DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label सीबीएसई. Show all posts
Showing posts with label सीबीएसई. Show all posts

Wednesday, July 15, 2020

CBSE 10th रिजल्ट : 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास, टॉपर्स का नहीं किया एलान


CBSE 10th Result 2020 Live  : जारी हुआ सीबीएसई 10वीं रिजल्ट,  ऐसे जाने अपना रिजल्ट


CBSE 10th रिजल्ट : 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास, टॉपर्स का नहीं किया एलान

इस वर्ष 10वीं कक्षा में 91.46 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए जबकि पिछले वर्ष 91.10 फीसदी बच्चे पास हुए थे। यानी पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष रिजल्ट में मामूली (0.36 फीसदी) बढ़ोतरी हुई। सीबीएसई ने कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष 12वीं और 10वीं दोनों कक्षाओं के टॉपरों का ऐलान नहीं किया है।


CBSE 10th Result 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को दसवीं कक्षा के नतीजे जारी किए। दसवीं कक्षा के विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट-cbseresults.nic.in, cbse.nic.inresults.nic.in है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर दसवीं कक्षा के रिजल्ट की घोषणा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को बधाई भी दी। इस साल दसवीं कक्षा के लिए 18.8 लाख विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया था।


छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट सीबीएसई की वेबसाइट के अलावा उमंग ऐप ( UMANG ) और डिजरिजल्ट्स ( DigiResults ) ऐप से भी चेक कर सकेंगे। 


CBSE Results 2020: APP पर यूं चेक करें रिजल्ट
स्टूडेंट्स UMANG Mobile Platform और DigiResults से नतीजे चेक कर सकेंगे। आपको बता दें कि उमंग ऐप एंड्रायड, आईओएस, और विंडो बेस्ड स्मार्टफोन पर उपलब्ध है। वहीं डिजिरिजल्ट सिर्फ एंड्रायड मोबाइल ऐप है। इन एप्स को डाउनलोड कर आप रिजल्ट चेक कर सकते हैं।


 IVRS सिस्टम से यूं चेक करें रिजल्ट
- अगर सीबीएसई की वेबसाइट काम नहीं कर रही है या आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो आप सीबीएसई रिजल्ट IVRS से चेक कर सकते हैं। अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो 24300699 पर फोन करें। और अगर आप देश के अन्य हिस्से में रहते हैं तो 011-24300699 पर कॉल करें। 

- इसके अलावा स्टूडेंट्स अपने स्कूल से भी रिजल्ट के लिए संपर्क कर सकते हैं। हर स्कूल को उसके बच्चों के रिजल्ट की पूरी फाइल ईमेल की जाएगी। 


SMS से रिजल्ट चेक करने का तरीका
- 12वीं के रिजल्ट के समय जारी किया गया था ये नंबर
सीबीएसई ने 12वीं रिजल्ट के दौरान SMS से रिजल्ट जारी करने का नंबर जारी किया था। हो सकता है कि बोर्ड 10वीं के लिए नया नंबर जारी करे या फिर 12वीं वाला नंबर ही रहने दे। 

● 12वीं वाले छात्र ऐसे चेक कर रहे थे अपना रिजल्ट
अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें- cbse12
 और भेज दें 7738299899 पर। 
उदाहरण - जैसे आपका रोल नंबर 1234567891 है तो आपको मैसेज करना होगा - 
cbse12 1234567891

 सीबीएसई ने सोमवार को बिना सूचना दिए 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर सबको चौंका दिया था। 12वीं में 88.78% बच्चे पास हुए हैं। लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5.96 प्रतिशत बेहतर रहा।

10वीं के करीब 18 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह से ही परिणाम जारी होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन मंगलवार को परीक्षा परिणाम जारी होने की खबर का सीबीएसई ने खंडन किया। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर बुधवार (आज) को परीक्षा परिणाम जारी होने की बात कही। सीबीएसई ने कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष 12वीं की मेरिट सूची नहीं जारी की। 10वीं की मेरिट सूची जारी होगी या नहीं, इसके बारे में सीबीएसई ने कुछ नहीं बताया है। 


इस वर्ष स्टूडेंट्स को मार्कशीट में RT, RW, RL जैसे एब्रीविएशन शब्द देखने को मिलेंगे। RT का मतलब रिपीट थ्योरी होता है। स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में अलग पास होना होता है। RT वाले स्टूडेंट्स को थ्योरी का पेपर फिर से देना होगा। लेकिन 10वीं में ये एब्रीवेशन देखने को नहीं मिलेगी क्योंकि 10वीं में कम्युलेटिव स्कोर देखा जाता है। 

● RW का मतलब रिजल्ट विदहेल्ड Result Withheld । यानी कुछ कारणों से रिजल्ट रोका जाना। 
● RL मतलब रिजल्ट लेटर (Results Later)। यानी इनका रिजल्ट बाद में जारी किया जाएगा। 
● COMP मतलब कंपार्टमेंट। अगर कोई छात्र किसी एक विषय में फेल हो जाता है, पासिंग मार्क्स (33) हासिल नहीं कर पाता है, तो उसे कंपार्टमेंट की कैटेगरी में रखा जाएगा। 
● ER का मतलब एसेंशियल रिपीट। इस बार फेल की जगह यही शब्द लिखा होगा। एसेंशियल रिपीट मतलब जिन्हें अनिवार्य तौर पर अगले साल फिर से सभी विषयों की परीक्षा में बैठना होगा।
● XXXX का मतलब होगा इंम्प्रूवमेंट। 



◆   इस बार सीबीएसई बोर्ड ने फैसला लिया कि वो मार्कशीट में FAIL लिखने की बजाय Essential Repeat लिखा जाएगा

◆ सीबीएसई 10वीं रिजल्ट में दिल्ली के सरकारी स्कूलों पर नजर रहेगी। 12वीं में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। यहां 98 फीसदी बच्चे पास हुए। अब देखना होगा कि 10वीं का रिजल्ट कैसा रहता है।


 दिल्ली के छात्रों के रद्द हुए थे पेपर-
आपको बता दें कि सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी 2020 से शुरू हुई थीं। जिसमें 10वीं का अंतिम पेपर 18 मार्च को था। दिल्ली के कुछ इलाकों में कोरोना वायरस से पहले दंगा भड़का था जिस कारण से सीबीएसई पूर्वी दिल्ली के परीक्षा केंद्रों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थी। दिल्ली के इन इलाकों की परीक्षाएं पहले कराई जानी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीएसई ने कोरोना वायरस संकट को देखते हुए 10वीं और 12वीं परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया था। 


ऐसे में दिल्ली के सीबीएसई 10वीं के छात्रों का रिजल्ट इंटरलनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी किया जाएगा। सीबीएसई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सीबीएसई 12वीं के छात्र जो असेसमेंट मार्क्स से संतुष्ट नहीं होंगे उन्हें बाद में परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा जबकि 10वीं के छात्रों का यह असेसमेंट से जारी किया गया रिजल्ट ही अंतिम रिजल्ट होगा।




सीबीएसई 10वीं के नतीजे आज होंगे जारी, मानव संसाधन विकास मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली ::  सीबीएसई की 10वीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम बुधवार को घोषित किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने यह जानकारी दी। निशंक ने ट्वीट किया, 'बच्चों, अभिभावक और शिक्षकगण, सीबीएसई 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का परिणाम बुधवार को आएगा।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, July 14, 2020

CBSE Result: लखनऊ की दिव्यांशी जैन को मिले 600 में से 600 नंबर, पूरे देश में किया टॉप, 88% बच्चे हुए पास

CBSE Result: लखनऊ की दिव्यांशी जैन को मिले 600 में से 600 नंबर, पूरे देश में किया टॉप, 88% बच्चे हुए पास

CBSE Topper Divyanshi jain: लखनऊ की दिव्यांशी जैन को सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षा में पूरे 100 पर्सेंट नंबर मिले हैं। दिव्यांशी आर्ट्स स्ट्रीम की छात्रा हैं।
 

● सीबीएसई 12वीं के रिजल्‍ट में लखनऊ की दिव्‍यांशी जैन ने पूरे देश में टॉप किया
● दिव्‍यांशी ने 600 में से 600 नंबर हासिल कर पूरे लखनऊ का मान बढ़ाया है
● डेप्‍युटी सीएम दिनेश शर्मा ने दिव्‍यांशी जैन से मुलाकात कर बधाई दी है
● पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर छात्रा के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना की


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा का रिजल्ट सोमवार को घोषित कर दिया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दिव्यांशी जैन ने पूरे देश में इतिहास रच दिया। उन्होंने 12वीं में 600 में से 600 नंबर हासिल करके पूरे देश में लखनऊ का नाम रोशन किया है। शहर के नवयुग रेडियंस स्कूल की छात्रा दिव्यांशी की इस सफलता के बाद स्कूल से लेकर आस-पड़ोस और परिचित रिश्तेदार लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं, उनके घर पर लोग मुंह मीठा करवा रहे हैं। वहीं, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।


दिव्यांशी को यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बधाई दी है। ट्विटर पर अखिलेश ने लिखा है कि 'सीबीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में शत प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली लखनऊ की छात्रा दिव्यांशी जैन को बहुत-बहुत बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।' 


जानकारी के अनुसार, दिव्यांशी जैन नवयुग रेडिएंस पब्लिक स्कूल की छात्रा हैं। सीबीएसई ने 12वीं लखनऊ की बेटी दिव्यांशी जैन 600 में से 600 अंक पाकर ऑल इंडिया टॉप किया है। दिव्यांशी जैन के पिता राकेश प्रकाश जैन बिजनेसमैन हैं, उनकी गणेशगंज में दुकान है। दिव्यांशी की माता सीमा जैन गृहिणी हैं।

 

आर्ट्स सब्जेक्ट में मिले 100 पर्सेंट नंबर
अपने रिजल्ट के बाद दिव्यांशी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि शत-प्रतिशत नंबर मिल सकते हैं। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि दिव्यांशी ने मानविकी में ये नंबर हासिल किए हैं। दिव्यांशी ने बताया कि हाईस्कूल में उन्हें 97.6 प्रतिशत अंक हासिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करके ये सफलता हासिल की है।


बता दें कि लखनऊ में सीबीएसई से संबद्ध करीब 150 स्कूलों का संचालन किया जाता है। यहां से करीब 11 हजार छात्र-छात्राओं ने इस बार सीबीएसई 12वीं की परीक्षा दी थी। सोमवार दोपहर को इनके नतीजे जारी किए गए हैं। नतीजे जारी होते ही सीबीएसई की वेबसाइट ठप हो गई। काफी मशक्कत के बाद नतीजे देखे गए।
 
88.78 फीसदी रहा सीबीएसई के 12वीं कक्षा का परिणाम
गौरतलब है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सोमवार को अचानक 12वीं कक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। इस साल सीबीएसई के 12वीं कक्षा का रिजल्ट 88.78 फीसदी रहा है, जोकि पिछले साल के मुकाबले अच्छा है। इस वर्ष 10.59 लाख विद्यार्थियों ने बारहवीं कक्षा में सफलता पाई है। अपने परिणाम से विद्यार्थी काफी खुश है।

Monday, July 13, 2020

CBSE 12th result 2020: 12वीं का रिजल्ट जारी, वेबसाइट क्रैश तो एक क्लिक में जानिए कैसे देखें अपना रिजल्ट?


CBSE 12th result 2020: 12वीं का रिजल्ट जारी, वेबसाइट क्रैश तो एक क्लिक में जानिए कैसे देखें अपना रिजल्ट? 


CBSE class 12 result: सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। बोर्ड की आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 
 

वेबसाइट क्रैश, अब कैसे चेक करें रिजल्ट
सीबीएसई (CBSE) ने बिना पूर्व सूचना के अचानक 12वीं के रिजल्ट की घोषणा कर दी। घोषणा के तुरंत बाद से ही बोर्ड की वेबसाइट्स क्रैश हो गई हैं। स्टूडेंट्स न तो मुख्य वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे हैं, न ही रिजल्ट वेबसाइट। इस बार बोर्ड ने एसएमएस (SMS) के जरिए रिजल्ट देखने का भी विकल्प नहीं दिया है।

हालांकि डिजिलॉकर (CBSE DigiLocker) में रिजल्ट दिया गया है। इसकी डीटेल भी स्टूडेंट्स को एसएमएस के जरिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी गई है। जानें इसके जरिए रिजल्ट कैसे चेक कर सकते हैं.. क्लिक करें..।

फोन कॉल पर भी पा सकते हैं रिजल्ट
वेबसाइट नहीं खुल रही है, तो परेशान न हों। आप अपना रिजल्ट फोन कॉल पर भी पा सकते हैं। सीबीएसई ने आईवीआरएस (IVRS) की सुविधा दी है। इसके लिए आपको नीचे दिए नंबर पर कॉल करना होगा। फिर जब उस कॉल के दौरान पूछा जाए तो मोबाइल में ही अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। आपको रिजल्ट मिल जाएगा।

इन नंबरों पर करें कॉल -
011-24300699
011-28127030





CBSE class 12 result 2020 delared: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के रिजल्ट्स की घोषणा कर दी है। बोर्ड ने अपनी आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट ccbseresults.nic.in पर नतीजे जारी किए हैं। आप इस रिजल्ट पेज पर सीबीएसई की मुख्य वेबसाइट cbse.nic.in के जरिए भी जा सकते हैं।




जो स्टूडेंट्स इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक इस खबर में भी दिया जा रहा है।
इस संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी है।


■ CBSE 12th result 2020: एक नजर में रिजल्ट
● कुल रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की संख्या - 12,03,595
● परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या - 11,92,961
● परीक्षा में पास होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या - 10,59,080
● कितना रहा कुल पास प्रतिशत - 88.78 फीसदी
● छात्राओं का पास प्रतिशत - 92.15 फीसदी
● छात्रों का पास प्रतिशत - 86.19 फीसदी


इस साल सीबीएसई 12वीं में स्टूडेंट्स का कुल पास प्रतिशत पिछले साल की तुलना में 5.38 फीसदी ज्यादा रहा। पिछले साल कुल 83.40 फीसदी स्टूडेंट्स सफल रहे थे। वहीं, इस बार फिर से छात्राओं ने बाजी मारी है। छात्रों की तुलना में 5.96 फीसदी ज्यादा छात्राएं सफल रही हैं।


त्रिवेंद्रम पहले, पटना आखिरी पायदान पर
इस साल 12वीं के पास प्रतिशत के आधार पर त्रिवेंद्रम जोन पहले नंबर पर है। जबकि पटना जोन आखिरी स्थान पर रहा है। जोन वाइज कहां कितने स्टूडेंट्स सफल रहे, देखें पूरी लिस्ट -

त्रिवेंद्रम - 97.67 फीसदी
बेंगलुरू - 97.05 फीसदी
चेन्नई - 96.17 फीसदी
दिल्ली पश्चिम - 94.61 फीसदी
दिल्ली पूर्व - 94.24 फीसदी
पंचकूला - 92.52 फीसदी
चंडीगढ़ - 92.04 फीसदी
भुवनेश्वर - 91.46 फीसदी
भोपाल - 90.95 फीसदी
पुणे - 90.24 फीसदी
अजमेर - 87.60 फीसदी
नोएडा - 84.87 फीसदी
गुवाहाटी - 83.37 फीसदी
देहरादून - 83.22 फीसदी
प्रयागराज - 82.49 फीसदी
पटना - 74.57 फीसदी

सीबीएसई के कोर्स से हटाए गए कई प्रैक्टिकल, 30 फीसदी तक की कटौती

सीबीएसई के कोर्स से हटाए गए कई प्रैक्टिकल, 30 फीसदी तक की कटौती

 
लखनऊ : बढ़ते संक्रमण को देखते हुए थ्योरी के अलावा सीबीएसई ने प्रैक्टिकल में 30 फीसद कमी की है। ऐसे में कक्षा नौ से 12 तक में विज्ञान विषय में कई प्रैक्टिकल हटाए गए हैं। 


कक्षा 12 में जीव विज्ञान में हटाए गए प्रयोग की सूची

’ दो अलग-अलग साइडों पर हवा में निलंबित कण पदार्थ की उपस्थिति का अध्ययन। 
’ क्वाड्रेट विधि द्वारा पौधे की जनसंख्या घनत्व का अध्ययन करना। 
’ क्वाड्रेट विधि द्वारा पौधे की जनसंख्या आवृत्ति का अध्ययन।

कक्षा 11 में जीव विज्ञान में हटाए गए प्रयोग की सूची

’ तने के टीएस का अध्ययन।
’ पोटैटो ओस्मोमीटर द्वारा ओसमोसिस का अध्ययन।
’ एपिडर्मल पील (लिली के पत्ते या प्याज के बल्ब के स्केल लीफ ) में प्लास्मोलिसिस का अध्ययन।
’ पत्तियों की ऊपरी और निचली सतह में वाष्पोत्सर्जन की दरों का तुलनात्मक अध्ययन।
’ उपयुक्त पौधे और एनिमल में सुगर, स्टार्च, प्रोटीन और वसा की उपस्थिति के लिए परीक्षण करना।
’ यूरिन अर्थात मूत्र में यूरिया की उपस्थिति के लिए परीक्षण करना।
’ पौधों की कोशिकाओं के आकार ऊतक और विविधता का अस्थाई और स्थाई स्लाइड के द्वारा अध्ययन करना।
’ रूट स्टेम एवं रूट में विभिन्न मॉडिफिकेशन का अध्ययन करना ।
’ विभिन्न प्रकार के पुष्पक्रम (सिमोस और रेसमोसे)।
’ मानव कंकाल और विभिन्न प्रकार के जोड़ों को केवल आभासी छवियों व मॉडल की मदद से अध्ययन करना।

कक्षा 12 में बायोटेक्नोलॉजी में हटाए गए प्रयोगों की सूची

’ जीनोमिक डीएनए का सीटैब विधि से अलगाव। ’ 
किसी भी प्लास्मिड का उपयोग करके जीवाणु परिवर्तन। ’ 
प्लास्मिड डीएनए का और जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा इसका विश्लेषण

इनका होगा अध्ययन

’ परमानेंट स्लाइड या स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोग्राफ के माध्यम से स्टिग्मा पर पराग कण अर्थात का अंकुरण।
’ किसी भी पौधे के विभिन्न रंगों व आकारों के बीजों का उपयोग करके वंशानुक्रम का अध्ययन

कक्षा 11 में बायोटेक्नोलॉजी में हटाए गए प्रयोगों की सूची

प्रयोगशाला में व्यावहारिक परिणाम और सुरक्षा नियमों की रिकॉर्डिग’ 
बैक्टीरियल ग्रोथ कर्वे का निर्धारण ’ 
दूध प्रोटीन का अलगाव ’ 
माइटोसिस के विभिन्न चरणों का अध्ययन और माइटोटिक इंडेक्स की गणना ’ 
कायरेटाइप की तैयारी

जल्द जारी होंगे सीबीएसई के नतीजे, बोर्ड एक दिन पहले छात्रों को सूचित करेगा

जल्द जारी होंगे सीबीएसई के नतीजे, बोर्ड एक दिन पहले छात्रों को सूचित करेगा


नई दिल्ली। सीआईएससीई ने दसवीं व बारहवीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। सीबीएसई के नतीजे 15 जुलाई तक कभी भी जारी हो सकते हैं। हालांकि अब तक बोर्ड ने नहीं की है। नतीजे जारी करने से कम से कम एक दिन पहले इसकी सूचना छात्रों को दी जाएगी। जल्द ही तिथि घोषित हो सकती है। 


दरअसल परीक्षाएं रद्द होने के बाद बोर्ड ने 15 जुलाई तक नतीजे जारी करने की बात कही थी। बोर्ड का कहना है कि छात्रों को पहले सूचना देकर बताया जाएगा कि रिजल्ट कब और कैसे देखना है। सीआईएससीई के रिजल्ट में मेरिट लिस्ट जारी नहीं होने के कारण उम्मीद की जा रही है कि सीबीएसई भी मेरिट लिस्ट के बिना ही परिणाम जारी कर सकता है। मालूम हो कि बची हुई परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद उनके लिए अलग से मूल्यांकन योजना तैयार की गई है। जिसके विषय में बोर्ड पहले ही घोषणा कर चुका है। 

Sunday, July 12, 2020

सीबीएसई के नतीजे 15 जुलाई तक, मेरिट लिस्ट पर संशय

सीबीएसई के नतीजे 15 जुलाई तक, मेरिट लिस्ट पर संशय 



नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम 15 जुलाई तक जारी कर देगा। काउंसिल ऑफ द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) की तरह सीबीएसई भी मेरिट लिस्ट जारी न करने का फैसला ले सकता है। 


सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि कोरोना के चलते एवरेज मार्केटिंग के जरिये बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी किए जाएंगे। संभव है कि बोर्ड असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष मेरिट लिस्ट न जारी करे और नही टॉपर्स का एलान करे। हालांकि जनसंपर्क अधिकारी रमा शर्मा ने कहा कि बोर्ड ने अभी टॉपर्स की लिस्ट जारी करने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।

Thursday, July 9, 2020

सीबीएसई 12वीं के छात्र पढ़ेंगे सरदार पटेल के नजरिए से राष्ट्रवाद का पाठ

सीबीएसई 12वीं के छात्र पढ़ेंगे सरदार पटेल के नजरिए से राष्ट्रवाद का पाठ


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं के छात्र अब सरदार वल्लभ भाई पटेल का राष्ट्रवाद और दीन दयाल उपाध्याय के भारतीय धर्म निरपेक्षता का पाठ पढ़ेंगे। दरअसल, पहली बार 12वीं के कोर्स करिकुलम में सरदार पटेल का नाम आया है। यह पहले कोर्स में नहीं था। सीबीएसई ने अपना 30 फीसद पाठ्यक्रम घटाया है लेकिन 11वीं के पाठ्यक्रम से राष्ट्रवाद, संघवाद, धर्म निरपेक्षता तथा नागरिकता को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 


इस बारे में सीबीएसई द्वारा बनाई गई कोर्स कमिटी ने निर्णय लिया था। इस कोर्स कमेटी के एक सदस्य का कहना है कोविड-19 से उपजी स्थिति को देखते हुए बस सत्र 2020-21 के लिए 30 फीसद तक कोर्स में कमी करनी थी। 11वीं के राजनीतिक सिद्धांत पुस्तक में से धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रवाद को इसलिए हटाया गया है क्योंकि इसे 10वीं में छात्रों ने समाज विज्ञान विषय में पढ़ा है। धर्म निरपेक्षता व राष्ट्रवाद एक पश्चिमी संकल्पना है।
 

12वीं के पाठ्यक्रम में कमेटी ने धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रवाद को भारतीय संदर्भ में पढ़ाने का पाठ्यक्रम बनाया है। वह भारतीय महापुरुषों और भारतीय समाज व परिप्रेक्ष्य के नजरिए से होगा। उन्होंने बताया कि 12वीं में राष्ट्रवाद सरदार वल्लभ भाई पटेल की दृष्टि से पढ़ाया जाएगा। भारतीय धर्म निरपेक्षता को दीन दयाल उपाध्याय के मानवतावाद तथा राम मनोहर लोहिया व जय प्रकाश नारायण के समाजवाद के संदर्भ में पढ़ाया जाएगा। कोर्स कमेटी ने इसमें जो भी संशोधन किए हैं उसे सम सामयिकता व भारतीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान मे रखकर किया है। 


भारत को विश्व की नई शक्ति के रूप में पढ़ाया जाएगा
कोर्स कमेटी के सदस्य ने बताया कि पहले पाठ्यक्रम में चीन को पढ़ाया जाता था लेकिन अब छात्र ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देश को पढ़ेंगे। भारत को उभरती हुई विश्व की नई शक्ति के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की महत्ता भी दर्शाई जाएगी। नई उभरती शक्तियों में खासकर भारत इजरायल के संबंध भी 12वीं के छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे।


किस कक्षा से क्या पाठ्यक्रम हटा

● दसवीं : लोकतंत्र एवं विविधता, लिंग, जाति एवं धर्म, लोकप्रिय संघर्ष एवं आंदोलन और लोकतंत्र के लिए चुनौतियां जैसे विषय हटाए गए हैं।

● 11वीं : संघवाद, नागरिकता, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और भारत में स्थानीय सरकारों के विकास से संबंधित पाठ शामिल हैं। 

● 12वीं : छात्रों को भारत के अपने पड़ोसियों- पाकिस्तान, म्यामां, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के साथ संबंध, भारत के आर्थिक विकास की बदलती प्रकृति, भारत में सामाजिक आंदोलन और नोटबंदी सहित अन्य विषय पर पाठों को नहीं पढ़ना होगा।


इसलिए घटाया गया पाठ्यक्रम
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों का बोझ कम करने के लिए घटाया गया है, लेकिन मुख्य अवधारणाओं को जस का तस रखा गया है। सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम भार में अनुपातिक कमी के लिए शिक्षण संबंधी समय के नुकसान का आकलन किया गया। इसके अनुसार, बोर्ड की पाठ्यक्रम समिति ने सिलेबस घटाने पर काम शुरू किया। विभिन्न पक्षधारकों से सुझाव मांगे गए थे।

Wednesday, July 8, 2020

सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं का कोर्स 30% घटाया, कोरोना के उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय

सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं का कोर्स 30% घटाया, कोरोना के उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय।

नई दिल्ली : कोरोना संकट के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नौवीं से लेकर 12वीं तक के पाठ्यक्रम में 30 फीसदी तक की कमी कर दी है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस बाबत अभिभावकों, शिक्षकों से मशविरा लेने के बाद सीबीएसई को कोर्स कम करने का सुझाव दिया था। मंत्रालय की तरफ से बयान जारी कर कहा गया है कि कोरोना के कारण स्कूल नहीं खुल पाने से बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ा है। इसमे मद्देनजर सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए कक्षा नौ से 12 तक के पाठ्यक्रम को संशोधित किया है। इसके तहत मूल अवधारणा को बनाए रखते हुए कोर्स में 30 फीसदी तक कमी की गई है। घटाया गया पाठ्यक्रम बोर्ड परीक्षा या साल के अंत में होने वाले आंतरिक मूल्यांकन के लिए निर्धारित विषयों का हिस्सा नहीं होगा। जो पाठ्यक्रम कम किया गया है, उसकी जानकारी शिक्षक छात्रों को प्रदान करेंगे।




निर्णय : कोरोना से उपजे संकट के कारण सरकार ने लिया निर्णय, स्कूल नहीं खुल पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, June 27, 2020

CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर

CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) को एक से 15 जुलाई के बीच 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाओं को रद्द करने की इजाजत दे दी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उस स्कीम को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत छात्रों के रिजल्ट तैयार होंगे। कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर 12वीं की बची हुई परीक्षाएं आयोजित हो सकती है, यह विकल्प छात्रों के लिए खुला रहेगा। हालांकि 10वीं के छात्रों के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी। सीबीएसई और आईसीएसई के 10वीं और 12वीं के परिणाम 15 जुलाई तक जारी हो जाएंगे। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई और केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सरकार और सीबीएसई को नई अधिसूचना जारी करने के लिए कहा। सीबीएसई ने सुनवाई के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीएसई और मानव संसाधन व विकास मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के अंकों का मूल्यांकन उनके द्वारा दी गई परीक्षाओं के आधार पर होगा। उन्होंने कहा, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह स्कीम तैयार की गई है उन्होंने कहा, कोरोना के हालात सुधरने पर बची हुई परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकती है। छात्रों के पास उन परीक्षाओं में शामिल होने का विकल्प होगा। जो छात्र परीक्षा में बैठने के विकल्प को चुनेंगे, उनके लिए परीक्षाओं में प्राप्त अंक ही मान्य होंगे।




जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

सीबीएसई ने कहा, मूल्यांकन तरीका सीबीएसई जैसा ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई बोर्ड द्वारा भी बची हुई परीक्षाओं का आयोजन करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आईसीएसई ने बताया कि सीबीएसई के मूल्यांकन का तरीका भी उनसे काफी मिलता जुलता है। सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई को भी इस संबंध में नोटिस जारी करने के लिए कहा है। सीबीएसई और आईसीएई की ओर से यह बताया गया कि रिजल्ट 15 जुलाई को घोषित कर दिए जाएंगे।



10वीं के छात्र रिजल्ट से असंतुष्ट हुए तो दे सकते हैं परीक्षा : निशंक मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि सीबीएसई 10वीं के जो छात्र नतीजों से असंतुष्ट हैं और मानते हैं कि अगर उन्हें परीक्षा का मौका मिले तो वे बेहतर कर सकते हैं। ऐसे छात्रों को परीक्षा देने का विकल्प होगा। हालांकि, यह विकल्प उन्हीं छात्रों के लिए होगा, जिन्होंने सभी विषयों की परीक्षा नहीं दी हो।



CBSE : सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में मिलेंगे नम्बर।

नई दिल्ली : सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में नंबर मिलेंगे। या तीन से ज्यादा पेपर दे चुके छात्रों को सर्वश्रेष्ठ तीन के औसत पर बाकी विषयों में अंक मिलेंगे। वहीं, परिणाम 15 जुलाई तक जारी होंगे। सीबीएसई ने शुक्रवार को परीक्षा रद्द करने व वैकल्पिक अंकों की अधिसूचना जारी कर दी। नए फार्मूले के तहत तीन पेपर देने वालों को सर्वश्रेष्ठ दो के औसत से अंक मिलेंगे। जिनके 1 या 2 पेपर हुए हैं, उन्हें इनके अंक, आंतरिक मूल्यांकन/प्रेक्टिकल के औसत से अंक मिलेगा। एक या दो पेपर देने वाले 12वीं के कुछ भी छात्र हैं, जो दिल्ली के हैं। 12वीं के लिए वैकल्पिक परीक्षा का मौका भी मिलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बची परीक्षाओं के मूल्यांकन योजना के ड्राफ्ट को स्वीकृति दे दी।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

CBSE : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

सीबीएसई : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

देहरादून : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई ने एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षाएं रद्द करने के बाद शुक्रवार को असेसमेंट स्कीम जारी कर दी। इसका लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिनकी कई-कई विषयों की परीक्षाएं बची हुई थीं। सीबीएसई की ओर से परीक्षाएं रद्द करने के बाद अब असेसमेंट की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस योजना का लाभ ऐसे छात्रों को मिलेगा, जिनके एक या अधिक विषयों की परीक्षाएं बची हुई हैं।

केवल उन्हीं छात्रों को मिलेंगे औसत अंक, जिनकी परीक्षाएं 1-15 जुलाई के बीच होनी थी।






यह है बोर्ड की असेसमेंट स्कीम

10वीं, 12वीं के उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, उनका रिजल्ट परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया जाएगा।


उन सभी छात्रों के लिए जिन्होंने परीक्षाओं में तीन से अधिक विषयों के पेपर दिए हैं, उनमें से तीन कवियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों का औसत उन विषयों में दिया जाएगा, जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


उन छात्रों के लिए जो केवल तीन विषयों की परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, उनमें से सर्वश्रेष्ठ दो में प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों को उन विषयों में प्रदान किया जाएगा जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे

फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे।


नई दिल्ली : सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड दसवीं-12 वीं की परीक्षाएं नहीं करवाया, अब उन परीक्षाओं की जगह छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन होगा जिसका रिजल्ट 15 जुलाई को आ जाएगा। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को शीर्ष न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई का यह आग्रह स्वीकार कर लिया सभी याचिकाओं का निस्तारण करदिया, जिनमें जुलाई में ली जाने वाली परीक्षाओं को रद कराने की मांग की गई थी।




कक्षा 10 की कोई परीक्षा नहीं होगी : बोर्ड ने कहा है कि कक्षा दस के लिय आगे कोई परीक्षा नहीं होगी। आंतरिक मूल्यांकन योजना के तहत उनका रिजल्ट बनाया जाएगा।

12वीं के लिए परीक्षा वैकल्पिक : कक्षा 12 के बारे में शिक्षा बोर्ड ने फैसला किया है कि जिन छात्रों ने सभी परीक्षा दे दी है उनका रिजल्ट परीक्षा के आधार पर तैयार किया जाएगा। लेकिन ऐसे विषय जिनकी परीक्षा 1 से 15 जुलाई तक होनी थीं सीबीएसई उनके लिए वैकल्पिक परीक्षा की व्यवस्था करेगा लेकिन ये तभी होगा जब माहौल सही होगा।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Friday, June 26, 2020

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार, 15 जुलाई से पहले रिजल्ट

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार

सीबीएसई 15 जुलाई से पहले असेसमेंट कर रिजल्ट जारी करेगा


नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला तैयार किया है। असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाने वाला रिजल्ट 15 जुलाई से पहले जारी होगा। यदि कोई छात्र असेसमेंट के रिजल्ट से असंतुष्ट होने पर बचे हुए पेपर की लिखित परीक्षा दोबारा दे सकेगा। हालांकि यह परीक्षा देश में कोरोना हालात ठीक होने पर ही आयोजित होगी।



● जिन स्ट्रीम के छात्रों के 12वीं कक्षा के सभी पेपर हो गए हैं, उनका रिजल्ट सामान्य ढंग से फॉर्मूला तैयार होगा।


● जिन छात्रों ने तीन या उससे अधिक विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का बेस्ट श्री से असेसमेंट होगा। इसमें से जिन तीन विषयों में सबसे अधिक अंक होंगे, उससे बचे हुए पेपर वाले विषयों का अंक स्कोर (कुल अंकों का जोड़ और उसे तीन से डिवाइड किया जाएगा) निकाला जाएगा।


● जिन छात्र ने तीन ही विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का असेसमेंट बेस्ट टू (दो) से किया जाएगा। इसमें भी सबसे अधिक दो अंक लेने वाले विषयों के अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर बचे हुए पेपर का अंक स्कोर निकलेगा।


●  जिन छात्रों ने सिर्फ एक या दो विषयों के पेपर ही दिए होंगे। ऐसे छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए उनके इन विषयों की परफारमेंस, इंटरनल प्रैक्टिकल असेसमेंट के अंकों को जोड़कर असेसमेंट होगा। हालांकि ऐसे छात्रों की संख्या बेहद कम है और अधिकतर छात्र दिल्ली के ही हैं।

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द।

नई दिल्ली : विशेष संवाददाता कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। दोनों बोर्ड ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। इस पर अदालत ने केंद्र और सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा पर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है। इस मामले में शुक्रवार को दोबारा सुनवाई होगी।








 हालात ठीक होने पर परीक्षा : केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा ने हलफनामा दाखिल परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। अब परीक्षाएं तब होंगी, जो वातावरण अनुकूल होगा। नई अधिसूचना जारी करें : शीर्ष अदालत ने सीबीएसई और केंद्र सरकार से कहा कि नई सूचना में आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा के बीच विकल्प का मामला भी स्पष्ट करें। साथ ही राज्य बोर्ड परीक्षाओं की वर्तमान स्थिति, परीक्षाओं की तारीख के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने शुक्रवार की सुबह तक सीबीएसई से नई अधिसूचना और हलफनामा मांगा है। वहीं, आईसीएसई बोर्ड ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा। अभिभावकों ने दायर की याचिका कोरोना के कारण कुछ अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने तथा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट बनाने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में परीक्षा के लिए बच्चों को भेजने से उन्हें खतरा हो सकता है।







संभावना

12वीं के लिए दो विकल्प आंतरिक मूल्यांकन : पिछली तीन परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करा सकते हैं बाद में परीक्षा : यदि कोई छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बाद में परीक्षा दे सकता है

10वीं के लिए...

10वीं के छात्रों को पुनः परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा।

संशय यूनिवर्सिटी दाखिला : परीक्षाएं रद्द होने से डीयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर भी असमंजस बढ़ गया है। छात्र : मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिले में परेशानी बढ़ेगी। ड्रॉप लेने वाले छात्रों को भी नुकसान। प्रतियोगी परीक्षाएं : सरकार ने सीटेट रद्द कर दी है। अब जेईई मेंस, जेईई एडवांस और नीट पर भी संशय के बादल मंडराए।

29 विषयों की परीक्षा बाकी थी छात्रों की,

16 लाख से अधिक छात्रों पर फैसले का असर


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, June 25, 2020

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक।


प्रयागराज : कोरोना संक्रमण की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्रों की पिछड़ी पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोर्स कम करने का फैसला किया है।





सीबीएसई के सुझाव पर एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग) ने दसवीं के कोर्स से कुछ टॉपिक हटाने का फैसला किया। हटाए गए सिलेबस में दसवीं से हर विषय के कुछ टॉपिक और कांसेप्ट को लिया गया है। एनसीईआरटी ने कहा है कि इन चैप्टर से परीक्षा में कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे। स्कूलों में भी इन चैप्टर की पढ़ाई भी नहीं होगी। हटाए गए टॉपिक से बच्चों का आंतरिक मूल्यांकन होगा।


ये टॉपिक हटाए गए

सीबीएसई की ओर से दसवीं में गणित से त्रिभुज का क्षेत्रफल, शंकु के वक्र पृष्ठ को हटा दिया गया है, जबकि विज्ञान में मेटल, नॉन मेटल की फिजिकल प्रॉपर्टी, लाइट में टिंडल एफेक्ट को कोर्स से हटाया गया है। टिंडल एफेक्ट बच्चे आठवीं में पढ़ चुके हैं, इस कारण से इसे हटाया जा रहा है। इसके अलावा ऊर्जा के स्रोत एवं प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी प्रबंधन को कोर्स से हटाया गया है। सामाजिक विज्ञान में औद्योगिकीकरण युग, प्रिंट संस्कृति और आधुनिक दुनिया का सुझाव, बोलीविया के जल युद्घ, नेपाल में लोकतंत्र के लिए आंदोलन को भी हटाया गया है। कोर्स से इन चैप्टर को हटाने के साथ एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि अब जो टॉपिक स्कूल में पढ़ाया जाएगा, उन्हीं से सवाल पूछे जाएंगे। उन्हीं के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन होगा। हटाए गए टॉपिक छात्रों को स्वयं पढ़ने होंगे, इन टॉपिक से 20 अंक का इंटर्नल असेसमेंट होगा। इसमें छात्रों को प्रोजेक्ट और असाइनमेंट बनाने होंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, June 24, 2020

CBSE : 12वीं की बची परीक्षाओं पर आज अंतिम फैसला

CBSE : 12वीं की बची परीक्षाओं पर आज अंतिम फैसला।



सीबीएसई : 12वीं की बची परीक्षाओं पर आज अंतिम फैसला

नई दिल्ली : कक्षा 12वीं की बची बोर्ड परीक्षाएं कराने को लेकर केंद्र सरकार व सीबीएसई बुधवार तक अंतिम निर्णय लेंगे। केंद्र सरकार व बोर्ड ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 25 जून को तय कर दी है।






जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ अभिभावकों द्वारा बोर्ड के बची हुई परीक्षाएं 1-15 जुलाई के बीच कराने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, June 22, 2020

CBSE : परीक्षाओं पर आज खत्म हो सकता है असमंजस, MHRD की अहम बैठक पर टिकी निगाहें

CBSE : परीक्षाओं पर आज खत्म हो सकता है असमंजस, MHRD की अहम बैठक पर टिकी निगाहें।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाओं सहित जेईई मेंस और नीट की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर सोमवार को संशय खत्म हो सकता है। अभिभावकों के दबाव और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले ही परीक्षाओं को टालने के संकेत दे चुका है। लेकिन अब इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। वैसे भी एक जुलाई से प्रस्तावित सीबीएसई की परीक्षाओं को लेकर मंत्रालय का निर्णय लेना है, क्योंकि परीक्षाओं के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है।





 मंत्रालय के लिए परीक्षाओं को लेकर सोमवार को कोई निर्णय लेना इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका लंबित है, जिसमें अभिभावकों ने संक्रमण को देखते हुए परीक्षाओं को न कराने की मांग की है। इस मामले में कोर्ट ने सीबीएसई से 23 जून तक जवाब मांगा है। इस बीच स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के साथ भी चर्चा हो चकी है, जिसमें परीक्षाओं के अलावा दूसरे विकल्पों को आजमाने की बात कही गई है। हालांकि विकल्प क्या होगा, इसका जिम्मा मानव संसाधन विकास मंत्रालय पर छोड़ा गया है। मंत्रालय उन सभी विकल्पों को लेकर काम कर रहा है जो संभव हैं और छात्रों का भी जिनमें कोई नुकसान न हो। इनमें फिलहाल उन्हें प्री-बोर्ड या आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक देकर अभी प्रमोट करना है। साथ ही यदि किसी को कम अंक मिलने की आशंका है तो उन्हें बाद में परीक्षा का एक मौका दिया जाएगा, जिसमें शामिल होकर वे अपने अंक सुधार सकते है। फिलहाल इन विकल्पों पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले दिनों ही मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षाओं को लेकर संदेह जताया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों की सुरक्षा के लिए सर्वोपरि है। जो भी फैसला होगा वह उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।


साफ होगी तस्वीर

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अहम बैठक पर टिकी निगाहें,

मंत्रालय परीक्षाओं को टालने के दे चुका है संकेत


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, June 20, 2020

कोरोना का असर : CBSE की परीक्षा स्थगित होने के आसार, NEET व JEE मेंस परीक्षाएं सितम्बर- अक्टूबर तक सम्भव

कोरोना का असर : CBSE की परीक्षा स्थगित होने के आसार, NEET व JEE मेंस परीक्षाएं सितम्बर- अक्टूबर तक सम्भव।



सीबीएसई की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय का रुख फिलहाल साफ है कि वह कोरोना के संक्रमण के बीच छात्रों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डालेंगे। लेकिन इस पर कोई भी अंतिम फैसला स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की राय के बाद ही लिया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं सहित नीट, जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा।





 हालांकि इन परीक्षाओं की तारीखें सितंबर-अक्टूबर तक बढ़ाई जाएंगी। मानव संसाधन विकास मंत्री की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ अगले एक-दो दिनों में अहम बैठक होनी है। इसके बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। अभिभावकों के साथ ही अब दिल्ली, ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों से भी जुलाई में प्रस्तावित सीबीएसई की परीक्षाओं को रद करने की मांग उठने लगी है। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो सीबीएसई सहित जुलाई में प्रस्तावित सभी परीक्षाओं को लेकर मंत्रालय के भीतर लंबी चर्चा हुई है। इसमें फिलहाल सीबीएसई की परीक्षाओं को स्थगित करने को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन मंत्रालय इस पर निर्णय से पहले स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की सलाह भी लेना चाहता है। फिलहाल इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय के साथ चर्चा हो चुकी है। ऐसे में अब सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय से राय लेना बाकी है। फिलहाल यह सभी परीक्षाएं जुलाई में ही होनी प्रस्तावित है। वैसे भी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण की बढ़ी रफ्तार से केंद्र की चिंताएं बढ़ी हुई है।


सीबीएसई की परीक्षा स्थगित होने के भी आसार, निर्णय जल्द

 मानव संसाधन विकास मंत्री व स्वास्थ्य मंत्री की एक-दो दिनों में बैठक


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, June 17, 2020

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


यदि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित होती है तो फिर इन परीक्षाओं को भी कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।...


 नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और परिजनों के दबाव को देखते सीबीएसई की जुलाई में प्रस्तावित दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की जा सकती हैं। साथ ही जिन विषयों की परीक्षाएं अभी होनी है, उस विषयों में छात्रों को प्री-बोर्ड या आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर औसत अंक प्रदान कर प्रमोट किया जा सकता है। इसके अलावा छात्रों को एक और भी विकल्प दिया जा सकता है, जिसमें उन्हें संबंधित विषयों में अंक सुधार के लिए बाद में परीक्षा का विकल्प भी शामिल है।


सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित

फिलहाल सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित है। इनमें दसवीं की परीक्षाएं सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में होनी है। जबकि बारहवीं की बची परीक्षाएं पूरे देश भर में होनी है।

Sunday, June 14, 2020

10वीं व 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सरकार चिंतित, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृहमंत्री से मांगी सलाह

10वीं व 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सरकार चिंतित, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृहमंत्री से मांगी सलाह।


नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय की चिंताएं बढ़ा रखी हैं। वह इसलिए भी चिंतित है क्योंकि परीक्षाओं को अब सिर्फ दो हफ्ते ही बाकी हैं, लेकिन संक्रमण की रफ्तार लगातार तेज ही हो रही है। खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि इसे लेकर कोई भी निर्णय लेने से पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय को पूरी जानकारी देते हुए राय मांगी है। मंत्रालय का साफ कहना है कि वह कोई फैसला स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के बाद ही लेगा।




जुलाई में जो परीक्षाएं प्रस्तावित हैं उनमें 10वीं, 12वीं की सीबीएसई और सीबीएसई की बोर्ड की परीक्षाओं के साथ विश्वविद्यालयों की भी परीक्षाएं शामिल हैं जो एक जुलाई से होनी हैं। इसके साथ ही नीट और जेईई मेंस की भी परीक्षाएं जुलाई में होनी हैं। मौजूदा प्लान के तहत नीट की परीक्षा 26 जुलाई को और जेईई मेंस की 13 से 23 जुलाई के बीच प्रस्तावित है। ऐसे में सवाल है कि यदि संक्रमण इसी तरह बढ़ता रहा तो परीक्षाएं कैसे हो पाएंगी। हालांकि इस सब के बीच छात्रों और परिजनों की ओर से

परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग भी तेज हो गई है।अभिभावकों की कहना है कि वह बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डालकर परीक्षाएं नहीं चाहते। कुछ अभिभावकों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। हालांकि मंत्रालय ने भी साफ किया है कि उसके लिए भी छात्रों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी है। ऐसे में वह कोई भी कदम उठाने से पहले छात्रों की सुरक्षा जरूर सुनिश्चित करेगा। इसका चलते फिलहाल सारे जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।


कोरोना संक्रमण के नाते मामले कर रहे परेशान


मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय से मांगी राय


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, June 3, 2020

CBSE : एक ही जिले में परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकेंगे परीक्षार्थी

CBSE : एक ही जिले में परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकेंगे परीक्षार्थी।


नई दिल्ली : सीबीएसई ने कहा है कि सभी छात्र अपना परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकते हैं। इसके लिए निर्धारित दिशा निर्देश हैं। बोर्ड ने परीक्षा केंद्र बदलने की शर्तों के बारे में वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी दी है। बोर्ड का कहना है कि एक ही जिले में छात्र अपना परीक्षा केंद्र नहीं बदल सकते हैं। जैसे छात्र जहां रहता है और वहीं पढ़ता भी है, लेकिन उसी जिले में वह दूसरा परीक्षा केंद्र चाहता है तो उसका परीक्षा केंद्र नहीं बदला जाएगा। यह नियम कोविड-19 के कारण उपजी स्थिति को देखते हुए लिया गया है। छात्र ने यदि अपना परीक्षा केंद्र उस जिले में बदलने की अपील की जहां वह वर्तमान में रह रहा है और वहां सीबीएसई से संबद्ध स्कूल नहीं है तो उसे निकट के जिला के स्कूल में सेंटर दिया जाएगा। यह सुविधा उन छात्रों को भी दी गई है जो राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित हों।

जून से 9 जून : छात्र केंद्र बदलने के लिए स्कूल से संपर्क करें। स्कूल ऐसे बच्चों का ब्योरा अपलोड करेंगे।

बोर्ड परीक्षा का सेंटर बदलने की प्रणाली

' 3 जून से 11 जून : शाम 5 बजे तक निजी अभ्यर्थी अपना केंद्र बदलने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

' 16 जून : सीबीएसई बदले हुए परीक्षा केंद्रों की सूची डालेगी।


' 16-17 जून के बीच स्कूल छात्रों को केंद्र बदलने की सूचना देंगे।

' 16 से 18 जून तक निजी अभ्यर्थी अनुमति पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।










 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।