DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label विद्यालय. Show all posts
Showing posts with label विद्यालय. Show all posts

Monday, May 10, 2021

20 मई तक बंद रहेंगे यूपी के सभी स्कूल, कॉलेज व कोचिंग

20 मई तक बंद रहेंगे यूपी के सभी स्कूल कॉलेज व कोचिंग 



शासन के विशेष सचिव ने  आदेश में कहा है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय महाविद्यालय, राज्य/निजी विश्वविद्यालय तथा उच्च शिक्षण संस्थान 20 मई तक बंद रहेंगे।



कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए यूपी सरकार ने एक और फैसला लिया है। सीएम योगी ने प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों/कोचिंग इंस्टीट्यूट में 20 मई तक अवकाश रखने का आदेश दिया है। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाएं बंद रखने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश रविवार को टीम 9 के अधिकारियों के साथ बैठक में दिए।

 उन्होंने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्रदेश की जनता की ओर से भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। 


20 मई तक बंद रहेंगे निजी व सरकारी शैक्षणिक संस्थान


 प्रदेश में माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के सभी शिक्षण संस्थान एवं कोचिंग सेंटर 20 मई तक बंद रहेंगे। रविवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित टीम-9 की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के चलते बेसिक शिक्षा विभाग के पहली से आठवीं तक के सभी स्कूलों को 20 मई, माध्यमिक शिक्षा के सभी विद्यालयों, उच्च शिक्षा विभाग के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के साथ कोचिंग संस्थानों को 15 मई तक बंद करने का आदेश जारी किया था। शनिवार को टीम-9 की बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर इसे 20 मई तक बढ़ाया गया है।


माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 20 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो जाएगा। ऐसे में अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूल जुलाई में ही खुलेंगे। ऑनलाइन क्लास भी स्थगित रहेगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि  महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के साथ यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के संबंध में जल्द निर्णय किया जाएगा। 

Thursday, May 6, 2021

कोविड से ठहर गई कायाकल्प योजना, अधिकांश स्कूलों की नहीं बदली सूरत

कोविड से ठहर गई कायाकल्प योजना, अधिकांश स्कूलों की नहीं बदली सूरत


आजमगढ़। आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से लैस करना है। विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों व अन्य कार्यों पर बड़ी धनराशी खर्च की जा रही है इसके बावजूद विद्यालयों की सूरत नहीं बदली है।


कायाकल्प के नाम पर परिषदीय स्कूलों में बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। पर धरातल पर यह नजर नहीं आ रहा है। क्षेत्र के कई स्कूल आज भी सुविधाविहीन हैं। फर्श टूटी है विद्यालयों के परिसर चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गए। यह सब जिम्मेदारों की जानकारी में है मगर वह कुछ नहीं कर रहे हैं।


जिले में करीब 2702 परिषदीय विद्यालय है जिसमें 1737 प्राथमिक व 484 उच्च प्राथमिक व 481 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें करीब चार लाख 11 हजार 727 बच्चे अध्ययनरत है। राज्य सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उक्त विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में सुधार एवं संतृप्तिकरण के आदेश दिए हैं। ग्राम प्रधान व पंचायती राज विभाग की ओर से प्रस्तावित कार्यों को पूरा किया जाना था।


तय बिंदुओं पर सुधारात्मक कार्य बेसिक शिक्षा और पंचायती राज विभाग के आपसी समन्वय से पूरे होने थे लेकिन बहुतायत ऐसे विद्यालय हैं जिसमें अभी तक कार्य ही नहीं हो सके। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि करीब एक हजार विद्यालय ऐसे हैं जिनमें 14 बिंदुओं पर काम पूरा कर लिया गया है। बाकी के विद्यालयों में कोरोना संक्रमण के कारण सभी कार्य रुक गए हैं। जल्द ही उनमें भी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और स्कूल के छात्रों को आधुनिक शिक्षा और उपकरण के जरिए शिक्षित किए जाएंगे।


इन बिंदुओं पर कराया जाएगा काम
आजमगढ़। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों के तय मानकों के अनुसार ब्लैक बोर्ड, छात्र संख्या के अनुरूप शौचालय और मूत्रालय का निर्माण, स्वच्छ पेयजल और मल्टीपल हैंडवॉशिंग सिस्टम, जल निकासी की सुविधा उपलब्ध करानी थी। साथ ही विद्यालय की दीवार, छत की मरम्मत, कमरों के फर्श पर टाइल्स, विद्युतीकरण कार्य, किचिन शेड का जीर्णोद्धार, फर्नीचर, चाहरदीवारी और गेट, इंटरलॉकिंग टाइल्स और अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण, दीवारों पर पेंटिंग अन्य कार्य स्थानीय आवश्यकतानुसार कराए जाने हैं। 

विद्यालय पर लगेगा कार्यों का बोर्ड

आजमगढ़। ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में प्रस्तावित कार्य और उन पर होने वाले खर्च का ब्यौरा ग्राम प्रधान को विद्यालय में बोर्ड पर लिखकर देना होगा। इससे आम आदमी भी जान सके कि ग्राम पंचायत विद्यालय में किस मद से कितनी राशि किस कार्य पर खर्च कर रही है। 

Saturday, April 17, 2021

कोरोना के फैलाव के चलते जूनियर शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षकों को वर्क फ्रॉम होम या 50% स्टाफ की उपस्थिति का आदेश निर्गत करने व विद्यालय समय में बदलाव की रखी मांग

कोरोना के फैलाव के चलते जूनियर शिक्षक संघ ने बेसिक शिक्षकों को वर्क फ्रॉम होम या 50% स्टाफ की उपस्थिति का आदेश निर्गत करने व विद्यालय समय में बदलाव की रखी मांग


Sunday, April 11, 2021

स्कूल खोल सकेंगे अपना कार्यालय, लखनऊ डीएम ने जारी किए निर्देश

स्कूल खोल सकेंगे अपना कार्यालय, लखनऊ डीएम ने जारी किए निर्देश


लखनऊ। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शनिवार देर रात निर्देश जारी कर शहर के स्कूलों को प्रशासनिक कार्यों के लिए कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात आकस्मिक बैठक के बाद जिलाधिकारी ने यह आदेश किया। इसके तहत स्कूल अब अपने स्टाफ को बुला सकेंगे।


शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई कराने के लिए भी स्कूल जा सकेंगे। इस दौरान स्कूलों को कोविड प्रोटोकॉल और शासन द्वारा जारी एसओपी का पालन करना पड़ेगा। गौरतलब है कि स्कूल पूर्ण रूप से बंद होने की वजह से दाखिला करने, फीस जमा करने, रिपोर्ट कार्ड बनाने और ऑनलाइन पढ़ाई कराने आदि की प्रक्रिया बाधित हो रही थी, जिसको लेकर स्कूलों ने अपनी मांग भी उठाई थी।

Monday, April 5, 2021

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत जल्द बनाये जाएंगे स्कूल कॉम्प्लेक्स, शुरू हुई मैपिंग


नई शिक्षा नीति के अंतर्गत जल्द बनाये जाएंगे स्कूल कॉम्प्लेक्स, शुरू हुई मैपिंग


बुनियादी व माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों का एक समूह (स्कूल काम्प्लेक्स) बनेगा। इसका उद्देश्य स्कूल के संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना है। इसके लिए स्कूलों की मैपिंग की जा रही है। वहीं स्पेशल एजुकेशन जोन भी बनाया जाएगा जहां शिक्षा से जुड़ी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।


नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। इस कॉम्लेक्स में कक्षा एक से 12 के स्कूलों को शामिल किया जाएगा। इसमें तीन से पांच किमी के अंदर स्थित स्कूलों को एक काम्प्लेक्स में रखा जाएगा। इसके तहत आपस में शिक्षकों की सेवाओं का आदान-प्रदान हो सकेगा वहीं स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग भी किया जा सकेगा | जैसे किसी एक स्कूल में खेल का मैदान है तो वहां अन्य स्कूलों के बच्चों को ले जाकर खेलने का मौका दिया जाएगा।

Thursday, April 1, 2021

यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू, कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल एक अप्रैल से खुलेंगे

यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू, कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल एक अप्रैल से खुलेंगे


राजधानी में कक्षा नौ से 12 तक के स्कूल गुरुवार से खुल जाएंगे। वहीं यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया भी गुरुवार से प्रारंभ हो जाएगी। जो छात्र अगली कक्षा में प्रोमोट हुए हैं वे स्कूल कार्यालय से दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।


नए शैक्षणिक सत्र में एक अप्रैल से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यालय खुल जाएंगे। इसके साथ ही यूपी बोर्ड के स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। छात्र कक्षा नौ, 10 और 12 में दाखिला ले सकते हैं। जिन छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है वे स्कूल कार्यालय से दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं जिनका परिणाम जारी नहीं हुआ है तो स्कूल खुलते ही उनको रिपोर्ट कार्ड सौंपा जाएगा और दाखिले की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 


परिषद विद्यालयों से कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र भी अब दाखिले की प्रक्रिया कभी भी पूरी करा सकते हैं। इसके अलावा जिन यूपी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा आठ तक की भी पढ़ाई होती है, वहां पर भी दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इनमें से कई स्कूलों ने परीक्षा संपन्न करा ली थी और अधिकांश में रिपोर्ट में कार्ड भी जारी कर दिया गया था। इनकी कक्षाएं भले ही स्कूलों में न चल रही हों लेकिन वे भी दाखिले की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।


सीएमएस ने कक्षा आठ तक के छात्रों को किया प्रमोट
कक्षा आठ तक के स्कूल बंद होने के चलते सीएमएस प्रशासन ने कक्षा आठ तक के सभी छात्रों को बिना अंतिम परीक्षा कराए प्रमोट करने का निर्णय लिया है। सीएमएस के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया कि कक्षा आठ तक के बच्चों की न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन वार्षिक परीक्षाएं कराई जाएंगी। इन छात्रों को पिछली परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। वहीं गुरुवार से कक्षा नौ से 12 तक की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑफलाइन कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि मॉन्टेसरी, नर्सरी, केजी, कक्षा एक और दो का नया शैक्षणिक सत्र पांच अप्रैल से, कक्षा तीन से कक्षा नौ तक का नया सत्र 12 अप्रैल से और कक्षा 10 व 12 का सत्र 26 अप्रैल से शुरू किया जाएगा।

Wednesday, March 24, 2021

यूपी में 31 मार्च तक केवल परीक्षा के लिए खुलेंगे कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल-कॉलेज

यूपी में 31 मार्च तक केवल परीक्षा के लिए खुलेंगे कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल-कॉलेज : उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों को केवल परीक्षा के लिए ही खोला जा सकेगा। स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। 25 से 31 मार्च तक होली की छुट्टियां रहेंगी। वहीं उच्च शिक्षा के संस्थानों में 25 से 31 मार्च के बीच शिक्षण कार्य परिसर में न होकर, ऑनलाइन होगा।


सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों व संस्थानों को केवल परीक्षा या प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए ही खोला जा सकेगा। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।


उत्तर प्रदेश अलावा कई अन्य राज्यों में भी स्कूलों को अस्थाई तौर पर बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल बंद रखने का आदेश करने वाले राज्यों में पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना प्रमुख हैं।

Thursday, March 11, 2021

राजधानी के 200 प्राइमरी स्कूल एकल शिक्षक

राजधानी के 200 प्राइमरी स्कूल एकल शिक्षक


राजधानी के करीब 200 प्राइमरी स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे हैं। शिक्षक के अवकाश पर जाते ही तालाबंदी की नौबत आ जाती है। अकेले ग्रामीण क्षेत्र के ही 120 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे हैं। जबकि तीन बंद चल रहे हैं।


राजधानी में ही प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या पूरी नहीं हो पा रही है। शहरी सीमा से सटे स्कूलों में शिक्षकों की भरमार है। एक एक स्कूल में 6 से 9 शिक्षक हैं। वहीं तमाम स्कूल ऐसे हैं जो केवल एक अध्यापक के भरोसे चल रहे हैं। प्राइमरी और अपर प्राइमरी दोनों का यही हाल है। इसकी वजह से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 


यहां सबसे ज्यादा दिक्कत

प्राइमरी स्कूल नारायणपुर प्रथम, नारायणपुर द्वितीय, मिर्जापुर, रसूलपुर इठुरिया, शाहपुर मझिगवां, प्राइमरी स्कूल महेंद्र, प्राथमिक विद्यालय हुलास खेड़ा, पाल खेड़ा, जगन खेड़ा तथा प्राइमरी विद्यालय नानमऊ सहित कुल 200 में केवल एक ही अध्यापक हैं। जबकि करीब 30 विद्यालय ऐसे हैं जिसमें एक शिक्षक के अलावा शिक्षामित्र भी मौजूद हैं।


शहर से सटे 70 स्कूलों में 6 से लेकर 9 टीचर

चिनहट, बीकेटी, सरोजिनी नगर, मोहनलालगंज, मलिहाबाद के शहर से सटे करीब 70 स्कूल ऐसे हैं जिनमें 6 से 9 टीचर हैं। हालांकि इन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। इसीलिए संख्या के अनुरूप टीचर हैं।


नगर क्षेत्र के 80 स्कूलों में शिक्षकों की कमी

शहरी क्षेत्र के करीब 80 स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इनमें से करीब दो दर्जन स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है। इनमें दूसरे स्कूलों के शिक्षक लगाए गए हैं। जैसे-तैसे काम चल रहा है। इसके अलावा बाकी स्कूलों में एक एक शिक्षक है। इनके अवकाश पर जाने से स्कूलों में तालाबंदी की नौबत आ जाती है। उदयगंज, तेलीबाग, शकूरपुर, हैबतमऊ, मवाईया तथा नीलमथा में भी शिक्षकों की काफी कमी है।


500 टीचर आए फिर भी एकल हैं विद्यालय

इस वर्ष राजधानी को करीब 500 नए टीचर मिले हैं। इसमें से 341 टीचर दूसरे जिलों से ट्रांसफर होकर लखनऊ आए हैं। यह ज्वाइन भी कर चुके हैं। 131 नए शिक्षकों की भर्ती हुई है। इनकी भी तैनाती हो चुकी है। करीब 20 शिक्षक ट्रांसफर से लखनऊ आए हैं। इस तरह कुल 492 शिक्षक नए आए हैं। इसके बावजूद स्कूल एकल व बंद चल रहे हैं।

 

 कोई भी स्कूल बंद नहीं है। सभी में पढ़ाई चल रही है। जहां शिक्षक कम हैं वहां दूसरे स्कूलों के शिक्षक लगा दिए जाते हैं। शिक्षामित्र भी स्कूलों को संभाल रहे हैं। जहां कमी है वहां जल्दी ही नए शिक्षक पहुंचेंगे। - दिनेश कुमार, बेसिक शिक्षा, अधिकारी

Tuesday, March 9, 2021

अब प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में आरामदायक फर्नीचर पर पढ़ेंगे बच्चे

अब प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में आरामदायक फर्नीचर पर पढ़ेंगे बच्चे


 लखनऊ : प्रदेश के 71 जिलों के 26729 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के 108 परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के बच्चे निकट भविष्य में आरामदायक फर्नीचर पर बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रहा है। टेंडर प्रक्रिया इसी माह पूरी करने का निर्देश दिया गया है।


खरीदे जाने वाले फर्नीचर की डिजाइन में बदलाव किये गए हैं ताकि वे नौनिहालों के लिए आरामदायक साबित हों। डेस्क और बेंच के बीच की जगह को बच्चों के आयुवर्ग और कक्षा वर्ग के अनुसार बढ़ाया गया है। इससे पहले वर्ष 2017-18 में खरीदे गए फर्नीचर में आयरन फ्रेम का एंगल इस्तेमाल किया गया था। नए फर्नीचर में खोखले सकरुलर पाइप का प्रयोग होगा ताकि बच्चों को चोट लगने की संभावना कम से कम हो।

डेस्क के ऊपरी हिस्से को हल्का ढालू बनाया जाएगा। बच्चों को बैठने में आराम मिल सके, इसलिए बेंच के बैक साइड को पांच डिग्री का स्लोप दिया जाएगा। फर्नीचर की ऊंचाई भी बच्चों की कक्षा और आयु के अनुसार रखी जाएगी।

Saturday, March 6, 2021

कंपोजिट ग्रांट का देना होगा हिसाब, स्कूलों की दीवार पर अंकित करना होगा हर साल का खर्च

कंपोजिट ग्रांट का देना होगा हिसाब, स्कूलों की दीवार पर अंकित करना होगा हर साल का खर्च


सभी परिषदीय स्कूलों को कंपोजिट स्कूल ग्रांट दी जा रही है। इसके तहत स्कूलों ने क्या कार्य कराया है, उसका विवरण अब स्कूलों को देना होगा। यह विवरण फाइल में बंद नहीं होगा बल्कि स्कूल की दीवार को पेंट कराकर उसपर अंकित कराना ही होगा। 


🚩
■ देखें संबंधित आदेश


सभी परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अपने यहां आई कंपेजिट ग्रांट का विवरण देना है। इसके लिए स्कूल की वह दीवार चुनी जाए जो सब से पहले दिखती हो। उसपर 1.8 मीटर (छह फिट) ऊंची व 1.5 मीटर (पांच फिट) चौड़ाई के क्षेत्र में पेंटिंग कराई जाए। उस स्थान को सीमेंट बेस्ड पुट्टी से समतल भी कराना होगा उसके बाद दो कोट में पीले रंग से पुताई कराई जानी चाहिए फिर लाल रंग से किनारा बनाकर काले रंग से खर्च का विवरण अंकित कराना होगा। बता दें कि इसके लिए बीते वर्ष 25 दिसंबर तिथि तय की गयी थी, लेकिन बजट का विवरण नहीं बताया गया।


प्रदेश के प्राइमरी तथा उच्च प्राइमरी स्कूलों के कायाकल्प के तहत काम हुआ है। हर साल स्कूलों को जरूरी सुविधाओं के लिए शासन कंपोजिट ग्रांट दे रहा है। रंगाई पुताई, फर्नीचर, लाइब्रेरी, ब्लैक बोर्ड, मल्टीपल हैंड वाशिंग सहित तमाम चीजों को खरीदने वलगाने के लिए तीन वर्ष से लगातार बजट दिया गया है। तमाम स्कूलों ने इसका अच्छा इस्तेमाल किया है जबकि कुछजगह बंदरबांट की शिकायते आयी हैं। ऐसे में जांच हुई तो सारा खेल सामने आ जायेगा ।


स्कूलों को सत्रवार दर्ज करना होगा विवरण
खास बात यह कि स्कूलों को सत्रवार विवरण अंकित कराना है। यदि किसी | विद्यालय ने धनराशि का प्रयोग नहीं किया है तो भी बताना होगा कि उस रकम का प्रयोग नहीं हुआ। विद्यालय समिति के साथ ही आसपास के लोग भी इस कार्य को देखेंगे। यदि किसी को शिकायत होगी तो भी उस संबंध में जन सामान्य अपनी बात रख सकेगा। यह कदम सिर्फ इसलिए उठाया जा रहा है कि पारदर्शिता बनी रहे। प्रदेश के प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में खर्च होने वाला पैसा सार्वजनिक होगा। शासन से मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट किस मद में खर्च हुई इसे विद्यालयों की दीवारों पर लिखवाना होगा। दीवारों पर वर्ष वार और मद वार विवरण लिखना होगा।


महानिदेशक का ये था आदेश
महानिदेशक ने 25 दिसंबर तक पिछले 3 वित्तीय वर्ष में खर्च हुई रकम का ब्योरा लिखने का आदेश दिया था इसमें वर्ष 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 में दी गई धनराशि तथा व्यय धन राशि का विवरण लिखाने को कहा गया था। लेकिन अधिकांश स्कूलों में इसका पालन नहीं किया गया।

Thursday, March 4, 2021

प्रिंट रिच सामग्री व पोस्टर से शिक्षित किए जाएगें परिषदीय स्कूलों के बच्चे

प्रिंट रिच सामग्री व पोस्टर से शिक्षित किए जाएगें परिषदीय स्कूलों के बच्चे


परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रिंट रिंच पोस्टर की मदद लेगा। कवायद सफल हो, इसके लिए कक्षा एक, दो व तीन के बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्कूलों को हिंदी के 20 व गणित के 17 पोस्टर भेज दिए गए हैं। जिन्हें शिक्षक स्कूलों की दीवार पर चस्पा कर बच्चों को विषयवस्तु की जानकारी देकर उनकी शैक्षिक अभिरुचि बढ़ाने की कोशिश करेंगे।


शिक्षण कार्य शुरू होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की शैक्षिक अभिरुचि बढ़ाने की कोशिश मेें जुटा है। कवायद सफल हो इसके लिए स्कूलों में प्रिंट रिंच पोस्टर से बच्चों को आकर्षित किया जाएगा। शासन का निर्देश मिलने के बाद  कक्षा एक, दो व तीन की कक्षा से जुड़े शैक्षिक सामग्री का पोस्टर तैयार कर बीईओ के माध्यम से स्कूलों में भेजा है।


स्कूलों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के बाद प्रत्येक स्कूल को हिंदी विषय के 20 व गणित विषय के 17 शैक्षिक सामग्री समेत 102 पोस्टर दीवारों पर चस्पा करवाना होगा। जिसकी मदद से प्रतिदिन शिक्षक बच्चों को हिंदी व गणित पढ़ाएंगे। इससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगेगा।


 प्रिंट रिच पोस्टर से बच्चों को पढ़ने व समझने में आसानी होगी। बच्चों को अन्य विषयों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए जल्द ही और पोस्टर तैयार किए जाएंगे। दीवारों पर ज्ञान वर्धक सामग्री चस्पा होने से स्कूल लोगों के आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं।

Monday, March 1, 2021

यूपी: साल भर बाद स्कूल आये बच्चों से सीएम योगी ने की मुलाकात, चॉकलेट देकर पूछे सवाल

यूपी: साल भर बाद स्कूल आये बच्चों से सीएम योगी ने की मुलाकात, चॉकलेट देकर पूछे सवाल


कोरोना महामारी के कारण 11 महीने से भी ज्यादा समय तक बंद रहे प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूल सोमवार से खुल गए। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। स्कूलों में कक्षा की कुल क्षमता से 50 फीसदी बच्चों को ही बुलाया गया है।


सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के नरही में एक प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट्स दी और उनसे बातचीत की।


कक्षा में मुख्यमंत्री योगी ने एक बच्ची से पूछा, आपको स्कूल वापस आकर कैसा लग रहा है जिस पर बच्ची ने कहा कि अच्छा लग रहा है सर।

मुख्यमंत्री ने एक बच्ची को चॉकलेट दी और उसे आशीर्वाद दिया। उन्होंने कक्षा में मौजूद कई बच्चों से बातचीत की।

यूपी: एक साल बाद खुले प्राइमरी स्‍कूल, तिलक लगाकर हुआ बच्‍चों का स्‍वागत, उत्सव जैसा रहा माहौल

यूपी: एक साल बाद खुले प्राइमरी स्‍कूल, तिलक लगाकर हुआ बच्‍चों का स्‍वागत, उत्सव जैसा रहा माहौल
  

कोरोना की वजह पूरे एक साल की बंदी के बाद सोमवार से प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक के स्‍कूल खुल गए हैं। इस दौरान कई स्‍कूलों में उत्‍सव जैसा माहौल है। एक बाद स्‍कूल आए बच्‍चों की खुशी का ठिकाना नहीं है। सहपाठियों से स्‍कूल में मुलाकात हुई बच्‍चों के चेहरे पर पहले जैसी खुशी नज़र आई। हालांकि पहले दिन स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति काफी कम है।


प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर स्कूलों को बंद कर दिया गया था। अब प्रदेश सरकार ने बंद प्राइमरी स्कूलों को दोबारा खोलने का आदेश जारी किया है। केंद्र सरकार की ओर से उच्च प्राथमिक स्कूलों को खोलने की गाइडलाइन जारी होने के बाद सीएम योगी ने स्कूलों को खोलने के निर्देश पहले ही दे दिए थे। 

इसके पहले अक्‍टूबर 2020 में उच्च कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो गई थी। बाकी कक्षाओं की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। उत्तर प्रदेश में कक्षा 6 से 8 तक के स्कूल 10 फरवरी से खुल गये हैं। वहीं प्रदेश के प्राइमरी स्कूल आज से खुले हैं। 


कई स्‍कूलों में उत्‍सव जैसा माहौल 

एक साल बाद आज से पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुले हैं तो कई स्‍कूलों में उत्‍सव जैसा माहौल है। सरकारी स्‍कलों में पहला दिन उत्‍सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस संबंध में शासन की ओर से विशेष गाइडलाइन जारी की गई थी। विद्यालय को सजाने संवारने के साथ ही चौपाल, ज्ञानोत्सव जैसे कार्यक्रम भी आयोजित हो रहे हैं। पहले दिन कई विद्यालयों को गुब्‍बारों से सजाया गया है। आज मिड डे मील में बच्चों का मन पसंद नाश्ता और भोजन परोसा जाएगा। कोविड काल की कहानियों को भी आज बच्‍चे और शिक्षक रोचक अंदाज में बयां करेंगे। आज के दिन को उत्‍सव के रूप में मनाने की तैयारी पिछले एक हफ्ते से चल रही थी। बच्‍चों को स्‍कूल भेजने के बारे में अभिभावकों से सहमति भी ली गई है।

आज से लौटेगी स्कूलों में रौनक : बच्चों के स्वागत की पूरी तैयारी, परिषदीय स्कूलों में 1 से 5 की कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू होगा

आज से लौटेगी स्कूलों में रौनक बच्चों के स्वागत की पूरी तैयारी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों में 1 से 5 की कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू होगा


लखनऊ। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण करीब एक साल से बंद कक्षा 1 से 5 तक के स्कूलों में सोमवार को रौनक लौट आएगी। परिषदीय स्कूलों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों के स्वागत के लिए सजाया गया है। विभाग ने स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाओं के संचालन के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। कोरोना संक्रमण के कारण एक साल बाद खुलने  जा रहे हैं।


मार्च 2020 के दूसरे सप्ताह से परिषदीय स्कूलों का संचालन बंद कर दिया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी 2021 से परिषदीय स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं का संचालन शुरू किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के तहत एक मार्च से परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 से 5 की कक्षाओं में पठन-पाठन शुरू किया जाएगा। विभाग ने एक साल बाद सोमवार को स्कूल पहुंचने पर बच्चों का भव्य स्वागत करने और विद्यालय में उत्सव का वातावरण सृजित करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार और रविवार को शिक्षकों ने गांव-गांव में मुनादी कर बच्चों और अभिभावकों को स्कूल खुलने की सूचना दी। वहीं सोशल मीडिया केजरिये भी अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया। 

विद्यालयों को गुब्बारों, झंड़ियों, रंगोली से सजाया गया है। सोमवार को स्कूल पहुंचने पर टीका लगाकर बच्चों का स्वागत किया जाएगा। बच्चों की विद्यालय में रुचि पैदा करने के लिए खेल के आयोजन किए जाएंगे और बच्चों को मिड डे मील में उनकी पसंद का भोजन और नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों से मिट्टी के खिलौने बनाने, उनकी पेंटिंग करना, पेपर क्राफ्ट की मदद की आकृतियां बनाना सिखाया जाएगा शिक्षकों को विद्यालय में बच्चों को साथ दोस्ताना व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं।

Tuesday, February 23, 2021

दिल्ली : ऑफलाइन परीक्षा के लिए बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते स्कूल : शिक्षा निदेशालय


दिल्ली : ऑफलाइन परीक्षा के लिए बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते स्कूल : शिक्षा निदेशालय


बच्चों के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही विकल्प हैं।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पास भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतें की हैं।मौजूदा समय में बच्चों का स्कूल आना कतई उचित नहीं है। हाल ही में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के मामलों की भी पुष्टि हुई है।


नई दिल्ली  । राजधानी में कोरोना के मामले घटने के बाद दिल्ली सरकार द्वारा शैक्षिक गतिविधियों में थोड़ी ढील देने के बाद निजी स्कूलों ने ऑफलाइन परीक्षा के लिए विद्यालय आने के लिए बच्चों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इससे अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान हैं। वहीं, गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी स्कूल बिना अभिभावकों की सहमति के बच्चों को ऑफलाइन परीक्षा के लिए जबरन नहीं बुला सकता।


फिलहाल बच्चों के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही विकल्प हैं। लेकिन, इसके बावजूद भी स्कूल अभिभावकों की सहमति के बिना 9वीं और 11वीं कक्षा के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इसको लेकर अभिभावकों की ओर से दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) से भी शिकायतें की गई हैं। इस पर आयोग ने संबंधित स्कूल से जवाब भी मांगा है।


वहीं, इस मामले पर शिक्षा निदेशालय का कहना है कि स्कूल अभिभावकों पर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बना सकते हैं। ये कतई सहीं नहीं है। जब तक सरकार पूरी तरह से अनलॉक नहीं घोषित कर देती तब तक तो बच्चे का स्कूल आना पूरी तरह वैकल्पिक है। कोई भी स्कूल बच्चे को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकता है।


स्कूल बुलाने पर अगर कोई बच्चा बीमार हो गया तो फिर इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन को लेनी होगी। जिन अभिभावकों को स्कूल की तरफ से बच्चे को भेजने के लिए बाध्य किया जा रहा है वो शिक्षा निदेशालय को लिखित में शिकायत कर सकते हैं । निदेशालय इन स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। वहीं, इस मामले पर दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का कहना है कि बच्चों को आफलाइन परीक्षा के लिए जबरन स्कूल बुलाने से बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक चिंतित हैं। इसके लिए मेरे पास भी कई सारे बच्चों की शिकायतें आई हैं।


वहीं, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पास भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतें की हैं।मौजूदा समय में बच्चों का स्कूल आना कतई उचित नहीं है। हाल ही में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के मामलों की भी पुष्टि हुई है। ऐसे में बच्चों को स्कूल बुलाना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए दिल्ली सरकार अतिशीघ्र निजी स्कूलों को आदेश जारी कर 9वीं और 11वीं के बच्चों की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का आदेश जारी करे, जिससे बच्चों और अभिभावकों को राहत मिल सके।

Monday, February 22, 2021

प्राइमरी स्कूल खुलने पर टीका लगाकर बच्चों का होगा स्कूलों में स्वागत, सजाए जाएंगे परिषदीय स्कूल

प्राइमरी स्कूल खुलने पर टीका लगाकर बच्चों का होगा स्कूलों में स्वागत, सजाए जाएंगे परिषदीय स्कूल


कोरोना काल में करीब एक साल बाद खुल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूलों को बच्चों के स्वागत के लिए सजाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों में गुब्बारों, झालरों और अन्य सजावटी सामान से सजाने और बच्चों के लिए शौचालय व पीने के पानी के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।


प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालय एक मार्च से संचालित होंगे। कोरोना काल में एक साल बाद स्कूल आने वाले बच्चों को अच्छा माहौल देने के लिए स्कूलों को सजाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में सजावट की तैयारियां शुरू की है।  बच्चों के स्वागत के लिए स्कूल की कक्षाओं व गेट को रंगीन गुब्बारों, फूलों व रंग बिरंगी झालरों से सजाया जाएगा।  टीका लगाकर बच्चों का स्कूल में स्वागत किया जाएगा।


स्कूलों में बच्चों के पीने के पानी के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था की जाएगी। जानकारों की मानें तो शिक्षकों को कंपोजिट ग्रांट से रनिंग वाटर की व्यवस्था करना होगी। इसके अलावा लड़कियों के लिए शौचालय की अलग व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता  ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। स्कूल भवनों व कक्षाओं की दीवारों को आकर्षक पेटिंग, स्लोगन  से सजाया गया है। स्कूलों को स्मार्ट क्लास व लाइब्रेरी से लैस किया गया है। अकेले लखनऊ के 1642 स्कूलों से करीब 100 स्कूल में स्मार्ट क्लास बनाए गए हैं।

Sunday, February 21, 2021

श्रमिकों के बच्चों के लिए सीबीएसई पैटर्न पर 18 अटल आवासीय विद्यालय बनवाएगी योगी सरकार

श्रमिकों के बच्चों के लिए सीबीएसई पैटर्न पर 18 अटल आवासीय विद्यालय बनवाएगी योगी सरकार 


श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राष्ट्र निर्माण करने वाले श्रमिकों के उज्जवल भविष्य की पूरी व्यवस्था सरकार कर रही है। इनके बच्चों का पूरा खर्च भी श्रम विभाग वहन कर रहा है। सरकार के प्रयासों से मजदूरों के जीवन में बदलाव आएगा। श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई अच्छी हो और उनका भविष्य उज्जवल हों, इसके लिए प्रदेश सरकार हर मण्डल में एक-एक अटल आवासीय विद्यालय बना रहा है, जहां पर बच्चों को पढ़ाई-लिखाई, रहने व खाने की व्यवस्था मुफ्त होगी। श्रमिक चाहें जहां भी काम करें, उन्हें अब अपने बच्चों की चिन्ता नही होगी।


श्रम मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों को बेहतर तथा निःशुल्क शिक्षा, आवास एवं भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक मण्डल में अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना कर रही है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा तथा यहां पर इन बच्चों को सीबीएसई पैटर्न की शिक्षा दी जाएगी। 


इन विद्यालयों में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 1000 बच्चों के लिए प्रत्येक विद्यालय में रहने, खाने एवं पढ़ाई तथा खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक की निःशुक्ल आवासीय शिक्षा प्रदान की जाएगी। इन विद्यालयों का निर्माण 12 से 15 एकड भूमि पर कराया जायेगा, तथा इस विद्यालयों का संचालन श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा।

Saturday, February 20, 2021

परिषदीय स्कूलों में इस साल पूरी हो जाएंगी बुनियादी सुविधाएं, बोले बेसिक शिक्षा मंत्री

परिषदीय स्कूलों में इस साल पूरी हो जाएंगी बुनियादी सुविधाएं, बोले बेसिक शिक्षा मंत्री


लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों में इस साल कक्षा कक्ष, पुस्तकालय, शौचालय, चार दीवारी, विद्युतीकरण सहित 14 सूत्री आधारभूत सुविधाएं मुहैया करा दी जाएंगी। वे शुक्रवार को बापू भवन स्थित अपने दफ्तर में यू- ट्यूब लाइव सत्र में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्कूलों के कायाकल्प के लिए सरकार ने 19 पैरामीटर तय किए हैं, 14 पैरामीटर पर इस साल काम हो जाएगा। शेष पर मार्च 2022 तक कार्य पूरा हो जाएगा। अब तक 50,000 से अधिक विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है। एक लाख स्कूलों में कार्य प्रगति पर है। प्रत्येक विद्यालय में एनसीईआरटी की 500- 1000 पुस्तकों से युक्त पुस्तकालय स्थापित किए गए है।

Monday, February 15, 2021

यूपी : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू

RTE अंतर्गत प्रवेश के लिए 25 फरवरी तक स्कूलों की मैपिंग का काम होगा पूरा


यूपी : निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू, 25 फरवरी के बाद अभिभावकों को करना होगा यह काम 


निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। मैपिंग का काम 25 फरवरी तक पूरा किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मैपिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा एक में 25 फीसदी सीटें गरीब व अलाभित समूह के लिए आरक्षित होती हैं। नया सत्र अप्रैल से शुरू होना है। लिहाजा स्कूलों की मैपिंग के बाद वेबसाइट पर स्कूलवार आरक्षित सीटों का ब्यौरा जारी कर दिया जाएगा।

अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और इसके बाद लॉटरी निकाल कर स्कूलों का आवंटन किया जाता है। छात्र-छात्राओं की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करती है और एकमुश्त पांच हजार रुपये यूनिफार्म व किताबों के लिए दिए जाते हैं। 


निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। मैपिंग का काम 25 फरवरी तक पूरा किया जाना है। 
ग्रामीण क्षेत्रों में मैपिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कक्षा एक में 25 फीसदी सीटें गरीब व अलाभित समूह के लिए आरक्षित होती हैं। नया सत्र अप्रैल से शुरू होना है। लिहाजा स्कूलों की मैपिंग के बाद वेबसाइट पर स्कूलवार आरक्षित सीटों का ब्यौरा जारी कर दिया जाएगा।

अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है और इसके बाद लॉटरी निकाल कर स्कूलों का आवंटन किया जाता है। छात्र-छात्राओं की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार करती है और एकमुश्त पांच हजार रुपये यूनिफार्म व किताबों के लिए दिए जाते हैं।

Friday, February 12, 2021

अंतरजनपदीय स्थानांतरण : विद्यालय आवंटन का काम शुरू नहीं हो सका, सर्वर पर विद्यालयों की सूची अपलोड नहीं होने के कारण शिक्षक करते रहे इंतजार

अंतरजनपदीय स्थानांतरण : विद्यालय आवंटन का काम शुरू नहीं हो सका, सर्वर पर विद्यालयों की सूची अपलोड नहीं होने के कारण शिक्षक करते रहे इंतजार


प्रयागराज। अंतरजनपदीय स्थानांतरण में जिले को मिले 17 दिव्यांग शिक्षकों से शाम को विकल्प लेने के बाद अंततः विद्यालय आवंटित कर दिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के सर्वर पर विद्यालयों की सूची अपलोड नहीं होने के कारण शिक्षक दिनभर इंतजार करते रहे। 


बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में बृहस्पतिवार को भी विद्यालय आवंटन का काम शुरू नहीं हो सका। प्रयागराज में शाम पांच बजे सूची उपलब्ध हो जाने के बाद विद्यालय आवंटन के लिए विकल्प भरने का काम शुरू हुआ और रात नौ बजे तक 17 दिव्यांग महिला एवं पुरुष शिक्षकों को विद्यालय आवंटन का पत्र जारी कर दिया गया। 


इससे पहले 10 फरवरी को दिन भर इंतजार करने के बाद विद्यालयों की सूची अपलोड नहीं होने से विद्यालय आवंटन नहीं हो सका, इसी प्रकार 11 फरवरी को दिनभर के इंतजार के बाद अंततः कामयाबी मिली और 17 शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करके प्रक्रिया शुरू कर दी गई.