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Saturday, April 3, 2021

पंचायत चुनाव संबंधी प्रश्नोत्तरी के जरिये करिये अपना ज्ञानवर्धन, करें पुस्तिका डाउनलोड

पंचायत चुनाव संबंधी प्रश्नोत्तरी के जरिये करिये अपना ज्ञानवर्धन, करें पुस्तिका डाउनलोड।






बलरामपुर : फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हथियाने वाले 92 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज

बलरामपुर : फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हथियाने वाले 92 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज


बलरामपुर : जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन परिषदीय स्कूलों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने वाले 92 शिक्षकों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा लिखकर आरोपित शिक्षकों की तलाश शुरू कर दी है।


जिले के बेसिक शिक्षा विभाग फर्जी शिक्षकों का हब बन चुका है। परिषद सचिव ने गत वर्ष 691 फर्जी शिक्षकों से संबंधित सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश 60 जिलों के बीएसए को दिया था।

इसमें प्रदेश में सर्वाधिक 139 फर्जी शिक्षक बलरामपुर व दूसरे नंबर पर लखनऊ के 119 शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि इनमें से महज चार फर्जी शिक्षकों तक एसटीएफ के हाथ पहुंचे थे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जब फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा लिखाने के लिए अफसरों के पेच कसे, तो जिले के अधिकारी हरकत में आ गए। आनन-फानन मे विभिन्न शिक्षक भर्ती के दौरान कूटरचित अभिलेख के सहारे नौकरी पाने वाले 92 शिक्षकों के खिलाफ नगर कोतवाली में तहरीर दी गई। प्रभारी निरीक्षक मानवेंद्र पाठक ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक किसलय मिश्र को सौंपी गई है।

55 पर पहले ही हो चुकी एफआइआर : बेसिक शिक्षा विभाग फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने वाले 55 शिक्षकों के खिलाफ पूर्व में ही एफआइआर दर्ज हो चुकी है। वर्ष 2015-16 में 72825 अध्यापक भर्ती के तहत फर्जी मिले 21 शिक्षकों, 10800 एवं 10000 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत नियुक्त 24 व 12460 शिक्षक भर्ती में कूटरचित दस्तावेज मिलने पर दस शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल  तक


शासन ने सत्र 2021-22 में बीएड पाठ्यक्रम के अलावा महाविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर नए विषय की पढ़ाई शुरू करने तथा नए महाविद्यालय खोले जाने से संबंधित प्रस्तावों के निस्तारण की संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) एवं संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक किया जा सकेगा। पहले यह तिथि 15 जनवरी थी।


उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह की तरफ से जारी शासनादेश के अनुसार नए पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय में एनओसी प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी से बढ़ाकर 15 अप्रैल, विश्वविद्यालय में ऑनलाइन जमा किए गए प्रस्तावों के भूमि संबंधी अभिलेखों का राजस्व विभाग से सत्यापन कराए जाने की अंतिम तिथि पांच फरवरी से बढ़ाकर 30 अप्रैल तथा एनओसी ऑनलाइन जारी किए जाने की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 10 मई 2021 कर दी गई है।


इसी तरह महाविद्यालयों की जांच के लिए निरीक्षण मंडल के गठन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल से बढ़ा कर 20 मई, निरीक्षण मंडल द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर पांच जून, विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता ऑनलाइन दिए जाने की अंतिम तिथि 10 मई से बढ़ाकर 15 मई, शासन में अपील करने की अंतिम तिथि 20 मई से बढ़ाकर 30 जून तथा शासन स्तर पर अपील निस्तारित करने की अंतिम तिथि 10 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई 2021 कर दी गई है।

चुनाव ड्यूटी व एडेड भर्ती परीक्षा के बीच फंसे हजारों शिक्षक, परीक्षा तिथि में संशोधन की मांग

चुनाव ड्यूटी व एडेड भर्ती परीक्षा के बीच फंसे हजारों शिक्षक, परीक्षा तिथि में संशोधन की मांग 


प्रदेश के 3049 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 390 और सहायक अध्यापकों के 1504 पदों पर भर्ती के लिए 18 अप्रैल को प्रस्तावित लिखित परीक्षा को लेकर हजारों शिक्षक परेशान हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले हजारों शिक्षकों एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों ने परीक्षा तिथि में संशोधन की मांग की है।


समस्या यह है कि इन शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में भी लगाई गई है। 19 अप्रैल को 16 जिलों में मतदान होना है जिसके लिए पोलिंग पार्टियों के साथ 18 अप्रैल को आवेदन करने वाले शिक्षकों व सरकारी कर्मचारियों को भी रवाना होना है। इस स्थिति में हजारों आवेदक परेशान हैं कि पेपर दें या चुनाव ड्यूटी करें। शिक्षकों और प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि जिन जिलों में चुनाव है वहां के शिक्षकों को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। 68500 भर्ती में चयनित एवं एडेड जूनियर भर्ती के लिए आवेदन करने वाले शिक्षक संजीव त्रिपाठी का कहना है कि इस विकट परिस्थिति में परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सभी आवेदकों के हित में उचित फैसला लेना चाहिए।


अब आवेदन करने वाले संजीव त्रिपाठी, संजीव कुमार मिश्र, अभिषेक त्रिपाठी, बालाजी तिवारी आदि शिक्षक ट्विटर और मेल के जरिए परीक्षा तिथि में संशोधन की मांग उठा रहे हैं । हालांकि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण त्रिपाठी का कहना है कि परीक्षा तिथि में संशोधन के संबंध में कोई प्रार्थनापत्र उन्हें नहीं मिला है। गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए 3.25 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

आजमगढ़ : शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों व अधिकारियों को लगेगा कोविड का टीका, सूची उपलब्ध कराने के निर्देश

आजमगढ़ : शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों व अधिकारियों को लगेगा कोविड का टीका, सूची उपलब्ध कराने के निर्देश


आजमगढ़। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मियों सहित स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तरकर्मियों को अब कोविड का वैक्सीन लगेगा। यहां तक कि स्कूलों में खाना बनाने वाली रसोइया से लेकर शिक्षा सेवकों भी टीकाकरण किया जाएगा। इसको लेकर बीएसए ने बीईओ को निर्देश जारी किए हैं।


उन्होंने 45 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों, कर्मचारियों, रसोइया व शिक्षा सेवकों की दो दिनों के अंदर सूची उपलब्ध कराने को कहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि सरकारी सहित निजी स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को भी टीका लगाने के लिए सूची मांगी गई है। साथ ही बीईओ को स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को उनके माता व पिता को कोविड टीका लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया वहीं शिक्षकों को भी क्षेत्र के अभिभावकों को इसके लिए जागरूक करने की पहल करने की बात कही गई।


 साथ ही स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षकों व बच्चों के बीच मास्क प्रयोग अनिवार्य करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व प्रधानाध्यापकों को कोविड का टीका लगाना होगा। यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाएगी तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।


वहीं जिला प्रशासन की ओर से 45 वर्ष से ऊपर की स्वयं सहायत समूह की महिलाओं के टीकाकरण कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

Friday, April 2, 2021

सिंगल पेरेंट्स के रूप में अपने बच्चे के पालन पोषण कर रही महिला शिक्षिकाओं को पंचायत चुनाव ड्यूटी से मुक्त किये जाने की मांग

सिंगल पेरेंट्स के रूप में अपने बच्चे के पालन पोषण कर रही महिला शिक्षिकाओं को पंचायत चुनाव ड्यूटी से मुक्त किये जाने की मांग। 

नवोदय विद्यालय के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए कोर्स शुरू करेगा इग्नू

नवोदय विद्यालय के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के लिए कोर्स शुरू करेगा इग्नू


इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने नवोदय विद्यालय समिति के 10 हजार शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक प्रोफेशनल डेवलेपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। यह छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स होगा, इसे करने के बाद शिक्षक अधिक कुशलता से काम कर सकेंगे। इस कोर्स को संचालित करने का मकसद छात्रों की सामाजिक-भावनात्मक शिक्षा को मजबूत करना और उनके कॅरियर विकल्पों को अधिक सुविधाजनक बनाना है। यह कार्यक्रम जल्द ही इग्नू के स्कूल ऑफ एजुकेशन (एसओई) द्वारा शुरू किया जाएगा।


इग्नू के कुलपति प्रो.नागेश्वर राव ने बताया कि इस कोर्स पर बातचीत पहले से चल रही थी, अब इस पर पूरी तरह सहमति बनी है। हमारे यहां स्कूल ऑफ एजुकेशन के शिक्षक उनकी जरूरत को ध्यान में रखकर कोर्स तैयार करेंगे। ऐसी संभावना है कि यह कोर्स जुलाई तक या उसके बाद तक शुरू हो जाएगा। आमतौर से बीएड के जो पाठ्यक्रम हैं, वह छठी से 12वीं तक के छात्रों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में यह कोर्स इन कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए काफी उपयोगी होगा।

कोविड के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत विश्वविद्यालय / महाविद्यालय / उच्च शिक्षण संस्थान संचालित किए जाने संबंधी दिशा निर्देश जारी

कोविड के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत विश्वविद्यालय / महाविद्यालय / उच्च शिक्षण संस्थान संचालित किए जाने संबंधी दिशा निर्देश जारी।

विश्वविद्यालय सहित सभी शिक्षण संस्थाओं में सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं


कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने  गाइड लाइन जारी की। इसके तहत विश्वविद्यालय सहित सभी महाविद्यालय, स्कूलों, कोचिंग संस्थाओं और प्रशिक्षण संस्थाओं में शनिवार से केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। शासन-प्रशासन के अगले आदेश तक सभी शिक्षण संस्थाओं में ऑनलाइन व्यवस्था लागू रहेगी।


शासन ने गुरुवार को यह आदेश दिया था कि जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय सहित महाविद्यालयों में भी कक्षाओं के संचालन के बारे में जिलाधिकारी निर्णय ले सकते हैं। 

 तय हुआ कि सभी शिक्षण संस्थाओं में अगले आदेश तक केवल ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय से लेकर प्राथमिक विद्यालय, कोचिंग व प्रशिक्षण संस्थान सभी शामिल हैं। 


जहां पर परीक्षाओं का संचालन हो रहा है, प्रायोगिक परीक्षाएं हो रही हैं, वहां पर छात्र-छात्राओं और स्टाफ के बीच छह फीट की दूरी, मास्क, सेनिटाइजेशन आदि का प्रबंधन किया जाए। किसी भी दशा में कोरोना महामारी को लेकर जारी की गई गाइड लाइन का उल्लंघन न हो। 

यूपी : संस्कृत विद्यालयों में लागू होगा NCERT का पाठ्यक्रम, अंग्रेजी के साथ कम्प्यूटर शिक्षा भी होगी लागू

यूपी : संस्कृत विद्यालयों में लागू होगा NCERT का पाठ्यक्रम, अंग्रेजी के साथ कम्प्यूटर शिक्षा भी होगी लागू


प्रदेश में शैक्षिक सत्र 2021-22 से संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक में भी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। वर्तमान में कक्षा 9 से 12 तक में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू है। संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों को अंग्रेजी के साथ कम्प्यूटर की शिक्षा भी दी जाएगी।



प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में अभी 1164 संस्कृत विद्यालय हैं। इनमें 97,500 से अधिक विद्यार्थी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा की तर्ज पर संस्कृत विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक 72 जिलों के संस्कृत विद्यालयों में कम्प्यूटर लगाए जा चुके हैं। 


वहीं,  इस साल भी उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की ओर से प्रदेश के शेष विद्यालयों को कम्प्यूटर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कम्प्यूटर के साथ पुस्तकें, अलमारी और टेबल भी दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने 200 से अधिक गुरुकुल पद्धति के संस्कृत विद्यालयों के 4 हजार से अधिक छात्रों को निशुल्क भोजन व छात्रावास की सुविधा देने की भी घोषणा की है।

Thursday, April 1, 2021

CBSE ने जारी किया स्पष्टीकरण : कोरोना पीड़ित छात्रों को परीक्षा से राहत नहीं

CBSE ने जारी किया स्पष्टीकरण : कोरोना पीड़ित छात्रों को परीक्षा से राहत नहीं


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उन खबरों को नकारा है जिसमें कहा गया है कि यदि कोरोना से पीड़ित छात्र है तो उसे प्रैक्टिकल परीक्षा देने से राहत मिलेगी। सीबीएसई की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डा. संयम भारद्वाज ने बताया कि इस तरह कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। परीक्षा बोर्ड ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है। पूर्व में यह खबर कुछ सोशल मीडिया व न्यूज वेबसाइट पर आई थी कि जिन परीक्षार्थियों के टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आते हैं उनकी प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित होंगी और लिखित परीक्षा समाप्त होने के बाद कराई जाएंगी।


एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम से पढ़ाई की सलाह


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई एनसीईआरटी से करने की सलाह दी है। सीबीएसई के डायरेक्टर एकेडमिक डा. जोसेफ इमैनुएल ने स्कूलों के प्रम़ुख को जारी निर्देश में कहा है कि सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं तक प्रश्न पत्र के विस्तृत डिजाइन के साथ नमूना प्रश्न पत्रों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसे सीबीएसई की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि स्कूलों से अनुरोध है कि स्कूल प्रशासन www.cbseacademy.nic.in पर उपलब्ध पाठ्यक्रम को साझा करें।

सीबीएसई ने नौवीं से बारहवीं तक का पाठ्यक्रम किया जारी, सत्र 2021-22 में इस पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी पढ़ाई

सीबीएसई ने नौवीं से बारहवीं तक का पाठ्यक्रम किया जारी,  सत्र 2021-22 में इस पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी पढ़ाई


सीबीएसई ने सत्र 2021-22 के लिए 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं का पाठ्यक्रम किया जारी,  Direct Link से करें डाउनलोड



CBSE Syllabus 2021-2022 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई ) ने अकादमिक सत्र 2021-2022 के लिए 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं का सिलेबस जारी कर दिया है। विद्यार्थी cbseacademic.nic.in पर जाकर सब्जेक्ट वाइज सिलेबस देख सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड पहले ही स्कूलों को अप्रैल 2021 से नया सत्र शुरू करने के निर्देश दे चुका है। वर्ष 2022 की सीबीएसई परीक्षाओं में बैठने विद्यार्थी अब इस सिलेबस के हिसाब से तैयारी कर सकते हैं। सिलेबस के साथ-साथ मूल्यांकन दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। 

सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि वे 9वीं, 10वीं कक्षा के लिए कंपीटेंसी बेस्ड क्वेश्चन लागू करने के लिए एनसीईआरटी के नियमों को लागू करें। बोर्ड से कुछ ऐसे संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं जिसके जरिए शिक्षक अध्यापन कार्य और बेहतर ढंग से कर पाएंगे। बोर्ड ने कहा है कि सिलेबस बच्चों को पढ़ाने से पहले शिक्षक खुद इसकी अच्छे से स्टडी कर लें। 





बोर्ड ने कहा है कि स्कूल के प्रमुख सिलेबस की शुरुआत में दिए गए महत्वपूर्ण टॉपिकों को लेकर शिक्षकों से चर्चा कर सकते हैं। स्कूल सभी शिक्षकों और बच्चों के साथ सिलेबस शेयर करें। सीबीएसई समय पर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सैंपल क्वेश्चन पेपर जारी करेगा।


नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही नौवीं से बारहवीं (सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी) तक की कक्षाओं का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्कूलों को इसी पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाना है। मूल्यांकन भी इसी पाठ्यक्रम के आधार पर होगा। नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2005 के अनुसार तैयार पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों का शारीरिक, बौद्धिक व सामाजिक विकास संभव हो सकेगा।


सीबीएसई की ओर से प्रत्येक वर्ष सत्र की शुरुआत होने पर स्कूलों को पाठ्यक्रम जारी किया जाता है। जिससे सत्र के आरंभ से ही छात्रों को यह पता चल सके कि उन्हें पूरे वर्ष किस विषय में क्या पढ़ना है। बोर्ड ने स्कूलों को सलाह दी है कि वह एनसीईआरटी द्वारा निर्धारित किए गए लर्निंग आउटकम को अपनाएं जिससे नौवीं-दसवीं में योग्यता आधारित प्रश्नों को शामिल किया जाए।


नौवीं व दसवीं के पाठ्यक्रम में दो भाषा (एक भाषा अनिवार्य), सोशल साइंस, गणित, साइंस व अन्य कोई इलेक्टिव विषय (वैकल्पिक) जैसे हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन, आर्ट एजुकेशन के आधार पर उनका मूल्यांकन होगा। स्कूल कंप्यूटर ऐप्लिकेशन, इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी, व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में से किसी एक विषय को ऑफर कर सकता है। इन विषयों के काम्बिनेशन की मंजूरी नहीं है।


ग्यारहवीं-बारहवीं के इस पाठ्यक्रम में नौ क्षेत्र ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंस, लैंग्वेज, मैथमेटिक्स, बिजनेस एंड कॉमर्स आधारित इलेक्टिव, विजुअल एंड परफोर्मिंग एंड क्रिऐटिव आर्ट, स्किल इलेक्टिव, हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन, सामान्य शिक्षा शामिल हैं। स्कूल व विद्यार्थी छात्र इस पाठ्यक्रम को सीबीएसई की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।


बोर्ड की ओर से स्कूलों को कहा गया है कि वह इस पाठ्यक्रम के संबंध में शिक्षकों को सूचित करें। जिससे वह इसी के आधार पर अपना प्लान तैयार कर सकें। जल्द ही बोर्ड सैंपल पेपर व विस्तृत प्रश्न पेपर भी जारी करेगा। जिससे विद्यार्थियों को मूल्यांकन के संबंध में पूरी जानकारी मिल सके।


बोर्ड परीक्षा 2021 हेतु जनपद स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापना के सम्बन्ध में सचिव माध्यमिक शिक्षा का आदेश जारी

बोर्ड परीक्षा 2021 हेतु जनपद स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापना के सम्बन्ध में सचिव माध्यमिक शिक्षा का आदेश जारी






माध्यमिक : पुरस्कार पाने वाले नौ प्रधानाचार्य व एक शिक्षक को सेवा विस्तार

माध्यमिक : पुरस्कार पाने वाले नौ प्रधानाचार्य व एक शिक्षक को सेवा विस्तार


लखनऊ : राष्ट्रीय व राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले नौ प्रधानाचार्य व एक अध्यापक को सेवा विस्तार देने के आदेश बुधवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए। 31 मार्च, 2020 को सेवानिवृत्त हो रहे ये शिक्षक अब 65 वर्ष की आयु तक अध्यापन कार्य कर सकेंगे। राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को पांच वर्ष और एडेड माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को तीन वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया है।


जिन 10 प्रधानाचार्य व अध्यापकों को सेवा विस्तार दिया गया है, उनमें राजकीय बालिका इंटर कालेज, छोटी जुबली, लखनऊ की प्रधानाचार्य वीना चौहान, टेक्निकल इंटरमीडिएट कालेज, लखनऊ के प्रधानाचार्य डा. देवेंद्र कुमार गर्ग शामिल हैं।

सूबे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प

सूबे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों की तरह अब आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन केंद्रों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी में जुटी सरकार परिषदीय विद्यालयों में चलाये जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों को भी संवारने जा रही है।


प्रदेश में 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 1.13 लाख केंद्र परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के परिसरों में हैं। नए शैक्षिक सत्र में इन केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी की जा रही है।

जानिए CBSE ने कौन से किए दो बड़े बदलाव

जानिए CBSE ने कौन से किए दो बड़े बदलाव


● आवेदन करने पर ही छात्र को मिलेगा माइग्रेशन सर्टिफिकेट

लखनऊ : सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट छात्र-छात्रओं के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। अब सिर्फ उन्हीं विद्यार्थियों को बोर्ड माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कापी मिलेगी, जिन्हें सीबीएसई से अलग दूसरे बोर्ड में दाखिला लेना होगा। ऐसे छात्रों को स्कूल के माध्यम से बोर्ड में आवेदन करना होगा। बोर्ड उन्हीं का सर्टिफिकेट ¨पट्र करवाएगा। इस संबंध में बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने सीबीएसई स्कूलों को सकरुलर जारी कर दिया है।


दरअसल, माइग्रेशन सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसकी आवश्यकता तभी होती है जब एक छात्र दसवीं कक्षा के बाद दूसरे बोर्ड में या 12वीं के छात्र पास होकर उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं, लेकिन ज्यादातर स्कूल सभी छात्रों के माइग्रेशन जारी करने के लिए आवेदन कर देते हैं। ऐसे में बोर्ड ने फैसला लिया है कि जब छात्र बोर्ड बदलेगा तो उसे आवेदन करना होगा। बाकी विद्यार्थियों के माइग्रेशन सर्टिफिकेट रिजल्ट के बाद डिजी लाकर में उपलब्ध रहेगा। उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर डिजी लाकर के माध्यम से आनलाइन सत्यापन हो जाएगा।


● दो साल में अतिरिक्त विषय की दे सकेंगे परीक्षा

सीबीएसई ने परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषय से पुन: परीक्षा देने की समय सीमा में भी बदलाव कर दिया है। अब छह साल की जगह छात्र के पास सिर्फ दो साल का ही मौका रहेगा। इसमें वह सिर्फ थ्योरी के अतिरिक्त विषय से ही परीक्षा दे सकेगा। प्रैक्टिकल के विषय में यह मान्य नहीं होगा। यह नियम 2021 की परीक्षा से लागू होगा। बोर्ड ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।

यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू, कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल एक अप्रैल से खुलेंगे

यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू, कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल एक अप्रैल से खुलेंगे


राजधानी में कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल गुरुवार से खुल जाएंगे। वहीं यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया भी गुरुवार से प्रारंभ हो जाएगी। जो छात्र अगली कक्षा में प्रोमोट हुए हैं वे स्कूल कार्यालय से दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।


नए शैक्षणिक सत्र में एक अप्रैल से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालय खुल जाएंगे। इसके साथ ही यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। छात्र कक्षा नौ, 10 और 12 में दाखिला ले सकते हैं। जिन छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है वे स्कूल कार्यालय से दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं जिनका परिणाम जारी नहीं हुआ है तो स्कूल खुलते ही उनको रिपोर्ट कार्ड सौंपा जाएगा और दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 


परिषद विद्यालयों से कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र भी अब दाखिले की प्रक्रिया कभी भी पूरी करा सकते हैं। इसके अलावा जिन यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा आठ तक की भी पढ़ाई होती है, वहां पर भी दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इनमें से कई स्कूलों ने परीक्षा संपन्न करा ली थी और अधिकांश में रिपोर्ट में कार्ड भी जारी कर दिया गया था। इनकी कक्षाएं भले ही स्कूलों में न चल रही हों लेकिन वे भी दाखिले की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।


सीएमएस ने कक्षा आठ तक के छात्रों को किया प्रमोट
कक्षा आठ तक के स्कूल बंद होने के चलते सीएमएस प्रशासन ने कक्षा आठ तक के सभी छात्रों को बिना अंतिम परीक्षा कराए प्रमोट करने का निर्णय लिया है। सीएमएस के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया कि कक्षा आठ तक के बच्चों की न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन वार्षिक परीक्षाएं कराई जाएंगी। इन छात्रों को पिछली परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। वहीं गुरुवार से कक्षा नौ से 12 तक की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑफलाइन कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मॉन्टेसरी, नर्सरी, केजी, कक्षा एक और दो का नया शैक्षणिक सत्र पांच अप्रैल से, कक्षा तीन से कक्षा नौ तक का नया सत्र 12 अप्रैल से और कक्षा 10 व 12 का सत्र 26 अप्रैल से शुरू किया जाएगा।

यूपी में 8वीं तक के स्कूल चार तक रहेंगे बंद, शासनादेश जारी

यूपी में 8वीं तक के स्कूल चार तक रहेंगे बंद, शासनादेश जारी


लखनऊ : कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश में कक्षा आठ तक के सभी सरकारी, सहायताप्राप्त और निजी स्कूलों को तीन अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है।



कोरोना संक्रमण बढ़ने पर प्रदेश में कक्षा आठ तक के सभी सरकारी, सहायताप्राप्त और निजी स्कूलों में 24 से 31 मार्च तक होली का अवकाश घोषित कर दिया गया था। चार अप्रैल को रविवार का साप्ताहिक अवकाश है। लिहाजा आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को तीन अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश के बाद विद्यालय अब चार अप्रैल तक बंद रहेंगे।

Wednesday, March 31, 2021

फतेहपुर : इतनी संख्या में ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना हुआ मुश्किल!

फतेहपुर : इतनी ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना मुश्किल!

फतेहपुर : पिछले कई माह के दौरान परिषदीय शिक्षकों को इतनी अधिक ट्रेनिंग दे दी गई हैं कि अब शिक्षण के दौरान इनकों लागू करना एवं इनके सबक को याद रखना काफी मुश्किल होने लगा है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि इतने अधिक आनलाइन व आफलाइन प्रशिक्षण सत्रों का लगातार जारी रखना समझ से परे है। प्रशिक्षण से हासिल किए गए सबक को कक्षा में कैसे लागू किया जाए, अब इसकी चुनौती है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष मार्च में निष्ठा नामक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की थी। बीआरसी में आयोजित हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही कोरोना वायरस के प्रसार के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद विभाग ने इस प्रशिक्षण को आनलाइन मोड में करते हुए 18 माड्यूल पर आधारित कर दिया। प्रत्येक माड्यूृल तीन से चार घंटे का है। निर्धारित समय में इन 18 माड्यूल की आनलाइन ट्रेनिंग करने के बाद शिक्षकों को अन्य 25 आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा करने का दायित्व सौंपा गया। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए समय भी नियत किया गया। लगभग हर हफ्ते दो प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। कुछ महीनों में ही दर्जनों प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्वाइन करने के बाद शिक्षकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि आखिर इन प्रशिक्षणों से सीखे गए सबक को शिक्षण प्रक्रिया में लागू तो करने दिया जाए।


अन्य प्रशिक्षण व यूट्यूब सत्र भी किए

विभाग ने विद्यालय नेतृत्व व समेकित शिक्षा समेत अन्य आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। आगामी 31 मार्च तक इन ट्रेनिंग सत्रों को पूरा करने की अवधि निर्धारित की गई है। विभाग ने आनलाइन ट्रेनिंग के अलावा नियमित अंतराल पर यू ट्यूब सत्रों का भी आयोजन कर शिक्षकों को सेशन पूरे कराए।

आफलाइन ट्रेनिंग भी है जारी

मार्च आते ही आफलाइन ट्रेनिंग का दौर भी जारी है। कई ब्लॉकों में आधारशिला क्रियान्वयन, प्रिंट रिच व समृद्ध माड्यूल तथा एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण सत्रों का भी दौर जारी था लेकिन होली अवकाश के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी

राजधानी के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की कर रहे तैयारी



शहर के निजी स्कूल पांच अप्रैल से नया सत्र शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को निजी स्कूलों के संगठन-‘अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन’ (अप्सा) की हुई वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदेश के अन्य जिलों के स्कूलों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।


एक साल बाद पहली बार ऐसा होगा जब स्कूलों में एक साथ मॉन्टेसरी से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों की पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि जूनियर कक्षाओं के लिए अभी ऑनलाइन पढ़ाई का क्रम भी समानांतर जारी रहेगा। स्कूल खोलने का निर्णय लेने के बाद स्कूलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अप्सा के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि शासन ने चार अप्रैल तक कक्षा आठ तक के विद्यालयों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसका पालन करते हुए नए शैक्षणिक सत्र में पांच अप्रैल से सभी स्कूल खुल जाएंगे। हालांकि स्कूल अपनी सहूलियत के अनुसार एक अप्रैल से खुलेंगे तो उनमें प्रशासनिक कार्य होगा। विधिवत पढ़ाई पांच से ही प्रारंभ होगी। इस दौरान जिन स्कूलों में रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं, वहां स्टाफ रिजल्ट तैयार करने से लेकर दाखिले की प्रकिया पूरी करेगा।


सीनियर कक्षाओं में होगी फुल स्ट्रेंथ
अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीनियर कक्षा नौ से 12 तक में फुल स्ट्रेंथ में पढ़ाई शुरू होगी। जबकि मॉन्टेसरी से कक्षा आठ तक के आधे-आधे छात्रों को बुलाया जाएगा। वहीं जिन स्कूलों में इंफ्राट्रक्चर बढ़िया है वे फुल स्ट्रेंथ में बच्चों को बुला सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान ऑनलाइन गतिविधियां भी जारी रहेंगी। एक-डेढ़ हफ्ते बाद इनमें भी सभी बच्चे एक साथ आना शुरू कर देंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना की रोकथाम के सारे इंतजाम पूर्व की भांति ही किए जाएंगे। मास्क, सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रहेगा। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों से सहमति मांगी है।


मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह से
वहीं मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई छह और सात अप्रैल से शुरू होंगी। यहां पर गुड फ्राइडे को लेकर आयोजन व तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद ही कुछ छह तो कुछ सात अप्रैल से खुलेंगे। कैथेड्रल, ला मार्ट, सेंट फ्रांसिस समेत अन्य मिशनरी स्कूल छह और सात अप्रैल से खुलेंगे।


टीकाकरण के लिए शासन को भेजी जाएगी सूची
अध्यक्ष ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को कोविड टीका लगाने के लिए शासन को लिस्ट भेजी जाएगी। स्कूलों से इसका ब्यौरा मांगा गया है। शिक्षकों की सूची शासन को भेज दी जाएगी, जिनकी टीका लगाने की व्यवस्था अस्पताल में की जाएगी। टीकाकरण होने से अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन




लखनऊ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलेवार भर्ती विज्ञापन जारी होने लगे हैं। इस बार भर्ती के आवेदन आनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन के लिए 21 दिन का समय मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए 45 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।


दरअसल, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार ने इसी साल 29 जनवरी को चयन प्रक्रिया निर्धारित की है। सभी जिलों में डीएम की देखरेख में चयन समिति गठित कर पदों की भर्ती के निर्देश दिए गए हैं। चयन समिति की संस्तुति पर डीएम के अनुमोदन के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। डीएम की देखरेख में गठित चयन समिति में जिले में तैनात समूह ‘क’ व ‘ख’ संवर्ग की महिला अफसर भी सदस्य बनाई गई हैं। नई चयन प्रक्रिया मे बीपीएल परिवारों की अभ्यर्थियों की वरीयता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए सालाना आय सीमा 46,080 व शहरी क्षेत्रों के लिए आय सीमा 56,460 रुपये तय की गई है।


जिलेवार विज्ञापन जारी होना शुरू 45 दिन में प्रशासन को पूरी करनी होगी भर्ती प्रक्रिया

ऐसे भरना होगा आनलाइन आवेदन
आनलाइन आवेदन पत्र चार भागों में भरा जाएगा। पंजीकरण के भाग एक में उम्मीदवार का व्यक्तिगत विवरण दर्ज होगा। आवेदिका से दिए गए विवरण की जांच करने और आवेदन पत्र में अंकित विवरण में यदि कोई संशोधन हो तो उसे करने के लिए कहा जाएगा। भविष्य के संदर्भो के लिए पंजीकरण नंबर जरूरी है। पंजीकरण के दूसरे भाग में शैक्षिक योग्यता भरनी होगी। ग्रेड/सीजीपीए और प्रतिशत की गणना स्वचालित रूप से हो जाएगी। तीसरे भाग में फोटोग्राफ और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। फोटोग्राफ का डिजिटल आकार 20 केबी से अधिक नहीं होना चाहिए। हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे। चौथे भाग में घोषणा के लिए सहमत होना होगा। आवेदन की अंकित तिथि से पहले भविष्य में सुधार करने के लिए ‘सेव ड्राफ्ट’ का बटन दबा सकते हैं। अंत में ‘फाइनल सबमिट’ के बाद फार्म में संशोधन नहीं किया जाएगा।


अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन

अब बेसिक शिक्षकों व कर्मियों को वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, मानव सम्पदा पे रोल से मिलेगा वेतन


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को जल्द ही मानव सम्पदा पोर्टल के जरिए वेतन भुगतान किया जाएगा। समय-समय पर वेतन में होने वाली वृद्धि और महंगाई भत्ता जुड़वाने के लिए भी उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अनायास आफिसों का चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिलेगी। अभी इसकी शुरुआत सिर्फ लखनऊ में बख्शी का तालाब ब्लॉक में होने जा रही है।


स्कूल शिक्षा महानिदेशक की तरफ से जारी पत्र में बताया गया है कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणोतर कर्मचारियों के वेतन भुगतान के बिल अभी ब्लॉक स्तर पर बनाए जाते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन होता है। इसमें लंबा समय लगता है। वेतन वृद्धि और डीए जुड़वाने के लिए भी वित्त एवं लेखा अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे मुक्ति दिलाने के लिए ही नई व्यवस्था शुरू करने की कवायद चल रही है। अब वेतन बिल बनाने में छुट्टियों का भी घालमेल नहीं होगा। इसकी वजह यह कि शिक्षकों की अवकाश स्वीकृति भी मानव संपदा पोर्टल के जरिए होती है।

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च यानि आज सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी पेंशन और जीपीएफ की पत्रावलियां संस्तुति कर भेज दी गईं हैं। बेसिक की कुछ फाइलों में आपत्ति मिलने पर ब्लाक मुख्यालयों को वापस भेजी गई हैं। शिक्षक संगठन सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय देयक दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों के कुल 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसमें सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक शामिल हैं। जिनमें वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा 62 पत्रावलियों को संस्तुति के साथ प्रयागराज भेजा जा चुका है। नौ फाइलों में आपत्तियां मिलने के कारण विजयीपुर ब्लाक को वापस किया गया है। इसी तरह से एक फाइल मलवां ब्लाक मुख्यालय को वापस की गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी विनय कुमार प्रजापति ने बताया कि 62 फाइलों को पूर्ण कर संस्तुति दे दी गई है। पत्रावलियां तैयार हो चुकी हैं। पेंशन के लिए निदेशालय भेज दिया गया है। शेष फाइलें वापस आने पर आगे की प्रक्रिया कर दी जाएगी। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विजय त्रिपाठी ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को देयक की प्रक्रिया कार्यालय से पूरी हो रहीं हैं। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सभी शिक्षकों को देयक दिला दिया जाएगा। बीएसए का कहना है कि यह 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च तक सेवा में रहेंगे। उसके बाद रिटायर होने के बाद की योजनाओं का लाभ मिलेगा।

माध्यमिक के 17 शिक्षक होंगे सेवानिवृत्त

बेसिक विभाग के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के भी 17 शिक्षक शिक्षिकाएं 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने बताया कि हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के 17 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। विभाग द्वारा 16 शिक्षकों के देयक की फाइल संस्तुति के साथ प्रयागराज को भेजी जा चुकी है। एक शिक्षक की पत्रावलियों कार्यालय न पहुंचने से देर हो रही है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर देयक दिलाने के लिए संगठन का एक दल प्रयागराज उप शिक्षा निदेशक से मुलाकात भी की जा चुकी है।

कक्षाओं के शुरू होने को लेकर संशय

परिषदीय स्कूलों में होली से पहले ही करीब एक सप्ताह का अवकाश हो गया था। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी गई थी। आदेश में पहली अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत होने की बात भी कही गई है। सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने का आदेश महानिदेशक ने भेजा था। लेकिन कोरोना वायरस बढ़ रहा है, इसको लेकर कक्षाएं शुरू होने पर संशय की स्थिति है। बीएसए ने बताया कि नया कोई आदेश नहीं आया है। पुराने में ही अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होने का जिक्र है।

यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के खाली 5,100 शिक्षक पद वेटिंग लिस्ट से भरेंगे, एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी

यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के खाली 5,100 शिक्षक पद वेटिंग लिस्ट से भरेंगे, एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी

बहुत कम अंकों से चूके युवाओं को मिल सकेगी नौकरी 


यूपी बेसिक शिक्षा विभाग की 69,000 शिक्षक भर्ती में खाली रह गए करीब 5,100 पद वेटिंग लिस्ट से भरे जाएंगे। इसके लिए एक महीने के भीतर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ़ सतीश द्विवेदी ने बताया कि भर्ती के लिए क्वॉलिफाई अभ्यर्थियों की सूची से ये पद भरे जाएंगे।


सहायक शिक्षक के 69,000 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 1.46 लाख अभ्यर्थियों ने क्वॉलिफाई किया था। लिखित परीक्षा के अंकों और अकैडमिक परफॉर्मेंस के आधार पर मेरिट तैयार की गई थी। भर्ती सुप्रीम कोर्ट में फंस गई थी, इसलिए इन पदों पर दो चरणों में भर्ती की गई थी। इसके बाद लगभग 4,000 पद खाली रह गए हैं।


बहुत कम अंकों से चूके युवाओं को नौकरी
सतीश द्विवेदी ने बताया कि पहले पद खाली रहने पर इन्हें अगली भर्ती में शामिल किया जाता था। लेकिन, सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अगर परीक्षा के आधार पर योग्य अभ्यर्थी बचे हैं तो खाली पद उन्हीं से भरे जाएं। इसलिए वेटिंग लिस्ट से बचे पदों पर भर्ती की जाएगी। ऐसे में बहुत कम अंकों से चूक गए युवाओं को नौकरी का मौका मिल सकेगा।


एसटी की सीटें एससी में बदलेंगी
मंत्री ने बताया कि भर्ती के दौरान एसटी के लिए आरक्षित 1,133 पदों के लिए अभ्यर्थी नहीं मिले। इन पदों को एससी में परिवर्तित किया जाएगा और मेरिट के आधार पर एससी अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए न्याय विभाग से राय मांगी गई है। इसके आधार पर भर्ती की आगे बढ़ाई जाएगी।

Tuesday, March 30, 2021

सभी केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन की तारीख जारी, एक अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया होगी शुरू


सभी केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन की तारीख जारी, एक अप्रैल से नामांकन की प्रक्रिया होगी शुरू


केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सभी केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की तिथि जारी कर दी है। इच्छुक अभिभावक एक अप्रैल से कक्षा एक के लिए नामांकन फॉर्म भर सकते हैं। कक्षा एक के लिए ऑनलाइन फार्म ही भरे जायेंगे। ऑनलाइन फार्म के लिए केवीएस ने एप भी जारी किया है। अभिभावक एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। 


ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के कारण इस बार केंद्रीय विद्यालय में नामांकन देरी से होगा। अब तक मार्च में नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी, लेकिन इस बार अभिभावकों को अप्रैल से मई तक नामांकन के लिए इंतजार करना होगा। कक्षा एक के लिए kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। केवीएस द्वारा हर कक्षा के लिए अलग-अलग फॉर्म जारी किए गए हैं। फार्म की संख्या देखकर ही नामांकन फार्म भरना होगा।


बोर्ड रिजल्ट के बाद निकलेगा 11वीं के लिए आवेदन 
केवीएस की मानें तो 10वीं बोर्ड रिजल्ट आने के दस दिन के अंदर 11वीं में नामांकन की तिथि जारी होगी। केंद्रीय विद्यालय के छात्र और छात्रा का पंजीकरण पहले होगा। गैर केवी वाले छात्रों को तभी मौका मिलेगा जब संबंधित केवी में जगह खाली रहेगी। 11वीं में प्रवेश की अंतिम तिथि दसवीं रिजल्ट जारी होने के 30 दिनों के अंदर ही रहेगा। 

नामांकन के लिए निर्धारित
● कक्षा एक के लिए पंजीकरण (ऑनलाइन) शुरू - एक अप्रैल 
● कक्षा एक के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि  - 19 अप्रैल 
● प्रथम लिस्ट  -  23 अप्रैल को जारी 
● द्वितीय लिस्ट  -  30 अप्रैल को जारी
● तृतीय लिस्ट   - पांच मई को जारी 
● शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत नामांकन को आवेदन - 15 मई से 20 मई 
● कक्षा दो तथा अन्य कक्षाओं का पंजीकरण (ऑफलाइन) - आठ अप्रैल से 15 अप्रैल तक 
● कक्षा दो तथा आगे की कक्षाओं के लिए सूची जारी - 19 अप्रैल को 
● कक्षा दो तथा आगे की कक्षाओं के लिए प्रवेश - 20 से 27 अप्रैल 
● कक्षा तीन से नौवीं तक प्रवेश की अंतिम तिथि  -  31 मई 
 

Monday, March 29, 2021

69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली शिक्षकों के 5764 पदों को लेकर अभ्यर्थियों में बढ़ी रार

69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली शिक्षकों के 5764 पदों को लेकर अभ्यर्थियों में बढ़ी रार


परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद खाली सहायक अध्यापकों के 5764 पदों को लेकर रार बढ़ गई है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने पिछले दिनों रिक्त पदों पर तीसरी काउंसिलिंग कराने की घोषणा की है, जिससे भर्ती में आरक्षण की अनदेखी का दावा करने वाले अभ्यर्थियों में नाराजगी है।


आरक्षण तथा एमआरसी लीगल टीम के मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी का कहना है कि 17 मार्च की सुनवाई में लखनऊ हाईकोर्ट ने 12 अप्रैल से पूर्व 27% आरक्षण के साथ ओबीसी वर्ग के चयनित अभ्यर्थियों की सूची तथा 21% आरक्षण के साथ चयनित एससी वर्ग के अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने के आदेश सरकार को दिए थे।


साथ ही अनारक्षित वर्ग के कटऑफ 67.11 से ऊपर सभी कैटेगरी के लगभग 28000 ओवरलैप अभ्यर्थियों की सूची भी तलब की है। लेकिन सरकार ने जवाब देने की बजाय तीसरी काउंसिलिंग की घोषणा कर दी। हालांकि इससे प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यर्थियों में खुशी है। वे अभ्यर्थी भी खुश हैं जो एसटी की 1133 रिक्त सीटों को एससी में बदलते हुए भर्ती की मांग कर रहे थे।


सवा महीने और बढ़ गया भर्ती का इंतजार
69000 शिक्षक भर्ती की तीसरी काउंसिलिंग से उम्मीद लगाए अभ्यर्थियों का इंतजार सवा महीने और बढ़ गया है। पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के कारण तीसरी काउंसिलिंग 2 मई से पहले होना मुमकिन नहीं दिख रही।

Sunday, March 28, 2021

69000 भर्ती में अनियमितताओं व लापरवाही बरतने के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को दोषी पाए जाने पर पद से हटाते हुए किया गया सम्बद्ध

69000 भर्ती में अनियमितताओं व लापरवाही बरतने के चलते जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा को दोषी पाए जाने पर पद से हटाते हुए किया गया सम्बद्ध