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Thursday, June 4, 2026

अध्यापिका को CCL दिए जाने के मामले में मनमानेपन और मानसिक शोषण किए जाने तथा विभाग की छवि धूमिल करने पर कन्नौज के खण्ड शिक्षा अधिकारी निलंबित, देखें आदेश

उत्पीड़न और भ्रष्टाचार की शिकायत पर कन्नौज के खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, प्रधानाध्यापक की शिकायत पर अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने की कार्रवाई

चार बार सीसीएल निरस्त करने का भी आरोप

कन्नौज। जिले में भ्रष्टाचार व उत्पीड़न के आरोप में मंगलवार को सौरिख ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक को अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामताराम पाल ने निलंबित कर दिया। इससे पहले तालग्राम के खंड शिक्षा अधिकारी रमेशचंद्र चौधरी को भी निलंबित किया जा चुका है। सौरिख क्षेत्र की एक प्रधानाध्यापक की शिकायत पर जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्हें भी एडी बेसिक कानपुर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

सौरिख ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पिपरिया की प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने 24 अप्रैल को शपथ पत्र के साथ उच्चाधिकारियों से बीईओ विश्वनाथ पाठक की लिखित शिकायत की थी। उनका आरोप था कि दिसंबर 2025 में विद्यालय के मरम्मत कार्य के लिए 4,62,796 रुपये का बजट आया था। इस धनराशि को जारी करने और पास कराने के एवज में बीईओ उन पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 प्रतिशत कमीशन (सुविधा शुल्क) देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया, तो बीईओ ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। 25 मार्च 2026 को बीईओ एक शिक्षामित्र को साथ लेकर स्कूल पहुंचे और उपस्थिति रजिस्टर सील कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि जब तक रुपये नहीं दोगी, ऐसे ही परेशान किया जाएगा। काम चाहे जितना अच्छा कराओ, कमियां निकाली जाएंगी। उन्होंने इस 20 प्रतिशत कमीशन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और डीसी का भी हिस्सा होने की बात कही थी। इसके बाद बीआरसी पर बुलाकर बीईओ ने धमकी दी कि आजकल पैसे से किसी भी अधिकारी को खरीदा जा सकता है। उसने (बीईओ) बहुत रुपया कमाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने सात मई 2026 को बीईओ विश्वनाथ पाठक से स्पष्टीकरण मांगा था।


चार बार सीसीएल निरस्त करने का भी आरोप
प्रधानाध्यापक कल्पना पाल ने आरोप लगाया विश्वनाथ और बीएसए ने मिलकर सोची-समझी रणनीति के तहत उनकी बाल्य देखभाल अवकाश (सीसीएल) को चार बार आवेदन करने के बावजूद निरस्त किया। बीएसए कंट्रोल रूम से सुबह-सुबह स्कूल में फोन करवाकर पहले शिक्षिका को अनुपस्थित दर्शाया जाता था और फिर तकनीकी आधार पर रात को 9:50 बजे छुट्टी निरस्त कर दी जाती थी। 22 अप्रैल 2026 को स्कूल में पूरी टीम के साथ छापा मारकर शिक्षिका को निलंबित करने की धमकी भी दी गई थी। आरोप है कि नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में जब प्रधानाध्यापिका छुट्टी या चिकित्सीय अवकाश पर थीं, और उसी दौरान सहायक अध्यापक ने भी आकस्मिक अवकाश लिया, तब बीईओ ने विद्यालय संचालन के लिए किसी अन्य शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जिससे स्कूल बिना देखरेख के चलता रहा।

तालग्राम के बाद अब सौरिख बीईओ पर गिरी गाज
तालग्राम विकास खंड में तैनात बीईओ रमेशचंद्र चौधरी पर बिना मान्यता संचालित राजकुमारी मेवाराम आदर्श विद्यालय को संरक्षण देने और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने का गंभीर आरोप थे। इसके अलावा अन्य आरोप लगाए गए थे। इन सभी आरोपों को देखते हुए आठ मई 2026 को निलंबित कर दिया गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कानपुर कार्यालय में संबद्ध किया गया था।




अध्यापिका को CCL दिए जाने के मामले में मनमानेपन और मानसिक शोषण किए जाने तथा विभाग की छवि धूमिल करने पर कन्नौज के खण्ड शिक्षा अधिकारी निलंबित, देखें आदेश 

Wednesday, May 27, 2026

बच्चों को मोबाइल से दूर रहने, संस्कारों से जुड़ने और अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का स्नेहिल संदेश, गर्मी की छुट्टियों पर 'सीएम योगी' की बच्चों को पाती

बच्चों को मोबाइल से दूर रहने, संस्कारों से जुड़ने और अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का स्नेहिल संदेश, गर्मी की छुट्टियों पर 'सीएम योगी' की बच्चों को पाती


उत्तर प्रदेश में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के नाम एक बेहद भावुक खुला खत लिखा है. 'योगी अंकल' ने बच्चों से इन छुट्टियों में मोबाइल और रील्स की स्क्रीन से दूर रहने, नानी-दादी के घर जाकर संस्कार सीखने और इस वैकेशन को पूरी तरह 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने की बड़ी अपील की है.


लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश में स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बिल्कुल अलग और संवेदनशील अंदाज में नजर आए हैं. बच्चों के 'योगी अंकल' ने आज, 25 मई 2026 को राज्य के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद भावुक और प्रेरक खुला खत साझा किया है. इस खत को 'योगी की पाती' नाम दिया गया है, जिसमें उन्होंने बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर रहने, संस्कारों से जुड़ने और अपनी छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का कड़ा और स्नेहिल संदेश दिया है. 


'मेरे प्यारे बच्चों... किताबों से दोस्ती करो, नई भाषा सीखो' मुख्यमंत्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए लिखा कि स्कूल की व्यस्त दिनचर्या और परीक्षाओं के परिणाम के बाद मिलने वाला यह अवकाश केवल खाली बैठने के लिए नहीं, बल्कि कुछ नया तलाशने का समय है. सीएम योगी ने लिखा:

"मेरे प्यारे बच्चों, गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं. व्यस्त रूटीन से मुक्ति मिलते ही मन कुछ नया सीखने के लिए उत्सुक हो जाता है. यह समय अपनी रुचियों को पहचानने, अच्छी किताबों से दोस्ती करने, फोटोग्राफी, पेंटिंग, कुकिंग, संगीत और बागवानी जैसे शौक विकसित करने का है."

उन्होंने किशोरों और युवाओं से विशेष अपील की कि वे इस खाली समय का उपयोग कोई नई भाषा सीखने या कोई नया हुनर (Skill Acquisition) हासिल करने की प्रक्रिया में करें. 


पेरेंट्स से अपील: 'बच्चों को ले जाएं नानी-दादी के घर' खत के दूसरे हिस्से में सीएम योगी ने अभिभावकों (Parents) को सीधे संबोधित करते हुए आज के डिजिटल दौर की एक बड़ी कमी पर चोट की. उन्होंने लिखा कि आज के बच्चे दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों से दूर होते जा रहे हैं.

संस्कारों से जुड़ाव: सीएम ने पेरेंट्स से कहा कि इन छुट्टियों में बच्चों को उनके ननिहाल और ददिहाल जरूर लेकर जाएं, ताकि वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकें और हमारे पारिवारिक मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझ सकें.

प्रकृति से दोस्ती: उन्होंने माता-पिता से अपील की कि बच्चों को मिट्टी, पानी और वृक्षों का महत्व समझाएं. बच्चों के हाथों से पौधे लगवाएं और उन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी बच्चों को ही सौंपें.

छुट्टियों को 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाएं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश से एक बड़ा संकल्प लेने का आह्वान किया है. उन्होंने लिखा:

'मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को पूरी तरह से 'प्लास्टिक-मुक्त' बनाने का संकल्प लें. आप कहीं भी घूमने जाएं या पिकनिक पर जाएं, हमेशा कपड़े या जूट के थैलों का ही उपयोग करें. प्लास्टिक का कचरा कहीं भी न फेंकें. आज के ये छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलावों का आधार बनते हैं.' 

सीएम ने बच्चों को उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक संपदा से रूबरू कराने के लिए उन्हें दुधवा नेशनल पार्क, चूका बीच और कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे प्राकृतिक स्थलों पर ले जाने का भी सुझाव दिया.

Monday, May 18, 2026

ग्रीष्मावकाश प्रभावित होता देख परिषदीय शिक्षकों ने बढ़ाया प्रतिकर अवकाश के लिए दबाव

ग्रीष्मावकाश प्रभावित होता देख परिषदीय शिक्षकों ने बढ़ाया प्रतिकर अवकाश के लिए दबाव


लखनऊ । ग्रीष्मावकाश प्रभावित होता देख शिक्षकों ने अब प्रतिकर अवकाश देने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जनगणना एवं भर्ती परीक्षाओं के कारण शिक्षकों का ग्रीष्मावकाश इस बार प्रभावित होने जा रहा है।


ऐसे में पूर्व से गर्मी की छुट्टियों के लिए कार्यक्रम बना चुके शिक्षकों में इससे भारी नाराजगी है। शादी-ब्याह से लेकर अन्य कार्यक्रमों व भ्रमण-पर्यटन आदि के लिए पहले से प्रोग्राम बना चुके शिक्षकों के भी बीच तो भारी असमंजस की स्थिति है। पहले से तैयारी कर बैठे ऐसे शिक्षकों ने पहले से ही अवकाश के लिए आवेदन तक कर रखा है।

बेसिक शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग जिलों में प्रदेश भर में 12000 से अधिक शिक्षकों ने अवकाश के लिए आवेदन कर रखे हैं। दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों ने भी ग्रीष्मावकाश नहीं मिलने की दशा में उसके बदले प्रतिकर अवकाश की सुविधा प्रदान करने की मांग करनी शुरू कर दी हैं। शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार निर्धारित शिक्षण कार्य इस बार पहले एसआईआर और अब जनगणना के कारण बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।

Sunday, April 12, 2026

बेसिक शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश दिए जाने की मांग

बेसिक शिक्षकों को प्रतिकर अवकाश दिए जाने की मांग

लखनऊ। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने गर्मी की छुट्टियों में जनगणना कार्य के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने पर उन्हें प्रतिकर अवकाश देने की मांग उठाई है। संगठन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है।


 प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी एवं प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि गर्मी की छुट्टियां शिक्षकों को उनके आवश्यक एवं व्यक्तिगत कार्यों के लिए प्रदान की जाती हैं, इसलिए यदि इस अवधि में उनकी ड्यूटी शासकीय कार्यों में लगाई जाती है तो उनका अवकाश प्रभावित होता है। ऐसे में जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना अथवा अन्य सरकारी कार्यों में लगाई जाए, उन्हें बाद में प्रतिकर अवकाश दिया जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों का मनोबल बना रहेगा और वे पूरी निष्ठा व समर्पण के साथ शासकीय कार्यों का निर्वहन करेंगे। संगठन ने यह भी मांग की है कि गर्मी की छुट्टियों में शिक्षकों के अंतरजनपदीय एवं जिले के भीतर तबादलों की प्रक्रिया भी आयोजित की जाए। 

Monday, March 9, 2026

अलविदा (रमजान के अंतिम शुक्रवार) पर अवकाश घोषित करने की मांग

अलविदा (रमजान के अंतिम शुक्रवार) पर अवकाश घोषित करने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री से अलविदा का 20 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि रमजान का अंतिम शुक्रवार अलविदा 20 मार्च 2026 को पड़ रहा है। पूर्व के वर्षों में रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को अलविदा का अवकाश घोषित किया जाता रहा है। किंतु बेसिक के कैलेंडर में यह अवकाश अब नहीं है। 


20 मार्च को रमजान का अंतिम शुक्रवार पर अवकाश की मांग 

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व मान्यता) शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर 20 मार्च 2026 को “अलविदा जुमे” के अवसर पर अवकाश घोषित करने की मांग की है। 

शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष मज़हर मुहम्मद खां और प्रदेश महामंत्री अरुणेन्द्र कुमार वर्मा के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि इस वर्ष रमजान माह का अंतिम शुक्रवार यानी 20 मार्च 2026 को “अलविदा जुमे” का दिन पड़ रहा है। परंपरागत रूप से इस दिन अवकाश घोषित किया जाता रहा है, लेकिन इस बार बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी अवकाश तालिका में इस दिन को शामिल नहीं किया गया है। इसी आधार पर संघ ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस दिन के महत्व को देखते हुए इसे अवकाश घोषित किया जाए।



Monday, March 2, 2026

होली अवकाश अवधि में परीक्षा संबंधी कार्यों के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में

होली अवकाश में मु्ख्यालय नहीं छोड़ेंगे यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारी, DIOS को सख्त निर्देश

मुख्यालय छोड़ने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने दिए कार्रवाई के निर्देश

जिला विद्यालय निरीक्षकों से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है


प्रयागराज। यूपी बोर्ड 2026 की संचालित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर होली अवकाश अवधि में भी सख्ती बरती जाएगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. महेंद्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। कहा है कि एक मार्च से 4 मार्च तक होली अवकाश के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

जेडी की अनुमति के बिना नहीं जाएंगे मुख्यालय के बाहर
उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर के अधिकारी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) की अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर नहीं जाएंगे, जबकि संयुक्त एवं अपर शिक्षा निदेशक स्तर के अधिकारी शिक्षा निदेशक की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी के निर्देश 
परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों की अभेद सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्ट्रांग रूम की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक होने पर तत्काल मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं परिषद मुख्यालय को सूचना देना अनिवार्य होगा। लापरवाही पाए जाने पर केंद्र व्यवस्थापक व संबंधित प्रभारी अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

24 घंटे अधिकारी व कर्मचारी फोन सक्रिय रखेंगे 
इसके अतिरिक्त सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मोबाइल फोन 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। संपर्क न होने की स्थिति को घोर लापरवाही माना जाएगा। अवकाश अवधि में स्ट्रांग रूम का आकस्मिक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिसमें सीसीटीवी व्यवस्था, सुरक्षा एवं तैनात कर्मियों की उपस्थिति की गहन जांच की जाएगी।

गृह जनपद जाने के लिए शिक्षकों ने मांगी अनुमति
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं होली अवधि में स्थगित रहेंगी, लेकिन परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूमों में रखे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा विभाग और यूपी बोर्ड की प्राथमिकता है। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. महेंद्र देव ने होली अवकाश अवधि में परीक्षा संबंधी कार्यों के सुचारु संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षकों के लिए निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा गया है
कहा है कि अवकाश अवधि में वह (डीआइओएस) तथा परीक्षा कार्य से जुड़े अधीनस्थ अधिकारी/कर्मचारी बिना मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसके विरोध में राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश की ओर से होली अवकाश के दौरान परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षकों को उनके गृह जनपद जाने की अनुमति देने की मांग की गई है। इसके लिए शिक्षा निदेशक को पत्र भेजा गया है।

पत्र में क्या मांग की गई?
पत्र में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय एवं महामंत्री अरुण यादव ने बताया है कि 18 फरवरी से संचालित यूपी बोर्ड की वर्ष 2026 की परीक्षा के बीच एक मार्च से चार मार्च तक होली अवकाश निर्धारित है। आरोप है कि इस अवधि में परीक्षा कार्य में लगे शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को गृह जनपद जाने में प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। 

त्योहार पर स्वजन करते हैं उनकी प्रतीक्षा...
कहा गया है कि परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित प्रश्नपत्रों की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा तैनात पुलिस कर्मियों की होती है, न कि सामान्य ड्यूटी में लगे शिक्षकों की। ऐसे में शिक्षकों को अवकाश में घर जाने से रोका जाना उचित नहीं है। अनेक शिक्षक अपने गृह जनपद से दूर अन्य जिलों में कार्यरत हैं। त्योहार के अवसर पर परिवार के लोग उनकी प्रतीक्षा करते हैं। ऐसे में उनके घर न पहुंचने से उनके घर में होली का पर्व फीका हो जाएगा।


होली अवकाश अवधि में परीक्षा संबंधी कार्यों के सुचारू संचालन एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में


Sunday, March 1, 2026

छुट्टी, वेतनमान सब ऑनलाइन, फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग के काम पेंडिंग, ऑनलाइन सिस्टम तो लागू कर दिया, लेकिन महीनों तक लटकाए रहते हैं जिला और ब्लॉक स्तर के अफसर

छुट्टी, वेतनमान सब ऑनलाइन, फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग के काम पेंडिंग,  ऑनलाइन सिस्टम तो लागू कर दिया, लेकिन महीनों तक लटकाए रहते हैं जिला और ब्लॉक स्तर के अफसर


केस-1
बाराबंकी के हरख ब्लॉक में शिक्षकों की छुट्टियों के 84 आवेदन पेडिग है। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन बीईओ कार्यालय से अप्रूव नहीं हुए है। पूरे जिले में सभी 15 ब्लॉक और नगर क्षेत्र मिलाकर 804 आवेदन पेंडिंग है।

केस-2
करीब छह महीने पहले शिक्षकों को फडामेंटल लिट्रेसी ऐड न्युमिरेसी का प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण के लिए उनको 750 रुपये भत्ता दिया जाना था। यह भत्ता भी ऑनलाइन उनके खाते मे आना था, लेकिन अब तक नही आया।

ये दो उदाहरण शिक्षा विभाग में ऑनलाइन कामों की रफ्तार का आइना है। इसके अलावा भी कई काम ऐसे हैं जो ऑनलाइन होते हैं और पेंडेंसी खत्म होने के साथ ही काम की रफ्तार बढ़ने के दावे किए जाते हैं। हकीकत ये है कि सामान्य भत्तों से लेकर एनओसी और छुट्टियों का अप्रूवल तक लंबे समय तक फंसा रहता है। व्यवस्था ऑनलाइन होने के बावजूद शिक्षकों को विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में रिश्वत की मांग तक के आरोप लगते हैं।


छुट्टियां लटकाने पर चेतावनीः छुट्टियों के अप्रूवल की ही बात करें तो सीसीएल, अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सीय अवकास सहित सभी तरह की छुट्टियां ऑनलाइन ही अप्रूव की जाती हैं। बाराबंकी का मामला तो इसलिए सामने आ गया कि वहां के बीएसए ने खुद सभी बीएसए को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लिखा है कि काफी अधिक मात्रा में छुट्टियों के आवेदन लंबित हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि है कि तत्काल इनको अग्रसारित करें, अन्यथा की स्थिति में समस्त जिम्मेदारी आपकी होगी। शिक्षकों का आरोप है कि हर जिले में यही हाल है।

चयन वेतनमान लंबितः चयन वेतनमान भी ऑनलाइन लगना होता है, लेकिन नवंबर से अब तक ज्यादातर जिलों में अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। शिक्षक चयन वेतनमान के इंतजार में हैं। इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, यूनाइटेड टीचर्स असोसिएशन सहित कई शिक्षक संगठनों ने अधिकारियों से शिकायत की। डीजी से लेकर कई जिलों के बीएसए तक ने इस पर पत्र लिखकर चयन वेतनमान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए, लेकिन उसके बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसको लटकाए हुए हैं। शिक्षकों की शिकायत है कि इसके लिए भी शिक्षकों से तीन हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की मांग की जाती है।


'जिम्मेदारी तय हो'

शिक्षको का आरोप है कि विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था तो कर दी, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया, ऑफलाइन जितने ही लंबे समय तक काम लटके रहते है। प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद शिक्षको को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते है कि अफसरों का रवैया नहीं बदलेगा, तब तक ऑनलाइन व्यवस्था का कोई फायदा नहीं। उच्च अधिकारियों को पेडिंग कामों की लगातार समीक्षा करनी चाहिए और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।


ये काम ऑनलाइन

जीपीएफ से अडवास भुगतान, सभी प्रकार की एनओसी, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, नया वेतन भुगतान, नोटिस का स्पष्टीकरण, मानव संपदा पोर्टल पर सशेधन, वेतन वैरिएशन पर संशोधन, अन्य सशोधन ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था विभाग ने की है।


जो भी ऑनलाइन काम होने है, वे बिना विलंब के तुरंत होने चाहिए। इस बारे में लगातार निर्देश दिए जा रहे है। इसकी समीक्षा भी की जाती है। चयन वेतनमान शिक्षकों को समय पर मिले, इसकी लगातार समीक्षा करके निर्देश भी दिए जा रहे हैं। - मोनिका रानी, डीजी-स्कूल शिक्षा


(साभार : नवभारत टाइम्स)

Wednesday, February 4, 2026

छुट्टी के दिन शिक्षकों को ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे, शासन स्तर से भी आदेश जारी किए जाने की तैयारी

छुट्टी के दिन शिक्षकों को ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे, शासन स्तर से भी आदेश जारी किए जाने की तैयारी


लखनऊ। कोई भी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अवकाश के दिन शिक्षकों को जबरन ड्यूटी पर नहीं बुला सकेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने पिछले दिनों आदेश भी जारी किए थे लेकिन उस आदेश के अमल में हो रही हीलाहवाली पर अब शासन ने कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। ऐसे में अब बिना ठोस कारण छुट्टी के दिन शिक्षकों को काम पर बुलाना डीआईओएस को महंगा पड़ सकता है। शासन स्तर से भी इस संबंध में आदेश जारी किए जाने की तैयारी है।

दरअसल, पिछले महीनों में प्रचंड ठंड के कारण मुख्यमंत्री ने स्कूलों में छुट्टी के आदेश दिए थे। बाद के कुछ दिनों में शासन स्तर से भी आदेश जारी कर भीषण ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टी की गई थी। उस दौरान कई जिलों के डीआईओएस ने अवकाश घोषित होने के बावजूद शिक्षकों के लिए उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी। कई जिलों में तो बाद में सूचना देकर शिक्षकों को स्कूल बुलाया गया था। इसको लेकर शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध किया था। साथ ही छुट्टी के दिन शिक्षकों से जबरन ड्यूटी कराए जाने की कई शिकायतें शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक को की थी।


अवकाश में ड्यूटी के के लिए जेडी की अनुमति जरूरी

शासन ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिए थे कि इसको लेकर एक दिशा निर्देश जारी करे। बताया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस बारे में जारी दिशा-निर्देश पर अमल नहीं होने पर अब शासन स्तर से इसके लिए निर्देश जारी करने की तैयार की जा रही है। जिसमें अवकाश के दिनों में किसी शिक्षक को ड्यूटी पर बुलाने से पहले जेडी (संयुक्त शिक्षा निदेशक) से अनुमति लेना अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है।

Saturday, January 17, 2026

एसआईआर व पंचायत चुनाव में फंसे यूपी के परिषदीय शिक्षक, 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा, 27 जनवरी से निपुण मूल्यांकन

एसआईआर व पंचायत चुनाव में फंसे यूपी के परिषदीय शिक्षक, 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा, 27 जनवरी से निपुण मूल्यांकन

लखनऊ। सूबे के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और पंचायत चुनाव में लगाए जाने से बेसिक शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहरा गया है। 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा और 27 जनवरी से निपुण मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होनी है लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते पढ़ाई, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

बीते दो माह से सूबे में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच पंचायत चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शिक्षकों को सौंप दी गई हैं। चुनावी कार्यों में लगे शिक्षकों के स्कूलों से दूर रहने के कारण नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यालयों में कक्षाएं सुचारू रूप से नहीं चल पा रही हैं।



गुरुजी पढाएंगे तो ही तो निपुण बनेंगे बच्चे, 27 जनवरी से होगा निपुण एसेसमेंट और शिक्षक एसआईआर व बीएलओ की ड्यूटी कर रहे

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों अधिसंख्य शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक नवम्बर से एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। एक शिक्षक के भरोसे किसी तरह 10 से 16 दिसम्बर की बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं हुईं। तब से अब तक सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं। शीतलहर व सर्दी के चलते 29 दिसम्बर से स्कूलों में लगातार अवकाश है। अब स्कूल 16 जनवरी को खुलेंगे।

शिक्षकों के अनुसार इस दौरान कक्षाएं नहीं चलने से बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है। न ही बच्चों को निपुण एसेसमेंट के लिये भाषा व गणित की तैयारी कराई गई है। 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा और 27 जनवरी से निपुण एसेसमेंट कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसको लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है।

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवी के बच्चों की हिन्दी और गणित की दक्षता जांचने के लिए निपुण एसेसमेंट इसी माह होना है। डीएलएड प्रशिक्षु 27 जनवरी से स्कूलों में जाकर बच्चों निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आकलन करेंगे। लखनऊ के 1249 प्राइमरी स्कूलों में निपुण निपुण एसेसमेंट होना है।


बिना पाठ्यक्रम पूरा हुए 24 जनवरी से सत्र परीक्षा
प्राइमरी स्कूलों में 24 से 31 जनवरी के बीच द्वितीय सत्र परीक्षा होनी है। परीक्षा कार्यक्रम बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने आठ जनवरी को जारी किया था। शिक्षकों का कहना है कि अर्द्ध परीक्षा खत्म होने के बाद सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं लेकिन शिक्षकों के एसआईआर में लगे होने से पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ।

"नवम्बर से अधिकांश शिक्षक एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। दिसम्बर में अर्धवार्षिक परीक्षा खत्म हुई। फिर अवकाश, स्कूल खुलने के बाद सत्र परीक्षा, निपुण आकलन इत्यादि, बिना बच्चों की नियमित पढ़ाई के कैसे होगा? इस विषय पर विभाग को जरूर सोचना चाहिए।
- विनय सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन


 


जाड़े की छुट्टियों के बाद आज से खुलेंगे परिषदीय स्कूल, सत्र परीक्षा व निपुण आकलन में जुटेंगे

जाड़े की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर 24 से सत्रीय परीक्षाएं होंगी शुरू

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय - विद्यालय जाड़े की छुट्टियों के बाद 16 जनवरी शुक्रवार से खुल रहे हैं। हालांकि प्रयागराज में 20 तक स्कूल - बंद रहेंगे। स्कूल खुलने के साथ ही - एक साथ विद्यालयों में दो महत्वपूर्ण - गतिविधियां सत्रीय परीक्षाएं व विद्यालयों का निपुण आकलन शुरू होना है। हालांकि अभी भी काफी - शिक्षक एसआईआर में फंसे हुए हैं। ऐसे में स्कूलों के लिए एक साथ दोनों काम कराना चुनौतीपूर्ण होगा।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक जाड़े की छुट्टियां थीं। जबकि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का सार्वजनिक अवकाश घोषित था। इस क्रम में शुक्रवार से विद्यालय खुल रहे हैं। स्कूल खुलने के साथ ही 24 जनवरी से विद्यालयों में सत्रीय परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षाएं 31 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से विस्तृत निर्देश जारी किया जा चुके हैं।

हालांकि इसमें यह राहत दी गई है कि परीक्षा दिसंबर तक पढ़ाए गए कोर्स के आधार पर ही आयोजित की जाएगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर पेपर बनाकर परीक्षा कराई जाएगी। जबकि शिक्षकों के एसआईआर के काम में फंसे होने से दिसंबर में भी काफी जगह पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही है। इसी बीच शिक्षकों के जिलों में समायोजन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

शुक्रवार से स्कूल खुलने पर इसका भी असर देखने को मिलेगा। दूसरी तरफ 27 जनवरी से विद्यालयों का निपुण आकलन भी शुरू कर दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने फरवरी तक सभी विद्यालयों का डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से निपुण आंकलन कराने का विस्तृत निर्देश जारी कर रखा है। विभाग ने इसके लिए आवश्यक बजट भी जारी कर दिया है। इस तरह जाड़े की छुट्टियों के बाद खुल रहे स्कूलों में काफी हलचल रहेगी।


शीतकालीन अवकाश के बाद आज से खुलेंगे परिषदीय स्कूल, खुलते ही निपुण आकलन और सत्र परीक्षा का दौर होगा शुरू 

लखनऊः शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार से प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय खुलेंगे। ठंड को देखते हुए फिलहाल स्कूलों का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक किया जाएगा। स्कूल खुलते ही शिक्षण कार्य के साथ-साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। हालांकि कुछ जिलों में ठंड के चलते जिला प्रशासन ने अभी अवकाश घोषित किया है।

परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 की द्वितीय सत्रीय परीक्षा 24 जनवरी से 31 जनवरी के बीच आयोजित की जाएगी। ऐसे में विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को परीक्षा के अनुरूप पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति कराई जाए और उनकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जाए। सत्रीय परीक्षा के परिणामों के आधार पर जिन छात्र-छात्राओं का अपेक्षित परिणाम नहीं होगा, उनके लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था की जाएगी। कक्षा स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर विषयवस्तु को सरल तरीके से दोहराया जाएगा, अतिरिक्त अभ्यास कराया जाएगा और उनकी सीखने की कमी को दूर करने पर फोकस किया जाएगा।

 बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केवल मूल्यांकन का माध्यम नहीं होगी, बल्कि इसके जरिये बच्चों की शैक्षिक स्थिति का आकलन कर गुणवत्ता सुधार की रणनीति पर काम किया जाएगा। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे कक्षा में व्यक्तिगत ध्यान देते हुए कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का प्रयास करें।

विद्यालय खुलने के साथ ही उपस्थिति बढ़ाने, नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करने और बच्चों को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण देने पर भी जोर दिया गया है। ठंड के मद्देनजर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश भी विद्यालयों को दिए गए हैं।

Wednesday, December 31, 2025

शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हुए विरोधाभासी आदेशों पर जताई गंभीर आपत्ति

शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हुए विरोधाभासी आदेशों पर जताई गंभीर आपत्ति 


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश में घोषित शीत अवकाश के अनुपालन को लेकर जिला स्तर पर जारी हो रहे विरोधाभासी आदेशों पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश को भेजे ज्ञापन में कहा है कि शासन द्वारा 29 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए सभी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है, किंतु इसके बावजूद कुछ जनपदों में जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा शिक्षकों को अवकाश अवधि में प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित रहने के आदेश दिए जा रहे हैं। 

संघ का कहना है कि जब विद्यार्थियों के लिए विद्यालय बंद हैं तो शिक्षकों की अनिवार्य उपस्थिति का कोई औचित्य नहीं है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे आदेश यह दर्शाते हैं कि जनपदीय अधिकारी शासन के स्पष्ट निर्देशों का मनमाने ढंग से उल्लंघन कर रहे हैं और विभागीय नियंत्रण कमजोर हो चुका है। संघ ने इसे शिक्षक समाज के मानसिक उत्पीड़न की संज्ञा देते हुए कहा है कि बार-बार इस प्रकार के आदेश जारी होना शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के विपरीत है। 

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने मांग की है कि सभी जनपदों में शीत अवकाश का समान रूप से पालन सुनिश्चित कराया जाए और शिक्षकों को अन्य विभागों की तरह 31 दिसंबर का अवकाश भी प्रदान किया जाए, ताकि कड़ाके की ठंड में उन्हें राहत मिल सके। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आदेशों का वास्तविक अनुपालन सुनिश्चित नहीं कराया गया तो शिक्षक समाज में असंतोष और बढ़ेगा।



UP Madarsa Board Holiday List : वर्ष 2026 में मदरसों में 78 दिन रहेंगी छुट्टियां, अवकाश तालिका जारी, करें डाउनलोड

वर्ष 2026 में मदरसों में 78 दिन रहेंगी छुट्टियां, अवकाश तालिका जारी, करें डाउनलोड 


लखनऊ। प्रदेश के सभी मदरसे 1 से 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने ठंड को देखते हुए 10 दिन का शीतकालीन अवकाश घोषित किया है। साथ ही मदरसा बोर्ड ने साल 2026 की अवकाश तालिका भी जारी कर दी है। सर्दी व गर्मी में मौसम बदलने पर जिलाधिकारी व अन्य सक्षम स्तर से घोषित होने वाले अवकाश मदरसों पर भी लागू होंगे। 

नई अवकाश तालिका के अनुसार 2026 में 78 दिन मदरसे बंद रहेंगे। मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने बताया कि रमजान 18 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। इसको देखते हुए मदरसों में वार्षिक अवकाश 16 फरवरी से 30 मार्च तक तय किया गया है। ईद उल फित्र में मदरसों में 4 दिन का अवकाश रहेगा। उन्होंने बताया कि मदरसे के प्रबंधक 3 और प्रधानाचार्य 2 दिन का अवकाश स्वीकृत कर सकेंगे। 





मदरसे में साप्ताहिक अवकाश जुमा (शुक्रवार) को होगा। मदरसे के प्रबन्धक एवं प्रधानाचार्य कमशः 3-2 अर्थात कुल 05 दिन का अवकाश स्वीकृत कर सकते हैं।

उपरोक्त के अतिरिक्त अध्यापकों/ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 14 दिवस का आकस्मिक अवकाश देय होगा। 

राष्ट्रीय पर्व में शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा, लेकिन शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारी / छात्र-छात्राएं मदरसे में उपस्थित रहकर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। 

इस्लामिक त्योहार, स्थानीय चन्द्रदर्शन (रूयते हिलाल) के आधार पर मनायेंगे। 

मदरसा प्रबन्धक मदरसा द्वारा प्रदत्त अवकाश की सूचना एक सप्ताह पूर्व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दी जायेगी। 

शीतकाल व ग्रीष्मकाल में मौसम परिवर्तन के दृष्टिगत जिलाधिकारी अथवा सक्षम स्तर द्वारा घोषित किये जाने वाले अवकाश मदरसों पर लागू होंगे तथा मदरसा संचालन के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन निर्धारित शैक्षिक घण्टों में कमी न होने के दृष्टिगत किया जावेगा


Download UP Board Holiday List : प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों हेतु वर्ष 2026 की अवकाश तालिका जारी, करें डाउनलोड


माध्यमिक शिक्षा विभाग का नया कैलेंडर जारी, 28 दिन रहेगा सार्वजनिक अवकाश

238 दिन की पढ़ाई और 112 दिन की छुट्टियां, 15 दिन बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 2026 के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें - गर्मी की छुट्टियों सहित कुल 112 दिन विद्यालयों में अवकाश रहेगा, जबकि बोर्ड परीक्षा के लिए 15 दिन निर्धारित किए गए हैं। इस दौरान 238 दिन विद्यालयों में पठन-पाठन व अन्य कार्य होंगे।

कैलेंडर के अनुसार, 21 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां होंगी और पूरे वर्ष में कुल 28 दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। इसके अलावा, यदि आवश्यक हो तो प्रधानाचार्य विशेष परिस्थितियों में तीन दिन का अवकाश दे सकते हैं, जिसका विवरण विद्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा किया जाएगा और डीआईओएस को भी सूचित किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षिकाओं के लिए विशेष अवकाश की घोषणा की है। इसके तहत विवाहित महिला शिक्षिकाओं को करवा चौथ की छुट्टी दी जाएगी। इसके साथ ही, क्षेत्र विशेष में हरितालिका तीज या हरियाली तीज, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी, ललई छठ, जिउतिया व्रत, अहोई अष्टमी व्रत जैसे त्योहारों पर महिला शिक्षिकाओं को उनके प्रार्थना पत्र पर दो दिन की छुट्टी दी जा सकेगी।


महिला शिक्षिकाओं को मिलेगा विशेष अवकाश

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षिकाओं के लिए विशेष अवकाश की घोषणा की है। इसके तहत विवाहित महिला शिक्षिकाओं को करवा चौथ की छुट्टी दी जाएगी। इसके साथ ही, क्षेत्र विशेष में हरितालिका तीज या हरियाली तीज, संकठा चतुर्थी, हलषष्ठी, ललई छठ, जिउतिया व्रत, अहोई अष्टमी व्रत जैसे त्योहारों पर महिला शिक्षिकाओं को उनके प्रार्थना पत्र पर दो दिन की छु‌ट्टी दी जा सकेगी।



Download UP Board Holiday List :  प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों हेतु वर्ष 2026 की अवकाश तालिका जारी, करें डाउनलोड

Friday, December 26, 2025

दिनांक 27 दिसम्बर 2025 को गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती पर अवकाश घोषित किये जाने के सम्बन्ध में।

दिनांक 27 दिसम्बर 2025 को गुरु गोविन्द सिंह जयन्ती पर अवकाश घोषित किये जाने के सम्बन्ध में।



Tuesday, November 25, 2025

सुप्रीम कोर्ट ने महिला और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए माहवारी अवकाश पर नीति बनाने और लागू करने की सिफारिश की, अवकाश के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र की जरूरत न हो

सुप्रीम कोर्ट ने महिला और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए माहवारी अवकाश पर नीति बनाने और लागू करने की सिफारिश की, अवकाश के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र की जरूरत न हो


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों की महिला और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए माहवारी अवकाश पर नीति बनाने और लागू करने की सिफारिश की। अदालत ने कहा कि हर माह कुछ अवकाश तय किए जाएं। नीति में इसका ध्यान रखा जाए अवकाश के लिए किसी मेडिकल प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं हो।


अदालत ने कहा, माहवारी स्वास्थ्य को कार्यस्थल पर कल्याण का जरूरी और अनिवार्य पहलू माना जाए, जो बराबरी, सम्मान और इंसानी काम करने के हालात की संवैधानिक गारंटी पर आधारित हो। सुप्रीम कोर्ट के शोध एवं योजना विंग यानी सीआरपी द्वारा माहवारी अवकाश को लेकर जारी स्वेतपत्र में यह सिफारिश की गई है।

अवकाश के लिए आसान तरीका बनाए : सुप्रीम कोर्ट के 52वें मुख्य न्यायाधीश रहे जस्टिस बीआर गवई की देखरेख में तैयार श्वेतपत्र में कहा गया है कि यह जरूरी है कि माहवारी के दौरान कर्मियों को बिना किसी बदनामी, पेशागत या वित्तीय नुकसान के अवकाश लेने के लिए एक सम्मानजनक और आसान तरीका बनाया जाए। 

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 'माहवारी अवकाश' को छुट्टी अवकाश नीतिकेमौजूदा फ्रेमवर्क में शामिल किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को हर महीने एक तय संख्या में छुट्टी मिल सके और उनकी निजता-गोपनीयता बनी रहे। स्वेतपत्र में कहा गया है कि माहवारी अवकाश लेने की प्रक्रिया को जेंडर आइडेंटिटी बताने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। रिपोर्ट में राष्ट्रीय विधिक सेवा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में शीर्ष अदालत द्वारा पारित फैसले का हवाला दिया गया है, ताकि खुद की पहचान करने का अधिकार बना रहे।

Monday, November 24, 2025

25 नवम्बर को श्री गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस पर अवकाश घोषित

25 नवम्बर को श्री गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस पर अवकाश घोषित 



Sunday, October 12, 2025

ऑफलाइन अवकाश लेने की सुविधा को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने किया समाप्त, शिक्षक मानव संपदा पोर्टल से ही ले सकेंगे आकस्मिक अवकाश

ऑफलाइन आकस्मिक अवकाश लेने की सुविधा को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने किया समाप्त, शिक्षक मानव संपदा पोर्टल से ही ले सकेंगे अवकाश

फोन कर या आवेदन पत्र भेजकर अवकाश लेने की सुविधा को माध्यमिक शिक्षा विभाग किया समाप्त


लखनऊ। मानव सम्पदा पोर्टल पर आवेदन करके ही अब हाई स्कूलों के शिक्षक किसी प्रकार की छुट्टी ले सकेंगे। प्रधानाचार्य को फोन कर या आवेदन पत्र भेजकर अवकाश लेने की सुविधा को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने समाप्त कर दिया है।

जो भी शिक्षक या शिक्षणेतर कर्मी फोन से या आवेदन पत्र भेजकर अवकाश का आवेदन करेंगे उसे न सिर्फ स्वतः रद्द माना जाएगा बल्कि ऐसा करने पर उन्हें गैर हाजिर भी माना जाएगा। शासन द्वारा इस मामले में सख्ती किए जाने के बाद विभाग ने इसके लिए न सिर्फ दिशा-निर्देश जारी कर दिया है बल्कि निगरानी के लिए शिक्षा अधिकारियों की टीमें भी बना दी हैं। ये टीमें अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्य दिवसों में प्रतिदिन स्कूलों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय भेजेंगी। 


इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेन्द्र देव की ओर से प्रदेश के सभी मंडलों के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) तथा समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों के नाम सर्कुलर जारी निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अवकाश को लेकर जारी आदेशों का अनुपालन कराएं।

सर्कुलर में कहा गया है कि हाईस्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रारम्भ होने वाली है पर कई हाईस्कूलों के तमाम शिक्षक, कर्मी बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित रहते हैं।

हाईस्कूलों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित है। यह बहुत ही खेदजनक स्थिति है। अवकाश केवल मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकृत किए जाने से स्पष्ट आदेश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं।

Saturday, August 30, 2025

शिक्षकों के एरियर और अवकाश आवेदनों में विलंब को लेकर हापुड़ की बीईओ निलंबित

शिक्षकों के एरियर और अवकाश आवेदनों में विलंब को लेकर हापुड़ की बीईओ निलंबित


हापुड़ : हापुड़ ब्लॉक के शिक्षकों के एरियर और अवकाश आवेदनों में विलंब के मामले में अपर शिक्षा निदेशक बेसिक ने खंड शिक्षा अधिकारी रचना सिंह को निलंबित कर दिया गया। धर्मपुर 15 बिस्वा स्थित प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका उषा रानी ने एरियर के लिए आवेदन किया था। रचना सिंह ने कई अन्य शिक्षकों के मामलों में भी देरी की। नियमानुसार एरियर का भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाना था। ऐसे में अपर शिक्षा निदेशक कामता रामपाल ने रचना सिंह को शासकीय कार्यों में लापरवाही का दोषी पाया।



Friday, June 13, 2025

लू और तपिश को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने की 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग, सीएम व महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा गया ज्ञापन

लू और तपिश को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने की 30 जून तक गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग, सीएम व महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा गया ज्ञापन


लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। बृहस्पतिवार को भी शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दीपक कुमार व महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा को पत्र भेजकर इसकी मांग उठाई।



प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह व महामंत्री आशुतोष मिश्र ने कहा कि उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। जबकि 16 जून से परिषदीय विद्यालय खुलेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती होती है। भीषण गर्मी को देखते हुए 16 जून से विद्यालय खोलने पर पुर्नविचार करते हुए 01 जुलाई से विद्यालय का संचालन सुनिश्चित कराएं।

शिक्षकों उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक प्रकाश साहू व प्रदेश महामंत्री आलोक सिंह यादव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व बेसिक शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर भीषण गर्मी व लू को देखते हुए 30 जून तक स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाने की मांग की है। क्योंकि इस भीषण गर्मी व लू में विद्यालय खोलने से छात्रों व शिक्षकों दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में 30 जून तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई जाएं।


 


भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदीय स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई जाएं, शिक्षक संगठनों ने दिया ज्ञापन, 16 जून से खुलने हैं स्कूल

लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालय गर्मी की छुट्टियों के बाद 16 जुलाई से खुलने हैं। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए शिक्षक संगठनों ने अलग-अलग ज्ञापन देकर बेसिक शिक्षा मंत्री व विभागीय अधिकारियों से स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने की मांग की है। 

उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छु‌ट्टी को आगे बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस समय लू चल रही है। जो बच्चों के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे में 16 जून से स्कूल खोलने का निर्णय उनके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष तिवारी व प्रदेश सचिव दिलीप चौहान ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों को 30 जून तक बंद रखने की मांग की है।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार व बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी से मिलकर भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदीय विद्यालयों को खोलने की तिथि बढ़ाने की मांग की है।






ग्रीष्मावकाश को 30 जून तक बढ़ाने और विद्यालय समय में बदलाव किए जाने की मांग