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Saturday, November 21, 2020

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना


औरैया : सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी मुहैया न कराना पूर्व बीएसए को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने 25 हजार का जुर्माना किया है। साथ ही रजिस्ट्रार ने सहायक मंडली शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बीएसए जुर्माने की धनराशि की वसूली कराने का निर्देश दिया है।


बेसिक शिक्षा विभाग के जन सूचना अधिकारी से वर्ष 2014 और वर्ष 2015 में पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में कुछ सूचनाएं सूचना अधिकार के तहत मांगी गई थीं। जन सूचना अधिकारी तत्कालीन बीएसए के स्तर से सूचना देने में लगातार हीला हवाली की गई। जिले स्तर पर सूचनाएं न दिए जाने पर पीड़ित धर्मेंद्र कुमार ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। 


राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई की गई। तब भी तत्कालीन बीएसए जन सूचना अधिकारी एसपी सिंह ने मांगी गई सूचनाएं मुहैया नहीं कराई। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने तत्कालीन बीएसए एसपी सिंह पर सूचनाएं देने में लापरवाही मानते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। रजिस्ट्रार ने जुर्माने की धनराशि वसूल करने के लिए सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल को इस बाबत पत्र भी लिखा है। जिससे बीएसए के खाते से जुर्माने की धनराशि का भुगतान वसूला जा सके।


 मालूम हो कि वर्ष 2014 और 2015 में कई बिदुओं पर बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने ही सूचनाएं मांगी थी। सूचना मांगने वाला शिक्षक शहर के आर्य नगर मोहल्ले का निवासी है। सूचना मिलने पर लगातार उसने मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया। जिससे पदोन्नति प्रक्रिया में की गई खामियों को उजागर किया जा सके। लेकिन विभागीय स्तर पर खामियों को दबाने के लिए सूचनाएं नहीं दी गई। 


इसको लेकर राज्य सूचना आयोग में सुनवाई लगातार जारी रही। फिर भी पीड़ित को सूचनाएं मुहैया कराना बीएसए ने जरूरी नहीं समझा और उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई कर दी गई। सूचना अधिकार के तहत जानकारी मुहैया न कराने वाले बीएसए एसपी सिंह का जिले से तबादला भी हो चुका है।

Thursday, November 19, 2020

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर


उन्नाव : कारण जो भी हो लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय के एक पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को लिखे पत्र में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। यहां पर उन्होंने कई कारण बताए हैं, लेकिन उनसे पत्र के बाबत जानकारी ली गई तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ज्यादा कुछ नहीं बोला है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा से लेकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में इस बात की चर्चाएं हैं। 



अगस्त 2013 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बीके शर्मा की तैनाती की गई थी। करीब एक साल में उनके कार्यों पर उठी अंगुलियों व लगे आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने उन्हें निलंबित किया था। यहां वित्तीय और कार्य अनियमितता के कई आरोप उनपर लगे। इसके बाद कंपोजिट ग्रांट घोटाले के जांच की आंच भारी पड़ी। 


निलंबन के बाद शासन स्तर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया। इसमें प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा में एसोसिएट डीआईओएस पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी दी गई। हालांकि, वहां कुछ समय बाद यह कुर्सी फिर बदल गई और बीके शर्मा को यह पद फिर से दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से हुई उथल-पुथल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पद पर प्रदीप कुमार पांडेय को नियुक्ति दी गई। 


23 नवंबर 2019 को पद संभालते एक साल अभी नहीं हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदीप कुमार पांडेय ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद व शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वंद्र विक्रम बहादुर सिंह से पद छोड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए अवकाश मांगा है। फिलहाल, इस पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर किया है।

Tuesday, October 20, 2020

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति


रामपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी योजनाओं में भी घपलेबाजी की जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई कमेटी ने कई घपले पकड़े हैं। कमेटी ने बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था तब कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए चेतावनी जारी की, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। 


मुख्य विकास अधिकारी ने दोबारा निरीक्षण किया तो फिर अनियमितताएं सामने आईं, इसके बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की विस्तृत जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। इस कमेटी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता, दो इंजीनियर व कोषाधिकारी भी शामिल किए गए। इंजीनियरों द्वारा स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की गई। जांच पड़ताल के दौरान कई अनियमितताएं पकड़ में आईं। 


सीडीओ ने बताया कि स्कूलों की चाहरदीवारी कराने के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे, जो डीएम के संज्ञान में लाए बिना ही वापस कर दिए गए। एडीएम के मुताबिक कई शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया और फिर उन्हें सवेतन बहाल कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्नीचर बनवाने में भी अनियमितता बरती गई। लोहा कम लगाया गया। ड्रेस के वितरण में भी आनाकानी की गई। 


उन्होंने बताया कि बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और बाबू मनमानी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी केएल साश्वत के खिलाफ भी शासन को लिखा था, जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

Friday, September 25, 2020

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में






Saturday, September 12, 2020

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान


उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने अधिवक्ता के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है। इसमें बीएसए पर मनमानी करने का आरोप लगाया गया है। बीएसए दफ्तर का बहिष्कार करने की बात भी शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पत्र में कही है।


जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामवीर सिंह एवं महामंत्री अनिल कुमार ने सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रमेशचंद्र शर्मा के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है, जिसमें मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि शिक्षक संघ के किसी भी प्रत्यावेदन का संज्ञान नहीं लिया जा रहा। नोटिस में अन्य आरोप भी लगाए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने अध्यापकों को जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने एवं शिक्षक संघ के प्रति अनुचित व्यवहार करने के कारण कार्यालय का बहिष्कार करने की भी बात कही है।


 नोटिस के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सिविल कोर्ट के नोटिस का निर्णय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर जूनियर संगठन ने मेरे नोटिस का कोई तर्क संगत जवाब नहीं दिया तो इनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। -मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस।

Wednesday, September 2, 2020

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें।

प्रतापगढ़ : सीडीओ के निरीक्षण में गायब मिले बीएसए व लेखाधिकारी, पौने ग्यारह बजे तक डीसी और कर्मचारी कार्यालय से थे नदारद, स्पष्टीकरण तलब

प्रतापगढ़ : सीडीओ के निरीक्षण में गायब मिले बीएसए व लेखाधिकारी, पौने ग्यारह बजे तक डीसी और कर्मचारी कार्यालय से थे नदारद, स्पष्टीकरण तलब।

प्रतापगढ़। डीएम के आदेश पर सीडीओ अश्विनी कुमार पांडेय मंगलवार को सुबह पौने ग्यारह बजे बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान बीएसए, लेखाधिकारी, जिला समन्वयक समेत आधा दर्जन कर्मचारी गायब रहे। सीडीओ ने उपस्थिति रजिस्टर को जब्त करते हुए गायब अफसरों और कर्मचारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।




डीएम डॉ. रुपेश कुमार ने दो दिन पहले अफसरों से कार्यालय में मौजूद रहकर समस्याओं का निस्तारण करने को कहा था। मंगलवार को सीडीओ पौने ग्यारह बजे बीएसए कार्यालय निरीक्षण करने पहुंच गए। माह का पहला दिन होने के कारण उपस्थिति रजिस्टर पर नाम ही नहीं लिखा गया था। एसडीएम के पहुंचने पर कर्मचारी रजिस्टर नाम लिखने के साथ ही दस्तखत बनाने लगे। यह देखकर सीडीओ ने नाराजगी जताई और रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, दोपहर बाद रजिस्टर बीएसए कार्यालय को लौटा दिया गया। सीडीओ के निरीक्षण में बीएसए अशोक कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश सिंह,

डीसी अजय प्रकाश दूबे, डीसी श्रीकृष्ण विश्वकर्मा और आधा दर्जन कर्मचारी से अधिक कर्मचारी गायब मिले। सभी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने बीएसए के स्टेनो हरिओंकारबख्श सिंह की क्लास ली और बीआरसी को भेजी गई पुस्तकों का स्टॉक बुक में अंकन नहीं होने पर फटकार लगाई।

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Sunday, August 30, 2020

कौशाम्बी : अब देखी जाएगी कायाकल्प में हुए काम की हकीकत, बीएसए ने सत्यापन के लिए जारी किया निर्देश

कौशाम्बी : अब देखी जाएगी कायाकल्प में हुए काम की हकीकत, बीएसए ने सत्यापन के लिए जारी किया निर्देश।


जिले के परिषदीय स्कूलों के सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कायाकल्प योजना से कराने के बाद अब इन कार्यों की जांच होगी। शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सत्यापन का निर्देश दिया है।



जिले के परिषदीय स्कूलों के सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कायाकल्प योजना से कराने के बाद अब इन कार्यों की जांच होगी। शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सत्यापन का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में कराए गए कार्यों की जांच अपने स्तर से कर ले। बाद में किसी प्रकार की शिकायत मिली तो रिपोर्ट लगाने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जनपद के 1165 परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प योजना से ग्राम पंचायतों ने सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कराया था। इसमें ग्राम निधि के लाखों रुपये खर्च हुए। अब राज्य परियोजना निदेशक ने कायाकल्प के तहत हुए कार्यों के सत्यापन का फैसला लिया है। इसको लेकर निदेशक ने डीएम व बीएसए को पत्र भेजा है। जल्द ही स्कूलों में जांच होगी। जांच में जिन विद्यालयों की स्थिति खराब मिलेगी, उनकेप्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच से पूर्व बीएसए ने सभी शिक्षकों को अपने स्तर से एक बार स्कूल की स्थिति का मूल्यांकन का निर्देश दिया है। बीएसए ने बताया कि सभी स्कूलों की जांच 33 बिदुओं पर होगी जिसमें स्कूल में पेयजल, बालक व बालिका के लिए अलग-अलग क्रियाशील शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, रसोईघर, क्लास रूम की फर्श पर टाइल, रंगाई-पोताई, दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिग, वायरिग, विद्युत उपकरण, स्कूल में तैनात शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की संख्या, छात्रों की उपस्थिति, लर्निंग आउटकम प्रशिक्षण की निगरानी, रेमेडियल क्लास का संचालन, यूनिफार्म, किताबों का वितरण आदि बिदु शामिल हैं।

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Wednesday, August 19, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा लिखित स्पष्टीकरण

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण।

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण।

फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के परिचय पत्र बनाने में जिले में भी घोर लापरवाही बरती गई। निदेशक स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जाने के बाद भी परिचय पत्र नहीं बनाए गए। निदेशक ने अब बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। 22 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। परिचय पत्र बनाने में कुल 49 जिलों की लापरवाही सामने आई है। जिले में 2650 परिषदीय स्कूलों में 9000 शिक्षक कार्यरत हैं। जून महीने में निदेशक ने सभी शिक्षकों के परिचयपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे।




दो महीना व्यतीत होने के बाद भी जिले में अभी तक एक भी शिक्षक का परिचय पत्र जारी नहीं हो पाया है। मंगलवार को समीक्षा के दौरान प्रगति रिपोर्ट न मिलने पर शिक्षा निदेशक बेसिक के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने नोटिस जारी कर बीएसए देवेंद्र प्रताप सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है।

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अभी तक प्रगति रिपोर्ट न मिलने से साफ है कि परिचय पत्र बनाने का काम शुरू नहीं किया गया है। ऐसा न किया जाना विभागीय आदेशों की अवहेलना के दायरे में आता है। 22 अगस्त तक बीएसए लिखित रूप से स्पष्टीकरण दें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता, बीएसए ने अंतिम अवसर देते हुए जारी की चेतावनी

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता।

मान्यता प्राप्त जिन विद्यालयों ने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। इन विद्यालयों को अब अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र ही प्रपत्र अपलोड करने की बेसिक शिक्षा विभाग ने चेतावनी दे दी है। अन्यथा उन पर मान्यता प्रत्याहरण कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे करीब आधा सैकड़ा विद्यालय हैं जिन्होंने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं।



बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीएसए, डीआईओएस, समाज कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित परिषदीय शासकीय सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कई बार डाटा कैप्चर फार्मेट भरने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इसके बाद भी इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। अभी भी जिले 50 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने यह विवरण अपलोड नहीं किया है। अंतिम चेतावनी जारी करते हुए इन विद्यालयों से कहा गया है कि शीघ्र ही डीसीएफ भर दें। अन्यथा की स्थिति में उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।





इसके लिए विद्यालयों से बीआरसी से संपर्क करके यह प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के लिए कहा गया है। बीएसए ने साफ कहा है कि कई बार कहने के बाद भी यह कार्य नहीं किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और कार्रवाई की जाएगी।


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Tuesday, July 28, 2020

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब।

परिषदीय विद्यालयों के अस्थाई कंप्यूटर अनुदेशकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना केपी कॉलेज स्थित कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी लगा दी। कोराना के भय के चलते मात्र 7000 रुपये के मानदेय पर काम करने वाले कंप्यूटर अनुदेशक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इनके खिलाफ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी पर लगाए गए अनुदेशकों का कहना है कि उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अनुदेशकों ने जांच केंद्र पर ड्यूटी के लिए पीपीई किट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।





बीएसए की ओर से 12 कंप्यूटर अनुदेशकों को नोटिस भेजकर जुलाई महीने का मानदेय रोके जाने और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। बीएसए की ओर से इन कंप्यूटर अनुदेशकों की ड्यूटी कोरोना जांच केंद्र पर डाटा फीडिंग के लिए लगाई गई थी। ड्यूट पर नहीं आने वाले अनुदेशकों को भेजी नोटिस में बीएसए ने कहा है कि उनके नहीं आने से कोरोना की जांच में बांधा पड़ी। बीएसए ने इन अनुदेशकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है नहीं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष भोलानाथ पांडेय का कहना है कि अनुदेशकों ने कभी किसी विभागीय आदेश की अवहेलना नहीं की है। उनका कहना है कि बिना पीपीई किट और कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण दिए बिना कोविड-19 की डाटा फीडिंग में लगा दिया गया। डाटा फीडिंग के बगल में ही कोरोना की जांच चल रही है, ऐसी स्थिति में किसी अनुदेशक के साथ दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, उनके परिवार की चिंता के बारे में अधिकारी आश्वासन दें तो अनुदेशक अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए तैयार हैं।


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फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में बनेगा एकेडमिक कैलेंडर, बीएसए ने खण्ड शिक्षाधिकारियों को दिया निर्देश

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में बनेगा एकेडमिक कैलेंडर, बीएसए ने खण्ड शिक्षाधिकारियों को दिया निर्देश।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर पर काम कराना भी शुरू करा दिया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में एकेडमिक कैलेंडर बनवाएं।




राज्यपाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सुझाव दिए हैं। आठ माह पूर्व जब उन्होंने जिले में रात्रि प्रवास के बाद सुबह थरियांव के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण करते हुए वहां पढ़ने वाले बच्चों से मिलकर जिले के शैक्षिक स्तर को परखा था। लखनऊ में बीते दिन हुए कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा पर चिता जताते हुए प्रदेश को देश के टॉप-5 में शामिल करने का आह्वान किया था। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एकेडमिक कैलेंडर बनाए जाने के निर्देश मिले हैं। सभी खंड शिक्षाधिकारी इस काम में जुट गए हैं। कोरोना संकट की वजह से दिक्कत आ रही है। शैक्षिक कैलेंडर में कक्षावार कोर्स को माह वार बांटा जाएगा। वहीं साल भर में पड़ने वाले महापुरुषों के नाम जिनमें छुट्टियां नहीं होती हैं वह भी दर्ज होंगे। कैलेंडर के साथ ही राज्यपाल की मंशा के मुताबिक पढ़ाई को पोस्टर और चित्र के माध्यम से सुग्राही बनाया जाएगा। इस काम में अभिभावकों का सहयोग लिया जाएगा।


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Wednesday, July 15, 2020

मऊ में छात्र की मौत के बाद प्रशासन सख्त, बीएसए सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज, प्रधानाध्यापक निलंबित


मऊ में छात्र की मौत के बाद प्रशासन सख्त, बीएसए सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज, प्रधानाध्यापक निलंबित


उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में प्राथमिक विद्यालय का गेट गिरने के मामले में मृत बच्चे के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में बीएसए के साथ गांव के प्रधान, प्रधानाध्यापक, जेई और सेक्रेटरी को भी नामजद किया गया है।


दूसरी ओर बीएसए ने एबीएसए की रिपोर्ट पर स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश यादव को निलंबित कर शिक्षा मित्र की संविदा समाप्त करने का नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार, घोसी कोतवाली क्षेत्र के बेलभद्रपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर सोमवार को किताब वितरण का कार्य होना था, इसके चलते प्रधानाध्यापक ने छात्रों को बुलाया था। लेकिन खुद प्रधानाध्यापक देर से विद्यालय पहुंचे।


इस दौरान स्कूल पहुंचे छात्र खेलने लगे। खेलने के दौरान गांव निवासी राजवीर सहित तीन छात्र स्कूल के गेट पर झूला झुलने लगे। तभी गेट ढह गया, हादसे में चारों बच्चे ढहे गेट के मलबे में आकर दब गए। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

Monday, July 13, 2020

फतेहपुर : बीएसए ने दूर किया भ्रम, कन्टेनमेंट जोन में नहीं खुलेंगे स्कूल

फतेहपुर : बीएसए ने दूर किया भ्रम, कन्टेनमेंट जोन में नहीं खुलेंगे स्कूल।


फतेहपुर  ::  कन्टेन्मेण्ट जोन के भीतर परिषदीय एवं प्राइवेट स्कूलों के खुलने पर पूरी तरह पाबंदी है। शासन ने भले ही 31 जुलाई तक बच्चों के स्कूल आने पर रोक लगाई है लेकिन शिक्षकों के लिए इसे अनिवार्य किया गया है। इस स्थिति में उन स्कूलों को लेकर असमंजस की स्थिति थी जो कन्टेन्मेण्ट जोन के भीतर स्थित हैं। शिक्षक स्कूल खोलने को लेकर ऊहापोह की स्थिति में थे।





विभाग ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी है। जनपद में ऐसे कई परिषदीय एवं प्राइवेट स्कूल हैं जो कोरोना केस पाए जाने के बाद बनाए गए कंटेन्मेंट जोन के भीतर स्थित हैं। इन स्कूलों के शिक्षक इस बात को लेकर संशय की स्थिति में थे कि उन्हें स्कूल जाना है कि नहीं जाना है। इस तथ्य को लेकर शिक्षकों के सवालों का जवाब देने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने उदासीन रवैया अपनाया था। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पाबंदी और सील किए गए क्षेत्र में सब कुछ बंद रहेगा चाहे वह स्कूल हो या फिर अन्य कार्यालय। उन्होंने कहा कि कन्टेन्मेण्ट जोन के भीतर स्थित सभी निजी एवं परिषदीय स्कूल बंद रहेंगे।


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Friday, July 3, 2020

लखनऊ : बाबूगीरी में लगे शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश

लखनऊ : बाबूगीरी में लगे शिक्षकों पर होगी कार्रवाई, बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के दिए निर्देश।

सख्ती

लखनऊ : छात्रों को कक्षा में पढ़ाने के बजाए बीएसए कार्यालय व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगीरी कर रहे शिक्षकों पर अब विभाग के तेवर सख्त हो गए हैं। बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं जो पढ़ाने के बजाए विभाग की योजनाओं व अन्य कामों में लगे हुए हैं। साथ ही ऐसे शिक्षकों की सूची भी तैयार करने को कहा गया है जो तैनात किसी और स्कूल में हैं और पढ़ा कहीं और रहे हैं। जिले के कई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाए खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में विभिन्न योजनाओं में जुड़े हुए हैं या फिर कुछ और कार्य कर रहे हैं। महानिदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश बीएसए को दिए गए हैं। लखनऊ में तीन दर्जन से अधिक शिक्षक बाबूगिरी कर रहे या फिर तैनात किसी और स्कूल में है और पढ़ा किसी और स्कूल में रहे हैं। विभाग का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस पूरे मामले में बीएसए दिनेश कुमार का कहना है कि ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सूची आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




नगर क्षेत्र में पढ़ाई हो जाएगी ठप : नगर क्षेत्र में 50 से अधिक ऐसे स्कूल है। जहां पर पढ़ाने के लिए कोई नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षकों के रिटायर होने के बाद यह स्कूल खाली हो गए हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने अस्थाई तौर पर दूसरे स्कूल के शिक्षकों को शिक्षक रहित स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई के बाद जो शिक्षक एक साथ दो-दो स्कूलों की जिम्मेदारी उठा रहे हैं, वह उन स्कूलों में पढ़ाना छोड़ देंगे। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।


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Saturday, June 27, 2020

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में अश्रितों को नौकरी देने में देरी से सचिव नाराज, प्रकरण में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर जताई नाराजगी।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में आश्रित की नौकरी पाने वालों की राह आसान हो रहा है। सचिव बेसिक शिक्षा ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लिया है। प्रकरणों में सचिव स्तर से मार्गदर्शन मांगे जाने पर नाराजगी जताई है। उनहोंने कहा कि तमाम पत्रकारों में मार्गदर्शन की जरूरत ही नहीं है। यह केवल लेटलतीफी किए जाने का कारण है और मामले कोर्ट में पहुंचने पर अनावश्यक किरकिरी होती है।






दसअसल बेसिक शिक्षा विभाग में मत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी दिए जाने में हीलाहवाली हो रही है। आश्रित की नौकरी पाने के लिए सालों प्रकरण की सुनवाई न किए जाने पर ऐसे लोग कोर्ट चले जाते हैं। सचिव बेसिक शिक्षा विजय शंकर तिवारी ने आदेश दिया कि जिन प्रकरणों में मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं है। वह प्रकरण कतई न भेजे जाएं। संगत नियमों और शासनादेशों के अधीन आदेश अनुपालन में कोई दिक्कत आती है तो परिषद से विशेष अपील अलबत्ता की जा सकती है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में ऐसे पांच प्रकरण हैं जो खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच के लिए दिए गए हैं। जिसमें सचिव बेसिक शिक्षा के निर्देश का अनुपालन कराया जाएगा।




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Thursday, March 19, 2020

कुशीनगर : Covid-19 से बचाव एवं रोकथाम हेतु 19 से 25 तक शिक्षकों के प्रशिक्षण संबंधी निर्देश, देखें

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Tuesday, March 17, 2020

रामपुर : आजम के स्कूल को मान्यता देने में बाबू निलंबित, बीएसए को नोटिस

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Thursday, January 16, 2020

फतेहपुर : ऑपरेशन कायाकल्प : 20 मार्च 2020 तक पूरे किए जाएं काम अन्यथा कार्रवाई तय, बीएसए ने बीईओ को अपडेट भेजने के दिए निर्देश

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Thursday, January 9, 2020

कासगंज : शिक्षण व्यवस्था के प्रति लापरवाही पर बीएसए ने एबीएसए से मांगा स्पष्टीकरण, डीएम के निर्देश पर दो प्रधानाध्यापक और एक सहायक अध्यापिका को किया निलम्बित

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