DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label बर्खास्तगी. Show all posts
Showing posts with label बर्खास्तगी. Show all posts

Saturday, April 3, 2021

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद से डिग्री लेने वाले 26 शिक्षक होंगे बर्खास्त, बीएसए को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का निर्देश

वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की फर्जी डिग्रियों के सहारे प्रदेश के 75 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में 1130 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की है। इसमें जिले के परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे 26 शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई है। जल्द ही इन शिक्षकों की सेवा समाप्त हो सकती है। 


संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले इन शिक्षकों का खुलासा एसआईटी की जांच में हुआ है। एसआईटी ने जांच रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को दोषियों पर कार्रवाई के लिए भेज दी है। अब इन शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

अनामिका शुक्ला मामले का खुलासा होने के बाद प्रदेश शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित उन शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया, जिन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उपाधि हासिल की थी।

जिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 315 शिक्षकों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया था, जिसमें  इनमें 28 की डिग्री फर्जी मिली थी, जबकि दो अभिलेख संदिग्ध की श्रेणी में रखे गए हैं। अब इन 28 फर्जी डिग्रियों में से 26 पर सप्ताह भर में कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

पहले भी मिल चुके हैं कई फर्जी शिक्षक

संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने का मामला पहले भी कई बार आ चुका है। मई 2020 में भी आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाली पांच शिक्षिकाओं को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा एक पैन कार्ड व आधार कार्ड पर अन्य जिलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो चुकी है। 

शिक्षिका से हो सकती है साठ लाख की रिकवरी

सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कपसेठी में नियुक्त सहायक अध्यापक अर्चना पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी डीपी सिंह को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

डीपी ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने को लेकर शिक्षिका से 60 लाख की रिकवरी नोटिस भी जारी होगी। 

फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Saturday, March 20, 2021

बर्खास्त 57 बेसिक शिक्षकों पर मुकदमा, जनपद फिरोजाबाद का मामला

बर्खास्त 57 बेसिक शिक्षकों पर मुकदमा, जनपद फिरोजाबाद का मामला


फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी करने वाले 57 शिक्षकों पर बर्खास्तगी के बाद अब मुकदमा दर्ज कराया गया है। इन सभी शिक्षकों पर 8 मार्च को कार्रवाई की गई थी। डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 सत्र की फर्जी बीएड की डिग्री के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल कर ली।


 इन शिक्षकों के खिलाफ एसआईटी करीब तीन साल से जांच कर रही थी। जनपद में बीएड सत्र 2004 05 की फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले 107 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। इनमें 57 शिक्षक 8 मार्च 2021 को बर्खास्त किए गए थे पहले एबीएसए एफआईआर कराने से बचते नजर आए। बाद में शासन ने सख्ती दिखाई तो एबीएसए एफआईआर दर्ज कराने के लिए पहुंचे। जिस थानाक्षेत्र में स्कूल था, उसी थाने में खंड शिक्षाधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई है । संवाद

Saturday, March 13, 2021

औरैया : फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले सात शिक्षक बर्खास्त

औरैया : फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले सात शिक्षक बर्खास्त

औरैया : फर्जी शैक्षिक अभिलेख लगाकर परिषदीय विद्यालयों में नौकरी पाने वाले सात शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। शासन की ओर से वर्ष 2010 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के बाद टास्क फोर्स की अध्यक्ष एडीएम के निर्देश पर बीएसए ने ये कार्रवाई की है।


शासन के निर्देश पर डीएम के निर्देशन में एडीएम रेखा एस चौहान की अध्यक्षता में एएसपी शिष्य पाल सिंह व बीएसए की तीन सदस्यीय टास्क फोर्स गठित की गई थी। मामले की जांच के बाद सहार ब्लॉक के प्राथमिक विद्या वृत झाल गोविंद भदौरिया, प्राथमिक विद्यालय निवाजपुर के रितेश कुमार, प्राथमिक विद्यालय मधवापुर के आशुतोष दीक्षित, अछल्दा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गौतला के विनोद कुमार, प्राथमिक विद्यालय लहटौरिया के राहुल सिंह, अजीतमल के नवीन नगर प्राथमिक विद्यालय के लाली, एरवाकटरा के प्राथमिक विद्यालय एरवा के गौरव के विश्वविद्यालय के अंक पत्रों के रोल नंबर आदि में भिन्नता मिली। संबंधित शिक्षकों को कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया गया, लेकिन जवाब दाखिल नहीं किया। इस पर टास्क फोर्स बेसिक की अध्यक्ष शिक्षा अधिकारी कार्रवाई के निर्देश ने को दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल ने बताया कि शुक्रवार को सातों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।


Tuesday, March 9, 2021

फिरोजबाद : 57 फर्जी शिक्षक बर्खास्त, करीब तीन साल से चल रही थी एसआईटी जांच

फिरोजबाद : 57 फर्जी शिक्षक बर्खास्त, करीब तीन साल से चल रही थी एसआईटी जांच

50 शिक्षक पूर्व में हो चुके हैं बर्खास्त

फिरोजाबाद : बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय में वर्ष 2004-05 की फर्जी डिग्री हासिल करने वाले 57 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। साथ ही फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन शिक्षकों की सेवाएं शून्य कर दी गई हैं। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश पर इन शिक्षकों से अभी तक लिए गए वेतन की वसूली नहीं होगी।


एसआईटी से करीब तीन साल पूर्व जिले में 163 फर्जी शिक्षकों की सूची आई थी। इसमें से दो शिक्षकों की पूर्व में ही मृत्यु हो गई है। करीब 84 शिक्षकों को करीब एक साल पूर्व बर्खास्त किया जा चुका था लेकिन सभी बर्खास्त शिक्षक हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे और स्कूलों में शिक्षण कार्य करने लगे थे । बीते एक सप्ताह पूर्व हाईकोर्ट ने फैसला किया था कि फर्जी अंक तालिका बनवाने वाले शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा वहीं, टैंपर्ड शिक्षकों को फिलहाल के लिए राहत दी। हाईकोर्ट के फैसले और शासन के आदेश के बाद जिले में 57 और शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। इधर 50 फर्जी शिक्षक पूर्व में बर्खास्त किए जा चुके हैं। बीएसए ने बर्खास्तगी का आदेश जारी कर सभी खंड शिक्षाधिकारियों को फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, लेखा विभाग को भी इन शिक्षकों की सेवाएं शून्य करने के लिए पत्र लिखा है।

कई शिक्षक नेताओं की गई नौकरी

बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए गए हैं उनमें शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भी हैं। हालांकि शिक्षक संगठन बर्खास्ती के बाद फर्जी शिक्षकों से पल्ला झाड़ते रहे।

जनपद में 57 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। इनकी सेवाएं भी शून्य करने के साथ सभी खंड शिक्षाधिकारियों को आदेश दिया है कि वह एफआईआर दर्ज कराकर अवगत कराएं। पहले भी 50 फर्जी शिन्यकों को बर्खास्त किया जा चुका है। टैंपर्ड शिक्षकों पर हाईकोर्ट के आदेश पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है।

डॉ. अरविंद पाठक, बीएसए

Thursday, February 25, 2021

श्रावस्ती : फर्जी शिक्षक होने के शक पर सेवा समाप्ति से पूर्व पक्ष रखने का मौका, अंतिम नोटिस जारी

श्रावस्ती : फर्जी शिक्षक होने के शक पर सेवा समाप्ति से पूर्व पक्ष रखने का मौका, अंतिम नोटिस जारी


Tuesday, February 9, 2021

बर्खास्तगी प्रस्ताव लंबित रहते नहीं दिया जा सकता बहाली आदेश : हाईकोर्ट

बर्खास्तगी प्रस्ताव लंबित रहते नहीं दिया जा सकता बहाली आदेश : हाईकोर्ट 



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कालेज की प्रबंध समिति ने अध्यापक की बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित किया है तो इस प्रस्ताव के लंबित रहते अध्यापक की बहाली का आदेश नहीं दिया जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक को निलंबन आदेश का अनुमोदन देने से इंकार कर बहाली का आदेश देने का अधिकार नहीं है।


कोर्ट ने निरीक्षक को प्रबंध समिति के प्रस्ताव को दस्तावेजों सहित माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अग्रसारित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड को निरीक्षक के आदेश की अनदेखी कर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने जन सेवक इंटर कालेज सलारपुर पवई ,आजमगढ़  की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिवाद किया।  


प्रबंध समिति ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य को अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया और अनुमोदन के लिए डीआईओएस को भेजा। जिसने निलंबन का अनुमोदन करने से इंकार कर कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बहाल करने का निर्देश दिया। जिसे प्रबंध समिति ने यह कहते हुए चुनौती दी कि समिति ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। ऐसे में बहाली का आदेश देना गलत है। उसे रद्द किया जाए।

Thursday, January 7, 2021

प्रयागराज : चार साल में 150 परिषदीय शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त

प्रयागराज : चार साल में 150 परिषदीय शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त

प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन 150 शिक्षक पिछले चार साल में बर्खास्त किए गए हैं। 75 से 80 शिक्षक ऐसे हैं जो लंबे समय से अनुपस्थित थे और नोटिस के बावजूद अपना पक्ष रखने नहीं पहुंचे।


वहीं 61 से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी हासिल की थी। इन फर्जी शिक्षकों ने जिन संस्थाओं के प्रमाणपत्र लगाए थे वहां की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। 


61 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी संजयकुमार कुशवाहा ने 28 अप्रैल 2019 को खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया था। लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण अक्तूबर 2020 में 9 शिक्षकों को सेवामुक्त किया गया था। दो पैन के आधार पर नौकरी कर रही पूर्व मा. विद्यालय ओनौर उरुवा की सहायक अध्यापिका रमा सिंह 23 सितंबर 2020 को बर्खास्त की गई थीं।

Tuesday, November 3, 2020

इटावा : फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे 25 शिक्षक बर्खास्त, धन वसूली के साथ दर्ज होगी एफआईआर।

इटावा : फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहे 25 शिक्षक बर्खास्त, धन वसूली के साथ दर्ज होगी एफआईआर।

इटावा :  बेसिक शिक्षा परिषदीय के विद्यालयों में फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी पाने वाले 25 शिक्षकों को सोमवार को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया। ये शिक्षक वर्ष 2011 में टीईटी उत्तीर्ण करने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहे थे। शासन के आदेश पर अपर जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने जांच में प्रमाण पत्रों को फर्जी पाया था। वहीं प्रमाण पत्र संदिग्ध मिलने पर 12 शिक्षकों का वेतन रोका गया है।


शासन ने पूरे प्रदेश में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करके वर्ष 2010 के बाद नियुक्त पाने वाले शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच के आदेश दिए थे। करीब साल भर से इन शिक्षकों की जांच चल रही थी। जांच के दौरान वर्ष 2013 और वर्ष 2016 में नियुक्ति पाने वाले 25 शिक्षकों के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले। इसके अलावा 12 शिक्षकों के संदिग्ध मिले। जिनके प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं, उनका वेतन बीएसए ने फिलहाल रोक दिया है। वहीं जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीएसए कल्पना सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों से सरकारी धन की वसूली के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।


इटावा : अब सरकारी धन की वसूली के साथ दर्ज होगी एफआईआर



एक ही ब्लॉक क्षेत्र के हैं 16 शिक्षक : ऊसराहार : ताखा ब्लॉक के 16 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इन सभी तो पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके थे। इन शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की मार्कशीट में अनुत्तीर्ण होने के बाद भी उसे बदलकर नौकरी हथिया ली थी। जांच में इनके रोल नंबर पर किसी अन्य अभ्यर्थी का नाम पाया गया।

Friday, October 9, 2020

गोण्डा : बेसिक शिक्षा विभाग में फिर मिले 8 फर्जी शिक्षक‚ हुए बर्खास्त

गोण्डा : बेसिक शिक्षा विभाग में फिर मिले 8 फर्जी शिक्षक‚ हुए बर्खास्त


09 Oct 2020
गोण्ड़ा । बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी भर्तियों के खुलासे का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुûवार को फिर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ऐसे 8 शिक्षकों को बर्खास्त किये जाने का आदेश दे दिया‚ जिनके सत्यापन में पता सही नहीं मिला। ऐसे शिक्षक तैनाती वाले विद्यालयों में भी लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। 


बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़़ा करते हुए शिक्षक की नौकरी हासिल करने वालों की एक लम्बी फेहरिस्त तैयार होती जा रही है। कुछ वर्ष से ऐसे शिक्षकों के अभिलेखों व पते का सत्यापन शुरू हुआ‚ तो लगातार गड़़बडि़़यां सामने आ रही हैं। गुरुûवार को बीएसए ड़ा. इन्द्रजीत प्रजापति ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र मुजेहना के प्राथमिक विद्यालय त्रिभुवन नगर ग्रंट में देवेन्द्र प्रताप सिंह 2016 में तैनात किये गये थे। मानव संपदा पोर्टल पर जब उनसे सम्बन्धित जानकारी फीड़ की जाने लगी‚ तो उनकी नियुक्ति फिरोजाबाद जनपद में पायी गयी। विभाग द्वारा रजिस्टर्ड़ ड़ाक से उनके पते का सत्यापन किया गया‚ तो वह भी सही नहीं पाया गया। 


वहीं फिरोजाबाद के ही निवासी कविराज विमल की नियुक्ति शिक्षा क्षेत्र बभनजोत के प्राथमिक विद्यालय केशवनगर ग्रंट में 2016 में हुई थी‚ कविराज विमल को भी कई बार विभाग द्वारा उपस्थित होकर साIय प्रस्तुत करने को कहा गया‚ लेकिन न तो वे उपस्थित हुए और न ही उनके मूल निवास के पते की पुष्टि हुई। 


इसी प्रकार विकास खंड़ हलधरमऊ के प्राथमिक विद्यालय सेल्हरी में तैनात अमित कुमार वर्ष 2017 से लगातार अनुपस्थित हैं। खंड़ शिक्षा अधिकारी हलधरमऊ द्वारा उनकी लगातार अनुपस्थिति की सूचना विभाग को दी गयी तथा रजिस्टर्ड़ ड़ाक से उनके मूल पते पर संपर्क करने का प्रयास किया गया‚ लेकिन अमित कुमार उपस्थित नहीं हुए। 


शिक्षा क्षेत्र छपिया के प्राथमिक विद्यालय सिकरी तप्पाकोट में तैनात विनोद यादव के भी लगातार विद्यालय से अनुपस्थित होने की रिपोर्ट खंड़ शिक्षा अधिकारी द्वारा दी गयी। विनोद यादव का भी मूल पता फर्जी पाया गया।


 नवाबगंज के प्राथमिक विद्यालय कोल्हनपुर विशेन में तैनात सहायक अध्यापिका नेहा गर्ग 14 जनवरी 2020 से लगातार अनुपस्थित हैं‚ प्रसूता अवकाश पर जाने के बाद से उन्होंने विद्यालय से कोई संपर्क स्थापित नहीं किया। विभाग द्वारा स्पष्टीकरण व साIय देने की नोटिस दी गयी‚ जिस पर भी उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। 


शिक्षा क्षेत्र के हलधरमऊ के प्राथमिक विद्यालय मुरावन पुरवा में नियुक्ति अनिल कुमार वर्ष 2018 से लगातार अनुपस्थित रहने के कारण नो वर्क–नो पे के सिद्धान्त पर विभाग द्वारा नोटिस दी गयी‚लेकिन उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं दिया गया। शिक्षा क्षेत्र वजीरगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नियामतपुर में सहायक अध्यापक नरेन्द्र सिंह भी लगातार वर्ष 2019 से अनुपस्थित हैं। विभाग द्वारा उन्हे सेवापुस्तिका में अंकित पते पर नोटिस दी गयी‚ लेकिन अधूरे पते के चलते रजिस्ट्री वापस आ गयी। ॥ बीएसए ड़ा. इन्द्रजीत प्रजापति ने शिक्षकों के पते का सत्यापन कराने के बाद की कार्रवाई॥

Friday, October 2, 2020

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा के बर्खास्त 49 शिक्षकों से पौने तीन करोड़ रुपये की होगी वसूली, फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा के बर्खास्त 49 शिक्षकों से पौने तीन करोड़ रुपये की होगी वसूली, फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी।


प्रयागराज : स्कूलों में फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले 49 शिक्षकों के विरुद्ध बेसिक शिक्षा परिषद कार्रवाई कर चुका है। उनकी बर्खास्तगी के बाद अब रिकवरी की भी तैयारी शुरू हो चुकी है। पूर्व में सभी शिक्षकों के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।


बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि पिछले दिनों विभाग में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी। उसमें कुल 62 अध्यापक ऐसे पाए गए थे जिनके शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध थे। बाद में सभी कागजातों की गहनता से जांच की गई तो वे फर्जी पाए गए। हालांकि अभी इनमें से 13 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पूर्व में दी गई नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। शेष 49 अध्यापकों ने जवाब दिया। उनके प्रपत्र और जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इस पर विभाग ने सभी को बर्खास्त कर दिया था। उसी समय सभी दोषी शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। उसके बाद वेतन आहरण संबंधी विवरण एकत्र कर शिक्षकों से वसूली की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आगणन कराया गया। अब 49 अध्यापकों से कुल पौने तीन करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी।

’>>फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर कर रहे थे नौकरी

’>>इन सभी पर दर्ज कराया जा चुका है मुकदमा

Tuesday, August 18, 2020

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी।

देवरिया : :  दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहीं दो शिक्षकों को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की जांच में मामला पकड़ में आने पर हुई जांच के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। दोनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की जांच में जून में प्रदेशभर में एक ही पैन पर दो लोगों के नौकरी करने के 192 मामले मिले थे इनमें से सात मामले देवरिया के थे। इसकी जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालय मुसैला खुर्द की प्रधानाध्यापक रेनूबाला और प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट की प्रधानाध्यापक सीमा सिंह मोबाइल बंद कर गायब हो गई। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण ने एक जुलाई को दोनों शिक्षकों को जरूरी कागज के साथ उपस्थित होने के लिए फोन करना चाहा तो दोनों का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने एक जुलाई को ही दोनों विद्यालयों का दौरा किया। इसमें सीमा सिंह अपने तैनातीस्थल प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट में नहीं मिलीं। विद्यालय बंद मिला। वहीं मुसैला खुर्द प्राथमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापिका रेनूबाला बिना सूचना के गायब मिलीं। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को दी। बीएसए ने वेतन बाधित करते हुए दोनों शिक्षकों के पते पर नोटिस भेजकर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा था।




अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की नौकरी खतरे में

अमेठी : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और मामला प्रकाश में आया है। जहां विभिन्न ब्लॉकों में तैनात पांच शिक्षकों के अभिलेख पर जनपद फिरोजाबाद में भी पांच शिक्षकों द्वारा नौकरी पाए जाने का आरोप है। मामले में बीएसए ने इन सभी शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही फिरोजाबाद बीएसए को पत्र लिखकर वहां तैनात शिक्षकों का वेरिफिकेशन कर उनकी अभिलेखों की छाया प्रति मांगी है। बेसिक शिक्षा विभाग में अलग-अलग ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालय में कार्यरत 5 शिक्षकों के अभिलेखों पर किसी व्यक्ति ने बीएसए से फोन पर शिकायत की थी।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, August 10, 2020

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब।

देवरिया :: परिषदीय विद्यालय में फर्जी मिले दो शिक्षक, शीघ्र ही बर्खास्त होंगे। यह शिक्षक जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। इन शिक्षकों ने बीएसए की नोटिसों का जवाब नहीं दिया है। परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की जांच तेजी से चल रही है। अब तक 41 शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से एक दर्जन से अधिक के खिलाफ केस दर्ज कराया जा चुका है। इसमें पुलिस जांच कर रही है।




दूसरी तरफ अन्य फर्जी शिक्षक भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले शिक्षकों से जुड़ा है। बीएसए ने समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले सभी सभी शिक्षकों को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा था। इसमें से दो शिक्षकों ने नोटिस का जवाबनहीं दिया। बीएसएफ की तरफ से दूसरी और तीसरी नोटिस भेजी गयी पर दोनों शिक्षकों ने जवाब नहीं दिया। अब प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित कर सूचना दी गयी है। सूत्रों का कहना है कि दोनो शिक्षक जांच में फर्जी पाए गए हैं। इसके चलते नोटिस पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

● जांच शुरू होने के बाद से विद्यालय से हैं फरार

• बीएसए के नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

जिले में अब तक हो चुकी है 41 शिक्षकों की बर्खास्तगी।

कस्तूरबा के शिक्षकों के खिलाफ हो रही है जांच : फर्जी शिक्षकों के मामले में जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय प्रदेश में अव्वल हैं। राज्य परियोजना में हुई जांच में 14 शिक्षक फर्जी मिले। इन्हें बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। 11 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। फर्जी मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। एक वार्डेन को किसी व्यक्ति की शिकायत पर बर्खास्त किया जा चुका था।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, August 5, 2020

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी।


आजमगढ़ :  एक पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों । में दो-दो शिक्षकों द्वारा अलग अलग खाता नंबरों के साथ प्रयोग किए जाने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। जिसमें जिले के ऐसे 28 शिक्षक चिन्हित हुए थे। जिसमें पांच शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि होने पर पहले ही बर्खास्तगी हो चुकी है वहीं दो और फर्जी शिक्षक चिन्हित होने पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को नियुक्ति तिथि से इनकी सेवा समाप्त कर दी और खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।


बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के फर्जीवाड़े की जांच सरकार एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। इसी जांच के दौरान आईआईटी व एसटीएफ ने वेतन भुगतान के फाइलों की जांच के दौरान एक नया फर्जीवाड़ा पकड़ा। जिसमें एक ही पैन कार्ड पर दो शिक्षकों द्वारा अगल-अलग जनपदों व खाता नंबरों पर वेतन आहरित कोरोना पकड़ा गया। पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिन्हित हुए थे जिसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे। एसआईटी ने बकायदा सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूचना जिलों को उपलब्ध करा दी गई। जिले के 28 शिक्षक इस फर्जीवाड़े में चिन्हित हुए थे। जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से कुल सात शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया।

इन्हें दो बार अलग-अलग तिथियों में नोटिस भेजी गई। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजी गई थी। जिसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इन सात शिक्षकों ने सत्यापन नहीं कराया। जिस पर बीएसए ने 27 जुलाई को इन पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।

शेष बचे दो अन्य शिक्षकों पर मंगलवार को प्रभारी बीएसए ने कार्रवाई किया और दोनों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश निर्देश किया। सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में जय शिव प्रताप चंद हरैया ब्लाक के प्रावि शानूपुर पर तैनात थे और सर्विस बुक में अपना पता सल्लाहपुर देवरिया बताया था। वहीं दूसरे बस्ती शिक्षक अनिल कुमार अतरौलिया ब्लाक के प्रावि सिकरौरा पर तैनात थे।




पूर्व में इन शिक्षकों पर हुई है कार्रवाई

आजमगढ़ : प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने बताया कि प्रावि शोधनपट्टी बिलरियागंज पर तैनात रेखा पुत्री अवधेश कुमार सिंह निवासी सिविल लाइंस आजमगढ़, प्रावि भीलमपुर महराजगंज पर तैनात राजेश कुमार पुत्र राम दुलारे निवासी ग्राम मैलानी पोस्ट खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर, प्रावि धनसिंहपुर कोयलसा पर तैनात आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र वर्मा निवासी चांदमारी, इमिलिया जिला मऊ, प्रावि सीही सठियांव पर तैनात नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला निवासी ग्राम इमली पोस्ट रामपुर जिला गोरखपुर व प्रावि पिचरी अतरौलिया पर तैनात बांके बिहारी पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सलेमपुर, सलेमपुर देवरिया ने अपना सत्यापन नहीं कराया। ऐसी स्थिति में इन सभी को नियुक्ति तिथि से 27 जुलाई को ही बर्खास्त कर दिया गया है।

फर्जी डॉक्यूमेंट पर पाई थी परिवार की नौकरी, बर्खास्त

आजमगढ़ : जूनियर हाई स्कूल मुबारकपुर बालक पर 2018 में पुष्पा देवी पत्नी मन्नू कुमार निवासी कोपागंज जिला मऊ की बतौर परिचर मृतक आश्रित पद पर तैनाती हुई थी। पुष्पा के डॉक्युमेंटों का भी सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी पाया गया। जिस पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को पुष्पा देवी की नियुक्ति भी नियुक्ति तिथि से समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश जारी किया है। पुष्पा देवी के कई डॉक्यूमेंट सत्यापन में फेल पाए गए है।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, July 28, 2020

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी।

आजमगढ़ :  बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रहे पांच सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। महानिदेशक स्कूल एवं राज्य परियोजना के आदेश पर बर्खास्त शिक्षकों से नियुक्ति से लेकर अब तक आहरित धनराशि की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।




जिन सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त की गई है, उसमें शिक्षा क्षेत्र कोयलसा के प्राथमिक विद्यालय धनसिंहपुर में तैनात रहे मऊ जनपद के चांदमारी इमिलिया गांव निवासी आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र शर्मा, शिक्षा क्षेत्र सठियांव के प्राथमिक विद्यालय सींहीं, निवासी इमलीडीह पोस्ट बारीपुर जनपद गोरखपुर की नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला, शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी पर तैनात सहयक अध्यापक निवासी भुवनेश्वर प्रताप सिंह, 443, सिविल लाइन आजमगढ़, शिक्षा क्षेत्र महराजगंज के प्राथमिक विद्यालय पर तैनात रहे राजेश कुमार पुत्र रामदुलारे निवासी खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर एवं शिक्षा क्षेत्र अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय पचरी पर तैनात बांकेबिहारी लाल पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सल्लहपुर, तहसील सलेमपुर जनपद देवरिया शामिल हैं।


जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे

शासन के निर्देश पर जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। निर्धारित मूल प्रमाणपत्रों के साथ संबंधित सहायक अध्यापक कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए और ना ही अपना कोई प्रत्यावेदन ही दिया।इसलिए महानिदेशक के निर्देश पर इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

-अमरनाथ राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, July 22, 2020

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज।

एटा :: बीएसए ने मंगलवार को कस्तूरबा स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाली वार्डन और चार शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी है साथ ही उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने लेखा विभाग को इनके द्वारा अर्जित वेतन की रिकवरी करने के भी निर्देश दिए हैं।




शासन की सख्ती के बाद जनपद में टीईटी एवं अन्य फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ऐसे ही पांच मामले सामने आए हैं। विभाग द्वारा कराई गई जांच में दो शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। वहीं वार्डन और दो अन्य शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर एवं स्नातक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने पांचों का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। संतोष जनक जवाब न मिलने एवं विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए संजय सिंह का कहना है कि विभागीय जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों की पुष्टि होने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, July 16, 2020

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त।

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 14 शिक्षक बुधवार को बर्खास्त कर दिए गए। इनमें एक वार्डेन, आठ पूर्णकालिक, चार अंशकालिक और एक उर्दू शिक्षक शामिल हैं। यह कार्रवाई पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों पर बड़ी संख्या में नियुक्ति की शिकायत किसी ने शासन से की थी। इसी बीच  अनामिका प्रकरण सामने आने के बाद इसमें तेजी आ गई।





राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर मामले की जांच शुरूहुई। पांच सदस्यीय कमेटी गठित गई थी। जांच कमेटी में रामपुर कारखाना के बीईओ विनोद तिवारी, पथरदेवा के बीईओ डीएन चंद, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ.उपेंद्र मणि त्रिपाठी, डीसी प्रशिक्षण स्वप्निल कुमार मंगलम व डीसी बालिका त्रिभुवन नाथ पाण्डेय शामिल थे। 16 व 17 जून को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की मूल प्रति, आधार नंबर को बीएसए कार्यालय में जमा करा कर उनका सत्यापन शुरू किया गया।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, July 15, 2020

फर्जी उर्दू टीचरों को वसूली की नोटिस होगी जारी, बर्खास्तगी के 15 माह बाद आया विभाग को होश

फर्जी उर्दू टीचरों को वसूली की नोटिस होगी जारी, बर्खास्तगी के 15 माह बाद आया विभाग को होश


जौनपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों पर वर्षों से नौकरी कर रहे आठ उर्दू शिक्षकों से वेतन के रूप में ली गयी धनराशि के रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बर्खास्तगी के 15 माह बाद एडीएम ने सभी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग से उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।


परिषदीय स्कूलों में वर्ष 2016 में हुई उर्दू शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। मोअल्लिम व अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाए गए थे। तत्कालीन बीएसए राजेंद्र सिंह ने अप्रैल 2019 में आठ शिक्षकों को बर्खास्त किया था। उसके बाद से प्रक्रिया अटक गई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण सामने आने के बाद अपर मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में बर्खास्त उर्दू शिक्षकों पर कोई कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद 4 जुलाई की रात सभी के खिलाफ सम्बन्धित थानों में केस दर्ज कराया गया था। अब एडीएम ने सभी से नियुक्ति अवधि में लिए गए वेतन की रिकवरी का आदेश दिया है। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि सभी फ़ज़ीर् उर्दू शिक्षकों को नोटिस जारी किया जा रहा है।

लखीमपुर खीरी : बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे दो शिक्षक बर्खास्त, एफआईआर दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के आदेश

लखीमपुर खीरी : बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे दो शिक्षक बर्खास्त, एफआईआर दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के आदेश।

लखीमपुर खीरी : :  बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी हासिल करने के मामले में दो और शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। दोनों शिक्षकों की तैनाती सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भरतपुर और मितौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जमुनिया ग्रंट में थी। बीएसएफ बुद्ध प्रिया सिंह ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश संबंधित ब्लॉकों के बीईओ को दिए हैं। दोनों बर्खास्त शिक्षकों से वेतन की रिकवरी करने की कार्रवाई भी की जाएगी। डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 में फर्जी एवं टेंपर्ड प्रमाण पत्र धारक अभ्यर्थियों का मानव संपदा पोर्टल से मिलान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन ने इस मामले की जांच एसआईटी से कराई थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में आगरा विश्वविद्यालय के तहत एसएफ एजुकेशन शिकोहाबाद से बीएड सत्र 2004-05 में जारी बीएड प्रमाण को फेक करार दिया था, जिसके बाद 2823 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई शुरू हो गई थी।




बीएसए ने बताया कि जनपद में 342 संदिग्ध अभिलेखों वाले अध्यापकों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, जिसमें लखीमपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भरतपुर में तैनात प्रधानाध्यापक पुष्पा देवी निवासी छाउछ का नाम भी क्रमांक 616 पर शामिल था। शिक्षिका ने 28 अगस्त 2010 को कार्यभार ग्रहण किया था। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद नोटिस देकर जवाब मांगा गया, लेकिन शिक्षिका निर्धारित समय पर साक्ष्य सहित जवाब प्रस्तुत नहीं कर सकी। दूसरे शिक्षक ओमप्रकाश सिंह की तैनाती मितौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जमुनिया ग्रंट में थी। इस शिक्षक का नाम भी एसआईटी द्वारा तैयार की गई फर्जी छात्रों की सूची में ৪ 91 क्रमांक पर शामिल पाया गया। बीएसए ने बताया कि इस शिक्षक ने भी 2004-05 में जेएस कॉलेज आफ एजूकेशन शिकोहाबाद फिरोजाबाद की फर्जी बीएड डिग्री पर विशिष्ट बीटीसी चयन 2008 में नौकरी हासिल कर ली थी। प्रशिक्षण के बाद ओमप्रकाश सिंह को प्राथमिक विद्यालय जमुनिया ग्रंट में तैनाती मिली थी। बीएसए ने बताया कि शिक्षक को नोटिस देकर ठोस साक्ष्य सहित जवाब मांगा था, लेकिन शिक्षक ने अपने पक्ष में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद दोनों शिक्षकों की सेवा नियुक्ति की तिथि से शून्य कर दी गई है।

एफआईआर दर्ज कराकर वेतन की रिकवरी के आदेश

लखीमपुर के भगवानपुर और मितौली के जमुनिया ग्रंट में थी तैनाती

"दोनों शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीईओ को दिए हैं। दोनों शिक्षकों को दिए गए वेतन की रिकवरी की जाएगी, जिसके लिए आगणन किया जा रहा है।

-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

प्रतापगढ़ : फर्जी डिग्री पर सात साल से नौकरी कर तीन शिक्षकों को बीएसए ने किया बर्खास्त

प्रतापगढ़ : फर्जी डिग्री पर सात साल से नौकरी कर तीन शिक्षकों को बीएसए ने किया बर्खास्त।

प्रतापगढ़ : : फर्जी डिग्री पर सात साल से नौकरी कर रहे तीन प्राथमिक शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। उनके खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग में बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले तीनों शिक्षकों को जांच के दौरान पकड़ा गया। तीनों ने नौकरी पाने के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2004 05 में जारी बीएड की डिग्री लगाई थी।




पूर्व माध्यमिक विद्यालय कडरौ के शिक्षक सुभाष चंद्र को 29 सितंबर 2015 को नौकरी मिली थी। संडवा चंद्रिका ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पाटन में तैनात अरुण कुमार मिश्र को 20 फरवरी 2013 और सिंगापुर के प्राथमिक विद्यालय हुडा में तैनात विशाल प्रताप सिंह को 20 फरवरी 2013 को नौकरी मिली थी। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जांच में तीनों शिक्षकों की डिग्री फर्जी पाई गई। उन्हें बर्खास्त करने के बाद एफआईआर कराने का निर्देश दिया गया है।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, July 4, 2020

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी

कौशाम्बी : फर्जीवाड़े में महिला समेत दो शिक्षक बर्खास्त, होगी वेतन रिकवरी।

मंझनपुर  : फर्जी मार्कशीट पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर लगातार गाज गिर रही है। दो और शिक्षकों को बीएसए ने शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया। इनमें एक महिला शिक्षक भी शामिल है दोनों पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात हैं। अब इस रिकवरी की तैयारी हो रही है। चाय के हमीरपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात सीमा यादव की मार्कशीट संदिग्ध थी। इनके मूल अभिलेखों की जांच चल रही थी। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि सीमा यादव की बीएड की डिग्री फर्जी है। सीमा यादव ने भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की डिग्री लगाई थी। इसी तरह कौशाम्बी ब्लाक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सचवारा में तैनात राजेश शुक्ला की भी डिग्री फर्जी मिली है। इनकी भी बीएड की डिग्री आगरा विवि की थी। आरोप तय होने पर बीएसए राजकुमार पंडित ने दोनों को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही रिकवरी की कार्रवाई शुरू करा दी है।






चार अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

कोरांव : प्रदेश में फर्जी शिक्षिका की चल रही जांच के क्रम में शुक्रवार को कोरांव के भी चार अध्यापक ऐसे पाये गये जिन्होंने अभिलेखों में हेराफेरी कर परिषदीय अध्यापक की नौकरी प्राप्त कर ली। बीएसएफ के आदेश पर बीईओ कोरांव ने चारों अध्यापकों के खिलाफ कोरांव थाने में तहरीर दी है। बीईओ सीताराम यादव के अनुसार जिन चार अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उनमें प्रधानाध्यापक पीयूष कुमार तिवारी, महेश कुमार सिंह प्रावि सिपौवा निवासी रेही कला अरैल, विजय कुमार प्रावि खजुरी प्रथम शामिल है।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।