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Monday, November 23, 2020

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई




लखनऊ : केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रलय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। इच्छुक छात्र नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 के लिए तीन छात्रवृत्ति योजनाएं अल्पसंख्यक समुदायों के लिए संचालित की जा रही है। मैटिक-पूर्व, दशमोत्तर और मेरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति के अंतर्गत छात्र लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Wednesday, November 18, 2020

कामगारों के बेटे-बेटियों को पांच हजार तक मिलेगी छात्रवृत्ति, देखें विद्यार्थियों को किस स्तर पर कितना रुपया मिलेगा?

कामगारों के बेटे-बेटियों को पांच हजार तक मिलेगी छात्रवृत्ति, देखें विद्यार्थियों को किस स्तर पर कितना रुपया मिलेगा? 


प्रयागराज : कामगारों के बेटे-बेटियों के लिए अच्छा अवसर है। कामगारों के कक्षा एक से लेकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बेटे-बेटियों को सौ से पांच हजार रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके लिए श्रम विभाग में ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। लेकिन, छात्रवृत्ति उन्हीं छात्र-छात्रओं को मिलेगी, जिनकी कक्षा में उपस्थिति 70 फीसद होगी। 


संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा एक से इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बेटे-बेटियों को हर महीने सौ से पांच हजार रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। यह लाभ उनके दो बच्चों के लिए है। आवेदन करने पर पंजीयन संख्या, बैंक खाता नंबर, पिछली कक्षा उत्तीर्ण होने की मार्कशीट, अगली कक्षा में प्रवेश लेने का प्रमाण पत्र लगाना होगा।


किस कक्षा के विद्याíथयों को कितना वजीफा (रुपये में)

● एक से पांच तक- 100₹
● छह से आठ तक- 150₹
● नौंवी-दसवीं - 200₹
● 11 वीं-12 वीं- 250₹
◆ आइटीआई प्रशिक्षण पर- 500₹
◆ राजकीय संस्थान से पॉलीटेक्निक करने पर- 800₹
◆ स्नातक - 1000₹
◆ स्नातकोत्तर- 2000₹
★ राजकीय संस्थान से इंजीनियरिंग करने पर-3000₹
★ मेडिकल की पढ़ाई करने पर- 5000₹

Friday, November 13, 2020

CBSE Single Girl Child Scholarship: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू, विज्ञप्ति जारी

CBSE Single Girl Child Scholarship: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू, विज्ञप्ति जारी। 

 सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू, हर माह मिलेंगे 500 रूपये


CBSE Scholarship for Single Girl Child 2020: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है कैंडिडेट्स इसके लिए अब अप्लाई कर सकते हैं.


CBSE Scholarship for Single Girl Child 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड {CBSE-सीबीएसई} ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पात्र और इच्छुक कैंडिडेट्स इसके लिए अब आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए पात्र कैंडिडेट्स सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तारीख 10 दिसंबर, 2020 है.


कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म की हार्ड कॉपी (केवल नवीनीकरण) 28 दिसंबर 2020 को या उससे पहले जमा करनी है. सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020 के लिए केवल वे छात्राएं अप्लाई कर सकती है जो साल 2020 में सीबीएसई से एफिलिएटेड स्कूलों से कक्षा 10वीं की परीक्षा पास की है. उन छात्राओं को जिन्होनें सभी प्रकार की पात्रताओं को पूरा करते हैं उन्हें दो साल तक – कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं के दौरान, हर महीने 500 रूपये प्रदान किये जायेंगें.



सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020: स्कीम के प्रकार

कैंडिडेट्स छात्रवृति के लिए दो प्रकार की कैटेगरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं.  ये कैटेगरी निम्नलिखित दो प्रकार की है.


■ सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए: 12वीं कक्षा की स्टडी के लिए सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम.

■ 2019 में सिंगल गर्ल चाइल्ड 10वीं पास के लिए सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के तहत ऑनलाइन आवेदन का नवीनीकरण.


योग्यता: सभी सिंगल गर्ल चाइल्ड स्टूडेंट्स, जिन्होंने साल 2020 में कक्षा 10वीं की CBSE बोर्ड की परीक्षा में कम से कम 60 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों और जो अब CBSE बोर्ड से एफिलिएटेड स्कूलों में कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रही हो.  इसके साथ ही जिन छात्राओं की ट्यूशन फीस प्रति माह 1,500 से अधिक नहीं है, वे इस स्कॉलरशिप स्कीम के लिए योग्य हैं.


CBSE Scholarship का उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य उन माता-पिता के प्रयासों को पहचानना है जो लड़कियों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने और मेधावी स्टूडेंट्स को प्रोत्साहन करने केलिए सदैव प्रयास रत रहते हैं.


Sunday, November 8, 2020

अच्छी खबर : 35 लाख छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलने का रास्ता साफ।

अच्छी खबर : 35 लाख छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलने का रास्ता साफ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सरकारी छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि के वितरण पर लगी रोक हटा ली है। वित्त विभाग के विशेष सचिव ओम प्रकाश द्विवेदी ने इस बारे में आदेश जारी किया है। सरकार के इस कदम से लगभग 35 लाख छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा।


आदेश में चालू शैक्षिक सत्र के लिए इन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की सुविधा देने पर सहमति दे दी गयी है। लेकिन बीएड.व बीटीसी का पाठ्यक्रम चलाने वाले शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को फिलहाल यह सुविधा नहीं मिलेगी। कारणों की पड़ताल करने पर पता चला कि प्रदेश सरकार अभी राज्य के बीएड. और बीटीसी पाठ्यक्रम चलाने वाले शिक्षण संस्थानों की जांच करा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी यह जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद बीएड. व बीटीसी के छात्र-छात्राओं को भी यह सुविधा मिल सकेगी।


समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब एवं जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा देता है। दिव्यांगजन कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग छात्र-छात्राओं को यह सुविधा दी जाती है।

Friday, November 6, 2020

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की लापरवाही भुगतेंगे छात्र, केवाईसी अपडेट न कराने वाले संस्थानों के छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति।

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की लापरवाही भुगतेंगे छात्र, केवाईसी अपडेट न कराने वाले संस्थानों के छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति।

केवाईसी अपडेट न कराने वाले संस्थानों के छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति प्रदेश में 15 फीसद संस्थानों ने ही कराया है केवाईसी।

लखनऊ : अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति की गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार यहां पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को इस बार छात्रवृत्ति तब ही प्रदान करेगी, जब संस्थान नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अपना केवाईसी अपडेट करा लेंगे। केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए शिक्षण संस्थानों से केवाईसी अपडेट कराने को कहा है। अभी तक प्रदेश में केवल 15 फीसद संस्थानों ने ही इसे अपडेट कराया है। यही हाल रहा तो इस बार काफी संख्या में छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह जाएंगे। लापरवाही संस्थान कर रहे हैं और इसका परिणाम विद्यार्थी भुगतेंगे। अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को केंद्र सरकार की ओर से प्री व पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप दी जाती है। इस बार केंद्र सरकार ने यह शर्त लगा दी है कि पहले नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर संस्थानों को केवाईसी कराना होगा। 


केवाईसी कराए बगैर उसके यहां के छात्र-छात्राएं केंद्र सरकार के पोर्टल पर छात्रवृत्ति के आवेदन नहीं कर पाएंगे। 2.72 लाख अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान हैं और अभी तक 40 हजार ने ही केवाईसी कराया है। केंद्र सरकार ने केवाईसी की अंतिम तिथि पहले 31 अक्टूबर रखी थी, लेकिन बहुत सारे संस्थान केवाईसी कराने से रह गए हैं। इसलिए इसकी तिथि 30 नवंबर कर दी गई है। छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़कर 30 नवंबर हो गई है। केंद्र ने प्रदेश सरकार को अपने यहां अधिक से अधिक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों का केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं।


छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि 30 नवम्बर तक बढ़ी।

प्रयागराज :  यूपी बोर्ड से 2020 में बारहवीं की परीक्षा में विज्ञान वर्ग में 334 अंक, वाणिज्य वर्ग में 313 अंक एवं मानविकी में 304 अंक पाने वाले 11 हजार 460 छात्र-छात्राओं को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। मंत्रालय की ओर से कहा गया कि यह छात्रवृत्ति विज्ञान, वाणिज्य, मानविकी के छात्रों को क्रमशः 3:2:1 के अनुपात में दी जाएगी। छात्रवृत्ति के लिए 16 अगस्त से आवेदन प्रक्रिया चल रही है। मंत्रालय के निर्देश पर यूपी बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है।

Tuesday, November 3, 2020

हर साल मिलेंगे 80 हजार रुपये, केंद्र सरकार की इस स्कॉलरशिप के लिए करें आवेदन

हर साल मिलेंगे 80 हजार रुपये, केंद्र सरकार की इस स्कॉलरशिप के लिए करें आवेदन


केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से इंस्पायर योजना के तहत दी जाने वाली स्कालरशिप फॉर हायर एजुकेशन (शी) के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। यूपी बोर्ड की 2020 इंटरमीडिएट परीक्षा में विज्ञान वर्ग में 390 या अधिक अंकों के साथ पास होने वाले मेधावी सालाना 80 हजार रुपये की इस ड्रीम स्कालरशिप के लिए वेबसाइट www.online-inspire.gov.in पर 31 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

 
17 से 22 साल के छात्र-छात्राएं जिन्होंने 2020 में 12वीं पास की है और नैचुरल व बेसिक साइंस के नियमित पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है, वही आवेदन कर सकते हैं। 

गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान अथवा लाइफ साइंस-वनस्पति विज्ञान, जन्तु विज्ञान आदि में स्नातक अथवा इंटीग्रेटेड स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले ही आवेदन के लिए अर्ह है।

Sunday, November 1, 2020

30 नवंबर तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की बढ़ी तारीख

30 नवंबर तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी।

अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए भारत सरकार छात्रवृत्ति योजना 2020-21 में आवेदन की आखिरी तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही संस्थानों के लिए केवाईसी जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी गई है।


इस बार कोरोना संक्रमण के कारण तमाम विद्यालय बंद रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने छात्रवृत्ति आवेदन के लिए आखिरी तारीख बढ़ा दी है। छात्रवृत्ति के लिए इस बार विभाग को कक्षा एक से 10 तक के 10 हजार 540 छात्रों का लक्ष्य मिला है। जिसके सापेक्ष अब तक महज चार हजार 119 आवेदन आए हैं और संस्थाओं ने 1133 ही आवेदनों को अप्रूव किया है। ऐसे ही नवीनीकरण के 16 हजार 890 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक सात हजार 813 आवेदन आए हैं। पोस्ट मैट्रिक नए आवेदनों के 1757 लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 943 आवेदन आए हैं। नवीनीकरण के 1043 के सापेक्ष 353 आवेदन विभाग को प्राप्त हुए हैं। वहीं, मेरिट कम मीन्स के नए छात्रों के 211 के सापेक्ष 94 और नवीनीकरण के 131 के सापेक्ष 34 आवेदन विभाग को मिले हैं। केवाईसी के लिए अब तक छह हजार 769 संस्थानों में से महज 1769 ने आवेदन किया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी का कहना है कि संस्थाओं को छात्रों के आवेदन 15 दिसंबर तक अप्रूव करने हैं। जबकि छात्रों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 नवंबर निर्धारित की गई है।

Thursday, October 29, 2020

नहीं हो रही छात्रों की केवाईसी, अधर में छात्रों की छात्रवृति, पांच हजार शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण

नहीं हो रही छात्रों की केवाईसी, अधर में छात्रों की छात्रवृति, पांच हजार शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण।


बार-बार चेतावनी के बाद भी पांच हजार से अधिक शिक्षण संस्थानों ने नहीं कराया पंजीकरण।

प्रयागराज :  शिक्षण संस्थाओं की उपेक्षा से हजारों अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं के छात्रवृत्ति से वंचित होने का खतरा बन गया है। मंडलायुक्त और सीडीओ की बैठकों में लगातार चेतावनी के बावजूद पांच हजार से अधिक संस्थानों ने अभी तक केवाईसी ही अपडेट नहीं की है। जबकि, इसके लिए मात्र तीन दिन बचे हैं।


केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक विभाग की प्री-मेट्रिक, पोस्ट मैट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति के लिए छात्र-छात्राओं की केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य है। इसके विपरीत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर जिले के 6768 संस्थान रजिस्टर्ड हैं। इनमें से मात्र 1382 संस्थाओं ने ही केवाईसी अपडेट कराई है। इस तरह से 5387 शिक्षण संस्थानों ने केवाईसी अपडेट नहीं की है और इन स्कूल-कालेज के हजारों विद्यार्थियों के सामने छात्रवृत्ति के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए केवाईसी अपडेट करने की आखिरी तारीख 31 अक्तूबर है। इससे पहले ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने के साथ डाटा विकास भवन स्थित कार्यालय में भी जमा करना है।

Monday, October 26, 2020

राज्य स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा वर्ष 2020-21 के ऑनलाइन आवेदन के सम्बंध में सम्पूर्ण जानकारी ( कक्षा 10 में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए)

राज्य स्तरीय राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा वर्ष 2020-21 के ऑनलाइन आवेदन के सम्बंध में सम्पूर्ण जानकारी ( कक्षा 10 में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए)।

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के अंतर्गत छात्रवृत्ति को ऑनलाइन आवेदन आरंभ: 10 नवंबर तक किया जा सकता है आवेदन।


 
प्रयागराज : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 व राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए आवेदन शुरू हो गया है। ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर तक चलेगा। जबकि प्रदेश के समस्त जिलों में 13 दिसंबर को परीक्षा आयोजित होगी। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से 10वीं में पढ़ने वाले छात्र-छात्रएं आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते हुए एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थी को 30 रुपये तथा अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 रुपये शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।


आरक्षित श्रेणी में आने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के समय ही संबंधित प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आरक्षण का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जिनके प्रमाण पत्र में नॉनक्रीमीलेयर का उल्लेख होगा। निदेशक मनोविज्ञानशाला ऊषा चंद्रा ने बताया कि डाक या अन्य किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


वेबसाइट से मिलेगी जानकारी : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 व राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए समस्त जानकारी वेबसाइट  http://entdata.in/ पर उपलब्ध है। इसमें ऑनलाइन आवेदन करने व परीक्षा के संबंध में सभी जानकारी उपलब्ध है।

ऑनलाइन आवेदन का लिंक :  http://www.entdata.in

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 सम्बन्धी सम्पूर्ण जानकारी, आवेदन की आखिरी तारीख 10 नवम्बर 2020, (कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए)

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 सम्बन्धी सम्पूर्ण जानकारी, आवेदन की आखिरी तारीख 10 नवम्बर 2020, (कक्षा 8 में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए)।

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के अंतर्गत छात्रवृत्ति को ऑनलाइन आवेदन आरंभ,  10 नवंबर तक किया जा सकता है आवेदन।

 
प्रयागराज : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 व राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए आवेदन शुरू हो गया है। ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर तक चलेगा।


आरक्षित श्रेणी में आने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के समय ही संबंधित प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आरक्षण का लाभ उन्हें ही मिलेगा, जिनके प्रमाण पत्र में नॉनक्रीमीलेयर का उल्लेख होगा। वहीं, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 में वे अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिन्होंने शैक्षिक सत्र 2019-20 कम से कम 55 प्रतिशत अंक के साथ कक्षा सात की परीक्षा पास की है। इसमें एससी, एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क देय नहीं होगा। निदेशक मनोविज्ञानशाला ऊषा चंद्रा ने बताया कि डाक या अन्य किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


वेबसाइट से मिलेगी जानकारी : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 व राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए समस्त जानकारी वेबसाइट  http://entdata.in/ पर उपलब्ध है। इसमें ऑनलाइन आवेदन करने व परीक्षा के संबंध में सभी जानकारी उपलब्ध है।





 

ऑनलाइन आवेदन का लिंक :  http://www.entdata.in


Sunday, October 25, 2020

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के पहले चरण की परीक्षा 13 दिसंबर को, आवेदन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से परीक्षा

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के लिए पहली बार ऑनलाइन आवेदन

पहली बार ऑनलाइन आवेदन, 13 दिसंबर को प्रदेश के हर जिले में होगी पहले चरण की परीक्षा 

राष्ट्रीय प्रतिभा खोज के पहले चरण की परीक्षा 13 दिसंबर को, आवेदन प्रक्रिया 26 अक्टूबर से

 
राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 एवं राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए आवेदन प्रक्रिया 26 अक्तूबर से शुरू होगी। मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश की निदेशक उषा चंद्रा के अनुसार राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनसीटीई) के लिए पहली बार ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा। परीक्षा 13 दिसंबर 2020 को होगी। परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में केंद्र बनाया जाएगा।

बच्चे एवं अभिभावक परीक्षा एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राज्य स्तर पर एनसीईआरटी की ओर से परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को दी जाती है। इस परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी बनाया जाता है।


दसवीं के छात्र कर सकेंगे आवेदन
एनटीएसई में राज्य एवं केंद्रीय शिक्षा बोर्ड में पढ़ने वाले दसवीं के छात्र शामिल हो सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले छात्र 13 जून 2021 को होने वाली सेकेंड स्टेज की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। 

हर राज्य का अलग-अलग कोटा होता है। छात्रवृत्ति के लिए चयनित छात्रों को 11वीं एवं 12वीं में 1250 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। स्नातक एवं पीजी में दो हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी।

200 अंक की होगी परीक्षा
एनटीएसई स्टेज-1 और स्टेज-2 में 200-200 अंकों की परीक्षा होगी। पहले प्रश्नपत्र में मेंटल एबिलिटी टेस्ट 100 अंकों, जबकि दूसरा प्रश्नपत्र में स्कूलिस्टिक एप्टीट्यूड से जुड़े 100 अंक के सवाल पूछे जाएंगे।


प्रयागराज। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज राज्य स्तरीय परीक्षा 2020-21 एवं राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2021-22 के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन लिया जाएगा। प्रक्रिया 26 अक्तूबर से शुरू परीक्षा 13 दिसंबर 2020 को होगी। मनोविज्ञानशाला उत्तर प्रदेश होगी। परीक्षा के लिए प्रदेश के की निदेशक उषा चंद्रा के अनुसार सभी जिलों में केंद्र बनाया जाएगा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा बच्चे एवं अभिभावक परीक्षावके लिए पहली बार एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट www.entdata.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राज्य स्तर पर एसीईआरटी की ओर से परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को दी जाती है। इस परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी बनाया जाता है।



Thursday, October 22, 2020

छात्रवृत्ति नवीनीकरण में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त

छात्रवृत्ति नवीनीकरण में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त

 
केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों को नवीनीकरण आवेदन में 50 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे काफी छात्रों को राहत होगी। नया आदेश आने के बाद विभाग की ओर से सभी संस्थानों को नए सिरे से आवेदन के निर्देश दिए गए हैं।



राष्ट्रीय स्कॉलरशिप के लिए अब तक नवीनीकरण के मामले में छात्र-छात्राओं के लिए 50 फीसदी अंक की बाध्यता की गई थी। 50 फीसदी से कम अंक होने पर छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होते थे। निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से जारी पत्र में वर्ष 2020-21 के लिए इस नियम को शिथिल किया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने नए नियम के तहत सभी को आवेदन करना है। इसके लिए संस्थाओं को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही अब तक केवाईसी के लिए पांच हजार संस्थानों ने आवेदन नहीं किया है। इसमें चार हजार शिक्षण संस्थान प्राथमिक व एक हजार माध्यमिक शिक्षा के संस्थान हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि केवाईसी भरने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर तक निर्धारित है। इसके बाद संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Monday, October 19, 2020

आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में किए गए तीन बड़े बदलाव

आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में किए गए तीन बड़े बदलाव।

लखनऊ : आधार वेरिफिकेशन के लिए छात्रवृत्ति के सॉफ्टवेयर में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। ये मूल नाम नाम से पहले कुमारी या श्रीमती और विवाह के बाद लड़कियों के सरनेम में परिवर्तन से संबंधित हैं। इस साल से आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिए जाने से ये बातें बड़ी समस्या बनकर उभरी थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।


प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को ढाई लाख रुपये तक सालाना और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये तक सालाना आय होने पर छात्रवृति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ देती है। यह सुविधा पूरी तरह से ऑनलाइन है। इस साल से भुगतान के लिए आधार सीडिंग अनिवार्य कर दी गई है। यानी, विद्यार्थी का हाईस्कूल का रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दी गई सूचना मैच करने पर ही उसके डाटा को ओके किया जाएगा। देखने में आया कि हाईस्कूल की मार्कशीट में छात्र या छात्रा के नाम से पहले कुमार या कुमारी है, लेकिन आधार कार्ड में मूल नाम से पहले इनका इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसी तरह से हाईस्कूल की मार्कशीट में बालिकाओं के मूल नाम के आगे सरनेम कुछ और है, जबकि शादी हो जाने के कारण अब सरनेम बदल गया है। एनआईसी सी के सॉफ्टवेयर ने इस तरह के आवेदकों के डाटा को बड़े पैमाने पर खारिज करना प्रारंभ कर दिया। यह समस्या शासन की जानकारी में लाई गई, तो निर्णय लिया गया कि मूल नाम से पहले कुमार या कुमारी के आधार पर कोई भी डाटा खारिज नहीं किया जाएगा। इसी तरह से छात्राओं को पोर्टल पर शादी के बाद परिवर्तित हुआ सरनेम भी देने का ऑप्शन दिया गया है। अलबता, मूल नाम में वर्तनी का मामूली अंतर भी तभी स्वीकार होगा, जब उसे जिलास्तरीय अधिकारी वेरीफाई करेंगे।


समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुविधाओं को देखते हुए सॉफ्टवेयर में ये जरूरी बदलाव कर दिए गए हैं। हर साल करीब 60 से 70 लाख विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करते हैं।

Wednesday, October 14, 2020

ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी

ढाई लाख शैक्षिक संस्थानों की केवाईसी अपडेट नहीं, छात्रों की स्कॉलरशिप लटकी।

लखनऊ : भारत सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय अल्पसंख्यक विभाग की ओर से अल्पसंख्यक छात्रों (मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एवं पारसी) को छात्रवृत्ति दी जाती है। छात्रवृत्ति पाने के लिए शैक्षिक संस्थानों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर केवाईसी अपडेट करनी होती है, लेकिन इस बार लखनऊ शहर के 4659 शैक्षिक संस्थानों में 4316 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। इसका सीधा खामियाजा शहर के हजारों अल्पसंख्यक बच्चों को को भुगतना पड़ेगा। अगर जल्द ही शैक्षिक संस्थानों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो बच्चे छात्रवृत्ति पाने से वंचित होना रह जाएंगे।




नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर राजधानी सहित प्रदेश कई जिलों के शैक्षिक संस्थानों के पंजीकरण व केवाईसी सत्यापन की स्पीड बहुत धीमी है। अधिकांश संस्थाओं ने पंजीकरण व केवाईसी के सत्यापन के लिए आवेदन ही नहीं जमा किए हैं। केवाईसी सत्यापन न होने से इन संस्थाओ में ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं के आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।  इस योजना के तहत गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति का दो गुना रकम मिलती है।

वर्ष 2020-21 के सत्र के लिए भारत सरकार ने सभी शैक्षिक संस्थानों को अल्पसंख्यक विभाग से केवाईसी अपडेट कराने के निर्देश दिए थे। जिले के परिषदीय, राजकीय सहायता व मान्यता प्राप्त और मदरसों को मिलाकर प्रदेशभर में 2,70,723 शैक्षिक संस्थान हैं, जिसमें करीब 2,52,485 ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है। पोर्टल पर शैक्षिक संस्थाओं के पंजीकरण व उनके केवाईसी सत्यापन चल रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के निदेशक सी इंदुमती ने कहा कि जिन शैक्षिक संस्थानों ने केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके नाम की सूची जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही केवाईसी अपडेट न होने पर उन शैक्षिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


जिन शैक्षिक संस्थानों ने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं की है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। समय रहते सभी औपचारिक्ताएं पूरी करा ली जाएंगी, ताकि बच्चों को छात्रवृत्ति मिल सके। - बालेंदु कुमार द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

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Saturday, October 10, 2020

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी सत्यापित न होने से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में लगा अड़ंगा

अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी सत्यापित न होने से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में लगा अड़ंगा

 
केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद से राज्य के अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलने वाली फीस भरपाई और छात्रवृत्ति की सरकारी मदद मिलने में इस बार 'केवाईसी' में ढिलाई बड़ी बाधा बन रही है।


राज्य में कुल 2.70 लाख अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाएं हैं और अभी तक इनमें से महज 18, 238 संस्थाओं ने ही केवाईसी के लिए आवेदन किया है और इनमें से भी 16971 संस्थाओं की केवाईसी पूरी हो पाई है। 2 लाख 52 हजार 485 शिक्षण संस्थाओं की केवाईसी पूरी होनी अभी बाकी है और इसकी आखिरी तारीख 10 अक्तूबर है। 


प्रदेश की अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक सी. इन्दुमती ने पिछले दिनों इस बारे में सभी मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय अल्पंसख्यक कल्याण मंत्रालय की ओर से मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एवं पारसी समुदाय के छात्र-छात्राओं को प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और मैरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति योजनाएं नेशनल स्कालरशिप पोर्टल (एनएसपी) के जरिये संचालित की जा रही हैं।

Wednesday, October 7, 2020

KVPY स्कालरशिप - 2020 : किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में आवेदन हेतु विज्ञप्ति जारी

KVPY शिक्षावृत्ति-2020: किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में आवेदन हेतु विज्ञप्ति जारी 



Monday, October 5, 2020

यूपी बोर्ड : कक्षा 9-10 के लिए ओबीसी छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी

UP Board :  कक्षा 9-10 के लिए ओबीसी छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की समय-सारणी जारी।

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020-21 में कक्षा 9-10 के ओबीसी छात्र छात्राओं से आनलाइन आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक के लिए समय-सारिणी जारी कर दी है। छात्रों से 12 अक्टूबर, 2020 तक आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। छात्रवृत्ति का वितरण अन्तिम रूप से 05 जनवरी, 2021 तक कराया जाना निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में  छात्रवृत्ति योजना के तहत  कक्षा 9-10 के 08 लाख 33 हजार 622 अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। 


छात्र को छात्रवृत्ति प्रबन्धन प्रणाली की वेबसाइट पर तय समय में आनलाइन आवेदन कर सकते है। इस योजना के अन्तर्गत  150 रुपये  प्रति माह, अधिकतम् 10 माह  के लिए  एवं वार्षिक तदर्थ अनुदान 750 रुपये  एकमुश्त, अधिकतम 2250 रुपये  वार्षिक दिया जाता है। यह योजना केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा 50-50 प्रतिशत वित्त पोषित है। योजना फण्ड लिमिटेड होने के कारण विगत वर्षो की देनदारियां देय नहीं होती हैं। छात्र द्वारा भरे गये आनलाइन आवेदन के परीक्षणोपरान्त संदेहास्पद होने की स्थिति में छात्र को संदेहास्पद बिन्दु पर निराकरण निर्धारित समयान्तर्गत आनलाइन करते हुए वांछित अभिलेख समय से शिक्षण संस्थान में जमा करना होता है।

Saturday, October 3, 2020

छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए योगी सरकार ने बनाई जांच कमेटी, शिक्षण संस्थाओं पर होगी खास नजर

छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए योगी सरकार ने बनाई जांच कमेटी, शिक्षण संस्थाओं पर होगी खास नजर।


प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति बीएड, बीटीसी, इंजीनियरिंग,मैनेजमेंट, आईटीआई, के पाठ्यक्रम संचालित करने वाली शिक्षण संस्थाओं का पूरा ब्योरा खंगालेगी। यह जांच कमेटी सरकारी अनुदानित के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच करेगी।

 पिछले दिनों वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षण संस्थाओं द्वारा करोड़ों रुपये की फीस भरपाई व छात्रवृत्ति की धनराशि छात्र-छात्राओं के फर्जी ब्यौरे व दस्तावेजों के जरिये हासिल करने के मामलों पर गम्भीर चिन्ता जताई थी। समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने हाल ही में सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है।

इस पत्र में वर्ष 2016-17 में प्रख्यापित दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना निमयावली के नियम 14 (दो) का हवाला देते हुए कहा गया है कि नियम विरुद्ध छात्रवृत्ति लेना आपराधिक  कृत्य है। ऐसे सैकड़ों मामलों की जांच मथुरा व सहारनपुर के शिक्षण संस्थानों के खिलाफ पहले से की जा रही है। ये मामले इतने गम्भीर हैं कि अब इनकी विस्तृत जांच के लिए एसआईटी का सहारा लेने पर भी विचार किया जा रहा है।

फर्जीवाड़े की जांच में कुछ पाठ्यक्रमों पर खास नजर, निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार होगी औचक जांच।

छात्रवृत्ति योजना : तीन सदस्यीय समिति शिक्षण संस्थाओं का ब्योरा खंगालेगी निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच होगी

राज्य मुख्यालय : प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में फर्जीवाड़े की जांच के लिए शासन स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति बीएड, बीटीसी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आईटीआई, के पाठ्यक्रम संचालित करने वाली शिक्षण संस्थाओं का पूरा ब्यौरा खंगालेगी। यह जांच कमेटी सरकारी अनुदानित के साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों की मण्डलवार औचक जांच करेगी।


पिछले दिनों वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षण संस्थाओं द्वारा करोड़ों रुपये की फीस भरपाई व छात्रवृत्ति की धनराशि छात्र-छात्राओं के फर्जी ब्यौरे दस्तावेजों के जरिये हासिल करने के मामलों पर गम्भीर चिन्ता जताई थी। समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने हाल ही में सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि नियम विरुद्ध छात्रवृत्ति लेना आपराधिक कृत्य है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग : विज्ञान-गणित की पढ़ाई के लिए मिलेगी छात्रवृत्ति, यहां करें आवेदन

विज्ञान-गणित की पढ़ाई के लिए मिलेगी छात्रवृत्ति, यहां करें आवेदन

 
माध्यमिक शिक्षा विभाग अब स्नातक और परास्नातक में विज्ञान और गणित विषय की पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगा। आवेदन करने वाले छात्र-छात्रओं के लिए आवश्यक है कि इंटर में कम से कम उनके नंबर 390 अथवा 78 फीसद हो। संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से मंडल के सभी जनपदों के डीआइओएस और विद्यालयों को यह पत्र भेज दिया गया है। आवेदन के लिए वेबसाइट खुल गई है।



’>>माध्यमिक शिक्षा विभाग अब स्नातक और परास्नातक में इस विषय को चुनने पर देगा छात्रवृत्ति

’>>इंटर में कम से कम 78 फीसद अंक पाने वाले छात्र कर सकेंगे आवेदन

इन विषयों से करना होगा स्नातक और परास्नातक

’>>गणित

’>>भौतिक विज्ञान

’>>रसायन विज्ञान

’>>वनस्पति विज्ञान

’>>जन्तु विज्ञान

यहां करें आवेदन

इंस्पायर योजना के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली ने दो वेबसाइट जारी की है। विद्यार्थी संस्था की वेबसाइट http://online-inspire.gov.in/ अथवा http://www.inspire-dst.gov.in/ पर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज की जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट 4स्रे2स्र.ी4ि.्रल्ल पर अपना अनुक्रमांक डालकर डाउनलोड कर सकते हैं।

यह योजना विज्ञान अथवा गणित से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए है। इसके लिए जरूरी है कि उनके इंटर में कम से कम 78 फीसद अंक हों। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली द्वारा इंस्पायर योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र-छात्रएं इसके लिए सीधे वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे।

डॉ. दिनेश कुमार, मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी

Thursday, October 1, 2020

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज


 लखनऊ : निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की अनियमितताएं सामने आने पर शासन ने अब प्रदेश में संचालित निजी और एडेड बीएड व बीटीसी कालेजों में भी इसकी जांच कराने का निर्णय किया है। शासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।



वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्देश दिया है कि निजी व एडेड बीएड और बीटीसी कॉलेजों में विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्रओं को दी जा रही छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों को ही मिल रहा है या नहीं, इसकी सघनता से जांच करायी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक टीम बनाकर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के साथ इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कॉलेजों की जांच की जाए।

बुधवार को विधान भवन में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तहत छात्रवृत्ति योजना को लेकर वह बैठक कर रहे थे।

वित्त मंत्री ने ली बैठक, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित