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Monday, November 23, 2020

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र

कमेटी की रिपोर्ट लागू करने के लिए सीएम को पत्र लिखेंगे शिक्षामित्र


लखनऊ । प्रदेश के 1.60 लाख शिक्षामित्र 25 नवंबर को मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट लागू करने को मांग करेंगे।


उप्र. दूरस्थ शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने एक साल पहले अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, लेकिन सरकार ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। 


शिक्षा मित्र सवा दो साल से मात्र 10 हजार रुपये के मानदेय पर काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा मित्रों से सहायक अध्यापकों के समान ही कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की नीतियों के कारण शिक्षा मित्र तनाव में रहते हैं।

Friday, November 13, 2020

मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को मिलेगा 70 दिन का मानदेय, केंद्र ने जारी किए 50 करोड़।

मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को मिलेगा 70 दिन का मानदेय, केंद्र ने जारी किए 50 करोड़।


मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत प्रदेश के 25 हजार शिक्षकों को दो महीने दस दिन (70 दिन) का वेतन मिलेगा। दरअसल, मदरसा शिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल नंदी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था, जिसके बाद केंद्र ने अपने हिस्से के 50 करोड़ 89 लाख रुपये जारी कर दिए।



मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत स्नातक शिक्षकों को 8000 और परास्नातक को 15000 रुपये मानदेय मिलता है। इसमें केंद्र क्रमश: 3600 रुपये और 4800 रुपये देता है, लेकिन चार साल से केंद्र ने अपना अंशदान जारी नहीं किया था।इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद ने बताया कि केंद्र से जारी धनराशि वर्ष 2016-17 की प्रथम किस्त का 40 फीसदी है। धीमी गति से मानदेय रिलीज करने से मानदेय और अधिक लंबित होता जा रहा है।  शिक्षकों के वेतन में मिलने वाला केंद्रांश बीते चार साल से नहीं मिल रहा है, जो अब बढ़कर 977 करोड़ रुपये हो गया है। 

Sunday, October 18, 2020

यूपी में आरोग्य मित्रों को दोगुने मानदेय की सौगात, अब पांच की जगह मिलेगा 10 हजार रुपये महीना

यूपी में आरोग्य मित्रों को दोगुने मानदेय की सौगात, अब पांच की जगह मिलेगा 10 हजार रुपये महीना।
  
उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आने वाले चिकित्सालयों में कार्यरत आरोग्य मित्रों का मानदेय दोगुना कर दिया गया है।


आरोग्य मित्रों को वर्तमान में मानदेय के रूप में पांच हजार रुपये प्राप्त होता है जिसे बढ़ाकर अब 10 हजार रुपये कर दिया गया है।


अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार एवं मातृ शिशु कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने मानदेय बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है।


उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरोग्य मित्रों के मानदेय का भुगतान संबंधित चिकित्सालय द्वारा योजना के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से किया जाएगा। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं किया जाएगा।

Thursday, September 10, 2020

मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला केन्द्रांश मानदेय

मदरसा शिक्षकों को चार साल से नहीं मिला केन्द्रांश मानदेय।

लखनऊ। मदरसा आधुनिकीकरण योजना में कार्यरत 25 हजार शिक्षकों के केंद्रांश मानदेय चार साल से नहीं मिला है। इन शिक्षकों ने शासन के जरिये केंद्र को 8,000 और परास्नातक शिक्षकों को सरकार से मानदेय जारी करवाने की मांग की है। इस्लामिक मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एजाज अहमद ने बताया कि योजना के अंतर्गत स्नातक शिक्षकों 15,000 मानदेय मिलता है। केंद्र सरकार को 8,000 में से 3600 रुपये और 15,000 में से 4,800 रुपये देने होते हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने चार साल से रुपये बकाया हो चुका है। राज्य सरकार ने केंद्रांश जारी करने के लिए कई बार केंद्र सरकार को पत्र लिख चुकी हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण से एक टीम दिल्ली भेज कर अड़चनें दूर कराने की मांग की।



'जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की मनमानी पर लगाएं रोक

लखनऊ : मदरसा शिक्षकों ने बोर्ड रजिस्ट्रार से अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि अधिकारी प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए जारी शासनादेश के विपरीत अभिलेख मांग कर रहे हैं। प्रदेश के अनुदानित मदरसों के सभी स्तर के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए एक सितंबर को शासनादेश जारी किया गया था। टीचर्स एसोसिएशन मदरसे अरबिया के महामंत्री हाजी दीवान साहेब जमा खां ने बताया कि बहराइच, मऊ, अंबेडकर नगर, वाराणसी मे अधिकारी अपना अलग प्रोफॉर्मा जारी कर अनुभव प्रमाण पत्र भी मांग रहे हैं।

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Saturday, September 5, 2020

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट, जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

शिक्षामित्रों को तीन माह से मानदेय का संकट,  जून माह के मानदेय की उम्मीद अधर में

 

प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौरान शिक्षामित्रों का नया रूप सामने आया है। वह केवल छात्र-छात्रओं की पढ़ाई ही नहीं करा रहे, बल्कि लोग स्वस्थ रहें इसका भी जतन कर रहे हैं। कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को तीन माह का मानदेय नहीं मिल सका है। इससे जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। उन्हें जून माह का मानदेय भुगतान होगा भी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


प्रदेश में करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्र तैनात हैं। अधिकांश जिलों में डीएम के आदेश पर शिक्षामित्रों को जून माह में सरकारी राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। पिछले वर्ष तक सरकार शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शीर्ष कोर्ट के आदेश पर सरकार अगस्त 2018 से शिक्षामित्रों को संविदाकर्मी के रूप में 11 माह तक दस हजार रुपये प्रति माह देती रही है, जबकि पहले समायोजित शिक्षामित्रों को करीब 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था।


इधर, शिक्षामित्रों को नए तरीके से मानदेय भुगतान होना है। इससे उन्हें जून, जुलाई व अगस्त माह का मानदेय नहीं मिल सका है, हालांकि सरकार ने जुलाई माह का भुगतान करने के लिए धन जारी कर दिया है लेकिन, तकनीक तैयार न होने से उन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, जून माह के भुगतान पर असमंजस बना है। प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 20 वर्षो से एक शिक्षक के समान शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों व उनके परिजनों की जिंदगी बदहाल है। वजह केवल तीन माह से मानदेय न मिलना ही नहीं है। बल्कि शिक्षामित्रों को समय पर मानदेय न मिलना आम बात है।


वादे के बाद भी भुगतान नहीं

शिक्षामित्र संघ उप्र के संयोजक शिवपूजन सिंह ने जून माह के मानदेय की मांग प्रदेश सरकार से किया था। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया, किंतु शिक्षामित्रों को जून माह का मानदेय नहीं मिला है।

Wednesday, September 2, 2020

चार माह से नहीं मिल रहा कस्तूरबा शिक्षकों को मानदेय

चार माह से नहीं मिल रहा कस्तूरबा शिक्षकों को मानदेय

 

प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों को चार महीने से मानदेय नहीं मिल रहा है।


पिछले दिनों प्रदेशभर में शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी के मामले प्रकाश में आए थे। अनामिका प्रकरण सामने आने के बाद सभी जगहों पर सतर्कता बढ़ा दी गई। शिक्षकों व कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच भी शुरू की गई। प्रयागराज में संचालित बीस विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों के भी अभिलेख सत्यापन के लिए मांगे गए।


 इस दौरान सभी कर्मचारियों व शिक्षकों के मानदेय रोक दिए गए। यही वजह है कि मई, जून, जुलाई और अगस्त का पारिश्रमिक कर्मचारियों को नहीं मिला। समन्वयक ताज अंसारी ने बताया कि जिला स्तर पर सभी 243 कर्मियों के अभिलेखों की जांच पूरी कर ली गई है। सभी प्रपत्रों को संबंधित बोर्डो व विश्वविद्यालयों में भी सत्यापन के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक चरण में कोई भी संदिग्ध नहीं प्रतीत हुआ। जल्द ही पारिश्रमिक का भुगतान करा दिया जाएगा।

Saturday, August 29, 2020

सैलरी न मिलने से निजी वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षक बदहाल, सरकार से 15 हजार मानदेय देने की मांग

सैलरी न मिलने से निजी वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षक बदहाल, सरकार से 15 हजार मानदेय देने की मांग


किसी के घर में राशन का संकट, कोई नहीं जमा कर पा रहा बच्चों की फीस

कोरोना काल में वेतन देने का सरकारी कोशिश बेअसर, नौकरी पर संकट भी


प्रयागराज। सरकारी दावे के बाद भी निजी स्कूल प्रबंधन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहे हैं। खासकर वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षक तो भुखमरी की कगार पर आ गए हैं। अपने ही बच्चों की फीस जमा कर पाने में असमर्थ शिक्षकों के घर में अकसर राशन का संकट भी खड़ा हो जाता है। ऐसे में साथी शिक्षक एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं।


नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि निजी स्कूल तो अभिभावकों की ओर से फीस जमा करने में देरी होने पर बच्चों की ऑनलाइन क्लास बंद कर देते हैं, नोटिस भेजकर फीस जमा करने का दबाव बनाते हैं। ऐसे में स्कूल वालों का यह कहना है कि फीस नहीं जमा होने से वह वेतन नहीं दे पा रहे हैं, समझ से परे है। वहीं शहर के कुछ स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की धमकी भी दी गई है। ऐसे में शिक्षक व कर्मचारी दबी जुबां से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


एक शिक्षक ने बताया कि उनका और उनके परिवार का बीपीएल कार्ड भी नहीं बन सकता, नहीं तो इस दौर में कुछ राहत मिलती। शहर के ही एक स्कूल में शिक्षक के परिवार के सामने उस समय विषम परिस्थिति खड़ी हो गई, जब उनके परिवार में राशन खत्म हो गया। इसकी जानकारी उनके साथी शिक्षकों को होने के बाद उनके घर मदद पहुंची। शिक्षक के दो बच्चों की फीस नहीं जमा होने पर उन्हें ऑनलाइन क्लास से रोक दिया गया। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने शुक्रवार को वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने के मामले को विधान परिषद में उठाया। उन्होंने प्रदेश सरकार से शिक्षकों को 15 हजार रुपये मानदेय देने की मांग की है।

Sunday, August 23, 2020

हरदोई : रसोइयों ने मांगा लॉकडाउन का बकाया मानदेय

हरदोई : रसोइयों ने मांगा लॉकडाउन का बकाया मानदेय
 

हरदोई। रसोइया जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बीएसए हेमंत राव को शिक्षा निदेशक के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।  पदाधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान क्वारंटीन सेंटरों में काम करने वाले रसोइयों के बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की।


सौंपे गए ज्ञापन में जिलाध्यक्ष रामकुमार गौतम ने कहा कि रसोइयों ने कठिन समय में भी क्वारंटीन सेंटरों में दो माह का तक अपना काम ईमानदारी से किया, लेकिन अब तक का करने वाले रसोइयों को उस अवधि का मानदेय नहीं मिला है। कहा कि मानदेय न मिलने के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। 


कोरोना काल में लोगों को परेशानी न हो इसके लिए रसोइयों ने क्वारंटीन सेंटर पर बिना किसी संपत्ति के दिन रात काम किया है।
बावजूद इसके उनके बकाया रुपये अभी तक नहीं दिए गए। इससे परेशान होकर पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द बकाया मानदेय का भुगतान करने की मांग की। इस मौके पर रामश्री, कमला, रेशमा, सुनीता, श्यामा व सुशीला आदि मौजूद रहीं।

Saturday, August 22, 2020

वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने का प्रस्ताव नहीं : उप-मुख्यमंत्री

वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने का प्रस्ताव नहीं : उप-मुख्यमंत्री।

लखनऊ : विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने बताया कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के मानदेय भुगतान के लिए प्रदेश सरकार ने इन विद्यालयों को एक-एक माह की फीस लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।




शून्य प्रहर में शिक्षक दल के सुरेश कुमार त्रिपाठी और सपा के मधुकर जेटली की वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को मानदेय दिलाये जाने के संबंध में कार्यस्थगन सूचना के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों से इस साल फीस न बढ़ाने और परिवहन शुल्क न लेने के लिए कहा गया है।

निर्दलीय समूह के राज बहादुर सिंह चंदेल ने कानपुर नगर के लल्लू प्रसाद इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता किये जाने का मामला उठाया। अधिष्ठाता ने कार्यस्थगन सूचना अस्वीकार कर दी।

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Wednesday, August 5, 2020

शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान


शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए करना पड़ेगा इंतजार, अब नई प्रणाली से होगा भुगतान

शिक्षामित्रों को अब पीएफएमएस से होगा मानदेय भुगतान 
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बाद जिले में तैयारियां शुरू 


मैनपुरी जिले में कार्यरत शिक्षामित्रों को मानदेय भुगतान के लिए अब नई प्रणाली शुरू की जाएगी । शासन ने शिक्षामित्रों को पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। 


परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद जिले में पीएफएमएस को प्रभावी बनाने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है । नई प्रणाली के कारण जिले के सभी 1950 शिक्षामित्रों को जुलाई के मानदेय के लिए इंतजार करना होगा। 


जिले के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अभी तक सर्व शिक्षा अभियान के तहत मानदेय का भुगतान किया जाता था लेकिन जुलाई से उनके मानदेय के भुगतान के लिए शासन ने पीएफएमएस व्यवस्था की है। 

Tuesday, July 21, 2020

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना

महराजगंज : अंशकालिक अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों का मानदेय भुगतान पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किये जाने हेतु बीएसए ने निश्चित प्रारूप में मांगी सूचना।

Wednesday, June 3, 2020

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को माह जून 2020 के मानदेय भुगतान हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का माँगपत्र

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को माह जून 2020 के मानदेय भुगतान हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का माँगपत्र

Sunday, May 17, 2020

फतेहपुर : एमडीएम का राशन व कन्वर्जन कास्ट पहुंचेगी बच्चों के पास : बेसिक शिक्षा मंत्री

फतेहपुर : एमडीएम का राशन व कन्वर्जन कास्ट पहुंचेगी बच्चों के पास : बेसिक शिक्षा मंत्री।


एमडीएम का राशन और कन्वर्जन कास्ट पहुंचे बच्चों के पास

फतेहपुर : कोविड-19 को लेकर शिक्षण संस्थानों में तालाबंदी का एलान कर दिया गया था। इसके चलते स्कूलों में छुट्टी चल रही| है मौजूदा समय में तमाम स्कूल क्वारंटाइन सेंटर बने हुए हैं। ऐसी दशा में बच्चों का स्कूल आना 55 दिनों से बंद है। शासन ने निर्णय लिया है कि स्कूल बंदी की अवधि में बच्चों को उनका हक दिया जाएगा। जिले के 2750 परिषदीय, 72 शक्ति, 45 राजकीय स्कूल, 6 मदरसों में मध्याह्न भोजन योजना चल ही है। योजना | में 2 लाख 65 हजार 456 बच्चे पंजीकृत हैं। शिक्षण संस्थानों में तालाबंदी के चलते भोजन बंद चल रहा है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि तालाबंदी अवधि का राशन और कन्वर्जन कास्ट बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। इस आदेश से जिले के शिक्षण संस्थानों में कक्षा 8 तक अध्ययनरत बालक-बालिकाओं को इस लाभ से लाभान्वित किया जाना है। स्थानीय स्तर पर वितरण का खाका बनाया जा रहा है। प्रति विद्यालय पंजीकृत छात्रों की संख्या का डाटा प्रधानाध्यापक वर्क फ्रामहोम से तैयार करने में जुटे हुए हैं। बीएसएफ शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वितरण की गाइड | लाइन का इंतजार किया जा रहा है।


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फतेहपुर : अभिभावकों के खातों में जाएगी अप्रैल मई की एमडीएम की कनवर्जन कास्ट, विद्यालयों में ऑनलाइन पंजीकरण का बनेगा खाका, निर्देश जारी।



फतेहपुर : अभिभावकों के खातों में जाएगी अप्रैल मई की एमडीएम की कनवर्जन कास्ट, विद्यालयों में ऑनलाइन पंजीकरण का बनेगा खाका,  निर्देश जारी

' रसोइयों को मिलेगा 10 माह का ही मानदेय

' विद्यालयों में आनलाइन पंजीकरण का बनेगा खाका


ऑनलाइन पंजीकरण पर दें जोर

बीएसए ने सभी एबीएसए को निर्देश दिया है कि लॉक डाउन के कारण बंद चल रहे विद्यालयों को लेकर सभी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालयों में आन लाइन प्रवेश फॉर्म विकसित कर ले और लिंक के माध्यम से बच्चों के नामांकन कराएं। सभी विद्यालयों में रंगाई पुताई, लिखाई और जिन स्कूलों में ब्लैक बोर्ड न हो अथवा क्षतिग्रस्त हो, वह सभी 20 मई तक पूरा कराने के लिए कहा गया है।


फतेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर बंद चल रहे परिषदीय विद्यालयों में अप्रैल और मई माह में मध्यान्ह भोजन के लिए विभाग खाद्यान्न उपलब्ध कराएगा और उसकी कनवर्जन कास्ट अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। बीएसए ने कई बिंदुओं पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों एवं समन्वयकों को दिशा निर्देश जारी किया है।


समाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंन बताया कि सभी रसोइयों को केवल 10 माह का मानदेय ही दिया जाएगा। अप्रैल और मई में मिड डे मील का खाद्यान्न छात्रों के विभाग से दिया जाएगा। कंवर्जन कॉस्ट अभिभावको के खातों में भेजी जाएगी। सभी प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अभिभावकों के बैंक खाते समेत अन्य जानकारियां लेकर सूची बनाई जाएगी। आपरेशन कायाकल्प में 18 बिन्दुओं पर जो कार्य शेष हैं उनकी विद्यालयवार फाइनल सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा नि:शुल्क ड्रेस वितरण की तैयारी पूरी की जाए।

ऑनलाइन प्रशिक्षण में करें प्रतिभाग: बीएसए ने बताया कि दीक्षा एप के माध्यम से मिशन प्रेरणा ई-पाठशाला में सभी शिक्षकों का आनलाइन प्रशिक्षण चल रहा है, उसमें सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें। इसमें कोई भी शिक्षक लापरवाही न करें।




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Thursday, March 5, 2020

सीतापुर : रसोइयों को उनके व्यक्तिगत खाते में प्रत्येक माह की 01 तारीख को मानदेय उपलब्ध कराए जाने हेतु 25 तारीख को पावना उपलब्ध कराए जाने के संबंध में बीएसए का आदेश जारी

Saturday, January 4, 2020

निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण 2019 के अंतर्गत मतदाता सत्यापन कार्यक्रम हेतु बीएलओ का तीन माह का 1500₹ मानदेय भुगतान हेतु बजट आवंटन

निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण 2019 के अंतर्गत मतदाता सत्यापन कार्यक्रम हेतु बीएलओ का तीन माह का 1500₹ मानदेय भुगतान हेतु बजट आवंटन





Thursday, December 19, 2019

माध्यमिक : वित्तविहीन शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, मांगा 25 हजार रुपए मानदेय

माध्यमिक : वित्तविहीन शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, मांगा 25 हजार रुपए मानदेय।












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Wednesday, December 11, 2019

महराजगंज : रसोइया चयन सूची एवं माह अगस्त से नवम्बर 2019 का मानदेय बिल प्राप्त कराने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया आदेश

महराजगंज : रसोइया चयन सूची एवं माह अगस्त से नवम्बर 2019 का मानदेय बिल प्राप्त कराने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया आदेश।

Monday, December 9, 2019

फर्रुखाबाद : सॉफ्टवेयर का पेंच, 4500 रसोईयों का फंसा मानदेय

फर्रुखाबाद : सॉफ्टवेयर का पेंच, 4500 रसोईयों का फंसा मानदेय।






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Saturday, October 26, 2019

एक लाख शिक्षा प्रेरकों को नहीं मिला 40 महीने से मानदेय, जल्द मानदेय भुगतान न होने पर नवम्बर में प्रदर्शन करने की प्रेरकों ने बनाई योजना

एक लाख शिक्षा प्रेरकों को नहीं मिला 40 महीने से मानदेय, जल्द मानदेय भुगतान न होने पर नवम्बर में प्रदर्शन करने की प्रेरकों ने बनाई योजना।





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Friday, October 11, 2019

फतेहपुर : जिलेभर के स्कूलों में तैनात रसोईयों को भुगतान के लिए भेजे सवा करोड़ रुपये, पहली बार 1500 रुपए मासिक की दर से मानदेय का हुआ ऑनलाइन भुगतान

फतेहपुर : जिलेभर के स्कूलों में तैनात रसोईयों को भुगतान के लिए भेजे सवा करोड़ रुपये, पहली बार 1500 रुपए मासिक की दर से मानदेय का हुआ ऑनलाइन भुगतान।





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