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Monday, November 3, 2025

सवा दो करोड़ रिश्वत मांगने में फंसे गोंडा के बीएसए, भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने केस दर्ज करने का दिया आदेश, फर्नीचर सप्लाई में कमीशन मांगने का आरोप

सवा दो करोड़ रिश्वत मांगने में फंसे गोंडा के बीएसए, भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने केस दर्ज करने का दिया आदेश, फर्नीचर सप्लाई में कमीशन मांगने का आरोप


गोंडा। फर्नीचर आपूर्ति के ठेके में 2.25 करोड़ की रिश्वत मांगने और 30 लाख रुपये एडवांस लेने के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अतुल कुमार तिवारी व दो जिला समन्वयक फंस गए हैं। कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

मोतीगंज क्षेत्र के किनकी गांव निवासी मनोज पांडेय नीमन सीटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के एमडी हैं। उन्होंने गोरखपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में अपील की है कि उनकी कंपनी गोंडा के 564 उच्च प्राथमिक और संकुल विद्यालयों के लिए फर्नीचर सप्लाई के टेंडर में एल-1 (सबसे कम दर देने वाली फर्म) घोषित की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला समन्वयक (जेम) प्रेमशंकर मिश्र और जिला समन्वयक (सिविल) विद्याभूषण मिश्र ने 15% कमीशन के रूप में 2.25 करोड़ की मांग की।


चार जनवरी 2025 को बीएसए ने अपने राजकीय हाउसिंग कॉलोनी स्थित आवास पर बुलाकर उनसे 30 लाख रुपये (22 लाख बीएसए को और चार-चार लाख दोनों समन्वयकों को) लिए। बाद में शेष रकम न देने पर फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

मनोज ने अदालत में व्हाट्सएप चैट व अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जब दिए गए रुपये वापस मांगे तो प्रेमशंकर मिश्र ने एक लाख रुपये लौटा दिए, लेकिन बीएसए और डीसी सिविल ने मना कर दिया।

अदालत में बीएसए व समन्वयक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कंपनी ने टेंडर में फर्जी दस्तावेज लगाए। अनुभव प्रमाणपत्र में दर्शाई गई राशि 5.91 करोड़ के बजाय 9.86 लाख थी। इसी तरह कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में टर्नओवर 19.54 करोड़ दिखाया। असल टर्नओवर 14.54 करोड़ रहा। इन अनियमितता के कारण फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विपिन कुमार तृतीय ने माना कि आवेदक के आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं।

अदालत ने 31 अक्तूबर 2025 को आदेश पारित करते हुए कोतवाली नगर गोंडा के प्रभारी निरीक्षक को तीनों अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। 


फर्नीचर आपूर्ति के लिए कंपनी ने जो दस्तावेज लगाए थे, वे फर्जी थे। इसलिए टेंडर निरस्त किया था। पेशबंदी में कंपनी के एमडी भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट गए हैं। - अतुल तिवारी, बीएसए-गोंडा

Tuesday, November 8, 2022

किताब वितरण का मुद्दा उठाने वाले शिक्षक का दो माह का वेतन रोकने के बाद अंततः हुआ निलंबन, किताब वितरण में हुई देरी पर भुगतान रोकने की रखी थी मांग

किताब वितरण का मुद्दा उठाने वाले शिक्षक का दो माह का वेतन रोकने के बाद अंततः हुआ निलंबन, किताब वितरण में हुई देरी पर भुगतान रोकने की रखी थी मांग


गोंडा। परिषदीय स्कूलों में किताब वितरण में हुई देरी के मुद्दे को उठाना शिक्षक नेता को भारी पड़ गया। दो माह तक वेतन रोकने के बाद शनिवार को बीएसए ने कार्यों में लापरवाही के आरोप में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह को निलंबित कर दिया है।



बेलसर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में कार्यरत शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीती 19 जुलाई को सीएम योगी से किताब वितरण में हुई देरी में जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर सीएम के विशेष सचिव शशांक त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 


इस पर महानिदेशक विजय किरण आनंद ने बीते पांच सितंबर को शासन को रिपोर्ट दी कि 29 लाख के सापेक्ष 17 लाख 44 हजार किताबें स्कूलों में बांट दी गई हैं। और शेष 20 फीसदी किताब दो दिन के भीतर बांट दी जाएगी। 


शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीएसए की रिपोर्ट को गलत बताया और पुनः 16 अक्टूबर को सीएम को पत्र भेजकर किताब वितरण कराने और देरी के कारण किताब का भुगतान रोकने की मांग की। 

अनूप सिंह ने बताया कि बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने शिकायत को उठा लेने की बात कही और उनकी बात न मानने पर पहले दो माह का वेतन रोका और निलंबित कर दिया है। वेतन रोकने का कारण पूछने पर भी कोई पत्र नहीं दिया गया।


अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भेजी हिंदी माध्यम की किताबें

बेलसर के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में बीते अक्टूबर में हिन्दी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां के बच्चों की पढ़ाई इसी किताब से शुरू हुई। फिर बीते एक नवंबर को अंग्रेजी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां पर कार्यरत प्रधानाध्यापक अनूप सिंह ने दो बीईओ, एबीएसए और महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में हिन्दी माध्यम किताबों से बच्चों को पढ़ाने के लिए मार्गदर्शन मांगा था।


कार्यों में लापरवाही पर शिक्षक को किया निलंबित : बीएसए

बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक अनूप सिंह स्कूल के कार्यों में रूचि न लेकर समूह बनाकर लोगों को सोशल मीडिया पर उकसा रहे थे। में बड़नापुर में अंग्रेजी माध्यम की किताबें 24 सितंबर को भेज दी गईं थी. जिसको शिक्षक ने वापस कर दिया। शासन के कार्यों को न करके पुस्तक न मिलने की अनावश्यक शिकायत कर रहे थे जो कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत था। बीईओ इटियाथोक को जांच अधिकारी बनाया गया है।


Sunday, October 31, 2021

गोण्डा : कोर्ट आर्डर के बाद प्रा0शि0संघ की मांग पर जिलाधिकारी की सहमति अनुसार शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने का आदेश जारी

गोण्डा : कोर्ट आर्डर के बाद प्रा0शि0संघ की मांग पर जिलाधिकारी की सहमति अनुसार शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने का आदेश जारी



Saturday, February 6, 2021

सांसद की शिकायत पर गोंडा बीएसए के खिलाफ स्वेटर खरीद गड़बड़ी में भी जांच शुरू

सांसद की शिकायत पर गोंडा बीएसए के खिलाफ स्वेटर खरीद गड़बड़ी में भी जांच शुरू 
                                                                                         
गोंडा जिले में दो दिनों पहले स्थान्तरित शिक्षकों की रिलीविंग में धन उगाही के मामले में फंसे बीएसए के खिलाफ डीएम ने एक और जांच के आदेश दिए हैं। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह की शिकायत पर यह जांच शुरू की गई है।


आरोप है कि स्वेटर खरीदने में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। वर्तमान में बीएसए के धन उगाही मामले में तीन सदस्यीय कमेटी पहले ही जांच कर रही है। 


शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ डीएम मार्कण्डेय शाही का एक और एक्शन लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में स्वेटर खरीद में बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति द्वारा  गड़बड़ी  किए जाने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम गोंडा राकेश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

Wednesday, February 3, 2021

अंतर जिला तबादलों में धन उगाही का संदेश वायरल होने के बाद महिला खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, बीएसए गोंडा पर भी जांच की आँच

गोण्डा : अंतर्जनपदीय तबादला में धन उगाही के आरोप में खण्ड शिक्षा अधिकारी निलम्बित, देखें।


वाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हुआ था गोंडा की बीईओ का धन उगाही का पर्चा अपर शिक्षा निदेशक ने की कार्रवाई बीएसए ने की पुष्टि । बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से पूर्व रुपये वसूलने के आरोप में वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह को निलंबित कर दिया गया है। बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों का अंतर जनपदीय स्थानांतरण किया था। यहां 1085 अध्यापकों को इसका लाभ मिला है। स्कूल से लेकर ब्लॉक संसाधन केंद्र व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अध्यापकों को कार्यमुक्त आदेश प्राप्त करना था। इसके बाद ही वह स्थानांतरित जिले में कार्यभार ग्रहण कर सकते थे। 


संबंधित अध्यापक शिवशंकर सिंह से अधिकारियों ने बात की। आरोप है कि उन्होंने रुपये वसूलने की बात को सत्य बताया। साथ ही इसमें बीईओ की संलिप्तता की भी पुष्टि की। उक्त कार्य को कर्मचारी नियमावली के विपरीत मानकर खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बीईओ के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नवाबगंज के खंड शिक्षाधिकारी को वजीरगंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

डेढ़ हजार से पांच हजार तक मांगे
वजीरगंज ब्लाक में शिक्षकों से कार्य मुक्ति के नाम पर करीब 48 हजार के वसूली की सूची जारी हुई थी। सूची जारी करने वाले ने लेखाकार पर ही वसूली का आरोप लगाया था। जिसमें 1500 रुपये से पांच हजार रुपये तक वसूले जाने की सूची थी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षकों के अंतर जिला तबादलों में धन उगाही करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने गोंडा जिले की वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ममता सिंह को निलंबित कर दिया है। इस मामले में शिक्षक ने भी बीईओ को धन देना स्वीकार किया है। 


बीएसए की रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक सरिता तिवारी ने बीईओ को निलंबित करते हुए उन्हें निलंबन अवधि में डायट से संबद्ध किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक को रिपोर्ट भेजी कि जिले की वजीरगंज विकासखंड की बीईओ ममता सिंह ने अंतर जिला तबादलों में धन उगाही की है, वीडियो वायरल होने पर शिक्षक शिवशंकर सिंह से बात की गई तो धन उगाही को सही बताया और कहा कि बीईओ के निर्देश पर यह कार्य हुआ है। 




 

Saturday, January 30, 2021

गोण्डा : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

गोण्डा : पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी


Thursday, September 17, 2020

गोण्डा : NIC में थूकने पर 12 BEO फंसे, एक शिक्षाधिकारी की करनी से विभाग हुआ शर्मिंदा, ठोका गया जुर्माना


गोण्डा : NIC में थूकने पर 12 BEO फंसे, एक शिक्षाधिकारी की करनी से विभाग हुआ शर्मिंदा, ठोका गया जुर्माना


गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग मंगलवार को एक खंड शिक्षा अधिकारी की करतूत से शर्मसार हो गया। एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वहां पर पान मसाला खाकर किसी शिक्षा अफसर ने जगह-जगह थूक दिया। एनआईसी के प्रभारी ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने इस तरह की हरकत को गंभीरता से लिया और कार्रवाई के निर्देश बीएसए को दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति ने दुख जताया और कहा कि ऐसी हरकत से वह शर्मिंदा हैं। उन्होंने मीटिंग में आए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।



खंड शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एनआईसी में थी, जहां बीएसए भी मौजूद रहे। एनआईसी के भीतर ही किसी एक खंड शिक्षा अधिकारी ने पान मसाला खाकर थूक दिया, यहीं नही एक गुटखे का रैपर भी पड़ा मिला। ऐसे में माना जा रहा है कि गुटखा खाया और फिर थूका। वैसे तो पान मसाला खाना मना है लेकिन कोविड को देखते हुए थूकने पर ही मनाही है कि यहां वहां कोई न थूके। इसके बावजूद शिक्षा अफसर की ऐसी करतूत शर्मिंदा करने वाली रही। इसके पहले भी एक घटना हो चुकी है। फिलहाल किसी एक के खता की सजा अन्य शिक्षा अफसरों को भी मिली है। सभी पर जुर्माना लगा है और जवाब तलब हुआ है। जिलाधिकारी ने इस मामले में कड़े तेवर अपनाए हैं।


Tuesday, June 9, 2020

असली अनामिका शुक्ला गोंडा में, कोई नौकरी नहीं करनेे का किया दावा, शपथ पत्र देकर लगाया शैक्षिक अभिलेखों के दुरूपयोग का आरोप

असली अनामिका शुक्ला गोंडा में, कोई नौकरी नहीं करनेे का किया दावा, शपथ पत्र देकर लगाया शैक्षिक अभिलेखों के दुरूपयोग का आरोप

सामने आई असली अनामिका शुक्ला,  आज भी बेरोजगार, गोण्डा में बीएसए दफ्तर पहुंचकर खुद दिया शपथपत्र



अनामिका शुक्ला। जिसके नाम पर प्रदेश के कई जिलों में दूसरी अनामिकाएं नौकरी कर रही थीं वह आज भी बेरोजगार है। यह खुलासा खुद असली अनामिका ने मंगलवार को गोण्डा के बीएसए के समक्ष शपथपत्र दायर कर किया है।


अनामिका का कहना है कि उसने नौकरी के लिए 2017 में आवेदन जरूर किया था पर व्यक्तिगत परेशानी के कारण उसने कहीं योगदान नहीं दिया। बीएसए के सामने पेश हुई अनामिका ने कहा कि इस मामले में पकड़ी गई युवती ने उसके शैक्षिक अभिलेखों का गलत इस्तेमाल किया और अलग-अलग जगहों पर नौकरी हासिल कर ली। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद बीएसए ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है।


बीएसए ने बताया कि अनामिका शुक्ला की ओर से शपथ दिया गया है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों का फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया। उसने लिखा है कि मीडिया में मामला देखा तो सच्चाई बताने लिए यहां आई। उसने आशंका जताई है कि इसके पीछे एक बड़ा रैकेट हो सकता है।


सूबे में 25 जिलों में एक साथ नौकरी करने के मामले में सुर्खियों में आई अनामिका और कई नाम वाली युवती के मामले में मंगलवार को यहां बड़ा खुलासा हुआ है। जिसकी डिग्री पर एक दो नहीं बल्कि एक साथ कई लड़कियां नौकरी कर रही हैं। वह अनामिका शुक्ला कोई नौकरी नहीं करती है। बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति के समक्ष पेश होकर मंगलवार को असली अनामिका शुक्ला ने पेश होकर इस बात का शपथ पत्र दिया है। उसने कहा कि उसने वर्ष 2017 में नौकरी के लिए आवेदन जरूर किया था मगर उसका बच्चा छोटा होने की वजह से उसने नौकरी ज्वाइन ही नहीं की थी। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद बीएसए ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है।  


बीएसए ने बताया कि अनामिका शुक्ला की ओर से इस आशय का शपथ दिया गया है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों को फर्जी ढंग से इस्तेमाल किया गया। उसने शपथ पत्र में लिखा है कि मीडिया में मामला देखा तो मंगलवार को सच्चाई अवगत कराने के लिए यहां आई। बीएसए के सामने पेश हुई महिला ने कहा है कि उसके शैक्षिक अभिलेखों का गलत इस्तेमाल कर इस मामले में पकड़ी गई युवती ने अलग-अलग जगहों पर नौकरी हथियाने का काम किया है। उसने आशंका जताई है कि इसके पीछे एक बड़ा रैकेट हो सकता है। 


 अच्छा रहा इस अनामिका का एकाडेमिक रिकार्ड : अनामिका ने वर्ष 2007 में हाई स्कूल की परीक्षा कस्तूरबा बालिका इण्टर कॉलेज से पास की थी। जिसमें उसने 80.16 फीसदी अंक मिले थे। इण्टरमीडिएट की परीक्षा उसने वर्ष 2009 में पास बेनी माधव जंग बहादुर इण्टरकॉलेज से किया था जिसमें उसे 78.6 फीसदी अंक अर्जित हुए। स्नातक की परीक्षा उसने रघुकुल महिला विद्यापीठ से  2012 में किया जिसमें उसे 55.61 फीसदी अंक अर्जित हुए। उसने आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जियापुर टांडा अम्बेडकर नगर से वर्ष 2014 में किया। जिसमें उसे 76.5 प्रतिशत अंक मिले। टीईटी की परीक्षा उसने 2015 में दी जिसमें वो 60 फीसदी अंको से पास हुई थी। 


गांव वाले देने लगे हैं ताने : अनामिका ने बीएसए  को बताया कि उसके एकाडेमिक रिकार्ड के चोरी कर कई जगह नौकरी करने के मामले के प्रकाश में आने के बाद गांव वाले उसे ताने देने लगे थे। इसी के चलते उसे मंगलवार को शपथ पत्र देना पड़ा। 
अनामिका के पिता सुभाष चन्द्र शुक्ला रेलवे में नौकरी करते थे। इस वजह से रेलवे कालोनी में बने कस्तूरआ बालिका इण्टर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। बीएड करने के बाद अनामिका की शादी मुजेहना ब्लॉक के कमड़ावा गांव निवासी दुर्गेश कुमार शुक्ल से हो गई। उसके परिवार में न वह, न पति और न ही ससुर किसी सरकारी सेवा में हैं। 


कस्तूरबा स्कूल के लिए आवेदन करना पड़ा भारी : अनामिका ने बताया कि उसने 2017 में साइंस टीचर के लिए सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर व लखनऊ जिले के लिए आवेदन किया था। बच्चा छोटा होने की वजह से किसी भी जिले के काउंसलिंग में भाग लेने नहीं गई। 


डिग्री का बेजा इस्तेमाल करने वालों पर केस दर्ज करने की तहरीर दी : अनामिका ने अपने शैक्षिक अभिलेख का फर्जी दुरुपयोग कर नौकरी हथियाने वालों पर केस चलाए जाने की तहरीर नगर कोतवाली में दी है।  कोतवाल ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद रिपोर्ट दर्ज कर कर्रवाई की जाएगी। 
 
अनामिका शुक्ला कार्यालय में मंगलवार को पेश हुई है उसने अपने शैक्षिक अभिलेखों का दुरूपयोग किए जाने व खुद अभी तक कोई नौकरी नहीं किए जाने का शपथ पत्र दिया है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करा दिया गया है।  - डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी