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Thursday, February 25, 2021

बदायूं : बीएसए कार्यालय में हंगामें पर लिपिक व चार शिक्षकों समेत 180 लोगों पर केस दर्ज, एक महिला शिक्षक समेत चार शिक्षक निलंबित

बदायूं : ट्रांसफर को लेकर बीएसए और बाबू आमने सामने, आफिस में दिन भर चला ड्रामा


बदायूं। तबादले को लेकर बुधवार की बीएसए दफ्तर में हंगामा करने के मामले में बीएसए एक लिपिक, उसकी पत्नी और ने चार शिक्षकों को नामजद करते हुए करीब 180 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने चार शिक्षकों को निलंबित भी कर दिया है। एक और शिक्षक के निलंबन की कार्रवाई चल रही है।


बीएसए कार्यालय में कई दिन से कनिष्ठ लिपिक अमित भास्कर के तबादले से गहमागहमी का माहौल है। बीएसए रामपाल सिंह राजपूत द्वारा दर्ज कराई एफआईआर के मुताबिक बुधवार को वह कार्यालय में बैठे कार्य निपटा रहे थे। उसी दौरान अमित भास्कर की पत्नी सुमन सिंह लगभग सौ-सवा सौ पुरुष और 50-60 महिलाएं कार्यालय में घुस आए। उनको चारों ओर से घेर लिया और भीड़ के साथ मिलकर गालीगलौज, अभद्र व्यवहार कर जान से मारने की धमकी दी। 

आरोप है कि भीड़ ने घेराबंदी करते हुए 'मारो इसे मारो और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए हमला बोल दिया। ये देखकर कार्यालय के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दे दी। रोडवेज चौकी पुलिस पहुंच गई लेकिन हालात नहीं संभले तो सिविल लाइन थाने से पुलिस बुलाई गई। तब उन्हें आरंपियों के चंगुल से बचाया। बीएसए का कहना है कि हंगामा करने वालो में उच्च प्राथमिक विद्यालय चंदवा ब्लॉक म्याऊं के शिक्षक हरीश कुमार दिनकर, संविलियन विद्यालय सखानू के शिक्षक भारत सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय शिकरपुर के मोहर सिंह और जगत के सहायक अध्यापक हरिनंदन भी सिंह, हरिनंदन और प्राथमिक विद्यालय फतेहनगला की शिक्षिका कंचन को निलंबित कर दिया है। भारत सिंह को निलंबित करने की तैयारी चल रही है।


कनिष्ठ सहायक अमित भास्कर द्वारा ये हमला कराने के लिए हाटसएप पर मेसेज वायरल किया गया था, इसकी पूरी साजिश रची गई थी। बुधवार को कनिष्ठ सहायक अमित भास्कर की पत्नी ने मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी भी दी थी। - रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए



बदायूं। बीएसए ने बाबू का तबादला क्या किया कि रियाटरमेंट के आखिरी दिनों में गंभीर आरोपों के बीच घिर गये हैं। बीएसए और बाबू के आमने-सामने आने से विभाग की भी खूब फजीहत हो रही है। डीएम ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिये हैं। बीएसए का मामला इतना तूल पकड़ गया है, डीएम ने स्वंय ही संज्ञान ले लिया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह राजपूत का 28 फरवरी के लिये रिटायरमेंट हैं। बीएसए ने 22 फरवरी के लिये मुख्यालय पर तैनात कनिष्ठ लिपिक का उझानी नगर क्षेत्र के लिये तबादला कर दिया और इनके स्थान पर आनन फानन में मृतक आश्रित में एक नियुक्ति कर दूसरे बाबू को तैनात कर दिया। बीएसए ने जल्दबाजी में जो निर्णय लिया है, उसके बीच घिर गये हैं। 


पहले बाबू और बीएसए आमने सामने आये फिर बाद में जब बाबू की पत्नी कार्यालय पहुंची तो बीएसए पर छेड़छाड़ समेत अन्य गंभीर आरोप लग गये। बाबू का कहना है कि बीएसए ने पूर्व में भी मेरे खिलाफ द्वेषभावना के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद कोर्ट की शरण ली थी, कोर्ट के आदेश पर फिर से मुख्यालय पर ज्वाइनिंग मिल गयी थी। बीते दिनों सहायक अध्यापकों शिक्षकों की भर्ती प्रकिया एवं स्वेटर वितरण कार्य संपन्न कराया।

अब एक साथ बीएसए ने आरोप लगाते हुये कार्रवाई कर दी। बीएसए का आरोप है कि बाबू अनैतिक एवं नियम विरूद्ध कार्य करने के आदि हैं। ऐसे में जनहित एवं विभाग के हित में बाबू का मुख्यालय से तबादला किया गया।


बीएसए कार्यालय में हंगामा

बाबू की पत्नी बीएसए से मिलने पहुंची, इसके कुछ देर बाद कार्यालय में हंगामा हुआ। पुलिस मौके पर पहुंच गयी। पुलिस ने मामला रफादफा करा दिया। इसके बाद बाबू की पत्नी ने डीएम के यहां पहुंचकर पूरे मामले से अवगत कराया।

नियम विरुद्ध किया ट्रांसफर

मुख्य सचिव के 12 मई 2020 के आदेश के क्रम में सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी के ट्रांसफर पर रोक है। किन्हीं कारणों में अगर ट्रांसफर किया जाता है तो सक्षम अधिकारी का अनुमोदन जरूरी है। जबकि बीएसए ने अनुमोदन नहीं लिया। इसलिये नियम विरूद्ध तबादला किया गा है।

तबादला को लेकर बाबू का बीएसए से विवाद हुआ है, दोनों ओर से शिकायत आई है। मामले की जांच कराई जायेगी इसके बाद ही कार्रवाई की जायेगी, थाना प्रभारी को तहरीर देने की जानकारी मुझे नहीं है। - कुमार प्रशांत, डीएम

Thursday, February 11, 2021

हाथरस बीएसए पर शिक्षकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप, विरोध में डीएम को सौंपा ज्ञापन

हाथरस बीएसए पर शिक्षकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को दिया ज्ञापन


हाथरस। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस को बीते दिनों ज्ञापन देते समय शिक्षकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने डीएम को ज्ञापन दिया है।


बीतों दिनों जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र जिलाधिकारी के साथ बैठक में थे। वहीं पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंच गए। जिस पर बीएसए ने उन्हें डांट लगा दी। इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ नाराजगी जता रहा है। महासंघ ने बीएसए के द्वारा अपनी शब्दावली पर खेद प्रकट किए जाने की मांग की गई है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रविकांत मिश्रा, मंडलीय उपाध्यक्ष हरीश कुमार शर्मा, संजय कुमार शर्मा, डॉ. संजय गौतम, आशुतोष अग्निहोत्री, विमल शर्मा, मनोज शर्मा, राहुल देव, अजय शर्मा, अजीत राणा, हरिओम सिंह, रामगोपाल, प्रदीप पचौरी, गोपाल शर्मा, देवेंद्र सिंह, चंद्र प्रकाश शर्मा आदि शामिल थे।


मामले को लेकर बीएसए मनोज कुमार मिश्र का कहना है कि अभद्र भाषा का आरोप गलत है। जिलाधिकारी महोदय की मीटिंग में था, वहां पर जाकर इन्होंने ज्ञापन देना चाहा था, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। ज्ञापन देना था तो पूर्व में सूचना देते या फिर हमारे में ऑफिस में आकर ज्ञापन देते। इसी को लेकर फटकार लगाई थी, लेकिन भाषा अभद्र नहीं थी।

Saturday, February 6, 2021

सांसद की शिकायत पर गोंडा बीएसए के खिलाफ स्वेटर खरीद गड़बड़ी में भी जांच शुरू

सांसद की शिकायत पर गोंडा बीएसए के खिलाफ स्वेटर खरीद गड़बड़ी में भी जांच शुरू 
                                                                                         
गोंडा जिले में दो दिनों पहले स्थान्तरित शिक्षकों की रिलीविंग में धन उगाही के मामले में फंसे बीएसए के खिलाफ डीएम ने एक और जांच के आदेश दिए हैं। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की शिकायत पर यह जांच शुरू की गई है।


आरोप है कि स्वेटर खरीदने में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। वर्तमान में बीएसए के धन उगाही मामले में तीन सदस्यीय कमेटी पहले ही जांच कर रही है। 


शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ डीएम मार्कण्डेय शाही का एक और एक्शन लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में स्वेटर खरीद में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति द्वारा  गड़बड़ी  किए जाने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम गोंडा राकेश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

Friday, February 5, 2021

हाथरस : डीएम द्वारा BSA, DIET, DIOS कार्यालय के औचक निरीक्षण सम्बन्धी प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखें

हाथरस : डीएम द्वारा BSA, DIET, DIOS कार्यालय के औचक निरीक्षण सम्बन्धी प्रेस विज्ञप्ति जारी, देखें








Wednesday, February 3, 2021

अंतर जिला तबादलों में धन उगाही का संदेश वायरल होने के बाद महिला खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, बीएसए गोंडा पर भी जांच की आँच

गोण्डा : अंतर्जनपदीय तबादला में धन उगाही के आरोप में खण्ड शिक्षा अधिकारी निलम्बित, देखें।


वाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हुआ था गोंडा की बीईओ का धन उगाही का पर्चा अपर शिक्षा निदेशक ने की कार्रवाई बीएसए ने की पुष्टि । बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से पूर्व रुपये वसूलने के आरोप में वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह को निलंबित कर दिया गया है। बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों का अंतर जनपदीय स्थानांतरण किया था। यहां 1085 अध्यापकों को इसका लाभ मिला है। स्कूल से लेकर ब्लॉक संसाधन केंद्र व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अध्यापकों को कार्यमुक्त आदेश प्राप्त करना था। इसके बाद ही वह स्थानांतरित जिले में कार्यभार ग्रहण कर सकते थे। 


संबंधित अध्यापक शिवशंकर सिंह से अधिकारियों ने बात की। आरोप है कि उन्होंने रुपये वसूलने की बात को सत्य बताया। साथ ही इसमें बीईओ की संलिप्तता की भी पुष्टि की। उक्त कार्य को कर्मचारी नियमावली के विपरीत मानकर खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बीईओ के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नवाबगंज के खंड शिक्षाधिकारी को वजीरगंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

डेढ़ हजार से पांच हजार तक मांगे
वजीरगंज ब्लाक में शिक्षकों से कार्य मुक्ति के नाम पर करीब 48 हजार के वसूली की सूची जारी हुई थी। सूची जारी करने वाले ने लेखाकार पर ही वसूली का आरोप लगाया था। जिसमें 1500 रुपये से पांच हजार रुपये तक वसूले जाने की सूची थी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षकों के अंतर जिला तबादलों में धन उगाही करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने गोंडा जिले की वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ममता सिंह को निलंबित कर दिया है। इस मामले में शिक्षक ने भी बीईओ को धन देना स्वीकार किया है। 


बीएसए की रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक सरिता तिवारी ने बीईओ को निलंबित करते हुए उन्हें निलंबन अवधि में डायट से संबद्ध किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक को रिपोर्ट भेजी कि जिले की वजीरगंज विकासखंड की बीईओ ममता सिंह ने अंतर जिला तबादलों में धन उगाही की है, वीडियो वायरल होने पर शिक्षक शिवशंकर सिंह से बात की गई तो धन उगाही को सही बताया और कहा कि बीईओ के निर्देश पर यह कार्य हुआ है। 




 

हाथरस : दागी को बना दिया बीएसए का स्टेनो, सेवा प्रदाता के जरिए हुई नियुक्ति

हाथरस : दागी को बना दिया बीएसए का स्टेनो, सेवा प्रदाता के जरिए हुई नियुक्ति

हाथरस : बीएसए दफ्तर में तैनात एक संविदा कर्मी पर वाहन चोरी का आरोपी

गोरखपुर जीआरपी में दर्ज है चोरी के वाहन बरामदगी का मुकदमा

कुछ माह पहले मिली थी एजेंसी के जरिए बीएसए के स्टेनो की नौकरी


बीएसए दफ्तर में तैनात एक संविदा कर्मी पर वाहन चोरी का आरोप है। उस पर देवरिया जिले में वाहन चोरी का मुकदमा चल रहा है। बीएसए दफ्तर में करीब सात माह पहले इस संविदा कर्मी की तैनाती एक एजेंसी के माध्यम से हुई थी।

अब इस संविदा कर्मी पर वाहन चोरी का आरोप होने की बात सामने आई है। इस संबंध में कोर्ट में भी मामला विचाराधीन बताया जा रहा है। जानकारी होने पर विभागीय अधिकारी भी जांच कराने बात कह रहे हैं। यह बात विभाग के लोगों में चर्चा का विषय बन गई है। लोग एक-दूसरे से इस बारे में जानकारी कर रहे हैं।

बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि संविदा पर एक कर्मचारी की नियुक्ति एजेंसी के माध्यम से हुई थी। अब उस पर क्या आरोप है, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रही बात मेरे साथ संबंध होने की तो उससे मेरा कोई संबंध नहीं है, फिर भी मामले में जांच की जा रही है।

बेसिक शिक्षा विभाग दागी स्टेनो की कुंडली खंगालेगा

चोरी के वाहन बरामदगी के मामले में अभियुक्त बने स्टेनो का बचना मुश्किल नजर आ रहा है। बीएसए अब जल्द ही कुछविभाग के अफसरों से पत्राचार करने के बाद एजेंसी को पत्र लिखेंगे, क्योंकि मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है।

बीएसए आफिस में सेवा प्रदत्त एजेंसी के जरिये स्टेनो के पद पर नौकरी पाने वाले प्रेमशंकर मिश्र निवासी देवरिया के खिलाफ गोरखपुर जीआरपी में संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। स्टेनो भले ही जेलन जाने की बात कर रहा है, लेकिन शिकायकर्ताओं की माने तो स्टेनों ने इस मामले में जेल काटी है। लिहाजा कुछ भी हो, लेकिन इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की खूब किरकिरी हो रही है, क्योंकि प्रेमशंकर मित्र के बैंक खाते की डिटेल के बाद यह तो स्पष्ट हो गया है कि उसका किसी मनोज मिश्र के नाम के व्यक्ति से वर्ष 2018 में लेनदेन हुआ है। हालांकि स्टेनो यह मानने को तैयार नहीं हैकि उसका बीएसए मनोज मित्र से ही कोई लेनदेन हुआ है। लिहाजा यह सब जांच का विषय है, परन्तु इस खुलासे के बाद से पूरे बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कम्प का माहौल बना हुआ है।

● पहले सेवायोजन अधिकारी से राय लेंगे बीएसए

● गोरखपुर में दर्ज है स्टेनो के खिलाफ संगीन मुकदमा

मैंने कभी नहीं देखा है कि किसी एजेंसी के जरिये नौकरी पाने वाले कर्मचारी का पुलिस सत्यापन होता हो। फिर भी वह एक बार इस संबंध में सेवायोजन अधिकारी के साथ साथ कुछ अन्य विभागों के अधिकारियों से पत्राचार करके जानकारी करेंगे। अगर ऐसा कोई नियम होगा तो जरुर सेवा प्रदत्त एजेंसी को पत्र लिखकर कार्यवाही के लिए कहा जाएगा। - मनोज मिश्र, बीएसए


हाथरस : बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात बीएसए का स्टेनो गोरखपुर की जीआरपी में चोरी के पांच वाहनों की बरामदगी में अभियुक्त है। इस मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है मगर बीएसए मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।

सर्व शिक्षा अभियान के तहत एजेंसी के माध्यम से संविदा कर्मचारियों की तैनाती होती है। सात माह पूर्व प्रेमशंकर मिश्र निवासी रामनाथ वार्ड नंबर दो कोतवाली नगर, जिला देवरिया की नियुक्ति स्टेनो के पद पर हुई थी। वर्ष 2015 में गोरखपुर जीआरपी ने प्रेमशंकर मिश्र को अभियुक्त बनाया था। प्रेमशंकर के पास से चोरी की पांच मोटर साइकिलें बरामद हुई थीं। वर्ष 2015 में ही न्यायालय एसीजेएम/रेलवे मजिस्ट्रेट के कोर्ट में धारा आरोप पत्र दाखिल किया गया था। 

इलेक्ट्रानिक मीडिया पर मुकदमे से संबंधित कागजात व बैंक खाते के स्टेटमेंट वायरल हो रहे हैं। मनोज कुमार मिश्र नाम के व्यक्ति ने प्रेमशंकर के खाते में दो नवंबर 2018 में दो बार में 15-15 हजार रुपये डाले हैं। बीएसए हाथरस मनोज मिश्र का कहना है कि स्टेनो बनने से कोई पूर्व की जानकारी नहीं है। एजेंसी के जरिए कुछ माह पहले संविदा पर तैनाती हुई थी। संविदा कर्मियों का पुलिस सत्यापन का प्रावधान नहीं है।


बोले बीएसए 
मेरी प्रेमशंकर मिश्र से पूर्व की कोई जानकारी नहीं है। मेरे आफिस में वह संविदा पर स्टेनों के पद पर कार्यरत है। पांच छह महीने पहले एक फर्म के जरिये उनकी नियुक्ति हुई है। ऐसे कर्मचारियों का कोई पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया जाता है। इस तरह के आरोप से वर्तमान चयन में कोई दिक्कत नहीं है। न कोई साक्ष्य है ओर कोई आधार है। ऐसा कोई मेजर लेनदेन नहीं रहा है। आपस में काम करते है तो ऐसा चलता है। -  मनोज मिश्र, बीएसए हाथरस


गोरखपुर जीआरपी में दर्ज मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। एजेंसी के जरिए मार्च 2020 में नियुक्ति हुई थी। मनोज मिश्र के खाते में पैसे डालने की बात महज संयोग है, क्योंकि मेरे मामा और बीएसए का नाम एक ही है। जालंधर में रहने वाले मामा ने मुझे जरूरत पड़ने पर मेरे खाते में पैसे डाले थे। -प्रेमशंकर मिश्र, स्टेनो, बीएसए।

Sunday, January 3, 2021

विधायक की शिकायत पर बीएसए रामपुर के खिलाफ जांच के आदेश, बनी संयुक्त जांच कमेटी को 15 दिन में करनी होगी जांच

विधायक की शिकायत पर बीएसए रामपुर के खिलाफ जांच के आदेश, बनी संयुक्त जांच कमेटी को 15 दिन में करनी होगी जांच

● संयुक्त शिक्षा निदेशक व मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक बरेली की बनी संयुक्त जांच कमेटी

● मिलक विधायक ने की थी शिकायत शासन ने दिए जांच के आदेश

शासन ने विधायक की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में शासन ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जिसमें जेडी और एडी बरेली को शामिल किया गया 


रामपुर। विधायक राजबाला की शिकायत पर बीएसए ऐश्वर्य लक्ष्मी के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। इसके लिए बरेली के (जेडी) संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं बरेली के ही (एडी) मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें शासन ने कमेटी को पंद्रह दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। मिलक विधायक राजबाला ने भी पिछले दिनों इसे लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने तमाम गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के निलंबन एवं बहाली में खेल किया जा रहा है।


शिक्षकों को बिना समुचित कारण के निलंबित कर दिया जाता है और फिर उन्हें बहाल कर सुविधाजनक विद्यालय में पद स्थापित कर दिया जाता है। शिक्षकों के संबद्धीकरण में भी गड़बड़ी की जा रही है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। महिला शिक्षिकाओं के सीसीएल के आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक देरी की जाती है। उन्होंने मृतक आश्रितों की नियुक्ति समेत एडेड विद्यालयों में नियुक्ति को लेकर भी तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं।


कमेटी को पंद्रह दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी। जेडी ने इस मामले में बीएसए को पत्र भेजकर जवाब तलब किया है। साथ ही शिकायत के विभिन्न विंदुओं पर बिंदुवार रिपोर्ट तलब की है।


Thursday, December 24, 2020

सिसोदिया से बहस को हमारे बीएसए ही काफी, बोले बेसिक शिक्षा मंत्री, जनपदीय तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के दिए संकेत

सिसोदिया से बहस को हमारे बीएसए ही काफी,  बोले बेसिक शिक्षा मंत्री, जनपदीय तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के दिए संकेत



'हम दिल्‍ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नता मनीष सिसौदिया से अपने प्रदेश के किसी भी जिले के ब्रेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से खुली बहस कराएंगे। दिल्ली में तो कुल 2500 विद्यालय हैं। हमारे यहां ता एक जिले में हीं 2500 विद्यालय हैं। सिसोदिया के साथ बहस के लिए हमारे बीएसए ही काफी हैं।' यह बातें प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवदी ने बुधवार को  कही। 


उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में अटल जन्मोत्सव सप्ताह के तहत आयोजित “लोकतांत्रिक मूल्य और भारतीय राजनीति' विषयक राष्ट्रीय संगांष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सिसोदिया क्‍या बहस करेंगे ? उनको बहस के लिए तो किसी भी जिले का बीएसए ही काफी है। महानगर (दिल्ली) में तो केवल 2500 विद्यालय हैं, यहां 160 लाख विद्यालय हैं। 


सिसोदिया को लखनऊ में रोके जाने के आरोप को भी उन्होंने खारिज कर दिया। बोले-बंधड़क कोई मंत्री आता है और सवाल करता है। चुनौती देता है, आलोचना करता है फिर बिना किसी ब्राधा वापस भी चला जाता है, इससे अधिक कैसी आजादी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में शिक्षकों के जनपदीय तबादले की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के संकेत दिए। मनीष सिसौदिया ने प्रदेश सरकार के मंत्री एवं प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह को शिक्षा की स्थिति और दिल्‍ली के केजरीवाल मॉडल बनाम योगी के उत्तर प्रदेश मॉडल पर बहस की चुनौती दी थी।

Monday, December 21, 2020

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन


ब्लॉक के शिक्षण को बेहतर करने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, उन्हीं से विभाग के आलाअधिकारी परेशान हो गए हैं। स्थिति यहां तक आ गई है कि अब बेसिक शिक्षा अधिकारी को बैठकों में ना आने, सूचना ना देने जैसे कारणों पर खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन तक रोकना पड़ रहा है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोका है। इसमें जो कारण दिए गए है, उससे पूरे विभाग की व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा


शिक्षक संगठन भी खोल चुके हैं मोर्चा ा

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को समय से वेतन और मानदेय ना मिलने के चलते संगठनों ने मोर्चा तक खोला था। शिक्षक संगठनों ने सीधे खंड शिक्षा अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया था। वेतन सहित कई समस्याओं के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।


अधिकारी सैंया का वेतन रोकने से पहले कारण बताओ नोटिस भी दिया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार बीईओ लगातार विभागीय बैठकों में अनुपस्थित रहते हैं ।

Saturday, November 21, 2020

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना


औरैया : सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी मुहैया न कराना पूर्व बीएसए को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने 25 हजार का जुर्माना किया है। साथ ही रजिस्ट्रार ने सहायक मंडली शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बीएसए जुर्माने की धनराशि की वसूली कराने का निर्देश दिया है।


बेसिक शिक्षा विभाग के जन सूचना अधिकारी से वर्ष 2014 और वर्ष 2015 में पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में कुछ सूचनाएं सूचना अधिकार के तहत मांगी गई थीं। जन सूचना अधिकारी तत्कालीन बीएसए के स्तर से सूचना देने में लगातार हीला हवाली की गई। जिले स्तर पर सूचनाएं न दिए जाने पर पीड़ित धर्मेंद्र कुमार ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। 


राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई की गई। तब भी तत्कालीन बीएसए जन सूचना अधिकारी एसपी सिंह ने मांगी गई सूचनाएं मुहैया नहीं कराई। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने तत्कालीन बीएसए एसपी सिंह पर सूचनाएं देने में लापरवाही मानते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। रजिस्ट्रार ने जुर्माने की धनराशि वसूल करने के लिए सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल को इस बाबत पत्र भी लिखा है। जिससे बीएसए के खाते से जुर्माने की धनराशि का भुगतान वसूला जा सके।


 मालूम हो कि वर्ष 2014 और 2015 में कई बिदुओं पर बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने ही सूचनाएं मांगी थी। सूचना मांगने वाला शिक्षक शहर के आर्य नगर मोहल्ले का निवासी है। सूचना मिलने पर लगातार उसने मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया। जिससे पदोन्नति प्रक्रिया में की गई खामियों को उजागर किया जा सके। लेकिन विभागीय स्तर पर खामियों को दबाने के लिए सूचनाएं नहीं दी गई। 


इसको लेकर राज्य सूचना आयोग में सुनवाई लगातार जारी रही। फिर भी पीड़ित को सूचनाएं मुहैया कराना बीएसए ने जरूरी नहीं समझा और उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई कर दी गई। सूचना अधिकार के तहत जानकारी मुहैया न कराने वाले बीएसए एसपी सिंह का जिले से तबादला भी हो चुका है।

Thursday, November 19, 2020

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर


उन्नाव : कारण जो भी हो लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय के एक पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को लिखे पत्र में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। यहां पर उन्होंने कई कारण बताए हैं, लेकिन उनसे पत्र के बाबत जानकारी ली गई तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ज्यादा कुछ नहीं बोला है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा से लेकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में इस बात की चर्चाएं हैं। 



अगस्त 2013 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बीके शर्मा की तैनाती की गई थी। करीब एक साल में उनके कार्यों पर उठी अंगुलियों व लगे आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने उन्हें निलंबित किया था। यहां वित्तीय और कार्य अनियमितता के कई आरोप उनपर लगे। इसके बाद कंपोजिट ग्रांट घोटाले के जांच की आंच भारी पड़ी। 


निलंबन के बाद शासन स्तर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया। इसमें प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा में एसोसिएट डीआईओएस पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी दी गई। हालांकि, वहां कुछ समय बाद यह कुर्सी फिर बदल गई और बीके शर्मा को यह पद फिर से दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से हुई उथल-पुथल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पद पर प्रदीप कुमार पांडेय को नियुक्ति दी गई। 


23 नवंबर 2019 को पद संभालते एक साल अभी नहीं हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदीप कुमार पांडेय ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद व शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वंद्र विक्रम बहादुर सिंह से पद छोड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए अवकाश मांगा है। फिलहाल, इस पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर किया है।

Tuesday, October 20, 2020

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति


रामपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी योजनाओं में भी घपलेबाजी की जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई कमेटी ने कई घपले पकड़े हैं। कमेटी ने बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था तब कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए चेतावनी जारी की, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। 


मुख्य विकास अधिकारी ने दोबारा निरीक्षण किया तो फिर अनियमितताएं सामने आईं, इसके बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की विस्तृत जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। इस कमेटी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता, दो इंजीनियर व कोषाधिकारी भी शामिल किए गए। इंजीनियरों द्वारा स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की गई। जांच पड़ताल के दौरान कई अनियमितताएं पकड़ में आईं। 


सीडीओ ने बताया कि स्कूलों की चाहरदीवारी कराने के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे, जो डीएम के संज्ञान में लाए बिना ही वापस कर दिए गए। एडीएम के मुताबिक कई शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया और फिर उन्हें सवेतन बहाल कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्नीचर बनवाने में भी अनियमितता बरती गई। लोहा कम लगाया गया। ड्रेस के वितरण में भी आनाकानी की गई। 


उन्होंने बताया कि बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और बाबू मनमानी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी केएल साश्वत के खिलाफ भी शासन को लिखा था, जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

Friday, September 25, 2020

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में






Saturday, September 12, 2020

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान


उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने अधिवक्ता के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है। इसमें बीएसए पर मनमानी करने का आरोप लगाया गया है। बीएसए दफ्तर का बहिष्कार करने की बात भी शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पत्र में कही है।


जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामवीर सिंह एवं महामंत्री अनिल कुमार ने सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रमेशचंद्र शर्मा के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है, जिसमें मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि शिक्षक संघ के किसी भी प्रत्यावेदन का संज्ञान नहीं लिया जा रहा। नोटिस में अन्य आरोप भी लगाए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने अध्यापकों को जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने एवं शिक्षक संघ के प्रति अनुचित व्यवहार करने के कारण कार्यालय का बहिष्कार करने की भी बात कही है।


 नोटिस के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सिविल कोर्ट के नोटिस का निर्णय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर जूनियर संगठन ने मेरे नोटिस का कोई तर्क संगत जवाब नहीं दिया तो इनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। -मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस।

Wednesday, September 2, 2020

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें।

प्रतापगढ़ : सीडीओ के निरीक्षण में गायब मिले बीएसए व लेखाधिकारी, पौने ग्यारह बजे तक डीसी और कर्मचारी कार्यालय से थे नदारद, स्पष्टीकरण तलब

प्रतापगढ़ : सीडीओ के निरीक्षण में गायब मिले बीएसए व लेखाधिकारी, पौने ग्यारह बजे तक डीसी और कर्मचारी कार्यालय से थे नदारद, स्पष्टीकरण तलब।

प्रतापगढ़। डीएम के आदेश पर सीडीओ अश्विनी कुमार पांडेय मंगलवार को सुबह पौने ग्यारह बजे बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान बीएसए, लेखाधिकारी, जिला समन्वयक समेत आधा दर्जन कर्मचारी गायब रहे। सीडीओ ने उपस्थिति रजिस्टर को जब्त करते हुए गायब अफसरों और कर्मचारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है।




डीएम डॉ. रुपेश कुमार ने दो दिन पहले अफसरों से कार्यालय में मौजूद रहकर समस्याओं का निस्तारण करने को कहा था। मंगलवार को सीडीओ पौने ग्यारह बजे बीएसए कार्यालय निरीक्षण करने पहुंच गए। माह का पहला दिन होने के कारण उपस्थिति रजिस्टर पर नाम ही नहीं लिखा गया था। एसडीएम के पहुंचने पर कर्मचारी रजिस्टर नाम लिखने के साथ ही दस्तखत बनाने लगे। यह देखकर सीडीओ ने नाराजगी जताई और रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, दोपहर बाद रजिस्टर बीएसए कार्यालय को लौटा दिया गया। सीडीओ के निरीक्षण में बीएसए अशोक कुमार सिंह, जिलाधिकारी उमेश सिंह,

डीसी अजय प्रकाश दूबे, डीसी श्रीकृष्ण विश्वकर्मा और आधा दर्जन कर्मचारी से अधिक कर्मचारी गायब मिले। सभी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने बीएसए के स्टेनो हरिओंकारबख्श सिंह की क्लास ली और बीआरसी को भेजी गई पुस्तकों का स्टॉक बुक में अंकन नहीं होने पर फटकार लगाई।

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Sunday, August 30, 2020

कौशाम्बी : अब देखी जाएगी कायाकल्प में हुए काम की हकीकत, बीएसए ने सत्यापन के लिए जारी किया निर्देश

कौशाम्बी : अब देखी जाएगी कायाकल्प में हुए काम की हकीकत, बीएसए ने सत्यापन के लिए जारी किया निर्देश।


जिले के परिषदीय स्कूलों के सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कायाकल्प योजना से कराने के बाद अब इन कार्यों की जांच होगी। शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सत्यापन का निर्देश दिया है।



जिले के परिषदीय स्कूलों के सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कायाकल्प योजना से कराने के बाद अब इन कार्यों की जांच होगी। शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को सत्यापन का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में कराए गए कार्यों की जांच अपने स्तर से कर ले। बाद में किसी प्रकार की शिकायत मिली तो रिपोर्ट लगाने वाले प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जनपद के 1165 परिषदीय स्कूलों में कायाकल्प योजना से ग्राम पंचायतों ने सुंदरीकरण व मरम्मत का कार्य कराया था। इसमें ग्राम निधि के लाखों रुपये खर्च हुए। अब राज्य परियोजना निदेशक ने कायाकल्प के तहत हुए कार्यों के सत्यापन का फैसला लिया है। इसको लेकर निदेशक ने डीएम व बीएसए को पत्र भेजा है। जल्द ही स्कूलों में जांच होगी। जांच में जिन विद्यालयों की स्थिति खराब मिलेगी, उनकेप्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच से पूर्व बीएसए ने सभी शिक्षकों को अपने स्तर से एक बार स्कूल की स्थिति का मूल्यांकन का निर्देश दिया है। बीएसए ने बताया कि सभी स्कूलों की जांच 33 बिदुओं पर होगी जिसमें स्कूल में पेयजल, बालक व बालिका के लिए अलग-अलग क्रियाशील शौचालय, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, रसोईघर, क्लास रूम की फर्श पर टाइल, रंगाई-पोताई, दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिग, वायरिग, विद्युत उपकरण, स्कूल में तैनात शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशकों की संख्या, छात्रों की उपस्थिति, लर्निंग आउटकम प्रशिक्षण की निगरानी, रेमेडियल क्लास का संचालन, यूनिफार्म, किताबों का वितरण आदि बिदु शामिल हैं।

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Wednesday, August 19, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा लिखित स्पष्टीकरण

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण।

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के परिचय पत्र न बनवाने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण।

फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के परिचय पत्र बनाने में जिले में भी घोर लापरवाही बरती गई। निदेशक स्तर से कई बार निर्देश जारी किए जाने के बाद भी परिचय पत्र नहीं बनाए गए। निदेशक ने अब बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। 22 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है। परिचय पत्र बनाने में कुल 49 जिलों की लापरवाही सामने आई है। जिले में 2650 परिषदीय स्कूलों में 9000 शिक्षक कार्यरत हैं। जून महीने में निदेशक ने सभी शिक्षकों के परिचयपत्र जारी करने के निर्देश दिए थे।




दो महीना व्यतीत होने के बाद भी जिले में अभी तक एक भी शिक्षक का परिचय पत्र जारी नहीं हो पाया है। मंगलवार को समीक्षा के दौरान प्रगति रिपोर्ट न मिलने पर शिक्षा निदेशक बेसिक के निर्देश पर संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने नोटिस जारी कर बीएसए देवेंद्र प्रताप सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है।

स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अभी तक प्रगति रिपोर्ट न मिलने से साफ है कि परिचय पत्र बनाने का काम शुरू नहीं किया गया है। ऐसा न किया जाना विभागीय आदेशों की अवहेलना के दायरे में आता है। 22 अगस्त तक बीएसए लिखित रूप से स्पष्टीकरण दें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता, बीएसए ने अंतिम अवसर देते हुए जारी की चेतावनी

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता।

मान्यता प्राप्त जिन विद्यालयों ने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। इन विद्यालयों को अब अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र ही प्रपत्र अपलोड करने की बेसिक शिक्षा विभाग ने चेतावनी दे दी है। अन्यथा उन पर मान्यता प्रत्याहरण कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे करीब आधा सैकड़ा विद्यालय हैं जिन्होंने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं।



बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीएसए, डीआईओएस, समाज कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित परिषदीय शासकीय सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कई बार डाटा कैप्चर फार्मेट भरने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इसके बाद भी इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। अभी भी जिले 50 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने यह विवरण अपलोड नहीं किया है। अंतिम चेतावनी जारी करते हुए इन विद्यालयों से कहा गया है कि शीघ्र ही डीसीएफ भर दें। अन्यथा की स्थिति में उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।





इसके लिए विद्यालयों से बीआरसी से संपर्क करके यह प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के लिए कहा गया है। बीएसए ने साफ कहा है कि कई बार कहने के बाद भी यह कार्य नहीं किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और कार्रवाई की जाएगी।


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Tuesday, July 28, 2020

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब

प्रयागराज : बिना सुरक्षा मानक के कंप्यूटर अनुदेशकों की कोरोना जांच केंद्र पर लगी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर ड्यूटी नहीं पहुंचे अनुदेशको को बीएसए ने नोटिस जारी कर किया जवाब तलब।

परिषदीय विद्यालयों के अस्थाई कंप्यूटर अनुदेशकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना केपी कॉलेज स्थित कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी लगा दी। कोराना के भय के चलते मात्र 7000 रुपये के मानदेय पर काम करने वाले कंप्यूटर अनुदेशक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इनके खिलाफ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है। कोरोना जांच केंद्र पर ड्यूटी पर लगाए गए अनुदेशकों का कहना है कि उनके लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अनुदेशकों ने जांच केंद्र पर ड्यूटी के लिए पीपीई किट की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।





बीएसए की ओर से 12 कंप्यूटर अनुदेशकों को नोटिस भेजकर जुलाई महीने का मानदेय रोके जाने और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। बीएसए की ओर से इन कंप्यूटर अनुदेशकों की ड्यूटी कोरोना जांच केंद्र पर डाटा फीडिंग के लिए लगाई गई थी। ड्यूट पर नहीं आने वाले अनुदेशकों को भेजी नोटिस में बीएसए ने कहा है कि उनके नहीं आने से कोरोना की जांच में बांधा पड़ी। बीएसए ने इन अनुदेशकों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है नहीं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में उच्च प्राथमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष भोलानाथ पांडेय का कहना है कि अनुदेशकों ने कभी किसी विभागीय आदेश की अवहेलना नहीं की है। उनका कहना है कि बिना पीपीई किट और कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण दिए बिना कोविड-19 की डाटा फीडिंग में लगा दिया गया। डाटा फीडिंग के बगल में ही कोरोना की जांच चल रही है, ऐसी स्थिति में किसी अनुदेशक के साथ दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, उनके परिवार की चिंता के बारे में अधिकारी आश्वासन दें तो अनुदेशक अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए तैयार हैं।


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