इस पर भी नई व्यवस्था में लगाम लग सकेगी।


लखनऊ : प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की गड़बड़ियां रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। अब सरकार मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड करा रही है। इससे सभी मदरसा शिक्षकों का विवरण एक स्थान पर मिल जाएगा। सरकार मदरसा शिक्षकों के लिए तबादला नीति भी ला सकती है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि मदरसा शिक्षा में भी सुधार होगा।




प्रदेश में 560 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें नौ हजार शिक्षक पढ़ाते हैं। इनका वेतन प्रदेश सरकार देती है। पहले चरण में अनुदानित मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त अन्य मदरसा शिक्षकों के विवरण ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे वे मदरसा शिक्षक भी पकड़ में आ जाएंगे, जो एक साथ कई मदरसों में काम कर रहे हैं। कई बार मदरसा प्रबंधक मान्यता लेने के लिए दूसरे मदरसों के शिक्षकों को अपने यहां दिखा देते हैं।

69000 भर्ती : तीसरी काउंसलिंग तक दिव्यांग करें इंतजार, DGSE ने दी धरना समाप्त करने की चेतावनी

69000 भर्ती : तीसरी काउंसलिंग तक दिव्यांग करें इंतजार, DGSE ने दी धरना समाप्त करने की चेतावनी।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति को लेकर धरना, भूख हड़ताल कर रहे दिव्यांगों से महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने तीसरी काउंसलिंग तक इंतजार करने को कहा है। दिव्यांग अभ्यर्थी 22 दिन से धरना एवं बीते तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद पर भूख हड़ताल पर बैठे दिव्यांगों के पांच सदस्यीय दल से बातचीत के बाद विजय किरन आनंद ने कहा कि अनशन खत्म करें, जब तीसरी काउंसलिंग होगी तो आपकी मांगों पर विचार किया जाएगा।


महानिदेशक ने कहा कि परिषद कार्यालय से धरना, अनशन खत्म करें। उन्होंने चेतावनी दी की यदि धरना खत्म नहीं हुआ तो प्रशासन उन्हें उठा देगा। 


महानिदेशक के रवैये पर भूख हड़ताल पर बैठे उपेंद्र मिश्र, धनराज यादव, प्रदीप शुक्ला एवं शिवम अग्रहरि ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी अनशन जारी रखेंगे। उपेंद्र मिश्रा ने कहा कि महानिदेशक से हम लोगों ने मांग की कि हमारी मांग गलत है, आप यह लिखकर दे दें, हम धरना खत्म कर देंगे। उनकी मांग पर महानिदेशक तैयार नहीं हुए।


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय के सामने धरना के दे रहे प्रदेशभर के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने शनिवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद से कहा कि 69,000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति मिलने तक वे नहीं हटेंगे, भूख हड़ताल जारी रहेगी। महानिदेशक ने दिव्यांगों से आंदोलन खत्म करने का अनुरोध किया और भर्ती में नियमों के पालन का हवाला दिया ।

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार को लेकर 33 दिन से धरने पर बैठे दो अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार को लेकर 33 दिन से धरने पर बैठे दो अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी।


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती के दो अभ्यर्थियों क्षमा शुक्ला व कौशांबी कौ अमृता मिश्रा की शनिवार को धरना के दौरान तबीयत खराब हो गई। क्षमा को निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।


अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों में सुधार करने का अवसर देने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर 33 दिन से लगातार बेसिक शिक्षा निदेशालय के मैदान पर धरना दे रहे हैं। मगर उनकी कोई सुन नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

Saturday, January 9, 2021

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में जल्द आएंगे टैबलेट, तैयारी शुरू

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में जल्द आएंगे टैबलेट, तैयारी शुरू


गोरखपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के 2504 विद्यालयों को जल्द ही टैबलेट दिया जाएगा। इस संबंध में शासन ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसमें विभाग से जिले में कार्यरत शिक्षकों की सूची को तलब किया गया है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।


आने वाले दिनों में टैबलेट का इस्तेमाल न सिर्फ बच्चों की ई- लर्निंग, बल्कि शिक्षकों की बायोमीट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने में किया जाएगा। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) के निर्देश पर प्रथम चरण में परीक्षण  चल रहा है। इसके लिए लखनऊ के 15 विद्यालय पहले ही चयनित किए जा चुके हैं। धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी परीक्षण कर इसका वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा। 


बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और बच्चों तक उच्चीकृत शिक्षा पहुंचाने के नजरिए से शासन ने शिक्षकों को टैबलेट वितरित करने का मन बनाया है। शासन स्तर से शिक्षकों की दोबारा सूची मांगी गई है। उसे जल्द ही भेज दिया जाएगा।

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन


प्रयागराज : महानिदेशक स्कूल शिक्षा को शुक्रवार को डीएलएड प्रशिक्षुओं के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा। बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने सीमैट में उनका घेराव करके नई शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी का नोटीफिकेशन जारी करने की मांग की। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही टीईटी के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी और उसके बाद भर्ती पर निर्णय लिया जाएगा।


राज्य शैक्षिक प्रबंध एवं प्रशिक्षण संस्थान पर डीएलएड संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षुओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घेराव किया। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि एनआइओएस को यूपीटीईटी में न शामिल करने के लिए शासन स्तर में बैठक किया जाएगा। रेगुलर डीएलएड को प्रथम वरीयता के लिए शासन स्तर तक बात को पहुंचाया जाएगा।

फरवरी - मार्च में नहीं होगी परिषदीय स्कूलों में कोई परीक्षा, मार्च के बाद होंगी स्कूलों की परीक्षाएं

फरवरी - मार्च में नहीं होगी परिषदीय स्कूलों में कोई परीक्षा, मार्च के बाद होंगी स्कूलों की परीक्षाएं। 



महानिदेशक ने कहा कि फरवरी, मार्च में माघ मेला एवं मार्च में पंचायत चुनाव को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद की कोई भी परीक्षा इस दौरान नहीं कराई जाएगी। मार्च के बाद परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं होंगी।

69000 भर्ती में दिव्यांग आरक्षण के मामले को लेकर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों से मिलकर महानिदेशक सुनेंगे उनकी बात

69000 भर्ती में दिव्यांग आरक्षण के मामले को लेकर विरोध कर रहे अभ्यर्थियों से मिलकर महानिदेशक सुनेंगे उनकी बात

69000 भर्ती : आरक्षण की विसंगतियों को लेकर धरने के बाद दिव्यांगों ने अब शुरू की भूख हड़ताल


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय इन दिनों आंदोलन स्थली बना है। प्रदेश भर के दिव्यांग शिक्षक भर्ती में नियमानुसार आरक्षण की देने की मांग को लेकर 26 दिन से धरना दे रहे थे, अफसरों की अनसुनी पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू कर दिया है। कहना है कि हक मिलने के बाद ही वे यहां से हटेंगे। 

69000 शिक्षक भर्ती में ये दिव्यांग अभ्यार्थी 90/97 कटआफ पास है। संविधान द्वारा पारित आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के तहत दिव्यांगों को चार प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, आरोप है कि यह आरक्षण अधिकारियों की लापरवाही के तहत नहीं दिया। इसके विरोध में वे 14 दिसंबर 2020 से धरना दे रहे हैं। सुनवाई न होने पर उन्होंने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। परिषद ने मांग पत्र महानिदेशक को भेजा है और अब तक उसका निस्तारण नहीं हुआ है।


उधर 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की विसंगति पर 14 दिसंबर से लगातार बेसिक शिक्षा परिषद पर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की बावत पूछे जाने पर विजय किरन आनंद ने कहा कि वह शनिवार को इन अभ्यर्थियों से मिलकर उनकी मांग सीधे सुनेंगे।


चार अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल और उसमें एक के बीमार होने की खबर पर उन्होंने कहा कि वह अनावश्यक इस ठंड में अपने को परेशानी में डाल रहे हैं, उनकी मांग पर नियम संगत विचार हो रहा है। उन्होंने दिव्यांग अभ्यर्थियों की ओर से श्रवण ह्रास एवं दृष्टिहीन अभ्यर्थियों के आरक्षण को शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांगों को देने की मांग को नियम विरूद्घ बताया।

बेसिक शिक्षा विभाग में पहली कक्षा के बच्चों को सबसे योग्य व अनुभवी शिक्षक पढ़ाएंगे, मिलेगा प्रशिक्षण।


बेसिक शिक्षा विभाग में पहली कक्षा के बच्चों को सबसे योग्य व अनुभवी शिक्षक पढ़ाएंगे, मिलेगा प्रशिक्षण।


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा 1 के बच्चों को स्कूल के सबसे योग्य एवं अनुभवी शिक्षक पढ़ाएंगे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने सभी डायट प्राचार्य को शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए हैं। परिषदीय स्कूलों में  अगले शैक्षिक सत्र से कक्षा 1 में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। 


परिषदीय स्कूलों के सबसे योग्य एवं अनुभवी शिक्षक को एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अनुसार अध्यापन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लॉक संदर्भदाताओं को 10 जनवरी तक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद विकास खंड स्तर पर 25-25 शिक्षकों के बैच बनाकर 18 जनवरी से 31 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक बैच को छह-छह दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

फतेहपुर : चतुर्थ श्रेणी कर्मी करेंगे लिपिकीय कार्य, बेसिक शिक्षा में किया जा रहा अभिनव प्रयोग, स्नातक पास कर्मचारी पाएंगे प्रशिक्षण

फतेहपुर : चतुर्थ श्रेणी कर्मी करेंगे लिपिकीय कार्य, बेसिक शिक्षा में किया जा रहा अभिनव प्रयोग, स्नातक पास कर्मचारी पाएंगे प्रशिक्षण।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में योग्यता के बावजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी करने वाले लिपिकीय कार्य संपादन में लगाए जाएंगे। स्नातक योग्यताधारी इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त हैं। यह कर्मचारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी योग्यता का उपयोग करने के लिए शासन ने योजना बनाई है। बीएसए को निर्देशित किया है कि वह स्नातक योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लिपिकीय कार्य का प्रशिक्षण दिलाएं। जिसके तहत नगर संसाधन केंद्र में इन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिले में इच्छुक 41 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर बाबुओं के काम की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

ब्लाकों के कामकाज में हाथ बंटाएगे कर्मचारी : बेसिक शिक्षा में ब्लाकों में लिपिकों का टोटा है। कई-कई ब्लाकों का चार्ज एक एक लिपिक के ऊपर है। जिसके चलते समय से काम नहीं उठ हो पाता है। शासन ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की योग्यता का फायदा उठाने की सोची है। इनको प्रशिक्षित करते सरकारी काम निपटाया जाएगा।


स्कूलों में तैनाती, बच्चों को भी पढ़ाते

बेसिक शिक्षा के स्कूलों में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में योग्यता की कोई कमी नहीं है। माता-पिता की मौत के बाद लिपिक संवर्ग और शिक्षक में भर्ती नहीं हो पाए। तय समय सीमा के अंदर नौकरी भी करनी थी। इसलिए चतुर्थ श्रेणी की नौकरी ज्वाइन कर ली। विद्यालयों में कामकाज कम होने के चलते प्रधानाध्यापकों ने अफसरों की सहमति पर इनसे पढ़ाने का काम लेना शुरू कर दिया है।

शासन के निर्देश पर विद्यालयों में तैनात चतुर्थ

श्रेणी कर्मचारियों को लिपिकीय कार्य के प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले के 13 ब्लाकों और मुख्यालय तथा बिंदकी नगर क्षेत्र में तैनात 41 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बाद इनसे ब्लाकों  में लिपिक का काम लिया जाएगा।
  शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

फतेहपुर : गांवों में लगेंगी चौपाल होगा शिक्षा का प्रसार

फतेहपुर : गांवों में लगेंगी चौपाल होगा शिक्षा का प्रसार

फतेहपुर कोविड-19 के तहत शिक्षा के प्रचार- प्रसार में आई बाधा को दूर करने के लिए शासन ने अभिनव प्रयोग के साथ कदम बढ़ाए हैं। स्कूलों में बच्चे नहीं जा रहे हैं और गुरुजी दायित्व निर्वहन के लिए स्कूलों में रहते हैं। दायित्व निर्वहन की नई कसौटी में अब गांव-मोहल्लों में शिक्षा चौपाल लगाई जाएगी।


जिला महानिदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए अभिनव प्रयोग के साथ गांव और मोहल्लों में शिक्षा चौपाल लगाने का निर्णय लिया है। इस चौपाल में गुरुजी गांवों में जाकर बच्चों और अभिभावकों के साथ चौपालें लगाएंगे। जिसमें आ रही दिक्कतों को लेकर चर्चा होगी तो योजनाओं को लेकर वार्ता की जाएगी। चौपाल में मुख्य फोकस शिक्षा पर रहेगा। शिक्षा के ग्रहण करने में बच्चों को क्या दिक्कतें आ रही है उनके निपटारे के क्या रास्ते हैं इसको लेकर विस्तार से चर्चा होगी। निश्शुल्क योजनाओं के लाभ पर चर्चा होगी। अगर कोई बच्चा लाभ से वंचित हैं तो वह उसे किस प्रकार जोड़ा जाएगा।


प्रेरणा उत्सव के तहत होगी 100 दिनी चौपाल : बेसिक शिक्षा महानिदेशक द्वारा बनाई गई योजना 100 दिनी होगी। जिसके तहत गांवों और मोहल्लों में चौपालें लगाई जाएंगी। प्रेरणा उत्सव के बैनर तले आयोजित होने वाली चौपालों में प्रबंध समिति का गठन और दायित्व निर्वहन, लर्निंग आउट कम को सुधारे जाने के लिए खंड शिक्षाधिकारी प्रधानाध्यापकों के संग बैठक करके चौपाल का खाका खीचेंगे ।

शिक्षा चौपालों में सभी प्रकार की दिक्कतों को दूर किया जाएगा। शैक्षिक गृह कार्य और लिखित कार्य की जांच, दीक्षा एप का उपयोग, क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करके पढ़ाई करने जैसे कामों को अंजाम दिया जाएगा। जिससे शैक्षिक स्तर में सुधार होगा।

शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Friday, January 8, 2021

हाथरस : दिनाँक 17 जनवरी 2021 से प्रारम्भ होने वाले प्लस पोलियो अभियान में सहयोग प्रदान करने के सम्बन्ध में

हाथरस : दिनाँक 17 जनवरी 2021 से प्रारम्भ होने वाले प्लस पोलियो अभियान में सहयोग प्रदान करने के सम्बन्ध में



अलीगढ़ : अत्यधिक शीतलहर के चलते परिषदीय विद्यालयों का समय बदल कर प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 2 बजे किये जाने का आदेश जारी।

अलीगढ़ : अत्यधिक शीतलहर के चलते परिषदीय विद्यालयों का समय बदल कर प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 2 बजे किये जाने का आदेश जारी।


आदेश का पालन करे या अवमानना कार्यवाही को रहें तैयार, शिक्षक के बकाया वेतन का मामला

आदेश का पालन करे या अवमानना कार्यवाही को रहें तैयार, शिक्षक के बकाया वेतन का मामला


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला को अध्यापक के बकाया वेतन का भुगतान करने के आदेश का 20 जनवरी 2021 तक पालन करने या अवमानना कार्यवाही के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।


यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने अध्यापक कमलेश प्रसाद तिवारी की अवमानना याचिका पर अधिवक्ता लोकेश द्विवेदी को सुनकर दिया है। अवमानना याचिका में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके याची के बकाया वेतन के भुगतान के आदेश की खंडपीठ से पुष्टि के बावजूद पालन नहीं किया जा रहा है। कहा गया है कि न ही वेतन का आकलन किया गया और न बकाया वेतन के भुगतान की मंशा है।


सरकार की तरफ से कहा गया कि खंडपीठ के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है इसलिए सुनवाई टाली जाए। कोर्ट ने इस दलील को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि एसएलपी दाखिल होने मात्र से आदेश पर रोक नहीं लग जाती।


कोर्ट ने आदेश की अवहेलना करने पर विपक्षियों को तलब किया था। तीन अधिकारी पेश हुए और सचिव ने पेशी से छूट मांगी। लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने अधिकारियों की हाजिरी माफ करते हुए आदेश का अनुपालन कर हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। साथ ही कहा कि आदेश का पालन नहीं किया तो कोर्ट सचिव के खिलाफ अवमानना का आरोप निर्मित करेगी।

अगला लेख: धर्मांतरण विरोधी कानून के विरुद्ध याचिकाओं पर सुनवाई 15 को
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शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षक संवर्ग आमने सामने

शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षक संवर्ग आमने सामने।


प्रयागराज : शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षण शाखा संघ आमने-सामने है। दोनों अनुपात प्रतिशत अधिक पाने की पैरवी में जुटे हैं। हालांकि शिक्षा निदेशालय का दावा है कि पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या पुराने कोटे के तहत मांगी गई है, जिसमें पुरुष शाखा का 61, महिला शाखा का 22 व निरीक्षण शाखा का 17 अनुपात प्रतिशत है।



उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के पदों पर पदोन्नति छह साल से नहीं हो सकी है। प्रदेश में इस संवर्ग के अब गिने-चुने अफसर बचे हैं, जबकि रिक्त पदों की तादाद करीब पांच सौ है। 2018 में भी विभागीय पदोन्नति समिति ने सूची फाइनल की थी लेकिन, उस पर कोर्ट ने रोक लगा दी। शासन ने इस संवर्ग के पदों को भरने के लिए पांच नवंबर को आदेश दिया। शिक्षा निदेशालय ने 23 दिसंबर को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या मांगी। यह पत्र इंटरनेट पर वायरल हुआ और सूची के अनुसार यह कयास लगे कि निरीक्षण शाखा का कोटा बढ़ाया है। अपर शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने स्पष्ट किया कि अनुपात प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं है।


महिलाएं भी कोटे से असहज : पदोन्नति में महिला शाखा का कोटा सिर्फ 22 प्रतिशत होने से महिला शिक्षिकाएं भी असहज हैं। वे भी अपना कोटा बढ़ाने की मांग कर रही हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राजेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि महिलाओं व पुरुषों का कोटा बराबर करने की मांग हो रही है।

गोंडा : भ्रष्टाचार की शिकायत पर BEO निलंबित, शिक्षक से रुपये मांगने का आरोप

गोंडा : भ्रष्टाचार की शिकायत पर BEO निलंबित, शिक्षक से रुपये मांगने का आरोप


गोंडा : भ्रष्टाचार के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इन पर एक शिक्षक ने रुपये मांगने का आरोप लगाया था।


जांच में प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर कार्रवाई की गई है। इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय अहिरौलिया के सहायक अध्यापक सुशील कुमार अग्रहरि ने बेसिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें बीईओ ओम प्रकाश पाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक विनय मोहन वन ने उनके निलंबन की पुष्टि की है।


सूबे के शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय

सूबे के  शिक्षामित्रों को दो माह से नहीं मिला मानदेय


प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्य लगभग डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को नवंबर व दिसंबर का मानदेय अभी तक नहीं मिला है, जिसके चलते कोरोना काल में वे अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पा रहे हैं।



शासन की ओर से अभी तक पिछले दो माह का मानदेय भुगतान का बजट जिलों को नहीं भेजा गया है। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र वैसे ही अवसाद ग्रस्त हैं, अब दो माह से मानदेय न मिलने से आधिक रूप से संकट से जूझ रहे हैं।

69000 भर्ती : भूख हड़ताल पर बैठे दिव्यांग में एक हुआ बेहोश, कराया एडमिट, महानिदेशक के आगमन पर आंदोलन तेज करने का निर्णय

69000 भर्ती : भूख हड़ताल पर बैठे दिव्यांग में एक हुआ बेहोश, कराया एडमिट, महानिदेशक के आगमन पर आंदोलन तेज करने का निर्णय।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे चार दिव्यांग अभ्यर्थियों में एक उपेंद्र मिश्रा रात 9.30 बजे बेहोश हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थी को एंबुलेंस से लाकर काल्विन अस्पताल में भर्ती करा दिया। बेसिक शिक्षा परिषद पर धरने पर बैठे अभ्यर्थी रात में सचिव प्रताप सिंह बघेल के कहने पर एजी आफिस के बगल रैन बसेरे में चले गए थे। 


69000 सहायक अध्यापक भर्ती पर धरने पर बैठे चार अभ्यर्थियों में आरक्षण की विसंगति को लेकर उरपेंद्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप 14 दिसंबर से बेसिक शिक्षा परिषद शुक्ला एवं शरद अग्रहरि ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। इनमें से उपेंद्र कौ हालत रात 9.30 बजे बिगड़ गई। उपेंद्र के बेहोश होने पर दूसरे साथियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। 

पुलिस दूसरे अभ्यर्थियों से भी भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह कर रही थी। दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में उन्हें चार फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। दिव्यांग अभ्यर्थी आरपीडब्ल्यूडी ऐक्ट 2016 के तहत चार फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। 


आठ एवं नौ जनवरी को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के शहर आगमन को देखते हुए दिव्यांगों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल से मिलकर अपनी बात रखी। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने दिव्यांग अभ्यर्थियों से भूख हड़ताल और धरना खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्ञापन उन्होंने अपनी ओर से शासन को भेज दिया है। इस पर निर्णय शासन को लेना है।

UPTET 2020 : शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट) 07 मार्च तक कराने को छेड़ा ट्विटर पर अभियान

UPTET 2020 : शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट) 07 मार्च तक कराने को छेड़ा ट्विटर पर अभियान


प्रयागराज : शिक्षक पात्रता परीक्षा( टीईटी) सात मार्च को कराने और पंचायत चुनाव के बाद नई शिक्षक भर्ती निकालने की मांग प्रशिक्षुओं ने तेज कर दी है।ऑल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह व डीएलएड, बीटीसी, बीएड के हजारों प्रशिक्षुओं ने प्रदेश सरकार को ट्वीट किया है ।


अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा नियामक की ओर से सात मार्च टीईटी कराने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा है, लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैए से परीक्षा पंचायत चुनाव बाद होने का आसार दिख रहे हैं।

HCL के ‘विकल्प’ पोर्टल से होगा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने किया लॉन्च

HCL के ‘विकल्प’ पोर्टल से होगा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने किया लॉन्च


बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और शिक्षण सामग्री पहुंचाने के लिए एचसीएल फाउंडेशन ने वेब पोर्टल ‘विकल्प’ तैयार किया है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने इसे बृहस्पतिवार को निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान में एक कार्यक्रम में लॉन्च किया।


राज्यमंत्री ने कहा कि विकल्प पोर्टल पर पाठ्यपुस्तकों के साथ मैप की गई एक हजार से अधिक वीडियो उपलब्ध है। इसके जरिये रियल टाइम मूल्यांकन भी किया जा सकता है। साथ ही कहा कि सरकार विभिन्न कॉर्पोरेट समूहों के साथ मिलकर स्कूलों का कायाकल्प कर रही है। 


एचसीएल फाउंडेशन जैसे संस्थानों के सहयोग से बुनियादी शिक्षा में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। वहीं, बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पोर्टल शैक्षिक वातावरण विकसित करने में मदद करेगा। फाउंडेशन के निदेशक आलोक वर्मा ने कहा कि विकल्प पोर्टल विद्यार्थियों को व्यावसायिक विकास का अवसर भी देगा।


■  ये हैं पोर्टल की विशेषताएं

● - कक्षा एक से पांच तक पाठ्यक्रम आधारित सामग्री का स्थानीयकरण किया गया है।
● - कक्षा एक से आठ के मूल्यांकन के लिए प्रश्न बैंक उपलब्ध है।

Thursday, January 7, 2021

बांदा : बीएसए ने दी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को नसीहत, ARP के जरिये निरीक्षण की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का दिया आदेश

बांदा :  बीएसए ने दी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को नसीहत, ARP के जरिये निरीक्षण की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का दिया आदेश। 


बिजनौर : कोहरे व शीतलहर के चलते विद्यालयों के खुलने का समय परिवर्तित

बिजनौर : कोहरे व शीतलहर के चलते विद्यालयों के खुलने का समय परिवर्तित।


इसी माह होगी अंतर्जनपदीय तबादला पाए शिक्षकों की तैनाती

इसी माह होगी अंतर्जनपदीय तबादला पाए शिक्षकों की तैनाती।


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में इसी माह से शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। दूसरे जिलों में तबादला पाये शिक्षकों की तैनाती इसी माह हो जायेगी। इस बारे में जल्द ही आदेश जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



शिक्षकों को स्कूल आवंटन प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो इसको लेकर सरकार भी कोशिश में है, इसके बाद 69000 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाये शिक्षकों को तैनाती की जायेगी।


 इस संबंध में जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने बताया कि तबादला पाये शिक्षकों को जल्द ही स्कूल आवंटित किया जायेगा, विभागीय तैयारियां चल रही हैं। उन्होंन बताया शिक्षकों की तैनाती के लिए औपचारिक तिथि भी जल्द ही जारी की जाएगी। इससे पहले उन्होंने स्पष्ट किया था जब तक स्कूल आवंटन नहीं होता है तब तक शिक्षको को अपने पुराने स्कूल में ही सेवाएं देनी होंगी।

त्रुटि सुधार के लिए 69000 भर्ती अभ्यर्थियों ने भीख मांग कर जताया विरोध

त्रुटि सुधार के लिए 69000 भर्ती अभ्यर्थियों ने भीख मांग कर जताया विरोध।


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों ने बुधवार शाम निशातगंज स्थित एससीईआरटी गेट के सामने भीख मांग कर विरोध जताया। अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों में सुधार करने का अवसर देने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर वे 7 दिसंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि छह दिनों से अनशन पर हैं। मगर उनकी कोई सुन नहीं रहा है।



 अभ्यर्थी बबली पाल, सौरभ, रुचि, आशुतोष, हिमांशु वर्मा, संदीप ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय प्राप्तांक अधिक व पूर्णाक आदि त्रुटियां हो गईं थी। इसके आधार पर उनकी नियुक्ति को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। जबकि बे सब भर्ती परीक्षा पास कर आए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

अंतर्जनपदीय तबादले में महिलाओं को मिली सौगात तो पुरूषों को आघात

अंतर्जनपदीय तबादले में महिलाओं को मिली सौगात तो पुरूषों को आघात


एटा : लंबे समय से अंतरजनपदीय तबादलों की आस लगाए बैठे शिक्षकों को नया साल खास होने की उम्मीद थी, लेकिन इस मामले में सैकड़ों की उम्मीद धरी रह गई। जिन्हें सूची में स्थान मिल गया वह खुश वही सैकड़ों को तबादला न होने का आघात भी लगा है। शिक्षिकाओं के सापेक्ष शिक्षकों की उम्मीद कम पूरी हुई है।



डेढ़ वर्ष पहले से ही अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा कवायद शुरू कराई गई थी। तबादलों की प्रक्रिया पूरी तरह से आनलाइन रहने के चलते कई बार झटके लगते रहे। मामला न्यायालय तक पहुंचा। कई बार काउंसिलिग और सूची का इंतजार बना रहा।


 पिछले दो महीनों से शासन सक्रिय हुआ तो जिले में भी लगभग 900 शिक्षक शिक्षिकाएं तबादले की कतार में थे। इसके बाद लगभग 300 से ज्यादा शिक्षकों की उम्मीद तब टूट गई जब पुरुषों के लिए पांच तथा महिलाओं के लिए तीन साल की जिले में सेवा प्रभावी की गई, हालांकि नई साल पर सरकार ने लगभग 22 हजार शिक्षकों की तबादला सूची जारी कर तोहफा तो दिया लेकर उच्च मेरिट वाले ही खुश हो सके। आवेदन के अनुरूप एक चौथाई भी शिक्षक-शिक्षिकाओं को लाभ नहीं मिल सका। 


स्थानांतरण सूची में जिसे तबादला मिला उसे नई साल की सौगात मिल गई लेकिन तबादला न होने से सैकड़ों को नई साल का आनंद भी व्यर्थ करना पड़ा है। उधर, तबादला मिलने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं दूसरे जिलों की तैयारी में जुट गए हैं और शेष रहे अन्य आवेदक अब दूसरी सूची या फिर अगली प्रक्रिया का इंतजार करने को विवश हैं।

फतेहपुर : कंप्यूटर प्रशिक्षण से अध्यापक को किया जाएगा दक्ष, परिषदीय स्कूलों के शिक्षक- शिक्षिकाओं के मांगे गए नाम

फतेहपुर : कंप्यूटर प्रशिक्षण से अध्यापक को किया जाएगा दक्ष, परिषदीय स्कूलों के शिक्षक- शिक्षिकाओं के मांगे गए नाम, शासन ने ऑनलाइन प्रशिक्षण की बनाई व्यवस्था 



फतेहपुर : बेसिक शिक्षा को हाईटेक बनाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं का हाईटेक होना जरूरी है। इसी मंशा के तहत बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने शिक्षक- शिक्षिकाओं को एक माह का प्रशिक्षण दिए जाने की कार्य योजना बनाई है।


जिले में 2650 परिषदीय जिसमें 1903 प्राथमिक और 747 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों में 9,654 शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं। इनमें तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं कंप्यूटर की व्यापक जानकारी रखते हैं। कंप्यूटर की जानकारी न रखने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की योजना शासन ने बनाई है। चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।


बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह बताया कि महानिदेशक के निर्देश पर जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं हैं। उनको प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए सूची बनाई जा रही है। जनवरी माह में ही एक माह का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे कि प्रशिक्षण पाने के बाद शिक्षक स्कूलों में हाईटेक शिक्षा का प्रसार कर सकेंगे। कंप्यूटर प्रशिक्षण से विद्यालय का शैक्षिक स्तर भी सुधरेगा।

फतेहपुर : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण के फलस्वरूप कार्यभार ग्रहण करने वाले अध्यापकों का अवशेष वेतन भुगतान आदेश जारी, देखें सूची

फतेहपुर : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण के फलस्वरूप कार्यभार ग्रहण करने वाले  अध्यापकों का अवशेष वेतन भुगतान आदेश जारी, देखें सूची।


प्रयागराज : चार साल में 150 परिषदीय शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त

प्रयागराज : चार साल में 150 परिषदीय शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन 150 शिक्षक पिछले चार साल में बर्खास्त किए गए हैं। 75 से 80 शिक्षक ऐसे हैं जो लंबे समय से अनुपस्थित थे और नोटिस के बावजूद अपना पक्ष रखने नहीं पहुंचे।


वहीं 61 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी हासिल की थी। इन फर्जी शिक्षकों ने जिन संस्थाओं के प्रमाणपत्र लगाए थे वहां की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। 


61 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी संजयकुमार कुशवाहा ने 28 अप्रैल 2019 को खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया था। लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण अक्तूबर 2020 में 9 शिक्षकों को सेवामुक्त किया गया था। दो पैन के आधार पर नौकरी कर रही पूर्व मा. विद्यालय ओनौर उरुवा की सहायक अध्यापिका रमा सिंह 23 सितंबर 2020 को बर्खास्त की गई थीं।

UP Board Exams 2021 :10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं 15 जनवरी से होंगी शुरू, चेक करें डिटेल्स

UP Board Exams 2021 :10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं 15 जनवरी से होंगी शुरू, चेक करें डिटेल्स

UP Board Exams 2021 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad) 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए प्री- बोर्ड परीक्षा का आयोजन करेगा। ताजा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 15 जनवरी से यह परीक्षाएं शुरू होंगी और 25 जनवरी तक चलेगी।



UP Board Exams 2021: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad) 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए प्री- बोर्ड परीक्षा का आयोजन करेगा। ताजा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 15 जनवरी से यह परीक्षाएं शुरू होंगी और 25 जनवरी तक चलेगी। वहीं इस परीक्षा में लगभग 56 लाख परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट में बातचीत करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक नीरज कुमार पांडे ने कहा कि विषयवार प्री-बोर्ड डेट शीट संबंधित स्कूलों द्वारा जल्द ही जारी की जाएगी। इसके अलावा स्कूल ध्यान दें कि स्कूलों को कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए 30 जनवरी, 2021 तक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी पूरा करना होगा। इसके अलावा सभी स्कूलों को मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद जिला टॉपरों के नाम जिला विद्यालय निरीक्षकों कार्यालय में जमा करने होंगे।

वहीं अगर यूपी बोर्ड परीक्षाओं की बात करें तो इस संबंध में हाल ही में यूपी के उप मुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा (Deputy Chief Minister and the Minister for Secondary Education - Dinesh Sharma) ने कहा कि उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2021 अप्रैल-मई 2021 में आयोजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि कक्षा 10वीं और 12वीं परीक्षा की तारीखें आगामी राज्य में पंचायत चुनाव पर निर्भर करेगी।बता दें कि इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कुल लगभग 56,03,813 परीक्षा फॉर्म प्राप्त हुए हैं। इनमें से कक्षा 12 में 29,94,312 आवेदन प्रस्तुत हुए हैं और कक्षा 10 में 26,09,501 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन विंडो 5 जनवरी, 2021 को बंद कर दिया गया था।

जानें क्या कहते हैं पिछले साल के आंकड़े

गौरतलब है कि पिछले साल से छात्राओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल 13,20,290 छात्राओं ने कक्षा 12 की परीक्षा के लिए आवेदन किया है। वहीं 11,35,730 छात्राओं ने कक्षा 10 की परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा कक्षा 12 के लिए कुल 16,74,022 ने आवेदन किया है। वहीं कक्षा 10 परीक्षाओं के लिए 14,73,771 लड़कों ने आवेदन किया है।


यूपी बोर्ड : 10वीं व 12वीं के लिए लगभग 56 लाख परीक्षार्थी अगले महीनों में होने वाली परीक्षा में होंगे शामिल

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौर में भी यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर परीक्षार्थियों की संख्या 56 लाख से अधिक हो गई है। ये परीक्षार्थी अगले महीनों में होने वाले इम्तिहान में शामिल होंगे । वोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों को अवसर देने के लिए नियमित अंतराल पर चार बार परीक्षा फार्म भरने की समय सीमा बढ़ाई। 

हालांकि अभी कक्षा नौ व 11 के लिए पंजीकरण का कार्य चल रहा है। पांच जनवरी तक पिछले वर्ष की अपेक्षा सिर्फ सात हजार परीक्षार्थी कम है, संभव है कि 10 जनवरी के बाद यह संख्या और बढ़ जाए । कृषि के परीक्षार्थी 11 वीं कक्षा में ही बोर्ड परीक्षा देते हैं।


Wednesday, January 6, 2021

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नया पाठ्यक्रम शुरू, राज्यपाल ने किया उद्घाटन New Syllabus in Anganwadi Centers 2021

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नया पाठ्यक्रम शुरू, राज्यपाल ने किया उद्घाटन
New Syllabus in Anganwadi Centers 2021


1.25 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों में इस सत्र से शुरू होंगी प्री प्राइमरी कक्षाएं


आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए पाठ्यक्रम 'प्रारंभिक बाल्यावस्था, देखभाल और शिक्षा' का शुभारंभ सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बीएचयू के विज्ञान संकाय सभागार में किया। तीन साल से छह साल तक के बच्चों के लिए तीन खंडों में बने इस पाठ्यक्रम को पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत सेवापुरी ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्रों में शुरू किया जाएगा। यहां तीन से छह माह का शिक्षण देने के बाद इसे राज्य में लागू करने का प्रस्ताव राज्रू सरकार को दिया जाएगा। इसके बाद यह पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित होगा।


चार दिवसीय दौरे के पहले दिन राज्यपाल ने बीएचयू में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के तीन दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में नए पाठ्यक्रम की पुस्तिका का भी विमोचन किया। यह विद्याभारती की ओर से तैयार किया गया है। इसमें बच्चों के लिए कविताएं, खेल के साथ मोरल साइंस समेत अन्य मनोरंजन विषयों को समावेश किया गया है। ताकि बच्चों को पढ़ने के प्रति लगाव हो सके। अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र पर केवल पहल नाम की एक पुस्तिका से पढ़ाया जाता था।


बच्चों में शुरुआती शिक्षा सांस्कारित होनी चाहिए
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि नई शिक्षा नीति में बहुत बल है। इसमें चार वर्ष, चार से पांच व 5 से 6 वर्ष की शिक्षा आंगनबाड़ी केंद्र का भाग है। भारत का भविष्य बनाने के लिए नन्हे-मुन्नों को संस्कारित शिक्षा दी जानी चाहिए। बच्चे को 8 वर्ष तक जो सिखाया व पढ़ाया जाता है, उसका 80 फीसदी उनकी आदत में ढल जाती है। इसलिए प्रारंभिक शिक्षा अतिमहत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी में आने से पहले बच्चे अपने घर में देखी, सुनी हुई चीजों व व्यवहार को लेकर आंगनबाड़ी में आते हैं। इसलिए आंगनबाड़ी को बच्चे के अंदर की कमियों को दूर कर उसी के अनुरूप बात, व्यवहार, पढ़ाई, खेल आदि क्रियाकलाप करें।

UP Board Exam 2021: यूपी बोर्ड के विशेषज्ञ बताएंगे कैसे करें तैयारी

UP Board Exam 2021: यूपी बोर्ड के बोर्ड परीक्षार्थियों को विशेषज्ञ बताएंगे कैसे करें तैयारी


यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार यूपी बोर्ड के छात्रों को विशेषज्ञ परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। विशेषज्ञ बतायेंगे की परीक्षा की तैयारियां किस प्रकार करनी है। ताकि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में बैठने वाले छात्र छात्राओं को अच्छे अंक प्राप्त हो। खास बात यह है कि कोविड-19 के चलते हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का पाठ्यक्रम भी करीब 30 प्रतिशत कम किया गया है।


कोरोना काल में माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों ही प्रकार से जारी है। ज्ञान गंगा और स्वयं प्रभा चैनल पर ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान तैयार पाठ्यक्रम, उनके नोट्स, समय प्रबंधन समिति परीक्षा के दौरान कॉपियों में लिखे जाने वाले तरीकों के संबंध में भी जानकारी मिलेगी। 


छात्र-छात्राओं की परेशानियों को दूर करने के लिए इस बार यूपी बोर्ड ने वीडियो नोट्स उपलब्ध कराने की भी तैयारियां शुरू कर दी है। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान इससे मदद मिलेगी। ई ज्ञान गंगा और स्वयं प्रभा चैनल पर भी विशेषज्ञ अपनी वीडियो बनाकर डालेंगे। विशेषज्ञों की वीडियो अपलोड होने पर छात्र-छात्राओं को परीक्षा को की तैयारी किस प्रकार करनी है इसमें मदद मिलेगी।


इस बार 30 फीसदी कम किया गया है पाठ्यक्रम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों ने बताया कि कोरोनावायरस को देखते हुए यूपी बोर्ड हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों की सहूलियत को देखते हुए 30 फीसदी पाठ्यक्रम कम किया गया है। 70 फीसदी पाठ्यक्रम की तैयारी बच्चे कैसे करें, इसी बात को लेकर वह दुविधा में हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, जिस विषय के विशेषज्ञ शिक्षक होंगे, उसी के वीडियो नोट्स दिए जाएंगे।


छात्र छात्राओं के लिए विवरण पत्रिका भी तैयार की गई है
 सभी हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों में बोर्ड परीक्षाओं की ही तैयारियां चल रही हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वाले छात्र छात्राओं के लिए जो पाठ्यक्रम कम किया गया है उसे लेकर बोर्ड ने छात्र छात्राओं के लिए विवरण पत्रिका भी तैयार की है। विवरण पत्रिका में विषयवार पाठ्यक्रम की जानकारी दी गई है।

जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं है अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों की जानकारी

जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं है अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों की जानकारी


परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शासन से स्थानांतरित शिक्षकों की सूची विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। लेकिन विभाग के अफसरों को नहीं पता कि कितने शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ है।


बदायूं : परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शासन से स्थानांतरित शिक्षकों की सूची विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। लेकिन, विभाग के अफसरों को नहीं पता कि कितने शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ है। वेबसाइट पर स्थानांतरण की सूचना देखने के बाद शिक्षक बीएसए कार्यालय जाकर जानकारी कर रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को विभाग की ओर से सूची नहीं मिलने की बात कहकर लौटाया जा रहा है।


अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदन करने वाले शिक्षकों में से 1103 आवेदकों को स्वीकृति मिली थी। यह आवेदक विभाग की वेबसाइट पर जाकर स्थानांतरण से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जहां वह अपना नाम, पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि अपलोड करेंगे। एक पेज खुलकर आएगा। जहां आवेदन के समय शिक्षकों की ओर से चयनित किए तीन जिलों में से किसी एक में स्थानांतरित होने पर उस जिले की जानकारी मिल जाएगी। अन्यथा स्थानांतरण न हो जाने के बारे में अवगत कराया जा रहा है। स्थानांतरण हो जाने की सूचना मिलने के बाद शिक्षक आगे की प्रक्रिया जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पहुंच रहे हैं। जहां उन्हें लौटाया जा रहा है।

15 जनवरी तक स्वेटर वितरण करने के आदेश, हेडमॉस्टरों को अपने साधन से पड़ रहा है ढोना

15 जनवरी तक स्वेटर वितरण करने के आदेश, हेडमॉस्टरों को अपने साधन से पड़ रहा है ढोना।


राजधानी समेत प्रदेश भर में सभी सरकारी विद्यालयों में 15 जनवरी तक स्वेटर वितरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसके बाद 31 जनवरी तक स्वेटर की क्वालिटी चेक होगी। इसके साथ ही जहां-जहां छोटे स्वेटर पहुंच गये हैं वहां के खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गयी है।

ताकि बच्चों को माप के अनुसार स्वेटर मुहैया कराया जा सके। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि स्वेटर वितरण | की प्रक्रिया में देरी की मुख्य वजह यह रही । कि कोरोना काल में स्कूल में बच्चों को बुलाया नहीं जा सका, ऐसे में सीमित संख्या में बच्चों को प्रतिदिन बुलाकर स्वेटर दिए । जाने थे हालांकि इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि अब स्वेटर वितरण प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाये, हालांकि नवंबर में ही स्वेटर वितरण की प्रक्रिया की जानी थी।


हेडमॉस्टरों का आरोप, नहीं मिला साधन

वहीं बीआरसी स्तर पर मौजूद स्वेटर स्कूलों में पहुंचाने के लिए हेडमॉस्टरों को कोई संशाधन नहीं मुहैया कराया गया है। इस संबंध में हेडमास्टरों का आरोप है कि उन्हें अपने वाहन से ही स्वेटर लादकर स्कूल लाना पड़ रहा है, स्वेटर छोटे भी पड़ जाते हैं तो उन्हें बदलने के लिए फिर बीआरसी जाना पड़ता है। इसके चलते भी स्वेटर वितरण प्र क्रिया प्रभावित हो रही है।


वाहनों से पहुंचाना था स्कूल

इससे पहले किताबों के वितरण के लिए शिक्षा विभाग की ओर से वाहनों को निर्धारित किया गया था, लेकिन किताबों के वितरण के बाद वाहनों को हटा लिया गया। शिक्षकों की मांग है कि स्कूल स्तर पर अगर समय से स्वेटर पहुंचा दिए जाते हैं तो अब सभी बच्चों के हाथो में स्वेटर पहुंच जाते और जांच प्रक्रिया भी पूरी हो गयी होती।

सुल्तानपुर : अंतर्जनपदीय ट्रांसफर : बैंक से नो ड्यूज के बाद ही रिलीव हो सकेंगे शिक्षक

सुल्तानपुर :  अंतर्जनपदीय ट्रांसफर : बैंक से नो ड्यूज के बाद ही रिलीव हो सकेंगे शिक्षक।


सुल्तानपुर। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पात्र पाए गए शिक्षकों-शिक्षिकाओं को पहले बैंकों का नो ड्यूज जमा करना होगा। नो ड्यूज के बाद ही शिक्षक अपने आवंटित जिलों के लिए रिलीव हो सकेंगे।
अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए जिले के 847 शिक्षकों का आवेदन अग्रसारित किया गया था। इसमें से बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से बड़ी संख्या में शिक्षकों का तबादला मंजूर किया गया है। तबादले के लिए अर्ह होने के बाद अब शिक्षकों के सामने एक नया टास्क आ गया है। कुछ बैंकों की ओर से सूची बीएसए को भेजी गई है, जिसमें यह बताया गया है कि अमुक शिक्षकों ने हमारे बैंक से ऋण लिया है । इसलिए बगैर नो ड्यूज के इन शिक्षकों को रिलीव न किया जाय। इस पत्र के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीवान सिंह यादव ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र जारी कर कहा है कि बिना नो ड्यूज जमा किए किसी भी शिक्षक-शिक्षिका को रिलीव नहीं किया जाय । सभी शिक्षकों को निर्देशित किया है कि जिन्होंने ऋण लिया है अथवा नहीं लिया है, वे अपने बैंकों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट के साथ ही रिलीविंग के लिए आवेदन करें।


अंतर जनपदीय स्थानांतरण का मामला
अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए अर्ह सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यालय से संबंधित समस्त चार्ज हस्तांतरित करते हुए स्कूल के दायित्वों से मुक्त होकर ही रिलीव हों। रिलीविंग के समय चार्ज हस्तांतरण से संबंधित प्रपत्र व बैंक नो ड्यूज रहना अनिवार्य है। - दीवान सिंह यादव, बीएसए

लखीमपुर- खीरी : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से पूर्व सम्बंधित से विभिन्न मदों में प्रेषित धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र लेने के संबंध में आदेश

लखीमपुर- खीरी :  अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से पूर्व सम्बंधित से विभिन्न मदों में प्रेषित धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र लेने के संबंध में आदेश। 


छात्रवृत्ति के लिए मेधावियों का आवेदन अब पांच फरवरी 2021 तक

छात्रवृत्ति के लिए मेधावियों का आवेदन अब पांच फरवरी 2021 तक

प्रयागराज : इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 उम्दा अंकों से उत्तीर्ण करने वाले मेधावी अब छात्रवृत्ति पाने के लिए पांच फरवरी तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बशर्ते, उनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये अधिक न हो। इसके लिए उनका उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना जरूरी होगा। 


यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय बोर्ड की इंटर परीक्षा 2020 विज्ञान वर्ग में 334, वाणिज्य वर्ग में 313 व मानविकी वर्ग में 304 अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दे रहा है।

Tuesday, January 5, 2021

महराजगंज : वर्तमान में दीक्षा एप पर गतिमान आनलाइन निष्ठा ट्रेनिंग माड्यूल 16, 17 व 18 सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को अनिवार्य रूप से नियत समय में पूर्ण करने का बीएसए ने दिया सख्त निर्देश

महराजगंज : पूर्व में बीआरसी पर निष्ठा ट्रेनिंग पूर्ण कर चुके शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को भी दीक्षा एप पर वर्तमान में गतिमान आनलाइन निष्ठा ट्रेनिंग माड्यूल 16,17 एवं 18 नियत समय में पूर्ण करने का बीएसए ने दिया सख्त निर्देश।


कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शैक्षिक स्टाफ के उन्मुखीकरण हेतु यू-ट्यूब सत्र दिनांक 04 जनवरी के स्थान पर 11 जनवरी को आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शैक्षिक स्टाफ के उन्मुखीकरण हेतु यू-ट्यूब सत्र दिनांक 04 जनवरी के स्थान पर 11 जनवरी को आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में ।






प्रतापगढ़ : ARP के पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें

प्रतापगढ़ : ARP के पदों पर चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें।