DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, August 22, 2119

अब तक की सभी खबरें एक साथ एक जगह : प्राइमरी का मास्टर ● इन के साथ सभी जनपद स्तरीय अपडेट्स पढ़ें



स्क्रॉल करते जाएं और पढ़ते जाएं सभी खबरें एक ही जगह। जिस खबर को आप पूरा पढ़ना चाहें उसे क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

    Saturday, October 20, 2018

    कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच उ0प्र0 ने पुरानी पेंशन हेतु महाहड़ताल के सम्बन्ध में जनपदीय कार्यकारणी को जारी किया विस्तृत दिशा-निर्देश, देखें


    कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच उ0प्र0 ने पुरानी पेंशन हेतु महाहड़ताल के सम्बन्ध में जनपदीय कार्यकारणी को जारी किया विस्तृत दिशा-निर्देश 

    देशभर के स्कूलों-कॉलेजों में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के जन्मदिन पर मनेगा राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की दिलाई जाएगी शपथ

    देशभर के स्कूलों-कॉलेजों में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के जन्मदिन पर मनेगा राष्ट्रीय एकता दिवस, बच्चों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा की दिलाई जाएगी शपथ।

    सरकारी पुस्तकों का संकट निजी की भेज दी खेप, षड़यंत्र के तहत प्रकाशकों ने बाजार में जमाया अपना कब्जा

    सरकारी पुस्तकों का संकट निजी की भेज दी खेप

    जागरण संवाददाता, लखनऊ : यूपी बोर्ड में पहली बार लागू हुआ एनसीईआरटी पाठ्यक्रम षडयंत्र का शिकार हो गया है। जिम्मेदार प्रकाशकों ने जहां सस्ती सरकारी पुस्तकों की बाजार में आवक बेपटरी रखी, वहीं बैकडोर से परिजनों के नाम से दर्ज फर्म से महंगी गाइड व पुस्तकों की खेप भेज दी। ऐसे में विकल्प न होने पर छात्र मनमानी कीमत पर कोर्स खरीदने को मजबूर हुए। साथ ही मोटे मुनाफे के चलते दुकानदारों ने भी धड़ल्ले से बिक्री की। यह सब जानते हुए भी अफसर आंख मूंदे रहे।

    माध्यमिक शिक्षा संयुक्त निदेशक मंडल षष्ठ सुरेंद्र तिवारी, डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार व विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बुधवार को छापामारी कर पुस्तकों के सैंपल जब्त किए। वहीं रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी। रिपोर्ट के मुताबिक थोक पुस्तक विक्रेता शीतला बुक डिपो और पुस्तक वाटिका में सरकारी पुस्तकों का संकट मिला, वहीं निजी पुस्तकों और गाइडों की भरमार। यही नहीं कई निजी किताबों की कवर डिजाइन बिल्कुल सरकारी जैसी है।

    सरकारी की डिमांड पर होती है छपाई : निजी किताबों की बाजार में भरमार देख अधिकारी भी भौंचक्क रह गए। उन्होंने विक्रेताओं से पूछा कि सरकारी किताब क्यों नहीं हैं। ऐसे में विक्रेता बोले कि सरकारी किताबों की छपाई डिमांड भेजने पर ही होगी।

    प्रकाशक ने कहा, मैं नहीं, परिवार के सदस्य छापते हैं : दरअसल, छापामारी में सरकारी डिजाइन कॉपी कर छापी गई निजी किताब पर राजीव लिखा है। वहीं अधिकारियों ने भी संबंधित प्रकाशक का सरकार के साथ करार होने का दवा किया। ऐसे में मामला तूल पकड़ने पर राजीव प्रकाशन के मालिक का दावा करने वाले राजीव रंजन अग्रवाल ने कहा कि राजीव प्रकाशन सिर्फ सरकारी किताब छापता है। वहीं परिवार के अन्य सदस्यों ने ‘राजीव’ नाम का टेड मार्क ले रखा है। ऐसे में उनकी भी किताबों पर राजीव नाम लिखा है। मेरे पास ट्रेड मार्क न होने से उन्हें लिखने से मना भी नहीं कर सकता हूं। हालांकि उनकी कंपनी का नाम ग्रीन वल्र्ड इंडिया पब्लिकेशन है। वहीं कवर की डिजाइन हमारी है, वह सरकारी नहीं है। इसलिए वह भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

    प्रकाशक को भेजेंगे नोटिस : माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा कि रिपोर्ट मिल गई है। प्रकाशक को नोटिस जारी की जाएगी। सरकारी किताबों के कवर की डिजाइन निजी पुस्तकों से मेल खाती है, इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    >>अधिकारियों ने शासन को भेजी रिपोर्ट, परिजनों के नाम बनी फर्मो के जरिए खेल

    विज्ञान के लिए अब हर जिले को 94 हजार रुपये, बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर पहल, तीन स्तरों पर लगेगी प्रदर्शनी

    विज्ञान के लिए अब हर जिले को 94 हजार

    जागरण संवाददाता, लखनऊ : सरकार ने बच्चों में विज्ञान की ललक जगाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया। ऐसे में समग्र शिक्षा अभियान के तहत पहली बार विज्ञान प्रदर्शनी के लिए हर जनपद को 94 हजार रुपये जारी हुए है।

    दरअसल, हाल में ही राजधानी में इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का आयोजन किया गया था। इसमें विभिन्न गांवों के पांच हजार के करीब बच्चे शामिल हुए थे। वहीं बच्चों में विज्ञान की सोच को विस्तार देने के लिए अब जनपद स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार के मुताबिक पहली बार विज्ञान प्रदर्शनी के लिए सरकार ने बजट जारी किया है। इसके लिए हर जनपद को 94 हजार रुपये मिलेंगे। प्रदर्शनी में सरकारी, सहायता प्राप्त व वित्तविहीन स्कूल के बच्चे भाग ले सकेंगे। वहीं मॉडल तय करने के लिए स्कूल विज्ञान प्रगति अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    प्रदर्शनी का उद्देश्य : ल्लछात्रों को विज्ञान, गणित व प्रौद्योगिकी में नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना।

    ल्लवैज्ञानिक चेतना विकसित कर प्रतिभा का गर्वबोध कराना।

    ल्लआसपास की समस्या को सुलझाने वाली तकनीक को विकसित करने पर जोर देना। ल्लसाधारण उपकरणों के माध्यम से मॉडल्स को तैयार करने के लिए प्रेरित करना।

    तीन स्तर पर होगी प्रदर्शनी

    ल्लविद्यालय स्तर : 25 अक्टूबर से 6 नवंबर तक। ल्लजनपद स्तर : 12 से 14 नवंबर तक। ल्लराज्य स्तर : दिसंबर में होगी प्रदर्शनी, तिथि तय नहीं।

    >>बच्चों में विज्ञान की रुचि बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर पहल

    >>तीन स्तरों पर लगेगी प्रदर्शनी, बेहतर मॉडल होंगे पुरस्कृत

    Friday, October 19, 2018

    प्रतापगढ़ : गैर ब्लाकों के बीईओ करेंगे एमडीएम की जांच, लापरवाही मिलने पर होगी कार्यवाई - बीएसए

    गैर ब्लाकों के बीईओ करेंगे जांच



    बीएसए ने कहा-लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई

    बच्चों का निवाला

    जागरण प्रभाव


    संसू, प्रतापगढ़ : जिले के माध्यमिक विद्यालयों की जूनियर कक्षाओं के बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की पड़ताल गैर ब्लाकों के बीईओ करेंगे। उनकी रिपोर्ट में यदि किसी ब्लाक के बीईओ की लापरवाही मिलती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने इसका निर्देश जारी कर दिया है। प्राइमरी जूनियर के अलावा आठ राजकीय एवं 78 माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को भोजन देने के प्रावधान है। इन विद्यालयों में कुल 24259 बच्चे मध्याह्न भोजन योजना में पंजीकृत हैं। इनमें से 15388 बच्चों की औसत उपस्थिति प्रतिदिन रहती है। सप्ताह में बुधवार को प्रत्येक बच्चे को .150 लीटर दूध वितरित करने का निर्देश है। पिछले कई दिनों से दैनिक जागरण ने राजकीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन व दूध वितरण को लेकर अभियान चला रखा है। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सप्ताह में प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दिया जाने वाले दूध का वितरण शहर सहित अंचल के अधिकांश स्कूलों में बंद हो गया है। इसके साथ ही बच्चों को फल एवं भोजन देने के गुणवत्ता में भी कमी आई है। 1 कोहंडौर क्षेत्र के तो एक विद्यालय में पांच साल से एमडीएम न बनना पाया गया। इन सब खबरों को संज्ञान में लेते हुए बीएसए ने गैर ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों से माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले एमडीएम की पड़ताल कराने का निर्देश दिया है।मध्याह्न भोजन की जांच गैर ब्लाकों कें खंड शिक्षा अधिकारियों से कराई जाएगी। प्रत्येक बुधवार को मध्याह्न भोजन योजना में बच्चों को दूध वितरित कराने के साथ ही गुणवत्ता पूर्ण मेन्यू के अनुसार भोजन वितरण की व्यवस्था कराई जाएगी। 1अशोक कुमार सिंह, बीएसए

    फतेहपुर : स्कूलों को मिलेगी कंपोजिट ग्रांट, समग्र शिक्षा अभियान की सलाना कार्ययोजना, जिले को 8.72 करोड रुपये अवमुक्त

    फतेहपुर : स्कूलों को मिलेगी कंपोजिट ग्रांट, समग्र शिक्षा अभियान की सलाना कार्ययोजना, जिले को 8.72 करोड रुपये अवमुक्त।


    अभ्यर्थी अधिक होने और मानक कठोर होने से अभी तक टीईटी के केंद्र अभी तक तय नहीं हो पाए, कामकाज प्रभावित न हो इसलिए छावनी बना परीक्षा नियामक कार्यालय

    अभ्यर्थी अधिक होने और मानक कठोर होने से अभी तक टीईटी के केंद्र अभी तक तय नहीं हो पाए, कामकाज प्रभावित न हो इसलिए छावनी बना परीक्षा नियामक कार्यालय। 


    फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में परीक्षा की तैयारी शुरू, कर्मचारियों की 25 अक्टूबर से हड़ताल, 26 अक्टूबर से परीक्षा कार्यक्रम, असमंजस की स्थिति

    फतेहपुर : परिषदीय स्कूलों में परीक्षा की तैयारी शुरू, कर्मचारियों की 25 अक्टूबर से हड़ताल, 26 अक्टूबर से परीक्षा कार्यक्रम, असमंजस की स्थिति ।

    सीबीएसई : पढ़ाई की गुणवत्ता पर नए स्कूलों को मिलेगी मान्यता, स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने में जुटी सरकार

    पढ़ाई की गुणवत्ता पर नए स्कूलों को मिलेगी मान्यता

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने में जुटी सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के मान्यता देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत सीबीएसई अब किसी भी नए स्कूल को मान्यता उसकी पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता (लर्निग आउटकम) के आधार पर देगी। वहीं स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को जांचने का जिम्मा राज्यों के ऊपर छोड़ दिया गया है। इसके लिए स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा।

    केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई स्कूलों के मान्यता देने के सालों पुराने नियमों में बदलाव की जानकारी दी। साथ ही बताया कि अभी तक स्कूलों के मान्यता देने की प्रक्रिया के तहत सीबीएसई और राज्य दोनों ही इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच करते थे। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया में सालों लग जाते थे। जबकि पढ़ाई-लिखाई की गुणवत्ता को परखने की ओर ध्यान कम था। लेकिन नए नियमों के तहत सीबीएसई अब सिर्फ स्कूलों के लर्निग आउटकम पर ही फोकस करेगी। इस दौरान वह स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता, उनके प्रशिक्षण, वेतन और प्रयोगशाला आदि की जांच-पड़ताल करेंगे। साथ ही स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों की योग्यता को भी परखेंगे। यानी वह जिस कक्षा में पढ़ रहे है, उसका पाठ उन्हें आता है या नहीं।

    फतेहपुर : पुरानी पेंशन मांग : "काम नहीं तो दाम नहीं" का आया आदेश, कर्मचारी नियमावली का हवाला देते मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को लिखा पत्र

    ‘काम नहीं तो दाम नहीं‘ का आया आदेश

    जासं, फतेहपुर: 25 अक्टूबर से पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल को देखते हुए यूपी सरकार ने कर्मचारियों की घेरेबंदी अभी से शुरू कर दी है। गुरुवार को मुख्य सचिव अनूप पांडेय द्वारा जारी निर्देश पत्र जिला प्रशासन के पास पहुंचा। जिसमें कहा कि हड़ताल पर जाना और अपने तय कार्य से विरत रहना कर्मचारी नियमावली के विरूद्ध आचरण हैं। अगर कर्मचारी हड़ताल करते है तो उनके ऊपर नो वर्क नो पे का नियम लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहाकि कर्मचारी हड़ताल या प्रदर्शन करते है तो उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारी संघों के नेताओं ने इसे सरकार का घबराहट पत्र करार दिया है।

    Thursday, October 18, 2018

    राज्य कर्मचारियों की 25 से 27 अक्टूबर तक होने वाली हड़ताल पर शासन सख्त, अवकाश मांगने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का अवकाश स्वीकृत न करने सहित कई सख्त दिशा-निर्देश जारी

    राज्य कर्मचारियों की 25 से 27 अक्टूबर तक होने वाली हड़ताल पर शासन सख्त, अवकाश मांगने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का अवकाश स्वीकृत न करने सहित कई सख्त दिशा-निर्देश जारी

    यूपी बोर्ड : बदलाव की कवायद जारी, यूपी बोर्ड के बच्चों की भी अब प्री-बोर्ड परीक्षाएं

    बदलाव की कवायद जारी, यूपी बोर्ड के बच्चों की भी अब प्री-बोर्ड परीक्षाएं


    फतेहपुर : छमाही और वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी, बेसिक शिक्षा परिषद की नई पहल, 26 अक्टूबर से छमाही और 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा

    फतेहपुर : छमाही और वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी, बेसिक शिक्षा परिषद की नई पहल, 26 अक्टूबर से छमाही और 16 मार्च से होगी वार्षिक परीक्षा।

    फतेहपुर : 31 अक्टूबर तक बच्चों को मिल जाएंगे स्वेटर, बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए को जारी किया फरमान, प्रतिदिन अपडेट करना होगा स्वेटर वितरण की रिपोर्ट

    फतेहपुर : 31 अक्टूबर तक बच्चों को मिल जाएंगे स्वेटर, बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए को जारी किया फरमान, प्रतिदिन अपडेट करना होगा स्वेटर वितरण की रिपोर्ट।

    बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ

    बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ।

    यूपी बोर्ड : इंस्पायर योजना : मेधावियों को मिलेगी 80 ₹ छात्रवृत्ति, ऑनलाइन आवेदन शुरू, केंद्र सरकार की है योजना

    यूपी बोर्ड : इंस्पायर योजना : मेधावियों को मिलेगी 80 ₹ छात्रवृत्ति, ऑनलाइन आवेदन शुरू, केंद्र सरकार की है योजना।

    मदरसा बोर्ड : 25 अक्टूबर से भरे जाएंगे परीक्षा फॉर्म, त्रुटिहीन आवेदन मदरसा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रधानाचार्यों की होगी जिम्मेदारी

    मदरसा बोर्ड : 25 अक्टूबर से भरे जाएंगे परीक्षा फॉर्म, त्रुटिहीन आवेदन मदरसा पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रधानाचार्यों की होगी जिम्मेदारी।

    फतेहपुर : 28 अक्टूबर को पुरानी पेंशन के लिए करेंगे उपवास, सांसद आवास के सामने होगी भूख हड़ताल, अटेवा जिला इकाई ने बनाई रणनीति

    पेंशन के लिए करेंगे उपवास

    जासं, फतेहपुर : अटेवा-पेंशन बचाओ मंच की बैठक में निर्णय लिया कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए 28 अक्टूबर को सांसद साध्वी निरंजन ज्योति के आवास में उपवास किया जाएगा। केंद्रीय राज्यमंत्री से यह मांग की जाएगी कि भारत सरकार को पेंशन बहाली के लिए पत्र लिखे और संसद में इस मुद्दे को उठाया जाए। सिविल लाइन स्थिति चंद्रशेखर आजाद पार्क में बैठक करते हुए अध्यक्ष निधान सिंह व महामंत्री देवा शुक्ल ने कहा कि पेंशन बहाली नहीं हुई तो आम चुनाव में देश के 48 लाख पेंशन विहीन कर्मी सरकारी के विरोध में निर्णय लेंगे। लेखपाल संघ के अध्यक्ष कंधई लाल, मंत्री बीरेंद्र सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के बाबूलाल पाल, स्वास्थ्य विभाग के हेमचंद्र चौधरी, आदि ने समर्थन को वादा करते हुए कहा कि पेंशन बहाली के लिए हर संघर्ष में वह तैयार हैं। बैठक में 26 नवंबर को संसद भवन में मार्च आंदोलन की रणनीति तय की गई। महेंद्र सिंह, राजकुमार, शैलेंद्र मौर्य, आशीष यादव, अस्फिया मजहर, अंशू सिंह, मनीष, उदित सचान आदि रहे।

    >>पुरानी पेंशन बहाली की मांग 28 अक्टूबर को सांसद के आवास में किया जाएगा उपवास

    बीएसए कार्यालय के प्रधान सहायक भ्रष्टाचार में रंगे हाथ गए थे पकड़े, जनपद उन्नाव का प्रधान सहायक निलंबित

    उन्नाव का प्रधान सहायक निलंबित: भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई लखनऊ की ट्रैप टीम ने पिछले दिनों बीएसए कार्यालय उन्नाव के प्रधान सहायक कौशल किशोर त्रिवेदी को रंगे हाथ पकड़कर जेल भेजा गया था। बीएसए की रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने प्रधान सहायक को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 की व्यवस्थानुसार निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में कौशल किशोर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।।