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Monday, January 25, 2021

सीतापुर : 69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष 35690 नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी

सीतापुर :  69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष 35690 नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी


चित्रकूट : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

चित्रकूट : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी।

ललितपुर : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

ललितपुर : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी


मैनपुरी : अन्तर्जनपदीय / पारस्परिक स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

मैनपुरी : अन्तर्जनपदीय / पारस्परिक स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

 


हरदोई : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के सम्बंध में कार्यमुक्ति से पहले सभी प्रक्रियाओं के पालन हेतु निर्देश जारी

हरदोई :  अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के सम्बंध में कार्यमुक्ति से पहले सभी प्रक्रियाओं के पालन हेतु निर्देश जारी। 



कासगंज : 69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष 35690 नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी

कासगंज :  69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष 35690 नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी



एटा : 69000 पदों के सापेक्ष नवचयनित अध्यापकों को विद्यालय आवंटित किए जाने हेतु काउन्सलिंग का कार्यक्रम जारी, विज्ञप्ति देखें

एटा : 69000 पदों के सापेक्ष नवचयनित अध्यापकों को विद्यालय आवंटित किए जाने हेतु काउन्सलिंग का कार्यक्रम जारी, विज्ञप्ति देखें


Sunday, January 24, 2021

हाथरस : 69000 पदों के सापेक्ष चयनित सहायक अध्यापकों को विद्यालय आवंटित किए जाने हेतु काउन्सलिंग का कार्यक्रम जारी, विज्ञप्ति देखें

 हाथरस : 69000 पदों के सापेक्ष चयनित सहायक अध्यापकों को विद्यालय आवंटित किए जाने हेतु काउन्सलिंग का कार्यक्रम जारी, विज्ञप्ति देखें






पटना हाईकोर्ट ने दी शिक्षा विभाग को नसीहत : शिक्षकों की तैनाती शिक्षा देने के लिए होती है, उन्हें शिक्षा के काम में ही लगाएं, ठेकेदार न बनाएं

पटना हाईकोर्ट ने दी शिक्षा विभाग को नसीहत : शिक्षकों की तैनाती शिक्षा देने के लिए होती है, उन्हें शिक्षा के काम में ही लगाएं, ठेकेदार न बनाएं।


निर्माण कार्य में आवंटित राशि का उपभोग न किये जाने पर शिक्षक पर एफआईआर किये जाने पर पटना हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी।


हाईकोर्ट ने फंड का दुरुपयोग करने के मामले में शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की बहाली छात्रों को शिक्षा देने के लिए की जाती है। लेकिन शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में लगाने की बजाए उन्हें दूसरे काम में लगाया दिया जाता हैं। 
शिक्षकों का मुख्य कार्य छात्रों को शिक्षित करने के लिए उन्हें शिक्षा प्रदान करने का है।


हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि बिहार में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र से हटा कर उन्हें स्कूल भवन के निर्माण कार्य में लगा ठेकेदार के रूप में स्थापित कर दिया है। यही नहीं आवंटित राशि का उपयोग नहीं किये जाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्त बना दिया गया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षक को अभियुक्त बनाये जाने के पूर्व विभाग ने जिम्मेवारी तक तय नहीं की है। कोर्ट ने शिक्षक को अग्रिम जमानत दे दी। 


मामला गोपालगंज जिले के कटेया थाना कांड संख्या 172/2016 से सम्बंधित है। इस केस में शिक्षक शैलेश कुमार को आवंटित निधि का उचित उपयोग नहीं किये जाने को लेकर विभाग ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी। निचली अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने पर शिक्षक ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर अग्रिम जमानत देने का गुहार लगाई गई थी। अग्रिम जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाया। कोर्ट ने पचास हजार के दो मुचलकों पर अग्रिम जमानत दे दी।

36590 नवचयनित शिक्षकों की सूची इस प्रकार क्रमानुसार तैयार करके आवंटित होगा विद्यालय

36590 नवचयनित शिक्षकों की सूची इस प्रकार क्रमानुसार तैयार करके आवंटित होगा विद्यालय



🛑 अध्यापकों की सूची निम्नवत तैयार की जायेगी


1. सहायक अध्यापक भर्ती प्रकिया में प्राप्त गुणांक के आधार पर दिव्यांग महिला की अवरोही में सूची तैयार की जायेगी।

2. सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में प्राप्त गुणांक के आधार पर दिव्यांग पुरूष की अवरोही में सूची तैयार की जायेगी।

3. सहायक अध्यापक भर्ती प्रकिया में प्राप्त गुणांक के आधार पर महिला अध्यापिकाओं की अवरोही कम में सूची तैयार की जायेगी।

4. सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में प्राप्त गुणांक के आधार पर पुरूष अध्यापकों की अवरोही कम में सची तैयार की जायेगी।

5. नियुक्त दिव्यांग अध्यापक / अध्यापिकाओं के अतिरिक्त विशेष आरक्षण का लाभ प्राप्त कर नियुक्त अध्यापक/अध्यापिकाओं को उनके गुणांक के आधार पर उनसे सम्बन्धित सूची में रखा जायेगा।

6. सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में गुणवत्ता अंक समान होने की दशा में....👇

क- अधिक जन्मतिथि के अध्यापक/अध्यापिकाओं को अवरोही कम में तैयार सूची में ऊपर रखा जायेगा।

ख- जन्मतिथि समान होने की दशा में अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षर के कम में अध्यापक/ अध्यापिकाओं को सूची में ऊपर रखा जायेगा।

36590 शिक्षकों को स्कूल आवंटन हेतु विद्यालयों की सूची ऐसे होगी तैयार

36590 शिक्षकों को स्कूल आवंटन हेतु विद्यालयों की सूची ऐसे होगी तैयार





🛑 36590 शिक्षकों को स्कूल आवंटन हेतु  विद्यालयों की सूची तैयार किया जाना

1. नियुक्त अध्यापक/अध्यापिकाओं को ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय आवंटित किये जाने है। जिलाधिकारी द्वारा नगरीय सीमा के विस्तार किये जाने के कारण नगरीय क्षेत्र में अवस्थित विद्यालयों में किसी भी दशा में पदस्थापन की कार्यवाही नहीं की जायेगी।

2. विद्यालय की सूची तैयार करते समय यह ध्यान अवश्य रखा जाये कि यूडायस कोड 2019 के आधार पर चयनित विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय ही है।

3. कम्पोजिट विद्यालय के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापक/अध्यापिकाओं की संख्या के आधार पर उक्त विद्यालय को सूची में सम्मिलित किया जायेगा।

4. जनपद में आवंटित अभ्यर्थियों की संख्या के सापेक्ष 05 अतिरिक्त रिक्तियों को जोड़ते हुए विकल्प प्राप्त करने हेतु रिक्तियां प्रदर्शित की जाय। इस हेतु सर्वप्रथम शिक्षक विहिन विद्यालय, एकल शिक्षक विद्यालय की रिक्तियों को सम्मिलित किया जायेगा। तत्पश्चात यदि अन्य रिक्तियों की आवश्यकता होगी तो दो शिक्षक वाले विद्यालय में जिनका छात्र अध्यापक अनुपात सर्वाधिक है में एक शिक्षक तैनात किया जायेगा।

5. विद्यालयों का चिन्हांकन यूडाइस पर उपलब्ध दिनांक 30.09.2019 की अध्यापक एवं छात्र संख्या जो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापित है के अनुसार विकासखण्ड विद्यालयवार वैकेन्सी मैट्रिक्स तैयार की जायेगी।

6. विद्यालय में रिक्त पदों की गणना में कार्यरत शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को नहीं जोड़ा जायेगा।

7. सर्वप्रथम शिक्षक विहिन विद्यालय की सूची सर्वाधिक छात्र अध्यापक अनुपात के आधार पर अवरोही क्रम में तैयार की जायेगी।

8. एकल शिक्षक वाले विद्यालय की सूची सर्वाधिक छात्र अध्यापक अनुपात के आधार पर अवरोही क्रम में तैयार की जायेगी।

9. दो शिक्षक वाले विद्यालय की सूची सर्वाधिक छात्र अध्यापक अनुपात के अवरोही क्रम में तैयार की जायेगी।

10. यदि छात्र अध्यापक अनुपात समान होने की दशा में अंग्रेजी वर्णमाला के अवरोही क्रम में तैयार की जायेगी।


36590 नवचयनित शिक्षकों को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया का क्या होगा क्रम? जानिए

36590 नवचयनित शिक्षकों को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया का क्या होगा क्रम? जानिए




🛑 विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया का क्रम

1. सर्वप्रथम शिक्षक विहिन विद्यालयों में कम से कम दो शिक्षक को तैनात किया जायेगा।

2. तत्पश्चात एकल शिक्षक विद्यालय में कम से कम एक और शिक्षक तैनात किया जायेगा।

3. तत्पश्चात दो शिक्षक वाले विद्यालयों में यदि रिक्तियों की आवश्यकता होगी तो जिनका छात्र अध्यापक अनुपात सर्वाधिक है उसमें एक शिक्षक तैनात किया जायेगा।

4. विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया में सर्वप्रथम दिव्यांग महिला को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटन किया जायेगा।

5. विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया में दिव्यांग पुरुष को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटन किया जायेगा।

6. विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया में महिला अध्यापिका को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटन किया जायेगा।

7. विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया में पुरुष अध्यापक को उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटन किया जायेगा।

8. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दिव्यांग एवं महिला अध्यापिकाओं एवं पुरूष अध्यापकों से विकल्प प्राप्त करने हेतु निर्धारित तिथि के अनुसार संलग्न सूची (नवनियुक्त अध्यापकों का दिव्यांग/ महिला एवं पुरूष का संख्यात्मक विवरण) के आधार पर समय सारिणी (Time slot) दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरूष एवं महिला अध्यापिकाओं के लिए तैयार की जायेगी तथा विज्ञप्ति के माध्यम से सम्बन्धित को अवगत कराया जायेगा।

9. निर्धारित तिथि एवं निर्धारित समय पर दिव्यांग/महिला अध्यापिकाओं/पुरूष अध्यापकों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्धारित स्थान पर स्वयं उपस्थित होना होगा। किसी भी दशा में कोई प्रतिस्थानी अनुमन्य नहीं होगा।

10. सम्बन्धित अध्यापक/अध्यापिकाओं को नियुक्ति पत्र एवं अपनी पहचान हेतु वोटर आई0डी0 कार्ड/आधार कार्ड/पैन कार्ड के साथ उपस्थित होना होगा।

11. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अध्यापक / अध्यापिकाओं की गुणांक के आधार पर पंजिका अवरोही क्रम में पूर्व में तैयार करके रखेंगे। यह पंजिका दिव्यांग महिला, दिव्यांग पुरूष, महिला अध्यापिकाओं एवं पुरूष अध्यापकों की तैयार की जायेगी जिसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, रजिस्ट्रेशन कमांक जन्मतिथि एवं उपस्थित होने का समय अंकित किया जायेगा तथा सम्बन्धित अध्यापक /अध्यापिकाओं के हस्ताक्षर कराये जायेंगे।

12. दिव्यांग महिला एवं दिव्यांग पुरूष अध्यापक / अध्यापिका, महिला अध्यापिका एवं पुरूष अध्यापकों को गुणांक एवं उनके विकल्प के आधार पर विद्यालय आवंटन की कार्यवाही की जायेगी तथा अनुपस्थित अध्यापक/अध्यापिकाओं जो समय से उपस्थित नहीं हुए है को छोड़ते हुए उनके नीचे के अध्यापक को विद्यालय आवंटन की कार्यवाही की जायेगी। यह समस्त कार्यवाही पंजिका में अंकित उनके गुणांक के अवरोही क्रम के आधार पर अध्यापक/अध्यापिकाओं की सूची के क्रम में की जायेगी। यदि कोई अध्यापक/अध्यापिका ने पंजिका में अपने हस्ताक्षर किये है को विद्यालय आवंटन हेतु अवसर प्रदान किये बिना उससे कम गुणांक वाले अध्यापक/अध्यापिका को विद्यालय आवंटन किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा यदि कोई अनुपस्थित दिव्यांग (महिला एवं पुरूष अध्यापक), महिला अध्यापिका एवं पुरूष अध्यापक अपने निर्धारित दिनांक को निर्धारित टाईम स्लॉट में अपने कम के बाद उपस्थित होते है तो उनको विकल्प देने का अवसर निर्धारित टाईम स्लॉट में सबसे बाद में दिया जायेगा। यदि निर्धारित तिथि को अनुपस्थित रहते है तो ऐसी स्थिति में अगले दिन भी उनको विकल्प देने का अवसर सबसे बाद में दिया जायेगा तथा यदि टाईम स्लॉट के बाद उसी तिथि को उपस्थित होते है तो अगले टाईम स्लॉट में इन्हें सबसे पहले अवसर दिया जायेगा।

13. अध्यापक/अध्यापिका का नाम पंजिका में अंकित करने के पश्चात उसे एक रसीद दी जायेगी जिस पर पंजिका का कमांक जिस पर उसका नाम, उपस्थित होने का समय अंकित किया जायेगा जिस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा नामित अधिकारी के हस्ताक्षर हो।

14. अध्यापक/अध्यापिकाओं के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था एक साथ की जायेगी।

15. सम्बन्धित अध्यापक/अध्यापिका यदि निर्धारित तिथि एवं टाईम स्लॉट पर उपस्थित नहीं होते है तो अनुपस्थित अंकित किया जायेगा विद्यालय आवंटन प्रकिया में अनुपस्थित अध्यापकों की सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रमाणित कर सुरक्षित रखा जायेगा तथा प्राप्त निर्देशों के कम में कार्यवाही की जायेगी।

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्र्तगत आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को कोविड-19 के दृष्टिगत कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराये जाने के पश्चात अद्यतन सूचना प्राप्त कराए जाने के संबंध में।

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्र्तगत आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को कोविड-19 के दृष्टिगत कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराये जाने के पश्चात अद्यतन सूचना प्राप्त कराए जाने के संबंध में।



फतेहपुर : मिड डे मील योजना के निर्बाध संचालन हेतु खाता संचालन का दायित्व SMC अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक / इंचार्ज के संयुक्त हस्ताक्षर से किये जाने विषयक आदेश जारी

फतेहपुर : मिड डे मील योजना के निर्बाध संचालन हेतु खाता संचालन का दायित्व SMC अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक / इंचार्ज के संयुक्त हस्ताक्षर से किये जाने विषयक आदेश जारी

शिक्षकों के बाद अब BEO के तबादले की तैयारी, तबादले को लेकर मची खलबली

शिक्षकों के बाद अब BEO के तबादले की तैयारी,  तबादले को लेकर मची खलबली




अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बीच शासन की ओर से अब वर्षों से एक ही जिले और विकास खंड में जमे खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) के तबादले की तैयारी शुरू हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से इस संबंध में निदेशक बेसिक शिक्षा से खंड शिक्षाधिकारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट पहुंच गई है। शासन ने एक ही विकास खंड में तीन वर्ष तथा एक ही जनपद में 10 वर्ष से अधिक समय से तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों का संपूर्ण विवरण मांगा गया है।


बीईओ की तबादले को लेकर चिंता बढ़ी
जिले में कई ऐसे विकास खंड हैं जहां खंड शिक्षाधिकारी कई वर्षों से एक ही ब्लाक में काम कर रहे हैं। शासन ने विकास खंड क्षेत्रों में तैनात ऐसे खंड शिक्षा अधिकारियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है, जो एक ही विकास खंड में तीन वर्ष, एक ही जनपद में 10 वर्ष, 15 वर्ष व 20 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं।


इनकी तैनाती तिथि सहित तय प्रारूप पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजने को कहा है। शासन की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने पर जिले में लंबे समय से तैनात खंड शिक्षाधिकारियों में खलबली मची है। जिले के 20 ब्लॉकों में आधे से अधिक खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) शासन की ओर से तय समय सीमा पूरी कर चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के संबंध में रिपोर्ट निदेशक बेसिक शिक्षा को भेज दी गई है।

बलिया : अन्तर्जनपदीय सम्बंधी कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश व फॉर्मेट जारी, देखें

बलिया : अन्तर्जनपदीय सम्बंधी कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश व फॉर्मेट जारी, देखें








उन्नाव : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के संबंध में पत्रावली तैयार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी

उन्नाव : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के संबंध में पत्रावली तैयार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी।

उच्च शिक्षा में यूजीसी की पहल, नए शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा प्रशिक्षण

उच्च शिक्षा में यूजीसी की पहल, नए शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा प्रशिक्षण।


विश्वविद्यालयों और कालेजों में नियुक्त होने वाले नए शिक्षकों के लिए अब शुरुआती प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यह अहम फैसला लिया है। नए शिक्षकों को संस्थान परिचय के साथ विषय वस्तु, छात्रों के साथ व्यवहार, पढ़ाने का तरीका और शोध से जुड़ाव आदि से रूबरू कराया जाएगा। इसके साथ संस्थान के मौजूदा शिक्षकों के लिए पहले से चल रहे रिफ्रेशर कोर्स भी जारी रखे जाएंगे।


यूजीसी ने शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े इस प्रोग्राम का मसौदा तैयार कर लिया है। इसे इंडक्शन एंड मेंटरशिप फार टीचर्स आफ हायर एजुकेशन नाम दिया गया है। विश्वविद्यालयों से इस पर छह फरवरी तक राय मांगी गई है। इसके बाद इससे जुड़ी गाइडलाइन को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। यूजीसी के मुताबिक यह प्रोग्राम इसी साल से देश भर के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों में लागू कर दिया जाएगा। 


नए शिक्षकों के शुरुआती प्रशिक्षण की अवधि भी तय कर दी गई है। नियुक्ति के साल भर के भीतर ही उन्हें इस प्रशिक्षण प्रोग्राम में शामिल होगा। पूरा प्रोग्राम 160 से 175 घंटे की अवधि का होगा। फिलहाल इस प्रोग्राम में प्रशिक्षक के रूप में संस्थान के वरिष्ठ व दक्ष शिक्षकों के साथ सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक भी शामिल किए जाएंगे। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने के लिए भी एक प्रशिक्षण प्रोग्राम चलाने की योजना बनाई है।

अहम सवाल अभी भी बरकरार : पंचायत चुनाव की परीक्षा पहले होगी या यूपी बोर्ड की परीक्षा? उहापोह बरकरार

अहम सवाल अभी भी बरकरार : पंचायत चुनाव की परीक्षा पहले होगी या यूपी बोर्ड की  परीक्षा? उहापोह बरकरार।


पंचायत की परीक्षा पहले होगी या यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा? सूबे में होने वाले दोनों इम्तिहान खासे अहम हैं और एक-दूसरे पर निर्भर। बोर्ड परीक्षा तभी होगी जब माध्यमिक कालेज परीक्षा के केंद्र बने और पंचायत चुनाव के मतदान केंद्र में इन्हीं कालेजों में बनेंगे। शिक्षक व अन्य अधिकारियों पर ही पंचायत चुनाव कराने का जिम्मा रहता है। दोनों प्रक्रिया एक साथ संभव नहीं है, बल्कि दोनों में से पहले किसका इम्तिहान लिया जाए जल्द सुलझने के आसार हैं।



माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं इधर फरवरी व मार्च माह में होती रही हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से पढ़ाई प्रभावित हुई तो वार्षिक परीक्षा तैयारियां भी पिछड़ गईं। अंदाजा इसी से लगाइए कि बोर्ड परीक्षा की केंद्र निर्धारण नीति सितंबर तक जारी होती थी, वह नवंबर में घोषित हुई और दिसंबर-जनवरी में होने वाली प्रायोगिक परीक्षाएं फरवरी में होनी हैं। 



बोर्ड ने प्रैक्टिकल की तारीखें जारी कर दी हैं लेकिन, लिखित परीक्षा पर पर्दा पड़ा है। तैयारी थी कि लिखित परीक्षा कार्यक्रम जनवरी के पहले पखवारे में घोषित होगा लेकिन, पंचायत चुनाव का कार्यक्रम जारी न होने से यह लटक गया। यूपी बोर्ड 27 हजार से अधिक माध्यमिक कालेजों में से बेहतर संसाधन वाले कालेजों को परीक्षा केंद्र बना रहा है, जहां 56 लाख से अधिक परीक्षार्थी इम्तिहान देंगे।


बोर्ड प्रशासन ने शैक्षिक कैलेंडर में लिखित परीक्षा मार्च व अप्रैल में कराने के संकेत दिए थे। संयोग से इसी बीच पंचायत चुनाव हैं। इन्हीं दो माह में बोर्ड ने दो तरह के कार्यक्रम फौरी तौर पर तैयार किया है। यदि पंचायत चुनाव अप्रैल में होता है तो परीक्षा मार्च के दूसरे पखवारे में हो सकती है और यदि चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते तक पूरा होता है तो परीक्षा उसके बाद कराई जाएगी। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल कहते हैं कि शासन जैसे ही कार्यक्रम मांगेगा, बोर्ड तैयारी के अनुरूप उसे भेज देगा।

■ बोर्ड चुनाव के पहले और बाद दोनों विकल्पों पर कर रहा मंथन

■ परिषद से संबद्ध हजारों कालेज चुनाव में बनेंगे मतदान केंद्र

सीबीएसई की परीक्षाएं मई में प्रस्तावित

सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं चार मई से होना प्रस्तावित हैं। यूपी बोर्ड हर साल की तरह उससे पहले ही हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 पूरी करा लेगा और रिजल्ट भी जल्द आएगा।

अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षक 27 व 28 जनवरी को होंगे कार्यमुक्त पर बीएसए को नहीं पता कितने शिक्षकों का हुआ है तबादला?

अंतर्जनपदीय स्थानांतरित शिक्षक 27 व 28 जनवरी को होंगे कार्यमुक्त पर बीएसए को नहीं पता कितने शिक्षकों का हुआ है तबादला? 




सिद्धार्थनगर। लंबे अर्से से लंबित चल रहे अंतर जनपदीय स्थानांतरण मामले में शासन से स्थानांतरित शिक्षकों को कार्यमुक्त करने और कार्यभार ग्रहण करने की तिथि निर्धारित कर दी है। स्थानांतरित अध्यापकों को 27 एवं 28 जनवरी को जिले से कार्य मुक्त किया जाएगा और दूसरी जगह पर उन्हें 29 एवं 30 जनवरी को कार्यभार ग्रहण करना होगा। 


जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत गैर जनपद निवासी शिक्षकों को अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार था। प्रक्रिया शुरू हुई तो जिले के छह सौ से अधिक शिक्षकों ने अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया अब अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए चयनित शिक्षकों का इंतजार समाप्त होने वाला है। 


उत्तर प्रदेश शासन के अनु सचिव सत्य प्रकाश ने स्कूल शिक्षा के महानिदेशक को भेजे पत्र में अध्यापकों को कार्य मुक्त एवं कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्थानांतरण के बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले अध्यापकों की तैनाती नव चयनित अध्यापकों की तैनाती के लिए जारी किए गए शासनादेश के अनुसार निर्धारित की जाए।


बीएसए को नहीं पता कितने शिक्षकों का हुआ है तबादला

अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों की तादाद भले ही छह सौ से अधिक है लेकिन इनमें कितने शिक्षकों का स्थानांतरण के लिए चयन हुआ है इसकी जानकारी बीएसए राजेंद्र सिंह को भी नहीं है। बीएसए राजेंद्र सिंह से यह पूछने पर कि कितने शिक्षक स्थानांतरित होंगे, उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

Saturday, January 23, 2021

बच्चों की परीक्षा ग्रेड से पदोन्नत होंगे परिषदीय विद्यालयों के गुरुजी, ये हैं नई व्यवस्था के तहत नए नियम

बच्चों की परीक्षा ग्रेड से पदोन्नत होंगे परिषदीय विद्यालयों के गुरुजी, ये हैं नई व्यवस्था के तहत नए नियम


शिक्षकों का ब्योरा अब मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड होगा। इसमें शिक्षकों के अंक निर्धारित किए गए हैं। इनके आधार पर ही अध्यापकों को अंक मिलेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।


सर्वाधिक अंक लरनिंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में बच्चों को प्राप्त ग्रेड से ही गुरुजनों को पदोन्नति मिलेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों की गोपनीय आख्या तैयार करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षक 15 अप्रैल तक निर्धारित प्रारूप पर ब्योरा भरेंगे। अलग-अलग कार्यों के लिए निर्धारित कुल 100 अंकों वाले इस ब्योरे को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।



बीएसए 31 मई तक वार्षिक आख्या को पोर्टल पर सबमिट करेंगे। सर्वाधिक अंक लर्निंग आउटकम की अंतिम परीक्षा में बच्चों को प्राप्त ग्रेड से ही गुरुजनों को पदोन्नति मिलेगी। इसमें बच्चों की उपस्थिति एवं आउट ऑफ स्कूल बच्चों के नामांकन पर भी अच्छे अंक दिए जाएंगे।


वहीं, ऑपरेशन कायाकल्प के सभी पैरामीटर संतृप्त होने पर अंक मिलेंगे कोई पैरामीटर असंतृप्त रह गया तो उसके लिए शून्य अंक दिया जाएगा । बीएसए ने बताया कि यह व्यवस्था शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शुरू की गई है। इससे शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।


यह है नियम
आधारशिला, ध्यानाकर्षण एवं शिक्षण संग्रह माड्यूल को शिक्षण कार्य में नियमित प्रयोग करने पर 10 अंक मिलेंगे। वहीं, इसके न होने पर शून्य अंक मिलेंगे न पर शून्य अंक मिलेंगे। विद्यालय में 60 से 80 फीसद तक छात्रों की उपस्थिति पर पांच अंक मिलना तय हुआ है डिजिटल शिक्षा सामग्री का नियमित  प्रयोग करने पर 10 अंक, इसके अलावा रिजल्ट कार्ड सभी छात्रों को शत-प्रतिशत वितरित करने पर 10 अंक दिए जाएंगे। 



आउट आफ स्कूल बच्चों का सर्वेक्षण व चिह्नित बच्चों का नामांकन कराने पर 10 अंक दिए जाएंगे। विद्यालय प्रबंध समिति की नियमित बैठक में प्रतिभाग करने पर 10 अंक शिक्षकों के 60 से 80 फीसद उपस्थिति पर पांच अंक, 80 फीसद से अधिक पर 10 अंक निर्धारित किया गया है। छात्रों द्वारा पुस्तकालय का नियमित प्रयोग करने पर 10 अंक और विद्यालय में छात्रों की 80 फीसद से अधिक उपस्थिति पर 10 अंक दिए जाएंगे।

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल


बरेली: इस बार नव नियुक्त पुरुष शिक्षकों को भी ऑनलाइन स्कूल चुनने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए शासन की ओर से आदेश जारी किए जा चुके हैं। बरेली के 452 नव नियुक्त शिक्षकों को इसका लाभ मिला था। अब 25 और 27 जनवरी को इन नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल का आवंटन होना है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।


प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती के सापेक्ष हुई 31677 शिक्षक भर्ती में बरेली को 712 शिक्षक मिले थे। कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा से 36590 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें बरेली को 452 शिक्षक मिले। इन सभी को विगत पांच दिसम्बर को संजय कम्युनिटी हॉल में नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। सात दिसम्बर को सभी शिक्षकों की बीएसए कार्यालय में ज्वाइनिंग करा दी गई। तब से इन शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन नहीं किया गया है अब शासन ने नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने का रास्ता खोल दिया है। इस बार सभी शिक्षकों को ऑनलाइन स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। 


इससे पहले हुई भर्ती में सिर्फ महिला और दिव्यांग शिक्षकों को ही ऑनलाइन स्कूल चुनने का मौका मिला था जबकि सभी पुरुष शिक्षकों को रोस्टर के हिसाब से स्कूलों का आवंटन किया गया था इसे लेकर कई शिक्षक संगठनों में काफी रोष भी था। इसी से बचने के लिए अब शासन ने सभी शिक्षकों को ऑनलाइन विकल्प चुनने का मौका दिया है। 


बीएसए विनय कुमार ने बताया कि 25 और 27 जनवरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों के लिए फरीदपुर डायट में अपने सभी दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा । बिना मास्क और सैनेटाइजर के डायट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी कोविड- 19 की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा

पांच अतिरिक्त रिक्तियां ही जोड़ी जाएंगी

बीएसए विनय कुमार ने बताया कि शासन के आदेशानुसार इस बार जनपद में आवंटित अभ्यर्थियों के सापेक्ष केवल पांच अतिरिक्त रिक्तियों को ही जोड़ा जाएगा। इसके लिए पहले शिक्षक विहीन विद्यालय, फिर एकल विद्यालयों की रिक्तियों को शामिल किया जाएगा। यदि इसके बाद  भी अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होती है तो दो शिक्षक वाले उन विद्यालयों की रिक्तियों को खोला जाएगा जिनका छात्र-अध्यापक का अनुपात सर्वाधिक हो।

बरेली : यूपी के प्राइमरी स्कूलों में होगी मिनी लाइब्रेरी, प्रधानाध्‍यापक-शिक्षक और पांच छात्रों की टीम करेगी तैयार

बरेली : यूपी के प्राइमरी स्कूलों में होगी मिनी लाइब्रेरी, प्रधानाध्‍यापक-शिक्षक और पांच छात्रों की टीम करेगी तैयार 


दो सत्र से परिषदीय स्कूलों को मिनी लाइब्रेरी विकसित करने के लिए पैसा जारी हो रहा है। इसके बाद भी स्कूलों ने मिनी लाइब्रेरी तैयार नहीं की हैं। अब युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर 27 जनवरी तक स्कूलों में लाइब्रेरी कार्नर के रूप में मिनी लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी। अभियान में छात्रों को भी सम्मिलित किया जाएगा।


बच्चों में अपने पाठ्यक्रम से इतर पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए स्कूलों में मिनी लाइब्रेरी खोले जाने की योजना बनी थी। प्राइमरी स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये और जूनियर हाई स्कूलों के लिए 10 हजार रुपये भेजे गए थे। लगभग 2900 स्कूलों में से गिनती के स्कूलों ने ही अपने यहां मिनी लाइब्रेरी तैयार की। अधिकतर ने किताबें ही नहीं खरीदी। तमाम ने खरीदने के बाद उनको बक्से में बंद करके रख दिया। 


अब विभाग युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर मिनी लाइब्रेरी को शुरू कराने जा रहा है। इसके लिए सभी एआरपी और संकुल शिक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है। स्टेट रिसर्च ग्रुप के सदस्य अनिल चौबे ने बताया कि प्रधानाध्यापक और कम से कम एक सहायक अध्यापक तथा अलग-अलग कक्षाओं के पांच छात्र-छात्राओं की टीम बनाने का निर्देश दिया गया है। टीम अगले तीन दिन में स्कूल में उपलब्ध पुस्तकों की सूची तैयार करेगी।


पसंद की 10-10 किताबों की देंगे सूची
टीम का प्रत्येक सदस्य अपनी पसंद की 10-10 किताबों की सूची बनाएंगे। यह भी लिखेंगे कि उन किताबों में पांच कौन सी अच्छी बातें हैं। 25 जनवरी को चार बजे तक सभी प्रधानाध्यापक अपनी रिपोर्ट संकुल शिक्षक को सौंपेंगे। 27 जनवरी को प्रधानाध्यापक और उनकी पुस्तकालय टीम अपने विद्यालय में लाइब्रेरी कॉर्नर स्थापित करेगी। चार बजे तक सभी पुस्तकालय टीम के सदस्य अपनी फोटोग्राफ अपने संकुल शिक्षक को भेजेंगे। संकुल शिक्षक अपनी रिपोर्ट एआरपी को उपलब्ध कराएंगे।


बच्चों में पैदा करनी है पढ़ने की आदत
स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्य डॉ अनिल चौबे ने कहा कि हम लोगों को बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करनी है। लाइब्रेरी में अखबार भी होंगे। उससे उन्हें सम सामायिक विषयों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। यदि किसी स्कूल में लाइब्रेरी कॉर्नर विकसित करने में कोई दिक्कत आती है तो उनसे संपर्क किया जा सकता है।

पोषाहार वितरण की अब होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, बच्चों की सेहत पर रहेगी नजर

पोषाहार वितरण की अब होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, बच्चों की सेहत पर रहेगी नजर


कुपोषण से निपटने में पिछड़ रहे उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनजागरुकता अभियान, गर्भवती माताओं और बच्चों की जांच समेत कई योजनाओं का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे लाभार्थी तक सीधे लाभ पहुंचने के साथ ही ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी। एक ही दिन पोषाहार वितरण की व्यवस्था भी की गई है। प्रदेश में बच्चों और माताओं की सेहत सुधार के लिए प्रयासरत विभागों के  जिम्मेदार अधिकारियों से कुपोषण को हराने के लिए उनकी रणनीति जानी।

हर लाभार्थी से लिया जाएगा फीडबैक, गड़बड़ी पर होगी संबधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाईः एस राधा चौहान

महिला कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। सभी लाभार्थियों का डाटाबेस ऑनलाइन किया जाएगा। हर माह वितरित होने वाले पोषाहार की डिटेल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऑनलाइन फीड करेंगे। 


लाभार्थियों को पोषाहार समय से मिल रहा है कि नहीं, कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं है, इसके लिए हर माह करीब एक लाख लोगों को केन्द्रीयकृत काल सेंटर से कॉल करके फीडबैक भी लिया जाएगा। किसी सेंटर पर फीड हुए डाटा और फोन से मिले फीडबैक में विरोधाभास पर संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पोषाहार वितरण से लेकर वजन मापने तक का करीब 1.5 करोड़ लाभार्थियों का ऑनलाइन रियल टाइम मॉनीटरिंग के मास्टर प्लान से व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के बारे में बताते हुए एस. राधा चौहान ने कहा, जो लाभार्थी हैं, उनके मोबाइल नंबर और आधार नंबर के हिसाब से सूचनाएं हमारे पास हैं। हमारे पास 40 सीटों का कॉल सेंटर भी है। जब आंगनबाड़ी केंद्रों से रिपोर्ट आ जाएगी तब कॉल सेंटर से कॉल करके राशन की मात्रा और गुणवत्ता के बारे में फीडबैक लिया जाएगा। 


एक ही दिन बांटा जाएगा राशन 
नई व्यवस्था के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र पर राशन एक ही दिन बांटा जाएगा। उस दिन कोई भी आंगनबाड़ी  केंद्र पर जाकर देख सकता है। इसे पोषण उत्सव का नाम दिया गया है। कोरोना माहामारी से बंद चल रहे आंगनबाड़ी  केंद्र जैसे ही खुलेंगे, इसे शुरू कर दिया जाएगा। तकनीक के उपयोग से पोषाहार वितरण में होने वाली धांधली रोकने के प्रयासों पर कहा, हर आंगनबाड़ी केंद्र को जियो टैग करते हुए पोर्टल पर पोषण उत्सव की फोटो अपलोड करने की सुविधा दी गई है। जब फोटो अपलोड होगी तो ऐसा नहीं होगा कि पिछले महीने और अगले महीने का फोटो एक हो। समय, तारीख के साथ जीपीएस लोकेशन होगी।
 

सर्वे से जानेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों की दुर्दशा का हाल 
आंगनबाड़ी केंद्रों की दुर्दशा सुधारने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कमी पूरी करने पर एस राधा चौहान ने कहा, सर्वे के जरिए यह देखेंगे कि सभी आंगनबाड़ियों में मूलभूत सुविधाएं क्या हैं, और क्या होना चाहिए? सभी जिलों में आंगनबाड़ी केन्द्रों की दशा सुधारने के साथ ही बच्चों के लिए बेबी किट्स भी भेजे जाएंगे। 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भर्ती करने का जीओ जारी किया जा चुका है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरु की जाएगी।


कुछ फैसले
-53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की होगी नियुक्ति -फीडबैक के लिए कॉल सेंटर से हर माह एक लाख की जाएंगी कॉल
- हर आंगनबाड़ी केन्द्र की होगी जियो टैगिंग
- पोषण उत्सव की हर माह फोटो की जाएंगी टैग

माता-पिता की होगी काउंसलिंग, केंद्रों पर महिलाओं को दी जाएगी पौष्टिक रेसिपी बनाने की ट्रेनिंग : सारिका मोहन

पोषण उत्सव में लाभार्थियों को हर जानकारी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक छत के नीचे दी जाएगी। कुपोषण को लेकर काउंसलिंग के साथ ही, महिलाओं को सिखाया जाएगा कि वह दैनिक आहार में कौन-कौन सी पौष्टिक रेसिपी बना सकती हैं। उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा पुष्टाहार की निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने बताया, ऐसा पहली बार है कि पोषाहार वितरण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया है।

स्वयं सहायता समूहों के गठन से लेकर इनकी महिलाओं को ट्रेनिंग देने, उनके बैंक खाते खुलवाने का उद्देश्य आगनबाड़ी केन्द्रों को मजबूत करना है। बेसिक शिक्षा विभाग के साथ मिलकर होने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के सर्वे पर डा. सारिका ने कहा, इसमें आंगनबाड़ियों में आधारभूत सुविधाओं का सर्वे किया जाएगा। इसकी फाइंडिंग शिक्षा विभाग के प्रेरणा ऐप में एक टैब बनाकर दर्ज रहेंगी। इससे पता चल पाएगा कि किस आंगनबाड़ी में क्या समस्या है। कहां बिजली की दिक्कत है, कहां बिल्डिंग की? जिसके बाद उन केंद्रों की कमियों को दूर किया जाएगा।  पोषण उत्सव के बारे में बताया कि काउंसलिंग के दौरान माता-पिता से पूरे दिन का हाल पूछेंगे और उसे नोट करते रहेंगे कि क्या खाया?


काउंसलिंग के बाद होगा पोषाहार वितरण
डॉ. सारिका मोहन बताती हैं, पोषण तश्तरी में हर खाद्य पदार्थ को दिखाया जाएगा कि किसमें कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है, किसमें प्रोटीन? फिर लाभार्थी से पूछा जाएगा कि उसने नाश्ते में, लंच में क्या खाया? जब पूरे दिन के उसके खाने का पता चल जाएगा तो उसके द्वारा ली गई कैलोरीज को बताया जाएगा। तब लाभार्थी को पता चलेगा कि उसने कार्बोहाइड्रेट तो खाया, पर प्रोटीन नहीं खाया। पोषण तश्तरी के माध्यम से लाभार्थी की काउंसलिंग की जाएगी कि आहार में किस चीज की कमी है। इस तरह की काउंसलिंग के बाद ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार का वितरण किया जाएगा।


पोर्टल पर ऊंचाई-वजन फीड करते ही पता चलेगा बच्चे का कुपोषणः कपिल आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का वजन मापने के लिए एक लाख मशीने भेजी जा चुकी हैं, साथ ही, ऊंचाई और वजन फीड करते ही बच्चे के कुपोषण का पता चल जाएगा। यूपी में न्यूट्रीशन मिशन के निदेशक कपिल सिंह ने बताया, हम जिलों में वजन मापने की मशीनें भेज रहे हैं, करीब एक लाख भेज दी गई हैं, बाकी जल्द भेज दी जाएंगी। 6.5 लाख ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस भी खरीदी गई हैं, जो भेजी जा रही हैं। साथ ही, ऐसी भी ऑनलाइन व्यवस्था बना रहे हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  द्वारा बच्चे की ऊंचाई और वजन को एक पोर्टल पर फीड करते ही पता चल जाएगा कि बच्चा कुपोषित है कि नहीं और अगर कुपोषित है तो किस श्रेणी में है।


ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने का प्रयास में कपिल सिंह कहते हैं, लाभान्वित परिवारों को गायों का वितरण किया जा रहा है, इन गायों के रख-रखाव के लिए परिवार को हर माह 900 रुपये की आर्थिक मदद भी की जाएगी। इससे आमदनी बढ़ने के साथ कुपोषण से भी लड़ने में मदद मिलेगी।

त्रिस्तरीय समितियां बनेंगी
पोषाहार की क्वालिटी चेक करने के लिए त्रिस्तरीय समितियां भी बनाई जाएंगी। ये कमेटियां जिलास्तर, ब्लॉकस्तर और ग्रामस्तर पर होंगी जो निगरानी करेंगी।

लखीमपुर खीरी : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण कार्यमुक्ति के सम्बंध में महत्वपूर्ण निर्देश

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फतेहपुर : समाप्त हो सकता हैं 83 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व, 30 छात्र संख्या वाले स्कूल बंद करने के फैसले से हड़कंप

फतेहपुर : समाप्त हो सकता हैं 83 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व, 30 छात्र संख्या वाले स्कूल बंद करने के फैसले से हड़कंप

फतेहपुर : जिले में 83 परिषदीय स्कूलों का अस्तित्व समाप्त होगा। इन स्कूलों के शिक्षक नजदीकी स्कूलों में समायोजित किए जाएंगे। बच्चों को नजदीकी परिषदीय या निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा।


जिले में 2130 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 266 उच्च प्राथमिक, 1384 प्राथमिक और 480 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें 83 स्कूल छात्र संख्या कम होने के कारण बंद हो सकते हैं।

शासन के 0-30 छात्र संख्या वाले परिषदीय स्कूल बंद करने के निर्णय से परिषदीय शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। लंबे अरसे से इन स्कूलों में जमे शिक्षकों को अब दूर के स्कूलों में जाकर नौकरी करनी पड़ सकती है। ऐसे में इन स्कूलों में नियुक्त 100 से अधिक शिक्षकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभी सिर्फ समाचार पत्रों में यह खबर छपी है। विभाग से ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसा आवश्यक नहीं है कि स्कूल बंद करने का फैसला लागू ही हो।उन्होंने जिले में कुछ स्कूलों की छात्र संख्या न्यून होने की बात  स्वीकार की है।


कंपोजिट श्रेणी मिलने से 150 स्कूल बंद होने से बचे

जिले में कंपोजिट स्कूल बनने के पहले सिर्फ प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दो श्रेणी के कुल मिलाकर स्कूलों की संख्या 2650 थी एक ही परिसर में संचालित कई स्कूलों को मिलाकर कंपोजिट स्कूल बना दिया गया है। ऐसे में 0-30 छात्र संख्या वाले दो स्कूलों की संख्या मिलाकर बंद होने की सीमा रेखा पार कर ली है। सूत्रों की मानें, तो उस दरम्यान करीब ढाई सौ स्कूल इस बंदी के दायरे में शामिल होते।

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2021 की हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट परीक्षाओं हेतु परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा कराये जाने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में

माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2021 की हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट परीक्षाओं हेतु परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा कराये जाने हेतु नीति निर्धारण के सम्बन्ध में








फतेहपुर : 220 विद्यालयों को सात करोड़ की 'संजीवनी', चलेंगी स्मार्ट क्लासेज

फतेहपुर : 220 विद्यालयों को सात करोड़ की 'संजीवनी', चलेंगी स्मार्ट क्लासेज

फतेहपुर :  मूलभूत सुविधाओं से वंचित और जर्जर इमारतों में संचालित शहरी क्षेत्र के 220 परिषदीय विद्यालयों को 'संजीवनी' मिलने जा रही है। पूर्व जिलाधिकारी संजीव सिंह की ओर से भेजे गए प्रस्तावों पर केंद्र सरकार के नीति आयोग ने मंजूरी की मुहर लगा दी है। जिसके तहत शहरी क्षेत्र के 220 परिषदीय विद्यालयों के रंग रोगन कराने से लेकर उनका संपूर्ण कायाकल्प कराया जाएगा। जल्द ही ये सरकारी विद्यालय निजी विद्यालयों को टक्कर देते नजर आएंगे। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए बीज भंडारण गृह के निर्माण और प्रेक्षागृह के नवीनीकरण के लिए भी नीति आयोग ने प्रस्तावों को स्वीकृति दी है।


पूर्व डीएम संजीव सिंह के प्रेक्षागृह के नवीनीकरण के लिए भी कार्यकाल के दौरान नीति आयोग की रैंकिंग में फतेहपुर ने अपना स्थान टॉप तीन में बनाया था। जिससे प्रोत्साहन के तौर पर नीति आयोग ने जनपद को 10 करोड़ रुपयों की सौगात दी थी। इस बजट से पूर्व डीएम संजीव सिंह ने शहरी क्षेत्र के 220 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराने, प्रेक्षागृह का नवीनीकरण कराने और औग क्षेत्र में बीज भंडारण गृह बनवाने का प्रस्ताव भेजा था । शुक्रवार को नीति आयोग की बैठक में इन सभी प्रस्तावों को आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने मंजूरी दे दी। इस बात की पुष्टि मौजूदा जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भेजे गए प्रस्तावों को नीति आयोग से मंजूरी मिली है।

इस तरह से होंगे काम

प्रस्ताव के मुताबिक 7 करोड़ की लागत से शहरी क्षेत्र के 220 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का सेटअप लगाया जाएगा। इसके साथ ही इन सभी विद्यालयों की फर्श में टाइल्स लगवाने से लेकर, इनमें शौचालय बनवाने और इनका रंगरोगन कराने का काम किया जाएगा।



फतेहपुर : 220 स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट क्लासेज

फतेहपुर : अति पिछड़ेपन के दाग से मुक्ति के लिए नीति आयोग ने शुक्रवार को जिला प्रशासन के तीन प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद जिले के 220 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज का संचालन शुरू होगा। जबकि सौ से अधिक बच्चों वाले 40 विद्यालयों का कायाकल्प होगा।

आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने शुक्रवार को वीडियो कांप्रेसिंग के जरिए विकास गति के प्रगति पर चर्चा की। डीएम अपूर्वा दुबे ने स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज चलाने, स्कूलों के कायाकल्प, बीज के लिए बफर भंडार और ऑडीटोरियम का शुभारंभ किए जाने का प्रस्ताव रखें। आयोग के सीईओ ने उस पर चर्चा करने के उपरांत स्वीकृत दे दी। सीडीओ सत्यप्रकाश ने बताया कि स्वीकृत मिलने के उपरांत 220 स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज शुरू करने की तैयारी है। नगरीय क्षेत्र के 40 उन विद्यालयों का कायाकल्प कराया जाएगा। जहां बच्चों की संख्या सौ से अधिक है। वहीं औंग में 500 एमटी क्षमता का बीज स्टोर करने के लिए बफर गोदाम के निर्माण का प्रस्ताव गया था। आयोग ने 200 एमटी क्षमता गोदाम निर्मित कराने को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसी तरह ऑडीटोरियम के शुभारंभ को लेकर भी आयोग से अनुमति प्रदान की जा चुकी है। यहां डीएम सीडीओ के अलावा कृषि उपनिदेशक बृजेश सिंह समेत अधिकारी मौजूद रहे।


स्कूल में पद नहीं फिर भी थमा दिया शिक्षकों को नियुक्ति पत्र

स्कूल में पद नहीं फिर भी थमा दिया शिक्षकों को नियुक्ति पत्र


लखनऊ : राजकीय माध्यमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर चयनित हुए अभ्यर्थी तीन महीने से नियुक्ति पत्र लेकर चक्कर काट रहे हैं। इन शिक्षकों को वह स्कूल आवंटित कर दिए गए जहां उस विषय का या तो पद नहीं है या फिर एक पद के सापेक्ष दो-दो चयनितों को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। करीब 21 चयनित अभ्यर्थियों के साथ ऐसा हुआ और अब अब उनकी सुनवाई नहीं हो रही। गलत नियुक्ति पत्र में संशोधन को लेकर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और माध्यमिक शिक्षा विभाग एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहा है। वहीं अभ्यर्थी परेशान हैं।



जौनपुर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सराय खानी में संस्कृत विषय में सहायक अध्यापक का एक ही पद खाली था और यहां दो-दो चयनितों को नियुक्ति पत्र देकर भेज दिया। सहायक अध्यापक पद पर चयनित रिंकी यादव कहती हैं कि जब वह नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल गईं तो उन्हें बताया गया कि यहां तो पहले ही एक शिक्षिका ज्वाइन कर चुकी है। 29 अक्टूबर को डीआइओएस की ओर से निदेशालय को पत्र भेजकर त्रुटिपूर्ण नियुक्ति पत्र जारी होने की जानकारी भी भेज दी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। वहीं राजकीय हाईस्कूल भकुरा जौनपुर में संस्कृत शिक्षक पद पर ज्वाइन करने पहुंचे ¨वदरेश कुमार पाल को भी लौटा दिया गया। यही हाल राजेश कुमार मौर्या, सुनील कुमार, सुनीता, संगीता पटेल, सुशील कुमार, मनीष, अशोक कुमार यादव व शिवेंद्र तिवारी का भी है।


राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय कहते हैं कि 23 अक्टूबर को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 3,317 सहायक अध्यापकों को यह नियुक्ति जारी किए गए थे। गलती अधिकारियों ने की और परेशान चयनित अभ्यर्थी हो रहे हैं। उधर माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला का कहना है कि नियुक्ति पत्र में संशोधन के लिए उप्र माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से गुजारिश की गई है, कि वह इसमें बदलाव करे। दरअसल बदलाव वहीं से हो सकता है लेकिन वह इसे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से कराने की बात कह रहा है।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में UGC का एक और कदम, एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट की होगी शुरुआत

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में UGC का  एक और कदम, एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट की होगी शुरुआत



राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल की दिशा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अब कामर्शियल बैंकों की तरह एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) नाम की एक नई स्कीम शुरू होगी। इसमें छात्रों की बीच में छोड़ी गई पढ़ाई अब बेकार नहीं जाएगी।



बल्कि जितने समय पढ़ाई की है, उसका पूरा क्रेडिट इस प्रस्तावित बैंक में जमा रहेगा। उसके आधार पर वह कभी भी फिर से पढ़ाई शुरू कर सकेगा या फिर अपने जमा क्रेडिट को भुना भी सकेगा। इस दौरान उसने यदि एक साल की पढ़ाई पूरी कर ली है तो उसे कोर्स का सर्टिफिकेट मिल जाएगा। वहीं दो साल की पढ़ाई पूरी कर ली है तो डिप्लोमा मिल जाएगा।

एबीसी नाम से प्रस्तावित इस स्कीम के तहत विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र किसी कोर्स को बीच में छोड़कर किसी नए कोर्स की पढ़ाई भी कर सकेंगे। इस बीच उस कोर्स का क्रेडिट बाद में मुख्य कोर्स के साथ जुड़ जाएगा। यानी किसी कोर्स के बीच में भी कोई नया कोर्स करने की आजादी मिलेगी। इसके साथ ही छात्र अपने जमा क्रेडिट के आधार पर किसी दूसरे विश्वविद्यालय में भी प्रवेश ले सकेंगे। इस दौरान यह जरूर देखा जाएगा कि छात्र नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) की रैंकिंग में यदि उच्च संस्थान से निम्न रैंकिंग वाले संस्थान में जाता है तो उसका क्रेडिट ट्रांसफर हो जाएगा, लेकिन अगर वह निम्न रैंकिंग से उच्च रैंकिंग वाले संस्थान में प्रवेश लेना चाहेगा तो क्रेडिट ट्रांसफर नहीं होगा। 


फिलहाल यूजीसी ने इसके रेगुलेशन का मसौदा तैयार किया है जिसे लेकर देशभर के सभी विश्वविद्यालयों से राय मांगी है। उन्हें पांच फरवरी तक इस पर अपनी राय देनी है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने बताया कि इस स्कीम को नए शैक्षणिक सत्र से शुरू करने की योजना है। एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट (एबीसी) को मंजूरी मिलने के बाद सभी विश्वविद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा। ऐसे में विश्वविद्यालयों के किसी भी कोर्स में प्रवेश लेते ही छात्र का इस बैंक में अपने आप एक अकाउंट खुल जाएगा। इसके लिए उन्हें यूनिक आइडी भी मिलेगी जहां उनकी जीवनभर की पढ़ाई का ब्योरा मौजूद रहेगा। नौकरियों में दस्तावेजों के वेरीफिकेशन में भी इसकी मदद ली जा सकेगी। इसके साथ ही सभी कोर्सों के क्रेडिट का मानक भी तय होगा जिसे यूजीसी जल्द जारी करेगा। यूजीसी के प्रस्तावित ड्राफ्ट के मुताबिक, यह एकेडमिक बैंक भी कामर्शियल बैंकों की तरह काम करेगा जहां छात्रों की पढ़ाई का पूरा क्रेडिट जमा होगा। इसका वे कभी भी और कहीं भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश के पांच बच्चों को मिलेगा वर्ष 2021 का प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार

प्रदेश के पांच बच्चों को मिलेगा वर्ष 2021 का प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार


लखनऊ: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 में उत्तर प्रदेश के पांच बच्चों का चयन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन बाल पुरस्कार विजेताओं से 25 जनवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रलय ने बच्चों, व्यक्तियों और संस्थाओं से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 के लिए नामांकन आमंत्रित किए थे। बाल शक्ति पुरस्कार ऐसे बच्चों को दिया जाता है जो असाधारण क्षमताओं के धनी हों या जिन्हें नवाचार, शैक्षणिक, खेल, कला और संस्कृति, समाज सेवा और बहादुरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण पहचान मिली हो। इसी के तहत प्रदेश के पांच बच्चों का चयन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए हुआ है।

लखनऊ के 10 वर्षीय बालक व्योम आहूजा को कला एवं सस्कृति के लिए व बाराबंकी के 15 वर्षीय कुंवर दिव्यांश सिंह को बहादुरी के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलेगा। गौतमबुद्धनगर के 16 वर्षीय चिराग भंसाली को इनोवेशन के लिए व अलीगढ़ के 17 वर्षीय शादाब को शैक्षणिक क्षेत्र के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। प्रयागराज के 17 वर्षीय मुहम्मद को खेल श्रेणी में पुरस्कार दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को बाल विजेताओं की सूची भेज दी है।

कई साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षक व कर्मचारी, परिषदीय शिक्षक 30-35 वर्ष की लंबी सेवा पूरी कर एक ही पद से हो रहे रिटायर

कई साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षक व कर्मचारी, परिषदीय शिक्षक 30-35 वर्ष की लंबी सेवा पूरी कर एक ही पद से हो रहे रिटायर 


लखनऊ। प्रदेश के तमाम सेवा संवर्गों में पदोन्नति के पद लंबे समय से रिक्त हैं। कर्मचारी पदोन्नति के लिए विभागीय अफसरों का चक्कर काट रहे हैं। पर, कई-कई साल बीत जा रहे हैं, पदोन्नति नहीं हो रही है। शासन स्तर से पदोन्नति के समस्त पदों को भरने के निर्देश के बाद कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र बताते हैं कि प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों की पदोन्नतियां प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक व जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक के पद पर होती है। 2016 में कुछ जिलों में पदोन्नति हुई थी, फिर रोक लगा दी गई। चार वर्ष बीत गए, शिक्षकों को पदोन्नति नहीं मिल पा रही है । शिक्षक 30-35 वर्ष की लंबी सेवा पूरी कर एक ही पद से रिटायर हो रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापक से प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति करीब 10 वर्ष से नहीं हुई है। इससे शिक्षकों में कुंठा बढ़ती है। सरकार को पदोन्नतियों की कार्यवाही प्राथमिकता पर शुरू करनी चाहिए।

 इसी तरह राजस्व निरीक्षक से नायब तहसीलदार व लेखपाल से राजस्व निरीक्षक की पदोन्नति पिछले दो वर्ष से नहीं हो पा रही है। हालात ये हैं कि राजस्व निरीक्षकों को अपनी पदोन्नति के लिए हाईकोर्ट जाना पड़ा। कोर्ट को पदोन्नति का निर्देश दिए लंबा समय बीतने को है, लेकिन पदोन्नति अब तक अटकी है। बताया जा रहा है कि पूर्व में तमाम कर्मियों को नियम विरुद्ध पदोन्नति दी गई थीं। इस प्रकरण में कार्रवाई व उचित निर्णय लेकर अन्य कर्मियों की पदोन्नति का रास्ता निकालने की जगह अफसर फाइल पर कुंडली मारे बैठे हैं।

Friday, January 22, 2021

फतेहपुर : दो चरणों में जिले को मिले हैं करीब 476 शिक्षक-शिक्षिकाएं, पंचायत चुनाए कराएंगे नए मास्साब, डाटा फीड

फतेहपुर : दो चरणों में जिले को मिले हैं करीब 476 शिक्षक-शिक्षिकाएं, पंचायत चुनाए कराएंगे नए मास्साब, डाटा फीड

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग को मिले करीब 476 शिक्षक-शिक्षिकाओं को पंचायत चुनाव सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी मिलेगी। मार्च-अप्रैल में सम्भावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए डाटा फीड किया जा रहा है। कई ब्लॉकों में यह काम जोरों से चल रहा है।


जनपद को पहले चरण में 475 नए सहायक शिक्षक मिले थे। इसमें सभी ने काउंसिलिंग व ज्वाइनिंग ली थी। बाद में एक नए शिक्षक और मिल गए। तकरीबन 476 टीचर ने ज्वानिंग ली। इतने शिक्षक-शिक्षिकाएं मिलने से सरकारी काम करने में दिक्कत नहीं होगी । हालांकि दूसरे चरण में मिले शिक्षकों को अब तक प्राथमिक स्कूल आवंटित नहीं हुए हैं, लेकिन निर्वाचन पत्र पर पूरा ब्योरा नए शिक्षकों से पर ब्योरा नए से भरा लिया गया है। अब वह विवरण ऑनलाइन कम्प्यूटर पर फीड किया जा रहा है। इसमें नाम, पता, बैंक खाता का विवरण, पद व तैनाती स्थल आदि का विवरण दिया जा रहा है। बताया गया है कि सभी आवेदनों को कुछ ब्लॉकों में बांट दिया गया है, जिससे एक स्थान पर काम की अधिकता न रहे। सदर में भी ऑनलाइन फीडिंग का काम चलता रहा।


ज्वाइन करते ही मिली बड़ी जिम्मेदारी

लोकतंत्र में चुनाव अहम व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा विभाग में ज्वाइन करने के बाद पंचायत चुनाव के लिए कार्मिकों की ड्यूटी मिलना भी जिम्मेदारी की बात है। कहा जा रहा है कि इससे हर क्षेत्र की जानकारी भी हो जाएगी। मतदान से पहले ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके लिए शिक्षक काफी उत्सुक भी दिख रहे हैं।

मांगा गया विवरण उपलब्ध करा दिया गया

जिन नए शिक्षकों ने ज्वाइन कर लिया है और ट्रेजरी से भी प्रक्रिया पूरी हो गई है, उनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लग सकती है। उच्चाधिकारियों द्वारा मांगा गया विवरण उपलब्ध करा दिया गया है।-शिवेन्द्र प्रताप सिंह, बीएसए

उच्च शिक्षा : कार्यवाहक प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारियों को अवकाश की अवधि में भी उठाना होगा फोन

उच्च शिक्षा : कार्यवाहक प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारियों को अवकाश की अवधि में भी उठाना होगा फोन


समय से सूचनाएं न मिलने के कारण शासन की नाराजगी को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) डॉ. अमित भारद्वाज ने अवकाश के दिनों में भी फोन कॉल रिसीव कर मांगी गई जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। 


डॉ. भारद्वाज ने गुरुवार को जारी कार्यालय आदेश में कहा कि अवकाश की अवधि में महाविद्यालयों के प्राचार्य, कार्यवाहक प्राचार्य, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी निदेशालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों के फोन कॉल या संदेशों की अनदेखी करते हैं। इस कारण महत्वपूर्ण सूचनाएं शासन को समय से भेजने में कठिनाई होती है। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने फोन कॉल या संदेशों को तत्काल रिसीव करते हुए मांगी गई सूचनाएं या अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

यूपी बोर्ड : परीक्षा के सेंटर न बढ़े, सरकार ने बदली नीति, पहले एक कमरे में 14 बच्चे आ रहे थे, अब 23 देंगे परीक्षा

यूपी बोर्ड : परीक्षा के सेंटर न बढ़े, सरकार ने बदली नीति, पहले एक कमरे में 14 बच्चे आ रहे थे, अब 23 देंगे परीक्षा

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में सेंटरों की संख्या बढ़ने न पाए इसलिए सरकार ने केंद्र निर्धारण नीति में संशोधन कर दिया है। 25 नवंबर को कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर जारी नीति के अनुसार एक कमरे में औसतन 14 बच्चों के बैठने की व्यवस्था हो पा रही थी लेकिन अब एक कमरे में 23 परीक्षार्थी बैठ सकेंगे।


पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक केंद्र नहीं बनाने के निर्देश अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने दिए हैं। 2020 की परीक्षा के लिए 7784 केंद्र बनाए गए थे। 2021 के लिए 8562 से अधिक केंद्र नहीं बनेंगे। सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने गुरुवार को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को संशोधित नीति भेज दी।

पहले जारी नीति में प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए 36 वर्गफीट (3.34 वर्गमीटर) का क्षेत्रफल निर्धारित था। अब प्रत्येक परीक्षार्थी के बीच 6 वर्गफीट की दूरी का मानक रखा गया है। अब प्रत्येक परीक्षार्थी को 25 वर्गफीट (2.32 वर्गमीटर) स्थान मिलेगा। चारों दीवारों से 6 फीट दूरी की आवश्यकता समाप्त होने से अब एक कमरे में 23 बच्चे बैठ सकेंगे।

पूर्व के वर्षों में एक कमरे में 26 बच्चों के बैठने का इंतजाम रहता था इसलिए संशोधित नीति के कारण परीक्षा केंद्र अधिक नहीं बढ़ने पाएगी। 25 नवंबर 2020 को जारी नीति में न्यूनतम 150 और अधिकतम 800 परीक्षार्थियों केलिए केंद्र निर्धारित करने की बात थी। लेकिन अब तक न्यूनतम 250 और अधिकतम 1200 छात्रों के बैठने का नियम लागू किया गया है।

यानि पहले प्रत्येक पाली में जहां अधिकतम 400 बच्चे बैठ सकते थे वहीं अब एक पाली में अधिकतम 600 बच्चों को एक स्कूल में परीक्षा दिलाई जा सकेगी। इससे बड़े स्कूलों की धारण क्षमता का समुचित उपयोग हो सकेगा।



अब 22 फरवरी तक जारी होगी केंद्रों की सूची 

प्रयागराज :  केंद्र निर्धारण नीति संशोधित करने के साथ ही समय सारिणी में भी संशोधन किया गया है। पहले 9 फरवरी तक केंद्रों की अंतिम सूची जारी होनी थी। अब 22 फरवरी तक अंतिम सूची जारी हो सकेगी। पहली सूची 11 जनवरी को जारी होनी थी जो अब 25 जनवरी तक घोषित की जाएगी।

अप्रैल से पहले परीक्षा शुरू होने के आसार नहीं

10वीं 12वीं की परीक्षा अप्रैल से पहले शुरू होने के आसार नहीं है। शैक्षिक पंचांग में मार्च अप्रैल में बोर्ड परीक्षा कराने की बात थी। सूत्रों के अनुसार केंद्र निर्धारण को लेकर इतनी देरी हो गई है कि मार्च में परीक्षा शुरू होना मुश्किल है।

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में अबकी बायोमेट्रिक होगी हाजिरी

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में अबकी बायोमेट्रिक होगी हाजिरी

सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए छात्रों की बायोमेट्रिक हाजिरी लेगा। यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। नया सिस्टम लागू होने के बाद परीक्षा के दौरान मूल परीक्षार्थी की जगह दूसरे को परीक्षा में बैठाने से रोका जा सकेगा। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में स्कूलों में भी अटेंडेंस के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जा सकता है। 



परीक्षा कक्ष में बैठने के बाद शुरू होगी अटेंडेंस
बायोमेट्रिक सिस्टम से अटेंडेंस परीक्षा कक्ष में ली जाएगी। बोर्ड पहले इस व्यवस्था को प्रायोगिक तौर पर 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में लागू करेगा। परीक्षार्थियों को कक्ष में बैठने के बाद हाजिरी लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। अब तक परीक्षार्थी की पहचान प्रवेश पत्र पर लगे फोटो को देखकर की जाती थी। अब परीक्षार्थियों की पहचान डिजिटल तरीके से होगी। नई व्यवस्था लागू होने से परीक्षार्थियों को पहचानने में आसानी होगी। कोई परीक्षार्थी फर्जी निकला तो उसे परीक्षा दौरान ही पकड़ा जा सकेगा।

चार मई से शुरू होंगी सीबीएसई की परीक्षाएं
सीबीएसई 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा चार मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। 10 जुलाई तक नतीजे घोषित करने तैयारी है। सीबीएसई ने कोरोना गाइड लाइन का ध्यान रखते हुए परीक्षा कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक मार्च से शुरू हो रही हैं। सीबीएसई ने जहां एक तरफ टाइम टेबल के साथ प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि जारी कर दी है वहीं यूपी बोर्ड की ओर से अभी तक केंद्र का निर्धारण तक नहीं हो सका है। परीक्षा केंद्र तय किए जाने के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा और परीक्षा कार्यक्रम जारी होगा।