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Tuesday, February 23, 2021

69000 शिक्षक भर्ती त्रुटियों के कारण छूट गए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर घेरा निदेशालय

69000 शिक्षक भर्ती त्रुटियों के कारण छूट गए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर घेरा निदेशालय


लखनऊ। बेसिक के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने बताया कि वे पिछले दो महीने से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर भटक रहे हैं।


पहले तो आश्वासन भी दिया गया लेकिन अब तो कोई इस मुद्दे पर बात करने तक को तैयार नहीं है। आवेदन में हुईं त्रुटियों में सुधार करने का अवसर दिए जाने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर सुबह सैकड़ों अभ्यर्थी निदेशालय परिसर पहुंच गए हाथों में पोस्टर-बैनर लिए अभ्यर्थी परिसर में धरने पर बैठ गए। देर शाम तक वे प्रदर्शन करते रहे लेकिन इस दौरान कोई भी अधिकारी उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा। इस दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।

Thursday, February 11, 2021

बेसिक शिक्षा मंत्री का आवास घेरने की कोशिश, 69000 भर्ती में त्रुटि सुधार का मौका देने की मांग

बेसिक शिक्षा मंत्री का आवास घेरने की कोशिश, 69000 भर्ती में त्रुटि सुधार का मौका देने की मांग


लखनऊ। 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में बुधवार शाम बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी का डालीबाग स्थित आवास घेरने पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ दिया। पुलिस ने उन्हें परिसर से बाहर कर मेन गेट बंद कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने रोड किनारे ही प्रदर्शन शुरू कर नियुक्ति पत्र देने की मांग की। बाद में पुलिस ने बृहस्पतिवार को मंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन देकर प्रदर्शन खत्म कराया।




अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन में हुईं मामूली त्रुटियों में सुधार का अवसर देकर नियुक्ति पत्र देने की मांग कर रहे हैं । इससे पूर्व भी अभ्यर्थियों ने दिसंबर से जनवरी तक 37 दिन प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें जल्द नियुक्ति पत्र देने का आश्वासन दिया गया था। महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि आश्वासन के बाद भी अभी तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी उनका भविष्य अंधकारमय है। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है और बेटियों को भर्ती से वंचित रखा गया है ।

Sunday, February 7, 2021

69,000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रश्नों के जवाब का विवाद जल्द खत्म होने के आसार, 9 फरवरी को सुनवाई

69,000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रश्नों के जवाब का विवाद जल्द खत्म होने के आसार, 9 फरवरी को सुनवाई



प्रयागराज : 69,000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रश्नों के जवाब का विवाद जल्द खत्म होने के आसार हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तरकुंजी में कई प्रश्न ऐसे हैं, जिनके दो से अधिक विकल्प सही हैं। ऐसे विवादित प्रश्नों को लेकर वे लगातार एक साल से चक्कर काट रहे हैं। अब नौ फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है।

69000 शिक्षक भर्ती उत्तरकुंजी में विवादित प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों ने शनिवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और सचिव को ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों का दावा है कि उत्तरकुंजी में बहुत से प्रश्न ऐसे हैं जिनके 2 से अधिक विकल्प सही है।



राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और अधिकृत पुस्तकों में भी प्रश्न के उत्तर सही लिखे हैं। विवादित प्रश्नों को लेकर छात्र लगातार एक साल से कोर्ट के चक्कर काट रहे है। छात्रों ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री को कई बार ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया है। अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि 9 फ़रवरी को उच्च न्यायालय में उत्तरकुंजी मामले पर सुनवाई होनी है जिसपर प्रदेश के हज़ारों अभ्यर्थियों की निगाहें लगी हैं। 


छात्रों की मांग है कि मामले को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए, उसके पश्चात ही शिक्षक भर्ती के रिक्त पद भरे जाएं। प्रदर्शन करने वालों में कृष्णा सिंह, रवि कुमार गौतम, प्रमोद उपाध्याय व अमित यादव आदि रहे।

Friday, February 5, 2021

शिक्षकों की गोपनीय आख्या के विरोध में आक्रोश, विरोध में उतरे शिक्षक संगठन

शिक्षकों की गोपनीय आख्या के विरोध में आक्रोश, विरोध में उतरे शिक्षक संगठन


गोपनीय आख्या के नाम पर बंद हो शोषण - कई जिलों में ज्ञापन सौंप बोले बेसिक शिक्षक


सीतापुर। प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री व बीएसए को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्त ने कहा सरकार आए दिन नए-नए आदेश जारी करके अधिकारियों को शिक्षकों का शोषण करने के लिए संरक्षण दे रही है। गोपनीय आख्या के नाम पर अधिकारी शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर जिले में महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।


जिला मंत्री आराध्य शुक्ल ने कहा पूरे जिले में खंड शिक्षा अधिकारियों का संगठित भ्रष्टाचार चल रहा है। कहा, पिछले दिनों कार्यमुक्त शिक्षकों की रिलीविंग में हुई धन उगाही और रात भर महिलाओं को बीएसए कार्यालय में रोकने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए । उन्होंने शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या लेने विषयक आदेश वापस लेने की भी मांग की।


झांसी। शिक्षकों की गोपनीय आख्या को लेकर शिक्षक संगठनों में आक्रोश पनप रहा है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन के आदेश को लेकर विरोध किया। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा भवन से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही, डीएम को मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


शिक्षक नेताओं ने कहा कि कायाकल्प के तहत हो रहे कार्यों को शिक्षकों के अंक निर्धारण से जोड़ना उत्पीड़न करना है। वार्षिक गोपनीय आख्या पठन-पाठन के विपरीत और असमंजस उत्पन्न करने वाली है। इससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। इसके साथ ही, 20 सूत्रीय मांगों को ज्ञापन में सम्मिलित किया गया। 


इस मौके पर शिक्षकों ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, जनपद के अन्दर स्थानान्तरण एवं पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया बहाल करने, संसाधन उपलब्ध कराए बगैर ऑनलाइन कार्य में शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई आदेश करने, कैश लेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी के स्थान पर लिपिक पद पर नियुक्त करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने, बेसिक शिक्षा परिषद में एनजीओ का दखल बंद करने और नवनियुक्त शिक्षकों के दो प्रमाण पत्रों के सत्यापन पर शीघ्र वेतन भुगतान करने एवं पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। 

इस दौरान ज़िलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, मंत्री चौधरी धर्मेंद्र सिंह, देवेश शर्मा, मोहम्मद अफ जल, रजनी साहू, राजीव आर्य, पुष्पा सिंह, उमेश बबेले, प्रवक्ता अब्दुल नोमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुशवाहा, संयुक्त मंत्री शिवकुमार पाराशर, कोषाध्यक्ष चरण सिंह पटेल, देवी प्रसाद, अरुण निरंजन, मृत्युञ्जय सिंह, अनिरुद्ध रावत, प्रियवंदा मिश्रा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी सौंपा ज्ञापन

झांसी। बेसिक शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेसिक शिक्षकों की न्यायोचित मांगें सरकार व शासन के स्तर पर लंबित हैं। महानिदेशक स्कूली शिक्षा द्वारा जारी किया गया आदेश नियम विरुद्ध है। इस मौके पर महेश साह्रू, प्रदीप कुशवाहा, विपिन त्रिपाठी, राजीव पाठक, सुनील गुप्ता, अजय देवलिया, रंजीत यादव, पवन देव त्रिपाठी, हिमांशु अवस्थी, हरगोविंद यादव, अजय पटेल, अरुण पटेरिया, आशुतोष पांडेय, रामकिशोर यादव, नीरज चाउदा, पवन गुप्ता मौजूद रहे।

गोपनीय आख्या पर पदोन्नति व वेतन वृद्धि अव्यवहारिक

जौनपुर । प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय अध्यक्ष व प्रांतीय संगठन मंत्री अमित सिंह के नेतृत्व में परिषदीय शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिक्षकों के मूल्यांकन के (गोपनीय आख्या) आदेश के विरोध सहित 22 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में ज्ञापन भेजा । प्रांतीय संगठन मंत्री ने कहा विगत 8 जनवरी को बेसिक शिक्षा परिषद विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का मूल्यांकन कर वार्षिक गोपनीय आख्या ब्लाक/जनपद के अधिकारियों द्वारा विभाग को प्रेषित की जायेगी और इस गोपनीय आख्या के आधार पर ही शिक्षकों की वेतन वृद्धि व पदोन्नति की जायेगी। यह आदेश पूर्ण रूप से अव्यवहारिक एवं शिक्षकों का शोषण करने वाला है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यालय में कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के लिए भी अंक तय कर उनका उल्लेख शिक्षकों की गोपनीय आख्या में करने की व्यवस्था की गई है जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध व अनुचित है


उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की गोपनीय आख्या मांगे जाने पर उत्तर प्रदेशीय प्राशिसं ने विरोध जताते हुए डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। महामंत्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक अपने कर्तव्य पूरा कर रहे हैं, फिर भी गोपनीय मूल्यांकन के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से शिक्षकों का मनोबल गिरेगा। पठन व पाठन के लिए यह आदेश अनुचित नहीं है।


अपनी बात शासन तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए ज्ञापन डीएम कार्यालय में दिया। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गोपनीय मूल्यांकन और आख्या के निर्देश को वापस लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों की लंबित मामलों के भी निस्तारण की मांग उठाई। इसमें नव नियुक्त शिक्षकों का सत्यापन शीघ्र कराने का भी मुद्दा उठाया।

Tuesday, January 19, 2021

69000 शिक्षक भर्ती : दिव्यांगों का धरना 36वें दिन भी जारी, अब तक कोई सुनवाई नहीं

69000 शिक्षक भर्ती : दिव्यांगों का धरना 36वें दिन भी जारी, अब तक कोई सुनवाई नहीं।


प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद पर 14 दिसंबर 2020 से लगातार धरने पर बैठे दिव्यांगों की अभी तक कोई सुनवाई नहीं है। कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे दिव्यांगों की सुध लेने कोई सरकारी अधिकारी व जन प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। 


धरने पर बैठे चार दिव्यांगों ने 12 दिन से भूख हड़ताल शुरू की है, उनकी सुनवाई करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। दिव्यांगों ने शिक्षक भर्ती में चार फीसदी आरक्षण की मांग की है।

Sunday, January 17, 2021

पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ

पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों को वेतन व अन्य मांगों के लिए गरजा माध्यमिक शिक्षक संघ


पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, ऑनलाइन स्थानांतरण की सुनिश्चित व्यवस्था समेत अन्य मांगों के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने शनिवार को उपवास रहकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह संघर्ष का आगाज है। आगे लंबा और कठिन संघर्ष होगा।


हम वित्तविहीन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन, पुरानी पेंशन, नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा जैसी अनेक मांगों के पूरा होने तक संघर्ष करते रहेंगे। सदन में कम संख्या में होने के बावजूद शिक्षक विरोधी कार्यों का आखिरी सांस तक विरोध होगा। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सह जिला विद्यालय निरीक्षक बीएस यादव को सौंपा गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम प्रकाश पांडेय ने की व संचालन जिला मंत्री अनुज कुमार पांडेय ने किया।


सभा को कुंज बिहारी मिश्रा, श्याम बहादुर सिंह बिसेन, अरविन्द त्रिपाठी, रमेश चंद्र शुक्ला, रामसेवक त्रिपाठी, अनय प्रताप सिंह, अजीत सिंह, डॉक्टर सुयोग पांडेय, रविंद्र त्रिपाठी, अशोक कुमार, जगदीश प्रसाद, दिवाकर मिश्रा, श्वेता दूबे, विनय तिवारी, प्रदीप शुक्ला आदि ने संबोधित किया। एबादुर रहमान, सविता मिश्रा, मो. जैद, संजीव तिवारी, अनुराग अवस्थी, विक्रम यादव, राजू यादव, प्रेमचन्द यादव, सुधीर मिश्र, विकाश शुक्ल आदि मौजूद रहे।

Saturday, January 16, 2021

पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास

पुरानी पेंशन की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ का धरना व उपवास


लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों, व्यावसायिक अनुदेशकों एवं कम्प्यूटर शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, वंचित तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किए जाने, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर उपवास रखेगा।


संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ आरपी मिश्र ने बताया कि प्रदेश व्यापी संघर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत उपवास रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।

Wednesday, January 13, 2021

दिव्यांगों के अनशन पर महकमा बेखबर, एक माह से 69000 भर्ती में चार फीसद आरक्षण की कर रहे मांग

दिव्यांगों के अनशन पर महकमा बेखबर, एक माह से 69000 भर्ती में चार फीसद आरक्षण की कर रहे मांग।


प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती में चार फीसद आरक्षण की मांग को लेकर दिव्यांगों के धरने का मंगलवार को एक माह हो गया। कड़ाके की सर्दी में दिव्यांग छह दिन से अनशन पर हैं। दिव्यांगों से मिलने कोई नहीं पहुंचा, बेसिक शिक्षा परिषद सचिव व महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने भी मांगों के निस्तारण पर ठोस आश्वासन नहीं दिया। स्वास्थ्य परीक्षण को भी टीम नहीं गई।


दिव्यांगों का कहना है कि एक-दो दिन में उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे बेमियादी अनशन करेंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। दिव्यांगों का प्रतिनिधिमंडल विकास शर्मा के साथ सचिवालय (बापू भवन) में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री से मुलाकात की, जिसमें आरक्षण का अनुपालन न किए जाने का मुद्दा उठाया गया। शिक्षा मंत्री ने त्रुटि निस्तारण का वादा किया है। दिव्यांगों का कहना है कि जब तक सक्षम प्राधिकारियों मांगों के निस्तारण का लिखित आश्वासन नहीं देते प्रदर्शन जारी रहेगा।

Sunday, January 10, 2021

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार को लेकर 33 दिन से धरने पर बैठे दो अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार को लेकर 33 दिन से धरने पर बैठे दो अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी।


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती के दो अभ्यर्थियों क्षमा शुक्ला व कौशांबी कौ अमृता मिश्रा की शनिवार को धरना के दौरान तबीयत खराब हो गई। क्षमा को निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।


अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों में सुधार करने का अवसर देने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर 33 दिन से लगातार बेसिक शिक्षा निदेशालय के मैदान पर धरना दे रहे हैं। मगर उनकी कोई सुन नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

Saturday, January 9, 2021

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन

जल्द शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी की मांग को लेकर डीएलएड प्रशिक्षुओं ने महानिदेशक का किया घेराव, मिला यह आश्वासन


प्रयागराज : महानिदेशक स्कूल शिक्षा को शुक्रवार को डीएलएड प्रशिक्षुओं के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा। बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने सीमैट में उनका घेराव करके नई शिक्षक भर्ती और यूपीटीईटी का नोटीफिकेशन जारी करने की मांग की। उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही टीईटी के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी और उसके बाद भर्ती पर निर्णय लिया जाएगा।


राज्य शैक्षिक प्रबंध एवं प्रशिक्षण संस्थान पर डीएलएड संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह की अगुवाई में सैकड़ों की संख्या में प्रशिक्षुओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घेराव किया। महानिदेशक स्कूली शिक्षा ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि एनआइओएस को यूपीटीईटी में न शामिल करने के लिए शासन स्तर में बैठक किया जाएगा। रेगुलर डीएलएड को प्रथम वरीयता के लिए शासन स्तर तक बात को पहुंचाया जाएगा।

Friday, January 8, 2021

69000 भर्ती : भूख हड़ताल पर बैठे दिव्यांग में एक हुआ बेहोश, कराया एडमिट, महानिदेशक के आगमन पर आंदोलन तेज करने का निर्णय

69000 भर्ती : भूख हड़ताल पर बैठे दिव्यांग में एक हुआ बेहोश, कराया एडमिट, महानिदेशक के आगमन पर आंदोलन तेज करने का निर्णय।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे चार दिव्यांग अभ्यर्थियों में एक उपेंद्र मिश्रा रात 9.30 बजे बेहोश हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थी को एंबुलेंस से लाकर काल्विन अस्पताल में भर्ती करा दिया। बेसिक शिक्षा परिषद पर धरने पर बैठे अभ्यर्थी रात में सचिव प्रताप सिंह बघेल के कहने पर एजी आफिस के बगल रैन बसेरे में चले गए थे। 


69000 सहायक अध्यापक भर्ती पर धरने पर बैठे चार अभ्यर्थियों में आरक्षण की विसंगति को लेकर उरपेंद्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप 14 दिसंबर से बेसिक शिक्षा परिषद शुक्ला एवं शरद अग्रहरि ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। इनमें से उपेंद्र कौ हालत रात 9.30 बजे बिगड़ गई। उपेंद्र के बेहोश होने पर दूसरे साथियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। 

पुलिस दूसरे अभ्यर्थियों से भी भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह कर रही थी। दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में उन्हें चार फीसदी आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। दिव्यांग अभ्यर्थी आरपीडब्ल्यूडी ऐक्ट 2016 के तहत चार फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। 


आठ एवं नौ जनवरी को महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद के शहर आगमन को देखते हुए दिव्यांगों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल से मिलकर अपनी बात रखी। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने दिव्यांग अभ्यर्थियों से भूख हड़ताल और धरना खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्ञापन उन्होंने अपनी ओर से शासन को भेज दिया है। इस पर निर्णय शासन को लेना है।

Thursday, January 7, 2021

त्रुटि सुधार के लिए 69000 भर्ती अभ्यर्थियों ने भीख मांग कर जताया विरोध

त्रुटि सुधार के लिए 69000 भर्ती अभ्यर्थियों ने भीख मांग कर जताया विरोध।


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों ने बुधवार शाम निशातगंज स्थित एससीईआरटी गेट के सामने भीख मांग कर विरोध जताया। अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों में सुधार करने का अवसर देने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर वे 7 दिसंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि छह दिनों से अनशन पर हैं। मगर उनकी कोई सुन नहीं रहा है।



 अभ्यर्थी बबली पाल, सौरभ, रुचि, आशुतोष, हिमांशु वर्मा, संदीप ने बताया कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय प्राप्तांक अधिक व पूर्णाक आदि त्रुटियां हो गईं थी। इसके आधार पर उनकी नियुक्ति को निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। जबकि बे सब भर्ती परीक्षा पास कर आए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाता है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

Tuesday, January 5, 2021

69000 भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर जताया विरोध

69000 भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर जताया विरोध। 


प्रयागराज। प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में बुधवार की शाम मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर विरोध किया।


14 दिसंबर से शिक्षा निदेशालय परिसर में बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के बाहर धरना दे रहे दिव्यांग अभ्यर्थी भर्ती में तीन की बजाय चार प्रतिशत आरक्षण देने, उच्च गुणांक वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों को दिव्यांग श्रेणी से बाहर रखने और दृष्टिबाधित एवं श्रवण व्यास दिव्यांगजनों की बची हुई सीटों को चलन क्रिया बाधित अभ्यर्थियों से भरने की मांग कर रहे हैं। विरोध जताने वालों में बृजेश मौर्य, उपेंद्र, महेंद्र गुप्ता, धनराज, विष्णु, वीरेंद्र, दीपक, अनन्त कुमार चौधरी आदि शामिल रहे।

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69000 सहायक अध्यापक भर्ती : दिव्यांगों का 23वें दिन भी धरना जारी।

69000 सहायक अध्यापक भर्ती में 2016 के आरपीडब्ल्यूडी ऐक्ट का पालन नहीं किए जाने के विरोध में दिव्यांगों का बेसिक शिक्षा परिषद पर धरना 23 वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को दिव्यांग अभ्यर्थियों के धरने में बड़ी संख्या में महिला दिव्यांग अभ्यर्थी शामिल हुईं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, महानिदेशक स्कूल शिक्षा सहित प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देने पर दिव्यांगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। धरने पर बैठने बालों में उपेन्द्र मिश्रा, धनराज यादव, प्रदीप शुक्ला, शरद अग्रहरी, रंजीत, तौहीद ,राघवेन्द्र, नाज खान, लबलेश, विष्णु, दीपक, विवेक, अमरजीत , लक्ष्मण आदि शामिल रहे।



प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद पर 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मांग पूरी होते नहीं देख सोमबार को भीख मांगकर विरोध जताया। दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि 14 दिसंबर से जारी उनके धरने सोमवार को 22 दिन हो गया। 




इन 22 दिनों में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद अपने कार्यालय पर धरने पर बैठे दिव्यांगों की मांग सुनने भी नहीं आए। कहा कि उनके आवेदन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कभी अपने कार्यालय में बैठते नहीं, वह किसके पास अपनी शिकायत लेकर जाएं। भीख मांगकर विरोध करने वालों में उपेन्द्र मिश्रा, धनराज कुमार यादव, विवेक, विष्णु कुमार सिह, लवलेश सिंह शामिल रहे।

Sunday, January 3, 2021

त्रुटि सुधार को लेकर 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब अनशन पर

त्रुटि सुधार को लेकर 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अब अनशन पर।


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित . रहने वाले अभ्यर्थियों ने शनिवार से निशातगंज में एससीईआरटी के पास जीआईसी के खेल मैदान में अनशन शुरू कर दिया। इस दौरान बस्ती की क्षमा शुक्ला बेहोश हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 




आवेदन में हुई गलतियों में सुधार का अबसर देने और नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर ये अभ्यर्थी सात दिसंबर से एससीआईआरटी पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अनशन कर रहीं बबली पाल, सची, अल्का, नलिनी, शिवांगी, रुचि, रमण, विकास, अंकित आदि ने बताया कि पहले काफी संख्या में अभ्यर्थी पत्र से वंचित थे, लेकिन उन अध्यर्थियों को शासन ने अनुमति दे दी, प्राप्तांक कम भरें थे।


 अब ज्यादा प्राप्तांक भरने व अन्य गड़बड़ी वाले अभ्यर्थी अपने पक्ष में फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इनकी संख्या लगभग 700 है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति पत्र मिलने तक प्रदर्शन करते रहे हैं।

69000 भर्ती मामले में पांच माह बाद भी नहीं सुलझा प्रश्नों के उत्तर का विवाद, विवादित प्रश्नों पर निर्णय की मांग को लेकर प्रदर्शन

69000 भर्ती : विवादित प्रश्नों पर निर्णय की मांग को लेकर प्रदर्शन

पांच माह बाद भी नहीं सुलझा प्रश्नों के उत्तर का विवाद


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69,000 शिक्षक भर्ती में प्रश्नों के जवाब का विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतियोगियों ने शनिवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का घेराव किया। उनकी मांग है कि जब तक विवाद का निस्तारण न हो, भर्ती के रिक्त पद न भरे जाएं। कोर्ट ने दो माह में निर्णय लेने का आदेश दिया था, लेकिन अब इसको भी पांच माह बीत चुके हैं।


शिक्षक भर्ती की अंतिम उत्तरकुंजी में तीन से चार प्रश्न ऐसे हैं, जिनके दो से अधिक उत्तर हैं। विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तीन जून, 2020 को भर्ती प्रक्रिया पर रोक भी लगा दी थी, जबकि दो जजों की पीठ ने भर्ती पर लगी रोक को हटा लिया था। प्रकरण शीर्ष कोर्ट पहुंचा, वहां से उत्तरकुंजी से संबंधित सभी याचिकाओं को टैग कर जुलाई, 2020 में दो जजों की पीठ को विवादित प्रश्नों की जांच कर दो माह में उत्तरकुंजी के मामले निस्तारण करने का निर्देश दिया गया। इस पर अब तक कोई फैसला नहीं आया है, जबकि शिक्षक भर्ती अंतिम दौर में है। प्रतियोगियों ने ऐसे में निर्णय आने के बाद ही तीसरी काउंसिलिंग कराने की मांग की है। इसे लेकर शनिवार को अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में परीक्षा संस्था का घेराव हुआ और सचिव को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें अमित यादव, अखिलेश, नवीन यादव, विवेक द्विवेदी, अनीता व कृष्णा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जारी उत्तर कुंजी में बिवादित तीन से चार प्रश्नों पर निर्णय नहीं होने से परेशान शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों शनिवार को सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आरोप था कि हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा नियामक प्राधिकारी की गलती की सजा भुगत रहे हैं। 




 अभ्यर्थियों का कहना था कि उत्तर कुंजी में विवादित प्रश्नों पर निर्णय नहीं होने से वह लगातार कोर्ट, बेसिक शिक्षा परिषद एवं सरकार का चक्कर लगा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दो बार भर्ती प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद भी आठ से 10 हजार सीटें खाली हैं। मांग की कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी विवादित प्रश्नों पर निर्णय लेकर तीसरी काउंसलिंग करवा खाली पदों को भरें।

Thursday, December 31, 2020

त्रुटि सुधार की मांग को लेकर साल के आखिरी दिन भी डटे रहे 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी


त्रुटि सुधार की मांग को लेकर साल के आखिरी दिन भी डटे रहे 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बंचित अभ्यर्थी मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को भी एससीईआरटी कार्यालय पर डटे रहे। पिछले तीन दिन से वार्ता की आस लगाए अभ्यर्थियों को साल के अंतिम दिन निराशा ही हाथ लगी। अभ्यर्थियों ने बताया कि तीन दिन पहले प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों से वार्ता हुई थी। तब




उन्होंने तीन दिन में मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं आय। वे अधिकारियों से मिलने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस बल की वजह से नहीं मिल फाए। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उनको लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे।


69000 शिक्षक भर्ती में त्रुटि सुधार का मौका देने को लेकर अभ्यर्थी कर रहे प्रदर्शन, तबीयत बिगड़ने पर भी धरना प्रदर्शन जारी

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों की प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने लगी है। बुधवार को शमा शुक्ला और सौरभ राय की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 


गौरतलब है कि ये अध्यर्थी त्रृटियों में सुधार का अबसर देने और नियुक्त पत्र जारी करने की मांग को लेकर सात दिसंबर से शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण राज्य परिषद ( एससीईआरटी ) पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक शासन लिखित में आश्वासन नहीं देगा, तब तक प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में ज्यादा प्राप्तांक भरने वाले, लिंग लिखने में त्रुटि वाले अभ्यर्थी शामिल हैं।

69000 भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में किया अर्धनग्न प्रदर्शन

69000 भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में  किया अर्धनग्न प्रदर्शन


परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को 17वें दिन बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय के बाहर जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए ये दिव्यांग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में अर्धनग्न प्रदर्शन किया। 


अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना 2018 में जारी की थी लेकिन इस भर्ती में केवल 3 फीसदी आरक्षण दिया गया है। उच्च गुणांक वाले दिव्यांग अभ्यर्थी जिन्होंने सामान्य श्रेणी में चयनित अभ्यर्थियों के समतुल्य या उनसे अधिक गुणांक अर्जित किया है उन्हें भी दिव्यांग श्रेणी में ही चयनित माना गया है, जो गलत है। 


दृष्टिबाधित एवं श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की बची हुई सीटों को चलन क्रिया बाधित अभ्यर्थियों से भरने की भी मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में बृजेश कुमार मौर्य, महावीर सिंह, अमरजीत सिंह, मनोज भारद्वाज, मुद्रिका यादव, उपेन्द्र मिश्रा आदि रहे। गुरुवार को कैंडल मार्च निकालेंगे।

Wednesday, December 23, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी, विरोध में धरना और प्रदर्शन जारी

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी, विरोध में धरना और प्रदर्शन जारी


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद की प्राथमिक स्कूलों की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में दिव्यांगों को नियमानुसार आरक्षण न देने का आरोप लग रहा है। प्रदेश भर के अभ्यर्थी लगातार हक पाने के लिए परिषद मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। परिषद सचिव प्रकरण को महानिदेशक को भेज चुके हैं इसके बाद से उनकी सुध नहीं ली जा रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि मांगे माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।


अभ्यर्थियों ने बताया कि बेसिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन पांच दिसंबर, 2018 को जारी हुआ। लिखित परीक्षा छह जनवरी, 2019 को आयोजित की गई। इसके बाद रिजल्ट 12 मई, 2020 को जारी हुआ। भर्ती प्रक्रिया में अनंतिम सूची एक जून, 2020 को जारी की गई थी। इसमें विभाग की ओर से दिव्यांग आरक्षण आरआरडब्लूडी एक्ट 2016 का पालन नहीं किया गया। नियमानुसार उन्हें चार प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए, उनके पदों को ओवरलैप करके दूसरे वर्ग के अभ्यर्थी भरे गए हैं।


बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर बेमियादी प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं। दोनों चरणों में दिव्यांग आरक्षण का हनन किया जा रहा है। इससे दिव्यांग प्रतियोगियों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। सुनने व देखने से वंचित दिव्यांगजन की बची सीटों को अन्य दिव्यांगों से भरने, पिछली भर्तियों की 1,350 बैकलाग की सीटों बेसिक शिक्षक भर्ती में जोड़ने की मांग की। उपेंद्र कुमार मिश्र, शिवेंद्र कुमार सिंह, कमलेश, दीपेन्द्र, प्रदीप कुमार शुक्ल शामिल रहे।

Tuesday, December 22, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे दो प्रदर्शनकारियों की हालत बिगड़ी


69000 शिक्षक भर्ती : 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे दो प्रदर्शनकारियों की हालत बिगड़ी

लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने को मांग कर रहे दो प्रदर्शनकारियों की तबीयत बुधवार को बिगड़ गई। 
एससीईआरटी कार्यालय पर 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार, उनके पास खाने पीने तक के पैसे नहीं बचे हैं। कई साथी ठंड और बुखार से पीड़ित हैं। इनमें काफी अभ्यर्थी अपने बच्चों के साथ शामिल हैं। 

प्रदर्शन में उन अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन में प्राप्तांक अधिक भर दिए हैं। वे सुधार कर नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।


69000 भर्ती में नियुक्ति पत्र के लिए प्रदर्शन और जाम : पुलिस ने भांजी लाठी तो कई को लगी चोट


परिषदीय विद्यालयों के 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से वंचित रहने वाले अभ्यर्थियों ने सोमवार को निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एबं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी ) कार्यालय के पास प्रदर्शन कर रोड जाम कर दी। प्रदर्शकारी सुबह से शाम तक डटे रहे।


शाम को एक साथ निकलकर निशातगंज पुल पर जाम लगाने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इसमें कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आईं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान एक युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शाम में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। प्रदर्शनकारियों में जम्मू- कश्मीर से बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले और ज्यादा प्रातांक भरने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं।

Wednesday, December 16, 2020

SCERT निदेशालय के घेराव करने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने घेरा, मिला यह आश्वासन

SCERT निदेशालय के घेराव करने के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने घेरा, मिला यह आश्वासन

69 हजार भर्ती में अभ्यर्थी के चयन के मामले में अंतिम फैसला शासन स्तर से - बेसिक शिक्षा मंत्री


प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आवेदन करने वाले किसी अभ्यर्थी का चयन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के स्तर से निरस्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी बीएसए ने ऐसा कोई आदेश कर दिया है तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा। इस मामले में अंतिम फैसला शासन स्तर से ही लिया जाएगा।

 यह बातें उन्होंने लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर धरना दे रहे अभ्यर्थियों से ही कहीं। उन्होंने कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आवेदन करते समय मूल प्रमाणपत्र से ज्यादा अंक भरने के मामले में संबंधित जिलों के बीएसए से रिपोर्ट मांगी है। इस प्रकरण में शासन स्तर पर एक-एक केस पर विचार करते हुए फैसला लिया जाएगा।

लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की काउंसिलिंग से वंचित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को निशातगंज स्थित एससीईआरटी निदेशालय का घेराव किया। अभ्यर्थी काफी देर तक प्रदर्शन करते रहे, मगर किसी अधिकारी ने बात नहीं सुनी। इस दौरान बेसिक शिक्षा निदेशालय व डायट कार्यालय पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। दोपहर तीन बजे चार घंटे बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को बस में भरकर ईको गार्डेन भेज दिया।


अभ्यर्थियों ने बताया कि विभाग ने उन लोगों को काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन के समय अन्य अभ्यर्थियों की अपेक्षा ज्यादा अंक भर थे। न्यायालय ने सभी अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में शामिल करने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि हमारे जैसे करीब छह सौ से सात सौ अभ्यर्थी हैं, जिन्हें मौका नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं 12 दिसंबर को अभ्यर्थन भी निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसे में विभाग ऑनलाइन सुधार का मौका न देकर अभ्यर्थियों का भविष्य खराब करने पर उतारु है।


कुछ अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुंच गए। यहां बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने प्रदर्शन अभ्यर्थियों को समझाते हुए कहा कि बीएसएस स्तर पर किसी का अभ्यर्थन निरस्त नहीं है। सभी मामलों को शासन स्तर पर देखा जा रहा है। जिन अभ्यर्थियों के मामले में कोई बड़ी कमी होगी, उन्हें सूचित कर दिया जाएगा।



लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की काउंसिलिंग से वंचित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को एससीईआरटी निदेशालय का घेराव किया। अभ्यर्थी काफी देर प्रदर्शन करते रहे, मगर किसी अधिकारी ने बात नहीं सुनी। चार घंटे बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को बस में भरकर ईको गार्डेन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने बताया कि विभाग ने उन लोगों को काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया, जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन के समय अन्य अभ्यर्थियों की अपेक्षा ज्यादा अंक भर थे।