DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label बीटीसी. Show all posts
Showing posts with label बीटीसी. Show all posts

Wednesday, November 18, 2020

बीएड-बीटीसी पाठ्यक्रम में फिलहाल शुल्क भरपाई नहीं

बीएड-बीटीसी पाठ्यक्रम में फिलहाल शुल्क भरपाई नहीं


लखनऊ। शासन ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को पूर्व दशम (कक्षा 9 व 10) छात्रवृत्ति योजना के तहत 135 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दे दी है। लेकिन बीएड और बीटीसी पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। 


बीएड-बीटीसी कॉलेजों को पिछले वर्षों में किए गए भुगतान की जांच चल रही है। इसलिए यह फैसला किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के मामले में जांच रिपोर्ट आने के के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। वहीँ, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत बीएड- पाठ्यक्रम के लिए दी गई राशि को छोड़ शेष राशि निदेशक के निवर्तन पर रखने का आदेश दिया गया है।

Saturday, October 17, 2020

बीटीसी/डीएलएड प्रशिक्षुओं पर लाठी, बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पहुंचे थे प्रशिक्षु

बीटीसी/डीएलएड प्रशिक्षुओं पर लाठी, बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पहुंचे थे प्रशिक्षु

 
लखनऊ : बीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रमोट करने की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव करने पहुंचे प्रशिक्षुओं को शुक्रवार रात पुलिस ने दौड़ा-दौड़कर पीटा।


पुलिस की लाठी से बचने के लिए कोई गलियों में घुसा तो कोई दुकानों में। पुलिस ने वहां से भी उनको पीटकर खदेड़ दिया। आरोप है कि लाठीचार्ज में महिला प्रशिक्षुओं के कपड़े फट गए। प्रशिक्षु घायल हो गए उन्हें अस्पताल ले जाया गया।


 ईको गार्डेन में 12 अक्टूबर से प्रमोशन की मांग को लेकर धरने पर बैठे बीएलएड और बीटीसी की महिला और पुरुष प्रशिक्षु शुक्रवार रात टुकड़ों में वहां से निकलकर निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे। यहां डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा संघ के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह की अगुआाई में सभी नारेबाजी कर रहे थे। महानगर समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। 


पुलिस ने प्रशिक्षुओं को हटाने का प्रयास किया तो उनकी नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप है कि पुलिस ने प्रशिक्षुओं पर लाठीचार्ज कर दिया। महिला और पुरुष प्रशिक्षु भागे तो पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें अंकित पटेल, राजेश, मीनाक्षी समेत 10-12 प्रशिक्षु घायल हो गए। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके मोबाइल भी छीन लिए।

Thursday, October 1, 2020

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज


 लखनऊ : निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की अनियमितताएं सामने आने पर शासन ने अब प्रदेश में संचालित निजी और एडेड बीएड व बीटीसी कालेजों में भी इसकी जांच कराने का निर्णय किया है। शासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।



वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्देश दिया है कि निजी व एडेड बीएड और बीटीसी कॉलेजों में विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्रओं को दी जा रही छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों को ही मिल रहा है या नहीं, इसकी सघनता से जांच करायी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक टीम बनाकर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के साथ इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कॉलेजों की जांच की जाए।

बुधवार को विधान भवन में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तहत छात्रवृत्ति योजना को लेकर वह बैठक कर रहे थे।

वित्त मंत्री ने ली बैठक, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

Monday, July 20, 2020

डीएलएड-2018 एवं 2019 बैच के प्रशिक्षुओं ने ट्विटर पर छेड़ा अभियान, बिना परीक्षा अगले सेमेस्टर में प्रमोट किये जाने की मांग

डीएलएड-2018 एवं 2019 बैच के प्रशिक्षुओं ने ट्विटर पर छेड़ा अभियान, बिना परीक्षा अगले सेमेस्टर में प्रमोट किये जाने की मांग



 प्रयागराज। डीएलएड-2018 एवं 2019 बैच के प्रशिक्षुओं ने अपने तृतीय एवं प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सत्र के एक साल विलंब हो जाने पर रविवार से ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया है। 



ऑल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन एवं संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा ने ट्विटर अभियान के तहत प्रदेश सरकार से मांग की है कि अभ्यर्थियों को बिना परीक्षा अगले सेमेस्टर में प्रमोट कर दिया जाए।

Saturday, July 18, 2020

डीएलएड 2018 में सेमेस्टर परीक्षा में प्रोन्नत किये जाने की मांग को लेकर राज्यपाल से गुहार

डीएलएड 2018 में सेमेस्टर परीक्षा में प्रोन्नत किये जाने की मांग को लेकर राज्यपाल से गुहार

 
प्रयागराज : कोरोना के बढ़ते संक्रमण से पढ़ाई व परीक्षाएं दोनों प्रभावित हैं। डीएलएड 2018 तृतीय व चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। प्रशिक्षु इस संबंध में परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव से मिलकर तृतीय सेमेस्टर में प्रोन्नत करने की मांग कर चुके हैं, उन्होंने यह कहकर इन्कार कर दिया था कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रोन्नत नहीं किया जा सकता। अब इसकी गुहार राज्यपाल को पत्र भेजकर की गई है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने इस संबंध में शासन को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि उन्हें डीएलएड संयुक्त मोर्चा के विक्रांत प्रताप सिंह का पत्र मिला है। इसमें मांग की गई है कि उन्हें तृतीय सेमेस्टर में प्रशिक्षुओं को प्रोन्नत करके चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा जुलाई माह में कराई जाए। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक की ओर से उप निदेशक विष्णु श्याम द्विवेदी ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को पत्र भेजकर प्रोन्नत व परीक्षा कराने का निर्णय लेने का निर्देश दिया है।


 इसमें प्रशिक्षुओं के पत्रों का हवाला दिया गया है। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि वह इन दिनों कार्यालय से दूर हैं, उन्हें पत्र की जानकारी नहीं है। वापस आने पर कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते परीक्षा के संबंध में विचार किया जाएगा।

Sunday, June 28, 2020

बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी 69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग में शामिल होने का मांगा मौका

BTC- 2015 बैच के बैक पेपर मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद से मांगा जवाब।


प्रयागराज :  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन करने वाले बीटीसी 2015 बैच के उन अभ्यर्थियों की याचिका पर राज्य सरकार व बेसिक शिक्षा परिषद से जवाब मांगा है, जो एक विषय में बैक पेपर के कारण आवेदन के समय परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं थे। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने संतराम मौर्य व अन्य की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है। याचिका में मांग की गई है कि बैक पेपर का रिजल्ट आने के बाद याचियों को मूल परीक्षा परिणाम आने की तिथि से सफल मानते हुए काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाए। अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 2015 बैच के बीटीसी अभ्यर्थी याचियों के चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट 11 दिसंबर 2018 को जारी हुआ। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों में एक विषय में अंक कम होने या असफल होने के कारण बैक पेपर भरा। कहा गया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2018 होने के कारण याचियों ने उस समय आवेदन कर दिया था। सात अगस्त 2019 को बैक पेपर का परिणाम आया और वे सफल हो गए। याचियों की मांग की है कि उनका इस आधार पर अभ्यर्थी निरस्त न किया जाए कि आवेदन की अंतिम तिथि को निर्धारित योग्यता नहीं रखते थे। बैक पेपर के परिणाम को मूल परिणाम का ही हिस्सा मानते हुए उन्हें 2015 बैच का ही सफल अभ्यर्थी मानते हुए काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाए।

.........



बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी 69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग में शामिल होने का मांगा मौका।


बीटीसी 2015 बैच का बैक पेपर देने वालों ने भी मांगा मौका।

प्रयागराज :  69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले ऐसे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जो बीटीसी 2015 बैच के हैं और एक विषय में बैक पेपर आ जाने की वजह से आवेदन भरते समय परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं थे मांग की गई है कि बैक पेपर का रिजल्ट आने के बाद याचीगण को मूल परीक्षा परिणाम आने की तिथि से सफल मानते हुए काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाए।





संतराम मौर्य और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने इस मामले में प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद से नौ जुलाई तक जवाब मांगा है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक याचीगण 2015 बैच के बीटीसी अभ्यर्थी हैं। इसके चौथे सेमेस्टर का रिजल्ट 11 दिसंबर 2018 को जारी हुआ। इनमें से कुछ अभ्यर्थियों ने एक विषय में अंक कम होने या असफल होने के कारण बैक पेपर भरा। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2018 थी। इसलिए याचीगण ने उस समय आवेदन कर दिया था। सात अगस्त 2019 को बैंक पेपर का परिणाम आया और वे सफल हो गए।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, April 23, 2019

डीएलएड के दो सत्रों का रिजल्ट इसी सप्ताह,  प्रशिक्षुओं को प्रदर्शन के बाद मिला आश्वासन


डीएलएड के दो सत्रों का रिजल्ट इसी सप्ताह,  प्रशिक्षुओं को प्रदर्शन के बाद मिला आश्वासन।

Monday, April 22, 2019

फतेहपुर : बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दौरान स्कूल आवंटन का 'कारोबार', प्रशिक्षुओं की सुविधानुसार सुविधा शुल्क लेकर आवंटित होते स्कूल

फतेहपुर : बीटीसी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दौरान स्कूल आवंटन का 'कारोबार', प्रशिक्षुओं की सुविधानुसार सुविधा शुल्क लेकर आवंटित होते स्कूल।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, December 19, 2018

बीटीसी 2015 : प्रशिक्षुओं ने घेरा एनसीईआरटी कार्यालय, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगाया गड़बड़ी का आरोप, जीपीओ पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ा

बीटीसी 2015 : प्रशिक्षुओं ने घेरा एनसीईआरटी कार्यालय, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगाया गड़बड़ी का आरोप, जीपीओ पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ा।

Tuesday, December 18, 2018

69 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए बुलंद की आवाज, सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय पर बीटीसी चौथे सेमेस्टर में फेल प्रशिक्षुओं का प्रदर्शन

69 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल करने के लिए बुलंद की आवाज, सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय पर बीटीसी चौथे सेमेस्टर में फेल प्रशिक्षुओं का प्रदर्शन।


Saturday, December 15, 2018

खराब रिजल्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं का फूटा गुस्सा, हजारों ने किया नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन


खराब रिजल्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं का फूटा गुस्सा, हजारों ने किया नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन। 


Wednesday, November 28, 2018

फतेहपुर : विशिष्ट बीटीसी-2007, 2008 (विशेष चयन), एवं 2008 में चयनित विकलांगजन मूल प्रमाणपत्र की जांच हेतु दिनाँक - 29/11/2018 को अंतिम अवसर, देखें आदेश

फतेहपुर : विशिष्ट बीटीसी-2007, 2008 (विशेष चयन), एवं 2008 में चयनित विकलांगजन मूल प्रमाणपत्र की जांच हेतु दिनाँक - 29/11/2018 को अंतिम अवसर, देखें आदेश



Saturday, November 17, 2018

बीटीसी : फतेहपुर से वायरल हुआ था बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर, बंडल सील होने से पहले ही लीक हो चुका था पेपर, क्राइम ब्रांच को मिले सुराग

बीटीसी : फतेहपुर से वायरल हुआ था बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर, बंडल सील होने से पहले ही लीक हो चुका था पेपर, क्राइम ब्रांच को मिले सुराग।

Friday, November 2, 2018

68,500 शिक्षक भर्ती : शिक्षक अभ्यर्थियों ने घेरा विधानभवन, मिली लाठियां, 30 से 33 प्रतिशत कट ऑफ पर परिणाम जारी करने की मांग


68,500 शिक्षक भर्ती : शिक्षक अभ्यर्थियों ने घेरा विधानभवन, मिली लाठियां, 30 से 33 प्रतिशत कट ऑफ पर परिणाम जारी करने की मांग



 लखनऊ : शिक्षक अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोपहर करीब दो बजे अभ्यर्थियों ने विधानभवन घेर लिया और सड़क जाम कर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। बड़ी तादाद में जुटे अभ्यर्थियों को हटाने के लिए पुलिस अभ्यर्थियों पर लाठियां बरसाईं। लाठीचार्ज में करीब आधा दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों को गंभीर चोटें आईं जिन्हें उपचार के लिए सिविल व अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।



मामला 68500 शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने 30 से 33 प्रतिशत कटऑफ पर परीक्षा परिणाम जारी किए जाने की बात कही थी, उस पर अमल किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी विधानभवन का घेराव करने पहुंचे थे। यहां आक्रोशित अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर बैठ गए। मौके पर पहुंची बड़ी तादाद में पुलिस की अभ्यर्थियों से पहले तो नोकझोंक हुई फिर बात धक्कामुक्की तक पहुंच गई। 



अभ्यर्थी भी पुलिस पर आक्रामक हो गए। स्थिति बेकाबू होते ही पुलिस ने लाठियां चला दीं। पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इससे कई अभ्यर्थियों को गंभीर चोटें भी आईं। पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एफआइआर दर्ज की है।



आधा दर्जन अभ्यर्थियों को आईं चोटें, 14 प्रदर्शनकारी गिरफ्ता

प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर हंगामा कर रहे थे। आरोपितों ने वाहनों में तोड़फोड़ का प्रयास भी किया और अचानक उग्र हो गए, जिन्हें वहां से हटा दिया गया। आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। - सर्वेश कुमार मिश्र, एएसपी पूर्वी



कई अभ्यर्थी हुए बेहोश

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों को गंभीर चोटें आईं तो कई बेहोश हो गए। उन्हें बाद में पास के अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया गया। 1इससे पहले भी हो चुका बवाल1मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने इससे पहले भी बेसिक शिक्षामंत्री अनुपमा जायसवाल के आवास का घेराव कर नारेबाजी की थी। बाद में निशातगंज स्थित एससीईआरटी कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया था। 


लगातार दूसरे दिन लोग ट्रैफिक जाम से रहे परेशान
दोपहर करीब एक बजै सैकड़ों की संख्या में बीटीसी अभ्यर्थी विधान भवन के सामने आ धमके। इस दौरान सभी ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश करने लगे।  लगातार दूसरे दिन यातायात बाधित होता देख पुलिसकर्मियों ने लाठियां फटकारकर प्रदर्शनकारियों को सड़क के किनारे ढकेल दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने सभी को समझा- बुझाकर प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की लेकिन वह उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता हुए बगैर मानने को तैयार नहीं थे। काफी देर इंतजार के बाद भी कोई नतीजा न निकलता देख प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। प्रदर्शनकारी जैसे ही आगे बढ़े पुलिस कर्मियों ने लाठियां भांजना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज होते ही चीख पुकार के साथ भगदड़ मच गई। जो जहां मिला उसे वहीं लाठियों से पीटा। इस दौरान दर्जनों अभ्यर्थी घायल चोटिल हो गए। प्रदर्शन में शामिल अभिषेक यादव का कहना है कि सरकार की गलती का खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है। 


12 नवंबर को होगी सुनवाई
भर्ती प्रक्रिया के विज्ञापन में न्यूनतम अहर्ता 40 से 45 प्रतिशत थी लेकिन बाद में सरकार ने इसे घटाकर 30 से 33 प्रतिशत कर दी। जिसे ध्यान में रखकर सभी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी पर परीक्षा का परिणाम 40 से 45 प्रतिशत अहर्ता के आधार पर जारी कर दिया गया। जिसके चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो सके। 68 हजार 500 सहायक अध्यापक भर्ती में से 28 हजार पद खाली रह गए। नौकरी के लिए आवेदन किया था अब लाठियां मिल रही हैं। वहीं अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि कोर्ट ने भर्ती प्रक्रियां में हुई धांधली पर सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अगर धांधली के आरोप सही पाए जांएगे तो भर्ती प्रकिया निरस्त होगी। लेकिन हमारी मांग न्यूनतम अर्हता व रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर हैं। जिसके सम्बन्ध में आगामी 12 नवंबर को कोई में सुनवाई भी होनी है। 


ये हुए घायल 
प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में सीमा यादव, रोहन, शाहरुख, रोहित, संजय समेत दर्जनों अभ्यर्थी चोटिल हो गए। जिनेक सिर व हाथ- पैर में चोटें आई हैं। सभी को सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। 



घायलों का हाल लेने पहुंचे नेता विपक्ष
लाटीचार्ज में घायल हुए प्रदर्शनकारियों का हाल लेने  नेता विपक्ष राम गोविन्द चौधरी व सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन व रामगोविन्द चौधरी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सभी का दुख -दर्द पूंछा और उनके आन्दोलन को सही बताते हुए इस मुद्दे को विधान भवन में उठाने की बात कही। 


Thursday, October 18, 2018

बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ

बीटीसी पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के हाथ खाली, दो दर्जन लोगों से क्राइम ब्रांच कर चुकी है पूछताछ।

Tuesday, October 16, 2018

बीटीसी पेपर आउट में कई और की तलाश जारी, एसटीएफ ने दो प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को भेजा जेल


जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर आउट होने के मामले में एसटीएफ को कुछ और संदिग्धों की तलाश है। एसटीएफ ने दो प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को जेल भेज दिया है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि पेपर आउट कराके अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का ठेका किसने और कितने में लिया था। प्रिंटिंग प्रेस मालिकों की भूमिका पेपर लीक करने तक ही थी या पेपर आउट कराने वाले गिरोह से गठजोड़ है। पुलिस यूपी और बिहार के साल्वर गैंग से कड़ी जोड़कर भी जांच कर रही है। आठ अक्टूबर को होने वाली बीटीसी की चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर अभ्यर्थियों के वाट्सएप पर पहुंच गया था। आठों पेपर लीक होने की बात सामने आने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मंझनपुर में मुकदमा दर्ज कराया। उसके बाद पूरे प्रदेश की परीक्षा निरस्त कर दी गई। इलाहाबाद एसटीएफ दीप्ती इंटर प्राइजेज की मालकिन के पति आशीष अग्रवाल निवासी बलरामपुर हाउस कर्नलगंज और भार्गव ¨पट्रिंग प्रेस के मालिक अर¨वद भार्गव, निवासी बाई का बाग कीडगंज को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

Sunday, October 14, 2018

इलाहाबाद : बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर पेपर लीक मामले में दो प्रिंटिंग प्रेस मालिक गिरफ्तार, पेपर को सोशल मीडिया में वायरल करने वालों की तलाश जारी

इलाहाबाद : बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर पेपर लीक मामले में दो प्रिंटिंग प्रेस मालिक गिरफ्तार, पेपर को सोशल मीडिया में वायरल करने वालों की तलाश जारी।

इलाहाबाद : बीटीसी प्रशिक्षुओं को पुलिस ने लिया हिरासत में, बाद में छोड़ा, सीएम से मिलने को जिद पर अड़े थे प्रशिक्षु

इलाहाबाद : बीटीसी प्रशिक्षुओं को पुलिस ने लिया हिरासत में, बाद में छोड़ा, सीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे प्रशिक्षु।

Friday, October 12, 2018

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में खूब हुआ हंगामा, यूपीटीईटी से पहले परीक्षा से इंकार से खफा प्रशिक्षुओं ने बनाया सचिव को बंधक

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में खूब हुआ हंगामा, यूपीटीईटी से पहले परीक्षा से इंकार से खफा प्रशिक्षुओं ने बनाया सचिव को बंधक।


इलाहाबाद : बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर की परीक्षा 20 अक्टूबर से पहले कराने की मांग कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं ने गुरुवार को खूब हंगामा काटा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी समेत अन्य कर्मचारियों को दोपहर से देर रात तक बंधक बनाए रखा, कार्यालय के सभी गेट पर डेरा जमाकर नारेबाजी की।  सचिव ने यूपीटीईटी से पहले परीक्षा कराने से इन्कार किया तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई। आंदोलनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।

गौरतलब है कि आठ अक्टूबर को कौशांबी में प्रश्नपत्र लीक होने पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने बीटीसी 2015 चौथे सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त कर दी थी। इससे बीटीसी प्रशिक्षु आगामी शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं हो पाएंगे। दूसरे दिन नौ अक्टूबर से ही वे धरने पर बैठ गए जो गुरुवार तक जारी रहा।

सचिव चतुर्वेदी कार्यालय पहुंचे तो आंदोलन कर रहे प्रशिक्षुओं का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा। दो घंटे तक हुई बातचीत में सचिव ने मांग के आधार पर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई। सैकड़ों प्रशिक्षुओं ने कार्यालय के सभी गेट पर डेरा जमाकर कर्मचारियों व अधिकारियों का रास्ता रोक दिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने लाठी पटक कर शांत कराया। देर रात तक कार्यालय पर दोनों पक्षों में पुलिस की मौजूदगी में ही तकरार चलती रही। 

■ यूपीटीईटी पर निर्भर रहेगी परीक्षा : देर रात पुलिस क्षेत्रधिकारी आलोक मिश्र ने सचिव की प्रशिक्षुओं से दूसरे दौर में वार्ता कराई तो बात कुछ बनी। सचिव ने आश्वासन दिया कि यूपीटीईटी की तारीख चार नवंबर प्रस्तावित है। शासन अगर इस तारीख को आगे बढ़ाता है तो बीटीसी की परीक्षा उससे पहले कराई जा सकती है। बोले 15 अक्टूबर को वह इसकी जानकारी देंगे कि परीक्षा कब होगी। इस पर प्रशिक्षु मान गए। बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह, अभिषेक सिंह, शशांक पांडेय ‘सत्यम’, अभिषेक सिंह, निखिल यादव आदि ने कहा है कि सचिव के आश्वासन पर धरना स्थगित कर रहे हैं।



बीटीसी 2015 की परीक्षा के बाद होगी यूपीटीईटी, देर रात तक परीक्षा नियामक कार्यालय में बनी सहमति। 


Thursday, October 11, 2018

बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा कैंसल होने पर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन, शिक्षा निदेशालय पर जड़ा ताला

लखनऊ। प्रदेशभर में बीटीसी चौथे सेमेस्टर की परीक्षा रद किए जाने से नाराज अभ्यर्थियों ने मंगलवार को निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) निदेशालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। सुबह 9:45 बजे से डटे अभ्यर्थियों ने शाम तक मांगों पर कार्रवाई न होने पर निदेशालय के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। इससे अभ्यर्थियों के साथ अधिकारी व कर्मचारी भी अंदर रह गए। रात साढ़े आठ बजे तक चली बैठक के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर अभ्यर्थी निदेशालय से चले गए। अभ्यर्थिंयों की मांग है कि बीटीसी चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 15 से 17 अक्टूबर में करवाई जाएं और टीईटी परीक्षा की तिथि एक महीने आगे बढ़ाई जाए।

बीटीसी-2015 बैच के चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं 8 से 10 अक्टूबर तक होनी थी, लेकिन सोमवार को कौशांबी में इस परीक्षा का पेपर लीक होने की बात सामने आई। इसके बाद परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने देर रात सभी परीक्षाएं रद कर दी थीं।

अभ्यर्थी बोले, नहीं दे पाएंगे शिक्षक पात्रता परीक्षा

प्रदर्शन कर रहे मोनू वर्मा, दीपिका मौर्य, अनामिका, रावेंद्र, शिवम सहित कई अभ्यर्थियों का कहना था कि अगले महीने टीईटी परीक्षा है। सभी ने आवेदन किया है। नियमानुसार बीटीसी चौथे सेमेस्टर के नतीजे टीईटी रिजल्ट से पहले आने चाहिए। यदि समय से सेमेस्टर परीक्षा नहीं हुई तो परिणाम कैसे समय पर आएगा। ऐसे में अगली शिक्षक पात्रता परीक्षा और शिक्षक भर्ती में हम शामिल नहीं हो पाएंगे।

मांग पत्र पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मामले से शासन को भी अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही कोई निर्णय होने को उम्मीद है। -संजय सिन्हा, निदेशक एससीईआरटी

निदेशक ने तीन दिन में सेमेस्टर की परीक्षा का कार्यक्रम जारी करने का आश्वासन दिया है। मांगें पूरी न होने पर हम फिर से यहां आएंगे। -सर्वेश कुमार सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, बीटीसी मोर्चा 2015 बैच
बीटीसी अभ्यर्थियों ने चौथे सेमेस्टर की परीक्षा रद होने पर किया प्रदर्शन


 इलाहाबाद : बैच के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा को लेकर प्रशिक्षुओं ने आंदोलन तेज कर दिया है। धरने के दूसरे दिन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर खूब नारेबाजी की। एसीएम यानि अपर नगर मजिस्ट्रेट के आने पर भी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी से सीधे मुलाकात नहीं हो सकी। जबकि परीक्षा की तारीख पर सचिव ने फोन से एसीएम की हुई बात पर भी अभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने गुरुवार को आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मिलने का आश्वासन जरूर दिया। 



कौशांबी जिले में पेपर लीक होने के चलते परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने बैच के चौथे सेमेस्टर के सभी आठ पेपर निरस्त कर दिए हैं। परीक्षा की नई तारीख अब तक घोषित नहीं है। जिससे अभ्यर्थी आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। अभ्यर्थी परीक्षा निरस्त होने के बाद से परीक्षा संस्था के कार्यालय पर धरना दे रहे हैं। 



बुधवार को अपर नगर मजिस्ट्रेट परीक्षा संस्था पर पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों की समस्या को सुना। सचिव के न रहने पर फोन से उनसे बात की। लेकिन, परीक्षा की तारीख को लेकर असमंजस बना रहा। बीटीसी संयुक्त प्रशिक्षु मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह, अभिषेक सिंह, शशांक पांडेय ‘सत्यम’, अभिषेक सिंह, निखिल यादव आदि ने कहा है कि परीक्षा की तारीख जारी होने पर ही धरना समाप्त होगा।



क्रमिक अनशन की चेतावन

चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के मुद्दे पर आल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश महासचिव प्रफुल्ल सिंह के नेतृत्व में अमरमणि त्रिपाठी, मीरजापुर के मंडल अध्यक्ष विकास दुबे, रूपेंद्र उपाध्याय, अलीशेख आदि ने कहा कि मांग पूरी न हुई तो क्रमिक अनशन करेंगे।