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Sunday, February 28, 2021

बदलाव:- अब आधार से लिंक बैंक खाते में ही भेजी जाएगी छात्रवृत्ति


लखनऊ : प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति में घपले व घोटाले रोकने के लिए अगले सत्र से अहम बदलाव करने जा रही है। छात्रों को अब आवेदन के समय बैंक खाते का विवरण नहीं देना होगा। आधार से लिंक बैंक खाते में ही छात्रवृत्ति भेजी जाएगी। यदि किसी छात्र के एक से अधिक बैंक खाते आधार से जुड़े हैं तो सबसे अंत में जुड़े बैंक खाते में छात्रवृत्ति भेजी जाएगी। छात्रवृत्ति के आवेदन से लेकर कक्षाओं में बायोमीट्रिक उपस्थिति तक सब कुछ आधार के जरिये दर्ज की जाएगी। प्रदेश में करीब 57 लाख से अधिक छात्रों को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति देते हैं। योगी सरकार छात्रवृत्ति में होने वाले घोटालों पर पूरी तरह नियंत्रण लगाने के लिए नए शैक्षिक सत्र से कई बदलाव करने जा रही है। छात्रवृत्ति के आवेदन के लिए अब आधार नंबर अनिवार्य किया गया है छात्रवृत्ति की वेबसाइट को आधार की वैबसाइट से जोड़ा जाएगा। यानी छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए जैसे ही आधार नंबर भरेंगे, स्वतः ही आधार की वेबसाइट से उस नंबर की प्रमाणिकता की जांच हो जाएगी। आधार नंबर प्रमाणिक होने पर ही छात्र आवेदन पत्र भर सकेंगे।

वर्तमान में छात्रवृत्ति के आवेदन में छात्रों को बैंक खाता संख्या, शाखा का नाम व आइएफएस कोड आदि विवरण भरना होता है। इस कारण कई बार कॉलेज प्रबंधन छात्रवृत्ति में खेल कर जाते थे। सारा विवरण छात्र-छात्राओं का और एकाउंट नंबर मिलते-जुलते नाम वाले किसी दूसरे का दे देते थे।



UP Board Scholarship : 10वीं क्लास से ऊपर की कक्षाओं के एससी छात्र-छात्राओं को दो किस्तों में मिलेगी छात्रवृत्ति

UP Board Scholarship : 10वीं क्लास से ऊपर की कक्षाओं के एससी छात्र-छात्राओं को दो किस्तों में मिलेगी छात्रवृत्ति

प्रदेश में कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं और अन्य व्यासायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को अब छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि दो किस्तों में मिलेगी। 

यह नयी व्यवस्था अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई वितरण पर आने वाले व्यय भार का केन्द्र और राज्य सरकार के बीच 40 और 60 प्रतिशत के अनुपात में हुए बंटवारे की वजह से लागू की जा रही है। इस छात्रवृत्ति योजना पर आने वाले कुल व्ययभार का 40 प्रतशित राज्यांश प्रदेश सरकार देगी और 60 प्रतिशत केन्द्रांश केन्द्र सरकार। समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने यह जानकारी दी है। 


उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं और एमबीए, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, मेडिकल आदि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे ऐसे गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राएं जिन्होंने छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के लिए आवेदन किया हुआ है,जिला स्तरीय कमेटी से उनके आवेदन के सभी ब्यौरे का सत्यापन के बाद प्रत्येक छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की जो कुल राशि होगी उसका 40 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश के समाज कल्याण विभाग की ओर से उनके बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। 

इसके बाद इस सारे ब्योरे को एनआईसी एपीआई के जरिये आनलाइन केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। केन्द्र सरकार इस ब्योरे के आधार पर जो राशि हस्तांतरित करेगी उसे फिर इन छात्र-छात्राओं के खातों में भेजा जाएगा। यह व्यवस्था सिर्फ इस साल लागू रहेगी, अगले साल से केन्द्र सरकार द्वारा खुद इन छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में अपने 60 प्रतिशत केन्द्रांश की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि भेज दी जाया करेगी। चालू शैक्षिक सत्र में ऐसे कुल 9 लाख 82 हजार 56 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है जिनमें से अब तक 3.5 लाख छात्र-छात्राओं के ब्यौरे का जिला कमेटी से सत्यापन हो चुका है।

Saturday, February 27, 2021

बी.एड- 2021 के छात्र-छात्राओं को मिलेगा छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ

बी.एड- 2021 के छात्र-छात्राओं को मिलेगा छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ

प्रदेश में बी.एड. के अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग, अल्पसंख्यक तथा पिछड़ा वर्ग के गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ दिये जाने के आदेश जारी हो गये हैं। बीएड और बीटीसी के छात्र-छात्राओं को पूर्व में दी गई छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि के मामलों की जांच के चलते बीएड की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि के वितरण पर रोक लगी हुई थी जबकि बीटीसी का सत्र कोरोना संकट की वजह से इस बार शून्य घोषित कर दिया गया है। गुरुवार को इस बार में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव बी.एल.मीणा की ओर से एक आदेश जारी किया गया।


इस आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग के 5 नवम्बर 2020 के शासनादेश के जरिये बीएड / बीटीसी की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई भुगतान के सम्बंध में लगी रोक हटाए जाने के सम्बंध में निर्णय लिया गया है। इस शासनादेश में आगे कहा गया है कि एसोसिएशन आफ माइनारिटीज इंस्टीट्यूटशन प्रयागराज बनाम उ.प्र.राज्य व अन्य के मामले में हाईकोर्ट के 15 दिसम्बर 2020 को पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में बीएड और बीटीसी व अन्य सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के मामलों की जांच जारी रहेगी।

इस जांच के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा जिलों के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच समिति, बीटीसी शिक्षण संस्थानों की मान्यता संबंधी जांच के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा गठित समिति जांच करती रहेगी। इसी तरह बीएड व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की मान्यता से संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए उच्च शिक्षा की जांच कमेटी द्वारा वर्तमान और आगामी वर्षों में की जाने वाली जांच जारी रहेगी।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा यह जांच आठ बिन्दुओं पर की जाएगी। बताते चलें कि पिछले शैक्षिक सत्र 2019-20 में समाज कल्याण विभाग द्वारा बीएड के 1 लाख 123 और सामान्य वर्ग के गरीब 15 हजार 875 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ दिया गया था जबकि पिछड़ा वर्ग के करीब 80 हजार बीएड छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए थे।

Wednesday, February 17, 2021

बीएड, बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की होगी जांच

बीएड, बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की होगी जांच


लखनऊ : प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति में होने वाले घपले को देखते हुए बीएड व बीटीसी सहित सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की जांच कराने जा रही है। इसके लिए सरकार ने सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। जांच समिति को पांच मार्च तक अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण निदेशालय को देनी होगी। वहीं, समाज कल्याण निदेशालय को 10 मार्च तक सरकार को रिपोर्ट देनी है।


छात्रवृत्ति में होने वाले घपलों पर अंकुश लगाने के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय बैठक में जिला स्तर पर जांच समिति गठित करने का फैसला हुआ। इसी के तहत समाज कल्याण विभाग ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी।

इसमें संबंधित उप जिलाधिकारी व समाज कल्याण अधिकारी/जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। इस समिति को कॉलेजों व संस्थानों में आठ ¨बदुओं पर अपनी जांच रिपोर्ट देनी है।

इसमें पहले ¨बदु के तहत सॉफ्टवेयर के जरिये समान नाम, समान पिता का नाम और समान जन्मतिथि वाले मामलों की जांच करते हुए छात्रवृत्ति की धनराशि का दुरुपयोग रोकने और दूसरे जांच ¨बदु में दूसरे प्रदेशों के हाईस्कूल बोर्ड से पास छात्रों को अत्यधिक संख्या में प्रवेश कराके उनकी छात्रवृत्ति का दुरुपयोग रोकना है। तीसरे जांच ¨बदु में आवेदन पत्र में यूपी बोर्ड को चयनित करने के स्थान पर यूपी बोर्ड के हाईस्कूल रोल नंबर/अंक पत्र को कई बार प्रयोग करते हुए फार्म भरवाने के मामले और चौथे ¨बदु में स्वीकृत सीटों से अधिक संख्या में प्रवेश दिलाने व छात्रवृत्ति की धनराशि का गबन करने की जांच होगी।

पांचवें ¨बदु में पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष की परीक्षा में न बैठने तथा द्वितीय वर्ष में काफी संख्या में पढ़ाई छोड़ देने के मामले होंगे, जबकि छठे ¨बदु में संस्थानों में पाठ्यक्रम की मान्यता व स्वीकृत सीटों की संख्या आदि की जांच करनी है। सातवें ¨बदु में एनआइसी के समक्ष पोर्टल पर बैक एंड डाटा का भी सत्यापन किया जाएगा। फर्जी व संदिग्ध डाटा की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित दूसरी समिति करेगी। आठवें ¨बदु के तहत जांच समिति छात्रों की पात्रता के साथ माता-पिता की वास्तविक आय की भी जांच करेगी।

Tuesday, February 2, 2021

शासन का फैसला : स्पॉट सीट पर दाखिला लेने वाले सामान्य छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक मिलता रहेगा योजना का लाभ

शासन का फैसला : स्पॉट सीट पर दाखिला लेने वाले सामान्य छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक मिलता रहेगा योजना का लाभ


लखनऊ : निजी विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मैनेजमेंट कोटा या स्पॉट सीट पर प्रवेश लेने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को न तो शुल्क की भरपाई होगी और न ही उन्हें छात्रवृत्ति मिलेगी। यह प्रावधान इस सत्र से लागू किया गया है। हालांकि, पुराने छात्रों को पाठ्यक्रम पूरा होने तक योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस संबंध में शासन ने एनआईसी को निर्देश जारी कर दिए हैं। 



शासन ने वर्ष 2019 में इस संबंध में जारी नियमावली में कहा था कि यह प्रावधान सत्र 2020- 21 से लागू होगा। इसके तहत निजी विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान में 'मैनेजमेंट कोटा या 'स्पॉट एडमिशन' सीट पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को शुल्क भरपाई नहीं की जाएगी। निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय या राज्यस्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिला लेने का प्रावधान है। इन प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से काउंसिलिंग के बिना सीधे प्रवेश (स्पॉट एडमिशन) लेने वाले छात्र मैनेजमेंट कोटे के अंतर्गत आएंगे।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए यह व्यवस्था वर्ष 2018 19 से ही लागू है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए यह योजना चालू सत्र से लागू की गई है। सत्र 2020-21 में किसी भी पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वालों पर यह नियम लागू होगा उस पाठ्यक्रम में पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों को इस सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।

Wednesday, January 20, 2021

नैक ग्रेडिंग नहीं तो शुल्क प्रतिपूर्ति और वजीफा नहीं, निजी विश्वविद्यालयों में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगा यह नियम

नैक ग्रेडिंग नहीं तो शुल्क प्रतिपूर्ति और वजीफा नहीं, निजी विश्वविद्यालयों में पहले वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों पर लागू होगा यह नियम

जौहर विश्वविद्यालय समेत आधे से ज्यादा निजी विवि होंगे प्रभावित

लखनऊ : नैक या एनबीए से अभी तक ग्रेडिंग हासिल न कर पाने वाले निजी विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के लिए मायूस करने वाली खबर है। वर्ष 2020- 21 में किसी भी पाठ्यक्रम में दाखिला ले चुके या उसके बाद दाखिला लेने वाले उनके छात्रों के लिए न तो वजीफा मिलेगा और न ही शुल्क की भरपाई होगी। इस दायरे में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी समेत आधे से ज्यादा निजी विश्वविद्यालय आएंगे। इस बाबत एनआईसी के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जा रहे हैं।


उत्तर प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय हैं। इसमें जीएलए यूनिवर्सिटी मथुरा, एमिटी मथुरा, सुभारती यूनिवर्सिटी मेरठ, तीर्थाकर यूनिवर्सिटी मुरादाबाद, आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद और शोभित विश्वविद्यालय मेरठ के पास नैक (नेशनल असिस्मेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल) की ग्रेडिंग है। इन्हें 'ए' या 'बी' ग्रेडिंग प्राप्त है।  इसके अलावा आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ, वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी अमरोहा, मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड़ और जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर ने अभी तक नैक की ग्रेडिंग नहीं ली है।

शेष 17 निजी विश्वविद्यालयों ने समाज कल्याण निदेशालय के मांगने पर भी यह सूचना नहीं दी है। विश्वविद्यालयों के लिए ग्रेडिंग नैक ही देती है। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली के अनुसार, नैक से 'बी' या उससे उच्च ग्रेडिंग पाने वाले विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ही योजना का लाभ पाने के हकदार हैं। प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि इस साल उन विश्वविद्यालयों के सभी पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों (फ्रेश छात्र) को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिन्हें नैक की ग्रेडिंग हासिल नहीं है। यानी, वर्ष 2020- 21 य उसके बाद किसी भी पाठ्यक्रम में नया दाखिला लेने वाले छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

एनबीए से ग्रेडिंग न पाने वाले तकनीकी संस्थान भी होंगे बाहर

इसी तरह से उन तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिन्होंने नियमानुसार एनबीए से ग्रेडिंग हासिल नहीं की है। इसे भी वर्ष 2020-21 से ही लागू किया जाएगा। यानी, पहले से पढ़ रहे छात्रों की छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई की सुविधा बंद नहीं होगी। एनबीए की ग्रेडिंग उन पाठ्यक्रमों के लिए जरूरी होती है, जिनकी मान्यता एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन) देती है।

Monday, January 18, 2021

छात्रवृत्ति को लेकर सरकार का नया आदेश, एक बार फिर होगा सत्यापन

छात्रवृत्ति को लेकर सरकार का नया आदेश, एक बार फिर होगा सत्यापन 


अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से प्राथमिक से लेकर उच्चतर शिक्षा तक छात्रवृत्ति के लिए भेजे गए डेटा को भारत सरकार ने वापस कर दिया है। सरकार ने सभी आंकड़ों का एक बार फिर सत्यापन करने का निर्देश दिया है। 


कई जिलों में अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में खामियों की शिकायत की गई थी। इसी को आधार बनाते हुए केंद्र सरकार ने सभी प्रदेशों के सभी जिलों में एक बार फिर सत्यापन का निर्देश दिया है। इस क्रम में जिन संस्थाओं की केवाईसी अप्रूव की गई है उनके नोडल अधिकारी का सत्यापन कराया जाएगा। बिना छात्रावास वाले संस्थाओं ने अगर छात्रावास के लिए भी आवेदन किया है तो उसका आवेदन निरस्त करते हुए नियमानुसार कार्रवाई के लिए भी कहा गया है।


मदरसा मान्यता में उल्लेख है कि छात्रों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। अगर शुल्क लिया जा रहा है तो यह गलत है। इसे निरस्त किया जाए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रयागराज में ऐसी शिकायत नहीं आई है। फिर भी केंद्र सरकार ने एक बार फिर डेटा का सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इसे पूरा कर पांच फरवरी तक भेजना होगा। 

Friday, January 15, 2021

UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति

UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति 

यूपी के समाज कल्याण विभाग की ओर से कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब व जरूरतमंद आवेदक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि मिलने का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। विभाग ने 26 जनवरी से इन छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने की तैयारी कर ली है।


विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने बताया कि 5 नवम्बर तक जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन किये थे और इनमें से जांच के बाद जिनके आवेदन सही पाए गए उनके बैंक खातों में 26 जनवरी से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 
वैसे इसकी औपचारिक शुरुआत 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित अवध शिल्पग्राम में होने वाले यूपी दिवस के उद्घाटन के अवसर पर प्रतीक स्वरूप तीन छात्र-छात्राओं को छात्रवृ़त्ति व फीस भरपाई के चेक प्रदान करके करेंगे।

 मुख्यमंत्री आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जरूरतमंद गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने की योजना की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में इस पूरी योजना की कार्ययोजना पेश की जाएगी जिसके लिए शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग मिलकर तैयारी कर रहे हैं।

Thursday, January 14, 2021

प्रयागराज : नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन के सम्बन्ध में

प्रयागराज : नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन के सम्बन्ध में








 

21 जनवरी 2021 तक करें पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए आवेदन

21 जनवरी 2021 तक करें पूर्वदशम छात्रवृत्ति के लिए आवेदन

लखनऊ :  राज्य सरकार ने पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना में 9वीं-10वीं कक्षाओं से संबंधित पाठ्यक्रमों का मास्टर डाटाबेस तैयार करने, सत्यापन व लाक करने और छात्रों को छात्रवृत्ति आवदेन से संबंधित विवरण के लिए संशोधित समय सारिणी जारी की है। समाज कल्याण विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जारी निर्देश के अनुसार छात्र एवं छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने के लिए 21 जनवरी तक का समय दिया गया है। 27 जनवरी तक विद्यालयों में हार्ड कॉपी जमा कर सकते हैं।

Wednesday, January 6, 2021

छात्रवृत्ति के लिए मेधावियों का आवेदन अब पांच फरवरी 2021 तक

छात्रवृत्ति के लिए मेधावियों का आवेदन अब पांच फरवरी 2021 तक

प्रयागराज : इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 उम्दा अंकों से उत्तीर्ण करने वाले मेधावी अब छात्रवृत्ति पाने के लिए पांच फरवरी तक आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बशर्ते, उनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये अधिक न हो। इसके लिए उनका उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना जरूरी होगा। 


यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय बोर्ड की इंटर परीक्षा 2020 विज्ञान वर्ग में 334, वाणिज्य वर्ग में 313 व मानविकी वर्ग में 304 अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दे रहा है।

Saturday, January 2, 2021

समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीबों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में यूपी बोर्ड के छात्रों को वरीयता

समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीबों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में यूपी बोर्ड के छात्रों को वरीयता


लखनऊ : समाज कल्याण विभाग की ओर से गरीबों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में यूपी बोर्ड के छात्रों को वरीयता दी जाएगी। यानी उपलब्ध बजट में पहले यूपी बोर्ड के छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी, इसके बाद सीबीएसई व आइएससी बोर्ड के छात्रों को योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे छात्र-छात्रओं को पहले छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिनके माता-पिता निरक्षर हैं।


फर्जी शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति योजना का लाभ न ले पाएं, इसके लिए भी नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार ने प्रदेश को छात्रवृत्ति के लिए नए दिशा-निर्देश भेज दिए हैं। साथ ही फं¨डग पैटर्न भी बदल दिया है। अब केंद्र सरकार 60 फीसद बजट देगी, जबकि 40 फीसद प्रदेश सरकार को अपने पास से खर्च करना होगा। पहले छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश सरकार का ज्यादा खर्च होता था। छात्रवृत्ति में घपला रोकने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से कई कदम उठाने जा रही है।

Friday, January 1, 2021

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 50 फीसद अंकों की बाध्यता खत्म, आवेदन के नियम शिथिल अंतिम तिथि भी बढ़ी।

अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 50 फीसद अंकों की बाध्यता खत्म, आवेदन के नियम शिथिल अंतिम तिथि भी बढ़ी।


लखनऊ : कोरोना संक्रमण के कारण बाधित हुई पढ़ाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में 50 फीसद अंकों की बाध्यता खत्म कर दी है। यानी 50 फीसद से कम अंक पाने वाले छात्र-छात्रओं को भी इस बार छात्रवृत्ति मिल सकेगी। अभी तक छात्रवृत्ति आवेदन के लिए 50 फीसद अंकों की बाध्यता जरूरी थी। वहीं, नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर 20 जनवरी कर दी गई है।


केंद्र सरकार अल्पसंख्यक गरीब छात्र-छात्रओं के लिए पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना संचालित करती है। अभी तक छात्रवृत्ति के नए आवेदन के साथ ही रिन्यूअल में भी 50 फीसद अंकों की बाध्यता थी, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण कई बोर्ड व विश्वविद्यालयों ने बगैर परीक्षा कराए ही छात्र-छात्रओं को प्रोन्नत कर दिया है। इन छात्र-छात्रओं को नंबर नहीं दिए गए हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति के आवेदन में अंकों की बाध्यता आड़े आ रही थी। इस समस्या को प्रदेश सरकार ने केंद्र के सामने रखा। केंद्र सरकार ने अब अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति में अंकों की बाध्यता पूरी तरह खत्म कर दी है। यह नियम केवल इस साल के लिए ही है। पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति में इस नियम को लागू कर दिया गया है। साथ ही सरकार से अधिक से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन पत्र भरवाने के लिए कहा है। केंद्र ने मेरिट-कम-मीन्स योजना के तहत पुराने छात्रों के रिन्यूअल के लिए तो 50 फीसद अंकों की बाध्यता खत्म कर दी है, लेकिन नए आवेदनों में 50 फीसद अंकों की बाध्यता लागू रहेगी। व्यावसायिक व तकनीकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है।

Wednesday, December 30, 2020

UP : छात्रवृत्ति व फीस भरपाई पाने को आधार लिंक बायोमेट्रिक हाजिरी जरूरी

UP : छात्रवृत्ति व फीस भरपाई पाने को आधार लिंक बायोमेट्रिक हाजिरी जरूरी


अगले शैक्षिक सत्र से उत्तर प्रदेश में उन्हीं छात्र-छात्राओं को सरकारी छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ मिलेगा। अपने शिक्षण संस्थान में आधारलिंक बायोमेट्रिक हाजिरी लगाएंगे। यही नहीं छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ लेने के लिए आधार लिंक बैंक खाता भी अनिवार्य होगा। समाज कल्याण विभाग की नई गाइडलाइन में यह प्रावधान किए गए हैं। 


अब अनुसूचित जाति के  ऐसे छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा प्राथमिकता पर दी जाएगी जिनके माता-पिता दोनों या उनमें से एक अशिक्षित होंगे। ऐसे छात्र-छात्राएं भी प्राथमिकता पर यह सुविधा पाएंगे जो राज्य सरकार के परीक्षा बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा पास करेंगे या नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत जैसे स्थानीय निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों में पढ़े होंगे।

इसके अलावा अब कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं के लिए अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं  को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में व्यय होने वाले कुल बजट का 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र सरकार देगी और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी। अभी तक करीब 90 प्रतिशत राज्य सरकार दे रही थी। चालू वित्तीय वर्ष के लिए कक्षा दस से ऊपर की कक्षाओं के अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई देने के लिए कुल 1977.25 करोड़ रूपये खर्च होंगे जिनमें से 60 प्रतिशत यानि 1186.35 करोड़ रूपये केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा यानि 790.90 करोड़ रूपये राज्य सरकार देगी।

 छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा पाने के लिए अब सिर्फ सामान्य  बैंक खाते से ही काम नहीं चलेगा बल्कि उस बैंक खाते को आधार लिंक भी होना चाहिए। केन्द्र सरकार अपने हिस्से के बजट से छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि सीधे इसी आधार लिंक बैंक खाते में भेजेगी। यह जानकारी समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि अब इस पूरी योजना का सोशल आडिट यानि थर्ड पार्टी मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षण संस्थाओं को हर छह महीने में स्वत: मूल्यांकन की रिपोर्ट देनी होगी।

Tuesday, December 22, 2020

राहत : दशमोत्तर छात्रवृत्ति में आवेदन को मिला मौका, बढ़ी तिथि

राहत : दशमोत्तर छात्रवृत्ति में आवेदन को मिला मौका, बढ़ी तिथि।


वित्तीय वर्ष 2020-21 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं कर पाने वाले छात्र छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। ऐसे छात्र छात्राओं को आवेदन करने के लिए शासन ने अंतिम मौका दिया है। छात्र छात्राएं अब 10 जनवरी तक आवेदन कर सकेंगे। जबकि संस्था द्वारा आवेदन को अग्रसारित करने की तिथि भी बढ़ा दी गई।


दशमोत्मर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत कक्षा ग्यारह, बारह, स्नातक, परास्नातक और अन्य कक्षाओं के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की तिथि दिसंबर में निकल जाने के बाद तमाम छात्र छात्राओं में मायूसी का माहौल बना था। आवेदन की तिथि बढ़ाए जाने की मांग उठ रही थी। शासन तक मामला पहुंचा तो प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुभाग -3 ने आदेश जारी किया। जिसके क्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र कुमार गौतम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा है। कहा गया है कि छात्रवृत्ति को लेकर पूर्व में जारी समय सारिणी को संशोधित किया गया है।


 छात्र छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने की तिथि 15 दिसंबर थी जिसे बढ़ाकर 10 जनवरी किया गया है। जबकि संस्था से आवेदन अग्रसारित करने की तिथि 29 दिसंबर को बढ़ाकर 15 जनवरी किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक से नई समय सारिणी के तहत संस्थाओं से कार्यवाही कराने का अनुरोध किया है। बहरहाल, शासन द्वारा संशोधन किए जाने से तमाम छात्र छात्राओं को राहत मिल जाएगी। मौका मिलने पर छात्र छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे।



Monday, December 14, 2020

CBSE Single Girl Child Scholarship: आगे बढ़ी आवेदन की तारीख, जानें- कैसे भरना है फॉर्म

CBSE Single Girl Child Scholarship: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू, विज्ञप्ति जारी। 

 सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन शुरू, हर माह मिलेंगे 500 रूपये 


CBSE Single Girl Child Scholarship: आगे बढ़ी आवेदन की तारीख, जानें- कैसे भरना है फॉर्म


फ्रेश उम्मीदवार 21 दिसंबर, 2020 तक आवेदन कर सकेंगे. नए उम्मीदवारों के आवेदन की आखिरी तारीख 21 दिसंबर है और आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 8 जनवरी, 2020 है. इससे पहले, सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कोलरशिप स्कीम के लिए आवेदन करने की तारीख 10 दिसंबर 2020 थी. वे सभी उम्मीदवार जो इस स्कॉलरशिप के लिए योग्य हैं, वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं.


नई दिल्ली: CBSE Scholarship Scheme: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप स्कीम के लिए आवेदन प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है. कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 पास करने वाली छात्राएं स्कॉलरशिप स्कीम का लाभ उठाने के योग्य हैं. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, "जिन छात्राओं ने सीबीएसई संबद्ध स्कूलों से कक्षा 10वीं की परीक्षा 2020 पास की है, वे स्कोलरशिप स्कीम के लिए आवेदन कर सकती हैं."            
             
फ्रेश उम्मीदवार 21 दिसंबर, 2020 तक आवेदन कर सकेंगे. नए उम्मीदवारों के आवेदन की आखिरी तारीख 21 दिसंबर है और आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि 8 जनवरी, 2020 है।

इससे पहले,  सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कोलरशिप स्कीम के लिए आवेदन करने की तारीख 10 दिसंबर 2020 थी. वे सभी उम्मीदवार जो इस स्कॉलरशिप के लिए योग्य हैं, वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं.


CBSE Single Girl Child Scholarship: ऐसे करें आवेदन

● - सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट  cbse.nic.in पर जाएं.
● - फिर  ‘SINGLE GIRL CHILD SCHOLARSHIP X-2020 REG' पर क्लिक करें.
● - अब "fresh या  renewal" पर क्लिक करें.
● - इसके बाद  SGC-X fresh application or renewal पर क्लिक करें.
● - अब एप्लीकेशन फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें.ॉ
● - सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट करें.
● - भविष्य के लिए प्रिंटआउट लेना न भूलें.


नोट

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CBSE Scholarship for Single Girl Child 2020: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है कैंडिडेट्स इसके लिए अब अप्लाई कर सकते हैं.


CBSE Scholarship for Single Girl Child 2020: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड {CBSE-सीबीएसई} ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020 के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पात्र और इच्छुक कैंडिडेट्स इसके लिए अब आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए पात्र कैंडिडेट्स सबसे पहले सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.nic.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तारीख 10 दिसंबर, 2020 थी, जिसे बढ़ाकर अब 21  दिसम्बर कर दिया गया है।


कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म की हार्ड कॉपी (केवल नवीनीकरण) 28 दिसंबर 2020 को या उससे पहले जमा करनी है. सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020 के लिए केवल वे छात्राएं अप्लाई कर सकती है जो साल 2020 में सीबीएसई से एफिलिएटेड स्कूलों से कक्षा 10वीं की परीक्षा पास की है. उन छात्राओं को जिन्होनें सभी प्रकार की पात्रताओं को पूरा करते हैं उन्हें दो साल तक – कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं के दौरान, हर महीने 500 रूपये प्रदान किये जायेंगें.



सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2020: स्कीम के प्रकार

कैंडिडेट्स छात्रवृति के लिए दो प्रकार की कैटेगरी के लिए अप्लाई कर सकते हैं.  ये कैटेगरी निम्नलिखित दो प्रकार की है.


■ सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए: 12वीं कक्षा की स्टडी के लिए सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम.

■ 2019 में सिंगल गर्ल चाइल्ड 10वीं पास के लिए सीबीएसई मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम के तहत ऑनलाइन आवेदन का नवीनीकरण.


योग्यता: सभी सिंगल गर्ल चाइल्ड स्टूडेंट्स, जिन्होंने साल 2020 में कक्षा 10वीं की CBSE बोर्ड की परीक्षा में कम से कम 60 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों और जो अब CBSE बोर्ड से एफिलिएटेड स्कूलों में कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रही हो.  इसके साथ ही जिन छात्राओं की ट्यूशन फीस प्रति माह 1,500 से अधिक नहीं है, वे इस स्कॉलरशिप स्कीम के लिए योग्य हैं.


CBSE Scholarship का उद्देश्य: इस योजना का उद्देश्य उन माता-पिता के प्रयासों को पहचानना है जो लड़कियों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने और मेधावी स्टूडेंट्स को प्रोत्साहन करने केलिए सदैव प्रयास रत रहते हैं.


Thursday, December 10, 2020

छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की शीघ्र मिलेगी राशि

छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की शीघ्र मिलेगी राशि 


लखनऊ : प्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति, सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को जल्द ही उनके आवेदनों पर सरकारी छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि मिलेगी । यह राशि इन छात्र- छात्राओं के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी।


राज्य के समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि के वितरण की तैयारी तेजी से की जा रही है । हालांकिछात्रवृत्ति और फीस भरपाई के लिए अभी आवेदन करने की समय सीमा बाकी है, 15 दिसम्बर तक आवेदन किए जा सकते हैं ।


मगर पहले से जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हुए हैं और उनके आवेदन जांच प्रक्रिया के सभी चरणों में सही पाए गए हैं, उन्हें जल्द ही राशि मिल जाएगी । प्रदेश सरकार की ओर हर साल दो अक्तूबर और 26 जनवरी को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के वितरण के लिए हर जिले में कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि वितरित करते हैं।

Monday, November 23, 2020

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ाई




लखनऊ : केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रलय ने नेशनल स्कालरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। इच्छुक छात्र नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 के लिए तीन छात्रवृत्ति योजनाएं अल्पसंख्यक समुदायों के लिए संचालित की जा रही है। मैटिक-पूर्व, दशमोत्तर और मेरिट-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति के अंतर्गत छात्र लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

Wednesday, November 18, 2020

कामगारों के बेटे-बेटियों को पांच हजार तक मिलेगी छात्रवृत्ति, देखें विद्यार्थियों को किस स्तर पर कितना रुपया मिलेगा?

कामगारों के बेटे-बेटियों को पांच हजार तक मिलेगी छात्रवृत्ति, देखें विद्यार्थियों को किस स्तर पर कितना रुपया मिलेगा? 


प्रयागराज : कामगारों के बेटे-बेटियों के लिए अच्छा अवसर है। कामगारों के कक्षा एक से लेकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बेटे-बेटियों को सौ से पांच हजार रुपये तक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके लिए श्रम विभाग में ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। लेकिन, छात्रवृत्ति उन्हीं छात्र-छात्रओं को मिलेगी, जिनकी कक्षा में उपस्थिति 70 फीसद होगी। 


संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा एक से इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बेटे-बेटियों को हर महीने सौ से पांच हजार रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। यह लाभ उनके दो बच्चों के लिए है। आवेदन करने पर पंजीयन संख्या, बैंक खाता नंबर, पिछली कक्षा उत्तीर्ण होने की मार्कशीट, अगली कक्षा में प्रवेश लेने का प्रमाण पत्र लगाना होगा।


किस कक्षा के विद्याíथयों को कितना वजीफा (रुपये में)

● एक से पांच तक- 100₹
● छह से आठ तक- 150₹
● नौंवी-दसवीं - 200₹
● 11 वीं-12 वीं- 250₹
◆ आइटीआई प्रशिक्षण पर- 500₹
◆ राजकीय संस्थान से पॉलीटेक्निक करने पर- 800₹
◆ स्नातक - 1000₹
◆ स्नातकोत्तर- 2000₹
★ राजकीय संस्थान से इंजीनियरिंग करने पर-3000₹
★ मेडिकल की पढ़ाई करने पर- 5000₹

Sunday, November 8, 2020

अच्छी खबर : 35 लाख छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलने का रास्ता साफ।

अच्छी खबर : 35 लाख छात्र-छात्राओं को वजीफा मिलने का रास्ता साफ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सरकारी छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि के वितरण पर लगी रोक हटा ली है। वित्त विभाग के विशेष सचिव ओम प्रकाश द्विवेदी ने इस बारे में आदेश जारी किया है। सरकार के इस कदम से लगभग 35 लाख छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा।


आदेश में चालू शैक्षिक सत्र के लिए इन छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की सुविधा देने पर सहमति दे दी गयी है। लेकिन बीएड.व बीटीसी का पाठ्यक्रम चलाने वाले शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को फिलहाल यह सुविधा नहीं मिलेगी। कारणों की पड़ताल करने पर पता चला कि प्रदेश सरकार अभी राज्य के बीएड. और बीटीसी पाठ्यक्रम चलाने वाले शिक्षण संस्थानों की जांच करा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय कमेटी यह जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद बीएड. व बीटीसी के छात्र-छात्राओं को भी यह सुविधा मिल सकेगी।


समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब एवं जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा देता है। दिव्यांगजन कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग छात्र-छात्राओं को यह सुविधा दी जाती है।