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Wednesday, February 25, 2026

राज्यपाल की अनुमति के बगैर सेवानिवृत्त कर्मी के खिलाफ नहीं हो सकती कार्यवाही, हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के खिलाफ जारी वसूली आदेश को किया रद्द

राज्यपाल की अनुमति के बगैर सेवानिवृत्त कर्मी के खिलाफ नहीं हो सकती कार्यवाही, हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के खिलाफ जारी वसूली आदेश को किया रद्द


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिड-डे मील घोटाले के आरोपी एक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के खिलाफ जारी वसूली आदेश को रद्द कर दिया। कहा, राज्यपाल की अनुमति के बिना किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं की जा सकती। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने बागपत के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेंद्र दत्त कौशिक से 11.14 लाख की रिकवरी के आदेश को रद्द कर दिया।


मामला बागपत के सर्वोदय मंदिर इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेंद्र दत्त कौशिक से जुड़ा है। उन पर आरोप था कि कोरोनाकाल (2019-2022) के दौरान उन्होंने मिड-डे मील योजना के तहत खाद्य सुरक्षा भत्ते और खाद्यान्न में करीब 11 लाख रुपये का गबन किया। विभाग ने एक आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर उनकी पेंशन से इस राशि की वसूली का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रधानाचार्य 2021 में सेवानिवत्त हो चुके हैं।

सिविल सेवा नियमावली के अनुच्छेद 351-ए के तहत सेवानिवृत्त के बाद किसी भी कार्रवाई के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी है। विभाग ने सरकार के एक विशेष सचिव के पत्र को ही मंजूरी मान लिया और बिना कोई नई चार्जशीट दिए पुरानी रिपोर्ट के आधार पर रिकवरी शुरू कर दी। कोर्ट ने वसूली आदेश को रद्द कर कहा कि पिछली आंतरिक जांच केवल एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट थी। उसे पूर्ण अनुशासनात्मक जांच नहीं माना जा सकता।

Wednesday, September 3, 2025

छह लाख पात्र छात्रों को शुल्क भरपाई न होने पर योगी सरकार सख्त, 14 अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक बाबू सस्पेंड, मुख्यमंत्री ने 100 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश

छह लाख पात्र छात्रों को शुल्क भरपाई न होने पर योगी सरकार सख्त, 14 अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक बाबू सस्पेंड, मुख्यमंत्री ने 100 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश, कई विश्वविद्यालयों के नोडल, आईटीआई के 8 जेडी भी कार्रवाई की जद में


लखनऊ। प्रदेश में छह लाख पात्र छात्रों को पिछले साल की शुल्क भरपाई न होने पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अयोध्या, बहराइच, रायबरेली व सीतापुर समेत 14 जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। सबसे ज्यादा गड़बड़ी वाले जिला बरेली के बाबू प्रमोद जोशी को निलंबित कर दिया गया है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 100 से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसमें कई विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारी और आईटीआई के आठ मंडलों के संयुक्त निदेशक भी शामिल हैं।

प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले एससी-एसटी छात्रों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई करती है। वर्ष 2024-25 में शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अधिकारियों की लापरवाही से सभी वर्गों के करीब 6 लाख पात्र छात्र योजना का लाभ नहीं पा सके। कहीं लापरवाह अधिकारियों ने डाटा लॉक नहीं किया तो कहीं शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन आवेदन आगे ही नहीं बढ़ाए।


इन जिलों के समाज कल्याण बाबुओं को भी प्रतिकूल प्रविष्टि

विपिन कुमार व प्रवीन माहेश्वरी (अलीगढ़), विष्णु चंद्र वर्मा व भूपेंद्र सिंह (औरेया), विकास श्रीवास्तव (अयोध्या), मसीह उल्लाह अंसारी व नवनीत आर्या (बहराइच), विकास पाठक (बलिया), अंकित कुमार (बिजनौर), सारांश श्रीवास्तव (गौतमबुद्धनगर), संजीव शर्मा (गाजियाबाद), जितेंद्र कुमार (कन्नौज), मनोज कुमार व अनूप कुमार (प्रतापगढ़), आशीष पांडे (रायबरेली), सुरेश गौतम व अरुण वर्मा (सीतापुर), उत्तम कुमार (वाराणसी)।


ये भी आए कार्रवाई की जद में 
सीएम ने इस मामले में लापरवाही करने वाले राज्य विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विवि, संबद्धता देने वाली एजेंसियों और निजी विश्वविद्यालयों के 66 नोडल अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर से कार्रवाई कराने के भी निर्देश दिए हैं। 14 राज्य विश्वविद्यालयों और 19 निजी विश्वविद्यालयों को कठोर चेतावनी जारी की जा रही है। 

आयुष विभाग के दो नोडल अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आयुष विवि गोरखपुर, स्टेट मेडिकल फैकल्टी, अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी, राम मनोहर लोहिया संस्थान, एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नीकल यूनिवर्सिटी, मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विवि के छात्रवृत्ति के नोडल अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। गोरखपुर, आगरा, वाराणसी, अलीगढ़, लखनऊ, चित्रकूट, अयोध्या और सहारनपुर के आईटीआई के संयुक्त निदेशकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।



इन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि

मामले में अलीगढ़ की जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, औरेया की समाज कल्याण अधिकारी इंदिरा सिंह, अयोध्या के रणविजय सिंह, बहराइच के रमाशंकर, बलिया के तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव, बरेली के सुधांशु शेखर, बिजनौर के जागेश्वर सिंह, गौतमबुद्धनगर के सतीश कुमार, गाजियाबाद के वेद प्रकाश मिश्रा, कन्नौज के सत्य प्रकाश सिंह, प्रतापगढ़ के नागेंद्र मौर्य, रायबरेली की सृष्टि अवस्थी, सीतापुर के हर्ष मवार और वाराणसी के जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दुबे को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है


बरेली में सबसे ज्यादा 40 संस्थानों के 1600 विद्यार्थी प्रभावित

बरेली में सबसे ज्यादा 40 शिक्षण संस्थानों के 1600 पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिला। इसलिए वहां के बाबू प्रमोद जोशी को सस्पेंड करने का निर्णय लिया गया। बाराबंकी के समाज कल्याण बाबू प्रभात सिंह, हापुड़ के दीपक, झांसी के मनोज वर्मा और प्रयागराज के रामचंद्र यादव को कठोर चेतावनी जारी की गई है।


कार्रवाई की जद में आए एक अधिकारी अब आईआरएस

कार्रवाई की जद में आए बलिया के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपक श्रीवास्तव अब विभाग छोड़ चुके हैं। उनका भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में चयन हो चुका है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए विधिक राय लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा

Wednesday, November 8, 2023

बहराइच की डीएम का विद्यालय निरीक्षण हुआ वायरल, विद्यालय की समस्याओं के लिए वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्यवाही से निरीक्षण बना बेसिक शिक्षकाें के मध्य चर्चा का विषय

बहराइच की डीएम का विद्यालय निरीक्षण हुआ वायरल, विद्यालय की समस्याओं के लिए वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्यवाही से निरीक्षण बना बेसिक शिक्षकाें के मध्य चर्चा का विषय


⚫ विद्यालय में गंदगी तो जिम्मेदार - सफाई कर्मचारी (निलंबित)

⚫ विद्यालय में फल नहीं बटा तो जिम्मेदार - ग्राम प्रधान (ग्राम प्रधान के अधिकार सीज)

⚫ विद्यालय परिसर के आंगनबाड़ी में बच्चे कम तो जिम्मेदार - सुपरवाइजर और डीपीओ के विरुद्ध कार्यवाही

⚫ विद्यालय परिसर में हैंडपंप खराब तो जिम्मेदार - सचिव और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत)



बहुत दिन बाद ऐसा निरीक्षण देखने को मिला जिसमें निरीक्षण तो विद्यालय का हुआ लेकिन कार्रवाई विद्यालय स्टाफ के अलावा वास्तविक जिम्मेदारों पर हुई।                                        



विद्यालय में गंदगी देख भड़कीं डीएम, सफाई कर्मचारी निलंबित

बहराइच। कैसरगंज तहसील क्षेत्र के दो विद्यालय व परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का सोमवार को निरीक्षण करने पहुंची डीएम मोनिका रानी गंदगी के बीच बच्चों की कक्षाएं संचालित होने पर कड़ा रुख अपनाया।


सफाई कर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। फल वितरण न होने, पंचायत भवन में तालाबंदी पर एडीओ पंचायत, सचिव, सुपरवाइजर संग ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। लापरवाह अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई करने को संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। डीएम सीधे प्राथमिक विद्यालय सौगहना पहुंची। परिसर में चारों ओर फैली गंदगी पर उनकी नजर पड़ी। 


प्रधान शिक्षिका से सफाई न होने की वजह पूछी। सफाई कर्मी के न आने की बात सुनकर डीपीआरओ को तत्काल कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। एमडीएम के मेन्यू की जांच किया । मेन्यू के अनुसार रोटी व सब्ज़ीयुक्त दाल के स्थान पर दाल व चावल बनाया गया था। दाल की गुणवत्ता भी खराब मिली। बच्चों की ओर से कई माह से फल न बांटे जाने ने का खुलासा किया गया। 


डीएम ने कड़ी नाराज़गी जाहिर किया। डीपीआरओ से ग्राम प्रधान का स्पष्टीकरण प्राप्त के निर्देश दिए। कहा कि जवाब सही न होने पर तत्काल अधिकार सीज कराएं। परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश डीपीओ को दिया। 


पंचायत भवन बन्द रहा हैण्डपम्प खराब पाया गया। डीएम एडीओ पंचायत व ग्राम सचिव पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि किसी भी दशा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी कार्रवाई से नहीं बचेंगे। ऐसे लोगों को चिंहित कर विभागीय कार्रवाई को लेकर शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।


Saturday, October 14, 2023

शिक्षकों से बिना स्पष्टीकरण लिए कार्यवाही किए जाने के संबन्ध में जूनियर शिक्षक संघ ने पत्र लिखकर उठाए सवाल, समस्याओं पर दिया ज्ञापन

शिक्षकों से बिना स्पष्टीकरण लिए कार्यवाही किए जाने के संबन्ध में जूनियर शिक्षक संघ ने पत्र लिखकर उठाए सवाल, समस्याओं पर दिया ज्ञापन



Tuesday, May 3, 2022

फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में

फतेहपुर : 457 प्रधानाध्यापकों प्रभारियों का रोका गया वेतन, सभी 13 ब्लाकों की समीक्षा में मिला कम नामांकन, पिछले सत्र के मुकाबले कम नामांकन वाले स्कूल जद में, किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन, शिक्षक व जागरूक अभिभावक उठा रहे सवाल

फतेहपुर :  बीते अप्रैल में स्कूल चलो अभियान के दौरान पिछले सत्र के मुकाबले नामांकन करने में विफल रहने वाले जिले के सभी ब्लाकों में करीब 457 हेड व इंचार्ज हेड का वेतन बीएसए ने अवरूद्ध कर दिया है। ब्लॉक की नामांकन समीक्षा के दौरान बीएसए ने जिन विद्यालयों में 30 सितंबर 2021 की तुलना में नामांकन कम पाया, उन विद्यालयों के हेडमास्टरों व इंचार्ज का वेतन रोक दिया।


स्कूल चलो अभियान के दौरान प्रत्येक जिले, ब्लॉक व स्कूल को नामांकन लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल माह में इस लक्ष्य को पूरा करना था। 30 अप्रैल को बीईओ द्वारा दी गई रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बीएसए संजय कुशवाहा ने यह कार्रवाई की। देवमई के 37, हसवा में 77 समेत अन्य सभी ब्लाकों के 457 प्रधानाध्यापक व प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। नामांकन प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर बीएसए का यह रूख देख दूसरे ब्लॉकों के शिक्षकों व अधिकारियों में बेचैनी का आलम है।

अप्रैल में ही नामांकन पर जोर क्यों: उधर शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते सालों में सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है।

इस बार विभाग अप्रैल में ही मनमाना नामांकन लक्ष्य देकर शिक्षकों के शोषण पर आमादा है। वे तर्क देते हैं कि क्या मई, जुलाई, अगस्त व सितंबर में प्रवेश नहीं होने हैं। अप्रैल में महुआ बिनाई व गेहूं कटाई जैसे कार्यों में व्यस्त रहने के कारण तमाम अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश नहीं करा पाए। हाउस होल्ड सर्वे के दौरान मिले बच्चों के प्रवेश के लिए अभिभावकों को ही सूचनाएं देनी पड़ती हैं।

एक की कमी पर भी रोक दिया वेतन: देवमई ब्लॉक की समीक्षा के दौरान बीएसए ने उन हेड व इंचार्ज का भी वेतन रोक दिया है जिनके नामांकन में पिछले सत्र के मुकाबले एक, दो, तीन या चार बच्चों की कमी थी। बीएसए के इस रूख से शिक्षकों में रोष है।

तो पूरे स्टाफ का रूकेगा वेतन:

बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच मई तक नामांकन की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती तो इन विद्यालयों के सभी शिक्षकों का वेतन अवरूद्ध कर दिया जाएगा। उधर शिक्षकों का यह भी कहना है कि प्रेरणा पोर्टल व डीबीटी ऐप में पंजीकरण के समय तमाम तकनीकी खामियां आ रही हैं। शिक्षक इनसे जूझ रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

किताबें नहीं आईं किसका रोकेंगे वेतन

शिक्षक व जागरूक अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि नए सत्र को एक माह बीत गया लेकिन अब तक स्कूलों में किताबें नहीं आई हैं। इस भारी कमी पर विभाग किसका वेतन रोकेगा, किस पर कार्रवाई होगी।

गत वर्ष से बीस फीसदी अधिक का नामांकन कराने का लक्ष्य दिया गया था, बड़ी संख्या में विद्यालयों ने लक्ष्य को पूरा कर लिया हैं, लेकिन 457 से अधिक विद्यालयों में गतवर्ष के सापेक्ष भी नामांकन नहीं किया गया है। इन सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारियों का वेतन रोकते हुए लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। संजय कुशवाहा, बीएसए

Wednesday, July 14, 2021

अमेठी : स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से जवाब-तलब

अमेठी : स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से जवाब-तलब


गौरीगंज (अमेठी) : शैक्षिक सत्र 2020-21 में स्कूल से जुड़ी आधारभूत सूचना व बच्चों के नामांकन यू-डायस सॉफ्टवेयर पर अपलोड नहीं करने पर 939 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से बीएसए ने नोटिस जारी की है।
नोटिस में तीन दिन में सूचना सॉफ्टवेयर पर अपलोड करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया गया है। सूचना अपलोड नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



शैक्षिक सत्र 2020-21 में जिले में बेसिक विभाग से मान्यता प्राप्त व परिषदीय स्कूलों को नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ ही प्रमोट, फेल, शिक्षक व शिक्षकों की योग्यता, विभागीय योजना से लाभांवित बच्चों की सूचना के साथ स्कूल में मौजूद आधारभूत सूचना यू-डायस प्लस सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जानी थी।
सूचना अपलोड करने के लिए निदेशक के निर्देश पर बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया था। निर्देश के बावजूद सूचना अपलोड नहीं करने पर मंगलवार को ईएमआईएस इंचार्ज मनीष मिश्र ने मामले की जानकारी बीएसए विनोद कुमार मिश्र को दी।
निर्देशों के बावजूद 939 सूचना अपलोड नहीं करने का मामला प्रकाश में आने बाद बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को अंतिम नोटिस जारी की है। नोटिस में तीन दिन में निर्धारित सॉफ्टवेयर पर सूचना अपलोड करने के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है। बीएसए ने सूचना अपलोड नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की दशा में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Saturday, December 26, 2020

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश

चित्रकूट मण्डल : बिना स्पष्टीकरण वेतन रोकने एवं ऑफ़लाइन निरीक्षण आख्या पर कार्यवाही सम्बन्धी प्रा0शि0संघ के शिकायती पत्र पर आवश्यक कार्यवाही हेतु एडी (बेसिक) का आदेश


 

Monday, September 14, 2020

हाथरस : सरप्लस शिक्षकों द्वारा समायोजन आदेश में आवंटित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण न करने पर कारण बताओ नोटिस के सम्बन्ध में

हाथरस : सरप्लस शिक्षकों द्वारा समायोजन आदेश में आवंटित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण न करने पर कारण बताओ नोटिस के सम्बन्ध में















Friday, September 11, 2020

हाथरस : 26 शिक्षकों द्वारा पदस्थापित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने सम्बन्धी आख्या उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : 26 शिक्षकों द्वारा पदस्थापित विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने सम्बन्धी आख्या उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में





Wednesday, August 19, 2020

प्रतापगढ़ में 17 परिषदीय शिक्षक मिले फर्जी, पांच पर एफआइआर

प्रतापगढ़ में 17 परिषदीय शिक्षक मिले फर्जी, पांच पर एफआइआर।


बीईओ ने बताया है कि सुबोध का चयन 68 हजार 500 शिक्षकों की नियुक्ति में हुआ था। शिक्षक का टीईटी प्रमाण पत्र जांच में फर्जी मिला है। 

प्रयागराज : पडोसी जनपद प्रतापगढ़ में जिले के परिषदीय स्कूलों में 17 परिषदीय शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले हैं। इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश बीएसए ने दिया है। इनमें से मंगलवार को पांच परिषदीय शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह सभी फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल किए थे। इनके विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी का मुकदमा थानों में दर्ज कराया गया है।



नौकरी के लिए बन गए थे भूतपूर्व सैनिक
जिले के परिषदीय स्कूलों में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने वालों पर विभाग ने शिकंजा कसा है। वर्ष 2017-18 में फर्जी दस्तावेज से शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 17 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। इनके विरुद्ध बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने एफआइआर का आदेश दिया है। लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार रामपुर संग्रामगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी मो. रिजवान ने लालगंज कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा है कि प्राथमिक विद्यालय ढिंगवस में उर्दू भाषा में जिले के मधुपुर प्रतापगढ़ निवासी रियासत अली पुत्र अब्दुल खालिक ने हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट के अंक पत्र फर्जी लगाकर नियुक्ति हासिल कर ली थी। यही नहीं शिक्षक ने स्वयं को भूतपूर्व सैनिक होने का भी फर्जी प्रमाण पत्र लगाया था। जांच में फर्जीवाड़े का राजफाश हुआ।

बीएड का फर्जी अंकपत्र लगाकर कर रहे थे नौकरी
इसी तरह प्राथमिक विद्यालय वीरसिंहपुर में कौशांबी जिले के पूरे पोखरा निवासी अरविंद कुमार पुत्र अमरनाथ ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से फर्जी बीएड का अंकपत्र लगाकर सहायक अध्यापक पद पर धोखे से चयन करा लिया था। जांच में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने आरोपित द्वारा दिए गए अनुक्रमांक को फर्जी बताया। इसी तरह जिले के मेंहदियावारी मुस्तर्का प्रतापगढ़ निवासी संजीव कुमार पुत्र रामनाथ ने विकासखंड के ग्राम पंचायत जेवई पूरे विश्राम प्राथमिक विद्यालय में फर्जी अंकपत्र लगाकर सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति हासिल कर ली थी। जांच में संजीव कुमार के अभिलेख कूटरचित पाए गए। बीईओ मो. रिजवान ने बताया कि तीनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। सांगीपुर प्रतिनिधि के अनुसार सहायक अध्यापिका पर फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने पर  कोठा नेवडिय़ा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका उमा देवी सरोज पुत्री अजय सरोज के खिलाफ सांगीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

जांच में शिक्षिका का 2011 टीईटी का प्रमाण पत्र फर्जी मिला 
जांच में 2011 टीईटी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करना पाया गया। इस पर  खंड शिक्षा अधिकारी संड़वा चंद्रिका राम शंकर ने मंगलवार को सांगीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। संड़वाचंद्रिका प्रतिनिधि के अनुसार अंतू थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मझिलहा में टीईटी के फर्जी प्रणामपत्र पर नौकरी कर रहे शिक्षक सुबोध कुमार के खिलाफ बीईओ ने अंतू थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में मामला पकड़ में आने पर बीएसए ने बीईओ सदर को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था। बीईओ ने बताया है कि सुबोध का चयन 68 हजार 500 शिक्षकों की नियुक्ति में हुआ था। शिक्षक का टीईटी प्रमाण पत्र जांच में फर्जी मिला है। विभाग द्वारा शिक्षक को अभी वेतन निर्गत नहीं  किया गया है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 17 शिक्षकों ने फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल की थी। इन सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है।

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प्रतापगढ़ : दो शिक्षकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, फर्जी दस्तावेजों से हासिल की थी नौकरी, बीईओ ने दी तहरीर।

प्रतापगढ़ : दो शिक्षकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, फर्जी दस्तावेजों से हासिल की थी नौकरी, बीईओ ने दी तहरीर।

फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने वाले दो शिक्षकों पर बाघराय पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। यह लोग कभी विद्यालय में नहीं आए। उनके अभिलेख फर्जी होने की जानकारी पर पुलिस ने बीईओ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।


क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी हथियाने वाले दो शिक्षक बिहार ब्लाक में भी मिले हैं। बीएसएफ की तहरीर पर बाघराय पुलिस ने उन पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। बिहार विकास खंड के बीईओ आशीष पांडेय की तहरीर पर प्राथमिक विद्यालय शकरदहा में नियुक्त शिक्षक पुष्पा पटेल पुत्री रामलखन निवासी गांव चकनुद्दीनपुर थाना कोरांव प्रयागराज व प्राथमिक विद्यालय शकरदहा में तैनात सुनील कुमार शुक्ला पुत्र खेमचंद शुक्ल निवासी समा की सराय बेधनगोपालपुर थाना बाघराय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। 

यह लोग फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी कर रहेथे। बाघराय पुलिस ने उन पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। उधर, महेशगंज थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरायस्वामी में कार्यरत शिवमूरत सिंह और प्राथमिक विद्यालय पूरेजनक राजापुर में कार्यरत कमलेश कुमार के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मद रिजवान ने जालसाजी कूट रचित दस्तावेज तैयार कर नौकरी हासिल करने की तहरीर दी है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस देर शाम दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी में थी।

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फर्जीवाड़ा में 12 और शिक्षकों पर एफआईआर।


फर्जीवाड़ा कर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल करने वाले 17 में से16 शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर हो चुकी है। तहरीर देने के बावजूद अभी एक शिक्षक पर एफआईआर नहीं हो सकी है। चार के खिलाफ मंगलवार को तो 12 के विरुद्ध बुधवार को रिपोर्ट दर्ज की गई।
प्राथमिक शिक्षक बनने में बहुत से लोगों ने अभिलेखों में हेरफेर कर कामयाबी हासिल की है। फर्जीवाड़ा करने वाले ऐसे शिक्षकों के खिलाफ शासन स्तर से जांच कराई जा रही है। एसटीएफ, एसआईटी व विभाग की जांच में फर्जीवाड़ा करने वाले सामने आ रहे हैं। जिले में मंगलवार को 17 शिक्षक इस तरह के पकड़ में आए।

 मंगलवार को ही खंड शिक्षा अधिकारियों की तहरीर पर चार शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर हुई थी जबकि 13 के खिलाफ तहरीर पुलिस को दी जा चुकी है। बुधवार को लक्ष्मणपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका मीना देवी, प्राथमिक विद्यालय समसपुर कुंडा के शिक्षक बृजेन्द्र कुमार, प्राथमिक विद्यालय मझिलहा सदर के शिक्षक सुबोध कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय सराय बिहार के शिक्षक सुनील कुमार शुक्ल, प्राथमिक विद्यालय शकरदहा प्रथम बिहार की शिक्षिका पुष्पा पटेल और प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुंडा के शिक्षक राकेश कुमार के विरुद्ध संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की तहरीर पर अलग अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज की गई।

फर्जीवाड़ा करने वाले छह और शिक्षकों पर बुधवार शाम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इनमें प्राथमिक विद्यालय सराय स्वामी बाबागंज के शिक्षक शिव मूरत सिंह, प्राथमिक विद्यालय मनकापुर बेलखरनाथ की शिक्षिका जाकिरा बानो, प्राथमिक विद्यालय नारायणपुर मंगरौरा की शिक्षिका सुषमा वर्मा, प्राथमिक विद्यालय मोहद्दीनपुर मानधाता की शिक्षिका रागिनी सिंह, प्राथमिक विद्यालय पूरे जनक बाबागंज के शिक्षक कमलेश कुमार सिंह और प्राथमिक विद्यालय सराय मेदीराय मानधाता की शिक्षिका उषा पटेल शामिल हैं। प्राथमिक विद्यालय चांदपुर मंगरौरा के शिक्षक रमीज खान के खिलाफ तहरीर दी गई है लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले 16 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। रमीज खान पर रिपोर्ट के लिए उन्होंने डीएम से मिलने की बात कही।


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Tuesday, August 18, 2020

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी।

देवरिया : :  दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहीं दो शिक्षकों को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की जांच में मामला पकड़ में आने पर हुई जांच के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। दोनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की जांच में जून में प्रदेशभर में एक ही पैन पर दो लोगों के नौकरी करने के 192 मामले मिले थे इनमें से सात मामले देवरिया के थे। इसकी जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालय मुसैला खुर्द की प्रधानाध्यापक रेनूबाला और प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट की प्रधानाध्यापक सीमा सिंह मोबाइल बंद कर गायब हो गई। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण ने एक जुलाई को दोनों शिक्षकों को जरूरी कागज के साथ उपस्थित होने के लिए फोन करना चाहा तो दोनों का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने एक जुलाई को ही दोनों विद्यालयों का दौरा किया। इसमें सीमा सिंह अपने तैनातीस्थल प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट में नहीं मिलीं। विद्यालय बंद मिला। वहीं मुसैला खुर्द प्राथमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापिका रेनूबाला बिना सूचना के गायब मिलीं। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को दी। बीएसए ने वेतन बाधित करते हुए दोनों शिक्षकों के पते पर नोटिस भेजकर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा था।




अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की नौकरी खतरे में

अमेठी : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और मामला प्रकाश में आया है। जहां विभिन्न ब्लॉकों में तैनात पांच शिक्षकों के अभिलेख पर जनपद फिरोजाबाद में भी पांच शिक्षकों द्वारा नौकरी पाए जाने का आरोप है। मामले में बीएसए ने इन सभी शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही फिरोजाबाद बीएसए को पत्र लिखकर वहां तैनात शिक्षकों का वेरिफिकेशन कर उनकी अभिलेखों की छाया प्रति मांगी है। बेसिक शिक्षा विभाग में अलग-अलग ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालय में कार्यरत 5 शिक्षकों के अभिलेखों पर किसी व्यक्ति ने बीएसए से फोन पर शिकायत की थी।


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Friday, July 24, 2020

कौशाम्बी : डिप्टी सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला शिक्षक सस्पेंड, सोशल मीडिया में वायरल हुआ था आडियो

कौशाम्बी : डिप्टी सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला शिक्षक सस्पेंड, सोशल मीडिया में वायरल हुआ था आडियो।

कौशाम्बी :: विकास खंड कड़ा के प्राथमिक विद्यालय सौरई बुजुर्ग में तैनात शिक्षक अजय साहू को डिप्टी सीएम समेत स्थानीय भाजपा नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना भारी पड़ गया है। एक भाजपा नेता की तहरीर व वायरल आडियो के आधार पर कड़ा कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी शिक्षक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, बीएसए ने आरोपी शिक्षक को सस्पेंड कर प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। वीडियो सोशल साइट पर वायरल होने पर हड़कंप मच गया।




कड़ा के प्राथमिक विद्यालय सौरई बुर्जुग में तैतान शिक्षक अजय कुमार साहू का एक वीडियो बुधवार को सोशल साइट पर वायरल हो गया। उसकी आवाज किसी के साथ बात करते हुए सुनाई पड़ रही है आडियो में वह डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, भाजपा नेता धर्मराज मौर्या के साथ ही स्थानीय कई सत्ताधारी दल के नेताओं का नाम लेते हुए अपशब्द कह रहा है। इस मामले की तहरीर भाजपा नेता धर्मराज मौर्या ने कड़ा कोतवाली में दी। पुलिस ने तहरीर व वायरल आडियो के आधार पर गुरुवार को आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल राकेश तिवारी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर शिक्षक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी तरफ वायरल आडियो और एफआईआर को आधार मानकर बीएसएफ राजकुमार पंडित ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि तक शिक्षक को सरसवां ब्लॉक के बरौला प्राइमरी स्कूल से संबद्ध करने के साथ ही बीएसए ने प्रकरण की जांच के लिए दो खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम गठित कर दी है।

जालसाजी में पकड़ी गई एक और शिक्षिका, रोका वेतन

मंझनपुर :  परिषदीय स्कूलों में जालसाजी कर नौकरी करने वाले शिक्षकों की फेहरिश्त बढ़ती जा रही है। जिले के मूरतगंज विकासखंड क्षेत्र में एक और जालसाज शिक्षिका पकड़ी गई। भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से जारी बीएड की फेंक डिग्री लगाकर नौकरी करने वाली इस शिक्षिका के वेतन आहरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही संबंधित शिक्षण संस्थाओं को इसके अभिलेखों को सत्यापन कराने के लिए भेज दिया गया है।


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Sunday, June 28, 2020

नकल माफिया चंद्रमा के स्कूल पर होगी कार्रवाई, रिपोर्ट हो रही तैयार, टीईटी पेपर लीक कराने की कोशिश में भी हुआ था गिरफ्तार

नकल माफिया चंद्रमा के स्कूल पर होगी कार्रवाई, रिपोर्ट हो रही तैयार, टीईटी पेपर लीक कराने की कोशिश में भी हुआ था गिरफ्तार।


प्रयागराज : 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले की जांच में जुटी एसटीएफ फरार चल रहे नकल माफिया चंद्रमा यादव के स्कूल पर भी कार्रवाई कर सकती है। टीईटी में धांधली की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किए जाने पर चंद्रमा ने खुद बयान दिया था कि उसे अपने स्कूल से ही पेपर की फोटो खींचकर सॉल्वरों तक पहुंचाना था। अब 69 हजार शिक्षक भर्ती में वांछित होने के बाद एसटीएफ उसके स्कूल के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी है। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ चार जून को हुआ था जिसमें सरगना केएल पटेल समेत 11 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। सरगना से पूछताछ में पता चला था कि वह टीईटी में धांधली की कोशिश करते गिरफ्तार हुए चंद्रमा यादव के भी लगातार संपर्क में था।







चंद्रमा धूमनगंज स्थित एक स्कूल का प्रबंधक है और कई राजनेताओं से भी उसके संबंध होने की बात सामने आई थी। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के भंडाफोड़ मामले की जांच में जुटी एसटीएफ को यह भी पता चला है कि चंद्रमा व सरगना केएल पटेल ने पूर्व में कई अन्य परीक्षाओं में भी धाधली की। पिछले साल रेलवे परीक्षाओं में भी उन्होंने सेंध लगाने की कोशिश की थी। चंद्रमा से पूछताछ में सामने आया था कि वह अपने ही स्कूल से टीईटी के पेपर की फोटो खींचकर व्हाट्सएप पर सॉल्वरों तक भेजने वाला था जिसके बाद उसे सॉल्व कॉपी मिलती और वह इसे अपने संटिंग वाले परीक्षार्थियों तक पहुंचाता। यही वजह है कि एसटीएफ चंद्रमा के स्कूल के बारे में भी जानकारी जुटाने में लग गई है। पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले अन्य किन-किन परीक्षाओं के लिए इस स्कूल को केंद्र बनाया गया। क्या उन परीक्षाओं में भी किसी तरह की धांधली हुई। मामले में औपचारिक रूप से एसटीएफ अफसर कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।

69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में भी एसटीएफ ने किया है वांछित

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Thursday, June 25, 2020

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल

कासगंज : एसआईटी जांच में दोषी पांच शिक्षक फरार, तीन पर मुकदमा दर्ज, दो पर कार्रवाई अभी शिथिल।


कासगंज। वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्री पर जालसाजी कर नौकरी हासिल कर चुके 91 में से 5 शिक्षक दोषी पाए जा चुके हैं। न्यायालय से इन्हें राहत नहीं मिली। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर विधिक कार्रवाई शुरू की। तीन शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जबकि दो के खिलाफ कार्रवाई शिथिल है। हालांकि फर्जी पाए गए पांचों शिक्षक फरार हो चुके हैं और उनके मोबाइल बंद हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है। पिछले साल अक्टूबर में एसआईटी ने शिक्षक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी।





इन 91 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश पर फिर बहाली हुई। उसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग उच्च न्यायालय में पैरवी कर रहा है। न्यायालय में जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने तर्क रखे। जिसमें 5 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया, जबकि 86 की सुनवाई विचाराधीन है। फर्जी पांचों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के बाद बीएसएफ ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए। अमांपुर, गंजडुंडवारा और सोरों के खंड शिक्षाधिकारी तीन पर मुकदमा दर्ज करा चुके हैं।


फर्जी शिक्षिका व वार्डन ने लिया 34 लाख से अधिक का मानदेय

कासगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नियुक्ति के नाम पर हुए फर्जीवाड़े से शिक्षा विभाग को लाखों की चपत लग गई। फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करती रहीं रानामऊ को शिक्षिका और हुमायूंपुर की वार्डन लगभग 34 लाख रुपये से अधिक का मानदेय ले चुकी हैं। अब इसकी बिक्री कर विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।



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प्रयागराज : फर्जी अनामिका बनकर नौकरी करने वाली सरिता पर मुकदमा, कानपुर देहात स्थित घर पर छापा मारने के बाद पुलिस ने की कार्यवाई

फर्जी अनामिका बनकर नौकरी करने वाली सरिता पर मुकदमा, कानपुर देहात स्थित घर पर छापा मारने के बाद पुलिस ने की कार्यवाई।


प्रयागराज। सोरांव के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली सविता यादव को पुलिस ने एफआईआर में नामजद कर लिया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि सरिता के गांव में उसकी फोटो की तस्दीक होने के बाद उसे अनामिका वाली एफआईआर में सरिता को नामजद कर लिया। इसके साथ ही अब उसे नौकरी दिलाने वाले पुष्पेंद्र और आनंद को भी नामजद किया जाएगा। सरिता की तलाश में पुलिस की एक टीम को दोबारा कानपुर देहात भेजा गया है। अनामिका प्रकरण की जांच कर रहे इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कथित अनामिका की फोटो पुलिस कानपुर देहात स्थित चंदनपुर गांव पहुंचे तो तो सविता यादव के घर में ताला लगा था। ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीणों ने बताया फोटो सविता यादव की ही है। जांच में पता चला एसटीएफ ने कानपुर से जिस आनंद सिंह को गिरफ्तार किया था, सरिता उसी की रिश्तेदार है। उसने न सिर्फ सरिता की नौकरी लगाई बल्कि उसकी भाभी बबली तथा चचेरी बहन और भाई की भी नौकरी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगवा दी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि अब तक की जांच से साफ हो गया है की आनंद सिंह और पुष्पेंद्र सिंह की मदद से ही इलाहाबाद की कथित अनामिका सरिता यादव ने नौकरी पाई थी। यहां की एफआईआर में भी पुष्पेंद्र और आनंद सिंह को आरोपी बनाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सरिता को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। पुलिस की एक टीम कानपुर देहात फिर भेजी गई है।





वेरिफिकेशन करने वाले अफसर से होगी पूछताछ

प्रयागराज। अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली सविता यादव को सिर्फ फोटो स्टेट के आधार पर नौकरी दे दी गई। अधिकारियों ने फोटोस्टेट दस्तावेज का वेरिफिकेशन बिना ओरिजिनल दस्तावेजों को देखे कर दिया। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एके त्यागी ने बताया कि जिस अफसर ने फोटो स्टेट दस्तावेजों के आधार पर अंक पत्रों को वैरीफाई किया, उससे भी पूछताछ होगी।


सरिता के गांव चंदनपुर के प्रधान समेत तमाम लोगों ने की पहचान

कर्नलगंज पुलिस को घर पर लगा मिला ताला


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Sunday, March 8, 2020

मुरादाबाद : हेड समेत 10 शिक्षकों को थमाया सेवा समाप्ति का नोटिस, सबसे बड़ी कार्यवाही से मची खलबली

मुरादाबाद : हेड समेत 10 शिक्षकों को थमाया सेवा समाप्ति का नोटिस, सबसे बड़ी कार्यवाही से मची खलबली।





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Thursday, February 20, 2020

आजमगढ़ : एक और फर्जी डिग्रीधारक शिक्षक पर दर्ज हुई FIR, अब तक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई

आजमगढ़ : एक और फर्जी डिग्रीधारक शिक्षक पर दर्ज हुई FIR, अब तक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई।







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Thursday, January 30, 2020

मैनपुरी : माध्यमिक : चयन बोर्ड के निर्देश के बाद फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर नहीं, कार्रवाई न करने पर तीन प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी

मैनपुरी : माध्यमिक : चयन बोर्ड के निर्देश के बाद फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर नहीं, कार्रवाई न करने पर तीन प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी।






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Thursday, December 5, 2019

फतेहपुर : निरीक्षण में गैरहाजिर रहने पर बीएसए ने की शिक्षामित्र की सेवा समाप्त, दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि पर लगाई रोक

फतेहपुर : निरीक्षण में गैरहाजिर रहने पर बीएसए ने की शिक्षामित्र की सेवा समाप्त, दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि पर लगाई रोक।

दो प्रधानाध्यापकों की वेतनवृद्धि रोकी, शिक्षामित्र को नोटिस

  • December 05, 2019

जागरण संवाददाता, फतेहपुर: बीएसए ने बुधवार को प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। विद्यालयों की दशा और साफ सफाई तथा शासन की मंशा की पड़ताल की। खामियां को पाते ही जिम्मेदारों पर जमकर गुस्सा निकाला। एक शिक्षामित्र के लगातार तीन बार अनुपस्थित पाए जाने पर सेवा समाप्ति की नोटिस थमा दी। वहीं खामियां पाए जाने पर दो प्रधानाध्यापकों की अस्थाई वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी कर दिया। बीएसए के निरीक्षण को लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं में हड़कंप रहा। पल पल की रिपोर्ट एक दूसरे से लेते रहे।
प्राथमिक विद्यालय कोढ़ई के निरीक्षण में शिक्षामित्र जितेंद्र प्रताप सिंह तीसरी बार अनुपस्थित पाए गए। जिस पर उन्हें सेवा समाप्ति के नोटिस जारी कर दिया गया। इसी तरह उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 69 बच्चों के सापेक्ष 43 बच्चों की उपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। सभी अध्यापकों को कठोर चेतावनी देते हुए उपस्थिति बढ़ाने के आदेश दिए। प्राथमिक विद्यालय जखनी के निरीक्षण में 74 के सापेक्ष 51 बच्चे मौजूद पाए, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक नहीं हुई पाई, जन पहल रेडियो कार्यक्रम नहीं सुना गया तथा मेन्यू के अनुसार भोजन न बनाए जाने पर प्रधानाध्यापक अरुण कुमार शर्मा की एक अस्थाई वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए। प्राथमिक विद्यालय हरवंशपुर में 55 नामांकन के सापेक्ष 42 की उपस्थिति, प्रबंध समिति की बैठक न होना, जन पहल कार्यक्रम का न सुना जाना, परिषर अव्यवस्थित पाया जाने पर प्रधानाध्यापिका माधुरी देवी की एक अस्थाई वेतनवृद्धि रोक दी गई। उच्च प्राथमिक विद्यालय उम्मेदपुर के निरीक्षण में 55 नामांकित बच्चों में 42 हाजिर मिले, प्रबंध समिति की बैठक नहीं हुई पाई, दो अध्यापकों को मेडिकल अवकाश पर पाया। प्रधानाध्यापक श्रीमती उमारानी को कठोर चेतावनी दी गई।

’>>बीएसए ने परिषदीय विद्यालयों का किया सघन निरीक्षण
’>>निरीक्षण से शिक्षकों में मचा रहा हड़कंप, लेते रहे रिपोर्ट











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Friday, November 22, 2019

हरदोई : छह फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, रिपोर्ट के आदेश, एसआईटी की जांच में जाली पाए गए प्रमाणपत्र, लपेटे में आ सकते हैं अभी भी कई शिक्षक

हरदोई : छह फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, रिपोर्ट के आदेश, एसआईटी की जांच में जाली पाए गए प्रमाणपत्र, लपेट में आ सकते हैं अभी भी कई शिक्षक।



जांच में जुटी टीम

6 फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त, रिपोर्ट के आदेश
22 Nov 2019
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्त राव ने फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले छह शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी आदेश दिए हैं।
बीएसए ने बताया कि विभिन्न स्तर पर हुई विभागीय जांच के दौरान जालसाजी का पता चला। एसआईटी की जांच में भी इनके प्रमाणपत्र जाली पाए गए थे। इस पर सहायक अध्यापक रविकुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय देवनाथपुर ब्लाक बेहन्दर, राजवती प्राथमिक विद्यालय तकिया कपूरपुर ब्लॉक अहिरोरी, भुवनेश कुमार प्राथमिक विद्यालय प्रतिपालपुर ब्लॉक हरपालपुर, रामलखन उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़िया ब्लॉक भरावन, शेलेन्द्र सिंह उच्च प्राथमिक स्कूल पिपरी व अशोक कुमार उच्च प्राथमिक स्कूल उतरा ब्लॉक हरियावां की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। इन्होंने डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2004-05 में फर्जी व टेम्पर्ड बीएड की डिग्री ली थी। जिले में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षको की नियुक्ति हुई थी। अभी भी कई शिक्षक लपेटे में आ सकते हैं। एक दशक पहले विभागीय मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। बीएसए का कहना है कि खण्ड शिक्षा अधिकारी आरपी भार्गव, चन्द्रशेखर यादव, सोमनाथ विश्वकर्मा, सांत्वना शुक्ला, फूलचन्द्र को रिपोर्ट दर्ज कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
' एसआईटी की जांच में भी इनके प्रमाणपत्र जाली पाए गए थे






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