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Saturday, July 4, 2020

CICSE: बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं कक्षा की रद्द परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की


CICSE: बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं कक्षा की रद्द परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की


काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेशन एग्जामिनेशन (CISCE) ने शुक्रवार को दसवीं और बारहवीं कक्षा की लंबित परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की। इन परीक्षाओं को कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन के दौरान स्थगित कर दिया गया था। सीआईएससीई की योजना के अनुसार, उम्मीदवारों का मूल्यांकन तीन अंकों के सर्वश्रेष्ठ तीन मापदंडों, पर्सेंटेज सब्जेक्ट प्रॉजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल वर्क के आधार पर किया जाएगा। जिन विषयों के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई है, उनमें से छात्रों को औसत तीन प्रतिशत अंक प्राप्त होंगे।


बोर्ड की शेष परीक्षाओं का आयोजन एक से लेकर 14 जुलाई के बीच होना था, लेकिन काउंसिल ने इन्हें रद्द कर दिया था। सीआईएससीई ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को बताया था कि रद्द हुए परीक्षाओं के लिए जल्द ही मूल्यांकन योजन को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अब बोर्ड तीन बिंदुओं के आधार पर ही विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करेगा। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के बेस्ट तीन पेपरों के नंबरों के औसत, विषय का आंतरिक मूल्यांकन और पर्संटेज सब्जेक्ट इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार होगा। विषय परियोजना (सब्जेक्ट प्रोजेक्ट) श्रेणी का अर्थ अभ्यर्थियों द्वारा पेपरों के आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त कुल अंकों से है। जबकि, प्रतिशत विषय परियोजना (पर्सेंटेज सब्जेक्ट प्रोजेक्ट) का अर्थ आंतरिक मूल्यांकन में उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंकों के प्रतिशत से है। 

Monday, June 29, 2020

प्राइवेट से बेहतर सरकारी स्कूल, यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों का रेकॉर्ड प्राइवेट से करीब 11% ज्यादा


प्राइवेट से बेहतर सरकारी स्कूल, यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों का रेकॉर्ड प्राइवेट से करीब 11% ज्यादा


लखनऊ: आमतौर पर सरकारी स्कूलों के रिजल्ट पर हमेशा ही सवाल खड़े होते रहे हैं। पर इस बार यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन प्राइवेट से बेहतर रहा है। प्राइवेट स्कूलों के 72.45 प्रतिशत बच्चे पास हुए, जबकि सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 83.70 रहा। यानी, प्राइवेट स्कूलों से करीब 11 प्रतिशत ज्यादा।


शनिवार को यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया। इंटरमीडिएट में परीक्षा देने वालों में से 74.63 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। इनमें बालकों के पास होने का प्रतिशत 68.88 रहा, जबकि बालिकाओं का 81.96। वहीं, ये विद्यार्थी किस तरह के विद्यालयों में पढ़ते थे, इस नजरिये से देखें तो शासकीय (सरकारी) स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पास प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों से ज्यादा बेहतर रहा। 


यही नहीं, प्राइवेट स्कूलों की तुलना में ऐडेड माध्यमिक स्कूलों का भी परफॉर्मेंस पास होने के मानकों पर करीब 6 प्रतिशत ज्यादा रहा। प्रदेश में 785 शासकीय विद्यालय हैं, जिनमें से 84,523 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 70,744 विद्यार्थी पास हुए। इस तरह से यहां पर पास प्रतिशत 83.70 रहा। वहीं, 4077 ऐडेड माध्यमिक विद्यालयों में 7,43,604 विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। इनमें से 5,82,433 पास हुए। यानी, पास प्रतिशत 78.33 रहा। वहीं, प्रदेश में चल रहे 12,482 निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 15,92,903 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 11,54,009 पास हुए। यानी, 72.45 प्रतिशत।


यही नहीं, प्रदेश में 111 प्राइवेट स्कूल ऐसे रहे, जिनमें पास होने का प्रतिशत 20 से भी कम रहा। जबकि केवल सात ही सरकारी स्कूल थे, जिनमें पास होने वालों का प्रतिशत 20 से कम रहा और ऐसे ही ऐडेड स्कूलों की संख्या 18 रही।


हाईस्कूल में प्राइवेट का परफॉर्मेंस तीन प्रतिशत ज्यादा
इंटरमीडिएट में जहां निजी स्कूलों से सरकारी स्कूल आगे निकले, वहीं हाईस्कूल की परीक्षाओं प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पास प्रतिशत सरकारी की तुलना में तीन प्रतिशत ज्यादा रहा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में से 82.08% विद्यार्थी पास हुए, जबकि प्राइवेट स्कूलों के 85.11% विद्यार्थी परीक्षा पास कर सके। ऐडेड स्कूलों का परफॉर्मेंस 79.77 प्रतिशत रहा।


नकल के लिए बदनाम जिलों की हालत रही पतली
नकल के लिए बदनाम रहे जिलों की हालत भी इस साल कुछ पतली ही रही। परिणाम में उनका वह दबदबा नहीं रहा, जैसा की बीते वर्षों में दिखता रहा है। जैसे अलीगढ़ की स्थिति इस कदर खराब हुई कि इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उसका स्थान 75वें पर है। यहां केवल 56.39 प्रतिशत विद्यार्थी ही पास हो सके। हरदोई भी नकल के लिए खासा बदनाम रहा है, लेकिन इस साल परिणाम के तौर पर यह प्रदेश के जिलों में 43वें स्थान पर रहा है। बाराबंकी का स्थान 49वां, रायबरेली का 50वां और गोंडा का 52वां नंबर रहा है। देवरिया में केवल 61.14 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए, जबकि बलिया में पास प्रतिशत 57.57 रहा।

Sunday, June 28, 2020

UP Board result : फर्स्ट डिवीजन वालों की संख्या बढ़ी, आधे से अधिक सेकेंड डिवीजन में पास


UP Board result : फर्स्ट डिवीजन वालों की संख्या बढ़ी, आधे से अधिक सेकेंड डिवीजन में पास


यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास करने वाले परीक्षार्थियों की संख्या इस बार और भी बढ़ गई है। जबकि द्वितीय और तृतीय श्रेणी में परीक्षा पास करने वालों की संख्या में कमी आई है। ससम्मान परीक्षा पास करने वाले परीक्षार्थियों में इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में मामूली कमी आई है।


3.41 प्रतिशत ससम्मान हुए पास
इस बार इंटर की परीक्षा के लिए पंजीकृत 25,86,339 परीक्षार्थियों में से 24,84,479 परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 18,54,099 परीक्षार्थियों को सफलता मिली है। सफल होने वाले इन परीक्षार्थियों में से 63,193 यानी 3.41 प्रतिशत ससम्मान पास हुए हैं। ससम्मान पास होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 0.05 प्रतिशत की मामूली कमी हुई है। पिछले वर्ष 3.46 प्रतिशत परीक्षार्थी ससम्मान पास हुए थे।


33.91 प्रतिशत प्रथम श्रेणी में पास
इंटर में सफलता पाने वाले 18,54,099 परीक्षार्थियों में से 6,28,734 परीक्षार्थियों ने प्रथम श्रेणी के साथ परीक्षा पास की है। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का 33.91 प्रतिशत है। प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास करने वालों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 1.94 प्रतिशत बढ़ी है। 2019 में सफलता पाने वाले 16,47,919 परीक्षार्थियों में से 5,26,896 यानी 31.97 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने प्रथम श्रेणी के साथ परीक्षा पास की थी।


आधे से अधिक सेकेंड डिवीजन में पास
इंटर में पास हुए 18,54,099 परीक्षार्थियों में से 53.62 प्रतिशत परीक्षार्थियों को सेकेंड डिवीजन मिला है। सेकेंड डिवीजन से पास होने वाले परीक्षार्थियों की कुल संख्या 9,94,161 है। गत वर्ष की तुलना में इस श्रेणी में पास होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में मामूली यानी 0.03 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले वर्ष परीक्षा में 16,47,919 परीक्षार्थियों में से 53.65 प्रतिशत को सेकेंड डिवीजन मिला था।


6.55 फीसदी को मिली तृतीय श्रेणी
इस वर्ष सिर्फ 6.55 प्रतिशत परीक्षार्थी ही तृतीय श्रेणी में सफल हुए हैं। इंटर में पास हुए 1854099 परीक्षार्थियों में से 121528 तृतीय श्रेणी में पास हुए हैं । तृतीय श्रेणी में पास होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1.38 प्रतिशत कम हुई है। पिछले वर्ष 7.14 प्रतिशत परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी में पास हुए थे।


2.51 प्रतिशत ग्रेस मार्क्स से पास
इस वर्ष 46,483 परीक्षार्थी ऐसे हैं, जिन्हें ग्रेस मार्क देकर पास किया गया है। यह संख्या परीक्षा में शामिल कुल परीक्षार्थियों का 2.51 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में ग्रेस मार्क्स के साथ पास होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या कम हुई है। पिछले वर्ष 49,255 यानी 2.99 प्रतिशत परीक्षार्थी ग्रेस मार्क से पास हुए थे।

UP Board Result 2020: मातृभाषा हिंदी में उत्तीर्ण की बिंदी नहीं लगा सके आठ लाख मेधावी, सभी फेल


UP Board Result 2020: मातृभाषा हिंदी में उत्तीर्ण की बिंदी नहीं लगा सके आठ लाख मेधावी, सभी फेल


UP Board Result 2020परीक्षाओं के करीब आठ लाख परीक्षार्थी सिर्फ इसलिए फेल हो गए हैं क्योंकि वे हिंदी विषय में उत्तीर्ण की बिंदी नहीं लगा सके हैं। ...

प्रयागराज । प्यारी हिंदी, हमारी हिंदी का नारा विशेष दिवस पर खूब गूंजता है। मातृभाषा के प्रति विशेष लगाव शायद नारों तक ही सिमट कर रह गया है, प्यारी हिंदी को हम सब वैसा प्यार नहीं करते जिसकी उसे दरकार है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर का परीक्षा परिणाम इसकी पुष्टि कर रहा है। दोनों परीक्षाओं के करीब आठ लाख परीक्षार्थी सिर्फ इसलिए फेल हो गए हैं, क्योंकि वे हिंदी विषय में उत्तीर्ण की बिंदी नहीं लगा सके हैं। बोर्ड की ओर से जारी हिंदी विषय का यह आंकड़ा शर्मसार करने वाला है, क्योंकि उत्तर प्रदेश हिंदी पट्टी का अहम व देश में आबादी के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य है।


यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर का विषयवार परिणाम जारी किया है। इंटर की हिंदी परीक्षा में 1,08,207 व सामान्य हिंदी में 1,61,753 सहित कुल 2,69,960 परीक्षार्थी अनिवार्य प्रश्नपत्र में उत्तीर्ण होने लायक अंक नहीं ला पाए। ऐसे ही हाईस्कूल की हिंदी परीक्षा में 5,27,680 व प्रारंभिक हिंदी में 186 सहित कुल 5,27,866 परीक्षार्थी फेल हुए हैं। दोनों परीक्षाओं में कुल 7,97,826 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हैं। ये वे परीक्षार्थी हैं, जो हिम्मत जुटाकर परीक्षा में शामिल हुए थे। हैरत यह भी है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार हाईस्कूल में फेल होने वालों की संख्या बढ़ी है, जबकि इंटर के हिंदी विषय में फेल होने वालों का आंकड़ा तेजी से घटा है। वैसे भी इंटर के परीक्षार्थियों को हाईस्कूल की अपेक्षा अधिक परिपक्व माना जाता है। ज्ञात हो कि मातृभाषा में अनुत्तीर्ण होने वालों का इतना खराब परिणाम पहली बार नहीं आया है, बल्कि पिछले साल तो फेल होने वालों की तादाद दस लाख को पार गई थी।


दोनों परीक्षाओं में मातृभाषा हिंदी की परीक्षा देना अनिवार्य है और इसका असर पूरे परीक्षा परिणाम पर पर पड़ता है लेकिन, इस पर शिक्षक गंभीर हैं न परीक्षार्थी और न ही उनके अभिभावक, क्योंकि हर साल हिंदी में फेल होने वालों की तादाद लाखों में रहती है।


यही नहीं दोनों परीक्षाओं में 2,91,793 परीक्षार्थी शामिल होने तक का साहस नहीं जुटा सके। बोर्ड के अनुसार हाईस्कूल के हिंदी विषय में 1,43,246 व प्रारंभिक हिंदी में 1745 सहित कुल 1,43,306 और इंटर के हिंदी 56,092 व सामान्य हिंदी विषय में 92,395 सहित कुल 1,48,487 ने परीक्षा से ही किनारा कर लिया। इस तरह देखा जाए तो हाईस्कूल व इंटर परीक्षा से हिंदी में फेल व किनारा करने वालों की तादाद 10 लाख 89 हजार 619 है। 

Saturday, June 27, 2020

UP Board Result: 10वीं-12वीं के रिजल्ट हुए घोषित, रिया और अनुराग ने मारी बाजी, टॉप-10 मेधावी छात्रों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी


टॉप-10 मेधावी छात्रों को सम्मानित करेंगे सीएम योगी

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर के टॉप 10 मेधावियों का सम्मान करेगी। सीएम ने परीक्षा में सफल छात्र छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से मार्कशीट बांटी जाएगी, इसलिए मास्क या फेस कवर जरूर लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सीएम ने कहा कि महामारी के बीच समय पर परीक्षा व लॉकडाउन के बावजूद समय से परीक्षा परिणाम घोषित करने वाले बधाई के पात्र हैं।

UP Board Result: 10वीं-12वीं के रिजल्ट हुए घोषित, रिया-अनुराग ने मारी बाजी

UP Board 12th Result 2020: दसवीं और बारहवीं कक्षा का रिजल्ट जारी, टॉपर्स को एक लाख रुपये और लैपटॉप मिलेगा


■ ऐसे चेक करें यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट

● पहले इसके लिए यूपी बोर्ड की वेबसाइट upresults.nic.in पर जाएं
● यहां 10वीं या 12वीं एग्जाम रिजल्ट पर क्लिक करें
● इसके बाद अपना रोल नंबर यहां इंटर करें
● फिर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा
● रिजल्ट देखने के बाद स्क्रीन का प्रिंट अवश्य लें
● यूपी बोर्ड की वेबसाइट व अन्य जानकारी


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं का रिजल्ट  आज 27 जून को घोषित हुआ। स्टूडेंट अपना रिजल्ट यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर पाएंगे, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है।

◆ बोर्ड का नाम : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद
◆ परीक्षा का नाम : कक्षा 10वीं/12वीं का बोर्ड एग्जाम
◆ आधिकारिक वेबसाइट : upmsp.nic.in
◆ रिजल्ट की वेबसाइट : upresults.nic.in

UP Board 12th Result 2020: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा के नतीजे जारी कर दिए हैं। सूबे के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने दसवीं और बारहवीं के परिणाम घोषित किए। लंबे वक्त से रिजल्ट का इंतजार कर रहे विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए दसवीं और 12वीं के नतीजे देख सकते हैं। 


उत्तर प्रदेश बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का ऐलान कर दिया है. कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल का रिजल्ट पिछले साल से बेहतर रहा है. 10वीं 83.31 प्रतिशत और 12वीं में 74.63 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं. लड़कियों ने एक बार फिर बाजी मारी है. दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में लड़कियों का पासिंग परसेंटेज लड़कों से ज्यादा रहा है. हाईस्कूल में रिया जैन (Riya Jain) तो इंटरमीडिएट में अनुराग मलिक (Anurag Malik) ने टॉप किया है। दोनों ही छात्र बागपत के बडौत के श्री राम एसएन अन्तर कॉलेज के हैं। एक ही स्कूल के दो टॉपर निकले हैं जिन्हें सरकार बड़े पैकेज के साथ सम्मानित भी करेगी।



उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवीं और बारहवीं कक्षा में कुल 51,30,481 परीक्षार्थी शामिल हुए। दसवीं कक्षा में  27,44,976 परीक्षार्थी और बारहवीं कक्षा में 23,85, 505 परीक्षार्थी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना इस वर्ष परिणाम अच्छा रहा। 


दसवीं में रिया जैन और बारहवीं में अनुराग मलिक ने किया टॉप
इस साल के रिजल्ट में लड़कों के मुकाबले लड़कियां का प्रदर्शन बेहतर रहा है। दसवीं कक्षा में 23 लाख 982 छात्र पास विद्यार्थी पास हुए हैं। दसवीं में इस साल बड़ौत-बागपत की रिया जैन ने टॉप किया है। रिया ने 96.67 फीसदी नंबरों के साथ टॉप किया है। दसवीं में दूसरा स्थान अभिमन्यु वर्मा का रहा है। उन्होंने 95.83 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वह साई इंटर कॉलेज बाराबंकी के विद्यार्थी हैं। वहीं, तीसरा स्थान योगेश प्रताप सिंह और राजेंद्र प्रताप सिंह का रहा। इन दोनों ही विद्यार्थियों ने 95.33 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा में टॉप किया है। योगेश प्रताप सदभावना इंटर कॉलेज बाराबंकी के विद्यार्थी हैं।


वहीं, इंटरमीडिएट में बड़ौत-बागपत के अनुराग मलिक ने टॉप किया है। उन्होंने 97 फीसदी नंबरों के साथ टॉप किया है। दूसरे स्थान प्रयागराज के प्रांजल सिंह का रहा है। उन्होंने 96 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। तीसरे स्थान उत्कर्ष शुक्ला का रहा है जिन्होंने 94.80 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। वो औरैया के रहने वाले हैं।


टॉपर्स को लैपटॉप और एक लाख रुपये की राशि
यूपी सरकार ने टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा की है। इसके अलावा दसवीं और बारहवीं कक्षा के टॉपर्स विद्यार्थियों को सरकार एक लाख रुपये की सहायता राशि भी देगी। 20 टॉपर्स के घर तक सरकार पक्की सड़क बनाएगी। पिछले साल यूपी बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल महीने में जारी किया गया था। इस साल वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से बोर्ड के परिणाम देरी से जारी हुए हैं। इस साल दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं 18 फरवरी में शुरू हुई थीं और 6 मार्च तक चली थी। कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए लॉकडाउन की घोषणा के चलते परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी हुई थी। जिसकी वजह से इस साल रिजल्ट की घोषणा में भी देरी हुई।


उत्तर प्रदेश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
upresults.nic.in
upmsp.edu.in 


कैसे देखें अपना 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट
सबसे पहले विद्यार्थी यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upresults.nic.in/ upmsp.edu.in है। 
यहां विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट का लिंक मिलेगा।
विद्यार्थी दसवीं और बारहवीं कक्षा के रिजल्ट लिंक पर क्लिक करके अपना रोल नंबर और विवरण भरें।
विद्यार्थियों की तरफ से जानकारी भरते ही रिजल्ट खुल जाएगा।
अब विद्यार्थी अपना रिजल्ट डाउनलोड कर लें या फिर उसका प्रिंट ले लें।


गौरतलब है कि पिछले साल यूपी बोर्ड के दसवीं कक्षा का रिजल्ट 80.07 फीसदी रहा था। उससे पहले साल 2018 में दसवीं के परिणाम 75.16 फीसदी रहा था। जबकि साल 2017 में  81.18 फीसदी, 2016 में  87.66 फीसदी और  साल 2015 में दसवीं का परिणाम  83.74 फीसदी रहा था। वहीं, पिछले साल बारहवीं में 70.06 फीसदी विद्यार्थी पास हुए थे। साल 2018 में बारहवीं कक्षा में 72.43 फीसदी और साल 2017 में 82.62 फीसदी रिजल्ट रहा था। उससे पहले साल 2016 में बारहवीं कक्षा का रिजल्ट 87.99 फीसदी और 2015 में 88.83 फीसदी रहा था। 
 

यूपी बोर्ड : 99 साल में दूसरी बार घोषित होगा लखनऊ से परिणाम, जाने 2020 में पहली बार क्या हुआ

यूपी बोर्ड : 99 साल में दूसरी बार घोषित होगा लखनऊ से परिणाम, जाने 2020 में पहली बार क्या हुआ


99 साल के इतिहास में यह दूसरा अवसर होगा जबकि बोर्ड परीक्षा का परिणाम प्रयागराज की बजाय लखनऊ से जारी होगा। इससे पहले प्रयागराज से ही नतीजे जारी होते थे। अब से कुछ देर का इंतजार हैं और नतीजे 12 बजे ऑनलाइन जारी कर दिए जाएंगे।


इससे पहले बसपा सरकार में 2007 में हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम लखनऊ से जारी किया गया था। हालांकि इंटर का रिजल्ट प्रयागराज से ही जारी हुआ था। उस समय संजय मोहन माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बोर्ड के सभापति थे जबकि सचिव बासुदेव थे।


आपको बता दें कि इस बार कोरोना महामारी के कारण नतीजे जारी होने में देरी हो रही है। बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं कोरोना का संक्रमण फैलने से पहले क्रमश: 3 और 6 मार्च को समाप्त हो गई थी। कॉपी जांचने का काम 16 मार्च को शुरू हुआ था लेकिन कोरोना के कारण 18 मार्च से टालना पड़ा था। उसके बाद 5 मई से ग्रीन जोन और 12 मई से ऑरेंज जोन में मूल्यांकन शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक सभी जिलों में कॉपियां जांचने का काम पूरा हो गया। समय से रिजल्ट देने के लिए पहली बार यूपी बोर्ड ने अलग से पोर्टल बनाकर छात्र-छात्राओं के प्रैक्टिकल एवं लिखित परीक्षा समेत अन्य सूचनाओं को अपडेट किया। इससे एक तो बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को रिजल्ट तैयार करवाने के लिए दूसरे राज्य नहीं जाना पड़ा और समय के अंदर रिजल्ट भी तैयार हो गया।


2020 में पहली बार क्या हुआ
- पांच जिलों में सिलाई वाली कॉपी से कराई गई परीक्षा
- 10वीं और 12वीं की कॉपियों की लाइनें चार अलग-अलग रंगों में थी
- इंटर में एक विषय में फेल छात्रों को कम्पार्टमेंट देकर पास होने का मौका
- इस बार ऑनलाइन लिए जाएंगे स्क्रूटनी के आवेदन
- छात्रों में तनाव दूर करने को टोल फ्री नंबर जारी किए गए
- सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए

Friday, June 26, 2020

यूपी बोर्ड : फेल होकर भी उत्तीर्ण हो सकेंगे हजारों परीक्षार्थी


यूपी बोर्ड : फेल होकर भी उत्तीर्ण हो सकेंगे हजारों परीक्षार्थी


यूपी बोर्ड रिजल्ट कल, हाईस्कूल में दो विषयों व इंटर में एक विषय में अनुत्तीर्ण दे सकेंगे कंपार्टमेंट परीक्षा


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2020 का परिणाम 27 जून को आ रहा है। करीब 51 लाख परीक्षाíथयों में से उत्तीर्ण होने वालों के साथ ही अनुत्तीर्ण होने वालों की भी बल्ले-बल्ले होगी। इतना पढ़कर चौंकिए नहीं, बल्कि इस खबर से ये समङिाए कि वे कौन अभ्यर्थी हैं जो रिजल्ट में फेल होकर भी पास हो सकते हैं। प्रिय परीक्षाíथयों, आप शनिवार को घोषित हो रहे रिजल्ट के परिणाम को बदल सकते हो, बशर्ते समय पर आवेदन करके संबंधित विषय का अच्छे से इम्तिहान दे दो।


माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल में छह विषयों की परीक्षा लेता है। इसमें पांच विषयों में उत्तीर्ण और एक विषय में अनुत्तीर्ण का परिणाम उत्तीर्ण होगा। परीक्षार्थी चाहे तो अनुत्तीर्ण विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा देकर उसमें भी पास हो जाए। इससे उसे नया अंक सहप्रमाणपत्र मिलेगा और उत्तीर्ण प्रतिशत भी बढ़ जाएगा। यदि वह इस परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तब भी उसका रिजल्ट उत्तीर्ण है। हाईस्कूल में ही यदि कोई परीक्षार्थी छह में से दो विषयों में अनुत्तीर्ण है तो उसका परिणाम भी अनुत्तीर्ण (फेल) होगा। ऐसा परीक्षार्थी कंपार्टमेंट परीक्षा का दावेदार होगा। यानी वह चाहे तो अनुत्तीर्ण होने वाले दो विषयों में से किसी एक विषय की परीक्षा दे दें और यदि उसमें उत्तीर्ण होता है तो वह पास हो जाएगा, उसे साल भर बाद हाईस्कूल की दोबारा पूरी परीक्षा नहीं देनी होगी। 


अब बात इंटरमीडिएट परीक्षा की। यूपी बोर्ड सभी परीक्षाíथयों की पांच विषयों की परीक्षा लेता है। उसमें यदि कोई परीक्षार्थी चार विषय में उत्तीर्ण है और एक विषय में अनुत्तीर्ण है तो उसका रिजल्ट अनुत्तीर्ण होगा लेकिन, वह चाहे तो अनुत्तीर्ण विषय की कंपार्टमेंट परीक्षा पास करके 12वीं उत्तीर्ण हो जाएगा। उसे वर्ष भर बाद दोबारा इंटर की परीक्षा नहीं देनी होगी।


अंकपत्र पर ही कंपार्टमेंट के लिए अर्ह होने की सूचना अंकित कराने की तैयारी में है। सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि परीक्षाíथयों के हित का प्रयास है।


इधर के वर्षो में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2013 व इंटर का परिणाम 2016 में सबसे बेहतर आया है। इस बार भी अच्छे परिणाम की उम्मीद है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड क्या टूटेंगे? इस पर सभी की निगाहें हैं।

इस बार डिप्टी सीएम घोषित करेंगे परिणाम
 लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम शनिवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा घोषित करेंगे। दोपहर 12 बजे लोक भवन में परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। मालूम हो कि हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में करीब 51 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। अभी तक ज्यादातर उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज स्थित कार्यालय में बोर्ड सचिव द्वारा घोषित किया जाता रहा है। फिलहाल इसकी तैयारियां की जा रही हैं।

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार, 15 जुलाई से पहले रिजल्ट

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार

सीबीएसई 15 जुलाई से पहले असेसमेंट कर रिजल्ट जारी करेगा


नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला तैयार किया है। असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाने वाला रिजल्ट 15 जुलाई से पहले जारी होगा। यदि कोई छात्र असेसमेंट के रिजल्ट से असंतुष्ट होने पर बचे हुए पेपर की लिखित परीक्षा दोबारा दे सकेगा। हालांकि यह परीक्षा देश में कोरोना हालात ठीक होने पर ही आयोजित होगी।



● जिन स्ट्रीम के छात्रों के 12वीं कक्षा के सभी पेपर हो गए हैं, उनका रिजल्ट सामान्य ढंग से फॉर्मूला तैयार होगा।


● जिन छात्रों ने तीन या उससे अधिक विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का बेस्ट श्री से असेसमेंट होगा। इसमें से जिन तीन विषयों में सबसे अधिक अंक होंगे, उससे बचे हुए पेपर वाले विषयों का अंक स्कोर (कुल अंकों का जोड़ और उसे तीन से डिवाइड किया जाएगा) निकाला जाएगा।


● जिन छात्र ने तीन ही विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का असेसमेंट बेस्ट टू (दो) से किया जाएगा। इसमें भी सबसे अधिक दो अंक लेने वाले विषयों के अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर बचे हुए पेपर का अंक स्कोर निकलेगा।


●  जिन छात्रों ने सिर्फ एक या दो विषयों के पेपर ही दिए होंगे। ऐसे छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए उनके इन विषयों की परफारमेंस, इंटरनल प्रैक्टिकल असेसमेंट के अंकों को जोड़कर असेसमेंट होगा। हालांकि ऐसे छात्रों की संख्या बेहद कम है और अधिकतर छात्र दिल्ली के ही हैं।

Wednesday, June 24, 2020

यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद पहली बार छात्रों को मिलेगी डिजिटल सिग्नेचर वाली मार्कशीट

Thursday, July 18, 2019

कुशीनगर : सत्र 2018-19 में परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक/वार्षिक परीक्षा का विद्यालयवार परीक्षाफल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का निर्देश, देखें

कुशीनगर : सत्र 2018-19 में परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक/वार्षिक परीक्षा का विद्यालयवार परीक्षाफल निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का निर्देश, देखें।

Tuesday, July 16, 2019

प्रदर्शन के बाद डीएलएड प्रशिक्षुओं को स्क्रूटनी का परिणाम कल तक देने का सचिव परीक्षा नियामक ने दिया आश्वासन


प्रदर्शन के बाद डीएलएड प्रशिक्षुओं को स्क्रूटनी का परिणाम कल तक देने का सचिव परीक्षा नियामक ने दिया आश्वासन। 





Thursday, July 4, 2019

10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को अब ग्रेड संग मिलेंगे अंक, उपराष्ट्रपति के दखल पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्य शिक्षा बोर्ड को जारी की एडवाइजरी

10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को अब ग्रेड संग मिलेंगे अंक, उपराष्ट्रपति के दखल पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी राज्य शिक्षा बोर्ड को जारी की एडवाइजरी।




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Thursday, May 9, 2019

सीबीएसई और राज्य बोर्ड के बीच कम नहीं हुआ फासला, परिणामों के विश्लेषण से यूपी और सीबीएसई के पिछले 3 वर्षों के परिणाम में 10 फीसदी तक का अंतर


सीबीएसई और राज्य बोर्ड के बीच कम नहीं हुआ फासला, परिणामों के विश्लेषण से यूपी और सीबीएसई के पिछले 3 वर्षों के परिणाम में 10 फीसदी तक का अंतर। 


Friday, May 3, 2019

सीबीएसई 12th परिणाम :  90% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 94 हजार के पार, 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 17 हजार के ऊपर


सीबीएसई 12th परिणाम :  90% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 94 हजार के पार, 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या 17 हजार के ऊपर। 


सीबीएसई 12 वीं के परिणाम में पूरे देश में यूपी की बेटियों ने मारी बाजी, पहले दो स्थानों पर पांच बेटियां




सीबीएसई 12 वीं के परिणाम में पूरे देश में यूपी की बेटियों ने मारी बाजी, पहले दो स्थानों पर पांच बेटियां। 






फतेहपुर : सीबीएसई 12वीं में यश और हर्षित ने जिले में लहराया परचम, स्कूलों में मना सफलता का जश्न


फतेहपुर : सीबीएसई 12वीं में यश और हर्षित ने जिले में लहराया परचम, स्कूलों में मना सफलता का जश्न। 



Thursday, May 2, 2019

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा 2019 कक्षा 12 का परिणाम जारी, देखें

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा 2019 कक्षा 12 का परिणाम जारी, देखें

👉 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) परीक्षा 2019 कक्षा 12 का परिणाम देखने हेतु यहां क्लिक करें

■ सीबीएसई 12वीं का परिणाम घोषित 

सीबीएसई बोर्ड की ओर से 12वीं का पर‍िणाम घोषित कर द‍िया गया है। इस पर‍िणाम में लड़कों के मुकाबले लड़कियां अधिक पास हुई हैं। स्टूडेंट्स सीबीएसई की ऑफ‍िश‍ियल वेबसाइट cbseresults.nic.in और results.nic.in पर अपना र‍िजल्‍ट देख सकते हैं।

इस साल कुल 83.40 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं जिसमें 88.70 प्रतिशत लड़कियां और 79.40 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं। इस बार डीपीएस गाजियाबाद हंसिका शुक्‍ला ने पूरे भारत में पहला स्‍थान प्राप्‍त किया है। एसवी स्‍कूल मुजफफरनगर की करिश्मा अरोड़ा ने भी टॉप किया है। दोनों को 499 नंबर मिले हैं।

बीते साल सीबीएसई 12वीं का रिजल्‍ट 83.01 प्रतिशत रहा था। 2018 में कुल 11.86 लाख छात्रों ने 12वीं का एग्जाम दिया था जिसमें 78.99 फीसदी लड़के पास हुए थे वहीं, लड़कियों का पास परसेंटेज 88.31 रहा था।

Tuesday, April 30, 2019

यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी से उठ रहा पर्दा,  सहायता कक्षा खुलते शिकायतों की भरमार, परीक्षार्थी परेशान


यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी से उठ रहा पर्दा,  सहायता कक्षा खुलते शिकायतों की भरमार, परीक्षार्थी परेशान। 


Sunday, April 28, 2019

10 वीं और 12 वीं में फेल छात्रों को NIOS के जरिये मिल सकेगा एक बार और मौका


10 वीं और 12 वीं में फेल छात्रों को NIOS के जरिये मिल सकेगा एक बार और मौका। 


यूपी बोर्ड : दस लाख छात्र छात्राएं नहीं लांघ सके हिंदी की दीवार, यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम का कड़वा सच आया सामने




यूपी बोर्ड : दस लाख छात्र छात्राएं नहीं लांघ सके हिंदी की दीवार, यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम का कड़वा सच आया सामने।