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Wednesday, May 12, 2021

शिक्षामित्रों की हालत को लेकर सरकार पर बेरुखी और वादे न पूरे करने का आरोप

शिक्षामित्रों की हालत को लेकर सरकार पर बेरुखी और वादे न पूरे करने का आरोप

 


लखनऊ। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार के चार साल के कार्यकाल के बाद भी शिक्षामित्रों की हालत जस की तस है। संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को समस्याओं के निस्तारण पर ध्यान नहीं दे रही है। 


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षामित्रों से किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। इससे शिक्षामित्र हताश हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से करीब दो सौ शिक्षामित्रों की मृत्यु हुई है। 


उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के आश्रितों को भी 50 लाख रुपये मुआबजा और सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। सरकार को प्रदेश के विभिन्‍न अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित शिक्षामित्रों के भी इलाज का उचित प्रबंध करना चाहिए।

Monday, May 10, 2021

प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध

प्रयागराज : कोरोना संक्रमित शिक्षकों ने दिया प्रत्यावेदन, राहत के आसार, संगठन ने केवल बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का किया विरोध


कोरोना ड्यूटी के दौरान संक्रमित शिक्षकों को वेतन जारी करने के मकसद से बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने रविवार को ऐसे शिक्षकों से प्रत्यावेदन लिया। तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर अपनी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट और दूसरी जांच के लिए दिए सैंपल आदि साक्ष्य के साथ आवेदन पत्र सौंपा।


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने भी बीएसए को 23 शिक्षकों की सूची भेजते हुए वेतन जारी करने की मांग की है। शिक्षकों का वेतन रोकने की निंदा करते हुए कहा है कि कोरोना की रोकथाम में सिर्फ परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई जबकि अन्य संवर्ग के शिक्षकों व कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगनी चाहिए।


प्रयागराज:- इंटीग्रेटेड कोविड कंट्रोल रूम (आई. ट्रिपलसी) में अनुपस्थित पाए गए जिन शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोका गया है, उनमें सी कई शिक्षकों को राहत मिलने के आसार हैं। ड्यूटी पर तैनात तमाम शिक्षक खुद संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से वे ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने ऐसे शिक्षकों से कोविड पॉजिटिव होने के प्रमाण सहित उनसे प्रत्यावेदन लिए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से भी कई शिक्षकों के नाम बीएसए को दिए गए हैं।

कोविड संक्रमित जो मरीज होम आइसालेशन में हैं, उनका हालचाल जानने के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी आई. ट्रिपलसी में लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान आई. ट्रिपलसी में 92 शिक्षक अनुपस्थित मिले, जिनका अप्रैल माह 2021 का वेतन रोक लिया गया, जबकि इनमें से तमाम शिक्षक खुद कोविड से संक्रमित हो गए थे और इसी वजह से ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। शिक्षकों का कहना है कि संक्रमित कर्मचारियों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 28 दिनों की छुट्टी दिए जाने का सरकारी नियम है, लेकिन शिक्षा विभाग ने इस नियम की अनदेखी की।


Friday, May 7, 2021

यूपी पंचायत चुनाव : मृतक शिक्षकों की सूची को सत्यापित करेंगे डीएम, तरीके पर संगठनों ने जताई आपत्ति

यूपी पंचायत चुनाव : मृतक शिक्षकों की सूची को सत्यापित करेंगे डीएम, तरीके पर संगठनों ने जताई आपत्ति


पंचायत चुनाव में संक्रमित होकर मृत हुए 706 शिक्षकों की सूची जिलाधिकारी सत्यापित करेंगे। इन शिक्षकों की ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी थी और कोविड के कारण इनकी मौत हुई, इन बिन्दुओं पर जिलाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट देनी है। शिक्षकों ने इस पर आपत्ति उठाई है। उनका कहना है कि इस सूची में चौथे चरण और मतगणना में संक्रमित होकर मृत हुए शिक्षकों की संख्या नहीं है।
 

शिक्षक संघों का कहना है कि कई शिक्षकों की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाई गई थी। प्रशिक्षण के समय ही ये संक्रमित हो गए और ड्यूटी नहीं कर पाए, वे बाद में मृत हो गए। उनको भी इस सूची में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि वे संक्रमित पंचायत चुनाव के प्रशिक्षण में हुए हैं। इसे भी शासन को स्पष्ट करना चाहिए। वहीं 706 शिक्षकों की सूची 29 अप्रैल की है, जिसमें चौथे चरण के बाद संक्रमित होकर मृत हो गए शिक्षकों के नाम नहीं है।


यह सूची उप्र शिक्षक महासंघ ने 29 अप्रैल को राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपी थी। इसमें 706 शिक्षकों के नाम, स्कूल के नाम और ब्लॉक-जिला था। इस सूची को भी अब विभाग सत्यापित करवा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में 135 शिक्षकों की मृत्यु पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। इस पर आपत्ति दर्ज करते हुए उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने दावा किया कि 706 शिक्षकों की अब तक मृत्यु हो चुकी है।

पंचायत चुनाव की भेंट चढ़े दो हजार कार्मिक, 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग

पंचायत चुनाव की भेंट चढ़े दो हजार कार्मिक,  50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग



लखनऊ। उत्तर प्रदेश कर्मचारी संघ संयुक्त परिषद का दावा है कि प्रदेश में दो हजार शिक्षक एवं कर्मचारी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की भेंट चढ़ गए हैं। संघ ने सरकार से मृतक कर्मचारियों और शिक्षकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

 

संघ के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी का कहना है कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान हजारों की संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए। इनमें से करीब एक हजार शिक्षकों और इतने ही कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित कर्मचारियों और शिक्षकों के संपर्क में आए उनके परिवारजनों की भी मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया गया। संक्रमित शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर उपचार नहीं मिला।


शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले सात सौ से अधिक मृतक शिक्षकों की सूची सरकार को दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत मृतकों के परिवारजन को 50-50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देनी चाहिए।


उत्तर प्रदेश कर्मचारी संघ संयुक्त परिषद का दावा है कि प्रदेश में दो हजार शिक्षक एवं कर्मचारी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की भेंट चढ़ गए हैं। संघ ने सरकार से मृतक कर्मचारियों और शिक्षकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
 
संघ के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी का कहना है कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान हजारों की संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए। इनमें से करीब एक हजार शिक्षकों और इतने ही कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित कर्मचारियों और शिक्षकों के संपर्क में आए उनके परिजनों की भी मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कराया गया। संक्रमित शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर उपचार नहीं मिला। 

शिक्षक संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले सात सौ से अधिक मृतक शिक्षकों की सूची सरकार को दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत मृतकों के परिवारजन को 50-50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देनी चाहिए। 
 
वाणिज्य कर विभाग में 800 कर्मचारी कोरोना संक्रमित
वाणिज्य कर विभाग के करीब 800 कर्मचारी और अधिकारी कोविड-19 से संक्रमित हैं। इसके मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को संपत्ति का ब्यौरा देने की तिथि बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है। वाणिज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने इस संबंध में सभी विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा है।

इसमें कहा गया है कि इस समय विभाग में कोरोना से लगभग 800 से अधिकारी व कर्मचारी संक्रमित हैं। इसलिए संपत्तियों का विवरण का प्रारूप अपलोड करने की तिथि 30 अप्रैल से 31 मई कर दी गई है और वार्षिक कार्य विवरण ऑनलाइन अपलोड करने की तिथि 15 मई से 30 जून कर दी गई है। वाणिज्य कर विभाग में कोरोना प्रभावित अधिकतर कर्मचारी या तो घर पर क्वारंटीन हैं या फिर अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके चलते विभाग का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

Friday, April 30, 2021

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच ने भी किया पंचायत चुनाव मतगणना के बहिष्कार का एलान

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच ने भी किया पंचायत चुनाव मतगणना के बहिष्कार का एलान 



आगामी 02 मई को पंचायत चुनाव मतगणना स्थगित न हुई तो करेंगे बहिष्कार, शिक्षक महासंघ का बड़ा एलान

आगामी 02 मई को पंचायत चुनाव मतगणना स्थगित न हुई तो करेंगे बहिष्कार,  शिक्षक महासंघ का बड़ा एलान





Wednesday, April 28, 2021

मतगणना प्रशिक्षण का बॉयकॉट करने का आह्वान, कई असमय मौतों से कर्मचारियों में भय का माहौल

मतगणना  प्रशिक्षण का बॉयकॉट करने का आह्वान, कई असमय मौतों से कर्मचारियों में भय का माहौल


लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मतगणना ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने का बहिष्कार करने का एलान किया है और मतगणना को स्थगित करने की मांग करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन भेजा है। इसके साथ ही अटेवा संघ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी मतगणना स्थगित करने की मांग संबंधी ज्ञापन डीएम को दिए हैं।


राष्ट्रीय शैक्षणिक महासंघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री व जिलाध्यक्ष संतोष मौर्य ने कहा है कि पंचायत चुनाव में हमने अपने कई साथियों को खो दिया है, जो निर्दोष थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कार्यकारिणी ने यह निर्णय लिया है कि कोई भी शिक्षक साथी दो मई को होने वाली मतगणना और उसके पूर्व प्रशिक्षण में प्रतिभाग नहीं करेगा।


उधर, अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन एडीएम अरुण कुमार सिंह को सौंपा है। उन्होंने दिवगंत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के परिजन को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल मुहैया कराने एवं संक्रमित कर्मियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार से देने की मांग की है। अटेवा मंच ने सरकार से मांग की है कि पंचायत चुनाव की मतगणना को स्थगित कर दिया जाए, क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट ने भी माना है कि करोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है।


राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पुष्कर और जिला मंत्री अजय कुमार पाठक के नेतृत्व में कर्मचारियों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।

कोरोना से हुई मौतों को देखते हुए मतगणना स्थगित करने की कर्मचारी संगठनों की मांग

कोरोना से हुई मौतों को देखते हुए मतगणना स्थगित करने की कर्मचारी संगठनों की मांग



लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की कोरोना से हुई मौत को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने मतगणना स्थगित करने की मांग की है। शिक्षक और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि ऐसे में इसे टालना चाहिए। मतगणना में संक्रमण की आशंका ज्यादा हैं।


खंड शिक्षा अधिकारी संघ के महासचिव वीरेंद्र कुमार कनौजिया ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है कि मतगणना में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं होगा। इसके पहले चुनाव ड्यूटी में ही कई खंड शिक्षा अधिकारी संक्रमित हुए और कुछ की मौत भी हो गई है। ऐसे में मतगणना तत्काल स्थगित कर दी जानी चाहिए। उन्होंने मृत खंड शिक्षा अधिकारियों के परिवारीजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और मृतक आश्रित को नौकरी देने की मांग की। 


प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय सिंह व राजकीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने भी बमतगणना टालने की मांग की है। 


राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि पूरे चुनाव भर सरकार से मांग की जाती रही कि वे कर्मचारियों को समुचित किट उपलब्ध करवाकर ड्यूटी करवाएं। लेकिन सरकार ने नहीं सुना। लिहाजा मतगणना टाल देनी चाहिए। ग्राम पंचायतीराज सफाई कर्मचारी संगठन समेत कई अन्य संगठनों ने भी मतगणना टालने की मांग की है।

Friday, April 23, 2021

कोविड 19 महामारी के दौरान यूपी में पंचायत निर्वाचन पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

कोविड 19 महामारी के दौरान यूपी में पंचायत निर्वाचन पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मांग : पंचायत चुनाव स्थगित किए जाएं ✊


राज्य मुख्यालय | पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों में डर की लहर है। शिक्षक नेताओं का दावा है कि जिन जिलों में चुनाव हो चुका है वहां संक्रमित शिक्षकों की संख्या बढ़ रही है । उनकी मांग है कि पंचायत चुनाव स्थगित किए जाएं और शिक्षकों को भी कोरोना योद्धाओं में शामिल किया जाए।

शिक्षक महासंघ के संयोजक व पूर्व एमएलसी हेम सिंह पुण्डीर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि कोरोना संक्रमण प्रदेश में विकराल रूप ले चुका है।


Monday, April 19, 2021

जनता बची तो पंचायत चुनाव फिर हो जाएंगे, इंटरनेट मीडिया पर चुनाव टालने को "स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन" अभियान

जनता बची तो पंचायत चुनाव फिर हो जाएंगे, इंटरनेट मीडिया पर चुनाव टालने को "स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन" अभियान।


सीतापुर : बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच हो रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए रविवार को शिक्षकों में जबरदस्त उबाल दिखा। चुनाव को आगे बढ़ाने व कुछ समय तक टालने की मांग को लेकर अनेक शिक्षकों ने इंटरनेट मीडिया पर जबरदस्त अभियान चलाया। शिक्षकों ने इस मुहिम का नाम स्टाप इलेक्शन सेव ह्यूमन कैंपेन नाम दिया।



अभियान के तहत शिक्षकों ने इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंच पर अपनी बात लिखी और चुनाव आयोग से पंचायत निर्वाचन आगे टालने की बात कही। अधिकांश शिक्षकों ने लिखा है। जिले के शिक्षकों में कुलदीप वाजपेयी, रुची अग्रवाल, नईम खां, विजय गौतम, मोहन दीक्षित, इमरान अंसारी, खुश्तर रहमान, रजत रंजन आदि अनेक शिक्षकों ने कैंपेन में सहभागिता दर्ज कराई।


शिक्षकों ने ज्ञापन किया मेल : शिक्षक संगठनों ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग को ज्ञापन मेल किया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एलिया इकाई के अध्यक्ष कुलदीप वाजपेयी व मंत्री रईस अहमद ने लिखा है कि कोरोना अतिघातक है, मानवता संकट में है। पीड़ित होने वालों में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की संख्या भी अधिक है। जो कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के दौरान संक्रमित होगा उसमें 4 से 5 दिन बाद लक्षण प्रतीत होंगे तब उसे चुनाव ड्यूटी में नहीं माना जाएगा। 


इसका आदेश होना चाहिए कि यदि कोरोना से किसी शिक्षक कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसे चुनाव ड्यूटी के दौरान हुई मृत्यु माना जाए। परिवार के भरण पोषण के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष खुश्तर रहमान एवं महामंत्री काजिम हुसैन ने भी स्थिति सामान्य होने तक चुनाव स्थगित करने की मांग की है। 


 नारे

-मानव जाति संकट में है। अगर जनता बची तो पंचायती चुनाव फिर हो जाएंगे। प्रदेश में पंचायत चुनाव कोरोना काबू होने तक टाले जाएं'।

- प्रतिदिन कोरोना से हो रही शिक्षकों की मौत से अत्यंत भयभीत हूं। सरकार के इस प्रचंड तरीके से फैली इस महामारी के बीच चुनाव ड्यूटी करके अपने और अपने परिवार के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता हूं'

Monday, April 12, 2021

रोजगार की मांग को लेकर बीटीसी - डीएलएड और टेट परीक्षा पास प्रशिक्षुओं ने चलाया पोस्टर अभियान

रोजगार की मांग को लेकर बीटीसी - डीएलएड और टेट परीक्षा पास प्रशिक्षुओं ने चलाया पोस्टर अभियान


कौशांबी : बीटीसी व डीएलएड और टेट परीक्षा पास करने के बाद भी युवकों को अब तक रोजगार नहीं मिला। सरकार जल्द भर्ती निकाले इसकी मांग लगातार हो रही है। इसके बाद भी शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार सचेत नहीं है। इसके विरोध में रविवार को डीएलएड संयुक्त मोर्चा संघ ने पोस्टर अभियान चलाया। मुख्यालय में विभिन्न स्थानों पर पोस्टर चस्पा कर अपना विरोध दर्ज कराया।


डीएलएड संयुक्त मोर्चा संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंझनपुर में पोस्टर अभियान चलाया गया। इस दौरान डायट समेत अन्य स्थानों पर पोस्टर चस्पा कर बेरोजगार युवकों ने अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में अभी लाखों की संख्या में शिक्षक के पद रिक्त हैं। बीटीसी, डीएलएड व टेट पास लाखों युवक बेरोजगार बैठे हैं। सरकार को इनकी चिंता नहीं है। 

सरकार का ध्यान इस ओर लाने के लिए बेरोजगार पोस्टर अभियान चला रहे हैं। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित गुप्ता ने बताया कि यह पोस्टर अभियान प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, कानपुर, लखनऊ जैसे शहरों में भी चलाया गया है। इसका मकसद सिर्फ सरकार को जगाना है।

Sunday, March 28, 2021

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग

शिक्षामित्रों को नहीं मिल पाया मानदेय, होली हुई बेरंग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षामित्र इस बार दो महीने से मानदेय न मिलने से परेशान हैं। सरकार ने सभी कर्मचारियों को होली से पहले वेतन, मानदेय देने का निर्देश दिया था किंतु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण लगभग एक लाख तीस हजार शिक्षामित्रों को फरवरी और मार्च माह का मानदेय नहीं मिल सका है। जिसके कारण शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है।


 उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला अध्यक्ष लखनऊ सुशील कुमार यादव ने बताया की मुख्यमंत्री ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किया था की होली के त्यौहार से पहले सबको वेतन व मानदेय मिल जाना चाहिए, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते शिक्षामित्रों को फरवरी एवं मार्च माह का मानदेय नहीं मिल पाया है। जिसके कारण सभी शिक्षामित्रों के परिवार में होली का त्यौहार सूना है। 



संघ मुख्यमंत्री से मांग करता है कि होली से पहले मानदेय जारी न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। जिससे भविष्य में ऐसा दोबारा ना हो।

Friday, March 26, 2021

दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


दूरस्थ बीटीसी शिक्षामित्र संघ ने पंचायत चुनाव में ड्यूटी से किया इनकार


उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा है कि सरकार की उपेक्षा से शिक्षामित्र त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे। संघ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी शिक्षामित्र ड्यूटी नहीं करेंगे। 



उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। अल्प वेतन में शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के साथ चुनाव ड्यूटी का कार्य भी कराया जा रहा है। संघ ने निर्णय लिया है कि यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे शिक्षण कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे।

Saturday, March 20, 2021

प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने पद छोड़ने की चेतावनी दी, सहायक के वेतन पर प्रधानाध्यापक का काम नहीं करेंगे

प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने पद छोड़ने की चेतावनी दी, पदोन्नति न होने पर प्रभारी बीएसए को दिया ज्ञापन, कहा सहायक के वेतन पर प्रधानाध्यापक का काम नहीं करेंगे


बदायूं। पदोन्नति की मांग को लेकर शुक्रवार को परिषदीय विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने प्रभारी बीएसए प्रवीन शुक्ला को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि अगर उनको नियमानुसार जल्द पदोन्नत नहीं किया गया तो वह प्रधानाध्यापक का प्रभार छोड़ देंगे।


जिले के काफी संख्या में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक का प्रभार सहायक अध्यापकों पर है। नियमानुसार तीन साल में पदोन्नति हो जानी चाहिए, लेकिन इससे भी ज्यादा समय बीत चुका है और पदोन्नति नहीं हुई है। प्रभारी बीएसए को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि उनको वेतन सहायक अध्यापक का मिलता है जबकि उनसे काम प्रधानाध्यापक का लिया जा रहा है।


ज्ञापन में कहा गया है कि अगर उनको पदोन्नति नहीं दी गई तो वह सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रशांत शर्मा, सुरजीत बाबू गुप्ता, नीलेश मौर्य, चक्रेश कुमार, नीलेश वर्मा, अकसद खां, मुगीस खान, अमीर अहमद, प्रेमपाल, शिवशंकर, विचित्रपाल आदि रहे। प्रभारी बीएसए डॉ. प्रवीन शुक्ला ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापकों की मांग शासन को भेजी जा रही हैं। संवाद

Tuesday, March 9, 2021

शिक्षा अधिकरण विधेयक की प्रतियां फूंक कर पूरे प्रदेश में शिक्षकों ने जताया विरोध

शिक्षा अधिकरण विधेयक की प्रतियां फूंक कर पूरे प्रदेश में शिक्षकों ने जताया विरोध


पूरे प्रदेश में शिक्षकों ने एकत्रित होकर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण का विरोध किया। विरोध स्वरूप शिक्षक महासंघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने अधिकरण की प्रतियां जलाईं। 


विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शिक्षक प्रतिनिधियों  ने कहा सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग पर यह अधिकरण लागू किया है। अधिकरण के लागू होने पर हम शिक्षक अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए वकील नहीं कर सकेंगे, बल्कि विभाग के अधिकारी निर्णय करेंगे।


 यह शिक्षक हित में नहीं है इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। अभी सांकेतिक प्रदर्शन के तहत प्रतियों को जला रहे हैं। मांगों निस्तारण न होने की दशा में आगे प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ, मान्यता प्राप्त वित्तविहीन शिक्षक संघ, आदर्श संस्कृत विद्यालय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक कल्याण समिति, टीचर एसोसिएशन अरेबिया शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ, माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ आदि शिक्षक संगठन शामिल हुए। 


Saturday, March 6, 2021

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) का हल्ला बोल

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) का हल्ला बोल

शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के मूल अधिकारों को खत्म करने की चाल है शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक, बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी होंगे प्रभावित



प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 के विरोध में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) लामबंद हो गया है। शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। विधेयक तथा अधिकरण को वापस लेने की मांग संबंधी ज्ञापन डीएम के माध्यम से सीएम को भेजा।


इस मौके पर ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने कहा कि अधिकरण विधेयक उत्तर प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा के शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के लिए डेथ वारंट है। इस विधेयक से सेवा विवाद संबंधी मामलों में शिक्षकों के उच्च न्यायालय में जाने पर रोक लगाई जा रही है। यहां तक कि अधिकरण के निर्णय के विरुद्ध अपील में भी उच्च न्यायालय जाने पर रोक लगाई जा रही है। शिक्षकों तथा शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के मूल अधिकारों का हनन किया जा रहा है। इस मौके पर संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार शुक्ल, डॉ. देवी शरण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

Sunday, February 21, 2021

पदोन्नति न मिलने की हताशा में कार्यवाहक / प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद छोड़ने लगे बेसिक शिक्षक

पदोन्नति न मिलने की हताशा में कार्यवाहक / प्रभारी प्रधानाध्यापक का पद छोड़ने लगे बेसिक शिक्षक



प्रयागराज : 12 साल से प्रमोशन न मिलने से हताश शिक्षकों ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक पद से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय लक्षन का पूरा मेजा की कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका परमजीत कौर ने खंड शिक्षाधिकारी को पद से इस्तीफा भेजते हुए सहायक अध्यापिका के पद पर कार्य करने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि प्रधानाध्यापक का वेतन न मिलने से वह इंचार्ज हेडमास्टर के पद से इस्तीफा दे रहीं हैं।


प्रयागराज में 9 फरवरी 2009 के बाद नियुक्त शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हुआ है। जिसके चलते सैकड़ों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के सहारे चल रहा है। अफसर वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को कार्यवाहक की जिम्मेदारी सौंप दे रहे हैं, भले ही उनकी इच्छा हो या नहीं। सरकार की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन करने के साथ ही स्कूल में सफाई से लेकर बच्चों के प्रवेश, शिक्षकों की उपस्थिति आदि खुद देखना पड़ता है।


बच्चों के खाते में मिड-डे-मील की कन्वर्जन कास्ट पहुंचाने से लेकर यूनिफॉर्म सिलाने और जूता, मोजा, बैग, किताबें बांटने का काम प्रधानाध्यापक का है। कार्यवाहक को प्रधानाध्यापक का वेतन न मिलने से बड़ी संख्या में शिक्षक इस जिम्मेदारी को उठाना नहीं चाहते।


इनका कहना है

शिक्षक को दंड तो कार्यवाहक प्रधानाध्यापक का मिलता है लेकिन वेतन या अन्य कोई लाभ उस पद का नहीं दिया जाता। जबकि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यवाहक प्रधानाचार्य को इंक्रीमेंट तक मिलता है। जो शिक्षक कार्यवाहक पद छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं, वह स्वागत योग्य है। - देवेन्द्र श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ

Sunday, February 14, 2021

प्रमोशन न होने से नाराज हैं बेसिक शिक्षक, प्रमोशन नहीं होने पर प्रभारी पद छोड़ने की तैयारी

पडरौना : प्रमोशन न होने से नाराज हैं बेसिक शिक्षक, प्रमोशन नहीं होने पर प्रभारी पद छोड़ने की तैयारी

जिले में एक हजार से अधिक अध्यापक प्रभारी हेडमास्टर के तौर पर कर रहे हैं कार्य


पडरौना । जिले में एक हजार से अधिक अध्यापक प्रभारी हेडमास्टर के तौर पर कार्य कर रहे हैं। प्रमोशन के लिए ये शिक्षक कई बार आंदोलन कर चुके हैं। शुक्रवार की रात में 10 बजे तक शिक्षकों ने धरना दिया था। इन शिक्षकों ने प्रमोशन नहीं होने पर प्रभारी पद छोड़ने की बात कही है।

टेट मोर्चा से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि जिले में प्राथमिक और संविलयन समेत कुल 2464 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों की शिक्षा विभाग की तरफ से कई वर्षों से वरिष्ठता सूची जारी नहीं हुई है । विद्यालयों में रिक्त प्रधानाध्यापकों का कार्यभार वहां तैनात वरिष्ठ अध्यापकों को सौंप दिया जाता है। अंतर जनपदीय तबादला के चलते कई स्कूलों में कार्यरत प्रभारी हेडमास्टर का पद भी रिक्त हो गया है। 


शिक्षक नेताओं का कहना है कि अस्थाई व्यवस्था अल्पकाल के लिए तो ठीक है, लेकिन बिना प्रमोशन पाए ही शिक्षकों से अतिरिक्त कार्य लिया जाना उचित नहीं है। उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी।


इस संबंध में बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि शिक्षक संगठनों की मांग पर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से मार्ग दर्शन मांगा गया है । उनके तरफ से मिले निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, February 11, 2021

हाथरस बीएसए पर शिक्षकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप, विरोध में डीएम को सौंपा ज्ञापन

हाथरस बीएसए पर शिक्षकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को दिया ज्ञापन


हाथरस। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस को बीते दिनों ज्ञापन देते समय शिक्षकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को ज्ञापन दिया है।


बीतों दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र जिलाधिकारी के साथ बैठक में थे। वहीं पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंच गए। जिस पर बीएसए ने उन्हें डांट लगा दी। इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ नाराजगी जता रहा है। महासंघ ने बीएसए के द्वारा अपनी शब्दावली पर खेद प्रकट किए जाने की मांग की गई है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रविकांत मिश्रा, मंडलीय उपाध्यक्ष हरीश कुमार शर्मा, संजय कुमार शर्मा, डॉ. संजय गौतम, आशुतोष अग्निहोत्री, विमल शर्मा, मनोज शर्मा, राहुल देव, अजय शर्मा, अजीत राणा, हरिओम सिंह, रामगोपाल, प्रदीप पचौरी, गोपाल शर्मा, देवेंद्र सिंह, चंद्र प्रकाश शर्मा आदि शामिल थे।


मामले को लेकर बीएसए मनोज कुमार मिश्र का कहना है कि अभद्र भाषा का आरोप गलत है। जिलाधिकारी महोदय की मीटिंग में था, वहां पर जाकर इन्होंने ज्ञापन देना चाहा था, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। ज्ञापन देना था तो पूर्व में सूचना देते या फिर हमारे में ऑफिस में आकर ज्ञापन देते। इसी को लेकर फटकार लगाई थी, लेकिन भाषा अभद्र नहीं थी।

Wednesday, January 20, 2021

69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध

69000 : दिव्यांग अभ्यर्थी सामूहिक मुंडन के जरिये आज दर्ज कराएंगे अपना विरोध।



प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति के खिलाफ 14 दिसंबर 2020 से लगातार धरने पर बैठे दिव्यांगों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। 

अब दिव्यांग अभ्यर्थी बुधवार को सामूहिक मुंडन करवाएंगे। धरने पर बैठने वालों में उपेन्द्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप, राघवेंद्र, कौशल शामिल रहे।