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Saturday, October 31, 2020

फ़तेहपुर : 31277 भर्ती अंतर्गत पुरुष वर्ग को आवंटित विद्यालय आवंटन सूची जारी


फ़तेहपुर : 31277 भर्ती अंतर्गत  पुरुष वर्ग को आवंटित विद्यालय आवंटन सूची जारी।

319 नए शिक्षकों को मिले स्कूलों के अलॉटमेंट लेटर


नवनियुक्त महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों को ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से स्कूल आवंटन के बाद शनिवार को पुरुष शिक्षकों को स्कूल आवंटन पत्र बांटा गया। हालांकि सुबह से वितरित होने वाले आवंटन पत्र शाम पहर से वितरण शुरू हुआ। जो देर शाम तक चलता रहा।


जिले में शेष 319 पुरुष शिक्षकों को भी श्निवार को विद्यालय आवंटन कर दिया गया। शासन से रोस्टर के हिसाब से स्कूलों का वितरण किया गया। सूबे में प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत पहली शिफ्ट में को 475 सहायक अध्यापकों की तैनाती के लिए दो दिन काउंसिलिंग हुई थी। डायट परिसर में 29 व 30 अक्तूबर को 120 महिला व दिव्यांग शिक्षक-शिक्षिकाओं को ऑनलाइन स्कूलों का आवंटन हो गया। 


बचे 319 शिक्षकों स्कूल आवंटन पत्र देने के लिए बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने महात्मा गांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं यूआरसी परिसर में क्रमांक के आधार पर वितरण की जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारियों की सौंपी थी। लेकिन शासन से पत्र आने में देर होने के कारण शिक्षक पूरा दिन इंतजार करते रहे। शाम पहर यूआरसी से शिक्षकों को स्कूल आवंटन पत्र वितरित किए गए। इन सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को तीन नवम्बर तक सम्बंधित स्कूलों में सहायक शिक्षक पद पर चार्ज लेना होगा। बीएसए ने बताया कि शासन से रोस्टर के हिसाब से शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन किया गया है। रोस्टर आने में देर होने से थोड़ा देर हुई लेकिन सभी को विद्यालय आवंटन कर दिए गए हैं।


हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें

हाथरस : 69000 शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत 166 स0अ0 को आवंटित विद्यालय की सूची एवं कार्यभार ग्रहण करने का आदेश जारी, देखें












 

कक्षा 9 और 11 में दाखिले की अंतिम तिथि आज

कक्षा 9 और 11 में दाखिले की अंतिम तिथि आज

 
यूपी बोर्ड के कक्षा 9 और 11 के छात्रों के दाखिले 31 अक्तूबर के बाद बंद हो जाएंगे। स्कूल 15 नवंबर तक छात्रों का एकमुश्त शुल्क कोषागार में जमा कर माध्यमिक शिक्षा की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। यदि छात्रों के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि हो तो स्कूल उसे 20 नवंबर तक चेक करके उसमें सुधार सकते हैं। छात्रों के नाम, अभिभावकों के नाम, पता विषय आदि विवरण में कोई त्रुटि हो तो सुधार कर सकते हैं।


इस दौरान स्कूलों को किसी नए छात्र का पंजीकरण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल ऑनलाइन अपलोड किए गए विवरण को ही संशोधित कर पाएंगे। स्कूलों को 25 नवंबर तक बोर्ड और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को छात्रों की नामावली जमा करानी है। मालूम हो कि कोरोना के चलते जिले में कक्षा नौ व 11 में एडमिशन कराने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 16000 कम थी। इसे देखते हुए बोर्ड ने बोर्ड ने पंजीकरण कराने के लिए छात्रों को एक और अवसर दिया था। इसकी मियाद 31 अक्तूबर को पूरी हो रही है। इसके बाद दाखिले नहीं लिए जाएंगे।

सैनिक स्कूलों में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण अब अगले सत्र से

सैनिक स्कूलों में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण अब अगले सत्र से

नई दिल्ली। देश के सभी 33 सैनिक स्कूलों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)-गैर क्रीमी लेयर (एनसीएल) के लिए आरक्षण शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू होगा। रक्षा मंत्रालय ने सैनिक स्कूलों को इस बावत आदेश जारी कर दिया रक्षा सचिव अजय कुमार ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि पिछले साल सरकार ने लड़कियों के लिए सैनिक स्कूल का रास्ता खोला था। आदेश के मुताबिक, सैनिक स्कूल में नामांकन के लिए श्रेणीबद्ध सूची-ए और सूची बी में 15% एससी, 7.5% एसटी और 27% सीट ओबीसी-एलसीएल के लिए आरक्षित होगा। 

डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, आंतरिक मूल्यांकन अपडेट की प्रक्रिया स्थगित

डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू, आंतरिक मूल्यांकन अपडेट की प्रक्रिया स्थगित


सात महीने बाद डीएलएड-बीटीसी की परीक्षाएं शुरू

 
प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने की दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम डीएलएड की परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो गई हैं। इम्तिहान सेमेस्टरवार 11 नवंबर तक चलेगा।


वहीं, आंतरिक मूल्यांकन के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। शासन के निर्देश पर डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रशिक्षुओं को प्रोन्नति दी गई है। प्रोन्नति पाए प्रशिक्षु अगले सेमेस्टर की और अनुत्तीर्ण अलग सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं। इसकी शुरुआत शुक्रवार से हुई है पहले दिन बैक पेपर की परीक्षा हुई है। 


ज्ञात हो कि प्रशिक्षुओं ने अनुत्तीर्ण और बैक पेपर वालों को भी प्रोन्नति देने की मांग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया था लेकिन, उसमें सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्ण तरीके से हो रही हैं। उन्होंने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के लिए आदेश दिए जाएंगे। 



कोरोना के कारण स्थगित डीएलएड और बीटीसी की सेमेस्टर परीक्षाएं सात महीने बाद शुक्रवार से शुरू हो गईं। इससे पूर्व मार्च अंत में परीक्षाएं प्रस्तावित थी लेकिन लॉकडाउन और उसके बाद ऐसी परिस्थितियां बनीं कि पेपर नहीं हो सका। बीटीसी 2013 से लेकर डीएलएड 2019 तक के विभिन्न वर्षों के अलग-अलग सेमेस्टर के तकरीबन 4.83 लाख प्रशिक्षु इसमें शामिल हो रहे हैं।

कोरोना काल में सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्वक शुरू हो गईं। 2013 से 2018 तक के विभिन्न वर्षों के प्रथम सेमेस्टर के बैक पेपर वाले लगभग 48 हजार, द्वितीय सेमेस्टर में 2.5 लाख, तृतीय सेमेस्टर में 85 हजार और चतुर्थ सेमेस्टर में तकरीबन एक लाख प्रशिक्षु परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षाएं 11 नवंबर तक होंगी।

पहले दिन 928 प्रशिक्षुओं ने दिया पेपर

प्रयागराज में पहले दिन चार केंद्रों राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कटरा और कर्नलगंज इंटर कॉलेज में परीक्षाएं हुईं। प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) संतोष मिश्र ने बताया कि कुल 1200 प्रशिक्षुओं को प्रतिभाग करना था जिनमें से 928 उपस्थित हुए।

Friday, October 30, 2020

सभी बोर्डों ने परीक्षा की तैयारी के लिए दिया अतिरिक्त समय, पाठ्यक्रम भी किया गया कम।

सभी बोर्डों ने परीक्षा की तैयारी के लिए दिया अतिरिक्त समय, पाठ्यक्रम भी किया गया कम।

इस बार सभी बोर्डों के छात्रों को हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए कम से कम एक महीना अतिरिक्त समय मिलेगा। यूपी बोर्ड ने तो बहुत पहले ही फरवरी के बजाय मार्च में बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय ले लिया था। वहीं, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड की परीक्षा भी इस बार फरवरी के बजाय मार्च में होने की संभावना है।


सीबीएसई ने इसके लिए सभी स्कूलों से सुझाव भी मांगे हैं। कोरोना के चलते स्कूली शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित है। अब सरकार कक्षा 10 व 12 के छात्रों की स्कूली शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद कर रही है। पाठ्यक्रम भी 30 प्रतिशत तक कम किया गया है। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षा के पेपर पैटर्न में भी बदलाव किया है।

अब बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को तैयारी के लिए कम से कम एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रयास किया जा रहा है। यूपी बोर्ड के बाद सीबीएसई ने भी फरवरी के बजाय मार्च में बोर्ड परीक्षा के लिए स्कूलों के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे हैं। स्कूलों के प्रतिनिधियों की वर्चुअल बैठक में बोर्ड के सिलेबस, परीक्षा की तैयारी को लेकर चर्चा की गई थी। 

गृह परीक्षाएं भी खिसकेंगी 

सीबीएसई स्कूलों के संगठन की सदस्य व वरदान इंटरनेशनल एकेडमी की प्रधानाचार्य ऋचा खन्ना ने बताया कि स्कूलों के प्रतिनिधियों की बैठक में सभी ने बोर्ड परीक्षा को लेकर सुझाव दिए। सभी स्कूलों ने कम से कम एक महीना अतिरिक्त समय मांगा है। ऑनलाइन कक्षाओं से अधिकतर सिलेबस तो पूरा कर लिया गया है, लेकिन प्रैक्टिकल बाकी हैं।

ऐसे में सुझाव दिया गया है कि वे प्रैक्टिकल की परीक्षा एक महीने बाद लें। आमतौर पर प्रैक्टिकल परीक्षा 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच होती है, लेकिन इस बार स्कूलों ने इसे एक महीना टालने की मांग की है। ताकि छात्रों को छोटे-छोटे समूह में बुलाकर प्रैक्टिकल कराया जा सके। ऐसे में जनवरी में होने वाली प्री बोर्ड परीक्षा भी एक महीना बाद होगी। ऐसी स्थिति में संभावना है कि बोर्ड परीक्षा फरवरी के बजाय मार्च में होगी। 

स्कूलों के मुताबिक इस बार गृह परीक्षाएं भी एक महीने तक खिसक जाएंगी। आमतौर पर स्कूलों को मार्च तक गृह परीक्षाएं संपन्न कराकर परीक्षा परिणाम जारी करने का आदेश होता है, ताकि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र चालू कर सकें। लेकिन इस बार स्कूलों को गृह परीक्षा कराने की छूट दी जाएगी। सेंट जोसेफ कॉलेज के एमडी अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस बार गृह परीक्षाएं निर्धारित समय से एक महीने बाद कराई जा सकती हैं। बोर्ड से इसकी अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसी तैयारी है कि बोर्ड परीक्षा इस बार फरवरी के बजाय मार्च में होगी। वहीं गृह परीक्षाएं भी बाद में कराई जाएंगी ताकि स्कूलों पर बोर्ड परीक्षा के दौरान ही गृह परीक्षा कराने का बोझ ना हो। 

फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां।

फतेहपुर : रद होंगी एडेड स्कूलों में की गई नियुक्तियां, प्रबंध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां।

लटकी तलवार...: जिले में संचालित हो रहे 50 एडेड जूनियर हाईस्कूल, प्रबन्ध समितियों ने वर्ष 2019 में की थी भर्तियां

फतेहपुर : नियमों को बला-ए-ताक पर रखकर सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में की गई भर्तियों पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तलवार लटका दी है। जिले में की गई भर्तियों की जांच शासन स्तर पर चल रही है। इसी बीच शासन ने प्रबंध समितियों को निर्देशित किया है कि वह नियम विरुद्ध की गई भर्तियों को निरस्त करें।


जिले में 50 एडेड स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें वर्ष 2019 अध्यापक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियां प्रबंध समितियों ने की थी। इन भर्तियों के होने के बाद पूरे खूब शिकायतें हुई थी। इस पर शासन ने जांच बैठा दी थी।

फिलहाल इन भर्तियों की जांच शासन से हो रही है। इससे पूर्व की शासन ने प्रदेश में कई मामले पकड़े थे जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। इस पर शासन ने सभी जिलों की भर्ती पत्रावली तलब कर ली है। शासन ने साफ कर दिया है कि अनियमित तरीके से की गई भर्तियां निरस्त होंगी।


इसके लिए प्रबंध समिति शासन के निर्णय के पूर्व की निरस्त कर सकती हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच शासन स्तर पर चल रही है। शासन से ही निर्णय लिया जाएगा। जो निर्णय लिया जाएगा उसका जिले में शत प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। नियम विपरीत की गई भर्तियां रद होंगी।

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत निःशुल्क यूनीफार्म हेतु अवमुक्त की गई 75% धनराशि का व्यय सम्बंधित उपभोग प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में समग्र शिक्षा के अंतर्गत निःशुल्क यूनीफार्म हेतु अवमुक्त की गई 75% धनराशि का व्यय सम्बंधित उपभोग प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।

संविदा खत्म करने के विरोध में कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षकों का धरना प्रदर्शन

संविदा खत्म करने के विरोध में कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षकों का धरना प्रदर्शन

 
लखनऊ। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय इम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन ने संविदा समाप्ति के विरोध में गुरुवार को शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया गया।


संगठन के सुनील तिवारी ने बताया कि 2005 से सेवारत संविदा कर्मी शिक्षक/ शिक्षिका ओ की संविदा सितंबर 2020 में जारी एक आदेश के आधार पर खत्म की जा रही है। इसके विरोध में बीते दिनों आमरण अनशन किया गया। प्रदर्शन के दौरान उच्च अधिकारियों नेशिक्षकों की समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 26 अक्टूबर से दोबारा धरना पर बैठ गए हैं।

महिला सम्मान की दिशा में बड़ा कदम, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा महिला सशक्तीकरण

महिला सम्मान की दिशा में बड़ा कदम, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा महिला सशक्तीकरण

 
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रदेश सरकार कई नए कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के पाठ्यक्रम में महिला सशकक्‍्तीकरण को विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। मुख्य सचिव ने इसके लिए विचार करने के निर्देश दिए हैं। 


महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार मुहैया कराने की जिम्मेदारी कौशल विकास विभाग को दी है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने गुरुवार को मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलम्बन के लिए विशेष अभियान 'मिशन शक्ति” का प्रथम चरण 25 अक्तूबर को सम्पन्न हो चुका है। द्वितीय चरण का माइक्रो प्लान तैयार कर विभाग अपनी कार्ययोजना 30 अक्तूबर तक गृह विभाग को सौंपदें। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं तथा अध्यापिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण और शारीरिक / मानसिक यौन शोषण के विषय में विधिक के प्रति भी जागरूक किया जाए।



30 लाख अभिभावकों को जागरूक किया 
समग्र शिक्षा अभियान के तहत 34 लाख छात्राओं ने मिशन शक्ति में सहभागिता दर्ज कराई। डेढ़ लाख हाट्सएप ग्रुप के जरिए 30 लाख अभिभावकों को जोड़ा गया। सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ 6 लाख से ज्यादा बच्चों को cal कर जागरूक किया गया। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चन्द्र इस दौरान 5.50 लाख बेसिक शिक्षकों के जरिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी ! मिशन शक्ति का पहला चरण 17 से 25 अक्टूबर तक चलाया गया। इन कार्यक्रमों में रिकार्ड संख्या में छात्राओं व महिलाओं ने सहभागिता दर्ज की ।

69000 शिक्षक भर्ती : टीईटी के संशोधित अंक मान्य होने से 31277 अभ्यर्थियों ने ली राहत की साँस

69000 शिक्षक भर्ती : टीईटी के संशोधित अंक मान्य होने से 31277 अभ्यर्थियों ने ली राहत की साँस

 
69000 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित 31277 अभ्यर्थियों के संशोधित टीईटी अंक को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने मान्य कर दिया है। सचिव परिषद प्रताप सिंह बघेल की ओर से बताया गया कि 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन के बाद सचिव परीक्षा नियामक की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के अंकों में संशोधन किया गया था। ऐसे में आवेदन के बाद प्रमाणपत्र में संशोधन को मान्य घोषित कर दिया गया है।

टीईटी के प्रमाणपत्र संशोधन के पहले अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिए थे। टीईटी के संशोधित प्रमाणपत्र लेकर यह अभ्यर्थी जब शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग से लेकर नियुक्ति के लिए बीएसए सहित चयन समिति के सामने रिपोर्ट करते हैं तो उनके प्रमाणपत्र और आवेदनपत्र में अलग अंक को लेकर सवाल उठाकर उन्हें चयन से बाहर कर दिया जा रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद ने इस प्रकार के चयनित अभ्यर्थियों के संशोधित प्रमाणपत्रों को मान्य घोषित कर दिया है।

फतेहपुर : दिव्यांग व महिला शिक्षकों को हुआ विद्यालय आवंटन, पुरुषों को आज होगा विद्यालय आवंटन

फतेहपुर : दिव्यांग व महिला शिक्षकों को हुआ विद्यालय आवंटन, पुरुषों को आज होगा विद्यालय आवंटन।

फतेहपुर : जिले में 475 सहायक अध्यापकों के लिए स्कूल आवंटन प्रक्रिया पूरी हो गई है। आवंटन प्रक्रिया के दूसरे दिन शुक्रवार को शेष 27 महिला अभ्यर्थी मिलाकर कुल 147 को पसंदीदा स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। इसके बाद 328 पुरुष अभ्यर्थियों की सूची शासन को रोस्टर बनाने के लिए भेज दी गई। पहले दिन गुरुवार को 120 अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित किए जा चुके हैं। शनिवार को रोस्टर जारी हो सकता है।


जिले में 508 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में 475 ने काउंसलिंग कराई थी। काउंसलिंग के बाद इन शिक्षकों को नगर संसाधन केंद्र में ज्वाइन करा दिया गया था। इनमें 13 निशक्त और 107 महिला स्कूलों को पहले दिन गुरुवार को स्कूल आवंटित किए गए थे। अंतिम दिन शुक्रवार को स्कूल आवंटित करने के लिए 27 महिलाएं बची थी। इन्हें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ने सुबह पसंदीदा स्कूल आवंटित कराकर पुरुष अभ्यर्थियों की सूची रोस्टर बनाने के लिए शासन को भेज दी है। इस दौरान डायट प्राचार्य नसरुद्दीन अंसारी, डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने पुरुष अभ्यर्थियों की अंतिम सूची में हस्ताक्षर बनाकर शासन को भेजा है।

आज बंटेंगे स्कूल आवंटन पत्र, चार काउंटर बनाए गए।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग शनिवार को दोपहर 12 बजे से नव नियुक्त 475 सहायक अध्यापकों को स्कूल आवंटन पत्र वितरित करेगा। स्कूल आवंटन पत्र बांटने के लिए चार काउंटर बनाकर बीईओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दो काउंटर बीईओ नगर कार्यालय और इतने ही काउंटर महात्मा गांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगाकर स्कूल आवंटन पत्र वितरण की तैयारी की गई है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नगर बीईओ कार्यालय में क्रम संख्या एक से 80 तक के अभ्यर्थी को स्कूल आवंटन पत्र बीईओ नगर नाहिद इकबाल फारुकी, यहीं पर दूसरे काउंटर में बीईओ बहुआ देवेंद्र वर्मा क्रम संख्या 81 से 180 तक के अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटन पत्र बांटेंगे। महात्मा गांधी पूर्व माध्यमिक विद्यालय निकट पुरानी तहसील में बीईओ हसवा मुक्तेश गुप्ता क्रम संख्या 161 से 240 तक तथा यहीं बने दूसरे काउंटर में बीईओ खजुहा राजीव गंगवार क्रम संख्या 241 से लेकर सभी स्कूल आवंटन पत्रों का वितरण करेंगे।



फतेहपुर : पहले दिन 120 नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित हुए विद्यालय।

फतेहपुर :  परिषदीय स्कूलों के नवनियुक्त 120 सहायक अध्यापकों को स्कूल का आवंटन किया गया। गुरुवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्राचार्य नसरुद्दीन अंसारी, डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह और बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह की देखरेख में 107 महिला अभ्यर्थियों ने स्कूलों का चयन किया। स्कूल चयन करने वालों में तीन महिला और 10 पुरुष निःशक्त अभ्यर्थियों ने भी स्कूलों का चयन किया। इसके बाद यह स्कूल लॉक कर दिए गए। 

दो दिनी स्कूल आवंटन प्रक्रिया के अंतिम दिन शुक्रवार को 27 महिला अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इसके पहले शासन से मिली 1086 स्कूलों की सूची में 1900 रिक्तियों की सूची का अधिकारियों ने विधिवत अवलोकन कर स्कूल आवंटन प्रक्रिया शुरू कराई। कमेटी अध्यक्ष डायट प्राचार्य नसरुद्दीन अंसारी ने बताया कि महिला अभ्यर्थियों को स्कूल आवंटित करने के बाद 328 पुरुष अभ्यर्थियों को रोस्टर से स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। कमेटी के समक्ष रिक्त स्कूलों की सूची और अभ्यर्थियों के नामों की सूची शासन को भेज दी जाएगी। यहां से रोस्टर बनाकर स्कूल आवंटित कर दिए जाएंगे। इसमें जिले स्तर का कोई भूमिका नहीं होगी।


Thursday, October 29, 2020

विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में लागू होगा समान पाठ्यक्रम, कमेटी गठित

विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में लागू होगा समान पाठ्यक्रम, कमेटी गठित

 
प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में शैक्षिक सत्र 2021-22 से समान पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के लिए न्यूनतम समान पाठ्यक्रम लागू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस.गर्ग की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। 


प्रदेश के 16 राज्य विश्वविद्यालयों में अभी अलग-अलग पाठ्यक्रम संचालित है। न्यूनतम समान पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए गठित समिति में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक राय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति प्रो. एनके. तनेजा और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे को सदस्य बनाया है। प्रत्येक संकाय के लिए पांच सदस्यीय सुपरवाइजरी कमेटी भी गठित की गई है। 

फतेहपुर : नीति आयोग के पांच करोड़ से होगा 54 विद्यालयों का कायाकल्प, जिलाधिकारी के प्रस्ताव को राज्य सरकार से मिली मंजूरी

फतेहपुर : नीति आयोग के पांच करोड़ से होगा 54 विद्यालयों का कायाकल्प, जिलाधिकारी के प्रस्ताव को राज्य सरकार से मिली मंजूरी।

फतेहपुर :  जिला प्रशासन नगर पालिका क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलकर शैक्षिक व्यवस्था की सीरत बदलने की तैयारी में है। सूबे के पिछड़े हुए जनपदों में तेजी विकास कर चैंपियन ऑफ चेंज का खिताब पा चुके फतेहपुर जनपद को नीति आयोग से पांच करोड़ की धनराशि मिलनी है। इसी रकम से जिलाधिकारी संजीव सिंह ने नगर पालिका क्षेत्र के समस्त 54 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसे शासन ने मंजूरी दे दी है। टाइल्स लगी हुई फर्श, रनिंग वॉटर सप्लाई के साथ चमचमाते हुए शौचालय, हैंडवॉश की व्यवस्था, चारों ओर बाउंड्रीवाल, किचन, पेयजल की व्यवस्था, निःशक्त बच्चों के लिए रैंप और रेलिंग से लेकर ई-एजूकेशन के साथ हर वह सुविधा जो आपको बड़े बजट वाले प्राइवेट विद्यालयों में देखने को मिलेंगी, वह सारी सुविधाएं शहर क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में मिलेंगी। गरीब घर के बच्चों को स्कूल में वह सुविधाएं मिल सकें। जो सामान्य घर के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मुहैया कराई जाती हैं। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र के स्कूलों का बजट के अभाव में कायाकल्प नहीं हो पाता है।

इस कारण से नीति आयोग को शहर क्षेत्र के विद्यालयों का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को प्रदेश शासन से स्वीकृति मिल गई है और राज्य सरकार से प्रस्ताव केंद्र सरकार में नीति आयोग को भेजा गया है।


ग्रामीण क्षेत्र आने वाले परिषदीय विद्यालयों में ग्राम पंचायतों के राज वित्त और चौदहवें वित्त से कायाकल्प हो जाता है।

नगर क्षेत्र के विद्यालयों में बजट के अभाव में काम नहीं हो पाता। इसलिए नीति आयोग के फंड से शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराए जाने का निर्णय लिया। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। संजीव सिंह, जिलाधिकारी

कानपुर विवि : बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के 20 हजार छात्र छात्राएं होंगे प्रमोट

कानपुर विवि : बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के 20 हजार छात्र छात्राएं होंगे प्रमोट

 
कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय परिसर व संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के छात्र छात्रएं इस वर्ष प्रमोट किए जाएंगे। इसके लिए महाविद्यालयों से छात्र छात्रओं के आंतरिक परीक्षा के अंक मंगाए जाएंगे। उन अंकों को जोड़कर विश्वविद्यालय से संबद्ध 260 से अधिक बीएड व एमएड कॉलेजों प्रथम वर्ष के करीब 22 हजार छात्र छात्रओं को प्रमोट किया जाएगा।


इन छात्र छात्रओं को प्रमोट करने के बाद इनका मूल्यांकन द्वितीय वर्ष की परीक्षा के आधार पर होगा। बीएड व एमएड द्वितीय व अंतिम वर्ष की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उन्हें औसत अंक देकर उनकी डिवीजन तय होगी। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुए लॉक डाउन के कारण बीएड व एमएड प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हो पाई थीं। पिछले सात माह से बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के छात्र छात्रएं अगली कक्षा में जाने का इंतजार कर रहे थे।

कोविड ने बढ़ाई स्कूली बच्चों की स्मार्टफोन तक पहुंच, असर 2020 की रपट से हुआ खुलासा

कोविड ने बढ़ाई स्कूली बच्चों की स्मार्टफोन तक पहुंच, असर 2020 की रपट से हुआ खुलासा

 
लखनऊ : कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद होने से ऑनलाइन शिक्षा के तकाजे से स्कूली बच्चों की पहुंच स्मार्टफोन तक बढ़ी है। यह तथ्य बुधवार को जारी हुई ऐनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) की वर्ष 2020 की रिपोर्ट में उजागर हुआ है। सर्वेक्षित आयुवर्ग के बच्चों में 53.8 फीसद उन परिवारों के थे जिनके पास स्मार्टफोन है और ऐसे 54 प्रतिशत बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं।


इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए सितंबर के दौरान देश के 30 राज्यों व संघ शासित प्रदेशों में फोन के जरिये सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण में उप्र के 2096 गांवों के 5912 परिवारों और पांच से 16 वर्ष के 7882 बच्चे भी शामिल थे। रिपोर्ट में पाया गया कि वर्ष 2018 की तुलना में 2020 में बच्चों की स्मार्टफोन तक पहुंच बढ़ी है। वर्ष 2018 में सरकारी स्कूलों के 19.8 फीसद और निजी स्कूलों के 38.9 फीसद बच्चों की पहुंच स्मार्टफोन तक थी। वर्ष 2020 में सरकारी स्कूलों के 44.9 फीसद और निजी स्कूलों में पढऩे वाले 64.2 फीसद बच्चों की स्मार्टफोन तक पहुंच थी।


सर्वेक्षण अवधि के दौरान सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले 61 फीसद बच्चों को वाट्सएप, 14 प्रतिशत को फोन कॉल के जरिये लर्निंग मैटीरियल मिला जबकि निजी स्कूलों के 83.6 प्रतिशत बच्चों को वाट्सएप और 6.4 प्रतिशत को फोन कॉल के जरिये शिक्षण सामग्री मुहैया करायी गई।

नहीं हो रही छात्रों की केवाईसी, अधर में छात्रों की छात्रवृति, पांच हजार शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण

नहीं हो रही छात्रों की केवाईसी, अधर में छात्रों की छात्रवृति, पांच हजार शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण।


बार-बार चेतावनी के बाद भी पांच हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण।

प्रयागराज :  शिक्षण संस्थाओं की उपेक्षा से हजारों अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं के छात्रवृत्ति से वंचित होने का खतरा बन गया है। मंडलायुक्त और सीडीओ की बैठकों में लगातार चेतावनी के बावजूद पांच हजार से अधिक संस्थानों ने अभी तक केवाईसी ही अपडेट नहीं की है। जबकि, इसके लिए मात्र तीन दिन बचे हैं।


केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक विभाग की प्री-मेट्रिक, पोस्ट मैट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति के लिए छात्र-छात्राओं की केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य है। इसके विपरीत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर जिले के 6768 संस्थान रजिस्टर्ड हैं। इनमें से मात्र 1382 संस्थाओं ने ही केवाईसी अपडेट कराई है। इस तरह से 5387 शिक्षण संस्थानों ने केवाईसी अपडेट नहीं की है और इन स्कूल-कालेज के हजारों विद्यार्थियों के सामने छात्रवृत्ति के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए केवाईसी अपडेट करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर है। इससे पहले ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने के साथ डाटा विकास भवन स्थित कार्यालय में भी जमा करना है।

मदरसा : पाठ्यक्रमों के नामों को लेकर विवाद की नौबत, अंकपत्र और प्रमाणपत्र में विरोधाभास।

मदरसा : पाठ्यक्रमों के नामों को लेकर विवाद की नौबत, अंकपत्र और प्रमाणपत्र में विरोधाभास।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों के नामों को लेकर विवाद की नौबत पैदा हो गई है। परिषद द्वारा संचालित मुंशी / मौलवी और आलिम के पाठ्यक्रमों की वार्षिक परीक्षा के बाद जो अंकपत्र और प्रमाण पत्र जारी किये गये उन पर मुंशी, मौलवी, आलिम के बजाए सीनियर सेकेण्ड्री अंकित किया गया। इस बदलाव की वजह से परिषद की परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं के समक्ष कई दिक्कतें पैदा हो रही हैं।

इस बाबत मदरसा शिक्षकों के संगठन आल इण्डिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के महामंत्री वहीदुल्लाह खान ने परिषद के रजिस्ट्रार आर. पी. सिंह को एक पत्र भी लिखा है । पत्र में कहा गया है कि शासनादेश-विभागीय आदेश में स्पष्ट तौर पर माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मुंशी, मौलवी को हाईस्कूल तथा आलिम के पाठ्यक्रम को इण्टर के बराबर दर्जा दिया गया है। 1995 के एक अन्य आदेश में कहीं भी सेकेण्ड्री या फिर सीनियर सेकेण्ड्री का जिक्र नहीं है । माध्यमिक शिक्षा का उक्त आदेश ही केंद्र अथवा राज्य सरकार के सभी विभागों, कालेजों और सभी राज्य या केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में उपलब्ध है।


पत्र में कहा गया है कि कार्मिक विभाग द्वारा सभी विभागों को सेवाओं के संबंध में प्रमाण-पत्र की समकक्षता के लिए मुंशी, मौलवी को हाईस्कूल और आलिम को इण्टर के समकक्ष मानने के आदेश जारी किये गये हैं। आदेश में उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षा या प्रमाण पत्र में सेकेण्ड्री या हायर सेकेण्ड्री का कोई उल्लेख नहीं है। केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की 30 जनवरी 2009 और केंद्रीय कार्मिक विभाग के 23 फरवरी 2010 में सीबीएसई/ आईसीएसई की सेकेण्ड्री, हायर सेकेण्ड्री की समकक्षता मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परीक्षा मुंशी, मौलवी तथा आलिम को ही दी गयी है।


अंक पत्र और प्रमाण पत्र में विरोधाभास 

उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा परीक्षाओं के नाम में बदलाव से परिषद द्वारा जारी वर्ष 2020 से पूर्व की परीक्षाओं के अंक पत्र और प्रमाण पत्र और वर्ष 2020 में जारी अंक पत्र व प्रमाण-पत्र में विरोधाभास की स्थिति पैदा हो गयी है। संगठन की ओर से इस बारे में शासन की ओर से स्पष्ट संशोधन आदेश जारी किये जाने की मांग की गयी है। ताकि मुंशी, मौलवी और आलिम की परीक्षाओं के अंक पत्र और प्रमाण पत्र, सेकेण्ड्री और हायर सेकेण्ड्री के समतुल्य हर विभाग या प्रतिष्ठान में मान्य किए जाएं।

यूपी : बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा को एक मंच पर लाने का सुझाव

यूपी :  बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा को एक मंच पर लाने का सुझाव

 
लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स ने प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा विभाग को एक मंच पर लाने का सुझाव दिया है। टास्क फोर्स ने स्नातक और स्नातकोत्तर में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने और एकेडमिक क्रेडिट बैंक की स्थापना का सुझाव दिया है।


बुधवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर आए सुझावों पर मंथन किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा को सहज, सरल, सर्वसुलभ एवं रोजगारपरक बनाने के लिए तैयार कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।


 उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम निर्धारण, प्रवेश प्रक्रिया तथा एकेडमिक क्रेडिट बैंक की स्थापना, कौशल विकास को उद्योगों से जोड़ने, संबद्धता की व्यवस्था समाप्त कर महाविद्यालयों को स्वायत्तता देने और नैक का मूल्यांकन पर सुझाव दिए। डॉ. निशी पांडेय ने बहुभाषोय विवि को स्थापना के लिए तैयार मसौदे का प्रस्तुताकरण दिया। बैठक में राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. गिरीशचंद्र त्रिपाठी, प्राविधिक एवं व्यवसायिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव एस. राधा चौहान, माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला उपस्थित थे।

बदलेगा परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने का तौर तरीका - स्कूल शिक्षा महानिदेशक

बदलेगा परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने का तौर तरीका - स्कूल शिक्षा महानिदेशक

 
लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में अब बच्चों को पढ़ाने के तौर-तरीके में बदलाव देखने को मिलेगा। बच्चों को पढ़ाने के लिए पारंपरिक तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों और हस्तपुस्तिकाओं का इस्तेमाल तो जारी रहेगा, लेकिन कक्षा एक से तीन तक के बच्चे भाषाई कौशल और गणितीय दक्षता सरलता और रुचिकर गतिविधियों के माध्यम से हासिल कर सकें, अब कक्षा शिक्षण में जोर इस पर होगा।


 इसके लिए स्कूलों और शिक्षकों को नई शिक्षण सामग्री भी मुहैया करायी जा रही है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि शिक्षण संग्रह में पढ़ाने की तकनीक में वृद्धि के लिए जरूरी गतिविधियों का इस्तेमाल बताया गया है।

Wednesday, October 28, 2020

फतेहपुर : कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री के माध्यम से "शिक्षण संबंधी परिणाम" की सम्प्राप्ति से सम्बन्धित ऑनलाइन प्रतियोगिता के सम्बन्ध में

फतेहपुर : कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री के माध्यम से "शिक्षण संबंधी परिणाम" की सम्प्राप्ति से सम्बन्धित ऑनलाइन प्रतियोगिता के सम्बन्ध में।