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Tuesday, October 15, 2024

शिक्षकों की पूर्व सेवा की अवधि को वर्तमान सेवा में जोड़े जाने एवं निलंबन बहाली के बंद पोर्टल को पुनः खोले जाने के संबंध मे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का शिक्षा निदेशक (बेसिक) को ज्ञापन

मांग: पूर्व सेवा का कार्यकाल जोड़ने के लिए खोला जाए पोर्टल, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा निदेशक को भेजा ज्ञापन


लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की पूर्व सेवा के कार्यकाल को वर्तमान सेवा में जोड़ने के लिए निलंबन बहाली के बंद पोर्टल को खोलने की मांग की है।

प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि ऐसे शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी जो पूर्व में किसी भी विभाग में कार्यरत थे, उनकी पूर्व सेवा की अवधि को वर्तमान सेवा में जोड़ने के लिए प्रार्थनापत्र बीएसए को दिए जा रहे हैं। बीएसए इसे सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को भेज रहे हैं। जबकि ऐसे शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पूर्व सेवा को वर्तमान में जोड़ने का शासनादेश पहले से है।

प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह ने कहा कि इस आदेश का पालन करते हुए उनकी पूर्व की सेवा को जोड़ते हुए यदि वह पुरानी पेंशन योजना में आ रहे हैं तो उनसे भी पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की निलंबन-बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एनआईसी से पोर्टल बनवाए।

उन्होंने कहा कि अनुशासनिक कार्यवाही के बाद निलंबित शिक्षकों की बहाली की कार्यवाही पूरी तरह से ऑनलाइन कर विद्यालय आवंटन की व्यवस्था है। किंतु शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया चलने के कारण यह पोर्टल स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। इसे दोबारा खुलवाकर प्रक्रिया पूरी की जाए।



शिक्षकों की पूर्व सेवा की अवधि को वर्तमान सेवा में जोड़े जाने एवं निलंबन बहाली के बंद पोर्टल को पुनः खोले जाने के संबंध मे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का शिक्षा निदेशक (बेसिक) को ज्ञापन






Thursday, May 30, 2024

भीषण गर्मी व ग्रीष्मावकाश में आयोजित समर कैंप को स्थगित करने के संबंध में RSMUP का बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

प्रदेश में भीषण गर्मी व ग्रीष्म अवकाश के दौरान दिनांक 5 जून से 11 जून 2024 तक समर कैंप आयोजित किए जाने के अव्यवहारिक आदेश को स्थगित करने के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन



Thursday, May 18, 2023

विभिन्न ज्ञापनों पर प्रभावी कार्यवाही न होने एवं संगठन को सूचित न किए जाने से आक्रोशित "राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ" ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी

समस्याओं का निस्तारण 27 मई तक न होने पर RSM ने दी 
आंदोलन और धरना प्रदर्शन की चेतावनी

शैक्षिक महासंघ ने अंर्तजनपदीय व जिले के अंदर तबादला करने, चिकित्सा सुविधा देने की मांग की


लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) की ओर से शिक्षक समस्याओं का निराकरण होने पर नाराजगी है। संघ ने कहा है कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद को पूर्व में ज्ञापन दिया गया था इसके बाद भी कार्यवाही नहीं हुई। संघ ने कहा है कि यदि शिक्षकों की मांगों पर 27 मई तक कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन और धरना- प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

संगठन के प्रदेशीय महामंत्री भगवती सिंह ने कहा है कि बेसिक शिक्षकों के अंर्तजनपदीय स्थानान्तरण, इसकी पारदर्शी व स्थायी नीति लागू करने, केंद्र की भांति उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी पेंशन मेमोरेंडम जारी करने, परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को प्रताड़ित न करने, परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग प्रमुख है। 

इसके अलावा प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में वीडियो कॉल / वॉयस कॉल के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण आदेश को रद्द करने के लिए ज्ञापन दिया गया है। इन मांगों पर ना तो कोई कार्यवाही की गई और ना ही संगठन को औपचारिक रूप से इसके बारे में जानकारी दी गई। समस्याओं का निस्तारण न करने से शिक्षकों में व्यापक आक्रोश है। जल्द ठोस कार्रवाई न होने पर शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हैं। 


विभिन्न ज्ञापनों पर प्रभावी कार्यवाही न होने एवं संगठन को सूचित न किए जाने से आक्रोशित "राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ" ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी।





Friday, December 23, 2022

बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की लंबित मांगों के निस्तारण के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का मा० बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री से की मुलाकात कर मांगी कैशलेस इलाज की सुविधा, एनपीएस के लिए भी बाध्य किए जाने पर जताया विरोध 


लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (प्राथमिक संवर्ग) ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह से शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति कैशलेश इलाज की सुविधा देने की मांग की है। महासंघ ने एनपीएस लेने के लिए शिक्षकों को बाध्य किए जाने का भी विरोध किया। है। साथ ही पदोन्नति समेत अन्य मांगों को भी पूरा कराने का आग्रह किया है। 


महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह व महामंत्री भगवती सिंह के नेतृत्व में मंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने मंत्री से नई पेंशन स्कीम न लेने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने पर आपत्ति जताई। प्रदेशीय संयुक्त मंत्री शशांक पांडेय ने प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था बंद होने से पहले प्रशिक्षण पूरा करने वाले विशिष्ट बीटीसी से नियुक्त 40 हजार शिक्षकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने की मांग उठाई। 


महासंघ ने स्कूलों में निरीक्षण में कमी मिलने पर अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में कोषाध्यक्ष पवन शंकर दीक्षित, उपाध्यक्ष प्रताप कटियार व श्रीराम शुक्ला व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।


बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की लंबित मांगों के निस्तारण के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का मा० बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन।






Friday, July 15, 2022

बहराइच : संगठनों हेतु आयोजित बैठक में बैठने का उचित स्थान नहीं होने पर प्रश्न करने पर बैठक से चले जाने की कहने वाले बीएसए से स्पष्टीकरण तलब, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की शिकायत पर हुई कार्यवाही

बहराइच : संगठनों हेतु आयोजित बैठक में बैठने का उचित स्थान नहीं होने पर प्रश्न करने पर बैठक से चले जाने की कहने वाले बीएसए से स्पष्टीकरण तलब, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की शिकायत पर हुई कार्यवाही





Wednesday, October 6, 2021

बेसिक शिक्षकों हेतु सामूहिक बीमा योजना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना लागू किये जाने कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में RSMUP का ज्ञापन

 बेसिक शिक्षकों हेतु सामूहिक बीमा योजना एवं स्वास्थ्य बीमा योजना लागू किये जाने कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में RSMUP का ज्ञापन

Monday, September 27, 2021

दवाब डालकर कराए जा रहे DBT फीडिंग कार्य का विरोध करते हुए बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कार्य कराए जाने हेतु राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का ज्ञापन

दवाब डालकर कराए जा रहे DBT फीडिंग कार्य का विरोध करते हुए बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कार्य कराए जाने हेतु राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का ज्ञापन










 

Saturday, July 17, 2021

प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का कार्य शिक्षकों से कराए जाने का RSM ने किया विरोध, उत्पीड़न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग कार्य हेतु शिक्षकों को बाध्य करने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ करेगा आंदोलन।

शिक्षकों से डाटा फीडिंग कराने का विरोध, आंदोलन की चेतावनी

प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का कार्य शिक्षकों से कराए जाने का RSM ने किया विरोध, उत्पीड़न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी


लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों से मूल कार्य शिक्षण के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के गैर शैक्षिणक कार्य लिये जाते रहे हैं। जबकि हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है। वावजूद इसके प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार शिक्षकों पर गैर शैक्षणिक कार्य थोप रहे हैं। 


इसी कड़ी में  प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का कार्य बीआरसी पर तैनात प्रशिक्षित कम्यूटर ऑपरेटर्स की जगह शिक्षकों से कराए जाने को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों के मूल दायित्व से इतर व अव्यवहारिक बताया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजे गए ज्ञापन के बारे में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश प्राथमिक संवर्ग के प्रदेशीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा जारी विभिन्न आदेशों के क्रम में प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग/अपलोडिंग का कार्य प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों से कराए जाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है, जबकि इस तरह के जटिल तकनीकी कार्य हेतु बीआरसी पर प्रशिक्षित कम्प्यूटर ऑपरेटर तैनात किए गए हैं। 


प्रदेशीय महामन्त्री भगवती सिंह ने बताया कि डाटा फीडिंग हेतु परिषदीय विद्यालयों में ना तो कम्प्यूटर, टेबलेट जैसे आवश्यक उपकरण हैं और ना ही अधिकांश शिक्षक डाटा फीडिंग जैसे जटिल कार्य को कर पाने में दक्ष हैं। ऐसी स्थिति में शिक्षक प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग/अपलोडिंग करने में असमर्थ हैं।  


कार्यकारी अध्यक्ष मातादीन द्विवेदी ने बताया कि कतिपय जनपदों में उक्त कार्य मे शिथिलता होने पर शिक्षकों पर विभागीय कार्यवाही, वेतन अवरुद्ध करने आदि की चेतावनी दी जा रही है। अगर डाटा फीडिंग के नाम पर शिक्षकों का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न किया जाता है, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। 


संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि डाटा फीडिंग का कार्य साधनविहीन व अप्रशिक्षित प्रधानाध्यापकों/प्रभारी प्रधानाध्यापकों से ना कराकर बीआरसी पर तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर्स से कराया जाए, जिससे शिक्षक अपने मूल दायित्व पठन-पाठन को पूर्ण मनोयोग से कर सकें। उक्त जानकारी प्रदेशीय मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।


प्रयागराज। प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम शिक्षकों से कराने का राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने विरोध किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद को भेजे पत्र में कहा गया है कि डाटा फीडिंग का काम बीआरसी पर तैनात कंप्यूटर आपरेटर से कराया जाए। संघ का कहना है कि डाटा फोर्डिंग के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजे पत्र में कहा गया है कि विभाग की ओर से जारी आदेशों के बाद प्रेरणा पोर्टल पर डाटा फीडिंग, अपलोडिंग के लिए प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर दबाव बनाया जा रहा है।




Wednesday, June 30, 2021

उ0प्र0 में केंद्र के समान पेंशन मेमोरेण्डम जारी होने की दिशा में बढ़े कदम


▪️राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उ0प्र0 के माँगपत्र को उपमुख्यमंत्री ने किया मुख्यमंत्री को अग्रसारित
▪️बेसिक शिक्षा मंत्री ने भी प्रतिनिधिमंडल को किया आश्वस्त
लखनऊ। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को नेशनल पेंशन सिस्टम लागू करके पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त किया जिसको स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 को नेशनल पेंशन सिस्टम लागू करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर दिया। 
केंद्र सरकार ने अपने बीच के ऐसे शिक्षक- कर्मचारी जिनकी नियुक्ति या नियुक्ति पूर्व प्रशिक्षण हेतु चयन 1 जनवरी 2004 को केंद्र में नेशनल पेंशन सिस्टम लागू होने से पहले हो गई थी परंतु उनकी रेगुलर नियुक्ति 1 जनवरी 2004 को नेशनल पेंशन सिस्टम लागू होने बाद हुई उनको नयी या पुरानी पेंशन का विकल्प चुनने के लिए 5 मार्च 2008, 17 फरवरी 2020, 25 जून 2020 तथा 31 मार्च 2021 को केंद्रीय पेंशन मेमोरेंडम जारी करके अवसर दिया था परंतु उत्तर प्रदेश सरकार जो अपने यहां केंद्र की सभी नीतियां लागू करती है उसने केंद्र के उपरोक्त पेंशन मेमोरेंडम को आज तक जारी नहीं किया जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 को लागू नेशनल पेंशन सिस्टम से पहले ही नियुक्त या नियुक्ति पूर्व प्रशिक्षण हेतु चयनित शिक्षकों-कर्मचारियों को केंद्र के समान नये या पुराने पेंशन का विकल्प चुनने का आज तक अवसर नही मिल पाया।


उत्तर प्रदेश राज्य में भी केंद्र के समान पेंशन मेमोरेंडम जारी कराने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी  से मिला और ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने माना कि उत्तर प्रदेश में भी यह मेमोरेंडम जारी होना चाहिए जिसके लिए वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन करेंगे। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पेंशन मेमोरेंडम ज्ञापन को तुरंत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विचार करने के लिए अग्रसारित कर दिया।
उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा एवं बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी से राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की तरफ से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में मेन विंग की प्रदेश अध्यक्षा डॉ निर्मला यादव, कार्यकारी अध्यक्ष संजय मेधावी, डॉ दिलीप सरदेसाई, मनोज अवस्थी, डॉ जयशंकर पाण्डेय, डॉ  मनोज पाण्डेय व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष मातादीन द्विवेदी, संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह तथा संयुक्त मंत्री शशांक कुमार पाण्डेय शामिल थे।

Monday, June 28, 2021

स्थानांतरण, पदोन्नति एवं अन्य लंबित मांगों पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा मंत्री को दिया ज्ञापन, देखें

स्थानांतरण, पदोन्नति एवं अन्य लंबित मांगों पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने दिया ज्ञापन, देखें














 





Tuesday, June 8, 2021

ललितपुर : जनपद में संचालित शिक्षक संगठनों के मान्यता सम्बन्धी अभिलेख जिलाधिकारी ने किए तलब, बीएसए ने जारी किया पत्र

 ललितपुर : जनपद में संचालित शिक्षक संगठनों के मान्यता सम्बन्धी अभिलेख जिलाधिकारी ने किए तलब, बीएसए ने जारी किया पत्र।

अब नहीं चलेगी संगठन के नाम पर शिक्षकों की नेतागीरी, कसा शिकंजा

ललितपुर। अब संगठन के नाम पर शिक्षकों की नेतागीरी नहीं चलने वाली हैं। जिला प्रशासन ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे संगठनों पर शिकंजा कस दिया है। बीएसए ने संगठनों के जिलाध्यक्ष/महामंत्री को पत्र लिखकर 13 जून की सायं 5 बजे तक रजिस्टर्ड डाक या स्वयं कार्यालय में शासन/बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त मान्यता संबंधी समस्त मान्यता प्राप्त अभिलेखों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे विभिन्न संगठनों में खलबली मच गई है।

बीते दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया था। इसमें उन्होंने कई शिक्षकों पर शासनादेशों और मान्यता नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। यही नहीं, अमान्य शिक्षक संगठनों पर विभागीय कार्यां में अनाधिकृत रूप से हस्तक्षेप करने, अराजकता करने एवं बार-बार अनशन, धरना और आंदोलन की चेतावनी देने का भी आरोप लगाया था। इन कारणों से बेसिक शिक्षा विमाग की छवि धूमिल हो रही है। 

इसे दृष्टिगत रखते हुये जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने प्रचलित संगठनों के मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अनुपालन में बीएसए रामप्रवेश ने प्रचलित संगठनों के जिलाध्यक्ष/महामंत्री को 13 जून की शाम 05 बजे तक रजिस्टर्ड डाक या स्वयं कार्यालय में शासन/बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदत्त मान्यता संबंधी समस्त मान्यता प्राप्त अभिलेखों को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कई नेता बनकर कार्यालय के लगाते रहते चक्कर
कई संगठनों के कुछ पदाधिकारी विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं और स्कूल की गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते हैं। विभागीय अफसर नेता होने की वजह से नजरअंदाज कर देते हैं।

कई गुट हो रहे संचालित
बेसिक शिक्षा विभाग के कई संगठनों में गुटबाजी चल रही है। इसके चलते शिक्षकों ने पृथक-पृथक गुट बनाकर गतिविधियां शुरू कर दी हैं। कई संगठनों के चुनाव भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से नहीं हुए हैं। बीते वर्षों में भी इस तरह से संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया लेकिन विभागीय अफसर सफल नहीं हो पाए। इस बार ऐसा हो पाता है या नहीं। यह कहना जल्दबाजी होगी।



Sunday, May 30, 2021

UPPSS के एक दिन की वेतन कटौती सम्बन्धी पत्र के अनुरूप कटौती न कराने व दिवंगत शिक्षकों को मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी सम्बन्धी RSMUP का मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन को पत्र

UPPSS के एक दिन की वेतन कटौती सम्बन्धी पत्र के अनुरूप कटौती न कराने व दिवंगत शिक्षकों को मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी सम्बन्धी RSMUP का मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन को पत्र।

शैक्षिक महासंघ ने किया शिक्षकों की वेतन कटौती का विरोध, कहा मृतक आश्रितों को जल्द मुआवजा व नौकरी नहीं मिली तो होगा आंदोलन


लखनऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने के प्रस्ताव का विरोध किया है । महासंघ की रविवार को राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ओमपाल सिंह की मौजूदगी में हुई वर्चुअल बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि महामारी काल में चुनौतियों का सामना कर रहे शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटना गलत है। उनका कहना है कि प्रदेशीय शिक्षक संघ ने एकतरफा निर्णय लेते हुए वेतन कटौती का प्रस्ताव दिया है।


महासंघ के प्रदेश महामंत्री भगवती सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक संगठन सरकार के सिर्फ तीन शिक्षकों की मौत के दावे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि सरकार ने पंचायत चुनाव की ड्यूटी में कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने सरकार से मृतक आश्रितों को जल्द 50-50 लाख रुपये मुआवजा, अनुकंपा नियुक्ति और बकाया देय का भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की मर्जी के बिना उनका एक दिन का वेतन काटा गया और मृतक आश्रितों को जल्द राहत नहीं दी गई तो महासंघ आंदोलन करेगा।

वर्चुअल बैठक में मातादीन द्विवेदी, शिवशंकर सिंह, ब्रजेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र मिश्रा ने भी विचार रखे। उधर, वेतन कटौती के विरोध में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन भी आगे आया है। एसोसिएशन की वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी मिश्रा ने सरकार से शिक्षकों के लिए विशेष आकस्किम फंड बनाने की मांग की है।




Friday, May 21, 2021

कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले 1488 शिक्षकों की सूची नाम-पते के साथ जारी कर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सरकार को दिखाया आईना



राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रदेशीय कमेटी ने गुरूवार को वर्चुअल बैठक कर उन शिक्षकों की सूची जारी की जो पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमित होकर अपनी जान गवां चुके हैं। कमेटी की बैठक के दौरान नाम और पते के साथ जो 1488 शिक्षकों की सूची जारी की गयी है ।

महासंघ की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला यादव ने बताया कि संगठन ने जिला इकाइयों के माध्यम से कोविड-19 से संक्रमित होकर दिवंगत हुए 1488 ऐसे शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सूची तैयार की है जो चुनाव प्रशिक्षण के बाद से मतगणना ड्यूटी के 14 दिन बाद तक अपनी जान गंवाते रहे। वहीं प्राथमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि निर्वाचन कार्मिक के रूप में नियुक्त दिवंगत हुए सभी शिक्षकों के ऐसे आश्रित जो बीएड/बीटीसी योग्यता धारी हैं, आपदाकालीन परिस्थितियों दृष्टिगत विशेष परिस्थितियों के दृष्टिगत नियमों में शिथिलता प्रदान कर, सम्बन्धित को अविलम्ब शिक्षक के पद पर अनुकंपा आधारित नियुक्ति दी जाए व दिवंगत निर्वाचन कार्मिकों यथा शिक्षकों एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के आश्रित जो इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण हैं, उन्हें विशेष परिस्थिति के दृष्टिगत में कर, लिपिक संवर्ग में नियुक्त कर उन्हें वाछिंत विशेष अहर्ता अहर्ता हेतु नियमों में 5 वर्ष की शिथिलता के साथ लिपिक पद की अनुकंपा आधारित नौकरी दी जाये।

प्राथमिक संवर्ग के संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि शासनादेश दिनांकित 06.10.2016 के अनुसार एनपीएस से आच्छादित सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों को सेवानिवृत्ति उपादान तथा मृत्यु उपादान का लाभ उत्तर प्रदेश रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स 1961 (यथासंशोधित) कर्मचारियों की भांति अनुमन्य है। इस शासनादेश के शत-प्रतिशत और त्वरित अनुपालन का निर्देश जारी किया जाय।