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Wednesday, May 12, 2021

परिषदीय बच्चों को सितंबर 20 से फरवरी 21 तक का अनाज और परिवर्तन लागत मिलेगी

परिषदीय बच्चों को सितंबर 20 से फरवरी 21 तक का अनाज और परिवर्तन लागत मिलेगी



लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यार्थियों को 1 सितंबर 2020 से लेकर 9 फरवरी 2021 तक के मिड डे मील के अनाज और परिवर्तन लागत का नकद भुगतान किया जाएगा। 


कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को 4.6 किलो गेहूं, 9.2 किलो चावल सहित कुल 13.8 किलो अनाज दिया जाएगा। परिवर्तन लागत के रूप में 685 रुपये प्रत्येक विद्यार्थी को दिए जाएंगे। 


कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 6.2 किलो गेहूं, 12.4 किलो चाबल सहित कुल 18.6 किलो अनाज दिया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को 923 रुपये परिवर्तन लागत का भुगतान भी किया जाएगा। 


बेसिक शिक्षा विभाग ने मिड डे मील के अनाज और परिवर्तन लागत भुगतान के लिए वाउचर भी जारी कर दिया है।

Sunday, April 25, 2021

खाली नहीं रहेगी बच्चों के MDM की थाली

खाली नहीं रहेगी बच्चों के MDM की थाली


प्रयागराज कोराना आपदा के बीच देश भर में स्कूल बंद हैं। लेकिन, बच्चों की पढ़ाई और पोषण पर कोई असर न पड़े, इसे लेकर सरकार की ओर से तैयारी कर ली गई है। मिड डे मील प्राधिकरण की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि बंद स्कूलों में भी बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाए। सरकार की ओर से बच्चों के लिए पौष्टिक खाने की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल बंद हैं तो भी बच्चों को सूखा राशन और खाना पकाने की कुकिंग कॉस्ट उपलब्ध कराई जाए। 2020-21 शैक्षिक सत्र में भी बच्चों को सूखा राशन एवं कुकिंग कॉस्ट उपलब्ध कराई गई थी।

प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों के साथ ही माध्यमिक विद्यालयों में भी आठवीं तक के बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है। केंद्र सरकार की मिड डे मील योजना का लाभ देश भर के लगभग 12 करोड़ बच्चों को मिलेगा। इस बीच बढ़ते संक्रमण से नए शैक्षिक सत्र में प्रदेश सरकार ने 15 मई तक स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। ऐसे में बच्चों को घर बैठे पढ़ाने की योजना पर काम शुरू है। इस बार भी बच्चों को ऑनलाइन, टेलीविजन, रेडियो से पढ़ाने की तैयारी है। मिड-डे मील कोआर्डिनेटर राजीव त्रिपाठी कहते हैं, बीते वर्ष भी सरकार की योजना के अनुरूप बच्चों को मिड डे मील योजना का लाभ पहुंचाया गया था।

Sunday, April 4, 2021

मिड-डे मील के हिसाब किताब में हुए फिसड्डी तो लखनऊ के 1600 स्कूलों पर लटकी कार्यवाईकी तलवार

मिड-डे मील के हिसाब किताब में हुए फिसड्डी तो लखनऊ के  1600 स्कूलों पर लटकी कार्यवाईकी तलवार


कोरोना के कारण लॉकडाउन में मिड डे मील के राशन व कन्वर्जन कास्ट का हिसाब शिक्षक नहीं दे पा रहे हैं। स्कूलों के 1600 स्कूलों  ने इसका हिसाब नहीं दिया है। हिसाब न देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।


 कोरोना काल में प्रदेश के सभी प्राइमरी व जूनियर स्कूल बंद थे। इसकी वजह से स्कूलों में मिड डे मील नहीं बना था। शासन ने इस अवधि का मिड डे मील व कन्वर्जन कास्ट बच्चों के खातों में भेजने तथा बच्चों को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। कन्वर्जन कास्ट की रकम स्कूलों के खातों में भेजी गई थी जबकि राशन के लिए स्कूलों के शिक्षकों को पर्ची बनाकर कोटेदारों को देना था। जिसके अनुसार कोटेदारों को बच्चों व उनके अभिभावकों को चावल और गेहूं उपलब्ध कराना था।


पहले चरण में 29 मई 2020 को शासन ने 76 दिनों का राशन व कन्वर्जन कास्ट स्कूलों के खातों में भेजा। इसमें प्राइमरी स्कूलों के प्रति छात्र को 7 किलो 600 तथा जूनियर स्कूलों के छात्रों को 11 किलो 400 ग्राम गेहूं/ चावल उपलब्ध कराना था। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को  374 रुपये तथा जूनियर की बच्चों को 561 रुपए कन्वर्जन कास्ट दी जानी थी।  शासन ने 7 अक्टूबर 2020 को 49 दिन का और राशन तथा कन्वर्जन कास्ट बच्चों को देने का निर्देश दिया था। 49 दिनों के लिए प्राइमरी के बच्चों को 4 किलो 900 ग्राम तथा जूनियर के बच्चों को सात किलो 350 ग्राम राशन देना था। इसी तरह प्राइमरी के बच्चों को 243.5 रुपए और जूनियर के बच्चों को 365 रुपए कन्वर्जन कास्ट देनी थी। 


शासन ने मांगा हिसाब
अब शासन इसका हिसाब मांग रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 22 फरवरी को ही पत्र लिखकर राजधानी के सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से इसका हिसाब देने को कहा था। कितने बच्चों को मिड-डे मील गया, कितने को नहीं दिया गया। कितने बच्चों के बैंक खाते मिल पाए और कितनों को नहीं। यह सब हिसाब शिक्षकों को देना था लेकिन करीब 1600 स्कूलों के शिक्षकों ने हिसाब नहीं दिया है। प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक पीएन सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उनसे तत्काल इसका हिसाब व उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। 


138 दिनों का और जारी हुआ राशन व कन्वर्जन कास्ट
शासन में प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए 138 दिनों का और राशन तथा कन्वर्जन कास्ट जारी किया है। जबकि जूनियर स्कूलों के बच्चों के लिए 124 दिनों का राशन व कन्वर्जन कास्ट दिया है। प्राइमरी के बच्चों को 13 किलो 800 ग्राम तथा जूनियर के बच्चों को 18 किलो 600 ग्राम गेहूं चावल मिलेगा। इसके अलावा प्राइमरी के बच्चों को 685 रुपये कन्वर्जन कास्ट तथा जूनियर के बच्चों को 923 कन्वर्जन कास्ट मिलेगा। इसका आदेश 27 मार्च 2021 को हुआ लेकिन अभी तक यह कन्वर्जन कास्ट और राशन भी बच्चों को नहीं वितरित हुआ है।

Friday, March 26, 2021

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

शिक्षा विभाग के पकाने के लिए बने किचन, गैस और बर्तन के इनकार के बाद नए सिरे से तैयार होगा प्रस्ताव


लखनऊ। बजट के अभाव में करीब पांच वर्ष से बंद गरम भोजन योजना (हॉट मील कुक्डयोजना) को योगी सरकार फिर से शुरू करने जा रही है। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने योजना के प्रारूप में संशोधन कर नए प्रावधानों को जोड़कर प्रस्ताव तैयार किया है। मंजूरी के लिए इसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए 2006 में योजना शुरू की गई थी। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गर्म खाना तैयार करके खिलाने की व्यवस्था थी।


पहले तैयार किए गए प्रस्ताव में योजना को बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना के साथ चलाने का फैसला किया गया था । इसके तहत प्राइमरी विद्यालयों में भोजन सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा प्रति बच्चा 50 पैसे की दर से किराये का भुगतान करना था, पर बेसिक शिक्षा ने हाथ खड़े कर दिए। इसके अलावा योजना के लिए खुले बैंक खातों में मातृ समिति अध्यक्ष का नाम हटा कर ग्राम प्रधान का नाम जोड़ने को लेकर विरोध हो गया। इसलिए अब नये सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसमें कई प्रावधान किए जाएंगे।



2013 में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में योजना को शामिल करने के बाद प्रदेश के सभी 1.88 लाख 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को भोजन दिया जा रहा था। करीब 6 साल तक बसपा और सपा सरकारों ने योजना को ठीक से चलाया, लेकिन 2016 में सपा शासनकाल में बजट रोक दिया गया। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।तब से प्रदेश में योजना जमीनी स्तर पर बंद है, लेकिन कागजी तौर पर चलती रही। विभागीय सूत्रों का कहना है सरकार की मंशा के मुताबिक योजना के प्रारूप में कई बिंदुओं में बदलाव करने का प्रस्ताव नये सिरे से तैयार किया जा रहा है।

Saturday, March 13, 2021

कैसे बने मिड-डे मील? प्रधानों ने रख लिए सिलिंडर और बर्तन, शिक्षक परेशान

कैसे बने मिड-डे मील? प्रधानों ने रख लिए सिलिंडर और बर्तन, शिक्षक परेशान


बिजनौर : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रधानों ने प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में खेल करना शुरू कर दिया है। शिक्षकों के आग्रह के बावजूद कुछ ग्राम प्रधान मिड डे मील पकाने के बर्तनों और गैस सिलिंडर व रेगुलेटर देने को तैयार नहीं है। ग्राम प्रधान कह रहे हैं कि वे पंचायतों का गठन होने के बाद प्रस्ताव कर फिर से सरकारी मदद से बर्तन और सिलिंडर आदि खरीद लें। कई शिक्षकों ने बीईओ से शिकायत कर बर्तन और सिलिंडर दिलाने की मांग की है। 


शिक्षकों ने कुछ ग्राम प्रधानों पर आरोप लगाया है कि प्रधान उन्हें गैस सिलिंडर और रेगुलेटर नहीं दे रहे हैं। केवल गैस की किताब दी है। उनसे कहा जा रहा है कि वह चोरी की तहरीर देकर फिर से सिलिंडर और मिड डे मील के बर्तन खरीद लें। गैस एजेंसी प्रबंधकों ने कहा है कि वे तब तक गैस नहीं देंगे। जब तक शिक्षकों की ओर से पुलिस में रिपोर्ट कायम नहीं कराई जाएगी। प्रक्रिया के तहत सिलिंडर नहीं दिया जा सकता।

वहीं शिक्षक पुलिस में रिपोर्ट कायम कराने को तैयार नहीं हो रहे हैं। बताया गया कि बिजनौर के धामपुर विकास क्षेत्र में करीब 250 प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल है। अधिकांश स्कूलों में प्रधानों की ओर से शिक्षकों के सामने एक जैसी परेशानी पैदा कर रखी है। शिक्षकों का कहना है कि वह प्रधानों से इस मामले को लेकर झगड़ा करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि अभी चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है लेकिन, 24 से 26 मार्च के बीच चुनाव आचार संहिता लगने की संभावना है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को पंचायतों का प्रशासक बना दिया गया है। 


उधर, खंड शिक्षा अधिकारी योगेश पाल सिंह का कहना है कि यह बात सही है कि शिक्षकों द्वारा बीआरसी कार्यालय में शिकायत की जा रही हैं। उनके द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अवगत करा दिया है। लेकिन अभी तक बीएससी द्वारा इस मामले में दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। जो आदेश होगा। अमल किया जाएगा।

Wednesday, February 24, 2021

परिवर्तन लागत और रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं

परिवर्तन लागत और रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं


सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान ने मिड डे मील योजना में परिवर्तन लागत में वृद्धि और रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का सवाल रखा।  


बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि मिड डे मील योजना के तहत परिवर्तन लागत में वृद्धि करने, रसोइयों का मानदेय बढ़ाने, बच्चों को खाने के लिए बर्तन व कक्ष उपलब्ध कराने और रसोई को अध्ययन कक्ष से दूर स्थापित करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।

Monday, February 8, 2021

छात्रों को दिये गए मिड डे मील खाद्य सुरक्षा भत्ते की होगी जांच

महराजगंज : छात्रों को दिये गए मिड डे मील खाद्य सुरक्षा भत्ते की होगी जांच


महराजगंज : कोरोना महामारी के दौरान परिषदीय विद्यालय में पंजीकृत आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले खाद्य सुरक्षा भत्ता का शासन के निर्देश पर सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए बीएसए ओम प्रकाश यादव ने बेसिक शिक्षा विभाग के 17 अफसरों की ड्यूटी लगाया है। डायट प्राचार्य व बीएसए खुद भी सत्यापन करेंगे। यह अफसर आवंटित ब्लाक में छात्रों के घर पहुंचेंगे।


परिजनों से इस बात का सत्यापन करेंगे कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के लिए उनके घर के परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाद्यान्न व धनराशि मिली है कि नहीं। सत्यापन रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जाएगी। जिस विद्यालय से एमडीएम का खाद्यान्न व कन्वर्जन कास्ट की धनराशि वितरित नहीं की गई है वहां के प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए बीएसए सभी प्रधानाध्यापकों को आगाह भी कर चुके हैं। सभी बीईओ को भी पत्र लिख इस संबंध में समीक्षा कर विद्यालय स्तर से उपभोग प्रमाण पत्र प्राप्त करने का भी निर्देश दिया है।

कोरोना काल में पिछले साल 24 से परिषदीय के मार्च से परिषदीय विद्यालय बच्चों के लिए बंद है। इस दौरान विद्यालय में बच्चों को दिए जाने वाले एमडीएम के खाद्यान्न का बच्चों में वितरण कराने का शासन ने निर्देश दिया था कन्वर्जन कास्ट की धनराशि छात्रों या उनके अभिभावकों के खाते में भेजने का आदेश जारी हुआ था। सभी विद्यालय पर खाद्यान्न वितरण के लिए प्राधिकार पत्र भी विभाग की तरफ से मुहैया कराया गया था।


दस छात्रों के परिजनों से करेंगे सुरक्षा भत्ता का सत्यापन

बीएसए ने बताया कि खाद्य सुरक्षा भत्ता के सत्यापन के लिए डायट प्राचार्य रविन्द्र सिंह,  बीएसए ओम प्रकाश यादव के अलावा सभी बीईओ, सभी जिला समन्वयक, परियोजना अधिकारी, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दस फरवरी तक रिपोर्ट देनी है। यह सभी अफसर अपने आवंटित ब्लाक में दस-दस छात्रों के परिजनों से सम्पर्क करेंगे।


शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा भत्ता का सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सत्यापन में यह पता लगाया जाएगा कि खाद्य सुरक्षा भत्ता छात्रों तक पहुंचा है कि नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -ओम प्रकाश यादव, बीएसए

Saturday, February 6, 2021

हाथरस : छात्रों हेतु विद्यालय खुलते ही एमडीएम व्यवस्था के संचालन के सम्बन्ध में निर्देश जारी

हाथरस : छात्रों हेतु विद्यालय खुलते ही एमडीएम व्यवस्था के संचालन के सम्बन्ध में निर्देश जारी



Wednesday, February 3, 2021

मिड डे मील में शामिल हो सकती है सुनहरी शकरकंद

मिड डे मील में शामिल हो सकती है सुनहरी शकरकंद


लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के बाद सुर्खियों में आयी सुनहरी शकरकंद किसानों की किस्मत को भी सुनहरा करेगी। सीएम सिटी (गोरखपुर) में फरवरी के तीसरे हफ्ते में तीन दिन आयोजित होने वाले सुनहरी


शकरकंद महोत्सव में इसकी पृष्ठभूमि तैयार होगी। सुनहरी शकरकंद की पौष्टिकता के मद्देनजर आंगनबाड़ी की हॉट कुक्ड मील योजना और परिषदीय स्कूलों की मिड डे मील योजना में इसे शामिल करने का प्रस्ताव भी शासन को महोत्सव के दौरान भेजा जाएगा। इसकी संभावित तिथि 19 से 21 फरवरी है।

Saturday, January 30, 2021

हाथरस : एमडीएम योजना के संचालन हेतु संबधित खाता SMC अध्यक्ष के साथ संचालित किए जाने का आदेश

हाथरस : एमडीएम योजना के संचालन हेतु संबधित खाता SMC अध्यक्ष के साथ संचालित किए जाने का आदेश



Sunday, January 24, 2021

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्र्तगत आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को कोविड-19 के दृष्टिगत कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराये जाने के पश्चात अद्यतन सूचना प्राप्त कराए जाने के संबंध में।

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनान्र्तगत आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को कोविड-19 के दृष्टिगत कनवर्जन कास्ट उपलब्ध कराये जाने के पश्चात अद्यतन सूचना प्राप्त कराए जाने के संबंध में।



फतेहपुर : मिड डे मील योजना के निर्बाध संचालन हेतु खाता संचालन का दायित्व SMC अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक / इंचार्ज के संयुक्त हस्ताक्षर से किये जाने विषयक आदेश जारी

फतेहपुर : मिड डे मील योजना के निर्बाध संचालन हेतु खाता संचालन का दायित्व SMC अध्यक्ष व प्रधानाध्यापक / इंचार्ज के संयुक्त हस्ताक्षर से किये जाने विषयक आदेश जारी

Friday, January 1, 2021

प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन 12 लाख बच्चों को नहीं मिली मिड-डे-मील की राशि

प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन 12 लाख बच्चों को नहीं मिली मिड-डे-मील की राशि


प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के तकरीबन 12 लाख बच्चों को कोरोना काल में मध्यान्ह भोजना की कन्वर्जन कास्ट नहीं मिल सकी है। खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में सरकार ने स्कूल न खुलने के कारण बच्चों को खाद्यान्न एवं परिवर्तन लागत की धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।


प्रदेश के 5041 संबद्ध प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के 1291574 छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों के बैंक खाता पोर्टल पर अपलोड करने थे ताकि कन्वर्जन कास्ट सीधे उनके खाते में भेजी जा सके। लेकिन मात्र 765 स्कूलों के 106245 बच्चों के बैंक खाते ही पोर्टल पर अपलोड किए जा सके हैं।


11,85,329 छात्र-छात्राओं के खाते अपडेट नहीं होने के कारण भत्ते का वितरण नहीं हो पा रहा। उप शिक्षा निदेशक संस्कृत प्रमोद कुमार ने शिक्षा निदेशक के हवाले से सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को 28 दिसंबर को पत्र भेजकर बैंक खाता अपडेट करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि कन्वर्जन कास्ट बच्चों को दी जा सके।


प्राइमरी के प्रति छात्र को 617, जूनियर में 926 रुपये दे रहे

शासनादेश के अनुसार प्राथमिक स्कूल के प्रत्येक छात्र को 24 मार्च से 31 अगस्त तक 617.50 रुपये और उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रत्येक छात्र को 926 रुपये दिए जा रहे हैं। 24 मार्च से 30 जून की पहली किस्त के रूप में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के प्रत्येक बच्चे को क्रमश: 374 व 561 रुपये और एक जुलाई से 31 अगस्त तक दूसरी किस्त में क्रमश: 243.50 व 365 रुपये मिल रहा है। इसके अलावा सरकारी राशन की दुकानों से गेंहू व चावल भी दिया जा रहा है।


कई जिलों में एक बच्चे को भी नहीं मिला रुपया

कई जिलों में संबद्ध प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के एक बच्चे को भी कन्वर्जन कास्ट नहीं मिली है। कौशाम्बी, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, शामली, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मथुरा, महोबा, झांसी, जालौन, इटावा, नोएडा, गाजियाबाद, गोरखपुर, चित्रकूट, चंदौली, बुलंदशहर, बलरामपुर, बागपत, बदायूं के किसी छात्र को परिवर्तन लागत नहीं दी जा सकी है।

Tuesday, November 10, 2020

महराजगंज : एमडीएम योजना से आच्छादित बच्चों एवं अभिभावकों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर फीडिंग कराये जाने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी

महराजगंज : एमडीएम योजना से आच्छादित बच्चों एवं अभिभावकों का विवरण प्रेरणा पोर्टल पर फीडिंग कराये जाने के सम्बन्ध में बीएसए का निर्देश जारी।


Saturday, September 5, 2020

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत छात्रों- छात्राओं को परिवर्तन लागत की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु बैंक शुल्क से मुक्त किए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत छात्रों- छात्राओं को परिवर्तन लागत की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से  उपलब्ध कराने हेतु बैंक शुल्क से मुक्त किए जाने के सम्बन्ध में।



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Thursday, August 27, 2020

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत चिन्हित 400 विद्यालयों में किचेन गॉर्डन विकसित किए जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें विकासखंडवार प्रस्तावित विद्यालयों के नाम

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत चिन्हित 400 विद्यालयों में किचेन गॉर्डन विकसित किए जाने के सम्बन्ध में।


फतेहपुर : 400 परिषदीय विद्यालयों में किचेन गार्डेन बनाने को मंजूरी।

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में किचेन गार्डेन बनाने के निर्देश के क्रम में जिले के चार सौ विद्यालयों में इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। जिले से तैयार हुई सूची में शासन ने सहमति की मुहर लगा दी है।

बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने विद्यालयों में किचेन गार्डेन बनाने के निर्देश दिए थे। विद्यालयों का चयन करके बीएसए को भेजना था। इस काम में ग्राम सभा के सहयोग से स्कूल परिसर में क्यारियां तैयार करके सब्जी और फल उगाए जाएंगे। इसके लिए विद्यालय और ग्राम प्रधान संयुक्त रूप से जिम्मेदारी निभाएंगे। नगर क्षेत्र में नगर पंचायत और नगर पालिकाएं हाथ बंटाएंगी। विद्यालय की जमीन में उगाई जाने वाली सब्जी और फल में श्रम का काम शिक्षक और बच्चे करेंगे। सब्जियों की सिचाई के लिए हैंडपंप और पेयजल के लिए कनेक्शन भी दिए जाएंगे। जिससे कि विद्यालय को हरा भरा किया जा सके।

प्राथमिक विद्यालय : 1903

उच्च प्राथमिक विद्यालय : 747

कुल परिषदीय स्कूल : 2650

ब्लाक : 13

नगर क्षेत्र : 2

किचेन गार्डेन के लिए चयनित : 400

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जैविक खेती पर रहेगा जोर, एमडीएम में जाएंगी खपाई

स्कूल परिसर में पैदा की जाने वाली सब्जियां रसायनिक खाद के बजाए जैविक होंगी। मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए गोबर की खाद का उपयोग किया जाएगा। जिससे बच्चों की सेहत तंदुरुस्त होगी। केमिकल के दुष्प्रभाव से बचा जा सकेगा।

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ब्लाकवार चयनित स्कूलों की सूची

ब्लाक संख्या

तेलियानी 28

असोथर 30

अमौली 30

नगर क्षेत्र 101

बिदकी 03

देवमई 30

हसवा 35

हथगाम 33

विजयीपुर 28

भिटौरा 30

मलवां 28

बहुआ 33

खजुहा 38

धाता 30

एरायां 30

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परिषदीय स्कूलों में किचने गार्डेन डेवलप करने का निर्देश हुआ था। जिसके क्रम में जिले के 400 विद्यालयों का चयन हुआ है। इनमें कुछ विद्यालय ऐसे हैं जिनमें शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पहले से ही क्वारी बनाकर फूल और सब्जी उगाने का काम किया है। इन विद्यालयों की क्यारियों से पैदा की जाने वाली सब्जी एमडीएम के काम आ सकेगी।

शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


























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Saturday, August 1, 2020

फतेहपुर : किचन गार्डन से लैस होंगे चार सौ स्कूल, गार्डन में होने वाला खर्च ग्राम पंचायत निधि से होगा

फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में किचन गार्डन बनाने के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक विजय किरण आनंद ने जिले के 400 स्कूलों को चयनित किया है। यह भी साफ कर दिया है कि गार्डन में होने वाला खर्च ग्राम निधि से किया जाएगा।





स्कूलों को हरा भरा बनाकर उनमें एमडीएम के उपयोग में आने वाली सब्जी उगाई जाएगी। करीब आठ माह पूर्व लिए गए निर्णय को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए 8 माह पूर्व निर्णय लिया था। इसके बाद जिले के परिषदीय स्कूलों की सूची बनाई गई जहां पर जमीन की उपलब्धता है। ऐसे विद्यालयों की सूची बनाकर शासन को भेजी गई थी। जिस पर बेसिक शिक्षा महानिदेशक ने निर्णय ले लिया है। बीएसए शिंवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में 400 परिषदीय विद्यालय किचन गार्डन के लिए चयन हुआ है। इसमें ग्राम पंचायत की निधि खर्च होगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी और बीडीओ अधिकारी के बीच समन्वय स्थापित होगी। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के आपसी समन्वय से कार्य कराया जाएगा।


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Wednesday, July 29, 2020

चित्रकूट मण्डल : चार फीसदी पर अटकी राशन और कन्वर्जन कास्ट की योजना, छह लाख में से 24 हजार बालकों को ही मिल पाया लाभ

चित्रकूट मण्डल : चार फीसदी पर अटकी राशन और कन्वर्जन कास्ट की योजना, छह लाख में से 24 हजार बालकों को ही मिल पाया लाभ।

बांदा : लॉकडाउन के दौरान बंद परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को घर बैठे राशन व पैसा देने की योजना चित्रकूट धाम मंडल में परवान नहीं चढ़ पाई। महज चार फीसदी बच्चों को ही योजना का लाभ मिला है। चारों जनपदों में छह लाख बच्चों में सिर्फ 24 हजार बच्चों को ही पैसा और राशन मिला है। अधिकारी बजट का अभाव बता रहे हैं।




प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 24 मार्च से 26 जून तक बंद रहे परिषदीय स्कूलों के पहली कक्षा से 8वीं तक के बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत 76 दिन के मिड-डे मील का राशन और कन्वर्जन कास्ट का पैसा देने के निर्देश दिए थे। चित्रकूट धाम मंडल के चारों जनपदों में 9,684 विद्यालय हैं। इनमें 6,03,880 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल बंद रहने के दौरान मिड-डे मील के राशन और कन्वर्जन कास्ट का लाभ सिर्फ 24,603 बच्चों को मिल पाया है। यह मात्र चार फीसदी है। 5,79,277 बच्चे राशन व पैसा पाने से वंचित हैं। परिषदीय व प्राइमरी स्कूल के प्रत्येक बच्चे को 76 दिन का राशन कुल 7 किलो 600 ग्राम और कन्वर्जन कास्ट प्रति बालक 4.14 रुपये की दर से तथा जूनियर में 11 किलो 400 ग्राम राशन और कन्वर्जन कास्ट प्रति बालक 5.66 रुपये की दर से दी जानी है। राशन कोटे की दुकान से मिलेगा। कन्वर्जन कास्ट का पैसा खाते में भेजा जाएगा।

लॉकडाउन में स्कूलों के बंद रहने की अवधि के मिड-डे मील के लिए शासन ने फिलहाल कुल 40 फीसदी बजट दिया है। यह खर्च किया जा चुका है। शेष बजट के लिए शासन को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है।

गंगा सिंह राजपूत, अपर निदेशक (बेसिक शिक्षा) चित्रकूट धाम मंडल, बांदा




Wednesday, July 8, 2020

फतेहपुर : लॉकडाउन एवं ग्रीष्मावकाश की अवधि में मध्यान्ह भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में खाद्यान एवं परिवर्तन लागत उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में

लॉकडाउन  एवं ग्रीष्मावकाश की अवधि में मध्यान्ह भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में खाद्यान एवं परिवर्तन लागत उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में।









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Friday, July 3, 2020

फतेहपुर : विद्यालयों में भेजी गई मिडडे मील की एक करोड़ 84 लाख धनराशि, बच्चों के खाते में जाएगी भेजी

फतेहपुर : विद्यालयों में भेजी गई एक करोड़ 84 लाख धनराशि, मिडडे मील की धनराशि बच्चों के खाते में जाएगी भेजी।

फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को घरों में मध्याह्न भोजन योजना का लाभ देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों के खाते में एक करोड़ 83 लाख 92 हजार 720 रुपये की धनराशि भेज दी है। जिले के 2650 परिषदीय स्कूल, 122 एडेड स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को दोपहर का भोजन देने का प्रावधान है। यह व्यवस्था 2004 से लागू है। वर्तमान समय में इन स्कूलों के दो लाख 38 हजार बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है। करोना संक्रमण के कारण तीन महीने से स्कूल बंद हैं, जिससे बच्चों को एमडीएम का लाभ नहीं मिल रहा है।




ऐसे में विभाग ने बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में लागत राशि के साथ कोटेदार के यहां से अनाज आवंटन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्कूलों में अभिभावकों के बैंक खाते और आधार संकलित करा गए हैं। शिक्षा विभाग ने मांग के अनुरूप स्कूलों को भोजन लागत राशि भी भेज दी है। डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित ने बताया कि अभिभावकों के खातों में भेजने के लिए जिन स्कूलों में धनराशि कम पड़ती है, वह अलग से मांगपत्र भेज सकते हैं। जल्द ही अवशेष धनराशि खातों में भेज दी जाएगी।


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