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Tuesday, April 20, 2021

यूटा की शिक्षकों से अपील - तबीयत लगे खराब तो चुनाव ड्यूटी पर न जाएं, जान की परवाह जरूरी।

यूटा की शिक्षकों से अपील - तबीयत लगे खराब तो चुनाव ड्यूटी पर न जाएं, जान की परवाह जरूरी।

पंचायत चुनाव में होने वाले प्रशिक्षणों से संक्रमण वापस लेकर लौटे शिक्षकों को जान गंवानी पड़ रही। 


सरकारी प्राइमरी शिक्षकों ने गुहार लगाई है कि सरकार पंचायत चुनाव स्थगित कर दें। कोरोना संक्रमण के कारण बीते हफ्ते में बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग सौ से ज्यादा शिक्षक व अधिकारी अपनी जान से हाथ धो चुके हैं।  शिक्षकों में इस कदर गुस्सा है कि यूटा (युनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन) ने एक अपील जारी कर कहा है कि यदि शिक्षक को अपनी तबीयत जरा-सी भी खराब लग रही है तो ड्यूटी पर न जाएं, निलम्बित हो जाएं। निलम्बन को बाद में देखा जाएगा लेकिन जान बचाना जरूरी है। 


यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा है कि यदि सरकार को हमारी जान की परवाह नहीं है तो हमें ये खुद देखना होगा कि हमारे लिए क्या जरूरी है। शिक्षकों को पिछले एक साल से कई तरह के काम कर रहे हैं लेकिन अब पंचायत चुनाव में संक्रमण घर तक पहुंच रहा है। पंचायत चुनाव में होने वाले प्रशिक्षणों से संक्रमण वापस लेकर लौटे शिक्षकों को जान गंवानी पड़ी।  


विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने निर्वाचन आयुक्त व मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर मांग की है कि बढ़ते कोरोना संक्रमण में पंचायत चुनाव और कहर बरपाएगा। उच्च न्यायालय तक बंद कर दिया गया है जहां केवल सीमित लोग ही जाते हैं। लेकिन पंचायत चुनाव जिसमें ट्रक और ट्रैक्टर में शहरों से भर कर लोग लाए जाते हैं, उन्हें नहीं टाला जा रहा है। इस तरह गांवों तक कोरोना फैल जाएगा। संतोष तिवारी के मुताबिक रविवार को लखनऊ मण्डल में लगभग एक दर्जन शिक्षकों की मौत हो गई।

शुरू हुईं ऑनलाइन कक्षाएं, निजी स्कूल नई किताबें व यूनिफार्म खरीदने के लिए बना रहे दबाव

शुरू हुईं ऑनलाइन कक्षाएं, निजी स्कूल नई किताबें व यूनिफार्म खरीदने के लिए बना रहे दबाव


प्रयागराज : पिछले सत्र में एक भी दिन विद्यार्थी स्कूल नहीं गए। बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई की। नए सत्र पर भी कोरोना की काली छाया पड़ रही है। तमाम स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, कुछ में चल रही है। कई स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करा दी है। इन सब के बीच राहत वाली बात यह कि स्कूलों में किसी भी तरह का पाठ्यक्रम नहीं बदला है। विद्यार्थी पुरानी किताबें लेकर आगे की पढ़ाई कर सकते हैं।


स्कूल की तरफ से नई किताबों को खरीदने का भी दबाव नहीं बनाया जाएगा। कुछ स्कूलों ने तो पुस्तक बैंक भी बनाई है जिसमें वह पुरानी किताबें एकत्र कर जरूरतमंद बच्चों को दे रहे हैं। इसके लिए वह किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले रहे। यह कदम कोरोना काल में अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उठाया जा रहा है।


हालांकि तमाम अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूलों की तरफ से नई किताबों को खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कुछ स्कूल विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान यूनिफार्म पहनकर बैठने के लिए भी निर्देशित कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे घर में हैं तो यूनिफार्म की क्या जरूरत है। कोरोना काल में अनावश्यक रूप से ड्रेस खरीदने का दबाव ठीक नहीं हैं।


सभी स्कूलों में दोबारा शुरू हुईं ऑनलाइन कक्षाएं, अभिभावकों की शिकायत, स्कूल नई किताबें खरीदने के लिए बना रहे दबाव


निजी स्कूल अनावश्यक रूप से दबाव बना रहे हैं। आर्थिक बोझ भी डाल रहे हैं जबकि पढ़ाई सुचारू ढंग से नहीं हो रही है। कापियों के मूल्य बढ़ने के साथ ही कुछ स्कूल नई किताब खरीदने का भी दबाव बना रहे हैं। इसके लिए खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। - विजय गुप्त, अभिभावक एकता समिति।

मेरा पुत्र सिविल लाइंस के निजी विद्यालय में पढ़ता है। पिछले सत्र में आधा पाठ्यक्रम भी नहीं पूरा कराया जा सका। नए सत्र में फीस 15 फीसद बढ़ा दी गई है। स्कूल प्रबंधन से मांग है कि कोरोना काल में फीस माफ की जाए। ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़े। - संजय द्विवेदी, अभिभावक।

इस बार भी कक्षाएं ऑनलाइन शुरू हो गई हैं। पुरानी किताबें मिलें तो वह उसे लेकर पढ़ाई कर सकते हैं। नई किताबों का कोई दबाव नहीं है। - फादर थामस कुमार, प्रधानाचार्य सेंट जोसफ इंटर कॉलेज।

पुरानी किताबें मिल जाएं तो उसे लेकर पढ़ाई करें। हां कॉपियों को जरूर लेना होगा। इस बार कॉपियां अनिवार्य रूप से जांची जाएंगी। सुझाव भी बच्चों को दिए जाएं। -डा. विनीता इसूवियस, प्रधानाचार्य जीएचएस।

पुरानी किताबें यदि बच्चों को मिल जाएं तो वह उसे लेकर पढ़ाई कर सकते हैं। शिक्षक भी अध्ययन सामग्री बच्चों के वाट्सएप पर भेज रहे हैं, वेबसाइट पर भी मैटर है। -डेविड ल्यूक, प्रधानाचार्य, बीएचएस।

स्कूल में करीब 150 बच्चों ने पुरानी किताबें जमा कराई हैं। उसे जरूरतमंदों को दिया जा रहा है। अन्य विद्यार्थी भी स्कूल या अपने आसपास के बच्चों को किताबें दे सकते हैं। - अर्चना तिवारी, प्रधानाचार्य, टैगोर पब्लिक।

लापरवाही : अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन माह से नहीं मिल सका वेतन

लापरवाही : अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षकों को तीन माह से नहीं मिल सका वेतन


प्रयागराज : अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत आए अध्यापकों का वेतन भुगतान तीन महीने से बाधित है। इसकी वजह से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कोरोना काल में यह स्थिति और भी गंभीर हो रही है। खास बात यह कि सभी शिक्षकों के आवश्यक प्रपत्र लेखा कार्यालय में भी पहुंच चुके हैं लेकिन ब्लॉकों को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।


शिक्षक नेता ब्रजेन्द्र सिंह ने बताया कि विकासखंड में शिक्षकों के प्रपत्र न पहुंचने से वेतन बनाने में असुविधा हो रही है। कुछ बिल प्रभारियों का यह कहना है कि वेतन लगाने के लिए सíवस बुक भी होनी चाहिए क्योंकि कुछ लोग डिमोशन लेकर आए होंगे। ऐसे में शिक्षकों के एलपीसी (लास्ट पेमेंट सर्टीफिकेट) में नोट अवश्य लिखा गया होगा। नहीं भी लिखा हो तो अध्यापकों से इस संबंध में लिखित लेकर वेतन भुगतान कराएं। बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने कहा कि एक दो दिन में सभी आवश्यक प्रपत्र विकसखंड मे भेजवा दिए जाएंगे। वेतन भुगतान संबंधी प्रक्रिया भी शुरू करा दी जाएगी।

Monday, April 19, 2021

कोविड-19 की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को घर से कार्य करने (Work from Home) की सुविधा देने का बेसिक शिक्षा मंत्री का एलान

कोविड-19 की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को घर से कार्य करने (Work from Home) की सुविधा देने का बेसिक शिक्षा मंत्री का एलान




परिषदीय स्कूलों के शिक्षक व शिक्षामित्र घर से करेंगे काम, 30 अप्रैल तक शिक्षण कार्य बंद।


लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक अब विभागीय कार्य घर से कर सकेंगे। यह निर्देश बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश कुमार द्विवेदी ने कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दिया है। शिक्षक व शिक्षामित्र अभी तक स्कूल जाकर कार्य कर रहे थे। उन्हें घर से कार्य करने (वर्क फ्रॉम होम) की सुविधा की अनुमति दे दी गई। 

इस संबंध में परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। मंत्री डा. द्विवेदी ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों में शिक्षण कार्य पहले ही बंद कर दिए गए थे लेकिन, वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को भी घर से काम करने की सुविधा दी जा रही है। उन्हें पंचायत चुनाव और अन्य आवश्यक कार्यो में दिए जाने वाले दायित्वों को निभाना होगा।

 परिषद सचिव ने बीएसए को भेजे आदेश में कहा है कि प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों का 30 अप्रैल तक शिक्षण कार्य बंद किए जाने के आदेश दिए गए थे। अब सभी को विभागीय कार्य घर से करना होगा।

यूपी बोर्ड : कोरोना के कारण जुलाई से हो सकता है नया शैक्षिक सत्र

यूपी बोर्ड : कोरोना के कारण जुलाई से हो सकता है नया शैक्षिक सत्र

प्रयागराज : कोरोना के कारण यूपी बोर्ड का 2021-22 शैक्षणिक सत्र जुलाई से हो सकता है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 56 लाख से अधिक छात्र छात्राओं की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित होने के बाद जो हालात बन रहे हैं उसके अनुसार शैक्षणिक सत्र पूर्व की तरह जुलाई से शुरू होना लगभग तय है।


सरकार ने साफ कर दिया है कि हालात की समीक्षा करने के बाद मई के प्रथम सप्ताह में परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा। हालात नियंत्रित होने के बाद 20 मई के बाद परीक्षा कराने में कम से कम तीन सप्ताह का समय लग जाएगा। 10 जून के आसपास परीक्षा समाप्त होने पर जून अंत तक कॉपियां जांची जाएंगी।

उसके बाद एक महीने में परिणाम घोषित हो पाएगा। यानि जुलाई अंत या अगस्त से पहले रिजल्ट आने की संभावना नहीं है। ऐसे में यदि अप्रैल से सत्र लेकर चलेंगे तो बच्चों की चार महीने की पढ़ाई का नुकसान हो जाएगा। एक जुलाई से सत्र होने पर एक महीने का ही नुकसान होगा जिसे मैनेज किया जा सकता है।

बोर्ड सूत्रों के अनुसार पहले भी जुलाई से सत्र शुरू होता था इसलिए इसमें कोई कठिनाई नहीं है। पिछले साल बोर्ड परीक्षाएं होने के बाद लॉकडाउन लगा था और रिजल्ट 27 जून को घोषित हो सका था। इसलिए सत्र में परिवर्तन नहीं किया गया था।

इनका कहना है

2021-22 सत्र जुलाई से जून तक कर देना उचित होगा। इससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा और बच्चे जो मनोवैज्ञानिक दबाव से गुजर रहे हैं उससे राहत मिलेगी।

युगल किशोर मिश्र, प्रधानाचार्य ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस

NCC को इलेक्टिव कोर्स के तौर पर जोड़ने के लिए UGC ने दिया विश्वविद्यालयो को निर्देश

NCC को इलेक्टिव कोर्स के तौर पर जोड़ने के लिए UGC ने दिया विश्वविद्यालयो को निर्देश


एनसीसी चुनने वाले छात्रों को ट्रेनिंग करने पर क्रमश: एनसीसी ‘बी’ और फिर एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
UGC Guidelines 2021 आयोग द्वारा वीरवार 15 अप्रैल 2021 को जारी नोटिस के अनुसार यूजीसी ने एनसीसी महानिदेशालय से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर एनसीसी के जारी किये गये सिलेबस को 24 क्रेडिट के माध्यम से कुल 6 सेमेस्टर में छात्रों को कोर्स चुनने के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा।


नई दिल्ली । UGC Guidelines 2021: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी भारतीय विश्वविद्यालयों को नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) को जनरल इलेक्टिव क्रेडिट कोर्स (जीईसीसी) के तौर पर शामिल करने के निर्देश जारी किये हैं। आयोग द्वारा वीरवार, 15 अप्रैल 2021 को जारी नोटिस के अनुसार यूजीसी ने एनसीसी महानिदेशालय से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर एनसीसी के जारी किये गये सिलेबस को 24 क्रेडिट के माध्यम से कुल 6 सेमेस्टर में छात्रों को कोर्स चुनने के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। 


इस कोर्स को चुनने वाले छात्रों को सफलता पूर्वक ट्रेनिंग करने पर क्रमश: एनसीसी ‘बी’ और फिर एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। बता दें कि एनसीसी कर चुके उम्मीदवारों को उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के साथ-साथ रोजगार प्रोत्साहन के साथ-साथ केंद्र की और विभिन्न राज्यों की सरकारी नौकरियों में लाभ दिये जाते हैं। इन लाभ की राज्यवार सूची देखने के लिए नीचे दिये गये आधिकारिक नोटिस के लिंक पर जाएं।

फर्जी कागजात से नौकरी पाने वाले 130 शिक्षकों पर मुकदमा

फर्जी कागजात से नौकरी पाने वाले 130 शिक्षकों पर मुकदमा


आगरा: फर्जी डिग्री और मा‌र्क्सशीट से नौकरी पाने वाले शिक्षकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। जिला बेसिक शिक्षा विभाग ऐसे 168 शिक्षकों को पहले ही बर्खास्त कर चुका है। अब उनमें से 130 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।


जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि एसआइटी जांच में 249 शिक्षकों के नाम शामिल थे, जिनमें से 195 पर आरोप था कि उन्होंने डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड सत्र 2005 की फर्जी मा‌र्क्सशीट और डिग्री से बेसिक शिक्षा परिषद में नौकरी पाई है। जांच के बाद विभाग ने पहले चरण में 24 शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरे चरण में विभाग ने कोर्ट और शासन के आदेश पर शेष 168 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। अब सभी ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी अपने यहां के चिन्हित बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। इनमें से 130 शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


बीएसए का कहना है कि शासन ने सभी बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए हैं, 130 पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। शेष 30 शिक्षकों के खिलाफ भी एक-दो दिन में मुकदमा दर्ज कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। हालांकि यह काम शनिवार तक होना था, लेकिन पंचायत चुनाव और कुछ थानों से पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है, जिससे के लिए एसएसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई जल्द कराने की अपील की गई है।

इससे पहले भी कई शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता - इस कस्तूरबा विद्यालय के समस्त स्टाफ ने किया क्वारंटीन

स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता - इस कस्तूरबा विद्यालय के समस्त स्टाफ ने किया क्वारंटीन


बलरामपुर : मुख्यालय पर संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय देहात के सभी शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र लिखकर आइसोलेट होने के कारण स्कूल आने पर असमर्थता जताई है। विद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मचारियों ने अपने-आपको होम क्वारंटीन कर रखा है।


बताते चलें कि बेसिक शिक्षाधिकारी को विद्यालय की ओर से सौंपे गए पत्र में अस्पष्ट हवाला दिया गया है कि स्कूल की फुल टाइम टीचर रुचि चौधरी के भाई किसी कारण विद्यालय में आए हुए थे। जिस के संबंध में जानकारी मिली कि वह कोरोना पॉजिटिव है। उनकी हालत काफी खराब होने से उन्हें भर्ती कराया गया है। 


फुल टाइम टीचर विद्यालय के सभी शिक्षक व कर्मचारी स्टाफ के साथ प्रशासनिक कार्य करती रही हैं। ऐसे में सभी शिक्षक व कर्मचारियों उनके संपर्क में रहे हैं। इस कारण विद्यालय में प्रशासनिक कार्य के लिए आवश्यकता पड़ेगी तो सभी शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित हो जाएंगे अन्यथा सभी अध्यापकों ने अपने-आपको होम क्वारंटीन कर लिया है। 


इस संबंध में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा निरंकार पांडेय ने कहाकि पत्र मिला है। जांच कराई जाएगी। शिक्षकों को सुरक्षित रहने का निर्देश दिया गया है।

जनता बची तो पंचायत चुनाव फिर हो जाएंगे, इंटरनेट मीडिया पर चुनाव टालने को "स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन" अभियान

जनता बची तो पंचायत चुनाव फिर हो जाएंगे, इंटरनेट मीडिया पर चुनाव टालने को "स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन" अभियान।


सीतापुर : बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए रविवार को शिक्षकों में जबरदस्त उबाल दिखा। चुनाव को आगे बढ़ाने व कुछ समय तक टालने की मांग को लेकर अनेक शिक्षकों ने इंटरनेट मीडिया पर जबरदस्त अभियान चलाया। शिक्षकों ने इस मुहिम का नाम स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन नाम दिया।



अभियान के तहत शिक्षकों ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंच पर अपनी बात लिखी और चुनाव आयोग से पंचायत निर्वाचन आगे टालने की बात कही। अधिकांश शिक्षकों ने लिखा है। जिले के शिक्षकों में कुलदीप वाजपेयी, रुची अग्रवाल, नईम खां, विजय गौतम, मोहन दीक्षित, इमरान अंसारी, खुश्तर रहमान, रजत रंजन आदि अनेक शिक्षकों ने कैंपेन में सहभागिता दर्ज कराई।


शिक्षकों ने ज्ञापन किया मेल : शिक्षक संगठनों ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन मेल किया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एलिया इकाई के अध्यक्ष कुलदीप वाजपेयी व मंत्री रईस अहमद ने लिखा है कि कोरोना अतिघातक है, मानवता संकट में है। पीड़ित होने वालों में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी अधिक है। जो कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के दौरान संक्रमित होगा उसमें 4 से 5 दिन बाद लक्षण प्रतीत होंगे तब उसे चुनाव ड्यूटी में नहीं माना जाएगा। 


इसका आदेश होना चाहिए कि यदि कोरोना से किसी शिक्षक कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसे चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु माना जाए। परिवार के भरण पोषण के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष खुश्तर रहमान एवं महामंत्री काजिम हुसैन ने भी स्थिति सामान्य होने तक चुनाव स्थगित करने की मांग की है। 


 नारे

-मानव जाति संकट में है। अगर जनता बची तो पंचायती चुनाव फिर हो जाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव कोरोना काबू होने तक टाले जाएं'।

- प्रतिदिन कोरोना से हो रही शिक्षकों की मौत से अत्यंत भयभीत हूं। सरकार के इस प्रचंड तरीके से फैली इस महामारी के बीच चुनाव ड्यूटी करके अपने और अपने परिवार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता हूं'

Sunday, April 18, 2021

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत


प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) 10वीं की निरस्त परीक्षा का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकता है। पिछले वर्ष भी सीबीएसई ने 10वीं की छाटी परीक्षाओं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट के आधार पर जारी किया था। सीबीएसई की ओर से चार मई से प्रस्तावित 10वीं की परीक्षा निरस्त करने के साथ बारहवीं की परीक्षा बाद में कराने का फैसला लिया गया


है। सीबीएसई की ओर से 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने के लिए जल्द ही बैकल्पिक पद्धति के बारे में जानकारी दी जाएगी। बोर्ड के वैकल्पिक फार्मूले से यदि परीक्षार्थी असंतुष्ट होंगे तो उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के बाद परीक्षार्थी अपने अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं। 


2020 में भी सीबीएसई को 10वीं और 12वों की परीक्षा बीच में रोकनी पड़ी थी। दसवीं और बारहवीं के कई विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी थी। सीबीएसई की जो परीक्षा शेष थी, वह मुख्य विषयों की नहीं थी। इसी कारण बोर्ड ने बची परीक्षाएं नहीं कराईं। 10वों और 12वीं के बचे कुल 83 बिषयों के प्रश्नपत्रों में से 29 मुख्य विषयों की परीक्षाएं कराई गईं। बचे 54 विषयों का मूल्यांकन ग्रेडिंग के जरिए किया गया। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट बर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर इन प्रश्नपत्रों का परिणाम जारी किया गया था। 


उम्मीद है कि सीबीएसई 2021 में भी 10वीं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर जारी करेगा। ऐसे में 10 वीं में एक बार फिर से मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी।

चुनाव से लौटते ही कोरोना के डोर टू डोर सर्वे में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ

चुनाव से लौटते ही कोरोना के डोर टू डोर सर्वे में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ


प्रयागराज : कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए टेस्टिंग, ट्रेसिंग व ट्रीटमेंट तेज किया गया है। संक्रमितों का पता लगाने के लिए डोर टू डोर सर्वे के लिए अधिक से अधिक मोहल्लों में टीम भेजी जा रही है। इनमें ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अतिरिक्त परिषदीय स्कूलों के शिक्षक भी लगाए गए हैं।


बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि पूर्व में जो शिक्षक डोर टू डोर सर्वे ड्यूटी में थे, उनके अतिरिक्त 250 शिक्षक और लगा दिए गए हैं। शहरी क्षेत्र को 12 जोन व 100 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी जोन में मेडिकल मोबाइल यूनिट को सहयोग देने के लिए शिक्षक भी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 150 शिक्षकों को कोविड कंट्रोल रूम में भी तैनात करने की तैयारी है। यह कंट्रोलरूम 24 घंटे कार्य कर रहा है। सिफ्टवार सभी की ड्यूटी लगाई जा रही है। शिक्षकों को नहीं मिले सुरक्षा उपकरण


कोविड अस्पतालों में इतनी तेजी से संक्रमित बढ़ रहे हैं कि इससे स्वास्थ्य महकमा ही कांपने लगा है।
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डोर टू डोर सर्वे ड्यूटी में लगे शिक्षक शनिवार को केपी इंटर कॉलेज में एकत्र हुए। सभी को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए। स्वास्थ विभाग के कर्मियों को बचाव के लिए कुछ उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। एडीएम सिटी से शिक्षक नेता अजय सिंह ने मांग की कि शिक्षकों को संक्रमण से बचाव के लिए सहायक उपकरण दिए जाएं। चुनाव 

ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ
शिक्षक नेता अजय सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के बाद दो दर्जन से अधिक अध्यापकों ने अस्वस्थ होने की शिकायत की है। अधिकांश के शरीर में दर्द, बुखार व गले में दर्द हो रहा है। इनमें से कई ने खुद को अइसोलेट भी कर लिया है।

कोविड के प्रकोप के दृष्टिगत विद्यालयों की कार्यावधि में कमी करने तथा शिक्षक उपस्थिति हेतु रोस्टर लागू करने की RSM द्वारा मांग।

कोविड के प्रकोप के दृष्टिगत विद्यालयों की कार्यावधि में कमी करने तथा शिक्षक उपस्थिति हेतु रोस्टर लागू करने की RSM द्वारा मांग।
 


Saturday, April 17, 2021

JNVST Exam 2021 : जवाहर नवोदय विद्यालय की छठी कक्षा में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा टली

JNVST Exam 2021 : जवाहर नवोदय विद्यालय की छठी कक्षा में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा टली


JNVST 2021 : जवाहर नवोदय विद्यालय ( जेएनवी ) की छठी कक्षा में दाखिले के लिए होने वाले जवाहर नवोदय विद्यालय सेलेक्शन टेस्ट ( जेएनवीएसटी - JNVST ) 2021 को स्थगित कर दिया गया है। जवाहर नवोदय स्कूलों की छठी कक्षा में दाखिले के लिए यह प्रवेश परीक्षा 1 माह बाद 16 मई को होने वाली थी। नवोदय विद्यालय समिति ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर नोटिस जारी कर इस फैसले की सूचना दी है। समिति ने कहा है कि नई डेट की सूचना एग्जाम डेट से कम से कम 15 दिन पहले दी जाएगी। 



आपको बता दें कि जेएनवीएसटी 2021 परीक्षा मिजोरम, मेघालय और नागालैंड को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रवेश परीक्षा 16 मई को आयोजित की जानी थी।

CBSE : इंटरनल असेसमेंट में चमके तो दसवीं में बरसेंगे नंबर, जानिए कैसे तैयार होगा रिजल्ट

CBSE : इंटरनल असेसमेंट में चमके तो दसवीं में बरसेंगे नंबर, जानिए कैसे तैयार होगा रिजल्ट

    
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं की परीक्षाओं को निरस्त करते हुए विद्यार्थियों को प्रमोट करने का एलान किया है। मगर प्रमोशन का आधार क्या होगा, इसपर अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया है। मगर जानकारों की मानें तो बोर्ड की ओर से पिछले वर्ष की भांति प्रमोशन के लिए इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क को ही आधार बनाया जा सकता है। जिले में बोर्ड से संचालित 113 स्कूलों में दस हजार विद्यार्थी दसवीं के लिए पंजीकृत हैं।


पिछले साल कोरोना के चलते सीबीएसई को बीच में ही परीक्षाएं रोकनी पड़ी थीं। 10वीं और 12वीं के कई पेपर नहीं हो सके थे। सीबीएसई 10वीं कक्षा के कई पेपर बच गए थे लेकिन मुख्य विषयों की श्रेणी में नहीं आने के कारण ये पेपर नहीं कराए गए थे। 10वीं व 12वीं के शेष बचे कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गईं थीं। शेष 54 विषयों का ग्रेडिंग से मूल्यांकन किया गया था। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर इन पेपरों का रिजल्ट जारी हुआ था। संभव है कि सीबीएसई इस वर्ष 10वीं का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकती है।


दसवीं में मिले नंबर से नहीं संतुष्ट तो दे सकेंगे परीक्षा
शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 10वीं कक्षा का रिजल्ट सीबीएसई द्वारा तैयार की गई एक वैकल्पिक पद्धति से जारी किया जाएगा। जल्द ही बोर्ड मूल्यांकन का फॉर्मूला तैयार करेगा। अगर कोई छात्र इस पद्धति से दिए गए मार्क्स से असंतुष्ट होता है तो उसे बाद में मौका दिया जाएगा। हालात ठीक होने पर परीक्षा कराई जाएगी जिसमें ऐसे छात्र अपने मार्क्स सुधार सकते हैं।


नहीं हुआ था टॉपर्स का एलान
पिछले वर्ष 10वीं कक्षा में 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए थे। मेरिट लिस्ट नहीं जारी की गई थी। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने 12वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के टॉपरों का ऐलान नहीं किया था।


एक जून को समीक्षा कर जारी होगा बारहवीं का कार्यक्रम
देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने चार मई से शुरू होने वाली 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी है। 12वीं की परीक्षा टाल दी गई है। 1 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद 12वीं के नए शेड्यूल पर फैसला लिया जाएगा।


कक्षा 11वीं में प्रवेश शुरू
दसवीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट किए जाने के बाद शहर के विभिन्न स्कूलों ने कक्षा 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।

कोरोना के फैलाव के चलते जूनियर शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षकों को वर्क फ्रॉम होम या 50% स्टाफ की उपस्थिति का आदेश निर्गत करने व विद्यालय समय में बदलाव की रखी मांग

कोरोना के फैलाव के चलते जूनियर शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षकों को वर्क फ्रॉम होम या 50% स्टाफ की उपस्थिति का आदेश निर्गत करने व विद्यालय समय में बदलाव की रखी मांग


प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित, आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं

प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित, आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं


लखनऊ: सीबीएसई व यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद अब प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अप्रैल को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में शासन ने प्रदेश के अन्य बोर्डो की हर प्रकार की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी हैं। आइसीएसई बोर्ड, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड व मदरसा बोर्ड में गृह व आंतरिक परीक्षाएं भी अब नहीं हो सकेंगी।


आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं : आइसीएसई ने भी चार मई से प्रस्तावित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इनकी नई तारीखों का एलान स्थिति की समीक्षा के बाद जून के पहले हफ्ते में किया जाएगा। आइसीएसई के सचिव गैरी अराथून ने बताया कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बाद में कराई जाएंगी। वहीं 10वीं के छात्रों को बाद में परीक्षा में बैठने या न बैठने का विकल्प मिलेगा।


ऑफलाइन प्रशिक्षण पर फिर लगी रोक

ऑफलाइन प्रशिक्षण पर फिर लगी रोक



प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग ने ऑफलाइन प्रशिक्षण अगले आदेश तक बंद कर दिए हैं। शिक्षक संकुल और बीआरसी पर प्रधानाध्यापकों की विभागीय बैठकें भी ऑनलाइन कराई जाएंगी।



स्कूल शिक्षा महानिदेशक की तरफ से जारी निर्देश में कहा कि बैठक जूम एप या फिर वीडियो कालिग करेंगेा। यदि ऑनलाइन बैठकें नहीं हों तो लोगों की संख्या बहुत सीमित रखी जाएगी।

ई पाठशाला फेज 3 : फोन कर गुरुजी छात्रों से पूछेंगे उनकी समस्या

ई पाठशाला फेज 3 : फोन कर गुरुजी छात्रों से पूछेंगे उनकी समस्या


प्रयागराज : कोरोना काल में भी परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच संवाद बना रहे। नए सत्र में पठन पाठन की प्रक्रिया भी शुरू हो इसके लिए वह हर रोज छात्र-छात्रओं को अनिवार्य रूप से फोन करेंगे। अपनी कक्षा के कम से कम पांच विद्यार्थियों से बात करके उनकी कठिनाइयों को भी पूछेंगे।




 बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि शासन का प्रयास है कि ऑनलाइन पढ़ाई पर फोकस हो। महामारी के दौर में छात्र-छात्रओं का नुकसान न हो इसके लिए सभी शिक्षक अपने स्तर से प्रयास करें। ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाएं। दूरदर्शन से प्रसारित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों की भी जानकारी दें। जिन बच्चों व अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन न हो, उनके पड़ोसियों से संपर्क कर शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जाए।


 प्रत्येक विद्यार्थी को अपने परिवार के बच्चे की तरह समझते हुए शिक्षण कार्य को पूरा कराने की हिदायत दी गई है। मिशन प्रेरणा का तीसरा चरण 12 अप्रैल से शुरू हो चुका है। सभी शिक्षक अभिभावकों व विद्यार्थियों से किस विषय पर वार्ता करेंगे। पाठ्य सामग्री को लेकर कार्य योजना क्या रहेगी, इसे डायरी में जरूर अंकित करें।

स्कूलों में शिक्षकों को बुलाने से बढ़ा कोरोना का खतरा

स्कूलों में शिक्षकों को बुलाने से बढ़ा कोरोना का खतरा


प्रयागराज जिले में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच परिषदीय विद्यालयों के साथ सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड के स्कूलों में शिक्षकों को जबरन बुलाया जा रहा है। स्कूलों की मनमानी के चलते कई शिक्षक संक्रमित हो गए। बच्चों के लिए स्कूल बंद होने के बाद भी जब ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे समय में शिक्षकों पर जान का खतरा बन गया है। शिक्षक नौकरी पर खतरा देखकर कोरोना संकट के बीच जान खतरे में डालकर स्कूल जा रहे हैं।


कोरोना संक्रमण के चलते जिले के कई शिक्षक बीमार पड़े हैं, कई शिक्षक मौत के मुंह में पहुंच गए हैं। निजी स्कूल वाले ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षकों पर स्कूल आने का दबाव बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार की शुक्रवार को कोरोना से मौत हो गई। इसी प्रकार एक दिन पहले भी प्रतापगढ़ में एक महिला शिक्षक की कोरोना से मृत्यु हो गई। जिले में सरकारी एवं निजी स्कूलों के बड़ी संख्या में शिक्षक कोरोना के चपेट में हैं।


शासन का आदेश है कि कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को बुलाया जाए। इसके बाद भी स्कूल शिक्षा महानिदेशक परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को स्कूल बुला रहे हैं। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि शिक्षकों को स्कूल बुलाने से उनकी जान को खतरा है। जब सभी को घर से बाहर नहीं निकलने को मना किया जा रहा है तो ऐसे समय में शिक्षकों को बिना काम स्कूल बुलाने का क्या मतलब है। 


माध्यमिक शिक्षक के पूर्व मंत्री एवं शिक्षक विधायक के जिला प्रतिनिधि अनुज कुमार पांडेय का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक को शनिवार को ज्ञापन सौंपकर विद्यालय बंद करने की मांग की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा का कहना है। कि वह सोमवार तक इस बारे में निर्णय लेंगे।

मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प

मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प


प्रयागराज कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करदी हैं। परीक्षाएं स्थगित करने के निर्णय से परेशान अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प देने की मांग की है। परीक्षार्थियों की मांग है कि जिस प्रकार इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित दूसरे संस्थान अपनी कॉपी देकर छात्रों को परीक्षा में शामिल कर रहे हैं, उसी तरीके से सीबीएसई और यूपी बोर्ड भी बच्चों की ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था कर परीक्षा करा सकते हैं। 


ऑनलाइन परीक्षा में जिन छात्रों को कॉपी जमा करने में समस्या हो उसके लिए क्षेत्र के किसी विद्यालय को नोडल सेंटर बनाकर ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था की जा सकती है। ऑनलाइन विकल्प के तौर पर छात्रों को ई-मेल पर कॉपी जमा करने की सुविधा दी जा सकती है। ऐसे में छात्रों का कुछ मूल्यांकन तो हो सकेगा। पूरे सालभर पढ़ाई करने के बाद जब छात्रों का परीक्षा से मूल्यांकन होगा तो उन्हें अपने बारे में पता चलेगा राजकीय इंटर कॉलेज के डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी का कहना है कि जब ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प न हो तो छात्रों का मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाए। 


छात्रों को कॉपी देकर उसे ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था करके परीक्षा कराई जा सकती है। अभिभावक डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी का कहना है कि अब ऑनलाइन परीक्षा ही एकमात्र विकल्प है। इसे सीबीएसई एवं यूपी बोर्ड दोनों को अपनाना चाहिए। काउंसलर डॉ. मनु भट्ट का कहना है कि परीक्षा रद्द नहीं करनी चाहिए। दसवीं के छात्रों का ऑनलाइन असेसमेंट करके उन्हें नंबर देने चाहिए। बारहवीं के अंक कॅरियर में निर्णायक होते हैं, ऐसे में परीक्षा जरूरी है। छात्रों के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएं। छात्रों से कॉपी में उत्तर लिखवाकर उसका मूल्यांकन कराया जाए।

Friday, April 16, 2021

यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने का आधार नहीं तो इसके आसार भी नहीं

यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने का आधार नहीं तो  आसार भी नहीं


 लखनऊ: यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने के आसार नहीं हैं। बोर्ड प्रशासन इस पर मंथन जरूर कर रहा है, लेकिन उसे फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं मिल रहा जिस पर वह छात्र-छात्रओं को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर सके।


ज्ञात हो कि बुधवार को सीबीएसई ने चार मई से होने वाली हाईस्कूल व इंटर परीक्षाओं के संबंध में बड़ा निर्णय लिया। हाईस्कूल की परीक्षा रद हो गई, उनके परीक्षार्थी अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। वहीं, इंटर के संबंध में एक जून को निर्णय लिया जाएगा। भले ही इन दिनों सीबीएसई व यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लगभग समान हो गया है लेकिन, दोनों की परीक्षा प्रणाली में बड़ा अंतर है। 


सीबीएसई में जहां मासिक टेस्ट के अलावा छमाही व वार्षिक परीक्षा का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन है। इससे केंद्रीय बोर्ड छात्र-छात्रओं के प्रदर्शन के आधार पर हाईस्कूल में प्रमोट आसानी से कर सकता है। इसके उलट यूपी बोर्ड में कक्षा नौ तक का रिकॉर्ड बोर्ड मुख्यालय पर नहीं भेजा जाता, मासिक टेस्ट होते नहीं और छमाही का रिजल्ट भी सभी स्कूल नहीं देते। इधर प्री बोर्ड यानी हाईस्कूल व इंटर परीक्षा से पहले स्कूल स्तर की परीक्षा कराने पर जोर दिया गया। इस बार फरवरी में इम्तिहान हुए भी हैं लेकिन, उसका रिकॉर्ड भी बोर्ड के पास नहीं है। 


यूपी बोर्ड में अधिकांश कालेज वित्तविहीन हैं, जबकि राजकीय व अशासकीय कालेज एक तिहाई ही हैं। अब यदि बोर्ड जिलों से नौवीं और प्री बोर्ड का रिकॉर्ड मांगे तो स्थिति असहज हो सकती है। सीबीएसई के निर्णय के बाद से इस ओर मंथन जरूर हुआ, लेकिन प्रमोट करने का निर्णय का आधार नहीं मिल रहा।

एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती की परीक्षा की नई तारीख पर कोरोना का साया

एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती की परीक्षा की नई तारीख पर कोरोना का साया


 प्रयागराज : एकेडमिक के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाएं भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण में फंस गई हैं। जिस तरह से तय परीक्षाओं को टालने पर मंथन शुरू हुआ है, उसे देखते हुए स्थगित परीक्षाओं की नई तारीख जल्द घोषित होने के आसार नहीं हैं। माना जा रहा था कि एडेड जूनियर हाईस्कूल की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा यूपी बोर्ड का इम्तिहान शुरू होने से पहले हो सकती है लेकिन, संक्रमण बढ़ती रफ्तार को देखते हुए इसके आसार नहीं हैं।


ज्ञात हो कि अशासकीय सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूल के 1894 पदों की शिक्षक भर्ती की परीक्षा 18 अप्रैल को प्रस्तावित थी, इसी के ठीक दूसरे दिन कई जिलों में पंचायत चुनाव था ऐसे में परीक्षा स्थगित कर दी गई। उस समय यह भी कहा गया कि यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले ये इम्तिहान कराया जा सकता है। सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा रद व इंटर की स्थगित हो गई है। इसी तर्ज पर यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी टल सकती हैं।


 परीक्षाओं का संशोधित कार्यक्रम सात अप्रैल को ही जारी हुआ था। इसलिए एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती की नई तारीख जल्द आने की उम्मीद नहीं है।इसी तरह से एडेड माध्यमिक कालेजों की 2016 की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक का साक्षात्कार आठ से 13 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की एडेड महाविद्यालयों की प्राचार्य भर्ती का साक्षात्कार भी स्थगित हो चुका है।

रिटायर्ड बीएसए पर बाबू की पत्नी ने कराई एफआईआर

रिटायर्ड बीएसए पर बाबू की पत्नी ने कराई एफआईआर


बदायूं। तत्कालीन रिटायर्ड बीएसए रामपाल सिंह राजपूत के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन पर आरोप था कि उन्होंने मानकों को ताक पर रखते हुए बिना वजह एक लिपिक का स्थानांतरण कर दिया था। जब लिपिक की पत्नी बीएसए से मिलने पहुंची तो उन्होंने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए दरवाजा बंद करने की कोशिश की थी, इस ने मामले में कोर्ट के आदेश के बाद में सिविल लाइन दी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।


बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक अमित भास्कर का फरवरी में स्थानांतरण कर दिया था। इसके बाद में लिपिक की पत्नी 24 फरवरी को बेसिक शिक्षा कार्यालय में बीएसए से मिलने के लिए पहुंची, साथ ही अपनी पति का स्थानांतरण रोके जाने की मांग करने लगी आरोप था कि तत्कालीन बीएसए रामपाल राजपूत ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जातिसूचक गालियां दी। इससे लिपिक की पत्नी चिल्लाना शुरू कर दिया। ऐसे में तत्कालीन बीएसए ने उसके साथ ने धक्कामुक्की की, साथ ही उसके पति को बर्खास्त करने की धमकी दी। 


इस मामले में लिपिक की पत्नी थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी। आरोप है कि रजिस्टर्ड डाक से भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी, तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद में एक माह बाद सिविल लाइन पुलिस ने तत्कालीन बीएसए रामपाल सिंह राजपूत के खिलाफ 354, 504, 506, 3 (2) बी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।


बीएसए कार्यालय के मामले में एक एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है। उसकी जांच कराई जा रही थी। इस दौरान लिपिक की पत्नी न्यायालय चली गई। न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है जो सही होगा, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। - सुधाकर पांडेय, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस

पॉलिटेक्निक में दाखिले के लिए आवेदन तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ी

पॉलिटेक्निक में दाखिले के लिए आवेदन तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ी

लखनऊ : कोरोना को देखते हुए पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2021 की प्रक्रिया को बढ़ा दिया गया है। हालांकि, अभी परीक्षा की तिथियों में बदलाव नहीं किया गया है। छात्र अब 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे परिषद प्रभारी सचिव राम रतन ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।



 इससे पहले 15 अप्रैल तक आवेदन कर सकते थे। अभी तक करीब 2,18,000 से ज्यादा छात्रों के आवेदन आ चुके हैं। छात्र हेल्पलाइन नंबर 0522-2630106, 2630678, 2636589 व 2630667 पर भी संपर्क कर सकते हैं। प्रदेश में 150 राजकीय, 19 सहायता प्राप्त, 1202 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। इनमें कुल 134680 सीटें हैं।

हर जिले में 10 प्राथमिक स्कूल और 40 माध्यमिक स्कूलों को आपदा प्रबंधन हेतु किया जाना है प्रशिक्षित

हर जिले में 10 प्राथमिक स्कूल और 40 माध्यमिक स्कूलों को आपदा  प्रबंधन हेतु किया जाना है प्रशिक्षित


लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और छात्रों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए टाइम्स सेंटर ऑफ लर्निंग (टीसीएलएल ) की नियुक्ति की है। इस कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के 3750 स्कूलों में प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल संचालित किया जाएगा। हर जिले में 50 स्कूलों को प्रशिक्षित किया जाना है जिसमें 10 प्राथमिक स्कूल और 40 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं।


हर स्कूल के प्रधानाचार्य अपने-अपने स्कूलों में शिक्षकों की संख्या तय करेंगे। शिक्षकों के साथ-साथ विभिन्न कक्षाओं के 50 छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से टीसीएलएल द्वारा 187500 शिक्षकों और छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। टीसीएलएल एनडीएमए / एनडीआईएम और एसडीएमए के दिशानिर्देशों के अनुसार स्कूली निर्देश और नियमावली का भी एक मसौदा तैयार करेगा। टीसीएलएल प्राथमिक और माध्यमिक छात्रों के लिए एक अलग प्रशिक्षण मैनुअल का मसौदा भी तैयार करेगा और भाग लेने वाले हर छात्र को इसकी एक कॉपी दी जाएगी। 


उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल आर. पी. शाही (एवीएसएम) ने कहा कि किसी आपदा के परिणामों को कम करने की प्रभावी योजना 'सभी खतरनाक हैं' के दृष्टिकोण और सभी संभावित सम्मिलित लोगों के साथ संयुक्त परामर्श से निकलेगी। पहले से योजना बनाकर और जितनी हो सके उतनी स्वास्थ्य और सुरक्षा परिवर्तनीयाताओं की प्रत्याशा में स्कूल यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि संकट के दिन निर्णय न केवल त्वरित और प्रभावकारी ढंग से लिए जाएँ, बल्कि वे सही भी हों और आपदा के लिए पूर्व योजना पर व्यतीत समय से स्वतः प्रतिक्रिया आनी चाहिए, ताकि जब कोई घटना घटित हो तब स्कूल उसे रोकने और नियंत्रित करने में बेहतर रूप से सक्षम हो सके। हमें विश्वास है कि टाइम्स सेंटर ऑफ लर्निंग हमारी प्रशिक्षण पहल में मदद करने में सक्षम होगा।


 टाइम्स प्रोफेशनल लर्निंग के सीईओ अनीश श्रीकृष्ण ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, हमारा कोर्स आपदा स्थितियों में योजना के तरीकों, तैयारियों और आघात के रोगियों का प्रबंधन सिखाता है। व्याख्यान और इंटरैक्टिव परिदृश्यों के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को घटना कमांड शब्दावली, आपदा के सिद्धांत, चोट के पैटर्न और समर्थन के लिए संपत्ति की उपलब्धता के बारे में पता चलता है। टाइम्स सेंटर ऑफ लर्निंग ने एनडीएमए / एनडीआईएम और एसडीएमए के दिशानिर्देशों के अनुसार पाठ्यक्रम को सावधानीपूर्वक तैयार किया है ।

पंचायत चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को जान का खतरा, शिक्षक संघ ने पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की

पंचायत चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को जान का खतरा, शिक्षक संघ ने पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की


लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की। कहा, कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से चुनाव ड्यूटी में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को जान का खतरा है।


संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि लोक भवन में पंचम तल पर बैठने वाले अधिकारियों के पास बिना उनकी अनुमति के परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। जब इन लोगों तक कोरोना संक्रमण पहुंच गया है तो यह कैसे संभव है कि पंचायत चुनाव में इतनी भीड़ के बीच ड्यूटी करने वाले शिक्षक और कर्मचारी संक्रमित नहीं होंगे।

शर्मा ने कहा कि मतदान दलों के प्रशिक्षण से लेकर उन्हें मतदान केंद्र तक भेजने में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर भी मतदान दल कर्मियों के स्वास्थ्य जांच या इलाज की समुचित सुविधा नहीं है ।

पहले चरण के मतदान में ही विभिन्न जिलों से मतदान दलों के कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें उपचार नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने आयोग से आगामी तीन चरण के चुनाव स्थगित कराने की मांग की है। साथ ही चुनाव ड्यूटी में किसी भी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी भी दिलाने की मांग की है।

UPTET : यूपीटीईटी की ऑनलाइन कोचिंग की हुई शुरुआत

UPTET : यूपीटीईटी की ऑनलाइन कोचिंग की हुई शुरुआत


प्रदेश सरकार की ओर से गरीब व पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए संचालित की गई निःशुल्क अभ्युदय कोचिंग की तर्ज पर निदेशक बेसिक शिक्षा के संरक्षण में उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ के निर्देशन में निःशुल्क यूपी टीईटी की ऑनलाइन कक्षाओं की शुरूआत हो गयी है। गुरुवार को इसकी शुरूआत निदेशक डॉ सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर किया। इस बारे में बताया गया कि टीईटी की तैयारी के लिए डायट लखनऊ की ओर से विषयवार प्रतिमाह 6 वीडियो का निर्माण किया जाएगा। 25 जुलाई तक कुल 24 वीडियो विषयवार विडीओज़ निर्मित किए जाएंगे। आगामी 20 अप्रैल को शुरुआती तौर पर निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाओं के लिए रजिस्टर्ड लगभग 350 अभ्यर्थियों के लिए प्रारंभिक परीक्षा हेतु मॉडल क्वेश्चन पेपर पर आधारित टेस्ट की शुरूआत होगी। डॉयट की टीम की ओर से एक दर्जन विषय वार मॉडल पेपर तैयार किए जाएंगे। साथ ही साथ 10 क्विज भी कराए जाने की योजना बनाई गई है।




350 गरीब अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ

इस अवसर पर डॉक्टर पवन सचान उप शिक्षा निदेशक / प्राचार्य डायट लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया कि अब तक उनकी टीम के द्वारा जनपद लखनऊ एवं अन्य जनपदों के 350 से अधिक अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग एवं रीडिंग मटेरियल उपलब्ध कराने हेतु रजिस्टर्ड किया जा चुका है। अभी कई अभ्यर्थियों की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए अनुरोध किया जा रहा है। इस हेतु उन्हें डायट लखनऊ के यूट्यूब चैनल डॉयट लखनऊ के माध्यम से एवं वेबसाइट www. dietlucknow.org के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

Thursday, April 15, 2021

दिल्ली सरकार ने किया स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान, 11 मई से 30 जून तक बंद रहेंगे स्कूल

दिल्ली सरकार ने किया स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का ऐलान, 11 मई से 30 जून तक बंद रहेंगे स्कूल


दिल्ली सरकार ने अकादमिक वर्ष 2021-22 के लिए सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 11 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश की घोषणा की है। गुरुवार को जारी अवकाश कैलेंडर के मुताबिक शरद ऋतु ब्रेक 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक करेगा। वहीं, सर्दियों की छुट्टियां 1 जनवरी 2022 से 15 जनवरी 2022 तक रहेंगी। 


ग्रीष्मावकाश के दौरान 28, 29 और 30 जून के दिन शिक्षकों के लिए कार्यदिवस रहेंगे। छुट्टियों के दौरान स्कूल प्रमुख स्टाफ को एडमिशन, परीक्षा और अकादमिक कार्यों के लिए बुला सकता है। इस दौरान कोविड-19 बचाव संबंधी गाइडलाइंस का पूरा पालन किया जाएगा।

आदेश जारी : यूपी में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय व उच्च शिक्षण संस्थान की परीक्षाएं स्थगित, शिक्षण कार्य होगा ऑनलाइन

UP University Exam 2021 : यूपी के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं 15 मई तक टलीं, आदेश जारी

आदेश जारी : यूपी में विश्वविद्यालय, महाविद्यालय व उच्च शिक्षण संस्थान की परीक्षाएं स्थगित, शिक्षण कार्य होगा ऑनलाइन


उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं 15 मई तक स्थगित कर दीं गई हैं। बरेली के एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के ऑनलाइन संबोधन के दौरान गुरुवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को भी 20 मई तक के लिए स्थगित किया जा रहा है। प्रदेश में अब कक्षा एक से लेकर 12 तक के सभी स्कूल व कॉलेज 15 मई तक बंद रहेंगे। 


मेरठ में मेडिकल और सेमेस्टर की परीक्षा भी स्थगित
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने अब सेमेस्टर और मेडिकल की परीक्षा भी स्थगित कर दी है। अगले आदेश तक अब कोई भी परीक्षा नहीं होगी। इससे पहले वार्षिक मुख्य परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। विश्वविद्यालय ने गुरुवार को यह निर्णय लिया। ये परीक्षाएं 16 अप्रैल से होने वाली थीं। इनमें एमबीबीएस, बीबीए, बीडीएस जैसे कोर्स के छात्र हैं। अब दोबारा से स्थिति की समीक्षा करने के बाद परीक्षा का नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा।


उत्तर प्रदेश में बुधवार को कोरोना के 20,510 नए मामले सामने आए जिसमें अकेले लखनऊ में 5,433 संक्रमण के केस आए। राज्य में अभी भी 1,11,835 एक्टिव केस हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ऑफिस के कुछ अधिकारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए।


आपको बता दें कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं दूसरी बार टालीं गई हैं। प्रदेश में इससे पहले पंचायत चुनाव के कारण यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को टाला गया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन पहले 24 अप्रैल से होना था। इसके बाद पंचायत चुनाव के कारण एग्जाम टाइम टेबल आगे बढ़ाया गया था और परीक्षाएं 8 मई से निर्धारित की गई थीं। अब कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इसे फिर से टालना पड़ा है।

UP Board 10th 12th Exam 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं भी 20 मई तक स्थगित

UP Board 10th 12th Exam 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं भी 20 मई तक स्थगित


UP Board 10th 12th Exam 2021: कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी हैं। यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी 15 मई तक टाल दी गई हैं। रुहेलखण्ड यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में फैसला लिया गया है।



इससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बुधवार को कहा था कि यूपी बोर्ड की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना पीक का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं। 


हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ 8 मई से शुरू होनी थीं। 10वीं की परीक्षा 12 कार्य दिवसों में सम्पन्न होकर 25 मई को समाप्त होनी थी जबकि 12वीं की परीक्षा 15 कार्य दिवसों में सम्पन्न होकर 28 मई को समाप्त होनी थी। लेकिन अब बोर्ड हालात की समीक्षा करने के बाद नया टाइम टेबल जारी करेगा।

■ 2021 की परीक्षा के लिए पंजीकृत छात्र छात्राएं
★ हाईस्कूल 
● 1674022 बालक
● 1320290 बालिकाएं
● योग 2994312 

★ इंटरमीडिएट
● 1473771 बालक
● 1135730 बालिकाएं
● योग - 2609501

महायोग: 5603813


यूपी बोर्ड से पहले सीबीएसई, छत्‍तीसगढ़ बोर्ड, पंजाब बोर्ड, राजस्थान बोर्ड, महाराष्ट्र बोर्ड, एमपी बोर्ड भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर चुके हैं। सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा रद्द कर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट निकालने का फैसला किया है।

कोविड - 19 के प्रसार के दृष्टिगत सपोर्टिव सुपरविज़न अग्रिम आदेशों तक स्थगित

कोविड - 19 के प्रसार के दृष्टिगत सपोर्टिव सुपरविज़न अग्रिम आदेशों तक स्थगित 


समस्त प्राचार्य डाइट / BSA / BEO / DC / SRG / ARP / DIET मेंटर कृपया ध्यान दें :


कोविड - 19 महामारी के वर्तमान प्रसार के दृष्टिगत स्वयं एवं शिक्षकों की सुरक्षा हेतु विद्यालयों में होने वाले सपोर्टिव सुपरविज़न अग्रिम आदेशों तक स्थगित किये जाते हैं।

👉  ऐसी स्थिति में SRG जनपद  कार्यालय अथवा अपने विद्यालय में रहकर एवं ARP विकास खण्ड कार्यालय में बैठकर अपने कार्यभार का निर्वहन करेंगे। सभी BSA एवम  BEO क्रमशः जनपद एवम विकास खण्ड  कार्यालय में SRG तथा ARP के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।  साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी कार्यालयों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन किया जाये। 

👉  इस समय सभी विद्यालयों एवं शिक्षकों से e -पाठशाला सम्बंधित कार्यों एवं सूचनाओं के लिए संपर्क बनाने के लिए गूगल मीट आदि ऑनलाइन मीटिंग प्लेटफार्म का उपयोग किया जा सकता है।

👉  उक्त से सम्बंधित मासिक KPI में भी यथावश्यक संशोधन करके आपके साथ पुनः साझा किया  जाएगा। 

Covid के कारण परिस्थिति कठिन तो है, परंतु हमें एक दूसरे का साथ देना है और सबका हौसला बनाकर रखना है।सभी सदस्यों से अनुरोध है अपना एवं अपने परिवारजनों का बेहतर ख्याल रखें। 

आज्ञा से 
महानिदेशक , स्कूल शिक्षा ।

पेशेवर शिक्षा दिलाना सरकार का दायित्व है, अहसान नहीं - सुप्रीम कोर्ट

पेशेवर शिक्षा दिलाना सरकार का दायित्व है, अहसान नहीं - सुप्रीम कोर्ट


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर स्तर पर शिक्षा तक पहुंच बनाना राज्य सरकार का दायित्व है। उच्च (पेशेवर) शिक्षा पाना भले ही मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन इस तक पहुंच बनाना सरकारी अहसान भी नहीं है। सरकार का यह दायित्व उन छात्रों के लिए कहीं ज्यादा महत्व रखता है, जिनकी गुणवत्ता वाली शिक्षा तक पहुंच जाति, वर्ग, लिंग, धर्म और भौगोलिक क्षेत्र के कारण बाधित होती है।


जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ व जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने लद्दाख के छात्रों फरजाना बतूल और मोहम्मद मेहदी वजीरी की याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की। दोनों छात्रों ने केंद्रीय पूल में चुने जाने के बाद मेडिकल कॉलेजों में दाखिल सुनिश्चित करने की गुहार लगाई थी। पीठ ने दोनों को दिल्ली के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला देने का आदेश दिया।

दाखिले के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

छात्रों की ओर से पेश दलीलों से संतुष्ट होकर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को संबंधित कॉलेजों में प्रवेश देने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि दाखिले की औपचारिकताओं को एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। शीर्ष अदालत ने एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति का भी सुझाव दिया है जो यह सुनिश्चित करेगा कि केंद्रीय फूल सीटों के तहत नामांकित छात्रों को दाखिला मिले।

यह है मामला: केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नवंबर, 2000 में केंद्रीय पूल से लद्दाख के लिए लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में एक एक सीट आवंटित की थी। इस नीति के अनुसार, लद्दाख प्रशासन ने इनमें प्रवेश के लिए याचिकाकर्ताओं को नामित किया था। बावजूद इसके इन दोनों को प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके बाद दोनों छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

जानें, कैसे बिना परीक्षा तैयार किया जाएगा CBSE का 10वीं का रिजल्ट


जानें, कैसे बिना परीक्षा तैयार किया जाएगा CBSE का 10वीं का रिजल्ट


CBSE 10th Exam 2021 : देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने 4 मई से शुरू होने वाली 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी है। 12वीं की परीक्षा टाल दी गई है। 1 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद 12वीं के नए शेड्यूल पर फैसला लिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 10वीं कक्षा का रिजल्ट सीबीएसई द्वारा तैयार की गई एक वैकल्पिक पद्धति से जारी किया जाएगा। जल्द ही बोर्ड मूल्यांकन का फॉर्मूला तैयार करेगा। अगर कोई छात्र इस पद्धति से दिए गए मार्क्स से असंतुष्ट होता है तो उसे बाद में मौका दिया जाएगा। हालात ठीक होने पर परीक्षा कराई जाएगी जिसमें ऐसे छात्र अपने मार्क्स सुधार सकते हैं। 

पिछले साल नहीं हुए थे कई पेपर, ये था रिजल्ट का फॉर्मूला
पिछले साल कोरोना के चलते सीबीएसई को बीच में ही परीक्षाएं रोकनी पड़ी थीं। 10वीं 12वीं के कई पेपर नहीं हो सके थे। सीबीएसई 10वीं कक्षा के कई पेपर बच गए थे लेकिन मुख्य विषयों की श्रेणी में नहीं आने के कारण ये पेपर नहीं कराए गए थे। 10वीं 12वीं के शेष बचे कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गईं थीं। शेष 54 विषयों का ग्रेडिंग से मूल्यांकन किया गया था। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर इन पेपरो का रिजल्ट जारी हुआ था। संभव है कि सीबीएसई इस वर्ष 10वीं का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकती है। 


पिछले वर्ष 10वीं कक्षा में 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए थे। मेरिट लिस्ट नहीं जारी की गई थी। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने 12वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के टॉपरों का ऐलान नहीं किया था। 


इसके अलावा पिछले वर्ष सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों को भी इंटरनल असेसमेंट, टेस्ट, प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर पास कर दिया गया था। 


सीबीएसई से पहले छत्‍तीसगढ़ बोर्ड, पंजाब बोर्ड और एमपी बोर्ड भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर चुके हैं।

Wednesday, April 14, 2021

गोरखपुर : चुनाव ड्यूटी पर शिक्षिका और होमगार्ड जवान की अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्‍पताल पहुंचने के कुछ समय बाद ही मौत

चुनाव ड्यूटी पर शिक्षिका और होमगार्ड जवान अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्‍पताल पहुंचने के कुछ समय बाद ही मौत

Livehindustan

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने गई महिला कर्मीं और होमगार्ड जवान की अचानक तबियत खराब होने से मौत हो गई। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है। उधर, मौत की जानकारी होने पर उनके परिजनों में कोहराम मच गया।

पिपरौली संवाद के अनुसार चरगांवा ब्लॉक के अहमद अली शाह कम्पोजिट विद्यालय पर तैनात महिला कर्मचारी पुष्पा पाण्डेय का पिपरौली ब्लॉक में चुनाव ड्यूटी लगी थी। वह बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचीं थीं। दोपहर तकरीबन एक बजे अचानक उनके सिर में दर्द हुआ और वह चक्कर खाकर गिर गईं। परिजन उनको आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने हालत गंभीर देख मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉक्टर ने ब्रेन हेमरेज से मौत की आशंका जताई है।भर्रोह संवाद के अनुसार गोला ब्लाक व बड़हलगंज थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहिरौली पर बने बूथ संख्या 180 व 181 पर चुनाव ड्यूटी पर आए होमगार्ड की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बूथ संख्या 181 के पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार का कहना था कि गोंडा के कोतवाली देहात में तैनात 55 वर्षीय होमगार्ड बजरंगीलाल गुप्ता पुत्र ओरीलाल गुप्ता उसी थाना क्षेत्र के दर्जी कुंआ गांव के रहने वाले थे।

वे ड्यूटी पर आए तो पैर में सुजन की शिकायत की। रास्ते में दवा नहीं ले सके और आते ही सो गए। शाम को शौच के लिए निकले ही थे कि लड़खड़ा कर गिर गए। उनको पकड़कर बैठाया गया और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा गया। इस संबंध में कोतवाल संतोष कुमार सिंह का कहना है कि उनके परिवारवालों को सूचना दे दी गई है।


CBSE के बाद क्या यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी टलेंगी? जानें क्या बोले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

कोरोना की मार : टल सकती है यूपी बोर्ड की परीक्षा, तैयारियों में जुटे 19 में से 17 अधिकारी संक्रमित


सार
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को बताया कि परीक्षा की तैयारियों से जुड़े 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इनके स्वस्थ होने के बाद परीक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

विस्तार
प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के चलते आठ मई से होने वाली माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा टल सकती है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को बताया कि परीक्षा की तैयारियों से जुड़े 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।

इनके स्वस्थ होने के बाद परीक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। उसके बाद मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय करेंगे। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार हाईस्कूल की परीक्षा 8 से 25 मई तक और इंटरमीडिएट की 8 से 28 मई तक संचालित होनी है।




CBSE के बाद क्या यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी टलेंगी? जानें क्या बोले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा है कि यूपी बोर्ड की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों की मॉनिटरिंग करेगा। मंत्री लगातार वहां के जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क में रहेंगे। अभी आठ मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा होनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना पीक का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं।


सभी के ठीक व स्वस्थ होने के बाद हम आपस में चर्चा करके मुख्यमंत्री से संवाद करेंगे। इसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा।  सीबीएसई बोर्ड में 10 से 15 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। यूपी बोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है जिसमें 55-56 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। परीक्षा की तैयारियों की मॉनिटरिंग चल रही थी। मुख्यमंत्री खुद परीक्षा की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर हमने दो हजार बेड बढ़ाने का निर्णय लिया। एक हजार वेंटीलेटर बाहर से मंगाए। एम्बुलेंस बढ़ाई, चिकित्सा के संबंध में दवाइयों की जरूरत पूरी की है। हमारी जनता से भी अपेक्षा हैं कि हम अपने स्वास्थ्य के रक्षक खुद हैं। इसलिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। 

मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित लेकिन सक्रिय
डा दिनेश शर्मा ने जानकारी दी है कि मैंने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है। मुख्यमंत्री के गले में खराश है, हल्का जुकाम भी है और थोड़ा बुखार भी। लेकिन वह सक्रिय हैं। मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों की व्यवस्था से जुड़े लोगों से बात करें और लोगों के लिए व्यवस्था दुरुस्त कराएं। मुख्यमंत्री कर्मयोद्धा हैं। जिस तत्परता के साथ सुबह छह से रात बारह बजे तक काम किया है, इसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिल सकता। आज भी उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के समुचित निर्देश दिए हैं। लखनऊ में वेंटीलेटर, दवाइयां, बेड को लेकर व्यवस्था की जा रही है।

CBSE exam 2021: सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

CBSE exam 2021: सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, देखें अधिकृत नोटिफिकेशन


The Ministry of Education on April 14 decided to cancel CBSE board exams for Class 10 and postpone Class 12.

 Results of Class 10 examination will be prepared on the basis of an objective criterion to be developed by the Board. Class 12th exams will be held later, the situation will be reviewed on June 1 by the Board.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी। 10वीं के स्टूडेंट्स का रिजल्ट बोर्ड द्वारा तैयार किए गए ऑब्जेएक्टिव क्राइटिया द्वारा तैयार किया जाएगा।


सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं की आगे की तारीख स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी। परीक्षाएं शुरू होने से पहले 15 दिन पहले बताया जाएगा।


आज सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है।   आपको बता दें कि कल ही दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परीक्षाओं को रद्द किए जाने की मांग की थी। अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से परीक्षा रद्द करने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र वायरस के संक्रमण को फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं। इसी बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्र को पत्र लिखकर 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की अपील की थी। 

आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र ने भी राज्य बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर मई के आखिर या जून में कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) ने कक्षा 10, 12 परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी हैं।  एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं 30 अप्रैल से शुरू होनी थी। एमपी स्कूल एजुकेशन विभाग जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा।  


सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलनी थी. सीबीएसई की इन बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 4 मई से होनी थी. 6 मई को दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए इंग्लिश की परीक्षा आयोजित की जानी थी.


नई दिल्ली: देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है.


सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने या आगे बढ़ाने को लेकर उठ रही मांगों के मद्देनजर पीएम मोदी ने आज शिक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी. इसी बैठक में फैसले के बाद ही शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने परीक्षाओं को ..... करने की घोषणा की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.


कब होनी थी CBSE बोर्ड परीक्षाएं
दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट पहले ही जारी की जा चुकी है. बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलनी थी. वहीं 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित करने का एलान किया गया था. सीबीएसई की इन बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 4 मई से होनी थी. सीबीएसई द्वारा जारी की गई डेटशीट के मुताबिक 6 मई को दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए इंग्लिश की परीक्षा आयोजित की जानी थी. 10 मई को हिंदी ,11 मई को उर्दू, 15 को विज्ञान, 20 को होम साइंस, 21 मई को गणित और 27 मई को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा ली जानी थी.

CBSE : सिर्फ आईकार्ड पर मिलेगा सीबीएसई का डुप्लीकेट सर्टिफिकेट और मार्कशीट

CBSE : सिर्फ आईकार्ड पर मिलेगा सीबीएसई का डुप्लीकेट सर्टिफिकेट और मार्कशीट


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से 10वीं और 12वीं पास छात्र-छात्राओं को डुप्लीकेट मार्क्सशीट या सर्टिफिकेट निकलवाने के लिए अब परेशान नहीं होना होगा। अखबार में विज्ञापन देने से लेकर प्रिंसिपल या गजटेड अधिकारी से सत्यापन तक के झंझट से उन्हें छुटकारा मिल गया है। सीबीएसई ने अंकपत्र या प्रमाणपत्र खोने, चोरी होने या नष्ट होने की स्थिति में द्वितीय प्रति जारी करने की प्रक्रिया आसान की है।


अब छात्र या छात्रा को सिर्फ वांछित दस्तावेज के लिए एक प्रार्थना पत्र और अपना पहचान पत्र (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक आदि) के साथ निर्धारित शुल्क जमा कर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था 16 मार्च से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में लागू हो चुकी है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने बताया कि बोर्ड की ओर से प्रधानाचार्यों को भेजे गए सर्कुलर में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी गई है।

CBSE exam 2021: सीबीएसई 10वीं, 12वीं की परीक्षाओं के टलने के आसार, परीक्षा रद्द करने का नहीं है विचार


CBSE exam 2021: सीबीएसई 10वीं, 12वीं की परीक्षाओं के टलने के आसार, परीक्षा रद्द करने का नहीं है विचार


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर स्टूडेंट्स में असंमजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल सीबीएसई परीक्षाओं के एडमिट कार्ड एक महीने पहले जारी हो जाते हैं, लेकिन अभी तक परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी नहीं किए गए हैं, जबकि परीक्षाएं 4 मई से शुरू होनी हैं। वहीं दूसरी तरफ कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकतर राज्यों की बोर्ड परीक्षाएं टाली जा रही हैं, यही वजह है कि स्टूडेंट्स को लग रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं भी टाली जा सकती हैं।

  

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक शिक्षा विभाग और सीबीएसई के अधिकारी परीक्षाओं को टालने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन परीक्षाएं रद्द करने को बोर्ड की कोई योजना नहीं है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र, एमपी ने परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी हैं।


आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र ने भी राज्य बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर मई के आखिर या जून में कराने का फैसला लिया है। वहीं यूपी बोर्ड ने भी 24 अप्रैल से होने वाली परीक्षाओं को पंचायत चुनाव और कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थगित कर दिया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) ने कक्षा 10, 12 परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी हैं।  एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं 30 अप्रैल से शुरू होनी थी। एमपी स्कूल एजुकेशन विभाग जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा।  


टलने के आसार
सीबीएसई डेटशीट के मुताबिक 10वीं कक्षा की परीक्षा चार मई से सात जून के बीच होगी और 12वीं कक्षा की परीक्षा चार मई से 15 जून के बीच आयोजित की जाएंगी। आपको बता दें कि देशभर में स्कूल खुलने के बाद से स्टूडेंट्स और शिक्षक कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। आपको बता दें कि देशभर से लाखों स्टूडेंट्स इन बोर्ड परीक्षाओं में शमिल होते हैं। सोशल मीडिया पर पहले से ही स्टूडेंट्स और पैरेंट्स परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे हैं। 

केजरीवाल ने भी की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की अपील, बोले- हॉटस्पॉट बन सकते हैं एग्जाम हॉल

केजरीवाल ने भी की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की अपील, बोले- हॉटस्पॉट बन सकते हैं एग्जाम हॉल


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर केंद्र सरकार से 10वीं और 12वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जरूरी है। सीबीएसई की परीक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सीबीएसई की परीक्षाओं में इस बार दिल्ली के 6 लाख बच्चे बैठेंगे और 1 लाख टीचर भी शामिल होंगे। अगर उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो परीक्षा केंद्र बड़े हॉटस्पॉट बन सकते हैं। 


केजरीवाल ने कहा कि मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द किया जाए। बोर्ड परीक्षाएं आयोजित कराने से कोरोना वायरस का संक्रमण व्यापक स्तर पर फैल सकता है, असेसमेंट के वैकल्पिक तरीकों को खोजा जा सकता है। छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा या इंटरनल असेसमेंट के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जा सकता है।

नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 16 मई को प्रस्तावित चयन परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र जारी

नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 16 मई को प्रस्तावित चयन परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र जारी

जानिए कैसे डाउनलोड करें नवोदय विद्यालय  कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र 


NVS Admit Card 2021, JNVST 2021 Date: मिजोरम, मेघालय और नागालैंड को छोड़कर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में कक्षा 6 में दाखिला लेने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) 2021 का आयोजन 16 मई को होगा।

    

● NVS ने जारी किए कक्षा 6 के एडमिट कार्ड।

● मई और जून में होगी JNVST 2021 परीक्षा।

● एक बार स्थगित हो चुके हैं एंट्रेस टेस्ट एग्जाम।


NVS Admit Card 2021, JNVST 2021 Date: नवोदय विद्यालय समिति (Navodaya Vidyalaya) ने कक्षा 6 में एडमिशन के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय सिलेक्शन टेस्ट (JNVST) 2021 के एंट्रेस एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन्होंने, JNVST 2021 के लिए रजिस्ट्रेशन किया था वे अब अपना हॉल टिकट नवोदय विद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए डायरेक्ट लिंक नीचे दिया गया है।

कब होगी परीक्षा (JNVST 2021 Exam Date)

नवोदय विद्यालय समिति ने 16 मई 2021 को मिजोरम, मेघालय और नागालैंड को छोड़कर सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के लिए कक्षा 6 में दाखिला लेने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) 2021 का आयोजन करने का फैसला लिया है। जबकि मिजोरम, मेघालय, और नागालैंड राज्यों में JNVST 2021 एग्जाम 19 जून 2021 को आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, नवोदय कक्षा 6 प्रवेश परीक्षा 10 अप्रैल को आयोजित की जाने वाली थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा।


कैसे डाउनलोड करें JNVST Admit Card 2021

चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट navodaya.gov.in पर जाएं।

चरण 2: होम पेज पर, फ्लैश हो रहे 'Click here to download the Admit Card for class VI JNVST 2021' लिंक पर क्लिक करें।

चरण 3: नया पेज खुल जाएगा, कैंडिडेट्स कॉर्नर में 'Download Admit Card' पर क्लिक करें।

चरण 4: नए पेज पर पहुंच जाएंगे, यहां मांगी गई जरूरी डीटेल्स जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर जन्म तिथि आदि भरें।

चरण 5: JNVST एडमिट कार्ड खुलेगा।

चरण 6: इसे डाउनलोड करें और आगे के लिए प्रिंट आउट लेकर अपने पास रखें।


इन बातों रखें ध्यान

अगर किसी छात्र के JNVST 2021 एडमिट कार्ड में कोई गड़बड़ी या गलती है तो उसे खुद ठीक न करें। ऐसी स्थिति में एग्जामिनेशन बोर्ड से संपर्क करना चाहिए। ध्यान रहे, एग्जाम के दिन जेएनवीएसटी 6 वीं कक्षा के एडमिट कार्ड 2021 को ले जाना न भूलें, इसके बिना एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी।


यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वालों को प्राथमिकता पर लगेगी वैक्सीन


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण सीबीएसई ने भले ही अपनी परीक्षाएं टाल दी हैं लेकिन यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां बदस्तूर चल रही है। हालांकि परीक्षा में शामिल हो रहे 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए शासन ने शिक्षकों व कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने के आदेश दिए हैं।


विशेष सचिव शासन उदयभानु त्रिपाठी ने सभी डीएम, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, सचिव यूपी बोर्ड, संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को मंगलवार को आदेश भेजा है कि बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले एवं आयु के अनुसार वैक्सीनेशन के लिए पात्र शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को टीकाकरण उत्सव के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाई जाए।


सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि शासन से आदेश मिले हैं, उसके अनुपालन में परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को टीका लगवाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के अफसरों को इस संबंध में आदेश भेजे जा रहे हैं।