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Thursday, September 30, 2021

यूपी में मृत शिक्षकों के आश्रितों को भी मिल सकेगी ग्रेच्युटी, माध्यमिक शिक्षा विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव

यूपी में मृत शिक्षकों के आश्रितों को भी मिल सकेगी ग्रेच्युटी, माध्यमिक शिक्षा विभाग तैयार कर रहा प्रस्ताव


प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों के मृत शिक्षकों के आश्रितों को ग्रेच्युटी देने की तैयारी है। ये भुगतान उन शिक्षकों के आश्रितों को दिया जाना है जिन्होंने अधिवर्षता आयु का विकल्प नहीं दिया और उनकी मौत हो गई।


माध्यमिक शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की अधिवर्षता आयु तय करने में जुटा है।


लखनऊ । प्रदेश के अशासकीय सहायताप्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों के मृत शिक्षकों के आश्रितों को ग्रेच्युटी देने की तैयारी है। ये भुगतान उन शिक्षकों के आश्रितों को दिया जाना है, जिन्होंने अधिवर्षता आयु का विकल्प नहीं दिया और उनकी मौत हो गई। माध्यमिक शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की अधिवर्षता आयु तय करने में जुटा है। माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक रामचेत ने मंडलीय उप शिक्षा निदेशकों पत्र भेजा है इसमें पूछा गया है कि जिन शिक्षकों यानी सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक व प्रधानाचार्य ने अपनी अधिवर्षता आयु के संबंध में विकल्प नहीं दिया है, उनकी अधिवर्षता आयु क्या होगी?


एडेड माध्यमिक कालेजों में कार्यरत ऐसे शिक्षक जिनकी अधिवर्षता आयु पूरा करने से एक वर्ष पहले मृत्यु हो गई है और उन्होंने सेवाकाल का विकल्प नहीं चुना है या फिर ऐसे शिक्षक जिन्होंने 62 वर्ष का विकल्प चुना था लेकिन, उसके एक साल पहले ही मौत हो गई है। शिक्षक हित में उनके आश्रितों को ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाना है। मंडलीय अफसरों से यह भी पूछा गया है कि उनके यहां पर दोनों तरह के कितने प्रकरण हैं उनकी अलग-अलग सूचना भेजी जाए। असल में कोरोना की दूसरी लहर में शिक्षक भी हताहत हुए थे। शिक्षक संगठन उनके पाल्यों को भुगतान दिलाने की लंबे समय से मांग कर रहे थे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देश पर इसका प्रस्ताव तैयार किया गया। अब उस पर अमल करने की प्रक्रिया चल रही है। 


बता दें कि हाल ही में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा था कि जिन शिक्षकों ने सेवा अवधि का विकल्प नहीं दिया था, उनके आश्रितों को भी ग्रेच्युटी देने का प्रस्ताव है। इससे सैकड़ों मृतक शिक्षकों के आश्रितों को बड़ी राहत मिलेगी। देर से ही सही लेकिन यूपी की योगी सरकार की ये शानदार पहल मानी जा रही है। 

CBSE 12वीं की कंपार्टमेंट और अंक सुधार परीक्षा के नतीजे घोषित

CBSE 12वीं की कंपार्टमेंट और अंक सुधार परीक्षा के नतीजे घोषित


नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बुधवार को 12वीं में कंपार्टमेंट, अंक सुधार, प्राइवेट और पत्रचार के छात्रों के परिणाम घोषित कर दिए।

परीक्षा में 45 हजार से अधिक छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बुधवार को कहा कि छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in   पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। वहीं, बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक 10वीं बोर्ड की कंपार्टमेंट परीक्षाओं का परिणाम गुरुवार को जारी किया जाएगा।

फतेहपुर : डीबीटी नहीं ‘दबाव बनाओ तकनीक’, शिक्षक के ही मोबाइल व इंटरनेट पैक के खर्च से ही कार्य कराने पर आमादा है विभाग

फतेहपुर : डीबीटी नहीं ‘दबाव बनाओ तकनीक’, शिक्षक के ही मोबाइल व इंटरनेट पैक के खर्च से ही कार्य कराने पर आमादा है विभाग

 
फतेहपुर : डीबीटी फीडिंग इन दिनों जिले में परिषदीय शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। शासन की तरफ से बढ़ते दबाव के चलते अफसर भी अपने अधीनस्थों पर दबाव बढ़ाते दिख रहे हैं। प्रतिदिन इस कार्य की समीक्षा की जाने लगी है। शिक्षकों का कहना है कि यह डीबीटी नहीं बल्कि दबाव बनाओ तकनीक है। जबरन दबाव डालकर कम्प्यूटर आपरेटरों की बजाए हमसे काम कराया जा रहा है।


ड्रेस, जूता मोजा व बैग समेत अन्य सुविधाओं को भौतिक रूप से देने की बजाए इनकी धनराशि स्कूली बच्चों के खातों में ट्रांसफर करने के लिए इन दिनों युद्धस्तर पर काम चल रहा है। मजे की बात है कि इसके लिए शिक्षकों को कोई तकनीकी प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। शिक्षकों के ही मोबाइल फोन व इंटरनेट पैक से डीबीटी का काम होने से शिक्षकों के अंदरखाने तगड़ा विरोध है। अब तक शिक्षक डीबीटी के तकनीकी पहलुओं से भली भांति परिचित नहीं हो पाए हैं। इस स्थिति में जिले के करीब ढाई लाख बच्चों की डीबीटी फीडिंग त्रुटिरहित होना बड़ा काम है।

कुछ होमवर्क या रिहर्सल तो कराते
शिक्षकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर फीडिंग कराने से पहले शिक्षकों का आफलाइन ट्रेनिंग सत्र आयोजित करना बेहद जरूरी था ताकि शिक्षकों को डीबीटी से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी हो जाती। डीबीटी ऐप के संचालन में ही तमाम दिक्कते हैं। अब तक तमाम शिक्षक मोबाइल नंबर फीड न होने के कारण अब तक ऐप में लागिन ही नहीं कर पाए।

शिक्षक का ही मोबाइल व इंटरनेट पैक
बिडंबना यह भी है कि विभाग शिक्षकों के मोबाइल व इंटरनेट खर्च से ही विभागीय कार्य कराने पर आमादा है। हालात यह हैं कि अपनी निजी जरूरतों व बच्चों की आनलाइन क्लासेज के लिए मोबाइल डाटा रखने वाले शिक्षकों का तमाम डाटा इसी में खर्च हो रहा है। शासन स्तर से इस मामले पर नजर रखे जाने के कारण अफसर भी कुछ सुनने या देखने की स्थिति में नहीं हैं।

68500 शिक्षक भर्ती : पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हेतु जारी जनपदवार विज्ञप्तियां, देखें

68500 शिक्षक भर्ती : पुनर्मूल्यांकन में सफल अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हेतु जारी जनपदवार विज्ञप्तियां, देखें


■ यह भी देखें : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी काउंसलिंग पत्र व निर्देश






शासन का शैक्षिक कैलेंडर लागू कराने में आ रही मुश्किलें, पहले की तरह शैक्षिक कैलेंडर जारी करने की उठने लगी मांग

शासन का शैक्षिक कैलेंडर लागू कराने में आ रही मुश्किलें, पहले की तरह शैक्षिक कैलेंडर जारी करने की उठने लगी मांग

लखनऊ : सत्र 2021-22 के लिए शासन स्तर से जारी शैक्षिक कैलेंडर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के लिए मुसीबत बन गया है। विश्वविद्यालयों की अलग-अलग परिस्थितियों के कारण इसे लागू कराने में मुश्किलें आ रही हैं। इन्हीं मुश्किलों को देखते हुए फिर से पहले की तरह विश्वविद्यालय स्तर से शैक्षिक कैलेंडर जारी किए जाने की मांग उठने लगी है।


कारोना महामारी की परिस्थितियों के कारण पटरी से उतरे शैक्षिक सत्र को फिर से नियमित करने की कवायद के क्रम में खुद शासन स्तर से शैक्षिक कैलेंडर को संशोधित किया जा चुका है। बावजूद इसके हर विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रम की रूपरेखा अलग-अलग होने से यह कैलेंडर सुविधाजनक नहीं हो पा रहा है। कुछ विश्वविद्यालयों में ज्यादातर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई वार्षिक परीक्षा प्रणाली के तहत चल रही है तो कुछ ने सेमेस्टर प्रणाली अपना रखी है। सत्र 2021-22 से सभी विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अनुसार सेमेस्टर प्रणाली अपनाने को कहा गया है। इसके तहत कई तरह के बदलाव होने हैं। साथ ही स्नातक स्तर पर एक समान पाठ्यक्रम भी लागू करने को कहा गया है।

पिछले शैक्षिक सत्र की परीक्षाएं कराने और उनका परीक्षाफल तैयार करने में ही कई विश्वविद्यालय शासन के शैक्षिक कैलेंडर का पालन नहीं कर पाए हैं। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह चौहान व महामंत्री डॉ. वाईएन त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यह मुद्दा भी उठाया है।

निःशुल्क बांटें विश्वविद्यालयों में लंबित डिग्रियां : आनंदीबेन

विश्वविद्यालयों में लंबित डिग्रियां निशुल्क बांटें : आनंदीबेन

लखनऊ : राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वितरण के लिए लम्बित पड़ी पुरानी डिग्रियों और भविष्य में दीक्षान्त के बाद छात्रों को अविलम्ब डिग्री वितरण का निर्देश दिया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल के संज्ञान में आया है कि इनमें से कई डिग्रियां 10 से 12 वर्ष या उससे भी अधिक पुरानी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे लम्बित डिग्रियों का शीघ्र वितरण हो सके और भविष्य में दीक्षान्त के तत्काल बाद सभी छात्रों को उनकी डिग्रियां तत्काल वितरित हो जाएं। बहुत पुरानी डिग्री प्राप्त करने में छात्रों में रूचि का भी अभाव है। पुरानी डिग्रियों को सुरक्षित रखने का कार्य भी विश्वविद्यालयों द्वारा किया जा रहा है। इसलिए पुरानी डिग्रियों के वितरण में जरूरी नियमों को शिथिल कर छात्रों को उनकी डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।


महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्यपाल की मंशा के अनुरूप इस संदर्भ में गठित कमेटी से विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया गया है कि लम्बित डिग्रियों को वितरित करने के लिए उपाधि शुल्क लेने की बाध्यता समाप्त कर दी जाए और सभी डिग्रियां निःशुल्क वितरित की जाएं। चूंकि पुराने छात्रों को अंतिम अंकपत्र पर प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट निर्गत किए गए होंगे इसलिए डिग्री वितरण में अब अदेयता प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता शिथिल किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही डिग्री भेजने के लिए इन छात्रों से कोई आवेदन पत्र नहीं लिया जाए और लम्बित डिग्री वितरण में दी जा रही छूटों का प्रचार-प्रसार किया जाए और अभियान चलाकर छात्रों को डिग्री उपलब्ध करा दी जाए।

कमेटी द्वारा छात्रों को अविलम्ब डिग्री वितरण के लिए पांच बिन्दुओं पर व्यवस्था निर्धारित कराने के निर्णय लिये गये हैं, जिसमें सभी विश्वविद्यालयों द्वारा अनिवार्य रूप से डिजी लॉकर में डिग्री उपलब्ध कराना, छात्रों से उपाधि शुल्क शिक्षा सत्र के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर की फीस के साथ जमा करा लिया जाना, छात्रों को अंतिम अंकपत्र या प्रोविजनल डिग्री सर्टिफिकेट देने से पूर्व उनसे अदेयता प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लेना, छात्र को डाक से डिग्री भेजने के विकल्प के लिए उसका पता प्राप्त कर लेना शामिल है। इसके साथ ही डिग्री भेजने के लिए छात्रों से कोई आवेदन पत्र न लेने का बिन्दु भी शामिल है।

यूपी में प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने की तैयारी, अब राजकीय इंटर कॉलेज भी होंगे इंग्लिश मीडियम

यूपी में प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने की तैयारी, अब राजकीय इंटर कॉलेज भी होंगे इंग्लिश मीडियम


लखनऊ : यूपी के राजकीय इंटर कॉलेजों को भी अंग्रेजी माध्यम से संचालित किए जाने की योजना है। माध्यमिक शिक्षा विभाग पहले से चल रहे अंग्रेजी माध्यम उच्च प्राथमिक स्कूलों के पास के स्कूल को इंग्लिश मीडियम चलाएगा। प्रदेश में लगभग 900 उच्च प्राथमिक स्कूल अंग्रेजी माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। अपर शिक्षा निदेशक अंजना गोयल ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इन उच्च प्राथमिक स्कूलों की सूची भेज कर कहा है कि इन स्कूलों के पास के माध्यमिक स्तर के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे स्कूलों की पूरी रिपोर्ट एक हफ्ते के भीतर भेजी जाए। ऐसे संभावित स्कूलों को चिह्नित करते हुए उनका नाम, स्कूल में कार्यरत अंग्रेजी से पढ़ाने की योग्यता रखने वाले शैक्षणिक स्टाफ की स्थिति को रिपोर्ट में शामिल किया जाए। 


वहीं जिले के स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की योग्तया रखने वाले अध्यापकों का विवरण भी भेजा जाए। वर्ष 2019 में बेसिक शिक्षा विभाग ने एक हजार उच्च प्राथमिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से करने की घोषणा की थी वहीं प्रदेश में लगभग 10 हजार प्राइमरी स्कूल भी इंग्लिश मीडियम चल रहे हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा में भी जहां संभव है, कक्षा नौ से एक सेक्शन अंग्रेजी माध्यम का चलाया जा रहा है।

Wednesday, September 29, 2021

दिनाँक 06 अक्टूबर को पितृ विसर्जन हेतु अवकाश घोषित करने हेतु उ0प्र0 जूनियर शिक्षक संघ का ज्ञापन

दिनाँक 06 अक्टूबर को पितृ विसर्जन हेतु अवकाश घोषित करने हेतु उ0प्र0 जूनियर शिक्षक संघ का ज्ञापन


 

DBT एवं प्रेरणा पोर्टल के तकनीकी पहलुओं के लिए 30 सितम्बर को यू ट्यूब सेशन आयोजन के सम्बन्ध में

DBT एवं प्रेरणा पोर्टल के तकनीकी पहलुओं के लिए 30 सितम्बर को यू ट्यूब सेशन आयोजन के सम्बन्ध में

◆ यू ट्यूब सेशन हेतु लिंक





 

हाथरस : बीएलओ ड्यूटी न करने पर वेतन रोकने के आदेश को मा0 उच्च न्यायालय ने किया रद्द, वेतन देने का आदेश जारी

हाथरस : बीएलओ ड्यूटी न करने पर वेतन रोकने के आदेश को मा0 उच्च न्यायालय ने किया रद्द, वेतन देने का आदेश जारी





 

हाथरस : वेतनादि कार्य हेतु विकास खण्ड कार्यालयों में नवीन लिपिक तैनाती आदेश जारी, देखें

हाथरस : वेतनादि कार्य हेतु विकास खण्ड कार्यालयों में नवीन लिपिक तैनाती आदेश जारी, देखें





 

डीएलएड-2017 के प्रशिक्षुओं को जल्द मिलेगा प्रमाणपत्र, वितरण के निर्देश जारी

डीएलएड-2017 के प्रशिक्षुओं को जल्द मिलेगा प्रमाणपत्र, वितरण के निर्देश जारी


प्रयागराज: डीएलएड प्रशिक्षण बैच- 2017 के प्रमाणपत्र वितरित किए जाने के निर्देश परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने प्रदेश के सभी डायट प्राचार्यों को दिए हैं। 



सचिव संजय कुमार उपाध्याय ने कहा है कि प्रमाणपत्र परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में उपलब्ध हो गए हैं। सभी प्राचार्य संस्थान के किसी कर्मचारी को अधिकृत कर प्रमाणपत्र प्राप्त करें। प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षुओं में वितरित करना सुनिश्चित करें।

टीईटी प्रमाणपत्र की मान्यता के मामले में हाईकोर्ट ने मांगी सूचना, देखें कोर्ट आर्डर

टीईटी प्रमाणपत्र की मान्यता के मामले में हाईकोर्ट ने मांगी सूचना, देखें कोर्ट आर्डर



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीईटी प्रमाणपत्र की मान्यता को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से जानकारी मांगी है।


यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुशील कुमार आजाद की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता ॠषि श्रीवास्तव ने बहस की। इनका कहना है कि नौ जून 2021की अधिसूचना से एनसीटीई ने सभी राज्यों को टीईटी प्रमाणपत्र की मान्यता अवधि तय करने का अधिकार दिया और कहा कि यह अवधि सात साल से अधिक न हो।


16 जून 2021 को राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि टीईटी प्रमाणपत्र जीवन पर्यन्त मान्य रहेगा। याची ने 2011 में टीईटी उत्तीर्ण किया है इसलिए उसके प्रमाणपत्र को मान्यता दी जाए, जिस पर कोर्ट ने जानकारी मांगी है।

शाहजहांपुर : KGBV में चयन हेत विज्ञप्ति जारी, देखें

शाहजहांपुर : KGBV में चयन हेत विज्ञप्ति जारी, देखें।

Tuesday, September 28, 2021

हाथरस : नव चयनित ARP का विकासखंड आवंटन सम्बन्धी आदेश जारी

हाथरस : नव चयनित ARP का विकासखंड आवंटन सम्बन्धी आदेश जारी
 


AISSEE 2022: सैनिक स्कूलों की 6वींऔर 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन पत्र जारी, इस डेट तक भरें फॉर्म

AISSEE 2022: सैनिक स्कूलों की 6वींऔर 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन पत्र जारी, इस डेट तक भरें फॉर्म

AISSEE 2022 ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्र्रेंस एग्जाम 09 जनवरी 2022 को आयोजित की जाएगी। NTA शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए देश भर के 176 शहरों में पेपर पेन मोड में आयोजित की जाएगी।


AISSEE 2022: सैनिक स्कूलों की 6वींऔर 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन पत्र जारी, इस डेट तक भरें फॉर्मऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्र्रेंस एग्जाम (All India Sainik Schools Entrance Exam, AISSEE 2022)

AISSEE 2022: ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्र्रेंस एग्जाम (All India Sainik Schools Entrance Exam, AISSEE 2022) के लिए एप्लीकेशन फॉर्म जारी किए गए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( National Testing Agency, NTA) ने 6वीं और 9वीं कक्षा में दाखिले के लिए ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस टेस्ट 2022 (AISSEE) के लिए आवेदन पत्र जारी कर दिए हैं। ऐसे में 6वीं और 9वीं कक्षा में दाखिले के इच्छुक और योग्य स्टूडेंट्स आधिकारिक वेबसाइट aissee.nta.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर, 2021 (शाम 5 बजे तक) है। उम्मीदवार AISSEE 2022 के लिए केवल वेबसाइट aissee.nta.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्टूडेंट्स इस बात का ध्यान रखें कि एप्लीकेशन फॉर्म केवल ऑनलाइन मोड के अलावा अन्य आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। 

How To Fill Online Application Form: 9वीं और 6वीं कक्षा के लिए ऐसे भरें फॉर्म


अपनी यूनिक ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके आधिकारिक वेबसाइट https://aissee.nta.nic.in/ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आवेदन करें। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें और सिस्टम जनरेटेड आवेदन संख्या को नोट करें। अब निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करें। इसके बाद जेपीजी / जेपीईजी प्रारूप में उम्मीदवार के फोटोग्राफ की स्कैन की गई तस्वीरें (फ़ाइल का आकार: 10 केबी - 200 केबी) होना चाहिए। इसके अलावा जेपीजी/जेपीईजी प्रारूप में उम्मीदवार के हस्ताक्षर (फ़ाइल का आकार: 4kb - 30kb)। होना चाहिए। अब उम्मीदवार के बाएं हाथ के अंगूठे का निशान। (फाइल साइज 10 केबी -50 केबी) जेपीजी/जेपीईजी फॉर्मेट में। अब जन्म प्रमाण पत्र की तारीख

,अधिवास प्रमाणपत्र, जाति/समुदाय/श्रेणी प्रमाण पत्र, सेवा का प्रमाण पत्र (रक्षा श्रेणी-सेवारत के लिए) और भूतपूर्व सैनिकों के लिए पीपीओ, जैसा लागू हो। इसके बाद डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई के माध्यम से एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, पेटीएम पेमेंट गेटवे का उपयोग करके शुल्क का भुगतान करें और भुगतान किए गए शुल्क सहित पूरे फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर भविष्य के लिए रख लें।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, AISSEE 2022 परीक्षा 09 जनवरी, 2022 को आयोजित की जाएगी। NTA शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए देश भर के 176 शहरों में पेपर पेन मोड में आयोजित की जाएगी। सैनिक स्कूलों में कक्षा 6 और कक्षा 9 में स्टूडेंट्स का प्रवेश अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) में उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर आधारित होता है। वहीं अंतिम चयन प्रवेश परीक्षा की मेरिट सूची में स्कूल-वार, कक्षा-वार, श्रेणी-वार रैंक, सक्षम चिकित्सा अधिकारियों द्वारा अनुमोदित मेडिकल फिटनेस और मूल दस्तावेजों के सत्यापन पर आधारित होता है।

निर्वाचन कार्य (विधानसभा एवं लोकसभा ) में लगाये गए कार्मिकों की परिस्थिति जन्य दक्षता के सम्बन्ध में उ0प्र0 महिला शिक्षक संघ ने दिया ज्ञापन

निर्वाचन कार्य (विधानसभा एवं लोकसभा ) में लगाये गए कार्मिकों की परिस्थिति जन्य दक्षता के सम्बन्ध में उ0प्र0 महिला शिक्षक संघ ने दिया ज्ञापन





परिषदीय शिक्षकों से गैर शैक्षणिक DBT कार्य न कराए जाने के सम्बन्ध में PSPSA का ज्ञापन

परिषदीय शिक्षकों से गैर शैक्षणिक DBT कार्य न कराए जाने के सम्बन्ध में PSPSA का ज्ञापन



कोरोना से बचाव के बहुस्तरीय उपाय अपनाते हुए चरणबद्ध तरीके से दोबारा खोले जाएंं स्कूल : ICMR

 
नई दिल्ली :  भारतीय आर्युविज्ञान अनुसंधान परिषद ( Indian Council of Medical Research, ICMR) ने  स्कूलों को दोबारा खोलने के लिए चरणबद्ध तरीका (Phased Manner) अपनाने पर जोर दिया है। दरअसल ICMR का नवीनतम अध्ययन सामने आया है जिसमें ये बातें कही गई हैं। वहीं  UNESCO की रिपोर्ट के अनुसार 500 से अधिक दिनों तक भारत में स्कूलों के बंद रहने से 32 करोड़ से अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं।
इसमें स्कूलों को खोलने के मुद्दे पर भारत और विदेश से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विशेषज्ञों ने कहा है कि स्कूलों में संक्रमण की जांच करने से वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञों के अनुसार अध्यापकों, कर्मचारियों और बच्चों को लाने-ले जाने में शामिल लोगों का टीकाकरण होना चाहिए और उन्हें टीका लगवाने के बाद भी मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। यह उपाय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरोना संक्रमण होने या उसके फैलाव से टीकाकरण नहीं रोक सकता है। यह बात बड़ों और बच्चों के लिए समान रूप से सच है।उन्होंने कहा कि विभिन्न उपायों के साथ स्कूल खोलने से न केवल व्यक्तिगत रूप से सीखने की निरंतरता सुनिश्चित होगी बल्कि माता-पिता में यह विश्वास भी पैदा होगा कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित हैं।
स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कमरे हवादार हों साथ ही उन्हें एयर कंडीशनर से परहेज करना चाहिए। संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए कक्षाओं में एग्जास्ट पंखे लगाए जाने चाहिए। बच्चों को भोजन साझा करने, कैंटीन या डाइनिंग हाल में लंबे समय तक रहने से रोका जाना चाहिए।
आनंद, भार्गव और पांडा ने रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शांतिनिकेतन में प्रचारित खुली कक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना ने हमें विशेष रूप से प्रकृति की गोद में नवीन शिक्षण विधियों का पता लगाने और खोजने पर मजबूर किया है।
अध्ययन के अनुसार, 'कोविड-19 महामारी के दौरान लंबे समय तक बंद रहे स्कूलों के कारण प्रभावित बच्चों के विकास को समझना जरूरी है। इसलिए स्कूलों को चरणबद्ध तरीके (सेकेंडरी स्कूल के बाद प्राइमरी स्कूल) से स्कूलों को दोबारा खोला जाना चाहिए। साथ ही उचित एहतियात और अनिवार्य हिदायतों के साथ स्कूलों को खोलकर रखा जाए।' ICMR द्वारा प्रकाशित इंडियन जर्नल आफ मेडिकल रिसर्च के लेखक ICMR के डायरेक्टर जनरल डाक्टर बलराम भार्गव  (Dr Balram Bhargava), समिरन पांडा (Samiran Panda) और तनु आनंद (Tanu Anand) हैं।
इसके अलावा देश के 15 राज्यों में 1362 घरों पर किए गए एक सर्वे में पता चला है कि गांवों में रहने वाले 8 फीसद और शहरों में रहने वाले केवल 24 फीसद बच्चे ही नियमित तौर पर पढ़ाई कर रहे हैं। यह सर्वे कमजोर तबके के बच्चों पर किया गया। बता दें कि 75 फीसद पैरेंट्स भी इस बात का समर्थन करते हैं कि उनके बच्चों की पढ़ने की क्षमता पर बुरा असर पड़ा है।
भारत में अभी बच्चों व किशोर वर्ग के लिए कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल जारी है। मौजूदा साक्ष्यों के अनुसार 12 या इससे अधिक उम्र के बच्चों व किशोरों पर कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक है। इसलिए इन्हें वैक्सीन लगना जरूरी है। ICMR की ओर से किए गए अध्ययन में स्कूल के सभी स्टाफ व बच्चों के मास्क के इस्तेमाल, सैनिटाइजेशन के प्रोटोकाल समेत तमाम जरूरी कोरोना नियमों के पालन पर जोर दिया गया है।


RTE-2009 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों को DBT जैसे गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त करने के सम्बन्ध में वि0बी0टी0सी0 शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन का ज्ञापन

 RTE-2009 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों को DBT जैसे गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त करने के सम्बन्ध में वि0बी0टी0सी0 शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन का ज्ञापन





अच्छी खबर : मुख्यमंत्री योगी का ऐलान, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय फिर बढ़ेगा

अच्छी खबर : मुख्यमंत्री योगी का ऐलान, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय फिर बढ़ेगा


प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए अच्छी खबर। उनका मानदेय एक बार फिर बढ़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोषण अभियान के तहत मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में यह ऐलान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक महीने पहले मैंने कहा था कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के बकाए का भुगतान किया जाए। विभाग ने जो कार्रवाई की, उसे लोगों ने बढ़ा हुआ मानदेय समझा। ये तो पिछला वाला था। अभी सरकार उनको और भी देने जा रही है। 1.23 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन और 1.83 लाख इन्फेन्टोमीटर वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि स्मार्ट फोन से ये कार्यकत्रियां स्मार्ट बनेंगी। इससे शिशु-मातृ मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

योगी ने कहा कि चार साल पहले यही कार्यकत्रियां धरना-प्रदर्शन के लिए बदनाम थीं लेकिन मैं आंगनबाड़ी वर्कर, आशा, एएनएम की ताकत को जानता था। हमने इस ताकत को कोरोना के दौरान आजमाया और उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरे विश्व में सराहा गया। 

इससे पहले 14 सितंबर को उत्तर प्रदेश बाल विकास व पुष्टाहार विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार मानदेय कितना बढ़ा है इसे नीचे देख सकते हैं-

3.73 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का बढ़ चुका है मानदेय-

पद संख्या--अभी तक मानदेय ---प्रोत्साहन राशि कुल मानदेय+प्रोत्साहन राशि

आंगनबाड़ी कार्यकत्री- (1.89 लाख)-- 5500 रुपये-----------1500 रुपये -----------7000 रुपये
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री (18 हजार) --4250 रुपये -----------1250 रुपये-----------5500 रुपये

आंगनबाड़ी सहायिकाएं (1.66 लाख)--3250 रुपये -----------750 रुपये-----------4000 रुपये


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सवा लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आज सीएम योगी बांटेंगे स्मार्ट फोन और इन्फेन्टोमीटर 

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन का तोहफा देंगे। प्रदेश के 1 लाख 23 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही इन्फेन्टोमीटर भी वितरित होगा। 


कार्यक्रम में लखनऊ व उन्नाव की 30 कार्यकत्रियों को फोन व इन्फेन्टोमीटर सीएम योगी अपने हाथों से देंगे। नवजात बच्चों की वृद्धि नापने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र को नवजात वृद्धि निगरानी यंत्र (इंफेंटोमीटर) दिया जा रहा है।



 स्मार्ट फोन से लैस होने के बाद बच्चों के पुष्टाहार और देखभाल समेत आंगनबाड़ी से संचालित होने वाली योजनाओं को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। वहीं इस स्मार्टफोन के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। बता दें उत्तर प्रदेश में इस समय 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं।

UP BEd JEE 2021 : बीएड प्रवेश के अभ्यर्थी सीट कन्फर्मेशन शुल्क 29 सितंबर तक जमा करें

UP BEd JEE 2021 : बीएड प्रवेश के अभ्यर्थी सीट कन्फर्मेशन शुल्क 29 सितंबर तक जमा करें


UP BEd JEE 2021 : उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा बी.एड 2021-23 की काउंसलिंग के प्रथम चक्र (स्टेट रैंक 1 से 75,000 तक) में जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित हुई है वे 29 सितंबर तक सीट कन्फर्मेशन शुल्क जमा कर सकते हैं। जिन अभ्यर्थियों की आवंटित महाविद्यालय फीस रुपए पांच हजार से कम है, उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगिन कर आवंटन-सह-पुष्टिपत्र डाउनलोड करना होगा होगा। अन्य आवंटित अभ्यर्थियों को लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगिन कर शेष महाविद्यालय शुल्क राशि जमा कर अपना आवंटन-सह-पुष्टिपत्र डाउनलोड करना होगा।


बीएड समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेई ने बताया कि इस प्रक्रिया में असफल अभ्यर्थियों का सीट आवंटन निरस्त हो जायेगा। अभ्यर्थियों को अपने आवंटन पत्र तथा मूल प्रमाण-पत्रों के साथ महाविद्यालय में 3 दिनों के भीतर संपर्क कर रिपोर्टिंग करना होगा।

प्रथम काउंसलिंग के द्वितीय चक्र (स्टेट रैंक 75,001 से 2,00,000 तक) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसका आवंटन परिणाम 30 सितंबर को जारी होगा।

Primary Teacher Recruitment 2021: यूपीटीईटी का कार्यक्रम जारी होते ही नई शिक्षक भर्ती का भी रास्ता साफ

Primary Teacher Recruitment 2021: यूपीटीईटी का कार्यक्रम जारी होते ही नई शिक्षक भर्ती का भी रास्ता साफ

चुनावी वर्ष में सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती की तैयारी,जल्द ही सीएम योगी करेंगे भर्ती का ऐलान



उत्तर प्रदेश सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए जल्द खुशखबरी मिल सकती है। चुनावी वर्ष में योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षकों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती योजना लगभग तैयार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के टाइम टेबल की घोषणा के साथ ही नई शिक्षक भर्ती के जल्द ऐलान की उम्मीद भी बढ़ गई है। बताया जा रहा है की जल्द ही नोटिफिकेशन भी जारी किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के एक लाख 13 हजार 289 प्राथमिक और 45 हजार 625 उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों के 72,712 पद खाली हैं। पिछले तीन साल में 68500 और 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। जून 2021 में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में 51,112 पद खाली थे जिसका हलफनामा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल जून में ही लगा दिया था। फिलहाल स्कूलों में शिक्षकों के 70 हजार से अधिक पद खाली हैं।

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में नई शिक्षक भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कभी भी कर सकते हैं। सीएम योगी के निर्देश पर राजस्व परिषद अध्यक्ष मुकुल सिंघल की अगुवाई में बनी तीन सदस्यीय कमेटी रिक्त पदों और विद्यालयों के पद निर्धारण प्रक्रिया को लगभग पूरा कर चुकी है। अभ्यर्थी भी नई शिक्षक भर्ती की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। अब जबकि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की तारीख की घोषणा कर दी गई तो उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षक भर्ती का भी ऐलान हो सकता है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा का कार्यक्रम सोमवार को जारी हो गया है। इस कदम से नई शिक्षक भर्ती का भी रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 के जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 28 नवंबर, 2021 को होगी और एक महीने बाद परीक्षा परिणाम 28 दिसंबर, 2021 को घोषित किया जाएगा। चार अक्टूबर को यूपीटीईटी का विज्ञापन जारी होगा, जबकि आनलाइन पंजीकरण सात अक्टूबर से शुरू होगा।


उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इसमें बीएड, डीएलएड व बीटीसी आदि पाठ्यक्रम उत्तीर्ण अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। परीक्षा एक ही दिन में दो पाली में कक्षा एक से पांच व छह से आठ तक कराई जाती है। शासन ने 15 मार्च को ही पात्रता परीक्षा कराने की समय सारिणी जारी की थी। 11 मई को विज्ञापन व 18 मई से आनलाइन आवेदन लिए जाने थे। परीक्षा 25 जुलाई को प्रस्तावित थी। उस समय कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर प्रभावी होने के कारण यूपी सरकार ने आवेदन प्रक्रिया स्थगित कर दी थी।


Teacher Recruitment 2021 यूपी के प्राइमरी स्कूलों में सवा लाख से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती पूरी करने के बाद योगी सरकार अब खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। यूपीटीईटी का कार्यक्रम जारी होते ही नई शिक्षक भर्ती का भी रास्ता साफ हो गया है।

योगी सरकार शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।


लखनऊ । सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। यूपी के प्राइमरी स्कूलों में सवा लाख से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती पूरी करने के बाद योगी सरकार अब खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) का कार्यक्रम जारी होते ही नई शिक्षक भर्ती का भी रास्ता साफ हो गया है। स्कूलों में शिक्षकों के करीब 70 हजार से अधिक पद खाली हैं। इस हिसाब से नई शिक्षक भर्ती अब तक की सबसे बड़ी हो सकती है।


उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों की नई शिक्षक भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कभी भी कर सकते हैं। सीएम योगी के निर्देश पर राजस्व परिषद अध्यक्ष मुकुल सिंघल की अगुवाई में बनी तीन सदस्यीय कमेटी रिक्त पदों और विद्यालयों के पद निर्धारण प्रक्रिया को लगभग पूरा कर चुकी है। अभ्यर्थी भी नई शिक्षक भर्ती की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। अब जबकि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा की तारीख की घोषणा कर दी गई तो उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षक भर्ती का भी ऐलान हो सकता है। 


उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद में 51,112 रिक्त पदों का हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट को इस बारे में जानकारी दी थी। सरकार की तरफ से भर्ती की घोषणा भी की गई थी। पिछले वर्षों में हुई शिक्षक भर्ती के खाली पदों को नई शिक्षक भर्ती में जोड़ा जा सकता है। इधर के वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले व कोरोना काल में कालकवलित हुए शिक्षकों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। संकेत हैं कि कमेटी अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगी, क्योंकि विलंब होने पर भर्ती विधानसभा चुनाव से पहले पूरी हो पाना मुश्किल होगा।


बता दे कि उत्तर प्रदेश में निश्शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 लागू है। उसी की सिफारिशों के अनुरूप 2018 में शिक्षकों का पद निर्धारण करते हुए स्कूलों में बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापक पद का अनुमोदन नहीं हुआ लेकिन, सरकार ने इन पदों को खत्म नहीं किया है। स्कूलों में छात्र शिक्षक अनुपात दुरुस्त करने के लिए 2019 में भी पद निर्धारण प्रक्रिया चली।

Monday, September 27, 2021

संसाधन उपलब्ध होने तक DBT कार्य का बहिष्कार करने एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के सम्बन्ध में उ0प्र0जू0हा0 शिक्षक संघ (त्यागी गुट) का ज्ञापन

संसाधन उपलब्ध होने तक DBT कार्य का बहिष्कार करने एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के सम्बन्ध में उ0प्र0जू0हा0 शिक्षक संघ (त्यागी गुट) का ज्ञापन





 

दवाब डालकर कराए जा रहे DBT फीडिंग कार्य का विरोध करते हुए बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कार्य कराए जाने हेतु राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का ज्ञापन

दवाब डालकर कराए जा रहे DBT फीडिंग कार्य का विरोध करते हुए बीआरसी पर कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा कार्य कराए जाने हेतु राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ का ज्ञापन










 

IGNOU 2021 Registration: जुलाई सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे बढ़ी, जाने कैसे करें अप्लाई

IGNOU 2021 Registration: जुलाई सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख आगे बढ़ी, जाने कैसे करें अप्लाई



यह पहली बार नहीं है जब इग्नू ने इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी है। इसके पहले इग्नू ने ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को 15 सितंबर से बढ़ाकर 23 सितंबर 2021 कर दिया था।


IGNOU 2021 Registration: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (Indira Gandhi National Open University, IGNOU) ने जुलाई सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ा दी गई है। इग्नू ने ओडीएल ( Online Distance Learning) और ऑनलाइन प्रोगाम (Online programmes) प्रोगाम के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर, 2021 है। ऐसे में जो भी अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट सहित अन्य प्रोग्राम के लिए परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा स्टूडेंट्स चाहें तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके भी अप्लाई कर सकते हैं।


IGNOU 2021 Registration: इग्नू के विभिन्न कोर्सेज के लिए ऐसे करें अप्लाई

इग्नू की ओर से विभिन्न प्रोगाम में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in पर जाना होगा। इसके बाद आधिकारिक अधिसूचना पर क्लिक करें जो कहती है, "सभी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल जुलाई 2021 सत्र के लिए लिंक (प्रमाण पत्र को छोड़कर) 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है।"


अब इसके बाद एक नई विंडो खुलेगी। ओडीएल पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ignouadmission.samarth.edu.in पर क्लिक करना चाहिए। ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को ignuiop.samarth.edu.in पर क्लिक करना चाहिए। उम्मीदवारों को सबसे पहले अपने नाम, मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर करना होगा। इसके बाद उन्हें आवेदन पत्र भरना होगा। उम्मीदवार आवेदन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग या क्रेडिट या डेबिट कार्ड की मदद से ऑनलाइन कर सकते हैं।उम्मीदवारों को भविष्य के विवरण के लिए आवेदन पत्र की एक प्रति रखनी चाहिए।


यह पहली बार नहीं है जब इग्नू ने इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने की समय सीमा बढ़ा दी है। इसके पहले इग्नू ने ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को 15 सितंबर से बढ़ाकर 23 सितंबर, 2021 कर दिया था। ऐसे में, जो उम्मीदवार पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे संबंधित कार्यक्रम के लिए आवेदन करने से पहले दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह चेक कर लें। इसके बाद ही अप्लाई करें।


इग्नू के विभिन्न प्रोगाम के लिए आवेदन करते समय, उम्मीदवारों के पास दस्तावेजों की एक सूची तैयार होनी चाहिए, जिसमें स्कैन की गई तस्वीर, स्कैन किए गए हस्ताक्षर, आयु प्रमाण की एक प्रति शामिल है। उम्मीदवारों के पास अपनी शैक्षिक योग्यता और अनुभव प्रमाण पत्र की स्कैन प्रतियां भी होनी चाहिए। वहीं यदि कोई हो। उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें। उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि स्कैन की गई तस्वीर और हस्ताक्षर 100 केबी से कम होना चाहिए। उम्मीदवारों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि यदि दस्तावेजों को मूल से स्कैन किया गया है और आवेदन पत्र भरते समय अपलोड किया गया है।

CTET Exam 2021: सीबीएसई ने जारी किए मॉडल पेपर, देखें

CTET Exam 2021: सीबीएसई ने जारी किए मॉडल पेपर, देखें

CTET उम्मीदवारों के लिए जरूरी टिप्स, देखें CBSE द्वारा जारी मॉडल पेपर


सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा-2021 (CTET-2021) के लिए सैंपल पेपर्स वेबसाइट पर अललोड कर दिए हैं। इस साल पहली बार है जब परीक्षा आनलाइन मोड में आयोजित होगी। यानी परीक्षार्थियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी और प्रैक्टिस करके ही परीक्षा देना बेहतर रहेगा। परीक्षा दिसंबर से जनवरी तक जारी रहेगी। काफी समय से उम्मीदवारों को इस परीक्षा के लिए इंतजार था जो कि अब खत्म हो चुका है। सीटीईटी के लिए रजिस्ट्रेशन 20 सितंबर से शुरू हो चुकी है और जो 20 अक्टूबर तक जारी रहेगी।

परीक्षा पैटर्न जान पाएंगे उम्मीदवार
सीबीएसई की ओर से पहली बार है जब सीटीईटी आनलाइन मोड में आयोजित होगी। ऐसे में उम्मीदवारों को परीक्षा पैटर्न समझने में थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसी के चलते सीबीएसई ने माडल टेस्ट पेपर्स अपलोड कर दिए हैं ताकि ढाई महीने पहले से ही उम्मीदवार पैटर्न के बारे अवगत हो सकें। सीटीईटी परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहला पेपर कक्षा पहली से पांचवी तक शिक्षक बनने के इच्छुक और दूसरा कक्षा छठी से आठवीं तक के शिक्षक बनने के चाहवानों के लिए होता है। वहीं, दोनों तरह के शिक्षक बनने के लिए उम्मीदवारों को दोनों परीक्षाओं को देना जरूरी होगा।

 उम्मीदवारों के लिए जरूरी टिप्स

सीटीईटी आनलाइन होने जा रही है। इसके लिए उम्मीदवारों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनकी एक चूक बहुत भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों की माने तो यह परीक्षा 20 भाषाओं में आयोजित हो रही है। 

◆ उम्मीदवारों को पहले अपनी भाषा का चुनाव करना अनिवार्य होगा।
◆ उम्मीदवार अभी से कंप्यूटर आधारित टेस्ट पेपर्स की प्रैक्टिस करना शुरू कर दें।
◆ उम्मीदवार समय सारिणी बना लें और उसके मुताबिक प्रैक्टिस करें। 
◆ उम्मीदवार प्रश्न हल करने के बाद फाइनल सब्मिट का बटन जरूर दबाएं।



CTET Model Paper 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET 2021) के लिए मॉडल प्रश्न पत्र का सेट जारी कर दिया है. उम्मीदवार नीचे दी जा रही डायरेक्ट लिंक से मॉडल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं.


नई दिल्ली. CTET Model Paper 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET 2021) के लिए मॉडल प्रश्न पत्र का सेट जारी कर दिया है. गौरतलब है कि CTET 2021 परीक्षा दिसंबर 2021 से जनवरी 2022 तक आयोजित की जाएगी. परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार सीटीईटी की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर मॉडल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं.


सीबीएसई ने बताया कि अब तक पेपर-1 और पेपर-2 के लिए मॉडल प्रश्न जारी किए गए हैं, लैंग्वेज सेक्शन के मॉडल प्रश्न बाद में अपलोड किए जाएंगे. उम्मीदवार नीचे दी जा रही इस डायरेक्ट लिंक से मॉडल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं.मॉडल पेपर डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें


CTET Exam 2021: परीक्षा पैटर्नइस वर्ष CTET परीक्षा 16 दिसंबर से 13 जनवरी के बीच कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाएगी. परीक्षा में दो पेपर शामिल होंगे. जो कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक बनना चाहते हैं उन्हें पेपर 1 देना होगा वहीं जो कैंडिडेट कक्षा 6 से 8 के लिए शिक्षक बनना चाहते हैं उन्हें पेपर-2 में उपस्थित होना होगा. इसके अलावा दोनों स्तरों के शिक्षक की नौकरी पाने के लिए दोनों पेपरों के लिए उपस्थित होना होगा.

CTET Exam 2021: सीबीएसई ने जारी किए मॉडल पेपर, देखें