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Friday, May 14, 2021

CBSE Class 12 Exam 2021 : सीबीएसई 12वीं परीक्षा पर अभी कोई फैसला नहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दी सूचना

CBSE Class 12 Exam 2021 : सीबीएसई 12वीं परीक्षा पर अभी कोई फैसला नहीं, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दी सूचना

CBSE Class 12 Exam 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को कहा कि 12वीं बोर्ड की लंबित परीक्षा को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। कोविड-19 महामारी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए छात्रों एवं अभिभावकों का एक वर्ग इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहा है।


सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, '' यह स्पष्ट किया जाता है कि 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर ऐसा (रद्द करने संबंधी) कोई फैसला नहीं लिया गया है जिसके बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, '' इस मामले में कोई फैसला लिए जाने पर इसकी अधिकारिक रूप से जानकारी दी जाएगी।

अधिकारी इस संबंध में उन सवालों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे जिसमें 12वीं बोर्ड परीक्षा लिए जाने या रद्द किए जाने की संभावना के बारे में पूछा गया था । हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण छात्रों एवं अभिभावकों का एक वर्ग इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहा है।


उल्लेखनीय है कि बोर्ड ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 14 अप्रैल को 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने और 12वीं बोर्ड परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी । इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई्र एक उच्च स्तरीय बैठक में फैसला किया गया था। बोर्ड परीक्षा आमतौर पर हर साल फरवरी-मार्च महीने में आयोजित की जाती है जबकि इस साल इसका कार्यक्रम 4 मई से शुरू हो रहा था।

बोर्ड ने कहा था कि 12वीं बोर्ड परीक्षा स्थगित की जाती है और इसकी समीक्षा 1 जून के बाद की जाएगी तथा छात्रों को कम से कम 15 दिन पहले परीक्षा के बारे में नोटिस दिया जाएगा। वहीं, सीबीएसई ने इसी महीने 10वीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में अंक देने की नीति की घोषणा की थी। इसके तहत प्रत्एक विषय में 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन तथा 80 अंक वर्ष में हुए विभिन्न टेस्ट या परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर दिए जाएंगे।

Wednesday, May 12, 2021

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती


इस बार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कंक्षा 10 का परिणाम जारी करने के बाद छात्र उसको चुनौती नहीं दे पाएंगे। छात्र न तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर पाएंगे न ही अंको के सत्यापन की मांग कर सकेंगे। कोरोना की वजह से 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद जो नई मूल्यांकन नीति जारी की गई उसमे इस बार यह व्यवस्था खत्म कर दी गयी है।


कोरोना संक्रमण को देखते हुए बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा रद्द करती है। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी करने को लेकर नई मूल्यांकन नीति तैयार की है। जिसे सभी स्कूलों को भेज दिया गया है। वहीं परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मूल्यांकन नीति के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा भी की है। नई मूल्यांकन नीति के अनुसार छात्रों का परिणाम यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा। 10 अंक यूनिट टेस्ट, 30 अंक अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 अंक प्री बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं शेष 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रस्तावित तिथि 20 जून है। 


परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद इस बार छात्र उसे चुनौती नहीं दे पाएंगे। ना तो अंको का सत्यापन करा पाएंगे और ना ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे नई मूल्यांकन नीति में छात्रों को यह सुविधा नहीं दी गई है। इसको लेकर बोर्ड ने अपना तर्क भी स्पष्ट किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार परीक्षा परिणाम स्कूलों के टेस्ट व प्री बोर्ड परीक्षा के आधार पर तैयार किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों को पहले ही स्कूलों में उसकी कॉपियां दिखाई जा चुकी होंगी। छात्रों ने पहले ही अंकों का सत्यापन कर लिया होगा। ऐसे में परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद दोबारा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की जरूरत नहीं होगी।


बोर्ड कर सकता है अंकों का सत्यापन
हालांकि छात्रों के पास अंकों के सत्यापन पुनर्मूल्यांकन की सुविधा नहीं होगी लेकिन वह जब चाहे अपने स्तर से इसका सत्यापन कर सकेगा। बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षा परिणाम से संबंधित सभी प्रपत्र सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि वह कभी भी स्कूलों में टीम भेजकर परीक्षा परिणाम का सत्यापन करा सकता है।


कम्पार्टमेंट की मिलेगी सुविधा 
बोर्ड छात्रों को कंपार्टमेंट में बैठने की सुविधा जरूर देगा। परीक्षा परिणाम में यदि कोई छात्र उतीर्ण नहीं हुआ तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठ सकता है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इसको लेकर भी स्कूलों से चर्चा की। बोर्ड द्वारा स्कूलों को सैंपल पेपर भेजा जाएगा जिसके आधार पर स्कूल प्रश्न पत्र तैयार करेंगे और ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करेंगे। परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी, छात्रों पर ज्यादा बोझ नहीं होगा।

Saturday, May 8, 2021

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश भर के स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बातचीत के बाद 10वों के छात्रों के प्रमोशन के नियम तय कर दिए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 10वों कक्षा में एक भी परीक्षा नहीं लेने वाले स्कूलों को अपने बच्चों की ऑनलाइन परीक्षा लेनी होगी। 


बोर्ड का कहना है कि 10वीं का छात्र कोरोना संक्रमित है अथवा किसी कारण से स्कूल ऑनलाइन परीक्षा लेने की स्थिति में नहीं हैं तो ऐसे छात्रों का रिजल्ट नौवीं के वार्षिक परिणाम के आधार पर जारी किया जायेगा। बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने के लिए स्कूलों को 15 मई तक का समय दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने देश भर के स्कूलों के साथ बेबिनार में कहा कि जिन छात्रों ने यूनिट टेस्ट, प्री-बोर्ड, अर्डवार्षिक परीक्षा नहीं दिया है, ऐसे सभी छात्रों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाए। यह ऑनलाइन मूल्यांकन स्कूल की परीक्षा समिति करे। मूल्यांकन के बाद परीक्षा समिति 15 मई रिजल्ट तैयार कर ले।


 बैठक में शामिल प्रधानाचार्यों ने बताया कि बोर्ड की ओर से आयोजित वेबिनार में मिले निर्देशों के आधार पर जल्द छात्रों का असेसमेंट करके रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा।


 इंटरनल असेसमेंट में पास नहीं हुए तो देनी होगी कंपार्टमेंट परीक्षा
भारद्वाज ने कहा कि बच्चे स्कूल की ओर से इंटनरल असेसमेंट में पास नहीं होंगे। ऐसे छात्रों के लिए स्कूल स्तर पर कंपार्टमेंट परीक्षा कराई जाएगी। सीबीएसई की ओर से ऑनलाइन असेसमेंट के लिए सैंपल पेपर भेजा जाएगा। स्कूल सैंपल पेपर के आधार पर अपने प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। स्कूल स्तर पर तैयार होने वाले रिजल्ट से यदि कोई छात्र असंतुष्ट है तो वह बोर्ड की ओर से होने बाली परीक्षा में शामिल हो सकता है। यह परीक्षा कोरोना संकट थमने के बाद कराई जा सकतो है।


सभी स्कूलों को 80 नंबर का असेसमेंट कराना जरुरी 
ऑनलाइन परीक्षा पूरी कराने अथवा नहीं कराने वाले दोनों तरह के स्कूलों के लिए 80 नंबर का असेसमेंट कराना अनिवार्य है। स्कूलों को 25 मई तक असेसमेंट का काम पूरा करके पूरा रिजल्ट तैयार कर लेना है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्कूल के बीते तीन साल के रिजल्ट के औसत के आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

Friday, May 7, 2021

सीबीएसई में 12वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर, विज्ञान के स्टूडेंट्स भी पढ़ सकते हैं इतिहास-भूगोल

सीबीएसई में 12वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर, विज्ञान के स्टूडेंट्स भी पढ़ सकते हैं इतिहास-भूगोल


सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। 

Good news of CBSE student सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र इतिहास व भूगोल जैसे विषय चुन सकेंगे। इससे छात्र-छात्राओं के लिए संकाय की बाध्यता खत्म हो गई है।


सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने नई शिक्षा नीति लागू करते हुए संकाय की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र इतिहास व भूगोल जैसे विषय चुन सकेंगे। एसोसिएशन ऑफ पब्लिक स्कूल्स के अध्यक्ष के डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि इस वर्ष से सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति लागू कर दी है।

शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद 

इससे छात्र-छात्राओं के लिए संकाय की बाध्यता खत्म हो गई है। पहले मुख्यत: 12वीं के छात्र विज्ञान, वाणिज्य एवं कला संकाय की पढ़ाई करते थे, लेकिन अब कोई छात्र विज्ञान के साथ इतिहास या भूगोल विषय की पढ़ाई कर सकता है। सीबीएसई के नए पैटर्न से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है। 

अब विषय आधारित होगी पढ़ाई

अब संकाय के बदले विषय आधारित पढ़ाई होगी। विज्ञान के छात्र कला या वाणिज्य के विषयों के चयन के लिए स्वतंत्र होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि विषय आधारित पढ़ाई करने से स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ जाएगी। पहले कई स्कूल विज्ञान संकाय पढ़ाते थे। अब अगर उनका छात्र इतिहास विषय का चयन करता है तो अब इस विषय का भी शिक्षक रखना होगा। उसी तरह कला संकाय पढ़ाने वाले स्कूलों को अब विज्ञान के शिक्षकों को भी रखना पड़ सकता है, क्योंकि छात्र इतिहास के साथ-साथ विज्ञान के विषयों का चयन कर सकते हैं। 


इंटरनेशनल पैटर्न पर होगी पढ़ाई

विशेषज्ञों का कहना कि जिस व्यवस्था को इस वर्ष सीबीएसई ने लागू किया है, वह विदेशों में पहले से ही लागू है। नई शिक्षा नीति लागू होने से सीबीएसई का पैटर्न अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इससे भारतीय छात्रों को विदेशों में पढ़ाई करने में सुविधा होगी। इसके साथ ही सीबीएसई के नए पैटर्न से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।  

Tuesday, May 4, 2021

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक , मूल्यांकन में नहीं बरती ईमानदारी तो कार्यवाही

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक


कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) के आधार पर दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देने की तैयारी है।


सीबीएसई ने सभी स्कूलों से 11 जून तक बोर्ड की वेबसाइट पर मूल्यांकन को अपलोड करने का निर्देश दिया है, ताकि बीस जून तक हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित किया जा सके। स्कूल विद्यार्थियों को दसवीं में मनमाना अंक नहीं दे सकते। सीबीएसई ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की है।


संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे बीस अंक : गाइडलाइन के अनुसार मूल्यांकन के लिए विद्यालयों को प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन भी करना है। दो अध्यापक दूसरे स्कूल, पांच शिक्षक संबंधित स्कूलों के सदस्य होंगे। समिति को दसवीं के छात्रों को 80 अंक देना होगा। बीस अंक अांतरिक मूल्यांकन के आधार पर संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे।

दसवीं के परीक्षार्थियों को प्रत्येक विषय में प्री-बोर्ड एग्जाम के 40 फीसद अंक ही दिए जाएंगे। 30 फीसद अंक अर्धवार्षिक परीक्षा तथा दस फीसद अंक यूनिट टेस्ट के परफार्मेंस के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार समिति प्री-बोर्ड, अर्धवार्षिक परीक्षा व यूनिट टेस्ट के आधार पर हर विषय में अधिकतम अंक का औसत अंक देगी।

■ प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश

■ 11 जून तक विद्यालयों को करना होगा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड

सीबीएसई ने दसवीं के विद्यार्थियों को मुख्य बोर्ड परीक्षा का अंक देने के लिए सभी विद्यालयों को एक फार्मेट भेजा है। इसके साथ ही गाइडलाइन भी दी है। इसी के आधार से ही दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देना है। इसके लिए सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - गुरमीत कौर, सीबीएसई की सिटी कोआर्डिनेटर व प्रधानाचार्य सनबीम इंग्लिश स्कूल (भगवानपुर)

तीन साल के रिजल्ट का औसत अंक
सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार समिति को स्कूल के तीन वर्ष के दसवीं के रिजल्ट के आधार पर इस बार अंक देना है। जैसे किसी विद्यालय में वर्ष 2020 में पास परीक्षार्थियों की संख्या 99 फीसद रही है और 90 प्रतिशत से अधिक अंक वाले 25 फीसद, 80 फीसद से अधिक अंक वाले 25, 70 फीसद अंक पाने वाले 35, 60 फीसद अंक पाने वाले 25 और 60 फीसद से कम अंक पाने वाले 15 फीसद छात्र हैं तो इसी तरह तीन वर्ष के रिजल्ट आधार पर 2021 में संबंधित स्कूलों के 10वीं के परीक्षार्थियों को औसत अंक देगी। तीन वर्ष के आधार पर स्कूल के ओवर ऑल रिजल्ट का औसत निर्धारित होगा।


गोरखपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने दसवीं का परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी करते हुए स्कूलों को छात्रों के मूल्यांकन की कमान सौंप दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन में ईमानदारी नहीं बरतने वाले स्कूल कार्रवाई की जद में आएंगे।


परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड कभी भी गड़बड़ी की आशंका या शिकायत मिलने पर मूल्यांकन प्रक्रिया की अपने स्तर से जांच कर सकता है। इस दौरान छात्र के साथ अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने पर बोर्ड स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। मूल्यांकन में निष्पक्षता व परिणाम को अंतिम रूप देने के लिए स्कूल द्वारा प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।


● दसवीं के मूल्यांकन की कमान देने के साथ दी चेतावनी

● परीक्षा परिणाम के लिए स्कूलों को निष्पक्षता बरतने के निर्देश


बोर्ड ने दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने को लेकर मूल्यांकन नीति जारी कर दी है। स्कूलों को मूल्यांकन में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही ईमानदारी के साथ ही नंबर देने को कहा है। ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो सके। बोर्ड जल्द ही वेबिनार आयोजित करेगा, जिसमें प्रधानाचार्यों के साथ सीबीएसई के जिला समन्वयक भी शामिल होंगे। वेबिनार में बोर्ड के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। साथ ही बोर्ड एक पोर्टल ओपेन करेगा जिस पर स्कूल छात्रों के नंबर अपलोड करेंगे। जिसके आधार पर बोर्ड द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा।


समिति में ये होंगे शामिल

दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूल आंतरिक परीक्षा समिति का गठन करेंगे। यह समिति प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बनेगी, जिसमें प्रधानाचार्य के अलावा विभिन्न विषयों (गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व दो भाषाओं) के तथा दो शिक्षक पास के स्कूल से होंगे।

Monday, May 3, 2021

बदलाव : 11वीं में प्रवेश के लिए CBSE ने बनाए नए नियम, अब अपनी मर्जी से विषय चुन सकेंगे छात्र

बदलाव : 11वीं में प्रवेश के लिए CBSE ने बनाए नए नियम, अब अपनी मर्जी से विषय चुन सकेंगे छात्र


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा ग्यारहवीं में स्ट्रीम सिस्टम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि) को हटाने का निर्णय लिया है।


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। जिसके बाद बोर्ड ने शनिवार यानी 1 मई को नई अंक निर्धारण नीति की घोषणा की थी। इसके साथ ही, बोर्ड ने आधिकारिक अधिसूचना में कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की हैं। 


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने कक्षा ग्यारहवीं में स्ट्रीम सिस्टम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स आदि) को हटाने का निर्णय लिया है। साथ ही बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा ग्यारहवीं में विभिन्न प्रकार के स्ट्रीम सिस्टम से बचें और विद्यार्थियों को उनकी रुचि और पसंद के हिसाब से विषयों का समूह चुनने की छूट दी जाए। यानी अब विद्यार्थी गणित के साथ भूगोल, राजनीतिक विज्ञान आदि चुनन सकते हैं। वहीं जिन विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं में स्टैंडर्ड मैथेमैटिक्स विषय लिया था, वे 11वीं कक्षा में भी मैथ ले सकेंगे।


अधिसूचना के मुताबिक कक्षा दसवीं में फेल होने वाले विद्यार्थियों को कंपार्टमेंट परीक्षाओं के आयोजन तक कक्षा ग्यारहवीं में बने रहने की अनुमति दी जाएगी।

CBSE Board Exam 2021: एग्जाम के लिए रहें तैयार! सीबीएसई 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी, करें डाउनलोड

CBSE Board Exam 2021: एग्जाम के लिए रहें तैयार! सीबीएसई 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी, करें डाउनलोड


CBSE Class 12 Board Exam 2021: सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं क्लास के सबजेक्ट वाइज क्वीश्चन बैंक अपलोड किए हैं। 12वीं की बोर्ड परीक्षा कोरोना वायरस के कारण स्थगित हुई थी।
    

● CBSE 12वीं क्लास का प्रश्न बैंक जारी।
● 01 जून को घोषित हो सकती है समीक्षा बैठक।
● 15 दिन पहले जारी होगी 12वीं बोर्ड एग्जाम की डेटशीट।




CBSE Class 12 Board Exam 2021 Latest Update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा सैंपल पेपर्स (CBSE Class 12 Sample papers) के बाद, प्रश्न बैंक (CBSE 12th Question Bank) भी जारी कर दिया है। स्टूडेंट्स सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना क्वीश्चयन बैंक चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।


बोर्ड ने 12वीं क्लास के सबजेक्ट वाइज क्वीश्चन बैंक अपलोड किए हैं। स्टूडेंट्स अपने विषय की तैयारी करने के लिए सीबीएसई की वेबसाइट से सैंपल पेपर्स के साथ-साथ क्वीश्चन बैंक डाउनलोड कर सकते हैं। क्वीश्चन बैंक डाउनलोड करने का तरीका और डायरेक्ट लिंक नीचे दिया गया है।

ऐसे डाउनलोड करें CBSE Class 12 Question bank

● चरण 1: सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in या cbse.nic.in पर जाएं।

● चरण 2: होम पेज पर, 'question bank' टैब पर जाएं और कक्षा 12 पर क्लिक करें।

● चरण 3: स्क्रीन पर एक नया पेज खुल जाएगा।

● चरण 4: उस विषय का चयन करें जिसका आप प्रश्न बैंक देखना चाहते हैं।

● चरण 5: पीडीएफ फाइल के साथ एक नया पेज दिखाई देगा।

● चरण 6: इसे डाउनलोड करें और एग्जाम की तैयारी करें।



सीबीएसई 12वीं बोर्ड एग्जाम डेट
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस (Covid 19) महामारी प्रकोप के कारण सीबीएसई ने 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा 2021 को स्थगित कर दी थी। बोर्ड कोरोना वायरस की स्थिति पर समीक्षा बैठक के बाद 12वीं क्लास की रिवाइज्ड एग्जाम डेट जारी करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' (Education minister Ramesh Pokhriyal) के सुझाव के अनुसार, बोर्ड 1 जून 2021 को देश में कोविड -19 स्थिति पर समीक्षा के बाद नई बोर्ड परीक्षा तारीखों का ऐलान कर सकता है।


एग्जाम के लिए रहें तैयार
सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, बोर्ड एग्जाम से 15 दिन पहले 12वीं बोर्ड परीक्षा तारीखों का ऐलान कर सकता है। छात्रों को वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।




Sunday, May 2, 2021

CBSE 20 जून को जारी करेगा 10वीं का परिणाम, घोषणा : सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन नीति जारी की

CBSE 20 जून को जारी करेगा 10वीं का परिणाम


यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंक के आधार पर स्कूल करेंगे मूल्यांकन

घोषणा : सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन नीति जारी की


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं के छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति शनिवार को जारी कर दी। इसके तहत स्कूल छात्रों को यूनिट टेस्ट, अर्ध वार्षिक परीक्षा, प्रीबोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दे सकेंगे।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सीबीएसई ने अकादमिक सत्र 2020-21 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा बीते दिनों रद्द कर दी थी। अब बोर्ड ने सालभर हुईं परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अंक देने का फैसला किया है। मूल्यांकन नीति के तहत स्कूल छात्रों को यूनिट टेस्ट के आधार पर अधिकतम 10 अंक, अर्ध वार्षिक परीक्षा के आधार पर अधिकतम 30 अंक और प्रीबोर्ड परीक्षा के आधार पर अधिकतम 40 अंक प्रदान कर सकेंगे। बाकी 20 अंक स्कूलों की ओर से किए गए आंतरिक मूल्यांकन पर आधारित होंगे।


आंतरिक समिति बनाएंगे स्कूल
-परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूलों को आंतरिक परीक्षा समिति बनानी होगी। इस समिति में प्रधानाध्यापक के साथ सात शिक्षक शामिल होंगे। अगर किसी स्कूल ने परिणाम के लिए तय तीनों श्रेणियों में किसी एक ही श्रेणी की परीक्षा आयोजित की है तो समिति शेष परीक्षाओं के लिए अंक तय करेगी।

20 जून को आएंगे रिजल्ट
-स्कूलों को 25 मई तक रिजल्ट तैयार कर पांच जून तक सीबीएसई के पास जमा कराना होगा। आंतरिक परीक्षा के अंक बोर्ड को 11 जून तक उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद सीबीएसई परीक्षा परिणाम 20 जून को घोषित कर देगा। इस सत्र में दसवीं कक्षा के लिए 22 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। 


नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के छात्रों का परिणाम 20 जून को जारी करेगा। बोर्ड ने इस संबंध में शनिवार को एक आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। 10वीं में इस बार 21.5 लाख बच्चे हैं।


गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते 10वीं की परीक्षा रद कर दी गई थी। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा परिणाम को लेकर मूल्यांकन नीति तैयार की है। इसके मुताबिक छात्रों का परिणाम यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंक के आधार पर तैयार किया जाएगा। 


10वीं के प्रत्येक विषय की परीक्षा 100 अंक की होती है। इसमें 20 अंक स्कूल आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर देता है, जबकि 80 अंकों की मुख्य परीक्षा होती है। इसमें आंतरिक मूल्यांकन के अंक ज्यादातर स्कूलों ने सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिए हैं। जिन स्कूलों ने अब तक ये अंक अपलोड नहीं किए उन्हें 11 जून तक हर हाल में अपलोड करना होगा।


बोर्ड के मुताबिक अब परीक्षाएं रद होने के बाद बचे हुए 80 अंकों का मूल्यांकन भी स्कूलों को ही करना है। इसके लिए स्कूलों द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में कराई गई परीक्षाओं को आधार बनाया जाएगा। इसमें 10 अंक यूनिट टेस्ट, 30 अंक अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 अंक प्री-बोर्ड परीक्षा के होंगे।

Wednesday, April 28, 2021

CBSE और CISCE ने 11वीं में एडमिशन के लिए छात्रों से मांगा विषय का विकल्प, मई से शुरू होंगी क्लासेस

CBSE और CISCE ने 11वीं में एडमिशन के लिए छात्रों से मांगा विषय का विकल्प, मई से शुरू होंगी क्लासेस


प्रयागराज : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल एग्जामिनेशन्स (सीआईएससीई) की ओर से 10वीं की बोर्ड परीक्षा निरस्त करने और बच्चों को प्रमोट करने के निर्णय के बाद स्कूलों ने 11वीं में प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है। स्कूलों ने बच्चों को 11वीं में विषय चुनने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भेजा है और विषय आवंटन के बाद मई के पहले सप्ताह में कक्षाएं शुरू की जाएंगी।


महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रिंसिपल सुष्मिता कानूनगो ने बताया कि विषय चुनने के लिए फॉर्म बच्चों को ऑनलाइन दे चुके हैं। एक-दो दिन में विषय दे दिए जाएंगे और एक मई से क्लास शुरू होगी। हालांकि दूसरे स्कूल से आने वाले बच्चों को रिजल्ट आने के बाद विषय आवंटन होगा। उन्हें एक्स्ट्रा क्लास और ब्रिज कोर्स से छूटा कोर्स पूरा कराएंगे।


इसी प्रकार सेंट जोसेफ कॉलेज के 10वीं के छात्र छात्राओं को भी ऑनलाइन फॉर्म दे दिए गए हैं। प्रिंसिपल फादर थॉमस कुमार का कहना है कि 10वीं के प्री बोर्ड सही से नहीं हो सके थे। इसलिए कक्षा 9 की परफार्मेंस के आधार पर विषय का आवंटन होगा। 3 मई से ऑनलाइन क्लास शुरू करने की तैयारी है। 

Sunday, April 25, 2021

शिक्षक सीखेंगे डिजिटल तकनीक, सीबीएसई आईबीएम के सहयोग से करेगा प्रशिक्षित

Teachers CBSE  IBM digital
शिक्षक सीखेंगे डिजिटल तकनीक, सीबीएसई आईबीएम के सहयोग से करेगा प्रशिक्षित

देशभर से 200 कंप्यूटर साइंस शिक्षक, आईटी शिक्षक व एआई पढ़ाने वाले किए जाएंगे प्रशिक्षित


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने डिजिटल तकनीक के महत्व को समझते हुए शिक्षकों को ट्रेंड करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सीबीएसई आईबीएम के सहयोग से देशभर के 200 कंप्यूटर साइंस, आईटी व एआई(आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस) पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित करने जा रहा है। द ग्लोबल टीचर्स अकादमी फॉर डिजिटल टेक्नॉलाजी सीबीएसई की एक पहल है। इसका उदेश्य एआई शिक्षकों व मेंटर का एक ऐसा समूह बनाना है जो कि स्कूलों में एआई शिक्षा को बढ़ा सकते हैं। 



बोर्ड का मानना है कि यह शिक्षक स्कूली छात्रों के बीच 21वीं सदी की तकनीकों का प्रसार करेंगे। इसके लिए शिक्षकों को 26 अप्रैल से 25 मई तक ऑनलाइन प्रशिक्षित किया जाएगा। यह ट्रेंड शिक्षक सीबीएसई व आईबीएम के सहयोग से अगले छ: माह में दस हजार शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। यह शिक्षक छात्रों को उनकेएआई प्रोजेक्ट्स में भी मदद करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लाइव सेशन, हैंड्स ऑन सेशन आयोजित किए जाएंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को वैश्विक स्तर की काफी तकनीकों को सीखने व समझने का मौका मिलेगा। जिनका इस्तेमाल वह शिक्षण में भी कर सकेंगे। 


कार्यक्रम को पूरा करने वाले शिक्षकों को आईबीएम प्रोफेशनल बैज प्रदान किया जाएगा। इस प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए बोर्ड ने किसी प्रकार की फीस नहीं रखी है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  हिस्सा लेने के लिए बोर्ड ने एक लिंक उपलब्ध कराया है, जिसके माध्यम से शिक्षक 25 अप्रैल से पहले पंजीकृत हो सकते हैं। 

Friday, April 23, 2021

CBSE ने परीक्षा पैटर्न में किया बदलाव

सीबीएसई ने परीक्षा पैटर्न में किया बदलाव

CBSE Exam 2021: सीबीएसई कक्षा 9 से 12वीं तक की असेसमेंट और इवैल्युएशन प्रक्रिया में हुआ बदलाव


CBSE Changes  Assessment, Evaluation for 2021-22: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सत्र 2021-22 से कक्षा 9 से 12वीं तक के लिए असेसमेंट और इवैल्युएशन में बदलाव किया है। सीबीएसई की ओर से इवैल्युएशन को लेकर हाल में जारी किए गए नोटिस के अनुसार, सीबीएसई का यह कदम प्रतिस्पर्धा आधारित शिक्षा (CBE) को बल देना है। इस संबंध में सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर विस्तृत नोटिस जारी किया है।

नोटिस के अनुसार, सीबीएसई की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं में अधिक प्रतिस्पर्धा (competency) आधारित प्रश्नों को शामिल किया जाएगा। इसी प्रकार से कक्षा 9 और 11 की परीक्षाओं में भी प्रतिस्पर्धा आधारित अधिक प्रश्न शामिल होंगे। इसका मकसद होगा कि वास्तविक जीवन या आसामान्य परिस्थिति भी प्रश्नपत्र का हिस्सा हो।

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों के सभी प्रमुखों को मिले पत्र के अनुसार, सीबीएसई ने यह बदलाव आगामी नए शैक्षिक सत्र के लिए किया है। परीक्षा में प्रश्नों का यह नया पैटर्न कक्षा 9 और 10 में 30 फीसदी होगा जबकि कक्षा 11 और 12 में 20 फीसदी होगा। 

कक्षा 11 और 12 में 20 फीसदी प्रतिस्पर्धा आधारित प्रश्न होंगे, नए सत्र में 20 फीसदी प्रश्न विकल्पीय और 60 फीसदी प्रश्न शॉर्ट एंड लॉन्ग आंसर वाले होगे। हालांकि परीक्षा का समय और ओवरऑल मार्क्स में कोई बदलाव नहीं होगा।


नई दिल्ली: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सत्र 2021-22 से परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक अब कक्षा नौवीं से 12वीं की वार्षिक और बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में बदलाव किया जाएगा। छात्रों से योग्यता आधारित प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। ऐसे प्रश्नों को तरजीह दी जाएगी, जो वास्तविक जीवन से जुड़े हुए होंगे। इससे छात्रों में रचनात्मक सोच विकसित होगी।


बोर्ड के मुताबिक नौवीं और 10वीं में लगभग 30 फीसद बहुविकल्पीय, केस-आधारित और सोर्स आधारित इंटीग्रेटेड सवाल पूछे जाएंगे। 20 फीसद सवाल वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे और 50 फीसद लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे। कक्षा 11 और 12 में 20 फीसद योग्यता आधारित प्रश्न होंगे। सीबीएसई ने यह बदलाव विद्यार्थियों के हित में नई शिक्षा नीति के आलोक में किया है। योग्यता आधारित प्रश्न पूछे जाने छात्रों की बौद्धिक क्षमता का आकलन हो सकेगा। विद्यार्थियों को आगे चलकर यह पैटर्न लाभदायक हो सकता है।


● पाठ्यक्रम को रटने की जगह छात्रों में रचनात्मक सोच होगी विकसित
● कक्षा नौ से बारह की वार्षिक व बोर्ड परीक्षाओं के पेपर में बदलाव

ये हुए बदलाव


★ कक्षा 11 और 12


■ मौजूदा पैटर्न (2020-21)
● बहुविकल्पीय प्रश्न के साथ वस्तुनिष्ठ प्रश्न (20 फीसद)
● केस-आधारित और सोर्स आधारित प्रश्न (10 फीसद)
● लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-(70 फीसद)


■ संशोधित पैटर्न (2021-22)
● 20 फीसद योग्यता आधारित प्रश्न होंगे। इसमें बहुविकल्पीय, केस-आधारित और सोर्स आधारित प्रश्न होंगे।
● 20 फीसद वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।
● शेष 60 फीसद प्रश्न लघु और दीर्घ उत्तरीय होंगे।



★ कक्षा 9 और 10


■ मौजूदा संरचना (2020-21)
● बहुविकल्पीय प्रश्न के साथ वस्तुनिष्ठ प्रश्न (20 फीसद)
● केस-आधारित और सोर्स आधारित प्रश्न (20 फीसद)
● लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-(60 फीसद)


■ संशोधित (2021-22)
● 30 फीसद प्रश्न योग्यता आधारित प्रश्न होंगे। इसमें बहुविकल्पीय, केस- आधारित और सोर्स आधारित प्रश्न होंगे।
● 20 फीसद वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।
● 50 फीसद लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे।

Thursday, April 22, 2021

CBSE ने स्कूलों से मांगी प्रोजेक्ट व असाइनमेंट रिपोर्ट

CBSE  ने स्कूलों से मांगी प्रोजेक्ट व असाइनमेंट रिपोर्ट


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा निरस्त करने के बाद अब बच्चों के रिजल्ट की तैयारी शुरू कर दी है। सीबीएसई की ओर से स्कूलों को एक तय फार्मेट में बच्चों की पूरे वर्ष की परफार्मेंस रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसमें प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट आदि की जानकारी मांगी गई है। स्कूल इसी के आधार पर रिजल्ट तैयार करेंगे।



कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी थी। इसके बाद सीबीएसई की ओर से इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट असाइनमेंट के आधार पर मूल्यांकन की तैयारी शुरू कर दी गई थी। अब बोर्ड की ओर से स्कूलों को पत्र के साथ फार्मेट भेजकर बच्चों की वार्षिक रिपोर्ट मांगी गई है।


सीबीएसई ने स्कूलों से 15 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।  स्कूलों से साप्ताहिक टेस्ट के साथ टर्म परीक्षा में शामिल छात्रों की जानकारी के साथ उसमें मिले अंकों का विवरण मांगा गया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 में पूरे वर्ष ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये छात्रों की पढ़ाई हुई। सत्र के अंत में सरकार के आदेश पर दसवीं एवं बारहवीं के बच्चों को स्कूल बुलाया गया। इस अवधि में छात्रों के प्रोजेक्ट, असाइनमेंट आदि पूरे करने के साथ बच्चों के इंटरनल असेसमेंट भी किए गए। स्कूलों की ओर से बच्चों की प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी पूरी कराई गईं। अब बच्चों के रिजल्ट तैयार करने में ये अंक महत्वपूर्ण साबित होंगे।

Tuesday, April 20, 2021

CBSE Board 10th Exam : स्कूलों ने दिए 10वीं के 18 लाख छात्रों को ऐसे पास करने के सुझाव

CBSE Board 10th Exam : स्कूलों ने दिए 10वीं के 18 लाख छात्रों को ऐसे पास करने के सुझाव



CBSE Board 10th Exam : सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए मूल्यांकन के तरीके पर स्कूलों से सुझाव मांगे हैं. ज्यादातर स्कूलों ने अपने सुझाव भेज भी दिए हैं. स्कूल अंतरिक मूल्यांकन और सालाना परफॉर्मेंस के आधार पर पास करने पर सहमत हैं.


नई दिल्ली. सीबीएसई ने कोरोना के कारण परीक्षा रद्द करने के बाद 10वीं के करीब 18 लाख छात्रों को पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. छात्रों के मूल्यांकन के लिए सीबीएसई ने सभी स्कूलों से सुझाव मांगे हैं. ज्यादातर स्कूल संचालकों ने अपने सुझाव बोर्ड को भेज दिए हैं. अपने सुझावों में स्कूलों ने आंतरिक परीक्षा और सालाना परफॉर्मेंस को महत्व दिया है. अधिकांश स्कूल इस तरह से छात्रों को प्रमोट करने पर सहमत हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि 10वीं के छात्रों को अंतरिक मूल्यांकन और सालाना परफॉर्मेंस के आधार पर 11वीं में प्रमोट किया जाए सकता है.


इससे पहले 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने को लेकर 14 अप्रैल को हुई बैठक के बाद शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने छात्रों को प्रमोट करने के तरीके के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 10वीं के रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाएंगे. अगर कोई विद्यार्थी अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है, तो परीक्षा कराने की अनुकूल स्थिति में उसे परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा.


पिछले साल इस तरह हुए थे पास
पिछले भी कोरोना की वजह से 10वीं और 12वीं के कई पेपर नहीं हो सकते थे. 10वीं और 12वीं के कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गई थीं. शेष 54 विषयों का मूल्यांकन ग्रेडिंग के जरिए किया गया था. इसमें इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर छात्रों को अंक दिए गए थे.

Sunday, April 18, 2021

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत


प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) 10वीं की निरस्त परीक्षा का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकता है। पिछले वर्ष भी सीबीएसई ने 10वीं की छाटी परीक्षाओं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट के आधार पर जारी किया था। सीबीएसई की ओर से चार मई से प्रस्तावित 10वीं की परीक्षा निरस्त करने के साथ बारहवीं की परीक्षा बाद में कराने का फैसला लिया गया


है। सीबीएसई की ओर से 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने के लिए जल्द ही बैकल्पिक पद्धति के बारे में जानकारी दी जाएगी। बोर्ड के वैकल्पिक फार्मूले से यदि परीक्षार्थी असंतुष्ट होंगे तो उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के बाद परीक्षार्थी अपने अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं। 


2020 में भी सीबीएसई को 10वीं और 12वों की परीक्षा बीच में रोकनी पड़ी थी। दसवीं और बारहवीं के कई विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी थी। सीबीएसई की जो परीक्षा शेष थी, वह मुख्य विषयों की नहीं थी। इसी कारण बोर्ड ने बची परीक्षाएं नहीं कराईं। 10वों और 12वीं के बचे कुल 83 बिषयों के प्रश्नपत्रों में से 29 मुख्य विषयों की परीक्षाएं कराई गईं। बचे 54 विषयों का मूल्यांकन ग्रेडिंग के जरिए किया गया। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट बर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर इन प्रश्नपत्रों का परिणाम जारी किया गया था। 


उम्मीद है कि सीबीएसई 2021 में भी 10वीं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर जारी करेगा। ऐसे में 10 वीं में एक बार फिर से मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी।

Saturday, April 17, 2021

CBSE : इंटरनल असेसमेंट में चमके तो दसवीं में बरसेंगे नंबर, जानिए कैसे तैयार होगा रिजल्ट

CBSE : इंटरनल असेसमेंट में चमके तो दसवीं में बरसेंगे नंबर, जानिए कैसे तैयार होगा रिजल्ट

    
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं की परीक्षाओं को निरस्त करते हुए विद्यार्थियों को प्रमोट करने का एलान किया है। मगर प्रमोशन का आधार क्या होगा, इसपर अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया है। मगर जानकारों की मानें तो बोर्ड की ओर से पिछले वर्ष की भांति प्रमोशन के लिए इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क को ही आधार बनाया जा सकता है। जिले में बोर्ड से संचालित 113 स्कूलों में दस हजार विद्यार्थी दसवीं के लिए पंजीकृत हैं।


पिछले साल कोरोना के चलते सीबीएसई को बीच में ही परीक्षाएं रोकनी पड़ी थीं। 10वीं और 12वीं के कई पेपर नहीं हो सके थे। सीबीएसई 10वीं कक्षा के कई पेपर बच गए थे लेकिन मुख्य विषयों की श्रेणी में नहीं आने के कारण ये पेपर नहीं कराए गए थे। 10वीं व 12वीं के शेष बचे कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गईं थीं। शेष 54 विषयों का ग्रेडिंग से मूल्यांकन किया गया था। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर इन पेपरों का रिजल्ट जारी हुआ था। संभव है कि सीबीएसई इस वर्ष 10वीं का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकती है।


दसवीं में मिले नंबर से नहीं संतुष्ट तो दे सकेंगे परीक्षा
शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 10वीं कक्षा का रिजल्ट सीबीएसई द्वारा तैयार की गई एक वैकल्पिक पद्धति से जारी किया जाएगा। जल्द ही बोर्ड मूल्यांकन का फॉर्मूला तैयार करेगा। अगर कोई छात्र इस पद्धति से दिए गए मार्क्स से असंतुष्ट होता है तो उसे बाद में मौका दिया जाएगा। हालात ठीक होने पर परीक्षा कराई जाएगी जिसमें ऐसे छात्र अपने मार्क्स सुधार सकते हैं।


नहीं हुआ था टॉपर्स का एलान
पिछले वर्ष 10वीं कक्षा में 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए थे। मेरिट लिस्ट नहीं जारी की गई थी। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने 12वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के टॉपरों का ऐलान नहीं किया था।


एक जून को समीक्षा कर जारी होगा बारहवीं का कार्यक्रम
देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने चार मई से शुरू होने वाली 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी है। 12वीं की परीक्षा टाल दी गई है। 1 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद 12वीं के नए शेड्यूल पर फैसला लिया जाएगा।


कक्षा 11वीं में प्रवेश शुरू
दसवीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट किए जाने के बाद शहर के विभिन्न स्कूलों ने कक्षा 11वीं की प्रवेश प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।

प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित

प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित


लखनऊ: सीबीएसई व यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद अब प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अप्रैल को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में शासन ने प्रदेश के अन्य बोर्डो की हर प्रकार की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी हैं। आइसीएसई बोर्ड, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड व मदरसा बोर्ड में गृह व आंतरिक परीक्षाएं भी अब नहीं हो सकेंगी।




मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प

मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प


प्रयागराज कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करदी हैं। परीक्षाएं स्थगित करने के निर्णय से परेशान अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प देने की मांग की है। परीक्षार्थियों की मांग है कि जिस प्रकार इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित दूसरे संस्थान अपनी कॉपी देकर छात्रों को परीक्षा में शामिल कर रहे हैं, उसी तरीके से सीबीएसई और यूपी बोर्ड भी बच्चों की ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था कर परीक्षा करा सकते हैं। 


ऑनलाइन परीक्षा में जिन छात्रों को कॉपी जमा करने में समस्या हो उसके लिए क्षेत्र के किसी विद्यालय को नोडल सेंटर बनाकर ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था की जा सकती है। ऑनलाइन विकल्प के तौर पर छात्रों को ई-मेल पर कॉपी जमा करने की सुविधा दी जा सकती है। ऐसे में छात्रों का कुछ मूल्यांकन तो हो सकेगा। पूरे सालभर पढ़ाई करने के बाद जब छात्रों का परीक्षा से मूल्यांकन होगा तो उन्हें अपने बारे में पता चलेगा राजकीय इंटर कॉलेज के डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी का कहना है कि जब ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प न हो तो छात्रों का मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाए। 


छात्रों को कॉपी देकर उसे ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था करके परीक्षा कराई जा सकती है। अभिभावक डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी का कहना है कि अब ऑनलाइन परीक्षा ही एकमात्र विकल्प है। इसे सीबीएसई एवं यूपी बोर्ड दोनों को अपनाना चाहिए। काउंसलर डॉ. मनु भट्ट का कहना है कि परीक्षा रद्द नहीं करनी चाहिए। दसवीं के छात्रों का ऑनलाइन असेसमेंट करके उन्हें नंबर देने चाहिए। बारहवीं के अंक कॅरियर में निर्णायक होते हैं, ऐसे में परीक्षा जरूरी है। छात्रों के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएं। छात्रों से कॉपी में उत्तर लिखवाकर उसका मूल्यांकन कराया जाए।

Thursday, April 15, 2021

जानें, कैसे बिना परीक्षा तैयार किया जाएगा CBSE का 10वीं का रिजल्ट


जानें, कैसे बिना परीक्षा तैयार किया जाएगा CBSE का 10वीं का रिजल्ट


CBSE 10th Exam 2021 : देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने 4 मई से शुरू होने वाली 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द कर दी है। 12वीं की परीक्षा टाल दी गई है। 1 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद 12वीं के नए शेड्यूल पर फैसला लिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि 10वीं कक्षा का रिजल्ट सीबीएसई द्वारा तैयार की गई एक वैकल्पिक पद्धति से जारी किया जाएगा। जल्द ही बोर्ड मूल्यांकन का फॉर्मूला तैयार करेगा। अगर कोई छात्र इस पद्धति से दिए गए मार्क्स से असंतुष्ट होता है तो उसे बाद में मौका दिया जाएगा। हालात ठीक होने पर परीक्षा कराई जाएगी जिसमें ऐसे छात्र अपने मार्क्स सुधार सकते हैं। 

पिछले साल नहीं हुए थे कई पेपर, ये था रिजल्ट का फॉर्मूला
पिछले साल कोरोना के चलते सीबीएसई को बीच में ही परीक्षाएं रोकनी पड़ी थीं। 10वीं 12वीं के कई पेपर नहीं हो सके थे। सीबीएसई 10वीं कक्षा के कई पेपर बच गए थे लेकिन मुख्य विषयों की श्रेणी में नहीं आने के कारण ये पेपर नहीं कराए गए थे। 10वीं 12वीं के शेष बचे कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गईं थीं। शेष 54 विषयों का ग्रेडिंग से मूल्यांकन किया गया था। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर इन पेपरो का रिजल्ट जारी हुआ था। संभव है कि सीबीएसई इस वर्ष 10वीं का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकती है। 


पिछले वर्ष 10वीं कक्षा में 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए थे। मेरिट लिस्ट नहीं जारी की गई थी। कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने 12वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के टॉपरों का ऐलान नहीं किया था। 


इसके अलावा पिछले वर्ष सीबीएसई स्कूलों में कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्रों को भी इंटरनल असेसमेंट, टेस्ट, प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर पास कर दिया गया था। 


सीबीएसई से पहले छत्‍तीसगढ़ बोर्ड, पंजाब बोर्ड और एमपी बोर्ड भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर चुके हैं।

Wednesday, April 14, 2021

CBSE exam 2021: सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी

CBSE exam 2021: सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, देखें अधिकृत नोटिफिकेशन


The Ministry of Education on April 14 decided to cancel CBSE board exams for Class 10 and postpone Class 12.

 Results of Class 10 examination will be prepared on the basis of an objective criterion to be developed by the Board. Class 12th exams will be held later, the situation will be reviewed on June 1 by the Board.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं के एग्जाम फिलहाल कैंसिल कर दिए गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी। 10वीं के स्टूडेंट्स का रिजल्ट बोर्ड द्वारा तैयार किए गए ऑब्जेएक्टिव क्राइटिया द्वारा तैयार किया जाएगा।


सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं की आगे की तारीख स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी। परीक्षाएं शुरू होने से पहले 15 दिन पहले बताया जाएगा।


आज सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है।   आपको बता दें कि कल ही दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परीक्षाओं को रद्द किए जाने की मांग की थी। अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से परीक्षा रद्द करने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र वायरस के संक्रमण को फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं। इसी बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्र को पत्र लिखकर 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की अपील की थी। 

आपको बता दें कि कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र ने भी राज्य बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर मई के आखिर या जून में कराने का फैसला लिया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) ने कक्षा 10, 12 परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी हैं।  एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं 30 अप्रैल से शुरू होनी थी। एमपी स्कूल एजुकेशन विभाग जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा।  


सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलनी थी. सीबीएसई की इन बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 4 मई से होनी थी. 6 मई को दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए इंग्लिश की परीक्षा आयोजित की जानी थी.


नई दिल्ली: देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को आगे बढ़ा दिया गया है.


सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द करने या आगे बढ़ाने को लेकर उठ रही मांगों के मद्देनजर पीएम मोदी ने आज शिक्षा मंत्रालय के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी. इसी बैठक में फैसले के बाद ही शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने परीक्षाओं को ..... करने की घोषणा की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीबीएसई परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी.


कब होनी थी CBSE बोर्ड परीक्षाएं
दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट पहले ही जारी की जा चुकी है. बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलनी थी. वहीं 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित करने का एलान किया गया था. सीबीएसई की इन बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत 4 मई से होनी थी. सीबीएसई द्वारा जारी की गई डेटशीट के मुताबिक 6 मई को दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए इंग्लिश की परीक्षा आयोजित की जानी थी. 10 मई को हिंदी ,11 मई को उर्दू, 15 को विज्ञान, 20 को होम साइंस, 21 मई को गणित और 27 मई को सामाजिक विज्ञान की परीक्षा ली जानी थी.

CBSE : सिर्फ आईकार्ड पर मिलेगा सीबीएसई का डुप्लीकेट सर्टिफिकेट और मार्कशीट

CBSE : सिर्फ आईकार्ड पर मिलेगा सीबीएसई का डुप्लीकेट सर्टिफिकेट और मार्कशीट


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से 10वीं और 12वीं पास छात्र-छात्राओं को डुप्लीकेट मार्क्सशीट या सर्टिफिकेट निकलवाने के लिए अब परेशान नहीं होना होगा। अखबार में विज्ञापन देने से लेकर प्रिंसिपल या गजटेड अधिकारी से सत्यापन तक के झंझट से उन्हें छुटकारा मिल गया है। सीबीएसई ने अंकपत्र या प्रमाणपत्र खोने, चोरी होने या नष्ट होने की स्थिति में द्वितीय प्रति जारी करने की प्रक्रिया आसान की है।


अब छात्र या छात्रा को सिर्फ वांछित दस्तावेज के लिए एक प्रार्थना पत्र और अपना पहचान पत्र (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, बैंक पासबुक आदि) के साथ निर्धारित शुल्क जमा कर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था 16 मार्च से सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में लागू हो चुकी है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो ने बताया कि बोर्ड की ओर से प्रधानाचार्यों को भेजे गए सर्कुलर में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी गई है।