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Thursday, August 20, 2026

यूपी में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी

यूपी में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी


लखनऊः प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में बच्च मिड-डे मील तैयार करने वाले 3.53 लाख रसोइयों के मानदेय बढ़ोतरी हो सकती है। इनके मासिक मानदेय में करीब 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विधान सभा चुनाव से पहले सरकार इस संबंध में घोषणा कर सकती है। हालांकि अभी मिड-डे मील प्राधिकरण की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। 


प्रदेश के 1.32 लाख लाख परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.46 करोड़ विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है। इन्हें पहले 1000 रुपये मासिक मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और वर्ष 2022 में 2000 रुपये किया गया था।

Tuesday, May 19, 2026

प्रदेश सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय तो बढ़ाया, लेकिन बकाया देने को तैयार नहीं, एरियर रिव्यू पिटिशन से नाराजगी

प्रदेश सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय तो बढ़ाया, लेकिन बकाया देने को तैयार नहीं, एरियर रिव्यू पिटिशन से नाराजगी 
 

प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय तो प्रतिमाह 17 हजार रुपये कर दिया है लेकिन उनके लाखों रुपये का भुगतान करने को तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने चार फरवरी को अनुदेशकों के मानदेय में एक अप्रैल से वृद्धि करते हुए 2017-18 से बकाया का भुगतान छह महीने में करने का आदेश दिया था। प्रदेश में 2013 से कला शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा तथा कार्यअनुभव शिक्षा के पद पर कार्यरत 24717 अनुदेशकों में से प्रत्येक को नौ-नौ लाख रुपये से अधिक का बकाया भुगतान होना था।


शीर्ष कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि पहले राज्य सरकार भुगतान करेगी और बाद में केंद्र सरकार से अपने हिस्से की धनराशि प्राप्त करेगी। हालांकि राज्य सरकार ने भुगतान करने की बजाय नौ मार्च 2026 को पुनर्विचार याचिका, सात मई को स्थगन प्रार्थना पत्र तथा 12 मई को संशोधन प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इनमें मुख्य रूप से बकाया भुगतान में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया गया है। वर्तमान में ये सभी प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं।

आरटीई के तहत अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति जुलाई 2013 में सात हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय एवं 11 माह की सेवा शर्तों पर की गई थी। 2016 में मानदेय बढ़ाकर 8470 रुपये किया गया। 2017 में शासन ने 17 हजार रुपये मानदेय निर्धारित किया था लेकिन दिसंबर 2017 में पुनर्विचार के नाम पर पुनः 8470 रुपये ही भुगतान किया जाने लगा और 17 हजार मानदेय नहीं मिल सका। इसके खिलाफ अनुदेशकों ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और चार फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया था।

मार्च 2017 से 17 हजार रुपये के हिसाब से एरियर पाना हमारा हक है और यह हमें मिलना ही चाहिए। इसके लिए हम राज्य सरकार से भी अनुरोध करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। -भोलानाथ पांडेय, याचिकाकर्ता

Wednesday, April 8, 2026

शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय देने पर कैबिनेट की मुहर, अप्रैल माह से बढ़ा मानदेय एक मई को पहुंचेगा खातों में

शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय देने पर कैबिनेट की मुहर, अप्रैल माह से बढ़ा मानदेय एक मई को पहुंचेगा खातों में 

1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों को मिली राहत

सरकार पर आएगा 1475 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्ययभार

8 अप्रैल 2026
लखनऊः परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अब 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी गई। इस निर्णय को एक अप्रैल से लागू किया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय एक मई को शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा। 


अभी तक शिक्षामित्रों को 10 हजार और अनुदेशकों को नौ हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। इस तरह दोनों के मानदेय में 8,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि करने का निर्णय हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर और इस वर्ष 20 फरवरी को विधान सभा में मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में दिया जाता रहा है। मानदेय बढ़ने के बाद इस पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा, जिसे प्रदेश सरकार वहन करेगी। इसके अलावा 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनका मानदेय पूरी तरह राज्य सरकार देती है। इनके लिए 119.65 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी राज्य सरकार उठाएगी।



शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर आज लगेगी कैबिनेट की मुहर

07 अप्रैल 2026
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में सुबह 10:30 बजे कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें करीब एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है। 

सबसे अहम प्रस्ताव बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 25 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने से संबंधित है। शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया जाएगा और अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार किया जायेगा। वर्ष 2017 के बाद अब इनका मानदेय बढ़ने जा रहा है। इन्हें एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान की थी।



शिक्षामित्रों को 18 और अनुदेशकों को 17 हजार इसी महीने से : सीएम योगी, पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी होगी उपलब्ध 

05 अप्रैल 2026
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय इसी महीने से दिए जाने की घोषणा की। सीएम ने ये घोषणा वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के मौके पर की। उन्होंने कहा, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।


1.68 लाख शिक्षामित्रों-अनुदेशकों का बढ़ेगा मानदेय

लखनऊः सरकार द्वारा बढ़ाए गए मानदेय का लाभ प्रदेश के 1.68 लाख से अधिक शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों को मिलेगा। बढ़ाए गए मानदेय का भुगतान करने के लिए सरकार हर वर्ष 1480 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। दोनों को हर शैक्षिक सत्र में 11 माह के लिए मानदेय का भुगतान किया जाता है। प्रदेश में वर्तमान में 1,43,450 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ने पर 1,262.36 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक व्यय होगा। वहीं 24,781 अंशकालिक अनुदेशकों को अभी 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। उनके मानदेय की राशि बढ़ने पर 218.07 करोड़ रुपये 1,480 करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त खर्च करेगी सरकार सरक बढे मानदेय पर अतिरिक्त वार्षिक व्यय होगा।

Thursday, April 2, 2026

परीक्षकों को 25 रुपये प्रतिदिन की दर से नाश्ते का करें भुगतान, यूपी बोर्ड सचिव ने शिकायतों के बाद दिया आदेश

परीक्षकों को 25 रुपये प्रतिदिन की दर से नाश्ते का करें भुगतान, यूपी बोर्ड सचिव ने शिकायतों के बाद दिया आदेश 

प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों को जलपान की राशि नहीं दिए जाने का आरोप शिक्षक संघ के नेताओं ने लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव भगवती सिंह ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिव को मूल्यांकन कार्य की समाप्ति के बाद 25 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान करने का निर्देश दिया है। 

बता दें कि पूर्व विधान परिषद सदस्य व यूपी माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश त्रिपाठी, माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई जौनपुर के अध्यक्ष तेरस यादव, माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव अजय सिंह आदि ने मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों को जलपान के लिए भत्ता देने की मांग करते हुए सचिव को पत्र सौंपा। सचिव भगवती सिंह ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिव को बुधवार को पित्र लिख कर कहा कि जिन मूल्यांकन केंद्रों द्वारा भुगतान नहीं किया गया हैं, उनकी जांच कर उत्तर दायित्व निर्धारित करें और आख्या प्रस्तुत करें। अगर धनराशि की आवश्यकता हो तो परिषद को अवगत कराएं।


Monday, March 9, 2026

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात, जल्द मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी की

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात,  जल्द मानदेय बढ़ाने की घोषणा भी की

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ी-यूनिफॉर्म, बीमा और आयुष्मान कार्ड की सौगात दी। डीबीटी के जरिये कुल 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी गई। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का वादा भी किया।


सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी-यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.59 करोड़ रुपये की धनराशि स्थानांतरित की। उन्होंने मंच पर नेहा दुबे, मानसी साहू, पूनम तिवारी, मनोरमा मिश्रा को साड़ी भेंट की तो सेवा मित्र आकांक्षा (ब्यूटीशियन) और रत्ना भारती को यूनिफॉर्म सौंपी। इसके अलावा बीमा प्रीमियम की 8.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्थानांतरित की। 

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा। इसके तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं की मृत्यु होने पर परिजनों को 2 लाख रुपये मिला है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 436 रुपये है।

वहीं 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण स्थायी विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये तथा आंशिक स्थायी विकलांगता पर 1 लाख रुपये का बीमा कवर मिलता है, जिसका वार्षिक प्रीमियम 20 रुपये है। इसके अलावा सीएम ने पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को मंच पर बुलाकर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। 

Saturday, February 28, 2026

वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय की तैयारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग बना रहा इनके लिए नियमावली

वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय की तैयारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग बना रहा इनके लिए नियमावली

यूपी सरकार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की दशा सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है

23 हजार के करीब वित्त विहीन माध्यमिक स्कूल हैं यूपी में

नियमों के मुताबिक स्कूल प्रबंधन को काम करना होगा

04 लाख के करीब इनमें अंशकालिक शिक्षक काम करते हैं


लखनऊ। राज्य सरकार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग इसके लिए नियमावली तैयार कर इसमें इनकी सेवा शर्तों के साथ मानदेय तय करने जा रहा है। स्कूल प्रबंधन को इसके आधार पर शिक्षकों को रखते हुए मानदेय देना होगा। प्रदेश में इस समय करीब 23 हजार वित्तविहीन माध्यमिक स्कूल हैं और इनमें चार लाख से अधिक अंशकालिक शिक्षक हैं।

नियमावली बनाने के लिए सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। कमेटी एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें सभी बिंदुओं की गहन समीक्षा करते हुए जरूरी प्रावधान किए जाएंगे। नियमावली जारी होने के बाद स्कूल प्रबंधकों की मनमर्जी समाप्त हो जाएगी।


माध्यमिक शिक्षा में 80% इन शिक्षकों की भागीदारी

माध्यमिक शिक्षा में वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों की भागीदारी 70 से 80 प्रतिशत बताई जाती है। विधानमंडल में इनके मानदेय का मामला उठा था, इस पर सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही का आश्वासन दिया था।


नियमावली जल्द जारी होः माध्यमिक शिक्षक संघ

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री राजीव यादव कहते हैं कि वित्त विहीन शिक्षकों के लिए मजबूत सेवा नियमावली बने और सम्मानजनक मानदेय मिले। नियमावली बनाते हुए इसे जल्द जारी किया जाए।


न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय नहीं

वित्त विहीन माध्यमिक स्कूलों में अंशकालिक शिक्षकों की सेवाशर्तें 10 अगस्त 2001 को जारी शासनादेश के अनुसार निर्धारित हैं। इसके मुताबिक स्कूल प्रबंधन को अपने संसाधनों के आधार पर शिक्षकों को भुगतान करना है। यह भुगतान संपूर्ण शिक्षण सत्र के लिए नियमित रूप से किया जाएगा। इसका लेखा-जोखा भी रखा जाएगा। इसके मुताबिक शिक्षकों को मजदूरी अधिनियम में कुशल श्रमिक के लिए तय न्यूनतम मजदूरी से कम मानदेय नहीं दिया जाएगा। साथ ही भविष्य निधि एवं जीवन बीमा की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके बाद भी अधिकतर स्कूलों में शासनादेश का पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है। कुछ स्कूलों में तो 5000 से 6000 रुपये प्रतिमाह ही मानदेय दिया जा रहा है।



वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों के लिए बनेगी सेवा नियमावली, उच्चस्तरीय समिति गठित, देखें आदेश 

लखनऊः प्रदेश के 22 हजार वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की अरसे लंबित सेवा नियमावली अब तय होने वाली है। शासन ने सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जो वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली का मसौदा तैयार करेगी। 


समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को सौंपनी होगी। इसके साथ ही यह समिति वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता से संबंधित नियमावली में भी संशोधन के लिए प्रस्ताव देगी। इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी कर दिया गया।

सचिव माध्यमिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में गठित समिति में माध्यमिक शिक्षा के विशेष सचिव, शिक्षा निदेशक, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मंडल), शिक्षा निदेशक द्वारा नामित वित्तविहीन संस्था का प्रतिनिधि और कंसल्टेंट मेसर्स डेलाइट का प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। 

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति, सेवा शर्तों, कार्यकाल, दायित्व और अन्य आवश्यक पहलुओं को लेकर विस्तृत नियमावली पर विचार कर रिपोर्ट देगी। इसी के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वित्तविहीन विद्यालयों को मान्यता दिए जाने से जुड़े मानकों और शर्तों का भी पुनरीक्षण करेगी।

Tuesday, February 17, 2026

आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेगा, सीएम योगी की विधानसभा में घोषणा, कहा –शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के लिए भी काम कर रही सरकार

आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेगा, सीएम योगी की विधानसभा में घोषणा, कहा –शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के लिए भी काम कर रही सरकार


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के लिए भी सरकार काम कर रही है। हाल ही में इनके लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा हुई है। 


एक अप्रैल से पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा निशुल्क उपलब्ध होगी। सीएम ने कहा रिकॉर्ड स्तर पर पुलिस भर्तियां की गईं, महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया। युवाओं के लिए नई योजनाएं शुरू की गईं।


शिक्षामित्रों-अनुदेशकों के लिए भी काम कर रही सरकारः उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के लिए भी सरकार काम कर रही है। शिक्षक चाहे बेसिक के हों, माध्यमिक या उच्च शिक्षा केइसके अलावा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, रसोइयों को भी पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की गई है। एक अप्रैल से इसका लाभ भी मिलने लगेगा।

Saturday, December 20, 2025

विधान परिषद में मिला आश्वासन - शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि पर निर्णय जल्द, कैशलेस इलाज का भी आदेश जल्द होगा जारी

विधान परिषद में मिला आश्वासन - शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि पर निर्णय जल्द, कैशलेस इलाज का भी आदेश जल्द होगा जारी 



कैशलेस इलाज का आदेश जल्द जारी होगाः केशव

परिषद में नेता सदन ने सपा सदस्य के सवाल का दिया जवाब

लखनऊविधान परिषद में शुक्रवार को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि बीते 5 सितम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की जो घोषणा की गई थी, उसका शासनादेश अतिशीघ्र जारी किया जाएगा।

सरकार की ओर से नेता सदन केशव मौर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली घोषणा का मतलब ही होता है कि उस घोषणा को लागू किया जाएगा। केशव सपा के डा. मानसिंह यादव द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। सपा सदस्य ने पूछा था कि वित्तविहीन शिक्षकों को किसी प्रकार की सुविधा दिए जाने का निर्णय लिया गया है या नहीं। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि कैशलेस इलाज दिए जाने की घोषणा के तीन माह बीतने के बाद भी अब तक इस बारे में शासनादेश तक जारी नहीं किया गया है।




शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि पर निर्णय जल्द

परिषद में प्रश्न प्रहर में बोले बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह


लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने विधान परिषद में शुक्रवार को एक प्रश्न के जवाब में कहा कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि पर जल्द ही सरकार निर्णय लेगी। इस निर्णय से यथासमय सदन को भी अवगत कराएंगे। यह मुद्दा सपा के आशुतोष सिन्हा ने प्रश्न प्रहर में उठाया था। उन्होंने कहा कि इस ने कहा कि किसी कमेटी का कोई गठन नहीं किया गया है। संबंध में क्या कोई कमेटी का गठन किया गया है। इस पर संदीप सिंह

प्रश्न प्रहर में ही डॉ. मान सिंह यादव ने वित्तविहीन शिक्षकों को सुविधाओं का मामला उठाया। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्हें कैशलेस इलाज के लिए 89 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट दिया गया है। जल्द ही इस सुविधा के लिए शासनादेश भी जारी कर दिया जाएगा।

शिक्षक दल के ध्रुव त्रिपाठी ने संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को जीपीएफ भुगतान में आ रही दिक्कतों को सामने रखा। इस पर नेता सदन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि छह माह के अंदर नवसृजित जिलों में आ रही समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। सपा के लाल बिहारी यादव ने निजी शिक्षा बोर्ड के प्रचार-प्रसार में अधिकारियों के लगने का मुद्दा उठाया। इस पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जांच कराएंगे।

Monday, December 8, 2025

दिसंबर में तबादला न हुआ तो पांच जनवरी को निदेशालय घेरेंगे शिक्षामित्र, मानदेय वृद्धि व कैशलेश चिकित्सा सुविधा न मिलने पर बढ़ रही नाराजगी

दिसंबर में तबादला न हुआ तो पांच जनवरी को निदेशालय घेरेंगे शिक्षामित्र, मानदेय वृद्धि व कैशलेश चिकित्सा सुविधा न मिलने पर बढ़ रही नाराजगी

07 दिसम्बर 2025
लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने शिक्षामित्रों की मानदेय वृद्धि, स्थानांतरण व कैशलेश चिकित्सा सुविधा न मिलने पर नाराजगी जताई है। साथ ही दिसंबर में तबादला आदेश जारी न होने पर पांच जनवरी को निदेशालय के घेराव की चेतावनी दी है। 

संघ की दारुलशफा में रविवार को हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला व महामंत्री सुशील कुमार ने आर्थिक समस्या से जूझ रहे शिक्षामित्रों की मानदेय वृद्धि न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की है, उसको जल्द अमल में लाया जाना चाहिए। स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। 

वहीं जिलाध्यक्षों ने कहा कि शिक्षामित्रों को सरकार द्वारा सौंपे गए सभी कार्यों को वे बखूबी निभा रहे हैं। एसआईआर जैसा महत्वपूर्ण काम शिक्षामित्र भी कर रहे हैं। कैशलेस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार ने कहा कि यदि दिसंबर में विभाग द्वारा स्थानांतरण का आदेश जारी न किया गया तो 5 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के जन्मदिन पर निदेशालय का घेराव करने को शिक्षामित्र मजबूर होंगे। 



बढ़े मानदेय की आस में अधेड़ हुए शिक्षामित्र, मानदेय बढ़ाने की मांग, छुट्टियों का नहीं मिलता मानदेय

21 नवंबर 2025
करीब 25 साल पहले शिक्षा मित्र के रूप में भर्ती हुए, बाद में शासनादेश जारी कर इन्हें सहायक शिक्षक बनाया गया। अच्छा वेतन मिलना शुरू हो गया लेकिन हाईकोर्ट ने इन सहायक शिक्षकों को वापस शिक्षा मित्र बना दिया। तत्कालीन सरकार सुप्रीम कोर्ट भी गई लेकिन उच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी।


1 लाख 42 हजार शिक्षा मित्र मात्र दस हजार रुपये के मानदेय पर प्राथमिक विद्यालय में नौनिहालों का भविष्य संवार रहे है। बच्चों का भविष्य सेवारते-संवारते इनका वर्तमान अंधकार मय हो गया है। परिवार की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे। अपने बच्चों की शिक्षा, मेडिकल, माता-पिता की देखभाल, घर का किराया ऐसी न जाने कितनी मूलभूत जरूरते हैं जिन्हें पूरा करने के लिए शिक्षा मित्र बढ़े हुए मानदेय का इंतजार कर रहे हैं। 


प्राइमरी स्कूलों के चच्चों का भविष्य संवार रहे शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में हैं। प्रदेश के 1.42 लाख शिक्षामित्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं 125 वर्ष पहले सेवा में आए शिक्षामित्र मानदेय कहने की आस में अधेड़ हो गए हैं। 10 हजार रुपये मानदेय में अपने बच्चों की पढ़ाई, परिचारका चालन पोषण च इलाज का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। ब्लडप्रेसर डायटीन समेत दुसरी बीमारियों से पीड़ित हैं। इस मानदेय में ठीक से इल्कज तक नहीं करा पा रहे हैं। 

सहायक शिक्षक बनने के चाट से दोबारा बनाए गार शिक्षामित्र सरकार से मानदेय बढ़ाने की बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं। शिक्षामित्र मानदेव चढ़ोतरी के लिये धरना प्रदर्शन त मिभागीय मंत्री और अफसरों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन मानदेय नहीं बढ़ा। अब इन्हें उस पल का सबसे इंतजार है। शासनदेश के बचाव नूद शिक्षामित्रों को मृत विद्यालय नहीं भया गया है। शिक्षामित्र इतने कम मानदेय पर 20 से 50 किमी. दूर पढ़ाने नहाने के लिय सनपुर है।

1999  में भर्ती हुए शिक्षामित्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 1999 में प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये 2250 प्रति माह के मानदेय पर शिक्षामित्र भर्ती किये। वर्ष 2009 तक प्रदेश में 1.72 शिक्षामित्र सेला में लिये गए। वर्ष 2014 में तत्कालीन सपा सरकार ने शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के पद समायोजन का शासनादेश जारी किया। 

प्रदेश भर के 1.37 शिक्षामित्र की प्रतिक्षण देकर सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित किया। इन्हें शिक्षकों के समान। समान वेतन और अन्य सुविधाएं मिलनेल एक वर्ष 2015 में हाईकोर्ट शिक्षामित्रों के समायोजन पर रोक लगा दी। सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया। हालांकि कोर्ट ने सरकार को शिक्षकों की खुली भर्ती के जरिये लम्बे समय से सेवाएं देशी शिक्षामित्रों की सेवा अवधि के अनुसार तम अंक के भरांक के साथ पथन करने करने के निर्देश जारी किये। दो अलग-अलग शिक्षक भर्ती में करीब 15 हजार शिक्षामित्र ती शिक्षक बन पाए। बाकी शिक्षामित्र के पद पर कार्य कर रहे हैं।

लखनऊमें 1925 शिक्षामित्र दे रहे संचाएं लखनऊ के अलग-अलग प्राइमरी स्कूलों में 1925 शिलमित्र सेवाएं दे रहे हैं। नई स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे यत यो हैं। बच्चों को पढ़ाने से लेकर सारे काम निपटा रहे हैं। स्कूलों में परीक्ष अन्य महत्वपूर्ण काम आने पर महिला शिक्षक सीसीएल व मेडिकत अवकाश लेकर घर बैठ नाती हैं। स्कूल में परीक्षा से लेकर अन्य कामों की जिम्मेदारी शिक्षामित्रों पर आ जाती है। फिर भी शिक्षामित्र बिना छुट्टी लिपे जिम्मेदारी निभा रहे हैं लेकिन इनके मानदेय बढ़ाने पर विभागीय अधिकारियों से लेकर सरकार चुप्पी साधे हुए है।


छुट्टियों का नहीं देते मानदेय

शिक्षामित्रों का कहना है कि इन्हें सिर्फ 11 माह का मानदेय मिलता है। 14 जनवरी के बीच शीतकालीन और जून में ७ दिन गर्मियों की छुट्टियां होती है। इन छुट्टियों का मानदेय शिक्षामित्रों को नहीं मिलता है। जबकि शिक्षकों को इन दिनों का वेतन दिया जाता है। इतने कम मानदेय में दो महीने 15-15 दिन का मानेदय काटने पर सिर्फ चांच-पाच हजार रुपये मिलता है। इसमें पूरे महीने घर का राशन तक नहीं आता है। सरकार को चाहिए कि कस्तूरबा गाभी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों की तरह 11 नाह 29 दिन वा मानेवव है। मानदेय भी बढ़ाया जाए। इतने कम मानदेय में जीवन यापन करना बहुत मुश्किल ही सहा है।

Saturday, November 8, 2025

शिक्षामित्रों का न बढ़ा मानदेय, न हुआ तबादला, बेसिक शिक्षा विभाग जारी कर रहा आदेश पर आदेश


शिक्षामित्रों ने की जल्द मानदेय बढ़ाने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जल्द शिक्षामित्रों के लिए न्यायसंगत मानदेय बढ़ाने की मांग की है। संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत लगभग 1.46 लाख शिक्षामित्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। पांच सितंबर शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को जल्द ही मानदेय वृद्धि का आश्वासन दिया गया था किंतु इसे लेकर कोई निर्देश नहीं जारी हुआ है। वहीं आर्थिक तंगी व धन के अभाव में इलाज नहीं करवा पाने के कारण कई शिक्षामित्र काल के गाल में समा रहे हैं। सिर्फ अक्तूबर में ही विभिन्न कारणों से प्रदेश भर में 18 शिक्षामित्रों का निधन हुआ है। 



शिक्षामित्रों का न बढ़ा मानदेय, न हुआ तबादला, 
बेसिक शिक्षा विभाग जारी कर रहा आदेश पर आदेश


लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 1.46 लाख शिक्षामित्रों को जहां मानदेय वृद्धि मामले में झटका लगा है। वहीं उनकी गृह जनपद में तैनाती भी नहीं की जा रही है। इसे लेकर शिक्षामित्रों ने नाराजगी जताते हुए जल्द कार्यवाही की मांग की है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने कहा है कि तीन जनवरी 2025 को तत्कालीन प्रमुख सचिव ने उनका समायोजन आदेश जारी किया था। इसके बाद विभाग की ओर से मांगे गए निर्देश के क्रम में 12 जून 2025 को भी शासन ने समायोजन प्रक्रिया करने का आदेश दिया। किंतु बेसिक शिक्षा विभाग इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। इससे शिक्षामित्रों में नाराजगी है।


संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार ने मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि आर्थिक संकट के चलते प्रतिदिन किसी न किसी जिले में शिक्षामित्र की असमय मौत हो रही है। आर्थिक समस्या के चलते वह उचित इलाज नहीं करा पा रहे हैं। इसके कारण सभी शिक्षामित्र अवसाद से ग्रस्त हैं। पांच सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि व कैशलेस योजना में शामिल किए जाने की घोषणा की गई।


लेकिन दो महीने बाद भी अभी तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं जारी हुआ है। उल्टे मानदेय बढ़ाने के लिए बनाई समिति ने हाथ खड़े कर दिए हैं। मात्र 10 हजार मानदेय में वे अपने घर से 80 से 90 किमी दूर शिक्षण कार्य करने को मजबूर हैं। मानदेय बढ़ाने व समायोजन के संबंध में संगठन के पदाधिकारियों ने कई बार बेसिक शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा व निदेशक बेसिक शिक्षा से मिलकर मांग कर चुके हैं। जल्द ही इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ तो संगठन बैठक कर अग्रिम कार्यवाही के लिए बाध्य होगा। 

Friday, October 31, 2025

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के लिए गठित कमेटी ने मानदेय बढ़ोत्तरी पर निर्णय लेने से किया हाथ खड़े, कैबिनेट पर निर्णय छोड़ा

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के लिए गठित कमेटी ने मानदेय बढ़ोत्तरी पर निर्णय लेने से किया हाथ खड़े,  कैबिनेट पर निर्णय छोड़ा


लखनऊ । प्रदेश में 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करने के लिए गठित की गई कमेटी ने अपने स्तर से मानदेय बढ़ोत्तरी पर कोई निर्णय लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। शासन की ओर से गठित की गई चार सदस्यीय कमेटी ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह इस पर मंत्रिपरिषद या फिर सक्षम स्तर से कोई निर्णय लें तो ठीक होगा। क्योंकि यह इनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला है। ऐसे में मानदेय बढ़ोत्तरी के लिए शिक्षामित्रों को इंतजार करना होगा।

परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग लंबे समय से की जा रही है। शिक्षामित्रों के संगठन इस मामले में कई बार मंत्री व अधिकारियों से मिलकर मांग कर चुके हैं। ऐसे में इस प्रकरण पर शासन ने एक कमेटी बना दी थी। फिलहाल कमेटी ने शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ोत्तरी के संबंध में लंबी-चौड़ी एक्सरसाइज की लेकिन मानदेय बढ़ोत्तरी का मामला अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया है। 

शिक्षामित्रों का मानदेय छह बार बढ़ाया गया है। प्रथम मानदेय 1450 रुपये प्रति माह था और अब यह 10 हजार रुपये है जो सात गुना से अधिक है। शिक्षामित्रों को कैशलेस उपचार की सुविधा देने की भी घोषणा की गई है। वर्तमान में 1.43 लाख शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय देने पर अभी 1577.95 करोड़ रुपये व्ययभार आ रहा है।



शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने को कमेटी की रिपोर्ट पर शीघ्र निर्णय लें सरकार : हाईकोर्ट

राज्य सरकार को फिर से दिया निर्देश अवमानना याचिका खारिज

प्रयागराजः इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को एक बार फिर से शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के बारे में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट कहा है कि सरकार पूर्व निर्देश अनुपालन में मानदेय बढ़ाने के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट पर शीघ्र निर्णय ले। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने वाराणसी निवासी विवेकानंद की अवमानना अर्जी खारिज करते हुए दिया है।

 शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पूर्व में याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 को राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया था। इस समिति ने शिक्षामित्रों के सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रिपोर्ट प्रस्तुत है। रिपोर्ट पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई।

याची के अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी का कहना था कि शिक्षामित्रों को सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है। उन्हें कम से कम न्यूनतम वेतन के बराबर मानदेय दिया जाए। कोर्ट 18 सितंबर 2025 को सुनवाई के दौरान अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा सहित अन्य अधिकारियों से अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। 

सोमवार को सुनवाई के दौरान अपर मुख्य सचिव ने अनुपालन हलफनामा दाखिल किया। इसमें कहा गया कि समिति ने 21 अक्तूबर की बैठक में सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने के मुद्दे पर विचार किया है, चूंकि यह मामला समिति के दायरे से बाहर है और इसके लिए कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक है, इसलिए समिति ने अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट और हलफनामे पर विचार के बाद कहा, अवमानना याचिका लंबित रखने का औचित्य नहीं है।




शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के मामले में दाखिल अवमानना याचिका खारिज

शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ोतरी पर सरकार उचित कार्रवाई करेः हाईकोर्ट


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के मामले में दाखिल अवमानना याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह न्यायालय के निर्देश पर गठित समिति की शिक्षामित्रों के सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने की सिफारिशों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने वाराणसी के विवेकानंद की अवमानना अर्जी पर दिया है।

शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पूर्व में एक याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने 12 जनवरी 2024 को प्रदेश सरकार को चार सप्ताह के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया था। इस समिति ने शिक्षामित्रों के सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। हालांकि, कोर्ट के सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने पर वर्तमान अवमानना अर्जी दाखिल की गई।

याची अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी ने दलील दी कि शिक्षामित्रों को सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है। उन्हें कम से कम न्यूनतम वेतन के बराबर मानदेय दिया जाए। 18 सितंबर 2025 को कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सहित अन्य अधिकारियों से अनुपालन का हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। 

सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अनुपालन हलफनामा दाखिल किया। इसमें कहा गया कि समिति ने 21 अक्तूबर 2025 को बैठक में सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने के मुद्दे पर विचार किया। इस दौरान निर्णय लिया कि यह मामला समिति के दायरे से बाहर है। इसके लिए मंत्रिमंडल की स्वीकृति आवश्यक है। समिति ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।

कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट और हलफनामे पर विचार करने के बाद अवमानना अर्जी खारिज कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देशित किया कि वह शिक्षामित्र के मानदेय को बढ़ाने को लेकर समिति की सिफारिश पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। 





अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा आदेश का पालन करें या हाजिर हों,  हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने के मामले में अवमानना पर दिया आदेश 

19 सितंबर 2025
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को निर्देश दिया कि वह शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के मामले में का पालन करते हुए अनुपालन हलफनामा दाखिल करें या 27 अक्तूबर को हाजिर हों। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने वाराणसी के विवेकानंद की अवमानना अर्जी पर दिया।

हाईकोर्ट में 18 सितंबर 2025 को सुनवाई में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा, शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल और सचिव यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड सुरेंद्र कुमार तिवारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। इनके हलफनामों को कोर्ट ने रिकॉर्ड में ले लिया। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सुनवाई के दौरान अनुपस्थित थे लेकिन सचिव  19 सितंबर तक पूरी उन्होंने छूट के आवेदन के साथ अपना हलफनामा प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने बृहस्पतिवार लिए व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी।

सरकारी वकील ने कोर्ट से रिट कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। वहीं, याची ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई और कहा कि पिछली बार भी समय मांगा गया था लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया।

कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार को अगली सुनवाई की तारीख 27 अक्तूबर 2025 पर एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इस हलफनामे में रिट कोर्ट के आदेश का पूर्ण अनुपालन दिखाया जाना चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि वह ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन पर आरोप तय करने के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। वहीं, अन्य अधिकारियों को अगले आदेश तक व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी गई है।




शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने पर विचार करें या हाईकोर्ट आएं, बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को हाईकोर्ट की हिदायत

सम्मानजनक मानदेय का दिया गया था आदेश पर नहीं हुई कोई कार्यवाही

हाईकोर्ट में बताया गया कि 2023 में जितेंद्र कुमार भारती सहित 10 अन्य ने शिक्षामित्रों ने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने इस मांग को मानने से इन्कार कर दिया था हालांकि कोर्ट ने शिक्षामित्रों के मानदेय को न्यूनतम मानते हुए राज्य को समिति का गठन कर एक सम्मानजनक मानदेय निर्धारित करने का निर्देश दिया था। अब तक समिति का गठन व मानदेय बढ़ाए जाने पर सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिए जाने पर वाराणसी के विवेकानंद ने अवमानना याचिका दाखिल की है।


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग को शिक्षामित्रों शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के लिए कमेटी गठित कर निर्णय लेने के आदेश का पूरी तरह से पालन करने या विभाग के संबंधित चार अफसरों को 11 सितंबर को हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने वाराणसी के विवेकानंद की अवमानना याचिका पर अधिवक्ता सत्येन्द्र चंद्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है।


कोर्ट ने महानिदेशक स्कूली शिक्षा/प्रोजेक्ट डायरेक्टर समग्र शिक्षा कंचनवर्मा, डायरेक्टर बेसिकशिक्षाप्रताप सिंह बघेल, सचिव बेसिक शिक्षा बोर्ड सुरेन्द्र कुमार तिवारी व अपर मुख्यसचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार को आदेश के अनुपालन हलफनामा दाखिल करने या सुनवाई की अगली तारीख पर अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया है। है। एडवोकेट सत्येन्द्र का कहना है कि हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार को कमेटी गठित कर तीन माह का समय दिया था।


इस आदेश की विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी गई लेकिन अब तक आदेश का पालन नहीं किया गया है। इस पर यह अवमानना याचिका की गई है। इससे पहले कोर्टने विपक्षियों से जानकारी मांगी थी। हलफनामा दाखिल कर एक माह का अतिरिक्त समय मांगा गया। इस पर कोर्ट ने आदेश का पालन कर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है और कहा है कि यदि पालन नहीं किया तो सभी चारों अधिकारी न्यायालय में हाजिर हों।


Wednesday, October 15, 2025

शिक्षामित्रों को जल्द मिलेगा यूपी सरकार का उपहार, बोले योगी सरकार के मंत्री अनिल राजभर

शिक्षामित्रों को जल्द मिलेगा यूपी सरकार का उपहार, बोले योगी सरकार के मंत्री अनिल राजभर 


लखनऊः शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद अब डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को सरकार की ओर से जल्द खुशखबरी मिलने की उम्मीद है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मंगलवार को कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में सकारात्मक फैसला लेने जा रही है। वे विधानभवन के तिलक हाल में आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित शिक्षामित्र के भविष्य निर्धारण विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।


कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के संघर्ष और समर्पण को भली-भांति समझती है। बहुत जल्द उनकी मेहनत का परिणाम सामने आएगा। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और लगन से विद्यालयों में शिक्षण कार्य करते रहें। 

एसोसिएशन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अमरेंद्र दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पांच सितंबर को शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि और अन्य सुविधाएं बढ़ाने का संकेत दिया था। अब पूरा प्रदेश इंतजार कर रहा है कि यह घोषणा कब अमल में आएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरीकिशोर तिवारी ने की। कार्यशाला में प्रदेशभर से शिक्षामित्र पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष और महिला प्रतिनिधि मौजूद थे।

Friday, October 10, 2025

मांग : शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयों को एक-दो तारीख को दिया जाए मानदेय

मांग : शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयों को एक-दो तारीख को दिया जाए मानदेय

उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने महानिदेशक से मिलकर उठाई मांग


लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की भांति ही शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइयों को एक-दो तारीख को मानदेय दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।


इसके लिए उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी से मिला। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अभी तक पूरी तरह फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई है।

कहा- सभी विद्यालयों में हो पर्याप्त फर्नीचर की व्यवस्था
इसको पूरा कराया जाए। कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे बच्चों को बहुत ही ज्यादा असुविधा होती है। कायाकल्प योजना में शौचालय निर्माण कराया जाए।

उन्होंने मांग की कि प्रदेश में कार्यरत 23 अगस्त 2010 के पूर्व के शिक्षकों को केंद्र से बात करके शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से राहत दी जाए। उन्होंने कहा की जिले के अंदर व एक से दूसरे जिले में शिक्षकों के परस्पर तबादले के लिए पोर्टल खोला जाए। ताकि शिक्षकों को पेयर ढूंढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सकें। महानिदेशक ने शिक्षकों को समस्याओं के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया।

इससे पहले संघ की प्रांतीय बैठक दारुल सफ़ा में हुई। बैठक में शिक्षकों व शिक्षा की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। महानिदेशक से मिलने वालों में प्रदेश महामंत्री संदीप दत्त, प्रदेश महासचिव जमशेद शरीफ, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल, इकशाद अली, विद्या निवास यादव, अरविंद यादव, अजित सिंह आदि उपस्थित थे।

Tuesday, September 30, 2025

हाईकोर्ट ने पूछा : बीएसए बताएं... किस नियम के तहत अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को नियमित नहीं किया?

हाईकोर्ट ने पूछा : बीएसए बताएं... किस नियम के तहत अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को नियमित नहीं किया? 

बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत एटा निवासी ने दाखिल की है याचिका, नियुक्ति के बाद भी मिल रहा 2550 रुपये मानदेय


बड़ी संख्या में अनुकंपा के आधार पर कई आश्रितों की निश्चित मानदेय पर नियुक्तियां की गई हैं। यह उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक की मृत्यु के उपरांत उसके आश्रितों की भर्ती नियमावली-1974 की अवहेलना है। - इलाहाबाद हाईकोर्ट


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुकंपा के आधार पर की गई नियुक्ति को नियमित करने में कथित मनमानी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने एटा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को तलब कर उनसे पूछा है कि किस प्रावधान के तहत अनुकंपा नियुक्ति निश्चित वेतन पर की जा रही है।


याची की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को नियमित करने में क्या कानूनी अड़चन आ रही है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने आशीष कुमार की याचिका पर दिया है। आशीष कुमार सिंह ने चतुर्थ श्रेणी पद पर अनुकंपा नियुक्ति को नियमित करने और 15 सितंबर 2007की प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से सभी परिणामी लाभ दिए जाने की मांग कर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।


अधिवक्ता ने दलील दी कि बीएसए ने याची के समान मामले में दिनेश कुमार नाम के एक व्यक्ति का मर्जी के अनुसार उसकी सेवाओं को प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से नियमित कर दिया है। सभी परिणामी लाभ दिए। वहीं, याची को उसके वैध हक से वंचित किया जा रहा है। याची को करीब 18 साल बाद भी केवल 2550 रुपये के अल्प निश्चित वेतन पर जीवनयापन करने के लिए छोड़ दिया गया है।


हाईकोर्ट ने बीएसए को 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट के समक्ष स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही रजिस्ट्रार अनुपालन व प्रतिवादी वकील को इस आदेश को तत्काल बीएसए को प्रेषित करने का निर्देश दिया है।

Thursday, September 18, 2025

आंगनबाड़ी मिलेगा बढ़ा मानदेय और स्मार्टफोन, सीएम योगी का बड़ा ऐलान

आंगनबाड़ी मिलेगा बढ़ा मानदेय और स्मार्टफोन, सीएम योगी का बड़ा ऐलान 


लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन दिया जाएगा व उनके मानदेय में वृद्धि की जाएगी। इस अभियान के तहत यूपी में 75 जिलों में व्यापक स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत भी हुई, जिसमें महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुधवार को मध्य प्रदेश के धार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान' और आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, केजीएमयू में प्रदेशस्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत की और इस दौरान मानदेय बढ़ाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बच्चों को तिलक लगाकर अन्नप्राशन कराया और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई के साथ पोषाहार वितरित किया। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर उनके साथ जुड़ रहा है। 

Monday, September 8, 2025

प्रदेश के 1.68 लाख शिक्षामित्र अनुदेशक देख रहे राहत की राह, मानदेय में बढ़ोतरी कर लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में बढ़ेंगे कदम

प्रदेश के 1.68 लाख शिक्षामित्र अनुदेशक देख रहे राहत की राह, मानदेय में बढ़ोतरी कर लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में बढ़ेंगे कदम 


 लखनऊः प्रदेश के 1.68 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की उम्मीद बढ़ गई है। इनका मानदेय बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश सरकार सकारात्मक फैसला लेगी। अब कमेटी की रिपोर्ट का सभी उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

 प्रदेश में इस समय 1,43,450 शिक्षामित्र और 25,223 अनुदेशक कार्यरत हैं। शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये और अनुदेशकों को 9,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। इनमें से करीब 60 हजार शिक्षामित्र टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण कर चुके हैं। इन शिक्षामित्रों को उम्मीद है कि उनकी योग्यता और मेहनत को देखते हुए सरकार मानदेय बढ़ाने का बड़ा निर्णय करेगी। 

इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी की अनिवार्यता कर दी है। इस आदेश से बगैर टीईटी वाले शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। वे अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। वहीं, टीईटी पास शिक्षामित्रों को भरोसा है कि योग्यता आधारित नीति के तहत उन्हें वरीयता और बेहतर मानदेय मिलेगा। सभी का मानना है कि सरकार कमेटी की रिपोर्ट के बाद जल्द ही ठोस निर्णय लेगी। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जल्द ही सरकार मानदेय में बढ़ोतरी कर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।



शिक्षक दिवस पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान, शिक्षामित्र और अनुदेशकों का बढ़ेगा मानदेय


शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम योगी ने बड़ा ऐलान किया है। दिवाली से पहले सीएम योगी ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को तोहफा दिया है। सीएम योगी ने ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा।


शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम योगी ने बड़ा ऐलान किया है। दिवाली से पहले सीएम योगी ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को तोहफा दिया है। सीएम योगी ने ऐलान करते हुए कहा कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। 

प्रदेश में शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें बेसिक माध्यमिक वित्त विभिन्न अशासकीय विद्यालयों के करीब 9 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। 

वहीं एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है जो शिक्षामित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के बारे में जल्द ही अपनी संस्तुति देगी, उसी आधार पर सरकार मानदेय की घोषणा करेगी।

Wednesday, August 13, 2025

शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं

शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं


बेसिक शिक्षा मंत्री ने नौगांवा सादात के सपा विधायक समरपाल सिंह के प्रश्न पर स्पष्ट किया कि फिलहाल शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 


उन्होंने बताया कि पहले शिक्षामित्रों को 3500 रुपये मानदेय मिलता था जिसे 20 सितंबर 2017 को बढ़ाते हुए 10 हजार रुपये कर दिया गया है। सपा विधायक ने अनुपूरक प्रश्न के दौरान मुस्कुराते हुए कहा... मंत्री जी, कल्याण सिंह भी शिक्षक थे। शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर उनकी आत्मा आपको आशीर्वाद देगी। इस पर पूरा सदन हंस पड़ा। संदीप सिंह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र हैं।


Wednesday, August 6, 2025

शिक्षामित्रों ने फिर मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड की मांग की

शिक्षामित्रों ने फिर मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान कार्ड की मांग की


 लखनऊ : प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों ने एक बार फिर मानदेय बढ़ाने और आयुष्मान भारत योजना की सुविधा दिए जाने की मांग दोहराई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा गया है ताकि उन्हें अपनी समस्याएं बताई जा सकें।

संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र वर्षों से विद्यालयों में कार्यरत हैं, लेकिन बीते आठ वर्षों से उनके मानदेय में एक भी रुपया नहीं बढ़ाया गया है। लगातार मांग और आंदोलनों के बावजूद सरकार ने सिर्फ आश्वासन दिए हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में इतने कम मानदेय में गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। 

संघ पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने पहले घोषणा की थी कि शिक्षामित्रों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा सुविधा दी जाएगी, लेकिन अब तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ।




शिक्षामित्रों की मांगों पर नहीं हो रहा काम, संगठन हैरान, सीएम योगी से मुलाकात के लिए  समय देने की मांग 


उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों का पिछले कई साल से मानदेय नहीं बढ़ा है। वह 10 हजार रुपये में कैसे अपना परिवार चलाएं। इसके लिए उनके द्वारा सरकार, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के सामने कई बार मुद्दा उठाया गया। किंतु उनको सिर्फ आश्वासन ही मिला.

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने कहा है कि छह महीने से मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनके सामने अपनी समस्या रख सकें। किंतु इसके लिए भी समय नहीं मिल पाया है। संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा कि दिन-प्रतिदिन शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। 


अधिकांश शिक्षामित्र बीमारियों से जूझ रहे हैं। पूर्व में शिक्षामित्रों को आयुष्मान कार्ड से आच्छादित करने की घोषणा की गई थी। किंतु अभी तक उस पर विभागीय कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसी तरह शेष शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हो पाई है।

उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि सीएम संगठन के पदाधिकारियों को मिलने के लिए समय दें। साथ ही मानदेय वृद्धि व आयुष्मान कार्ड का लाभ जल्द देने के लिए निर्देश जारी करें। ताकि शिक्षामित्र अपना और परिवार का भरण-पोषण कर सकें।

Sunday, July 20, 2025

सीएम योगी से नहीं मिल पा रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों में मायूसी, 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में दिया था धरना

सीएम योगी से नहीं मिल पा रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों में मायूसी, 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में दिया था धरना


20 जुलाई 2025
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात न कराए जाने को लेकर उनमें मायूसी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों को रखने के लिए 27 मई से 19 जून तक ईको गार्डन में धरना दिया था।

19 जून को मुख्यमंत्री के ओएसडी एनकेएस चौहान ने मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था। मगर एक महीने बीतने के बाद भी सीएम से मुलाकात समय न मिलने से शिक्षामित्र निराश हैं। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया कि टीईटी पास शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर समायोजन और सम्मानजनक मानदेय देने की मांग कर रहे हैं। 



आश्वासन पर टीईटी पास शिक्षामित्रों का धरना स्थगित

20 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के ओएसडी से आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित कर दिया। शिक्षामित्र स्थायीकरण करने, विभागीय टेट करवाने, सम्मानजनक मानदेय और समान सुविधाएं और महिलाओं का अंतरजनपदीय स्थानांतरण शेड्यूल आदि की मांग को लेकर बीते 24 दिन से ईको गार्डेन में धरना दे रहे थे। 



टीईटी पास शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से नहीं हुई मुलाकात, धरना जारी रखेंगे
18 जून 2025
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की आस में बीते 22 दिन से ईको गार्डेन में धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों की मंगलवार को भी मुख्यमंत्री से मुलाकात नही हो पाई। प्रशासन के अधिकारियों ने सीएम से मुलाकात कराने का आश्वासन देकर सीएम आवास बुलाया था। सीएम से मुलाकात न होने के बाद शिक्षामित्रों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। 

शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र 27 मई से ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। शिक्षामित्रों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की लगातार मांग को देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों ने मंगलवार को मुलाकात कराने का आश्वासन देकर सीएम आवास बुलाया था।

 संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि सीएम आवास पहुंचने के बाद अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के बाहर होने की वजह से मुलाकात नही हो सकेगी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से जनता दरबार की तरह मुलाकात कराई और ज्ञापन दिलवाया। 


सीएम योगी से मिलने के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने भोजन त्यागकर किया प्रदर्शन

14 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने शनिवार को एक दिन का भोजन त्याग कर प्रदर्शन किया। शिक्षामित्र स्थायी किए जाने की मांग के लिए 19 दिन से भीषण गर्मी में ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र 27 मई से धरना दे रहे हैं। लेकिन, मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे नाराज 11 शिक्षामित्रों ने एक दिन का भोजन त्याग कर सीएम से मुलाकात की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने सीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार पालना मुश्किल हो रहा है। 



मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की मांग पर अड़े टीईटी पास शिक्षामित्र

13 जून 2025
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की आस लगाए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को भी भीषण गर्मी में धरना जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात होने तक उनका धरना जारी रहेगा।

शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षामित्र बीती 27 मई से ईको गार्डेन में धरना देकर स्थायी करने की मांग कर रहे हैं। मांगों पर कोई सुनवाई न होने पर शिक्षा मित्र मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग पर अड़ गए हैं। 

समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि 10 हजार रुपये महीना मानदेय दिया जाता है। इसमें परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। शासन स्तर पर कोई सुनवाई नही हो रही है। अब मुख्यमंत्री से ही न्याय ही आस बची है। उन्होंने कहा कि हम लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके सामने अपनी समस्या रखना चाहते हैं।



शिक्षामित्रों ने सीएम योगी को पोस्टकार्ड भेज लगाई न्याय की गुहार, स्थायी करने की मांग को लेकर 16 दिन से गर्मी में शिक्षामित्र दे रहे हैं धरना 

12 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग को लेकर बीते 16 दिन से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम लिखे पोस्ट कार्ड लहराकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को पोस्ट कार्ड भेज कर मुलाकात का समय मांगा और न्याय की गुहार लगाई।

 इस दौरान सीएम को डाक के जरिये करीब 80 पोस्टकार्ड भेजे गए। शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले टीईटी पास शिक्षा मित्र बीती 27 मई से भीषण गर्मी में ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। मांगों पर सुनवाई न होने पर शिक्षा मित्रों ने पोस्ट कार्ड पर मुख्यमंत्री के नाम संदेश लिख कर प्रदर्शन किया।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को 80 पोस्ट कार्ड भेजे गए हैं, जिसमें उनसे मुलाकात का समय देने और समस्या को दूर करने की गुहार लगाई गई है। उन्होंने सीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इतना कम मानदेय भी साल में सिर्फ 11 महीना ही दिया जाता है। 




आज से लखनऊ में जुटेंगे टीईटी पास शिक्षामित्र, 15 दिनों से धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने शासन की उदासीनता के चलते आंदोलन तेज करने का लिया निर्णय

11 जून 2025
लखनऊ। स्थायी किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को ईको गार्डेन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से टीईटी पास शिक्षामित्रों का हुजूम जुटेगा। बीते 15 दिनों से धरना दे रहे शिक्षामित्रों ने शासन की उदासीनता के चलते आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। 

उन्होंने शिक्षामित्रों से धरने में शामिल होने का आह्वान किया है। शिक्षक/शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले 27 मई से टीईटी पास शिक्षामित्र ईको गार्डेन में धरना दे रहे हैं। समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि तपती धूप में धरना देने के बावजूद शासन शिक्षामित्रों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। 



शिक्षामित्रों ने केक काटकर मनाया सीएम योगी का बर्थडे, मांगा स्थायी करने का रिटर्न गिफ्ट 

05 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग के लिए ईको गार्डन में धरने के दसवें दिन बृहस्पतिवार को टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सीएम योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन मनाया। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने सीएम योगी के जन्मदिन पर केक काटा और लड्डू बांटा। साथ ही पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सीएम हमारे अभिभावक हैं। ईको गार्डन में शिक्षामित्र दस दिन से धरना दे रहे हैं। ऐसे में सीएम को चाहिए कि वे हमारे त्याग को देखकर हम लोगों के जीवन में हरियाली भरने का काम करें। धरने में प्रदेश महामंत्री अनुज कुमार त्रिपाठी, संगठन मंत्री विकास शर्मा, सचिव उबैद अहमद सिद्दीकी, प्रवक्ता मनोज कुमार द्विवेदी, मीडिया प्रभारी नेमचंद्र वर्मा आदि शामिल हुए। 




मांग पूरी होने की उम्मीद लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने किया सुंदरकांड का पाठ
 
04 जून 2025
लखनऊ। स्थायी करने की मांग के लिए आठ दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ कर प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह हनुमान जी बिगड़े काम बनाते हैं उसी तरह सीएम शिक्षामित्रों का काम बनाएंगे।

 शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि आठ दिन से इस भीषण गर्मी में शिक्षामित्र मुख्यमंत्री से मिलने की आस लगाए हैं। संगठन मंत्री विकास शर्मा एवं महामंत्री अनुज त्रिपाठी ने कहा कि हनुमान जी की तरह सीएम योगी हमारे कष्टों को दूर करें।



स्थायी किए जाने के लिए सात दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सोमवार को हाथों में रोटी लेकर प्रदर्शन किया

3 जून 2025
लखनऊ। स्थायी किए जाने के लिए सात दिनों से धरना दे रहे टीईटी पास शिक्षामित्रों ने सोमवार को हाथों में रोटी लेकर प्रदर्शन किया। अपने बच्चों के साथ ईको गार्डन पहुंचे शिक्षामित्रों ने कहा कि बेहद कम मानदेय में परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है।

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि 10 हजार रुपये मानदेय में परिवार की रोटी चला पाना मुश्किल हो रहा है। इतना कम मानदेय साल में सिर्फ 11 महीना ही दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा तो कुशल श्रमिकों का पारिश्रमिक है। उन्होंने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश की तरह यूपी के टीईटी पास शिक्षामित्रों को भी नियमित करने की मांग की। प्रदेश संगठन मंत्री विकास शर्मा ने कहा कि जिन शिक्षामित्रों ने टीईटी नहीं पास की है, उन्हें टीईटी की योग्यता को पूर्ण कराते हुए स्थायी करने की व्यवस्था की जाए।




टीईटी पास शिक्षामित्र आज हाथ में रोटी लेकर करेंगे प्रदर्शन

2 जून 2025
लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन छह दिनों से ईको गार्डन में जारी है। अब दो जून को शिक्षामित्र हाथ में रोटी लेकर प्रदर्शन करेंगे। शिक्षक शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले शिक्षामित्रों ने रविवार को मानव श्रृंखला बनाकर अपनी आवाज बुलंद की। 

प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया कि टीईटी पास शिक्षामित्रों को अनुभव के आधार शिक्षक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मानदेय बढ़ाने की मांग की। मानव श्रृंखला में लखनऊ, अमेठी, चंदौली, गोरखपुर, शाहजहांपुर, जालौन, उन्नाव, वाराणसी, बलरामपुर, सहारनपुर के शिक्षामित्र शामिल रहे। 





सुनवाई न होने से नाराज टेट पास शिक्षामित्रों ने झाडू लगाकर जताया विरोध, नियमित करने की मांग को लेकर  धरना पांचवें दिन भी रहा जारी

01 जून 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने शनिवार को धरना स्थल पर झाडू लगाकर प्रदर्शन किया। नियमित करने की मांग के लिए ये शिक्षामित्र पांच दिन से ईको गार्डन में धरना दे रहे हैं। सुनवाई न होने से नाराज शिक्षामित्रों ने सफाई अभियान चलाकर विरोध जताया। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षामित्रों को नियमित करते हुए सहायक अध्यापक बना दिया गया, लेकिन प्रदेश में एनसीटीई के मानकों को पूरा करने के बावजूद करीब 50000 प्रशिक्षित शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हैं। 

उन्होंने बताया कि टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण करने के बावजूद प्रदेश में शिक्षामित्रों को 333 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से महीने में मात्र 10 हजार रुपये ही मानदेय मिलता है। ये मानदेय सिर्फ 11 महीने ही दिया जाता है। उन्होंने शिक्षामित्रों को स्थायी करने की मांग की। 



स्थायी करने की मांग के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों का धरना जारी

29 मई 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने स्थायी करने की मांग की है। मांग को लेकर ईको गार्डन में उनका धरना दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। उन्होंने सीएम से योग्य शिक्षामित्रों को स्थायी करने की मांग की। 

शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने बताया कि प्रदेश में करीब 50000 शिक्षामित्र टीईटी व सीटीईटी पास है जो एनसीटीई के शिक्षक बनने की योग्यता के मानकों को पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में टीईटी और सीटीईटी पास करने वालों को नियमित करते हुए सहायक अध्यापक बना दिया गया है। लेकिन, यूपी में शिक्षामित्रों को 333 रुपये रोजाना के हिसाब से महीने में मात्र 10 हजार रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। 

इतने कम मानदेय में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक मानदेय बढ़ाया जाए। 



स्थायी करने के लिए टीईटी पास शिक्षामित्रों ने दिया धरना

28 मई 2025
लखनऊ। टीईटी पास शिक्षामित्रों ने मंगलवार को ईको गार्डन में धरना देकर स्थायी करने की मांग की। शिक्षक-शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले जुटे शिक्षामित्रों की अगुवाई कर रहे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुडडू सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.46 लाख शिक्षा मित्र तैनात हैं। इनमें से 50 हजार टीईटी व सीटीईटी पास हैं। 


उन्होंने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों की तर्ज पर इन शिक्षा मित्रों को योग्यता और अनुभव के आधार पर नियमित करने की मांग की। 

कहा, मांगे पूरी होने तक शिक्षामित्रों को 12 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों के समान चिकित्सकीय अवकाश, 14 सीएल और अन्य अवकाश देने की भी मांग की। 



प्रदर्शन में फूटा प्रदेश के शिक्षामित्रों का दर्द, 'मजदूर से भी कम वेतन, नौतपा में तपने को मजबूर', महज 10 हजार रु. मानदेय, लेकिन स्थायी नियुक्ति नहीं


लखनऊ । सीटीईटी (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पास शिक्षामित्रों ने हंगामा किया। इको गार्डन में धरने पर बैठे शिक्षामित्रों ने कहा- सालों से महज 10 हजार के मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। एनसीटी की गाइडलाइन के तहत सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती पाने की योग्यता रखते है। इसके बाद भी सरकार सहायक अध्यापक पद पर परमानेंट तैनाती नहीं दे रही है।

इको गार्डन में धरने की अगुवाई कर रहे प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने बताया- करीब 25 सालों से हम शिक्षामित्र विभाग के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नौतपा में तपते हैं। स्कूलों के विकास में शिक्षकों से कम हम शिक्षामित्रों का योगदान नहीं है। जहां शिक्षक मना करते हैं वहां शिक्षामित्र जाते हैं

सिंह ने कहा, जहां शिक्षक काम करने से मना करते हैं। वहां शिक्षामित्र बखूबी काम करता है। बावजूद इसके आज प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा शिक्षक टीईटी - सीटीईटी क्वालीफाई करने के बावजूद सहायक अध्यापक की तैनाती पाने को तरस रहे हैं।


भाजपा सरकार के आठ साल बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई

गुड्डू सिंह ने कहा- साल 2017 से प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद हमें उम्मीद थी कि अब हमारी सुनवाई होगी। पर सरकार बने हुए 8 साल हो गए पर अब तक हमें सिर्फ भरोसा मिला। उन्होंने कहा- किसी से हमारी पीड़ा को समझा तक नहीं। कई सालों तक अफसरों ने टाइम पास किया, कोई कार्रवाई नहीं की। बेसिक शिक्षा मंत्री से भी हम मिले पर हमें न्याय नहीं मिला। अब सिर्फ मुख्यमंत्री से ही हमें उम्मीद है।

Saturday, July 12, 2025

समर कैंप कराने वाले शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय का है इंतजार

समर कैंप कराने वाले शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय का है इंतजार


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में नवाचार करते हुए इस साल 21 मई से 15 जून तक पहली बार समर कैंप का आयोजन किया गया। इसके आयोजन की जिम्मेदारी विद्यालयों में तैनात रहे 1.42 लाख शिक्षामित्रों व 25 हजार अनुदेशकों को दी गई थी। इसके लिए 6000 रुपये मानदेय तय किया गया था, लेकिन अभी तक इसका भुगतान नहीं किया गया है। इसके लिए वे अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। 


उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार ने कहा कि इसके लिए उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार से मिलकर जल्द मानदेय जारी करने की मांग की है। 


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को यूं ही 11 महीने का मानेदय दिया जाता है। हमने गर्मी में भी विभाग के निर्देश पर इसीलिए काम किया कि समय से मानदेय मिल जाएगा। लेकिन, अभी तक उनका मानदेय नहीं मिला है।