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Sunday, April 18, 2021

चुनाव से लौटते ही कोरोना के डोर टू डोर सर्वे में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ

चुनाव से लौटते ही कोरोना के डोर टू डोर सर्वे में परिषदीय शिक्षकों की ड्यूटी, चुनाव ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ


प्रयागराज : कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए टेस्टिंग, ट्रेसिंग व ट्रीटमेंट तेज किया गया है। संक्रमितों का पता लगाने के लिए डोर टू डोर सर्वे के लिए अधिक से अधिक मोहल्लों में टीम भेजी जा रही है। इनमें ड्यूटी के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के अतिरिक्त परिषदीय स्कूलों के शिक्षक भी लगाए गए हैं।


बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि पूर्व में जो शिक्षक डोर टू डोर सर्वे ड्यूटी में थे, उनके अतिरिक्त 250 शिक्षक और लगा दिए गए हैं। शहरी क्षेत्र को 12 जोन व 100 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी जोन में मेडिकल मोबाइल यूनिट को सहयोग देने के लिए शिक्षक भी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 150 शिक्षकों को कोविड कंट्रोल रूम में भी तैनात करने की तैयारी है। यह कंट्रोलरूम 24 घंटे कार्य कर रहा है। सिफ्टवार सभी की ड्यूटी लगाई जा रही है। शिक्षकों को नहीं मिले सुरक्षा उपकरण


कोविड अस्पतालों में इतनी तेजी से संक्रमित बढ़ रहे हैं कि इससे स्वास्थ्य महकमा ही कांपने लगा है।
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डोर टू डोर सर्वे ड्यूटी में लगे शिक्षक शनिवार को केपी इंटर कॉलेज में एकत्र हुए। सभी को सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए। स्वास्थ विभाग के कर्मियों को बचाव के लिए कुछ उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। एडीएम सिटी से शिक्षक नेता अजय सिंह ने मांग की कि शिक्षकों को संक्रमण से बचाव के लिए सहायक उपकरण दिए जाएं। चुनाव 

ड्यूटी के बाद कई शिक्षक अस्वस्थ
शिक्षक नेता अजय सिंह ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के बाद दो दर्जन से अधिक अध्यापकों ने अस्वस्थ होने की शिकायत की है। अधिकांश के शरीर में दर्द, बुखार व गले में दर्द हो रहा है। इनमें से कई ने खुद को अइसोलेट भी कर लिया है।

Friday, April 16, 2021

पंचायत चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को जान का खतरा, शिक्षक संघ ने पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की

पंचायत चुनाव ड्यूटी में तैनात कार्मिकों को जान का खतरा, शिक्षक संघ ने पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की


लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव स्थगित करने की मांग की। कहा, कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से चुनाव ड्यूटी में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को जान का खतरा है।


संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि लोक भवन में पंचम तल पर बैठने वाले अधिकारियों के पास बिना उनकी अनुमति के परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। जब इन लोगों तक कोरोना संक्रमण पहुंच गया है तो यह कैसे संभव है कि पंचायत चुनाव में इतनी भीड़ के बीच ड्यूटी करने वाले शिक्षक और कर्मचारी संक्रमित नहीं होंगे।

शर्मा ने कहा कि मतदान दलों के प्रशिक्षण से लेकर उन्हें मतदान केंद्र तक भेजने में कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। मतदान केंद्रों पर भी मतदान दल कर्मियों के स्वास्थ्य जांच या इलाज की समुचित सुविधा नहीं है ।

पहले चरण के मतदान में ही विभिन्न जिलों से मतदान दलों के कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें उपचार नहीं मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने आयोग से आगामी तीन चरण के चुनाव स्थगित कराने की मांग की है। साथ ही चुनाव ड्यूटी में किसी भी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजन को 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी भी दिलाने की मांग की है।

Tuesday, April 13, 2021

गाजियाबाद : चुनाव ड्यूटी कटवाने आए सफाई कर्मी की कलक्ट्रेट में मौत, बीमारी का सबूत दिखाने के लिए था बुलाया

गाजियाबाद : चुनाव ड्यूटी कटवाने आए सफाई कर्मी की कलक्ट्रेट में मौत, बीमारी का सबूत दिखाने के लिए था बुलाया


गाजियाबाद कलक्ट्रेट में सोमवार को सिस्टम की संवेदनहीनता देखने को मिली। अधिकारियों ने करीब दो माह से चिकित्सा अवकाश पर चल रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारी मलखान सिंह (59) की चुनाव में ड्यूटी लगा दी। परिजनों ने ड्यूटी काटने की गुहार लगाई, लेकिन अफसरों ने यकीन नहीं किया और बीमारी का सुबूत दिखाने को कलक्ट्रेट बुला लिया। कर्मचारी को ऑटो में लेकर परिजन कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां परिजन एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी को दया नहीं आई। करीब दो घंटे इंतजार के बाद कर्मचारी ने ऑटो में ही दम तोड़ दिया।


गाजियाबाद कलक्ट्रेट में सोमवार को सिस्टम की संवेदनहीनता देखने को मिली। अधिकारियों ने करीब दो माह से चिकित्सा अवकाश पर चल रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारी मलखान सिंह (59) की चुनाव में ड्यूटी लगा दी। 


परिजनों ने बीमार कर्मचारी के फोटो-वीडियो दिखाकर ड्यूटी काटने की गुहार लगाई, लेकिन अफसरों ने यकीन नहीं किया और बीमारी का सुबूत दिखाने को कलक्ट्रेट बुला लिया। कर्मचारी को ऑटो में लेकर परिजन कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां परिजन एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी को दया नहीं आई। 


करीब दो घंटे इंतजार के बाद कर्मचारी ने ऑटो में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।


 गांव रईसपुर निवासी मलखान सिंह नगर निगम में सफाई कर्मचारी हैं। उनकी ड्यूटी राजनगर वार्ड-24 में चल रही थी। पैरों में घाव के अलावा वह दिल और सांस के रोगी भी थे। वह करीब दो माह पहले दिल्ली स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती हुए। 


कई दिन वहां भर्ती रहने के बाद करीब एक माह पहले डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया और दवाइयां जारी रखीं। मलखान सिंह के बेटे विक्की का कहना है कि कुछ दिन पहले उन्हें पता चला कि उनके पिता मलखान की चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई है। उनके पिता ड्यूटी करना तो दूर, चलने-फिरने में भी अक्षम थे, लिहाजा वह उनकी चुनाव ड्यूटी कटवाने की कोशिश में जुट गए।


इलाज के दस्तावेज, फोटो-वीडियो भी नहीं माने
नगर निगम के सुपरवाइजर रतेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने मलखान सिंह की पत्नी के साथ जाकर अधिकारियों को मलखान सिंह की बीमारी के दस्तावेज दिखाए। इतना ही नहीं, उनके पैरों के घाव व शारीरिक स्थिति बयां करती फोटो व वीडियो भी दिखाई, लेकिन अधिकारी नहीं माने। आरोप है कि अधिकारियों ने फरमान सुना दिया कि मलखान को साथ लाना पड़़ेगा। उसे देखने के बाद ही वह कुछ कह सकेंगे।


एक के बाद दूसरे अधिकारी के यहां भेजते रहे, किसी ने नहीं सुनी
सुपरवाइजर रतेंद्र सिंह का कहना है कि वह मलखान सिंह के परिजनों के साथ मलखान सिंह को ऑटो में लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पहले डीएम ऑफिस गए तो एडीएम ऑफिस भेज दिया गया। एडीएम ऑफिस जाने पर सीडीओ के पास भेज दिया गया। वहां गए तो जिला ग्रामीण विकास अभिकरण विभाग में पीडी (परियोजना निदेशक) के दफ्तर में भेज दिया गया। वहां कर्मचारियों ने अधिकारी के आने का इंतजार करने को कहा। रतेंद्र सिंह का कहना है कि वह मलखान सिंह के परिजनों के साथ ऑटो के पास पहुंचे तो मलखान सिंह की मौत हो चुकी थी।


संवेदनहीनता का आरोप लगा परिजनों ने किया हंगामा
अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए मलखान सिंह के परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अवकाश पर चल रहे व्यक्ति की चुनाव ड्यूटी लगाकर लापरवाही बरती गई और फिर बीमारी का सुबूत दिखाने के लिए कर्मचारी को कलक्ट्रेट बुलाकर संवेदनहीनता दिखाई गई। हंगामे की सूचना पर कविनगर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया।


परिजन बोले- अंतिम संस्कार के बाद देंगे तहरीर
घटना के बाद परिजनों ने देरशाम मलखान सिंह का अतिम संस्कार कर दिया। उनका आरोप है कि मलखान सिंह की हालत गंभीर थी। इसके बावजूद उन्हें कलक्ट्रेट बुलाया गया। परिजन एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में चक्कर काटते रहे। इस दौरान मलखान सिंह की तबीयत खराब हो गई और इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार व अन्य रस्म क्रिया के बाद वह पुलिस में तहरीर देंगे।


ड्यूटी कटवाने के लिए परिजन सफाई कर्मचारी को ऑटो में कलक्ट्रेट लाए थे। कर्मचारी पहले से बीमार था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। परिजन शव को साथ ले गए। उन्होंने घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है। -अजय कुमार सिंह, एसएचओ कविनगर

यूपी पंचायत चुनाव : कार्मिक नहीं कर पाएंगे वोट, पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की मांग

यूपी पंचायत चुनाव : कार्मिक नहीं कर पाएंगे वोट, पोस्टल बैलेट की व्यवस्था की मांग


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे हुए कर्मचारी मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित रहेंगे। इन कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलट पेपर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में जिले में मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।


शांतिपूर्ण मतदान कार्य संपन्न कराने के लिए जिले के साथ ही दूसरे जिले के कर्मचारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।  होने वाले चुनाव में ड्यूटी पर लगाये गए मतदानकर्मी मतदान नहीं कर सकेंगे। इससे मतदान ड्यूटी में लगे हुए कर्मियों निराशा ही हाथ लगी है।


कई ऐसे मतदान कर्मी है जिनके घर परिवार के साथ ही रिश्तेदार भी चुनाव लड़ रहे हैं। पंचायत चुनाव में मतदान न कर पाने का मलाल सभी कर्मियों को है।

Monday, April 12, 2021

पंचायत चुनाव प्रक्रिया में संलग्न कार्मिकों की सुरक्षा हेतु प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र

पंचायत चुनाव प्रक्रिया में संलग्न कार्मिकों की सुरक्षा हेतु प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र

शिक्षकों को दें कोरोना से बचाव के उपकरण, संक्रमण की चपेट में आने पर 20 लाख रुपए इलाज व मृत्यु पर 50 लाख देने की मांग


बहराइच। उत्तरप्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजकर निर्वाचन ड्यूटी में लगे शिक्षक-शिक्षिकाओं की सुरक्षा को लेकर कोरोना बचाव उपकरण की मांग की गई है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सुरक्षा उपकरण के साथ ही कर्मियों के संक्रमण की चपेट में आने पर 20 लाख रुपए इलाज व मृत्यु पर 50 लाख देने की मांग की है।




Sunday, April 11, 2021

कोरोना के खतरे में पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षक व कर्मचारी

कोरोना के खतरे में पंचायत चुनाव ड्यूटी में लगे शिक्षक व कर्मचारी


प्रयागराज : जिले में कोरोना तेजी से फैल रहा है। स्थानीय प्रशासन चुनाव ड्यूटी में कर्मचारियों को तो लगा रहा है लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाने को तैयार नहीं है। यहां तक कि कोरोना पाजिटिव आए लोगों की भी ड्यूटी चुनाव से नहीं काटी जा रही है। इस रवैया पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने नाराजगी जताई है।


उन्होंने डीएम को पत्र देकर तमाम समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षति कराया है। मांग की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए। ऐसा न होने पर चुनाव के बीच में ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।


आरटीपीसीआर जांच नहीं हो रही: जिला प्रशासन के अफसरों को दिए पत्र में कहा है कि जिले के अनेक विद्यालयों में कई शिक्षक/कर्मचारी एक साथ कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। वह क्वारंटाइन किए गए हैं। ऐसे विद्यालय एक भी दिन के लिए बंद नहीं हो रहे हैं। वहां के सभी अध्यापक और कर्मचारी निर्वाचन ड्यूटी में भी लगाए गए हैं। कोरोना पाजिटिव और क्वारंटाइन शिक्षकों की सूचना तथा उनके निर्वाचन ड्यूटी पत्र को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय और जिला निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय लेने को तैयार नहीं है। 


इन कार्यालयों में अधिकारियों द्वारा निर्वाचन ड्यूटी के संबंध में कोई भी पत्र लेने की मनाही कर दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि केवल आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव कमियों को ही निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एंटीजन जांच में पाजिटिव हो चुके व्यक्तियों का इस समय आरटीपीसीआर जांच कराई ही नहीं जा रहा है। एंटीजन जांच में नेगेटिव पाए गए व्यक्तियों की ही आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है।

Friday, April 9, 2021

जानिए पंचायत निर्वाचन ड्यूटी में मिलने वाले यात्रा भत्ते व हल्के नाश्ते की धनराशि का पूरा विवरण

जानिए पंचायत निर्वाचन ड्यूटी में मिलने वाले यात्रा भत्ते व हल्के नाश्ते की धनराशि का पूरा विवरण

पंचायत चुनाव 2021 में मतदान कार्मिकों को मिलने वाला मानदेय देखें

🔴   वास्तव में तैनात मतदान कार्मिकों हेतु : 


🔴  आरक्षित मतदान कार्मिकों हेतु : 


Saturday, April 3, 2021

पंचायत निर्वाचन, उत्तर प्रदेश की चुनावी ड्यूटी हेतु मददगार निर्देशिका : करें डाउनलोड

पंचायत चुनाव संबंधी प्रश्नोत्तरी के जरिये करिये अपना ज्ञानवर्धन, करें पुस्तिका डाउनलोड

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