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Sunday, September 13, 2020

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में कटौती कर सकती है सरकार, नियमों में करना होगा बदलाव

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में कटौती कर सकती है सरकार, नियमों में करना होगा बदलाव

 
लखनऊ : गरीब विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में प्रदेश सरकार इस बार कटौती कर सकती है। कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल कॉलेजों के खर्च में भी कमी आई है। इसलिए सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति की रकम कम करने पर विचार कर रही है। साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं को मान्यता देने के लिए नियमावली में भी बदलाव किया जाएगा।


प्रदेश में समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग हर साल 57 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति देते हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण छात्रवृत्ति की तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। पहले चरण की छात्रवृत्ति दो अक्टूबर को बांटी जाती है। इसलिए समाज कल्याण विभाग ने दिशा-निर्देश मांगे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति किस प्रकार बांटी जाए, इसे लेकर अपर मुख्य सचिव वित्त के साथ समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण के अफसरों की एक बैठक हो चुकी है। इसमें कोई निर्णय नहीं हो सका। ऑनलाइन पढ़ाई में स्कूल, कॉलेज व संस्थानों का खर्च कम हुआ है, जबकि डेटा, लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्ट फोन के लिए विद्यार्थियों का खर्च बढ़ गया है। शिक्षण संस्थान में छात्रों के न जाने से बिजली-पानी व प्रयोगशाला से संबंधित खर्च भी बच रहे हैं।


’>>उच्चस्तरीय बैठक में जल्द हो सकता है फैसला

’>>हर साल 57 लाख विद्यार्थियों को दी जाती है छात्रवृत्ति

नियमों में करना होगा बदलाव

कक्षा में 75 फीसद उपस्थिति के नियम में भी बदलाव करना होगा। पाठ्यक्रम के लिए एनबीए (नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन) व नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल) की अनिवार्यता भी इस साल स्थगित करनी होगी।

Saturday, September 5, 2020

छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति : शिक्षण संस्थान 30 सितम्बर तक दें सीट, कोर्स व फीस का डाटा

शिक्षण संस्थान 30 सितम्बर तक दें सीट, कोर्स व फीस का डाटा


लखनऊ : प्रदेश भर के शिक्षण संस्थान अब 30 सितम्बर तक छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति से जुड़े पाठ्यक्रमों के मास्टर डाटाबेस में शामिल हो सकते हैं। अभी तक अंतिम तारीख 31 अगस्त थी। इस डाटाबेस में शिक्षण संस्थानों को अपने यहां चलने वाले कोर्स, उसकी फीस व सीट समेत अन्य जानकारी देनी होती है। कोरोना संकट को देखते हुए सरकार ने समय सीमा को एक माह के लिए बढ़ाया है।





गलती सुधार के लिए रिसेट का विकल्प

मास्टर डाटाबेस में दर्ज की जाने वाली जानकारियों में अक्सर शिक्षण संस्थानों के स्तर पर गलतियां हो जाती है। इसका खामियाजा छात्रों को भी भुगतना पड़ जाता है। ऐसे में फीस, सीट या कोर्स आदि में गलती सुधार के लिए संस्थानों को निदेशालय तक कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इसे देखते हुए सरकार ने इस बार मास्टर डाटाबेस में रिसेट का विकल्प दे दिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ अमरनाथ यति बताते हैं कि संस्थान अब मास्टर डाटा को डिजिटल लॉक करने के बाद भी स्वयं संशोधन कर सकते हैं। इसके लिए रिसेट का विकल्प दिया गया है, लेकिन यह विकल्प 30 सितम्बर तक ही काम करेगा।


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Wednesday, September 2, 2020

UP Board Scholarship 2020 : यूपी बोर्ड 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स को देगा स्कॉलरशिप

UP Board Scholarship 2020 : यूपी बोर्ड 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स को देगा स्कॉलरशिप।

UP Board Scholarship 2020 शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस साल यूपी बोर्ड के कुल 11460 छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।

UP Board Scholarship 2020 : यूपी बोर्ड यानी कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ( UPMSP) इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कॉरलिशप दे रहा है। बोर्ड ने शैक्षणिक वर्ष 2020-21 छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरूभी कर दी है। ऐसे में जो भी छात्र इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक पोर्टल scholarships.gov.in पर अप्लाई कर सकते हैं। वहीं शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इस साल यूपी बोर्ड के कुल11460 छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी।







लेकिन छात्र-छात्राएं इस बात का ध्यान रखें कि इस छात्रवृत्ति का लाभ केवल वही स्टूडेंट्स जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख प्रति वर्ष से कम है, वे ही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के पहले छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद इसके अलावा अन्य सभी जानकारी को पढ़ने के बाद ही आवेदन करें, क्योंकि अगर आवेदन पत्र के अनुसार फॉर्म नहीं भरा गया तो स्कॉलरशिप फाॅर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।   


UP Board Scholarship 2020: स्कॉलरशिप के लिए चाहिए इतने अंक

12वीं पास स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार ध्यान दें कि उन्हें अलग-अलग स्ट्रीम में निर्धािरत अंक होना चाहिए। इनमें साइंस 500 में से कम से कम 334 अंक होने चाहिए। इसके अलावा कॉमर्स 500 में 313 मार्क्स और आर्ट्स स्ट्रीम में 500 में कम से कम 304 अंक होने चाहिए। स्टूडेंट्स ध्यान दें कि आवेदन प्रक्रिया अगस्त 16, 2020 से शुरू हुई थी और 31 अक्टूबर, 2020 तक चलेगी। ऐसे में जो भी स्टूडेंट्स इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे इस दौरान आवेदन कर दें।

UP Board Scholarship 2020: ऐसे करें आवेदन

- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं scholarship.gov.in पर जाएं

- यहां उस लिंक पर क्लिक करें, जिस पर छात्रवृत्ति 2020 लिखा है

- अब यूपी बोर्ड छात्रवृत्ति फॉर्म पर जाएं

- इसके बाद आवश्यक डिटेल्स एंटर करें

- परिवार के आय प्रमाण पत्र के साथ विस्तृत आवेदन पत्र जमा करें

- आवेदन पत्र जमा करने के बाद उसकी प्रिंटआउट कॉपी भविष्य के लिए रख लें।

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छात्रवृत्ति के लिए अब 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे मेधावी



प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण वर्ष 2020 के छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए आवेदन मांगा गया है। छात्रवृत्ति के लिए विज्ञान वर्ग में 334/500 अंक, वाणिज्य वर्ग में 313/500 अंक

तथा मानविकी में 304/500 अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र आवेदन कर सकते हैं। जो किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होंगे उन्हीं को छात्रवृत्ति मिलेगी। ऐसे विद्यार्थियों को विशेष रूप से छात्रवृत्ति प्रदान मिलेगी। अब तक कम संख्या में आवेदन होने से अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अक्टूबर तक की गई है।


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Monday, August 24, 2020

शासन को भेजा प्रस्ताव : छात्रवृत्ति के मास्टर डाटा में 30 सितंबर तक शामिल हो सकेंगे नए शिक्षण संस्थान



छात्रवृत्ति के अंतिम तिथि बढ़ाने के मास्टर डाटा में नाम शामिल लिए समाज कल्याण कराने के लिए शिक्षण संस्थानों निदेशालय ने शासन को कुछ और समय मिलेगा। कोरोना संकट को देखते हुए को भेजा प्रस्ताव इसके लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर किए जाने पर विचार किया जा रहा है। समाज कल्याण निदेशालय ने संबंधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए प्री-मैट्रिक से संबंधित नए विद्यालयों के लिए मास्टर डाटा में शामिल होने की अंतिम तिथि 30 जुलाई थी, जबकि पोस्ट मैट्रिक में अंतिम तिथि 31 अगस्त है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संकट के कारण बहुत से स्थानों का नाम अभी तक मास्टर डाटा में शामिल नहीं हो सका है। इसलिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक, दोनों में ही अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। यह प्रस्ताव शासन की सहमति से ही तैयार किया गया है, इसलिए अंतिम तिथि का बढ़ना तय माना जा रहा है। इसके अलावा प्री-मैट्रिक में जो छात्र 12 सितंबर तक और पोस्ट मैट्रिक में 5 सितंबर तक आवेदन करेंगे, उन्हें 2 अक्टूबर को छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई की राशि का भुगतान किया जाएगा। शेष विद्यार्थियों को जनवरी में भुगतान होगा। 



Friday, August 21, 2020

छात्रवृत्ति मामला : खत्म होगी 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन को भेजा गया है प्रस्ताव

कोरोना के कारण फंस गई दो लाख छात्रों की स्कॉलरशिप।


छात्रवृत्ति मामला : खत्म होगी 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन को भेजा गया जा प्रस्ताव।

छात्रवृत्ति मामला : खत्म होगी 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन को भेजा गया जा प्रस्ताव।

प्रयागराज : छात्रवृत्ति के लिए 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता को जल्द ही खत्म किया जाएगा। कोरोना काल में स्कूल-कॉलेज बंद होने और ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के कारण जल्द ही यह व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिसकी सूचना पिछले दिनों शासन की ओर से जिले के अफसरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दी गई थी।

इस साल कोरोना के कारण सभी स्कूल-कॉलेज मार्च से बंद हैं। अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों ने तो ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है वहीं हिन्दी माध्यम में भी इसकी कवायद शुरू हो गई है। हिन्दी मीडियम के तमाम स्कूलों में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिनके पास न तो स्मार्ट फोन है और न ही कंप्यूटर और लैपटॉप। ऐसे में सभी का ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होना संभव नहीं है। स्कूलों में पंजीकृत ये छात्र-छात्राएं दूसरों से कक्षा कार्य जानकार पढ़ाई जरूर कर सकते हैं।

ऐसे छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता को खत्म किए जाने की तैयारी चल रही है। क्योंकि समाज

कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग

कल्याण विभाग से जो छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है

उनकी 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य होती है। पात्र छात्र-छात्राएं इसलिए नियम बनाने की तैयारी है।

केवल उपस्थिति के कारण छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाएं

पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी प्रमुख विश्वविद्यालय और कॉलेज के लोगों से बात की थी।

जिस पर राज्य विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया था। जिस पर चर्चा के बाद प्रस्ताव नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजुकेशन को भेजने की बात हुई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इस बार 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता में रियायत मिल सकती है।


प्रयागराज : कोरोना संक्रमण ने तमाम योजनाओं को पीछे ठेल दिया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में छात्रवृत्ति योजना है। इस साल अब तक छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति का पैसा नहीं गया है। तमाम विभागों की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हुई है जबकि कुछ विभागों ने ऑनलाइन आवेदन को शुरू कराया है।




इस बार छात्रवृत्ति के लिए प्रदेश सरकार ने बजट तो जारी किया है, लेकिन बजट विभागों के खाते में जाने के लिए वित्त आयोग की अनुमति की जरूरत है। अब तक आयोग से अनुमति नहीं मिली है। इसके साथ ही सभी विभाग और शिक्षण संस्थानों के ज्यादातर लोग भी इस वक्त कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में ही लगे हैं। छात्रवृत्ति का जो काम अप्रैल और मई में शुरू होना चाहिए था वो अब तक नहीं शुरू हो सका है। पिछले साल समाज कल्याण विभाग से प्री मैट्रिक में सभी वर्गों के लिए 30 हजार 551 छात्रों का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 28 हजार 404 लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृत हुए थे। ऐसे ही इंटर में सभी वर्गों के लिए कुल 28 हजार 459 के लक्ष्य के सापेक्ष 24 हजार 942 आवेदन स्वीकृत हुए और 22 हजार 787 लाभार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति की राशि गई थी। स्नातक कक्षाओं के लिए कुल एक लाख तीन हजार 596 का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 94 हजार 886 आवेदन स्वीकृत हुए और छात्रवृत्ति 78 हजार 382 लाभार्थियों के खाते में गई थी। इस साल अब तक आवेदन शुरू नहीं हो सका है।


 ऐसे ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से दो छात्रवृत्ति दी जाती है। एक केंद्र सरकार की योजना के तहत और एक राज्य सरकार की योजना के तहत। गत वर्ष केंद्र और राज्य की योजना में लगभग 19-19 हजार लाभार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया था। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसपी तिवारी का कहना है कि संस्थाओं को आवेदन के लिए कहा गया है। ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुका है।


दो अक्टूबर को होगा छात्रवृत्ति दिवस : छात्रों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए दो अक्टूबर को छात्रवृत्ति दिवस मनाया जाएगा। इस क्रम में सभी शिक्षण संस्थाओं से नवीनीकरण के लिए कहा गया है। संस्थाओं की ओर से स्वीकृत आवेदन आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।


यहां फंसा है पेच : छात्रवृत्ति योजना में अलग-अलग पेच हैं। एक तो वित्त आयोग की अनुमति का मामला है। साथ ही इस बार छात्रों को प्रमोट करने के लिए बोला गया है। अब तक तमाम जगह पर परिणाम अपलोड करने के काम चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब सभी संस्थाओं से परिणाम अपलोड होंगे। इसके बाद ही अंतिम पात्रों की सूची मिलेगी। जिस पर कार्रवाई हो सकती है।


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Wednesday, August 19, 2020

National Scholarship 2020 : 10वीं और 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पाने का मौका, scholarships.gov.in पर करें आवेदन

National Scholarship 2020 : 10वीं और 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पाने का मौका, scholarships.gov.in पर करें आवेदन।

National Scholarship 2020 स्टूडेंट्स को जिन छात्रवृति योजना में रुचि हो उसकी विस्तृत गाइडलाइन पोर्टल पर देख सकते हैं।


National Scholarship 2020: 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके स्टूडेंट्स के लिए राष्ट्रीय स्तर के स्कॉलरशिप प्राप्त करने का सुनहरा मौका है। इच्छुक व योग्य स्टूडेंट्स नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) पर ऑनलाइन आवेदन कर आसानी से स्कॉलरशिप पा सकते हैं। इसके लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (एनएसपी) को सक्रिय कर दिया गया है। बता दें कि एनएसपी पर अभी 16 प्रकार के राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति योजना का नाम डाला गया है, जो केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के तहत है। इनमें से अधिक छात्रवृत्ति योजना मैट्रिक स्तर के ही हैं। स्टूडेंट्स एनएसपी पोर्टल, scholarships.gov.in पर विजिट कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।



बता दें कि एनएसपी पोर्टल पर छात्रवृत्ति से संबंधित सारी जानकारी दी गई है। स्टूडेंट्स को जिन छात्रवृति योजना में रुचि हो, उसकी विस्तृत गाइडलाइन पोर्टल पर देख सकते हैं। स्टूडेंट्स, छात्रवृत्ति के लिए योग्यता, छात्रवृत्ति राशि, डाक्यूमेंट्स, आवेदन आदि समेत तमाम जानकारियां गाइडलाइन में प्राप्त कर सकते हैं। सभी छात्रवृत्ति योजना भारत सरकार के अलग-अलग मंत्रालय ने जारी किया है। जिनमें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य मंत्रालय, आरपीएफ/आरपीएसएफ रेल मंत्रालय आदि शामिल हैं।

बता दें कि भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के तहत छात्रवृति योजनाओं के लिए आवेदन करने की अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई है। स्टूडेंट्स, पोर्टल पर लॉगइन कर आवेदन की अंतिम तिथि, दोषपूर्ण सत्यापन और संस्थान सत्यापन की तिथियों की जांच कर सकते हैं।
ये हैं राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजनाएं और आवेदन की अंतिम तिथि
प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम फॉर माइनोरिटीज : 31 अक्टूबर, 2020
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम फॉर माइनॉरिटीज : 31 अक्टूबर, 2020
मेरिट कम मींस स्कॉलरशिप फॉर प्रोफेशनल एंड टेक्निकल कोर्सेज : 31 अक्टूबर, 2020
प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसैबिलिटीज : 31 अक्टूबर, 2020
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसैबिलिटीज : 31 अक्टूबर, 2020
स्कॉलरशिप फॉर टॉप क्लास एजुकेशन फॉर स्टूडेंट्स विद डिसैबिलिटीज : 31 अक्टूबर, 2020

टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम फॉर एससी स्टूडेंट्स : 15 अक्टूबर, 2020
फाइनेंसियल असिस्टेंस फॉर एजुकेशन ऑफ द वाईस ऑफ पोस्ट मैट्रिक : 31 अक्टूबर, 2020
नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप : 15 दिसंबर, 2020
सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ स्कॉलरशिप फॉर कॉलेज एंड यूब स्टूडेंट्स : 31 अक्टूबर, 2020
प्राइम मिनिस्टर्स स्कॉलरशिप स्कीम फॉर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज : 31 अक्टूबर, 2020
प्राइम मिनिस्टर्स स्कॉलरशिप स्कीम फॉर आरपीएफ : 31 अक्टूबर, 2020
एनईसी मेरिट स्कॉलरशिप : 31 अक्टूबर, 2020
नेशनल फेलोशिप एंड स्कॉलरशिप फॉर हायर एजुकेशन ऑफ एससी स्टूडेंट्स: 31 अक्टूबर, 2020


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Monday, August 17, 2020

इस साल कक्षा में उपस्थिति सम्बन्धी नियमों में मिलेगी ढील, समाज कल्याण विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से लिया फीडबैक, छात्रवृत्ति योजना में ऑनलाइन पढ़ाई को मिलेगी मान्यता, शासनादेश जल्द

इस साल कक्षा में उपस्थिति सम्बन्धी नियमों में मिलेगी ढील, समाज कल्याण विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से लिया फीडबैक, छात्रवृत्ति योजना में ऑनलाइन पढ़ाई को मिलेगी मान्यता, शासनादेश जल्द।

छात्रवृत्ति के लिए शिथिल होंगे उपस्थिति के नियम



लखनऊ ::  कोरोना संकट के कारण इस साल छात्रों के लिए उपस्थिति संबंधी नियमों को लचीला बनाया जाएगा। इसके साथ ही छात्रवृत्ति योजना में ऑनलाइन पढ़ाई को भी उपस्थिति होने पर सहमति बन गई है। इस बारे में समाज कल्याण विभाग ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों से फीडबैक लिया है। जल्द ही इस बाबत शासनादेश जारी हो जाएगा।




छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा के लिए छात्र की कक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति आवश्यक है। कोरोना संकट के इस माहौल में समाज कल्याण विभाग ने राज्य विवि से ऑनलाइन संवाद कर फीडबैक लिया। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों ने बताया कि वे 22 अगस्त से लेकर 15 सितंबर के बीच प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करेंगे। विवि ने कहा कि इस बार 75% उपस्थिति की अनिवार्यता के नियम में ढील दी जानी चाहिए।


 इस पर समाज कल्याण विभाग ने कहा कि माध्यमिक व उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों से बातचीत कर इस संबंध में निर्णय किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग उपस्थिति के नियमों में ढील देने के लिए तैयार है, पर यह तभी संभव है जब परीक्षा में बैठने के लिए भी न्यूनतम 75% उपस्थिति के नियमों में बदलाव किया जाए। छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी परीक्षा दें।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने राज्य विवि के प्रतिनिधियों से कहा कि उनसे संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थी भी ऑनलाइन पढ़ाई में उपस्थित रहे हैं, इसका सत्यापन राज्य विवि को ही करके देना होगा। तभी विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की रकम भेजी जाएगी।


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Monday, August 3, 2020

योगी सरकार ने एक और योजना का नाम बदला, बाल श्रमिक व अनाथ बालकों को 1000 तो बालिकाओं को 1200 रुपये देगी

योगी सरकार ने एक और योजना का नाम बदला, बाल श्रमिक व अनाथ बालकों को 1000 तो बालिकाओं को 1200 रुपये देगी


राज्य सरकार ने बाल श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना का नाम व स्वरूप बदलकर बाल श्रमिक विद्या योजना कर दिया है। इससे 13 मंडलों के दो हजार बाल श्रमिक व अनाथ बच्चे लाभान्वित होंगे।


राज्य सरकार प्रत्येक बालक को हर माह एक हजार रुपये और बालिकाओं को 1200 रुपये देगी। इस तरह बालकों को साल भर में 12 हजार और बालिकाओं को 14 हजार 400 रुपये दिए जाएंगे। पहले बालक-बालिकाओं को 9200 रुपये सालाना दिए जाते थे।


राज्य सरकार ने वर्ष 2007-08 में 10 जिलों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना शुरू की थी। वर्ष 2015 में 8 मंडलों के 34 जिलों को लाभ मिलने लगा। इसमें श्रम विभाग द्वारा चिह्नित बाल श्रमिकों को प्रतिवर्ष 8000 रुपये की सहायता और 100 रुपये महीने छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान था। भाजपा सरकार बनने पर 15 मई 2017 को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कई विभागों के प्रतिनिधियों की बैठक में योजना का नाम बदलकर बाल श्रमिक विद्या योजना-2019 (बीएसवीवाई) करने का फैसला लिया गया था।

Saturday, August 1, 2020

आज से भरे जा सकेंगे छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन, कोरोना के चलते इस बार की परिस्थितियां अलग

आज से भरे जा सकेंगे छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन, कोरोना के चलते इस बार की परिस्थितियां अलग



लखनऊ : दशमोत्तर छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन पत्र एक अगस्त से भरे जाएंगे। यह पहला मौका है कि जब स्कूल कॉलेज बगैर खुले छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने शुरू हो जाएंगे। 


समाज कल्याण विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। आवेदन फार्म पांच नवंबर तक वेबसाइट पर जाकर भरे जा सकते हैं। समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति के लिए हर साल 57-58 हजार छात्र-छात्रएं आवेदन करते हैं। इस बार की परिस्थितियां अलग हैं।

Tuesday, July 28, 2020

छात्रवृत्ति चाहे राज्य दे या केंद्र सरकार, आधार हुआ अनिवार्य

छात्रवृत्ति चाहे राज्य दे या केंद्र सरकार,  आधार हुआ अनिवार्य

 

प्रयागराज। भारत सरकार या राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति में इस बार आधार अनिवार्य कर दिया गया है। आधार न होने की दशा में छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। 2020- 21 के लिए इसे अनिवार्य किया गया है। समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। आधार नंबर का वेरिफिकेशन न होने पर फॉर्म सबमिट नहीं होगा।


आधार बेस भुगतान की प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों के आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि जाएगी। छात्रों का बैंक खाता जिस बैंक में खुला होगा वह बैंक पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से मैप होना चाहिए। छात्रवृत्ति को आधार बनवाना होगा, आधार को बैंक से लिंक कराएं। हाईस्कूल अंकपत्र- प्रमाण पत्र में दर्ज नाम ही आधार में होने चाहिए। जन्मतिथि गलत है तो अपडेट कराएं। आधार नंबर, नाम, पिता या पति का नाम, लिंग और जन्मतिथि का सत्यापन होने के के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगी। इसे भरने के बाद ही फॉर्म सबमिट होगा।

Monday, July 27, 2020

ऑनलाइन पढ़ाई को हाजरी मानेगी सरकार, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का बनेगी आधार

ऑनलाइन पढ़ाई को हाजरी मानेगी सरकार, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का बनेगी आधार।

लखनऊ :: प्रदेश सरकार ऑनलाइन पढ़ाई को कक्षा में हाजिरी की तरह मानेगी। इसी के आधार पर माध्यमिक, उच्च शिक्षा और तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।




वर्तमान में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए यह अनिवार्य है कि विद्यार्थी की उपस्थिति न्यूनतम 75 प्रतिशत रही हो। परीक्षा देने के लिए भी इतनी उपस्थिति जरूरी है।

कोरोना के चलते स्कूल-कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान ऑनलाइन क्लास चला रहे हैं इसलिए समाज कल्याण विभाग ने ऑनलाइन क्लासेज में उपस्थिति को कक्षा में व्यक्तिगत हाजिरी के समान ही स्वीकार करने का निर्णय लिया है। इस बारे में प्रस्ताव तैयार करने के लिए इसी हफ्ते शासन ने सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक करने की कार्ययोजना बनाई है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में उपस्थिति को लेकर नियम तय होंगे ताकि, छात्रों को योजना का लाभ मिल सके।


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Saturday, July 25, 2020

छात्रवृत्ति के योग्य हैं यूपी बोर्ड के 3.57 लाख छात्र-छात्राएं, 11460 को ही मिलेगी छात्रवृत्ति, विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग के मेधावियों को सालाना मिलेगा 10 हजार रुपए वजीफा

छात्रवृत्ति के योग्य हैं यूपी बोर्ड के 3.57 लाख छात्र-छात्राएं, 11460 को ही मिलेगी छात्रवृत्ति, विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग के मेधावियों को सालाना मिलेगा 10 हजार रुपए वजीफा

प्रयागराज :: मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सालाना 10 हजार छात्रवृत्ति के लिए यूपी बोर्ड के 357429 छात्र-छात्राएं योग्य हैं। चूंकि 2020 इंटरमीडिएट परीक्षा में 80 परसेंटाइल से पास करने वाले 11460 मेधावियों को ही छात्रवृत्ति मिलेगी इसलिए समझदारी इसी में है कि जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन की सारी औपचारिकताएं पूरी कर लें।





बोर्ड की ओर से निर्धारित कट ऑफ के अनुसार विज्ञान, वाणिज्य कला वर्ग में क्रमशः 334, 313 व 304 अंक पाने वाले ऐसे अभ्यर्थी इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने उच्च शिक्षा के लिए नियमित पाठ्यक्रम में दाखिला लिया है। शर्त यह है कि उनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम हो।


विज्ञान वर्ग में 334 या अधिक अंक पाने वाले मेधावियों की संख्या 211611, वाणिज्य वर्ग में 313 या अधिक नंबर पाने वालों की संख्या 12330 जबकि कला वर्ग में 304 या इससे अधिक नंबर 133588 मेधावियों को हासिल हुए हैं। ये छात्र ही एमएचआरडी की वेबसाइट www.scholarships.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी वर्ग में क्रमशः 3:2:1 के अनुपात से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

करें आवेदन : विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग के मेधावियों को सालाना 10 हजार रुपये मिलेगा वजीफा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर करना है ऑनलाइन आवेदन।

यूपी बोर्ड में मेधावी छात्रवृत्ति के लिए करें आवेदन।

प्रयागराज : मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से यूपी बोर्ड से 2020 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यूपी बोर्ड प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव शिव प्रकाश द्विवेदी की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि 2020 में परीक्षा पास करने वाले विज्ञान वर्ग में 500 में 334 अंक, वाणिज्य में 500 में 313 अंक और मानविकी में 500 में 304 अंक पाने मेधावी छात्र-छात्राओं को जो उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से पंजीकृत होंगे उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।




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Thursday, July 23, 2020

प्रदेश सरकार की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में फंसा हाजिरी का पेच

प्रदेश सरकार की ओर से गरीब छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति व फीस भरपाई में फंसा हाजिरी का पेच।

लखनऊ :: प्रदेश सरकार की ओर से अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब छात्र छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की योजना में अब हाजिरी का पेच फंस गया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जाने वाली इस योजना में नियमों के तहत ऐसे जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को कक्षा में 75 प्रतिशत हाजिरी पर ही छात्रवृत्ति और फीस भरपाई दी जाती है।




कोरोना संकट की वजह से जुलाई से शैक्षिक सत्र ऑनलाइन पढ़ाई के सहारे शुरू हुआ। इस आनलाइन पढ़ाई में कक्षा में हाजिरी का कोई पुख्ता प्रमाण शिक्षण संस्थान कैसे दे पाएंगे? यही नहीं हालात सुधरने पर आगामी महीनों में जब भी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होगी तो फिर बाकी बचे शैक्षिक सत्र के कितने महीनों में कितने प्रतिशत हाजिरी का मानक छात्रवृत्ति, फीस भरपाई दिलवा पाएगा। इस बारे में अभी शुरुआती दौर में सभी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन से बातचीत की जा रही है। समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के मामलों को देख रहे सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने बताया कि जल्द ही इस बारे में विभाग के निदेशक के साथ बैठक होगी।


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Friday, July 17, 2020

शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आधार कार्ड हाेगा अनिवार्य, समाज कल्याण विभाग ने जारी किए निर्देश, 24 जुलाई से ऑनलाइन प्रक्रिया होगी शुरू


शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आधार कार्ड हाेगा अनिवार्य, समाज कल्याण विभाग ने जारी किए निर्देश, 24 जुलाई से ऑनलाइन प्रक्रिया होगी शुरू


लखनऊ । आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों को मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अब आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बगैर भुगतान नहीं किया जाएगा। अभी तक आधार न होने की दशा में भी भुगतान कर दिया जाता था। अाधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराना भी अनिवार्य होगा। यही नहीं शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए वित्तीय सहमति लेना अनिवार्य होगा। पहले बजट मिलने के साथ ही उतने पैसे का भुगतान विद्यार्थियों के खाते में कर दिया जाता था। काेरोना संकट के चलते ऐसा निर्णय लिया गया है। हालांकि शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अावेदन का शिड्यूल जारी कर दिया गया है। 24 जुलाई से आॅनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।


समाज कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों की फीस शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाती है। हर वर्ष की दो अक्टूबर और 26 जनवरी काे विद्यार्थियों के खाते में फीस भेजने का प्रावधान है। काेरोना महामारी के चलते शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए जारी बजट का खर्च वित्त विभाग की सहमति के बगैर न करने का आदेश जारी किया गया। ऐसे में वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष में शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान पर असमंजस की स्थिति बनी गई है। सामान्य वर्ग की शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए 52,500 लाख रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के शुल्कप्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए 98,012 लाख रुपये का बजट स्वीकृत है, लेकिन भुगतान के पहले वित्त विभाग की सहमति लेनी होगी। पूर्व दशम कक्षा नौ और 10 और दशमोत्तर कक्षा 12 के ऊपर विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया का शिड्यूल जारी किया गया है। इसकी पूरी जानकारी स्कॉलरशिप की वेबसाइट U.P. Scholarship & Fee Reimbursement Online System scholarship.up.nic.in पर ली जा सकती है।


जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ.अमरनाथ यती ने बताया कि आवेदन का शिड्यूल जारी कर दिया गया है। इस बार अाधार कार्ड के बगैर न तो आवेदन होगा और न ही शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। सरकार की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवंटित बजट के भुगतान से पहले वित्त विभाग की सहमति जरूरी होगी।


■ इनका रखे ध्यान

● पूर्व दशम संस्थान में प्रवेश के बाद ऑनलाइन आवेदन-24जुलाई से 20 अगस्त तक
● दशमोत्तर के छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन-एक अगस्त से 23 अगस्त
● कक्षा 11 व 12 के साथ अन्य दशमोत्तर छात्रों का ऑनलाइन आवेदन-एक अगस्त से पांच नवंबर
● शिक्षण संस्थान में हार्डकॉपी जमा करने की तिथि अंतिम तिथि- एक सितंबर
● शिक्षण संस्थानों द्वारा जांच-दो अगस्त से सात सितंबर
आवेदनों का भौतिक सत्यापन-आठ सितंबर से 20 नवंबर
● जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा डिजिटल नवीनीकरण जांच- 30 सितंबर
● जिला स्तरीय अधिकारी द्वारा डाटा लॉक-एक अक्टूबर
सभी जिलों में शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण-दो अक्टूबर

Thursday, July 16, 2020

यूपी बोर्ड : 11460 मेधावियों को हर साल 10 हजार रुपये देगी केंद्र सरकार


यूपी बोर्ड : 11460 मेधावियों को हर साल 10 हजार रुपये देगी केंद्र सरकार


यूपी बोर्ड की 2020 इंटरमीडिएट परीक्षा में 80 परसेंटाइल से पास करने वाले 11460 मेधावियों को केंद्र सरकार की ओर से स्नातक स्तर पर सालाना दस हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। बोर्ड ने बुधवार को छात्रवृत्ति के लिए योग्य छात्र-छात्राओं का कटऑफ जारी कर दिया। विज्ञान, वाणिज्य व कला वर्ग में क्रमश: 334, 313 व 304 अंक पाने वाले ऐसे अभ्यर्थी जिनकी सालाना पारिवारिक आय आठ लाख रुपये से कम हो, वे आवेदन कर सकते हैं। 


योग्य छात्र-छात्राओं के विवरण मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की वेबसाइट www.scholarships.gov.in पर उपलब्ध हैं। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने मेधावियों को सलाह दी है कि इस वेबसाइट पर विस्तृत विवरण प्राप्त कर आवेदन अवश्य करें। ऐसे मेधावी छात्र-छात्राएं जो किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान के नियमित पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते हैं, वे यह छात्रवृत्ति पाने के योग्य होंगे। विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी वर्ग में क्रमश: 3:2:1 के अनुपात से छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।


पूर्व के वर्षों 2016, 2017, 2018 व 2019 में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं अपनी छात्रवृत्ति नवीनीकरण के लिए इस वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। सभी छात्र-छात्राओं को अपना आधार नंबर अपने राष्ट्रीयकृत बैंक खाता संख्या से लिंक कराना होगा।

Monday, June 22, 2020

अच्छी खबर : रिजल्ट से पहले ही छात्र कर सकेंगे छात्रवृत्ति आवेदन

रिजल्ट से पहले ही कर सकेंगे छात्रवृत्ति आवेदन

लखनऊ :  छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति के सहारे पढ़ाई करने वाले अल्प आय वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। इस कोरोना काल में छात्रों को छात्रवृत्ति का आवेदन करने के लिए रिजल्ट का इंतजार नहीं करना होगा। रिजल्ट आने से पहले ही आवेदन किए जा सकेंगे।





‘रिजल्ट नॉट येट डिक्लियर' का विकल्प : वैश्विक महामारी कोरोना के बीच सरकार ने पहली बार छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन में नया विकल्प जोड़ा है। इसके मुताबिक अगर छात्रों का वार्षिक परीक्षाफल या दोनों सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आ रहा है तो ‘रिजल्ट नॉट येट डिक्लियर' (परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया) का विकल्प चुनते हुए छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा बताते हैं कि ऐसे में छात्रों का डाटा संन्देहास्पद (सस्पेक्टेड) श्रेणी में आ जाएगा, जिसे सुधारने के लिए 11 से 21 दिसम्बर तक का समय मिलेगा।


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Thursday, June 18, 2020

शुल्क प्रतिपूर्ति पर कोरोना का ग्रहण, अब वित्तीय सहमति लेना अनिवार्य


Coronavirus Effect: शुल्क प्रतिपूर्ति पर कोरोना का ग्रहण, अब वित्तीय सहमति लेना अनिवार्य



Coronavirus Effect वित्तीय विभाग की सहमति के बगैर नहीं हो सकेगा भुगतान 24 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया। ...


लखनऊ  Coronavirus Effect: आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों को मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति पर ग्रहण लगने वाला है। नए वित्तीय वर्ष में बजट का आवंटन भले ही कर दिया गया हो, लेकिन शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए वित्तीय सहमति लेना अनिवार्य होगा। पहले बजट मिलने के साथ ही उतने पैसे का भुगतान विद्यार्थियों के खाते में कर दिया जाता था। कोरोना संकट के चलते ऐसा निर्णय लिया गया है। हालांकि, शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 24 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया होगी।

 
समाज कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों की फीस शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाती है। हर वर्ष की दो अक्टूबर और 26 जनवरी काे विद्यार्थियों के खाते में फीस भेजने का प्रावधान है। काेरोना महामारी के चलते शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए जारी बजट का खर्च वित्त विभाग की सहमति के बगैर न करने का आदेश जारी किया गया। ऐसे में वर्ष 2020-21 वित्तीय वर्ष में शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान पर असमंजस की स्थिति बनी गई है।

 
सामान्य वर्ग की शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के लिए 52,500 लाख रुपये और अनुसूचित जाति व जनजाति के शुल्कप्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लहए 98,012 लाख रुपये का बजट स्वीकृत है, लेकिन भुगतान के पहले वित्त विभाग की सहमति लेनी होगी। पूर्व दशम कक्षा नौ और 10 और दशमोत्तर कक्षा 12 के ऊपर विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया का शिड्यूल जारी किया गया है। इसकी पूरी जानकारी स्कॉलरशिप की वेबसाइट scholarship.up.nic.in पर ली जा सकती है।
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Thursday, June 11, 2020

छात्रवृत्ति के लिए समय-सारणी जारी


छात्रवृत्ति के लिए समय-सारणी जारी 

लखनऊ। समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए समय सारणी जारी कर दी है। कक्षा 11-12 और इससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थी 1 अगस्त से 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। रिनुअल श्रेणी के उन छात्रों को जिनका डाटा ठीक होगा, उन्हें 1 अक्टूबर को भुगतान कर दिया जाएगा। शेष छात्रों को 25 जनवरी को भुगतान होगा। इसी तरह से कक्षा 9 व 10 में के छात्र 24 जुलाई से 12 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे


छात्रवृत्ति आवेदन के लिए गाइडलाइन जारी, छात्रवृत्ति के लिए आधार से मोबाइल नंबर व बैंक खाता लिंक करना अनिवार्य


छात्रवृत्ति योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए छात्रों के आधार का ऑनलाइन सत्यापन कराया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में छात्रों के आधार नंबर के सत्यापन और ओटीपी के बिना आवेदन सब्मिट नहीं हो सकेगा। इस प्रक्रिया में छात्र- छात्राओं के नाम, पिता-पति के नाम केसत्यापन के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी भरने के बाद ही छात्रवृत्ति आवेदन ऑनलाइन अनिवार्य स्वीकार होगा।




सरकारी छात्रवृत्ति अब आधार के बगैर नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिया था आदेश


अब आधार कार्ड के बगैर समाज कल्याण विभाग से अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
बुधवार को इस बाबत प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि आगामी शैक्षिक सत्र से उन्हीं छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के आवेदनों पर विचार किया जाएगा जिनके आवेदन के साथ त्रुटिरहित आधार की प्रमाणित प्रति संलग्न होगी।


यही नहीं छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की स्वीकृत धनराशि आवेदक के उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी जो आधार से लिंक रहेगा।


इस बाबत पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। मगर जब तक सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर केंद्र सरकार का गजट नोटिफिकेशन आता तब तक उ.प्र. में छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी, इसलिए इस बार नये शैक्षिक सत्र से इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया।

Wednesday, May 13, 2020

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था


लखनऊ : प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति की गड़बड़ी रोकने के लिए आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। प्रमाणीकरण के बगैर छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पाएंगे। यानी आवेदन पत्र में दर्ज विवरण का आधार से मिलान होने के बाद ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्र आगे बढ़ाये जाएंगे। यह व्यवस्था वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लागू होगी। समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण व जनजाति विकास विभाग में संचालित छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में अब आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के ऑनलाइन आवेदन भरने में छात्र-छात्राओं को नाम,पिता का नाम, जन्म तिथि व जेंडर भरना होगा। आधार नंबर डालने के बाद सॉफ्टवेयर यूआइडीएआइ की वेबसाइट से विवरण मिलाएगा। यदि विवरण मेल नहीं खाया तो आधार नंबर प्रमाणीकरण नहीं होगा। ऐसे में आवेदन पत्र आगे नहीं बढ़ेगा। यानी आप जो विवरण ऑनलाइन आवेदन पत्र में भर रहे हैं वह आपके आधार कार्ड में दर्ज विवरण से मिलना चाहिए। आधार नंबर प्रमाणीकरण के बाद छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्रों को पूरा भरकर जमा करना होगा। इस नई व्यवस्था से ऐसे छात्र-छात्राएं भी आवेदन नहीं कर पाएंगे, जिनके आधार कार्ड में दर्ज विकिरण हाईस्कूल से अलग हैं। यानी नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि व जेंडर में एक भी चीज आधार से मिसमैच नहीं होनी चाहिए।







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Sunday, April 26, 2020

प्रथम श्रेणी वाले सामान्य वर्ग के छात्र ही होंगे छात्रवृत्ति योजना में आवेदन के हकदार, जल्द ही जारी हो जाएगी नई नियमावली

प्रथम श्रेणी वाले सामान्य वर्ग के छात्र ही होंगे छात्रवृत्ति योजना में आवेदन के हकदार, जल्द ही जारी हो जाएगी नई नियमावली।






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