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Friday, February 19, 2021

हाथरस : एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर बीएसए ने विभागीय कार्य के संदर्भ में प्रा0शि0संघ एवं रा0शै0महासंघ से सुझाव किये आमंत्रित

हाथरस : एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर बीएसए ने विभागीय कार्य के संदर्भ में प्रा0शि0संघ एवं रा0शै0महासंघ से सुझाव किये आमंत्रित



तदर्थ शिक्षकों को मिलेगा विनियमितीकरण का तोहफा!, एडेड माध्यमिक कालेजों में सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक नियुक्त शिक्षक होंगे विनियमित

तदर्थ शिक्षकों को मिलेगा विनियमितीकरण का तोहफा!, एडेड माध्यमिक कालेजों में सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक नियुक्त शिक्षक होंगे विनियमित

प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में वर्षों से तदर्थ रूप में तैनात शिक्षकों को विनियमित करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड अधिनियम के तहत वे शिक्षक विनियमित नहीं हो पाए वे। इसलिए अब अधिनियम में नई धारा जोड़ने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अमल होते ते सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक तदर्थ रूप से नियुक्त शिक्षकों के विनियमितीकरण का रास्ता साफ होगा।


चयन बोर्ड अधिनियम 1952 में धारा-33(0) को 22 मार्च 2016 को जोड़ा गया था। इससे एडेड कालेजों में अल्पकात्तिक रिक्ति के सापेक्ष प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक श्रेणी में सात अगस्त 1993 से 25 जनवरी 1999 तक के मध्य नियुक्त और मौलिक रिक्ति के सापेक्ष पदोन्नति व सीधी भर्ती द्वारा सात अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 तक के बीच नियुक्त तदर्द शिक्षकों को विनियमित किया गया था।

इसमें प्रविधान किया गया कि जो कदवं शिक्षक बोर्ड अधिनियम 1982 की धारा 15 के अनुसार नियुक्त नहीं किए गए हैं और कोर्ट के अंतरिम व अनंतिम आदेश से वेतन प्राप्त कर रहे हैं, वे विनियमित होने के हकदर नहीं होगा। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की तादाद 555 है। वहीं, कालेजों के प्रचंधतंत्र ने भी नियमानुसार प्रक्रिया का पालन न करके मौलिक रिक्ति के सापेक्ष शिक्षकों की नियुक्तियां की है, जो कोर्ट के आदेश पर चेतन पा रहे हैं। अब इन शिक्षकों को लाभ देने की तैयारी है।

तदर्थ नियुक्तोयों में चयन बोर्ड  जिम्मेदार : एडेड माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों के चयन के लिए माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड स्थापित किया गया था। चयन बोर्ड ने समय पर रिक्त पर्व के सापेक्ष अभ्यर्थियों . का चयन नहीं किया। वहीं, - कालेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या तेजी से बढ़ी और शिक्षकों की संख्या बहुत कम हो गई। इस कठिनाई से उबरने के लिए कालेजों में तदव शिक्षक नियुक्त हुए।

वेतन पाने वालों को भी मिले लाभ : शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पंडेय ने विशेष सचिव को भेज प्रस्ताव में लिखा है कि 2016 में विनियमित करने का प्रविधान होने पर भी सैकड़ों शिक्षकों को लाभ नहीं मिला, क्योंकि वे तो वेतन पा रहे के, लेकिन अन्य लाभों से वंचित हैं। घन राजकोष से दिया जा रहा है, इसलिए इन्हें विनियमित करने के लिए अधिनियम में धारा-ह के बाद अब 'ज' जोड़ा जाए।

बदलाव से खुल सकते हैं और भी रास्ते : माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भले ही वर्ष 2000 तक के शिक्षकों को विनियमित करने की तैयारी की है, लेकिन इससे शीर्ष कोर्ट में लंबित संजय सिंह प्रकरण में विनियमित होने की मांग कर रहे शिक्षकों के रास्ते भी खुल सकते हैं। वर्ष 2000 के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक एडेड कालेजों में तदर्थ रूप से नियुक्त हैं।

फतेहपुर : सात ब्लाकों में 62 स्कूल कंडम, 33 ढहाए गए, छह ब्लाकों की सत्यापन सूची आना शेष

फतेहपुर : सात ब्लाकों में 62 स्कूल कंडम, 33 ढहाए गए, छह ब्लाकों की सत्यापन सूची आना शेष

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग जर्जर स्कूलों को कंडम घोषित कराने की तैयारियों में जुटा है। चिह्नित 279 स्कूलों का सत्यापन तकनीकी कमेटी से कराने का काम जारी है। अब तक सात ब्लाकों से आई सूची में 62 स्कूल कंडम घोषित किए गए हैं। इनमें 33 भवनों को ढहाया जा चुका हैं।


बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलेभर के कुल 2650 परिषदीय स्कूलों में 278 स्कूल भवन जर्जर चिहित किए थे। यह सूची जिला तकनीकी कमेटी को सत्यापन के लिए डीएम के माध्यम से सौंपी गई थी। कमेटी ने अब तक तेलियानी, मलवां, अमौली, देवमई, असोथर, विजयीपुर, धाता ब्लाकों के 62 स्कूल भवनों को कंडम घोषित कर सूची बीएसए को सौंपी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन भवनों को नीलाम कर दिया है। नीलाम स्कूलों में 33 भवन ढहा दिए गए हैं इनका मलबा उठाया जा रहा है। 29 स्कूल भवन चालू महीने के अंत तक ढहा दिए जाएंगे। खास बात यह है कि कंडम स्कूल भवन ढहाए तो जा रहे हैं, लेकिन यहां पढ़ने वाले बच्चे कहां बैठाकर पढ़ाए जाएंगे, इसके लिए विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।

Thursday, February 18, 2021

सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण देने का निर्देश, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान फिर शुरू करेगा डिप्लोमा कोर्स

सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण देने का निर्देश, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान फिर शुरू करेगा डिप्लोमा कोर्स


अब सरकारी प्राइमरी और जूनियर स्कूलों के सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षण आंग्लभाषा शिक्षण संस्थान प्रयागराज देगा । वहीं संस्थान का अंग्रेजी डिप्लोमा कोर्स भी फिर से शुरू होगा।ये निर्देश बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) डा सतीश द्विवेदी ने बुधवार को आयोजित बैठक में दिए।


उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में जो प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाता है उसे सभी शिक्षकों को दिया जाए । बुधवार को हिन्दी संस्थान की बैठक में उन्होंने सभी संस्थाओं के कामों का प्रस्तुतिकरण देखा । डा द्विवेदी निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी बीआरसी व एआरपी को अपने कामों से परिचित करवाएं और यू ट्यूब से कार्यक्रम करें उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों से पुरानी व आप्रांसगिक जानकारी को हटाया जाए और नई पाठ्य सामग्री जोड़ी जाए।

शिक्षकों का ऑनलाइन ट्रांसफर जल्द शुरू होगा, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को होगा लाभ

शिक्षकों का ऑनलाइन ट्रांसफर जल्द शुरू होगा, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को होगा लाभ

प्रयागराज : प्रदेश के 4500 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानांतरण की पिछले चार दशकों से चली आ रही नौ चरणों वाली जटिल और भ्रष्ट व्यवस्था से शिक्षकों को जल्द ही छुटकारा मिलने जा रहा है। पुरानी व्यवस्था की बजाय पहली बारट्रांसफर के लिए जल्द ही शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।


पुरानी व्यवस्था में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक को अपने पसंद के जिले में खाली पद को खुद ढूंढ़ना पड़ता था। उसके बाद शिक्षक को दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक से अलग अलग अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। फिर दोनों जिलों के डीआईओएस और दोनों मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से अनापत्ति लेते हुए अपर निदेशक माध्यमिक कार्यालय में आवेदन करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिलती रहती हैं । शिक्षक 4 वर्षों से ऑनलाइन ट्रांसफर की मांग करते आ रहे हैं। 17 जनवरी 2020 को लखनऊ में शिक्षक संघ के धरने के दौरान ही सरकार से हुई वार्ता के बाद ऑनलाइन ट्रांसफरका शासनादेश जारी हुआ लेकिन कोरोना के कारण इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका था।

उच्च शिक्षा : एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की प्रोन्नति शीघ्र, कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होनी है प्रोन्नतियां

उच्च शिक्षा : एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की प्रोन्नति शीघ्र, कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होनी है प्रोन्नतियां

❇️ उच्च शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन समिति के लिए नाम तय किया


प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होने वाली प्रोन्नतियों को शासन ने हरी झंडी दे दी है। शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन समिति के लिए जिलावार अपने नामिनी का नाम तय कर दिया है। मूल्यांकन समिति की संस्तुति पर ही शिक्षकों की प्रोन्नतियां होती हैं।


सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफसरों को स्टेज- 1 से स्टेज- 4 तक एवं सातवें वेतनमान वेतनमान के मैट्रिक लेवल तक प्रोन्नतियां होनी हैं। इसके तहत उन्हें वेतनमान में वृद्धि का लाभ मिलता है। इन्हीं चरणों की प्रोन्नति प्रक्रिया के बाद उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर भी प्रोन्नति दी जाती है। यह प्रक्रिया समय से न हो पाने पर उनकी प्रोन्नति लटक जाती है। स्क्रीनिंग कम मूल्यांकन समिति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी ) की गाइड लाइन के तहत एकेडमिक परफार्मेस इंडीकेटर्स (एपीआई) के आधार पर शिक्षक के कार्यों का मूल्यांकन करती है। यूजीसी ने प्रोन्नति के लिए एपीआई के अंक तय कर रखे हैं, जो अलग-अलग कार्यों के आधार पर मिलते हैं। इसमें शोध कार्यों, सेमिनारों में सहभागिता और प्रशासनिक दायित्वों पर भी अंक मिलते हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज ने वर्ष 2019 में जारी की गई सूची में संशोधित करते हुए मूल्यांकन समिति के लिए अपने नामिनी का नाम घोषित किया है । यह सूची विवि के कार्यक्षेत्र में आने वाले जिलों के आधार पर बनाई गई है।

BEO द्वारा हेडमास्टर की मिशन प्रेरणा व ऑपरेशन कायाकल्प आधारित मासिक बैठक हेतु एजेंडा जारी, शतप्रतिशत एजेंडे आधारित बैठक का निर्देश

BEO द्वारा हेडमास्टर की मिशन प्रेरणा व ऑपरेशन कायाकल्प आधारित मासिक बैठक हेतु एजेंडा जारी, शतप्रतिशत एजेंडे आधारित बैठक का निर्देश



सभी BEOs कृपया ध्यान दें

 आप जानते हैं, मिशन प्रेरणा और ऑपरेशन कायाकल्प पर आधारित सभी BEOs को HMs के साथ मासिक बैठक की अध्यक्षता करनी हैं। इस  बैठक के लिए मीटिंग एजेंडा साझा किया जा रहा है (अजेंडा संलग्न)।

 इस एजेंडा को ध्यान से पढ़िए और सुनिश्चित करें कि आज से हर बैठक इस एजेंडा के आधार पर की जाए।  

अतः 100% BEO बैठक को एजेंडा के आधार पर रखवाएँ और मिशन प्रेरणा Feb Key Tasks पर DCF भरियें ।




अब क्लास 1 से 12 तक के स्कूल टीचर बनने के लिए TET होगा अनिवार्य, ये है NCTE की तैयारी

अब क्लास 1 से 12 तक के स्कूल टीचर बनने के लिए TET होगा अनिवार्य, ये है NCTE की तैयारी


Education news in hindi: अब स्कूल टीचर बनने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए एनसीटीई यह फैसला ले रहा है। पढ़ें डीटेल...
    

■ क्लास 1 से 12 तक सभी के लिए अनिवार्य होगा टीईटी
एनईपी के तहत एनसीटीई ने लिया है फैसला

■ गाइडलाइंस और टेस्ट स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए कमिटी गठित


TET compulsory to become school teacher: अब किसी भी क्लास में पढ़ाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teachers Eligibility Test) पास करना अनिवार्य किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने यह फैसला किया है।


एनसीटीई ने इसके लिए दिशानिर्देश व टेस्ट पैटर्न तैयार करने के लिए कमिटी गठित कर दी है। स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए और शिक्षकों को अपग्रेड करने के लिए एनसीटीई यह तैयारी कर रहा है।


क्लास 1 से लेकर 12वीं तक, सभी स्कूल टीचर्स के लिए अब टीईटी (TET) या सीटीईटी (CTET) पास होना जरूरी होगा। अब तक टीईटी की अनिवार्यता सिर्फ क्लास 1 से 8वीं तक के लिए थी। 9वीं से 12वीं यानी पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT) के लिए इसकी जरूरत नहीं होती थी।


केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के सलाहकार यूएन खावरे (UN Khaware) ने कहा कि 'इस फैसले से टीचर एजुकेशन के क्षेत्र में हो रहे फर्जीवाड़ों पर लगाम लगाया जा सकेगा। देश में हजारों बीएड (B.Ed) कॉलेज हैं। गलत तरीके से इनसे बीएड की डिग्री ले लेना आम बात हो गई है। टीईटी अनिवार्य होने से अच्छे शिक्षक चुनकर आएंगे।

Wednesday, February 17, 2021

यूपी : मदरसों में भी शुरू होंगी कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं, आदेश जारी

यूपी : मदरसों में भी शुरू होंगी कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं, आदेश जारी

प्रदेश के अनुदानित एवं मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं में पढ़ाई शुरू किये जाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार आर.पी.सिंह ने इस बारे में सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को एक आदेश बुधवार को जारी किया हे। 


इस आदेश में कहा गया है कि मदरसों की कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई शुरू करवा दी जाए और कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं की पढ़ाई पहली मार्च से शुरू करवाने की तैयारी की जाए। बताते चलें कि इन मदरसों में कोरोना संक्रमण की वजह से आफलाइन नियमित पढ़ाई बंद चल रही थी।


हाथरस : कंपोजिट ग्रांट से विद्युत संयोजन कार्य हेतु चयनित 211 विद्यालयों की सूची एवं निर्देश जारी

हाथरस : कंपोजिट ग्रांट से विद्युत संयोजन कार्य हेतु चयनित 211 विद्यालयों की सूची एवं निर्देश जारी






















मिशन प्रेरणा के अंतर्गत प्रति माह शिक्षक संकुल की बैठक का आयोजन के क्रम में माह फरवरी की ऑनलाइन यूट्यूब बैठक 24 फरवरी को,विस्तृत निर्देश देखें।

मिशन प्रेरणा के अंतर्गत प्रति माह शिक्षक संकुल की बैठक का आयोजन के क्रम में माह फरवरी की ऑनलाइन यूट्यूब बैठक 24 फरवरी को,विस्तृत निर्देश देखें।

जानिए 24 फ़रवरी का यूट्यूब लाइव क्यों है इतना ख़ास? आपको मिल सकेंगे अपने इन प्रश्नों के उत्तर


फ़रवरी माह में की जाने वाली शिक्षक संकुल की बैठक अपने साथ ला रही है छात्र/छात्रों के विद्यालय वापसी की खुश खबर। इसे उत्सव के रूप में मनाने के लिए प्रेरणा ज्ञानोत्सव का शुभारंभ किया जा रहा है। दिनांक 24 फरवरी 2021 (बुधवार) को पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 1.00 बजे तक यू- ट्यूब सेशन के माध्यम से गुणोत्सव की बारीकियों पर प्रकाश डाला जाएगा। 


इस लाइव सेशन से किस प्रकार के प्रश्नों के उत्तर मिलेंगे?

1. छात्र/छात्राओं के कोविड महामारी के कारण हुए शिक्षिक एवं मानसिक प्रभाव को कम कैसे किया जाये?
2. अभिभावकों को बच्चों के प्रेरक बनने में किस प्रकार प्रतिभागी बनाएं?
3. प्राथमिक कक्षाओं में समृद्ध मॉड्यूल से रेमेडियल लर्निंग कराने के लिए किस सामग्री का उपयोग करना है ?
4. रेमेडियल लार्निंग कब तक की जाएगी ?
5. बच्चों का बेसलाइन असेसमेंट कैसे करें ?
6. SRG, ARP, DIET मेंटर एवं शिक्षक संकुल रेमेडियल लर्निंग के लिए किस प्रकार सहयोग करें ?


उक्त यू- ट्यूब बैठक के एजेंडा बिंदु संलग्न पत्र में उल्लिखित हैं।


★  दिनाँक : 24 फरवरी, 2020
★  दिन : बुधवार
★  समय : पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे
★  मीटिंग लिंक : https://youtu.be/ksxDIXiTe7I



अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी

अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी



प्रयागराज। प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी हुई है। शासन ने भर्ती पर रोक लगा रखी है। हालांकि कुछ कॉलेजों ने शासन से विशेष अनुमति लेकर अपने यहां भर्तियां की हैं, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में भर्तियां नहीं हुईं हैं। अब नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।


दरअसल, अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया प्रबंधन के जिम्मे होती थी। भर्ती में मनमानी और गड़बड़ी के अक्सर आरोप लगते रहते थे। ऐसे में शासन को भर्ती पर रोक लगानी पड़ी। तैयारी थी कि भर्ती संस्थाओं के माध्यम से ऐसे महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती कराई जाएगी। फिलहाल, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2003 पदों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है, लेकिन इसमें अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालय शामिल नहीं हैं। वहीं, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भी अशासकीय विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती शुरू करने वाला हैं, लेकिन इसमें भी अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालय शामिल नहीं हैं।


प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों की संख्या 21 है। इनमें से कुछ महाविद्यालयों की ओर से शासन में प्रार्थनापत्र देकर भर्ती की अनुमति मांगी गई थी। इन महाविद्यालयों में भर्ती भी हुई, लेकिन ज्यादातर अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों में अब भी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर रोक लगी हुई है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में नए शिक्षा सेवा आयोग का गठन होने वाला है। आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती शुरू होने के पूरे आसार हैं।

बीएड, बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की होगी जांच

बीएड, बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की होगी जांच


लखनऊ : प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति में होने वाले घपले को देखते हुए बीएड व बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की जांच कराने जा रही है। इसके लिए सरकार ने सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति को पांच मार्च तक अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण निदेशालय को देनी होगी। वहीं, समाज कल्याण निदेशालय को 10 मार्च तक सरकार को रिपोर्ट देनी है।


छात्रवृत्ति में होने वाले घपलों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय बैठक में जिला स्तर पर जांच समिति गठित करने का फैसला हुआ। इसी के तहत समाज कल्याण विभाग ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी।

इसमें संबंधित उप जिलाधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी/जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। इस समिति को कॉलेजों व संस्थानों में आठ ¨बदुओं पर अपनी जांच रिपोर्ट देनी है।

इसमें पहले ¨बदु के तहत सॉफ्टवेयर के जरिये समान नाम, समान पिता का नाम और समान जन्मतिथि वाले मामलों की जांच करते हुए छात्रवृत्ति की धनराशि का दुरुपयोग रोकने और दूसरे जांच ¨बदु में दूसरे प्रदेशों के हाईस्कूल बोर्ड से पास छात्रों को अत्यधिक संख्या में प्रवेश कराके उनकी छात्रवृत्ति का दुरुपयोग रोकना है। तीसरे जांच ¨बदु में आवेदन पत्र में यूपी बोर्ड को चयनित करने के स्थान पर यूपी बोर्ड के हाईस्कूल रोल नंबर/अंक पत्र को कई बार प्रयोग करते हुए फार्म भरवाने के मामले और चौथे ¨बदु में स्वीकृत सीटों से अधिक संख्या में प्रवेश दिलाने व छात्रवृत्ति की धनराशि का गबन करने की जांच होगी।

पांचवें ¨बदु में पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष की परीक्षा में न बैठने तथा द्वितीय वर्ष में काफी संख्या में पढ़ाई छोड़ देने के मामले होंगे, जबकि छठे ¨बदु में संस्थानों में पाठ्यक्रम की मान्यता व स्वीकृत सीटों की संख्या आदि की जांच करनी है। सातवें ¨बदु में एनआइसी के समक्ष पोर्टल पर बैक एंड डाटा का भी सत्यापन किया जाएगा। फर्जी व संदिग्ध डाटा की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित दूसरी समिति करेगी। आठवें ¨बदु के तहत जांच समिति छात्रों की पात्रता के साथ माता-पिता की वास्तविक आय की भी जांच करेगी।

यूपी बोर्ड : जिला समितियों ने तय किए 8,514 परीक्षा केंद्र

यूपी बोर्ड : जिला समितियों ने तय किए 8,514 परीक्षा केंद्र

पिछली सूची में से सिर्फ 17 केंद्र बढ़े, कल तक कर सकेंगे शिकायत

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2021 परीक्षा लिए जिला समितियों ने केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5.514 कर दिया है। बोर्ड की ओर से जारी सूची से ये 17 अधिक हैं।


ज्ञात हो कि बोर्ड ने 8,497 केंद्र तय करके जिलों को भेजा था। अन छात्र, अभिभावक, प्रबंधक या फिर प्रधानाचार्य इन केंद्रों पर फिर से गुरुवार तक आपत्तियां भेज सकते हैं। इसका निस्तारण बोर्ड सचिव व सभापति करेंगे और केंद्रों की अंतिम सूची 22 फरवरी को जारी होगी। यूपी बोर्ड ने जिलों से मिली सूचना के अनुसार प्रदेश भर में 8,497 केंद्र तय करके जिलों को भेजा था वहां इस सूची को सार्वजनिक करके आपत्तियां ली गईं। इसके बाद बड़े पैमाने पर केंद्रों में बदलाव हुआ है। मसलन, कुछ ऐसे विद्यालयों को अधिक परीक्षार्थियों का केंद्र बनाया गया था, जहां धारण क्षमता व संसाधन कम थे। उन कॉलेजों में बदलाव किया गया। इसी तरह से दूरी के मानकों को सुलझाया गया है। इसके अलावा 21 जनवरी को जारी शासनादेश के अनुसार केंद्रों में बदलाव किया गया है। सभी जिलों ने सोमवार देर शाम तक अपने यहां की सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि केंद्रों की सूची में कई बदलाव हुए हैं इसमें केंद्रों की संख्या बढ़कर 8,514 हो गई है, जो पिछली सूची से 17 अधिक हैं। अब इस सूची पर आपत्तियां ली जा रही हैं। फाइनल सूची अगले सप्ताह जारी की जाएगी।


यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले बीमार हुए तो मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगे जांच

बोर्ड सचिव का निर्देश, चिकित्सीय अवकाश के आवेदन पर कराएं जंच, सीएमओ की ओर से दिए गए प्रमाणपत्र पर ही अवकाश होगा मान्य


शिक्षक व प्रधानाचार्य चिकित्सीय अवकाश लेकर यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से बचना चाहते हैं तो सावधान हो जाएं ।इस बार उनका चिकित्सीय परीक्षण जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से कराया जाएगा। जांच में अस्वस्थ मिलने पर ही ड्यूटी से मुक्त हो सकेंगे, वरना झ्यूटी तो करनी ही होगी, गलत आवेदन करने पर कार्रवाई भी हो सकती है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2021 की परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई तक चलेंगी। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षकों, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों व बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ ही बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों को पत्र भेजा है। प्रधानाचार्य व अध्यापक, केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक का कार्य नहीं करना चाहते हैं। वे अस्वस्थता प्रमाणपत्र देकर चिकित्सीय अवकाश प्राप्त कर लेते हैं। सचिव ने आदेश दिया है कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए यह निर्णय लिया गया है कि परीक्षा शुरू होने से पहले जो प्रधानाचार्य, अध्यापक चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन करें, उनका जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी के पास अस्वस्थता की पुष्टि कराने व चिकित्सा आवेदन पत्र को प्रति हस्ताक्षरित कराने के लिए भेजा जाए।

Tuesday, February 16, 2021

अंतर्जनपदीय तबादला विद्यालय आवंटन में पत्रांक न होने से कार्यभार ग्रहण में असमंजस

अंतर्जनपदीय तबादला विद्यालय आवंटन में पत्रांक न होने से कार्यभार ग्रहण में असमंजस


लख़नऊ  :  दूसरे जिलों से तबादला पाकर अपने जिलों में पहुंचे शिक्षकों ने सोमवार को अपना अपना स्कूल ज्वॉइन कर लिया तो राजधानी करीब पौने चार सौ शिक्षकों की संख्या बढ़ गयी। राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में अब शिक्षकों की कमी दूर हो जायेगी।

हालांकि इन शिक्षकों की तैनाती के लिए बीएसए कार्यालय से जारी पत्रों पर कोई पत्रांक संख्या नहीं है। ऐसे में बीईओ भी असमंजस की स्थिति में शिक्षकों को ज्वॉइन करवा रहे हैं, लेकिन अभी मानव संपदा पर डाटा फीडिंग में दिक्कत आयेगी।


 इस संबंध में राजधानी के बीईओ ने बताया कि शिक्षकों का स्कूल चयन होने के बाद जो बीएसए की ओर से पत्र भेजा जा रहा है उस पर कोई पत्रांक संख्या नहीं है। वहीं शिक्षक जब बीआरसी से चिट्ठी लेकर स्कूलों में पहुंच रहे हैं तो वहां पर भी प्रधानाध्यापक की ओर से पत्रांक संख्या पूछी जा रही है। हालांकि पत्रांक संख्या के लिए जगह छोड़कर शिक्षकों को ज्वॉइन कराया जा रहा है । इस बारे में बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार का कहना है कि शिक्षकों का सारा डाटा ऑनलाइन पहले से ही फीड हो चुका है।

यूपी बोर्ड : परिषद की ईमेल पर कर सकते केंद्र की शिकायत

यूपी बोर्ड : परिषद की ईमेल पर कर सकते केंद्र की शिकायत

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2021 की परीक्षा लिए सभी जिला समितियों ने केंद्रों का ऑनलाइन निर्धारण कर दिया है। जिलों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उसे अपलोड कर दिया है। अब छात्र, अभिभावक, प्रबंधक या फिर प्रधानाचार्य इन केंद्रों पर फिर से आपत्ति भेज सकते हैं। इसका निस्तारण बोर्ड सचिव व सभापति करेंगे और केंद्रों की अंतिम सूची 22 फरवरी को जारी होगी।




21 जनवरी को जारी शासनादेश के अनुसार केंद्रों में बदलाव किया गया है। सभी जिलों ने सोमवार देर शाम तक अपने यहां की सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। शासन ने अब भी छात्र, अभिभावक, प्रबंधक या फिर प्रधानाचार्यो को आपत्ति करने का मौका दिया है। वे अब परिषद की वेबसाइट पर सूचना 18 फरवरी तक दे सकते हैं। निस्तारण बोर्ड सचिव व सभापति करेंगे। 22 फरवरी को अंतिम सूची जारी होगी, उन्हीं केंद्रों पर 24 अप्रैल से परीक्षा होी। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि केंद्रों की सूची में बदलाव हुए हैं लेकिन, जिलावार केंद्रों की संख्या निकाली नहीं है। जितने केंद्र कम किए गए हैं उतने ही नए बनाए हैं। कमोबेश संख्या पहले की तरह ही हो सकती है यह सूची अगले सप्ताह जारी होगी।

प्राइमरी स्कूलों के खुलने के बाद इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की क्षमताओं का इस तरह होगा आंकलन, रोजाना चलेगी रेमेडियल क्लास

प्राइमरी स्कूलों के खुलने के बाद इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की क्षमताओं का इस तरह होगा आंकलन, रोजाना चलेगी रेमेडियल क्लास 


एक मार्च से प्राइमरी स्कूलों के खुलने के बाद इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की क्षमताओं का आंकलन होगा। शिक्षक आंकलन पत्र के जरिएइन बच्चों का परीक्षण करेंगे। पता करेंगे कि कोविड काल में उन्होंने कितना सीखा, कितना छोड़ा। फिर इसके आधार पर उनकी रिमेडियल पढ़ाई होगी। प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में रोजाना 40 मिनट की रिमेडियल चलाई जाएगी।


बेसिक शिक्षा विभाग ने एक मार्च से स्कूल खुलने के बाद आने वाले बच्चों की क्षमताओं के आकलन की तैयारी शुरू कराई है। इसके लिए आंकलन प्रपत्र तैयार कराया गया है। स्कूल आने वाले छात्रों से पहले इसी के जरिए आंकलन होगा। इसमें जो बच्चे कमजोर मिलेंगे उनके लिए रोजाना पहले पीरियड में 40 मिनट की रिमेडियल क्लास चलाई जाएगी।


हिंदी और गणित में ही होगा आकलन 
कक्षा एक से पांच तक के छात्रों की क्षमताओं का आंकलन केवल हिंदी और गणित विषय में ही किया जाएगा। इन दो विषयों में छात्रों के लिए कुछ शब्द पहचानने तथा कुछ प्रश्न हल करने के लिए दिए जाएंगे। अगरवह अपनी कक्षा के अनुसार इन्हें बता लेते हैं तो ठीक है नहीं तो उनकी रिमेडियल कराई जाएगी।


गणित में संख्या पहचानना व हल करना होगा

गणित में कक्षा एक के बच्चों को निर्धारित सूची में से पांच संख्याओं को सही से पहचानना होगा। कक्षा 2 के बच्चे जोड़ एवं घटाव के एक अंक के 75% प्रश्न सही हल कर लेते हो। कक्षा 3 के जोड़ घटाव के हासिल वाले 75% प्रश्नों को सही हल कर लेते हो। कक्षा 4 के बच्चे गुणा के 75% प्रश्नों को सही से हल कर लेते हों। जबकि कक्षा 5 के छात्र भाग के 75% प्रश्नों को सही हल कर पाते हो। अगर यह बच्चे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो इनकी रिमेडियल होगी।


हिन्दी में इस तरह आकलन

कक्षा एक के बच्चों को हिंदी में घर, भवन, दम, राजा, नल, नमक, कलम, नाम, दाम, दिन, कलर, खिल, अदरक, रात तथा अमर शब्दों में से पांच शब्द पहचानने होंगे।

कक्षा दो के बच्चों को हिंदी में 20 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना होगा। कक्षा 3 के बच्चों को हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह पढ़ना होगा। कक्षा चार के बच्चों को छोटे अनुच्छेद को पढ़कर 75% प्रश्नों का सही उत्तर देना होगा।

कक्षा 5 के बच्चों को हिंदी में बड़े अनुच्छेद को पढ़कर 75% प्रश्नों का सही उत्तर देना होगा।

फतेहपुर : प्रेरणा ज्ञानोत्सव मनाएगा बेसिक शिक्षा विभाग

फतेहपुर : प्रेरणा ज्ञानोत्सव मनाएगा बेसिक शिक्षा विभाग

फतेहपुर : एससीईआरटी सहायक निदेशक ने सोमवार को तेलियानी और हसवा ब्लाक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों को अभिभावकों से सामंजस्य बनाकर बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए राजी करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीएसए कार्यालय में बीईओ के साथ बैठक कर प्रेरणा ज्ञानोत्सव को मनाने के निर्देश दिए।


सहायक निदेशक राघवेंद्र सिंह बघेल ने तेलियानी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रामऊ, अलादातपुर, बिलंदा और हसवा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय हसवा और ब्लाक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक ने कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्कूलों में सफाई, रखरखाव की व्यवस्था भी देखी।

शिक्षकों को अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों को शैक्षिक सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सहायक निदेशक ने बीएसए कार्यालय में सभी बीईओ और समन्वयकों के साथ बैठक की।
बैठक में प्रेरणा ज्ञानोत्सव आयोजित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रेरणा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बीईओ को एक टीम लीडर के रूप में अपने आप को विकसित करना होगा।

उन्होंने एआरपी, संकुल के शिक्षक और प्रधानाध्यापकों को कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करने को कहा। बैठक में बीईओ मुख्यालय राकेश सचान समेत सभी बीईओ मौजूद रहे।

बीईओ भर्ती का परिणाम निरस्त करने की मांग लेकर किया प्रदर्शन

बीईओ भर्ती का परिणाम निरस्त करने की मांग लेकर किया प्रदर्शन

प्रयागराज : खंड शिक्षा अधिकारी भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए लोक सेवा आयोग के सामने सोमवार को धरना दिया। आयोग अफसरों को ज्ञापन सौंपते हुए परिणाम को निरस्त करने और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।


बासुदेव यादव ने कहा कि 309 पदों के सापेक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 83 की जगह मात्र 31 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इससे शासन की नीयत में खोट नज़र आती है। निधि यादव ने कहा कि योगी सरकार पिछड़ों के साथ साज़िश कर रही है। संचालन नगर महासचिव रवीन्द्र यादव ने किया। प्रदर्शन करने वालों में इफ्तेखार हुसैन, कृपाशंकर बिन्द, राकेश वर्मा, सुषमा भारतीय, रीता मौर्या, दूधनाथ पटेल, संदीप यादव, आशीष पाल, दिनेश पाल, रोहित किसान, महबूब उसमानी, वज़ीर खान, कृष्ण कुमार कनौजिया, सैय्यद मो. अस्करी, पार्षद नितिन यादव, मो. ज़ैद, जयभारत यादव, लालजी यादव, विरेन्द्र, अमित, नितिन, कल्लू आदि रहे।

Monday, February 15, 2021

बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 19 फरवरी को यूट्यूब सेशन होगा लाइव, क्लिक करके देखें ऑनलाइन जुड़ने का लिंक व चर्चा का विषय

ऑपेरशन कायाकल्प व मिशन प्रेरणा को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 19 फरवरी को यूट्यूब सेशन होगा लाइव, क्लिक करके देखें ऑनलाइन जुड़ने का लिंक व चर्चा का विषय



मा0 बेसिक शिक्षा मन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) जी की अध्यक्षता में आॅपरेशन कायाकल्प एवं मिशन प्रेरणा को गति प्रदान करने के उद्देश्य से अत्यन्त महत्वपूर्ण सत्र यू ट्यूब लाइव के लिंक https://youtu.be/bB52JDsmCm8 द्वारा से दिनांक 19 फरवरी 2021 को अपराह्न 12.30 से 2.00 बजे के मध्य आयोजित किया जा रहा हैं, जिसके सम्बन्ध में निम्न कार्यवाही अनिवार्य रूप से सम्पादित की जाये-


★ दिनांक : 19 फरवरी 2021
★ समय : 12:30PM - 02:00PM
★ यूट्यूब सेशन लिंक : https://youtu.be/bB52JDsmCm8



✅अन्य विभागों के समस्त प्रतिभागियों के शत्-प्रतिशत प्रतिभाग को सुनिश्चित किये जाने हेतु अपने जनपद के जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से पत्र का प्रेषण।

✅विभिन्न माध्यमो यथा ई मेल, वाट्स एप इत्यादि के माध्यम से समस्त प्रतिभागियों को निर्धारित यू ट्यूब लिंक एवं मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम का प्रेषण।

✅जनपद / विकास खण्ड स्तरीय विभागाध्यक्ष एवं टीम को व्यक्तिगत रूप/खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से यू ट्यूब सत्र से जुड़ने हेतु निमन्त्रण/अनुरोध।

अतः पत्र के साथ सलंग्न दिशा निर्देश एवं मिनिट टू मिनिट कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक अध्ययन करते हुये इस महत्वपूर्ण सत्र को सफल बनाना सुनिश्चित करें।


स्कूल तो गए खुल, शिक्षक अब भी कर रहे कोरोना ड्यूटी

स्कूल तो गए खुल, शिक्षक अब भी कर रहे कोरोना ड्यूटी


राजधानी के सभी ब्लाकों और नगर क्षेत्र के बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुलने शुरू हो चुके हैं। लेकिन इन विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की वापसी कोरोना ड्यूटी से अभी तक नहीं हो सकी । इस स्थिति में विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सभी ब्लाकों के बीईओ का कहना है शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना पीरीयड में लगायी गयी थी, लेकिन अभी तक शिक्षकों की वापसी नहीं हो पायी है। इस स्थिति में शिक्षकों की कमी है। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है शासन की ओर से जो निर्णय होगा उसका पालन किया जायेगा। अधिकारियों ने बताया कि उम्मीद है कि शिक्षकों की वापसी 1 मार्च तक स्कूलों में हो जायेगी।



हर ब्लाक ब्लाक से 18 से 20 शिक्षक ड्यूटी पर विभाग की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक राजधानी के सभी ब्लाकों हर ब्लाक ब्लाक से 18 से 20 शिक्षक ड्यूटी परःविभाग की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक राजधानी के सभी ब्लाकों समेत सभी नगर क्षेत्र से 18 से 20 शिक्षक कोरोना ड्यू टी पर लगाये 
गये थे। लेकिन अभी तक इनकी वापसी नहीं हो पायी है। जबकि स्कूल खुलते बच्चे आने भी शुरू हो गये हैं और मध्यान्ह भोजन भी बनना शुरू हो गया है।


डीएम के आदेश पर लगी है ड्यूटी : कोरोना काल में हर ब्लाक से शिक्षकों की ड्यूटी जिलाधिकारी के आदेश पर लगायी गयी थी, लेकिन अभी इनकी वापसी कबतक होगी इस पर भी निर्णय जिला प्रशासन को ही लेना है। ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है एक मार्च से शिक्षकों की वापसी हो सकती है।

यूपी : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू

RTE अंतर्गत प्रवेश के लिए 25 फरवरी तक स्कूलों की मैपिंग का काम होगा पूरा


यूपी : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू, 25 फरवरी के बाद अभिभावकों को करना होगा यह काम 


निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। मैपिंग का काम 25 फरवरी तक पूरा किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मैपिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा एक में 25 फीसदी सीटें गरीब व अलाभित समूह के लिए आरक्षित होती हैं। नया सत्र अप्रैल से शुरू होना है। लिहाजा स्कूलों की मैपिंग के बाद वेबसाइट पर स्कूलवार आरक्षित सीटों का ब्यौरा जारी कर दिया जाएगा।

अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और इसके बाद लॉटरी निकाल कर स्कूलों का आवंटन किया जाता है। छात्र-छात्राओं की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करती है और एकमुश्त पांच हजार रुपये यूनिफार्म व किताबों के लिए दिए जाते हैं। 


निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। मैपिंग का काम 25 फरवरी तक पूरा किया जाना है। 
ग्रामीण क्षेत्रों में मैपिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा एक में 25 फीसदी सीटें गरीब व अलाभित समूह के लिए आरक्षित होती हैं। नया सत्र अप्रैल से शुरू होना है। लिहाजा स्कूलों की मैपिंग के बाद वेबसाइट पर स्कूलवार आरक्षित सीटों का ब्यौरा जारी कर दिया जाएगा।

अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और इसके बाद लॉटरी निकाल कर स्कूलों का आवंटन किया जाता है। छात्र-छात्राओं की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करती है और एकमुश्त पांच हजार रुपये यूनिफार्म व किताबों के लिए दिए जाते हैं।

छह माह में जनपद का एक ब्लाक बनेगा प्रेरक ब्लाक, इन बिन्दुओं पर होगा मूल्यांकन

छह माह में जनपद का एक ब्लाक बनेगा प्रेरक ब्लाक, इन बिन्दुओं पर होगा मूल्यांकन

प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की दक्षता बढ़ाने के लिए योगी सरकार का प्रेरक मिशन 6 महीने में प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर को बदल देगा। प्रदेश के सभी जिलों में पहले एक प्ररेक विद्यालय बनाया जाएगा। इसी तर्ज पर पूरे जनपद के विद्यालयों को प्ररेक विद्यालय के रूप में तैयार किया जाएगा। यही नहीं, सरकार की ओर से निर्धारित तीसरी संस्था प्ररेक विद्यालयों के बच्चों की दक्षता की जांच करेगी। संस्था की जांच में खरा उतरने के बाद उसे प्ररेक विद्यालय व जनपद का खिताब दिया जाएगा। इसके अलावा यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्ररेक शिक्षक के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश की योगी सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की भाषा व गणित में दक्षता बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान की शुरूआत की गई है। बच्चों को आधारभूत लर्निंग कौशल बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।


अपर मुख्य सचिव की ओर से इसे लेकर दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए है। कक्षा एक से तीन तक छात्रों की दक्षता की पहचान 14 बिन्दुओं पर की जाएगी जबकि कक्षा 4 व 5 के छात्रों की दक्षता की पहचान 16 बिन्दुओं पर होगी। इन बिन्दुओं के हिसाब से शिक्षकों को छात्रों को तैयार करना होगा। शिक्षक के प्ररेक विद्यालय घोषित करने के बाद तीसरी संस्था बच्चों की दक्षता की जांच करेगी। 

छह महीने में ब्लाक को बनाना होगा प्रेरक ब्लाक
जनपद के परिषदीय स्कूलों में इस योजना को ब्लाक स्तर पर चलाया जाएगा। बीएसए लखनऊ दिनेश कुमार के मुताबिक पहले ब्लाक के एक विद्यालय को प्ररेक विद्यालय के रूप में डेवलप किया जाएगा। इसी तर्ज पर पूरे ब्लाक के विद्यालय प्ररेक विद्यालय के रूप में डेवलप होंगे। एक ब्लाक पूरा होने के बाद दूसरे ब्लाक में इस योजना को शुरू किया जाएगा। प्ररेक ब्लाक बनाने के लिए शिक्षकों को 6 महीने का समय दिया जाएगा। असल में कोराना काल के दौरान करीब 11 महीने तक बच्चों के स्कूल बंद रहे हैं।

प्रदेश के कक्षा एक से पांच तक के परिषदीय विद्यालय एक मार्च से पुन: खुल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान प्राथमिक विद्यालयों वह बच्चें जो नियमित रूप से इंटरनेट के जरिए पढ़ाई नहीं कर पाए। उनकी दक्षता को बढ़ाने के लिए इस प्रेरणा ज्ञानोत्सव अभियान का चलाया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की ओर से जारी निर्देशों में शिक्षकों को कुछ निर्धारित बिंदुओं पर छात्रों का कौशल जांचना होगा। साथ ही उनको इन्हीं बिन्दुओं के आधार पर छात्रों में लर्निंग कौशल बढ़ाना होगा।

इन बिन्दुओं पर होगा मूल्यांकन
कक्षा 1- छात्र निर्धारित सूची में से 5 शब्द सही से पहचान लेते हैं।
कक्षा 2- छात्र अनुच्छेद को 20 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ लेते हैं व अनुच्छेद को 30 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ लेते हैं।
छात्र छोटे अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते हैं।
कक्षा 5- छात्र गणित के बड़े अनुच्छेद को पढ़कर 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते हैं। निर्धारित सूची में से 5 संख्यायें सही से पहचान लेते हैं।
कक्षा 2-  छात्र जोड एवं घटाना (एक अंकीय) के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते है।
कक्षा 3- जोड़ एवं घटाना (हासिल के साथ) के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते हैं। गुणा के 75 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते हैं।
कक्षा 5- छात्र भाग के 15 प्रतिशत प्रश्नों को सही हल कर पाते हैं।

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और 10 लाख के सामूहिक बीमा के साथ मानदेय प्रतिमाह 30 हजार करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने सरकार से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग की है। रविवार को दारुलशफा स्थित कार्यालय में आयोजित संघ की प्रांतीय बैठक में शिक्षकों और शिक्षा मित्रों की समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए अनिल यादव ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की जिले के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए। परिषदीय शिक्षकों, एवं अनुदेशकों का 10 लाख का सामूहिक बीमा कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा से एनजीओ का दखल खत्म किया जाना चाहिए । उन्होंने शिक्षामित्रों के लिए बैठक में नई नियमावली बनाकर मानदेय 30 हजार रुपये करने, 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित शिक्षकों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराकर उनका वेतन भुगतान कराने की भी मांग की। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों का भी 31 मार्च तक परिचय पत्र जारी करने और डायरी उपलब्ध कराने की मांग की।


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट को भी सरकार जल्द लागू करे। संघ के प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र कुमार, संदीप दत्त, रश्मिकांत द्विवेदी, दिनेश यादव, पवन विद्या वर्मा, विद्या निवास यादव, फारूख अहमद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

परिषदीय शिक्षकों को म्यूच्यूअल ट्रांसफर लिस्ट का है इंतजार

पीलीभीत :  परिषदीय शिक्षकों को म्यूच्यूअल ट्रांसफर लिस्ट का  है इंतजार


पीलीभीत  ।  बेसिक शिक्षा परिषद के सहायक अध्यापकों की अंतर्जनपदीय तबादला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मगर पारस्परिक तबादलों को लेकर आवेदन करने वाले शिक्षकों की सूची अभी तक जारी नहीं हो सकी है।



शासन ने परिषदीय शिक्षकों को दो तरह के तबादले की सौगात दी है। इसमें पहली रिक्त पद के सापेक्ष और दूसरी पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया है। पहली तबादला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके तहत जिले से 350 शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह जनपद में किया गया, जबकि 51 शिक्षक अन्य जनपदों से यहां पहुंचे हैं। इसमें 50 शिक्षकों को एक दिन पूर्व स्कूल आवंटन किया गया है, जबकि एक शिक्षक के शहरी क्षेत्र को होने के कारण स्कूल आवंटित नहीं किया जा सका। इधर अब उन शिक्षकों को शासन से आने वाली सूची का इंतजार है, जिन्होंने पारस्परिक स्थानांतरण के तहत आवेदन किया था। 


विभाग के मुताबिक जनपद से 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं से पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, मगर शासन से सूची न आने के कारण इनका तबादला रुका हुआ है। सूची कब जारी की जाएगी, इसकी जानकारी विभागीय अफसरों को भी नहीं है। इस संबंध में बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि पारस्परिक स्थानांतरण सूची शासन स्तर से जारी की जानी है। सूची जारी होने के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Sunday, February 14, 2021

यूपी : बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा, 69000 शिक्षक भर्ती में खाली 1280 पदों पर केस-टू-केस विचार कर लिया जाएगा जल्द निर्णय

यूपी : बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा, 69000 शिक्षक भर्ती में खाली 1280 पदों पर केस-टू-केस विचार कर लिया जाएगा जल्द निर्णय

प्रदेश के सभी जिलों के बीएसए कार्यालय का होगा कायाकल्प

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने शनिवार को अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में एकलव्य विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। इसके तहत यूपी के लखनऊ, बिजनौर, सोनभद्र व श्रावस्ती जिले में ये विद्यालय खोले जाएंगे। यूपी में अभी तक बहराइच व लखीमपुर खीरी में दो विद्यालय संचालित हो रहे हैं। 


शनिवार को  69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के रिक्त पदों के सवाल पर कहा कि इसमें कुल 1280 पदों पर विभिन्न कारणों से नियुक्ति रोकी गई है। केस-टू-केस मामलों की सुनवाई कर जल्द से जल्द निस्तारण का निर्देश दिया गया है। परिषदीय स्कूलों में माननीय व अफसरों के बच्चों के पढ़ने के सवाल पर बोले कि योगी सरकार के प्रयास से समय बदल रहा है। अब नो एडमिशन का बोर्ड परिषदीय स्कूलों के बाहर भी लगने लगा है।  


प्रदेश के सभी जिलों के बीएसए कार्यालय का होगा कायाकल्प
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा। बस्ती से इसकी शुरुआत करते हुए बीएसए जगदीश शुक्ल के प्रयासों को सराहा और बोले कि जिस तरह सभी परिषदीय स्कूलों को भौतिक व आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, उसी तर्ज पर बीएसए कार्यालय का भी नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वह बस्ती में मिशन प्रेरणा गोष्ठी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मिशन प्रेरणा की उपलब्धियों पर चर्चा के साथ ही जनपद के 100 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षकों को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया।