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Thursday, September 24, 2020

CBSE Compartment Exam Result 2020 : सीबीएससी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 10 अक्टूबर तक जारी होंगे 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के परिणाम

CBSE Compartment Exam Result 2020 : सीबीएससी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 10 अक्टूबर तक जारी होंगे 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के परिणाम।

CBSE Compartment Exam Result 2020 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि कक्षा 12 के लिए सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 के नतीजे 10 अक्टूबर, 2020 तक जारी कर दिए जाएंगे। परिणाम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट, cbse.nic.in पर उपलब्ध होगा। वहीं यूजीसी ने कोर्ट को बताया कि 31 अक्टूबर तक छात्रों को कॉलेजों में प्रवेश कराया जाएगा। 


सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। सुनवाई कर रहे पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर ने की। इस दौरान सीबीएसई और यूजीसी के दोनों वकील मौजूद थे। कोर्ट ने छात्रों के प्रवेश के लिए पर्याप्त समय मिलने पर संतोष जताया है।  


बता दें कि इससे पहले 22 सितंबर की सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से यूजीसी के साथ समन्वय करने के लिए कहा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परीक्षा में पास होने वाले स्टूडेंट्स को वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश मिले। जस्टिस एएम खानविल्कर और संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था कि 2 लाख छात्रों का करियर प्रभावित होना कोई छोटी बात नहीं है। उनका करियर पूरे एक वर्ष तक प्रभावित रहेगा। इसे देखते हुए यूजीसी और सीबीएसई साथ मिलकर काम करें और इस प्रकार से तैयारी करें, जिससे कि इस वर्ष के लिए इन छात्रों को समायोजित कर सकें।

Tuesday, September 22, 2020

CBSE : 10वीं व 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं आज से।

CBSE : 10वीं व 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं आज से।

नई दिल्ली : सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट की परीक्षाएं आज से शुरू होने जा रही हैं। दसवीं की परीक्षाएं 28 और बारहवीं की परीक्षाएं 30 सितंबर को समाप्त होंगी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या 500 से बढ़ाकर 1268 की गई है।


परीक्षा सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होगी। 10.15 तक छात्रों को प्रश्न पत्र दे दिया जाएगा। इस साल देश भर में दसवी में कुल 1, 50, 198 छात्रो और 12वीं में 87, 651 छात्रों की कंपार्टमेंट आई है। कोरोना के समय में छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए परीक्षा केंद्र छात्रों के घर के नजदीक ही बनाए गए हैं। स्कूलों को कहा गया है वह इस बात का ध्यान रखें कि छात्र और शिक्षक परीक्षा केंद्र तक बिना किसी दिक्कत के पहुंच सकें। यह भी ध्यान रखें कि केंद्र के बाहर भीड़ जमा न हो।

Tuesday, September 15, 2020

CBSE : दसवीं और बारहवीं में पूछे जाएंगे 20 फीसदी ऑब्जेक्टिव सवाल, इसी शैक्षिक सत्र से लागू होगा नया नियम

CBSE : दसवीं और बारहवीं में पूछे जाएंगे 20 फीसदी ऑब्जेक्टिव सवाल, इसी शैक्षिक सत्र से लागू होगा नया नियम।

सीबीएसई ने 2020-21 शैक्षिक सत्र की बोर्ड परीक्षा में एक और बदलाव किया है। अब विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं के प्रश्नपत्रों में 20 फीसदी ऑब्जेक्टिव सवालों के जवाब देने होंगे। पहले केवल 10 फीसदी ऑब्जेक्टिव सवाल ही पूछे जाते थे। इस संबंध में बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश भेजे जा चुके हैं।



बोर्ड ने विभिन्न विषयों के अध्यायों में भी बदलाव किया है। सेकेंडरी स्तर पर रसायन विज्ञान के सॉलिड स्टेट चैप्टर में पी ब्लॉक के 15 ग्रुप टॉपिक्स को 11वीं से हटाकर 12वीं में शामिल किया गया है।

साथ ही सेकेंडरी लेवल पर गणित के कोर्स में एप्लाइड मैथमेटिक्स का एक नया विकल्प जोड़ा गया है। इस विषय को वर्तमान सत्र 2020-21 से ही लागू किया गया है। जिन विद्यार्थियों ने 10वीं में बेसिक गणित पढ़ी है, वह 11वीं में एप्लाइड मैथ का विकल्प चुन सकते हैं।

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Saturday, September 12, 2020

CBSE : कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी, क्लिक करके करें डाउनलोड

CBSE : कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी।

CBSE Compartment Admit Card 2020 Released : सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) ने 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया है। सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड ऑफिशियल पोर्टल cbse.nic.in पर रिलीज किया है। ऐसे में जो भी परीक्षार्थी इस एग्जाम में शामिल होने वाले हैं, वे आधिकारिक पोर्टल पर लॉगइन करके कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके भी कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।


▪️ 👉🏻 यहां क्लिक करके डायरेक्ट एडमिट कार्ड करें डाउनलोड 👈🏻▪️


▪️👉🏻 ऑफिशियल वेबसाइट पर जाने के लिए यहां करें क्लिक 👈🏻▪️






10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं आधिकारिक पोर्टल cbse.nic.in पर जाएं। इसके बाद होमपेज पर दिए लिंक पर क्लिक करें, जिस पर लिखा हुआ है कि 10वीं और 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के एडमिट कार्ड लिंक डाउनलोड करें लिखा हुआ है। अब आपके सामने एक नया पेज खुलकर आ जाएगा। इसके बाद आवेदन संख्या, रोल नंबर और उम्मीदवार का नाम एंटर करें। इसके बाद आपके सामने एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा। एडमिट कार्ड भविष्य के लिए प्रिंटआउट संभालकर रखें।

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सीबीएसई ने दी 12वीं के छात्रों को भी सब्जेक्ट रिप्लेस की सुविधा

सीबीएसई ने दी 12वीं के छात्रों को भी सब्जेक्ट रिप्लेस की सुविधा।


प्रयागराज :  सीबीएसई ने आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए बड़ा बदलाव किया है। आगामी बोर्ड परीक्षा से 12वीं के छात्र-छात्राओं को सब्जेक्ट रिप्लेस की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत मुख्य विषयों में से किसी एक विषय में फेल छात्र को अतिरिक्त विषय का अंक जोड़कर पास कर दिया जाएगा। बोर्ड की ओर से अभी तक यह सुविधा 10वीं के छात्रों को ही मिली थी। 2021 की बोर्ड परीक्षा से 12वीं के छात्रों को भी इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा।





सीबीएसई ने छात्रों के रिजल्ट में सुधार हो लिए यह कवायद की है। अभी तक किसी छात्र को एक विषय में एक या दो अंक कम मिले हैं तो वह फेल हो जाता था और उसे कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होती थी। अब नई व्यवस्था में एक विषय में फेल होने के बाद छात्र उस विषय को अतिरिक्त विषय से बदल सकेगा। वहीं बोर्ड का कहना है कि छात्र अतिरिक्त विषय के रूप में स्किल सब्जेक्ट का भी चुनाव कर सकते हैं। स्किल सब्जेक्ट को मेन सब्जेक्ट से बदला जा सकेगा। सब्जेक्ट रिप्लेस करने की सुविधा मुख्य तीन विषयों में से किसी एक में फेल होने की दशा में मिलेगी।


10वीं के रिजल्ट में 20 फीसदी की बढ़ोतरी

सीबीएसई की ओर से पहली बार 2020 में 10वीं की बोर्ड परीक्षा में मेन सब्जेक्ट को अतिरिक्त विषय से रिप्लेस किए जाने से 20 फीसदी ऐसे छात्र जो फेल हो गए थे, पास हो गए। ऐसे छात्रों ने मुख्य विषय के एक विषय को अतिरिक्त विषय से रिप्लेस कर दिया। इससे 20 फीसदी रिजल्ट बेहतर हुआ था।
2021 की बोर्ड परीक्षा से 12वीं के बच्चों को यह सुविधा दी जा रही है। मुख्य विषय को अतिरिक्त विषय से रिप्लेस किया जा सकेगा। इस बदलाव से छात्रों को पास होने का एक विकल्प मिलेगा। इससे छात्रों में अतिरिक्त विषय खासकर स्किल सब्जेक्ट के प्रति रुझान बढ़ेगा। -संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई।


CBSE 12वीं : एक विषय से फेल तो बदले में अतिरिक्त विषय का विकल्प।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 2021 में 12वीं बोर्ड परीक्षार्थी को अतिरिक्त विषय को रिप्लेस करने का विकल्प दिया है। अगर 12वीं बोर्ड देने वाला कोई छात्र अपने तीन मुख्य विषय में से किसी एक विषय में फेल हो गया तो अतिरिक्त विषय से उसे बोर्ड रिप्लेस कर देगा। इससे छात्र को उत्तीर्णता का रिजल्ट मिलेगा। अभी तक यह सुविधा 10वीं के छात्रों को ही मिली थी। बोर्ड ने 10वीं बोर्ड परीक्षार्थी को 2020 में यह सुविधा दी थी लेकिन 2021 से 12वीं के छात्रों को भी मिलेगा। ज्ञात हो कि 2020 के 12वीं बोर्ड का रिजल्ट काफी खराब हो गया है। पटना जोन के बिहार की बात करें तो एक लाख से अधिक छात्र 12वीं में शामिल हुए थे। लेकिन 36 हजार से अधिक परीक्षार्थी फेल हो गये। छात्रों के रिजल्ट में सुधार हो, इसके लिए बोर्ड द्वारा यह सुविधा दी जा रही है। अभी तक अगर किसी एक विषय में एक या दो अंक कम हैं तो वो फेल हो जाते हैं और उन्हें फिर कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होना होता है। लेकिन अब एक विषय में फेल होने के बाद छात्र के पास रिप्लेस करने का विकल्प रहेगा।

CBSE पूरी तरह पेपरलेस बना, ई-हरकारा पोर्टल से सुनी जा रही स्कूलों की बात
अतिरिक्त विषय के प्रति बढ़ेगा रुझान  :
बोर्ड द्वारा अतिरिक्त विषय का विकल्प देने से छात्रों में अतिरिक्त विषय लेने का रुझान बढ़ेगा। बोर्ड की मानें तो छात्र अतिरिक्त विषय के तौर स्कील विषय भी रख सकते हैं। स्कील विषय को भी मुख्य विषय से रिप्लेस किया जा सकेगा।


रिजल्ट में 20% की बढ़ोतरी
बोर्ड की मानें तो 10वीं के 2020 के रिजल्ट में बढ़ोतरी हुई है। लगभग 20 फीसदी ऐसे छात्र थे जो मुख्य विषय में फेल हो गये थे। ऐसे में बोर्ड ने छात्र के मुख्य एक विषय का अंक अतिरिक्त विषय से रिप्लेस कर दिया। मुख्य तीन विषय में छात्र के अतिरिक्त विषय को जोड़ दिया गया। इससे छात्र पास हो गये। इससे 20 फीसदी रिजल्ट बेहतर हुआ था।

12वीं बोर्ड में 2021 से यह लागू होगा। इससे छात्रों को पास होने का एक विकल्प मिलेगा। साथ में अतिरिक्त विषय खासकर स्कील विषय के प्रति रुझान भी बढ़ेगा।
- संयम भारद्वाज, परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई


10वीं व 12वीं में गलत प्रश्न पर पूरे अंक देगा सीबीएसई 
सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट सिस्टम (ओईसीएमएस) बनाया है। इसके माध्यम से परीक्षा के दौरान हर दिन प्रश्न पत्र पर स्कूलों से फीडबैक लिया जायेगा। इसके लिए स्कूल में विषयवार शिक्षकों की टीम बनायी जायेगी। यह टीम अपना फीडबैक 24 घंटे के अंदर बोर्ड को भेजेगी। प्रश्न पत्र पर शिक्षकों के फीडबैक के आधार पर मार्किंग स्कीम तैयार की जायेगी। पिछले कुछ सालों में 10वीं और 12वीं के प्रश्न पत्र में गलतियां होती है। कई बार इसको लेकर छात्रों द्वारा आवाज उठायी जाती है। कई बार बोर्ड एक्सपर्ट द्वारा यह पकड़ में आता है। ऐसे में छात्रों को नुकसान नहीं हो, इसके लिए बोर्ड द्वारा इस बार ओईसीएमएस से बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने प्रश्नों पर नजर रखी जायेगी। अगर परीक्षा के दौरान किसी प्रश्न पत्र में कोई प्रश्न गलत होगा, तो ऐसे केस में सीबीएसई द्वारा उस प्रश्न पर पूरे अंक दिये जायेंगे।


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Friday, September 11, 2020

पूरक परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की मदद नहीं कर पायेगा सीबीएसई

पूरक परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों की मदद नहीं कर पायेगा सीबीएसई।

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि इस महीने 12वीं कक्षा प्रवेश कॉलेजों और की पूरक परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों की सीबीएसई की खास मदद नहीं कर पाएगा। क्योंकि उच्च शिक्षा के लिए उनका विश्वविद्यालयों में होना है।

याचिका पर सुनवाई : शीर्ष अदालत ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान यह कहा। उक्त याचिका में केंद्रीय माध्यमिकशिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की पूरक परीक्षाएं आयोजित करने के फैसले को चुनौती देते हुए कहा गया है कि यह परीक्षार्थियों की सेहत के लिए नुकसानदायक होगा। न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा से कहा, "उन छात्रों का प्रवेश कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में होना है, इसमें सीबीएसई पूरक परीक्षा देने वाले छात्रों की कुछ खास मदद नहीं कर पाएगी।"





कोरोना के कारण मुख्य परीक्षाएं नहीं हो सकी : तन्खा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण सीबीएसई मुख्य परीक्षाएं आयोजित नहीं करवा सका और मूल्यांकन की मिश्रित प्रणालियों के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। इसकी वजह से कई छात्रों को पूरक परीक्षा में बैठना पड़ रहा है।उन्होंने कहा,"पूरक परीक्षाओं में बैठने वाले करीब पांच लाख छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ करना जरूरी है। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने कहा कि करीब 87,000 छात्र फेल हो गए और सीबीएसई के पास इस मुद्दे का कोई समाधान नहीं है।



फिलहाल, कोर्ट ने याचिका की एक प्रति केंद्र को भेजने का निर्देश देने के साथ ही मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 14 सितंबर तय की।

अस्थायी प्रवेश देने का अनुरोध कर सकती है : न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी पीठ का हिस्सा हैं। इस पर तन्खा ने कहा कि सीबीएसई कॉलेजों से इन छात्रों को अस्थायी प्रवेश देने या पूरक परीक्षाओं का परिणाम घोषित होने तक इंतजार करने का अनुरोध कर सकती है। उन्होंने आगे कहा कि पूरक परीक्षाएं 22 सितंबर से 29 सितंबर के मध्य होनी हैं। तब तक विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश बंद हो चुका होगा। ऐसे में पूरक परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा और उनका पूरा साल बेकार चला जाएगा।

सुनवाई : याचिका में पूरक परीक्षाएं आयोजित करने के फैसले को चुनौती दी गई, परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के हितों का ध्यान रखना जरूरी बताया

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Tuesday, September 8, 2020

सीबीएसई : अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की हाजिरी की जांच करेगा बोर्ड, अनुपस्थित रहे छात्रों के अभिभावकों को स्कूल नहीं आने पर बताना होगा कारण

सीबीएसई : अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की हाजिरी की जांच करेगा बोर्ड, अनुपस्थित रहे छात्रों के अभिभावकों को स्कूल नहीं आने पर बताना होगा कारण।

प्रयागराज :  सीबीएसई अब हर शैक्षिक सत्र में छात्रों की एक जनवरी तक की अटेंडेंस चेक करेगा। बोर्ड की ओर से स्कूलों को दिए निर्देश में कहा है कि जो छात्र-छात्राएं नियमित स्कूल नहीं आते हैं, उनका रिकार्ड रखा जाए।



ऐसा देखा जाता है कि दसवीं और बारहवीं के बच्चे डमी स्कूलों में प्रवेश ले लेते हैं। स्कूल वाले भी कम आने वाले बच्चों की सूची और इसकी जानकारी बोर्ड को नहीं देते हैं। इसलिए बोर्ड ने कम उपस्थिति वाले छात्रों के लिए नियमावली तैयार की है। इसमें स्कूल छात्रों एवं अभिभावकों को अटेंडेंस से जुड़े नियमों के बारे में बताएंगे। यह नियम सत्र की शुरुआत में ही छात्रों को बताने होंगे। सीबीएसई की ओर से कहा गया है कि हर शैक्षिक सत्र में एक जनवरी तक की उपस्थिति की गिनती की जाएगी।

दसवीं और बारहवीं में क्षेत्रीय कार्यालय को रिपोर्ट सात जनवरी तक भेजनी होगी, इस बारे में बोर्ड 21 जनवरी तक जवाब देगा। स्कूल नहीं आ रहा बच्चा यदि बीमार है तो अभिभावकों को आवेदन के साथ सरकारी अथवा फिर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मेडिकल सर्टिफिकेट देने होंगे।

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Friday, September 4, 2020

CBSE Compartment Exam Date 2020 : सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 का शेड्यूल जारी, देखें

CBSE Compartment Exam Date 2020 : सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 का शेड्यूल जारी, इस दिन से शुरू होगी परीक्षा।



CBSE : दसवीं- बारहवीं की कम्पार्टमेंट परीक्षाएं 22 सितम्बर से होंगी शुरू, देखें परीक्षा शेड्यूल।

नई दिल्ली : (सीबीएसई) ने शुक्रवार को कक्षा 10वीं- 12वीं की इंप्रूवमेंट कंपार्टमेंट परीक्षाओं की तिथियां जारी कर दी हैं। सीबीएसई 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं 22 से 29 सितंबर तक और 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं 22 से 28 सितंबर 2020 तक आयोजित की जाएंगी।

सीबीएसई ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इम्प्रूपवमेंट, कंपार्टमेंट परीक्षा सितंबर के अंत तक आयोजित कराई जाएंगी। इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाएगी।

घोषणा

▪️सीबीएसई ने परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर दी

▪️इससे पहले सुप्रीम कोर्ट को भी दी थी परीक्षाओं की जानकारी

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CBSE Compartment Exam Date 2020 : सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 का शेड्यूल जारी, इस दिन से शुरू होगी परीक्षा।

CBSE Compartment Exam Date 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कंपार्टमेंट परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड ने कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों के लिए पूरी डेट शीट जारी कर दी है। इसके मुताबिक 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 22 सितंबर से शुरू हो रही हैं। बारहवीं के एग्जाम 22 से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलेंगे, जबकि 10वीं की परीक्षाएं 22 सितंबर से 28 सितंबर तक कराए जाएंगे। ऐसे में जो भी छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, वे पूरा शेड्यूल बोर्ड की आधिकारिक साइट पर cbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं। कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों के लिए परीक्षा सिर्फ एक शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। इसके मुताबिक सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एक ही पाली में आयोजित की जाएगी।

▪️ CBSE Compartment Exam Date 2020 : डेटशीट ऐसे कर पाएंगे डाउनलोड

10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा की डेटशीट डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार CBSE की आधिकारिक साइट cbse.nic.in पर जाएं। यहां होम पेज पर उपलब्ध कक्षा 10 या कक्षा 12 लिंक के लिए सीबीएसई कम्पार्टमेंट परीक्षा तिथि 2020 पर क्लिक करें। अब आपके सामने एक नई पीडीएफ फाइल खुलेगी। उम्मीदवार यहां परीक्षा तिथियों की जांच कर सकते हैं और फ़ाइल डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा डेटशीट को डाउनलोड करके एग्जाम के लिए सुरक्षित रख भी सकते हैं।


हालांकि 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर विरोध चल रहा है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर आज यानी कि 4 सितंबर को सुनवाई की थी। केस की सुनवाई जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की बेंच ने की। बेंच ने सीबीएसई बोर्ड को 7 सितंबर तक इस मामले में प्रतिक्रिया दर्ज करने के लिए कहा है। साथ ही इस मामले को 10 सितंबर तक के लिए टाल दिया है। अब इस मामले पर अंतिम सुनवाई इस तारीख को होगी। इसके बाद ही निर्णय हो पाएगा कि परीक्षाएं होंगी या नहीं।

कक्षा -10 शेड्यूल






कक्षा-12 शेड्यूल









CBSE ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, सितंबर अंत तक हो सकती हैं 10वीं 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं, बढ़ाएं जाएंगे परीक्षा केंद्र।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सितंबर अंत तक कक्षा 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकती हैं। बोर्ड ने यह भी बताया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए परीक्षा केंद्रों को बढ़ाकर 1,278 कर दिया गया है। सीबीएसई ने यह बात तब कही जब शीर्ष अदालत कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द करने की छात्रों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।






जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने छात्रों की याचिका पर सीबीएसई बोर्ड को नोटिस जारी 7 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीएसई को अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दायर करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि वो कोविड-19 के समय कैसे परीक्षा आयोजित करना चाहता है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।


CBSE : 10वीं और 12वीं परीक्षार्थी को इस बार पुनर्मूल्यांकन का दोहरा फायदा

सीबीएसई 10वीं में इस बार 1,50,198 स्टूडेंट्स और 12वीं के 87,651 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई थी। कुछ दिनों पहले सीबीएसई ने ग्रेस मार्क्स देकर छात्रों को पास करने से साफ इनकार कर दिया था। बोर्ड ने कहा था कि जो छात्र एक और दो विषय में फेल हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी ही होगी।

कोर्ट में सीबीएसई का पक्ष रख रहे एडवोकेट रूपेश कुमार ने कहा कि कंपार्टमेंट परीक्षाएं सितंबर अंत तक हो सकती हैं और इसके लिए सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएंगी। पिछले वर्ष जहां 575 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, वहां इस बार 1278 परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षा कराने के लिए एक कक्षा में सिर्फ 12 छात्रों को ही बैठाया जाएगा।

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सीबीएसई : 07 सितंबर से 15 अक्तूबर तक भरे जाएंगे 10वीं, 12वीं परीक्षा फॉर्म

सीबीएसई: 10वीं, 12वीं परीक्षा फॉर्म सात सितंबर से 15 अक्तूबर तक भरे जाएंगे



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए 10वीं, 12वीं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि जारी कर दी है। बोर्ड की ओर से 10वीं, 12वीं के परीक्षा फॉर्म भरने के लिए सात सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच समय सीमा तय की गई है।


बोर्ड ने कहा है कि यदि 15 अक्टूबर तक कोई विद्यार्थी फॉर्म नहीं भर पाता है तो विलंब शुल्क के साथ 16 से 31 अक्टूबर तक परीक्षा फॉर्म भर सकता है। इस बारे में स्कूलों को सूचना भेज दी गयी है।

सीबीएसई के अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क के साथ अतिरिक्त विषय के 300 रुपए अलग से देने होंगे। इसके अतिरिक्त 12 वीं में प्रायोगिक परीक्षा के लिए प्रति विषय 150 रुपए शुल्क अलग से देना होगा।




नौवीं-ग्यारहवीं का पंजीकरण भी सात सितंबर से।

सीबीएसई ने 10वीं, 12वीं के परीक्षा फार्म भरने के साथ ही नौवीं-ग्यारहवीं के लिए पंजीकरण की तिथि भी जारी कर दी है। स्कूलों को नौवीं-ग्यारहवीं के छात्रों का पंजीकरण सात सितंबर से शुरू करना होगा। इसकी सूचना स्कूलों को दे दी गई है। नौवीं-ग्यारहवीं का पंजीकरण बिना विलंब शुल्क के चार नवंबर तक चलेगा, पंजीकरण के लिए प्रति छात्र 300 रुपए शुल्क देना होगा। चार नवंबर के बाद विलंब शुल्क के साथ पंजीकरण कराना होगा।


कोरोना के चलते कम हो गया कोर्स

सीबीएसई ने कोरोना के चलते 2020-21 शैक्षिक सत्र में नौवीं से बारहवीं तक का कोर्स 30 फीसदी कम कर दिया गया है। कोर्स में यह कटौती चालू शैक्षिक सत्र के लिए किया गया है। आगे कोरोना से स्थिति सामान्य होने के बाद छात्रों को पूरा कोर्स पढना होगा।

ग्यारहवीं के छात्र चुन सकते हैं एप्लाइड मैथमेटिक्स

सीबीएसई ने ग्यारहवीं, बारहवीं के लिए मैथ पढने के इच्छुक छात्रों के लिए कोर्स में एप्लाइड मैथमेटिक्स का नया विकल्प दिया है। विद्यार्थी चालू शैक्षिक सत्र में इस विषय का चुनाव कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 10 वीं में बेसिक मैथ पढने वाले छात्र 11 वीं में एप्लाइड मैथ का चुनाव कर सकते हैं। सीबीएसई ने 2021 की बोर्ड परीक्षा के प्रश्रपत्रों में बदलाव का भी निर्णय लिया है। अब विद्याथियों को 20 फीसदी आब्जेक्टिव प्रश्रों के जवाब देने होंगे। इससे पहले परीक्षा में 10 आब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते थे।



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Thursday, August 20, 2020

CBSE News : सीबीएसई ने लिया अहम निर्णय, अब स्कूलों का होगा वर्चुअल निरीक्षण

CBSE News : सीबीएसई ने लिया अहम निर्णय, अब स्कूलों का होगा वर्चुअल निरीक्षण।

CBSE News : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों का वर्चुअल इंस्पेक्शन (अप्रत्यक्ष निरीक्षण) करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सीबीएसई द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है। देश भर में कोरोना वायरस महामारी के कारण स्कूलों के नियमित निरीक्षण में देरी हुई है। बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रत्येक स्कूल के लिए निरीक्षण समिति के गठन के दस दिनों के भीतर सभी निरीक्षण पूरे किए जाएंगे। सीबीएसई ने 2021-22 तक के सत्रों के लिए संबद्धता के उन्नयन के लिए 'वर्चुअल इंस्पेक्शन' शुरू करने की सूचना दी है।




इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री, रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्विटर पर यह घोषणा की है कि इस कदम से कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूलों को राहत मिलेगी। मंत्री ने कहा कि आभासी निरीक्षण बच्चों के शैक्षिक हित में एक लाभदायक कदम साबित होगा, जो शारीरिक निरीक्षण पर खर्च होने वाले समय की बचत करेगा और स्कूल संबद्धता की त्वरित और सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।


बता दें कि सीबीएसई नोटिस में यह भी कहा गया है कि सत्र 2021-22 तक दर्ज मामलों के संबंध में माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर उन्नयन के लिए गठित सभी निरीक्षण समितियां, जहां भौतिक निरीक्षण नहीं हुए हैं, तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं। स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए नए सिरे से निरीक्षण समितियां बनाई जाएंगी। सीबीएसई इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न प्रदान करेगा। हालांकि, समिति को 10 दिनों के भीतर आभासी निरीक्षण करने और पूरा करने के लिए अनिवार्य किया जाएगा।


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Friday, August 14, 2020

CBSE Compartment Exam 2020 : सीबीएसई ने जारी किया कंपार्टमेंट एग्जाम का शेड्यूल, सितम्बर में होगी परीक्षा

CBSE Compartment Exam 2020 :  सीबीएसई ने जारी किया कंपार्टमेंट एग्जाम का शेड्यूल, सितम्बर में होगी परीक्षा।

CBSE Compartment Exam 2020 Updates : सीबीएसई बोर्ड कंपार्टमेंटल परीक्षाओं के रद्द होने की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए आखिरकार सीबीएसई ने कंपार्टमेंटल एग्जाम के शेड्यूल की घोषणा कर दी। 10वीं और 12वीं के लिए इसी साल परीक्षा आयोजित की जाएगी। सीबीएसई कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए 13 से 20 अगस्त तक फॉर्म भरे जाएंगे। वहीं, 1 से 15 जुलाई तक एग्जाम नहीं देने वाले छात्रों के ऑप्शनल एग्जाम के फॉर्म भी भरे जाएंगे।  खबर के मुताबिक सीबीएसई बोर्ड कंपार्टमेंटल परीक्षाएं सितम्बर महीने से शुरू की जा सकती हैं।






कोरोना काल में सीबीएसई के कंपार्टमेंट परीक्षा लेने के फैसले के खिलाफ देश भर के 800 से ज्यादा छात्र सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे। दायर याचिका में कहा गया है कि अभी तक कंपार्टमेंट परीक्षा का कोई शेड्यूल तय नहीं किया गया है, जबकि अधिकांश कॉलेज एग्जाम और एडमिशन की डेडलाइन जारी कर चुके हैं। वहीं, याचिका में सुप्रीम कोर्ट से महामारी के खत्म होने तक सीबीएसई के कंपार्टमेंट परीक्षा कराने के फैसले पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। सीबीएसई 10वीं में इस बार 1,50,198 स्टूडेंट्स और 12वीं के 87,651 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई थी। कुछ दिनों पहले सीबीएसई ने ग्रेस मार्क्स देकर छात्रों को पास करने से साफ इनकार कर दिया था बोर्ड ने कहा था कि जो छात्र एक और दो विषय में फेल हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी ही होगी।

















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Wednesday, August 12, 2020

CBSE कंपार्टमेंट परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे छात्र, किया स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध

CBSE कंपार्टमेंट परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे छात्र, किया स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध।

कोरोना काल में सीबीएसई के कंपार्टमेंट परीक्षा लेने के फैसले के खिलाफ देश भर के 800 से ज्यादा छात्र सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। छात्रों ने याचिका दायर कर शीर्ष अदालत से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेशनल जनरल सेक्रेटरी संदीप सौरव ने 809 छात्रों की ओर से याचिका दायर कर कोर्ट को बताया है कि महामारी के समय में सीबीएसई के परीक्षा कराने के फैसले की वजह से छात्र, अभिभावक, शिक्षकों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है।




याचिका ने कहा गया है कि अभी तक कंपार्टमेंट परीक्षा का कोई शेड्यूल तय नहीं किया गया है, जबकि अधिकांश कॉलेज एग्जाम और एडमिशन की डेडलाइन जारी कर चुके हैं। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से महामारी के खत्म होने तक सीबीएसई के कंपार्टमेंट परीक्षा कराने के फैसले पर रोक लगाने के लिए कहा गया है।


सीबीएसई 10वीं में इस बार 1,50,198 स्टूडेंट्स और 12वीं के 87,651 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई थी।

छात्रों ने कहा है कि वह कम्पार्टमेंट परीक्षा के महत्व का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन वे इस संबंध में महामारी की स्थिति के कारण एक उचित दिशा- निर्देश चाहते हैं।

याचिका में यह भी दलील दी गई है कि बिहार बोर्ड और तेलंगाना बोर्ड पहले ही कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द कर चुके हैं।


कुछ दिनों पहले सीबीएसई ने ग्रेस मार्क्स देकर छात्रों को पास करने से साफ इनकार कर दिया था बोर्ड ने कहा था कि जो छात्र एक और दो विषय में फेल हैं, उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी ही होगी। कई छात्र कंपार्टमेंटल परीक्षा या ग्रेस अंक की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गये थे। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से जवाब मांगा था। गुरुवार को सीबीएसई ने जवाब में कहा था कि बोर्ड के एग्जामिनेशन बायलॉज में ऐसा प्रावधान नहीं है। छात्रों को 10वीं और 12वीं पास करने के बाद ही अगली कक्षा में नामांकन मिलेगा।

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Monday, August 10, 2020

प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने और हॉस्टल निर्माण की अनुमति लेना अब आसान

प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने और हॉस्टल निर्माण की अनुमति लेना अब आसान 


प्रदेश में सीबीएसई स्कूल खोलने और हॉस्टल निर्माण की अनुमति लेना अब आसान होगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर इन दोनों कार्यों से संबंधित अनुमति ऑनलाइन देने कौ तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार ने बित्त वर्ष 2020- 21 में प्रदेश को जीएसडीपी का दो प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लेने की मंजूरी दी है। इसमें से एक प्रतिशत ऋण के लिए कई सुधारों को लागू करने की शर्त जोड़ दी है। इसमें कई कारोबारी सुधार (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) भी शामिल किए गए हैं। इनमें सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) व हॉस्टल बनाने के लिए मंजूरी के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की कार्यवाही भी शामिल है। इसके लिए संबंधित पोर्टल पर एनओसी व अप्रूबल से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया व चेकलिस्ट पब्लिश करनी होगी। 


एनओसी व अप्रूवल से जुड़ी कार्यवाही जनहित गारंटी अधिनियम के दायरे में होगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक कार्यवाही की टाइमलाइन तय की जाएगी। सभी काम तय समय में पूरे होंगे। इससे स्कूल खोलने से जुड़े निवेशक को अनावश्यक दौड़धूप नहीं करनी पड़ेगी। इन सुधारों को लागू करने की कार्यवाही माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्तर से की जानी है। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में शामिल दोनों कार्यों पर समयबद्ध कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला को पत्र लिखा है। उन्हें कहा है कि इन सुधारों पर कार्यवाही कर 31 अक्तूबर तक केंद्र सरकार को बताया जाना है।


विभव टीम लीडर नियुक्त : औद्योगिक विकास विभाग ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से संबंधित कार्यों के लिए विभव शुक्ला को उद्योग बंधु में टीम लीडर नामित किया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग से कहा गया है कि इस कार्य में किसी सहायता के लिए विभव के मोबाइल नंबर 7536881188 पर सहयोग ले सकते हैं।

Saturday, August 8, 2020

सीबीएसई : सालभर के भीतर मार्कशीट में गलती सुधारने के लिए करें आवेदन

सीबीएसई : सालभर के भीतर मार्कशीट में गलती सुधारने के लिए करें आवेदन।

सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों की मार्कशीट ऑनलाइन कर दी हैं। अगर स्टूडेंट्स को इनमें गलतियों पाई जाती हैं तो इनमें सुधार के लिए सालभर के भीतर आवेदन कर सकते हैं। मार्कशीट में नाम, जन्म-तारीख या किसी अन्य गलती में सुधार के लिए उन्हें आवेदन करना होगा। सीबीएसई की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि स्टूडेंट्स को जन्म तारीख और नाम की गलतियों में सुधार करवाने के लिए एक साल का समय मिलेगा। इसके बाद आवेदन पर विचार नहीं होगा।





सीबीएसई की ओर से जुलाई में बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के बाद से जैसे ही छात्रों ने मार्कशीट डाउनलोड किया उनकी ओर से जन्मतिथि, नाम, पिता के नाम सहित दूसरी अन्य गलतियां सामने आने लगी। बोर्ड ने परीक्षार्थियों को निर्धारित दस्तावेज और शुल्क के साथ आवेदन करने को कहा है। बोर्ड ने छात्रों को मार्कशीट की गलती को एकवर्ष के भीतर सही कराने को कहा है, सालभर के बाद मिले आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
बोर्ड के पास इस बात की शिकायत पहुंचने के बाद कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मार्कशीट की गलती को गंभीरता से नहीं लेते, उन्हें जब एडमिशन, पासपोर्ट आदि में परेशानी होती है तो वह बोर्ड के पास गलती सुधरवाने पहुंचते हैं, ऐसे में साल भर का समय बीत जाने के बाद मार्कशीट में संशोधन नहीं हो पाता। ऐसे में बोर्ड ने परिणाम के साथ छात्रों, अभिभावकों को आगाह किया है कि वह मार्कशीट में सालभर के भीतर संशोधन करवा लें।


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Friday, August 7, 2020

CBSE Compartment Exams 2020 : कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी कैंसिल, सीबीएसई बोर्ड ने किया स्पष्ट

CBSE Compartment Exams 2020 : कंपार्टमेंट परीक्षा नहीं होगी कैंसिल, सीबीएसई बोर्ड ने किया स्पष्ट।


CBSE Compartment Exams 2020 : सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। बोर्ड का कहना है कि कंपार्टमेंट परीक्षा को रद्द नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह फैसला बहुत संख्या में छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित करेगा। दरअसल बोर्ड को लगातार छात्र-छात्राओं की तरफ से परीक्षा रद्द करने के संबंध में अनुरोध मिल रहे थे। स्टूडेंट्स मांग कर रहे थे कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान कंपार्टमेट परीक्षा को रद्द कर देना चाहिए। इस तरह की अनुरोध को मद्देनजर रखते हुए बोर्ड ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सीबीएसई का कहना है कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करके कम्पार्टमेंट परीक्षा आयोजित करेगा।






सीबीएसई ने आगे कहा कि देश भर से प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया गया था, लेकिन कंपार्टमेंट परीक्षा रद्द होने की स्थिति में बड़ी संख्या में छात्रों का भविष्य दांव पर है, यही वजह है कि यह कदम उठाना सही नहीं होगा। इसके अलावा छात्र सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा सूचनाएं और अपडेट देख सकते हैं। वहीं ऐसे में परीक्षा के आयोजन की तारीखों की जल्द ही उम्मीद की जा रही है। इसलिए स्टूडेंट्स आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी नजर बनाएं रखें।


वहीं आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 12वीं के 87,651 छात्रों और कक्षा 10वीं के 1,50,198 छात्रों को वर्ष 2020 के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा देनी है। इस बार कंपार्टमेंट परीक्षा देरी से आयोजित हो रही है। आमतौर पर कंपार्टमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद जुलाई में करा ली जाती थी लेकिन इस साल मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहले 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। इसके बाद जब दोबारा परीक्षाएं कराने के लिए शेड्यूल जारी किया तो छात्रों और अभिभावकों ने कोरोना के दौर में खतरे को देखते हुए परीक्षाएं रद्द करने की मांग की और मामला कोर्ट तक जा पहुंचा। इसके बाद कोर्ट में सीबीएसई ने बिना परीक्षा कराए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट जुलाई के पहले और दूसरे सप्ताह में जारी किया है।


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CBSE ने लिया बड़ा फैसला, 10वीं में स्टैंडर्ड मैथ्स नहीं होने पर भी 11वीं में ले सकते हैं विषय

CBSE ने लिया बड़ा फैसला, 10वीं में स्टैंडर्ड मैथ्स नहीं होने पर भी 11वीं में ले सकते हैं विषय।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके अनुसार जिन छात्र-छात्राओं के पास 10वीं में स्टैंटर्ड मैथ्स नहीं थीवे भी 11वीं में गणित विषय ले सकते हैं।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। इसके अनुसार जिन छात्र-छात्राओं के पास 10वीं में स्टैंटर्ड मैथ्स नहीं थी , वे भी अब 11वीं में गणित विषय का विकल्प चुन सकते हैं। सीबीएसई ने यह स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल इस साल के लिए जा रही है। वहीं इस संबंध में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल प्रमुखों को यह निर्देश दिए गए हैं कि, वह इस बात की जांच करें कि 11वीं में मैथ्स सब्जेक्ट का विकल्प चुनने वाले छात्र-छात्राओं के भीतर उसे आगे बढ़ाने की योग्यता हो और क्षमता हो। इस बात को कॉलेजों को सुनिश्चित करना होगा। बता दें कि यह फैसला कोविड-19 संक्रमण के दौरान पड़ रहे प्रभाव की वजह से लिया गया है।




सीबीएसई बोर्ड के नियमानुसार जिन छात्र-छात्राओं को 11वीं और 12वीं में मैथ्स विषय लेना होता है, उन्हें 10वीं में स्टैंटर्ड गणित को पढ़ना होता है। वहीं जो परीक्षार्थी हॉयर स्टडीज में गणित नहीं पढ़ना चाहते हैं, वे बेसिक मैथ्स पढ़ते हैं। यह नियम साल 2019 में जारी किया गया था, जिससे जो छात्र-छात्राएं गणित का विषय नहीं पढ़ना चाहते हैं, उन पर ज्यादा बोझ न पड़े।


वहीं सीबीएसई के नियम के अुनसार 10वीं के बाद अगर उसका मूड बदलता है और वह 11वीं में मैथ्स विषय को चुनना चाहता है तो वह 10वीं में कंपार्टमेंट परीक्षा देकर 11वीं में गणित का विषय चुन सकता था। लेकिन इस बार कोविड-19 संक्रमण की वजह से पहले ही परीक्षाओं पर संकट गहराया हुआ है। एक तरफ जहां सीबीएसई बोर्ड ने अधूरी परीक्षाएं कराए बिना ही आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट की घोषणा कर दी थी। वहीं अभी तक कंपार्टमेंट परीक्षा का शेड्यूल भी जारी नहीं हुआ है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को नए सत्र में पढ़ाई में संकट न हो इसके लिए यह आदेश दिए हैं। हालांकि कुछ वक्त पहले ही यह साफ किया है सीबीएसई बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षाएं कराएगा, क्योंकि ऐसा नहीं कराने पर हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। लेकिन यह परीक्षाएं कब हो पाएंगी यह साफ नहीं हुआ है। इसलिए शायद बोर्ड ने स्टूडेंट्स को सहूलियत दी है।


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