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Saturday, June 17, 2017

सीतापुर : 16448 शिक्षक भर्ती में घोटाले की आंच शासन तक पहुंची, अभिलेखों की जांच के बाद एडी बेसिक ने माना हुआ है घोटाला

सीतापुर : 16448 सहायक अध्यापक भर्ती घोटाले की आंच शासन तक पहुंच गई है। निदेशक बेसिक शिक्षा के निर्देश पर एडी बेसिक षष्ठ मंडल शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां भर्ती घोटाले से संबंधित शिक्षकों के मूल अभिलेखों की आठ घंटे तक गहन पड़ताल की। जांच के बाद एडी बेसिक ने माना कि शिक्षक भर्ती घोटाला हुआ है और इसमें विभाग के तत्कालीन मुखिया से लेकर कर्मचारी तक संलिप्त हैं। उन्होंने कहा कि तैयार की गई जांच रिपोर्ट देर रात निदेशक को सौंप दी जाएगी।।

शिक्षक भर्ती घोटाले का 'दैनिक जागरण' ने खुलासा करते हुए कई खबरों का सिलसिलेवार प्रकाशन किया था। 13 शिक्षकों की अवैध भर्ती का मामले का गुरुवार को शासन ने संज्ञान लिया। निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल महेंद्र सिंह राणा को सीतापुर जाकर भर्ती घोटाले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शुक्रवार सुबह 10 बजे महेंद्र सिंह राणा बीएसए कार्यालय पहुंचे जहां बीएसए कक्ष में शाम छह बजे तक अभिलेखों की पड़ताल करते रहे। एडी बेसिक ने भर्ती हुए शिक्षकों के मूल अभिलेख, सचिव द्वारा जारी शासनादेश व जांच टीम की लीपा-पोती का बारीकी से परीक्षण किया। पूरे प्रकरण की एडी बेसिक ने जांच रिपोर्ट तैयार की। एडी बेसिक ने 'दैनिक जागरण' को बताया कि भर्ती घोटाला भूलवश नहीं हुआ, बल्कि जानबूझ कर इसमें गड़बड़ी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन विभागीय मुखिया से लेकर कर्मचारियों तक की इसमें संलिप्तता प्रथम दृष्टया मिली है। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद भी इसे दबा देना इस तरफ इशारा कर रहा है कि गड़बड़ी तो की गई है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती की निगरानी चयन समिति करती है ऐसे में गड़बड़ी मिलने पर उसकी भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। एडी बेसिक ने बताया कि निदेशक के निर्देश पर भर्ती प्रकरण की मैंने जांच की और तैयार रिपोर्ट निदेशक के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

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