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Monday, April 22, 2024

विश्वविद्यालय में समय पर सत्र शुरू नहीं तो रुक जाएगा फंड- UGC

विश्वविद्यालय में समय पर सत्र शुरू नहीं तो रुक जाएगा फंड- UGC



विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूसीजी) ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर निर्धारित समय पर नए सत्र की शुरुआत करने का निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जुलाई में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर अगस्त के पहले सप्ताह में कक्षाएं शुरू कर दी जाएं। अगर समय पर सत्र शुरू नहीं हुआ तो सभी विश्वविद्यालयों को दिए जानेवाले फंड पर रोक लगाई जा सकती है। 


इसके साथ ही विश्वविद्यालयों को पूर्व में दी गई राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी देना है। इसके पहले भी कई विश्वविद्यालय ने उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं दिया था जिनका फंड रोका गया था। 


यूजीसी ने कहा कि हर हाल में स्नातक पहले वर्ष की कक्षाएं अगस्त में शुरू कर दें। इससे पहले सभी विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों से प्रवेश से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा करने का भी सुझाव दिया है। इधर तमाम केन्द्रीय विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए सीयूईटी 15 से 31 मई तक है। हालांकि इस परीक्षा के लिए दस लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। पिछली बार सीयूईटी से दाखिला में विलंब हुआ था।


यूजीसी ने इसके साथ ही नियमों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय से जल्द एकेडमिक कैलेंडर भी जारी करने को कहा है। ताकि समय से संस्थान और उससे संबद्ध कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो सके। शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की पहल के तहत ही आयोग ने पिछली स्नातक कक्षाओं की परीक्षा के परिणाम भी जून अंत तक और स्नातक दूसरे और आगे के वर्षों की कक्षाएं भी जुलाई के पहले सप्ताह तक शुरू करने को कहा है। आयोग ने 15 अप्रैल तक एकेडमिक कैलेंडर जारी करने का निर्देश दिया था।

मौसम का पारा चढ़ा तो बेसिक स्कूलों के समय को लेकर मचा घमासान, अधिकारियों की जिद में परिषदीय स्कूलों के बच्चे गर्मी से परेशान

मौसम का पारा चढ़ा तो बेसिक स्कूलों के समय को लेकर मचा घमासान, अधिकारियों की जिद में परिषदीय स्कूलों के बच्चे गर्मी से परेशान 


लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के समय को लेकर घमासान मचा हुआ है। कुछ जिलों में बीएसए ने समय में बदलाव कर दिया तो बेसिक शिक्षा निदेशक ने रद्द करने का आदेश कर दिया। इसके बावजूद लगातार कई जिले समय में बदलाव कर पढ़ाई के घंटे कम कर रहे हैं। वहीं, ज्यादातर जिलों में अब भी दो बजे तक स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में शिक्षक संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे प्रदेश में समय बदला जाए। इस बाबत उन्होंने मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा है।


बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुल रहे हैं। स्कूल 19 मई तक खुलने हैं। इधर, तापमान अभी से 40 डिग्री के पार होता जा रहा है।  ऐसे ही हालात को देखते हुए कुछ जिलों के बीएसए ने समय बदलकर 7:30 से 12:30 बजे तक किया था। 

इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने यह आदेश किए कि बीएसए अपने स्तर से आदेश न करें। पूरे प्रदेश में एक ही समय रहना चाहिए। स्कूल पूरे प्रदेश में 8 से 2 बजे तक ही खुलेंगे।

इसके बाद भी बढ़ती गर्मी और शिक्षकों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मऊ, हाथरस, आजमगढ़ और देवरिया सहित कई जिलों में स्कूलों का समय बदलकर 7:30 कर दिया गया है। कई जगह डीएम ने आदेश किए हैं। वहीं, कुछ जिलों में डीएम के आदेश का हवाला देते हुए बीएसए ने निर्देश दिए हैं।



गर्मी-तपिश में झुलस रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे, शिक्षकों व संगठनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद नहीं हो पा रहा विद्यालय समय में बदलाव

प्रयागराज । प्रदेश में आठवीं तक के लाखों बच्चे गर्मी से बिलबिला रहे हैं। शिक्षकों व संगठनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्कूल टाइमिंग में बदलाव नहीं हो रहा है।

बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने 15 अप्रैल को आदेश जारी किया था कि स्कूल टाइमिंग सुबह आठ से दो बजे ही रखी जाए। इसके चलते जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर भी स्कूल टाइमिंग में परिवर्तन से बच रहे हैं।

माध्यमिक स्कूल जहां कक्षा छह से 12वीं तक के बच्चे अध्ययनरत हैं, वहां की टाइमिंग सुबह 7:30 से 12:30 बजे की है। वहीं, कक्षा एक से आठवीं के परिषदीय, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कम्पोजिट के साथ मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त  स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों की छुट्टी दोपहर दो बजे हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है।




माध्यमिक विद्यालयों के उलट भीषण गर्मी और लू में दो बजे तक संचालित हो रहे परिषदीय स्कूल, झुलस रहे मासूम बच्चे

प्रयागराज : प्रदेश के माध्यमिक विद्यालय दोपहर 12.30 बजे तक संचालित हो रहे हैं, जबकि 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में दोपहर दो बजे बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। प्राइमरी के बच्चे कड़ी धूप और गर्म हवा के थपेड़े सहते हुए घर पहुंचते हैं। प्रचंड गर्मी को देखते हुए कुछ जिलों में बीएसए ने छुट्टी का समय घटाया तो बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इसे अनुचित बताते हुए दो बजे छुट्टी करने के निर्देश दिए हैं। अब प्राइमरी में भी दोपहर 12.30 बजे छुट्टी करने की मांग की गई है।


मान्यता प्राप्त शासकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्मकाल में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 7.30 से 12.30 बजे तक पढ़ाई का समय निर्धारित है। इसके विपरीत बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक खोले जाने के निर्देश हैं।


 एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने होने पर विद्यालय इसी निर्धारित समय पर खुलने और बंद होने लगे। इस बीच गर्मी बढ़ने लगी तो कुछ जिलों में बीएसए ने छात्र- छात्राओं के हित में स्कूल छुट्टी का समय घटा दिया। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के सभी बीएसए को पत्र लिखकर बताया कि कुछ जिले में विद्यालय समय में परिवर्तन किया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि छुट्टी दोपहर दो बजे की जाए।

यूपी में प्रचंड गर्मी और लू के चलते परिषदीय स्कूलों का क्या बदलेगा समय? एमएलसी ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से लगाई गुहार

यूपी में प्रचंड गर्मी और लू के चलते परिषदीय स्कूलों का क्या बदलेगा समय? एमएलसी ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से लगाई गुहार


सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने भीषण गर्मी के मद्देनजर स्कूलों के समय में परिवर्तन किए जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पत्र लिखा है।


School time : सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने भीषण गर्मी के मद्देनजर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के समय में परिवर्तन किए जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। अपने पत्र में श्री सिन्हा ने लिखा है कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल इस भीषण गर्मी में भी दोपहर दो बजे तक संचालित हो रहे हैं, जिससे 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच दोपहर दो बजे तक बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने अपने पत्र लिखा है कि बच्चे कड़ी धूप और गर्म हवा के थपेड़े सहते हुए घर पहुंचते हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है। लिहाजा इस प्रचंड गर्मी को देखते हुए कुछ जिलों में बीएसए ने अपने स्तर से छुट्टी का समय घटाया भी था परन्तु बेसिक शिक्षा निदेशक ने इसे अनुचित बताते हुए पुनः दो बजे छु‌ट्टी करने के निर्देश दिए हैं। 


उन्होंने बताया कि प्रदेश के मान्यता प्राप्त शासकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्मकाल में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 7.30 से 12.30 बजे तक पढ़ाई का समय निर्धारित है। इसके विपरीत बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक खोले जाने के निर्देश हैं।


ऐसे में बच्चों के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अभिभावकों द्वारा अब बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी दोपहर 12.30 बजे तक छुट्टी करने की मांग भी निरंतर की जा रही है।



प्रचण्ड गर्मी के कारण बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शैक्षणिक कार्य के समय में परिवर्तन के सन्दर्भ में स्नातक विधायक का पत्र 



पड़ रही भीषण गर्मी, तपन और लू को देखते हुए छात्र हित में परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग






कोरोना काल के पश्चात परिवर्तित किए गए परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय को पूर्ववत करने के सम्बन्ध में  शिक्षक संघ की मांग




DGSE से परिषदीय स्कूलों का समय साढ़े 7 से साढ़े 12 तक करने की मांग

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रांतीय संयोजक अपूर्व दीक्षित द्वारा महानिदेशक को एक पत्र द्वारा भीषण गर्मी व लू के चलते स्कूल समय परिवर्तन की मांग रखी। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार कनौजिया ने बताया कि स्कूल सुबह 8 से 2 बजे तक है। भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालय का समय सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक करने की बात रखी गई। 




वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी में परिषदीय विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों के समय परिवर्तन के सम्बन्ध में PSPSA ने सीएम योगी से की मांग




परिषदीय विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी लिखा शासन को पत्र




कोरोना काल के पश्चात परिवर्तित किए गए परिषदीय विद्यालयों के संचालन समय को पूर्ववत करने के सम्बन्ध में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की सीएम योगी से मांग


Sunday, April 21, 2024

शिक्षाधिकारियों की उदासीन संस्कृति से लंबित हो रहे मुकदमे, हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

एक सप्ताह में जवाबी हलफनामा दें डीआईओएस बलिया : हाईकोर्ट

शिक्षाधिकारियों की उदासीन संस्कृति से लंबित हो रहे मुकदमे, हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अदालत की कार्रवाई में देरी के लिए सरकारी अधिकारियों की उदासीन संस्कृति को जिम्मेदार ठहराया है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की कोर्ट ने कहा, मुकदमों के निस्तारण में देरी के लिए सिर्फ न्यायिक प्रणाली ही जिम्मेदार नहीं है, इसमें 75 प्रतिशत योगदान सरकारी अधिकारियों का है, जो सरकारी मुकदमा सोचकर ध्यान नहीं देते हैं।


बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की ओर से डॉ.उमा शंकर सिंह के निलंबन को मंजूरी देने के खिलाफ याचिका पर जवाबी हलफनामा देने के लिए कोर्ट ने डीआईओएस को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।


साथ ही कोर्ट ने चेतावनी भी दी कि इस बार हलफनामा दाखिल न होने पर अदालत में डीआईओएस खुद पेश होकर बताएं कि क्यों न उनके खिलाफ आदेश पारित किया जाए। मामले में याची ने अपने निलंबन आदेश के अनुमोदन को चुनौती दी थी, जिस पर अदालत ने दो दिसंबर को डीआईओएस से जवाबी हलफनामा तलब किया था।


करीब चार माह बाद भी जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं करने से खफा कोर्ट ने मुकदमों की देरी के लिए राज्य के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट ने कहा, अधिकारी न्यायिक प्रक्रिया में अपने खिलाफ आदेश पारित होने पर विचलित हो जाते हैं, आदेशों के खिलाफ शीघ्र ऊपरी अदालतों का रुख करते हैं, जबकि सरकारी मुकदमों के प्रति उदासीन रहते हैं। अधिकारियों का यह रवैया मुकदमों के त्वरित निस्तारण में बाधक बन रहा है

यूपी बोर्ड की तरह अब संस्कृत में भी सिर्फ 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा

यूपी बोर्ड की तरह अब संस्कृत में भी सिर्फ 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा

नए सत्र से 11वीं भी बोर्ड परीक्षा से बाहर, पिछले साल 9वीं को हटाया गया था


लखनऊ। यूपी बोर्ड की ही तरह अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद में भी सिर्फ 10वीं और 12वीं क्लास की ही बोर्ड की परीक्षा होगी। नए सत्र से 11वीं क्लास भी बोर्ड परीक्षा से बाहर हो जाएगी। परिषद के सचिव शिवलाल ने बताया कि यह व्यवस्था नए सत्र 2024-25 से प्रभावी हो जाएगी।


उन्होंने बताया कि पूर्व की व्यवस्था के अनुसार 9वीं व 10वीं के नंबर जोड़कर पूर्व मध्यमा द्वितीय (10वीं) और 11वीं व 12वीं के नंबर जोड़कर उत्तर मध्यमा द्वितीय 12वीं) का परिणाम जारी किया जाता था। पिछले साल से 9वीं क्लास को बोर्ड परीक्षा से हटा दिया गया था। इसी क्रम में नए सत्र से 11वीं को भी बोर्ड परीक्षा से हटा दिया जाएगा।


 अब 9वीं व 11वीं क्लास की परीक्षाएं सामान्य स्कूल स्तर की होंगी। जबकि 10वीं और 12वीं क्लास में बोर्ड परीक्षाएं होंगी। यह कवायद विद्यार्थियों पर से परीक्षा का दबाव कम करने के लिए शासन की ओर से की गई है।

यूपी बोर्ड स्क्रूटनी के लिए 14 मई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 24 अप्रैल से शुरू होगा ग्रीवांस सेल

यूपी बोर्ड स्क्रूटनी के लिए 14 मई तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, 24 अप्रैल से शुरू होगा ग्रीवांस सेल


प्रयागराज। यूपी बोर्ड का परिणाम जारी करने के साथ ही स्क्रूटनी के लिए आवेदन शुरू हो गया है। परीक्षार्थी 14 मई तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन ही किया जा सकता है। इसके लिए पांच सौ रुपये शुल्क भी जमा करना होगा।


जिन परीक्षार्थियों का उनकी मेहनत के मुताबिक अंक न मिला हो, वह स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की अपर सचिव विभा मिश्रा ने बताया कि स्क्रूटनी का आवेदन वेबसाइट www.upmsp.edu.in किया जा सकता है। पर परिणाम आने के साथ ही वेबसाइट पर इसका लिंक दे दिया गया है।


परीक्षार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रति प्रश्न पत्र की दर से पांच सौ रुपये शुल्क जमा करना होगा। फिर ऑनलाइन जमा हुए आवेदन का प्रिंट और मूल चालान पत्र को रजिस्टर्ड डाक से क्षेत्रीय कार्यालयों को भेजना होगा। उन्होंने बताया कि कोरियर या साधारण डाक से भेजा गया आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।


परिणाम जारी करने के बाद तीन दिन का अवकाश
यूपी बोर्ड का परिणाम जारी करने के बाद मुख्य कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। उप सचिव प्रशासन देवव्रत सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ, बरेली, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी की टीम परिणाम जारी करने में लगी थी। परिणाम जारी हो चुका हैं। इसलिए इन कार्यालयों में 21, 22 और 23 अप्रैल को अवकाश रहेगा।


24 अप्रैल से शुरू होगा ग्रीवांस सेल
यूपी बोर्ड परिणाम से जुड़ी किसी भी समस्या को हल करने के लिए ग्रीवांस सेल का गठन किया गया है। ग्रीवांस सेल 24 अप्रैल से सक्रिय होगा। परीक्षार्थियों को इसके लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। वह यूपी बोर्ड मुख्यालय में बनाए गए सेल में समस्या से जुड़ा आवेदन करेंगे। कुछ दिनों में उनकी समस्या हो हल किया जाएगा।

माध्यमिक संस्कृत बोर्ड परीक्षा में रहा बेटियों का दबदबा, पूर्व मध्यमा द्वितीय (हाईस्कूल) व उत्तर मध्यमा द्वितीय (इंटरमीडिएट) की टाप टेन की सूची में कुल 18 छात्राएं

माध्यमिक संस्कृत बोर्ड परीक्षा में रहा बेटियों का दबदबा, पूर्व मध्यमा द्वितीय (हाईस्कूल) व उत्तर मध्यमा द्वितीय (इंटरमीडिएट) की टाप टेन की सूची में कुल 18 छात्राएं

पूर्व मध्यमा में बहराइच की मानसी चौरसिया और उत्तर मध्यमा में सुलतानपुर की पूनम तिवारी टापर


 लखनऊ: प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया। संस्कृत बोर्ड की परीक्षा में बेटियों ने परचम लहराया है। पूर्व मध्यमा द्वितीय (हाईस्कूल) व उत्तर मध्यमा द्वितीय (इंटरमीडिएट) की टाप टेन की सूची में कुल 18 छात्राएं हैं।


पूर्व मध्यमा द्वितीय में बहराइच के श्रीराम जानकी शिव संस्कृत विद्यालय की छात्रा मानसी चौरसिया ने 90.07 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया है। वहीं उत्तर मध्यमा द्वितीय में सुलतानपुर के श्री संस्कृत माध्यमिक विद्यालय की छात्रा पूनम तिवारी ने 82.85 प्रतिशत अंक हासिल कर टाप किया है।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय में शनिवार को उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के सचिव शिवलाल ने परिणाम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व मध्यमा द्वितीय की परीक्षा में कुल 16,816 विद्यार्थी शामिल हुए और इसमें से 14,701 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। कुल 87.42 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल की। 


पूर्व मध्यमा द्वितीय की मेरिट सूची में दूसरे नंबर पर बहराइच के महाजनान संस्कृत विद्यालय की गरिमा चौरसिया ने 89.28 प्रतिशत अंक और तीसरे नंबर पर सुलतापुर के कमलापति संस्कृत विद्यालय की छात्रा मुस्कान ने 89.07 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पूर्व मध्यमा द्वितीय की मेरिट सूची में 10 में से आठ छात्राएं हैं। वहीं दूसरी ओर उत्तर मध्यमा द्वितीय की परीक्षा में 11,209 विद्यार्थियों में से 9,707 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। कुल 86.83 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल घोषित किए गए हैं।


उत्तर मध्यमा द्वितीय की मेरिट सूची में दूसरे नंबर पर अमरोहा के श्री मद्दयानंद कन्या विद्यालय की छात्रा गुरमिता ने 80.71 प्रतिशत अंक और तीसरे नंबर पर आईं प्रतापगढ़ के श्री राम टहल विद्यालय की छात्रा रितु सिंह ने 79.92 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। वहीं उत्तर मध्यमा द्वितीय की सूची में 10 वें नंबर पर समान अंक पाने के कारण दो छात्राएं हैं। जौनपुर की प्रिंसी व अवंतिका दोनों को 78.77 प्रतिशत अंक मिले हैं। मेरिट सूची में कुल 11 में से 10 छात्राएं हैं।


वहीं उत्तर माध्यमा प्रथम (ग्यारहवीं) में 13,784 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और इसमें से 11,873 विद्यार्थी पास हुए। कुल 86.83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। अब शैक्षिक सत्र 2024-25 से ग्यारहवीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा खत्म होगी। परीक्षाफल माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की वेबसाइट upmssp.com पर देखा जा सकता है।




माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद का भी परिणाम आज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद भी शनिवार को बोर्ड परीक्षा 10वीं, 11वीं व 12वीं का परिणाम जारी करेगा।


परिषद की ओर से 15 फरवरी से एक मार्च तक प्रदेश के 120 केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया था। परिषद के सचिव शिवलाल ने बताया कि शासन ने शनिवार शाम चार बजे परिणाम जारी करने का निर्णय लिया है। बता दें कि यूपी बोर्ड शनिवार दोपहर दो बजे अपना परिणाम जारी करने जा रहा है। ब्यूरो

30 वर्षों के इतिहास में दूसरी बार नहीं करानी पड़ी यूपी बोर्ड में पुनर्परीक्षा, नकलविहीन परीक्षा के लिए लगाए थे 2.90 लाख वॉइस रिकॉर्डर सीसीटीवी कैमरे

30 वर्षों के इतिहास में दूसरी बार नहीं करानी पड़ी यूपी बोर्ड में पुनर्परीक्षा, नकलविहीन परीक्षा के लिए लगाए थे 2.90 लाख वॉइस रिकॉर्डर सीसीटीवी कैमरे


प्रयागराज। नकल विहीन परीक्षा कराने में भी यूपी बोर्ड ने सफलता पाई है। 30 वर्षों के इतिहास में यह दूसरी बार है कि यूपी बोर्ड को पुनः परीक्षा नहीं करानी पड़ी है। परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। इसलिए पेपर आउट नहीं हुआ और नकल के मामले भी कम आए थे। नकल विहीन, शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर वाइस रिकार्डिंग सीसीटीवी लगाए गए थे।


2024 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 55,25,342 परीक्षार्थियों पंजीकृत थे। इनकी परीक्षा 8265 केंद्रों के 1.35 लाख कक्षों में कराई गई। परीक्षा के दौरान नकल न हो, इसलिए बोर्ड को 2.90 लाख वाइस रिकॉर्डर सीसीटीवी लगाने पड़े थे। सुरक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को चार लेयर के टैम्पर लिफाफों में रखा गया था। इस पैकिंग से पेपर लीक नहीं हुए। परीक्षा की निगरानी के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में पहली बार एक-एक कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाया गया था। इन कंट्रोल रूम से सतत निगरानी की गई।


परीक्षा के बाद मूल्यांकन के समय भी यहां से निगरानी हुई। उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड और क्रमांक संख्या का मुद्रण पहली बार अंदर के पन्नों पर भी किया गया था। इसके साथ ही सिलाईयुक्त उत्तर पुस्तिकाओं को चार अलग-अलग रंगों में तैयार कराया गया था। 2.75 लाख कक्ष निरीक्षकों का पहली बार क्यूआर कोड एवं क्रमांकयुक्त कम्प्यूटराइज्ड परिचय पत्र तैयार कराया गया था। केंद्रों के निरीक्षण के लिए 1297 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 430 जोनल मजिस्ट्रेट, 75 राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक और 416 सबल दलों का गठन किया गया। 



परिणाम घोषित करने में यूपी बोर्ड ने तोड़ दिया 101 वर्षों का रिकॉर्ड,  इतिहास में पहली बार 20 अप्रैल को आया परिणाम

उपलब्धि : हाईस्कूल के 24,62,026 व इंटरमीडिएट के 20,26,067 परीक्षार्थी उत्तीर्ण

प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने परिणाम घोषित करने के मामले में 101 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 12-12 दिनों में परीक्षा और मूल्यांकन पूरा कराया गया, फिर 19 दिन के भीतर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नतीजे घोषित कर दिए गए। शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव और सचिव दिब्यकांत शुक्ल के मुताबिक बोर्ड के सौ वर्षों के इतिहास में पहली बार इतने कम समय में परिणाम जारी किया गया है। 


यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए 55,25,342 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा की शुरुआत 22 फरवरी से हुई थी। इसमें हाईस्कूल 27,49,364 और इंटरमीडिएट के 24,52,830 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा कराई गई। परीक्षाओं के बीच अवकाश कम दिए गए थे। नौ मार्च तक 12 कार्यदिवस में परीक्षा पूरी करा ली गई।


परीक्षा समापन के बाद मूल्यांकन के लिए 259 केंद्र बनाए गए। मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां पहुंचाई गईं और 16 मार्च से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई। हाईस्कूल की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए 94,802 शिक्षक और इंटरमीडिएट के लिए 52,295 शिक्षकों को लगाया गया। मूल्यांकन के दौरान एक शिक्षक की हत्या हो गई थी। तब बोर्ड के अफसरों ने शिक्षकों से समन्वय बनाते हुए मूल्यांकन का काम जारी रखा और निर्धारित अवधि 30 मार्च तक काम पूरा करवा लिया। 


UP Board Result 2024 Live: यूपी बोर्ड का रिजल्ट जारी, 10वीं का 89.55% और 12वीं का 82.60% परिणाम रहा


UPMSP UP Board Class 10th 12th Results 2024 Live Updates: यूपी बोर्ड के दसवीं और 12वीं का परिणाम जारी हो गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव दिब्यकांत शुक्ला ने प्रयागराज स्थित मुख्यालय में इसकी घोषणा की। 


सीएम योगी ने छात्रों को बधाई
सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, 'माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ.प्र. की 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और गुरुजनों को हार्दिक बधाई! आप सभी 'नए उत्तर प्रदेश' का स्वर्णिम भविष्य हैं। ऐसे ही परिश्रम, लगन और धैर्य के साथ आप सभी जीवन की हर परीक्षा में सफल हों, यही कामना है। माँ शारदे की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे!'


UP Board 10th Result 2024: 10वीं में लड़कियों ने बाजी मारी 
हाई स्कूल का रिजल्ट 89.55% रहा है। 29 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। 27 लाख से ज्यादा बच्चों ने परीक्षा दी। 86.05 फीसदी लड़के और 93.40 फीसदी लड़कियां उत्तीर्ण हुई हैं।


UP Board Result 2024: हाईस्कूल के टॉपर
प्राची निगम- 98.50%, सीतापुर
दीपिका सोनकर- 98.33% फ़तेहपुर
नव्या सिंह- 98%, सीतापुर 
स्वाति सिंह- 98%, सीतापुर


UP Board Result 2024 Toppers: कक्षा 12वीं में शुभम के सर बंधा टॉपर का ताज
शुभम वर्मा- 97.80%,सीतापुर
विशु चौधरी- 97.60% बागपत
काजल सिंह- 97.60%,अमरोहा


जेल में बंद हाईस्कूल के 89 अभ्यर्थियों ने पास की परीक्षा
हाईस्कूल परीक्षा में जेल में बंद 115 में से 91 अभ्यर्थी शामिल हुए, उसमें से 89 ने परीक्षा उत्तीर्ण की है।


जेल में बंद 87 इंटर अभ्यर्थी हुए पास
इसी तरह इंटरमीडिएट में कुल 135 अभ्यर्थी ऐसे रहे जो जेल में बंद थे उसमें से 105 ने परीक्षा दी और 87 उत्तीर्ण हुए


माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शनिवार को यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। प्रदेश में हाईस्कूल की परीक्षा में महमूदाबाद के सीता बाल विद्या मंदिर के छात्र शुभम वर्मा ने 97.80 प्रतिशत अको के साथ प्रदेश में परचम लहराया है।


प्राची ने हाईस्कूल में टॉप किया
सीतापुर की ही रहने वाली प्राची निगम ने हाईस्कूल में टॉप किया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों में सीतापुर के बने टॉपर हैं। प्राची के 600 में से 591 नंबर आए हैं। उनके 98.50 प्रतिशत अंक आए हैं। इंटर में शुभम वर्मा ने टॉप किया है। 97.80 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

12वीं में सीतापुर के शुभम वर्मा ने टॉप किया
12वीं में सीतापुर के शुभम वर्मा ने टॉप किया है। बागपत बड़ौत के ⁠विष्णु चौधरी दूसरे नंबर पर हैं। अमरोहा की काजल सिंह ने दूसरे स्थान पर रही हैं। सीतापुर की कशिश मौर्य भी दूसरे नंबर पर हैं।


हाई स्कूल का रिजल्ट 89.55% रहा है और इंटरमीडिएट का 82.60%
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभी अधिकारियों और छायाकार मित्रों का स्वागत। यह रिजल्ट कई मायनों में महत्वपूर्ण है। 12 दिन में मूल्यांकन हुआ है और 19 दिन में रिजल्ट दिया जा रहा है। हाई स्कूल का रिजल्ट 89.55% रहा है और इंटरमीडिएट का 82.60% है। 55 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी।