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Wednesday, July 8, 2020

गोरखपुर : वित्त व लेखाधिकारी को नोटिस, होगी कार्रवाई

वित्त व लेखाधिकारी को नोटिस, होगी कार्रवाई



जिले में 278 शिक्षकों के पैनकार्ड का ब्योरा गलत होने का मामला इसे लेकर सख्त हुआ बेसिक शिक्षा विभाग एवं लेखा विभाग की लापरवाही से जनपद के 278 शिक्षकों के पैनकार्ड की ब्योरा गलत होने के मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को मंगलवार को नोटिस जारी कर दिया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने न सिर्फ नोटिस का जवाब तीन दिनों के अंदर मांगा है बल्कि मामले की जांच कर दोषी के इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी को नोटिस दे दिया विरुद्ध कार्रवाई करने का भी निर्देश गया है। इतने बड़े दिया है। पैन कार्ड में ब्योरा गलत अंकित होने की सूचना मुख्यालय को विभाग पैमाने पर हुई त्रुटि कैसे हुई इसकी जांच कराई जा रही द्वारा दे दी गई है। शिक्षकों को सत्यापन है, जो भी दोषी होगा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो इसे लेकर फोटो युक्त नोटरी की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर साधारण स्पष्टीकरण के साथ समस्त साक्ष्य, नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज खंड शिक्षाधिकारी उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।। भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए रहा है। इस कड़ी में सभी बेसिक ज शिक्षा अधिकारियों से उनके यहां ती स स् कार्यरत शिक्षकों के पैनकार्ड का ब्योरा या विभाग को उपलब्ध कराना होगा। एक्सेल शीट व पीडीएफ में मांगा गया इसके बाद उनके पैन कार्ड संशोधित हो जाएगा। था बेसिक शिक्षा विभाग ने एक्सेल के शीट पर पैन कार्ड का ब्योरा मुहैया ज बता दें कि अनामिका शुक्ला कराया, लेकिन टाइपिंग में गलती की के प्रकरण के बाद से शासन के निर्देश वजह से 278 शिक्षकों के पैनकार्ड का पर शिक्षकों का सत्यापन कराया जा ब्योरा गलत हो गया।

Tuesday, July 7, 2020

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा के लेखा विभाग का हाल पैन कार्ड का नंबर गलत अंकित कर बना दिया फर्जी शिक्षक

बीएसए ऑफिस की लापरवाही से 278 शिक्षकों को परेशानी

पैन कार्ड का ब्यौरा टाइपिंग में त्रुटि की वजह से गलत हो गया है। इस संबंध में लेखा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। गलती कहां हुई इसकी जांच कर कार्रवाई होगी। ये कोई फर्जी शिक्षक नहीं हैं, इनके पैन कार्ड का सत्यापन कराया जाएगा। शिक्षकों से भी सत्यापन में सहयोग करने की अपेक्षा है। - बीएन सिंह, बीएसए

गोरखपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही से 278 शिक्षकों के पैन कार्ड की डिटेल गलत अंकित हो गई। विभागीय लापरवाही की वजह से अब इन शिक्षकों को परेशानी हो रही है। अब बेवजह उन्हें सत्यापन के लिए बीआरसी का चक्कर लगाना होगा। गड़बड़ी मिलने के बाद बीएसए ने लेखा विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। बेसिक शिक्षा विभाग के शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद से शासन के निर्देश पर शिक्षकों का अधिकारियों ने इस संबंध में जो सत्यापन कराया जा रहा है। इस सूची उपलब्ध कराई है, उसमें कड़ी में सभी बेसिक शिक्षा टाइपिंग त्रुटि की वजह से 278 अधिकारियों से उनके यहां कार्यरत शिक्षकों के पैन कार्ड की डिटेल शिक्षकों के पैन कार्ड की डिटेल गलत हो गई। इनके नाम, पिता का नाम, पैन कार्ड नंबर और जन्मतिथि में व्यापक गलतियां हैं। 

Thursday, July 2, 2020

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के डिजिटलाइजेशन के जाल में फंसे कई फर्जी शिक्षक, मानव संपदा और पैन कार्ड ने पकड़वाए 18 फर्जी शिक्षक

मानव संपदा और पैन कार्ड ने पकड़वाए 18 फर्जी शिक्षक, ऐसे खुला इनका राज

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कराए जा रहे डिजिटलाइजेशन ने पकड़वाया है। मानव संपदा पोर्टल या पैन कार्ड का ब्योरा ऑनलाइन होते ही असली शिक्षकों की पकड़ में उनके दस्तावेज पर नौकरी कर रहे फर्जी शिक्षक आ गए। जिसके बाद उनकी शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

जांच के बाद पिछले एक वर्ष में 12 फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए गए है चुके हैं। वहीं छह निलंबित होने के साथ ही पांच और शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। जुलाई तक इनपर बर्खास्तगी की कार्रवाई पूरी होगी।

वर्ष-2019 में एसटीएफ की छापेमारी केे बाद से बेसिक शिक्षा विभाग को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अधिक मात्रा में शिकायतें मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं मानव संपदा पोर्टल और पैन कार्ड, आधार कार्ड को शिक्षकों के रिकार्ड में शामिल करने की शुरूआत हुई।

जैसे-जैसे शिक्षकों का ब्योरा अपडेट करने का सिलसिला शुरू हुआ। वैसे-वैसे कूटरचित दस्तावेजों के सहारे दो-दो जगह नौकरी हासिल करने वाले फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें बढ़ने लगीं। आनन फानन में विभाग ने इनपर कार्रवाई की।

अब तक 51 बर्खास्त
जांच के बाद अबतक 51 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कराने के लिए साथ ही 37 शिक्षकों पर बीएसए की तहरीर पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं प्राथमिक जांच में संदिग्ध मिलने पर 30 शिक्षक निलंबित किए जा चुके हैं। इसकेे अलावा करीब 20 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच में मानव संपदा पोर्टल और पैन कार्ड ने गोरखपुर में कई शिक्षकों को पकड़वाया है। आईटीआर जमा करने के दौरान कई शिक्षकों को अपने पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल होने की जानकारी मिली। उन्होंने शिकायत की तो आरोपी पकड़े गए। ऐसे ही मानव संपदा पोर्टल ने भी दो जगह पर एक ही दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों का राजफाश किया है।

गोरखपुर : कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के उपभोग के सम्बन्ध में

गोरखपुर : कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के उपभोग के सम्बन्ध में

गोरखपुर : 2010 एवं 2011 में नियुक्त/अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से आये शिक्षको के सभी अभिलेखों की स्वप्रमाणित छाया प्रति जमा करने के सम्बंध में

गोरखपुर : 2010 एवं 2011 में नियुक्त/अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से आये शिक्षको के सभी अभिलेखों की स्वप्रमाणित छाया प्रति जमा करने के सम्बंध में

गोरखपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत खाद्यान्न छात्रों को वितरित किये जाने के सम्बन्ध में

गोरखपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत खाद्यान्न छात्रों को वितरित किये जाने के सम्बन्ध में

गोरखपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत परिवर्तन लागत की धनराशि छात्रों को वितरित किये जाने के सम्बन्ध में

मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत परिवर्तन लागत की धनराशि छात्रों को वितरित किये जाने के सम्बन्ध में

गोरखपुर : 25 फर्जी शिक्षकों ने हजम किया सात करोड़ का वेतन, अब ऐसे की जाएगी रिकवरी

  • बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से वेतन रिकवरी का ब्योरा किया जा रहा तैयार

  • अगले सप्ताह तक इसे राजस्व विभाग को भेजे जाने की तैयारी
  • कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी हासिल करने वाले फर्जी शिक्षकों के खिलाफ वेतन रिकवरी की कार्रवाई बेसिक शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। अब तक 25 शिक्षकों से वेतन रिकवरी की फाइल तैयार की जा रही है।

    फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल कर इन शिक्षकों ने दशकों में सात करोड़ आठ लाख 29907 रुपये का वेतन भुगतान लिया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक खासकर जंगल कौड़िया ब्लॉक के तीन शिक्षकों पर सर्वाधिक 72-77 लाख रुपये की सर्वाधिक रिकवरी बनेगी।

    वर्ष-2019 में एसटीएफ की छापेमारी के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग को कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ अधिक मात्रा में शिकायतें मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। जांच के बाद अब तक 51 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कराने के लिए साथ ही 37 शिक्षकों पर बीएसए के तहरीर पर राजघाट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।

    वहीं प्राथमिक जांच में संदिग्ध मिलने पर 30 शिक्षक निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 20 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। नियम के मुताबिक फर्जी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद ही विभाग की ओर से वेतन रिकवरी की फाइल तैयार की जाती है।

    पिछले वर्ष मुकदमा दर्ज होने के बाद से विभाग की ओर से फाइल मार्च में ही तैयार कर ली जानी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसमें देरी हुई। अब विभाग 25 शिक्षकों से वेतन रिकवरी की फाइल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसके बाद इसे राजस्व विभाग को भेज दिया जाएगा।

    पहले चरण में 12 फर्जी शिक्षकों की भेजी जाएगी फाइल
    पहले चरण में 12 फर्जी शिक्षकों से वेतन रिकवरी के रूप में 3,64,90,025 रुपये की रिकवरी की फाइल भेजी जाएगी। दूसरे चरण में 13 शिक्षकों के 3,43,39,882 रुपये की रिकवरी भेजी जाएगी।

    सर्वाधिक वेतन लेने वाले शिक्षक
    जंगल कौड़िया ब्लॉक पर तैनात रहे फर्जी शिक्षक जयप्रकाश मिश्रा पर 77,17,784 रुपये, रामप्रसाद पर 74,17,982 और राकेश सिंह पर 72,23,022 रुपये की सर्वाधिक रिकवरी बनती है।

    जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि फर्जी शिक्षकों से वेतन रिकवरी की प्रगति शासन स्तर से तलब की गई है। फाइल तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इसे रिकवरी के लिए आगे भेजने के साथ ही इसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी। बाकि बचे फर्जी शिक्षकों के वेतन रिकवरी की फाइल भी जुलाई में तैयार कराई जाएगी।

Tuesday, June 30, 2020

गोरखपुर : 2010 के बाद नियुक्त/अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से आये शिक्षको के सभी अभिलेखों की स्वप्रमाणित छाया प्रति जमा करने के सम्बंध में

2010 के बाद नियुक्त/अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से आये शिक्षको के सभी अभिलेखों की स्वप्रमाणित छाया प्रति जमा करने के सम्बंध में

Thursday, June 25, 2020

गोरखपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर नहीं भर पा रहे हैं अपना सही विवरण, ऑनलाइन जानकारियां बार-बार बदल रहे शिक्षक

मानव सम्पदा पोर्टल पर नहीं भर पा रहे हैं अपना सही विवरण, ऑनलाइन जानकारियां बार-बार बदल रहे शिक्षक

गोरखपुर के तीन हजार से ज्यादा परिषदीय स्कूलों में काम करने वाले 7900 शिक्षक मानव संपदा पोर्टल पर अपना सही विवरण नहीं भर पा रहे हैं। इसकी वजह से परिषदीय शिक्षकों का ऑनलाइन विवरण तैयार नहीं हो पा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मानव सम्पदा पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिसमें विद्यालयों का विवरण उपलब्ध रहता है। अनामिका शुक्ला प्रकरण एवं अन्य फर्जी शिक्षकों के मामले सामने आने के बाद विभाग ने मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों के ऑनलाइन विवरण को भरवाने में गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है। क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं जो ऑनलाइन विवरण को सही से भर हीनहीं पा रहे है। विभाग की ओर से ऐसे 680 शिक्षकों की सूची जारी की गई है। जिन्होंने ऑनलाइन विवरण नहीं भरा है, या गलत भरा है। बार बार जानकारी अपडेट कर रहे शिक्षक शासन से कई बार निर्देश मिलने के बाद भी मानव सम्पदा पोर्टल पर डिटेल नहीं भरी जा सकी है। सबसे बड़ी दिक्कत ये आरही है कि शिक्षक एक ही जानकारी को भरने के बाद कई-कई बार से उसे अपडेट कर रहे हैं। इस वजह से शैक्षिक योग्यता नहीं भरनेवालों पर नजरः मानव सम्पदा पोर्टल में परिषदीय शिक्षकों को अपना सम्पूर्ण विवरण देना फाइनल विवरण अपलोड नहीं हो पा रहा होता है। जिसमें घर, नाम, पता, नियुक्ति वर्ष, नियुक्ति स्कूल, कार्यरत स्कूल का नाम, पद, परिवार के सदस्यों के साथ ही शैक्षणिक विवरण भी देना होता है। बेसिक शिक्षा विभाग लगातार मानव सम्पदा पोर्टल पर नजर रखे हुये हैं। जिसमें 100 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं। जिन्होंने अभी तक अपनी शैक्षिक योग्यता और एकेडमिक प्रमाण पत्र और अंकपत्रों का ब्योरा नहीं भरा है। है। बड़ी संख्या में जब शिक्षक जानकारी बार-बार अपडेट करने से नहीं माने तो विभाग ने शिक्षकों के नामवार लिस्ट जारी कर निर्देश दिया कि एक ही जानकारी को बार-बार अपडेट करने से काफी दिक्कतें आती हैं। इसलिए मानव सम्पदा पोर्टल पर जानाकरी अपलोड करने में सावधानी बरते। जो जानकारी भर दी है उसे बार बार बदले नहीं।



सूची जारी मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों का विवरण भरना अनिवार्य है। निरंतर मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों को निर्देशित किया जा रहा है कि सभी शिक्षकों को भरना होता है विवरण जिले में कार्य हैं जल्द से जल्द अपना विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अपडेट करें। इसमें किसी प्रकार 7900 परिषदीय स्कूल की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 


जटिल प्रक्रिया बड़ी समस्या
मानव सम्पदा पोर्टल पर विवरण भरने की प्रक्रिया को परिषदीय शिक्षक बेहद जटिल मान रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि जटिल प्रक्रिया की वजह से ही विवरण भरने में देरी हो रही है। कई चरणों में विवरण भरना है। इसलिए तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है


Wednesday, June 24, 2020

गोरखपुर फर्जी शिक्षक : कूटरचित दस्तावेजों से हासिल की थी नौकरी, तीन बर्खास्त, अब तक 51 शिक्षकों पर कार्रवाई, 30 निलंबित

फर्जी शिक्षक: कूटरचित दस्तावेजों से हासिल की थी नौकरी, तीन बर्खास्त
    
उरूवा, बड़हलगंज और गोला ब्लॉक के विद्यालयों में थी तैनाती

कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परिषदीय विद्यालयों में नौकरी हासिल करने वाले तीन और फर्जी शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने बर्खास्त कर दिया है। इनकी तैनाती उरूवा, बड़हलगंज और गोला ब्लॉक के विद्यालयों में थी।

गोला ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय, रानीपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात रविंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ मिली शिकायत की जांच में उनका वर्ष 2011 का टीईटी का अंकपत्र फर्जी मिला।
बड़हलगंज के प्राथमिक विद्यालय खजुरी पांडेय में तैनात सहायक अध्यापक नीरज कुमार पांडेय और उरूवा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय टिकरी बुजुर्ग में कार्यरत सुनील कुमार सिंह के खिलाफ दूसरे के प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी हासिल करने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान आरोप पुष्ट पाए गए। जिसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
अब तक 51 शिक्षकों पर कार्रवाई, 30 निलंबित

Friday, June 19, 2020

गोरखपुर : फर्जी शिक्षकों पर मेहरबान हैं खंड शिक्षाधिकारी, पांच माह से नहीं दे रहे जांच रिपोर्ट


गोरखपुर : फर्जी शिक्षकों पर मेहरबान हैं खंड शिक्षाधिकारी, पांच माह से नहीं दे रहे जांच रिपोर्ट


निलंबित शिक्षकों की रिपोर्ट न देकर उन्‍हें राहत देने का काम किया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी पांच माह से जांच रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहे हैं। ...


गोरखपुर । जनपद में नाम बदलकर व कूट रचित प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले 33 निलंबित शिक्षकों की जांच पिछले पांच माह से लटकी हुई है। निलंबित शिक्षकों की जांच संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को सौंपी गई है, लेकिन उनके द्वारा जांच में शिथिलता दिखाने से न तो जांच पूरी हो रही है और न ही मामला पुष्ट होने के बाद शिक्षकों पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है। 


जांच रिपोर्ट अब तक न देने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों पर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए हैं। कुछ का कहना है कि निलंबित शिक्षकों की रिपोर्ट न देकर उन्‍हें राहत देने का काम किया जा रहा है। बहरहाल, अब खंड शिक्षा अधिकारियों पर ही निर्भर है कि वह कितने दिन तक निलंबित शिक्षकों पर मेहरबान रहेंगे। जिले में इस मामले में अब तक 48 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं।


विभाग की सक्रियता पर नहीं, शिकायत के आधार पर अब तक हुई कार्रवाई
जिले में फर्जी शिक्षकों के मामलों पर नजर डालें तो अभी तक जितनी भी कार्रवाई हुई हैं वह सभी शिकायतों के आधार पर हुई। अभी भी 22 शिक्षक विभाग के रडार पर हैं, जिन पर जांच की कार्रवाई गतिमान है। कस्तूरबा की विज्ञान शिक्षिका अनामिका प्रकरण के भंडाफोड़ के बाद प्रदेश सरकार ने सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र के सत्यापन का आदेश दिया है। ऐसे में जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की लंबी फेहरिस्त सामने आ सकती है।


इन ब्लाकों के हैं निलंबित शिक्षक
बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाले जिन 33 शिक्षकों के विरुद्ध् निलंबन की कार्रवाई की है उनमें ब्रह्मपुर, बड़हलगंज, बेलघाट, कौड़ीराम, पिपरौली,  खजनी,  भटहट, पाली, सरदारनगर,  चरगांवा, गगहा,  जंगल कौड़ियां, गोला तथा सहजनवां विकास खंड के अंतर्गत स्थित प्राइमरी स्‍कूल के शिक्षक शामिल हैं।


जांच रिपोर्ट में विलंब के कारण नहीं हो पा रही बर्खास्‍तगी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्‍द्र नारायण सिंह का कहना है कि निलंबित शिक्षकों की जांच संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारियों को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में विलंब होने के कारण इनकी बर्खास्तगी नहीं हो पा रही है। खंड शिक्षाधिकारियों को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

Thursday, June 18, 2020

हड़कंप : कोरोना संक्रमित के खौफ से गोरखपुर में 8 दिनों के लिए बीआरसी बंद, 40 लोग होम क्वारंटीन, बीईओ और संघ आमने सामने

हड़कंप :  कोरोना संक्रमित के खौफ से गोरखपुर में 8 दिनों के लिए बीआरसी बंद, 40 लोग होम क्वारंटीन, बीईओ और संघ आमने सामने


गोरखपुर ।  मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन ब्यौरा देने भटहट के ब्लॉक संसाधन केंद्र पर देने पहुंची शिक्षिका की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से वहां मौजूद खंड शिक्षाअधिकारी, शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग ने बीआरसी को 26 जून तक बंद करने के साथ ही वहां मौजूद बीईओ समेत 40 शिक्षकों और कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन का निर्देश जारी कर दिया है। साथ ही होम क्वारंटाइन के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है।


मामला 12 जून का है, जब प्रधानाध्यापक शिक्षिका ब्लॉक पर मानव संपदा पोर्टल पर अपना ब्यौरा देनें आई थीं। उस दिन ब्लॉक पर खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से शिक्षक संकुल को लेकर बैठक भी बुलाई गई थी। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के मुताबिक इस बैठक में खंड शिक्षाधिकारी, 40 शिक्षक एवं बीआरसी के सात कर्मचारी भी उपस्थित रहे।इस बीच मानव संपदा पोर्टल पर विवरण भरने को लेकर कई शिक्षक भी ब्लॉक संसाधन केंद्र पहुंचे थे। 


जिलाध्यक्ष भक्तराज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार के निर्देशों उल्लंघन कर एक साथ 50 लोगों की बैठक कराई गई। उसी दौरान 30 शिक्षक भी मानव संपदा पोर्टल को लेकर केंद्र पर पहुंचे थे। इन्हीं शिक्षकों में एक शिक्षिका भी थी।

 

प्राथमिक शिक्षक संघ और बीईओ आमने सामने

खंड शिक्षाधिकारी के मुताबिक महिला प्रधानाध्यापक प्रभा 12 जून को नहीं बल्कि दस जून को ब्लॉक संसाधन केंद्र आयी थी। जबकि उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के मुताबिक महिला शिक्षिका 12 जून को ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयी थीं। दोनों के ही अपने अपने दावे हैं। 


मगर एहतियात के तौर पर शिक्षकों और कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर दिया गया है।बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि प्रधानाध्यापिका की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने की सूचना के तुरंत बाद ही बीआरसी की 26 जून को बंद कर दिया गया है। वहीं बीईओ समेत 40 शिक्षकों और कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन का निर्देश दिया गया है।

Friday, June 5, 2020

गोरखपुर : कायाकल्प से सम्बंधित सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में निर्देश जारी, देखें

गोरखपुर : कायाकल्प से सम्बंधित सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में निर्देश जारी, देखें

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के महत्त्वपूर्ण कार्य यू-डायस व मानव संपदा माह जून में कराए जाने के सम्बन्ध में

गोरखपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के महत्त्वपूर्ण कार्य यू-डायस व मानव संपदा माह जून में कराए जाने के सम्बन्ध में

Thursday, June 4, 2020

गोरखपुर : ARP के अवशेष पदों हेतु पुनः विज्ञप्ति जारी, देखें

गोरखपुर : ARP के अवशेष पदों हेतु पुनः विज्ञप्ति जारी, देखें

Saturday, May 30, 2020

69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जनपद गोरखपुर में नियुक्ति हेतु काउन्सलिंग सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण निर्देश सह प्रारूप जारी देखें

गोरखपुर : 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जनपद गोरखपुर में नियुक्ति हेतु काउन्सलिंग सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण निर्देश सह प्रारूप जारी देखें

गोरखपुर : निलंबित अध्यापकों का चार्ज हस्तांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

गोरखपुर : निलंबित अध्यापकों का चार्ज हस्तांतरित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

Friday, May 29, 2020

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन classes के सम्बन्ध में

परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन classes के सम्बन्ध में

गोरखपुर : 1/6/2015 से अद्यतन मृतक अध्यापकों एवं उनके आश्रितों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

01/06/2015 से अद्यतन मृतक अध्यापकों एवं उनके आश्रितों की सूचना उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में