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Sunday, August 22, 2117

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    Friday, October 20, 2017

    इलाहाबाद : प्राइमरी स्कूल के बच्चे निकाल रहे अखबार 'चहक', 7 सितंबर से 2 अक्टूबर तक की गतिविधियों पर निकला पाक्षिक अखबार का पहला अंक

    जैतवारडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने कक्षा में किया अपने पाक्षिक अखबार ‘चहक’ का प्रचार। ’ हिन्दुस्तान

    इलाहाबाद वरिष्ठ संवाददातासरकारी प्राथमिक स्कूल के बच्चों ने पाक्षिक अखबार ‘चहक’ निकालना शुरू किया है। 17 सितंबर से दो अक्तूबर तक के पखवारे का पहला अंक प्राथमिक विद्यालय जैतवारडीह सोरांव के छात्र-छात्रओं की सृजनशीलता और शिक्षकों के बेहतरीन प्रयास का शानदार नमूना है। पाक्षिक अखबार के पहले अंक में दशहरा, स्वच्छता पखवाड़ा और गांधी व शास्त्री जयंती से जुड़े समाचारों को पेंटिंग के साथ निकाला गया है। इस स्कूल में कक्षा एक से पांच तक के 269 बच्चे और एक प्रधानाध्यापिका व पांच सहायक अध्यापिका हैं। स्कूल की सहायक अध्यापिका श्वेता श्रीवास्तव ने जुलाई से दैनिक अखबार निकालना शुरू किया था। दैनिक बाल अखबार समिति की अध्यक्ष कक्षा पांच की छात्र शालिनी जायसवाल है। शालिनी दूसरे बच्चों के सहयोग से एक कॉपी पर दिनभर की रिपोर्टिंग लिखती है। जैसे स्कूल में कितने बच्चे व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं, मिड-डे-मील में क्या बना, अगर किसी बच्चे को चोट लगी, किसी बच्चे ने नल खोलकर छोड़ दिया या किसी बच्चे ने पत्ती-फूल तोड़ा तो वह खबर बनेगी। इसका संपादन एक अन्य सहायक अध्यापिका अर्चना गुप्ता करती हैं। स्कूल की छुट्टी होने से पहले बच्चों की लाइन लगाई जाती है और शालिनी दिनभर की गतिविधियां पढ़कर सुनाती है। किसी बच्चे ने बदमाशी की है तो वही सबके सामने डांट भी पड़ती है। इसके माध्यम से बच्चों को अनुशासन की सीख भी दी जा रही है।

    "7 सितंबर से दो अक्तूबर तक की गतिविधियों पर पहली बार बच्चों को प्रेरित कर पाक्षिक अखबार चहक निकाला गया है। अगला अंक दीपावली पर केंद्रित होगा। इसमें कविता, चुटकुले, छोटी कहानियां भी होंगी।
    -श्वेता श्रीवास्तव, सहायक अध्यापिका प्राथमिक विद्यालय जैतवारडीह"

    प्रदेश के स्कूलों में स्वच्छता के लिए चलेगा अभियान, पर्यावरण शिक्षण केन्द्र (सीईई) को सौंपी गयी कमान

    प्रदेश के स्कूलों में स्वच्छता के लिए चलेगा अभियान, पर्यावरण शिक्षण केन्द्र (सीईई) को सौंपी गयी कमान

    पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अटेवा की बड़े आंदोलन की तैयारी, केन्द्र व प्रदेश सरकार लाखों शिक्षक एवं कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने को अभी तैयार नहीं

    पुरानी पेंशन की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी
    इलाहाबाद। अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिप्रकाश यादव ने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार लाखों शिक्षक एवं कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने को अभी तैयार नहीं है।इससे शिक्षक-कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं केन्द्र सरकार के द्वारा मामले को गंभीरता से न लिये जाने पर शिक्षक एवं कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।ऐसे में व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति तय की जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी विभागों में ताले लगाकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे है।इससे प्रदेश एवं केन्द्र सरकार भी हिल जायेगी।कहा कि हो सकता हैकि आजादी के बाद से शिक्षक एवं कर्मचारियों का यह पहला विशाल आंदोलन होगा जिसमें लोग अपने हक के लिए कार्यालयों में तालाबंदी करके सड़क पर उतरने जा रहे है।वरिष्ठ शिक्षक नेता डा.शैलेश कुमार पाण्डेय ने भी अटेवा द्वारा चलाये जा रहे पुरानी पेंशन के मामले को समर्थन दिया है।कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षक सभी अटेवा के साथ है।

    महराजगंज : जनपद में आयोजित होने वाली क्रीडा प्रतियोगिताओं की तैयारी के सम्बन्ध में 24 अक्टूबर के प्रस्तावित बैठक में उपस्थित होने तथा अमूल्य सुझाव देने के सम्बन्ध में बीएसए ने जारी किया पत्र

    महराजगंज : बीएसए ने जनपद में आयोजित होने वाली क्रीडा प्रतियोगिताओं की तैयारी के सम्बन्ध में 24 अक्टूबर के प्रस्तावित बैठक में उपस्थित होने तथा अमूल्य सुझाव देने के सम्बन्ध में जारी किया पत्र।

    यूपी लोक सेवा आयोग को फ़ोन जैमर से लैस करने की तैयारी, परीक्षा और साक्षात्कार के समय संचार सेवा को ठप रखने की तैयारी

    यूपी लोक सेवा आयोग को फ़ोन जैमर से लैस करने की तैयारी, परीक्षा और साक्षात्कार के समय संचार सेवा को ठप रखने की तैयारी।


    परीक्षा केंद्र की ग्रेडिंग के नाम पर शुरू हो गयी धनउगाही, स्कूल प्रबंधकों का आरोप मेरिट के नाम पर पैसे वसूल रहे अफसर

    परीक्षा केंद्र की ग्रेडिंग के नाम पर शुरू हो गयी धनउगाही, स्कूल प्रबंधकों का आरोप मेरिट के नाम पर पैसे वसूल रहे अफसर।


    फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 16 शिक्षक हुए बर्खास्त, 15 हजार भर्ती में मध्यप्रदेश मुक्त स्कूल की लगाई थी फर्जी डिग्री

    फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 16 शिक्षक हुए बर्खास्त, 15 हजार भर्ती में मध्यप्रदेश मुक्त स्कूल की लगाई थी फर्जी डिग्री।


    महराजगंज : सिस्टम की चूक से सीटें रिक्त होते हुए भी बाहरी जिलों में प्रवेश को बाध्य हुए डीएलएड अभ्यर्थी, भविष्य में शिक्षक पद के आवेदन में भी नहीं मिलेगा जिले की वरीयता का लाभ

    महराजगंज : सिस्टम की चूक से जिले में सीटें रिक्त होते हुए भी बाहरी जिलों में प्रवेश को बाध्य हुए डीएलएड अभ्यर्थी, भविष्य में शिक्षक पद के आवेदन में भी नहीं मिलेगा जिले की वरीयता का लाभ।

    सीबीएसई स्कूलों के नजदीक फास्टफूड पर लगी पाबंदी, स्कूल कैंपस के 200 मीटर के दायरे तक किसी तरह के फास्ट फूड की दुकानें नहीं लगाने का भी निर्देश

    रांची : स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। बच्चे स्वस्थ व तंदुरुस्त रहेंगे, तो पढ़ाई में अधिक मन लगाएंगे। इसी बात का ध्यान रखते हुए सीबीएसई ने सभी स्कूलों से कैंपस के भीतर कैंटीन में फास्ट फूड उपलब्ध नहीं कराने का निर्देश दिया है। स्कूल कैंपस के 200 मीटर के दायरे तक किसी तरह के फास्ट फूड की दुकानें नहीं लगाने का भी निर्देश दिया गया है।

    सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर स्कूल कैंटीन में चिप्स, कोल्ड डिंक्स, नूडल्स, पिज्जा, बर्गर, चॉकलेट, कैंडी जैसी चीजें उपलब्ध नहीं कराने का निर्देश दिया है। रांची के डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि आज लोग पौष्टिक आहार कम और फास्ट फूड या जंक फूड अधिक खा रहे हैं। जंक फूड हमारी जिंदगी को कितना नुकसान पहुंचा सकता है, इसका अंदाजा बच्चों को नहीं है। इसलिए अभिभावकों को इसे ओर ध्यान देना चाहिए। अधिक फास्ट फूड के सेवन से बच्चे थका हुआ महसूस करते हैं। आवश्यक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, काबरेहाइड्रेट की कमी की वजह से फास्ट फूड ऊर्जा के स्तर को कम कर देता है। ऐसे में फास्ट फूड को नजरंदाज करें तो ज्यादा अच्छा होगा।

    आंगनबाड़ी केंद्रों में कैसे सीखें नौनिहाल? प्री-स्कूल किट पर विभाग के निर्णय की वजह से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व सिखाने का काम ठप

    लखनऊ : आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-स्कूल किट न होने के कारण यहां आने वाले बच्चे स्कूल से पहले की शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं। प्री-स्कूल किट पर विभाग पांच महीने में भी कोई निर्णय नहीं ले सका। इस वजह से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने व सिखाने का काम ठप पड़ा है।

    दरअसल, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को स्कूली शिक्षा से पहले रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है। इसके लिए प्री-स्कूल किट का सहारा लिया जाता है। इस किट की सप्लाई के लिए टेंडर अखिलेश यादव सरकार के समय आमंत्रित किए गए थे, लेकिन जब प्रदेश में सरकार बदली तो इसकी जांच की गई। जांच में पता चला कि प्री-स्कूल किट व मेडिसिन किट सप्लाई का टेंडर एक ही कंपनी को दे दिया गया है।

    बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार की सचिव अनीता सी मेश्रम ने जब इस मामले की जांच डीएम से करवाई तो कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसी को आधार बनाते हुए मई 2017 में यह टेंडर सरकार ने निरस्त कर दिए थे। इसके बाद इसके टेंडर नए सिरे से होने थे, लेकिन पांच महीने बीतने के बाद अभी भी विभाग इसकी शर्ते तय नहीं कर पाया। इसका नतीजा यह हो रहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए किट ही नहीं है।

    विभागीय सूत्रों का कहना है कि टेंडर आमंत्रित होने व उसे स्वीकृत होने के बाद भी किट आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने में तीन से चार महीने का समय लगना तय है। ऐसे में अभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को प्री-स्कूल किट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

    Thursday, October 19, 2017

    सम्भल : उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ ने दीपावली न मनाने का किया एलान, इस बार दीपावली नही मनाएंगे 1800 शिक्षामित्र


    सम्भल : उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ ने दीपावली न मनाने का किया एलान,  इस बार दीपावली नही मनाएंगे 1800 शिक्षामित्र

    यूपी बोर्ड : अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की निगरानी में होगी परीक्षा, छात्राओं की स्वकेंद्र रहेगी व्यवस्था


    अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की निगरानी में होगी परीक्षा, छात्राओं की स्वकेंद्र रहेगी व्यवस्था

    समायोजन निरस्त होने पर अच्छे वकीलों के साथ पायेंगे न्याय, शिक्षामित्र निराश न हो, जीत तक होगी जंग : प्रदेश अध्यक्ष गाजी

    सगड़ी तहसील के लाटघाट बाजार में प्रदेश  ने की वार्ता

    संगठन पूरी ताकत के साथ सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका की लड़ाई को लड़ेगा। शिक्षामित्र निराशन न हो क्योंकि पूरी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट शिक्षामित्रों को न्याय अवश्य देगा। जो भी आरोप शिक्षामित्र के समायोजन पर लगाया गया था। संगठन लिखित सबमिशन दाखिल किया था और एविडेंस भी दिया गया था। यदि समायोजन निरस्त हुआ तो कोर्ट के सामने पूरे देश के अच्छे वकीलों को लेकर न्याय पाने की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ा जायेगा। उक्त बातें उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाम आला ने गोरखपुर से आजमगढ़ जाते समय लाटघाट बाजार में कहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में एनसीटीई ने शिक्षामित्रों को अंतिम टीचर मानते हुए दो वर्ष का सेवारत बीटीसी प्रशिक्षण कराने की अनुमति दी। सेवारत बीटीसी प्रशिक्षण उसी का होता है, जो पहले से शिक्षक पद पर कार्यरत हो। जब एनसीटीई ने अनट्रेंड टीचर मान लिया, तब उसी आधार पर बीटीसी प्रशिक्षण हुआ। वर्ष 2010 में आरटीई एक्ट बनाकर टीईटी थोपना, सरासर अन्याय है। इस पर केन्द्र सरकार को उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों पर विचार करना चाहिए। इस संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रलय व प्रधानमंत्री तक शिक्षामित्र अपनी बातों को पहुंचा चुके हैं। शिक्षा मित्र 2001 से प्राथमिक शिक्षण व्यवस्था में शिक्षण कार्य कर रहे है। 17 वर्ष बाद इन पर जबरदस्ती टीईटी लगाना गलत है। जबकि प्रदेश सरकार को शिक्षा मित्रों की समस्याओं को संज्ञान लेते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल करना चाहिए। इसकी मांग शिक्षामित्र कर रहा है। इस अवसर पर संजय यादव, मोतीलाल कन्नौजिया, दिनेश नायक, अजीत राय, दिनेश कुमार पांडे, सुनीता सिंह, अनीता देवी, ¨पटू राय आदि थे।

    लखनऊ : स्कूलों का अधूरा निर्माण करा शिक्षक ने लाखों हड़पे, बीएसए ने करायी एफआईआर दर्ज

    प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी व शौचालय निर्माण के लिये 76 लाख रुपये शिक्षा विभाग ने जारी किये थे। निर्माण कार्य का जिम्मा भवन प्रभारी को सौंपा गया था। पर, अधिकतर जगह पर चारदीवार व शौचालय का अधूरा काम हुआ। वहीं कुछ जगह पर तो काम की शुरूआत ही नहीं हुई। इस बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय में हुये काम की समीक्षा की तो सरकारी धन के दुरूपयोग का मामला उजागर हुआ। जिसकी जांच के बाद बीएसए प्रवीण मणि त्रिपाठी ने वजीरगंज कोतवाली में भवन प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। गंगादीनखेड़ा विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक सतीश द्विवेदी के पास भवन प्रभारी का भी चार्ज था। वर्ष 2005 से 2012 के बीच सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों की चारदीवारी, कमरों व शौचालय का निर्माण होना था। इसके लिये अलग-अलग समय पर धनराशि स्वीकृत की गई थी। वर्ष 2014 में प्रवीण मणि त्रिपाठी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का पद संभाला। जिसके बाद विभाग की बैठक बुलाई। इसी दौरान प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में हुये फर्जीवाडे का खुलाया हुआ।जांच में साबित हुआ आरोप: सहायक अध्यापक सतीश द्विवेदी के खिलाफ विभागीय जांच के लिये उपबेसिक शिक्षा अधिकारी नीरा त्रिवेदी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। जिसमें खंड अधिकारी शिवनंदन सिंह, सहायक वित्त लेखाधिकारी सतीश वर्मा और जिला समन्वयक (निर्माण) सुमित वर्मा शामिल थे। जांच कमेटी ने एक महीने बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की। कमेटी ने सतीश द्विवेदी पर लगे आरोप को सही पाया। 19 दिसंबर 2014 को सहायक अध्यापक सतीश द्विवेदी को निलम्बित किया गया था। सतीश से उन पर लगे आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा था। पर, उन्होंने पत्र का जवाब नहीं दिया। इन स्कूलों में होना था निर्माण:प्राथमिक विद्यालय प्रेमवती नगर, कनौसी, बेहसा, घोसियाना, मिर्जापुर, गंगादीनखेड़ा, मर्दनखेड़ा, बरीकलां, शंकरपुरवा,बल्दीखेड़ा, अम्बेडकरनगर, पंडितखेड़ा, गहरू, अमौसी व हराईनखेड़ा में चारदीवारी, अतिरिक्त कक्ष व शौचालय का निर्माण होना था।

    पूर्वाचल में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है यह पर्व, छठ पूजा की छुट्टी बहाल करने की मांग

    जवाहर भवन-इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ की आपात बैठक बुधवार को हुई। इसमें अध्यक्ष सतीश कुमार पांडेय और महामंत्री सुशील कुमार बच्चा ने कहा कि राज्य सरकार छठ पूजा की छुट्टी बहाल करे।

    पूर्वाचल में यह पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है और लखनऊ में बड़ी संख्या में पूर्वाचल के लोग रहते हैं। महिलाएं बिना अन्न व जल ग्रहण किए व्रत रहती है। इसलिए इस दिन छुट्टी की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने छठ पूजा के दिन घाटों पर विशेष व्यवस्था करने की मांग की महासंघ की मांग पर ही पूर्ववर्ती सरकार ने यह छुट्टी घोषित की थी। ऐसे में सरकार इस छुट्टी को फिर से बहाल करे।

    CBSE: अब एक महीने में खत्म होंगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा प्रस्ताव


    अधिकारियों के मुताबकि छह से सात घंटे में 25 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांची जाती हैं, जबकि करीब 27 लाख परीक्षार्थी एग्जाम में शामिल होने हैं।• एनबीटी, लखनऊ: अब सीबीएसई स्कूलों के स्टूडेंट्स को देश की संस्कृतियों से रुबरू करवाया जाएगा। इसके लिए सांस्कृतिक दिवस पर 31 अक्टूबर को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’(ईबी-एसबी) स्लोगन के तहत सीबीएसई अपने स्कूलों में मुहिम चलाएगा। इसके तहत साल भर तक स्कूलों में कार्यक्रम करवाए जाएंगे और स्टूडेंट्स को भाषा, इतिहास, संगीत, पर्यटन, नाटक और खान-पान से जुड़ी चीजों की जानकारी दी जाएगी। 

    वहीं स्कूलों से कहा गया है कि इस मुहिम को शैक्षणिक कार्यक्रम, स्कूल वार्षिक दिवस, गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कर सकते हैं। सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि ईबी-एसबी के तहत किए गए कार्यक्रम सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाएं। यही नहीं, ईबी एसबी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी शेयर करें।

    • एनबीटी, लखनऊ: सीबीएसई में 10वीं और 12वीं की दो महीने तक चलने वाली परीक्षाएं अब एक महीने में खत्म होंगी। बोर्ड ने फैसला किया है कि वर्ष 2018 की परीक्षाएं एक के बजाए दो पाली में कराई जाएं। महज एक पाली में परीक्षाएं होने के चलते लंबे समय तक एग्जाम चलते थे। बोर्ड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है जो मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।

    फंस जाता है मूल्यांकन

    सीबीएसई खुद मानती है कि परीक्षा में इतना ज्यादा समय लगने की वजह से लाखों छात्रों की कॉपी जांचने में समय लगता है। मूल्यांकन के लिए न तो समय मिल पाता है और न ही शिक्षक। मई में शिक्षक छुट्टियों पर चले जाते हैं और कॉपी जांचने का काम लेट होता है। वहीं सीबीएसई अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस बार से फरवरी में परीक्षा कराने का प्लान लागू नहीं होगा, बल्कि मार्च में ही परीक्षा कराई जाएंगी। हालांकि, परीक्षा एक के बजाए दो शिफ्ट में कराने का प्रस्ताव है।

    नहीं छूटेंगी प्रतियोगी परीक्षाएं

    बोर्ड के इस फैसले के बाद छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए रिजल्ट का इंतजार नहीं
    सांस्कृतिक विरासत से 

    रुबरू होंगे स्टूडेंट्स

    महराजगंज : उ०प्र० माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष ने शिक्षामित्रों तथा अन्य शिक्षाकर्मियों के साथ उनके हितों की अनदेखी होने का आरोप लगाते हुए 21 नवम्बर को संघ के प्रस्तावित आंदोलन में सबके सहयोग का किया आह्वान

    महराजगंज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि यह दीपावली शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए अंधेरों से भरी हुई है। एक लाख 40 हजार शिक्षामित्रों के पेट पर लात मारने का कार्य किया गया है वहीं शिक्षाकर्मियों के हितों की भी निरंतर अनदेखी हो रही है। शिक्षकों व कर्मचारियों की समस्या को लेकर संघ द्वारा 21 नवंबर को बड़ा आंदोलन प्रस्तावित है। सभी शिक्षक व कर्मचारी इसमें बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग करें।


    हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण प्रक्रिया हुई तेज, परीक्षा केंद्र तय करने के लिए विद्यालयों को दिए जाएंगे अंक


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    नेट के लिए ई प्रवेश पत्र जारी, हेल्पलाइन भी जारी


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