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Friday, June 19, 2026

राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम

स्वच्छ व हरित विद्यालयों की राष्ट्रीय सूची में छाए यूपी के परिषदीय विद्यालय,  बेसिक शिक्षा विभाग के 9 स्कूलों ने बनाई पहचान

19 जून 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का विषय है कि विभाग द्वारा संचालित नौ परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। विभिन्न शैक्षिक मानकों, नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता, विद्यालयी वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आधार पर तैयार राष्ट्रीय सूची में इन विद्यालयों को स्थान मिला है। इस उपलब्धि को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। 

राष्ट्रीय सूची में शामिल विद्यालयों में जनपद संभल का प्राथमिक विद्यालय इटायला माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चौखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गढ़छपा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), रायबरेली का प्राथमिक विद्यालय दौलरा, महाराजगंज (रैंक 51), बदायूं का कम्पोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36), सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55), श्रावस्ती की केजीबीवी हरिहरपुर रानी (रैंक 9) तथा जालौन की केजीबीवी कोंच (रैंक 14) शामिल हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सफलता निपुण भारत मिशन, पीएमश्री विद्यालयों की पहल, बेहतर अधिगम परिणाम, डिजिटल नवाचार तथा विद्यालयों में विकसित सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का प्रतिफल है। प्रदेश सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालयों और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। 

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इसे परिषदीय विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सामूहिक सफलता बताया है। माना जा रहा है कि इन विद्यालयों की उपलब्धियां अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देंगी।



राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम 

17 जून 2026
लखनऊ। केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में यूपी के 11 विद्यालयों को जगह मिली है। इनमें 6 परिषदीय विद्यालय और 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रैंकिंग में दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय को भी जगह मिली है।


प्रदेश के बेसिक विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि पाई है। साथ ही देश भर के निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दी है। प्रतियोगिता के तहत राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। इनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया।

प्रतियोगिता में देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को जल्द सम्मानित करने का निर्णय लिया है। ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा ले सकें।

अपर निदेशक बेसिक श्याम किशोर तिवारी ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।


राष्ट्रीय रैंकिंग में इन विद्यालयों को मिली जगह

संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) और सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल है। वहीं, श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी (रैंक 9) व जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) को भी जगह मिली है। रैंकिंग में प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी है। वहीं, निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान पाया है।


परिषदीय विद्यालयों में हो रहा संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल :

एसएचवीआर रेटिंग में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर किया गया है। इनमें परिषदीय विद्यालयों ने संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और जनभागीदारी के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है। इन विद्यालयों में स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण और कायाकल्प जैसी पहल का सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखा है। इससे विभाग भी उत्साहित है।

Thursday, May 28, 2026

स्वच्छ गरिमा विद्यालय से बेटियों के सम्मान को नई ताकत, 75 मॉडल स्कूलों से शुरु हुआ बदलाव, जुलाई तक सभी विद्यालयों तक पहुंचेगा अभियान

स्वच्छ गरिमा विद्यालय से बेटियों के सम्मान को नई ताकत, 75 मॉडल स्कूलों से शुरु हुआ बदलाव, जुलाई तक सभी विद्यालयों तक पहुंचेगा अभियान

विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस आज

लखनऊ। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश की बेटियों की शिक्षा और सम्मान से जुड़ी एक बड़ी पहल को नई रफ्तार मिली है। राज्य सरकार अब प्रदेश के 7004 सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों को 'स्वच्छ गरिमा विद्यालय' के रूप में विकसित करेगी। समग्र शिक्षा और यूनिसेफ के सहयोग से चल रही यह पहल स्कूलों को माहवारी स्वच्छता के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


साल 2022 से 75 स्कूलों में शुरू, अब पूरे प्रदेश तक पहुंचा अभियान

इस अभियान की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। पहले चरण में प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक राजकीय विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाया गया। यहां बालिकाओं के लिए स्वच्छ शौचालय, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन, पैड निस्तारण सुविधा और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए गए। इन स्कूलों में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।

अप्रैल 2026 में 150 शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। ये शिक्षक अगले तीन महीनों में अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र में इसका व्यापक क्रियान्वयन शुरू होगा।

समग्र शिक्षा के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने बताया कि यह पहल बालिकाओं को शिक्षा से जोड़े रखने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Sunday, November 17, 2024

स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता की जमीनी स्थिति जाने केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-नीति लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर गौर करे

स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता की जमीनी स्थिति जाने केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा-नीति लागू करने से पहले सभी पहलुओं पर गौर करे 


17 नवंबर 2024
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्कूलों में मासिक जनरल पहलुओं पर गौर करें और अगली सुनवाई तक स्थिति स्पष्ट करें। पीठ ने अगली सुनवाई 3 दिसंबर तय कर सरकार ने स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता के संबंध में राष्ट्रीय नीति तैयार की है। नीति में दृष्टिकोण, आपत्तियों, लक्ष्य, नीति घटकों, वर्तमान कार्यक्रमों और अंत में हितधारकों के नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में बात की गई है। एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि नीति के उचित और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।


एएसजी ने शीर्ष अदालत को बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के साथ समन्वय करके उनकी संबंधित कार्ययोजना तैयार करेगा। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मासिक धर्म धर्म स्वच्छता की जमीनी स्थिति पर गौर करने को कहा है। 


शीर्ष अदालत ने केंद्र कोई भी नीति लागू करने से पहले इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से उजागर किए गए पहलुओं को स्पष्ट करने का सुझाव दिया। जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस पंकज मिथल की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वह याचिकाकर्ता के उठाए स्वच्छता नीति के सभी पहलुओं को व्यापक तरीके से तैयार किया जाए। सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की छात्राओं के लिए नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। 


वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि केंद्र की तैयार की गई नीति किसी भी तरह से याचिका में मांगी गई राहतों का ख्याल नहीं रखती है। इसके अलावा, नीति दस्तावेजों में जिन आंकड़ों पर भरोसा किया गया है, उनमें स्पष्ट विसंगतियां हैं।




स्कूली छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता पर नीति को की मंजूरी, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

कहा, नीति का उद्देश्य छात्राओं को जागरूक करना व उनके दृष्टिकोण में बदलाव लाना

12 नवम्बर 2024
नई दिल्ली। स्कूलों में छात्राओं के बीच मासिक धर्म को लेकर जागरूकता फैलाने और उनके दृष्टिकोण व व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से सरकार ने मासिक धर्म स्वच्छता पर एक नीति तैयार की है। इस नीति को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी भी दे दी है। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी।


सरकार ने शीर्ष अदालत के 10 अप्रैल, 2023 के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह नीति तैयार की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 2 नवंबर को इसे मंजूरी भी दे दी है। शीर्ष अदालत एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें केंद्र, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कछा 6 से 12 तक की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड मुहैया कराने के साथ ही सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और आवासीय स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय का प्रावधान सुनिश्चित करने का आदेश देने की मांग की गई है। 


केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे में कहा है कि इस नीति का उद्देश्य स्कूली व्यवस्था में मासिक धर्म स्वच्छता को मुख्यधारा में लाना है, ताकि छात्राओं के बीच जानकारी, दृष्टिकोण और व्यवहार में बदलाव को बढ़ावा दिया जा सके।


मासिक धर्म को लेकर उनकी हिचक को दूर किया जा सके जो अक्सर स्वतंत्रता, गतिशीलता और दैनिक गतिविधियों में भागीदारी के रास्ते में बाधा बनती है। इसमें कहा गया है कि नीति में इस मुद्दे पर सर्वेक्षण के माध्यम से मूल्यांकन का प्रावधान किया गया है, ताकि मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों के बीच अंतर को दूर किया जा सके। 


गलत सामाजिक मानदंडों को दूर करना लक्ष्य... 

केंद्र ने कहा है कि इस नीति का उद्देश्य नुकसानदेह सामाजिक मानदंडों को खत्म करना और सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, मासिक धर्म अपशिष्ट के पर्यावरण-अनुकूल प्रबंधन को भी सुनिश्चित करना है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस पंकज मिथल की पीठ मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करने वाली है। 


97.5% स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय

केंद्र सरकार ने इससे पहले शीर्ष अदालत को बताया था कि देश के 97.5 फीसदी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था है। इनमें सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल शामिल हैं। दिल्ली, गोवा और पुडुचेरी में 100 फीसदी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल में 99.9 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 98.8 फीसदी, सिक्किम, गुजरात और पंजाब में 99.5 फीसदी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय हैं। इस मामले में पूर्वोत्तर के राज्य पीछे हैं और वहां छात्राओं के लिए अलग शौचालय की कमी है।

10 लाख स्कूलों में बनवाए गए शौचालय

केंद्र ने यह भी बताया कि 10 लाख से अधिक सरकारी स्कूलों में लड़कों के लिए 16 लाख और लड़कियों के बलिए 17.5 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी छात्रों के लिए 2.5 लाख और छात्राओं के लिए 2.9 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है।

Monday, September 4, 2023

प्रदेश में बनाए जाएंगे 'स्वच्छ सारथी क्लब', स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत आने वाले समस्त स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्विद्यालयों में होगी शुरूआत


प्रदेश में बनाए जाएंगे 'स्वच्छ सारथी क्लब',  स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत आने वाले समस्त स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्विद्यालयों में होगी शुरूआत



स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत आने वाले यूपी के समस्त स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में 'स्वच्छ सारथी क्लब' का गठन किया जाएगा। इसके लिए नगर विकास विभाग की ओर से बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इस अभियान से जुड़ने की अपेक्षा की गई है।


उत्तर प्रदेश की छवि को स्वच्छ प्रदेश के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप नगर विकास विभाग की ओर से एक अनुकरणीय पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत स्वच्छता के प्रति किशोरों, युवाओं व उनके अभिभावकों के साथ ही अध्यापकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत आने वाले यूपी के समस्त स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविधालयों में 'स्वच्छ सारथी क्लब' का गठन किया जाएगा।


 इसके लिए नगर विकास विभाग की ओर से बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इस अभियान से जुड़ने की अपेक्षा की गई है। स्वच्छ सारथी क्लब के माध्यम स्वच्छता कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किए जाने की भी योजना है।


 प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की ओर से बेसिक, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा विभागों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई। महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन ( नगरीय) की सफलता के लिए व्यापक जन- जागरूकता एवं जन भागीदारी आवश्यक - है। सामान्य जनमानस, किशोरों तथा युवाओं को स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) से जोड़ना व स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना एक अतिमहत्वपूर्ण लक्ष्य है।


 इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किशोरों, युवाओं व उनके अभिभावकों और अध्यापकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूलों, कॉलेजों एवं विश्वविधालयों में 'स्वच्छ सारथी क्लब' का गठन प्रस्तावित है। साथ ही स्वच्छ सारथी क्लब के माध्यम स्वच्छता कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किए जाने की भी योजना हैं।


 पत्र में इन सभी विभागों से आग्रह किया गया है। कि इन उद्देश्यों की सफलता के लिए अपने विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करें कि वे जनपद के समस्त नगरीय निकायों में शिक्षण संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कराते हुए नगरीय निकायों की परिधि में आने वाले समस्त स्कूल, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में 'स्वच्छ सारथी क्लब' की स्थापना सुनिश्चित कराएं।


Thursday, August 31, 2023

परिषदीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों की हो नियुक्ति, PSPSA ने सीएम को भेजा पत्र

परिषदीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों की हो नियुक्ति, PSPSA ने सीएम को भेजा पत्र


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में एक से पंद्रह सितंबर तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाने और साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने सीएम को पत्र भेजकर विद्यालयों में सफाईकर्मी नियुक्त करने की मांग की है।


एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा है कि सफाई कर्मियों के अभाव में विद्यालयों में नियमित सफाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा है कि पंचायती राज निदेशालय ने गांव स्तर पर नियुक्त सफाई कर्मियों को विद्यालय परिसर सफाई करने को कहा था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। 


स्वच्छता पखवाड़े के तहत शिक्षक व विद्यार्थी व्यक्तिगत स्वच्छता के लक्ष्यों को पाने का प्रयास करेंगे, किंतु सफाई कर्मियों के अभाव में विद्यालय परिसर व शौचालयों की सफाई कैसे होगी। इसके बिना स्वच्छता पखवाड़े के लक्ष्यों को कैसे पाया जा सकेगा। लिहाजा सभी परिषदीय विद्यालयों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चे स्वच्छ परिवेश में पढ़ सकें। 





Thursday, August 22, 2019

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों में "स्वच्छता पखवाड़ा" मनाए जाने एवं प्रतिदिन के कार्यक्रम की फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों में "स्वच्छता पखवाड़ा" मनाए जाने एवं प्रतिदिन के कार्यक्रम की फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी, देखें।


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Tuesday, June 25, 2019

01 जुलाई से पूर्व परिषदीय प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मियों के माध्यम से विशेष सफाई अभियान हेतु जनपदवार जारी आदेश देखें

01 जुलाई से पूर्व परिषदीय प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई कर्मियों के माध्यम से विशेष सफाई अभियान हेतु जनपदवार जारी आदेश देखें
◆ सीतापुर
 ◆ ललितपुर

◆ एटा में निर्देश जारी करने को पत्र



Monday, June 17, 2019

फतेहपुर : 01 जुलाई से विद्यालयों के सुचारू संचालन हेतु पूर्व में सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालयी सम्बन्धी अन्य विस्तृत निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : 01 जुलाई से विद्यालयों के सुचारू संचालन हेतु पूर्व में सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यालयी सम्बन्धी अन्य विस्तृत निर्देश जारी, देखें।












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Thursday, June 13, 2019

सीबीएसई : कसौटी पर खरे उतरे तो सम्मानित होंगे स्कूल, स्कूलों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, हरियाली की परखी जाएगी व्यवस्था

सीबीएसई : कसौटी पर खरे उतरे तो सम्मानित होंगे स्कूल, स्कूलों में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, हरियाली की परखी जाएगी व्यवस्था।





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Thursday, January 10, 2019

फतेहपुर : स्कूल व शौचालय की सफाई पर कसा शिकंजा, गांवों के सफाई कर्मियों का चिट्ठा बनाकर बीएसए ने भेजा

फतेहपुर : स्कूल व शौचालय की सफाई पर कसा शिकंजा, गांवों के सफाई कर्मियों का चिट्ठा बनाकर बीएसए ने भेजा।



Thursday, December 20, 2018

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत निर्मित "पोषण फिल्म" के माध्यम से स्वच्छता, सुरक्षा एवं भोजन की गुणवत्ता सम्बन्धी आवश्यक निर्देश जारी, क्लिक करके देखें

फतेहपुर : मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत स्वच्छता, सुरक्षा एवं भोजन की गुणवत्ता सम्बन्धी आवश्यक निर्देश जारी, क्लिक करके देखें।



Tuesday, December 11, 2018

फतेहपुर : परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों तथा स्थलों में सफाई अभियान चलाए जाने एवं स्वच्छता सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों तथा स्थलों में सफाई अभियान चलाए जाने एवं स्वच्छता सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में।


Tuesday, December 4, 2018

फतेहपुर : दो सौ स्कूलों के इज्जतघर बदहाल, सफाई व पानी की समस्या से लटकता रहता ताला, खंड शिक्षाधिकारी से ब्लाकों की मांगी रिपोर्ट

फतेहपुर : दो सौ स्कूलों के इज्जतघर बदहाल, सफाई व पानी की समस्या से लटकता रहता ताला, खंड शिक्षाधिकारी से ब्लाकों की मांगी रिपोर्ट

Friday, November 30, 2018

फतेहपुर : समस्त परिषदीय प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में व्यक्तिगत एवं स्वच्छता सम्बन्धित सत्रों एवं सेनिटेशन ब्लॉक एवं पानी की व्यवस्था के सुदृणीकरण किये जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : समस्त परिषदीय प्राथमिक/ उच्च प्राथमिक विद्यालयों में व्यक्तिगत एवं स्वच्छता सम्बन्धित सत्रों एवं सेनिटेशन ब्लॉक एवं पानी की व्यवस्था के सुदृणीकरण किये जाने के सम्बन्ध में।

Tuesday, November 27, 2018

प्रदेश के दो सरकारी स्कूलों ने बनाई देश के 52 स्कूलों में जगह, राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 सूची में स्कूल हुए सम्मिलित

प्रदेश के दो सरकारी स्कूलों ने बनाई देश के 52 स्कूलों में जगह, राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 सूची में स्कूल हुए सम्मिलित।

Tuesday, November 13, 2018

फतेहपुर : स्वच्छ भारत मिशन योजनांतर्गत दिनाँक- 09 नवम्बर से 19 नवम्बर तक विश्व शौचालय दिवस के उपलक्ष्य में निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित कराने हेतु आदेश जारी

फतेहपुर : स्वच्छ भारत मिशन योजनांतर्गत दिनाँक- 09 नवम्बर से 19 नवम्बर तक  विश्व शौचालय दिवस के उपलक्ष्य में निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित कराने हेतु आदेश जारी।

Tuesday, October 16, 2018

फतेहपुर : हैंडवॉश के तरीके बता दी साफ-सफाई की जानकारी, सीडीओ के निर्देश पर कई विभागों के विभागाध्यक्ष पहुंचे स्कूल

हैंडवॉश के तरीके बता दी साफ सफाई की जानकारी

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : स्वच्छता की सेहत की कुंजी है के तहत परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच हैंडवॉश डे मनाया गया। खाने से पहले और शौच से बाद हाथों को किस तरह से धोना है की विधि को पहले समझाया गया फिर बच्चों से प्रेक्टिकल कराकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। परिषदीय विद्यालयों में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में सीडीओ ने कई विभागाध्यक्षों की ड्यूटी लगा दी थी। वहीं बीएसए ने आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों में पहुंच कर हाथ धोने के तरीके बताए और अपनी नजरों के सामने बच्चों के हाथ धुलवाए।

राष्ट्रीय हैंडवॉश डे जिले के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में धूमधाम से मनाया गया। शासन के निर्देश पर इस कार्यक्रम को मनाए जाने के लिए पहले से ही बीएसए ने सभी विद्यालयों में पत्र भेज दिया था। जिसके क्रम में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय सरकी, प्राथमिक विद्यालय पहरवापुर, प्राथमिक विद्यालय सलेमाबाद, प्राथमिक विद्यालय नरतौली, पमरौली, मेउली बुजुर्ग, फुलवामऊ, जगतपुर गांड़ा, अलादातपुर, भगवंतपुर में शिक्षक- शिक्षिकाओं ने लिक्विड साबुन की व्यवस्था कर रखी थी। एमडीएम बांटे जाने से पूर्व बच्चों को कतारबद्ध खड़ा करके हाथ धोना बताया गया। हाथ धोने से होने वाले लाभ गिनाए गए। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी विद्यालयों में कार्यक्रम मनाया गया। जिसकी फोटोग्राफ मंगवाई गई है। कई विद्यालयों में वह खुद पहुंचे।

हाथ धोने की कला सिखाकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया

सीडीओ के निर्देश पर कई विभागों के विभागाध्यक्ष भी स्कूलों में पहुंचे

Saturday, October 13, 2018

महराजगंज : विभिन्न श्रेणी के विद्यालयों हेतु स्वीकृत कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट में से 10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता अभियान में व्यय करने की अनिवार्यता सहित विभिन्न मदों में धनराशि व्यय करने सम्बन्धी बीएसए का दिशानिर्देश जारी, आदेश देखें

महराजगंज : समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2018-19 में विद्यालयों हेतु स्वीकृत कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट धनराशि में से 10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता अभियान में व्यय करने की अनिवार्यता सहित विभिन्न मदों में धनराशि व्यय करने सम्बन्धी बीएसए का दिशानिर्देश जारी। आदेश देखें-











Thursday, October 11, 2018

फतेहपुर : 15 अक्टूबर 2018 को समस्त विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को हैंडवाश कराते हुए फोटो सम्बंधित अधिकारी को वाट्सअप के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु आदेश जारी

फतेहपुर : 15 अक्टूबर 2018 को समस्त विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को हैंडवाश कराते हुए फोटो सम्बंधित अधिकारी को वाट्सअप के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु आदेश जारी।

फतेहपुर : समस्त विद्यालयों में 15 अक्टूबर 2018 को मनाया जाएगा हैंड वॉश-डे, क्लिक करके देखें आदेश सह खबर

स्कूलों में 15 अक्टूबर को मनाया जाए हैंड वॉश-डे


जासं, फतेहपुर : राष्ट्रीय हाथ धुलाई दिवस (हैंड वॉश डे) जिले में उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। सीडीओ ने इसका आदेश जारी करते हुए बीएसए को निर्देशित किया है कि हर विद्यालय में इस कार्यक्रम को मनाया जाए और इसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला जाए। 



स्वच्छता अपनाकर सेहत दुरुस्त करने के प्रयास में 15 अक्टूबर को जिले के सभी विद्यालयों में हैंड वॉश डे उत्साहपूर्ण अंदाज में मनाने के निर्देश सीडीओ चांदनी सिंह द्वारा दिए गए हैं। सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त अभियान के साथ समुदाय परिवर्तन किया जाना नितांत आवश्यक है। खुले में शौच से मुक्त अभियान में सहभागिता के साथ हाथ धोने के विश्व स्तरीय अभियान में सहभागिता तय की जाए। इस अभियान के तहत सभी विद्यालय में यह दिवस धूमधाम से मनाया जाए। हाथ धोने के तरीकों एवं उससे होने वाले लाभों को बताया जाए। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। हैंडवॉश डे बनाया जाए एवं फोटोग्राफ तत्काल भेजे जाएं।1स्वच्छ शौचालय के इंतजार में ग्रामीण किशुनपुर : विजयीपुर ब्लाक के सरौली गांव में लाभार्थियों को स्वच्छ शौचालय नहीं मिले। पांच हजार की आबादी वाली ग्राम सभा में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं, जो सुबह-शाम नित्यक्रिया के लिए जंगल जाते हैं। बुदान गुप्त, लवकुश, हेमराज सिंह, अशोक सिंह, उमेश सिंह, सौरभ आदि लोगों ने बताया कि बड़ी ग्राम सभा में स्वच्छता की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है। 



पॉलीथिन मुक्त नगर बनाने का संदेश



किशुनपुर : स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नगर को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। कलाकारों ने प्रत्येक दशा में नगर को पॉलीथिन मुक्त बनाए रखने का आह्वान किया। खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में टीम के कलाकारों ने मंचन से लोगों को जागरुक किया। चेयरमैन सुरेंद्र कुमार सोनकर ने टीम कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।


स्कूलों में 15 अक्टूबर को मनाया जाए हैंड वॉश-डे