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Tuesday, July 14, 2026

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 17 जुलाई तक

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 17 जुलाई तक

अब तक उत्तर प्रदेश से मात्र 124 शिक्षकों ने ही किया आवेदन

13 जुलाई 2026
लखनऊ। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 जुलाई से बढ़ाकर 17 जुलाई कर दी है। प्रदेश में अब तक 124 शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं। 



ट्यूशन पढ़ाने वालों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार नहीं मिलेगा

30 जून 2026
प्रयागराज। राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2026 के लिए 13 जुलाई तक शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि अधिक से अधिक शिक्षकों से आवेदन कराएं।

खास बात यह है कि ट्यूशन जैसी गतिविधियों में संलिप्त शिक्षक या प्रधानाचार्य आवेदन नहीं कर सकते हैं। संविदा पर कार्यरत शिक्षक या शिक्षामित्र भी आवेदन के लिए अर्ह नहीं है। केवल न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा वाले नियमित शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पात्र है। राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार पोर्टल http://nationalawardstoteachers.education.gov.in पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई और सबमिट करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। आवेदक को आवेदन पत्र के साथ एक ऑनलाइन पोर्टफोलियो अपलोड करना है, जिसमें आवश्यक अभिलेख, टूल्स, एक्टिविटी रिपोर्ट, फील्ड विजिट, फोटो, ऑडियो या वीडियो आदि सम्मिलित होंगे।



राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार को लेकर शिक्षकों की बेरुखी से बढ़ी शिक्षा विभाग की परेशानी, 13 जुलाई तक आनलाइन आवेदन का मौका, जिले में कराना होगा 25 आवेदन

शिक्षकों को प्रेरित कर अधिक से अधिक आवेदन कराने में जुटा विभाग

लखनऊ । राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए आनलाइन स्व-नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आवेदन की रफ्तार धीमी होने से विभागीय अधिकरियों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पात्र शिक्षकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक आनलाइन आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 


इस वर्ष शिक्षा मंत्रालय ने यूपी को दो हजार नामांकन का लक्ष्य दिया है। इस हिसाब से जिले में कमसे कम 25 शिक्षकों को आवेदन करने  होंगे। विभाग की तरफ से इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के दो से तीन उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल पर आवेदन कराने और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है। शिक्षा निदेशालय के अनुसार 25 जून तक प्रदेश भर में केवल 24 शिक्षकों ने पंजीकरण कराया था, जबकि अंतिम रूप से एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ था। 

बड़ी संख्या में जिले ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी नामांकन नहीं हुआ है।  इसी के मद्देनजर यहां आवेदन संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र शिक्षक 10 जुलाई तक आनलाइन स्व-नामांकन कर सकते हैं, जबकि 13 जुलाई तक आवेदन अंतिम रूप से सबमिट करना होगा।


Friday, June 19, 2026

राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम

स्वच्छ व हरित विद्यालयों की राष्ट्रीय सूची में छाए यूपी के परिषदीय विद्यालय,  बेसिक शिक्षा विभाग के 9 स्कूलों ने बनाई पहचान

19 जून 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का विषय है कि विभाग द्वारा संचालित नौ परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। विभिन्न शैक्षिक मानकों, नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता, विद्यालयी वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आधार पर तैयार राष्ट्रीय सूची में इन विद्यालयों को स्थान मिला है। इस उपलब्धि को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। 

राष्ट्रीय सूची में शामिल विद्यालयों में जनपद संभल का प्राथमिक विद्यालय इटायला माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चौखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गढ़छपा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), रायबरेली का प्राथमिक विद्यालय दौलरा, महाराजगंज (रैंक 51), बदायूं का कम्पोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36), सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55), श्रावस्ती की केजीबीवी हरिहरपुर रानी (रैंक 9) तथा जालौन की केजीबीवी कोंच (रैंक 14) शामिल हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सफलता निपुण भारत मिशन, पीएमश्री विद्यालयों की पहल, बेहतर अधिगम परिणाम, डिजिटल नवाचार तथा विद्यालयों में विकसित सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का प्रतिफल है। प्रदेश सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालयों और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। 

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इसे परिषदीय विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सामूहिक सफलता बताया है। माना जा रहा है कि इन विद्यालयों की उपलब्धियां अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देंगी।



राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम 

17 जून 2026
लखनऊ। केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में यूपी के 11 विद्यालयों को जगह मिली है। इनमें 6 परिषदीय विद्यालय और 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रैंकिंग में दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय को भी जगह मिली है।


प्रदेश के बेसिक विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि पाई है। साथ ही देश भर के निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दी है। प्रतियोगिता के तहत राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। इनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया।

प्रतियोगिता में देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को जल्द सम्मानित करने का निर्णय लिया है। ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा ले सकें।

अपर निदेशक बेसिक श्याम किशोर तिवारी ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।


राष्ट्रीय रैंकिंग में इन विद्यालयों को मिली जगह

संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) और सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल है। वहीं, श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी (रैंक 9) व जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) को भी जगह मिली है। रैंकिंग में प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी है। वहीं, निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान पाया है।


परिषदीय विद्यालयों में हो रहा संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल :

एसएचवीआर रेटिंग में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर किया गया है। इनमें परिषदीय विद्यालयों ने संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और जनभागीदारी के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है। इन विद्यालयों में स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण और कायाकल्प जैसी पहल का सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखा है। इससे विभाग भी उत्साहित है।

Saturday, June 13, 2026

इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 31 जुलाई, शिव नादर फाउंडेशन ऑक्सफोर्ड विवि के साथ मिलकर देगा अवार्ड

इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 31 जुलाई, शिव नादर फाउंडेशन ऑक्सफोर्ड विवि के साथ मिलकर देगा अवार्ड

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन बढ़ाने के दिए निर्देश


लखनऊ। शिव नादर फाउंडेशन और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का सेड बिजनेस स्कूल मिलकर इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड देगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शिक्षकों से अधिक आवेदन के लिए सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र भेजा है। विभाग के संयुक्त निदेशक विवेक नौटियाल ने यह जानकारी दी। पुरस्कार आठ श्रेणियों में प्रदान किया जाएगा। इनमें व्यवसाय अध्ययन, उद्यमशीलता, कंप्यूटर विज्ञान, अंग्रेजी, पर्यावरणीय विज्ञान, भूगोल, गणित और भौतिक विज्ञान शामिल हैं। आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक नियमित शिक्षकों का नामांकन कर सकते हैं। वे अधिकतम दो श्रेष्ठ शिक्षकों को नामांकित कर सकेंगे।


चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। चयनित शिक्षकों को सेड बिजनेस स्कूल में एक हफ्ते के व्यक्तिगत कार्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। यह कार्यक्रम शिक्षा और वैश्विक शिक्षाशास्त्र के नेतृत्व पर केंद्रित होगा। विजेता 16 शिक्षकों को शिक्षण कौशल सुधारने के लिए पांच-छह सप्ताह का ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम भी मिलेगा। डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिक्षकों को व्हाट्सएप समूह और ईमेल से 31 जुलाई तक आवेदन करने के लिए प्रेरित करें। 

Tuesday, June 2, 2026

सीएम योगी ने सभी बोर्ड के टॉप टेन मेधावियों को किया सम्मानित, सोशल मीडिया से दूरी बनाने का आह्वान

सीएम योगी ने सभी बोर्ड के टॉप टेन मेधावियों को किया सम्मानित, सोशल मीडिया से दूरी बनाने का आह्वान 

सोशल मीडिया पर अफवाहें, अखबार पढ़ें: योगी

02 जून 2026
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावी छात्र-छात्राओं से अपने अभिभावकों पर स्मार्टफोन के लिए अनावश्यक दबाव न डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन का प्रयोग सही दिशा में कीजिए। डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़िए, अपने पाठ्यक्रम से जुड़िए। समाचार पत्रों को नियमित पढ़ें, अपडेट रहें। टीवी पर न्यूज देखिए, अन्य व्यर्थ कार्यक्रम न देखें।

सीएम ने सोमवार को लोक भवन में यूपी बोर्ड व संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप टेन, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के सर्वोच्च दस कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये का चेक, टैबलेट, मेडल व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। 

छात्रों को संबोधित करते हुए सीएम ने छात्रों से सोशल मीडिया से दूरी बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकतम 10-15 मिनट तक ही सोशल मीडिया पर रहें। सोशल मीडिया पर ज्यादातर कंटेंट अफवाहों और झूठ पर आधारित होते हैं। किसी प्रतियोगिता या इंटरव्यू में कोई आपसे आपके फॉलोअर्स की संख्या नहीं पूछेगा। कार्यक्रम में सीएम ने मेधावियों के साथ उनके अभिभावक व विद्यालय के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।

छूटे हुए विद्यालयों तक पहुंचेगा अखबार

मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्रों को सही जानकारी के लिए नियमित रूप से अखबार पढ़ने की सलाह दी। इसके बाद प्रदेश के विद्यालयों में अखबार पढ़ने के अभियान को और गति मिलने की उम्मीद है। 

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने छात्रों का स्क्रीन टाइम कम करने की सलाह दी। उन्हें पुस्तकों और समाचार पत्रों के अध्ययन के प्रति प्रेरित करने के उ‌द्देश्य से विद्यालयों में अखबार पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश दिए थे। इसके लिए विद्यालयों में अखबार पढ़ने का समय भी निर्धारित किया गया है। साथ ही समाचारों से संबंधित विभिन्न शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सभी अटल आवासीय विद्यालयों और कौशल विकास केंद्रों में भी अखबार पठन-पाठन को अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने विद्या को केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रखा। हम ऐसी विद्या दें जो जीवन के हर क्षेत्र में मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करे। चुनौतियों से लड़ने की प्रेरणा दे और समाज व राष्ट्र को आगे बढ़ाए। दुनिया मैं भारत का सम्मान इसलिए था क्योंकि हमारे पास ज्ञान की सबसे बड़ी धरोहर थी। यह मेधावी सम्मान उसी कड़ी का हिस्सा है।

जहां भी अच्छा ज्ञान मिले, लेने के लिए तैयार रहें
सीएम ने कहा कि इस राज्य स्तरीय परिणाम में कुल 223 विद्यार्थी हैं। इसमें छात्र 85, छात्राएं 138 हैं। छात्राएं मेरिट सूची में ज्यादा और छात्र कम आए हैं। हाईस्कूल में 115 में से 34 छात्र व 81 छात्राएं हैं। इंटर में 9 छात्र व 14 छात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि छात्राएं ज्यादा मेहनत कर लेती हैं। ज्यादा अंक पाने का सामर्थ्य रखती हैं। उन्होंने मेरिट से छात्रों की संख्या कम होने पर तंज कसा कि लगता है अब लड़के झाडू-पोछा ज्यादा करने लगे हैं। सीएम ने कहा लड़के छात्राओं से प्रेरणा लें और अच्छे नंबर लाएं।

छात्रों को परेशान करने के लिए न बनाएं पेपर
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि छात्रों का पसीना छुड़ाने के लिए परीक्षा के पेपर न बनाएं। छात्रों को परेशान न करें। उन्होंने कहा कि प्रश्न ऐसा हो कि छात्र थोड़े प्रयास से उसे हल कर सकें। सीएम ने कहा कि नौ साल पहले बोर्ड परीक्षा में नकल होती थी। शिक्षक भर्ती नहीं होती थी। विद्यालय भी वैसे ही थे। छात्रों को पता था कि अंत में ठेका ही होना है तो मेहनत क्यों करें।

बच्चों के मित्र बनकर रहें : गुलाब देवी
माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि अभिभावक बच्चों के मित्र बनकर रहेंगे तो बच्चा सही रुप से आगे बढ़ेगा। आज माता-पिता को फुर्सत ही नहीं रहती है बच्चों के लिए। शिक्षकों की भी समाज में एक अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों का अंतिम पड़ाव नहीं, जीवन की शुरुआत है। जीवन में हमेशा चुनौती होगी, इसलिए समय को पकड़े रहिए तभी चुनौती से पार पाएंगे। 




सीएम आज लोकभवन में सभी बोर्ड्स के मेधावियों का करेंगे सम्मान, राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये, टैबलेट व मेडल देकर करेंगे सम्मानित

01 जून 2026
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लोकभवन में सुबह 11 बजे से आयोजित कार्यक्रम में यूपी बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद के टॉप 10, सीबीएसई और आईसीएसई के सर्वोच्च 10-10 समेत कुल 223 राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये, एक-एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित करेंगे।

सीएम समारोह में 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग भी सभी 75 जिलों में जिले के टॉप 10 मेधावियों को सम्मानित करेगा। जिलों में सीएम के लोकभवन में होने वाले कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।


जल्द ही मदरसा बोर्ड के मेधावी भी होंगे सम्मानित
 योगी सरकार वर्ष 2026 की मदरसा बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेगी। जून के पहले सप्ताह में लखनऊ में विशेष कार्यक्रम होगा। मुंशी/मौलवी (सेकंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षा के टॉप-10 छात्र-छात्राओं को बुलाया जाएगा। दोनों वर्गों के शीर्ष तीन छात्र-छात्राओं को टैबलेट दिया जाएगा। 




एक जून को सीएम 223 बोर्ड मेधावियों को करेंगे सम्मानित, राज्य स्तरीय मेधावियों को एक-एक लाख रुपये टैबलेट, प्रशस्ति पत्र देंगे

जिला स्तर पर होने वाले आयोजन में मेधावियों को 21-21 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे

27 मई 2026
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जून को लोकभवन में हाईस्कूल व इंटर के विभिन्न बोर्ड के राज्य स्तरीय मेधावियों को सम्मानित करेंगे। राज्य स्तर पर प्रथम 10 मेधावियों को एक-एक लाख रुपये का चेक, एक-एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र व मेडल दिए जाएंगे। जिला स्तरीय सम्मान समारोह में जिले के प्रथम 10 मेधावियों को 21–21 हजार रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र व मेडल दिए जाएंगे। 


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से जारी निर्देश के अनुसार राज्य स्तर पर यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीआईएसई व सीबीएसई के हाईस्कूल व इंटर के कुल 223 मेधावियों को सीएम लोकभवन में सम्मानित करेंगे। जिला स्तर पर कुल 1459 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय आयोजन में मेधावियों के साथ उनके एक-एक अभिभावक भी शामिल हो सकेंगे।

 उन्होंने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया है कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण जिला मुख्यालय पर करने के लिए व्यवस्था की जाए। डीआईओएस एक जून को होने वाले आयोजन में मंत्री या जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में आयोजन सुनिश्चित कराएं। निदेशक ने कहा है कि मेधावियों को दी जाने वाली धनराशि कोषागार से उनके खातों में हस्तांतरित कराई जाएगी। 

Thursday, May 28, 2026

उच्च शिक्षण संस्थानों व पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन पांच जुलाई तक मांगे गए

उच्च शिक्षण संस्थानों व पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन पांच जुलाई तक मांगे गए 




लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। इसके लिए शिक्षक पांच जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पुरस्कार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों व पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। श्रेणी एक में उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक व श्रेणी-दो में पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट www.awards.gov.in पर ऑनलाइन किए जा सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया स्व-नामांकन आधारित है। जिसमें वर्तमान व पूर्व कुलपति, प्राचार्य, निदेशक व शिक्षक भी फॉर्म भर सकते हैं। शिक्षकों को अपने सेवाकाल की उपलब्धियों के साथ ही दो से तीन मिनट का वीडियो और उसका यूट्यूब लिंक भी भेजना होगा।

उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों के लिए 25 व पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों के लिए 10 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार, मेडल व प्रमाण पत्र दिया जाएगा। पुरस्कार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर दिया जाएगा। 


Sunday, May 17, 2026

प्रदेश की 90 स्कूली टीमें राष्ट्रीय स्तर पर होंगी पुरस्कृत, विकसित भारत बिल्डथॉन अंतर्गत 25 मई को पुरस्कार वितरण समारोह दिल्ली में होगा

प्रदेश की 90 स्कूली टीमें राष्ट्रीय स्तर पर होंगी पुरस्कृत, विकसित भारत बिल्डथॉन अंतर्गत 25 मई को पुरस्कार वितरण समारोह दिल्ली में होगा

विकसित भारत बिल्डथॉन में युवाओं के विचार चयनित, एक राष्ट्रीय व चार राज्य स्तर पर भी चुने गए


लखनऊ। प्रदेश की १० स्कूली टीमें राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होंगी। इनका चयन शिक्षा मंत्रालय की ओर से कराए गए विकसित भारत बिल्डथॉन की त्रिस्तरीय प्रतियोगिता के बाद किया गया है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देश भर के स्कूली छात्रों में रचनात्मकता, समस्या समाधान और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर चयनित टीमों को नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा।


योजना के तहत अटल इनोवेशन मिशन की ओर से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करने और उनके व्यावहारिक समाधान के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने इस प्रतियोगिता का परिणाम जारी किया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी सूची के अनुसार जिला स्तर पर 85 नवाचार व प्रोटोटाइप चयनित हुए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी संबंधित बीएसए व डीआईओएस को बताया है कि 25 मई को इसका पुरस्कार वितरण समारोह दिल्ली में होगा। इसमें जिला व राज्य स्तरीय विजेताओं की राशि उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह टीमें कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ेंगी। राष्ट्रीय स्तर की विजेता टीम संबंधित शिक्षक के साथ समारोह में शामिल होगी। उन्होंने टीम से संबंधित जानकारी जल्द उपलब्ध कराने को कहा है। 

Sunday, March 15, 2026

पांच बीएसए और 4 बीईओ सहित यूपी के 9 शिक्षाधिकारी होंगे सम्मानित, इनोवेशन व शैक्षिक प्रशासन में अच्छे प्रयोग के लिए हुए चयनित

पांच बीएसए और 4 बीईओ सहित यूपी के 9 शिक्षाधिकारी होंगे सम्मानित, इनोवेशन व शैक्षिक प्रशासन में अच्छे प्रयोग के लिए हुए चयनित


लखनऊ। प्रदेश के नौ शिक्षा अधिकारी को उनके इनोवेशन व शैक्षिक प्रशासन में अच्छे प्रयोग के लिए सम्मानित किया जाएगा। इसमें सीतापुर के बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह समेत नौ शिक्षा अधिकारी शामिल हैं।

अन्य अधिकारियों में कौशांबी के बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, सोनभद्र के बीएसए मुकुल आनंद पांडेय व कन्नौज के बीएसए संदीप कुमार शामिल हैं। 

इसके साथ ही गौतमबुद्धनगर के बीईओ मोहम्मद राशिद, रामपुर की बीईओ बबीता सिंह, हरदोई के बीईओ डॉ. ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, प्रयागराज के बीईओ क्षमा शंकर पांडेय व वाराणसी के बीईओ संजय कुमार यादव भी शामिल हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा) दिल्ली के प्रस्ताव के क्रम में शासन ने 2023-24 व 2025-26 के लिए संबंधित अधिकारियों को एनओसी की अनुमति दी है। उन्होंने इसकी जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों को दी है।


Friday, March 6, 2026

इंस्पायर अवार्ड में यूपी के 7173 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित, छात्रों को मॉडल बनाने के लिए मिलेंगे 10-10 हजार रुपये

इंस्पायर अवार्ड में यूपी के 7173 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित, छात्रों को मॉडल बनाने के लिए मिलेंगे 10-10 हजार रुपये

लखनऊः भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 में उत्तर प्रदेश के 7173 विद्यार्थियों के इनोवेशन आइडिया का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों को अपने वैज्ञानिक आइडिया पर माडल या प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और इंस्पायर अवार्ड मानक प्रभारी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाते सक्रिय रखें। यदि किसी छात्र के खाते में केवाईसी या अन्य औपचारिकताएं लंबित हैं तो उन्हें तुरंत पूरा कराया जाए, ताकि प्रोत्साहन राशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इस योजना में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में से लखनऊ मंडल सबसे आगे रहा है। लखनऊ जिले से सर्वाधिक 370 विद्यार्थियों के आइडिया चयनित हुए हैं, जबकि मंडल स्तर पर लखनऊ मंडल से कुल 906 प्रोजेक्ट चयनित हुए हैं। जिला स्तर पर दूसरे स्थान पर प्रयागराज है, जहां 216 विद्यार्थियों के आइडिया का चयन हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चयनित बाल वैज्ञानिक को अपने माडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।


स्कूलों में वैज्ञानिक सोच को मिलेगा बढ़ावा

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का उद्देश्य स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों ने अपने नए वैज्ञानिक विचार या समस्या के समाधान से जुड़े आइडिया को प्रस्तुत किया था। इसमें से श्रेष्ठ आइडिया का चुनाव किया गया। चयनित विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनके आइडिया को माडल के रूप में विकसित करने का अवसर दिया जाएगा। इस बार चयनित विद्यालयों में बेसिक शिक्षा और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के बच्चों ने भी स्थान बनाया है। निजी विद्यालयों के बच्चों के आइडिया का भी चयन हुआ है।




इंस्पायर अवॉर्ड में यूपी के 7173 मेधावी चयनित, 
लखनऊ पहले, प्रयागराज दूसरे स्थान पर रहा 




प्रयागराज। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत चयनित प्रतिभाओं की सूची जारी कर दी गई है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश से कुल 7173 मेधावी छात्र-रत्राओं का चयन हुआ है जिन्होंने अपने मौलिक वैज्ञानिक विचारों और नवाचारी मॉडल के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की। 


जनपदवार सूची में लखनऊ 370 स्थान पर रहा, जबकि प्रयागराज 216 छात्रों के चयन के साथ और कानपुर तीसरे स्थान पर है। कानपुर के 14 छात्रओं चयन हुआ है। प्रतापगढ़ के 121, कौशाम्बी के 48 बच्चों का चयन हुआ है। वहीं आगरा के 119, अलीके, गोरखपुर के 112, मुरादाबाद के 145, मेरठ के 117, वाराणसी 191 तथा बरेली के 129 छात्रों का चयन हुआ है। 

यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है, बल्कि प्रदेश में नवाचार और अनुसंधान के बढ़ते माहौल की भी पुष्टि करती है। विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉ. लालजी यादव ने बताया कि योजना के अंतर्गत 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन उनके मौलिक और रचनात्मक वैज्ञानिक विचारों के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें अनुसंधान के क्षेत्र में आगे चढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

Wednesday, February 11, 2026

राजकीय व एडेड माध्यमिक के 15 और वित्तविहीन विद्यालय के 5 शिक्षकों को मिलेगा राज्य और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार, देखें जारी सूची

राजकीय व एडेड माध्यमिक के 15 और वित्तविहीन विद्यालय के 5 शिक्षकों को मिलेगा राज्य और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार, देखें जारी सूची 


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हर साल शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। 2025 के लिए प्रदेश के राजकीय व एडेड माध्यमिक विद्यालय के 15 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है। शासन ने मंगलवार को इसके लिए चयनित शिक्षकों की सूची जारी कर दी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र की ओर से जारी सूची के मुताबिक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों में गाजियाबाद की रेनू तोमर, वाराणसी के डॉ. रमेश प्रताप सिंह, रायबरेली के गिरिजेश कुमार मल्ल, मुरादाबाद के डॉ. अनुज कुमार अग्रवाल, गोरखपुर के महेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, संत कबीर नगर के अरुण कुमार ओझा व डॉ. अभिषेक कुमार सिंह शामिल हैं।

इनके अलावा रामपुर के डॉ. गौरव वाष्र्णेय, हापुड़ के अमित शर्मा, भदोही के डॉ. हरिश्चंद्र यादव, फिरोजाबाद के अश्वनी कुमार जैन, बरेली के राजपाल व डॉ संजय कुमार सिंह, आगरा के गुणधर लाल जैन न तथा वाराणसी के प्रकाश नारायण सिंह शामिल हैं। उन्होंने कहा, चयनित शिक्षकों को शिक्षकों को नियमानुसार सेवा विस्तार व सुविधाएं दी जाएंगी।



Thursday, January 1, 2026

राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025 के आवेदकों के साक्षात्कार / प्रस्तुतीकरण के संबंध में

राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025 के आवेदकों के साक्षात्कार / प्रस्तुतीकरण के संबंध में

Sunday, December 28, 2025

राष्ट्रीय पदक विजेता छात्रों को मिलेंगे सीएम खेल पुरस्कार, माध्यमिक शिक्षा विभाग मई जून में करेगा आयोजन, 69वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए बजट मंजूर

राष्ट्रीय पदक विजेता छात्रों को मिलेंगे सीएम खेल पुरस्कार, माध्यमिक शिक्षा विभाग मई जून में करेगा आयोजन,  69वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के लिए बजट मंजूर

लखनऊ। माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलों में भी दक्ष बनाने पर फोकस है। इसके लिए हर मंडल में खेल स्टेडियम और 22 जिलों के विद्यालयों में मिनी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब 69वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मई-जून में आयोजन किए जाएंगे।


बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों को खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इस साल प्रदेश में सात खेलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हुईं। इनका समापन होने के बाद राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक विजेता छात्रों को सीएम विद्यालय खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक एकल विजेताओं को क्रमशः 75000, 50000 व 30000 रुपये बतौर पुरस्कार दिए जाएंगे। स्कूल टीम को क्रमशः 35000, 25000 व 15000 रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने डेढ़ करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि स्कूल गेम्स फेडरेशन (एसजीएफआई) की ओर से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हमारे छात्र काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उनको प्रोत्साहित करने के लिए राज्य, मंडल व जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

Friday, November 7, 2025

माध्यमिक में राज्य अध्यापक व सीएम अध्यापक पुरस्कार के आवेदन 15 नवंबर से, संशोधित समय सारिणी जारी

माध्यमिक में राज्य अध्यापक व सीएम अध्यापक पुरस्कार के आवेदन 15 नवंबर से, संशोधित समय सारिणी जारी 


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए राज्य अध्यापक व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। चयन प्रक्रिया जनवरी तक पूरी कर ली जाएगी। 


विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इसके लिए संशोधित समय सारिणी जारी की है। अब अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि जिला समिति द्वारा आवेदनों का परीक्षण व स्थलीय सत्यापन कर पात्र शिक्षकों का नाम छह से 15 दिसंबर के बीच मंडलीय समिति को भेजा जाएगा। 


मंडलीय समिति पात्र शिक्षकों का चयन कर 16 से 25 दिसंबर तक निदेशालय स्तरीय चयन समिति को भेजेगी। निदेशालय की समिति 26 दिसंबर से चार जनवरी तक पात्र शिक्षकों के नाम राज्य स्तरीय समिति को ऑनलाइन भेजेगी। वहीं पांच से 14 जनवरी तक राज्य स्तरीय समिति इनके चयन की कार्यवाही पूरी करेगी। 14 जनवरी के बाद चयनित शिक्षकों को पुरस्कार दिए जाएंगे। 


विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, महानिदेशक स्कूल शिक्षा और शिक्षा निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि पुरस्कार चयन से जुड़ी सभी प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। इस वर्ष शिक्षकों को अपने अभिलेखों के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्यों का विवरण और पांच मिनट का वीडियो भी आनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। 


जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य समिति के लिए प्रस्तावित शिक्षकों के चरित्र सत्यापन, सामान्य ख्याति प्रमाणपत्र और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) से कराकर उपलब्ध कराई जाए।

Sunday, October 12, 2025

इंस्पायर की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी 13 से 15 अक्टूबर तक

इंस्पायर की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी 13 से 15 अक्टूबर तक


लखनऊ। इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत 2023-24 व 2024-25 की राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी व प्रोजेक्ट प्रतियोगिता का आयोजन 13 से 15 अक्तूबर तक राजधानी में किया जाएगा। राजधानी के लखनऊ पब्लिक कॉलेजिएट, रुचि खंड-1 में 2023-24 के 129 और वर्ष 2024-25 के 347 चयनित छात्र-छात्रा अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित करेंगे। 


माध्यमिक के संयुक्त शिक्षा निदेशक व इंस्पायर योजना के राज्य समन्वयक विवेक नौटियाल ने बताया कि केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग व राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा इन दो सालों में चयनित छात्र-छात्राओं के विचारों का चयन प्रोजेक्ट बनाने के लिए किया गया था। इनको प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार डीबीटी से दिया गया है। अब इन्हीं छात्रों द्वारा अपने प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि छात्रों द्वारा प्रस्तुत प्रोटोटाइप मॉडल/परियोजनाओं का मूल्यांकन राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन-आरडीएसओ, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान, लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों की जूरी करेगी। 

Friday, September 26, 2025

विवि में शिक्षकों की नियुक्तियों वाली कमेटी में होगा शासन का प्रतिनिधि, उच्च शिक्षा विभाग जल्द शुरू करेगा शिक्षक पुरस्कार, विवि शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

विवि शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा


 लखनऊ : उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विश्वविद्यालयों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। वह विधान भवन स्थित कार्यालय में गुरुवार को विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्तियों में समय-समय पर गड़बड़ी की मिल रही शिकायत के संदर्भ में मंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष

और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए शासन का एक प्रतिनिधि नामित किया जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों की स्थापना, नए पाठ्यक्रमों की मान्यता के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने की प्रक्रिया में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों की भूमिका भी तय की जाएगी। इसके लिए समिति गठित की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कैलेंडर का

पालन न करने पर संबंधित कुलपति की जवाबदेही शासन स्तर पर तय की जाएगी। यह भी तय हुआ कि पिछले कई वर्षों से बंद पड़े शिक्षक पुरस्कार को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना शीघ्र तैयार होगी। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मूल्यांकन समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी, निधि श्रीवास्तव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



विवि में शिक्षकों की नियुक्तियों वाली कमेटी में होगा शासन का प्रतिनिधि, उच्च शिक्षा विभाग जल्द शुरू करेगा शिक्षक पुरस्कार

मंत्री ने बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के दिए निर्देश, शिक्षणेतर कर्मचारियों पर भी लागू होगा नियम

लखनऊ। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर नियुक्तियों की कमेटी में अब शासन का भी प्रतिनिधि नामित किया जाएगा ताकि नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। इतना ही नहीं विश्वविद्यालयों से संबद्ध महाविद्यालयों, नए पाठ्यक्रमों की मान्यता व नए महाविद्यालयों की स्थापना के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को भी शामिल किया जाए।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बृहस्पतिवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए जल्द ही एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर का पालन न करने पर संबंधित कुलपति की जिम्मेदारी शासन स्तर पर तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता है।


मंत्री ने अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों की भांति विश्वविद्यालय के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान दिए जाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव एमपी अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, विशेष सचिव गिरजेश त्यागी व निधि श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।


शिक्षक पुरस्कार जल्द शुरू करने की तैयारी

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दिए जाने वाले शिक्षक पुरस्कार को जल्द शुरू करने पर सहमति बनी। मंत्री ने इसके लिए अधिकारियों को कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा। बता दें कि अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने यह तैयारी शुरू की है।


Friday, September 5, 2025

विवि और महाविद्यालयों के शिक्षकों को पांच साल से सम्मान का इंतजार, 2019 में दिए गए थे उच्च शिक्षा में पुरस्कार, 2020-21 में घोषणा के बाद भी नहीं दिया गया सम्मान

विवि और महाविद्यालयों के शिक्षकों को पांच साल से सम्मान का इंतजार, 2019 में दिए गए थे उच्च शिक्षा में पुरस्कार, 2020-21 में घोषणा के बाद भी नहीं दिया गया सम्मान


लखनऊ। हर साल पांच सितंबर को बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक सम्मान से नवाजा जाता है, लेकिन विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के हजारों शिक्षकों को पांच साल से शिक्षक सम्मान का इंतजार है। उच्च शिक्षा विभाग ने बिना कारण बताए पांच साल से शिक्षक दिवस पर इनको सम्मानित नहीं कर रहा है।

बेसिक व माध्यमिक की ही तरह पहले उच्च शिक्षा विभाग हर साल विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत करता था। आखिरी बार 2019 में ये पुरस्कार दिए गए थे। 2020-21 में शिक्षक पुरस्कार की घोषणा तो हुई लेकिन पुरस्कार दिया नहीं जा सका। इस सूची में शामिल कई शिक्षक सेवानिवृत्त भी हो गएbहैं। इन शिक्षकों ने कई बार विभाग से इस संबंध में पत्राचार भी किया है। इसके बाद कोविड का दौर शुरू हो गया। इससे सारी गतिविधियां ठप हो गईं और बाद में विभाग बिना कोई कारण बताए शिक्षक पुरस्कार नहीं प्रदान कर रहा है।


विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के हजारों शिक्षक इससे जुड़ी आवश्यक तैयारी करके इंतजार ही कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार इसके लिए विभाग में भी संपर्क किया लेकिन अपेक्षित जानकारी नहीं मिली।

उप्र. विवि महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुफुक्टा) के संयुक्त मंत्री डॉ. गांगेय दीक्षित ने कहा कि शिक्षक सम्मान से अपने शैक्षिक कार्य को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलता था। काफी संख्या में शिक्षक हर साल इसके लिए आवश्यक तैयारी करके रखते हैं लेकिन बाद में उन्हें निराशा हाथ लगती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग से इसे फिर शुरू करने की मांग की है।


अभी प्रदेश के आठ मंडलों में ही क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय हैं। अब हर मंडल में कार्यालय खोले जा रहे हैं। इनके सक्रिय होने के बाद शिक्षकों से आवेदन लेकर बेहतर तरीके से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जल्द ही अच्छे शिक्षकों का चयन कर उनको सम्मानित किया जाएगा। - योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा मंत्री


शिक्षकों को सम्मानित किए जाने से प्रोत्साहन मिलता था। इसको बिना कारण रोक दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे तुरंत शुरू किया जाए। वर्ष 2020-2021 में जिन शिक्षकों के नाम की घोषणा की गई थी, उनको भी सम्मान दिया जाना चाहिए था। -डॉ. मनोज पांडेय, अध्यक्ष, लुआक्टा



शिक्षकश्री व सरस्वती सम्मान दिए जाते थे

उच्च शिक्षा विभाग राजकीय विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षकश्री व सरस्वती सम्मान देता था। शिक्षकश्री में आवेदन लेकर शोध आदि शैक्षिक काम के आधार पर तीन शिक्षक विश्वविद्यालयों व तीन कॉलेजों से चयनित होते थे। इनको 1.50-1.50 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र व शॉल देकर सम्मानित किया जाता था। सरस्वती सम्मान में एक विश्वविद्यालय व दो कॉलेज के शिक्षकों का चयन होता था। इनको तीन-तीन लाख रुपये व अन्य चीजें दी जाती थीं। दोनों श्रेणी में चयनित शिक्षकों को दो साल का सेवा विस्तार भी मिलता था।

Wednesday, August 27, 2025

माध्यमिक के 15 शिक्षकों को राज्य व सीएम पुरस्कार की घोषणा, 25 हजार के चेक के साथ स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर पांच सितंबर को होगा सम्मान

माध्यमिक के 15 शिक्षकों को राज्य व सीएम पुरस्कार की घोषणा, 25 हजार के चेक के साथ स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर पांच सितंबर को होगा सम्मान


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मंगलवार को राज्य अध्यापक पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 12 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार व तीन शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किए गए हैं। यह शिक्षक पुरस्कार 2024 के हैं। पांच सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इनको 25-25 हजार का चेक, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इन शिक्षकों को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की भी सुविधा दी जाती है। 


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव के अनुसार, हमीरपुर
 के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राम प्रकाश गुप्त, वाराणसी के आर्य महिला इंटर कॉलेज की शिक्षिका छाया खरे व गाजियाबाद के महर्षि दयानंद विद्यापीठ कॉलेज की कोमल त्यागी मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित हैं। वाराणसी के हाथी बरनी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश कुमार पाठक, बरेली के इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य चमन जहां, जौनपुर के जनक कुमारी इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक डॉ. जंग बहादुर सिंह व मेरठ के एसएसवी इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक डॉ. सुखपाल सिंह तोमर राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुने गए हैं। 


सुल्तानपुर के पीएमश्री केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका डॉ. दीपा द्विवेदी, फर्रुखाबाद के मदन मोहन कानोडिया बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका सुमन त्रिपाठी, गोरखपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के शिक्षक डॉ. वीरेंद्र कुमार पटेल, लखनऊ के बीकेटी इंटर कॉलेज के शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह, सहारनपुर के बनारसी दास इंटर कॉलेज के शिक्षक अंबरीष कुमार, अमरोहा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिका प्रीति चौधरी, वाराणसी के उदय प्रताप इंटर कॉलेज के शिक्षक उमेश सिंह व बहराइच के श्रीराम जानकी शिव संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण मोहन शुक्ला राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। 

Saturday, August 2, 2025

इन्स्पायर मानक योजनान्तर्गत राष्ट्रीय और राज्य बोर्ड अन्तर्गत संचालित विद्यालयों द्वारा विद्यालय स्तर से अधिक ऑनलाईन नामांकन एवं प्रतिभागिता हेतु प्रत्येक स्तर पर प्रभावी एवं समयबद्ध गुणवत्तापरक कार्यवाही तथा विलम्बतम दिनांक 15 सितम्बर, 2025 तक 05 पात्र विद्यार्थियों के सर्वश्रेष्ठ विचारों के ऑनलाईन नामांकन कराये जाने के संबंध में।

इन्स्पायर मानक योजनान्तर्गत राष्ट्रीय और राज्य बोर्ड अन्तर्गत संचालित विद्यालयों द्वारा विद्यालय स्तर से अधिक ऑनलाईन नामांकन एवं प्रतिभागिता हेतु प्रत्येक स्तर पर प्रभावी एवं समयबद्ध गुणवत्तापरक कार्यवाही तथा विलम्बतम दिनांक 15 सितम्बर, 2025 तक 05 पात्र विद्यार्थियों के सर्वश्रेष्ठ विचारों के ऑनलाईन नामांकन कराये जाने के संबंध में।



Friday, July 11, 2025

वर्ष 2025 के लिये राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार हेतु भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 15 जुलाई तक होंगे आवेदन


शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से माध्यमिक विद्यालयों, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं


प्रदेश के शिक्षक राज्य व राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कारों में नहीं ले रहे रुचि, अब तक मात्र 16 नामांकन, माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रचार प्रसार कर आवेदन करवाने के दिए आदेश 



लखनऊ। प्रदेश के शिक्षक राज्य व राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कारों में अपेक्षाकृत रुचि नहीं ले रहे हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन चल रहे हैं। किंतु यूपी से मात्र 16 नामांकन ही हुए हैं। 

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को शिक्षकों के आवेदन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से दिए निर्देश में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर 13 जुलाई तक आवेदन व 15 जुलाई तक फाइनल आवेदन करने की तिथि है। 

उन्होंने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक व डीआईओएस को निर्देश दिया है कि इसका प्रचार-प्रसार करते हुए ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों के ऑनलाइन आवेदन कराना सुनिश्चित करें। 



राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार, 2025 के चयन के संबंध में





वर्ष 2025 के लिये राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार हेतु भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में।